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Saturday, January 8, 2022

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सात चरणों में पूरे होंगे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव, 10 मार्च को होगी मतगणना

Posted: 08 Jan 2022 07:43 AM PST

सात चरणों में पूरे होंगे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव, 10 मार्च को होगी मतगणना

चुनाव आयोग ने आज 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर शामिल हैं. इस बार 4 दिन की देरी से यानी 8 जनवरी को चुनावी तारीखों की घोषणा की गई है.
5 State Poll Dates 2022 LIVE: 5 State Poll Dates 2022 LIVE: कोरोना संकट के बीच चुनाव आयोग ने शनिवार को 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया. चुनाव आयोग ने कहा कि सात चरणों में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सात चरणों में चुनाव होगा. पहले चरण का चुनाव 10 फरवरी को होगा. पंजाब (Punjab), उत्तराखंड (Uttarakhand) और गोवा (Goa) में एक चरण में चुनाव करवाया जाएगा, इसके लिए 14 फरवरी को वोटिंग होगी. वहीं, मणिपुर (Manipur) में दो चरणों में 27 फरवरी और तीन मार्च को मतदान होगा. पांच राज्यों में सात मार्च को वोटिंग खत्म हो जाएगी और 10 मार्च को मतगणना की जाएगी.

उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को पहले चरण, 14 फरवरी को दूसरे चरण, 20 फरवरी को तीसरे चरण, 23 फरवरी को चौथे चरण, 27 फरवरी को पांचवें चरण, तीन मार्च को छठे चरण और सात मार्च को सातवें चरण का मतदान होगा. पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में 14 फरवरी को मतदान होगा. उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई को पूरा हो रहा है जबकि उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 23 मार्च को समाप्त हो रहा है. गोवा विधानसभा का कार्यकाल 15 मार्च और मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 19 मार्च को समाप्त हो रहा है. आयोग की इस घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी.

चुनाव लड़ने वालों के लिए 8 बातें
1. 15 जनवरी तक रैली, जनसभा नहीं कर सकेंगे। वर्चुअल रैली और डोर टू डोर प्रचार करने की इजाजत। डोर टू डोर प्रचार में भी केवल 5 लोग ही जा सकेंगे।
2. 15 जनवरी के बाद कोरोना के हालात का रिव्यू किया जाएगा और फिर रैलियों व जनसभाओं पर फैसला लिया जाएगा। अगर रैलियों की इजाजत दी गई तो भी इसमें कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा।
3. हर रैली से पहले चुनावी उम्मीदवार से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने का शपथ-पत्र लिया जाएगा।
4. कोविड नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ महामारी एक्ट, NDMA और IPC के धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
5. राजनीतिक दलों को उम्मीदवारों और प्रत्याशियों को खुद भी अपना आपराधिक रिकॉर्ड बताना होगा।
6. सभी दलों और प्रत्याशियों को हेट स्पीच, फेक न्यूज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर बेहद सतर्क रहना होगा और इसकी निगरानी भी करनी होगी।
7. प्रत्याशी सुविधा ऐप के जरिए ऑनलाइन नॉमिनेशन कर सकेंगे।
8. सभी दलों और प्रत्याशियों को चुनावी अपराध के संबंध में एडवाइजरी जारी की जाएगी। कोड ऑफ कंडक्ट का सख्ती से पालन करना होगा।
चुनाव में हार-जीत तय करने वाले वोटर्स के लिए 6 बातें
1. कोरोना संक्रमित भी वोट डाल सकेंगे। उनके लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा।
2. 80 प्लस सीनियर सिटिजंस और दिव्यांगों के लिए डोर स्टेप वोटिंग की सुविधा।
3. 16% पोलिंग बूथ बढ़ाए गए हैं। 2.15 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बने हैं।
4. एक पोलिंग स्टेशन पर मैक्सिमम वोटर्स की संख्या 1500 से घटाकर 1250 कर दी गई।
5. महिला वोटर्स को बढ़ावा देने के लिए हर विधानसभा में कम से कम एक पोलिंग बूथ को एक्सक्लूसिवली महिलाएं ही मैनेज करेंगे।
6. वोटर्स अगर चुनाव में धांधली देंखे तो सी-विजिल (cVIGIL) ऐप पर शिकायत कर सकते हैं। आयोग तत्काल एक्शन लेगा। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

कितना बदला यूपी

Posted: 08 Jan 2022 07:13 AM PST

कितना बदला यूपी

(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

प्रजातंत्र में सरकार की जबाबदेही जरूरी होती है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसका बखूबी निर्वाह किया है। उसके द्वारा सरकार के सौ दिन पूरे होने के बाद अपना रिपोर्ट कार्ड जारी किया गया था। इसके माध्यम से सरकार ने अपनी भावी दिशा से जनता को अवगत कराया था। यह यात्रा आगे बढ़ी रही। प्रतिवर्ष सरकार ने अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष प्रस्तुत किया। सरकार के दावे तथ्यों प्रमाणों व आंकड़ों पर आधारित रहे है। कुछ समय पहले ही श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयर पोर्ट जैसी ऐतिहासिक परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ। कानपुर में मेट्रो चलने लगी है। सत्ता पक्ष ने अपनी उपलब्धियों व विकास कार्यों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया है। पांच सौ वर्षों के बाद भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। ढाई सौ वर्षों बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम का पुनरूत्थान हुआ। उपलब्धि के रूप में यह विषय भी उठेंगे। उत्तर प्रदेश विधानसभा के दृष्टिगत दूरदर्शन ने पहली बार लखनऊ में दो दिवसीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री कांत शर्मा उद्योग मंत्री सतीश महाना,मोहसिन रजा वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ल सहित अनेक विशिष्ट लोग सहभागी हुए। उद्घाटन सत्र में डबल इंजन का तंत्र, क्या है जीत का मंत्र

