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- सपने में खुद को गाय की सेवा करते हुए देखा तो समझिए खुलने वाली है किस्मत
- सपने में दिखे लड़ाई-झगड़ा या घर जलने सहित ये 7 चीजें तो डरिए नहीं, जानिए क्या कहता है स्वप्न शास्त्र
- ये 7 आदतें हैं तो आप साबित होंगे 'बुरे' पति!
- शादी के बाद लड़कियों को नहीं करनी चाहिए ये 5 गलतियां!
- हिंदी भाषा की लिपि क्या है: Hindi Bhasha Ki Lipi Kya Hai जानिए
- शादी के बाद क्या आपने भी 'मां' को बताई है ये बातें, बिल्कुल न करें ये भूल
- गणेशजी के मस्तक पर क्यों लगाया गया हाथी का सिर? जानिए असल वजह
- अब आंगनबाडी से गर्भवती महिलाओँ को मिलेंगे सीधे खाते में 5000 रुपये, आज ही दर्ज करवाएं अपना नाम
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- Republic Day 2022: राजपथ बना 'शक्तिपथ', जमीन से आसमान तक दिखी भारत के सैन्य और संस्कृति की झलक
- हिमाचल: जंगल में शिकार समझकर अपने साथियों पर ही बरसा दी गोलियां, 1 की मौत व 1 गंभीर
| सपने में खुद को गाय की सेवा करते हुए देखा तो समझिए खुलने वाली है किस्मत Posted: 26 Jan 2022 04:12 AM PST हर व्यक्ति सपना देखता है और जो भी सपना हम देखते हैं उनाक मतलब और फल होता है। सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक कुछ सपने ऐसे होते हैं जिनसे हमारा भाग्य जुड़ा होता है। सपने मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं। एक इष्ट फल को बताने वाले यानी पॉजिटिव चीज़ों को बताने वाले और दूसरे निगेटिव चीज़ों को बताने वाले। कभी-कभी हमें ऐसे सपने दिखाई देते हैं जो बहुत अजीब होते हैं। भाग्य से जुड़े सपनों को बहुत खास माना जाता है। कहते हैं कि ऐसे सपने दिखने पर इनका जिक्र किसी से नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से न तो यह सपने पूरे होते हैं और न ही इनका कोई फल मिल पाता है। आंगन में नाचता मोर सामुद्रिख शास्त्र में यह कहा जाता है कि अगर सपने में घर के आंगन में नाचता हुआ मोर दिखे तो यह सपना भाग्य से जुड़ा होता है। कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति ऐसा सपना देखता है तो इसे कुष्ठ रोगियों को तेल दान करना चाहिए। गाय की सेवा करना अगर आपने सपने में अपने आप को गाय की सेवा करते हुए देखा है तो इसे बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि सपने में जो व्यक्ति गाय की सेवा करता है उसके भाग्योदय के योग बनते हैं। ऐसा सपना देखने के बाद गाय को हरा चारा दान करना चाहिए। ध्यान रखें कि ऐसे सपने का जिक्र किसी से न करें। केले के पोड़ को देखना अगर आपने सपने में केले के पेड़ को देखा है तो इसे बहुत अच्छा माना जाता है। कहते हैं कि यह सपना देखने के बाद पीले भोजन का दान करना चाहिए। यह सपना भाग्योदय के लिए बहुत खास माना जाता है। ध्यान रखें यह सपना गलती से भी किसी को न बताएं। दरवाजे खुलते हुए देखना सपने में अगर आप कहीं जा रहे हैं और आप अपने लिए दरवाजों को खोलते हुए देखते हैं तो इसे बहुत अच्छा सपना माना जाता है। कहते हैं दरवाजों के साथ ही किस्मत के दरवाजे भी खुल जाते हैं। इस सपने को देखने के बाद किसी जरूरतमंद को पीले या नारंगी रंग के वस्त्र दान करें। ये सपने भी भाग्य से जुड़े होते हैं गोबर से घर लीपना सपने में अपने आप को गोबर से घर लीपते हुए देखना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि ऐसे सपने बहुत मुश्किल से आते हैं। माना जाता है कि इन सपनों से किस्मत के ताले खोलने के संकेत मिलते हैं। ऐसा सपना दिखने के बाद किसी जरूरतमंद को फल का दान करना चाहिए। | ||
| सपने में दिखे लड़ाई-झगड़ा या घर जलने सहित ये 7 चीजें तो डरिए नहीं, जानिए क्या कहता है स्वप्न शास्त्र Posted: 26 Jan 2022 04:09 AM PST सपने में दिखे लड़ाई-झगड़ा या घर जलने सहित ये 7 चीजें तो डरिए नहीं, जानिए क्या कहता है स्वप्न शास्त्र सपने में दिखे लड़ाई-झगड़ा या घर जलने सहित ये 7 चीजें तो डरिए नहीं, जानिए क्या कहता है स्वप्न शास्त्र कई बार ऐसे सपने दिखाई देते हैं जिनके बारे में सोचकर डर लगने लगता है। लेकिन, सभी अटपटे सपने अशुभ नहीं होते हैं जिंदगी में होने वाली घटना का आभास कभी कभार सपनों में भी हो जाता है। सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक हर सपने का एक खास मतलब होता है, जो व्यक्ति को किसी ना किसी बात का संकेत देता है। सपने मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं। एक इष्ट फल को बताने वाले यानी पॉजिटिव चीज़ों को बताने वाले और दूसरे निगेटिव चीज़ों को बताने वाले। अधिकतर लोग इन सपनों को सुबह होते ही भूल जाते हैं और कुछ इनके संकेत समझने में सफल रहते हैं। कई बार ऐसे सपने दिखाई देते हैं जिनके बारे में सोचकर डर लगने लगता है। लेकिन, सभी अटपटे सपने अशुभ नहीं होते हैं। आईए जानते हैं ऐसे 7 अजीब सपनों के बारे में जिनके दिखने पर आपको धन लाभ का संकेत मिलता है। सपने में लड़ाई-झगड़ा देखना सपने में लड़ाई-झगड़ा देखना धन प्राप्ति का संकेत है। वहीं सपने में लड़ाई करते हुए अपने आप को घायल देखना इस बात का संकेत देता है कि आपको भविष्य में धन के साथ सम्मान भी मिलेगा। सपने में घर जलता हुआ देखना अगर आपने