दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- किसी और का चेहरा दिख रहा है क्या कांग्रेस की तरफ से: प्रियंका
- यूं ही कह दिया था...
- और अब नेताजी को हथियाने की होड़
- आईएएस कैडर नियम में संशोधन
- कांग्रेस चुनाव के बाद करेगी गठबंधन
- वैक्सीन पासपोर्ट के विरोध में यूरोप में हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन
- यूक्रेन को लेकर रूस के इरादे से अमेरिका चिंतित
- यमन में तबाही, जेल पर हुए हवाई हमले में मरने वाले कैदियों की संख्या 82 हुई
- पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में सामने आए 7,500 से ज्यादा नए मामले
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रुप में मनाई गई।
- राष्ट्रीय बालिका दिवस: नए भारत के वास्तुकारों का सशक्तिकरण
- ईंट का जवाब
- भारतीय जन महासभा के द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती रविवार को बड़े ही धूमधाम के साथ मनायी गयी ।
- 24 जनवरी 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- हम सबका अभिमान तिरंगा
- महासंघ के देवघर जिला इकाई की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
- अपने सुभाष
- है स्वतंत्र गणतंत्र हमारा
- बिहारी कनेक्ट लंदन में दिखाएगा देश प्रेम
- ठंड में थोड़ी सावधानी बरतें बच्चे और बुजुर्ग
- 23 जनवरी 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- संतों की रहस्यमयी बातें
- भक्ति में है बहुत शक्ति
- यूपी के लिए उपयोगी होने का आधार
- मोदी फिर सबसे लोकप्रिय
| किसी और का चेहरा दिख रहा है क्या कांग्रेस की तरफ से: प्रियंका Posted: 23 Jan 2022 07:08 AM PST किसी और का चेहरा दिख रहा है क्या कांग्रेस की तरफ से: प्रियंकाउत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर खुद को कांग्रेस का सीएम फेस बताने पर मचे सियासी घमासान के बीच प्रियंका गांधी ने एक तरह से यूटर्न ले लिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का एकमात्र चेहरा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का चेहरा होने के बारे में मीडिया से बार-बार पूछे गए सवालों के जवाब में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैंने थोड़ा चिढ़कर कह दिया था। समाचार एजेंसी एएनआई के एक सवाल के जवाब में कि आपकी पार्टी आपको मुख्यमंत्री का चेहरा क्यों नहीं घोषित कर देती क्या हेजिटेशन है, प्रियंका गांधी ने कहा कि कोई हेजिटेशन नहीं है। कहीं मेरी पार्टी तय करती है और कहीं नहीं करती है। यह मेरी पार्टी के काम करने का तरीका है। इसमें कोई हेजिटेशन नहीं है। मुख्यमंत्री का उम्मीदवार कौन होगा, यह पार्टी तय करेगी और कुछ राज्यों में अब तक इसे लेकर फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा, 'मैं यह नहीं कह रही हूं कि मैं ही चेहरा हूं। वो तो मैंने थोड़ा चिढ़कर (हंसते हुए) कह दिया था, क्योंकि बार-बार आपलोग यही सवाल कर रहे हैं।' मीडिया पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कई राज्य हैं और कई प्रभारी भी हैं, चाहे वह कांग्रेस के हों या भाजपा के। क्या आप पूछते हैं कि क्या आप मुख्यमंत्री का चेहरा हैं या नहीं। आप उनसे क्यों नहीं पूछते, क्यों केवल मुझसे ही यह प्रश्न किया जाता है। बता दें कि 21 जनवरी को उत्तर प्रदेश की पार्टी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि वह ही उत्तर प्रदेश चुनाव में पार्टी का चेहरा हैं। कांग्रेस पार्टी की तरफ से यूपी में मुख्यमंत्री चेहरे के सवाल पर प्रियंका गांधी ने कहा था कि आपको किसी और का चेहरा दिख रहा है क्या कांग्रेस पार्टी की तरफ से? तो फिर? अब दिख तो रहा है सब जगह मेरा चेहरा। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी कहा कि अब तक यह फैसला नहीं हो पाया है कि वह उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ेंगी या नहीं। उन्होंने कहा कि जब फैसला हो जाएगा, मीडिया को सूचना मिल जाएगी। हमने अब तक इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 23 Jan 2022 07:05 AM PST यूं ही कह दिया था... (अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) चुनाव के समय तरह-तरह के नजारे देखने को मिलते हैं। बात फंसने लगती है तो झेंप मिटाने के लिए कहते हैं कि यूं ही कह दिया था। अभी हाल ही कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने खुद को यूपी में सीएम फेस बताया लेकिन अब कह रही हैं कि प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मैंने थोड़ा चिढ़ कर कह दिया था। इसी तरह भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य भाजपा की सांसद हैं। मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा के भाजपा में शामिल होने पर सोशल मीडिया पर भाजपा पर निशाना साधा था। भाजपा पर बेटी-बहू में अंतर करने का आरोप लगाया था। अब कहती हैं कि पीएम तो हमें बेटी की तरह मानते हैं। बेटी पर वार, बहू को सम्मान: संघमित्राउत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गर्म है। योगी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद अब इस बात की भी चर्चा होने लगी है कि क्या उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य भी पाला बदलेंगी? क्या उन्होंने अपर्णा यादव के बहाने बहू-बेटी वाले बयान से भाजपा पर हमला बोला? इन अटकलों पर बदायूं से भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ने विराम लगा दिया है और कहा कि पिता जी सपा में चले गये हैं, तो जरूरी नहीं कि मैं भी चली जाऊं। देश और प्रदेश की राजनीति में बहुत अंतर होता है। मैं उनकी बेटी होने के नाते उनके साथ खड़ी रहूंगी और जहां राजनीति की बात होगी मैं हमेशा अपनी पार्टी के साथ खड़ी रहूंगी। इस तरह से संघमित्रा मौर्य ने इशारा कर दिया कि वह भाजपा का दामन नहीं छोड़ने वाली है। उत्तर प्रदेश चुनाव से ठीक पहले स्वामी प्रसाद मौर्य के समाजवादी पार्टी में जाने पर जारी सियासी बहस के बीच बेटी संघमित्रा मौर्य ने कहा कि किसी नेता का बच्चा अगर क्षेत्र में लगा रहता है और जनता की सेवा करता है तो उसको देखना चाहिए। पिताजी ने अपने पुत्र के लिये कभी टिकट नहीं मांगा, वह कभी अपने और हम लोगों के लिए नहीं लड़े बल्कि वो हर उस व्यक्ति के लिए लड़े हैं जो पायदान के आखिरी पड़ाव पर खड़ा है। वह मेरे पिता के साथ-साथ राजनीतिक गुरु भी हैं। बता दें कि बीते दिनों संघमित्रा ने कहा था कि स्वामी प्रसाद मौर्य हमेशा पिछड़ों के नेता रहे हैं और यह भारी जन समर्थन उसका गवाह है। बदायूं की सांसद ने आगे कहा कि पिताजी का फैसला उनका निजी फैसला है, लेकिन राजनीति में हमेशा संभावनाएं होती हैं। बीजेपी सांसद ने कहा था कि अभी मैं 2024 तक भारतीय जनता पार्टी की सांसद हूं, आगे क्या होगा कहा नहीं जा सकता। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| और अब नेताजी को हथियाने की होड़ Posted: 23 Jan 2022 07:02 AM PST और अब नेताजी को हथियाने की होड़(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) राजनीति कितना नीचे तक जाएगी, यह सोचकर ही घृणा होने लगी है। महापुरुष तो पूरे देश के होते हैं , जैसे राम कृष्ण सभी भारत वासियों के हैं। कोई राम को सिर्फ अपने तक सीमित करने का प्रयास करे तो अजीब सा लगता है। इसी तरह महात्मा गांधी, सरदार पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को किसी जाति या धर्म अथवा वर्ग में बांधकर नहीं रखा जा सकता है। भगवान कृष्ण को सूरदास ने जितने प्यार से गाया, रसखान भी उससे कम रसिया नहीं थे। बाबा तुलसी के साथ बैरमखान के बेटे रहीम भी राम रस चखते रहते थे। इस लिए आज जब गांधी जी, बाबा सहेब भीमराव आम्बेडकर, संत रविदास , सरदार पटेल को किसी विशेष राजनीतिक दल के खेमे में बांधने की कोशिश करते देखते हैं तो बहुत कोफ्त होता है। स्वर्ग में इन महापुरुषों की आत्मा को भी कश्ट होता होगा। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक रंजिश हर मौके पर बाहर निकलकर सामने आ जाती है। अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर दोनों दलों के बीच हंगामा होने की खबर आई है। नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर 23 जनवरी को देशवासियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किये। नेता जी का व्रिटिश दासता के समय का आह्वान याद आया तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा। उनकी आजाद हिंद सेना ने सिखाया था कदम कदम बढाए जा... पश्चिम बंगाल में भी नेताजी की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनायी गयी। एक कार्यक्रम में बीजेपी के एक एमएलए ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के ऊपर मारपीट का आरोप लगाया है। यह मामला भातपेड़ा का है जहां तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में नेताजी की जयंती के अवसर पर जमकर मारपीट हुई। मामले में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि घटना स्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती थी। इसके बावजूद दोनों गुटों के बीच जमकर हाथापाई को नहीं रोका जा सका।पश्चिम बंगाल भाजपा के अर्जुन सिंह ने तृणमूल के नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा, आज सुबह 10रू30 बजे हमारे विधायक पवन सिंह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने गए थे। उसी समय उनपर टीएमसी के गुंडों ने हमला कर दिया, उन पर गोलियां चलाईं, ईंटें फेंकीं। तृणमूल के गुंडों ने मेरे पहुंचने पर मुझ पर हमला किया। हैरानी की बात यह कि यह सब कुछ पुलिस के सामने हुआ। मेरी गाड़ी भी तोड़ दी। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया था कि इस साल 23 जनवरी को इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाई जाएगी। यहां पर पहले ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम की प्रतिमा लगी थी। नेताजी की इंडिया गेट पर प्रतिमा लगाने की घोषणा के बाद से ही एक बार फिर से सोशल मीडिया पर ये चर्चा शुरू हो गई है कि क्या जवाहरलाल नेहरू नहीं बल्कि सुभाष चंद्र बोस देश के पहले प्रधानमंत्री थे?नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को भारत की पहली स्वतंत्र अस्थाई सरकार का गठन किया था, जिसका नाम था-आजाद हिंद सरकार। बोस ने इस सरकार का गठन दूसरे विश्व युद्ध के दौरान सिंगापुर में किया था। नेताजी ने इस सरकार को आजाद भारत की पहली 'अर्जी हुकुमते-आजाद हिंदश् कहा था, इसे निर्वासित सरकार (गवर्नमेंट इन एग्जाइल) भी कहा जाता है। नेताजी ने श्गर्वनमेंट इन एग्जाइलश् का गठन करते ही भारत को अंग्रेजों के शासन से मुक्त कराने के लिए सशस्त्र संघर्ष शुरू किया था। बोस को यकीन था कि यह सशस्त्र संघर्ष ही देशवासियों को आजादी हासिल करने में मदद करेगा। बाद में जापान ने अंडमान-निकोबार द्वीप को भी नेताजी की अगुवाई वाली आजाद हिंद सरकार को सौंप दिया था। क्रांतिकारी नेता रास बिहारी बोस को नेताजी का प्रधान सलाहकार बनाया गया था। आजाद हिंद सरकार के पास अपना बैंक, करेंसी, सिविल कोड और स्टैंप भी थे। बोस ने आजाद हिंद फौज में देश की पहली महिला रेजिमेंट-रानी झांसी रेजिमेंट का भी गठन किया था। निर्वासित या 'गवर्नमेंट इन एग्जाइल' सरकार में नेताजी हेड ऑफ स्टेट और प्रधानमंत्री थे। वहीं महिला संगठन की कमान कैप्टन लक्ष्मी सहगल के हाथों में थी। इस सरकार में प्रचार विंग एसए अय्यर संभालते थे। दरअसल, अब सियासत के चलते नेताजी को हड़पने की होड़ मची है। पहले से ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती को लेकर दोनों दलों में कोहराम मचा हुआ था। दोनों दल नेताजी पर अपना दावा करने के लिए बयानबाजियां कर रहे थे। एकदिन पहले ही कोलकाता में नेताजी की जयंती पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक जुलूस का आयोजन किया था। इसमें ममता बनर्जी ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा था कि हम सिर्फ चुनाव के समय ही नेताजी का जन्मदिवस नहीं मनाते हैं। ममता बनर्जी ने मोदी सरकार से मांग की कि नेताजी की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए। ममता बनर्जी की मोदी की सरकार से पहले से ही ठनी हुई है। विधानसभा चुनाव में दीदी को चिढाने में भाजपा ने कोई कसर भी नहीं छोडी थी। ममता बनर्जी भाजपा को धूल चटाने में भी सफल रहीं। इसलिए अब ममता बनर्जी भी भाजपा से दो हाथ करने का कोई मौका नहीं छोडती हैं । मामला चाहे आईएएस कैडर में प्रस्तावित संशोधन का हो अथवा गणतंत्र दिवस परेड में पश्चिम बंगाल की झांकी को शामिल न करने का, ममता विरोध करती हैं। गणतंत्र दिवस परेड में बंगाल की झांकी का मुद्दा पहले से गरम है। केंद्र सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस परेड में बंगाल की झांकी को खारिज किए जाने को लेकर दोनों दलों में घमासान मचा हुआ है। इस मामले को लेकर ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। ममता बनर्जी ने खत में लिखा है कि मैं भारत सरकार के आगामी गणतंत्र दिवस परेड से पश्चिम बंगाल सरकार की प्रस्तावित झांकी को अचानक बाहर करने के निर्णय से स्तब्ध और आहत हूं। यह हमारे लिए और भी चैंकाने वाली बात है कि झांकी को बिना कोई कारण या औचित्य बताए खारिज कर दिया गया। इस पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, इसमें भेदभाव होने जैसी कोई बात नहीं है। हर साल टैब्लो के चयन पर नीति निर्धारण होता है, इसमें कोई नई बात नहीं है। देश के महान नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में घोषणा की थी कि अब 23 जनवरी से नेताजी की जयंती के दिन से गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन शुरू हो जाएगा। इसके बाद सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने तरह से नेताजी के नाम को भुनाने की कोशिश में लगी हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नरेंद्र मोदी सरकार से मांग की है कि नेताजी की जयंती के दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए। ममता बनर्जी ने कहा है कि पूरे देश के लोग अपने महान राष्ट्रनायक को श्रद्धांजलि दें, इसके लिए जरूरी है कि नेताजी जन्मदिवस के दिन राष्ट्रीय छुट्टी हो। उन्होंने कहा कि अपने नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि देने का सबसे बेहतर तरीका यह होगा इस दिन को देशनायक दिवस के रूप में मनाया जाए और इस दिन पूरे देश में छुट्टी हो। नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 22 जनवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक रैली का आयोजन किया था। इसमें तृणमूल कांग्रेस के अनेक नेता, विधायक समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए। इससे पहले सवा बारह बजे सायरन भी बजाया गया, 23 जनवरी 1897 को इसी समय बोस का जन्म हुआ था। रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, हम सिर्फ चुनाव के समय नेताजी की जयंती नहीं मनाते। इस बार हम उनकी 125वीं जयंती बहुत बड़े पैमाने पर मना रहे हैं। रवीन्द्रनाथ टैगोर ने नेताजी को देशनायक बताया था। इसलिए हमने इस दिन को देशनायक दिवस बनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, नेताजी देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे. वह एक महान दार्शनिक थे। ममता बनर्जी ने इसी समारोह में देश में चार राजधानियों की मांग भी की है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 23 Jan 2022 06:59 AM PST आईएएस कैडर नियम में संशोधन(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) केंद्र सरकार आईएएस (कैडर) नियम 1954 में जब संशोधन कर देगी. इसके बाद आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर का पावर केंद्र के पास आ जाएगा। प्रस्तावित नियमों में है कि अगर राज्य सरकार को कोई असहमति होती है तो ऐसे में केंद्र का ही फैसला लागू होगा। लोकतंत्र में विधायिका, कार्य पालिका और न्यायपालिका ही तीन प्रमुख स्तम्भ हैं। इनमें विधायिका को सबसे ज्यादा महत्व इसलिए दिया जाता है क्योंकि इसका चुनाव सीधे जनता करती है। बाकी दोनों स्तम्भों के लोग शैक्षणिक योग्यता से चयनित और पदोन्नत होते हैं। प्रजातंत्र की व्यवस्था में इन दोनों का भी उतना ही महत्व है जितना विधानसभा और लोकसभा के लिए चुने गये लोगों का, बल्कि कार्य पालिका और न्यायपालिका के लोग अपने को ज्यादा महत्व देते हुए कहते हैं कि चुनाव लड़कर तो अंगूठाछाप भी सांसद या विधायक बन सकता है लेकिन न्यायाधीश और आईपीएस व आईएएस अधिकारी बनने के लिए पढ़ाई की तपस्या करनी पड़ती है। यह सच भी है और सांसद विधायक तो पांच साल के होते हैं, जबकि अफसर और न्यायमूर्ति जीवन भर रहते हैं। इसके बावजूद व्यावहारिक सच यह है कि न्याय पालिका और कार्यपालिका के लोग विधायिका में शामिल होने के लिए आतुर रहते हैं। विजय बहुगुणा और बृजलाल जैसे कई उदाहरण मिल जाएंगे ।इन दिनों होने जारहे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी कुछ चेहरे देखने को मिल रहे हैं लेकिन एक भी राजनेता आईएएस अथवा न्यायाधीश बनने की परीक्षा में नहीं बैठा और न उत्तीर्ण हो पाया। इसका कारण विधायिका का लगातार बढता वर्चस्व है। अभी खबर मिली है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जल्द ही आईएएस (कैडर) नियम, 1954 में संशोधन करने जा रही है। केंद्र सरकार आईएएस (कैडर) नियम 1954 में जब संशोधन कर देगी। इसके बाद आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर का पावर केंद्र के पास आ जाएगा। प्रस्तावित नियमों में है कि अगर राज्य सरकार को कोई असहमति होती है तो ऐसे में केंद्र का ही फैसला लागू होगा। इस संशोधन के प्रस्ताव के संबंध में हाल ही में राज्य सरकारों से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आईएएस अफसरों की सूची भेजने के निर्देश दिए गए। जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है। दरअसल, कार्यपालिका पर वर्चस्व को लेकर संघ और राज्यों के अधिकार भी टकराने लगे हैं।ममता बनर्जी का विरोध इसी के चलते है। सभी राज्यों से सुझाव मांगे गये हैं और कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों का विरोध भी सामने आ सकता है। पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विरोध जताया है। आईएएस (कैडर) नियम, 1954 के मुताबिक यूं तो अधिकारियों की भर्ती केंद्र करता है, लेकिन जब उन्हें उनके राज्य कैडर आवंटित किए जाते हैं, तो वे राज्य सरकार के अधीन आ जाते हैं। इस तरह संघीय ढांचा काम करता है। आईएएस कैडर नियमों के अनुसार एक अधिकारी को संबंधित राज्य सरकार और केंद्र सरकार की सहमति से ही केंद्र सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार के अधीन सेवा के लिए प्रतिनियुक्त किया जा सकता है। नियम के मुताबिक किसी भी असहमति की स्थिति में केंद्र सरकार फैसला लेती है और राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के निर्णय को लागू किया जाता है। केंद्र को अधिक विवेकाधीन अधिकार देने वाले प्रतिनियुक्ति के मामले में यह नियम मई 1969 में जोड़ा गया था। इसी का अब विरोध राज्य कर रहे हैं। विरोध इसलिए भी हो रहा है कि कई नौकरशाह राजनीति में जाने की राह तकते हैं तो कुछ को बुलाया जाता है। ऐसे व्यूरोक्रेट नौकरशाही पर अच्छी पकड़ रखने में सक्षम होते हैं। उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश में चुनावों की घोषणा के साथ दो आला अफसरों ने बीजेपी को ज्वाइन करने की घोषणा की, इसमें एक आईपीएस और कानपुर के पुलिस आयुक्त रहे असीम अरुण हैं तो दूसरे आईएएस रह चुके राम बहादुर। यूपी की पॉलिटिक्स में आला ब्यूरोक्रेट्स का राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है। पहले भी इस तरह के मामले हुए हैं। आखिर आला अफसरों के लिए नौकरी के बाद सियासत क्यों दूसरी पसंद बनी। यूपी में जिस तरह पुलिस कमिश्नर असीम अरुण और पूर्व आईएएस अफसर राम बहादुर ने औपचारिक तौर पर बीजेपी की सदस्यता ले ली, उससे एक नया ट्रेंड इस राज्य में उभरता हुआ नजर आ रहा है। इसी तरह 2014 में लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह को बागपत से टिकट दिया था। उन्होंने तब लोकदल के प्रमुख अजित सिंह को कम से कम दो लाख वोटों से हरा दिया था। अरुण की तरह पूर्व आईपीएस बृजलाल ने भी बीजेपी के 2017 में सत्ता में आने के बाद इस पार्टी को ज्वाइन किया था। माना जाता है कि अरुण ने शायद बृजलाल के राजनीति में आने के बाद ही खुद का भी सियासत में जाने का मन बनाया। इस तरह ब्यूरोक्रेट एक सफल राजनेता भी साबित हो रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी ब्यूरोक्रेसी का हिस्सा रहे हैं। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार 31 जनवरी से शुरू होने वाले संसद के आगामी सत्र में यह संशोधन पेश कर सकती है। केंद्र ने इसके लिए 25 जनवरी से पहले राज्यों से जवाब मांगा है।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा कि इससे अधिकारियों में 'भय का माहौल' पैदा होगा एवं उनका कार्य-निष्पादन प्रभावित होगा। आठ दिनों में इस विषय पर दूसरी बार मोदी को लिखे पत्र में बनर्जी ने कहा कि संशोधन से संघीय तानाबाना एवं संविधान का मूलभूत ढांचा 'नष्ट' हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र अपने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं करता है तो 'बड़ा आंदोलन' किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैं आपसे केंद्र सरकार के इस कदम पर सहृदय पुनर्विचार करने एवं इस प्रस्तावित संशोधन की दिशा में आग नहीं बढ़ने की अपील करती हूं। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि हमें इस मुद्दे पर इस हद तक नहीं धकेला जाए कि हम इस महान लोकतंत्र , जो भारत है एवं रहा है, की आत्मा की रक्षा की खातिर बड़े आंदोलन के लिए विवश हो जाएं। 'बनर्जी ने यह भी कहा कि यदि प्रस्तावित बदलाव लागू किये गये तो इससे केंद्र एवं राज्य के बीच एक दूसरे की भावना के सम्मान के जज्बे को 'अपूरणीय' क्षति पहुंचेगी। कार्मिक मंत्रालय ने आईएएस (कैडर) नियम, 1954 में बदलाव वाले प्रस्ताव में कहा, ''इसके परिणामस्वरूप केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए उपलब्ध अधिकारियों की संख्या केंद्र में जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।'' नये नियम संबंधी प्रस्ताव के अनुसार केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति में भेजे जाने वाले अधिकारियों की वास्तविक संख्या केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकार के साथ परामर्श से तय करेगी। इसमें कहा गया है कि किसी तरह की असहमति की स्थिति में निर्णय केंद्र सरकार करेगी और संबंधित राज्य सरकारें निश्चित समय में केंद्र सरकार के निर्णय को लागू करेंगी। मौजूदा नियमों में इस तरह की असहमतियों की स्थिति में फैसले के लिए कोई समयसीमा का उल्लेख नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध की शुरूआत कर दी है।सिर्फ ममता बनर्जी ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी इस पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ये फैसला संघीय ढांचे के ताबूत में एक और कील साबित होगा। बहरहाल, गैरभाजपाई राज्य केन्द्र सरकार को आसानी से यह संशोधन नहीं करने देंगे। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| कांग्रेस चुनाव के बाद करेगी गठबंधन Posted: 23 Jan 2022 06:54 AM PST कांग्रेस चुनाव के बाद करेगी गठबंधन(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कमान संभाल रही प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी का युवा घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इसे प्रदेश के 7 करोड़ युवाओं की आकांक्षा बताया गया है। लड़की हूं, लड़ सकती हूं और टिकट बंटवारे में 40 फीसदी आरक्षण का उदाहरण तो प्रियंका गांधी ने सामने रख ही दिया है। यूथ मेनिफेस्टो में कहा गया है कि चुनाव के बाद हम दूसरे दलों से गठबंधन कर सकते हैं अगर ऐसी कोई स्थिति आती है तो, पर अगर हमारा एजेन्डा, जो हमने बताया है, वो पूरा किया जाएगा, तो गठबंधन करेंगे। कांग्रेस की तरफ से उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? इस सवाल पर प्रियंका गांधी ने कहा कि आपको किसी और का चेहरा दिख रहा है? उत्तर प्रदेश में मेरा ही चेहरा है। इस प्रकार पहली बार नेहरू गांधी परिवार से किसी सदस्य ने यूपी में सीएम चेहरे के रूप में खुद को पेश किया था लेकिन अगले ही दिन उन्हांेंने इसका खंडन कर दिया। उधर, भाजपा ने भी चुनाव प्रचार का तरीका बदलने का संकेत दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इशारा कर दिया है कि चुनाव बाद उनकी पार्टी किसी दूसरे दल के साथ गठबंधन भी कर सकती है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं और कहा कि अगर कोई उनके बताए एजेंडो को पूरा करता है तो उसके साथ ऐसी स्थिति में गठबंधन के लिए कांग्रेस तैयार होगी। कांग्रेस का यूथ मैनिफेस्टो जारी कर प्रियंका गांधी ने कहा कि चुनाव के बाद हम दूसरे दल के साथ गठबंधन कर सकते हैं अगर ऐसी कोई स्थिति आती है तो, पर अगर हमारा एजेंडा, जो हमने बताया है वो पूरा किया जाएगा तो करेंगे खासकर महिलाओं के लिए। वहीं, कांग्रेस पार्टी की तरफ से उप्र में मुख्यमंत्री चेहरे के सवाल पर प्रियंका गांधी ने कहा कि आपको किसी और का चहरा दिख रह है? उत्तर प्रदेश में मेरा ही चेहरा है। भर्ती विधान नामक यूथ घोषणा पत्र जारी कर प्रियंका गांधी ने कहा कि जैसे राहुल जी ने कहा ये जो भर्ती विधान है, इसे बनाने के लिए हमारे नेताओं ने उत्तर प्रदेश के युवाओं से बात की। उन्हीं चर्चाओं से निकला हुआ जो सार था, जो मुद्दे थे, इस भर्ती विधान में हैं। इसे भर्ती विधान इसलिए कहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में भर्ती की समस्या है। कोई कहता है 25 लाख नौकरी दिलवायेंगे लेकिन कोई ये नहीं बताता ये कैसे दिलवाएंगे। जिस तरह से रोजगार की समस्या है, कांग्रेस ने घोषणा की है कि हम 20 लाख रोजगार देंगे और इसमें से 8 लाख रोजगार आरक्षण के आधार पर महिलाओं को मिलेंगे। प्रियंका गांधी कहती हैं जो पेपर लीक होते हैं, परीक्षा होने के बाद पेपर कैंसिल हो जाती है, ये भारी समस्या है। इसमें हमने लिखा है कि कैसे युवाओं को रोजगार दिलवाएंगे। अगर कोई युवा अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है तो उसे कैसे हम बढ़ावा दें, वो भी इसमें अलग से सेक्शन है। कुछ सालों में उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय में चुनाव नहीं हो रहे और युवाओं की भागीदारी नहीं हो रही है। इनकी कुछ डिटेल मैं आपको देने जा रही हूं। प्रियंका गांधी ने कहा उत्तर प्रदेश में 7 करोड़ युवाओं की आकांक्षा का घोषणा पत्र है। इससे 20 लाख सरकारी नौकरी हम देंगे, जिसमे से 40 प्रतिशत महिलाओं को दिया जाएगा। परीक्षाओं में घोटालों को दूर करने की भी बात की गई है। सरकार से जो भरोसा जो टूटा है, उस विश्वास को बहाल करने का जिक्र भर्ती विधान में है। 20 लाख सरकारी नौकरियो में डेढ़ लाख प्राथमिक विद्यालय में खाली है। माध्यमिक में 38 हजार, उच्च में 8 हजार। इसी तरह डॉक्टरों के 6 हजार, पुलिस के 1 लाख का पद खाली। 20 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सहायिका के 27 हजार पद खाली हैं। संस्कृत विद्यालय में भी 2 हजार पद खाली है। प्रियंका गांधी कहती हैं कि एक जॉब कैलेंडर बनाया जाएगा, जिसमें परीक्षा की तारीख, रिजल्ट की तारीख और नियुक्ति की तारीख होगी। उल्लंघन होने पर कार्रवाई होगी। यूपी में युवाओं में नशीले पदार्थों का इस्तेमाल बढ़ गया है, लखनऊ में हम एक सेंटर बनाएंगे जो युवाओं की काउंसलिंग करेंगे जिसके 4 हब होंगे। उधर विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने भी अपना कुनबा और बढ़ा कर लिया है। भारतीय जनता पार्टी के लखनऊ कार्यालय पर यूपी के दिवंगत मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की राष्ट्रीय जनक्रांति पार्टी की यूपी इकाई के साथ एक अन्य राष्ट्रीय समतावादी पार्टी का विलय हो गया है। इसके अलावा पांच अन्य दलों और संगठनों ने भाजपा को यूपी चुनाव में समर्थन देने का ऐलान किया है। इस दौरान राष्ट्रीय जनक्रांति पार्टी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ। एनपी सिंह ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी को विलय पत्र सौंपा। वहीं, राष्ट्रीय समतावादी पार्टी की तरफ से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव गोपाल निषाद ने विलय पत्र सौंपकर भाजपा के साथ काम करने का संकल्प लिया है। राष्ट्रीय समतावादी पार्टी का पूर्वांचल में खास दबदबा है। यह पूर्वांचल के 25 जिलों में प्रभावशाली है। इसी वजह से भाजपा ने उसे अपने साथ लिया है। दरअसल पूर्वांचल में दबदबा रखने वाले ओमप्रकाश राजभर इस वक्त सपा के साथ हैं, लिहाजा भाजपा ने खुद को मजबूत करने के लिए निषाद पार्टी के अलावा राष्ट्रीय समतावादी पार्टी को अपने पाले में खींच लिया है। इसके अलावा मानवतावादी समाज पार्टी, किसान शक्ति जनतंत्रिक पार्टी, राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासंघ और हिंदू युवा वाहिनी भारत की यूपी इकाई समेत अन्य कई संगठनों और दलों ने भाजपा को विधानसभा चुनाव में बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश में इस बार सात चरणों में मतदान होना है। इसकी शुरुआत 10 फरवरी को पश्चिमी यूपी के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ होगी। इसके बाद दूसरे चरण में राज्य की 55 सीटों पर मतदान होगा। वहीं, तीसरे चरण में 59, चैथे चरण में 60, पांचवें चरण में 60 सीटों, छठे चरण में 57 और सातवें चरण में 54 सीटों पर मतदान होगा। 10 फरवरी को पहले चरण के मतदान के बाद 14 फरवरी को दूसरे चरण, 20 फरवरी को तीसरे चरण, 23 फरवरी को चैथे चरण, 27 फरवरी को पांचवें चरण, 3 मार्च को छठे चरण और 7 मार्च को सातवें चरण के लिए मतदान होगा। वहीं, यूपी चुनाव के नतीजे 10 मार्च को आएंगे। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा ने 403 में से 325 सीटों पर जीत दर्ज की थी। सपा और कांग्रेस ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। सपा ने 47 और कांग्रेस ने 7 सीटें ही जीती थीं। मायावती की बसपा 19 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। वहीं, 4 सीटों पर अन्य का कब्जा हुआ था। इअस बार भी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जीतने के लिए भाजपा हर संभव कोशिश करती दिखाई दे रही है। यूपी चुनाव से ठीक पहले वोटरों को लुभाने और अपना संदेश देने के लिए भारतीय जनता पार्टी अपना चुनावी कैंपेन लॉन्च करेगी। यूपी चुनाव के लिए 'यूपी में फिर एक बार भाजपा सरकार' का भारतीय जनता पार्टी का नारा होगा। अब तक के चुनावी कैंपेन में 'काम दमदार योगी सरकार' का नारा ही चल रहा था, मगर अब चुनाव को देखते हुए इसमें इस लाइन यानी 'यूपी में फिर एक बार भाजपा सरकार' को भी जोड़ दिया है। कैंपेन में एक पोस्टर भी जारी किया जाएगा, जिसमें "मोदी और योगी" मुख्य रूप से दिखाई देंगे। खास बात यह है कि इस पोस्टर में चरण के हिसाब से स्थानीय नेताओं को "योगी और मोदी" की फोटो के पीछे दिखाया जाता रहेगा। बीजेपी के इस कैंपेन की लॉन्चिंग में सॉन्ग भी जारी किया जाएगा, जिस गीत के बोल हैं "यूपी को वचन दिया है" जबकि एक दूसरा गीत भी तैयार किया गया है। इस गीत के बोल हैं- "यूपी प्लस योगी हैं, बहुत उपयोगी"। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| वैक्सीन पासपोर्ट के विरोध में यूरोप में हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन Posted: 23 Jan 2022 06:52 AM PST वैक्सीन पासपोर्ट के विरोध में यूरोप में हजारों लोगों ने किया प्रदर्शनहेलसिंकी। यूरोपीय देशों की राजधानियों में हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर वैक्सीन पासपोर्ट और सरकारों द्वारा लगाई गईं अन्य शर्तो का विरोध किया। हेलसिंकी के साथ ही एथेंस, लंदन, पेरिस और स्टाकहोम में विरोध प्रदर्शन किए गए। फ्रांस की राजधानी पेरिस में सड़कों पर उतरे हजारों लोगों ने लागू किए जा रहे कोरोना पास का विरोध किया। इस पास के लागू होने से वैक्सीन नहीं लगवाने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उन्हें घरेलू उड़ानों, खेल कार्यक्रमों, बार, सिनेमा हाल इत्यादि में प्रवेश नहीं मिलेगा। स्वीडन में भी किसी बंद स्थान में 50 से ज्यादा लोगों के किसी शामिल होने पर वैक्सीन सर्टिफिकेट को अनिवार्य बना दिया गया है। इसके विरोध में स्टाकहोम में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। स्वीडन के दूसरे बड़े शहर गोटेबोर्ग में भी एक हजार से अधिक लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कहीं किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| यूक्रेन को लेकर रूस के इरादे से अमेरिका चिंतित Posted: 23 Jan 2022 06:48 AM PST यूक्रेन को लेकर रूस के इरादे से अमेरिका चिंतितवाशिंगटन। अमेरिका ने ब्रिटेन के विदेश विभाग द्वारा किए गए उस दावे पर चिंता जाहिर की है जिसमें कहा गया है कि यूक्रेन में रूस एक ऐसे नेता को शीर्ष पर बिठाना चाहता है जो रूस का समर्थक हो। यूएस नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्घ्ता एमिली होर्ने ने इस बात की जानकारी दी है। उनके मुताबिक ब्रिटेन के विदेश और कामनवैल्घ्थ एंड डेवलेपमेंट आफिस की तरफ से शनिवार को एक बयान में कहा गया था कि रूस की सरकार यूक्रेन में रूसी समर्थक को सत्घ्ता के शीर्ष पर बिठाना चाहती है। इसके लिए रूस ने सबसे अधिक सुयोग्य व्यक्ति के रूप में यूक्रेनियन पार्लियामेंट के सदस्घ्य येवहेन मुरायेव का चयन भी कर लिया है। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने ये भी दावा किया है कि रूस की खुफिया एजेंसी ने यूक्रेन के रूसी समर्थक माने जाने वाले कई नेताओं से कई बार इस बारे में संपर्क भी किया है। इसतके यूक्रेन के पूर्व प्रधानमंत्री मेकोला अजारोव भी शामिल हैं। हालांकि इस दावे के समर्थन में किसी तरह का कोई भी सुबूत पेश नहीं किया गया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| यमन में तबाही, जेल पर हुए हवाई हमले में मरने वाले कैदियों की संख्या 82 हुई Posted: 23 Jan 2022 06:45 AM PST यमन में तबाही, जेल पर हुए हवाई हमले में मरने वाले कैदियों की संख्या 82 हुईयमन। यमन के सादा प्रांत में एक जेल पर हुए हवाई हमले में मरने वालों की संख्या 80 से अधिक हो गई है। जानकारी के अनुसार, एक सहायता समूह ने स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि यमन के सादा प्रांत में स्थित जेल पर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा किए गए हवाई हमले में करीब 82 लोग मारे गए हैं। और 266 लोग घायल हो गए हैं। सहायता समूह ने कहा कि, मरने वालों की संख्या अधिक हो सकती है, क्योंकि अभी भी राहत-बचाव का कार्य जारी है। दरअसल, कुछ दिनों पहले हूती विद्रोहियों ने संयुक्त अरब अमीरात के एक मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। राजधानी अबू धाबी के मुख्य एयरपोर्ट पर आग लग गई और तीन ईंधन टैकरों में विस्फोट हो गया था। इसमें दो भारतीय नागरिकों समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। यमन के हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। जिसके बाद हूती विद्रोहियों की ओर से संचालित जेल पर सऊदी अगुवाई वाले सैन्य गठबंधन की ओर से हवाई हमले किए गए। इस हवाई हमले में अब तक 80 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सहायता समूह के कर्मचारियों की मानें तो इस हमले में जेल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में सामने आए 7,500 से ज्यादा नए मामले Posted: 23 Jan 2022 06:43 AM PST पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में सामने आए 7,500 से ज्यादा नए मामलेइस्लामाबाद। पाकिस्तान में कोरोना वायरस के कारण एक बार से स्थिति बिगड़ने लगी है। यहां संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। पिछले 24 घंटे में यहां साढ़े सात हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। पाकिस्तान के नेशनल कमांड और आपरेशन सेंटर ने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 7,586 ताजा मामले दर्ज किए गए हैं। जियो टीवी ने बताया कि पाकिस्तान के एनसीओसी के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 में महामारी की शुरुआत के बाद सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। इस दौरान 7,678 केस सामने आए थे। पिछले 24 घंटों के दौरान देश में कुल 58,334 परीक्षण किए गए, जिनमें से 7,586 की रिपोर्ट पाजिटिव आई है, जिससे देशभर में संक्रमण के मामलों की संख्या 1,367,605 हो गई है। देश की सकारात्मकता दर अब 13 फीसद की रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रुप में मनाई गई। Posted: 23 Jan 2022 03:44 AM PST नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रुप में मनाई गई।बलरामपुर /कटिहार :-बलरामपुर प्रखंड के अंतर्गत राजवंशी युवा क्लब कौआटोली में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वी जयंती मनाई गई ।समाजसेवी जगन्नाथा दास ने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्र भारत के विचार के प्रति अपनी उग्र प्रतिबद्धता दिखाने के लिए आजाद हिंद के गठन जैसे साहसी कदम उठाए। उन्हें राष्ट्रीय प्रतीक बनाते हैं उनके आदर्श और बलिदान हर भारतीय को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। इस मौके पर एनवाईवी संगीता कुमारी, दुलाल कुमार दास, यमुना सिंह, राजेश शर्मा, कमलेश दास आदि उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| राष्ट्रीय बालिका दिवस: नए भारत के वास्तुकारों का सशक्तिकरण Posted: 23 Jan 2022 03:41 AM PST राष्ट्रीय बालिका दिवस: नए भारत के वास्तुकारों का सशक्तिकरण- रेखा शर्मा, अध्यक्ष राष्ट्रीय महिला आयोग हम आजादी के 75 साल का जश्न मना रहे हैं, ऐसे में लड़कियों के सशक्तिकरण की आवश्यकता एक ऐसा विचार है, जिसे हर कोई भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानता है। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार लड़कियों को सशक्त बनाने की प्रबल पक्षधर रही है। हम एक नया भारत देख रहे हैं, जो लड़कियों की क्षमता को साकार करने और उनके नेतृत्व गुणों का प्रदर्शन करने के अवसरों के साथ ही उन्हें सशक्त बनाने को प्राथमिकता देता है। भारत महिलाओं के विकास से 'महिला नेतृत्व वाले विकास' में बदल रहा है और हमारे प्रधानमंत्री के इस क्रांतिकारी दृष्टिकोण में; लड़कियों को उनकी वास्तविक क्षमता को साकार करने और राष्ट्र के विकास एवं प्रगति में योगदान देने के अवसरों के साथ, नए भारत के लीडर्स के रूप में देखा जा रहा है। अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, सरकार ने शिक्षा, रोजगार और सशक्तिकरण के लिए लड़कियों की समान पहुंच को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए हैं। समाज में ठोस बदलाव लाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कारक जनता की मानसिकता को बदलना है और सरकार की 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' (बीबीबीपी) योजना के माध्यम से आया परिवर्तन समाज में प्रतिबिंबित हो रहा है। माननीय प्रधानमंत्री ने बेटी के जन्म और उसके अधिकारों के प्रति समाज में व्यावहारिक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की थी। बीबीबीपी योजना लड़कियों में शिक्षा की कमी और कन्या भ्रूण हत्या जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के खिलाफ लोगों को जागरूक करती है। यह योजना बालिकाओं के प्रति पूर्वाग्रहों को दूर करने और बेटी के जन्म का उत्सव मनाने की नई प्रथाओं को शुरू करने के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को प्रेरित करती है। समाज में लैंगिक भेदभाव को मिटाने के लिए इस योजना ने जनता को संवेदनशील बनाया है। इस योजना ने भेदभाव दूर करने और बेटा-बेटी एकसमान की सोच रखने वाला समाज बनाने की दिशा में अपनी भूमिका को लेकर लोगों को जागरूक किया है। सरकार द्वारा 'स्वच्छ भारत: स्वच्छ विद्यालय' अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत छात्राओं के बीच ड्रॉपआउट रेट (स्कूल छोड़ने की दर) कम करने के लिए लड़कियों के लिए अलग शौचालय का निर्माण किया गया और यह सुनिश्चित किया गया है कि भारत के हर स्कूल में वॉश सुविधाएं उपलब्ध हों। पर्याप्त पानी और स्वच्छता सुविधाएं लड़कियों के शिक्षा पूरी करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं और पढ़ाई से उनका समग्र विकास भी सुनिश्चित होता है। मासिक धर्म स्वच्छता के लिहाज से अलग शौचालय और सुविधाएं मिलने से लड़कियों को स्कूल जाने और बीच में स्कूल छोड़ने वालों की संख्या कम करने में मदद मिलेगी। जब हमारी बेटियों को स्कूलों में अलग शौचालय, साफ पानी और सबसे अच्छी स्वच्छता सुविधाएं मिलेंगी तो कम उम्र में उनकी शादी की संभावनाओं को भी कम करने में मदद मिलेगी। लड़कियां सभी क्षेत्रों में लड़कों की बराबरी कर रही हैं। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार का एक और ऐतिहासिक फैसला शादी की उम्र में समानता लाने का है। केंद्र सरकार ने हाल ही में महिलाओं के लिए शादी की उम्र 21 साल तक बढ़ाकर लैंगिक रूप से समान नीतियां बनाने की दिशा में एक और ठोस कदम उठाया है। बाल विवाह के चलते महिलाओं को जल्दी गर्भावस्था, कुपोषण और शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। केंद्र के नए फैसले से समाज की उस दकियानूसी धारणा के भी खत्म होने की उम्मीद है जिसमें शादी को महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर देखा जाता है और यह भी मानते हैं कि महिलाओं की उम्र उनके पति से कम होनी चाहिए। महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित की है। हम और अधिक महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार करना चाहते हैं, जो अपने सशक्तिकरण की यात्रा में दूसरी महिलाओं को आगे आने और सशक्त बनाने में योगदान देंगी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने हमेशा लड़कियों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार के एजेंडे के अनुरूप नई पहल की हैं। लड़कियों को आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए तैयार करने की पहल के तहत, आयोग ने स्नातक कर रही और स्नातकोत्तर छात्राओं के लिए एक देशव्यापी क्षमता निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत, एनसीडब्लू व्यक्तिगत क्षमता निर्माण, व्यावसायिक करियर कौशल, डिजिटल साक्षरता एवं सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल पर सत्र आयोजित करने के लिए केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर काम कर रहा है, जिससे छात्राओं को नौकरी के लिए तैयार किया जा सके। हमें हर क्षेत्र में और लीडर्स की जरूरत है और एनसीडब्लू अपने पाठ्यक्रम के जरिए लड़कियों को कुशल नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में प्रयासरत है। आयोग अपने कार्यक्रम 'वी थिंक डिजिटल' के माध्यम से लड़कियों की डिजिटल साक्षरता के लिए मेटा और साइबर पीस फाउंडेशन के साथ भी सहयोग कर रहा है। यह परियोजना 2018 में डिजिटल शक्ति के रूप में लॉन्च की गई थी, जिसके तहत पूरे भारत में 60,000 महिलाओं और लड़कियों को डिजिटल साक्षरता एवं ऑनलाइन सुरक्षा में प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से लोगों ने भागीदारी की और इसके पिछले दो चरणों में 1,60,000 से अधिक महिलाओं और लड़कियों को जागरूक किया गया। परियोजना के तीसरे और वर्तमान चरण के तहत 1 लाख 50 हजार महिलाओं और लड़कियों को जागरूक करने का लक्ष्य है। नया भारत लड़कियों को उनकी नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। यह गर्व की बात है कि लड़कियां राष्ट्र के विकास में अधिक महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाने के लिए आगे आ रही हैं। सरकार अपनी महिला केंद्रित नीतियों के साथ, हर क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए आगे बढ़ रही है। हम महाशक्ति बनने की अपनी यात्रा में एक लंबा सफर तय कर चुके हैं लेकिन अभी हमें पुराने दकियानूसी बंधनों को तोड़ने की जरूरत है। लड़कियों को आगे आने और समाज में बदलाव का वाहक बनने की जरूरत है। एक समाज के रूप में यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हर लड़की को, चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो, आगे बढ़ने और एक सम्मानपूर्ण जीवन जीने के लिए समान अवसर मिले। हमें एक नए भारत का निर्माण सुनिश्चित करना है, जहां हर लड़की को नेतृत्व करने का समान अवसर मिले, जैसे किसी और को मिलता है। इस तरह से हम अपने प्रधानमंत्री के महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण को हासिल कर सकेंगे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 23 Jan 2022 03:25 AM PST ईंट का जवाब ---:भारतका एक ब्राह्मण. संजय कुमार मिश्र "अणु" ---------------------------------------- जिनका नाम सुनते भर- कांपता था अंग्रेज थरथर। वो वीर सपूत जानता था- देना ईंट का जवाब पत्थर।। जिसकी राष्ट्र भक्ति पर- था सबको अटल विश्वास। सारी दुनियां जानती है,कि- वो एकमात्र नाम है सुभाष।। आजाद हिंद फौज का नायक, रहा सबसे बडा विजेता। मान चुकी थी सारी दुनियां- जिसको अपना नेता।। कहते हैं कुछ लोग यहाँ के- उसे निगल गया था अम्बर। कहती है ये दुनियां सारी- अवतारी था वो भू पर।। था कुछ ऐसा सपूत भारत का, जिसकी नहीं है कोई सानी। बलिदान दिवस है आज उन्हींका, है अमर सुभाष बलिदानी।। ---------------------------------------- नेताजी बलिदान दिवस पर शाब्दिक श्रद्धा। ---------------------------------------- वलिदाद, अरवल(बिहार)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 23 Jan 2022 03:22 AM PST भारतीय जन महासभा के द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती रविवार को बड़े ही धूमधाम के साथ मनायी गयी ।भारतीय जन महासभा (देश व समाज को समर्पित अखिल भारतीय संगठन) के द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती रविवार को हिन्दू पीठ के प्रांगण में बड़े ही धूमधाम के साथ मनायी गयी । जयंती समारोह में उपस्थित अनेक लोगों ने नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए । इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने कहा कि आजाद हिंद फौज की स्थापना जापान में रासबिहारी बोस ने सन 1942 में की थी । कहा कि 21 अक्टूबर 1943 को नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद सरकार बनाई थी । बताया कि द्वितीय विश्वयुद्ध में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने जापान की सहायता की थी इसलिए 7 नवंबर 1943 को जापान ने अंडमान निकोबार द्वीप आजाद हिंद सरकार को सौंप दिया था । नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को पहली बार भारतीय तिरंगा झंडा पोर्ट ब्लेयर के जिमखाना ग्राउंड में फहराया था । इस प्रकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने पहली बार भारत की धरती पर अंडमान में भारतीय तिरंगा झंडा फहराया था । कहा कि स्वार्थी लोगों ने नेताजी को गुमनामी के अंधेरे में धकेल दिया । कहा कि इस सच्चाई को पाठ्य पुस्तकों में सम्मिलित कर भावी पीढ़ी को सही इतिहास की जानकारी दिए जाने की आज महती आवश्यकता है । हिंदू पीठ के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय जन महासभा इस कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी विभिन्न महापुरुषों व क्रांतिकारियों का जन्मदिन मना रही है और देशवासियों में देश प्रेम की भावना को जगा रही है , यह बहुत बड़ी बात है । हम सभी को अधिक से अधिक इस प्रकार के कार्यों को करते रहना चाहिए । समाजसेवी श्री अरुण कुमार बाकरेवाल ने कहा की नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पढ़ना हम सभी के लिए आवश्यक है । भारत के पहले प्रधानमंत्री को ही हमने भुला दिया । यह कैसी विडंबना है , इस पर विचार होना चाहिए । इस शुभ अवसर पर संरक्षक श्री राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के पहले प्रधानमंत्री हुए थे । दुःखद है कि कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के वशीभूत होकर नेता जी को एकदम से भुला दिया । कहा कि आज आवश्यकता है कि इस सच्चाई से भावी पीढ़ी को पाठ्यक्रम की पुस्तकों में बदलाव करके अवगत कराया जाए । कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रकाश मेहता ने किया । जयंती मनाने वालों में मुख्य रूप से श्री पोद्दार के अलावे संरक्षक श्री राजेंद्र कुमार अग्रवाल , समाजसेवी श्री अरुण कुमार बाकरेवाल , बसंत कुमार सिंह , प्रकाश मेहता , श्रीमती अर्चना बरनवाल , श्रीमती भुनेश्वरी मिश्रा , अरविंद बरनवाल , अनिल सिंह श्रीमती पिंकी देवी बालकृष्ण हिंदू पीठ के अध्यक्ष श्री अरुण सिंह , अविनाश सिंह , पीके यादव , शत्रुघन कुमार , पप्पू सिंह , मोहित राज , श्रीमती चंदा तिवारी , शौर्य तिवारी , प्रकाश दुबे , विजय अग्रवाल आदि की उपस्थिति रही । इसके अलावे श्री विश्वकर्मा मंदिर पहाड़गंज नई दिल्ली में भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई गई जिसमें संरक्षक श्री गंगा दीन शर्मा के अलावे अनेक लोग उपस्थित थे । और भी भारतीय जन महासभा के लोगों ने देश-विदेश के अनेक भागों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई जिसमें सिंगापुर से श्रीमती बिदेह नंदनी चौधरी ,रांची से विजय केडिया ,बक्सर बिहार से अजय कुमार सिंह , गमहरिया जिला सरायकेला-खरसावां से श्रीमती मीना चौधरी ,दरभंगा बिहार से अनुराग कुमार एवं अन्य आदित्यपुर जिला सरायकेला-खरसावां से प्रकाश मेहता एवं अन्य अजमेर राजस्थान से श्रीमती मधु खंडेलवाल 'मधुर' नागपुर महाराष्ट्र से श्रीमती अनुसूया अग्रवाल करौली राजस्थान से श्री अशोक गोयनका कलियावर असम से श्रीमती कल्पना देवी आत्रेय जयपुर राजस्थान से ओम प्रकाश अग्रवाल जोरहाट असम से श्रीमती जयश्री शर्मा ज्योति युगांडा से श्री ए के जिंदल नोनीहाट दुमका से श्रीमती रेखा देवी जुगसलाई जमशेदपुर से प्रमोद खीरवाल जींद हरियाणा से पवन सिंगला नई दिल्ली से दीप शेखर सिंहल कदमा जमशेदपुर से संतोष मिश्रा महासमुंद छत्तीसगढ़ से ओमप्रकाश चंद्राकार भागलपुर बिहार से श्रीमती लक्ष्मी सिंह रांची से सुजीत कुमार सिंगापुर से डॉ प्रतिभा गर्ग मेरठ उत्तर प्रदेश से श्रीमती लक्ष्मी गुसाईं जींद हरियाणा से पवन सिंगला एवं अनेक अन्य जुगसलाई जमशेदपुर से श्रीमती संजू मिश्रा वाराणसी से डॉ रंजना श्रीवास्तव परसुडीह जमशेदपुर से श्रीमती नीता सागर चौधरी एवं अन्य आदि के नाम मुख्य रूप से सम्मिलित हैं । श्री पोद्दार ने बताया कि इस प्रकार देश-विदेश के कुल 29 स्थानों पर भारतीय जन महासभा के 90 लोगों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनायी , जो एक बड़ी उपलब्धि रही । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 23 Jan 2022 03:18 AM PST
