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Friday, January 7, 2022

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Liked on YouTube: EG-7 meeting with Civil societies / NGO`s

Posted: 06 Jan 2022 10:12 PM PST

EG-7 meeting with Civil societies / NGO`s
EG-7 meeting with Civil societies / NGO`s
via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=YR0L-JzZhfI

पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक पर शहर के भाजपाइयों में आक्रोश, मशाल जुलूस निकालकर जताया विरोध।

Posted: 06 Jan 2022 07:39 AM PST

पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक पर शहर के भाजपाइयों में आक्रोश, मशाल जुलूस निकालकर जताया विरोध।

■ भारतीय इतिहास में पहली घटना जहां पीएम को किया गया टारगेट, पंजाब की कांग्रेस सरकार ने सरकारी तंत्र का बेशर्मी से किया दुरपयोग: रघुवर दास।
जमशेदपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार को पंजाब दौरे के दौरान फिरोजपुर जाते समय सुरक्षा में हुई चूक से भाजपाई आक्रोशित हो गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के सुरक्षा में हुई सेंधमारी पर शहर के भाजपा कार्यकर्ताओं में भी उबाल है। गुरुवार को भाजयुमो जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने साकची जिला कार्यालय से लेकर मुख्य गोलचक्कर तक मलाश जुलूस सह जनाक्रोश मार्च निकालकर पंजाब की कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, सांसद विद्युत वरण महतो, भाजपा महानगर अध्यक्ष गुँजन यादव, भाजयुमो जिलाध्यक्ष अमित अग्रवाल समेत कई नेतागण शामिल हुए। जिला कार्यालय से साकची गोलचक्कर तक हाथों में मशाल लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर नारे लगाए। जनाक्रोश मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ हाथों में स्लोगन लिखे तख्तियां लेकर विरोध दर्ज किया।


इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पीएम मोदी की सुरक्षा में लापरवाही पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हए कहा कि पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जो हुआ ,वो भारतीय इतिहास में पहली बार है। जहां सीधे तौर पर प्रधानमंत्री जैसे पद को निशाना बनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कार्यक्रम स्थल जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र का इतनी बेशर्मी से कभी भी दुरुपयोग नहीं हुआ, जैसा पंजाब की कांग्रेस सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को यह भी बताना होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम स्थल के रूट की गोपनीय सूचना प्रदर्शनकारियों तक कैसे पहुंची। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के तय रुट पर प्रदर्शनकारियों का इस तरह से जमावड़ा कैसे लग गया। पंजाब पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कोई कार्रवाई क्यों नही की गयी। उन्होंने लाउडस्पीकर के माध्यम से भीड़ को इकट्ठा करने वाले व्यक्ति पर भी सवाल उठाया। श्री दास ने पाकिस्तान से सटे मात्र 10 किमी की दूरी पर पीएम मोदी के काफिले को इस तरह से रोके रखने को गंभीर साजिश बताया। उन्होंने मामले पर उच्च स्तरीय जांच की मांग की।


वहीं, सांसद विद्युत वरण महतो ने भी पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री के खिलाफ नफरत की राजनीति कर रही है। पंजाब के पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस सरकार के इशारे पर प्रधानमंत्री के काफिले के रास्ते में भारी लापरवाही बरतते हुए गंभीर खतरा उत्पन्न कर दिया, जिससे प्रधानमंत्री को बिना किसी कार्यक्रम में शरीक हुए लौटना पड़ा। यह घटना घटिया राजनीति का उदाहरण है। इस घटना की जांच कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।


भाजपा महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक की घटना को साजिश करार दिया और कहा कि कि पंजाब की कांग्रेस सरकार की बड़ी साजिश असफल हई। उन्होंने कहा कि ऐसे साजिशकर्ता पार्टी को जनता करारा जवाब जरूर देगी।


मशाल जुलूस के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा, देवेंद्र सिंह, रामबाबू तिवारी, नंदजी प्रसाद, दिनेश कुमार, जिला उपाध्यक्ष सुधांशु ओझा, बबुआ सिंह, जिला महामंत्री राकेश सिंह, जिला मंत्री पप्पू सिंह, मंजीत सिंह, कोषाध्यक्ष राजीव सिंह, नारायण पोद्दार, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद, महिला मोर्चा अध्यक्ष ज्योति अधिकारी, किसान मोर्चा अध्यक्ष मुचीराम बाउरी, अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष बिनानंद सिरका, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष अजीत कालिंदी, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष मोहम्मद निसार समेत मंडल अध्यक्ष संतोष ठाकुर, ध्रुव मिश्रा, सुरेश शर्मा, बबलू गोप, हेमंत सिंह, दीपक झा, संजय तिवारी, राजेश सिंह, प्रशांत पोद्दार, बरजंगी पांडेय, विनोद राय, अमरेंद्र पासवान, फातिमा शाहीन, संजय कुमार सिंह, संदीप शर्मा बौबी, चंचल चक्रवर्ती, हेमेंद्र जैन, त्रिदेव चटराज, दीपक पॉल, पवन सिंह, अभिमन्यु सिंह, शशि यादव, प्रकाश दुबे, गणेश सरदार, सन्नी संघी, सुमीत कुमार, सौरव कुमार, उपेंद्र गिरी, सुशील शर्मा, अभिषेक डे, शशांक शेखर, मनोज तिवारी, विशु सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, एवं मंडल अध्यक्ष अनुराग मिश्रा, नवजोत सिंह सोहल, उमेश शाह, कंचन दत्ता, इक़बाल सिंह, डिंपल विश्वास, सुशील पांडे, राहुल कुमार, विकास सिंह, अंशुल कुमार, मानेश्वर गौड़, संभल किशोर, सुमित शर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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फिर आ रही येजडी बाइक

Posted: 06 Jan 2022 07:34 AM PST

फिर आ रही येजडी बाइक 

महिन्द्रा के स्वामित्व वाली क्लासिक लीजेन्ड चर्चित मोटरसाइकिल ब्रांड येजडी की भारत में एक बार फिर से नई शुरुआत होने जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि येजडी 13 जनवरी को आधिकारिक तौर पर अपनी मोटरसाइकिल लॉन्च करेगी। लंबे समय से लोगों द्वारा इंतजार की जा रही इस बाइक का कंपनी ने टीजर जारी किया है। माना जा रहा है येजडी के भारत में तीन मॉडल लॉन्च होंगे। इसमें एक एडवेंचर मोटरसाइकिल, एक रोडस्टर और एक स्क्रैम्बलर शामिल होगी। शेयर किए गए टीजर में रेतीले समुद्र तट पर एक बाइक को एक्शन में दिखाया गया है। वीडियो से बाइक के लुक का बहुत कम पता लगाया जा सकता है लेकिन करीब से देखने पर पता चला कि बाइक में वायर स्पोक व्हील्स और ट्विन एग्जॉस्ट हैं। हाल ही में, अपकमिंग येजडी एडीवी या रोडकिंग एडीवी को भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान देखा गया था। नई एडीवी दूसरों के बीच रॉयल एनफील्ड हिमालयन से कड़ी टक्कर होगी। कई स्पाई शॉट्स के अनुसार, मोटरसाइकिल में एक गोल हेडलैंप, एक लंबा विंडस्क्रीन, बीक-स्टाइल फ्रंट फेंडर, जेरी कैन होल्डर, सैडल स्टे और एक रियर लगेज रैक होगा। इसके अलावा, हिमालय की तरह एग्जॉस्ट कैनिस्टर भी देखने को मिलेगा। इसमें 334सीसी, सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन होने की संभावना है। यह इंजन जावा पेराक बॉबर में भी देखने को मिलता है। हालांकि, कंपनी बाइक के एडवेंचर क्रेडेंशियल से मेल खाने के लिए इंजन और ट्रांसमिशन को ट्यून कर सकती है।
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बिस्तारा की वर्षगांठ पर विशेष किराया

Posted: 06 Jan 2022 07:31 AM PST

बिस्तारा की वर्षगांठ पर विशेष किराया

विस्तारा एयरलाइन ने अपनी वर्षगांठ पर 48 घंटे की विशेष सेल की घोषणा की है। विस्तारा एयरलाइन, टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड और एसआईए का संयुक्त उद्यम है।
प्राइवेट एयरलाइन विस्तारा अपनी स्थापना की 7वीं वर्षगांठ मना रही है। इस मौके पर विमानन कंपनी ने कई ऑफर्स की घोषणा की है। कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर विशेष किराए की घोषणा की है। घरेलू हवाई उड़ान का किराया इकोनॉमी क्लास के लिए 977 से शुरू होकर 2677 रुपये तक है। प्रीमियम इकोनॉमी और बिजनेस क्लास के लिए यह किराया 9777 रुपये है। अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए भी कंपनी ने नए किराये की घोषणा की है।नए किराये के तहत आप 13,880 में दिल्ली से ढाका की यात्रा कर सकते हैं। प्रीमियम इकोनॉमी क्लास के लिए मुंबई से मालदीव का किराया 19,711 रुपये रखा गया है। मुंबई-सिंगापुर का बिजनेस क्लास किराया 47,981 रुपये तय किया गया है। विस्तारा का 7वां एनिवर्सरी ऑफर इस वर्ष 30 सितंबर तक यात्रा के लिए है। एयरलाइन कंपनी ने ट्वीट में कहा है कि आगामी 7वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विस्तारा के साथ बुकिंग करते समय विशेष किराए का आनंद लें। विस्तारा के मुताबिक, जम्मू-श्रीनगर रूट पर 977 रुपये का किराया लागू है। इसके अलावा बेंगलुरु हैदराबाद का किराया 1781 रुपये, दिल्ली-पटना का किराया 1,977 रुपये, बेंगलुरु-दिल्ली का किराया 3,970 रुपये, मुंबई-दिल्ली का किराया 2,112 रुपये और दिल्ली-गुवाहाटी का किराया 2,780 रुपये रखा गया है।
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यूपी में नौकरी के अवसर

Posted: 06 Jan 2022 07:29 AM PST

यूपी में नौकरी के अवसर

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा 2021-2022 का शेड्यूल जारी कर दिया है और परीक्षा तारीखों की घोषणा की है। जारी किए गए परीक्षा शेड्यूल के अनुसार उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2021 का आयोजन जनवरी महीने में किया जाना है। परीक्षा का आयोजन 28 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक किया जाएगा। परीक्षाओं का आयोजन दो पालियों में किया जाना है। यूपी लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा जारी यूपी पीसीएस मेन्स 2021 एग्जाम शेड्यूल के अनुसार परीक्षा 28, 29, 30 और 31 जनवरी 2022 को होगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। जारी किए नोटिफिकेशन के मुताबिक परीक्षा सुबह 9.30 बजे से शुरू होगी और दोपहर 12.30 बजे तक चलेगी। वहीं दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित की जाएगी।
कार्यक्रम के अनुसार 28 जनवरी पहली पाली में सामान्य हिन्दी की परीक्षा होगा। दूसरी पाली में निबंध की परीक्षा ली जाएगी। अगले दिन 29 जनवरी पहली पाली में सामान्य अध्ययन 1 की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में सामान्य अध्ययन 2 की परीक्षा ली जाएगी।
30 जनवरी पहली पाली में सामान्य अध्ययन की परीक्षा का आयोजन होगा। दूसरी पाली में सामान्य अध्ययन 4 की परीक्षा होगी। 31 जनवरी को पहली पाली में ऐच्छिक विषय पेपर 1 की परीक्षा होगी और दूसरी पाली में ऐच्छिक विषय पेपर 2 की परीक्षा ली जाएगी।
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने का यह सुनहरा अवसर युवाओं के पास है। उत्तर प्रदेश सरकार में कई सारे पदों पर भर्ती निकली हैं। एडवोकेट जनरल ऑफिस, प्रयागराज की ओर से 92 पदों पर भर्ती निकाली गई है। जारी किए गए भर्ती विज्ञापन के अनुसार एडिशनल प्राइवेट सेक्रेट्री, असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए, कंप्यूटर असिस्टेंट, पियून, फर्राश, बंडल लिफ्टर, माली, स्वीपर और फोटोस्टेट ऑपरेटर पदों पर भर्ती की जानी हैं। जो उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वो 17 जनवरी 2022 तक आवेदन कर दें।
एडिशनल प्राइवेट सेक्रेट्री के लिए स्नातक की डिग्री, असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर-स्नातक की डिग्री, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए-स्नातक की डिग्री, कंप्यूटर असिस्टेंट-इंटरमीडिएट परीक्षा पास होनी चाहिए। इसी प्रकार पियून- आठवीं पास, फर्राश- आठवीं पास, बंडल लिफ्टर- आठवीं पास, माली-आठवीं पास, स्वीपर-पांचवीं कक्षा पास और फोटोस्टेट ऑपरेटर-आठवीं पास होनी चाहिए।
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परिवहन सुविधा में बेहतरी

