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Tuesday, January 11, 2022

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कप्तान MS Dhoni का मजाक बर्दाश्त नहीं कर सके Rvindra Jadeja, कर दी KKR की बोलती बंद

Posted: 10 Jan 2022 08:16 PM PST

कप्तान MS Dhoni का मजाक बर्दाश्त नहीं कर सके Rvindra Jadeja, कर दी KKR की बोलती बंद

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सिडनी में ड्रॉ हुए चौथे टेस्ट मैच की चर्चा रविवार को खूब हुई। जैसे ही यह मैच ड्रॉ हुआ, इस खबर ने सुर्खियां बटोरनी शुरू कर दी। पांचवें दिन 388 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए, इंग्लिश टीम ने 101 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 270 रन बनाए और मैच को ड्रॉ करा लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई। ऑस्ट्रेलिया द्वारा सेट किये गए फील्डिंग पर कई तरह के मीम्स वायरल हुए। ऐसे में आईपीएल की टीम केकेआर (KKR) ने भी बहती गंगा में हाथ धोने की कोशिश की। KKR ने पूर्व दिग्गज खिलाड़ी MS Dhoni की खिल्ली उड़ाने की कोशिश की जिस पर Ravindra Jadeja ने जवाब दिया है।

धोनी का मजाक उड़ाना पड़ गया भारी

दरअसल, कोलकाता नाईट राइडर्स (KKR) ने ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर की जसिके एक फोटो में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया मैच है तो दूसरी तस्वीर में सीएसके के कप्तान MS Dhoni हैं। केकेआर (KKR) ने गौतम गंभीर की कप्तानी की सराहने उड़ाते हुए एक ट्वीट किया और लिखा,

"वह पल जब टेस्ट क्रिकेट में एक क्लासिक चाल वास्तव में आपको टी20 मास्टर स्ट्रोक की याद दिलाती है!"

फिर क्या था धोनी के फैंस ने केकेआर (KKR) को खरी खोटी सुनानी शुरू कर दी। मामले ने जब तूल पकड़ना शुरू किया तो इस घमासान में रविंद्र जडेजा भी कूद पड़े।

रविंद्र जडेजा ने केकेआर को धो दिया

गौरतलब है कि जब केकेआर (KKR) ने इस प्रकार का ट्वीट किया तो रविंद्र जडेजा ने जवाब देने में देर नहीं लगाई। उन्होंने रिप्लाई करते हुए लिखा,

"ये मास्टर स्ट्रोक नहीं केवल दिखावा था। "

दरअसल, केकेआर ने ऑस्ट्रेलिया की इंग्लैंड के खिलाफ फील्डिंग की तुलना गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की कप्तानी के साथ की है क्योंकि अक्सर देखा गया है कि जब भी MS Dhoni क्रीज पर बल्लेबाजी के लिए आते थे तो गंभीर कुछ इसी प्रकार की फील्डिंग रखते थे।

2016 की है धोनी वाली तस्वीर

बता दें कि यह तस्वीर साल 2016 की है। ये मुकाबला केकेआर (KKR) और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के बीच खेला गया था। उस मुकाबले में यह देखने को मिला था कि कप्तान गौतम गंभीर ने MS Dhoni के डिफेंस को परखने के लिए ऑफ साइड में तीन और लेग साइड में एक फील्डर लगाया था और ऐसा गौतम गंभीर ने कई बार किया है। साल 2015 से पहले भी गंभीर धोनी के खिलाफ कुछ ऐसी ही रणनीति अपनाते थे। गंभीर अक्सर धोनी पर दबाव डालने के लिए उनके पास चार फील्डर लगा देते थे।

दर्दनाक हादसा : सड़क दुर्घटना में 5 लोगों की मौत

Posted: 10 Jan 2022 07:49 PM PST

दर्दनाक हादसा : सड़क दुर्घटना में 5 लोगों की मौत

चौपाल उपमंडल की कुपवी तहसील में सोमवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में बच्चे सहित 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। हादसा शाम 6 बजकर 30 मिनट को हुआ बताया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक तरहां के नजदीक कार के गहरी खाई में लुढ़क जाने की वजह से यह हादसा पेश आया है। दुर्घटना चाडोली ग्राम पंचायत के शांगोली गांव के नजदीक हुई। हादसे में कार के परखचे उड़ गए। बताया यह भी जा रहा है कि बर्फ पर स्किड होने के कारण कार हादसे का शिकार हुई।

सूचना मिलते ही कुपवी पुलिस थाना की टीम मौके पर पहुंची। तुरंत ही घायलों को बचाने की कोशिश की गई। घायल हालत में ही एक मासूम बच्चे को निकाला जा सका, जिसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। शुरूआती जांच के मुताबिक 4 व्यक्तियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। यह जानकारी भी सामने आ रही है कि तमाम लोग एक ही परिवार से ताल्लुक रखते थे, जो क्षेत्र की नौरा-बौरा पंचायत के बाशिंदे थे।

मृतकों की पहचान प्रिया पुत्री भगत राम ग्राम नोरा, निखिल पुत्र मुशु राम ग्राम नोरा, मुकेश पुत्र सीताराम ग्राम नोरा, रमा पुत्री किरपा राम ग्राम बिजमल व रक्षा पत्नी दिलाराम ग्राम खद्दर के रूप में की गई है। उधर, एस.डी.एम. चौपाल चेत सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 10-10 हजार रुपए की फौरी राहत प्रदान की गई है।

हिमाचल: घर में सो रही थी महिला, भर-भराकर गिरी चट्टान और रातों-रात चली गई जान

Posted: 10 Jan 2022 07:47 PM PST

हिमाचल: घर में सो रही थी महिला, भर-भराकर गिरी चट्टान और रातों-रात चली गई जान

हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मौसम खराब होने के चलते बारिश व बर्फबारी का दौर बरकरार है। इस बीच भारी बारिश के कारण भूस्खलन होने के चलते मकान पर गिरी चट्टानों की चपेट में आने से घर के अंदर सोई एक महिला की मौत होने की खबर सामने आई है। मामला प्रदेश के चंबा जिले के तहत पड़ती बरौर के बन्नु गांव का है।

