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- Lohri 2022: 13 जनवरी को मनाई जाएगी लोहड़ी, जानिए इसके बारें में कुछ रोचक बातें
- लैपटॉप का सही तरीके से इस्तेमाल न करना बढ़ा सकता है कई परेशानी
- जानें साल के पहले महीने में कब कौन से ग्रह बदलेंगे राशि
- मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य की उपासना और दान का महत्व
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| Lohri 2022: 13 जनवरी को मनाई जाएगी लोहड़ी, जानिए इसके बारें में कुछ रोचक बातें Posted: 10 Jan 2022 03:48 AM PST लोहड़ी का पर्व उत्तर भारत, खासतौर पर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के क्षेत्र में धूम-धाम से मनाया जाता है। लोहड़ी के दिन लोग एक साथ एकठ्ठे हो कर आग के चारों ओर नाचते गाते हैं, खुशियां मनाते हैं। लोहड़ी के पर्व में सूखे उपले, लकड़ी, रेवड़ी का विशेष महत्व है। इस दिन लोग आपस में रेवड़ियां बांटते हैं। एक साथ मिल कर तरह –तरह के पकवान बनाते हैं, नाच गा कर खुशियां मनाते हैं। लोहड़ी का त्योहार इस साल 13 जनवरी को, रविवार के दिन मनाया जाएगा। आइए जानते हैं लोहड़ी के बारें में कुछ रोचक बातें हैं.. 1-लोहड़ी का शब्द लकड़ी, ओह अर्थात गोह यानी गोबर के उपले, कंडें और रेवड़ी से मिलकर बना है। लोहड़ी पर्व में लकड़ी,उपले की आग और रेवड़ी का विशेष महत्व है। इस दिन लोग आग जलाकर इसके चारों ओर नाच गा कर खुशियां मनाते हैं और आपस में तिल की रेवड़ियां बांटते हैं। 2-लोहड़ी को तिलोड़ी भी कहा जाता है, जो की तिल और रोड़ी शब्दों से मिल कर बना है। इस दिन तिल की रेवड़ी और गुड़ की रोड़ी को आपस में बांटने और खाने की परंपरा है। इस दिन लोग आग में रेवड़ी डालने का भी रस्म करते हैं 3-लोहड़ी का पर्व पौष माह की आखिरी रात को मनाया जाता है। इसके अगले दिन माघ माह की शुरूआत को माघी के नाम से मनाया जाता है। ये त्योहार शीत ऋतु की समाप्ति और वसंत के आगमन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। 4- लोहड़ी के दिन नवविवाहित जोड़ों, पुत्रवधुओं और जिन्हें लड़के होते हैं खास तौर आशीर्वाद देने और उनके नाम से रेवड़िया बांटने की परंपरा होती है। इसे रस्म को महामाई कहते है। 5- लोहड़ी के दिन लोग शकुन के रूप में लोहड़ी की आग के जलते कोयल घर तक लाते हैं। 6- इस दिन दूसरे मोहल्लों और गांव की लोहड़ी से आग की लकड़ियां ला कर अपनी लोहड़ी की आग में डालने का खेल भी खेलते हैं। इसे लोहड़ी व्याहना कहते हैं। हालांकि इसमें कई बार आपस में झगड़े भी हो जाते हैं। 7- लोहड़ी का त्योहार माता सती के अपने पिता दक्ष की यज्ञ की अग्नि की में आत्मदाह करने की पौराणिक कथा से जुड़ा है। 8- इसके साथ ही लोहड़ी का पर्व लोकनायक दुल्ला भट्टी की कथा से भी जुड़ा है। इस दिन इनकी याद में लोक गीत गाये जाते हैं। |
| लैपटॉप का सही तरीके से इस्तेमाल न करना बढ़ा सकता है कई परेशानी Posted: 10 Jan 2022 03:43 AM PST क्या आप दिन भर अपना सारा समय और यहां तक कि खाली समय भी लैपटॉप पर काम करते हुए बिताते हैं? डॉक्टरों ने लैपटॉप के लंबे समय तक और रोजमर्रा के सीमा से अधिक प्रयोग करने पर डॉक्टरों ने इसके घातक परिणाम होने की चेतावनी दी है। इतना गर्म कि संभालना मुश्किल ऐसा माना जाता है कि कम आवृत्ति वाला चुंबकीय क्षेत्र जैसे कि परंपरागत (नॉन फ्लैट स्क्रीन) कंप्यूटर मॉनीटर और लैपटॉप के बायोलॉजिकल प्रभाव होते है। जो कि विकसित होते ऊतकों को प्रभावित करती है। साथ ही इससे जन्मदोष, कैंसर कोशिकाओं की ग्रोथ जैसी समस्याएं होती है। इसके अलावा यह न्यूरोलॉजिकल फंक्शन में भी बदलाव कर देते है। हालांकि इसकी कोई प्रमाणिकता नहीं है कि कम आवृत्ति वाले चुंबकीय क्षेत्र के विकिरण की वजह से कैंसर होता है। कुछ वैज्ञानिकों को संदेह है कि यह टी-लिंफोसाइट (तंत्रिका तंत्र की रोगों से लड़ने वाली कोशिकाएं) को सही करने की क्षमता को बिगाड़ देता है, जो कि कैंसर से लड़ने में सहायक होती है। हालांकि डॉक्टरों ने इस बात को खारिज किया है कि ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि रोजमर्रा लैपटॉप इस्तेमाल करने वालों पर इसका बायोलॉजिकल प्रभाव पड़ता है। सुधारे कैसे: स्क्रीन से एक बांह की दूरी रखें (30 इंच या 75 सेमी.)। ऐसे में अगर आपको मॉनिटर देखने में दिक्कत आ रही है, तो टेक्स्ट साइज बढ़ाएं। इसके अलावा मॉनिटर के किनारों और पीछे से चार फीट की दूरी रखें। जिससे विद्युत चुंबकीय तरंगों का प्रभाव ज्यादा नहीं पड़ेगा। सावधानी : अगर आप गर्भवती है या गर्भधारण करने की कोशिश कर रही है तो कुछ सावधानियां बरते। कंप्यूटर पर कम समय व्यतीत करें और जहां तक संभव हो लैपटॉप को अपनी गोद में न रखें। चेतावनी समझें लैपटॉप में काम करने के दौरान आपके हाथों को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। ज्याइा टाइपिंग करने की वजह से मीडिएन नर्व में रेपिटेटिव स्ट्रेस इंजरी (आरएसआई) हो जाती है जिससे 'कारपल टनल सिंड्रोम' हो सकता है। इसकी वजह से अंगुलियों में दर्द और कंपन होता है। इससे अंगुलियों में सुन्न, दर्द, हाथ की मजबूती में कमी, किसी वस्तु को पकड़ने में दिक्कत और कई अन्य मोटर स्किल (जैसे कि लेखन ) को करने में परेशानी होती है। सुधारे कैसे: जब आप टाइप कर रहे हो तो आपके हाथों की स्थिति ठीक होनी चाहिए। अंगुलियां से कोहनी तक एक सीध में होनी चाहिए। कलाई किनारे की तरफ नहीं मुड़नी चाहिए। अपने कंधों और हाथों को गर्म रखें। देखने में परेशानी ज्यादा देर तक कंप्यूटर पर काम करने से कंप्यूटर विजन सिंड्रोम हो जाता है। इसमें आंखों में जलन, खुजली, थकान, लालपन, पानी आना और रंग विभेद करने जैसी समस्याएं आती है। जब हम लगातार मॉनीटर को देखते रहते हैं तो लोग पलक कम झपकाने लगते हैं जिसकी वजह से आंखे सूखने लगती है। इसके अलावा स्क्रीन की चमक, खराब स्थिति और अनियमित प्रकाश वाले स्थान पर काम करना से आखों में तनाव होता है, जिससे सिरदर्द होता है। सुधारे कैसे: कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से बचाव के लिए आपको 20-20 का नियम अपनाना चाहिए। प्रत्येक 20 मिनट में, 20 सेकेंड का ब्रेक लेकर अपने से 20 फीट दूर की किसी वस्तु को देखें। इसके अलावा ब्रेक के दौरान अपनी पलकों को झपकाते भी रहें। आप र्आिटफिशियल टियर्स या किसी लुब्रिकेंट आईड्रॉप का प्रयोग भी कर सकते हैं। स्क्रीन का एंगल आपके लाइन ऑफ विजन से 90 डिग्री का होना चाहिए।लैपटॉप को किताबों के ऊपर या लैपटॉप स्टैंड पर रखना चाहिए। गर्दन में दर्द लैपटॉप पर देर तक काम करने से गर्दन में अकड़न और दर्द होता है। गलत मुद्रा की वजह से गले में दर्द जैसी दिक्कतें आती है। ज्यादातर कोहनी हवा में रहती है, जिससे कंधे और गले की मांसपेशियां सिकुड़ती है। जिसकी वजह से र्सिवकल स्पोंडलाइटिस की परेशानी भी हो जाती है। कई लोग भारी लैपटॉप बैग गलत तरीके से टांगते हैं। वह बैग को एक कंधे पर टांगते हैं जिससे असंतुलन की स्थिति बन जाती है। जिसकी वजह से गर्दन, कंधे और लोअर, अपर बैक की मांसपेशियों में दर्द होता है। सुधारे कैसे: आप दिन में कुछ समय कंधे को पीछे की तरफ और आगे की तरफ घुमाने की एक्सरसाइज कर सकते हैं। अपने सिर को एक तरफ से दूसरी तरफ घुमा सकते हैं। कुछ देर आकाश की तरफ देखें और उसके बाद रिलैक्स हो जाए। भावनात्मक रोज-रोज होने वाला सिरदर्द, तेज हृदयगति, सोने में दिक्कत, गुस्सा, लगातार तनाव रहना, आलस्य और परेशानी लोगों को होती है। जो लोग कंप्यूटर या इंटरनेट का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं उनकी लोगों से बातचीत काफी कम हो जाती है जिसकी वजह से डिप्रेशन होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अकसर कंप्यूटर पर देर तक काम करते रहने की वजह से लोगों को कंप्यूटर से भावनात्मक रूप से लगाव हो जाता है। ऐसे में जब लोग कंप्यूटर पर काम नहीं कर पाते तो वह भावनात्मक तौर पर निराश हो जाते हैं और उन्हें गुस्सा ज्यादा आता है। सुधार : इस बात की पूरी तरह से बताएं कि आप मास्टर है। कंप्यूटर के दास बनने की जरूरत नहीं है। कंप्यूटर पर सीमित समय व्यतीत करें। हाई-परफोरमेंस लैपटॉप आरामदायक होते हैं। वह औसत डेस्कटॉप कंप्यूटर की तुलना में ज्यादा ऊष्मा उत्पन्न करते हैं। ऐसी कई शिकायतें आई है कि गोद में लैपटॉप रखकर काम करने से त्वचा और कमर में जलन की समस्या होती है। सुधारे कैसे : ये हकीकत है कि लैपटॉप कंप्यूटर को गोद में इस्तेमाल करने के लिहाज से बनाया गया है लेकिन वास्तविकता ये भी है कि गोद में लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करना भी सुरक्षित नहीं है। आप लैपटॉप को किसी अन्य काम करने वाली जगह पर प्रयोग करें जैसे कि आप डेस्कटॉप का करते हैं। |