Posted: 06 Jan 2022 07:26 AM PST

परिवहन सुविधा में बेहतरी

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
इस नये वर्ष (2022) में उत्तर प्रदेश की सरकार ने मेरठ में जिन इलेक्ट्रानिक बसों का लोकार्पण किया है, उससे सड़क परिवहन सुविधा बेहतर होगी। यह चुनावी साल है और सरकार ही नहीं विपक्षी पार्टियां भी तरह-तरह के वादे कर रहे हैं, आश्वासन दे रहे हैं लेकिन जनसामान्य को सुविधा की बात कम ही की जाती है। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बस सेवा में बेहतर कदम उठाया है। परिवार सहित यात्रा करने से बसों की तरफ देखना लोगों ने छोड़ दिया था लेकिन किराया कम, सुविधाओं में दम का लक्ष्य तय कर योगी सरकार ने अपनी कथनी को करनी में बदल दिया है। सरकार ने परिवहन निगम में कई महत्वपूर्ण सुधार भी किये हैं। महिलाओं के लिए पिंक बसें चलायी गयीं। परिवहन निगम की सभी साढ़े 11 हजार बसों में पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं और ड्राइवरों की बड़े पैमाने पर भर्ती की जा रही है। सुखद यह कि ड्राइवरों में महिलाओं को भी स्थान मिल रहा है। बसों में जीपीएस भी लग रहे हैं। उम्मीद की जाती है कि शहर को अब प्रदूषण फैलाने वाली बसों से निजात मिल जाएगी। खटारा और पुरानी बसों से अब निजात मिल रही है। दरअसल नए साल में मेरठ शहर में नई हाईटेक बसें शुरू की गई हैं। मेरठवासियों को पचास बैटरी ऑपरेटेड बसों का गिफ्ट मिला है।
जीपीएस और आईटीएमएस यानी इंटेलिजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस इन एसी बसों की खासियत ये है कि इसका किराया ई रिक्शा का होगा और सुविधाएं बिलकुल वॉल्वो जैसी। किराया लिस्ट के मुताबिक तीन किलोमीटर तक का सफर इस एसी इलेक्ट्रिक बस में मात्र दस रुपए में किया जा सकेगा। तीन से छह किलोमीटर का सफर 15 रुपए। छह से दस किलोमीटर का सफर बीस रुपए। 10 से 14 किलोमीटर का सफर 25 रुपए। 14 से 19 किलोमीटर का सफर 30 रुपए। 19 से 24 किलोमीटर का सफर 35 रुपए। 24 से 30 किलोमीटर का सफर 40 रुपए। 30 से 36 किलोमीटर का सफर 45 रुपए और 36 से 42 किलोमीटर का सफर 50 रुपए में किया जा सकेगा। बस के अंदर कई तरह की हाईटेक सुविधाओं को जोड़ा गया ताकि यात्रियों को आरामदायक महसूस हो सके। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था का भी
ध्यान रखा गया है। बस के अंदर कैमरा और पैनिक बटन की सुविधा के साथ कंट्रोल रूम से हर गतिविधि मॉनिटर की जाएगी। एक हफ्ते के अंदर मेरठ में 50 हाईटेक बसें चलेंगी। प्रदेश भर में विस्तार होगा।
रोडवेज के आरएम के के शर्मा का कहना है बसों को इतना शानदार बनाया गया है कि लोग कार छोड़कर इससे सफर करना पसंद करेंगे। बस के सस्पेंशन हवा से निर्धारित होते हैं और गाड़ी में पांच कैमरे लगे हुए हैं। गाड़ी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम से लैस है। आने वाले स्टॉप के पहले ही एनाउंसमेंट हो जाएगा कि कौन सा चैराहा आने वाला है। कंट्रोल रूम के जरिए गाड़ी 24 घंटे ट्रैक की जा सकेगी। अगर ड्राइवर सही से बस नहीं चला रहा है तो इसकी जानकारी भी कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर बस सेवा का शुभारंभ किया। गाजियाबाद में शुरुआत में 15 बसें चलेंगी, जिन्हें चार मार्गों पर चलाया जाएगा। बसों के लिए ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को पूरा करने के लिए यूपीएसआरटीसी 12 चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने वाला है। बताया गया कि ये बसें एक ट्रिप में 88 किमी यात्रा करेंगी। इनमें सफर करने वाले लोगों को न्यूनतम 10 रुपये और अधिकतम 40 रुपये किराया देना होगा। बता दें कि प्रदेश में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए लखनऊ, कानपुर, आगरा, मथुरा, प्रयागराज, मेरठ, बरेली, सहारनपुर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, अलीगढ़, गाजियाबाद और झांसी जिले को चिह्नित किया गया है, जहां डीजल बसों को हटाकर इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में 200 से ज्यादा ड्राइवरों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी हुआ है। इसके लिए उम्मीदवारों को 8वीं पास होना अनिवार्य है। गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार रिक्त पदों को भरने में जुट गई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम प्रयागराज रीजन में संविदा पर ड्राइवरों की भर्ती करने जा रही है। नोटिफिकेशन के मुताबिक 200 से ज्यादा पदों पर भर्ती होने वाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरूआत हो गई है।

दरअसल प्रयागराज रीजन का प्रयाग डिपो, लीडर रोड डिपो, सिविल लाइंस डिपो, जीरो रोड डिपो के अलावा प्रतापगढ़ डिपो, मिर्जापुर डिपो, बादशाहपुर और लालगोपालगंज डिपो में आते हैं, जहां पर ड्राइवरों की कमी बताई जा रही हैं, जिसका असर सीधा परिचालन पर पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश रोडवेज बसों को अब महिलाएं भी सड़कों पर दौड़ाएंगी। इसी कड़ी में महिला बस चालकों की संविदा पर भर्ती शुरू होने जा रही है। इसके लिए क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय ने विज्ञापन जारी कर दिया है। महिलाएं इसके लिए परिवहन निगम क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता नहीं होगी।

परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस ने बताया कि जिनके पास कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, उन्हें कानपुर में बस चलाने की ट्रेनिंग दिलवाकर उनका डीएल बनवाया जाएगा। लखनऊ परिक्षेत्र में पहले चरण में 35 संविदा महिला बस चालकों की भर्ती होगी। लखनऊ आरटीओ कार्यालय से अभी तक 15 महिलाओं के नाम से व्यवसायिक ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया है। ऐसे में बस ड्राइवर बनने की इच्छुक महिलाओं का डीएल आवेदन रोडवेज की ओर से किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम जीपीएस सुविधा से लैस की जाएंगी। राज्य सड़क परिवहन निगम अपनी साढ़े 11 हजार बसों में जीपीएस और पैनिक बटन लगाएगा, जिससे यात्रियों की यात्रा सुरक्षित हो सके। निगम ने ये निर्णय लिया है कि सभी बसों में जीपीएस और पैनिक पर्यटन की व्यवस्था की जाए जिससे कि बेहतर सेवाएं लोगों को मिल पाएं। ऐसे में ये फैसला पैसेंजरों की सेफ्टी के लिए अच्छा कदम है।

बीते दिन ही प्रदेश में निर्भया फंड से आई पिंक बसों में पैनिक बटन की सुविधा दी गई थी, जिससे कि यात्रा के दौरान महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए सहायता की जरूरत पड़े तो पिंक बसों के पैनिक बटन दबा सकें। ऐसे में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी 11,500 बसों में जल्द ही पैनिक बटन लगाए जाएंगे। इससे यात्रा के दौरान अगर किसी भी यात्री को किसी तरह की समस्या होती है तो पैनिक बटन प्रेस करते ही उसे सहायता उपलब्ध हो जाएगी। अभी तक महिला सुरक्षा को ध्यान में रखकर निर्भया फंड से 50 पिंक बसों में ही पैनिक बटन लगाए गए हैं। इन पैनिक बटन का फायदा यह होगा कि यात्री को अगर किसी तरह की सुरक्षा की दिक्कत होती है तो इसे दबाते ही कंट्रोल रूम को सूचना हो जाएगी। तत्काल मौके पर पुलिस पहुंचेगी और परिवहन विभाग के अधिकारी भी पहुंचेंगे। सभी बसों में पैनिक बटन और जीपीएस लगाने के लिए 51 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली। अभी तक रोडवेज की जिन बसों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम डिवाइस लगी है उसके कोई मायने नहीं रह गए हैं। रोडवेज के अधिकारी बताते हैं कि ट्राईमैक्स कंपनी ने सभी बसों में बीटीएस डिवाइस लगाई थी, लेकिन अब कंपनी का ठेका खत्म हो चुका है और यह तकरीबन सात साल पुरानी हो चुकी हैं इसलिए काम नहीं कर रही हैं, लिहाजा अब अच्छी क्वालिटी की डिवाइस लगाई जाएगी। (हिफी)
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सहकारिता की सफलता में संस्कार का महत्व