मिली जानकारी के मुताबिक बीते रविवार रात करीब एक बजे भूस्खलन के चलते घर पर चट्टानें आ गिरीं। इस वजह से घर के अंदर सोई एक महिला की मलबे में दबने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, घर के भीतर फंसे वाकी परिजनों को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है ।
110 संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप

वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस व प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई हैं। फिलहाल टीम द्वारा मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। बता दें कि बीते दिनों हुई भारी बारिश के चलते 110 संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी हुई है। इसके साथ बिजली व पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इस वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि जिले में भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन की चपेट में आने से सलूणी स्थित एक गोशाला पूरी तरह ध्वस्थ हो चुकी है। जबकि दूसरी ओर चंबा उपमंडल में एक, सलूणी में तीन, भरमौर में एक व डलहौजी में एक कच्चे मकान को आंशिक नुकसान पहुंचा है।


हिमाचल में भूस्खलन से दो की मौत, 774 सड़कें ठप, हजारों गांवों में ब्लैक आउट

Posted: 10 Jan 2022 07:42 PM PST

हिमाचल में भूस्खलन से दो की मौत, 774 सड़कें ठप, हजारों गांवों में ब्लैक आउट

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी के तीन दिन बाद सोमवार को मौसम खुल गया पर दुश्वारियां बढ़ गई हैं। चंबा में घर पर चट्टान गिरने से भीतर सो रहीं एक बुजुर्ग महिला की दबकर मौत हो गई है। मृतक की पहचान जयवंती (77) पत्नी रूलदू राम निवासी गांव बन्नू डाकघर बरौर के रूप में हुई है। रामपुर में वजीर बावड़ी निरमंड मार्ग पर पहाड़ी दरकने से एक युवक चट्टानों की चपेट में आ गया, जिससे उसने दम तोड़ दिया है।

सोमवार दोपहर बाद अटल टनल के नार्थ पोर्टल के पास पहाड़ी से हिमस्खलन हुआ है। इससे चंद्रा नदी का बहाव कुछ देर के लिए रुक गया। हालांकि, बाद में नदी का बहाव सामान्य हो गया। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के राशेल-लिंगर गांव के बीच वामतट की पहाड़ी से भी लगभग एक किलोमीटर के दायरे में हिमस्खलन हुआ है। इस क्षेत्र में पहाड़ी वीरान होने के चलते किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।

मनाली मे बर्फबारी।  वहीं, प्रदेश भर में अब भी छह नेशनल हाईवे समेत 774 सड़कें ठप हैं। 2054 बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने से हजारों गांवों में ब्लैक आउट हो गया है। जल स्रोत और पानी की 249 परियोजनाएं जम जाने से जल संकट गहरा गया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के 450 रूट ठप हैं। राज्य बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पंकज डढवाल ने बताया कि प्रदेश में बर्फबारी से 4669 विद्युत ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुंचा था। इनमें से 2854 बिजली ट्रांसफार्मर बहाल कर दिए गए हैं।

लाहौल घाटी।  मनाली में भारी हिमपात होने से घर लौटने वाले सैकड़ों सैलानी जगह-जगह फंस गए हैं। सोलंगनाला और नेहरूकुंड समेत अन्य क्षेत्रों में भी पर्यटक फंसे हुए हैं। कुल्लू में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। सोमवार को राजधानी शिमला तक पहुंचने में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मंडी, चंडीगढ़ एनएच बाधित रहने से हीरानगर और संकट मोचन से कई किलोमीटर पैदल चलकर लोग शहर में पहुंचे।

बर्फबारी के बाद शिमला। सोमवार को शिमला में दूध-ब्रेड और अखबारों की सप्लाई भी देरी से पहुंची। तीसरे दिन भी राजधानी का अपर शिमला, रामपुर, किन्नौर से संपर्क कटा हुआ है। शिमला शहर में भी दिनभर बस सेवा बाधित रही। हजारों पर्यटक शहर की सड़कों पर जगह-जगह बर्फ में फंसते रहे। प्रदेश में मंगलवार से मौसम साफ रहने के आसार हैं। 13 जनवरी तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है।

बर्फ के बीच मवेशियों को चारा डालती महिला।  उधर, सिरमौर के सतौन-श्रीरेणुका जी सड़क पर देर रात टिक्कर खड्ड के समीप भारी बारिश के बीच मलबे की चपेट में आने से एक कार बह गई। कार में सवार लोगों ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। वहीं, कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर कोटी टनल के समीप चट्टान सड़क के बीचोंबीच गिर गई। गनीमत यह रही कि कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया। पांवटा-शिलाई एनएच-7 पर भी भूस्खलन से सैकड़ों वाहन फंसे रहे।

बर्फबारी के बाद लाहौल घाटी। 
बर्फबारी (सेंटीमीटर में)
शिकारी देवी 210
कमरूनाग 150
बारालाचा 140
कुंजुम दर्रा 120
रोहतांग 100
अटल टनल 70
जलोड़ी दर्रा 60
भरमौर 60
सोलंगनाला 50
शिलारू 45
मनाली 37
जंजैहली 31
शिमला 30
मनाली 30
केलांग 24
कुफरी 20


बचपन में छूट गई पढ़ाई, अब 40 की उम्र में श्रवणी ने की 12वीं पास

Posted: 10 Jan 2022 07:36 PM PST

बचपन में छूट गई पढ़ाई, अब 40 की उम्र में श्रवणी ने की 12वीं पास

कहते हैं कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है। किन्हीं कारणों से बीच में छोड़े गए अध्ययन को आगे बढ़ाया जा सकता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है 40 साल की श्रवणी ने। उन्होंने 40 साल में 12वीं की परीक्षा पास की है। इसमें शिक्षा सेतु योजना उनकी सहयोगी बनी और आगे की स्कूली स्तर की पढ़ाई पूरी हो पाई।