| जानें साल के पहले महीने में कब कौन से ग्रह बदलेंगे राशि Posted: 10 Jan 2022 03:37 AM PST ग्रहों में लगातार बदलाव का दौर जारी है। ऐसे में साल 2022 के पहले महीने यानि जनवरी 2022 सभी 12 राशियों के जातकों के लिए काफी कुछ खास लाता दिख रहा है, दरअसल इस माह में 4 प्रमुख अपनी चाल में बदलाव करने वाले हैं, जिसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। ग्रहों के इस बदलाव में जहां कुछ ग्रह राशि परिर्वतन करेंगे तो वहीं कुछ अपनी चाल में बदलाव लाएंगे यानि कोई वक्री तो कोई मार्गी हो जाएगा। दरअसल जनवरी 2022 में जहां सूर्य, मंगल राशि परिवर्तन करेंगें। तो वहीं बुध व शुक्र अपनी चाल में बदलाव लाएंगे। इस माह जहां सूर्य देव भी 14 जनवरी 2022, शुक्रवार को दोपहर 02:43 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे, तो वहीं सूर्य के इस परिवर्तन के ठीक दो दिन बाद यानि रविवार, 16 जनवरी 2022, को मंगल शाम 04:50 बजे धनु राशि में गोचर कर जाएंगे। वहीं पंडित शुक्ला के अनुसार इसी माह बुध शुक्रवार, 14 जनवरी 2022 के दिन मकर राशि में वक्री हो जाएंगे। जबकि शनिवार, 29 जनवरी को 2022 को शुक्र मार्गी हो जाएंगे। चलिए अब जानते हैं कि जनवरी 2022 में कौन-कौन से ग्रह बदलेंगे अपनी चाल और उनका क्या होगा राशियों पर असर? 1. सूर्य का मकर राशि में गोचर सूर्य देव शुक्रवार, 14 जनवरी 2022 को धनु राशि से निकलकर दोपहर 02 बजकर 43 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। जहां यह रविवार,13 फरवरी 2022 को सुबह 03बजकर 41 मिनट तक रहेंगे। सूर्य ग्रह का यह गोचर मकर संक्रांति कहलाता है, वहीं इस बार ये परिवर्तन दोपहर में होने के चलते उदया तिथि के तहत यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। यह दिन धार्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। मकर राशि के जातकों को समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा। ऐसे में आपको अहंकार से बचना होगा। 2. बुध की वक्री चाल सूर्य देव के राशि परिवर्तन के दिन ही यानि शुक्रवार, 14 जनवरी 2022 को ही शाम 05 बजकर 10 मिनट पर मकर राशि में बुध वक्री हो जाएंगे और फिर शुक्रवार,4 फरवरी 2022, को सुबह 09 बजकर 42 मिनट पर अपनी वक्री चाल समाप्त करके पुन: मार्गी हो जाएंगे। बुध ग्रह मुख्य रूप से बुद्धि, वाणी, संचार व गणित का कारक माना गया है। वहीं बुध की इस वक्री चाल का सबसे अधिक असर मकर राशि के जातकों पर पड़ता दिख रहा है। 3. मंगल का धनु राशि में गोचर सूर्य के राशि परिवर्तन के ठीक दो दिन बाद यानि शनिवार,16 जनवरी 2022 को शाम 04 बजकर 50 मिनट पर मंगल ग्रह धनु राशि में प्रवेश करेंगे। जिसके बाद मंगल इस राशि में शनिवार, 26 फरवरी 2022 को शाम 04 बजकर 08 मिनट तक रहेंगे। मंगल ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में पराक्रम, जोश आदि का कारक माना गया है। ऐसे में मंगल अपने इस परिवर्तन में सबसे अधिक धनु राशि वालों को ही प्रभावित करेंगे, जिसके चलते धनु राशि के जातकों इस समय अपने क्रोध पर विशेष नियंत्रण रखना होगा। 4. शुक्र की मार्गी चाल भाग्य के कारक व भौतिक सुख प्रदान करने वाले शुक्र ग्रह धनु राशि में शनिवार, 29 जनवरी को 2022 को दोपहर 02 बजकर 14 मिनट पर मार्गी हो जाएंगे। इसके बाद शुक्र 41 दिनों तक मार्गी अवस्था में रहेंगे। इन राशियों वालों के लिए विशेष रहेगा जनवरी 2022 ग्रहों की दशा व दिशा का निर्माण हो रहा है, उसकी गणना से जो परिणाम सामने आते दिख रहे हैं उसके अनुसार जनवरी 2022 कई सौगातों के साथ मेष राशि वालों को खास परिणाम देता दिख रहा है। इसके अलावा कार्यक्षेत्र में तरक्की की उम्मीद के साथ यह महीना मिथुन राशि के जातकों के लिए भी काफी बढ़िया रह सकता है। इसके अलावा उम्मीदों को पूरा करने के अलावा कार्यक्षेत्र में परिस्थितियां पक्ष्र में लाने के बीच यह जनवरी 2022 का महीना सिंह और कन्या राशिवालों के लिए भी अच्छा रहेगा। |
| मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य की उपासना और दान का महत्व Posted: 10 Jan 2022 03:44 AM PST Makar Sankranti 2022 : मकर संक्रांति विभिन्न राज्यों में अलग अलग नामों से मनाया जाता है। अगहनी फसल के कटक्र घर आने का उत्सव मनाया जाता है। भारत में विभिन्न राज्यों में विभिन्न प्रकार के लोग भिन्न भिन्न बोलिया बोलते हैं। उनके सांस्कृतिक और रीतिरिवाज के अनुसार ही मकर संक्रांति का पर्व विभिन्न नामों से मनाया जाता है और इसके मनाने के तरीके भी अलग अलग है। उत्तरी भारत में जहां इसे मकर संक्रांति और संक्रांति, उत्तरायण, खिचड़ी अथवा संक्रांत, हरियाणा एवं पंजाब में इसे लोहड़ी के नाम से जानते हैं। पंडित एसके उपाध्याय के अनुसार ऐसे में इस बार सूर्य 14 जनवरी की रात 08 बजकर 58 मिनट पर मकर राशि ( शनि के स्वामित्व वाली राशि ) में प्रवेश करेंगे। जिसके चलते मकर संक्रांति का पर्व उदया तिथि में मनाए जाने के चलते यह 15 जनवरी को मनाया जाएगा, यानि मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को रहेगा। वहीं कुछ पंचांगों में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दिन में 02 बजकर 40 मिनट पर बताया गया है, ऐसे में पंचांगों में समय के कारण शैव संप्रदाय से जुड़े कई लोग 14 जनवरी को नदियों में स्नान कर मकर संक्रांति का पर्व मनाएंगे, जबकि वैष्णव संप्रदाय के लोग शनिवार, 15 जनवरी को ही सूर्य की पूजा कर मकर संक्रांति का पर्व मनाएंगे। मकर संक्रांति मुख्य रूप से दान का पर्व है। यह पर्व प्रयागराज में माघ मेले के रूप में मनाया जाता है। वहीं माघ में बिहू असम राज्य में एक प्रसिद्ध उत्सव के रूप में है। जबकि तमिलनाडू में इसे पोंगल के नाम से मनाते हैं, वहीं कर्नाटक, केरल और आंध्रप्रदेश में इसे केवल संक्रांति ही कहते हैं। यहां ये जान ले ही हर राज्य में यह पर्व अपने अपने तरीके से मनाया जाता है। ऐसे में आज हम आपको संक्रांति के दिन की हर मान्यता के साथ ही भगवान सूर्य की उपासना और संक्रांति में दान का महत्व की जानकारी दे रहे हैं। 1. पतंग : मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का काफी पुराना रिवाज है, दरअसल सर्दियों में धूप बहुत कम आती है, जिस कारण हम धूप में कम ही निकल पाते हैं। ऐसे में धूप की कमी से शरीर में कई प्रकार के इंफेक्शन हो जाते हैं, वहीं सर्दियों में त्वचा भी रूखी हो जाती है, ऐसे में इस समय धूप में निकलना आवश्यक होता है। इसके संबंध में यह माना जाता है कि जब सूर्य उत्तरायण होते हैं तो उस समय सूर्य की किरणों में ऐसे तत्व होते हैं, जो हमारे शरीर के लिए दवा का काम करते हैं। ऐसे में पतंग उड़ाते समय हमारा शरीर ज्यादा से ज्यादा समय तक सूर्य की किरणों के संपर्क में रहता है, इससे हमारे शरीर को विटामिन डी प्राप्त होता है। 2. तिल-गुड़ : मकर संक्रांति के समय उत्तर भारत में ठंड का मौसम रहता है। इस मौसम में तिल-गुड़ को खाना सेहत के लिए लाभदायक रहता है, इसे चिकित्सा विज्ञान भी मानता है। इससे जहां शरीर को ऊर्जा मिलती है। वहीं यह ऊर्जा सर्दी में शरीर की रक्षा करती है। 3. नदी में स्नान: मकर संक्रांति के अवसर पर नदियों में वाष्पन क्रिया होती है। इससे तमाम तरह के रोग दूर हो सकते हैं। इसलिए इस दिन नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। 4. खिचड़ी : इस दिन खिचड़ी का सेवन करने का भी वैज्ञानिक कारण है। खिचड़ी पाचन को दुरुस्त रखती है। अदरक और मटर मिलाकर खिचड़ी बनाने पर यह शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि कर बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करती है। 