Posted: 06 Jan 2022 07:23 AM PST

सहकारिता की सफलता में संस्कार का महत्व

(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
सहकार के बिना समाज का उत्थान संभव नहीं है। सहकार को एक संगठन से जोड़कर सकारात्मक लक्ष्य को तय किया गया है। चेतनायुक्त और शुद्ध उपकरण के माध्यम से होने वाला प्रयास ही सन्मार्ग पर ले जाने वाला होता है। कार्य आगे बढ़ता जाता है और चेतनायुक्त विचार ही बीज रूप में जीवन में विद्यमान रहता है। यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। पूर्णता की ओर बढ़ना है तो चेतना को शुद्ध रखना होगा।लखनऊ के सहकार भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन में इस तथ्य को रेखांकित किया गया।
भारतीय संस्कृति में समरसता व सामाजिक सहयोग के विचार को महत्व दिया गया। सहकारिता का विकास इसी भावना के अनुरूप है। सहकार भारती सहकारिता के क्षेत्र में काम करने वाला स्वयंसेवी संगठन है। इसमें संस्कार को महत्व दिया गया। इसके अभाव में सहकार संभव नहीं हो सकता। सहकार आंदोलन को दलगत राजनीति से ऊपर होना चाहिए। सहकारी समितियों में सहयोग करने वालों की भूमिका ट्रस्टी के रूप में होनी चाहिए, मालिक की नहीं। देश में स्थाई आर्थिक विकास सहकारिता के माध्यम से हो सकता है। ऐसे में अगर संस्कारित कार्यकर्ता सहकार आन्दोलन से जुड़ेंगे तो सहकारिता ठीक से चलेगी। व्यक्ति में नहीं संगठन में ताकत होती है। संगठन में अनुशासन भी आवश्यक है। सहकारिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक भैयाजी जोशी ने कहा गत दिनों कहा कि परस्पर सहयोग से आगे बढ़ने की भावना होनी चाहिए। लोगों की क्षमता या गति अलग हो सकती है, फिर भी सबको साथ लेकर चलना ही उचित रहता है। इस संदर्भ में समझौता करना चाहिए। समाज को स्वाहाकार से रोकना ही सहकार है। स्वयं को छोटे उपकरण के रूप में मानते हुए एक लक्ष्य को लेकर निरंतर चलना चाहिए। यह सहकारिता का मूलमंत्र है। यह शब्द हमारे लिए नया नहीं है। हम सभी की जीवनचर्या में समाहित रहा है। संस्कार सहकार को सशक्त बनाता है। सहकार के बिना समाज का उत्थान संभव नहीं है। सहकार को एक संगठन से जोड़कर सकारात्मक लक्ष्य को तय किया गया है। चेतनायुक्त और शुद्ध उपकरण के माध्यम से होने वाला प्रयास ही सन्मार्ग पर ले जाने वाला होता है। कार्य आगे बढ़ता जाता है और चेतनायुक्त विचार ही बीज रूप में जीवन में विद्यमान रहता है। यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। पूर्णता की ओर बढ़ना है तो चेतना को शुद्ध रखना होगा।लखनऊ के सहकार भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन में इस तथ्य को रेखांकित किया गया। इसका उद्घाटन केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता की जवाबदेही तय की जाएगी। पहले चरण में दो राज्यों का चयन कर ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका लाभ संबंधित किसानों के बैंक अकाउंट में सीधे भेजा जाएगा। इफको, लिज्जत पापड़ और अमूल दूध जैसी बड़ी कंपनियां सहकारी संस्थाएं हैं। को ऑपरेटिव का विशेष महत्व है। सहभागिता खाद वितरण का पैतीस, खाद उत्पादन का पच्चीस व चीनी उत्पादन इकतीस प्रतिशत, दुग्ध व्यापार का बीस, धान खरीद का बीस व गेहूं खरीद में तेरह प्रतिशत हिस्सेदारी वाला क्षेत्र है। यह कार्य सहकारिता आधारित है। सहकार भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन में सत्ताईस प्रान्तों के छह हजार जिलों से चार हजार प्रतिनिधि शिरकत कर रहे थे। कार्यक्रम स्थल पर अनेक उत्पादों के तीन सौ स्टॉल्स लगाए गए है। अमित शाह ने डेढ़ सौ करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का लोकार्पण भी किया। अमित शाह ने कहा सरकार किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में तेजी से प्रयास कर रही है। इसमें सहकारिता विभाग भी सहभागी है। गेहूं और धान के भण्डारण सहित अनेक कदम उठाये गए हैं। पैक्स को आधुनिक बनाने और उनका कम्प्यूटराइजेशन करने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र में सहकारिता मंत्रालय बनाया। पांच वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में सहकारिता आंदोलन पर दबंगों का कब्जा होता था। योगी सरकार ने पचहत्तर हजार करोड़ का धान और गेहूं खरीदने का कार्य किया है। योगी आदित्यनाथ ने समारोह में कहा कि समाज को जोडने की सबसे अच्छी इकाई सहकारिता है। संस्कार है तो संस्कृति है और संस्कृति से ही राष्ट्रीय एकता प्रबल होती है। सहकार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री उदय जोशी ने कहा कि सहकारिता आन्दोलन राजनीति से परे होना चाहिए। पुराने सहकारिता कानून में संशोधन व दुग्ध समितियों को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। देश में तीन लाख दुग्ध समितियां बनाये जाने की जरूरत है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहकारिता के माध्यम से काम करने का प्रयास चल रहा है। लखनऊ के राष्ट्रीय अधिवेशन में सहकार भारती ने चार प्रस्ताव पारित किए। पहले प्रस्ताव सशक्त ग्रामीण सहकारी साख वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने,दूसरा प्रस्ताव सक्षम सहकारिता के लिए समर्थकारी परिवेश का निर्माण, तीसरा प्रस्ताव टिकाऊ और समतामूलक विकास माॅडल के लिए सहकारिता में नई पहल तथा चैथे प्रस्ताव में पहली बार सहकारिता मंत्रालय का गठन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनन्दन किया गया। सहकार भारती ने केन्द्र तथा सभी राज्य सरकारों से यह मांग की है कि सहकारिता कानून तथा नियमों में संशोधन करें।देश में सहकारिता आन्दोलन को मजबूत करने तथा सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संस्थागत कानूनी और नीतिगत परिवेश के निर्माण की आवश्यकता है। आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन एवं सकारात्मक वृद्धि के लिए सहकारिता क्षेत्र में असीमित संभावनायें हैं। प्राथमिक समितियां मजबूत होंगी तभी ऊपरी स्तर की समितियां मजबूत होंगी। वर्तमान सरकार सहकारिता के माध्यम से देश के आर्थिक विकास की रूपरेखा बना रही है। इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव किये जायेंगे। नई सहकारी नीति बनाई जाएगी। किसानों को जोड़ने के व्यापक प्रयास किये जायेंगे। कृषि व्यवस्था में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां पैक्स का योगदान महत्वपूर्ण है। जल्दी ही पैक्स का कंप्यूटराइजेशन कराकर उन्हें जिला सहकारी बैंकों से जोड़ेंगे। जिला सहकारी बैंकों को प्रदेश के कोआपरेटिव बैंकों से और उन्हें नाबार्ड से जोड़ा जाएगा। व्यवस्था पारदर्शी रखने के लिए कार्य संचालन स्थानीय भाषा में होगा। (हिफी)
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पड़ोसियों के लिए सिरदर्द है चीन

Posted: 06 Jan 2022 07:19 AM PST

पड़ोसियों के लिए सिरदर्द है चीन

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में यह बात जोर-शोर से कही जाती है कि हमें अपने आस-पास के देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखने चाहिए। हमारा एक पड़ोसी देश चीन संभवतः इस भाषा को नहीं समझता है। भारत के साथ सीमा विवाद पुराना है। चीन ने हमारी हजारों वर्ग मील जमीन हथिया ली है लेकिन इसके बाद भी वह भारतीय भूभाग पर अपना अधिकार जताता रहता है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि चीन पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील पर एक पुल का निर्माण कर रहा है। गलवान घाटी में उसने अपना झंडा फहराकर भारत को मजबूर किया कि उसके सैनिक भी तिरंगा लेकर खड़े हो गये। चीन इसका भी विरोध कर रहा है। इसी प्रकार चीन ने पड़ोसी देश श्रीलंका को विनाशकारी आर्थिक संकट में डाल दिया है। श्रीलंका को उसने कर्ज के जाल में फंसा दिया है।

भारत के सुरक्षा प्रतिष्ठान सूत्रों ने नए साल के जश्न के तहत पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में एक बड़ा तिरंगा पकड़े भारतीय सेना के जवानों की तस्वीरें जारी कीं। इसे चीन के सरकारी मीडिया द्वारा जारी उस वीडियो के जवाब में जैसे को तैसा वाली प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें तीन दिन पहले गलवान घाटी क्षेत्र के पास एक स्थान से चीनी लोगों को नए साल की बधाई भेजने वाले पीएलए सैनिकों का एक कथित वीडियो साझा किया गया था। चीन के सरकारी मीडिया की ओर से एक जनवरी को साझा किए गए एक वीडियो में कथित तौर पर चीनी सैनिकों को गलवान घाटी से चीन के लोगों को नए साल का बधाई संदेश भेजते दिखाया गया था जो कि एक इंच भी जमीन नहीं देंगे का संकल्प लेते सुने जा सकते हैं। गलवान घाटी में खूनी संघर्ष के बावजूद चीन पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों के बीच उकसावे से भरी हरकतें करने से बाज नहीं आ रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन लद्दाख की पैंगोंग झील के अपने कब्जे वाले क्षेत्र में एक पुल का निर्माण कर रहा है। यह क्षेत्र पिछले साल दोनों सेनाओं के बीच टकराव का मुख्य बिंदु था। यह पुल पैंगोंग झील के एक हिस्से में बनाया जा रहा है और चीन के नियंत्रण वाले क्षेत्र में आता है। यह झील के दोनों किनारों को जोड़ता है। झील के ऊपर पुल बन जाने से चीनी सैनिकों और रसद को वहां पहुंचने के कई रास्ते खुल जाएंगे। इससे चीन उन संवेदनशील इलाके में कम वक्त में तेजी से ज्यादा सैनिकों को पहुंचा सकता है। इससे जुड़ी सैटेलाइट तस्वीरें हासिल करने वाले जियो इंटेलीजेंस एक्सपर्ट डेमियन सिमोन ने संकेत दिया है कि चीन संभवतः पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील पर एक पुल का निर्माण कर रहा है। सिमोन के ट्वीट से यह संकेत मिलता है कि यह पुल झील के संकरे रास्ते पर लगभग पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। पिछले साल भारतीय सैनिक यहां पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे पर महत्वपूर्ण कैलाश रेंज की चोटी तक पहुंच गए थे। इससे भारतीय सेना को चीनी सेना के मुकाबले थोड़ी सामरिक बढ़त मिल गई थी। इस पुल के बनते ही चीन के पास इस विवादित क्षेत्र में सैनिकों को पहुंचाने के लिए कई रास्ते खुल जाएंगे। इस इलाके में पिछले साल दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं। हालांकि लंबी सैन्य वार्ता के बाद भारत और चीन की सेनाओं ने पीछे हटने का फैसला किया था। वर्ष 2020 से चीन और भारत के करीब 50 हजार सैनिक पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में तैनात हैं और उत्तर में डेपसांग प्लेन से लेकर सुदूर दक्षिण में डेमचोक इलाके तक तैनात हैं। जून 2020 में गलवान घाटी के इलाके में हुए खूनी संघर्ष के दौरान 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे जबकि चीन का कहना है कि उसके चार सैनिकों की मौत हुई, हालांकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि चीन के 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे।

पिछले साल जुलाई में भारत और चीन टकराव वाली जगह से 2-2 किलोमीटर पीछे हटने पर सहमत हुए थे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बातचीत के बाद यह फैसला हुआ था। सैन्य सूत्रों ने बताया है कि चीनी मीडिया के ट्विटर हैंडल पर जो नया वीडियो है, जिसमें गलवान घाटी में चीन का झंडा लहराता हुआ दिख रहा है, वो दोनों देशों के बीच असैन्य क्षेत्र घोषित हुए इलाके का उल्लंघन नहीं करता। गलवान घाटीपर चीन के प्रोपेगेंडा वीडियो मामले में किसी भी तरह के हस्तक्षेप या इसे बैन करने की कोई जरूरत नहीं है। भारत सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने यह बात कही है। उन्होंने कहा है कि यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि गलवान घाटी पर चीनी दावे से संबंधित जो वीडियो दिखाया जा रहा है वह वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की तरफ का है। इसलिए इस पर कोई स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं है। यह वीडियो विवादित जगह का नहीं है। नए साल के पहले दिन चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें चीनी सैनिक चीन का राष्ट्रगान गा रहे थे और दावा किया गया था कि जिस गलवान घाटी के लिए भारत-चीन के बीच हिंसक झड़प हुई थी वह हिस्सा अब चीन का है। विश्लेषकों का कहना है कि एक आम आदमी के लिए यह वीडियो गलवान घाटी के विवादित क्षेत्रों में शूट किया गया प्रतीत हो सकता है लेकिन यह वीडियो चीन की तरफ का है। दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन ग्लोबल टाइम्स ने इस वीडियो को जारी किया उसी दिन भारतीय और चीनी सेनाओं ने कई स्थानों पर एक-दूसरों के साथ गिफ्ट्स का आदान-प्रदान भी किया था। बहरहाल, चीन के इरादे नेक नहीं हैं। श्रीलंका में खाद्य कीमतें आसमान छू रही हैं जिसके कारण उसके खजाने समाप्त हो रहे हैं। इसी के साथ आशंका है कि 2022 में श्रीलंका दिवालिया हो सकता है। राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के नेतृत्व में सरकार मंदी, कोरोना संकट के तत्काल प्रभाव और पर्यटन के नुकसान का सामना कर रही है, लेकिन उच्च सरकारी खर्च और कर कटौती से राज्य के राजस्व में कमी, विशाल ऋण चुकौती एक जटिल समस्या बन गई है। श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार एक दशक में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुच गया हैं। राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने जब नवंबर 2019 में देश का पदभार संभाला था, उस वक्त विदेशी मुद्रा भंडार 7.5 बिलियन डॉलर था, जो कि 2021 के अंत तक गिरकर 2.5 बिलियन डॉलर ही रह गया है। विदेशी मुद्रा भंडार में कमी ने विदेशी कर्ज चुकाने के मद्देनजर श्रीलंका की चिंता को और बढ़ा दिया है। श्रीलंका पर सबसे अधिक चीन का 5 अरब डॉलर से ज्यादा का कर्ज है। चीन के अतिरिक्त जापान और भारत से भी श्रीलंका ने कर्ज लिया हुआ है। हालांकि श्रीलंका के लिए सबसे अधिक परेशानी का सबब चीन से मिला भारी-भरकम कर्ज है। कर्ज नहीं चुका पाने के एवज में श्रीलंका को अपना हंबनटोटा बंदरगाह चीन को 100 साल के पट्टे पर देना पड़ा था। इतना ही नहीं, हंबनटोटा पोर्ट के साथ ही 15000 एकड़ जमीन भी चीन ने हथिया ली। इसमें भी सबसे अहम बात यह है कि श्रीलंका ने चीन को जो जमीन सौंपी है, भारत से उसकी दूरी महज 100 मील है। विशेषज्ञ इसे भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा करार देते हैं। (हिफी)
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वैक्सीन न लगवाने वालों पर मैक्रों ने खोया आपा