श्रवणी शादी व अन्य कारणों से बीच में सैकड़ों महिलाएं की पढाई छूट जाती है। लेकिन श्रवणी जैसी महिलाएं उनके लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। योजनाए मदद बन सकती है, लेकिन हौसला और पढऩे का जज्बा जब खुद का होता है तो ही मंजिल मिल पाती है। बाड़मेर की 40 साल की श्रवणी ऐसी महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी, जिन्होंने अपनी पढ़ाई शादी के कारण बीच में छोड़ दी है।

साल 2005 में छूट गई थी पढ़ाई श्रवणी 2005 तक नियमित रूप से स्कूल जा रही थी। इसके बाद पारिवारिक कारणों व शादी के चलते पढ़ाई बीच में ही छूट गई। इसके बाद घर-परिवार को संभालने में समय का पता ही नहीं चला और कई साल यूं ही चले गए और आगे की पढ़ाई के बारे में सोचने का वक्त ही नहीं मिला।

यहां पर मिला संबल और शिक्षा बाड़मेर महिला अधिकारिता विभाग में साथिन पद पर कार्र्यरत सेड़वा क्षेत्र के भैरूड़ी निवासी सरवानी ने अब 40 साल की उम्र में शिक्षा सेतु योजना में बारहवीं कक्षा द्वितीय श्रेणी से स्टेट ओपन से पास की है। अब वह आगे भी पढ़ते हुए ग्रेजुएट करना चाहती है।

पढ़ाई छोड़ चुकी बेटियां फिर से बढ़ सकती है आगे 
शिक्षा सेतु योजना के तहत पढ़ाई छोड़ चुकी महिलाएं व बेटियां इसमें आवेदन कर फिर से शिक्षा से जुड़ सकती हैं। विभाग की ओर से 15 जनवरी तक महिला अधिकारिता विभाग के माध्यम से आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन पूरी तरह निशुल्क हैं।

जीरो रुपये का नोट छापने की भारत में क्यों पड़ी थी जरूरत? जानें क्या है कारण

Posted: 10 Jan 2022 07:33 PM PST

जीरो रुपये का नोट छापने की भारत में क्यों पड़ी थी जरूरत? जानें क्या है कारण

आपने अभी तक कई तरह की नोटों को भारत में देखा होगा. 1 रुपये की नोट, 2 रुपये, 5 रुपये, 10 रुपये आदि जैसी कई करेंसी नोट भारत (Currency Notes in India) में चलती हैं. कुछ सालों पहले तक 500 और 1 हजार रुपये की नोट का भी चलन था मगर नोटबंदी (Demonetisation) के बाद उन्हें बंद कर दिया गया. इन सारी नोटों से अलग, क्या आपने कभी 0 रुपये की नोट (Zero Rupee Note) देखी है? बेशक आप ये सुनकर दंग हो गए होंगे कि जिस नोट की कोई कीमत ही नहीं है, आखिर उसकी क्या जरूरत हो सकती है. इससे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि भारत में ही 0 रुपये की नोट (0 Rupee Note in India) छपी थी.

भारत में भ्रष्टाचार (Zero Rupee Note to Fight Corruption) की जड़ें काफी पुरानी हैं. इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कई सेक्टरों में अलग-अलग स्तर पर कुछ ऐसे लोग होते हैं जो गलत तरीकों से आम जनता का रुपये एंठने की कोशिश करते हैं. ऐसे लोग रिश्वत लेने में भी विश्वास करते हैं. बस इसी प्रकार के लोगों को सबक सिखाने के लिए भारत में 0 रुपये (Why 0 Rupee Notes Printed in India?) की नोट को छापा गया था, मगर ये नोट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नहीं छापे थे.

किसने छापे थे नोट? दरअसल, साल 2007 में तमिलनाडु के एक एनजीओ फिफ्थ पिलर (Fifth Pillar NGO in India) ने जीरो रुपये के नोट छापे थे और पब्लिक में बांटे थे. इन एनजीओ ने हिन्दी, तेलुगू, कन्नड़ और मलयालम भाषा में 5 लाख के करीब नोट बांटे थे और बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बाजार जैसी जगहों पर इसे लोगों को बांटा था जिससे अगर उनसे कभी कोई रिश्वत मांगे तो वो उन्हें यही नोट पकड़ा दें. इससे वो लोगों को जागरूक करना चाहते थे.

ऐसा दिखता था जीरो रुपये का नोट जीरो रुपये के नोट पर एनजीओ का नाम लिखा था. और उसके ऊपर छपा था- हर स्तर से भ्रष्टाचार का खात्मा करें. नोट पर, अन्य नोटों की तरह महात्मा गांधी की तस्वीर बनी थी. जबकि पीछे की तरफ अधिकारियों के नंबर लिखे थे. लोगों को ये बताया गया था कि जब भी कोई रिश्वत मांगे तो उन्हें यही नोट थमाई जाए. नोट पर लिखा था- 'रिश्वत ना लेने की कसम खाते हैं और रिश्वत ना देने की कसम खाते हैं'. लंबे वक्त तक ये नोटें लोगों के पास रही थीं.