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| Posted: 22 Jan 2022 07:28 AM PST
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| महासंघ के देवघर जिला इकाई की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न Posted: 22 Jan 2022 07:05 AM PST महासंघ के देवघर जिला इकाई की महत्वपूर्ण बैठक संपन्नसार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ के देवघर जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक आज दिनाँक 22 जनवरी, 2022 (शनिवार) को देवघर जिलान्तर्गत कालीधाम संस्कार भवन, पाथरोल में सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता पंडित नवीन पाठक ने की। इस बैठक में चेतनारी, तेतरिया, दोरही, पाथरोल सहित देवघर जिले के निकटवर्ती क्षेत्रों के स्वजातीय बंधुओं ने भाग लिया। इस बैठक में संगठन के विस्तार हेतु कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही इस बैठक में दिलीप कुमार पाठक को देवघर जिलास्तरीय संगठन तैयार करने के लिए जिलाध्यक्ष,अरुण मिश्र सचिव,तथा अजित कुमार पाठक को जिला युवा मोर्चा के अध्यक्ष की जिम्मेवारी सौंपी गई। इस बैठक में महासंघ से जुड़े गिरिडीह एवं धनबाद के कई पदाधिकारियों ने भाग लिया। इनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक उपाध्याय, प्रदेश अध्यक्ष संजीव मिश्र, संगठन मंत्री अशोक कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष डॉ. बृजबिहारी पाठक, गिरिडीह जिलाध्यक्ष शरद भक्त, अम्बरीष पाठक, जितेश मिश्र आदि शामिल थे। इस बैठक में देवघर क्षेत्र से शामिल अन्य प्रमुख व्यक्तियों में उमेश चन्द्र मिश्र, अजय कुमार पाठक, महेश कुमार पाठक, शैलेश चन्द्र पाठक, सुनील कुमार पाण्डेय, गौतम पाठक, अंकित पाठक, आदित्य पाठक, मनोज पाठक, अंकित कुमार पाण्डेय, आलोक कुमार पाण्डेय, संतोष पाठक, अरुण कुमार पाठक, उत्तम कुमार पाठक, पंकज पाठक, बिपिन बिहारी मिश्र, मुकुल कुमार पाठक, पूरण पाठक आदि शामिल थे। यह जानकारी महासंघ के महासचिव डॉ. सुधांशु शेखर मिश्र ने दी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Jan 2022 06:56 AM PST अपने सुभाषप्रबल पौरुष प्रखरतम संकल्प साधक थे सुभाष शत्रुओंं के कुचक्रों के कठिन वाधक थे सुभाष!! देश की गरिमा समेटे स्पष्ट नीति बता गये राष्ट्र को संग्राम की साफल्य- रीति बता गये!! लोलुपों की कुटिलता के धब्दभेदी बाण थे देशभक्ति समुच्चता के दृढप्रतिज्ञ प्रमाण थे!! सर्वप्रथम जला गये स्वातंत्र्यदीप विशेष जो ध्वज तिरंग लिए हुए इतरा रहा है देश जो!! नहीं था जिनके लिए कुछ भी अप्राप्य असाध्य सा हर कला ते थे निपुण हर मार्ग सुगम अवाध्य था!! देश की धरती न केवल आसमा भी मग्न था फिरंगी का लोभ शासन क्रांति सम्मुख नग्न था!! विदेशो के नीतिकारो ने दिया सम्मान है राजनीतिक हलचलों मेंउठा गौरव गान है!! फौज अपनी आज भी उस नीव पर है गरजती शत्रुओं की भीड़ पर बादृल सरीखी बश्रसयी!! नमन शत शत उस महा योद्धा सपूत सुमास को जगाकर जो सो गया प्रच्छन्न दिव्य प्रकाश को!! डा रामकृष्णहमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Jan 2022 07:27 AM PST है स्वतंत्र गणतंत्र हमारा बहनों ने राखी अपनी तो माँ ने गोद लूटायी है।तब जाकर भारत माता ने यह आजादी पायी है।। मातृभूमि के हवनकुंड में जीवन अर्पण कर डाला। शोणित से सींचा धरती को लाल रंग में रंग डाला।। नहीं मुफ्त की आजादी अनमोल रत्न सब खोये हैं। देश धर्म की रक्षा में नरमुंड धरा पर बोये हैं।। चुरी कंगन काजल बिंदी मेंहदी सिंदूर मिटायी है। तब जाकर भारत माता ने यह आजादी पायी है। है स्वतंत्र गणतंत्र हमारा वीरों के बलिदानों से। भगत राजगुरु सुखदेव शेखर जैसे दिवानों से।। सुभाष टैगोर तिलक अश्फाक खान मस्ताना था। हर हर महादेव बोल पहना केसरिया बाना था।। रणचंडी लक्ष्मीबाई ने मिट्टी की लाज बचायी है। तब जाकर भारत माता ने यह आजादी पायी है।। जलियांवाला बाग साक्ष्य वह साक्षी हल्दीघाटी है। साक्षी है चित्तौड़ दुर्ग रणवीरों की परिपाटी है।। कितने धूर्त सिकंदर के मद को पोरस ने चूर किया। सत्रह बार मुहम्मद गोरी के घमंड को चूर किया।। कितने पद्मिनियों ने मिलके जौहर साथ रचायी है। तब जाकर भारत माता ने यह आजादी पायी है।। नाम शिवाजी का सुनकर नहीं मुगल सो पाता था। राणा के डर से तो अकबर रोता था चिल्लाता था।। गोरों से लड़कर छीना इन बस्ती के अधिकारों को। बाल वृद्ध ने हवा दिया था आजादी के नारों को।। अस्सी साल के कुंवर सिंह गोरो को धूल चटायी है। तव जाकर भारत माता ने यह आजादी पायी है।। ----------------------------------------------------------- उदय शंकर चौधरी नादान कोलहंटा पटोरी दरभंगा बिहारहमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| बिहारी कनेक्ट लंदन में दिखाएगा देश प्रेम Posted: 22 Jan 2022 06:44 AM PST बिहारी कनेक्ट लंदन में दिखाएगा देश प्रेमहमारे संवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा की खास खबर लंदन में रह रहे वाले बिहारियों की संस्था "बिहारी कनेक्ट" 25 जनवरी को लंदन में भारतीय गणतंत्र दिवस मनाएगी। इस अवसर पर भोजपुरी भाषा और भोजपुरी फिल्म से जुड़े कालाकार यहां अपनी प्रस्तुति भी देंगे। इस बात की जानकारी बिहारी कनेक्ट की संयुक्त सचिव अमृता चौबे उर्फ डॉली पांडे ने दूरभाष पर दी। सूत्रों के अनुसार, जश्न ए रिपब्लिक (भारत) के नाम से इंडियन हाई कमीशन, लंदन के सहयोग से और इंडियन कम्यूनिटी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन के साथ मिल कर शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक हाउन्सलो शहर के हनीमून बेंक्वेट सभागार में आयोजित किया जाएगा। बिहारी कनेक्ट संस्थान के चेयरमैन डा. उद्देश्वर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ ऑनर लॉर्ड पोपट, बैरूनिस वर्मा और मुख्य अतिथि पद्मश्री बॉब ब्लैकमैन (एमपी) होंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि लॉर्ड रामी रंगेर, श्री कुलदीप शेखावत और श्री अभय सिन्हा होंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में भोजपुरी के कलाकार पवन सिंह, चिंटू पांडे, रीतेश पांडे, समृति सिन्हा, अनारा गुप्ता, काजल राघवानी, प्रियांशु सिंह, पूजा चौरसिया, प्रियंका रेवरी, ज्योति पांडे, रांभा और भोजपुरी फिल्म के चर्चित खलनायक अवधेश मिश्रा भारत से अपनी प्रस्तुति देने आ रहे हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| ठंड में थोड़ी सावधानी बरतें बच्चे और बुजुर्ग Posted: 22 Jan 2022 06:04 AM PST ठंड में थोड़ी सावधानी बरतें बच्चे और बुजुर्गसंवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट सारण मसरख के सुप्रसिद्ध डॉ रामप्रकाश ने बताया कि कड़ाके की ठंड और कप कपा देने वाली शीतलहरी चल रही है इसमें बच्चे और बुजुर्ग को एकदम सुरक्षित रहना जरूरी है पिछले सात दिन में बड़ी संख्या में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं सरकारी अस्पताल और निजी क्लीनिक में अभी आने वाले मरीज में बच्चे वह बुजुर्ग सबसे अधिक हैं वे सर्दी जुकाम निमोनिया और कोल्ड डायरिया से ज्यादा प्रभावित हैं ठंड मे बुजुर्ग को भी सुरक्षित रहना जरूरी है खास करके जिन बुजुर्ग को हाई ब्लड प्रेशर मधुमेह और हृदय संबंधित कोई रोग हो उनके लिए यह मौसम ठीक नहीं है डॉ रामप्रकाश ने यह भी कहा की ठंड से बचने का सबसे अच्छा तरीका तो यह है कि सुबह मैं जब तक धूप ना निकले तब तक बच्चे और बुजुर्ग को घरों से बाहर ना निकलने दें ठंड से बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा बीमार पर रहे हैं कोई भी परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें उपचार में विलंब घातक साबित हो सकता है हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Jan 2022 05:27 AM PST
