दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- काशी सिंह ऐरी का सियासत से मोहभंग
- वैष्णव देवी की शरण में पहुंचे सिद्धू
- खुद के लिए भाजपा, पति के लिए कांग्रेस
- सरस्वती पूजा का पर्व है बसन्त पंचमी
- आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का आधार
- राहुल की राजनीतिक अपरिपक्वता
- चीन के 38 जवान बह गये थे बर्फीली नदी में
- अमेरिका में कोरोना संक्रमण 52 फीसद घटा
- यूक्रेन की सीमा पर सैन्य साजो-सामान का जमावड़ा
- पाक सेना पर हमला, सौ मारे गये
- मुख्यमंत्री के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा विभाग ने दिया प्रस्तुतीकरण
- शुक्रवार, फरवरी 4, 2022 का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- कैसे करें घर पर सरस्वती पूजा?
- ८ फरवरी को है भगवान भुवन भास्कर का जन्मोत्सव कैसे करे रथ सप्तमी व्रत की पूजा? क्या है विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व| कैसे आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ से होता है हृदय मजबूत?
- क्राइम संस्पेंस थ्रिलर फिल्म फ्रॉड हुआ रिलीज
- क्यों मुफ्त माल की बात करें,
- बहुमूल्य है कॉलेज परिसर में प्राप्त पंचमुखी शिव प्रतिमा
- जीकेसी ने किया नेत्रहीन बच्चों के बीच कंबल, मास्क, सैनिटाइजर वितरण
- डॉक्टर बी पी सिंह बने आईजीआईएमएस के एसोसिएट डीन|
- अलायंस क्लब अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ दयाशंकर जांगिड़ ने किया मंदाकिनी एक काव्य तरंग साझा संकलन का विमोचन
- वर्ल्ड कैंसर डे: क्लोज़िंग द केयर गैप (Tentative)
- रक्षागृह मामले में संज्ञान लेकर हाई कोर्ट ने महिलाओं की सम्मान की रक्षा की है- माया श्रीवास्तव
| काशी सिंह ऐरी का सियासत से मोहभंग Posted: 03 Feb 2022 07:25 AM PST काशी सिंह ऐरी का सियासत से मोहभंग
उत्तराखंड बनने से पहले यूपी के दौर से पहाड़ की सियासत में एक नाम जो सबसे अधिक चर्चित रहा, वो है काशी सिंह ऐरी। राज्य की क्षेत्रीय राजनीति में अहमियत रखने वाले उत्तराखंड क्रांति दल के नेता ऐरी को एक दौर में उत्तराखंड का पर्याय समझा जाता था, लेकिन अब ऐरी का चुनावी राजनीति से पूरी तरह मोहभंग हो चुका है। 37 साल के इतिहास में ये पहला मौका है, जब उत्तराखंड के चुनावी रण में ऐरी नहीं दिखाई देंगे। एक दौर था, जब उत्तराखंड से बाहर पहाड़ के जिन गिने-चुने नेताओं को जाना जाता था, उनमें अहम नाम काशी सिंह ऐरी का था। ऐरी ने यूपी के दौर में डीडीहाट विधानसभा से यूकेडी के बैनर तले 1985 में पहली बार विधायक का चुनाव जीता। फिर 1989 और 1993 में भी वह विधायक बने। तब ऐरी की लोकप्रियता ये थी कि अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोकसभा से सांसद का चुनाव वह सिर्फ 9000 वोटों से हारे थे जबकि इसी चुनाव में बीजेपी के कद्दावर नेता भगत सिंह कोश्यारी को सिर्फ 36,000 वोट मिले थे। अब हालात ये हैं कि ऐरी ने खुद को चुनावी राजनीति से दूर कर लिया है। ऐरी कहते हैं कि वर्तमान राजनीतिक हालात उन जैसे नेताओं के लिए मुफीद नही रह गए। वह कहते हैं, 'अब चुनावों में पैसों का बोलबाला है और हम पैसों के पीछे कभी नहीं भागे।' ऐरी के मुताबिक उन जैसे नेताओं ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन अब नतीजा ये है कि बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में वह खुद को फिट नहीं पा रहे हैं। उत्तराखंड राज्य बनाने में ऐरी की बड़ी भूमिका रही थी, लेकिन राज्य बनने के बाद ऐरी सिर्फ एक बार ही कनालीछीना सीट से विधायक बन पाए। 