दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- मानवता की सेवा के लिये तत्पर है रोटरी चाणक्या : डा. नम्रता आनंद
- दिव्यांगों के बीच कंवल वितरण
- 30 जनवरी 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं भवन निर्माण विभाग की मेंटेनेंस पॉलिसी से संबंधित समीक्षा बैठक की
- अमृत महोत्सव का दायित्व बोध
- मत प्रतिशत और बढ़े
- अनुप्रिया पटेल क्या फंसाएंगी पेंच
- कान्हा की धरती पर शाह की बंसी
- ब्लागर की हत्या के लिए पाक ने दी थी सुपारी
- पुरुषों की तरह तैयार होकर निकलती अफगानी महिलाएं
- मास्को युद्ध शुरू नहीं करेगा: सर्गेई
- पुतिन से मिलेंगे जानसन
- जीकेसी 01 फरवरी से 07 फरवरी तक मनायेगा स्थापना दिवस
- सावेरी वर्मा ने लिखा टीवी शो हुनरबाज का टाइटल ट्रैक
- कुंडलपुर के बाबा का दरवार
- कुष्ठ उन्मूलन: एक आखिरी प्रयास की ज़रुरत
- सँस्कार भारती मुजफ्फरनगर के द्वारा "भारत माता पूजन" एवं आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन|
| मानवता की सेवा के लिये तत्पर है रोटरी चाणक्या : डा. नम्रता आनंद Posted: 29 Jan 2022 06:39 AM PST मानवता की सेवा के लिये तत्पर है रोटरी चाणक्या : डा. नम्रता आनंदजितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 29 जनवरी :: सामाजिक संगठन रोटरी चाणक्य के सौजन्य से सात जरूरतमंद लोगों को मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया गया। रोटेरियन नम्रता आनंद ने बताया कि रोटरी चाणक्या निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा में तत्पर है। इसके सभी सदस्य अपने- अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की सेवा करते हैं।रोटरी चाणक्य के सौजन्य से समय-समय पर जरूरतमंदों, वृद्धों, अनाथालय के अनाथ बच्चों, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों, कैंसर पीड़ितों को, दिव्यांगों की सेवा की जाती रही है। रोटरी चाणक्या समय-समय पर सामाजिक हित के इन कार्यों में अपनी भागीदारी करता रहता है और आगे भी मानव सेवा के इन कार्यों में अग्रणी रहेगा। रोटरी चाणक्या की अध्यक्ष अर्चना जैन ने बताया कि रोटरी चाणक्या समय-समय पर नेत्र जांच शिविर लगाता रहा है। इसी क्रम में रोटेरियन डॉ सुधांशु बंका के पाटिलपुत्रा स्थित क्लिीनीक में निशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाया गया। शिविर में रोटेरियन डॉ सुधांशु बंका के द्वारा 07 मरीजों का मोतियाबिंद का जांच एवं निशुल्क ऑपरेशन किया गया। उन्होंने कहा कि रोटरी चाणक्या के सारे सदस्य लगातार जरूरतमंदों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिस मरीज को चश्मे की जरूरत है या दवाइयों की जरूरत है, उन्हें निशुल्क उपलब्ध कराई गई, परीक्षण के बाद उन्हें चश्मा दिया गया। अर्वना जैन ने कहा कि रोटरी चाणक्या के सौजन्य से वर्ष भर विभिन्न प्रकार की सामाजिक और परोपकार की गतिविधियां करवाई जाती हैं। इनमें नि:शुल्क मेडिकल कैंप, रक्तदान शिविर, पौधारोपण, जरूरतमंदों के लिए भोजन, कपड़े व बच्चों को शिक्षा के लिए सहायता देना प्रमुख हैं। रोटरी चाणक्या के सचिव अभिषेक अपूर्व ने कहा कि मानवता ही सबसे बड़ी सेवा है। रोटरी चाणक्या के सभी सदस्यों के अंदर मानवता भरी है जिस कारण वे सभी की सेवा के लिये सदैव तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि हर सामर्थ्यवान लेगों को इस दिशा में आगे आने की जरूरत है। यदि अन्य लोग मानवता की सेवा के लिए आगे आए तो गरीब और जरूरतमंद लोगों का दुख कम होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में ललित दलानिया, अंजनी बंका, राखी शर्मा, संदीप चौधरी, सचिव अभिषेक अपूर्व, कोषाध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल, दीपक सराफ, वर्षा झुनझुनवाला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jan 2022 06:33 AM PST दिव्यांगों के बीच कंवल वितरणफतुहा - लाइफ लाईन औक्सीज़न बैंक फतुहा की ओर से कबीर मठ दरिया पुर में दर्जनों दिव्यांगों के बीच कंवल सुधा पांडेय , विद्युत विभाग के एसडीओ संजय कुमार, लेखापाल अजित प्रसाद ने गर्म कपड़ा और कंवल का वितरण किया गया । मौके पर उपस्थित विद्युत एसडीओ संजय कुमार ने बैंक की कार्यो की सराहना करते हुये कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है , नर ही नारायण है । उन्होंने आगे भी बैंक को सहयोग का आश्वासन दिया है । वहीं प्रेम यूथ फाउंडेशन के संस्थापक गांधीवादी प्रेम जी ने कहा कि बैंक लोगो को सर्वोत्तम सेवा प्रदान कर रहा है । बैंक बिना किसी भेदभाव के लोगों के सेवा जुटे है । बैंक के सचिव शिशुपाल ने बताया कि आगे भी वस्त्र वितरण का कार्य जारी रहेगा । सह सचिव कपिलदेव प्रसाद ने कहा कि बैंक चौबीस घँटा जरूरतमंदों के लिए तैयार है । इस मौके पर बैंक के सलाहकार समिति के संयोजक श्यामसुंदर केसरी, सदस्य भुसन प्रसाद, नेहरू युवा केन्द्र पटना के एनवाईवी रवि प्रकाश, आर्यन कुमार शामिल है । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jan 2022 06:23 AM PST 30 जनवरी 2022, रविवार का दैनिक पंचांग13, माघ, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी, 2078 आनन्द, विक्रम सम्वत सूर्योदय एवं चन्द्रोदय सूर्योदय : 06:35:51 सूर्यास्त : 05:25:46 पञ्चाङ्ग तिथि : त्रयोदशी - दिन 03:27:25 तक तदुपरांत चतुर्दशी नक्षत्र : पूर्वाषाढा - रात्रि 10:59:04 तक तदुपरांत उत्तराषाढा योग : हर्षण - दिन 12:52:27 तक तदुपरांत वज्र करण : वणिज - विष्टि - वार : रविवार पक्ष : कृष्ण पक्ष चन्द्र मास एवं सम्वत शक सम्वत : 1943 प्लव चन्द्रमास : माघ - पूर्णिमान्त पौष - अमान्त विक्रम सम्वत : 2078 आनन्द गुजराती सम्वत : 2078 प्रमादी शुभ मुहूर्त - 11:31:22 से 12:23:34 🌹विशेष ~ मासशिवरात्रि व्रत, महात्मा गांधी पुण्यस्मृति दिवस। 🌹 पं. प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार 30 जनवरी 2022, रविवार का दैनिक राशिफलमेष (Aries) : आज आप परिजनों के साथ मिलकर घरेलू मामलों में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श करेंगे। घर की कायापलट करने के लिए कुछ नई योजना बनाएंगे। कार्यस्थल पर उच्च पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। ऑफिस के कार्य के लिए यात्रा पर जाने की संभावना है। माता तथा स्त्री वर्ग की तरफ से लाभ होने की संभावना है। आपके किसी कार्य या प्रॉजेक्ट में सरकार की मदद मिलेगी। अत्यधिक कार्यभार से अस्वस्थ रहेंगे। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 1 वृषभ (Taurus) : विदेश में रहने वाले स्वजन या मित्र का समाचार मिलने से आपका मन प्रसन्नता का अनुभव करेगा। विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए अनुकूल संयोग खड़े होंगे। लंबी दूरी की यात्रा करने का अवसर आएगा। ऑफिस या व्यावसायिक स्थान पर कार्यभार बढ़ेगा। व्यापार-धंधे में लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य सामान्य रूप से मध्यम रहेगा। शुभ रंग = फीरोजा़ शुभ अंक : 6 मिथुन (Gemini) : किसी भी प्रकार के अनिष्ट से बचने के लिए आज क्रोध की भावनाओं को नियंत्रण में रखने की सलाह देते हैं। ऑपरेशन कराने के लिए आज का दिन अनुकूल नहीं है। खर्च बढ़ जाने से आर्थिक तंगी का अनुभव होगा। कुटुंबीजनों और सहकर्मचारियों के साथ मनमुटाव होगा, जिसके कारण आप मानसिक बेचैनी अनुभव करेंगे। स्वास्थ्य खराब होगा। ईश्वर की प्रार्थना तथा जाप करने से राहत महसूस होगी। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 कर्क (Cancer) : आज के दिन मौज-शौक और मनोरंजन की प्रवृत्तियों में आप सराबोर होंगे। मित्रों, परिवार के साथ मनोरंजन के स्थान या पर्यटन पर जाने का अवसर मिलेगा। स्वादिष्ट भोजन और नए वस्त्राभूषप्राप्तिय खरीदारी होगी। वाहन सुख प्राप्त होगा। सार्वजनिक क्षेत्र में मान तथा व्यवसाय के क्षेत्र में भागीदारी में लाभ मिलेगा। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के प्रति आकर्षण होगा। प्रेमीजनों को प्रणय में सफलता मिलेगी। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 सिंह (Leo) : आज आपके परिवार में हर्षोल्लास का वातावरण रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर आप आनंदपूर्वक समय व्यतीत करेंगे। शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यश, कीर्ति और आनंद की प्राप्ति होगी। नौकरी के क्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। बीमार व्यक्ति को रोग से मुक्ति मिलेगी। ननिहाल की तरफ से अच्छे समाचार मिलेंगे तथा लाभ होगा। प्रतिस्पर्द्धियों की पराजय होगी। शुभ रंग = गुलाबी शुभ अंक : 5 कन्या (Virgo) : आज आप संतान की समस्या से चिंतित रहेंगे। अपच आदि पेट दर्द की बीमारियों की शिकायत रहेगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई में विघ्न आएगा। बौद्धिक चर्चा तथा बातचीत में भाग न लें। प्रणय प्रकरण में सफलता मिलेगी। प्रिय व्यक्ति के साथ मुलाकात होगी। कामुकता अधिक रहेगी। शेयर-सट्टा में सावधानी रखेंगे। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 तुला (Libra) : अत्यधिक संवेदनशीलता और विचारों के बवंडर से आप मानसिक अस्वस्थता अनुभव करेंगे। माता और स्त्रियों के मामले में आपको चिंता रहेगी। यात्रा के लिए आज का दिन अनुकूल न होने से यात्रा करना टालें। छाती के दर्द से परेशानी होगी। जमीन-सम्बंधी मामलों में सावधानीपूर्वक व्यवहार करने की सलाह देते हैं। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 7 वृश्चिक (Scorpio) : आज काhb दिन खुशीपूर्वक व्यतीत करेंगे। नए कार्य की शुरुआत करेंगे। घर में भाई-बहनों के साथ मेल-मिलाप रहेगा। स्वजनों और मित्रों के साथ मिलन-मुलाकात होगी। लघु प्रवास का योग है। आज आपके कार्य सफल होंगे। भाग्य में लाभदायक परिवर्तन आएंगे। दुश्मन और प्रतिस्पर्द्धी अपनी चाल में असफल रहेंगे। आपकी लोकप्रियता में वृद्धि होगी। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 1 धनु (Sagittarius) : आपका आज का दिन मध्यम फलदायी साबित होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ गलतफहमी पैदा होने के कारण मनमुटाव होगा। आप मानसिक दृढ़ता कम होने से कोई भी निर्णय तेजी से नहीं ले सकेंगे, कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें। व्यर्थ धन खर्च और कार्यभार आपके मन को व्यवस्थित रखेंगे। शुभ रंग = पींक शुभ अंक : 8 मकर (Capricorn) : आज निर्धारित कार्य सरलतापूर्वक पूरे होंगे। ऑफिस या व्यावसायिक स्थान पर आपका वर्चस्व बढ़ेगा। गृहजीवन में आनंद का वातावरण रहेगा, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मानसिक स्वस्थता बनी रहेगी। मित्रों और स्नेहीजों के साथ की मुलाकात से खुशी का वातावरण रहेगा। उत्तम भोजन और वस्त्राभूषण मिलेंगे तथा वैवाहिक जीवन में सुख-संतोष का अनुभव होगा। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 कुंभ (Aquarius) : आज किसी की जमानत लेने तथा आर्थिक लेन-देन नहीं करने की सलाह देते हैं। खर्च की मात्रा अधिक रहेगी। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य नहीं रहेंगे। स्वजनों के साथ मतभेद खड़े होंगे। किसी का हित करने में स्वंय परेशानी में पड़ जाने की संभावना है। क्रोध पर नियंत्रण रखें, मानहानि की संभावना है। शुभ रंग = फीरोजा़ शुभ अंक : 6 मीन (Pisces) : सामाजिक कार्यों या समारोहों में भाग लेने का अवसर आएगा। मित्रों-स्नेहीजनों के साथ की मुलाकात मन को खुशी देगी। सुंदर स्थान पर पर्यटन का आयोजन होगा। शुभ समाचार मिलेगा। पत्नी और संतान से लाभ प्राप्त होगा। आकस्मिक धन प्राप्त होने की संभावना है। वस्तुएं खरीदने के लिए अनुकूल। शुभ रंग = पीला शुभ अंक : 9 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844 हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jan 2022 05:59 AM PST मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं भवन निर्माण विभाग की मेंटेनेंस पॉलिसी से संबंधित समीक्षा बैठक की
पटना, 29 जनवरी 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं भवन निर्माण विभाग की मेंटेनेंस पॉलिसी से संबंधित समीक्षा बैठक की। बैठक में पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि राज्य में अच्छी सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण से ट्रेवल टाइम में कमी आई है तथा शिक्षा, व्यापार, कृषि आदि क्षेत्रों में चहुंमुखी विकास परिलक्षित हुआ है। 21 फरवरी 2013 को ओ0पी0आर0एम0सी0 (आउटपुट एण्ड परफार्मेंस बेस्ड रोड ऐसेट मेंटेनेंस काॅन्ट्रैक्ट) लाया गया। वर्ष 2018 में ओ0पी0आर0एम0सी0 सेकंड फेज सात वर्षों के लिए लागू की गयी। उन्होंने क्षेत्रीय एवं मुख्यालय स्तर पर मेंटेनेंस को लेकर सक्रिय एवं प्रभावी अनुश्रवण के संबंध में भी जानकारी दी। ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने बिहार ग्रामीण पथ विभागीय अनुरक्षण नीति की कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक लाख बीस हजार छह सौ किलोमीटर ग्रामीण पथ स्वीकृत हैं जिसमें एक लाख दो हजार किलोमीटर पथ निर्मित किया जा चुका है और अठारह हजार छह सौ किलोमीटर पथ निर्माणाधीन है। उन्होंने पथों के बेहतर मेंटेनेंस के लिए प्रभावी अनुश्रवण के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी। भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने सरकारी भवनों के मेंटेनेंस के संबंध में जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कें, पुलों एवं भवनों का बेहतर निर्माण करने के साथ-साथ उसका ठीक ढंग से मेंटेनेंस करना भी हमलोगों का उदे्दश्य है। सड़कों की मेंटेनेंस पालिसी को लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया गया है ताकि सड़कों के रखरखाव संबंधी लोगों के शिकायतों का निवारण हो सके। सड़कें मेंटेन रहेंगी तो अच्छी दिखंेगी और आवागमन भी सुलभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेंटेनेंस का काम विभाग द्वारा ही किया जाय। पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं भवन निर्माण विभाग जल्द से जल्द विभागीय अनुरक्षण नीति की कार्य योजना बनाये। विभाग के इंजीनियर पथों के मेंटेनेंस में सक्रिय भूमिका निभायें, इससे खर्च में कमी आएगी साथ ही कार्य की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। चीफ इंजीनियर से लेकर जूनियर इंजीनियर तक निरीक्षण ठीक ढंग से करें। विभागीय स्तर से सड़कों का बेहतर मेंटेनेंस किये जाने से इंजीनियरों की समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओ0पी0आर0एम0सी0 के तहत जिन्हें मेंटेनेंस की जिम्मेवारी दी गयी है, उन सबकी सतत निगरानी करें। मेंटेनेंस को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न हो, जो भी इसमें लापरवाही बरतते हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई करें। पुलों का मेंटेनेंस हमेशा होना चाहिए। पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग आपस में विचार कर ब्रिज मेंटेनेंस पालिसी जल्द तैयार करें। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी भवनों की क्या स्थिति थी, यह सभी जानते हैं। हमलोगों ने इसे मेंटेन कर बेहतर बनाया है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एस0 सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह उपस्थित थे, जबकि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चैधरी, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत राज, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि सहित अन्य वरीय अधिकारी जुड़े हुए थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jan 2022 05:39 AM PST अमृत महोत्सव का दायित्व बोध(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत अनेक स्तरों पर समारोह आयोजित हो रहे है। इनके माध्यम से राष्ट्र व समाज सेवा की प्रेरणा मिल रही है। बड़ी संख्या में संस्थाओं ने इसमें अपनी जिम्मेदारी का निर्धारण किया है। इसके अनुरूप कार्य योजनाएं बनाई गई। इस बार का राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया। सरकार ने तय किया है कि अब हर साल गणतंत्र दिवस का पर्व तेईस से तीस जनवरी तक सप्ताह भर का होगा। समारोह तेईस जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से शुरू होकर तीस जनवरी को शहीद दिवस तक चलेंगे। इस क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एनसीसी कैडेटों को आजादी के अमृत काल में आज से लेकर अगले पच्चीस वर्षों तक अपनी प्रवृत्तियों और अपने कार्यों को देश के विकास के साथ देश की अपेक्षाओं को साथ जोड़ना चाहिए। सरकार की सेल्फ फॉर सोसायटी पहल के तहत तैयार किये गये