विषय पर चर्चा की गई।

चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश देश का भाग्य तय करता है। डबल इंजन की सरकार के चलते उत्तर प्रदेश में विगत साढ़े चार वर्षों के दौरान अभूतपूर्व विकास कार्य हुए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यवस्था में बदलाव किया। केंद्र की सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया। इसके फलस्वरूप आज करीब पचास योजनाओं में उत्तर प्रदेश नम्बर वन है। योगी सरकार के कार्यकाल में एक भी दंगा नहीं हुआ। जबकि इसके पहले पांच वर्षों में दो सौ से अधिक दंगे हुए थे। योगी अदित्यनाथ ने एक जिला एक उत्पाद योजना को लागू किया। उत्तर प्रदेश में सफलता के बाद यह योजना पूरे देश में लागू की गई है। योगी सरकार विकास और विरासत दोनों को बुलंदियों पर पहुंचा रही है। अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर का निर्मांण कार्य चल रहा है। भव्य श्री विश्वनाथ कॉरिडोर को लोकर्पण हो चुका है। स्वॉयल हेल्थ कार्ड प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, खेती सिंचाई में विविधीकरण करने के साथ तकनीक का उपयोग से किसानों की लाभ मिल रहा है। देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा करीब पांच दशक पहले हुई थी। लेकिन ईमानदारी के साथ किसान को इसके साथ जोड़ने का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। उनकी सरकार ने लागत के डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य को लागू करने का कार्य किया। वर्तमान प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने के तुरन्त बाद छियासी लाख किसानों के छत्तीस हजार करोड़ रुपये के फसली ऋण को माफ करके उन्हें राहत देने का कार्य किया। विगत साढ़े चार वर्ष के दौरान वर्तमान सरकार ने प्रदेश में अनेक लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का कार्य किया गया। जिससे बाइस लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित हुई है। पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में आढ़तियों के माध्यम से करीब एक सौ तेईस लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सीधे किसानों से दो सौ तीस लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई। इसी तरह पिछली सरकार में करीब चैरानवे लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। वर्तमान प्रदेश सरकार ने करीब दो सौ उन्नीस लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। एमएसपी का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में देने का कार्य किया गया है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने किसानों को आलू का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य देकर लाभान्वित किया है। योगी सरकार ने बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया। केंद्र में मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी ने मुसलमानों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा। उत्तर प्रदेश में छियालीस लाख आवास दिए गए हैं। उसमें से बारह लाख से अधिक मुसलमानों को लाभ मिला है। मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्त कराया गया। सरकार ने मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया। ओडीओपी योजना का बड़ा लाभ मुस्लिम समाज के लोगों को हुआ है। भाजपा सरकार ने जाति धर्म को नहीं देखा है। पात्रता के आधार पर ईमानदारी से योजनाएं लागू हो रही हैं। सभी योजनाओं में मुसलमानों को लाभ मिला है। एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा है। सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वे बनाये जा रहे हैं। एक्सप्रेस वे के किनारों पर औद्योगिक गलियारे विकसित किये जा रहे है। काशी और अयोध्या रोजगार के बहुत बड़े केंद्र बनेंगे। उत्तर प्रदेश अगले पांच सालों में इज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ इज ऑफ लिविंग की ओर आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश में चार लाख करोड़ का निवेश का प्रस्ताव आया। प्रदेश में इस दौरान साढ़े लाख से अधिक नौकरी दी गयी है। इसीलिये प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूपी प्लस योगी। यह उपयोगी सरकार है। विकास और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने का कार्य समान रूप से किया गया है। पहले किसानों को सम्मान निधि नहीं मिलती थी। साढ़े चार लाख करोड़ निवेश के एमओयू हुए। करीब तीन लाख करोड़ का निवेश आया। उत्तर प्रदेश में पहले क्षेत्रीय आधार पर बहुत विषमताएं थीं। अनेक हिस्से विकास से दूर थे। लेकिन योगी आदित्यनाथ ने विकास को बिना भेदभाव के साथ सभी क्षेत्रों तक पहुंचाया। पूर्वांचल व बुंदेलखंड को विकास यात्रा में शामिल किया गया। पश्चिम उत्तर प्रदेश के विकास पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है। समग्र विकास के लिए कानून व्यवस्था व बिजली की बेहतर व्यवस्था अपरिहार्य होती है। पांच वर्ष पहले तक यह दोनों विषय उपेक्षित थे। इनकी स्थिति बदहाल थी। इसलिए उत्तर प्रदेश विकास की दौड़ में पिछड़ गया था। इसकी छवि बीमारू प्रदेश के रूप में स्थापित हो चुकी थी। योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले इन्हीं दो मुद्दों पर ध्यान दिया। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया गया। पहले अघोषित बिजली कटौती से लोग बेहाल थे। उद्योग बन्द हो रहे थे। निवेशकों की उत्तर प्रदेश में कोई रुचि नहीं रह गई थी। वर्तमान सरकार ने इस छवि को बदल दिया। जिला मुख्यालयों में बिना भेद भाव के निजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई। तहसील गांव तक अठारह बीस घण्टे बिजली दी जा रही है। निकट भविष्य में पूरे प्रदेश को चैबीस घण्टे बिजली मिलेगी। इससे उत्तर प्रदेश के समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है। योगी सरकार ने व्यवस्था को सुधारने का बखूबी कार्य किया है। माफियाओं पर नकेल कसी गई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लोकर्पण के साथ ही उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। एक्सप्रेस बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे,गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे व बलिया लिंक एक्सप्रेसवे का कार्य प्रगति पर है। कुछ समय पहले प्रधानमंत्री ने मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया था। प्रदेश के बड़े क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। इस दोनों योजनाओं पर विगत चार वर्षों में अभूतपूर्व कार्य हुए है। चार वर्ष की यह उपलब्धि सत्तर वर्षों पर भारी है। ईज ऑफ लिविंग के क्षेत्र में भी योगी सरकार ने कीर्तिमान स्थापित किये गए है। (हिफी)
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भाव रस और दृव्य रस

Posted: 08 Jan 2022 07:10 AM PST

भाव रस और दृव्य रस

(हृदयनारायण दीक्षित-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
रस जीवन का प्रवाह है। हम रस अभीप्सु हैं और रस जिज्ञासु भी। अथातो रस जिज्ञासा। बातें भी रस पूर्ण होती हैं लेकिन द्रव्य या वस्तु नहीं होतीं। आनंदहीन बातचीत नीरस कही जाती हैं। बातों का रस बतरस कहा जाता है। रसभाव से भरेपूरे वाक्य काव्य हो जाते हैं। रस अनुभूति भाव है और भौतिक दृष्टि से द्रव्य है। चरक संहिता में रस की व्याख्या है "रसना के अर्थ का नाम रस है। रस का आधार द्रव्य जल और पृथ्वी है। पृथ्वी और जल से ही रस की उत्पत्ति हुई है। इसके विशेष ज्ञान में वायु, आकाश और अग्नि कारण बनते हैं।" यहां रसना का अर्थ स्वाद इन्द्रिय-जिह्वा है। रस के विशेष ज्ञान का अर्थ मधुर, तिक्त या लवण आदि है। बताते हैं "सुस्वादु अम्ल और लवण वात (वायु) को शांत करते हैं। कषाय, मधुर और तिक्त पित्त को तथा कसैले, कटु और तीखे रस कफ को शांत करने वाले हैं।" रस की धारणा साहित्य में भी है। इस धारणा का मूल आयुर्विज्ञान में दिखाई पड़ता है। अन्न से शरीर है। अन्न मंे रस होता है। जल अन्न का साथ है ही। इसीलिए "जब तक अन्न जल है तब तक जीवन" की कहावत चलती है। अन्न जल प्रत्यक्ष हैं।

सरस भावबोध का जीवन आनंदमगन होता है। रसानुभूति वाले लोग 'रसिक' कहे जाते हैं। संवेदनशील रसिक, रसिया या सुरसा होते हैं। सुरसा का सामान्य अर्थ सुन्दर रस है, रामकथा वाली सुरसा सु-रसा नहीं, सुर-सा है। द्रव्य में उपस्थित रस की बात प्रत्यक्ष है। श्रंगार का सम्बंध आंख से है। श्रंगार भी रस है। कहते हैं कि आंखों के माध्यम से श्रंगार रस का पान होता है। श्रंगार के देवता विष्णु हैं। श्रंगार भावोत्तेजक भी होता है, जान पड़ता है कि तब इस देवत्व का प्रभार विष्णु से कामदेव के पास चला जाता होगा। भरतमुनि ने कामदेव को हास्य का देवता जाना है। हास्य भी रस है। विष्णु भले ही जगत पालक हो पर हास्य रस के सृजन में कामदेव की ही भूमिका है। कामदेव की कृपा से ही वास्तविक हास्य है।

वात्स्यायन ने मदनोत्सव की चर्चा की है। मदन रस के देवता भी कामदेव हैं। तुलसीदास ने कामदेव की शक्ति का सजीव वर्णन किया है, "कामदेव ने अपना प्रभाव दिखाया। बसंत आ गया, तो सारी मर्यादाएं टूट गई। ते निज निज मरजाद तजि, भए सकल बस काम।" बताते हैं, "सबके हृदय मदन अभिलाषा/लता निहारि नवहिं तरूशाखा।" मदन अभिलाषा में मदन रस का प्रवाह स्वाभाविक है। लिखा है "मदन अंध व्याकुल सब लोका।" हद तो तब हो गई जब "देखि मुएहुं मन मनसिज जागा।" तुलसीदास का मन मुर्दो में भी मदन जगाकर नहीं रूका। उन्होंने इसी बात को अगले छन्द में "जागई मनोभव मुएहुं मन" दोहराया। ऋषि अथर्वा ने भी काम का स्वाभाविक वर्णन किया है। अथर्ववेद के 'कामसूक्त' में कहते हैं "आप सर्वत्र व्याप्त हैं। सृष्टि के हरेक जीव में है।" काम का विस्तार ही कामनाएं हैं। अथर्वा ने कविता को काम की पुत्री बताया है।