Posted: 06 Jan 2022 07:16 AM PST

वैक्सीन न लगवाने वालों पर मैक्रों ने खोया आपा

पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाने वालों को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है कि पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। विरोधी उन्हें निशाना बना रहे हैं। दरअसल, फ्रांस में कोरोना की बढ़ते मामलों ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। ऐसे में सरकार चाहती है कि जल्द से जल्द ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जाए, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में लोग इसके लिए तैयार नहीं हैं। इसी पर बात करते हुए राष्ट्रपति आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर बैठे और बवाल मच गया।
फ्रेंच प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों की टिप्पणी को लेकर संसद में भी जमकर हंगामा हुआ। राष्ट्रपति ने फ्रांसीसी अखबार 'ले पेरिसियन' द्वारा प्रकाशित एक साक्षात्कार में 'आपत्तिजनक' शब्दों का इस्तेमाल किया। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब संसद में नए उपायों को लेकर तीखी बहस हो रही है। नए उपायों में यह प्रस्ताव भी रखा गया है कि केवल टीका लेने वाले लोगों को ही छुट्टियों पर बाहर घूमने की अनुमति दी जाए। राष्ट्रपति साक्षात्कार में टीकाकरण पर जोर देने की अपनी रणनीति की चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, 'मैं वास्तव में ऐसे लोगों को बाहर भगाना चाहता हूं, जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है और हम ऐसा करना जारी रखेंगे'।
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हांगकांग ने 8 देशों की उड़ान पर लगाया प्रतिबंध

Posted: 06 Jan 2022 07:13 AM PST

हांगकांग ने 8 देशों की उड़ान पर लगाया प्रतिबंध

कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हांगकांग ने बुधवार को भारत और सात अन्य देशों से उड़ानों पर 21 जनवरी तक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।
'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' के मुताबिक, हांगकांग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरी लाम चेंग यूएट-नगोर ने कहा कि भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, फिलीपीन, ब्रिटेन और अमेरिका से यात्री उड़ानों पर दो सप्ताह का प्रतिबंध शनिवार से प्रभावी होगा। कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के कारण हांगकांग ने फिर से कई पाबंदियां लगाने की घोषणा की है। कैरी लाम ने कहा कि दो सप्ताह के लिए शाम छह बजे के बाद रेस्तरां बंद कर दिए जाएंगे। इस अवधि के दौरान खेल के मैदान, बार और ब्यूटी सैलून भी बंद रहेंगे। लाम ने कहा कि समुदाय के बीच संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका के कारण सख्त नियम लागू करना जरूरी है।
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चीन में आबादी कम होने का संकट

Posted: 06 Jan 2022 07:10 AM PST

चीन में आबादी कम होने का संकट

बीजिंग। चीन के प्रांतीय स्तर के 10 क्षेत्रों में 2020 में जन्म दर एक प्रतिशत से नीचे गिर गयी। नई नीति के तहत जोड़ों को तीन बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित करने वाली सहायक नीतियों के बावजूद, 2020 में चीन के 10 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में जन्म दर एक प्रतिशत से नीचे गिर गया जिससे दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश की जनसांख्यिकीय संकट को दूर करने की दुविधा बढ़ गई। चीन ने 2016 में एक बच्चे की नीति को खत्म करते हुए सभी दंपतियों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी थी और एक दशक में एक बार हुई जनगणना के बाद तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति देने के लिए इस नीति को संशोधित किया गया।

जनगणना के अनुसार, चीन की आबादी सबसे धीमी गति से बढ़कर 1.412 अरब हो गई। नए जनगणना के आंकड़ों से पता चलता है कि चीन को जिस जनसांख्यिकीय संकट का सामना करना पड़ रहा है, वह और गहरा सकता है क्योंकि 60 साल से ऊपर की आबादी बढ़कर 26.400 करोड़ हो गई, जो 2020 में 18.7 प्रतिशत बढ़ी। सांख्यिकीय वार्षिक पुस्तक के अनुसार, चीन के प्रांतीय स्तर के 10 क्षेत्रों में जन्म दर 2020 में एक प्रतिशत से नीचे गिर गई।सबसे अधिक आबादी वाले प्रांतों में से एक हेनान में 1978 के बाद बच्चों के पैदा होने की संख्या पहली बार दस लाख से नीचे गिर गई।
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लाॅकडाउन की जरूरत नहीं: जानसन

Posted: 06 Jan 2022 07:06 AM PST

लाॅकडाउन की जरूरत नहीं: जानसन

लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपने कैबिनेट से कहा कि इंग्लैंड में लॉकडाउन संबंधी और प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें कोविड-19 की ओमिक्रॉन लहर से पार पा लेने की उम्मीद है। ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,18,724 रिकॉर्ड दैनिक मामले सामने आए हैं। जॉनसन ने नव वर्ष की पहली कैबिनेट बैठक में 'प्लान बी' के तहत कदम उठाने की अपनी योजना रखी, जिसमें मास्क पहनना, संभव होने पर घर से काम करना और बड़े आयोजनों के लिए कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र की अनिवार्यता जैसे कदमों का पालन सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने कहा, ''हमारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। मैं कैबिनेट से सिफारिश करूंगा कि हम प्लान बी को जारी रखें। जॉनसन ने कहा, ''हमारे पास अपने देश को फिर से बंद किए बिना इस ओमिक्रॉन लहर से पार पा लेने का मौका है। हम अपने स्कूल और कारोबारों को खुला रख सकते हैं और वायरस के साथ जीने का तरीका खोज सकते हैं। इस प्रकार की अटकलें लगाई जा रही हैं कि रैपिड एंटीजन जांच में संक्रमित पाए जाने के बाद पीसीआर जांच से पुष्टि किए जाने की अनिवार्यता को समाप्त किया जा सकता है। इंग्लैंड में अभी तक रैपिड एंटीजन जांच में संक्रमित पाए जाने के बाद पीसीआर जांच कराना अनिवार्य है और उनके पृथक-वास की अवधि पीसीआर जांच रिपोर्ट आने के बाद से गिनी जाती है।
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7 जनवरी 2022, शुक्रवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 06 Jan 2022 04:31 AM PST

7 जनवरी 2022, शुक्रवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

7 जनवरी 2022, शुक्रवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि पंचमी दिन 03:48:21

🔅 नक्षत्र शतभिषा दिन 11:06:17

🔅 करण :

                बालव 11:12:44

                कौलव 22:52:33

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग व्यतीपात 13:10:41

🔅 वार शुक्रवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 06:45:55

🔅 चन्द्रोदय 10:54:59

🔅 चन्द्र राशि कुम्भ - 24:15:43 तक

🔅 सूर्यास्त 17:15:50

🔅 चन्द्रास्त 22:38:59

🔅 ऋतु शिशिर

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 10:24:33

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत पौष

🔅 मास पूर्णिमांत पौष

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 12:06:32 - 12:48:11

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त :

09:19:59 - 10:01:38

12:48:11 - 13:29:49

🔅 कंटक 13:29:49 - 14:11:27

🔅 यमघण्ट 16:16:22 - 16:58:00

🔅 राहु काल 11:09:17 - 12:27:22

🔅 कुलिक 09:19:59 - 10:01:38

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 14:53:05 - 15:34:44

🔅 यमगण्ड 15:03:30 - 16:21:34

🔅 गुलिक काल 08:33:09 - 09:51:13

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कन्या

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पं. प्रेम सागर पाण्डेय्

7 जनवरी 2022, शुक्रवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अनूठी अनुभूति कराने वाला रहेगा। आपको गूढ़ और रहस्यमय विद्याओं और संबंधित बातों का विशेष आकर्षण रहेगा। आज आध्यात्मिक सिद्धि मिलने का भी योग है। वाणी और नफरत की भावना पर संयम रखें। नए कार्य का प्रारंभ न करें और हो सके तो प्रवास स्थगित करें।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

वृषभ (Tauras): आपको गृहस्थ जीवन में सुख का अनुभव होगा। परिजन और निकट के स्नेहीजनों के साथ प्रसन्न वातावरण में भोजन का आनंद ले सकेंगे। छोटे प्रवास का आयोजन भी होगा। विदेश में स्थित संबंधियों के समाचार से मन प्रफुल्लित होगा। लक्ष्मीजी की आकस्मिक कृपा आप पर हो सकती है। बड़ो का आशीर्वाद बना रहेगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini): आपके लिए शुभ फलदायी है आज का दिन। घर में शांति और आनंद का वातावरण रहेगा। अधूरे कार्य संपन्न होंगे। आपको यश और कीर्ति मिलेगी। आर्थिक लाभ भी होगा। खर्च की मात्रा बढ़ सकती है, परंतु खर्च निरर्थक नहीं जाएगा। शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। स्वभाव में क्रोध की मात्रा बढ़ सकती है। परंतु वाणी पर संयम रखें।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

कर्क (Cancer): आज का दिन शांतिपूर्वक बिताने के लिए सलाह देते हैं। आज आप का शारीरिक तथा मानसिक आरोग्य अच्छा नहीं रहेगा। पेट की पीड़ा रहेगी और मानसिक रूप से चिंता, उद्वेग रहेंगे। आकस्मिक खर्च होगा। वाद-विवाद को टालें। प्रवास तथा नए कार्य का प्रारंभ टालें।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 6

सिंह (Leo): शारीरिक रुप से अस्वस्थ तथा मानसिक रूप से व्याकुल रहेंगे। घर में स्वजनों के साथ गलतफहमी से मन उदास रह सकता है। माता के साथ मनमुटाव होगा और उनकी स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। सरकारी तथा संपत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण पत्रों पर मुहर लगाने में सावधानी रखें।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): किसी भी कार्य में सोच समझकर आगे बढ़ें। भाई-बहनों के साथ प्यार भरा संबंध बना रहेगा। मित्रों, स्वजनों के साथ मुलाकात होगी। प्रत्येक कार्य में सफलता मिलने की संभावना है। आर्थिक लाभ की संभावना अधिक है। समाज में मान-सम्मान मिलेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

तुला (Libra): आज आप का मनोबल कमजोर रहेगा इसलिए किसी निर्णय पर आना कठिन हो सकता है। नए कार्य तथा महत्वपूर्ण निर्णय आज न लें। परिजनों के साथ वाद-विवाद न हो इसलिए वाणी पर संयम रखें। हठीलापन छोड़कर समाधानकारी रवैया अपनाने की सलाह देते हैं।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

वृश्चिक (Scorpio): आज का दिन आपके लिए शुभ है। शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ आनंदपूर्वक समय बिताएंगे। स्वजनों से भेंट या उपहार मिल सकता है। शुभ समाचार मिलेंगे तथा आनंददायी प्रवास संभावित होगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): आज का दिन आपके लिए कठिनाई भरा हो सकता है। परिजनों के साथ बहस होगी तथा दुख हो सकता है। वाणी पर संयम रखना होगा। मन के आवेश पर अंकुश रखें। अकस्मात से संभलना होगा। शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। धन खर्च होगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

मकर (Capricorn): मित्रों, सम्बंधियों से की गई भेंट से आपका दिन आनंद में बीतेगा। सामाजिक क्षेत्र, व्यापार तथा अन्य क्षेत्र में आपके लिए आज का दिन लाभदायी रहेगा। जीवनसाथी की खोज करनेवालों को सरलतापूर्वक सफलता मिलेगी। प्रवास-पर्यटन का योग है। घर में किसी शुभ प्रसंग की संभावना देखते हैं।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

कुंभ (Aquarius): आज का दिन शुभ फलदायी है। आज प्रत्येक कार्य में सफलता प्राप्त होगी। परिणामस्वरुप आप मानसिक रूप से प्रफुल्लित रहेंगे। नौकरी में उच्चाधिकारियों की प्रसन्नता के कारण पदोन्नति के योग हैं। बड़ों का आशीर्वाद भी आपके साथ है। धन प्राप्ति का योग है। गृहस्थ-जीवन में आनंद प्राप्त होगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मीन (Pisces): मन की अस्वस्थता के कारण आप आज व्यग्र रहेंगे। शरीर में थकान और आलस्य का अनुभव होगा। उच्चाधिकारियों के साथ सावधानीपूर्वक कार्य करें। संतान के विषय में आप को चिंता रहेगी। आवश्यक निर्णय लेना आज उचित नहीं है। व्यापारी वर्ग को व्यापार में बाधा आ सकती है। नकारात्मकता को महत्व न दें।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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हिन्दू देवी-देवताओं का अनादर अभिव्यक्ति; तो गांधीजी पर बोलना अपराध क्यों ?