5. गाय व बेल की पूजा: मकर संक्रांति पर गाय व बेल को सजाया जाता है। वहीं गुड़ मुंगफली और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलाया जाता है। इसका कारण ये माना जाता है कि गाय व बेल अगले सत्र के लिए तैयार हो जाएं और सेहत से मजबूत बने रहें। 6. पोंगल : भूमि से आने वाली उपज का एक हिस्सा मंदिरों को दान दिया जाता है और पोंगल को ताजा चावल का उपयोग करके पकाया जाएगा और रिश्तेदारों व दोस्तों के बीच बांटा जाएगा। इस अभ्यास से साझा करने और देखभाल करने की खुशी महसूस होती है। भगवान सूर्य की उपासना और संक्रांति में दान का महत्व: पद्मपुराण के सृष्टिखण्ड में श्रीवैशाम्पायन जी ने श्री वेदव्यासजी से प्रश्न किया, विप्रवर! आकाश में प्रतिदिन जिसका उदय होता है, यह कौन है? इसका क्या प्रभाव है? और इस किरणों के स्वामी का प्रादुर्भाव कहां से हुआ है? मैं देखता हूं- देवता, बड़े बड़े मुनि, सिद्ध,चारण, दैत्य, राक्षस और ब्राह्मण आदि समस्त मानव इसकी सदा ही आराधना किया करते हैं। इस पर व्यास जी बोले- वैशम्पायन! यह ब्रह्म के स्वरूप से प्रकट हुआ ब्रह्म का ही उत्कृष्ट तेज है, इसे साक्षात ब्रह्ममय समझो। यह धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष- इन चारों पुरुषार्थों को देने वाला है। ब्रह्म से लेकर कीटपर्यन्त चराचर प्राणियों सहित समूचे त्रिलोक में इसकी सत्ता है। ये सूर्यदेव सत्त्वमय हैं। इनके द्वारा चराचर जगत का पालन होता है। सबके रक्षक होने के कारण इनकी समानता करने वाला दूसरा कोई नहीं है। पौ फटने पर इनका दर्शन करने से राशि पाप विलीन हो जाते हैं। द्विज आदि सभी मनुष्य इन सूर्यदेव की आराधना करके मोक्ष पा लेते हैं। सन्ध्योपासन के समय ब्रह्मवेत्ता ब्राह्मण अपनी भुजाएं उपर उठाए इन्हीं सूर्यदेव का उपस्थान करते हैं और इसके फलस्वरूप समस्त देवताओं द्वारा पूजित होते हैं। सूर्यदेव के ही मंडल में रहने वाली संध्यारूपिणी देवी की उपासना करके संपूर्ण द्विज स्वर्ग और मोक्ष प्राप्त करते हैं। इस भूतल पर जो पतित और जूठन खाने वाले मनुष्य हैं, वे भी भगवान सूर्य की किरणों के स्पर्श से पवित्र हो जाते हैं। सन्ध्याकाल में सूर्य की उपासना करने मात्र से द्विज सारे पापों से शुद्ध हो जाते हैं। - संध्योपासनमात्रेण कल्मषात पूततां व्रजेत! जो मनुष्य चंडाल, कसाई, पतित, कोढ़ी, महापात की और उत्पाती के दिख जाने पर भगवान सूर्य के दर्शन करते हैं- वे भार से भारी पाप से मुक्त होकर पवित्र हो जाते हैं। सूर्य की उपासना करने मात्र से मनुष्य को सब रोगों से छुटकारा मिल जाता है। वहीं जो कोई सूर्य की उपासना करते हैं, वे इस लोक और परलोक में भी अंधे,दरिद्र,दुखी व शोकग्रस्त नहीं होते। श्रीविष्णु और शिव आदि देवताओं के दर्शन सब लोगों को नहीं होते, और ध्यान में ही उनके स्वरूप का साक्षत्कार किया जाता है, लेकिन भगवान सूर्य प्रत्यक्ष देवता माने गए हैं। कश्यपमुनि के अंश और अदिति के गर्भ से उत्पन्न होने के कारण सूर्य आदित्य के नाम से प्रसिद्ध हुए। भगवान सूर्य विश्व की अंतिम सीमा तक विचरते और मेरु गिरि के शिखरों पर भ्रमण करते रहते हैं। ये दिन-रात इस पृथ्वी से लाख योजन उपर रहते हैं। विधाता की प्रेरणा से चंद्रमा आदि ग्रह भी वहीं विचरण करते रहते हैं। सूर्य बारह स्वरूप धारण करके बारह महीनों में बारह राशियों में संक्रमण करते रहते हैं। उनके संक्रमण से ही संक्रांति होती है, जिसे अधिकांश लोग जानते हैं। सूर्य जिस राशि पर स्थित हो, उसे छोड़कर जब दूसरी राशि में प्रवेश करें, उस समय का नाम ही संक्रांति है। - '' रवे: संक्रमणं राशौ संक्रान्तिरिति कथ्यते।'' समस्त बारह संक्रांतियों में मकरादि (मकर, कुंभ, मीन, मेष, वृषभ व मिथुन) छह व कर्कादि (कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक व धनु) छह राशियों के भोगकाल में क्रमश: उत्तरायण और दक्षिणायन ये दो अयन होते हैं। पद्मपुराण के सृष्टिखण्ड में भगवान सूर्य का और संक्रांति में दान के महात्म्य के बारे में विस्तार से बताया गया है। धनु, मिथुन, मीन और कन्या राशि की संक्रांति को षडशीति कहते हैं, जबकि वृषभ, सिंह,वृश्चिक और कुंभ राशि की संक्रांति को विष्णुपदी कहते हैं। मेष व तुला की संक्रांति को विषुव कहते हैं। वहीं कर्क व मकर की संक्रांति अयन कहलाती है। इन चारों प्रकार की संक्रांति में क्रम से अयन अधिक पुण्य होता है। सभी संक्रांतियों की 16-16 घड़ियां अधिक फलदायक है। यह विशेषता है कि दिन में संक्रांत हो तो पूरा दिन, अर्धरात्रि से पहले हो तो उस दिन का उत्तरार्ध, अर्धरात्रि से पीछे हो तो आने वाले दिन का पूर्वार्ध, ठीक अर्धरात्रि में हो तो पहले और पीछे के तीन तीन प्रहर और उस समय अयन का भी परिवर्तन हो तो तीन तीन दिन पुण्यकाल होते हैं। षडशीति नामक संक्रांति में किए हुए पुण्यकर्म का फल 86 हजार गुना, विष्णुपदी में लाख गुना और उत्तरायण या दक्षिणायन आरंभ होने के दिन कोटि-कोटि गुना अधिक होता है। दोनों अयनों के दिन जो कर्म किया जाता है, वह अक्षय होता है। मेषादि संक्रांति में सूर्योदय के पहले स्नान करना चाहिए। इससे दह हजार गोदान का फल मिलता है। उस समय किया हुआ तर्पण, दान और देवपूजन अक्षय होता है। उस दिन ब्रह्मुहूर्त में स्नानादि से निवृत्त होकर, संकल्प करके चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर अक्षतों का अष्टदल लिखें और उसमें स्वर्णमय सूर्यनारायण की मूर्ति स्थापन करके उनका पंचोपचार (स्नान,गंध,पुष्प,धूप और नैवेद्य) से पूजन और निराहार साहार,अयाचित, नक्त या एक भुक्त व्रत करें, तो सब प्रकार की आधि व्याधियों का निवारण और सब प्रकार की हीनता या संकोच का निपात होता है और हर प्रकार की सुख संपत्ति, संतान और सहानुभूति की वृद्धि होती है। संक्रांति के दिन ''ॐ नमो भगवते सूर्याय'' या ''ॐ सूर्याय नम:'' का जाप और आदित्यह्दयस्त्रोत का पाठ करके घी,शक्कर और मेवा मिले हुए तिलों का हवन करें और अन्न-वस्त्रादि वस्तुओं का दान करें। तो इनमें से हर एक पावन करने वाला होता है। - अत्र स्नानं जपो होमो देवतानां च पूजनम। उपवासस्तथा दानमेकैकं पावनं स्मृतम।। संक्रांति के दिन व्रत की अपेक्षा स्नान और दान अवश्य करें। इनके करने से दाता और भोक्ता दोनों का कल्याण होता है। षडशीति (कन्या, मिथुन,मीन और धनु) विषुवती (तुला और मेष) संक्रांति में दिये हुए दान का अनंतगुना, अयन में दिए हुए का करोड़ गुना, विष्णुपदी में दिए हुए का लाख गुना, चंद्रग्रहण में सौ गुना,सूर्यग्रहण में हजार गुना और व्यतीपात में दिए हुए दानादि का अनंत गुना फल होता है। कब करें कौन सा दान? देय के विषय में यह विशेषता है कि मेष संक्रांति में मेढ़ा,वृषभ संक्रांति में गौ, मिथुन संक्रांति में अन्न-वस्त्र व दूध-दही, कर्क संक्रांति में धेनु,सिंह संक्रांति में स्वर्ण सहित छाता,कन्या संक्रांति में वस्त्र व गोदान,तुला संक्रांति में अनेक प्रकार के धन्य-बीज, वृश्चिक संक्रांति में भूमि, पात्र व गृहोपयोगी वस्तु,धनु संक्रांति में वस्त्र, वाहन और तेल,मकर संक्रांति में तिल काष्ठ व अग्नि, कुंभ संक्रांति में गायों के लिए जल और घास, मीन संक्रांति में उत्तम प्रकार के पुष्पादि और सौभाग्य की वस्तुओं के दान से सभी प्रकार की कामनाएं सिद्ध होती है और संक्रांमि आदि के अवसरों में हव्य-कव्यादि जो कुछ दिया जाता है, सूर्यनारायण उसे जन्म-जन्मांतरपर्यन्त प्रदान करते रहते है- - संक्रांतौ यानि दत्तानि हव्यकव्यानि दातृभि:। तानि नित्यं ददात्यर्क: पुनर्जन्मनिजन्मानि।। |