कविता सरस होती है। नीरस भी हो सकती है लेकिन सरसता काव्य की अनिवार्यता है। कामदेव को हास्यरस का देवता मानना उचित ही है। हास्यरस मदनरस का छोटा भाई हो सकता है। हास्यरस की मर्यादा टूटी कि मदनरस का वेग आया। तब मुर्दो के मन में छुपी मदन अभिलाषा उछल पड़ती है। वात्स्यायन ने 'कामसूत्र' में बताया है कि "वाटिका के सघन वृक्षों की छाया में ही झूला डालना चाहिए।" वात्स्यायन की नायिका रसवन्त होगी ही। सघन वृक्षों में रस गाढ़े होते हैं। बिना रस का पेड़ न पत्तियां उगाता है और न फूल। वर्षा की रसभरी ऋतु। रस भरे वृक्ष। रस भरी झूला झूलने वाली स्त्रियां। वात्स्यायन स्वयं रसिया थे या नही? कह नहीं सकता लेकिन रस में भी रस उड़ेलने की उनकी शैली में रस प्रवाह है। यद्यपि उनका दावा है कि वे विज्ञान बता रहे हैं। काम का विज्ञान ही। वे काम अति से होने वाली क्षति का भी वर्णन करते हैं।

समूचा ऋग्वेद रस भरा है। ऋग्वेद में एक पूरा मण्डल सोमरस को अर्पित है। यह रस जागृत करता है। प्रसन्न करता है, सृजन प्रेरक है। रचनाशीलता को बढ़ाता है। हम मनुष्य प्रकृति का भाग हैं। प्रकृति सरस है। हम सब भी सरस होते हैं। तैत्तिरीय उपनिषद् में रस आनंद बताया गया है। देखता हूं कि पृथ्वी वर्षारस पाकर लहकती है। हम वनस्पतियों को 'हरी भरी' कहते हैं। हरी कहना रंग परिचय है लेकिन हरी के साथ भरी का अर्थ रस के अलावा और क्या हो सकता है? रसिया रस अभीप्सु होते हैं तब रंगरसिया क्या होगा? रस द्रव्य के साथ भाव भी है। भावरस द्रव्य रस से बड़ा है। द्रव्य का ज्ञान आसान है और द्रव्य के रस का भी लेकिन भावरस का आनंद रसिक ही जानते हैं। ज्ञान का उद्देश्य केवल ज्ञान नहीं होता। ज्ञान, विज्ञान और दर्शन बुद्धि विलास नहीं है। अध्ययन और चिन्तन का उद्देश्य है - समग्र मानवता का हित, आनंद और वैभव। भारतीय चिन्तन में यह उद्देश्य और भी व्यापक है।

लक्ष्यविहीन ज्ञान निरर्थक है। सर्वभूतहित संलग्नता में ही सच्चा सृजन है। भरत मुनि ने नाटक का उद्देश्य मनोरंजन के साथ सदाचार ही बताया है। यहां सदाचरण की स्थापना के लिए नाटक और कथा में नायक के चरित्र चित्रण की महत्ता रही है। उच्चतर जीवन मूल्यों का वरण करने वाले नायक कहे जाते हैं। समाज उन्हें आदर देता रहा है। कवि, लेखक स्वाभाविक ही उनका गुणगान करते हैं। उनकी कीर्ति से समाज में उच्चतर मूल्यों का विकास होता है।

'रामायण' बालकाण्ड के अनुसार कवि वाल्मीकि ने नारद से पूछा था "इस समय संसार में गुणवान, वीर, धर्मज्ञ, सत्यवादी, प्राणिमात्र के हितैषी, अनेक चरित्रों वाले, विद्वान समर्थ, धैर्यवान, क्रोध-विजयी, तेजस्वी, ईष्र्या रहित और युद्ध में क्रुद्ध होने पर देवताओं को भी भयभीत करने वाले कौन हैं?" नारद ने श्रीराम का नाम सुझाया। श्रीराम इस कसौटी पर खरे निकले। भरत मुनि ने नाट्य शास्त्र में लिखा है "जो आपत्ति या अन्य कष्ट पाकर भी पुनः अभ्युदय प्राप्त करता है और अन्य पुरूषों में श्रेष्ठ है। उसे नायक समझना चाहिए।" भरत ने नायिका के बारे में लिखा है "जो स्त्री शारीरिक सौन्दर्य व तमाम गुणों से युक्त हो। जिसका शरीर अलंकारों व पुष्पमालाओं से चमकता हो उसे नायिका बनाना चाहिए।

संवेदन प्रत्येक चेतन या जीव का स्वभाव है। संवेदनशीलता ही प्राणी को प्रकृति से जोड़ती है। शब्द अन्तस् रस को बाहर लाते हैं लेकिन हमारे अन्तस की तरह शब्द का भी अन्तस् होता है। भरत मुनि ने शब्दार्थ पर भी रसपूर्ण बात कही है। लिखा है "रस के अभाव में शब्द का अर्थ प्रवर्तित नहीं होता- न हि रसादृते कश्चिदर्थ प्रवर्तते। प्रवर्तते का शब्दार्थ गतिशील भी हो सकता है। ऋषियों की मानें तो प्राण ही रस को प्रेरित करता है। यह प्राण ही सर्वस्व है। रस महत्वपूर्ण है। तैत्तिरीय उपनिषद् में परम चेतन को रस कहा गया है। शंकराचार्य के भाष्य में "खट्टा मीठा आदि तृप्तिदायक पदार्थ लोक में रस नाम से प्रसिद्ध हैं। इस रस को पाकर पुरूष आनंदी हो जाता है।" भरत मुनि ने लिखा है "जैसे बीज से वृक्ष उत्पन्न होता है। वृक्ष फूल और फल से लदते हैं। वैसे ही रस मूल है। सभी भाव रस से ही प्रवाहमान हैं- मूलं रसा सर्वे तेभ्यो भावा व्यवस्थिता।" नारद भक्ति सूत्र और भरत के नाट्यशास्त्र में भाव का महत्व है। यहां भाव को सद्भाव बनाने के उद्देश्य हैं। यहां सद्भावना या सद्भाव को श्रेयस्कर माना गया है। योग और भक्ति सत्कर्म सत्भाव का प्रवाह बढ़ाते हैं। भाव संकल्प की शक्ति है। राष्ट्रभाव को लेकर दुनिया के अनेक देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुतियां दी हैं। प्रेम भी ज्ञान भाग नहीं है। यह भी एक गहन भाव है। नारद भक्ति सूत्र में प्रेम को भक्ति का प्रथम चरण कहा गया है। भक्ति प्रेम का परम भाव है। नारद भक्ति सूत्र में इसे अव्याख्येय और अनिवर्चनीय कहा गया है। यह प्रेम का रूपांतरण है- 'स त्वस्मिन परम प्रेम रूपा' है। भक्ति उस (परमसत्ता) के लिए परमप्रेम है। (हिफी)
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चन्नी ने भी दिया चुनावी ‘चाकलेट’

Posted: 08 Jan 2022 07:08 AM PST

चन्नी ने भी दिया चुनावी 'चाकलेट'

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
पंजाब मंे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काफिले को 20 मिनट तक रोकने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने भी राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है और चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार ने तीन सदस्यीय एक समिति बनाकर जांच करने को कहा है। इन सभी के बीच चुनावी आश्वासन और उपहार देने का क्रम जारी है। मुख्यमंत्री चन्नी ने 5 जनवरी को कैबिनेट से यह प्रस्ताव पारित करा लिया कि सरकार कोरोना के हालात से निपटने के लिए जनता को एक-एक हजार रुपये की मदद देगी। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी इसी तरह की घोषणा कर रखी है। देखना यह है कि पंजाब की जनता नेताओं के प्रलोभन जाल मंे फंसती है अथवा इससे दूर रहती है। हालांकि चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद फसल के नुकसान पर राहत राशि 12 हजार से बढ़ाकर 17 हजार कर दी है। इसी तरह राज्य के सफाई कर्मियों की नौकरी पक्की करके और पानी का बकाया बिल माफ करके जनता के बीच कांग्रेस की अच्छी छवि बनायी है। इसका लाभ भी कांग्रेस को चुनावों मंे मिल सकता है।