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| Posted: 22 Jan 2022 04:58 AM PST संतों की रहस्यमयी बातें(हिफी डेस्क-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) सनातन धर्म में ब्रह्ममुहूर्त में उठने की परम्परा क्यों है..? हमारे सिद्ध योगी ऋषि संत मुनियों ने ब्रह्म मुहूर्त में उठना श्रेष्ठतम बताया है। ऋषियों मुनियों के अनुसार यह समय निद्रा त्याग के लिए सर्वोत्तम है। ब्रह्म मुहूर्त में उठने से सौंदर्य बल विद्या बुद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का लाभ होता है। सूर्योदय से चार घड़ी (लगभग डेढ़ घंटे) पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में ही जग जाना चाहिए। इस समय सोना अहितकर और शास्त्र निषिद्ध है... ब्रह्ममुहूर्त यानी अनुकूल समय रात्रि का अंतिम प्रहर अर्थात् प्रातः 4 से 5.30 बजे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहा गया है। ब्रह्ममुहूर्ते या निद्रा सा पुण्यक्षयकारिणी अर्थात् ब्रह्म मुहूर्त की निद्रा पुण्य का नाश करती है। ईश्वर भक्ति के लिए यह सर्वश्रेष्ठ समय है। इस समय उठने से मनुष्य को सौंदर्य लक्ष्मी बुद्धि नीरोग की प्राप्ति होती है उसका मन शांत और तन पवित्र होता है...ब्रह्म मुहूर्त में उठना हमारे जीवन के लिए बहुत लाभकारी है। स्वस्थ रहने और सफल होने का यह ऐसा उत्तम और पवित्र सूत्र है जिसमें खर्च कुछ नहीं होता। केवल आलस्य छोड़ने की जरूरत है... शास्त्रों में भी इसका उल्लेख है...। वर्णं कीर्तिं मतिं लक्ष्मीं स्वास्थ्यमायुश्च विदन्ति ब्राह्मे मुहूर्ते संजाग्रच्छि वा पंकज यथा ब्रह्म मुहूर्त में उठने से व्यक्ति को सुंदरता लक्ष्मी बुद्धि स्वास्थ्य आयु आदि की प्राप्ति होती है... वेदों में भी ब्रह्म मुहूर्त में उठने का महत्व और उससे होने वाले लाभ का उल्लेख किया गया है... प्रातारत्नं प्रातरिष्वा दधाति तं चिकित्वा प्रतिगृहृानिधत्तो तेन प्रजां वर्धयमान आयृ रायस्पोषेण सचेत सुवीरः सुबह सूर्य उदय होने से पहले उठाने वाले व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इसीलिए बुद्धिमान लोग इस समय को व्यर्थ नहीं गंवाते। सुबह जल्दी उठने वाला व्यक्ति स्वस्थ सुखी ताकतवाला और दीर्घायु होता है....। यद्य सूर उदितोऽर्यमा सुवाति सविता भगः व्यक्ति को सुबह सूर्योदय से पहले शौच एवं स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद भगवान की उपासना करना चाहिए। इस समय की शुद्ध एवं निर्बल हवा से स्वास्थ्य और संपत्ति की वृद्धि होती है। उद्यन्त्सूर्यं इव सुप्तानां द्विषतां वर्च आददे अगर सूरज उगन के बाद भी जो नहीं उठते या जागते तो उनका तेज और जीवन खत्म हो जाता है। अत सनातन धर्म के नियमानुसार हमें अपने पूर्वजों के बताये कर्मानुसार ही हमें अपनी जीवनशैली को जीवन में अपनाना चाहिए। इसी से हमारे जीवन की शांति और जीवन का असली आनन्द है.... आप सभी जीवन स्वस्थ और प्रसन्न रहे यही हमारी कामना है। अब तो आप समझ ही गये होंगे कि भारतीय मनीषियों ने प्रातःकाल जगने की शिक्षा क्यों दी है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Jan 2022 04:53 AM PST भक्ति में है बहुत शक्ति(हिफी डेस्क-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) एक औरत रोटी बनाते बनाते ऊँ भगवते वासूदेवाय नमः का जाप कर रही थी, अलग से पूजा का समय कहाँ निकाल पाती थी बेचारी, तो बस काम करते करते ही ध्यान कर लेती थी। तभी एकाएक धड़ाम से जोरों की आवाज हुई और साथ मे दर्दनाक चीख। कलेजा धक से रह गया जब आंगन में दौड़ कर झांकी तो आठ साल का चुन्नू चित्त पड़ा था, खून से लथपथ। मन हुआ दहाड़ मार कर रोये, परन्तु घर मे उस समय उसके अलावा कोई था नही, रोकर भी किसे बुलाती, फिर चुन्नू को संभालना भी तो था। दौड़ कर नीचे गई तो देखा चुन्नू आधी बेहोशी में माँ-माँ की रट लगाए हुए है। अन्दर की ममता ने आँखों से निकल कर अपनी मौजूदगी का अहसास करवाया। फिर 10 दिन पहले करवाये अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बावजूद ना जाने कहाँ से इतनी शक्ति आ गयी कि चुन्नू को गोद मे उठा कर पड़ोस के नर्सिंग होम की ओर दौड़ी। रास्ते भर भगवान को जी भर कर कोसती रही, बड़बड़ाती रही, हे कन्हैया क्या बिगाड़ा था मैंने तुम्हारा, जो मेरे ही बच्चे को....। खैर डॉक्टर साहब मिल गए और समय पर इलाज होने पर चुन्नू बिल्कुल ठीक हो गया। चोटें गहरी नही थी, ऊपरी थीं तो कोई खास परेशानी नही हुई। रात को घर पर जब सब टीवी देख रहे थे तब उस औरत का मन बेचैन था। भगवान से विरक्ति होने लगी थी। एक माँ की ममता प्रभुसत्ता को चुनौती दे रही थी। उसके दिमाग में दिन की सारी घटना चलचित्र की तरह चलने लगी। कैसे चुन्नू आँगन में गिरा कि एकाएक उसकी आत्मा सिहर उठी, कल ही तो पुराने चापाकल (नल) का पाइप का टुकड़ा आँगन से हटवाया है, ठीक उसी जगह था जहाँ चिन्टू गिरा पड़ा था। अगर कल मिस्त्री न आया होता तो ? उसका हाथ अब अपने पेट की तरफ गया जहाँ टाँके अभी हरे ही थे, ऑपरेशन के। आश्चर्य हुआ कि उसने 20-22 किलो के चुन्नू को उठाया कैसे, कैसे वो आधा किलोमीटर तक दौड़ती चली गयी ? फूल सा हल्का लग रहा था चुन्नू। वैसे तो वो कपड़ों की बाल्टी तक छत पर नही ले जा पाती। फिर उसे ख्याल आया कि डॉक्टर साहब तो 2 बजे तक ही रहते हैं और जब वो पहुँची तो साढ़े 3 बज रहे थे, उसके जाते ही तुरन्त इलाज हुआ, मानो किसी ने उन्हें रोक रखा था। उसका सिर प्रभु चरणों मे श्रद्धा से झुक गया। अब वो सारा खेल समझ चुकी थी। मन ही मन प्रभु से अपने शब्दों के लिए क्षमा माँगी। तभी टीवी पर ध्यान गया तो प्रवचन आ रहा था- प्रभु कहते हैं, मैं तुम्हारे आने वाले संकट रोक नहीं सकता, लेकिन तुम्हें इतनी शक्ति दे सकता हूँ कि तुम आसानी से उन्हें पार कर सको, तुम्हारी राह आसान कर सकता हूँ। बस धर्म के मार्ग पर चलते रहो। उस औरत ने घर के मन्दिर में झाँक कर देखा, कन्हैया मुस्कुरा रहे थे। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| यूपी के लिए उपयोगी होने का आधार Posted: 22 Jan 2022 04:48 AM PST यूपी के लिए उपयोगी होने का आधार(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) कुछ समय पहले नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा में योगी आदित्यनाथ को यूपी के लिए बहुत उपयोगी बताया था। उनके इस कथन का अनेक प्रकार से विश्लेषण किया गया। अपने अपने आग्रहों के अनुरूप सहमति व असहमति व्यक्त की गई। विपक्षी पार्टियों ने कहा योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के लिए अनुपयोगी है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथन पांच वर्ष के तथ्यों पर आधारित था। यह सब दस्तावेज के रूप में सार्वजनिक है। वास्तविक विकास वह है जो आमजन को परिलक्षित हो। पूर्ववर्ती सरकारों के साथ ही वर्तमान सरकार का रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष है। इनमें से अनेक तथ्य अनुभव में रहे है। कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का भौतिक सत्यापन किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में करोड़ों की संख्या में गरीबों किसानों आदि को सीधा व शत प्रतिशत लाभ मिला है। इसका वह अनुभव करते है। इसके माध्यम से उनके जीवन में बदलाव आया है। यह सब ईज ऑफ लिविंग में सुधार के परिणाम है। इनको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विषय में तो कुछ नहीं कहा। किंतु यूपी के लिए भाजपा सरकार की उपयोगिता को अवश्य रेखंकित किया। वर्तमान सरकार ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया। इसका सकारात्मक परिणाम प्रत्येक क्षेत्र में परिलक्षित है। विकास के व्यवस्था में सुधार अपरिहार्य होता है। योगी सरकार ने इसको साकार किया। माफियाओं की अवैध सम्पत्ति पर बुलडोजर चलाया गया। दंगाइयों पर नकेल कसी गई। वस्तुतः यह कार्य कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत व्यापक सन्देश थे। इनका असर पूरे प्रदेश पर हुआ। दूसरी तरफ विपक्ष ने बुलडोजर को मुद्दा बनाने का प्रयास किया। उसने कहा कि यह बुलडोजर वाली सरकार है। योगी आदित्यनाथ अपनी दृढ़ता पर कायम रहे। कहा कि दुबारा सरकार बनी तो अवैध सम्पत्ति पर पुनः बुलडोजर चलाने का कार्य किया जाएगा। दंगाइयों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं दिखाई जाएगी। इस मसले पर भी विपक्ष का रुख अलग था। निर्णय मतदाताओं को करना है। विचारधाराएं व मंसूबे अलग-अलग है, जबकि नीति स्पष्ट है। यह स्थिति मतदाताओं के लिए सही होती है। वह बता सकते है कि उन्हें किस प्रकार की सरकार पसंद है। किस प्रकार की सरकार उत्तर प्रदेश के लिए उपयोगी होगी। विगत पांच वर्षों में कोई दंगा नहीं हुआ। माफिया दंगाई व अराजक तत्व खामोश है। योगी आदित्यनाथ ने उन तथ्यों का उल्लेख किया जिसके लिए भाजपा सरकार जरूरी है। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, घोटालों पर नियंत्रण, दंगाइयों के साथ कठोरता, तुष्टिकरण की समाप्ति, सरकारी भर्ती में पारदर्शिता, बिजली की निर्बाध व पर्याप्त आपूर्ति, अनेक एक्सप्रेस वे, एन्टी रोमियो अभियान, इंसेफेलाइटिस और कोरोना जैसी महामारी से बचाव, किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम और सम्मान निधि, एक जिला एक उत्पाद योजना, इसकी तर्ज पर एक जिला एक मेडिकल कॉलेज, निवेश व औद्योगिकरण आदि कारणों से भाजपा सरकार यूपी के लिए उपयोगी है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लोकर्पण के साथ ही उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। एक्सप्रेस बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे,गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे व बलिया लिंक एक्सप्रेसवे का कार्य प्रगति पर है।कुछ समय पहले प्रधानमंत्री ने मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया था। सबसे बड़ी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना अगले करीब दो वर्ष पूरी होगी।गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण गोरखपुर आजमगढ़ के बीच तेजी से चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे लगभग छह सौ किमी लंबी होगी। देश की सबसे लंबी गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनेगी। इसके लिए पंचानबे प्रतिशत से ज्यादा जमीन खरीदी जा चुकी है। सरकार ने दशकों से लम्बित वाण सागर, अर्जुन सहायक नहर, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोनाओं को पूरा किया। किसानों को समय से पानी के साथ खाद भी मिले इसके लिए करीब तीन दशक से बंद गोरखपुर के खाद कारखाने की जगह नया कारखाना लगाया गया है। सबके स्वास्थ्य का सपना साकार करने के लिए गोरखपुर एम्स का भी उद्घाटन हो चुका है। विकास का यह सिलसिला जारी है। पिछले कुछ वर्षों में यहां तीन लाख करोड़ रुपये की सड़कें बनी है। डबल इंजन की सरकार आगामी पांच साल में पांच लाख करोड़ रुपये का काम उत्तर प्रदेश में करेगी। कुल मिलाकर जब आठ लाख करोड़ का काम होगा तब उत्तर प्रदेश के सड़कों का इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के बराबर होगा। निर्माणाधीन एक्सप्रेस वे के समानांतर लैंड बैंक भी स्थापित हो रहे है। डिफेंस एक्सपो व इन्वेस्टर्स समिट में निवेश के समय से ही यह योजना आगे बढ़ रही है। इसके अलावा प्रत्येक पचास किलोमीटर पर यात्री सुविधा के लिए ढांचागत निर्माण किया जाएगा। एक बार फिर योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेस वे के आसपास के क्षेत्रों को औद्योगिक विकास एवं व्यावसायिक उपयोग के रूप में पहले से ही चिन्हित करने के निर्देश दिए है। सड़कों के संजाल से प्रदेश में फोर लेन इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी विकसित हुई है। वाराणसी से हल्दिया तक वॉटर हाई वे क्रियाशील है। आने वाले दिनों में प्रदेशवासियों को सी प्लेन की सुविधा भी उपलब्ध होने वाली है। आठ लाख करोड़ रुपये के कार्य प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बना देंगे। अयोध्या में पांच सौ वर्ष बाद श्री राम मंदिर का निर्माण व ढाई सौ वर्ष बाद भव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है। विपक्ष के लिए यह सब सोचना भी असंभव है। योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में भाजपा के थीम सांग व चुनावी अभियान के नारे यूपी फिर मांगें भाजपा सरकार तथा मीडिया सेंटर का शुभारंभ किया। कहा कि भाजपा सरकार सबका साथ सबका विकास व सबका विश्वास की भावना से कार्य कर रही है। वर्तमान सरकार राष्ट्रवाद,विकास सुशासन व अंत्योदय के विचार को चरितार्थ कर रही है। भाजपा सरकार ने उन सभी संकल्पों को पूरा किया। वंशवादी व जातिवादी राजनीति से प्रदेश को मुक्ति मिली है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ विकास के अभूतपूर्व कार्य किये गए है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Jan 2022 04:41 AM PST मोदी फिर सबसे लोकप्रिय(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) कुछ बात है जो हस्ती मिटती नहीं हमारी.... यह बात नरेन्द्र मोदी पर सटीक लगती है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता साबित हुए हैं। वैश्विक लोकप्रियता के इस पैमाने पर प्रधानमंत्री मोदी का मुकाबला दुनिया के 13 नेताओं से था। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी शामिल हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत पीछे रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 71 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली है और वे पहले स्थान पर रहे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन 43 फीसद के साथ छठवें नंबर पर रहे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को 43 फीसद के करीब ही रेटिंग मिली है लेकिन वे मामूली अंतर से बाइडेन से पिछड़ गए। जबकि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन 41 फीसद रेटिंग के साथ ट्रूडो से भी पीछे रहे। जाहिर है कि भारत के लिए वह गौरव की बात है। यह पहला मौका नहीं है, जब प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक लोकप्रियता के पैमाने पर अव्वल रहे हों। बीते साल नवंबर में भी उन्होंने इस सूची में पहला नंबर हासिल किया था। मई-2020 में तो उन्हें इस सूची में 84 फीसद की रेटिंग मिली थी। हालांकि मई-2021 में इसमें गिरावट आई थी, तब उनकी रेटिंग 63 फीसद के करीब थी। साल 2014 में एक वैश्विक तकनीकी प्लेटफॉर्म की स्थापना हुई थी। नाम रखा गया, 'मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस'। यह प्लेटफॉर्म दुनियाभर के चुनिंदा नेताओं के बारे में अन्य देशों के लोगों से बात करके साप्ताहिक आधार पर उनकी लोकप्रियता का आकलन करता है। अभी जो रेटिंग प्रकाशित हुई, वह 13 से 19 जनवरी 2022 को मिले फीडबैक पर आधारित है। बताते हैं कि इस प्लेटफॉर्म के साथ 100 देशों के लगभग 10 करोड़ लोग जुड़े हैं। इनमें से लगभग 1.5 करोड़ लोगों की राय हर हफ्ते चुनिंदा वैश्विक नेताओं के बारे में मिलती है। पीएम नरेंद्र मोदी के 2021 के कामकाज का मूल्यांकन किया जाए तो इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगा स्वदेशी निर्मित कोरोना वैक्सीन को आम लोगों तक पहुंचाना। वह भी ऐसी परिस्थिति में जिसका किसी को अनुभव नहीं था। इसके साथ ही साथ पीएम नरेंद्र मोदी के साहसिक कदम द्वारा इस दौरान 80 करोड़ लोगों तक मुफ्त में अनाज पहुंचाना भी बहुत बड़ी उपलब्धि है। दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी की इन उपलब्धियों को हम उनके पिछले 20 साल के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के तौर पर किए गए काम और अनुभव की पृष्ठभूमि में देख और समझ सकते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कई अनुभव हासिल किए और इसको अपने कामकाज में शामिल किया। इसमें उनका जन भागीदारी के माध्यम से कामकाज को आगे बढ़ाने की कला काफी महत्वपूर्ण है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भी उन्होंने जनभागीदारी सिद्धांत को अपनाया। हमें याद करना चाहिए कि जब पीएम नरेंद्र मोदी ने संपूर्ण लॉक डाउन का आह्वान किया सभी देशवासियों ने उनका साथ दिया। इसके साथ ही साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छता अभियान को चलाया और इसमें काफी हद तक सफलता भी मिली। पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकलाप को देखे तो वे जल शक्ति के कार्यक्रम के साथ साथ कृषि महोत्सव को भी जनभागीदारी के साथ पूरा करते हैं। इसके साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी की किसी भी काम को पूरा करने की जिद उनके निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होती है। इसके तहत हम स्वदेशी वैक्सीन विकसित करने से लेकर इसे आम लोगों तक पहुंचाने को देख सकते हैं। इसके साथ ही साथ पीएम नरेंद्र मोदी के काम पूरा करने की जिद जिसे हम उनकी इच्छाशक्ति भी कह सकते हैं, इसके तहत जन धन अकाउंट खोले जाने उज्ज्वला योजना के माध्यम से लोगों तक स्वच्छ इंधन पहुंचाने सुदूर गांव तक घर घर में बिजली पहुंचाने आदि को देख सकते हैं। काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर के आसपास सकरी गलियों को एक बड़े से कॉरिडोर में विकसित करना और वहां मस्जिद को कोई नुकसान न पहुंचाने। पीएम नरेंद्र मोदी की स्वप्नदृष्टता और इच्छाशक्ति का ही परिणाम है। इसके साथ ही साथ पीएम नरेंद्र मोदी कामकाज में नई तकनीक और आधुनिकता को लाते हैं जिसके कारण पारदर्शिता और कामकाज में तेजी आती है। कृषि सम्मान निधि के माध्यम से किसानों तक बिना किसी रुकावट के पैसे का पहुंचना इसका एक उदाहरण मात्र है। पीएम नरेंद्र मोदी ने हमेशा भारतीय परंपरा और संस्कृति को बढ़ावा दिया जिसके कारण भारतीयों में भारतीयता के गौरव को बढ़ावा। इसी के कारण आज न सिर्फ योग बल्कि भारतीय जीवन पद्धति को भी दुनिया अपना रहे हैं। कोरना काल में पीएम नरेंद्र मोदी इसके भी ब्रांड एंबेसडर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में सबका साथ सबका विकास की नीति को अपनाया। इसके तहत बिना किसी भेदभाव के 44 करोड़ों जन धन अकाउंट, 32 करोड़ मुद्रा लोन, 9 करोड़ उज्जवला गैस कनेक्शन , 5।5 करोड़ घरों तक नल का कनेक्शन पहुंचाना आदि को दिखा जा सकता है। भाजपा से कुछ लोग नाराज हो सकते हैं लेकिन मोदी से सभी खुश हैं। पांच जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब के फिरोजपुर में एक रैली होनी थी लेकिन मौसम खराब होने के चलते उनका यहां हेलिकॉप्टर से जाना रद्द हो गया जिसके बाद उन्हें यहां सड़क मार्ग से ले जाए जाने का फैसला लिया गया। मगर फिरोजपुर से पहले एक फ्लाईओवर पर कथित किसानों के विरोध-प्रदर्शन के चलते उनके काफिले को यहां 15 से बीस मिनट तक रूकना पड़ा था। बाद में स्थिति बिगड़ती देख एसपीजी ने गाड़ी से उतर कर फ्लाईओवर पर मोर्चा संभाल लिया था। लेकिन इससे पहले कि कोई अनहोनी होती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वापस लौटने का फैसला किया। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार बठिंडा एयरपोर्ट पर आने के बाद पीएम मोदी ने वहां मौजूद अधिकारियों से कहा था कि अपने मुख्यमंत्री (चरणजीत सिंह चन्नी) को मेरा धन्यवाद कहना कि मैं जिंदा लौट आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलामती और लंबी उम्र के लिए देश भर के मंदिरों और पूजा स्थलों में पूजा-पाठ और दुआओं का दौर जारी है। इसी कड़ी में बिहार के सीतामढ़ी में मुस्लिम समाज ने बैठक कर मुल्क, कौम, मिल्लत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वास्थ्य एवं दीर्घ आयु के लिए दुआ की। ऑल इंडिया मिल्ली के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल वदूद मजाहिरी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री की सलामती के लिए मौलानाओं द्वारा अल्लाह से मन्नत मांगी गई। मुस्लिम समाज के लोगों के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वास्थ्य एवं दीर्घ आयु के लिए दुआ का आयोजन किया गया। साथ ही देश में बढ़ती कोरोना महामारी से निजात के लिए भी दुआ मांगी गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री के पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा में चूक हुई थी जिसके कारण उनको अपनी यात्रा स्थगित कर आनन-फानन में दिल्ली लौटना पड़ा था। सुरक्षा चूक के कारण देश पहले भी एक प्रधानमंत्री और एक पूर्व प्रधानमंत्री को खो चुका है। इस सुरक्षा चूक की जितनी निंदा की जाए कम है। यह दुखद है। हम इसकी भर्त्सना करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसी पार्टी, जाति एवं मजहब का नहीं होता है। प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं। नरेंद्र मोदी योग्य एवं कर्मठ प्रधानमंत्री हैं ऐसे में उनके सुरक्षा में हुई चूक अफसोसनाक है। उन्होंने सुरक्षा चूक की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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