पोर्टल से भी एनसीसी कैडेट जुड़ेंगे। सात हजार संगठन जुड़े हैं और वह समाज की सेवा में कार्यरत हैं। नरेंद मोदी ने कहा कि एनसीसी में रहते हुए उन्हें मिले परीक्षण से अपने दायित्व निभाने में ताकत मिलती है। उन्हें गर्व है कि वे कभी एनसीसी के कैडट रहे हैं। एनसीसी कैडेट को सलाम करते हुये उन्होंने बताया कि हाल ही में वे नये गठित एनसीसी एलुमिनायी एसोसिएशन के सदस्य बने हैं। वस्तुतः आजादी का अमृत महोत्सव का शुभारंभ व्यापक अवधारणा पर किया गया था। देश ने अपनी स्वतन्त्रता के पचहत्तर वर्ष पूरे किए हैं। वर्तमान सरकार ने इसे विशेष आयोजन तक सीमित नहीं रखा। उसने एक अभिनव महोत्सव की रूपरेखा बनाई। स्वतन्त्रता संग्राम का स्वरूप व्यापक था। इसमें अनगिनत अनछुए प्रसंग थे। वर्तमान पीढ़ी इनसे अवगत नहीं थी। अमृत महोत्सव में यह सभी तथ्य समाहित किये गए। इसमें देश के लिए किए गए संघर्ष की झलक थी। वर्तमान पीढ़ी को देशभक्ति की प्रेरणा देने का विचार था। विकसित और शक्तिशाली राष्ट्र बनाने का संकल्प था। इस दौरान आत्मनिर्भर भारत अभियान पर प्रगति हो रही थी। आजादी के अमृत महोत्सव में भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी। इस प्रकार इस महोत्सव का आधार बहुत व्यापक बन गया। देशभक्तों व महापुरुषों के स्मरण की परंपरा पहले भी रही है। अमृत महोत्सव ने इसको नया स्वरूप दिया है। स्वतन्त्रता संग्राम का दायरा बहुत व्यापक था। इसके राजनीतिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक पहलू भी थे। अमृत महोत्सव के माध्यम से देश की वर्तमान पीढ़ी अनेक तथ्यों से परिचित हो रही है। देश की अनेक संस्थाएं आजादी के अमृत महोत्सव में सहभागी होती रही है। सभी ने इसके प्रति उत्साह दिखाया है। कुछ समय पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रेरणा से देश में कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई थी। इसमें जनसभा व भारत माता का पूजन दीप प्रज्ज्वलन आदि शामिल था। इनमें आजादी के प्रसंगों को रेखंकित किया गया। जनजातीय समुदाय के योगदान को भी अमृत महोत्सव के अन्तर्गत उजागर किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस का भी शुभारंभ किया था। अब प्रति वर्ष इस दिवस पर राष्ट्रीय स्तर पर समारोहों का आयोजन किया जाएगा। इस क्रम में नरेंद्र मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर कार्यक्रम से राष्ट्रीय शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ब्रह्म कुमारी संस्था द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित साल भर चलने वाली पहलों का अनावरण किया गया। इसमें तीस से अधिक अभियान व पन्द्रह हजार से अधिक कार्यक्रम और आयोजन शामिल हैं। नरेन्द्र मोदी ने ब्रह्मकुमारी की सात पहलों को हरी झंडी दिखाई। इन पहलों में मेरा भारत स्वस्थ भारत आत्म निर्भर भारत, आत्मनिर्भर किसान, महिलाएं, भारत की ध्वजवाहक, शांति बस अभियान की शक्ति, अनदेखा भारत साइकिल रैली, यूनाइटेड इंडिया मोटर बाइक अभियान और स्वच्छ भारत अभियान के तहत हरित पहल शामिल हैं। मेरा भारत स्वस्थ भारत पहल में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में विविध आयोजन और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिनमें आध्यात्मिकता, कल्याण और पोषण पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में चिकित्सा शिविरों, कैंसर जांच, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के लिए सम्मेलनों के आयोजन आदि शामिल हैं। आत्मनिर्भर भारत मंे आत्मनिर्भर किसानों के तहत पचहत्तर किसान सशक्तिकरण अभियान पचहत्तर किसान सम्मेलन, पचहत्तर सतत यौगिक कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम और किसानों के कल्याण के लिए ऐसी ही अनेक पहलों का आयोजन किया जाएगा। महिलाएंः भारत की ध्वजवाहक के तहत, महिला सशक्तिकरण और बालिका सशक्तिकरण के माध्यम से सामाजिक बदलाव पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।शान्ति बस अभियान की शक्ति में पचहत्तर शहरों और तहसीलों को शामिल किया जाएगा। आज के युवा के सकारात्मक बदलाव के बारे में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। विरासत और पर्यावरण के बीच संबंध को रेखांकित करते हुए अनदेखा भारत साइकिल रैली का विभिन्न विरासत स्थलों पर आयोजन किया जाएगा। यूनाइटेड इंडिया मोटर बाइक अभियान माउंट आबू से दिल्ली तक आयोजित किया जाएगा और इसके तहत कई शहरों को शामिल किया जाएगा। स्वच्छ भारत अभियान के तहत पहल में मासिक स्वच्छता अभियान, सामुदायिक सफाई कार्यक्रम और जागरूकता अभियान शामिल किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के दौरान, ग्रैमी अवार्ड विजेता रिकी केज द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित एक गीत भी जारी किया गया। ब्रह्म कुमारी एक विश्वव्यापी आध्यात्मिक संगठन है। इसमें व्यक्तिगत सुधार और मानव कल्याण को महत्व दिया गया। केवल अधिकारों के प्रति सजग रहना अनुचित है। अधिकारों के दूसरे पहलू में कर्तव्य होते है। इनके प्रति भी उसी प्रकार का बोध होना चाहिये। शक्तिशाली समाज व देश के लिए सभी लोगों का कर्तव्य पालन आवश्यक होता है। कर्तव्यों को प्राथमिकता ना मिलने से देश व समाज का नुकसान हुआ है। मात्र अधिकार बल देने से समाज में कमजोरी आई है। उसे पच्चीस वर्षों में कर्तव्यों की साधना करके पूरा कर सकते हैं। राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते है। लेकिन राष्ट्रीय हितों पर आम सहमति दिखनी चाहिए। भारत में कुछ लोग ऐसे विषयों पर भी राजनीति करते है। उनका यह कार्य देश हित में नहीं कहा जा सकता। ऐसे लोगों को हतोत्साहित करना चाहिए। दुनिया में भारत की छवि को बेहतर बनाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। आजादी के अमृत महोत्सव द्वारा यह कार्य सम्पादित हो रहा है। सामाजिक आध्यात्मिक संस्थाओं को दूसरे देशों के लोगों तक भारत की सही बात को पहुंचाना चाहिए। भारत के बारे में फैल रही अफवाहों की सच्चाई उन्हें बताकर अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। देश के प्रत्येक नागरिक को अपने दिल में कर्तव्य का दीया जलाना चाहिए। इससे देश आगे बढ़ेगा। समाज में व्याप्त बुराइयां भी दूर होंगी। ऐसी व्यवस्था कायम करने का प्रयास चल रहा है,जिसमें भेदभाव की जगह समानता होगी। सैकड़ों वर्षों की गुलामी में हमारे समाज ने जो गंवाया है,उसे दुबारा प्राप्त करने की दिशा में बढ़ना है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया जब अंधकार के गहरे दौर में थी, महिलाओं को लेकर पुरानी सोच में जकड़ी थी, तब भारत मातृशक्ति की पूजा,देवी के रूप में करता था। हमारे यहां गार्गी, मैत्रेयी, अनुसूया, अरुंधति और मदालसा जैसी विदुषियां समाज को ज्ञान देती थीं। कठिनाइयों से भरे मध्यकाल में भी इस देश अनेक महान नारियां हुईं। अमृत महोत्सव में देश जिस स्वाधीनता संग्राम के इतिहास को याद कर रहा है। उसमें भी कितनी ही महिलाओं ने अपने बलिदान दिये हैं। कित्तूर की रानी चेनम्मा, मतंगिनी हाजरा, रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारी बाई से लेकर सामाजिक क्षेत्र में अहिल्याबाई होल्कर और सावित्रीबाई फुले तक, इन देवियों ने भारत की पहचान बनाए रखी। आजादी के अमृत महोत्सव ने अवसर उपलब्ध कराया है। हमको अपनी महान विरासत से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है। देश के प्रति संकल्पबद्ध होकर कार्य करना है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jan 2022 05:35 AM PST मत प्रतिशत और बढ़े(हृदयनारायण दीक्षित-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) चुनाव लोकतंत्र का महोत्सव होते हैं, लेकिन अपने देश में मतदान का प्रतिशत प्रायः कम रहता है। देश के पहले लोकसभा चुनाव में सन् 1951-52 में मतदान का प्रतिशत 45 ही था। 2019 के लोकसभा चुनाव में यह 67 प्रतिशत हो गया। बेशक प्रगति संतोषजनक है, लेकिन इसे उत्साहवर्द्धक नहीं कहा जा सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सभी नागरिकों और राजनैतिक दलों के सदस्यों को कम मतदान पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षित और समृद्ध समझे जाने वाले नगरीय-महानगरीय क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत कम होता है। ऐसे क्षेत्रों के लोग सोशल मीडिया पर चुनाव के तमाम पहलुओं पर चर्चा करते रहते हैं, लेकिन मतदान करने प्रायः नहीं जाते। प्रधानमंत्री की यह बात सही है। मतदान से लोकतंत्र मजबूत होता है। मतदान जनतंत्र का विशिष्ट अधिकार है, लेकिन यह एक पवित्र कत्र्तव्य भी है। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी मतदान के प्रतिशत में बढ़ोत्तरी की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में हमें संकल्प लेना चाहिए कि मतदाता पीछे न रह जाएं। पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान का प्रतिशत 67.40 था। मतदान के प्रतिशत में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। मूलभूत प्रश्न है कि मतदान का प्रतिशत अभी भी उत्साहवर्द्धक स्थिति में क्यों नहीं है? क्या विभिन्न दलों के घोषणा पत्र व जनहितकारी आश्वासन मतदाता को मतदान के लिए प्रेरित नहीं करते? अब मतदान के लिए तमाम सुविधाएँ उपलब्ध हैं। पोलिंग बूथ भी घर से बहुत दूरी पर नहीं होते। राजनीतिक दलों के आश्वासन और किये गये काम विभिन्न संचार माध्यमों में सहज-सुलभ हैं, लेकिन मतदान का प्रतिशत नहीं बढ़ता। चुनाव के दौरान सभी दल अपना घोषणा पत्र जारी करते हैं। सत्ता में आने पर तमाम योजनाओं को पूरा करने का आश्वासन देते हैं। मतदाताओं के सामने विकल्प की कमी नहीं है। दलों का चरित्र भी मजेदार है। अनेक दल विकास के वायदे करते हैं। विकास के इन वायदों पर मतदाता विश्वास नहीं करते। चुनाव में ठोस सामग्री देने जैसे वायदे भी होते हैं। चुनाव में ठोस वस्तु वितरण के वायदे का प्रश्न सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। कुछ एक दल विचारधारा के आधार पर भी अपने चुनाव अभियान चलाते हैं, लेकिन मतदाताओं के बीच विचार का प्रभाव प्रायः नहीं दिखाई पड़ता है। जाति मजहब के नाम पर वोट मांगे जाते हैं। जाति और मजहब का उन्माद बढ़ाते हैं। सुधी मतदाता इससे आहत होते हैं और मतदान के प्रति उदासीन हो जाते हैं। 5 राज्यों के चुनाव चल रहे हैं। प्रचार में बेमतलब के सवाल मतदान के लिए प्रेरित नहीं करते। चुनाव में मूलभूत प्रश्नों पर बहस करने का सबसे अच्छा अवसर मिलता है। बेरोजगारी, जन स्वास्थ्य, चिकित्सा व्यवस्था, बिजली, पानी और सड़क जैसे मूलभूत प्रश्नों पर चुनाव में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन ऐसी चर्चा का अभाव है। विकास की आधारभूत संरचना भी चुनाव में बहस का मुद्दा नहीं है। जाति मजहब के आधार पर जारी चुनाव अभियान समाज का वातावरण बिगाड़ते हैं। ऐसे अभियान समाज की आधारभूत एकता पर भी चोट करते हैं। मूलभूत प्रश्न है कि हम वोट क्यों दें? क्या जाति की लामबंदी के लिए वोट दें? क्या राष्ट्रीय महत्व के प्रश्नों की उपेक्षा के बावजूद किसी दल को जाति मजहब के कारण वोट देना ठीक है? भारत के संविधान निर्माताओं ने लम्बी बहस के बाद संसदीय जनतंत्र अपनाया है। यहाँ प्रत्येक वयस्क को मताधिकार है। निष्पक्ष व निर्भीक चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना 25 जनवरी, 1950 को हुई थी। भारत निर्वाचन आयोग की प्रतिष्ठा सारी दुनिया में है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए आयोग द्वारा प्रत्येक चुनाव में अपील भी की जाती है, लेकिन मतदाता ऐसी अपीलों से प्रेरित नहीं होते। मतदान के गर्भ से ही सरकार का जन्म होता है और विपक्ष का भी। मतदाता ही किसी दल को बहुमत और किसी दूसरे दल या समूह को अल्पमत देते हैं। बहुमत दल को शासन का अधिकार भी मतदाता ही देते हैं और विपक्ष को सरकारी काम की आलोचना का काम भी मतदाता ही सौंपते हैं। आदर्श स्थिति यह है कि मतदाता भारी संख्या में मतदान करें। भारी संख्या से स्पष्ट जनादेश प्राप्त होता है। कम मतदान का अर्थ बड़ा सीधा और सरल है कि दलतंत्र के वायदे मतदाता को भारी मतदान के लिए प्रेरित नहीं करते। राजनीति के प्रति आमजनों की घटती निष्ठा और बढ़ती उपेक्षा कम मतदान का कारण है। लोकतंत्र भारत के लोगों की जीवनशैली है। यहाँ वैदिककाल से लेकर अब तक लोकतंत्र के प्रति गहरी निष्ठा है। संविधान निर्माताओं ने संसदीय लोकतंत्र अपनाया। भारत का संविधान विश्व के अन्य संविधानों से भिन्न है। इसकी उद्देशिका बार-बार पठनीय है। उद्देशिका के अनुसार संविधान की सर्वोपरिता का मुख्य स्रोत 'हम भारत के लोग' हैं। उद्देशिका में सामाजिक आर्थिक व राजनीतिक न्याय, समता व बंधुता के राष्ट्रीय स्वप्न हैं। चुनाव अभियान में संविधान की भावना के अनुसार बहस होनी चाहिए। इसी तरह संविधान में नीति-निर्देशक तत्व हैं और मूल कत्र्तव्य भी हैं। चुनाव अभियान में नीति-निर्देशक तत्वाों के प्रवर्तन पर बहस होनी चाहिए और मूल कत्र्तव्यों के पालन पर भी। लेकिन चुनाव अभियान में ऐसे उद्ात आदर्श नहीं दिखाई पड़ते। दलतंत्र को भारत की समृद्धि के लिए चुनावी बहस करनी चाहिए। चुनाव भारतीय लोकतंत्र का असाधारण उत्सव है। भारी मतदान से लोकतंत्र मजबूत होता है। सभी दल अपनी विचार धारा के अनुसार चुनाव में हिस्सा लेतें हैं। सत्ता की दावेदारी भी करते हैं। चुनाव जनतंत्र के विचार व्यवहार व नीति कार्यक्रम की परीक्षा का अवसर होते हैं। चुनाव में सभी दलों को अपनी विचार धारा के प्रचार का अवसर मिलता है। भारत के कुछ दल जाति, गोत्र, वंश के आधार पर अभियान चलाते हैं। कुछ दलों के संस्थापक प्रायः आजीवन राष्ट्रीय अध्यक्ष होते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्षों के न रहने के बाद उनके पुत्र या पुत्रियाँ पार्टी प्रापर्टी के मालिक हो जाते हैं। इससे लोकतंत्र की क्षति होती है। अधिकांश दलों में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है। आश्चर्य की बात है कि जिन दलों में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है, ऐसे दल लोकतंत्र का रोना रोते हैं। भारत में क्षेत्रीय विविधता है। समाज में सैकड़ों जातियाँ, उप जातियाँ हैं। समाज जातियों, उप जातियों में विभाजित है। विचारहीन दल उपजातियों जातियों के आधार पर दल बनाते हैं। जाति के आधार पर वोट मांगते हैं। कायदे से सभी दलों को अपनी विचारधारा के अनुसार लोकमत बनाना चाहिए। विचार आधारित राजनैतिक शिक्षण से ही लोकतंत्र की मजबूती है। दरअसल भारत का आमजन राजनैतिक नहीं है। चुनाव के अलावा शेष समय जनता राजनैतिक व्यवहार से मुक्त रहती है। गाॅंधी जी ने 1895 में लिखा था, ''भारतीय साधारणतया राजनीति में सक्रिय हस्तक्षेप नहीं करते''। आमजन अपने स्वभाव से ही राजनीति के प्रति उदासीन हैं। भारतवासी केवल चुनाव के दिनों में ही राजनैतिक दलों द्वारा राजनैतिक रूप में सक्रिय होते हैं। विचार से दल बनते हैं। दल विचार को आमजनों तक ले जाते हैं। चुनाव में नीति कार्यक्रम व राष्ट्र संवर्द्धन की चर्चा जरूरी है लेकिन यहां शत्रु राष्ट्र को भी लाभ पहुँचाने वाली बयानबाजी के दुस्साहस दिखाई पड़ते हैं। भारतीय जनतंत्र बेशक परिपक्व हो रहा है लेकिन चुनाव अभियानों में शब्द मर्यादा का संयम नहीं है। लोकतंत्र शब्द सौंदर्य से भी मजबूत होता है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अनुप्रिया पटेल क्या फंसाएंगी पेंच Posted: 29 Jan 2022 05:31 AM PST अनुप्रिया पटेल क्या फंसाएंगी पेंच(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और अपना दल के बीच गठबंधन भले ही हो चुका हो, मगर सीटों के बंटवारे पर अब भी पेच फंसा है। यूपी चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी दल अपना दल (एस) 18 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है और इसके लिए बातचीत भी जारी है। बताया जा रहा है कि भाजपा से बातचीत के बाद अपना दल ने 14 सीटों पर नाम तय कर लिए हैं, मगर जीती हुई चार सीटों पर अब भी सस्पेंस बरकरार है। भाजपा के साथ गठबंधन में अपना दल (एस) को अबतक सोरांव, विश्वनाथ गंज, प्रतापगढ़ सदर, छानबे, बारा, प्रतापपुर, मऊ, रानीपुर, नानपारा, घाटमपुर, मडियांहू, बछरांवा, स्वार, कायमगंज और चायल सीट मिली है, जबकि अपना दल (एस) की जीती हुई 4 सीटों पर अब भी पेच फंसा है। अपना दल की जीती हुईं सीटें दुद्धि, जहानाबाद, सेवापुरी और शोहरत गढ़ विधानसभा सीट पर अभी फैसला नहीं हुआ है। सूत्रों की मानें तो अभी भाजपा संग अपना दल की इस पर बातचीत चल रही है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के लिए अपना दल सोनेलाल की प्रमुख व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी ने अब तक 4 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। अपना दल ने कानपुर नगर की घाटमपुर विधानसभा सीट से सरोज कुरील को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, फर्रुखाबाद जिले की कायमगंज विधानसभा सीट से डॉ. सुरभि अपना दल एस-बीजेपी गठबंधन की प्रत्याशी होंगी। इसके अलावा, बहराइच की नानपारा सीट से रामनिवास वर्मा पर अनुप्रिया पटेल ने भरोसा जताया है। वहीं, अनुप्रिया ने रामपुर की स्वार सीट से हैदर अली खान को मैदान में उतारा है। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया है। इस सीट से आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद भी ताल ठोक रहे हैं। सीएम योगी के खिलाफ आजाद समाज पार्टी ने बसपा के संस्थापक कांशीराम की रणनीति से प्रेरणा लेते हुए गोरखपुर के हर वार्ड में अपनी सेना बनाकर नुक्कड़ कार्यक्रमों के जरिये भाजपा से मुकाबले की कार्ययोजना तैयार की है। सीएम योगी और चंद्रशेखर के अलावा अभी तक किसी प्रमुख दल ने गोरखपुर में अपने उम्मीदवार की घोषणा अधिकृत तौर पर नहीं की है। आजाद समाज पार्टी की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य और गोरखपुर के पार्टी के मुख्य चुनाव प्रभारी डॉ मोहम्मद आकिब ने बताया, 'हमारी पार्टी के युवाओं की टोली बनी है जो चार-चार, पांच-पांच की संख्या में नुक्कड़ कार्यक्रमों के जरिये मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाएगी।' उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर हमारे प्रचार अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है और मान्यवर कांशीराम साहब जिस तरह एक-एक व्यक्ति को जोड़कर सेना खड़ी करते थे वैसे ही हम लोगों ने भी गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के हर वार्ड में अपनी सेना बना ली है। कांशीराम का नाम लेकर एएसपी (आजाद समाज पार्टी) की रणनीति के दावे पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गोरखपुर मंडल के मुख्य सेक्टर प्रभारी सुरेश कुमार गौतम ने कहा, 'लोग जानते हैं कि चंद्रशेखर का चाल और चरित्र क्या है, कांशीराम का नाम लेकर कोई उनका मिशन पूरा नहीं कर सकता है। चंद्रशेखर आजाद ने 2014 में भीम आर्मी की स्थापना कर दलितों के हितों को लेकर संघर्ष शुरू किया। आजाद ने अपने संगठन भीम आर्मी के राजनीतिक दल आजाद समाज पार्टी का गठन किया और 2020 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के उप चुनाव में बुलंदशहर की सदर विधानसभा सीट पर अपना पहला उम्मीदवार उतारा। एएसपी उम्मीदवार मोहम्मद यामीन बुलंदशहर के उपचुनाव में पराजित हो गये, लेकिन 13 हजार से अधिक मत पाकर उन्होंने पार्टी की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। डॉ. आकिब कहते हैं 'यह चुनाव धनतंत्र बनाम जनतंत्र होगा और हम लोगों का चुनाव जनता लड़ेगी क्योंकि यह लड़ाई सामंती सोच के खिलाफ है।' आकिब ने दावा किया कि सामंती सोच के खिलाफ हर वर्ग के इंसाफ पसंद लोग चंद्रशेखर के साथ आएंगे। वहीं भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य तथा उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति गोरखपुर निवासी संतराज यादव ने दावा किया, 'योगी के सामने गोरखपुर में चंद्रशेखर आजाद का कोई असर नहीं रहेगा। उल्लेखनीय है कि गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में करीब साढ़े चार लाख मतदाता हैं और राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यहां 60 से 70 हजार ब्राह्मण मतदाता हैं। इसके अलावा दूसरे नंबर पर 55 से 60 हजार कायस्थ, लगभग 50 हजार वैश्य, लगभग 40 हजार मुसलमान, 25 से 30 हजार क्षत्रिय, 50 हजार अनुसूचित जाति और पिछड़ी जातियों में सैंथवार, चैहान (नोनिया), यादव आदि मिलाकर 75 हजार से अधिक मतदाता हैं। शहरी क्षेत्र में बंगाली, पंजाबी, ईसाई और सिंधी समाज के लोग भी निवास करते हैं और अलग-अलग मोहल्लों में इनकी बसावट है। गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में 2017 में भाजपा के राधा मोहन दास अग्रवाल ने एक लाख 22 हजार से अधिक मत पाकर चैथी बार लगातार चुनाव जीता था जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के गठबंधन से कांग्रेस उम्मीदवार राणा राहुल सिंह को लगभग 61 हजार वोट मिले थे। बसपा उम्मीदवार जनार्दन चैधरी 24,297 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। ध्यान रहे कि योगी आदित्यनाथ के पास अयोध्या की सीट से भी चुनाव लड़ने का ऑफर था। एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में मुख्यमंत्री ने अयोध्या से लड़ने के सवाल पर कहा, 'मेरे सामने ऑफर थे अनेक जगहों से। पश्चिम से अनेक सीटों से था, अयोध्या से भी था। अयोध्या में हमारा धाम है, हमारी आस्था है अयोध्या से। अयोध्या आंदोलन से मेरी तीन पीढ़ियां जुड़ी रही हैं। मेरे पूर्वज जुड़े रहे हैं। अयोध्या आंदोलन की शुरुआत गोरखपीठ से शुरू होती है और अयोध्या मैं राजनीतिक कारणों से नहीं जाता हूं। आस्था के साथ जाता हूं, श्रद्धालुओं की समस्या का समाधान करने जाता हूं। पर्यटन सुविधाओं का विकास करके रोजगार की दृष्टि से अयोध्या जाता हूं।' जब तक योगी आदित्यनाथ की सीट का ऐलान नहीं हुआ था, तब तक यह चर्चा जोरों पर थी कि योगी आदित्यनाथ अयोध्या या मथुरा की सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। मगर भाजपा ने फैसला किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर सदर सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। सपा-बसपा ने अभी पत्ते नहीं खोले। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jan 2022 05:27 AM PST कान्हा की धरती पर शाह की बंसी(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गत दिनों उत्तर प्रदेश की ब्रज भूमि पर प्रभावी मतदाता संवाद को संबोधित किया। अमित शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों के साथ ही यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के महत्वपूर्ण कार्य भी गिनाए। उन्होंने माफिया-गुंडाराज के खात्मे का उल्लेख करते हुए पूर्वीवर्ती अखिलेश यादव सरकार और योगी सरकार के दौरान डकैती, चोरी और अपहरण जैसे अपराधों के आंकड़े भी बताए। श्री शाह ने कहा कि योगी सरकार के दौरान अपराधों में अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की गयी है। इसी तरह कोरोना काल मंे अच्छी व्यवस्था और गरीबों को केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने मंे योगी सरकार की भूमिका का भी उल्लेख किया। श्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था है और इस बार सरकार बनी तो नम्बर वन की अर्थव्यवस्था बन जाएगी। मथुरा से विधायक और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों और शहरों मंे जिस तरह से बिजली आपूर्ति हो रही है, वैसी पूर्ववर्ती सरकारों में नहीं थी। अमित शाह का प्रभावी संवाद मथुरा क्षेत्र की विधानसभाओं मंे कमल खिलाने मंे कितना सहायक होगा, यह तो 10 मार्च को ही पता चलेगा। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव से पहले सभी पार्टियां प्रचार में जुटी हुई हैं। इसी के तहत 27 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर पहुंचे और मंदिर में दर्शन करने के बाद पूजा की। मथुरा में डोर-टू-डोर कैंपेन की शुरुआत करने के बाद अमित शाह ने 'प्रभावी मतदाता संवाद' कार्यक्रम को संबोधित किया। अमित शाह ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने से पहले उत्तर प्रदेश की जनता ने सपा और बसपा की सरकारें देखीं हैं। सपा आती थी तो एक जाति का काम करती थी। बसपा आती थी तो दूसरी जाति का काम करती थी। कभी किसी ने इस राज्य के विकास का नक्शा नहीं खींचा। भाजपा की सरकार किसी एक जाति की नहीं बल्कि सारे समाज की है। अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव आने वाले पांच साल में उत्तर प्रदेश किस विचारधारा के हाथ में जाएगा, उसका चुनाव है। सपा बसपा जब आती थीं तो एक जाति विशेष का काम होता था। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद सब का साथ सबका विकास हुआ है। ये सरकार किसी एक जाति की नहीं है, सम्पूर्ण समाज की है। अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की दूसरी अर्थव्यवस्था है। एक बार और आशीर्वाद दे दो देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था बना देंगे। शासन अगर अखिलेश के हाथ में होगा तो गुंडों का राज होगा। शासन अगर भाजपा के हाथ में होगा तो सुशासन होगा। शाह ने कहा कि भगवान परशुराम के नाम पर परशुराम पार्क का निर्माण हम कर रहे हैं। दुनिया भर के यात्री मथुरा में आएं, इस परंपरा को भाजपा ने बढ़ाने का काम किया है। अमित शाह ने कहा कि हमने पारदर्शी सरकार देने का काम किया है। उत्तर प्रदेश को हम सब जानते हैं। पांच साल पहले सपा की सरकार में बाहुबली परेशान करते थे। बहन-बेटियों का अपमान होता था। भाजपा की सरकार आई तो इन सब ने सरेंडर कर दिया। जब इन पर गाज गिरती है तो अखिलेश जी के पेट में दर्द होता है। उन्होंने कहा कि दो हजार करोड़ की भूमि जो माफियाओं के कब्जे में थी, उसे छुड़ाने का काम भाजपा की सरकार ने किया है। अखिलेश बाबू आप कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं। आपको चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। कहीं आजम खान कहीं मुख्तार अंसारी न जाने कितने फैला रखे थे। आजम खान को जब पकड़ा तब आईपीसी की सारी धाराएं कम पड़ गईं। इतने मामले इन पर लगे। अमित शाह ने कहा कि एक ही प्रदेश ऐसा है जहां सबसे ज्यादा संत महंत विराजमान हैं। चाहे चित्रकूट हो चाहे काशी हो या फिर वृन्दावन। मोदी जी की सरकार नहीं होती तो राम मंदिर बनता क्या? हमें कहा जाता था कि मंदिर वहीं बनाएंगे, लेकिन तिथि नहीं बताएंगे। अखिलेश जी को मैं कहना चाहता हूं कि मंदिर का भूमि पूजन हो गया है। पहले देश की सुरक्षा को सपा-बसपा और कांग्रेस के लोग ताक पर रखते थे। सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। बहरहाल, मथुरा जनपद की गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र की जनता ने कभी किसी एक पार्टी को लंबे समय तक प्रतिनिधित्व का मौका नहीं दिया है। समय के साथ यहां राजनीतिक दलों का प्रभाव बदलता रहा है। यहां कांग्रेस से ज्यादा उसके विरोधी दल कामयाब रहे हैं। करीब 45 साल तक यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित भी रही है। गोवर्धन विधानसभा का पहला चुनाव 1957 में हुआ था। उस वक्त यह सीट आरक्षित नहीं थी। कांग्रेस से आचार्य जुगल किशोर यहां पहले विधायक बने। उन्होंने एक बार फिर 1962 के चुनाव में कांग्रेस से ही विधानसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद 1967 में परिसीमन के बाद इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया। इसी के साथ कांग्रेस ने यह सीट गंवा दी। पहली बार गोवर्धन से आईएनडी के खेमचंद गैर कांग्रेसी विधायक बने लेकिन कन्हैया लाल अगले चुनाव में कांग्रेस से फिर विधायक बन गए।1974 बीकेडी से ज्ञानेंद्र स्वरूप और 1977 में जेएनपी से वे चुने गए। अगले चुनाव में जेएनपी का दबदबा रहा, लेकिन विधायक कन्हैया लाल बने। इंदिरा गांधी की मौत के बाद 1985 के चुनाव में कांग्रेस ने फिर वापसी की। बलजीत विधायक बने, लेकिन अगले दो चुनाव में जनता दल का प्रभाव यहां देखने को मिला। ज्ञानेंद्र स्वरूप और पूरन प्रकाश विधायक बने। इसके बाद 1993 के चुनाव में पहली बार भाजपा ने यहां जीत दर्ज की। अजयकुमार पोइया भाजपा के पहले विधायक बने। लगातार दो जीत के बाद भाजपा ने 2002 के चुनाव में प्रत्याशी बदल दिया। इसके बावजूद भाजपा को श्याम सिंह अहेरिया के रूप में लगातार तीसरी जीत मिली। भाजपा की जीत का यह सिलसिला 2007 में उस वक्त टूट गया, जब भाजपा के विद्रोह करके पूर्व विधायक अजय कुमार पोइया चुनाव मैदान में उतर आए। इस बार विधायक बनने का मौका आरएलडी से पूरन प्रकाश को मिला। इसके बाद यह क्षेत्र आरक्षित नहीं रहा। परिसीमन में सामान्य सीट होने पर 2012 के चुनाव में पहली बार बसपा ने राजकुमार रावत के रूप में यहां जीत दर्ज की लेकिन 2017 में इसे भाजपा ने मोदी लहर में बसपा से छीन लिया और ठाकुर कारिंदा सिंह यहां के विधायक बन गए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और साइकिल चलाने से मशहूर हुए पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री प्रताप चन्द्र सारंगी गत दिनों गोवर्धन पहुंचे। गिरिराज मंदिर में बैठ कर प्रभु की आराधना की। सारंगी फूस के घर में रहते हैं। आने-जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल करते हैं। सारंगी अपनी पेंशन की राशि गरीब बच्चों के लिए दान में दे देते हैं। इससे भी भाजपा प्रत्याशी का पक्ष मजबूत हो रहा है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| ब्लागर की हत्या के लिए पाक ने दी थी सुपारी Posted: 29 Jan 2022 05:23 AM PST ब्लागर की हत्या के लिए पाक ने दी थी सुपारीलंदन। पाकिस्तान की सरकार और सेना के खिलाफ बोलने पर एक ब्लॉगर की जान खतरे में पड़ गई। उसकी हत्या की साजिश रची गई, लेकिन वो किसी तरह बच गया। पाकिस्तानी मूल के शख्स का कहना है कि इस साजिश के पीछे उसके देश का ही हाथ है और पाक ने ही हमलावर को उसकी हत्या की सुपारी दी थी। ब्लॉगर अहमद वकास गोराया अपने परिवार के साथ नीदरलैंड में रहते हैं। वहीं उन्हें निशाना बनाया गया था। एक अदालत ने इस मामले में पूर्वी लंदन स्थित एक सुपरमार्केट में काम करने वाले 31 वर्षीय ब्रिटिश पाकिस्तानी व्यक्ति मोहम्मद गोहिर खान को दोषी ठहराया है। खान पर अहमद वकास गोराया की हत्या की साजिश रचने का आरोप था। खान की सजा पर फैसला 11 मार्च को सुनाया जाएगा। माना जा रहा है कि उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है। पुलिस को मोहम्मद के साथी की भी तलाश है, जो वारदात के बाद से गायब है। नीदरलैंड से खान वापस ब्रिटेन लौट आया था, जहां बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अहमद वकास गोराया ने अपने कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में पाकिस्तान की सरकार और सेना की आलोचना की थी। इसके बाद उनकी हत्या की साजिश रची गई। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि खान को पिछले साल की शुरुआत में पाकिस्तानी मूल के मिजामिल नामक शख्स ने संपर्क किया था और ब्लॉगर की हत्या की सुपारी दी थी। जांच में ये बात भी सामने आई कि मोहम्मद गोहिर खान को ब्लॉगर की हत्या के लिए एडवांस के तौर पर 5000 पाउंड मिले थे। इस रकम का भुगतान मुजामिल के पाकिस्तानी बैंक अकाउंट से हुआ था। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पुरुषों की तरह तैयार होकर निकलती अफगानी महिलाएं Posted: 29 Jan 2022 05:19 AM PST पुरुषों की तरह तैयार होकर निकलती अफगानी महिलाएंकाबुल। तालिबानी राज में अफगानी महिलाओं की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। उन पर कई तरह की पाबंदियां लगाईं गईं हैं, यहां तक कि उन्हें अकेले घर से निकलने तक की इजाजत नहीं है। यदि महिलाओं का बाहर जाना जरूरी है, तो किसी पुरुष का साथ होना अनिवार्य है। ऐसे में उन महिलाओं के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है, जो तलाकशुदा हैं या अकेले रहती हैं। ये महिलाएं अब पुरुषों की तरह तैयार होकर घर से निकलती हैं, ताकि कोई उन्हें पहचान न ले। 'द नेशनल' ने एक तलाकशुदा महिला की कहानी बताई है, जो पुरुषों की तरह रहने को मजबूर है। इस महिला ने तालिबान के डर से अपना असली नाम नहीं बताया, बल्कि मशहूर लेखिका राबिया बाल्कि के नाम से अपनी मजबूरी बयां की। राबिया ने कहा कि किसी न किसी काम से घर से बाहर निकलना ही पड़ता है, लेकिन अगर तालिबानी लड़ाकों ने एक महिला को अकेले देख लिया तो फिर मौत निश्चित है। इसलिए मैं पुरुषों के गेटअप में घर से बाहर निकलती हूंराबिया ने आगे कहा, 'मैं घर से बाहर निकलने से पहले ढीली शर्ट, पेंट, पारंपरिक पगड़ी पहनती हूं। सड़क पर चलते समय मेरी निगाहें नीचे रहती हैं, ताकि कोई किसी भी तरह से मुझे पहचान न ले। तालिबान का फरमान है कि कोई महिला अकेले बाहर न निकले। ऐसे में यदि वो मुझे पहचान लेता है, तो मौत निश्चित है'।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मास्को युद्ध शुरू नहीं करेगा: सर्गेई Posted: 29 Jan 2022 05:14 AM PST मास्को युद्ध शुरू नहीं करेगा: सर्गेईमास्को। यूक्रेन पर आक्रमण की आशंका के बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि मास्को युद्ध शुरू नहीं करेगा, लेकिन चेतावनी दी कि वह पश्चिमी देशों को उसके सुरक्षा हितों को रौंदने नहीं देगा। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक दिन पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति को आगाह किया था कि इस बात की साफ आशंका है कि रूस फरवरी में उनके देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। विदेश मंत्री लावरोव ने रूसी रेडियो स्टेशन के साथ एक साक्षात्कार में कहा, 'जब तक यह रूसी संघ पर निर्भर है, तब तक युद्ध नहीं होगा, हम युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन हम अपने हितों को बेरहमी से रौंदने और उनकी उपेक्षा नहीं होने देंगे।' रूस ने यूक्रेन की सीमा के पास एक लाख से ज्यादा सैनिकों का जमावड़ा कर रखा है जिससे इस क्षेत्र में युद्ध की आशंका तेज हो गई है। रूस ने लगातार इस बात से इनकार किया है कि वह यूक्रेन पर हमले का प्लान बना रहा है, लेकिन अमेरिका और उसके नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) सहयोगियों का मानना है कि रूस युद्ध की ओर बढ़ रहा है और इसके लिए तैयारी कर रहा है। रूस की मुख्य मांगों में नाटो में यूक्रेन को शामिल नहीं करना और क्षेत्र से ऐसे हथियारों को हटाना शामिल है, जिससे रूस को खतरा हो सकता है। अब, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इन प्रस्तावों पर फैसला करेंगे और इससे यह तय होगा कि यूक्रेन पर हमला होगा या नहीं।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jan 2022 05:12 AM PST पुतिन से मिलेंगे जानसनलंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन यूक्रेन में बढ़ते तनाव को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस सप्ताह बात करेंगे। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि वह रूस को पीछे हटने का आग्रह करेंगे। बता दें कि जॉनसन ने इस हफ्ते चेतावनी दी थी कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है तो उसे पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। जॉनसन ने गत दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और अन्य यूरोपीय नेताओं के साथ एक वार्ता में हिस्सा लिया था। डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने कहा कि जॉनसन इस सप्ताह राष्ट्रपति पुतिन से बात करते समय रूस को पीछे हटने और कूटनीतिक रूप से शामिल होने की बात को दोहराएंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री राजनयिक प्रयासों में तेजी लाने और यूरोप में खून-खराबे से बचाने के प्रयासों को लेकर अडिग हैं। जॉनसन आने वाले दिनों में इस क्षेत्र का दौरा करने वाले हैं। बता दें कि मास्को ने यूक्रेन की सीमा पर हजारों सैनिकों को तैनात किया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| जीकेसी 01 फरवरी से 07 फरवरी तक मनायेगा स्थापना दिवस Posted: 29 Jan 2022 04:32 AM PST जीकेसी 01 फरवरी से 07 फरवरी तक मनायेगा स्थापना दिवसजितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना कायस्थ समाज के सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिये प्रतिबद्ध जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) का स्थापना दिवस पटना में 01 फरवरी (मंगलवार) को मनायेगा। स्थापना दिवस मनाये जाने से संबंधी जीकेसी के पटना स्थित कार्यालय में ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद की अध्यक्षता में एक बैठक संपन्न हुयी। बैठक में ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) पूरी दुनिया में कायस्थों का सबसे बड़ा संगठन बनकर उभरा है और देश के लगभग सभी राज्यों समेत 20 से अधिक देशों में इसका गठन हो चुका है। उन्होंने बताया कि जीकेसी की ओर से शिक्षा, रोजगार, व्यापार, कला- संस्कृति, खेल, कृषि, पर्यावरण आदि के क्षेत्र में कायस्थ युवाओं तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यही कारण है कि जीकेसी अपने गठन के एक साल में सभी राज्यों से बड़ी संख्या में कायस्थों की भागीदारी सुनिश्चित करने में सफल हुआ है। कायस्थों के समग्र हितों को ध्यान में रखते हुए जीकेसी निरंतर अभियान चलाते रहेगा और उन्हें उनके समुचित हक एवं अधिकार के सशक्तिकरण के लिए काम करेगा । जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा कि जीकेसी का गठन देशभर में बड़ी संख्या में फैले कायस्थ परिवारों को उनके राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृ़तिक विकास के लिये किया गया है। जो कायस्थ हित की बात करेगा, कायस्थ हित का सम्मान करेगा, कायस्थ उसके साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि जीकेसी की स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाले सभी कार्यक्रमों के माध्यम से जीकेसी द्वारा सेवा कार्यों के रूप में समाज को हमारी सोच को दिखाया जाना चाहिए। जीकेसी बिहार की प्रदेश अध्यक्ष डा. नम्रता आनंद ने कहा कि हम सभी को राजनीति के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्रों में भी बढ़- चढ़कर भागीदारी निभाने की जरूरत है। हमे आर्थिक रूप से समाज को मजबूत बनाने के लिए युवा पीढ़ी को स्वावलंबी बनाने की जरूरत है, जिसके लिए जीकेसी प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि देश और दुनिया का कायस्थ समाज सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से ग्लोबल कायस्थ कांफेंस की अगुवाई में मजबूत होगा। उन्होने बताया कि जीकेसी का स्थापना दिवस पूरे सप्ताह 01 फरवरी से लेकर 07 फरवरी तक मनाया जायेगा। स्थापना दिवस के तहत गरीबों के बीच भोजन का वितरण, गो ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत पौधारोपण, कंबल वितरण, पुराना कपड़ा वितरण, गरीब बच्चों के बीच कॉपी-किताब का वितरण, अस्पताल में कोरोना किट (दवाई का वितरण) और मास्क, सैनिटाइजर का वितरण किया जायेगा। उक्त अवसर पर जीकेसी की मुख्य वित्तीय पदाधिकारी श्रीमती निश्का रंजन, मीडिया-कला संस्कृति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम कुमार, जीकेसी प्रदेश महासचिव संजय सिन्हा, कला संस्कृति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुमार संभव, अनिल कुमार दास, राष्ट्रीय सचिव अनुराग समरूप, युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी राजेश सिन्हा संजू, मीडिया सेल के प्रदेश महासचिव मुकेश महान, पटना युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पीयूष श्रीवास्तव, आलोक वर्मा, हर्ष प्रतीक, आयुष सिन्हा, शैलेश कुमार, कार्यालय सचिव प्रसून श्रीवास्तव, शुभम कुमार समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| सावेरी वर्मा ने लिखा टीवी शो हुनरबाज का टाइटल ट्रैक Posted: 29 Jan 2022 04:29 AM PST सावेरी वर्मा ने लिखा टीवी शो हुनरबाज का टाइटल ट्रैक जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना बॉलीवुड की जानीमानी गीतकार सावेरी वर्मा ने बहुचर्चित टीवी शो हुनरबाज का टाइटल ट्रैक लिखा है। सावेरी वर्मा ने एक बार फिर अपनी कलम का हुनर दिखाया है। बहुचर्चित टीवी शो हुनरबाज़, जिसमें परिणति चोपड़ा ने अपना टीवी डेब्यू किया उसका टाइटल ट्रैक सावेरी वर्मा ने लिखा है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jan 2022 04:25 AM PST
|