पंजाब की चन्नी सरकार की कैबिनेट ने 5 जनवरी को फैसला किया है कि राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को एक-एक हजार रुपये की मदद राशि दी जाएगी। यह राशि एक बार ही दी जानी है। बताया गया है कि 27.1 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में यह राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। चुनाव नजदीक आते ही सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के प्रयास में जुट गए हैं। पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वादा किया कि अगर उनकी सरकार बनती है तो राज्य की सभी महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की पेंशन मिलेगी। पंजाब सरकार की ओर से दी जाने वाली 1000 रुपये की ये सहायता राशि पहले से ही मासिक पेंशन या आर्थिक मदद के रूप में विधवाओं, बुजुर्ग महिलाओं, आश्रित बच्चों और दिव्यांग लोगों को दी जाने वाली 1500 रुपये की राशि से अलग होगी। सरकार ने बयान में कहा है कि 1000 रुपये की सहायता राशि इन लाभार्थियों को कोविड 19 महामारी के दौरान आए संकट से उबरने के लिए दी जाएगी।

पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मुद्दे पर एक हाईलेवल कमेटी बनाई है। इस कमेटी में दो पूर्व न्यायाधीश हैं जिन्हें 3 दिनों में सरकार को अपनी रिपोर्ट देनी होगी। यह जानकारी सरकार के प्रवक्ता ने दी। प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब सरकार ने पीएम मोदी के फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई चूक की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मेहताब सिंह गिल, प्रमुख सचिव (गृह मामलों) और न्यायमूर्ति अनुराग वर्मा शामिल होंगे और 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। चुनावी राज्य पंजाब के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में 5 जनवरी को उस वक्त 'गंभीर चूक' हो गयी, जब फिरोजपुर में कुछ प्रदर्शनकारियों ने उस सड़क मार्ग को बाधित कर दिया जहां से उन्हें गुजरना था। इस वजह से पीएम एक फ्लाईओवर पर 20 मिनट तक फंसे रहे। घटना के बाद पीएम दिल्ली लौट गए। वह न तो किसी कार्यक्रम में शामिल हुए और न ही दो साल के बाद राज्य में अपनी पहली रैली को ही संबोधित कर सके।

इसी आपाधापी मंे चन्नी सरकार ने एक हजार रुपये देने की घोषण कर दी। राज्य के 27.1 लाख लोगों को दी जाने वाली इस राशि से पंजाब सरकार के करीब 277.13 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं इसके अलावा राज्य सरकार की कैबिनेट ने निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को भी सहायता राशि दिए जाने पर मुहर लगाई है। 3000 रुपये की यह सहायता राशि उन मजदूरों को मिलेगी, जो पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड से जुड़े हैं। यह अंतरिम आर्थिक मदद के तौर पर दी जाएगी।

इसके साथ ही कैबिनेट ने गुरु रविदास बनी अध्ययन सेंटर कमेटी, डेरा सचखंड बल्लां को भी 25 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने को स्वीकृति दे दी है। यह धनराशि पिछले साल 31 दिसंबर को पंजाब निर्माण कार्यक्रम के तहत योजना विभाग की ओर से आवंटित की गई थी। इससे पहले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य भर की 53,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मासिक मानदेय में वृद्धि करने की घोषणा की थी। सीएम चन्नी ने कहा था कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक पारिश्रमिक 8,100 रुपये से बढ़ाकर 9,500 रुपये, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 5,300 रुपये से बढ़ाकर 6,300 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय को 4,050 रुपये से बढ़ाकर 5,100 रुपये कर दिया गया है।

चरणजीत सिंह चन्नी ने जब से पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, वो लगातार राज्य की जनता के हितों में फैसले ले रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे पंजाब में सीएम चन्नी खुद के बल बूते पर सत्ता में कांग्रेस को लाने की कोशिश में हैं। आज हम आपको मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा लिए गए फैसले कांग्रेस के लिए चुनावी हथियार साबित हो सकते हैं। सीएम चन्नी की अध्यक्षता मैं कैबिनेट बैठक हुई। इस दौरान कई अहम फैसले लिये गए जो कि चुनावी प्रचार-प्रसार के दौरान कांग्रेस को फायदा पहुंचा रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सफाई सेवकों को पक्का करने पर फैसला लिया गया। सीएम चन्नी के इस फैसले से आगमी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका फायदा मिल सकता है क्योंकि मतदाताओं के ऐतबार से देखें तो करीब चार हजार सफाई कर्मचारियों की नौकरी पक्की हो गई। पक्के हुए कर्मचारी खुश हो कर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को वोट दे सकते हैं इन चार हजार परिवारों की वजह से एक तरह से कांग्रेस का चुनाव प्रचार भी घर-घर तक पहहुंच रहा है। वहीं कैबिनेट बैठक में बकाया बिजली के बकाया बिल को माफ करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पंजाब में कृषि कानूनों के मुद्दे पर किसान संगठन सियासी दलों का बहिष्कार कर रहे थे लेकिन खेती बिल की वापसी के बाद सियासी समीकरण बदलते हुए नजर आ रहे हैं। एक तरफ भाजपा कृषि कानूना वापस करने के फैसले का सियासी माइलेज लेना चाह रही है वहीं दूसरी ओर सीएम चन्नी की कैबिनेट ने कपास की फसल के नुकसान पर राहत राशि को 12 हजार रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 17 हजार रुपए प्रति एकड़ करने की मंजूरी दे दी है। सीएम चन्नी के इस फैसले से किसानों का झुकाव कांग्रेस की तरफ हो सकता है। सीएम चन्नी की कैबिनेट ने पंजाब में बकाया बिजली बिल माफी का फैसला किया है। इस फैसले से पंजाब पर पांच सौ करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ बढेगा। अगर इसके सियासी फायदे की बात की जाए तो पंजाब सरकार पर आर्थिक बोझ तो पड़ेगा लेकिन जिन परिवारों के हजारों रुपये का बकाया बिल माफ होगा तो कही न कही सरकार के प्रति उसका झुकाव देखने को मिल सकता है जो कि वोट में भी बदल सकता है। सरकार की तरफ से लिए गए फैसले के मुताबिक ग्रामीण उपभोक्ताओं के 256.97 करोड़ रुपये और शहरी उपभोक्ताओं को 17.98 करोड़ रुपये के बिल माफ किए जाएंगे। इसके साथ ही ग्राम पंचायत और समितियों की तरफ से चलाई जा रही जल आपूर्ति योजनाओं के भी 224.55 करोड़ रुपये माफ होंगे। (हिफी)
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विकास की गुणवत्ता बनेंगे ग्रीन एक्सप्रेसवे