अपने सपने में घर को जलता हुआ देखा है तो इसका मतलब है कि आप भविष्य में जिस चीज के बारे में सोचते हैं वो आपको मिलने वाला है। सपने में किसी करीबी की मौत देखना अगर आपको सपने में किसी करीबी की मृत्यु दिखाई दे तो समझ लीजिए कि उसपर आया संकट टल गया है और उस व्यक्ति की आयु बढ़ गई है। अगर सपने में खुद को या फिर किसी और को आत्महत्या करते हुए देखें तो यह शुभ संकेत है। स्वास्थ्य के लिहाज से ये सपना अच्छा माना जाता है। अगर ऐसा सपने देखने वाला व्यक्ति किसी बीमारी से जूझ रहा है तो वह जल्द ही स्वस्थ हो सकता है। सपने में किसी की अर्थी देखना सपने में अगर आपने किसी की अर्थी देखी है तो इसका मतलब आपका भाग्य जगने वाला है। ऐसा सपना अगर कोई गोरी देखे तो इसका मतलब वो जल्द सही होने वाला है। इसके अलावा सपने में अगर आप अपना एक्सीडेंट होते हुए देखें तो इसका मतलब है कि आने वाले समय में आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। सपने में किसी को जलते हुए देखना अगर आप किसी को सपने में जलते हुए देखते हैं तो यह शुभ संकेत है। इसका मतलब है कि आपको जल्द ही धन मिलने वाला है। सपने में किसी स्त्री के बाल कटते देखना सपने में किसी स्त्री के बाल कटते देखने का मतलब है कि आपको जल्द ही सोना, चांदी और पैसा मिलने वाला है। वहीं, पुरुष के बाल कटते देखना का अर्थ है कि आपको जल्द ही नैकरी, जमीन और जायदाद मिल सकती है | ||
| ये 7 आदतें हैं तो आप साबित होंगे 'बुरे' पति! Posted: 26 Jan 2022 04:06 AM PST शादी के बाद कई महिलाओं की शिकायत होती है कि उनके पति उन्हें वो सम्मान नहीं देते जो उन्हें मिलना चाहिए. रिश्ता खट्ठे-मीठे पलों का मिश्रण है. पति-पत्नी के रिश्ते में अगर केवल खटास ही रह जाए तो फिर उस रिश्ते का कोई मतलब नहीं रह जाता. शादी के रिश्ते को सहेजने के लिए पति और पत्नी दोनों को ही बराबर कोशिशें करनी चाहिए. अगर रिश्ते में कोई एक अपनी जिम्मेदारी ना निभाए तो फिर रिश्ते की डोर कमजोर पड़ जाती है. आइए जानते हैं पुरुषों की उन आदतों के बारे में जिनकी वजह से वे अच्छे पति नहीं बन पाते हैं. 1- आलोचना करना- कई बार ऐसा देखा गया है कि दूसरों के सामने पति अपनी पत्नियों की आलोचना करते नजर आते हैं. या कभी-कभी अपने मन-पसंद का खाना ना मिलने पर भी उन्हें तरह-तरह की बातें सुनाते हैं. ऐसा करना गलत है. आपको उन्हें ये बताने की जरूरत है कि उनकी कौन सी बात आपको पसंद नहीं आई. इसके बाद आपको उनके अच्छे कामों की प्रशंसा करने की भी जरूरत है. 2- रोक-टोक लगाना- शादी के बाद पति अपनी पत्नियों पर तरह-तरह की रोक-टोक लगाते रहते हैं. उन्हें ये समझने की जरूरत है कि जैसे उनकी कुछ इच्छाएं हैं वैसी ही दूसरों की भी हैं. ज्यादा रोक-टोक से पत्नियों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है. उन्हें मर्दों की तरह दोस्त बनाने, घूमने-फिरने की पूरी आजादी होनी चाहिए, ताकि वो अपने जीवन में स्वतंत्र महसूस कर सकें और उन्हें आपका साथ किसी तरह का बंधन महसूस ना हो. 3- उन्हें सिर्फ एक काम करने की मशीन समझना- अगर आप रोज दफ्तर जाते हैं तो महिलाएं भी घर में गृहस्थी संभालने का काम करती हैं. ऐसे में उनसे ज्यादा काम कराना कोई बड़ाई वाली बात नहीं है. आजकल तो महिलाएं ऑफिस के साथ-साथ घर-गृहस्थी के काम करती हैं. ऐसे में घर के छोटे-मोटे कामों का भार अगर पति अपने सर ले लें, तो ये पत्नियों के लिए बड़े आराम की बात होगी. 4- प्यार जताना भूल जाना- दिनभर की भागदौड़ में व्यस्तता के कारण कई बार पति अपनी पत्नियों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं. अगर आप व्यस्त हैं तो कम से कम 2 मिनट का वक्त निकाल कर उन्हें हग करें और बताएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं और उनकी आपके जीवन में कितनी अहमियत है. 5- बात करने का गलत लहजा- पति-पत्नी एक गाड़ी के दो पहिए होते हैं. दोनों का एक-दूसरे के बगैर रहना मुमकिन नहीं हो सकता. दोनों को एक-दूसरे की जरूरत होती है. कई बार पति काम के तनाव के कारण अपनी पत्नी पर गुस्सा जाहिर कर देते हैं या कई बार ठीक तरीके से बात नहीं करते हैं. ऐसे में आपको बात करते समय विनम्र होने की जरूरत है ताकि उन्हें भावनात्मक ठेस ना पहुंचे. वो आपसे कुछ पल का प्यार चाहती हैं, अगर आप रोज ऐसा करेंगे तो उन्हें सबसे ज्यादा खुशी होगी. 6- झूठ ना बोलें- अगर आपको लगता है कि आप शादी के बाद किसी और के साथ रिश्ता बनाने की कोशिश करेंगे और आपकी पत्नी इससे अनजान रहेगी तो ये आपकी गलतफहमी है. हर रिश्ते की एक आत्मीयता होती है और झूठ की बुनियाद पर आप कोई रिश्ता खड़ा नहीं कर सकते. इसलिए जरूरी है कि आप रिश्ता निभाते वक्त अपनी पत्नी के प्रति ईमानदार रहने की कोशिश करें. 7- ज्यादा उम्मीदें रखना- हर इंसान रिश्ते निभाने के दौरान एक दूसरों से हद से ज्यादा उम्मीद रखने लगता है. हर इंसान के अंदर स्वार्थ स्वाभाविक रूप से मौजूद होता है. किसी से एक हद तक उम्मीद रखना गलत नहीं है. मगर ये भी समझना जरूरी है कि हर इंसान के अंदर अगर कुछ प्रतिभाएं हैं तो दूसरी तरफ कुछ खामियां भी हैं. कोई भी इंसान आपको हर तरह से संतुष्ट नहीं कर सकता. आपको ये समझने की जरूरत है कि आप ज्यादा आकांक्षाएं रखने की बजाए अपने लाइफ पार्टनर से प्यार और आदर का भाव रखें. | ||