Posted: 06 Jan 2022 04:22 AM PST

हिन्दू देवी-देवताओं का अनादर अभिव्यक्ति; तो गांधीजी पर बोलना अपराध क्यों ?' इस विषय पर संवाद !...तो हिन्दू धर्म के विषय में गलत वक्तव्य करनेवाले राहुल गांधी को भी बंदी बनाना पड़ेगा ! - अधिवक्ता गौरव गोयल, सर्वोच्च न्यायालय

'अभिव्यक्ति स्वतंत्रता दोनों ओर से हो, परंतु हमारे देश में वैसा होता हुआ दिखाई नहीं देता । हिन्दू देवी-देवताओं का अनादर करनेवालों को एक न्याय और गांधीजी के विचारों से असहमति दर्शानेवालों के विरुद्ध दूसरा न्याय ? यह भेदभाव इस देश में नहीं चलेगा । यदि कालीचरण महाराज द्वारा किया वक्तव्य गलत ठहराकर उन्हें बंदी बनाना योग्य है, तो राहुल गांधी ने भी अनेक बार हिन्दू धर्म के विषय में गलत वक्तव्य किए हैं । तो उन्हें भी बंदी बनाना होगा', ऐसा प्रतिपादन सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता गौरव गोयल ने किया । हिन्दू जनजागृति समिति आयोजित 'हिन्दू देवी-देवताओं का अनादर अभिव्यक्ति; तो गांधीजी पर बोलना अपराध क्यों ?' इस 'ऑनलाइन' विशेष संवाद में वे बोल रहे थे ।

इस समय बोलते हुए इतिहास के अध्येता तथा लेखक-अधिवक्ता सतीश देशपांडे ने कहा, 'राष्ट्र से बड़ा कोई नहीं हो सकता । संविधान की किसी भी धारा में अमुक किसी व्यक्ति को 'राष्ट्रपिता' संबोधित करें, ऐसा उल्लेख नहीं है । उसी प्रकार कोई व्यक्ति के रूप में 'राष्ट्रपिता' होने चाहिए, ऐसी भी हमारे पास व्यवस्था नहीं है । गांधीजी अपने विवादास्पद जीवनकाल में मूलतः ही 'अलोकप्रिय' थे । इसलिए वर्तमान की अपेक्षा उनके जीवनकाल में उन्हें अधिक आलोचना का सामना करना पडा था । गांधीजी पर टीका-टिप्पणी करने का हमें पूर्ण अधिकार है । न्यायालय ने वैसी छूट दी है । गांधीजी के कार्य का मूल्यमापन होना चाहिए ।' 'राष्ट्रीय वारकरी परिषद' के प्रवक्ता ह.भ.प. अरुण महाराज पिंपळे ने कहा, 'अब तक छत्रपति शिवाजी महाराज, नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे अनेक राष्ट्रपुरुषों का अनादर इस देश में किया गया; परंतु केवल गांधीजी पर टीका-टिप्पणी करें तो उसे अपराध माना जाता है । संक्षेप में, इस देश में राष्ट्रप्रेमी नागरिक, साधु-संतों के लिए एक कानून और राज्यकर्ताओं के लिए अलग कानून है । हिन्दुओं द्वारा साधु-संतों का समर्थन किया जाना आवश्यक है । छत्तीसगढ के 'सुदर्शन' समाचार वाहिनी के ब्यूरो प्रमुख श्री. योगेश मिश्रा ने कहा, 'अभिव्यक्ति स्वतंत्रता के बारे में समान मापदंड होना चाहिए । कालीचरण महाराज को बंदी बनाया जाना, उन पर लगाई गई धाराएं इस विषय में छत्तीसगढ़ सरकार एवं पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर कानून विशेषज्ञों ने प्रश्नचिन्ह उपस्थित किए हैं ।' हिन्दू जनजागृति समिति के प्रवक्ता श्री. नरेंद्र सुर्वे ने कहा, 'हिन्दू देवी-देवताओं के नग्न चित्र बनानेवाले म.फि. हुसेन को कांग्रेस ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया था । हिन्दू देवी-देवताओं का अनादर करनेवाले मुनव्वर फारूकी जैसे विनोदी कलाकारों का कांग्रेस समर्थन करती है । कांग्रेस निरंतर वीर सावरकर का अपमान करती है; परंतु गांधीजी के विषय में कोई प्रश्न उपस्थित करे, तो कांग्रेस को क्रोध आता है । हिन्दू एवं राष्ट्रप्रेमी नागरिक गलत बातों पर प्रश्न उपस्थित करेंगे और उसके उत्तर संबंधित लोगों को देने ही पड़ेंगे !'
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प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक साजिश का हिस्सा: सुरेश तिवारी

Posted: 06 Jan 2022 04:16 AM PST

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक साजिश का हिस्सा: सुरेश तिवारी

भाटपार रानी, देवरिया से ब्यूरो वेद प्रकाश तिवारी की रिपोर्ट
देवरिया। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष सदस्य जिला कार्यसमिति सुरेश तिवारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बुधवार को पंजाब के फिरोजपुर में रैली करने जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रैली में शामिल होने के लिए सड़क मार्ग से जा रहे थे। प्रदर्शनकारी किसानों ने उनके काफिले को रोक लिया इसकी वजह से 20 मिनट तक प्रधानमंत्री का काफिला फ्लाईओवर पर रुका रहा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की जाने का रूट गोपनीय होता है आखिरकार किसानों को कैसे पता चल गया की प्रधानमंत्री को इसी रूट से जाना है। नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं यह तो दूसरी बात है लेकिन वह देश के प्रधानमंत्री हैं और प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक होना बहुत ही गंभीर बात है। प्रधानमंत्री बुधवार की सुबह 11 बजे भटिंडा एयरपोर्ट पहुंचे थे और मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर के बजाय प्रधानमंत्री के काफिले को सड़क मार्ग से बाजाखाना, कोटकपूरा, फरीदकोट से होते हुए फिरोजपुर पहुंचना था। भटिंडा से करीब 92 किलोमीटर दूर और फिरोजपुर से 8 किलोमीटर पहले ही प्रधानमंत्री के काफिले को रास्ते में रोक लिया गया। भारत-पाकिस्तान सीमा से 30 और हुसैनीवाला से 20 किलोमीटर दूर स्थित इस जगह पर कुछ किसान पहले से धरना दे रहे थे। जब उन्हें पता चला कि प्रधानमंत्री का काफिला इस रास्ते में आ सकता है तो उन्होंने और लोगों को बुला लिया जब तक प्रधानमंत्री का काफिला वहां पहुंचता करीब 100 लोग इकट्ठा हो गए थे। पुलिस वाले उन्हें हटाने की कोशिश की लेकिन लोग नारेबाजी करते रहे । इस दौरान 20 मिनट तक प्रधानमंत्री के काफिले को फ्लाईओवर पर रुके रहने पर मजबूर होना पड़ा। उसके बाद प्रधानमंत्री रैली स्थल पर जाने के बजाए सीधे भटिंडा एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से 3 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। श्री तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रोटोकाल के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी को उनके काफिले के साथ रहना था। लेकिन यह तीनों लोग अनुपस्थित थे जो कहीं ना कहीं संदेह पैदा कर रहा है। श्री तिवारी ने कहा कि पंजाब सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए और प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक की जांच कर दोषियों पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए।
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प्रधान मंत्री की सुरक्षा से खिलवाड़ देशद्रोह से कम नहीं : अश्वनी कुमार सिंह

Posted: 06 Jan 2022 04:13 AM PST

प्रधान मंत्री की सुरक्षा से खिलवाड़ देशद्रोह से कम नहीं : अश्वनी कुमार सिंह

भाटपार रानी, देवरिया से ब्यूरो वेद प्रकाश तिवारी की रिपोर्ट 
देवरिया जिले की भाटपार रानी विधानसभा के युवा समाज सेवी व भाजपा नेता अश्वनी कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के सवाल पर पंजाब सरकार को आड़े हाथों लिया । उन्होंने कहा की यह साजिश है जो किसी देशद्रोह से कम नहीं क्योंकि प्रधानमंत्री किसी व्यक्ति का नाम नहीं है बल्कि वह एक अरब पैंतीस करोड लोगों के प्रतिनिधि हैं । उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के सवाल पर पंजाब सरकार कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं है । उनके काफिले को जाम करने वाले कौन लोग हैं ? इस षड्यंत्र में कौन-कौन लोग शामिल हैं ? यह जांच का विषय है और इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए । प्रधानमंत्री का यह कहना कि हम जिंदा एयरपोर्ट आ गए यह बात कई तरह के सवाल खड़े करता है । पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों को उनके साथ होना चाहिए पर कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं है । यह सिर्फ भाजपा की रैली या मोदी को खतरे में डालने की साजिश भर नहीं है। यह कांग्रेस द्वारा देश के सम्मान को ठेस पहुंचाना और लोकतंत्र की हत्या करना है। यह साफतौर पर देशद्रोह से कम नहीं है।
अश्वनी कुमार ने कहा कि कांग्रेस की सोची समझी साजिश के तहत प्रधानमंत्री की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हुआ। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर पंजाब सरकार द्वारा की गई चूक , राजनीति और विरोध का निम्नतम स्तर है। पंजाब सरकार भाजपा से इस कदर घबराई हुई है कि पूरी तरह अलोकतांत्रिक व्यवहार कर रही है। पंजाब और देश की जनता इसे याद रखेगी और इसका हिसाब करेगी । देश कभी कांग्रेस के इस घटिया कर्म को कभी माफ नहीं करेगा।हम बताते चलें कि प्रधानमंत्री मोदी बुधवार सुबह बठिंडा पहुंचे थे। वहां से उन्हें हेलिकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाना था। बारिश और खराब विजिबिलिटी के चलते पीएम ने करीब 20 मिनट तक मौसम साफ होने का इंतजार किया। जब मौसम ठीक नहीं हुआ तो तो तय किया गया कि पीएम सड़क मार्ग से राष्ट्रीय शहीद स्मारक का दौरा करेंगे। सड़क मार्ग से जाने में 2 घंटे से अधिक समय लगना था। हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलोमीटर पहले, जब पीएम का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुंचा, तो वहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगा रखा था। इस दौरान प्रधानमंत्री करीब 15 से 20 मिनट तक फ्लाईओवर में फंसे रहे।
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गडकरी के दावे का आधार

Posted: 05 Jan 2022 10:36 PM PST

गडकरी के दावे का आधार

(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
योगी आदित्यनाथ सरकार ने विकास के अनेक राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किये है। इस अवधि में यूपी सर्वाधिक एक्सप्रेस वे वाला प्रदेश बन गया है। सड़कों के निर्माण और इनके किनारे पर औद्योगिक गलियारा बनाने का भी अभूतपूर्व कार्य हुआ है। इन उपलब्धियों की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा चल रही थी। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस चर्चा को विकसित देशों के संदर्भ में स्थान दिया है। उनका दावा है कि इस गति से कार्य जारी रहा तो यूपी विकसित राज्य बन जायेगा। पिछले कुछ वर्षों में यहां तीन लाख करोड़ रुपये की सड़कें बनी है। डबल इंजन की सरकार आगामी पांच साल में पांच लाख करोड़ रुपये का काम उत्तर प्रदेश में करेगी। कुल मिलाकर जब आठ लाख करोड़ का काम होगा तब उत्तर प्रदेश के सड़कों का इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के बराबर होगा। विकास के लिए अच्छी सड़कों का होना अपरिहार्य है। यह अर्थव्यवस्था, समाज, बाजार, अस्पताल, कृषि आदि को सक्रिय रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश देश का चैथा बड़ा राज्य है। इसके विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में विकास के दृष्टिकोण से असमानताएं व्याप्त थीं। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस विषमता को दूर किया है। विकास का लाभ प्रदेश के सभी जनपदों तक पहुंचाया जा रहा है। बिना किसी भेदभाव के प्रदेश का विकास किया जा रहा है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शाहजहांपुर जिले में गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना का शिलान्यास किया था। यह प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पूर्व व पश्चिमी यूपी के साथ ही गंगा एक्सप्रेस वे सीधे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ेगा। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसकी तैयारी के संबन्ध में मिसाल कायम की है। कोरोना महामारी के बाबजूद एक साल में गंगा एक्सप्रेस वे के लिए तिरासी हजार किसानों से चैरानवे प्रतिशत भूमि खरीदी गई थी। छह सौ किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना की स्वीकृति एक वर्ष पहले मिली थी। नब्बे प्रतिशत जमीन तो मात्र चार महीने में खरीद ली गई थी। पर्यावरण संरक्षण के लिए एक्सप्रेस वे के किनारे करीब साढ़े अठारह लाख पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही परियोजना में अधिग्रहित भूमि पर सोलर पावर के माध्यम से ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिससे परियोजना के संचालन के लिए आवश्यक ऊर्जा की पूर्ति होगी। एक्सप्रेस वे पर आपातकाल में वायु सेना के विमानों की लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए शाहजहांपुर जिले में एक हवाई पट्टी भी बनाई जाएगी। इसके साथ ही नौ जनसुविधा केंद्र, सात रेलवे ओवर ब्रिज,चैदह दीर्घ सेतु, एक सौ छब्बीस लघु सेतु और तीन सौ इक्यासी अण्डरपास बनेंगे। निकटवर्ती गांवों के निवासियों के लिए सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला यह देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे होगा।