Posted: 08 Jan 2022 07:06 AM PST

विकास की गुणवत्ता बनेंगे ग्रीन एक्सप्रेसवे

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
किसी भी देश अथवा राज्य मंे विकास का पैमाना वहां की सड़कें होती हैं। सड़कों से गांव, कस्बे और शहर जुड़ते हैं। यह अच्छी बात है कि उत्तर प्रदेश मंे अब हाईवे, नेशनल हाइवे और ग्रीन एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, ग्रीन एक्सप्रेसवे से पता चलता है कि विकास की गुणवत्ता कितनी बढ़ी है। अभी पिछले दिनों केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश मंे सात ग्रीन एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया है। उन्हांेने यह भी कहा है कि यूपी मंे अमेरिका जैसी सड़कें बनेंगी। कुछ दिन पहले श्री गडकरी ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर यातायात के संकट को कम करने के लिए और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए इंटेलीजेन्ट ट्रान्सपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) का उद्घाटन भी किया था। दिल्ली जैसी यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश मंे भी मिलने पर यात्रियों को पता चल जाएगा कि कहां ट्रैफिक जाम है और कहां आकस्मिक चिकित्स सुविधा मिलेगी। ग्रीन एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश का गुणवत्तापरक विकास होगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश में सात ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाए जाने की घोषणा की है। कानपुर, लखनऊ व प्रयागराज को केंद्र में रखकर 26778 करोड़ रुपये की लागत से 821 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का लोकार्पण, शिलान्यास व निर्माण कार्य का शुभारंभ करने पहुंचे नितिन गडकरी ने कहा कि अगले पांच सालों में यूपी को पांच लाख करोड़ रुपये सड़क बनाने के लिए देंगे। यूपी का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के बराबर होगा। लखनऊ में अमौसी मेट्रो के निकट आयोजित लोकार्पण व शिलान्यास समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि यूपी में सात नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। उन्होंने यूपी में बॉयो फ्यूल उत्पादन की दिशा में किए जा रहे सफल प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि अब देश में दोपहिया-चारपहिया वाहन उत्तर प्रदेश के किसानों द्वारा बनाए गए बायो इथेनॉल से चलेंगे। इससे किसानों के साथ यह प्रदेश भी और समृद्ध होगा। गोरखपुर से सिलीगुड़ी (बंगाल) तक ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस हाईवे की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस हाईवे गोरखपुर बाईपास से बिहार होकर सिलीगुड़ी जाएगा। लगभग 519 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 32 हजार करोड़ रुपये का होगा। इसका कार्य 6 महीने में शुरू हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे यूपी, बिहार, बंगाल के पिछड़े क्षेत्रो से गुजरेगा। उत्तर प्रदेश में इसकी लंबाई 84 किलोमीटर, बिहार में 416 किलोमीटर, बंगाल में 18 किलोमीटर होगी। इसकी डीपीआर सितंबर 2022 में पूरी हो जाएगी। उन्होंने इटावा से कोटा तक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश राजस्थान को जोड़ने के लिए चंबल एक्सप्रेसवे की घोषणा की। साथ ही कहा कि वाराणसी-कोलकाता के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। गाजीपुर से 5 हजार करोड़ की लागत से 30 किलोमीटर एलिवेटेड रोड बनाकर वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। लखनऊ से कानपुर हाईवे का काम दिसंबर 2022 से शुरू हो जाएगा, कानपुर शुक्लागंज से लखनऊ रिंग रोड में जुड़ेगा। चंबल एक्सप्रेस वे 8 हजार करोड़ की लागत से 358 किलोमीटर लम्बा इटावा से शुरू होकर, श्योपुर मध्यप्रदेश के साथ भिंड मुरैना से होकर कोटा जाएगा। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, मुम्बई कॉरिडोर से जुड़ेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी कहा कि पांच साल के भीतर उत्तर प्रदेश की सड़कें अमेरिका जैसी होंगी। जौनपुर जिले के मछलीशहर स्थित फौजदार इंटर कॉलेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ 1500 करोड़ रुपये की परियोजनओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा था, ''मेरा वचन पत्थर की लकीर है, आने वाले पांच साल के अंदर उत्तर प्रदेश की सड़कें यूरोपीय मानक की नहीं, बल्कि अमेरिका के बराबर बनेंगी। गडकरी ने कहा, ''अयोध्या को संपूर्ण देश से जोड़ने वाले ऐसे एक्सप्रेस-वे और राजमार्ग बनाए जाएंगे जो अमेरिका की सड़कों को भी फेल कर देंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या से चित्रकूट तक 298 किलोमीटर का राम वन गमन मार्ग 5000 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन है। मुख्यमंत्री कार्यालय के ट्वीट के अनुसार मिर्जापुर में गडकरी और मुख्यमंत्री योगी ने 3,037 करोड़ रुपये की 146 किलोमीटर कुल लंबाई की चार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण किया। गडकरी ने कहा कि यह सड़क परियोजनाएं क्षेत्र में बेहतर सम्पर्क के साथ आवागमन और वस्तुओं की ढुलाई सुगम करेगी। उन्होंने कहा कि इससे कृषि उपज, स्थानीय और अन्य उत्पादों की बाजारों तक पहुंच में सुविधा होगी। उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाने के लिए और जनता के सपनों का रामराज्य निर्माण करने के लिए हम कटिबद्ध हैं। गडकरी ने कहा, ''आज आपके सामने घोषणा करता हूं कि आने वाले तीन महीने के बाद टोयोटा, सुजुकी, हुंडई, मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू सब गाड़ियां फ्लेक्स इंजन बनाएंगी। फ्लेक्स इंजन का मतलब 100 प्रतिशत पेट्रोल डालो या 100 प्रतिशत इथेनॉल डालो गाड़ियां चलेंगी। अब पेट्रोल से नहीं उत्तर प्रदेश के किसानों द्वारा तैयार बायो इथेनॉल से हमारी गाड़ियां चलेंगी, आटो रिक्शा चलेगा। अब किसान अन्नदाता नहीं ऊर्जादाता बनेगा। नितिन गडकरी ने इससे पहले ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर यातायात संकट को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक कुशल परिवहन प्रणाली का भी उद्घाटन किया था। गडकरी ने कहा कि देश में सड़क इंजीनियरिंग में सुधार करने की जरूरत है क्योंकि हर साल 5 लाख दुर्घटनाओं में लगभग 1.5 लाख लोग मारे जाते हैं। कुशल परिवहन प्रणाली (आईटीएस) उद्घाटन पर कहा, ''यह भारतीय अवसंरचना विकास के इतिहास में एक प्रमुख कदम है। आईटीएस एक क्रांतिकारी अत्याधुनिक तकनीक है, जो यातायात की समस्याओं को कम करके, कुशल बुनियादी ढांचे के उपयोग को बढ़ावा देकर, यातायात के बारे में पूर्व सूचना के साथ उपयोगकर्ताओं को समृद्ध करने और यात्रा के समय को कम करने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा और आराम को बढ़ाकर यातायात दक्षता हासिल करेगी। इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम किसी भी दुर्घटना का पता लगा सकता है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए अलर्ट करेगा कि एम्बुलेंस 10-15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच जाए। (हिफी)
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कजाकिस्तान में महंगाई के खिलाफ जनाक्रोश

Posted: 08 Jan 2022 07:03 AM PST

कजाकिस्तान में महंगाई के खिलाफ जनाक्रोश 

नूर सुल्तान। कजाकिस्तान में महंगाई के खिलाफ जनता का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस हिंसा में 7 जनवरी तक 18 पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी थी, जबकि 748जख्मी हुए। इस बीच, सरकार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि हिंसा नहीं छोड़ने वालों को मौत के घाट उतार दिया जाएगा। बता दें कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में इजाफा के बाद से देशभर में हिंसा भड़क उठी है। अब तक करीब 2,298 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई जगहों पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस का भी इस्तेमाल करना पड़ा है। वहीं, कजाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि जो लोग हथियार डालने से इनकार करेंगे उन्हें मार दिया जाएगा। हालात यहां तक खराब हो गये कि मॉस्को के नेतृत्व वाले सैनिकों को प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए तैयार किया गया है। अब तक दर्जनों लोगों के मारे जाने की खबर है और सैकड़ों को जेल भेज दिया गया है। कजाकिस्तान के अधिकांश शहर गोलियों की आवाज से गूंज रहे हैं। प्रदर्शनकरियों ने कई सरकारी इमारतों पर कब्जा कर लिया है और सुरक्षा बल उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अलमाते शहर की सड़कें जले वाहनों से भरी पड़ी हैं। कई सरकारी इमारतें खंडहर में तब्दील हो गई हैं और राष्ट्रपति भवन के आसपास गोलियों के खाली खोखे बिखरे हुए हैं।
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पाक ने शेनवार्न को रिश्वत देने का किया था प्रयास