| शादी के बाद लड़कियों को नहीं करनी चाहिए ये 5 गलतियां! Posted: 26 Jan 2022 04:02 AM PST हर लड़की की ख्वाहिश होती है कि उसकी शादीशुदा जिंदगी हमेशा खुशहाल रहे. इसके लिए हर लड़की कोशिश भी करती है लेकिन कई बार हम अनजाने में ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं जो हमारे रिश्ते को बर्बाद कर देती है. ये आदतें धीरे-धीरे आपकी खुशहाल शादीशुदा जिंदगी को ग्रहण लगा देती हैं और हमें पता तक नहीं चलता है. हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से आप अपने पति और शादी दोनों को बर्बाद कर रही हैं. 1- पैसे खर्च करने के मामले में नादानी- एक कहावत है कि जितनी चादर हो, उतना ही पैर पसारना चाहिए. हर पत्नी को चाहिए कि अपने घर की कमाई को ध्यान में रखकर खर्च करे और बजट बनाए. आप अगर पैसों के मामले में समझदार नहीं हैं तो यह आपको बाद में महंगा पड़ सकता है. लगातार लग्जीरियस चीजों की कमी की शिकायत करते रहना अच्छी बात नहीं है. अगर आपके पति कर्ज में डूबेंगे तो इससे उन पर तनाव बढ़ेगा और ऐसी स्थिति में आपसे भी मनमुटाव हो सकता है. हो सकता है कि आप महीनों से जिस बैग को खरीदना चाह रही हों, वो ना खरीद पाएं लेकिन आपके पति इस बात की मन ही मन तारीफ जरूर करेंगे कि आप उनका सम्मान करती हैं और वह जो कुछ आपको उपलब्ध कराते हैं, उसी में आप खुश हैं. इससे एक-दूसरे के प्रति प्यार और सम्मान दोनों बढ़ता है. 2-लगातार नेगेटिव बातें-आपको अपने बालों से नफरत है, घर के आस-पास होने वाला शोर, पड़ोसियों का बर्ताव, आपका ऑफिस का डंब सहयोगी, नौकरानी का खराब काम. हर वक्त अगर आप हर किसी की शिकायत करती रहती हैं तो इसका आपके ही रिश्ते पर बुरा असर पड़ता है. हो सकता है कई बार आपकी आलोचना सही ही हो, फिर भी आपको अपने पति के सामने हर किसी की बुराई नहीं करनी चाहिए. इससे उनके मन में आपकी एक नकारात्मक छवि बनती चली जाएगी. आपके पति जैसे ही घर में प्रवेश करते हैं, आपको अपने दिमाग से सारी नेगेटिव बातों को हटा देना चाहिए. लड़कों को चीजों को सुलझाना पसंद होता है और अगर आप शिकायतों के ढेर से उन्हें घेर लेंगी तो शायद वह आपसे दूर होते चले जाएं. हर आदमी चाहता है कि वह अपनी पत्नी को खुश रखें लेकिन अगर उसको यह महसूस होता है कि वह ऐसा नहीं कर पा रहा है तो वह निराश हो जाता है. कभी-कभी उनसे शिकवा करना तो ठीक है लेकिन इसे अपनी दिनचर्या में शामिल ना कर लें. 3- हमेशा दूसरी चीजों को अपनी प्राथमिकता में रखना-जब आपके सामने आपके बच्चे, मां, दोस्त या करियर आता है तो आप अपने पति को दरकिनार कर देती हैं और उन्हें यह एहसास कराती हैं कि उनकी कोई खास अहमियत आपकी लाइफ में नहीं है. सोचिए कि हर रोज, कई सालों तक आपको लगातार यह जताते रहे तो आपको कैसा लगेगा? यकीनन आपकी भावनाओं और आपके आत्मविश्वास को ठेस पहुंचेगी. आजकल कई कपल्स के तलाक की एक वजह यह भी होती है कि वे एक-दूसरे की देखभाल नहीं करते हैं और एक-दूसरे को बिल्कुल अहमियत नहीं देते हैं. ऐसी गलती अनजाने में भी ना करें. 4-प्यार जताने से दूर भागना-हर पति अपनी पत्नी से फिजिकल अफेक्शन भी चाहता है. अगर आप लगातार उनसे दूर भाग रही हैं तो उन्हें यह बुरा लग सकता है. अपने पति को कंट्रोल करने के लिए कभी भी इंटिमेसी को हथियार ना बनाएं. आपके रिश्ते में प्यार और रोमांस आपके रिश्ते को मजबूत करने के लिए जरूरी है. 5- हर बात इशारे में ना करें-कोई भी जरूरी बात अगर आप अपने पति से कहना चाहती है तो उसे आसान और साफ भाषा में कह दें. उसके लिए आप संकेतों में बात ना करें जिन्हें आपके पति समझ ही ना पाएं. अपनी भावनाओं को ईमानदारी से बयां करें. अगर वह आपसे पूछते हैं कि क्या हुआ है तो 'कुछ नहीं' कहकर उनसे सब कुछ समझ लेने की उम्मीद ना करें. अगर आप हर बात गोल-गोल घुमाकर कहेंगी तो ये आप दोनों के रिश्ते को और जटिल ही बनाएगा. | ||
| हिंदी भाषा की लिपि क्या है: Hindi Bhasha Ki Lipi Kya Hai जानिए Posted: 26 Jan 2022 03:59 AM PST
क्या आप हिंदी भाषा की कि लिपि के बारे में जानते है. यदि आप के भारतीय हो आपको इसके बारेमें जरुर पता होगा कि Hindi Bhasha ki Lipi kya hai? यह जानना बहुत जरुर है, क्योकि अक्सर परीक्षा लोग जब हिंदी मीडियम का exam देते है तो उन्हें अपनी पेपर में हिंदी भाषा कि लिपि का चुनाव करना होता हैं. इसलिए विद्यार्थी अपनी मात्री भाषा "हिंदी भाषा की लिपि का क्या नाम है?" ये जानना बहुत जरूरी है आइये इस लेख में आपको बताते है कि Hindi Bhasha ki lipi kya hota hai? यहाँ "Hindi Bhasha ki lipi kya hai" इसको समझने से पहले आपको लिपि क्या है इसके बारे में समझना होगा. आइये पढ़ते हैं. क्योकि जब तक आप लिपि का सही अर्थ नही समझेंगे, आपको हिंदी भाषा के लिपि का कार्य और अर्थ समझने में थोड़ा मुश्किल हो सकता हैं. लिपि क्या हैं? (Lipi kise kahate hain ) किसी भी भाषा की लिखावट अथवा उस भाषा के लिखने के ढंग को लिपि कहते है. दुसरे शब्दों में " ध्वनियों को शुद्ध तरीके से लिखने के लिए जिस प्रकार के चिह्नों का प्रयोग किया जाता है, वही लिपि कहलाती हैं. और प्रत्येक ध्वनि के लिए हिंदी भाषा में चिन्ह निश्चित हैं. और