| नींबू को रोजाना करें डाइट में शामिल कई बीमारियां होंगी दूर Posted: 10 Jan 2022 03:30 AM PST नींबू की बात करें तो अक्सर इसे लोग खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल ज्यादातर करते हैं,लेकिन क्या आपको पता है कि ये न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन तो होता ही है वहीं इसके सेवन से पेट से जुड़ी कई बीमारियों को भी ये दूर कर देता है। यदि आप अक्सर पेट में जुड़ी समस्याओं से परेशान रहते हैं जैसे कि पेट में जलन, गैस की समस्या,एसिडिटी की समस्या आदि तो नींबू का सेवन आपके लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं ये त्वचा में भी नेचुरल ग्लो को बरक़रार रखने में सहायक होता है। आपको भी जानना चाहिए कि नींबू के सेवन से होने वाले इन फायदों के बारे में। सर्दी-जुकाम की समस्या को करता है कम यदि अक्सर आप सर्दी-जुकाम के जैसे बीमारियों से या वायरल इन्फेक्शन से ग्रसित रहते हैं तो ऐसे में नींबू का सेवन बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है, नींबू एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट्स के जैसे कई सारे तत्वों से भरपूर होता है वहीं इसके रोजाना सेवन से इम्युनिटी दिन-प्रतिदिन बूस्ट होती जाती है। नींबू को विटामिन सी का भी एक बहुत ही ज्यादा अच्छा सोर्स माना जाता है। इसलिए यदि आप सर्दी-जुकाम से खुद का बचाव करना चाहते हैं तो नींबू को डाइट में अवश्य शामिल करें। दिल की सेहत को स्वस्थ रखने के किये करें नींबू का सेवन यदि आप दिल की सेहत को लंबे समय तक स्वस्थ बना के रखना चाहते हैं तो ऐसे में नींबू को डाइट में जरूर शामिल करें, ये हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को कम करने में असरदार होता है, वहीं विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा होने के कारण ये दिल की सेहत को स्वस्थ रखता है। इसके सेवन से हार्ट अटैक के जैसी गंभीर बीमारी की समस्या को भी कम किया जा सकता है। आप नींबू को गर्म पानी के साथ भी सेवन कर सकते हैं। वेट लॉस में होता है मददगार यदि आप वजन को कम करने कि सोंच रहे हैं तो ऐसे में नींबू का सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है, नींबू में पॉलीफेनॉल्स नामक एक तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो वजन को कंट्रोल करने में सहायक होता है, वहीं ये एसिड पेट में फैट को भी जमा नहीं होने देता है। यदि आप पेट में जमी हुई चर्बी को कम करने कि सोंच रहे हैं तो ऐसे में नींबू का सेवन करें ही वहीं नींबू पानी को भी आप डाइट में शामिल कर सकते हैं। ये पाचन तंत्र को भी बढ़ावा देगा और पेट से जुड़ी कई दिक्कतों को भी दूर कर देगा। लिवर के लिए भी होता है फायदेमंद नींबू का यदि आप रोज सेवन करते हैं तो ये लिवर की सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा माना जाता है, नींबू में एक पटॉपरटेक्टिव नामक तत्व पाया जाता है जो नेचुरल तरीके से लिवर की सफाई करता है, वहीं यदि आपके लिवर में अक्सर सूजन की समस्या बनी रहती है तो ऐसे में भी नींबू का सेवन बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। लिवर को स्वस्थ बना के रखने के लिए आप इसके जूस या रस का सेवन भी कर सकते हैं। |
| ज्यादा करते हैं लहसुन का सेवन तो हो जाइए सावधान सेहत को हो सकते हैं कई नुकसान Posted: 10 Jan 2022 03:27 AM PST Health Tips: लहसुन का सेवन आप अक्सर खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए करते ही होंगें,वहीं लहसुन को सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक भी माना जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि लहसुन का ज्यादा मात्रा में सेवन सेहत को कई सारे नुकसान भी पंहुचा सकता है। लहसुन के ज्यादा मात्रा में सेवन से आपके पेट से जुड़ी कई दिक्क्तें हो सकती है। इसलिए आपको भी इसके सेवन से होने वाले नुकसानों के बारे में जानना चाहिए। ब्लड प्रेशर जिन व्यक्तियों का ब्लड प्रेशर हाई रहता है उन्हें लहसुन का ज्यादा सेवन अवॉयड करना चाहिए, इसके सेवन से आपका ब्लड प्रेशर बढ़ने की दिक्कत उत्पन्न हो सकती है, इसलिए आप लहसुन का सेवन एक लिमिटेड मात्रा में ही करें ताकि ये आपको नुकसान न पहुचाएं और वहीं सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित हो। एसिडिटी की समस्या यदि आप जरूरत से ज्यादा लहसुन को अपने डाइट में शामिल करते हैं तो आप एसिडिटी के जैसे गंभीर समस्या से ग्रसित हो सकते हैं, इसके ज्यादा सेवन से आपका पेट फूलने व दर्द होने के जैसी दिक्क्तों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आप इसे डाइट में तो शामिल ही करें लेकिन खासतौर पर इसके ज्यादा सेवन से बचें। क्योंकि ज्यादा मात्रा में लहसुन का सेवन से आप एसिडिटी के जैसी समस्याओं से ग्रसित हो सकते हैं। हो सकती है हार्ट बर्न की समस्या ज्यादा मात्रा में यदि आप लहसुन का सेवन करते हैं तो इससे आपके हार्ट में जलन की समस्या हो सकती है, लहसुन की बात करें तो इसमें एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है,ज्यादा मात्रा में इसका सेवन हार्ट को नुकसान पंहुचा सकता है, इसलिए कोशिश करें कि ज्यादा मात्रा में इसका सेवन न करें ताकि ये आपके शरीर के साथ-साथ हार्ट को भी नुकसान न पहुचाएं मुँह से दुर्गन्ध आना जरूरत से ज्यादा यदि आप लहसुन का सेवन करते हैं तो इससे एक सबसे बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है और वो है मुँह से दुर्गन्ध आना, इसलिए कोशिश करें कि लहसुन को जब भी खाते हैं तो ब्रश भी करें,क्योंकि ये आपके मुँह में दुर्गन्ध आने का एक बड़ा कारण बन सकता है। इसके सेवन से दुर्गन्ध से यदि आप बचाव करना चाहते हैं तो इसको ज्यादा मात्रा में अवॉयड करें। |
| तीसरे टेस्ट में दो बदलाव के साथ उतरेगी टीम इंडिया, ये होगी Playing 11, इस दिग्गज का बाहर होना तय! Posted: 10 Jan 2022 03:17 AM PST भारत और दक्षिण अफ्रीका (Ind vs SA) के बीच टेस्ट सीरीज (Test Series) का तीसरा और आखिरी मुकाबला मंगलवार से केपटाउन में खेला जाएगा. तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर है. सेंचुरियन में खेला गया पहला टेस्ट मैच टीम इंडिया ने जीता था तो दक्षिण अफ्रीका ने जोहान्सबर्ग में वापसी करते हुए भारतीय टीम को 7 विकेट से मात दी थी. दोनों ही टीमों का ध्यान अब केपटाउन टेस्ट पर है और सीरीज पर कब्जा करने के लिए वे जमकर अभ्यास कर रही हैं. टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका में अब तक टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है. उसके पास इस बार इतिहास रचने का मौका है. हालांकि केपटाउन में टीम इंडिया का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है. उसे यहां अब भी पहली जीत की तलाश है. भारतीय टीम को अगर केपटाउन में जीत के सूखे को खत्म करना है तो उसे मजबूत प्लेइंग 11 के साथ उतरना होगा. टीम में दो बदलाव तय माने जा रहे हैं. अनफिट होने के कारण दूसरा टेस्ट नहीं खेलने वाले कप्तान विराट कोहली केपटाउन में खेलते दिखेंगे. हालांकि उन्हें किसी जगह टीम में शामिल किया जाएगा ये बड़ा सवाल बना हुआ है. वहीं तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज जोहान्सबर्ग टेस्ट मैच में चोटिल हो गए थे, उनकी जगह ईशांत शर्मा या उमेश यादव को केपटाउन में उतारा जा सकता है. हनुमा विहारी हो सकते हैं बाहर विराट कोहली का केपटाउन में खेलना तय है, ऐसे में हनुमा विहारी बाहर बैठेंगे. विहारी ने जोहान्सबर्ग टेस्ट में अच्छी बल्लेबाजी की थी. इसके बावजूद प्लेइंग 11 में उनकी जगह तय नहीं है. हनुमा विहारी के यह लिए थोड़ा कठोर होगा. उधर, अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा जोहान्सबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में अर्धशतक बनाकर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए हैं. इस पारी की बदौलत दोनों ने केपटाउन टेस्ट के लिए टीम में अपनी जगह भी सुरक्षित कर ली. वहीं, मोहम्मद सिराज की जगह ईशांत शर्मा या उमेश यादव को शामिल किया जा सकता है. उमेश के पास पेस और वह लगातार 140 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंद फेंकते तो वहीं ईशांत के पास 100 से ज्यादा टेस्ट मैचों का अनुभव है. ईशांत लंबे कद के भी हैं जो दक्षिण अफ्रीका की पिचों का फायदा उठा सकते हैं. अब देखना होगा कि विराट और टीम मैनेजमेंट किसके साथ जाता है. तीसरे टेस्ट की लिए ये हो सकती है भारत की प्लेइंग XI: केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी, उमेश यादव/ईशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह. |