Posted: 08 Jan 2022 07:01 AM PST

पाक ने शेनवार्न को रिश्वत देने का किया था प्रयास

नई दिल्ली। पाकिस्तान दुनिया भर में सिर्फ आतंकवाद के लिए ही बदनाम नहीं है बल्कि उस पर मैच फिक्सिंग के भी तमाम आरोप लग चुके हैं। कई पाकिस्तानी खिलाड़ी मैच फिक्सिंग के आरोपों में जेल भी जा चुके हैं।
इस बीच ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज स्पिनर शेन वार्न ने एक डॉक्यूमेंट्री में पाकिस्तानी खिलाड़ी पर रिश्वत देने का आरोप लगाया है।
टेस्ट क्रिकेट में 700 से ज्यादा विकेट झटकने वाले शेन वॉर्न ने अपने ताजा बयान में दावा किया है कि उनको पाकिस्तान के खिलाफ मैच में 276,000 डॉलर यानी 2 करोड़ 4 लाख 86 हजार रुपए की भारी भरकम रिश्वत ऑफर की गई थी। उन्होंने दावा किया कि उनको इस मैच में खराब प्रदर्शन करने के लिए कहा गया था। ये मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 1994 में कराची में खेला गया टेस्ट मैच था जिसके चैथे दिन के अंत में उनको रिश्वत ऑफर की गई थी। बहुत जल्द शेन वार्न की जिंदगी पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री रिलीज होने जा रही है। इस डॉक्यूमेंट्री का नाम शेन है जिसमें वॉर्न कहते हैं कि पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर सलीम मलिक ने उनसे कहा- मुझे तुमसे मिलना है। हमको पूरा विश्वास था कि हम पाकिस्तान को हरा देंगे। मैंने दरवाजे पर दस्तक दी। सलीम मलिक ने दरवाजा खोला। फिर मैंने कहा मुझे लगता है कि कल हम (ऑस्ट्रेलिया) जीत जाएंगे। वार्न की इस बात पर मलिक कहते हैं- हम हार नहीं सकते..तुम नहीं जानते कि अगर हम पाकिस्तान में हारे तो क्या होता है। हमारे घर जला दिए जाएंगे। हमारे परिवार का घर जला दिया जाएगा।शेन वॉर्न ने खुलासा किया कि इसके बाद मलिक ने मुझे और मेरे साथी खिलाड़ी को करोड़ों की रिश्वत ऑफर की और कहा कि मैं वाइड गेंदें फेंकूं और विकेट लेने का प्रयास न करूं। जब ये घटना हुई तब पूरे क्रिकेट में हंगामा मच गया था. मैच रेफरी से शेन वार्न ने शिकायत की थी और बाद में सलीम मलिक पर बैन बी लगा दिया गया था। मलिक पाकिस्तान के शानदार खिलाड़ियों में से एक थे। उन्होंने 103 टेस्ट और 283 वनडे में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था।
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वाइडेन के जनादेश पर सुप्रीम कोर्ट की दो राय

Posted: 08 Jan 2022 06:58 AM PST

वाइडेन के जनादेश पर सुप्रीम कोर्ट की दो राय

वाशिंगटन। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट गत 7 जनवरी को राष्ट्रपति जो बाइडेन के व्घ्यवसायों के लिए कोविड वैक्घ्सीनेशन या टेस्टिंग जनादेश को लेकर बंटा नजर आया। उदारवादी न्यायाधीश मजबूती से पक्ष में और कंजर्वेटिव न्घ्यायाधीशों ने इस पर संदेह व्घ्यक्घ्त किया। हालांकि नौ न्यायाधीशों में से अधिकांश ने संघीय वित्त पोषण प्राप्घ्त करने वाली सुविधाओं में स्वास्थ्य कर्मियों को उनके शॉट्स देने के प्रशासन के फैसले की जरूरत का समर्थन किया। अमेरिका में लोगों से कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन लगवाने की अपील के महीनों हो चुके हैं और अब तक अमेरिका में 8,30,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बाइडेन ने सितंबर में घोषणा की थी कि वह उन कंपनियों में वैक्घ्सीनेशन अनिवार्य करने जा रहे हैं, जिनमें 100 या इससे ज्घ्यादा श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है।वैक्घ्सीन नहीं लगवाने वाले कर्मचारियों को साप्ताहिक नेगेटिव टेस्घ्ट रिपोर्ट पेश करनी होगी और काम पर फेस मास्क पहनना होगा। एक संघीय एजेंसी व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन (ओएसएचए) ने कंपनियों को 9 फरवरी तक नियमों का पालन करने या जुर्माने की संभावना का सामना करने का समय दिया है। अमेरिका में वैक्घ्सीनेशन राजनीतिक रूप से ध्रुवीकरण का मुद्दा बन गया है, जहां 62 फीसद आबादी का टीकाकरण किया गया है। देश के 26 व्यापार संघों के एक गठबंधन ने ओशा नियमों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसके बाद कंजर्वेटिव प्रभुत्घ्व वाला सुप्रीम कोर्ट ने आपातकालीन सुनवाई करने और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए वैक्सीन जनादेश के बारे में तर्क सुनने पर सहमति व्यक्त की, जिसे रिपब्लिकन राज्यों के सांसदों द्वारा चुनौती दी जा रही है।
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कोरोना को लेकर उम्मीद की किरण

Posted: 08 Jan 2022 06:55 AM PST

कोरोना को लेकर उम्मीद की किरण

पेरिस। कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से 7 जनवरी को दुनिया भर में पंजीकृत कोविड-19 मामलों की कुल संख्या 30 करोड़ के पार पहुंच गई है। आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर यह गणना की गयी है। चीन में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कार्यालय द्वारा पहली बार दिसंबर 2019 के अंत में इस बीमारी के फैलने की घोषणा की गई थी। इस बारकोरोना पाजिटिव की संख्या तेजी से बढ़ रही है और 7 जनवरी को कोविड-19 मामलों का कुल आंकड़ा 300,042,439 तक पहुंच गया। पिछले साल के आखिर से तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसे पहली बार बोत्सवाना और दक्षिण अफ्रीका में पहचाना गया था।

ओमिक्रॉन के आने के बाद कई देश रिकॉर्ड संख्या में संक्रमणों की रिपोर्ट कर रहे हैं। दुनिया में पिछले एक सप्ताह में एक करोड़ 35 लाख से अधिक वायरस के मामलों का पता चला है, इनमें पिछले सात दिनों में 64 फीसद की जबरदस्घ्त वृद्धि दर्ज की गई है और औसतन प्रति दिन 19,38,395 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। इन सबके बीच एक उम्मीद वाली खघ्बर पूरी दुनिया के सामने आई है। डेनमार्क की इपिडेमीओलाजिस्ट टायरा ने दावा किया है कि ओमिक्रॉन के बाद कोरोना खत्म हो जाएगा। ये इस महामारी का आखिरी वेरिएंट है।अब लोग आसानी से पुरानी जिंदगी जी पाएंगे। कुल 34 देशों ने रिकॉर्ड साप्ताहिक मामलों की संख्या देखी है। उनमें से अठारह यूरोप में, सात अफ्रीका में और छह लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में हैं।
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भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन के लिए किया पूजन- अर्चन

Posted: 08 Jan 2022 06:30 AM PST

भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन के लिए किया पूजन- अर्चन

भाटपार रानी, देवरिया से वेद प्रकाश तिवारी की खास खबर 
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय उपनगर के हनुमान मंदिर में पूजन अर्चन कर प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन की मंगल कामना की। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार दुबे ने कहा कि पंजाब में प्रधानमंत्री के साथ जो हुआ वह अति निंदनीय है। प्रधानमंत्री का काफिला फ्लाईओवर पर 20 मिनट तक रुका रहा है ऐसी स्थिति में कोई भी अनहोनी घटना उनके साथ हो सकती थी। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक होना एक बहुत ही गंभीर मामला है। मामले की उच्चस्तरीय जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। भाजपा जिला कार्यसमिति के सदस्य सुरेश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सवा सौ देशवासियों के लिए दिन रात काम करते हैं। देशवासियों का आशीर्वाद उनके साथ है उनका कोई बाल बांका भी नहीं कर सकता। पंजाब सरकार को तत्काल बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वेद कांत शांडिल्य, सुरेश तिवारी, विशंभर पांडेय, आनंद पियूष उपाध्याय, राजेश गुप्ता, अमरेन्द्र मौर्या, रितेश तिवारी, मनोज सिंह, सुजीत कुशवाहा, राजेश यादव, धर्मेंद्र कुशवाहा उपस्थित थे।
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फिर से धोखा खाना मत

Posted: 08 Jan 2022 06:26 AM PST

फिर से धोखा खाना मत

बहकावे  में  आना मत
फिर से  धोखा  खाना मत 

झूठा है  झूठे की  फिर
बातों में  फस जाना मत 

नफरत  बोता है   हरदम      
उससे  हाथ  मिलाना मत 

बिन  सोचे समझे   कोई
आगे  कदम बढ़ाना  मत 

इज्जत प्यारी हो  यदि तो
बिना बुलाए   जाना मत 

रस्ता जिसने  दिखलाया 
उसको कभी भुलाना मत 

कभी  पुकारे  यदि कोई
करना कभी  बहाना मत 

जीवन में जय  पाना  है 
तो बाधा  से  घबराना  मत
               *
~जयराम जय
'पर्णिका',बी-11/1,कृष्ण विहार,आ.वि.
कल्याणपुर,कानपुर-208017 (उ०प्र०)
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दशम सिख गुरु गुरुगोविंद सिंह