उनका उपयोग वर्णों को दर्शाने के लिए किया जाता हैं. हम भाषा उसे कहते है जिसे बोली जाती हैं. और भाषा को किसी भी लिपि में लिखी जा सकती हैं. और जिसमे ध्वनी को लिखा जाता है उसे लिपि कही जाती हैं. विश्व की सभी भाषाएं लिपि के आधार पर लिखी गई हैं। दुनिया में देवनागरी, ब्राह्मी, अरबी, यूनानी, गुरुमुखी जैसी कई लिपियां हैं. यदि हम बात करें कि लिपि कितने प्रकार की होती हैं. तो यह केवल तीन मूल लिपि है. चित्र लिपि अक्षर (Alphabetic)लिपि Alpha Syllabic लिपि तो आपने समझा की लिपि क्या होता है,अब आपको बताते है हिंदी भाषा की लिपि किसे कहते हैं? (Hindi Bhasha Ki Lipi Kya Hai) और हिंदी भाषा की लिपि किस लिपि में लिखी जाती हैं. निचे पढ़े. हिंदी भाषा की लिपि क्या हैं? – Hindi Bhasha Ki Lipi Kya Hai Devanagari, hindi bhasha ki Lipi, हिंदी भाषा की लिपि हैं हिंदी भाषा की लिपि को "देवनागरी" लिपि कहते हैं. और इसे सबसे पहले "ब्राह्मी लिपि " के नाम से भी जाना जाता था. तथा देवनागरी का दूसरा नाम "नागरी लिपि" भी हैं. भारत में प्रयोग होने वाले हिंदी भाषा के अलावे देवनागरी लिपि को संस्कृत, गुजराती, मैथेली, सिन्धी, भोजपुरी, नेपाली भाषाओं में भी प्रयोग किया जाता हैं. देवनागरी लिपि किसे कहते हैं? देवनागरी लिपि (Devanagari Lipi) लिखने और पढ़ने में बहुत ही आसान होता है. इसे बाएं से दाएं की ओर लिखी और पढ़ी जाती हैं. जिसे इसका इस लिपि का इस्तेमाल करना बहुत ही सरल और सुन्दर हो जाता हैं. देवनागरी लिपि में लिखे गये सभी शब्दों को पूरा करने के लिए शब्दों के ऊपर एक क्षैतिज रेखा खींची जाती हैं. जिसे " शिरोरेखा" कहा जाता हैं. इस लिपि में कुल 52 अक्षर होते है जिसमे स्वर और व्यंजन होते हैं. स्वरों की संख्या 14 है और व्यंजनों की संख्या 38 होती हैं. हिंदी भाषा में लिखे जाने वाले शब्द स्वरों और व्यंजनों के मेल से बनते है. इस देवनागरी लिपि एक वैज्ञानिक लिपि और व्यापक लिपि के नाम से भी जाना जाता हैं. और हमारे देश भारत में ऐसे बहुत सारे भाषाएँ उपलब्ध है जो देवनागरी से सामान होती है. इस लिपि की भाषाएँ इस प्रकार हैं: संस्कृत, पाली, हिंदी, मराठी, कोंकणी, सिंधी, कश्मीरी, हरियाणवी, डोगरी, खास, नेपाल भाषा आदि. Hindi Aur Sanskrit Bhasha Ki Lipi Kya Hai – जैसा कि आपको बताया कि हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी लिपि है, ठीक वैसे ही संस्कृत भाषा देवनागरी और ब्राह्मी दोनों में लिखी जाती है लेकिन इसकी लिपि ब्राह्मी मानी जाती है. और देवनागरी लिपि लिखी जाने वाली हिंदी भाषा को Google translate की मदद से किसी अन्य भाषा जैसे अंग्रेजी, मैथली, उर्दू, फर्शी और अन्य भाषाओं में परिवर्तित किया जा सकता हैं. Q1. हिंदी भाषा की लिपि का क्या नाम है? Ans- हिंदी भाषा की लिपि का नाम "देवनागरी " लिपि हैं. Q2. ऐसी कौन सी भाषाएं हैं जिन्हें लिखने के लिए देवनागरी का इस्तेमाल करना पड़ता है? देवनागरी लिपि में कई भाषाएँ लिखी जाने वाली भाषा कुछ इस प्रकार हैं. मराठी Sanskrit हिंदी Kashmiri Avdhi Kannouji Kangdi कोया खड़िया Garhwali आदि। Conclusion आपने समझा की "देवनागरी हिंदी भाषा की लिपि कहलाती है" और इसे नागरी लिपि, ब्राह्मी लिपि, और प्राचीन और वैज्ञानिक दृष्टी से पूर्ण लिपि भी कही जाती हैं. जिसे बाएं से दाएं की ओर लिखा और पढ़ा जाता हैं. इसका उच्चारण स्पष्ट और पूर्णत: सरल होता हैं. | ||
| शादी के बाद क्या आपने भी 'मां' को बताई है ये बातें, बिल्कुल न करें ये भूल Posted: 26 Jan 2022 03:54 AM PST शादी (Marriage) के बाद भी कुछ लड़कियां अपनी 'मां' के साथ इतनी ज्यादा क्लोज होती हैं कि वह उन्हें अपनी सारी बातें बताती हैं, लेकिन आपको बता दें कि ससुराल में जाने के बाद आपको कई बातों को ध्यान रखना चाहिए. ऐसे करने से शादीशुदा जिंदगी (married life) भी प्रभावित होती है, लेकिन इसका ये मतलब कतई नहीं है कि आप अपनी 'मां' को कुछ न बताएं. दरअसल, शादी के बाद कुछ ऐसी बातें होती है जो आप अपनी 'मां' से न ही शेयर करें तो बेहतर होता है. तो चलिए जानते हैं कि कौन-सी वो बातें हैं. मां को हर बात बताने की आपकी बचपन से ही आदत क्यों न हो, लेकिन शादी के बाद इसमें बदलाव लाना जरूरी है. कुछ चीजों को साझा करने से पहले आपको जरूर सोचना चाहिए. सभी बातें बताना नहीं है जरूरी शादी के शुरुआती दिनों में सभी 'मां' के मन में ये सवाल रहता है कि 'मेरी बेटी खुश तो है?' ऐसे में उन्हें अपने दिन के बारे में बताने में कोई हर्ज नहीं, लेकिन धीरे-धीरे लड़कियों को इस चीज में कमी करना जरूरी है. ऐसा इसलिए क्योंकि वह चीजों को तीसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण से देखेंगी. ऐसे में संभव है कि वह कुछ चीजों को लेकर आपत्ति दर्ज करें, जो आपके मन में भी शंका का बीज बो दे. फिर जब कभी आपके ससुराल में किसी भी बात को लेकर कुछ बाते उठे तो आपके मन में पहले ही मां द्वारा बताई गई बातें होगी, जिसका हिसाब से पहले भी आप छवि बना लेंगे. पति से झगड़ा होने पर ना बताएं दूसरा अगर अपके पति से झगड़ा होता है तो जरूरी नहीं ये सब बातें आप अपनी मां को बताएं. क्योंकि ऐसा कोई कपल नहीं है, जहां पर झगड़ा नहीं होता है. अगर