बिना लिखित परीक्षा के सरकारी बैंक में नौकरी का सुनहरा अवसर, सिर्फ होगा इंटरव्यू, जबरदस्त है सैलरी

Posted: 10 Jan 2022 07:27 PM PST

बिना लिखित परीक्षा के सरकारी बैंक में नौकरी का सुनहरा अवसर, सिर्फ होगा इंटरव्यू, जबरदस्त है सैलरी

ATNA-बैंक ऑफ बड़ौदा में निकली बंपर भर्ती:50 साल तक के उम्मीदवार कर सकेंगे आवेदन, इंटरव्यू के आधार पर होगा चयन : बैंकिंग क्षेत्र में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज और ग्रामीण कृषि बैंकिंग विभाग में भर्ती निकली है। जिसके तहत 47 एग्री मार्केटिंग ऑफिसर समेत 105 पदों पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अभ्यर्थी 27 जनवरी तक बैंक ऑफ़ बड़ौदा की वेबसाइट bankofbaroda.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

इन पदों पर निकली भर्ती हेड – वेल्थ स्ट्रैटेजिस्ट – 1 पद, वेल्थ स्ट्रैटेजिस्ट – 28 पद, निवेश अनुसंधान प्रबंधक – 2 पद, पोर्टफोलियो रिसर्च एनालिस्ट- 2 पद, एनआरआई वेल्थ प्रोडक्ट्स मैनेजर – 1 पद, उत्पाद प्रबंधक – 1 पद, ट्रेड रेगुलेशन – सीनियर मैनेजर -1 पद, उत्पाद प्रमुख-निजी बैंकिंग – 1 पद, ग्रुप सेल्स हेड – 1 पद, प्राइवेट बैंकर – रेडियंस प्राइवेट – 20 पद, एग्रीकल्चर मार्केटिंग ऑफिसर – 47 पद

आयु सीमा

हेड-वेल्थ स्ट्रेटेजिस्ट (इन्वेस्टमेंट एंड इंश्योरेंस) – 31 से 50 वर्ष, वेल्थ स्ट्रेटेजिस्ट (इन्वेस्टमेंट एंड इंश्योरेंस)- 24 से 45 वर्ष, इन्वेस्टमेंट रिसर्च मैनेजर (पोर्टफोलियो एंड डाटा एनालिसिस एंड रिसर्च)– 23 से 35 वर्ष, पोर्टफोलियो रिसर्च एनालिस्ट – 22 से 35 वर्ष, एनआरआई वेल्थ प्रोडक्ट मैनेजर – 26 से 40 वर्ष, प्रोडक्ट मैनेजर (ट्रेड एंड फोरेक्स) – 24 से 40 वर्ष, ट्रेड रेगुलेशन-सीनियर मैनेजर- 24 से 40 वर्ष, प्रोडक्ट हेड-प्राइवेट बैंकिंग – 24 से 45 वर्ष, ग्रुप सेल्स हेड (वर्चुअल आरएम सेंटर) – 31 से 45 वर्ष, प्राइवेट बैंकर – रेडियंस प्राइवेट – 33 से 50 वर्ष, एग्रीकल्चर मार्केटिंग ऑफिसर – 25 से 40 वर्षइन पदों के लिए आवेदन करने वाले ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 3 वर्ष और एससी – एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 वर्ष की छूट दी गई है।

आवेदन शुल्क

सामान्य और ओबीसी उम्मीदवार – 600 रुपए, एससी / एसटी / पीडब्ल्यूडी / महिला उम्मीदवार – 100 रुपए

शैक्षणिक योग्यता
हेड – वेल्थ स्ट्रैटेजिस्ट (निवेश और बीमा) पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही अभ्यर्थी के पास मैनेजमेंट में डिग्री या डिप्लोमा होना जरुरी है। वहीं एग्रीकल्चर मार्केटिंग ऑफिसर पद के लिए अभ्यर्थी के पास एग्रीकल्चर में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।

चयन प्रक्रिया
अभ्यर्थियों का चयन इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा।

Omicron को ये लोग भूलकर भी ना लें हल्के में, नए वैरिएंट से इन्हें सबसे ज्यादा बचकर रहने की जरूरत

Posted: 10 Jan 2022 07:22 PM PST

Omicron को ये लोग भूलकर भी ना लें हल्के में, नए वैरिएंट से इन्हें सबसे ज्यादा बचकर रहने की जरूरत

दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. नई दिल्ली स्थित सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टर धीरेन गुप्ता ने रविवार को बताया कि ओमिक्रॉन से संक्रमित रोगियों में डेल्टा के मुकाबले अपर रेस्पिरेटरी से जुड़े लक्षण ज्यादा देखे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों में इसका जोखिम ज्यादा है, जबकि 11-12 साल के बच्चों में इसके लक्षण ज्यादा हैं और खतरा कम है.

अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुरनजीत चटर्जी ने बताया कि कुछ रोगियों में लूज़ मोशन और उल्टी जैसे अलग लक्षण भी देखे जा रहे हैं. कुछ मरीजों को खाने-पीने में परेशानी हो रही है तो कुछ स्वाद और गंध को पहचानने की शक्ति भी खो रहे हैं. उन्होंने कहा, 'हमें ओमिक्रॉन को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि कुछ मरीज निश्चित रूप से बीमार पड़ेंगे.'

उन्होंने कहा कि हम पहले ही हॉस्पिटलाइजेशन के मामले देख रहे हैं और मुझे लगता है कि ओमिक्रॉन काफी संक्रामक है. अगर आप अनियंत्रित डायबिटीज या अस्थमा जैसी बीमारियों के शिकार हैं तो आप बीमार भी पड़ सकते हैं. कोरोना का नया वैरिएंट संक्रामक है और यह लोगों को संक्रमित कर रहा है. युवाओं को इससे कम खतरा हो सकता है, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी या पहले से किसी बीमारी का शिकार लोगों को इसे बिल्कुल हल्के में नहीं लेना चाहिए.

डॉ. चटर्जी ने बताया कि ओमिक्रॉन से संक्रमित कुछ मरीजों में डेल्टा जैसे लक्षण भी देखे गए हैं, जैसे कि लॉस ऑफ टेस्ट एंड स्मैल यानी स्वाद लेने और सूंघने की क्षमता खोना. कोविड पॉजिटिव मरीजों को देखकर पता नहीं लग रहा कि वो डेल्टा से संक्रमित है या फिर ओमिक्रॉन से. इनके लक्षण एक-दूसरे से मिल रहे हैं. मुझे लगता है कि अगले कुछ सप्ताह में सरकार भी इसका खुलासा कर देगी.