योगी आदित्यनाथ सरकार गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण कर रही है। गोरखपुर बाईपास एनएच स्थित ग्राम जैतपुर के पास से शुरू होकर यह आजमगढ़ के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलेगा। इक्यानबे किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर, आम्बेडकर नगर, संतकबीर नगर और आजमगढ़ से होकर गुजरेगा। अगले कुछ महीने में यह पूरा हो जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लोकर्पण से उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। एक्सप्रेस वे यमुना एक्सप्रेस वे,आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे व पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर कार्य चल रहा है।चित्रकूट से इटावा तक का बुंदेलखंड एक्सप्रेस भी बहुत महत्वपूर्ण है।

इस क्रम में कुछ दिन पहले योगी आदित्यनाथ व नितिन गडकरी ने मिर्जापुर व जौनपुर में राजमार्ग की सौगात दी थी। मिर्जापुर के लालगंज स्थित अतरैला गांव के पास टोल प्लाजा पर आयोजित सभा के दौरान वाराणसी से मध्य प्रदेश करीब डेढ़ सौ किलोमीटर लंबे चार राष्ट्रीय राजमार्गों का लोकार्पण और चैरानवे अन्य विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

राजमार्ग के जरिए मिर्जापुर यानी विंध्यधाम को काशी, संगम के साथ ही मध्य प्रदेश के मैहर स्थित शारदा देवी शक्तिपीठ को जोड़ने का कार्य किया गया है। इन सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से विंध्याचल मंडल एवं आसपास के क्षेत्रों का विकास होगा। योगी आदित्यनाथ द्वारा केन्द्र सरकार के कार्यक्रमों,नीतियों एवं वित्तीय प्रावधानों को राज्य में तेजी से क्रियान्वित किया जाता है। नितिन गडकरी, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने मेरठ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की करीब साढ़े नौ सौ करोड़ रुपये की लागत से पौने चार सौ किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। नितिन गडकरी ने कहा कि गाजियाबाद से लखनऊ के बीच नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। अगले दस दिन के भीतर कानपुर से लखनऊ के बीच एक्सप्रेसवे के निर्माण की शुरूआत हो जाएगी। ईस्टर्न और वेस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेसवे तथा दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है।

जापान के सहयोग से अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का भी निर्माण किया गया है। इस कंट्रोल रूम के शुरू होने के बाद पता चल जाएगा कि कौन सी गाडी किस गति से चल रही है। किस वाहन के हादसे की संभावना है। इसका समय रहते पता चल सकेंगा। कंट्रोल रूम में केवल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहन ही नहीं, बल्कि पूरे देश के एक्सप्रेसवे के वाहनों की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी। वर्तमान समय में पूरे देश में डेढ़ लाख करोड़ रूपए के रोड निर्माण के काम चल रहे है। एक लाख करोड़ राशि के कामों को मंजूरी दी जा चुकी है। उत्तर प्रदेश में छह हजार से बढ़कर बारह हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण हो चुका है। बाईपास बन जाने से राम वन गमन मार्ग तक जाने में आसानी होगी। अयोध्या से चित्रकूट तक का रास्ता भी सुगम होगा। आज प्रदेश में सात ग्रीन एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग रायबरेली से प्रयागराज तक एक सौ पांच किलोमीटर की दूरी पर चार लेन निर्माण कार्य इस महीने शुरू हो जाएगा। जो काम पिछले पचास वर्षों में नहीं हुआ, योगी के नेतृत्व में पांच वर्षों में पूरा किया गया है। अगले पांच वर्ष में सरकार बनने पर सभी कार्य पूरे हो जाएंगे। निर्माणाधीन एक्सप्रेस वे के समानांतर लैंड बैंक भी स्थापित हो रहे है। डिफेंस एक्सपो व इन्वेस्टर्स समिट में निवेश के समय से ही यह योजना आगे बढ़ रही है।

इसके अलावा प्रत्येक पचास किलोमीटर पर यात्री सुविधा के लिए ढांचागत निर्माण किया जाएगा। एक बार फिर योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेस वे के आसपास के क्षेत्रों को औद्योगिक विकास एवं व्यावसायिक उपयोग के रूप में पहले से ही चिन्हित करने के निर्देश दिए है। सड़कों के संजाल से प्रदेश में फोर लेन इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी विकसित हुई है। वाराणसी से हल्दिया तक वॉटर हाई वे क्रियाशील है। आने वाले दिनों में प्रदेशवासियों को सी प्लेन की सुविधा भी उपलब्ध होने वाली है। आठ लाख करोड़ रुपये के कार्य प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बना देंगे। वाराणसी से प्रयागराज तक गंगा नदी में डेजिंग का कार्य पूरा हो चुका है। वाराणसी, गाजीपुर, साहिबगंज एवं हल्दिया में मल्टी मोडल हब का निर्माण किया जा रहा है। पिछले दिनों जौनपुर में डेढ़ हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से राष्ट्रीय राजमार्गों का शिलान्यास तथा साढ़े तीन अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।राम जानकी मार्ग का विकास तथा राम वनगमन मार्ग पर कार्य किया जा रहा है। (हिफी)
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सिद्धू के खिलाफ उठी आवाज

Posted: 05 Jan 2022 10:34 PM PST

सिद्धू के खिलाफ उठी आवाज

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
पंजाब में जिस काम को कांगे्रस हाईकमान करती, वही काम वहां के चार मंत्रियों ने कर दिखाया। कांगे्रस हाईकमान को कम से कम अब तो सबक सीखना चाहिए। लगभग दो महीने के अंदर ही वहां विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रान के तेजी से प्रसार ने यह सवाल तो खड़ा किया है कि क्या ऐसे में विधानसभा चुनाव कराना उचित होगा? यही सवाल उत्तर प्रदेश में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने उठाया गया था। उन्होंने यूपी के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बात करके यही पाया कि कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए विधानसभा चुनाव कराए जाएं। इसलिए पंजाब में भी विधानसभा के चुनाव होंगे। चुनाव से लगभग तीन महीने पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने जिस तरह से बवाल काटा, उससे कांग्रेस काफी कमजोर हो गयी है। सिद्धू को प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष बनाया गया है और इसी से नाराज होकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री की कुर्सी ही नहीं छोड़ी बल्कि नयी पार्टी भी बना ली है। अमरिंदर की नयी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन करके विधानसभा चुनाव लड़ रही है। इस गठबंधन के साथ पूर्व में सत्तारूढ़ रही शिरोमणि अकाली दल भी जुड़ जाएगी, ऐसी प्रबल संभावना है। राज्य में दूसरी पार्टियों की तरह कांग्रेस भी चुनाव की तैयारी में जुटी है। चुनाव के लिए गठित कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य एवं पंजाब सरकार के चार मंत्री उपमुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह रंधावा के नेतृत्व में पिछले दिनों नई दिल्ली में पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणु गोपाल से मिले और सिद्धू पर लगाम लगाने का अनुरोध किया।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बड़बोलेपन से उनकी ही पार्टी के मंत्री नाराज हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हैं वहीं चुनाव के लिए गठित कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के लिए दिल्ली पहुंचे पंजाब के चार मंत्रियों ने कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोला दिया है। बैठक से पहले पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा समेत कई नेताओं ने पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर सिद्धू पर लगाम लगाने का अनुरोध किया है।

उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट के चार मंत्रियों ने दिल्ली में एआईसीसी महासचिव के सी वेणुगोपाल से कहा है कि यदि सिद्धू की सरकार और मंत्रियों के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर लगाम नहीं लगाई गई तो इसका खमियाजा विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। सिद्धू के खिलाफ शिकायत करने वालों में रंधावा के अलावा अन्य मंत्री परगट सिंह, भारत भूषण आशु और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग शामिल थे। ये सभी एक समय सिद्धू के सहयोगी थे। इन मंत्रियों ने सिद्धू के बड़बोलेपन की जमकर आलोचना की। मंत्रियों ने कहा कि परगट, राजा वारिंग और डॉ अमर सिंह ने हाल ही में उनसे मुलाकात की थी लेकिन उनकी मुलाकात का सिद्धू पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इस बीच रंधावा और आशु उन मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसके अलावा एक अन्य कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने भी सिद्धू पर निशाना साधा है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए के सी वेणुगोपाल ने कहा है कि वे इस मामले को राहुल गांधी के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने पार्टी के नेताओं से चुनाव में एकजुट रहने की भी अपील की है। दरअसल, ये सभी मंत्री आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी की पहली बैठक में शामिल होने आए थे। यह बैठक दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज रोड स्थित कांग्रेस के वार रूम में महासचिव अजय माकन की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में सीटों पर संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक इन नेताओं ने चुनाव में पार्टी की रणनीति और प्रदेश में संगठन की स्थिति को लेकर चर्चा की। हालांकि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस बैठक में मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि वे पहले से तय आधिकारिक कार्यक्रमों के चलते स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में हिस्सा नहीं ले सके। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक जल्द ही उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जा सकती है।

इस प्रकार पंजाब कांग्रेस के नेताओं बीच चल रहा झगड़ा एक बार फिर से खुलकर सामने आ गया है। पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दावा किया है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू उनसे नाराज चल रहे हैं। इसके साथ ही सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गृह मंत्रालय छोड़ने की पेशकश भी की है।

सुखजिंदर सिंह की ओर से नवजोत सिंह सिद्धू के साथ चल रहे मतभेदों पर पहली बार चुप्पी तोड़ी गई। सुखजिंदर रंधावा ने कहा, जब से मैं पंजाब का गृह मंत्री बना हूं तब से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू मुझ से नाराज चल रहे हैं। अगर नवजोत सिद्धू गृह मंत्रालय चाहते हैं तो मैं उनके लिए यह मंत्रालय छोड़ने को तैयार हूं। मैं एक मिनट में गृह मंत्रालय उनके पैरों में रख सकता हूं। इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू लगातार सुखजिंदर सिंह रंधावा के फैसलों पर सवाल खड़े करते रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार पर बिक्रम मजीठिया को गिरफ्तार नहीं कर पाने की वजह से हमला बोल रहे हैं। एक तरह से सिद्धू सुखजिंदर सिंह रंधावा पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं क्योंकि गृह मंत्रालय उन्हीं के पास है। इससे पहले चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से भी सिद्धू के साथ सुलह ही पेशकश की गई है। चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा है कि वह नवजोत सिंह सिद्धू के साथ काम करने के लिए तैयार हैं और उसके लिए कोई भी त्याग कर सकते हैं। पहले चन्नी और अब सुखविंदर रंघावा के बयान को सिद्धू की ओर से लगातार हाईकमान पर बनाए जा रहे दबाव से जोड़कर देखा जा सकता है। नवजोत सिंह सिद्धू चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी उनके नाम पर विधानसभा चुनाव में हिस्सा ले। कांग्रेस की पंजाब यूनिट के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कई बड़े वादे किए हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस की दोबारा सरकार बनने पर पंजाब की घर संभालने वाली महिलाओं को 2 हजार महीना और साल में आठ सिलेंडर दिए जाएंगे। इससे पहले आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब की हर महिला को प्रति महीना एक हजार रुपये देने का वादा किया गया था। आम आदमी पार्टी के वादे को काउंटर करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने यह बड़ा दांव खेला है। नवजोत सिद्धू बरनाला में रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, हमारी सरकार दोबारा बनने पर 2000 हजार हर महीने पंजाब की घर संभालने वाली महिलाओं को देगी। इसके साथ ही साल में आठ सिलेंडर भी दिए जाएंगे। नवजोत सिंह सिद्धू ने पढ़ाई करने वाली लड़कियों के लिए अलग वादे किए हैं। सिद्धू ने कहा कि पांचवीं से लेकर 10वीं तक पढ़ाई कर रही लड़कियों को 5000 रुपये देंगे। 10 पास बच्चियों को 15000 दिए जाएंगे। 12वीं पास लड़कियों को 20000 रुपये दिए जाएंगे। कॉलेज की दाखिला पर्ची दिखाने पर लड़कियों को स्कूटी मिलेगी। विदेश जाने वाली बच्ची को 1 टैबलेट देंगे। लड़कियों के नाम मिलकियत जमीन फ्री रजिस्ट्र्ड होगी। इससे पहले आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब की महिला वोटर्स को लुभाने के लिए बड़ा चुनावी दांव खेला गया था। नवजोत सिंह सिद्धू और कांग्रेस पार्टी की ओर से आप की इस घोषणा पर सवाल खड़े किए गए थे। (हिफी)
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तीन साल की उपलब्धियां गिना रहे गहलोत