छोटी-मोटी बात पर आपके बीच में बहस हुई है, तो इसे अपने घर पर शेयर न करें. हालांकि, अगर झगड़ा काफी गंभीर था या कुछ ऐसा हुआ हो, जिससे आप आहत हुई हों या चोट पहुंची हो, तो इसके बारे में मां को बताने से बिल्कुल भी झिझकें नहीं. सास की बातें न करें शादी के बाद अक्सर लड़कियां अपनी मां से अपनी सास के बारे में बहुत बातें करती हैं, लेकिन आपको बता दें कि सास के बारे में ज्यादा बातें अपनी मां से शेयर नहीं करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि आपकी और सास की अपनी एक आपसी समझ है. इसमें अगर तीसरा व्यक्ति अपनी सोच डालेगा, तो चीजें बिगड़ने की संभावना होती है. ससुराल की गॉसिप्स न करें शेयर जब अपने नए परिवार में जाती हैं तो सबके अपने गॉसिप्स होती हैं. इसका मतलब ये नहीं है कि आप अपने ससुराल की गॉसिप्स अपने मायके में मां के साथ शेयर करें.बेहतर तो यही है कि आप इस तरह की चर्चा से दूर ही रहें. हालांकि, दूसरों से जुड़ी गॉसिप्स को सुनने के लिए अगर आपको जबरन शामिल किया ही जाता है, तो बात को वहीं सुनकर खत्म करें. न बताएं परिवार के राज शादी के बाद आप ससुराल की बेटी बन जाती हैं. यानी इस परिवार का हिस्सा. ऐसे में उस परिवार के राज किसी को न बताना आपकी जिम्मेदारी बनती है. ऐसे में हो सके तो अपनी मां से बिल्कुल भी अपने ससुराल के राज शेयर न करें. | ||
| गणेशजी के मस्तक पर क्यों लगाया गया हाथी का सिर? जानिए असल वजह Posted: 26 Jan 2022 03:52 AM PST हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. कहते हैं कि इनकी पूजा के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है. भगवान गणेश का एक नाम गजानन है. हाथी का मुख होने के कारण इनका नाम गजानन पड़ा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान गणेश का असली मस्तक कहां गया? इसका रहस्य पुराणों में बताया गया है. जानते हैं इस बारे में. पहली कथा पुराणों में गणेशजी के जन्म के बारे में दो कथाओं का वर्णन मिलता है. पहली कथा के मुताबिक गणेशजी के जन्म के समय इंद्र सहित सभी देवी-देवता उपस्थित हुए. इसी क्रम में शनिदेव भी वहां पहुंत गए. मान्यता है कि शनि देव जहां पहुंच जाते हैं वहां अनिष्ट होना निश्चित होता है. गणेशजी पर शनि की दृष्टि पड़ने के कारण उनका मस्तक अलग होकर चंद्रमंडल में चला गया. इसके बाद भगवान शिव ने गणेशजी को मुख पर गज यानि हाथी का सिर लगा दिया. दूसरी कथा दूसरी कथा के अनुसार माता पार्वती अपने शरीर के मैल से गणेश का स्वरूप बनाया. जब माता पर्वती स्नान के लिए गईं, तब तक के लिए गणेशजी को द्वार पर पहरा देने के लिए खड़ा कीं. इस बीच भगवान शंकर वहां आ गए और द्वार में प्रवेश करने लगे. तब गणेशजी ने उन्हें अंदर जाने से रोका. इस पर भगवान शिव ने अनजाने में कुपित होकर श्रीगणेश का मस्तक काट दिया, जो चंद्र लोग चला गया. इस पर मां पर्वती रुष्ट हो गईं. रुष्ट पार्वती को मनाने के लिए भगवान शिव ने कटे मस्तक के स्थान पर गजमुख लगा दिया. मान्यता है कि भगवान गणेश का असल मस्तक चंद्रमंडल में है. | ||
| अब आंगनबाडी से गर्भवती महिलाओँ को मिलेंगे सीधे खाते में 5000 रुपये, आज ही दर्ज करवाएं अपना नाम Posted: 26 Jan 2022 03:50 AM PST Pradhan Mantri Matritva Vandana Yojana : महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। दरअसल महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Pradhan Mantri Matritva Vandana Yojana) के तहत सहायता राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। उपायुक्त ने बताया कि महिला व उसका शिशु स्वस्थ रहे, इस उद्देश्य को लेकर इस योजना को राज्य सरकार ने शुरू किया है। इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए कैथल के उपायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि किसी भी परिवार में पहली बार गर्भवती हुई महिला को अच्छा स्वास्थ्य और सही खान-पान देने के लिए सरकार द्वारा किश्तों में सहायता राशि उक्त योजना के तहत प्रदान की जाती है। उन्होंने इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Pradhan Mantri Matritva Vandana Yojana) का लाभ अवश्य उठाना चाहिए। प्रदीप दहिया ने बताया कि योजना के तहत पांच हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसमें पहली किश्त एक हजार रुपये की है। दूसरी किश्त दो हजार रुपये की व तीसरी किश्त भी दो हजार रुपये की निर्धारित की गई है। इसके साथ ही उपायुक्त प्रदीप दहिया ने यह भी बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई है और लाभार्थी के पास आवश्यक दस्तावेज भी होने चाहिए। शर्तों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गर्भवती महिला का किसी भी सरकारी स्वास्थ्य इकाई में 150 दिनों के भीतर पंजीकरण पत्र (Registration Letter) आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करवाने पर पहली किश्त का भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही उक्त महिला के पास आवेदन प्रपत्र वन ए, एमसीपी कार्ड, पहचान प्रमाण पत्र, बैंक, पोस्ट आफिस अथवा अकाउंट पासबुक का होना भी जरूरी है। उपायुक्त ने बताया कि इसी प्रकार 2000 रुपये की दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच होने के दावों को गर्भावस्था से 180 दिन बाद दस्तावेजों के साथ जमा करवाना होगा और इसके साथ ही आवेदन प्रपत्र एक बी तथा एनसीपी कार्ड भी लगाना होगा। उन्होंने कहा कि दो हजार रुपये की तीसरी किश्त प्राप्त करने के लिए शिशु जन्म का पंजीकरण (Registration) करवाना जरूरी है। इसके साथ शिशु को प्रथम चक्र बीसीजी, ओबीपी, डीपीटी एवं हेपेटाइटिस बी अथवा समकक्ष का टीकाकरण करवाने के बाद दस्तावेजों के साथ जमा करवाने पर भुगतान किया जाएगा। | ||