मरीज में ओमिक्रॉन के लक्षण कितने दिन तक रहते हैं? इस सवाल के जवाब में डॉक्टर ने कहा, 'मैं कई लोगों का ऑनलाइन इलाज कर रहा हूं और मैंने देखा है कि लोग तीन से पांच दिन के भीतर ठीक हो रहे हैं. पहले तीन दिन मरीजों के गले में काफी दर्द रहता है. 102 या 103 बुखार होता है. इसके बाद उन्हें सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत भी होती है. अधिकांश मरीजों में ये लक्षण करीब तीन दिन तक रहते हैं. इसके बाद बिना एंटीबायोटिक लिए ही उनकी हालत में अपने आप सुधार आ रहा है.'

डॉक्टर ने कहा कि जब मरीज के शरीर में बुखार तीन दिन से ज्यादा रहता है तो ये चिंता की बात हो सकती है. वहीं, एक्सपर्ट लगातार ये दावा कर रहे हैं कि वैक्सीन ना लगवाने वालों में ओमिक्रॉन के लक्षण थोड़े गंभीर हो सकते हैं. जबकि वैक्सीनेट लोगों में इसका गंभीर संक्रमण नहीं दिखाई दे रहा है. इसलिए WHO लोगों से लगातार वैक्सीन लगवाने का आग्रह कर रहा है.

फ्री में इम्यूनिटी बढ़ाने का ये है सबसे आसान तरीका, एक रुपया भी नहीं करना होगा खर्च

Posted: 10 Jan 2022 07:18 PM PST

फ्री में इम्यूनिटी बढ़ाने का ये है सबसे आसान तरीका, एक रुपया भी नहीं करना होगा खर्च

ओमिक्रॉन (Omicron) सहित कोविड-19 के अलग-अलग वैरिएंट से बचने के लिए जहां मास्क लगाने, हाथ सैनिटाइज करने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने आदि पर ध्यान दिया जा रहा है, वहीं कुछ लोग अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली / इम्यूनिटी (Immunity) को बढ़ाने में लगे हुए हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक, कोरोनावायरस को से बचे रहने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता / इम्यूनिटी (Immunity) का मजबूत होना काफी आवश्यक है. इसके लिए इम्यून सिस्टम मजबूत करने की एक्सरसाइज कर रहे हैं और इम्यून सिस्टम मजबूत करने के तरीके भी अपना रहे हैं.

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कुछ लोग सप्लीमेंट पर भी पैसे खर्च कर रहे हैं. लेकिन इम्यूनिटी बढ़ाने का एक रास्ता और भी है, जिसके लिए आपको एक रूपया भी खर्च करने की जरूरत नहीं होगी. यह इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे अच्छा और प्राकृतिक तरीका है और कई भी इम्यूनिटी को नेचुरल तरीके से बढ़ाने के लिए इस तरीके को अपना सकता है.

इम्यूनिटी बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका

इम्यूनिटी को नेचुरल तरीके से बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है 'सूरज की रोशनी' (Sunlight). सूरज की रोशनी में बैठकर इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है. जब त्वचा सूरज की रोशनी के संपर्क में आती है तो वह शरीर में जमे कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) से विटामिन डी बनाती है जिससे शरीर में विटामिन डी की कमी पूरी होती है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. यह बात तो सभी जानते ही हैं कि मजबूत इम्यून सिस्टम, कोरोना संक्रमण के विभिन्न रूपों और अन्य बीमारियों से लड़ने में कितनी मदद करता है.

भारत के करीब 70-90% लोगों में Vitamin D की कमी होती है. जिन लोगों में विटामिन डी की कमी होती है, उनकी इम्यूनिटी भी कमजोर होती है. अगर कोई Vitamin D की कमी को पूरी करने के लिए पर्याप्त सूरज की रोशनी लेता है, तो उसकी इम्यूनिटी बढ़ जाती है.

Vitamin D की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis), कैंसर (Cancer), डिप्रेशन (Depression), मसल्स कमजोरी (Muscle weakness) जैसी कई हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं.

विटामिन डी की आवश्यकता

रिसर्च बताती हैं कि केवल कुछ ही ऐसे फूड हैं, जिनमें विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा होती है. जैसे कॉड लिवर ऑयल (Cod liver oil), स्वोर्डफिश (Swordfish), सैल्मन (Salmon), टूना (Tuna), अंडे की जर्दी (Egg yolks),मशरूम (Mushrooms). लेकिन इनसे Vitamin D प्राप्त करने के लिए रोजाना इनके सेवन की जरूरत होगी. आज की बिजी लाइफ में रोजाना इन फूड्स का सेवन करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए फूड के अलावा सूरज की रोशनी लेना काफी जरूरी हो जाता है.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के मुताबिक, इंडिया में 600-800 IU विटामिन डी की आवश्यकता होती है. डेस्क जॉब करने वाले लोग भी आवश्यक रूप से सूरज की रोशनी जरूर लें.

यह भी ध्यान रखें कि जो लोग खिड़की के कांच से प्रवेश करने वाली सूरज की रोशनी लेते हैं, उनमें भी विटामिन डी की कमी होने का खतरा होता है, इसलिए सीधे सूरज की रोशनी में बैठना जरूरी है.

इस समय ले सकते हैं सूरज की रोशनी

पर्याप्त Vitamin D प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से सूर्य की रोशनी लेना सबसे अच्छा प्राकृतिक तरीका है. शरीर में अच्छा ब्लड लेवल बनाए रखने के लिए हर हफ्ते कम से कम 30 मिनट सूरज की सीधी रोशनी जरूर लें.