2007 में ऐरी की हार का जो सिलसिला शुरू हुआ, उनके चुनावी राजनीति से दूर होने पर ही रुका। 2007 के चुनाव में ऐरी 8438 वोट लेकर रनर-अप रहे जबकि 2012 में धारचूला सीट पर 6685 वोट के साथ तीसरे नंबर पर खिसक गए। बीता चुनाव ऐरी ने फिर डीडीहाट से लड़ा, लेकिन तब उन्हें सिर्फ 2896 वोट मिले। हालात ये रहे जिस सीट पर यूपी के दौर में ऐरी का सिक्का चलता था, वहीं वह चैथे स्थान पर जा पहुंचे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| वैष्णव देवी की शरण में पहुंचे सिद्धू Posted: 03 Feb 2022 07:23 AM PST वैष्णव देवी की शरण में पहुंचे सिद्धू
पंजाब में मुख्यमंत्री चेहरे के लिए लोगों की राय ली जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने जम्मू में वैष्णो देवी मंदिर पहुंचे। दरअसल, आम आदमी पार्टी की तर्ज पर कांग्रेस भी पिछले कुछ दिनों से आईवीआर (इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस) कॉल के माध्यम से जनता की प्रतिक्रिया एकत्र कर रही है। वहीं सुगबुगाहट है कि मुख्यमंत्री पद के लिए चरणजीत सिंह चन्नी पार्टी की पंसद हैं। सिद्धू ने अपने एक वीडियो के साथ ट्वीट किया और लिखा, स्वर्ग जैसी जगह में गर्मजोशी, प्यार और स्नेह दिल को छू लेने वाला है। इससे पहले उन्होंने हेलिकॉप्टर के सामने अपनी यात्रा की घोषणा करते हुए एक तस्वीर ट्वीट की थी। उन्होंने लिखा था, माता वैष्णो देवी जाते हुए। धर्म के इस पथ पर दिव्य माता की शाश्वत कृपा ने हमेशा मेरी रक्षा की है। आशीर्वाद के लिए उनके चरण कमलों पर। दुस्टां दा विनाश कर, पंजाब दा कल्याण कर। सच धर्म दी स्थापना कर। कांग्रेस की ओर से आईवीआर कॉल पंजाबी में एक रिकॉर्डेड संदेश बजाती है, जो सुनने वालों को तीन विकल्पों में से वोट देने के लिए एक बटन दबाने के लिए कहती है। चरणजीत सिंह चन्नी का नाम पहले नंबर पर रखा गया है, उसके बाद नवजोत सिद्धू का नाम है। तीसरा विकल्प पूछता है कि क्या कांग्रेस को मुख्यमंत्री के चेहरे के बिना चुनाव लड़ना चाहिए। सिद्धू ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि पार्टी को उम्मीदवार घोषित करना चाहिए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| खुद के लिए भाजपा, पति के लिए कांग्रेस Posted: 03 Feb 2022 07:20 AM PST खुद के लिए भाजपा, पति के लिए कांग्रेस
कांग्रेस की पूर्व विधायक अदिति सिंह ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में अपने पति को पार्टी का टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर हमला बोला। रायबरेली की पूर्व विधायक अदिति सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया है और पार्टी की उम्मीदवार भी हैं। उनके पति अंगद सिंह सैनी, जो पंजाब के नवांशहर विधानसभा के वर्तमान कांग्रेस विधायक हैं, उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया है जिसके चलते उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है। अदिती