| अगर आपके पास है ये पुराने नोट और सिक्के तो बन सकते हैं अमीर जाने कैसे Posted: 10 Jan 2022 03:08 AM PST भारत में सरकार द्वारा करेंसी बदलने का नियम है जिसके चलते सरकार जब करेंसी बदलने का निर्णय करती है तो वह कुछ समय पहले ही अपने देशवासियों को इस बारे में जानकारी देती है. जैसे कि इस सम्बन्ध में 8 नवम्बर 2016 को रात आठ बजे हमारी सरकार यानी माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी कुछ वर्ष पहले नोटों की बदली की थी और इसकी जानकरी टीवी पर खुद आकर दी थी. जिसके चलते मार्केट में 500 और 2000 के नए नोट आये और 1000 व 500 को पुराने नोट बंद कर दिए गये. तब जनता को बताया गया था कि उनके पास जो भी नोट हैं उन्हें बैंक से जाकर बदल ले. और तब सरकार ने टीवी के द्वारा ही नोट बंदी का आदेश जारी किया था और 500 और 1000 के नोटों की बंदी की गई थी और नए नोट बनाए गए थे. इस सब के पीछे हमारी सरकार का केवल इतना ही उद्देश्य था कि कालाबाजारी पर लगाम लगाई जा सके और जाली नोटों के कारोबार पर भी रोक लगाईं जा सके. तब देशभर के सभी लोगो ने जल्दी-जल्दी अपने अपने 500 और 1000 के नोट को बदल लिया था और नोटबंदी से बचने के लिए अपने करंसी को सुरक्षित कर लिया था. लेकिन इसी बिच कुछ लोग ऐसे भी होते है जिन्हें पुराने नोटों का संरक्षण करना काफी अच्छा लगता है और वह अपने पास पुराने नोट सिक्के कॉइंस जमा करने में रुचि रखते हैं. अब इसी के चलते ऐसे ही लोगो के लिए एक अच्छी खबर है की जिनको पास ऐसे नोट और कॉइंस जमा करने में रुचि है और जिनके पास एक और दो के नोट है या RS5 के RS2 के कॉइंस है तो अब आप उनको बेचकर अमीर बन सकते हैं और काफी धन कमा सकते हैं तो चलिए हम आपको बताते है की आप किस प्रकार अपने इन नोटों को जमा करने की आदत से लाभ उठा सकते हैं. यदि आपके पास भी ऐसे पुराने सिक्के और नोट है तो आप उनको ऑनलाइन बेचकर काफी पैसा कमा सकते हैं. विशेष तौर पर 1,2 के पुराने सिक्के 1,2 और 5 के पुराने नोट क्योंकि आज के समय में पुराने नोटों की बाजार में काफी मांग है. मुद्रा शास्त्रियों जो कागज के नोट और सिक्कों का संग्रह करते हैं और उनका अध्ययन करते हैं वो उनकी तलाश में रहते हैं. अब यदि आप भी उनमें से हैं जिनको नोटों और कोइंस को जमा करने का शौक है और आपने काफी सिक्के जमा कर कर रखे है. तो आप भी ऑनलाइन नोटों और कोइंस को बेचकर मालामाल हो सकते हैं. किन किन सिक्को औरनोटों की है डिमांड:- 1. सबसे पहले वो 5 और 10 के सिक्के जिन पर माता वैष्णो देवी की तस्वीर है. क्योकि रिपोर्ट के अनुसार ऐसे ही सिक्कों को खरीदने के लिए लोग लाखों रुपए देने के लिए तैयार हैं. 2.1 का पुराना नोट इस नोट पर वर्ष 1957 में गवर्नर एच एम पटेल का हस्ताक्षर है इस नोट की सीरियल संख्या 123456 है. 3. ओएनजीसी के 5 और 10 के स्मार्क सिक्कों के लिए भी मार्किट में काफी रकम मिल रही है. इसी तरह 000 786 की एक असामान्य संख्यात्मक सीरीज के 100 के नोट जिन पर आरबीआई के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव के हस्ताक्षर हैं. 4. 10 के ऐसे नोट जिन पर भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी डी देशमुख के हस्ताक्षर है और ये सन 1943 के है इनकी भी मार्किट में बहुत ज्यादा डिमांड है इस नोट में एक तरफ अशोक स्तंभ और दूसरी तरफ एक नाव छपी हुई है. नोट के पीछे दो सिरों पर अंग्रेजी शब्द 10 लिखा होना चाहिए. जानकरी के मुताबिक इस दुर्लभ नोट के लिए आपको 25000 रूपये तक मिल सकते हैं. 5. 1862 के क्वीन विक्टोरिया के सिक्के के लिए आपको मिल सकते है 1.5लाख. वही वर्ष 1862,1 का चांदी का सिक्का भी दुर्लभ सिक्कों की श्रेणी में आता है. पुराने नोट और सिक्के कैसे बेचे:- जानकारी के अनुसार पुराने सामान को खरीदने और बेचने वाले विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिनोर यह सिक्के और नोट अक्सर बेचे जाते हैं.कुछ वेबसाइट पर इन्हें बेचने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन भी करना पड़ता है. |
| IAS इंटरव्यू सवाल : शरीर का कौन सा ऐसा अंग है जो जन्म से लेकर मृत्यु तक नहीं बढ़ता है ? Posted: 10 Jan 2022 03:04 AM PST हमारे देश भारत में UPSC (Union Public Service Commission) की परीक्षा सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा परीक्षा मानी जाती है l क्योंकि इस परीक्षा में लिखित परीक्षा तो होती ही है साथ ही साथ परीक्षार्थियों का इंटरव्यू भी लिया जाता है l परीक्षार्थियों को IAS बनने के लिए इस परीक्षा मै जनरल नॉलेज की जानकारी होना बहुत आवश्यक है| आज के इस पोस्ट में हम आपके लिए IAS इंटरव्यू के कुछ खास सवाल लाए हैं और जवाब भी तो आइये डालते है इनपर के नजर. सवाल – वो एसी कौन सी चीज है जो पुरुषों की बढ़ती है लेकिन महिलाओं की नहीं बढ़ती? जवाब – दाढ़ी और मूंछ सवाल – मक्खी के मुंह में कितने दांत होते हैं? जवाब- मक्खी के मुंह में कोई दांत नहीं होता. वो तिनके जैसी पतली जीभ से खाने को चूस लेती है. सवाल -बादशाह अकबर नमाज पढ़ने के लिए जामा मस्जिद में पूर्व दिशा के दरवाजे से जाते थे, तो निकलते किस दरवाजे से थे? जवाब – अकबर के समय में जामा मस्जिद थी ही नहीं. सवाल – दो जुड़वा बच्चे मई में पैदा हुए लेकिन उनका जन्म दिन जून में आता है, कैसे? जवाब- मई अमेरिका का एक शहर है. सवाल – जल में पड़ी बर्फ जल में पूर्णता नहीं डूबती, क्यों? जवाब -बर्फ का घनत्व जल की घनत्व से कम होने के कारण सवाल: क्षेत्रफल से देखा जाए तो भारत में सबसे बड़ा राज्य कौन सा है? जवाब: क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान को भारत का सबसे बड़ा राज्य माना जाता है. सवाल: भारत देश में पहली बार रेल कब चली? जवाब: भारत में पहली रेल साल 1953 में चली. सवाल: चाय के उपभोग और उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान किस देश का है? जवाब: भारत देश को चाय के उपभोग एवं उत्पादन में प्रथम माना जाता है. सवाल: विश्व भर में सिन्थेटिक रबड़ का सबसे बड़ा उत्पादक कौन सा देश है? जवाब: संयुक्त राष्ट्र अमेरिका को सिंथेटिक रबड़ का सबसे बड़ा उत्पादक माना जाता है. सवाल: विश्व भर में सर्वाधिक चाय का निर्यात करने वाला देश कौन सा है ? जवाब: श्रीलंका को विश्व का सवार्धिक चाय निर्यात करने वाला देश कहा जाता है. सवाल: विश्व में तम्बाकू का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन सा है ? जवाब: चीन को तम्बाकू का सबसे बड़ा उत्पादक देश माना जाता है. सवाल: कोपा कप किस खेल से सम्बन्धित है ? जवाब: कोपा कप फूटबाल खेल से सम्बंधित है. सवाल: आम (Mango) का वानस्पतिक नाम क्या है ? जवाब: आम का वानस्पतिक नाम मेन्जीफेरा इण्डिका है. सवाल :शरीर का ऐसा कौन सा अंग है जो बचपन से लेकर बूढ़े होने तक नहीं बढ़ता? जवाब :आँखों का कार्निया |
| मंडी जिले में एक दर्दनाक हादसा पेश आया, एक ही परिवार के दो सगे भाईयों की एक साथ जली दो चिता Posted: 10 Jan 2022 02:54 AM PST मंडीः हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बीते कल एक दर्दनाक हादसा पेश आया था, जिसमें एक ही परिवार के दो सगे भाईयों की जान चली गई थी जबकि कार सवार एक अन्य भाई गंभीर रुप से घायल हुआ है। बताया जा रहा है कि इस हादसे में जान गंवाने वाला एक भाई (39 ) भादर सिंह भारतीय सेना का जवान था। वर्तमान में भादर सिंह की पोस्टिंग झांसी में हुई थी और अभी तीन दिन पहले ही छुट्टी पर घर आया था। नम आंखों से दी श्रद्धांजलि: मात्र 19 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुए भादर सिंह की बीते कल पेश आए हादसे में उनकी जान चली गई। इस दौरान उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर उनकी यूनिट के जवान भी मौजूद रहे जिन्होंने नम आंखों से उन्हें आखिरी सलामी दी। बता दें कि बीते कल यानी रविवार सुबह एक कार में पांच लोग सवार होकर घटासनी से कांगड़ा की ओर जा रहे थे। इस दौरान कार जोगिंदरनगर के ढेलू के पास अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। एकसाथ जली दोनों भाईयों की चिता: मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों को गहरी खाई से बाहर निकाल कर एंबुलेंस के माध्यम से स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने कार सवार दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन घायल उपचाराधीन हैं। उधर, एक ही शमशान घाट में दो भाईयों की जलती चिता को देखकर हर कोई गमगीन था। मृतक अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। |