| पुलिस कांस्टेबल के 4000 पदों को बढाकर किया 6000, फटाफट देखें अपडेट Posted: 26 Jan 2022 03:45 AM PST MP Police Constable Recruitment Exam 2021-2022: एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। शिवराज सरकार ने वर्तमान में चल रही एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती में पदों की संख्या 4000 से बढ़ाकर 6000 करने का फैसला लिया है। इस फैसले की जानकारी एमपी सरकार के प्रवक्ता और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को दी। उन्होंने कहा, ' मध्य प्रदेश में पुलिस और रेडियो आरक्षक भर्ती में पदों की संख्या को 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार कर दिया गया है। सभी भर्तियां एमपी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ( MPPEB ) के माध्यम से की जाएंगी।' आपको बता दें कि एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती कंप्यूटर बेस्ड लिखित परीक्षा 8 जनवरी से रोजाना दो-दो शिफ्टों में राज्य के 13 शहरों में जारी है। यह 17 फरवरी तक चलेगी। सरकार की ओर से बताया गया है कि कुल 12,72,305 अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी किए गए हैं। इसके अलावा गृह मंत्री ने बताया कि गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर 215 बंदियों को रिहा करने का निर्णय प्रदेश सरकार ने लिया है। जिनमें 210 पुरुष और 5 महिला बंदी शामिल हैं। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने एमपी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षाओं को लेकर कुछ दिन पहले बड़ा फैसला लिया था। इस फैसले के तहत अब शासकीय सेवा में कार्यरत विभिन्न वर्गों के उम्मीदवारों को एमपीपीईबी की भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी और साथ ही अतिरिक्त अंक भी मिलेंगे। एमपी सरकार के प्रवक्ता और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि शासकीय सेवा में कार्यरत विभिन्न वर्गों के ऐसे उम्मीदवार जो प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल होते हैं, उन्हें परीक्षा में 5 फीसदी अतिरिक्त अंक प्रदान करने और अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष निर्धारित किये जाने का निर्णय कैबिनेट ने लिया है। | ||
| India vs Sri Lanka: श्रीलंका चाहता है शेड्यूल में बदलाव, टेस्ट सीरीज से पहले टी20 खेले भारत Posted: 26 Jan 2022 12:29 AM PST फरवरी के अंत में शुरू होने वाले श्रीलंका के भारतीय दौरे में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं. मौजूदा शेड्यूल के हिसाब से सीरीज की शुरुआत 25 फरवरी से टेस्ट मैचों से होनी है. अब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने BCCI से इस सीरीज की शुरुआत टेस्ट सीरीज की बजाए टी-20 सीरीज से करने की सिफारिश की है. दरअसल, मौजूदा शेड्यूल के हिसाब से 2 टेस्ट मुकाबलों के बाद 13 मार्च से दोनों टीमों के बीच टी-20 सीरीज की शुरुआत होनी है. इसलिए की दौरे में बदलाव की मांग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड के सूत्र ने जानकारी दी है कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की तरफ से एक अनुरोध आया है जिसमें उन्होंने टेस्ट सीरीज की बजाए टी-20 सीरीज से दौरे की शुरुआत करने की मांग रखी है. श्रीलंका को 11 फरवरी से 20 फरवरी तक ऑस्ट्रेलिया में 5 मुकाबलों की टी-20 सीरीज खेलनी है. श्रीलंकाई बोर्ड ने इस सीरीज को ध्यान में रखते हुए BCCI से यह अनुरोध किया है. श्रीलंका बोर्ड के मुताबिक उन्हें टी-20 सीरीज से शुरुआत करने में ऑस्ट्रेलिया और इंडिया दोनों देशों के कोरोना नियमों और आइसोलेशन के बीच सामंजस्य बिठाने में आसानी रहेगी. Sri Lanka tour of India, 2022 schedule, live scores and results... तो मैच वेन्यू भी बदल जाएंगे मौजूदा शेड्यूल के हिसाह टी-20 सीरीज 13 मार्च से मोहाली में शुरू होनी है. बाकी के दो मुकाबले 15 मार्च को धर्मशाला और 18 मार्च को लखनऊ में खेले जाएगा. अगर BCCI श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अनुरोध को मान लेती है तो पूरे दौरे के शेड्यूल में बदलाव होगा और मौजूदा कोविड-19 की तीसरी लहर को देखते हुए होस्ट शहरों में भी परिवर्तन हो सकता है. कोविड-19 की तीसरी लहर को देखते हुए ही BCCI ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज को भी सिर्फ 2 शहरों तक सीमित कर दिया है. West Indies tour of India, 2022 schedule, live scores, and results West Indies tour of India, 2022 · Feb 05, Sat · India vs West Indies · Feb 08, Tue · India vs West Indies · Feb 10, Thu · India vs West Indies · Feb 16, Wed · India vs ... India vs West Indies ODI 1 of 3 Sun, 6 Feb, 1:00 pm: INDvs WI ODI 2 of 3 Wed, 9 Feb, 1:00 pm: INDvs WI ODI 3 of 3 11 Feb, 1:00 pm: INDvs WI India vs west indies tour 2022: 6 फरवरी से शुरू हो रही वेस्टइंडीज सीरीज के तीनों वनडे मुकाबले अहमदाबाद में स्थित नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे. वहीं, सीरीज के तीनों वनडे मुकाबले कोलकाता में खेले जाने हैं. टी-20 सीरीज की शुरुआत 16 फरवरी से होगी. | ||