Posted: 08 Jan 2022 06:22 AM PST

दशम सिख गुरु गुरुगोविंद सिंह

सत्येन्द्र कुमार पाठक
दसवें सिख गुरु, सिख खालसा पंथ के संस्थापक गुरुगोविंद सिंह का जन्म पौष शुक्ल सप्तमी विक्रम संवत् 1723 तदनुसार 22 दिसम्बर 1666 को बिहार राज्य का गंगा किनारे पटनामें हुआ एवं मृत्यु 7 अक्टूबर 1708 हुई थी । श्री गुरू तेग बहादुर जी की शहादत के उपरान्त 11 नवम्बर सन 1675 को गुरुगोविन्द सिंह 10 वें गुरू बने। आप एक महान योद्धा, कवि, भक्त एवं आध्यात्मिक नेता थे। सन 1699 में बैसाखी के दिन उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की। सिखों के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। आप ने इस दिन श्री आनन्दपुर साहिब जी में एक बहुत बड़े सम्मेलन का आयोजन किया और वहाँ पर शामिल लोगों से सिरों की माँग की , 5 लोग आपको सर देने के लिए तैयार हुए जिन्हें अपने अमृत पिला कर पाँच प्यारों का नाम दिया तथा अपने खुद भी उन से अमृत पान किया और तभी से आपको कहा जाने लगा " वाहो वाहो गोबिन्द सिंह आपे गुरु चेला ". तभी से पूरे सिख जगत में वैसाखी का दिन बड़े चाव से मनाया जाता है.गुरू गोबिन्द सिंह ने सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब को पूरा किया तथा उन्हें गुरु रूप में सुशोभित किया। विचित्र नाटक अकाल उसत्त , चण्डी दी वार उनकी आत्मकथा है। यही उनके जीवन के विषय में जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है। यह दसम ग्रन्थ का एक भाग है। दसम ग्रन्थ , गुरू गोबिन्द सिंह की कृतियों के संकलन का नाम है।उन्होने जुलम और पापों का खत्म करने के लिए और गरीबों की रक्षा के लिए मुगलों के साथ 14 युद्ध लड़े। और उन्होंने सभी के सभी युद्धों में विजय प्राप्त की। धर्म के लिए समस्त परिवार का बलिदान उन्होंने किया, जिसके लिए उन्हें 'सरबंसदानी' कहा जाता है। इसके अतिरिक्त जनसाधारण में वे कलगीधर, दशमेश, बाजांवाले, आदि कई नाम, उपनाम व उपाधियों से जाने जाते हैं।गुरु गोविन्द सिंह जहाँ विश्व की बलिदानी परम्परा में अद्वितीय थे, वहीं वे स्वयं एक महान लेखक, मौलिक चिन्तक तथा संस्कृत सहित कई भाषाओं के ज्ञाता भी थे। उन्होंने स्वयं कई ग्रन्थों की रचना की। वे विद्वानों के संरक्षक थे। उनके दरबार में 52 कवियों तथा लेखकों की उपस्थिति रहती थी, इसीलिए उन्हें 'संत सिपाही' भी कहा जाता था। वे भक्ति तथा शक्ति के अद्वितीय संगम थे।उन्होंने सदा प्रेम, एकता, भाईचारे का सन्देश दिया। किसी ने गुरुजी का अहित करने की कोशिश भी की तो उन्होंने अपनी सहनशीलता, मधुरता, सौम्यता से उसे परास्त कर दिया। गुरुजी की मान्यता थी कि मनुष्य को किसी को डराना भी नहीं चाहिए और न किसी से डरना चाहिए। वे अपनी वाणी में उपदेश देते हैं भै काहू को देत नहि, नहि भय मानत आन। वे बाल्यकाल से ही सरल, सहज, भक्ति-भाव वाले कर्मयोगी थे। उनकी वाणी में मधुरता, सादगी, सौजन्यता एवं वैराग्य की भावना कूट-कूटकर भरी थी। उनके जीवन का प्रथम दर्शन ही था कि धर्म का मार्ग सत्य का मार्ग है और सत्य की सदैव विजय होती है।गुरु गोविन्द सिंह का जन्म नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी और माता गुजरी के घर पटना बिहार की राजधानी हैं , में 22 दिसम्बर 1666 को हुआ था। जब वह पैदा हुए थे उस समय उनके पिता श्री गुरु तेग बहादुर जी असम में धर्म उपदेश को गये थे। उनके बचपन का नाम गोविन्द राय था। पटना में जिस घर में उनका जन्म था और जिसमें उन्होने अपने प्रथम चार वर्ष बिताये , वहीं पर अब तखत श्री हरिमंदर जी पटना साहिब स्थित है। 1670 में उनका परिवार फिर पंजाब आ गया। मार्च 1672 में उनका परिवार हिमालय के शिवालिक पहाड़ियों में स्थित चक्क नानकी नामक स्थान पर आ गया। चक्क नानकी आजकल आनन्दपुर साहिब कहलता है। यहीं पर इनकी शिक्षा आरम्भ हुई। उन्होंने फारसी, संस्कृत की शिक्षा ली और एक योद्धा बनने के लिए सैन्य कौशल सीखा।गोविन्द राय जी नित्य प्रति आनदपुर साहब में आध्यात्मिक आनन्द बाँटते, मानव मात्र में नैतिकता, निडरता तथा आध्यात्मिक जागृति का सन्देश देते थे। आनन्दपुर वस्तुतः आनन्दधाम ही था। यहाँ पर सभी लोग वर्ण, रंग, जाति, सम्प्रदाय के भेदभाव के बिना समता, समानता एवं समरसता का अलौकिक ज्ञान प्राप्त करते थे। गोविन्द जी शान्ति, क्षमा, सहनशीलता की मूर्ति थे।काश्मीरी पण्डितों का जबरन धर्म परिवर्तन करके मुसलमान बनाये जाने के विरुद्ध फरियाद लेकर गुरु तेग बहादुर जी के दरबार में आये और कहा कि हमारे सामने ये शर्त रखी गयी है कि है कोई ऐसा महापुरुष? जो इस्लाम स्वीकार नहीं कर अपना बलिदान दे सके तो आप सब का भी धर्म परिवर्तन नहीं किया जाएगा उस समय गुरु गोबिन्द सिंह जी नौ साल के थे। उन्होंने पिता गुरु तेग बहादुर जी से कहा आपसे बड़ा महापुरुष और कौन हो सकता है! कश्मीरी पण्डितों की फरियाद सुन उन्हें जबरन धर्म परिवर्तन से बचाने के लिए स्वयं इस्लाम न स्वीकारने के कारण 11 नवम्बर 1675 को औरंगज़ेब ने दिल्ली के चांदनी चौक में सार्वजनिक रूप से उनके पिता गुरु तेग बहादुर का सिर कटवा दिया। इसके पश्चात वैशाखी के दिन 29 मार्च 1676 को गोविन्द सिंह सिखों के दसवें गुरु घोषित हुए।10वें गुरु बनने के बाद भी उनकी शिक्षा जारी रही। शिक्षा के अन्तर्गत उन्होनें लिखना-पढ़ना, घुड़सवारी तथा सैन्य कौशल सीखे 1684 में उन्होने चण्डी दी वार की रचना की। 1685 तक वह यमुना नदी के किनारे पाओंटा नामक स्थान पर रहे। गुरु गोबिन्द सिंह की तीन पत्नियाँ थीं। 21 जून, 1677 को 10 साल की उम्र में उनका विवाह माता जीतो के साथ आनन्दपुर से 10 किलोमीटर दूर बसंतगढ़ में किया गया। उन दोनों के 3 पुत्र हुए जिनके नाम थे – जुझार सिंह, जोरावर सिंह, फ़तेह सिंह। 4 अप्रैल, 1684 को 17 वर्ष की आयु में उनका दूसरा विवाह माता सुन्दरी के साथ आनन्दपुर में हुआ। उनका एक बेटा हुआ जिसका नाम था अजित सिंह। 15 अप्रैल, 1700 को 33 वर्ष की आयु में उन्होंने माता साहिब देवन से विवाह किया। वैसे तो उनका कोई सन्तान नहीं था पर सिख पन्थ के पन्नों पर उनका दौर भी बहुत प्रभावशाली रहा है ।
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9 जनवरी 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 08 Jan 2022 06:20 AM PST