| हिमाचल: HRTC में भरेंगे जेओए-आईटी के 258 पद, पढ़ें रिपोर्ट Posted: 10 Jan 2022 02:49 AM PST हिमाचल प्रदेश में बेरोजगार बैठे युवाओं के लिए नौकरी का एक सुनहरा अवसर हाथ लगा है। बता दें कि हिमाचल पथ परिवहन निगम यानी HRTC की ओर से कनिष्ठ कार्यालय सहायक (जेओए-आईटी) के कुल 258, जेओए -अकाउपदों पर भर्ती निकाली गई है। इच्छुक पात्र आवेदन कर सकते हैं। बता दें की हाल ही में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार की ओर से इन पदों को भरने की मंजूरी मिलने के बाद निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार द्वारा इसकी अधिसूचना जारी की गई है। बताया जा रहा है कि इन पदों पर भर्ती अनुबंध के आधार पर की जानी है। एक साल के भीतर अगर उम्मीदवार का कार्य संतोषजनक पाया गया तो अगले साल इस अनुबंध को रिन्यू किया जाएगा। निगम की ओर से चयनित उम्मीदवारों को 7810 रुपए प्रति माह वेतन दिया जाएगा। जेओए-अकाउंट्स- 30 पद वहीं, दूसरी ओर जेओए-आईटी के अलावा जेओए-अकाउंट्स के भी 30 पदों पर भर्ती होनी है। हिमाचल में अनुबंध कर्मी पहले तीन साल में नियमित होते थे जिसे मौजूदा सरकार ने एक वर्ष कम कर दिया है। अब अनुबंध कर्मी दो साल के सेवाकाल के बाद नियमित हो सकेंगे। इससे पहले वर्ष 2016 में निगम में कनिष्ठ कार्यालय सहायकों की भर्ती हुई थी। तब इनकी संख्या 100 से अधिक थी। इससे पहले निगम में क्लर्क की भर्ती होती थी। अब इनकी जगह जेओए ने ले ली है। |
| इस राशि के लोग काम में हासिल करेंगे सफलता, जानें अपना राशिफल Posted: 08 Jan 2022 11:41 PM PST एस्ट्रो गुरु बेजान दारुवाला के पुत्र चिराग दारुवाला से जानते हैं कि आपके लिए रविवार का दिन कैसा रहने वाला है. वृषभ (Taurus) राशि वालों के लिए रविवार का दिन चुस्ती-फुर्ती भरा रहेगा. वहीं सिंह (Leo) राशि वालों का पारिवारिक जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा. कुंभ (Aquarius) राशि वालों का दिन यादगार रहेगा. मेष (Aries): रविवार को आपका मन प्रसन्न रहेगा. परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे, यात्रा आदि का लुफ्त उठाएंगे. कामकाज में अच्छा मुनाफा होगा. दिन की शुरुआत आपके लिए बेहतर होने वाली है। आप जिस भी कार्य को अपने हाथ में लेंगे, उसमें आप सफल होंगे. वृषभ (Taurus): रविवार का दिन चुस्ती-फुर्ती भरा रहेगा. कामकाज में मेहनत का फल आपको अवश्य मिलेगा. किसी शादी-विवाह या मांगलिक कार्य में शिरकत करेंगे. मन में प्रसन्नता बनी रहेगी. रविवार के दिन अपने से बड़ों एवं सज्जन व्यक्तियों का आदर सत्कार करने में अग्रणी रहेंगे. मिथुन (Gemini): आपको कामकाज में सफलता मिलेगी. किसी नए व्यवसाय को करने के विचार मन में आ सकते हैं या उसे वास्तविक रूप दे सकते हैं. रविवार को भाग्य आपका साथ देगा. आपके अच्छे लोगों से संपर्क स्थापित होंगे, जो आपको कार्य में सफलता प्राप्ति के लिए सहायता एवं मार्गदर्शन करेंगे. कर्क (Cancer): आपका पूरा दिन तरोताजा रहेंगे, नौकरी में सफलता मिलेगी. व्यापार में धनलाभ होगा. पारिवारिक कलह खत्म होंगे. आप अपने शत्रुओं को अपने ऊपर हावी नहीं होने देंगे बल्कि उनको परास्त करने में सफल होंगे. आपको भाग्य का साथ मिलने वाला है. सिंह (Leo): आपका पारिवारिक जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा. आपको अपनी मेहनत और समझदारी से जीवन को सुखमय बनाने में मदद मिलेगी. कार्यक्षेत्र में आपके कार्य की सराहना होगी. रविवार के दिन की शुरुआत अच्छी होने वाली है. मित्र या परिवार के लोगों के साथ आपकी अच्छी यात्रा होंगी. कन्या (Virgo): रविवार को आप उत्साह से भरपूर नजर आएंगे, भाग्य आपके साथ है, कामकाज में जोश देखने को मिलेगा. छात्रों को प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिलेगी. अपने मित्र या परिचित से आपकी मुलाकात होगी, जिसके कारण आपके चेहरे पर खुशी झलकेगी. तुला (Libra): रविवार के दिन की शुरुआत अच्छी होने वाली है. कामकाज हो या पारिवारिक सुख के लिए रविवार का दिन अच्छा रहने वाला है. व्यापारी वर्ग को विशेष रूप से अच्छे फल प्राप्त होंगे, जिससे धन लाभ के योग बनेंगे. वृश्चिक (Scorpio): रविवार को भाग्य आपके साथ है, मांगलिक कार्य में सहभागी होंगे. आपकी वाणी मधुर होगी जिसके कारण दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे. आप अपनी चतुराई एवं बुद्धि से अपने कार्य को सफल बनाएंगे. कार्य क्षेत्र में आशातीत सफलता हासिल होगी. धनु (Sagittarius): रविवार के दिन कार्य क्षेत्र में आ रही परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है. आपके सभी काम सफल रहेंगे. कारोबार में वृद्धि के योग हैं तथा स्वास्थ्य आमतौर पर अच्छा बना रहेगा. आपके द्वारा दी गई सलाह दूसरों के काम आएगी. आपकी मनोरंजन के साधनों की तरफ रुचि रहेगी. मकर (Capricorn): रविवार का दिन बहुत अच्छा व्यतीत नहीं होगा, संघर्षपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ेगा, ऐसे समय में आपको परिवार का साथ अवश्य मिलेगा, इसलिए हिम्मत ना हारें और आने वाली कठिन स्थिति का डटकर सामना करें. रविवार का दिन कामकाज के क्षेत्र में लाभदायक सिद्ध होगा. कुंभ (Aquarius): रविवार का दिन आपके लिए यादगार रहेगा. आप मीठी वाणी की सहायता से तथा अपनी चतुराई से कार्य में सफलता हासिल करेंगे. आप अपनी चतुराई का प्रमाण देते हुए कार्य में सफल होंगे, नौकरी करने वाले लोगों की भी सीनियर्स द्वारा प्रशंसा होगी. मीन (Pisces): रविवार को भाग्य आपके साथ है. कामकाज में आपका प्रदर्शन बढ़िया रहने वाला है. आपके अंदर बोलने की कला है जो आपको किसी भी क्षेत्र में कामयाबी के शिखर पर पहुंचाने में मददगार सिद्ध होगी. मानसिक सुस्ती आपकी खत्म हो जाएगी और आपको हर तरफ से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी. |
| घर के दरवाजे पर लगाएं ये एक चीज, पैसों की होगी बारिश और चमक जाएगी आपकी किस्मत Posted: 08 Jan 2022 11:38 PM PST विंड चाइम लगाने की सही दिशा (Wind Chimes Direction) बाजार में बांस, क्रिसटल, फाइबर, मेटल, लकड़ी और मेटल की विंड चाइम उपलब्ध है. फेंगशुई के मुताबिक धातु की विंड चाइम घर के पश्चिम या उत्तर पश्चिम में लगाना शुभ होता है. वहीं बांस की विंड चाइम को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम की दिशा में लगाना अच्छा है. किस स्थान पर लगाएं विंड चाइम विंड चाइम को घर के मुख्य दरवाजे पर लगाना सबसे उपयुक्त होता है. इसके अलावा दरवाजे के बीच में भी लगाया जा सकता है. इसे खिड़की के पास भी लटकाने से घर में शुभता आती है. साथ ही गार्डेन या लान में भी विंड चाइम को लगा सकते हैं. फेंगशुई के अनुसार विंड चाइम को घर में लगाने से पैसों से जुड़ी समस्या नहीं रहती है. घर में न लगाएं प्लास्टिक की विंड चाइम प्लास्टिक की विंड चाइम घर में नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि इसके निगेटिव एनर्जी फैलती है. वहीं जिस घर में विंड चाइम लगा होता है वहां सुख और समृद्धि का वास होता है. साथ पारिवारिक सदस्यों के रिश्ते आपस में मधुर होते हैं. इसके अलावा घर में सकारात्मक उर्जा का संचार होता रहता है. वहीं निगेटिव एनर्जी कोसों दूर रहती है. फेंगशुई के एक्सपर्ट का मानना है कि 5 या 7 रॅाड वाली विंड चाइम सबसे शुभ है. इसे घर में लगाने पर परिवार के सदस्यों का भाग्योदय होता है. |