एक्सपर्ट बताते हैं कि सुबह सर्दियों में तो दोपहर की धूप ली जा सकती है. सर्दियों में दोपहर का समय Vitamin D प्राप्त करने का अच्छा समय हो सकता है, क्योंकि सूर्य की रोशनी की गर्माहट अधिक होती है, जिससे धूप में कम समय रहने की आवश्यकता हो सकती है. लेकिन गर्मी में दोपहर की धूप न लें. गर्मियों में सुबह 8-10 की गुनगुनी धूप ले सकते हैं.

सूरज की रोशनी से Vitamin D बनाने की क्षमता को दिन का समय, त्वचा का रंग, भूमध्य रेखा से दूरी, कितनी त्वचा सूरज की रोशनी में रखते हैं, सनस्क्रीन लगाना आदि कारक प्रभावित कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, जो लोग भूमध्य रेखा से दूर रहते हैं, उन्हें आमतौर पर अधिक धूप की आवश्यकता होती है, क्योंकि इन क्षेत्रों में सूर्य की यूवी किरणें कमजोर होती हैं.

मकर संक्रांति का क्या है पौराणिक महत्व? इसी दिन भीष्म पितामह ने त्यागी थी देह

Posted: 10 Jan 2022 07:14 PM PST

मकर संक्रांति का क्या है पौराणिक महत्व? इसी दिन भीष्म पितामह ने त्यागी थी देह

Makar Sankranti 2022: मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी को मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य देव राशि परिवर्तन करके मकर राशि में गोचर करेंगे. ज्योतिष के अनुसार सूर्य का राशि परिवर्तन बहुत खास होता है. सूर्य को सभी राशियों का राजा माना जाता है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य के गोचर से जहां खरमास खत्म हो जाएगा, वहीं वसंत ऋतु के आगमन का भी संकेत मिलता है. मकर संक्रांति का अद्भुत जुड़ाव महाभारत काल से भी है. 58 दिनों तक बाणों की शैया पर रहने के बाद भीष्म पितामह ने अपने प्राणों का त्यागने के लिए सूर्य के उत्तरायण होने का इंतजार किया था. यहां पढ़ें पौराणिक कथा.

ये है कथा 
18 दिन तक चले महाभारत के युद्ध में भीष्म पितामह ने 10 दिन तक कौरवों की ओर से युद्ध लड़ा. रणभूमि में पितामह के युद्ध कौशल से पांडव व्याकुल थे. बाद में पांडवों ने शिखंडी की मदद से भीष्म को धनुष छोड़ने पर मजबूर किया और फिर अर्जुन ने एक के बाद एक कई बाण मारकर उन्हें धरती पर गिरा दिया. चूंकि भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था. इसलिए अर्जुन के बाणों से बुरी तरह चोट खाने के बावजूद वे जीवित रहे. भीष्म पितामह ने ये प्रण ले रखा था कि जब तक हस्तिनापुर सभी ओर से सुरक्षित नहीं हो जाता, वे प्राण नहीं देंगे. साथ ही पितामह ने अपने प्राण त्यागने के लिए सूर्य के उत्तारायण होने का भी इंतेजार किया, क्योंकि इस दिन प्राण त्यागने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

भगवान श्रीकृष्ण ने बताया महत्व ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी उत्तरायण का महत्व बताते हुए कहा है कि 6 माह के शुभ काल में जब सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और धरती प्रकाशमयी होती है, उस समय शरीर त्यागने वाले व्यक्ति का पुनर्जन्म नहीं होता है. ऐसे लोग सीधे ब्रह्म को प्राप्त होते हैं, यानी उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है. यही कारण है कि भीष्म पितामह ने शरीर त्यागने के लिए सूर्य के उत्तरायण होने तक का इंतजार किया.

मकर संक्रांति मुहूर्त (Makar Sankranti Shubh Muhurat) ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि मुहूर्त चिंतामणि ग्रंथ के अनुसार मकर संक्रांति का पुण्यकाल मुहूर्त सूर्य के संक्रांति समय से 16 घटी पहले और 16 घटी बाद का पुण्यकाल होता है. इस बार पुण्यकाल 14 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शुरू हो जाएगा, जो शाम को 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. इसमें स्नान, दान, जाप कर सकते हैं. वहीं स्थिर लग्न यानि समझें तो महापुण्य काल मुहूर्त 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. इसके बाद दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक मुहूर्त रहेगा.

बहुत ज्यादा रोमांटिक होते हैं इन 5 राशियों वाले लोग, इस लिस्ट में आपकी राशि है या नहीं?

Posted: 10 Jan 2022 07:06 PM PST

बहुत ज्यादा रोमांटिक होते हैं इन 5 राशियों वाले लोग, इस लिस्ट में आपकी राशि है या नहीं?

रोमांस (Romance) के मायने हर किसी के लिए अलग-अलग होते हैं. लड़की हो या लड़का हर कोई चाहता है कि उसका पार्टनर रोमांटिक हो. रोमांस का मतलब किसी के लिए कैंडललाइट डिनर (Surprise candlelight dinner) हो सकता है, तो किसी के लिए कमरे को फूलों से सजाना (Decorating the room with flowers). किसी के लिए बाहों में बाहें डालकर प्यारी-प्यारी बातें करना हो सकता है, तो किसी के लिए गिफ्ट और सरप्राइज

रोमांटिक होना एक ऐसा नेचर है, जो कुछ ही लोगों का होता है. वहीं कुछ लोगों के रिलेशन में रोमांस की जगह लड़ाई-झगड़े और मनमुटाव ही होते रहते हैं, जिससे वे रिलेशनशिप को एंजॉय नहीं कर पाते.

ज्योतिष के अनुसार राशियों (Zodiac signs) से किसी के भी व्यक्तित्व के बारे में ग्रहों की दशा और दिशा के आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है. उनके आधार पर यह भी पता लगाया जा सकता है कि कौन सी राशि वाले लोग किसी भी रिलेशन में अधिक गहराई से अपनी उपलब्धता महसूस कराते हैं या रोमांटिक होते हैं. यहां कुछ राशियों के बारे में बता रहे हैं, जो बताती हैं कि कौन सी राशियों के लोग अधिक रोमांटिक होते हैं.