| बिहार: स्कूल में तिरंगा फहराने के दौरान हादसा, पाइप में करंट से एक बच्चे की मौत, कई झुलसे Posted: 26 Jan 2022 12:05 AM PST बिहार के बक्सर में झंडा फहराने के दौरान बड़ा हादसा हुआ है. करंट लगने से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे बुरी तरह घायल हो गए हैं. घायलों का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है. बक्सर के नाथूपुर प्राथमिक विद्यालय में उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब झंडा फहराने के दौरान करंट की चपेट में स्कूल के बच्चे आ गए, जिसमें एक बच्चे की मौत हो चुकी है जबकि 4 बच्चे बुरी तरह घायल हैं. उनका इलाज बक्सर सदर हॉस्पिटल में किया जा रहा है. इस घटना की जानकारी देते हुए बच्चों के परिवार वालों ने बताया कि बच्चे स्कूल में झंडा फहराने के लिए पहुंचे हुए थे, तभी झंडे वाले पाइप में करंट आ गया, जिसकी चपेट में स्कूली बच्चे आ गए. वहीं डॉक्टरों की माने तो हॉस्पिटल में आए इन बच्चों में से एक की मौत हो चुकी है जबकि अन्य बच्चों का इलाज किया जा रहा है. इस घटना के बाद जिले में हड़कंप मच चुका है, वही बच्चों के परिवार वालों का रो-रो कर बहुत बुरा हाल है. स्थानीय प्रशासन के आला-अफसर मौके पर पहुंच गए हैं और बच्चों के समुचित इलाज के लिए व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा पूरे मामले की जांच भी की जा रही है कि आखिर पाइप में करंट कैसे आया? गौरतलब है कि आज गणतंत्र दिवस के मौके पर देश के सभी स्कूलों पर झंडारोहण का आयोजन किया गया. बच्चे तिरंगा फहराने के लिए स्कूल पहुंचे थे. झंडारोहण से पहले बच्चों ने जब झंडे वाला पाइप छुआ तो उन्हें झटका लगा. इस दौरान एक बच्चे की मौत हो गई और कई घायल हो गए. घायल बच्चों से मिलने पहुंच रहे हैं नेता इस हादसे की खबर पाकर पूर्व मंत्री संतोष निराला और कांग्रेस विधायक विश्वनाथ राम सदर अस्पताल पहुंच गए और बच्चों के परिजनों से हाल चाल लिया. वहीं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री संतोष निराला ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है. फिलहाल हादसे में घायल हुए बच्चों की स्थिति सामान्य है. कांग्रेस विधायक विश्वनाथ राम ने कहा है कि यह मामला बिजली विभाग की घोर लापरवाही का है और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. | ||
| Republic Day 2022: राजपथ बना 'शक्तिपथ', जमीन से आसमान तक दिखी भारत के सैन्य और संस्कृति की झलक Posted: 26 Jan 2022 12:01 AM PST Republic Day 2022: 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस एक ऐसा ही दिन है, जो देश का राष्ट्रीय पर्व है. देश का हर नागरिक चाहे वह किसी धर्म, जाति या संप्रदाय से ताल्लुक रखता हो, इस दिन को राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत होकर मनाता है. इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ. भारत को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी तो मिल गई थी, लेकिन 26 जनवरी 1950 को भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित हुआ. 73वें गणतंत्र दिवस के मौके पर आज राजधानी दिल्ली में राजपथ पर भारत की सैन्य शक्ति के साथ ही सांस्कृतिक झलक और परंपरागत विरासत की झांकी पेश की गई. पीएम मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर देश के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. साल 1971 और इसके पहले और बाद के युद्धों सहित सभी युद्धों के समस्त भारतीय शहीदों के नाम राष्ट्रीय समर स्मारक में अंकित किए गए हैं. स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री ने वहां डिजिटल आगंतुक पुस्तिका पर अपना संदेश भी लिखा. परम वीर चक्र, अशोक चक्र विजेताओं के मार्च पास्ट के साथ हुई परेड की शुरुआत परेड की शुरुआत परमवीर चक्र और अशोक चक्र वीरता पुरस्कार विजेताओं के साथ हुई. ये सभी जीपों पर सवार होकर परेड में शामिल हुए. करगिल युद्ध (1999) में असाधारण बहादुरी दिखाने के लिए भारत का सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र पाने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर योगेंद्र सिंह यादव तीन जीपों में से पहली में सवार थे. यादव को पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर मानद कैप्टन के पद से नवाजा गया था. करगिल युद्ध के दौरान असाधारण बहादुरी दिखाने के लिए परमवीर चक्र पाने वाले सूबेदार संजय कुमार दूसरी जीप पर सवार थे. कर्नल डी श्रीराम कुमार तीसरी जीप में सवार थे, जिन्हें 23 अक्टूबर 2008 को इम्फाल में आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान असाधारण बहादुरी दिखाने के लिए भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है. गणतंत्र दिवस परेड पर पहली मार्चिंग टुकड़ी भारतीय सेना की 61 'कैवेलरी रेजीमेंट' के घुड़सवार सैनिक का दल बुधवार को गणतंत्र दिवस परेड की पहली मार्चिंग टुकड़ी रहा. इस दल का नेतृत्व मेजर मृत्युंजय सिंह चौहान ने किया. यह वर्तमान में दुनिया में सक्रिय एकमात्र घुड़सवार इकाई है। 