| पुरुषों के लिए हींग का सेवन है खास फायदेमंद, खाने से मिलते हैं ये 4 लाभ Posted: 08 Jan 2022 11:34 PM PST हींग का इस्तेमाल आमतौर पर मसाले के रूप में खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन इसका सेवन औषधि के रूप में कई समस्याओं के इलाज के लिए भी कर सकते हैं. हींग का सेवन पुरुषों के लिए खास फायदेमंद माना जाता है. नियमित रूप से हींग खाने से कई लाभ मिलेंगे. हींग में मौजूद औषधीय गुण पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile Dysfunction) जैसी गंभीर समस्या को दूर कर सकते हैं. हींग में एंटी-इंफ्लामेट्री, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं जिसका आपको फायदा मिलता है. ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मददगार ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में भी हींग का सेवन आपके लिए फायदेमंद होगा. डायबिटीज के मरीज नियमित रूप से संतुलित मात्रा में हींग का सेवन करें. इससे फायदा मिलेगा. इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या दूर करे पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या में हींग का सेवन फायदेमंद माना जाता है. इसके लिए रोजाना सुबह खाली पेट हींग के पानी का सेवन करें. इसके अलावा खाने में इसका इसका इस्तेमाल भी कर सकते हैं. ताकत बढ़ाने में उपयोगी पुरुषों की ताकत बढ़ाने के लिए हींग का सेवन बहुत उपयोगी होता है. रोजाना एक गिलास गर्म पानी में एक चुटकी हींग पाउडर या गीली हींग मिलाएं और नियमित रूप से इसका सेवन करें. हींग के साथ अदरक पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. कैंसर से बचेंगे हींग का सेवन आपको कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी बचाएगा. नियमित रूप से हींग का सेवन शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से भी बचाता है. हींग में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोकने में मददगार होते हैं. |
| सफेद और चमकते दांतों के लिए अपनाएं ये टिप्स, तुरंत गायब होगा पीलापन Posted: 08 Jan 2022 11:32 PM PST ज्यादा चाय और कॉफी पीने की आदत और ओरल हाइजीन का ध्यान न रखने की वजह से दांतों के पीलेपन की समस्या आपको परेशान कर सकती है. इससे दांत खराब हो सकते हैं. दांतों की ये प्रॉब्लम अगर आपको भी है तो कुछ आसान टिप्स अपनाएं. इससे फायदा मिलेगा. गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें अगर आप सही तरह से ब्रश करते हैं और चाय या कॉफी पीने के बाद गर्म पानी से कुल्ला करते हैं तो आपको दांतों के पीलेपन की समस्या परेशान नहीं करेगी. खाना खाने या फिर चाय-कॉफी पीने के बाद गुनगुने पानी से कुल्ला करें. इससे फायदा मिलेगा. संतरा दूर करेगा दांतों का पीलापन संतरा खाने से भी दांतों के पीलेपन की समस्या दूर होगी. संतरे में विटामिन-सी होता है. जो दांतों को सफेद करने में मदद करता है. ये दांतों के बैक्टीरिया को दूर करता है, जो प्लाक का कारण बनते हैं. संतरे के छिलके को दांतों पर घिसने से भी फायदा मिलेगा. रोजाना रात में संतरे के छिलके को दांतों पर मलें. इसके बाद ब्रश कर लें. सेब खाएं सेब दांतों के दाग धब्बों और पीलेपन को दूर करेगा. इससे आपके दांत सफेद और चमकदार बनेंगे. सेब में मैलिक एसिड होता है, जो एक नेचुरल वाइटनिंग एजेंट है. रोजाना एक सेब खाएं. ये दांतों को एक्सफोलिएट करने में मददगार होगा और दाग के साथ बैक्टीरिया को भी खत्म करेगा. |
| क्या आप भी हैं स्पर्म काउंट कम होने से परेशान? सिर्फ ये 1 चीज खाना साबित होगा बूस्टर Posted: 08 Jan 2022 11:30 PM PST अगर आप अपना स्पर्म काउंट (Sperm Count) कम होने से परेशान हैं तो ये खबर सिर्फ आपके लिए है. स्पर्म काउंट कम होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि सिर्फ ये 1 चीज खाने से आपकी समस्या दूर हो सकती है. ये कोई और चीज नहीं बल्कि आपके घर में ही रखी रहने वाली लौंग (Clove) है. अगर आप लौंग खाएंगे तो आपका स्पर्म काउंट बढ़ जाएगा. इन बीमारियों से लौंग दिलाएगी निजात बता दें कि लौंग बहुत गुणकारी होती है. लौंग स्पर्म काउंट बढ़ाने के साथ पाचन की समस्या, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की बीमारी में भी बहुत फायदेमंद है. लौंग में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम, सोडियम और जिंक पाया जाता है. ये सभी हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. लौंग खाने से बढ़ेगा स्पर्म काउंट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप नियमित तौर पर लौंग का सेवन करेंगे तो आपकी स्पर्म काउंट से जुड़ी समस्या ठीक हो जाएगी. लौंग खाने से आपका स्पर्म काउंट बढ़ जाएगा. हालांकि आपको ध्यान रखना होगा कि लौंग सीमित मात्रा में ही खाएं क्योंकि ये मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन पर असर डाल सकती है. लौंग ठीक करती है पाचन से जुड़ी समस्या इसके अलावा अगर आप हर दिन सुबह खाली पेट 2 लौंग खाएंगे तो आपकी पेट संबंधी समस्या ठीक हो जाएगी. लौंग पाचन तंत्र में एन्जाइम के स्राव को बढ़ा देता है जिससे बदहजमी की समस्या नहीं होती है. वहीं अगर आप रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ 2 लौंग खाते हैं तो इससे आपकी इम्युनिटी बढ़ती है. आपके शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है. |
| राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ेंगे विराट कोहली! 8 हजारी बनने से केवल इतने रन दूर Posted: 08 Jan 2022 11:27 PM PST भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का अंतिम मैच 11 जनवरी से केपटाउन के न्यूलैंड्स ग्राउंड पर खेला जाएगा। दोनों टीमें केपटाउन पहुंच चुकी हैं। टेस्ट सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। भारत ने सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 113 रनों से जीत अपने नाम की थी जबकि जोहानिसबर्ग में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। दूसरे टेस्ट में टीम को कप्तान विराट कोहली की कमी खली थी, जो पीठ में जकड़न के चलते प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन पाए थे। तीसरे टेस्ट में अब विराट की वापसी होगी और उनके सामने कई रिकॉर्ड निशाने पर होंगे। केपटाउन में राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ेंगे विराट कोहली कोहली भारत की ओर से दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में इस समय तीसरे नंबर पर है। वह अगर 14 और रन बना लेते हैं, तो वह राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ देंगे और इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच जाएंगे। कोहली ने साउथ अफ्रीका में अबतक छह टेस्ट मैचों में 50.91 की एवरेज से 611 रन बनाए हैं। इस दौरान कोहली के बल्ले से 2 शतक और 2 अर्धशतक निकले हैं। टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच राहुल द्रविड़ ने दक्षिण अफ्रीका में 11 टेस्ट मैचों में 29.71 की औसत से 624 रन बनाए थे। इस दौरान द्रविड़ ने एक शतक और दो अर्धशतक जड़े थे। द्रविड़ की कप्तानी में ही भारत को साउथ अफ्रीका में पहली टेस्ट जीत मिली थी। दक्षिण अफ्रीका में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में सचिन तेंदुलकर टॉप पर हैं। तेंदुलकर ने 15 टेस्ट मैचों में 46.44 के औसत से 1161 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और दो अर्धशतक शामिल है। टेस्ट में 8000 रन पूरे करने से केवल 146 रन दूर हैं कोहली भारतीय टेस्ट कप्तान कोहली के पास दक्षिण अफ्रीका में एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है। वह टेस्ट में अपने 8000 रन पूरे करने से केवल 146 रन दूर हैं। कोहली ने 98 टेस्ट मैच की 166 पारियों में अबतक करीब 51 की औसत से 7854 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 27 शतक और 27 अर्धशतक भी जड़े हैं। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं कोहली भारतीय टेस्ट कप्तान कोहली ने अबतक बतौर कप्तान 40 टेस्ट मैच जीते हैं। वह बतौर कप्तान सर्वाधिक टेस्ट जीतने के मामले में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ को पीछे छोड़ सकते हैं। वॉ ने 57 टेस्ट मैचों में से 41 में जीत हासिल की थी। वहीं, कोहली ने 67 टेस्ट मैचों में से 40 जीते हैं। वह वॉ का रिकॉर्ड तोड़ने से बस एक जीत दूर हैं। |
| सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए करंट अफेयर्स के महत्वपूर्ण प्रश्न, यहाँ देखें Posted: 08 Jan 2022 11:15 PM PST 9 January 2022 Current Affairs in Hindi . आज की करंट अफेयर्स , 9 जनवरी 2022 करंट अफेयर्स हिंदी में । Q1. भारतीय मानक ब्यूरो का 75वा स्थापना दिवस कब मनाया गया है ? Ans :- 06 जनवरी Q2. भारत के पहले ओपन रॉक संग्रहालय का उद्घाटन कहाँ किया गया है ? Ans : हैदराबाद Q3. किस देश ने गूगल ओर फेसबुक पर 210 मिलियन यूरो का जुर्माना लगाया है ? Ans :- फ्रांस Q4. किस देश ने एक हाइपरसोनिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षन किया है ? Ans :- उत्तर कोरिया Q5. शिर्ष 10 वैश्विक सूची में शामिल होने वाला भारत का एकमात्र हवाई अड्डा कौनसा बना है ? Ans :- चेन्नई हवाई अड्डा Q6. ममता बियोंड 2021 नामक पुस्तक किसने लिखी है ? Ans :- जयंत घोष Q7. दो दिवसीय दक्षिण एशियाई परामर्श बैठक कहाँ शुरू हुई है ? Ans :- नई दिल्ली Q8. भारत मे क्रिप्टोकरेंसी पर नज़र रखने के लिए देश का पहला क्रिप्टो इंडेक्स IC15 किसने लॉन्च किया है ? Ans :- cryptowire Q9. भारत और किस देश ने त्रिकोमाली तेल टैंक फॉर्म के पूर्णविकाश के लिए समझौता किया है ? Ans :- श्री लंका Q10. किस भारतीय मूल के अमेरिकी राजनयिक को USIBC का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है ? Ans :- अतुल केशप |
| बिना परीक्षा बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी पाने का मौका, जल्दी करें आवेदन Posted: 08 Jan 2022 11:12 PM PST BOB Recruitment 2022: बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने वेल्थ मैनेजमेंट सर्विस विभाग में भर्तियां निकाली है. बैंक ऑफ बड़ौदा ने विभिन्न पदों पर 58 भर्तियां निकाली हैं. इसके लिए कैंडिडेट्स Bank of Baroda के ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं. बैंक ऑफ बड़ौदा ने वेल्थ स्ट्रैटेजिस्ट, प्राइवेट बैंकर समेत विभिन्न पदों पर भर्तिया निकली है. जिसमें कैंडिडेट्स 27 जनवरी, 2022 तक अप्लाई कर सकते हैं. बिना परीक्षा के होगी भर्ती बैंक ऑफ बड़ौदा की इन भर्तियों के कैंडिडेट्स को लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी. इसके लिए उनकी योग्यता के आधार पर उन्हें शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को पर्सनल इंटरव्यू और जीडी से गुजरना होगा. इन पदों पर निकली है वैकेंसी हेड- वेल्थ स्ट्रैटेजिस्ट (निवेश और बीमा): 1 पोस्ट वेल्थ स्ट्रैटेजिस्ट (निवेश और बीमा): 28 पोस्ट इन्वेस्टमेंट रिसर्च मैनेजर (पोर्टफोलियो और डेटा विश्लेषण और अनुसंधान): 2 पोस्ट पोर्टफोलियो रिसर्च एनालिस्ट: 2 पोस्ट एनआरआई वेल्थ प्रोडक्ट्स मैनेजर: 1 पोस्ट प्रोडेक्ट मैनेजर (व्यापार और विदेशी मुद्रा): 1 पोस्ट व्यापार विनियमन - सीनियर मैनेजर: 1 पोस्ट प्रोडक्ट हेड-प्राइवेट बैंकिंग: 1 पोस्ट ग्रुप सेल्स हेड (वर्चुअल आरएम सेंटर): 1 पोस्ट प्राइवेट बैंकर - रेडियंस प्राइवेट: 20 पोस्ट शैक्षणिक योग्यता व उम्र शैक्षिणिक योग्यता की बात करें तो वेल्थ स्ट्रैटेजिस्ट (निवेश और बीमा) हेड पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी (Bank of Baroda Recruitment 2022) का मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएट होने के साथ मैनेजमेंट में डिग्री या डिप्लोमा होना जरूरी है। वहीं, एग्रीकल्चर मार्केटिंग ऑफिसर पद के लिए अभ्यर्थी के पास एग्रीकल्चर में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। अन्य पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यार्थी (Bank of Baroda Recruitment 2022) नीचे दिए गए नोटिफिकेशन के लिंक पर क्लिक कर उसे चेक कर सकते हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 23 से 50 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि, आरक्षण नियमों के तहत ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 3 और एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 साल की अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी गई है। इन पदों पर अभ्यार्थियों का चयन इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा। एप्लीकेशन फीस Bank of Baroda Recruitment 2022 में अप्लाई करने के लिए सामान्य और ओबीसी उम्मीदवारों को 600 रुपये का शुल्क देना होगा. जबकि एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी/ और महिला उम्मीदवारों को 100 रुपये शुल्क देना होगा. |
| हिमाचल: जोगिंदर नगर के ढेलू में हुआ कार हादसा,दो सगे भाइयों की मौत ,तीन भाई घायल Posted: 08 Jan 2022 11:02 PM PST हिमाचल: जोगिंदर नगर के ढेलू में हुआ कार हादसा,दो सगे भाइयों की मौत ,तीन भाई घायल जोगिंदरनगर उपमंडल के ढेलू में यह हादसा हुआ है। डीएसपी लोकेंद्र नेगी ने हादसे की पुष्टि की है। कार सवार तीन लोगों की पहचान मुंशी राम, ज्ञान चंद, बहादुर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। |
| मकर संक्रांति के दिन इन 8 चीजों का दान है जरूरी, होते हैं कई बड़े लाभ Posted: 08 Jan 2022 05:07 PM PST पौष महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि 14 जनवरी दिन शुक्रवार को मकर संक्रांति मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में लगभग एक महीने रहता है. इस बार सूर्य का मकर राशि में गोचर दोपहर 02 बजकर 29 मिनट पर होना है. संक्रांति पर स्नान और दान पुण्य का बहुत महत्व बताया गया है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन किए गए दान का कई गुना फल मिलता है. चलिए जानते हैं कि इस दिन कौन-कौन सी चीजें दान में देनी चाहिए जिससे शुभ फल मिलता है. मकर संक्रांति के दिन इन चीजों का दान करें 1. तिल का दान करें: मकर संक्रांति के दिन तिल को दान में देना शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन तिल का दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं. 2. खिचड़ी का दान करें: मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी का दान देना भी शुभ बताया गया है. उतना ही इस दिन इसे खाने का महत्व भी होता है. 3. गुड़ का दान करें: इस खास दिन गुड़ का दान करना भी शुभ माना जाता है. गुड़ का दान करने से सूर्य देव की कृपा आपके ऊपर बनी रहती है. 4. तेल का दान करें: इस दिन तेल का दान देना शुभ बताया गया है. ऐसा करने से शनि देव का आशीर्वाद मिलता है और उन्हें प्रसन्न करना आसान हो जाता है. 5. अनाज का दान करें: मकर संक्रांति के दिन पांच तरह के अनाज का दान करना अच्छा होता है. इस तरह से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और आपको अनाज की कमी कभी नहीं रहती है. 6. कंबल का दान करें: इस दिन आपको कंबल का दान करना चाहिए. इससे राहु और शनि शांत हो जाते हैं. ठंड के मौसम में लोगों की मदद करना अच्छा होता है. 7. नए वस्त्र देना: इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को नए कपड़े दान में देने चाहिए. 8. जानवरों को प्यार दें: गाय को चारा दें, कुत्तों को खाने को दें या फिर आवारा जानवरों को कुछ भी खिलाकर आप पुण्य कमा सकते हैं. |
| Posted: 08 Jan 2022 05:03 PM PST Social Media Accounts: केंद्र सरकार (Central Government) इन दिनों सोशल मीडिया (Ban social media) पर अफवाह और गलत मैसेज फैलाने वाले कई सोशल मीडिया हैंडिल (Social Media Handel) पर रोक लगा रही है. अगर आप भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपके लिए जरूरी खबर है. सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को कहा कि सरकार ने सोशल मीडिया के ऐसे कई खातों पर रोक लगाई है, जिन्होंने ट्विटर, यूट्यूब और फेसबुक पर ''फर्जी तथा भड़काऊ'' कंटेट डाला था. खाते के संचालकों की जल्द होगी पहचान जानें किस तरह की डाल रहे पोस्ट? लगाई गई है रोक हिंसक वीडियो के खिलाफ भी होगी कार्रवाई |
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