मीन (Pisces)

मीन राशि वाले लोग बेहद संवेदनशील और देखभाल करने वाले होते हैं. यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर वे किसी को पसंद करते हैं, तो उन्हें उस व्यक्ति के बारे में हर बात याद रहती है. वहीं, अगर रिलेशनशिप की बात आती है तो मीन राशि वाले लोग शांत नेचर के लिए जाने जाते हैं. अगर आपके पार्टनर की राशि मीन है तो वो कभी आपको अकेला नहीं छोड़ेगा. ऐसे लोग अधिक रोमांटिक होते हैं और उन्हें कैंडललाइट डिनर या हाथों से लिखी कविताएं या लेटर देना भी पसंद होता है.

कर्क (Cancer)

कर्क राशि भी जल राशि होती है. इस राशि वाले लोग बहुत रोमांटिक होते हैं. ज्योतिष के मुताबिक, कर्क राशि के लोग बेहद वफादार और समर्पित पार्टनर होते हैं, जो आसानी से पार्टनर का साथ नहीं छोड़ते. किसी भी रिलेशन में वे अपने पार्टनर की पसंद और नापसंद का ख्याल रखते हैं. मीन राशि वालों की तरह इस राशि वाले लोग भी पार्टनर को खुश करने का कोई मौका नहीं छोड़ते.

वृषभ (Taurus)

वृषभ राशि वाले लोग रोमांटिक दिखते नहीं हैं, लेकिन वे पार्टनर को खुश करने के लिए अधिक मेहनत कर सकते हैं. उन्हें हर चीज में काफी आराम मिलता है. वह हर बात में खुश रहते हैं अब चाहे वो डेट नाइट हो, कैंडल लाइट डिनर हो या मूवी का प्लान हो. ऐसे लोग हर चीज में खुश रहते हैं. लेकिन वे हमेशा अपने पार्टनर को प्राथमिकता देते हैं.

कन्या (Virgo)

कन्या वाले लोग सबसे कोमल दिल के माने जाते हैं. किसी भी रिलेशन में वे सामने वाले को खुश करने के लिए अपनी इच्छा को भी मार देते हैं. इस राशि वाले लोगों के लिए प्रेम की भाषा काफी सरल होती है, वे लोग इसमें अपना नजरिया रखते हैं. उन्हें सरप्राइज देना काफी पसंद होता है. अगर आपके पार्टनर की राशि भी कन्या है, तो अभी तक आप उसके प्यार को अनुभव कर चुके होंगे.

सिंह (Leos)

जब प्यार की बात आती है तो सिंह राशि वाले लोग काफी भावुक होते हैं. वे हमेशा अपने पार्टनर को खुश कर सकते हैं. अब चाहे लंबे सफर के बाद मूड सही करना हो, या फिर मीठी-मीठी बातों से उनका दिल जीतना हो, या फिर खराब मूड को सही करना हो. सिंह राशि वाले लोगों को इस बात में महारथ हासिल होती है.

सर्दियों में है फटी एड़ियों की समस्‍या से परेशान तो बेहद काम आएगा ये नुस्‍खा

Posted: 10 Jan 2022 07:01 PM PST

सर्दियों में है फटी एड़ियों की समस्‍या से परेशान तो बेहद काम आएगा ये नुस्‍खा

ठंड के मौसम में एड़ियों का फटना आम है, चूंकि मौसम में बदलाव और स्किन ड्राई होने की वजह से क्रेक हील्स की समस्या होने लगती है। सर्दियों में एड़ियों के फटने से पैर में पड़ी दरारें और भी गहरी हो जाती हैं और कभी- कभी तो खून भी आ जाता है। इसलिए पैरों की त्वचा की देखभाल करना और उन्हें कोमल बनाए रखना ही एकमात्र उपाय है। ऐसे में पाइनएप्पल यानी अनानास आपके एड़ियों को स्वस्थ-सुंदर बनाने में मददगार हो सकता है।

 तो आइए जानते हैं अनानास के कई और फायदे- पाइनएप्पल यानी कि अनानास कई तरह के स्वास्थ्य लाभ से भरपूर एक स्वादिष्ट फल है। अनेक वर्षों से इस फल का उपयोग विभिन्न रोगों के घरेलू उपचार के तौर पर किया जाता है। बालों और त्वचा की अच्छी सेहत के लिए पाइनएप्पल बहुत लाभकारी औषधि है। पाइनएप्‍पल में विटामिन सी, पौटेशियम, जिंक और एंटीऑक्‍सडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो बालों व त्‍वचा के लिए अच्‍छा होता है। इतना ही नहीं, इस फल का उपयोग और भी बहुत सी त्वचा संबंधी समस्याओं के उपचार में किया जाता है।
नाखून का पीलापन हटाए: अगर आपके नाखून पीले और कमजोर हैं तो पाइनएप्‍पल जूस और अंडे के सफेद हिस्‍से को मिलाकर इसमें एक चम्‍मच बादाम का तेल मिला लें और इसे नाखूनों पर लगाएं। नाखून स्‍वस्‍थ हो जाएंगे।

चेहरे और होंठ के लिए: चेहरे पर बहुत अधिक मात्रा में दाने हो जाने पर पाइनएप्‍पल आपके लिए सही उपचार है। पाइनएप्पल में विटामिन सी होता है इसलिए इससे दाने सही हो जाते हैं। दानों के उपचार के लिए आप पाइनएप्‍पल जूस लें और इसे दानों पर लगा लें। रात भर लगा रहने के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें। दाने गायब हो जाएंगे। पाइनएप्‍पल के जूस में नारियल का तेल मिलाकर 10 मिनट तक होठों पर मसाज करते रहने । इससे आपके होंठ मुलायम और नरम हो जाएंगे।