61 'कैवेलरी रेजीमेंट' का गठन 1953 में सभी राज्यों की अश्व इकाइयों को मिलाकर किया गया था. नौसेना की झांकी में 1946 के विद्रोह को दर्शाया गया परेड में भारतीय नौसेना की झांकी में 1946 के नौसैनिक विद्रोह को दर्शाया गया, जिसने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया था. इसकी मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व एक महिला अधिकारी ने किया. गौरतलब है कि 18 फरवरी, 1946 को रॉयल इंडियन नेवी के 'तलवार' जहाज पर सवार नौसैनिकों द्वारा विद्रोह शुरू किया गया था और बाद में 78 जहाज इसका हिस्सा बन गए. परेड में नौसैनिक दल में 96 पुरुष, तीन प्लाटून कमांडर और एक टुकड़ी कमांडर शामिल थे. इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर आंचल शर्मा ने किया. वायुसेना की झांकी का हिस्सा बनीं भारत की पहली महिला राफेल विमान पायलट राजपथ पर परेड में निकली वायु सेना की झांकी में देश की पहली महिला राफेल लड़ाकू विमान पायलट शिवांगी सिंह ने भी भाग लिया. वह वायु सेना की झांकी का हिस्सा बनने वाली दूसरी महिला लड़ाकू विमान पायलट हैं. पिछले साल फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ वायु सेना की झांकी का हिस्सा बनने वाली देश की पहली महिला लड़ाकू विमान पायलट थीं. वाराणसी से ताल्लुक रखने वाली शिवांगी सिंह 2017 में वायु सेना में शामिल हुई थीं और महिला लड़ाकू विमान पायलटों के वायु सेना के दूसरे बैच में शामिल हुईं. राफेल उड़ाने से पहले वह मिग-21 बाइसन विमान उड़ाती रही हैं. विभिन्न राज्यों, विभागों और सशस्त्र बलों की 25 झांकियां दिखाई गईं इस के अवसर पर यहां परेड के दौरान गुजरात की झांकी में 1,200 आदिवासियों के भीषण नरसंहार से ब्रिटेन द्वारा कुचल दिए गए भील बहुल साबरकांठा के एक सदी पुराने विद्रोह को दर्शाया गया. गुजरात सरकार की झांकी में ब्रिटेन द्वारा लगाए गए अत्यधिक लगान और जबरन मजदूरी कराए जाने के खिलाफ विरोध करने वाले पाल और दधवाव गांवों के आदिवासियों और इसके बाद ब्रितानी सेना द्वारा की गई अंधाधुंध गोलीबारी की घटना को दर्शाया गया. परेड के दौरान विभिन्न राज्यों, विभागों और सशस्त्र बलों की 25 झांकियां दिखाई गईं. राजपथ पर वायुसेना के विमानों की गर्जना तमाम झांकियों के बाद भारतीय एयरफोर्स की ताकत देखने को मिली. राजपथ के ऊपर जब एयरफोर्स के लड़ाकू विमान आए तो पूरा आसमान गूंजने लगा. वायुसेना की गर्जना देख लोगों के रौंगटे खड़े हो गए. अलग-अलग फॉर्मेशन देख लोग हुए खुश राजपथ पर वायुसेना के कई विमानों ने अपने करतब दिखाए. एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने अलग-अलग फॉर्मेशन बनाए. जिसमें राफेल, सुखोई, जगुआर , एमआई-17 और अपाचे हेलीकॉप्टर नजर आए. फॉर्मेशन की अगर बात करें तो मेघना, एकलव्य, बाज, तिरंगा, विजय और सबसे खास अमृत फॉर्मेशन रहा. जिसमें कई विमान एक साथ नजर आए. आखिर में एयरफोर्स के 75 एयरक्राफ्ट्स ने एक साथ फ्लाई पास्ट किया. | ||
| हिमाचल: जंगल में शिकार समझकर अपने साथियों पर ही बरसा दी गोलियां, 1 की मौत व 1 गंभीर Posted: 25 Jan 2022 11:51 PM PST Himachal Hunters Firing In forest, जिला सिरमौर के पांवटा साहिब उपमंडल के सैनवाला के जंगल में फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। घायल को गंभीर अवस्था में मेडिकल कालेज नाहन रेफर किया गया है। सूचना मिलते ही डीएसपी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पांवटा साहिब के सेनवाला के जंगल में मंगलवार देर रात को तीन लोग जंगल में शिकार करने गए हुए थे। इस दौरान रामेश्वर व गीताराम जंगल में एक साथ खड़े थे तथा एक व्यक्ति उनके विपरीत बंदूक के साथ खड़ा था। जगन्नाथ को जैसे ही सामने से कोई आवाज आई, तो उसने जानवर समझ कर उन पर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में रामेश्वर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गीताराम गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोग जंगल में पहुंच गए, तो देखा की रामेश्वर व गीताराम खून से लथपथ झाड़ियों में पड़े हुए थे। पास जाकर देखा, तो रामेश्वर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गीताराम को गंभीर अवस्था में 108 एंबुलेंस की सहायता से मेडिकल कालेज नाहन ले जाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पांवटा साहिब के डीएसपी वीर बहादुर मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। उधर पांवटा साहिब के डीएसपी वीर बहादुर ने मामलेे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई है तथा एक गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस ने जगन्नाथ को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। |
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