Posted: 05 Jan 2022 10:31 PM PST


तीन साल की उपलब्धियां गिना रहे गहलोत

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस की सरकार बचाने में सफल रहे, यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। हालांकि श्री गहलोत ने बीते वर्ष के अंतिम दिनों में उपचुनावों में भी शानदार जीत हासिल की है। इस प्रकार वे भाजपा को अपने राज्य में रोकने में सफल रहे और हाईकमान का विश्वास भी प्राप्त किया है। इस बीच गहलोत सरकार ने विकास कार्य भी किये हैं। गत 18 दिसम्बर को सरकार के तीन साल पूरे होने पर जश्न मनाया गया था। उस समय से लगातार सरकार की उपलब्धियां जनता को बतायी जा रही हैं। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा इस पर सवाल भी उठाती है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि यह इतिहास की सबसे नाकारा सरकार रही है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गत 17 दिसम्बर को अपनी सरकार की 3 साल की उपलब्धियों को लेकर पिंकसिटी प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम के तहत मीडिया से मुखातिब हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने हमेशा अलग तरह की राजनीति की है और मैं जब भी मंदिर जाता हूं तो पूरे ब्रह्मांड के लिए प्रार्थना करता हूं। मुख्यमंत्री ने मीडिया से चिरंजीवी और उड़ान योजना को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बावजूद अच्छा बजट और अच्छी स्कीम राज्य सरकार लेकर आई। सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना काल में मैंने करीब 460 वीसी की जिससे समारोहों पर खर्च होने वाले 500 करोड़ बच गए होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अगर कोरोना की तीसरी लहर आती भी है तो सरकार की पूरी तैयारी है। सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि सोलर ऊर्जा के लिए 5 लाख करोड़ के एमओयू हो चुके हैं। सड़कों के मामले में पहले राजस्थान बदनाम था लेकिन अब हालात सुधर गए हैं। उधर सीएम गहलोत ने भाजपा पर भी तीखे हमले बोले। उन्होंने कहा कि यह छापे डालने वाली सरकार है। हमारी सरकार गिराने के लिए भी छापे डाले गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को पेगासस और इलेक्टोरल बांड जैसे मामले में प्राथमिकता से सुनवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष बर्बाद हो जाएगा तो देश का क्या होगा। कांग्रेस मुक्त भारत बनाने वाले खुद मुक्त हो जाएंगे। गहलोत ने कहा कि पॉलिटिकल प्रेशर के बावजूद उन्होंने प्रदेश में तंबाकू पर 65 फीसदी टैक्स लगाया था। उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी करने से लोगों का शराब पीना नहीं रुकेगा।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वो सरकार गिराने के षड्यंत्र में शामिल थे। उन्होंने दिल्ली में तो हमारे ओएसडी पर केस कर दिया लेकिन यहां अपनी आवाज का नमूना नहीं दे रहे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर गहलोत ने कहा कि सरकार बदलती है तो वसुंधरा जी हमारे लोगों को तंग करती है। उन्हें जेल भेज देती है। इतना ही नहीं हमारी सरकार द्वारा शुरू किए गए काम रोक दिए जाते हैं। रिफाइनरी का काम अगर नहीं रोका गया होता तो अब तक रिफाइनरी लग चुकी होती। अब 38 हजार करोड़ की रिफाइनरी 76 हजार करोड़ की हो गई है। मुख्यमंत्री प्रदेश में अपराध बढ़ने के आरोप को भी अस्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं थानों का कल्चर बदलना चाहता हूं इसलिए एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही स्वागत कक्ष भी 95 फीसदी थानों में बन चुके हैं। वहीं राजस्थान में ओवैसी की आहट पर सीएम गहलोत ने कहा कि ओवैसी भाजपा के ही पार्टनर हैं और वो जो कुछ भी करेंगे वो भाजपा के ही खाते में जाएगा।

राजस्थान में कांग्रेस नीत सरकार ने 17 दिसम्बर को अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे कर लिये। इस अवसर पर राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल को सफल करार देते हुए जनता को बधाई दी, वहीं मुख्य विपक्षी दल ने इसे लेकर उनकी सरकार पर निशाना साधा। भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि झूठे वादों से बनी गहलोत सरकार तीन सालों में जनता की हर परीक्षा में विफल रही। गहलोत ने 17 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। मुख्यमंत्री गहलोत ने इस अवसर पर अपनी सरकार की उपलब्धियों को बताने वाला विज्ञापन शेयर करते हुए ट्वीट किया था, ''राज्य की संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह सरकार के सफल 3 वर्ष पूर्ण होने पर मैं सभी को हार्दिक बधाई देते हुए प्रदेशवासियों की खुशहाली, सुख-समृद्धि, स्वस्थ जीवन और चहुंमुखी विकास की कामना करता हूं।' उन्होंने लिखा था, ''आइए हम सब मिलकर राजस्थान के चहुंमुखी विकास के लिए पूरी निष्ठा एवं संकल्पबद्धता से अपने कदम बढ़ाएं और मन, वचन व कर्म से इसमें सहभागी बनकर अपनी भूमिका निभाएं।' कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''जिस आशा और अपेक्षा से राजस्थान की जनता ने कांग्रेस की सरकार बनाई थी उस आशा और अपेक्षा पर हमारी सरकार पूरी तरह से, 100 प्रतिशत खरी उतरी है।'' इस बीच, सरकार के कार्यकाल के तीन साल पूरे होने पर अनेक कार्यक्रम भी हो रहे हैं। गहलोत ने 18 दिसम्बर को जवाहर कला केंद्र में राज्य सरकार की तीन वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित चार-दिवसीय प्रदर्शनी 'आपका विश्वास-हमारा प्रयास' का उद्घाटन किया। वहीं दोपहर में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित मुख्य समारोह में ऊर्जा, जल संसाधन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सार्वजनिक निर्माण, नगरीय विकास, स्वायत्त शासन, वन, कृषि, सहकारिता, डेयरी एवं उद्योग से सम्बन्धित विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें करीब 8 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं करीब 3 हजार 800 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री 19 दिसंबर को 500 से अधिक पुलिस थानों के स्वागत कक्ष, 12 नये पुलिस थाना भवन सहित गृह विभाग के अन्य कार्यों का लोकार्पण किया। उधर, दूसरी तरफ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने गहलोत सरकार के तीन साल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा था, ''यह इतिहास की अब तक की सबसे नकारा व भ्रष्ट सरकार रही है। राजस्थान अपराधों की राजधानी बन गया है। इनके कार्यकाल में राजस्थान जिस विकास का हकदार था उससे वह वंचित रहा।'' पूनियां ने कहा, ''सरकार के तीन साल राज्य में किसानों, बेरोजगारों और महिलाओं के लिए काले अध्याय के रूप में देखे जाएंगे।'' (हिफी)
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सूर्य नमस्कार पर विवाद क्यों?

Posted: 05 Jan 2022 10:29 PM PST

सूर्य नमस्कार पर विवाद क्यों?

(मनीषा स्वामी कपूर-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
इस साल हमारे देश की आजादी को 75 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इस प्रकार 15 अगस्त 2022 को हम स्वतंत्रता की हीरक जयंती मनाएंगे। इसलिए यह सम्पूर्ण वर्ष उल्लास के साथ मनाने का निश्चय सरकार की तरफ से किया गया। उल्लास में देश के सभी नागरिक जब तक नहीं शामिल होंगे तब तक यह हीरक जयंती उत्सव अधूरा ही रहेगा। इसी उत्सव के एक क्रम में स्कूलों-कालेजों में पहली जनवरी से सात जनवरी तक सूर्य नमस्कार करने का कार्यक्रम बनाया गया। यह सूर्य नमस्कार एक तरह से 12 योगासनों का समुच्चय है और प्रातःकाल खाली पेट किया जाता है। सुबह की ताजी हवा में करने से इन योगासनों का शत-प्रतिशत लाभ मिलता है। योग से शरीर के अंग-प्रत्यंग स्वस्थ होते हैं और मानसिक विकारों से भी मुक्ति मिलती है। सूर्य की प्रातःकालीन धूप से शरीर को विटामिन डी मिलती है। सर्दियों में तो मध्याह्न की धूप भी अच्छी लगती है लेकिन गर्मियों में प्रातःकाल की धूप ही लाभदायक होगी। यही कारण है कि इन 12 योगासनों के समुच्चय को प्रातः करने का विधान बनाया गया और इसे सूर्य नमस्कार का नाम दिया गया है। अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुसलमानों ने इसे मूर्ति पूजा से जोड़ दिया है। इस प्रकार का भ्रम उनके बीच फैलाया गया है जबकि योगासन से उनको भी विरोध नहीं है। उनकी नमाज भी एक तरह का योगासन ही है। बहरहाल, दुर्भाग्य से आजादी की हीरक जयंती का यह कार्यक्रम विवादों में घिर गया है, जिसे उचित नहीं कहा जा सकता। मुसलमानों के बीच फैली इस भ्रांति को दूर करना चाहिए।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सूर्य नमस्कार का विरोध किया है। एआईएमपीएलबी के मुताबिक, सरकार ने निर्देश जारी किया है कि आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर 1 से 7 जनवरी तक स्कूलों में सूर्य नमस्कार करवाया जाए। इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि सूर्य नमस्कार एक तरह से सूर्य की पूजा करना है और इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष, बहु-धार्मिक और बहु-सांस्कृतिक देश है। इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर हमारा संविधान लिखा गया है। संविधान हमें इसकी अनुमति नहीं देता है कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी धर्म विशेष की शिक्षाएं दी जाएं या किसी विशेष समूह की मान्यताओं के आधार पर समारोह आयोजित किए जाएं। मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि वर्तमान सरकार धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत से भटक रही है और देश के सभी वर्गों पर बहुसंख्यक सम्प्रदाय की सोच और परंपरा को थोपने की कोशिश कर रही है। जैसा कि साफ है कि भारत सरकार के अधीन सचिव शिक्षा मंत्रालय ने 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यों में सूर्य नमस्कार की एक परियोजना चलाने का फैसला किया है, जिसमें 30 हजार स्कूलों को पहले चरण में शामिल किया जाएगा। 1 जनवरी से 7 जनवरी तक ये कार्यक्रम प्रस्तावित है। 26 जनवरी को सूर्य नमस्कार पर एक संगीत कार्यक्रम की भी योजना है। ये असंवैधानिक और देश-प्रेम का झूठा प्रचार है। उन्होंने यह भी कहा कि सूर्य नमस्कार सू्र्य की पूजा का एक रूप है। इस्लाम और देश के अन्य अल्पसंख्यक न तो सूर्य को देवता मानते हैं और न ही उसकी उपासना को सही मानते हैं इसलिए सरकार का ये फर्ज है कि वो ऐसे निर्देशों को वापस ले और देश के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का सम्मान करे। मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि अगर सरकार चाहे तो देश-प्रेम की भावना को उभारने के लिए राष्ट्रगान पढ़वाए। अगर सरकार देश से प्रेम का हक अदा करना चाहती है तो उसे चाहिए कि देश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दे। देश में बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान दे। आपसी नफरत की बढ़ती भावना, सरकारी उद्यमों को लगातार बेचना और देश की सीमाओं की रक्षा करने में विफलता ये वास्तविक मुद्दे हैं। उन्होंने आगे कि मुस्लिम बच्चों के लिए सूर्य नमस्कार जैसे कार्यक्रमों में शामिल होने की बिल्कुल भी अनुमति नहीं है और इससे बचना जरूरी है।

मौलाना खालिद सैफुल्लाह और उनकी जैसी सोच वालों को यह समझना होगा कि सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। इसी कारण प्राचीन ऋषि-मुनि सूर्य की पूजा-अर्चना करते थे। सूर्य नमस्कार का मतलब है सूर्य को नमन करना यानि सन सेल्यूटेशन । अगर आप योग की शुरुआत कर रही हैं तो इसके लिए सूर्य नमस्कार का अभ्यास सबसे बेहतर है। यह आपको एक साथ 12 योगासनों का फायदा देता है और इसीलिए इसे सर्वश्रेष्ठ योगासन भी कहा जाता है। योग एक्सरसाइज और फिजिकल मूवमेंट न केवल शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी हैं बल्कि दिमाग को फिट रखने के लिए भी अहम है। सूर्य नमस्कार के 12 चरण का हर रोज अभ्यास करने से दिमाग सक्रिय और एकाग्र बनता है। आमतौर पर इसका अभ्यास सुबह खाली पेट किया जाता है। सुबह के समय खुली जगह पर इसे करें, जहां आपको ताजा हवा मिले। सूर्य नमस्कार हमें वजन कम करने में मदद करता है। पाचन और भूख में सुधार करता है। शरीर को लचीला बनाता है। कब्ज की समस्या को ठीक करने में कारगर है। शारीरिक और मानसिक मजबूती बढ़ाता है। बॉडी पोस्चर को बेहतर करता है और बैलेंस बनाने में मदद करता है। मसल्स को टोन करता है और हड्डियों को मजबूत करता है। बाजू, कंधों, कमर, पैर, क्वैड्स, काफ्स और हिप्स की मांसपेशियों को टोन करता है। कहने का मतलब की सम्पूर्ण व्यायाम है।