9 जनवरी 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

9 जनवरी 2022, रविवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि सप्तमी दिन 03:27:44

🔅 नक्षत्र उत्तराभाद्रपद दिन 11:33:07

🔅 करण :

                वणिज 11:11:40

                विष्टि 23:43:38

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग परिघ 10:48:11

🔅 वार रविवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 06:45:18

🔅 चन्द्रोदय 11:58:00

🔅 चन्द्र राशि मीन

🔅 सूर्यास्त 17:15:13

🔅 चन्द्रास्त 24:32:00

🔅 ऋतु शिशिर
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 10:25:56

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत पौष

🔅 मास पूर्णिमांत पौष

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 12:07:22 - 12:49:05

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 16:17:44 - 16:59:28

🔅 कंटक 10:43:54 - 11:25:38

🔅 यमघण्ट 13:30:49 - 14:12:33

🔅 राहु काल 16:22:57 - 17:41:12

🔅 कुलिक 16:17:44 - 16:59:28

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 12:07:22 - 12:49:05

🔅 यमगण्ड 12:28:13 - 13:46:28

🔅 गुलिक काल 15:04:42 - 16:22:57

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन

🌹विशेष ~ भद्रा दिन 03:27:14 से रात्रि 03:43:21 तक, गुरुगोविन्द सिंह जयन्ती (प्राचीनमतानुसार), भानुसप्तमी पर्व।🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

9 जनवरी 2022, रविवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आप का दिन मिश्रित फलदायी है। आज आप अस्वस्थता एवं व्यग्रता का अनुभव करेंगे। शरीर में थकान और आलस्य एवं मन में अशांति की अनुभूति होगी। आप आज थोड़े क्रोधित रहेंगे, जिससे कार्य बिगड़ सकते हैं। व्यवहार में नम्रता लाने का प्रयास करें। निर्धारित कार्य करने के लिए प्रयासरत रहें। धार्मिक यात्रा होगी।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras): आज का दिन सावधानी से बिताएं। आज किसी भी नए कार्य को शुरू न करें। आज स्वास्थ्य बिगड़ सकता है, खान-पान में विशेष ध्यान रखना हितकर है। थकान और व्याकुलता का अनुभव करेंगे। ऑफिस में कार्यभार के कारण अधिक थकान होगी। प्रवास लाभदायी नहीं होंगे। आध्यात्मिकता के लिए कुछ समय निकालें।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मिथुन (Gemini): आपका दिन आनंद-प्रमोद तथा भोग-विलास में बीतेगा। विपरीत लिंग के व्यक्तियों से भेंट होगी। मित्रों तथा प्रियपात्रों के साथ मनोरंजनपूर्ण प्रवास हो सकता है। वाहन सुख मिलेगा। नए वस्त्रों की खरीदारी और उन्हें पहनने के अवसर मिलेंगे। प्रणय के लिए दिन अच्छा है। भोजन में मीठा खाने को मिल सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, सामाजिक सम्मान और ख्याति मिलेगी।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 8

कर्क (Cancer): आपका दिन अच्छी तरह से बीतेगा। घर में शांति तथा आनंद का वातावरण रहेगा और सुखमय प्रसंग बनेंगे। आप जो भी कार्य करेंगे उसमें यश मिलेगा। सेहत अच्छी रहेगी। घर में परिजनों के साथ हर्षोल्लास में समय बितेगा। नौकरी में निम्न सहकर्मियों से लाभ होगा। स्त्री मित्रों से भेंट से मन प्रसन्न रहेगा। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

सिंह (Leo): आज का दिन आनंद से बीतेगा। अधिक कल्पनाशील बनेंगे। मौलिक काव्य रचना की प्रेरणा मिलेगी। प्रियतम से भेंट शुभ फलदायी होगी, परिणामस्वरूप दिन भर मन प्रसन्न रहेगा। संतान की प्रगति के समाचार मिलेंगे। विद्यार्थियों के अभ्यास हेतु अच्छा समय है। मित्रों सेे मिलन होगा, स्त्री मित्रों से लाभ मिलेगा। आज आपके द्वारा परोपकार का कार्य हो सकता है।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 5

कन्या (Virgo): आज का दिन अच्छा नहीं है। शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा। कई परेशानियों से मन व्याकुल रहेगा। स्फूर्ति का अभाव होगा। स्वजनों से अनबन रहेगी। मां के स्वास्थ्य की चिंता सताएगी। जमीन, मकान के दस्तावेजों को संभालकर रखिएगा। स्त्री और पानी से हानि का डर रहेगा। लोगों के समक्ष अपमान न हो, ध्यान रखें। धन नाहक खर्च होगा।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 9

तुला (Libra): आपका दिन शुभ फलदायी होगा। बंधुओं के साथ बैठकर घर के संबंध में चर्चा होगी। छोटे धार्मिक स्थल पर जाएंगे। धन लाभ के योग हैं। विदेश से अच्छे समाचार आएंगे। व्यवहारिक प्रसंग से यात्रा कर सकते हैं। नए कार्यों के लिए शुभ दिन है। शारीरिक व मानसिक रुप से स्वस्थ रहेंगे। पूंजी निवेशकों के लिए अच्छा दिन है। आज भाग्यवृद्धि होगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): आज साधारण लाभ होगा। व्यर्थ के खर्च पर रोक लगानी होगी। परिवार में झगड़े न हों, इसका विशेष ध्यान रखिएगा। कुटुंब के सदस्यों के बीच गलतफहमी को दूर रखें। शारीरिक परेशानी के साथ मन में ग्लानि रहेगी। नकारात्मक मानसिकता से बचें। अनैतिक प्रवृत्तियों से दूर रहें। विद्यार्थियों के सामने अवरोध आएंगे।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): आप शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आज निर्धारित कार्य कर सकेंगे। आर्थिक लाभ होगा। धार्मिक यात्रा की संभावनाएं हैं। किसी रिश्तेदार के घर मांगलिक प्रसंग में उपस्थित रहने का अवसर आ सकता है। स्वजनों को मिलने से आनंदित रहेंगे। दांपत्यजीवन का सुख मिलेगा। रुचिकर भोजन मिल सकता है। सामाजिक क्षेत्र में यश बढ़ेगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 1

मकर (Capricorn): आज आपको सावधानीपूर्वक रहना है। व्यावसायिक कार्यों में हस्तक्षेप बढ़ेगा। खर्च अधिक रहेगा। धार्मिक, सामाजिक कार्यों में व्यस्तता व खर्च बढ़ेगा। रोग संबंधी चिंता रहेगी। पुत्र व रिश्तेदारों से अनबन संभव है। परिश्रम करने पर ही आज सफलता मिलेगी। मानसिक व्याकुलता का अनुभव होगा। दुर्घटना से संभलकर रहें।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 1

कुंभ (Aquarius): नए कार्यों को प्रारंभ करने के लिए आज का दिन शुभ है। नौकरी तथा व्यापार में लाभ की संभावना है। स्त्री मित्रों से कार्य मिल सकता है। लक्ष्मी देवी की कृपादृष्टि आज आप पर है। सामाजिक क्षेत्र में आपकी ख्याति बढ़ेगी। संतान के साथ मेल अच्छा रहेगा। पत्नी और पुत्र की ओर से आनंद के समाचार मिलेंगे। विवाह के इच्छुकों के लिए विवाह के योग बनेंगे। घूमने की योजना बना सकते हैं।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

मीन (Pisces): आपका दिन अत्यंत शुभ होगा। सफलता व उच्च पदाधिकारियों की कृपादृष्टि के कारण प्रसन्नता मिलेगी। व्यापार में वृद्धि तथा सफलता मिलेगी। पिता तथा बड़े-बुजुर्गों से लाभ होगा। लक्ष्मी की कृपादृष्टि रहेगी। कुटुंब में आनंद का वातावरण होगा। सरकार से लाभ होगा। मान-सम्मान तथा पदोन्नति होगी। सांसारिक जीवन आनंदमय रहेगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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