स्किन के लिए फायदेमंद अनानास के जूस का सेवन करने से या फिर इसके पेस्‍ट को अपने चेहरे पर लगाने से चेहरे की चमक बढ़ जाती है। दरअसल पाइनएप्‍पल में विटामिन सी होता है जो त्‍वचा में चमक लाने में मदद करता है। इसके अलावा पाइनएप्‍पल त्‍वचा गहराई तक प्रभावित करता है जिससे त्‍वचा की गंदगी निकल जाती है और डेड स्‍कीन भी हट जाती है। इसके लिए आप पाइनएप्‍पल पीसकर इसमें दो चम्‍मच ब्राउन शुगर मिलाइए और इसे चेहरे पर स्‍क्रब कीजिए और बाद में चेहरा ठंडे पानी से धो लीजिए।

एड़ियों को फटने से बचाए: अगर आपकी एडियां फटी हुई हैं तो आप पाइनएप्‍पल को चीनी के साथ मिलाकर पैरों पर स्‍क्रब करें। इसमें थोड़ा शहद मिला लें। बाद में हल्‍के गर्म पानी से पैरों को धुल लें। इस प्रकार आप अपने पैरों की एडियों को फटने से बचा सकते हैं। इसके अलावा रात को सोने से पहले फटी एड़ियों पर सरसों का तेल लगाएं और सुबह किसी खुरदरे पत्थर से रगड़कर पैर धो लें। दो हफ्ते में एड़ियां ठीक हो जाएंगी।


क्या है लोहड़ी, जानें इस त्योहार को मनाने की परंपरा, इतिहास, महत्व और कथा

Posted: 10 Jan 2022 06:50 PM PST

क्या है लोहड़ी, जानें इस त्योहार को मनाने की परंपरा, इतिहास, महत्व और कथा

लोहड़ी का त्यौहार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पौष माह की आखिरी रात में मनाया जाता है। सिखों के लिए लोहड़ी खास मायने रखती है। त्यौहार के कुछ दिन पहले से ही इसकी तैयारी शुरू हो जाती है। विशेष रूप से शरद ऋतु के समापन पर इस त्यौहार को मनाने का प्रचलन है। 2022 में यह त्यौहार 13 जनवरी, गुरूवार को मनाया जाएगा। लोहड़ी के बाद से ही दिन बड़े होने लगते हैं, यानी माघ मास शुरू हो जाता है। यह त्योहार पूरे विश्व में मनाया जाता है। हालांकि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में ये त्योहार बहुत धूम-धाम से मनाया जाता है।

लोहड़ी पर्व का शुभ मुहूर्तः 13 जनवरी को लोहड़ी पर्व के दिन लोहड़ी जलाने का शुभ मुहर्त शाम 5:43 से शुरू होगा, जो रात्रि 7:25 तक रहेगा।

लोहड़ी कैसे मनाते हैं जानिए परंपरा लोहड़ी पर घर-घर जाकर दुल्ला भट्टी के और अन्य तरह के गीत गाने की परंपरा है, लेकिन आजकल ऐसा कम ही होता है।

बच्चे घर-घर लोहड़ी लेने जाते हैं और उन्हें खाली हाथ नहीं लौटाया जाता है। इसलिए उन्हें गुड़, मूंगफली, तिल, गजक या रेवड़ी दी जाती है।

दिनभर घर-घर से लकड़ियां लेकर इकट्ठा की जाती है। आजकल लकड़ी की जगह पैसे भी दिए जाने लगे हैं जिनसे लकड़ियां खरीदकर लाई जाती है और शाम को चाैराहे या घरों के आसपास खुली जगह पर जलाई जाती हैं।

उस अग्नि में तिल, गुड़ और मक्का को भोग के रूप में चढ़ाया जाता है।

आग जलाकर लोहड़ी को सभी में वितरित किया जाता है। नृत्य-संगीत का दौर भी चलता है। पुरुष भांगड़ा तो महिलाएं गिद्दा नृत्य करती हैं।

दुल्ला भट्टी की कहानी मुगल राजा अकबर के काल में दुल्ला भट्टी नामक एक लुटेरा पंजाब में रहता था जो न केवल धनी लोगों को लूटता था, बल्कि बाजार में बेची जाने वाली ग़रीब लड़कियों को बचाने के साथ ही उनकी शादी भी करवाता था। लोहड़ी के त्यौहार को दूल्ला भट्टी से जोड़ा जाता है। लोहड़ी के कई गीतों में भी इनके नाम का ज़िक्र होता है।

कृष्ण ने क‍िया था लोहिता का वध एक अन्य कथा के अनुसार मकर संक्रांति के दिन कंस ने श्री कृष्ण को मारने के लिए लोहिता नामक राक्षसी को गोकुल भेजा था, जिसे श्री कृष्ण ने खेल-खेल में ही मार डाला था। उसी घटना के फलस्वरूप लोहड़ी पर्व मनाया जाता है।

भगवान श‍ंकर और सती एक अन्य पौराणिक कथा के मुताबिक राजा दक्ष की पुत्री सती ने अपने पति भगवान शंकर के अपमान से दुखी होकर खुद को अग्नि के हवाले कर दिया था। इसकी याद में ही यह अग्नि जलाई जाती है।

लोहड़ी का महत्व पंजाबियों के लिए लोहड़ी उत्सव खास महत्व रखता है। जिस घर में नई शादी हुई हो या बच्चे का जन्म हुआ हो, उन्हें विशेष तौर पर लोहड़ी की बधाई दी जाती है। घर में नव वधू या बच्चे की पहली लोहड़ी का काफी महत्व होता है। इस दिन विवाहित बहन और बेटियों को घर बुलाया जाता है। ये त्योहार बहन और बेटियों की रक्षा और सम्मान के लिए मनाया जाता है।

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