सूर्य नमस्कार 12 योगासनों से मिलकर बना होता है। स्टेप-बाई-स्टेप इसे करना चाहिए। सर्वप्रथम प्रणामासन सूरज की तरफ चेहरा करके सीधे खड़े हों और दोनों को पैरों को मिलाएं, कमर सीधी रखें। अब हाथों को सीने के पास लाएं और दोनों हथेलियों को मिलाकर प्रणाम की अवस्था बनाएं। दूसरा है हस्तउत्तनासन- पहली अवस्था में ही खड़े होकर अपने हाथों को सिर के ऊपर उठाकर सीधा रखें। अब हाथों को प्रणाम की अवस्था में ही पीछे की ओर ले जाएं और कमर को पीछे की तरफ झुकाएं। तीसरा पादहस्तासन- अब धीरे-धीरे सांस छोड़ें और आगे की ओर झुकते हुए हाथों से पैरों की उंगलियों को छुएं। इस समय आपका सिर घुटनों से मिला होना चाहिए। चैथा उपक्रम अश्व संचालनासन है- धीरे-धीरे सांस लें और सीधा पैर पीछे की ओर फैलाएं। सीधे पैर का घुटना जमीन से मिलना चाहिए। अब दूसरे पैर को घुटने से मोड़ें और हथेलियों को जमीन पर सीधा रखें। सिर को आसमान की ओर रखें। इसके बाद दंडासन है- अब सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों और पैरों को सीधी लाइन में रखें और पुश-अप की पोजीशन में आ जाएं। अगला चरण अष्टांग नमस्कार है। अब सांस लेते हुए अपनी हथेलियों, सीने, घुटनों और पैरों को जमीन से मिलाएं। इस अवस्था में रहें और सांस को रोकें। अधोमुख शवासन- इसे पर्वतासन भी कहा जाता है। इसके अभ्यास के लिए अपने पैरों को जमीन पर सीधा रखें और कूल्हे को ऊपर की ओर उठाएं। सांस छोड़ते हुए कंधों को सीधा रखें और सिर को अंदर की तरफ रखें।

भुजंगासन- अब हथेलियों को जमीन पर रखकर पेट को जमीन से मिलाते हुए सिर को पीछे आसमान की ओर जितना हो सके झुकाएं। अश्व संचालनासन धीरे-धीरे सांस लें और सीधा पैर पीछे की ओर फैलाएं। सीधे पैर का घुटना जमीन से मिलना चाहिए। अब दूसरे पैर को घुटने से मोड़े और हथेलियों को जमीन पर सीधा रखें। सिर को आसमान की ओर रखें।

इसके बाद पादहस्तासन- अब धीरे-धीरे सांस छोड़ें और आगे की ओर झुकते हुए हाथों से पैरों की उंगलियों को छुएं। इस समय आपका सिर घुटनों से मिला होना चाहिए। अगला चरण हस्तउत्तनासन- पहली अवस्था में ही खड़े होकर अपने हाथों को सिर के ऊपर उठाकर सीधा रखें। अब हाथों को प्रणाम की अवस्था में ही पीछे की ओर ले जाएं और कमर को पीछे की तरफ झुकाएं। इस दौरान आप आधे चांद का आकार बनाएंगे। इस आसन को अर्धचंद्रासन भी कहा जाता है। इसके बाद प्रणामासन में सूरज की तरफ चेहरा करके सीधे खड़े हों और दोनों को पैरों को मिलाएं, कमर सीधी रखें। अब हाथों को सीने के पास लाएं और दोनों हथेलियों को मिलाकर प्रणाम की अवस्था बनाएं। इस प्रकार 12 व्यायाम एक साथ होते हैं। (हिफी)
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पाक के जिला उमर कोट में हिन्दू बहुसंख्यक

Posted: 05 Jan 2022 10:26 PM PST

पाक के जिला उमर कोट में हिन्दू बहुसंख्यक

उमरकोट। पाकिस्तान का जिला उमरकोट, भारत के पड़ोसी मुल्क का वह इलाका है, जहां हिंदू आबादी बहुसंख्यक है और व्यापार में भी नियंत्रण के लिहाज से समुदाय का दबदबा है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में हिंदुओं की स्थिति ठीक नहीं है। यहां हिंदुओं को अपने समुदाय का ही निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं मिला। रहवासी बताते हैं कि निर्वाचित प्रतिनिधित्व नहीं होने के कारण हिंदू सुविधाओं से वंचित हैं। हालांकि, अगर धार्मिक सद्भाव की बात करें, तो क्षेत्र में हालात बेहतर नजर आते हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 10 लाख 73 हजार की जनसंख्या वले उमरकोट में करीब 52 फीसदी हिंदू हैं। पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कहे जाने वाले कराची से उमरकोट की दूरी लगभग 325 किमी की है। लोक कथाओं में भी इस जगह का काफी अहम जिक्र मिलता है। यहां के नाम के तार किले से जुड़े हुए हैं, जहां राजपूत ठाकुर घरानों और समुरो ने शासन किया है। हिंदू आबादी के लिहाज से उमरकोट के बाद थार दूसरा सबसे बड़ा जिला है, जहां हिंदू आबादी करीब 40 फीसदी है। रिपोर्ट के अनुसार, उमरकोट की आर्थिक कमर कृषि को कहा जा सकता है, जहां अधिकांश जमींदार मुसलमान हैं, तो किसान 80 फीसदी हिंदू दलित समुदाय से जुड़े हैं। दुकानदारों की बात करें, तो ज्यादातर ऊंची जाति के हैं और खाद, बीज और सर्राफा बाजार पर उनका वर्चस्व है। यहां करीब 28 सालों से पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी जीत दर्ज कर रही है। उमरकोट जिले में नेशनल असेंबली का एक और प्रांतीय विधानसभा की चार सीटें हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यहां ज्यादातर सियासी दल सामान्य सीटों पर अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को मौका नहीं देते हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 5 लाख 34 हजार हैं, जिसमें करीब 54 फीसदी पुरुष हैं।
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उत्तर कोरिया ने जापान की तरफ दागी मिसाइल

Posted: 05 Jan 2022 10:24 PM PST

उत्तर कोरिया ने जापान की तरफ दागी मिसाइल

टोक्यो। उत्तर कोरिया की तरफ से जापान की ओर मिसाइल दागे जाने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि उत्तर कोरिया ने सी ऑफ जापान की ओर मिसाइल दागी है। खास बात है कि हाल ही में हुई एक रूलिंग पार्टी कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर कोरिया के नेता किम जॉन्ग उन ने सैन्य क्षमता में इजाफा जारी रखने की बात कही थी। खबर है कि मिसाइल की घटना के बाद जापान में उच्च स्तरीय चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जापानी सरकार का हवाला देती क्योडो न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया गया कि नॉर्थ कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। जापान कोस्ट गार्ड के अनुसार, एक अज्ञात मिसाइल पहले ही क्षेत्र में उतर चुकी है। दक्षिण कोरिया सेना के हवाले से यॉनहैप न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह सी ऑफ जापान की ओर दागी गई थी। वहीं, एनएचके टीवी के हवाले से स्पूतनिक ने लिखा कि जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत संकट प्रतिक्रिया केंद्र का गठन किया गया है। उत्तर कोरिया की तरफ से किए गए संभावित बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च के बाद जापान सरकार ने यह फैसला लिया है। क्योडो न्यूज एजेंसी के अनुसार, उत्तर कोरिया ने आखिरी बार अक्टूबर 2021 में मिसाइल लॉन्च की थी। उस दौरान उत्तर कोरिया ने सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल के नए प्रकार का परीक्षण किया था। इस परीक्षण के बाद ही चिंताएं बढ़ गई थी।
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पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से कजाकिस्तान में आपातकाल

Posted: 05 Jan 2022 10:23 PM PST

पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से कजाकिस्तान में आपातकाल

कजाकिस्तान की सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों एलपीजी और गैसोलीन की कीमतों में इजाफा किया जिसके बाद देश भर इसका विरोध शुरू हो गया। बवाल इस कदर बढ़ा कि कई जगहों पर पुलिस ने भीड़ का गुस्सा शांत करने के लिए लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। देश में आपातकाल यानी इमरजेंसी लगा दी गई है। वहीं हालात पर काबू पाने के लिए लोगों को घरों में ही रहने की अपील की गई है। वहीं कजाकिस्तान के राष्ट्रपति ने देश की वित्तीय राजधानी अल्माटी और मंगिस्टाऊ क्षेत्र में व्यापक विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर रात 11 से सुबह 7 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कई शहरों में जनता और सेना के बीच में भी बड़ा विरोध देखा गया। इस देशव्यापी बवाल से जुड़े वीडियो वायरल हो रहे हैं। जिनमें कजाकिस्तान की जनता को सेना और पुलिस की गाड़ियों को रोकने के साथ उनमें आग लगाते हुई देखी जा सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक कजाकिस्तान के राष्ट्रपति ने आदेशों जारी करते हुए अल्माटी और मंगिस्टाऊ क्षेत्र में सामूहिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं आपातकाल की स्थिति के दौरान हथियारों, गोला-बारूद और शराब की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गयी है। इसके साथ ही वाहनों सहित आवाजाही पर रोक लगा दी गयी है।
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Posted: 05 Jan 2022 10:18 PM PST

मारिशस को तूफान से बचाव का प्रशिक्षण दे रहा भारत

पोर्ट लुइस। मॉरीशस मे साइक्लोन का खतरा हमेशा मौजूद रहता है। साइक्लोन जैसे आपदा से जान-माल के नुकसान का हमेशा ही खतरा बना रहता है। ऐसे भी भारत सरकार मॉरिशस के फोर्सेज को आपदा बचाव के काम को बेहतर तरीके से करने के लिए खास तरीके की ट्रेनिंग दे रही है। मॉरिशस फोर्सेज को तीन साल ट्रेनिंग देकर अब वापस देश लौटे आईटीबीपी के अधिकारी सेकंड इन कमांड रोशन सिंह असवाल नेशनल डिसासटर रिसपांस फोर्स में काम करते हुए साल 2018 में मॉरिशस गए थे जहां उन्होंने अब तक मॉरिशस फोर्सस के 70 ट्रेनर्स को राष्ट्रीय आपदा से निपटने के लिए तैयार किया है। उनके द्वारा तैयार किये गए ये ट्रेनर्स (ट्रेनर्स) अब अपने साथियों को प्रशिक्षित करेंगें। भारत और मॉरिशस के बीच मे पहली बार इंडियन टेक्निकल एजुकेशन कोऑपरेशन के तहत ये फैसला लिया गया था कि भारत मॉरिशस देश को कई फ्रंट पर मदद करेगा जिसमें राष्ट्रीय आपदा से निपटने के लिए मदद करना था। रोशन सिंह असवाल के पास नेपाल में आये भूकंप से लेजर,हुदहुद साइक्लोन और उत्तराखंड में कुछ साल पहले आये आपदा से निपटने के उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें मॉरिशस जाने के खास मिशन पर चुना गया था। मॉरिशस और भारत के रिश्ते काफी अच्छे हैं और मॉरिशस देश में भारत के लिए काफी सम्मान है। ऐसे में जिस तरह से तीन साल तक रोशन सिंह ने मॉरिशस फोर्सेज को राष्ट्रीय आपदा से निपटने के लिए तैयार किया है उसके लिए मॉरिशस फोर्सेज से उन्हें काफी तारीफ मिली है।
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प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक और कांग्रेस

Posted: 05 Jan 2022 10:11 PM PST

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक और कांग्रेस

क्रिया की प्रतिक्रिया होनी जरूरी है,
खामोशी की दीवार तोड़नी जरूरी है।
बहुत समझा लिया दुष्टों को प्यार से,
पापियों को सजा मिलना जरूरी है।

कब तलक नैतिकता की राह चलते रहोगे,
दुश्मनों से हमदर्दी की आस करते रहोगे।
दुष्ट के साथ दुष्टता, बात शास्त्रों ने बताई,
शास्त्रों के सार से कब तलक बचते रहोगे?

नैतिकता की बात अब छोड़ दो मोदी जी,
पंजाब में राष्ट्रपति शासन कर दो मोदी जी।
चवन्नी दुवन्नी सब पर देशद्रोह का केस बने,
कांग्रेस को कडा सन्देश सुना दो मोदी जी।

अ कीर्ति वर्द्धन
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