| कुष्ठ उन्मूलन: एक आखिरी प्रयास की ज़रुरत Posted: 28 Jan 2022 10:43 PM PST कुष्ठ उन्मूलन: एक आखिरी प्रयास की ज़रुरत- डॉ. मनोहर अगनानी, अपर सचिव आज, 30 जनवरी, 2022 को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर 'शहीद दिवस' के रूप में मनाया जाता है। साथ ही आज "वर्ल्ड लेप्रोसी डे" भी है। और यह महज़ एक इत्तेफ़ाक नहीं है। हम में से अधिकांश ने गांधी जी का वह चित्र देखा होगा जिसमें वो सेवाग्राम आश्रम में अपने साथ वाली कुटिया में रहने वाले प्रचुर शास्त्री जी, जिन्हें कुष्ठ रोग था, की सेवा सुश्रुषा करते हुए दिख रहे हैं। यह गांधीजी की संजीदगी, सेवाभाव और दृढ़ विश्वास का ही परिणाम था कि प्रचुर शास्त्री जी अंततोगत्वा कुष्ठ रोग से मुक्त हुए और उन्होंने आश्रम में हुए एक विवाह में पुजारी की भूमिका भी अदा की। और तब से लेकर आज तक कुष्ठ रोगियों के उपचार के क्षेत्र में विभिन्न चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार ने 'टीम हैल्थ इंडिया' के रूप में जो कुछ कर दिखाया है, वो किसी उपलब्धि से कम नहीं है। दिसंबर 2005 में ही कुष्ठ की राष्ट्रीय स्तर पर प्रेवलेंस दर <1/10,000 आबादी का लक्ष्य प्राप्त कर चुकी थी, जो घटकर वर्ष 2020-21 में 0.41 रह गई। इसका मतलब यह है कि हम वर्ष 2005 में ही कुष्ठ रोग के उन्मूलन के करीब पहुंच गए थे और तब से ही राष्ट्रीय स्तर पर "पब्लिक हैल्थ प्रॉब्लम" के रूप में इसका वजूद समाप्त हो गया था। लेकिन सच यह भी है कि- ० कुष्ठ रोग को हमारे देश से जड़ से खत्म किया जाना अभी बाकी है। ० आज भी दुनिया के कुल 57% नए प्रकरण हमारे देश में डायग्नोज़ किए जाते हैं। ० कुष्ठ से संबंधित डिसएबिलिटी के सबसे ज़्यादा मरीज़ हमारे देश में ही हैं, जो कि समय पर पहचान एवं उपचार शुरू ना होने का परिचायक है। ० उपचार नहीं किए गए मरीज़ ही स्वस्थ व्यक्तियों में संक्रमण का कारण बनते हैं। और, ० विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुष्ठ रोग को "नेगलेक्टेड ट्रॉपिकल डिज़ीज़" (एन.टी.डी.) की सूची में शुमार किया हुआ है, क्योंकि यह ग्लोबल हैल्थ एजेंडा में शामिल नहीं है। बहरहाल, हमारे देश में कुष्ठ रोगियों के उपचार एवं पुनर्वास पर काम करने वाली कई हस्तियां एवं संगठन हैं। इनमें से कुछ को पर्याप्त पहचान का मौका मिला होगा, कुछ को नहीं। 1926 में जन्मे डॉ. कोथापल्ले वेदांथा देसीकन ऐसी ही एक विलक्षण प्रतिभा हैं। डॉ. देसीकन का डॉक्टर बनकर कुष्ठ रोगियों के लिए काम करने का संकल्प और गांधीवादी विचारधारा का संगम उन्हे पचास के दशक में सेवाग्राम ले आया। गांधी मेमोरियल लेप्रोसी फाउंडेशन के माध्यम से डॉ. देसीकन ने अपनी टीम के साथ सेवाग्राम के 35 गांवों में, 3 क्लिनिक चलाकर और घर-घर दस्तक देकर 30,000 व्यक्तियों का परीक्षण किया और 550 कुष्ठ रोगियों को खोज निकाला। इस समय तक डेप्सान गोली इजाद हो चुकी थी और डॉ. देसीकन द्वारा अपनाई जा रही रणनीति सर्वे, एजुकेट एंड ट्रीटमेंट अर्थात् 'सेट', कुष्ठ रोगियों की पहचान और प्रबंधन में बहुत कामयाब हो चुकी थी। यह स्पष्ट था कि "सेट" वैज्ञानिक, व्यवहारिक और कुष्ठ नियंत्रण के लिए अत्यंत प्रभावी रणनीति थी। नतीजतन, भारत सरकार ने वर्ष 1955 में इसी रणनीति के तहत 'नेशनल लेप्रोसी कंट्रोल प्रोग्राम' की शुरुआत की। और बाद में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस रणनीति का समर्थन किया। सन् 1983 में मल्टी ड्रग थैरेपी के प्रारंभ होने के साथ कुष्ठ रोग को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से 'नेशनल लेप्रोसी इरेडिकेशन प्रोग्राम' की शुरुआत हुई। आज इस कार्यक्रम के लक्ष्य निम्नानुसार हैं- ० सब नेशनल और डिस्ट्रिक्ट स्तर तक प्रिवलेंस दर को 1/10,000 आबादी से कम पर लाना ० राष्ट्रीय स्तर पर नए मरीज़ों में ग्रेड-2 डिसएबिलिटी प्रतिशत को शून्य तक लाना / राष्ट्रीय स्तर पर प्रति दस लाख की आबादी पर ग्रेड-2 डिसेबिलिटी को शून्य तक लाना। ० जन्म से 14 साल तक के बच्चों में डिसएबिलिटी को शून्य तक लाना और ० लांछन (स्टिगमा) और भेदभाव (डिस्क्रिमिनेशन) को पूरी तरह समाप्त करना। जहां तक कार्यक्रम के लक्ष्यों का प्रश्न है, वे निर्विवाद हैं, महत्वाकांक्षी हैं। ज़रूरत सिर्फ़ यह जानने की है कि इसे किस अंदाज़ में अंजाम दिया जाए? और समाधान के रूप में हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी की सोच के अनुरूप देश भर में स्थापित किए जा रहे 'आयुष्मान भारत हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर' और उनमें पदस्थ प्राइमरी हैल्थकेयर टीम एक बड़ी उम्मीद जगाते हैं और इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। समुदाय और स्वास्थ्य तंत्र के बीच समन्वय के लिए मज़बूत कड़ी के रूप में स्थापित "आशा" कार्यकर्ताओं ने प्राइमरी हैल्थ केयर टीम के सदस्य के रूप में घर-घर जाकर सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया है। कुष्ठ रोग के संभावित लक्षणों से संबंधित प्रश्न 'कम्युनिटी बेस्ड असेसमेंट चेकलिस्ट'- सीबैक फॉर्म में शुमार किए जा चुके हैं। अब ज़रूरत हमारे प्रधानमंत्री जी की भारत में यूनिवर्सल हैल्थ केयर सुनिश्चित करने की सोच से निर्मित आयुष्मान भारत हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर्स को कुष्ठ रोग के प्रबंधन की दृष्टि से मज़बूत किए जाने की है, ताकि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर किया जा रहा कार्य व्यर्थ ना जाए। टेली-मेडिसिन के अंतर्गत की गई पहल 'ई-संजीवनी' का विस्तार पहचाने गए कुष्ठ रोगियों के फॉलोअप करने एवं दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किया जा सकता है। कुष्ठ रोग को जड़ से ख़त्म करने के लिए सेकेंडरी और टर्शिअरी हैल्थ केयर सिस्टम के साथ मज़बूत रेफरल लिंकेजिस भी स्थापित करनी होगी, ताकि डिसेबिलिटी को कम किया जा सके। और अन्ततोगत्वा कार्यक्रम के सफल परिणामों के लिए कुष्ठ रोगियों द्वारा इलाज का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर पर्यवेक्षण भी ज़रूरी होगा। महात्मा गांधी को बहुत अफसोस था कि वो अपने जीवनकाल में कुष्ठ रोग को खत्म नहीं कर पाए। मुझे विश्वास है कि ऐसी ही हसरत डॉ. देसीकन को भी है। और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 3.3 भी "नेगलेक्टेड ट्रॉपिकल डिज़ीसेस" को वर्ष 2030 तक खत्म करने की सोच रखता है। "टीम हैल्थ इंडिया" की काबिलियत और हमारे देश के पब्लिक हैल्थ प्रोग्राम की विश्वसनीयता को देखते हुए मेरा विश्वास है, एक राष्ट्र के रूप में हम इन अधूरे सपनों को ज़रूर पूरा कर पाएंगे। जयहिंद!हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| सँस्कार भारती मुजफ्फरनगर के द्वारा "भारत माता पूजन" एवं आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन| Posted: 28 Jan 2022 10:34 PM PST सँस्कार भारती मुजफ्फरनगर के द्वारा "भारत माता पूजन" एवं आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन|गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर सँस्कार भारती मुजफ्फरनगर इकाई के तत्वाधान में "भारत माता पूजन" एवं आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन बड़ी ही धूमधाम से गिरधारी लाल जैन मेमो रियल स्कूल, प्रेमपुरी में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर विजयलक्ष्मी द्वारा माँ सरस्वती की वंदना एवं सुश्री अनुराधा वर्मा एवं श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी जी द्वारा सँस्कार भारती के ध्येय गीत से किया गया। संस्था के जिला महामंत्री पंडित पंकज शर्मा ने पंडित मोहित शास्त्री के संग मंत्रोच्चार कर भारत माता का विधिवत पूजन कराया। सनातन परंपरानुसार सभी सदस्यों को चंदन का तिलक कर रक्षा सूत्र बाँधा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ड़ा अलका जैन ने की। मुख्य अतिथि के रूप में श्री अरुण खंडेलवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सँस्कार भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री महेंद्र आचार्य,जिला अध्यक्ष ड़ा एस .एन चौहान, विभाग प्रमुख श्री अ. कीर्तिवर्धन, चित्रकला विधा संयोजक श्री प्रवीण सैनी एवं जिला कोषाध्यक्ष श्री मनोज वर्मा रहे। अपने संबोधन में श्री एस.एन चौहान जी ने स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले अनेक ऐसे क्रांतिकारियों के जीवन पर प्रकाश डाला जिन्हें हमारे इतिहास से विस्मृत कर दिया गया ... कार्यक्रम में शानदार काव्य गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। जिसका संयोजन एवं संचालन किया कवियत्री श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी ने। काव्य पाठ करने वालों में प्रमुख रहे सुप्रसिद्ध कवि श्री रामकुमार रागी, श्रीमती सुनीता सोलंक,श्री राकेश दुलारा, श्री जितेंद्र पांडे,श्रीमती निधि त्यागी ,श्रीमती इंदु राठी,सुश्री अनुराधा वर्मा एवं श्री पंकज शर्मा । अंत में कार्यक्रम अध्यक्षा ड़ा अलका जैन ने सुंदर कविता पढ़ी एवं सभी को धन्यवाद देते हुए शुभकामनाएँ प्रेषित की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से वंदे मातरम गाकर किया गया। डॉ अ कीर्ति वर्द्धन हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| You are subscribed to email updates from दिव्य रश्मि समाचार. To stop receiving these emails, you may unsubscribe now. | Email delivery powered by Google |
| Google, 1600 Amphitheatre Parkway, Mountain View, CA 94043, United States | |