सिंह कहती हैं मैं अकेली महिला लड़ रही हूं। दूसरी तरफ वो मेरे पति पर दबाव डालती हैं कि अगर टिकट चाहते हैं तो मेरे खिलाफ बोलें। सिंह ने आरोप लगाया, अगर वह महिलाओं का समर्थन करती हैं तो उन्होंने इस वजह से मेरे पति को टिकट देने से इनकार क्यों किया? वह लगातार मुझे परेशान करने की कोशिश करती हैं। अंगद सिंह सैनी ने पार्टी ने मुझे टिकट देने से इनकार कर दिया है और मुझे कुछ ऐसा करने के लिए मजबूर कर रही है जो मेरे सिद्धांतों के खिलाफ है। मैंने निर्दलीय के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है। सतवीर सिंह पल्ली झिक्की इस बार इस सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। अदिति सिंह, संभवतः दो नावों पर सवारी करना चाहती थी। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में 10 फरवरी से 7 मार्च तक मतदान होगा। वहीं पंजाब में एक ही चरण में 20 फरवरी को वोटिंग होगी। दोनों राज्यों के वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| सरस्वती पूजा का पर्व है बसन्त पंचमी Posted: 03 Feb 2022 07:18 AM PST सरस्वती पूजा का पर्व है बसन्त पंचमी(रमेश सर्राफ धमोरा-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) बसन्त उत्तर भारत तथा समीपवर्ती देशों की छह ऋतुओं में से एक ऋतु है, जो फरवरी, मार्च और अप्रैल के मध्य इस क्षेत्र में अपना सौंदर्य बिखेरती है। माना गया है कि माघ महीने की शुक्ल पंचमी से बसन्त ऋतु का आरंभ होता है। फाल्गुन और चैत्र मास बसन्त ऋतु के माने गए हैं। फाल्गुन वर्ष का अंतिम मास है और चैत्र पहला। इस प्रकार हिंदू पंचांग के वर्ष का अंत और प्रारंभ बसन्त में ही होता है। इस ऋतु के आने पर सर्दी कम हो जाती है। मौसम सुहावना हो जाता है। पेड़ों में नए पत्ते आने लगते हैं। खेत सरसों के फूलों से भरे पीले दिखाई देते हैं। अतः राग रंग और उत्सव मनाने के लिए यह ऋतु सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। बसन्त पंचमी का दिन सरस्वती जी की साधना को अर्पित ज्ञान का त्योहार है। इस दिन पूरे देश में विद्या की देवी माँ सरस्वती की बड़े उल्लास के साथ पूजा की जाती है। इस दिन स्त्रियां पीले वस्त्र धारण करती हैं। शास्त्रों में भगवती सरस्वती की आराधना व्यक्तिगत रूप में करने का विधान है किंतु आजकल सार्वजनिक पूजा-पाण्डालों में देवी सरस्वती की मूर्ति स्थापित कर पूजा करने का रिवाज चल पड़ा है। बसन्त पंचमी के पर्व से ही बसंत ऋतु का आगमन होता है। शांत, ठंडी, मंद वायु, कटु शीत का स्थान ले लेती है तथा सब को नवप्राण व उत्साह से स्पर्श करती है। बसन्त ऋतु तथा पंचमी का अर्थ है शुक्ल पक्ष का पांचवां दिन। अंग्रेजी कलेंडर के अनुसार यह पर्व जनवरी-फरवरी तथा हिन्दू तिथि के अनुसार माघ के महीने में मनाया जाता है। भारत में पतझड़ ऋतु के बाद बसन्त ऋतु का आगमन होता है। हर तरफ रंग-बिरंगें फूल खिले दिखाई देते हैं। इस समय गेहूं की बालियां भी पक कर लहराने लगती हैं जिन्हें देखकर किसान हर्षित होते हैं। चारों ओर सुहाना मौसम मन को प्रसन्नता से भर देता है। इसीलिये वसन्त ऋतु को सभी ऋतुओं का राजा अर्थात ऋतुराज कहा गया है। इस दिन भगवान विष्णु, कामदेव तथा रति की पूजा की जाती है। इस दिन ब्रह्माण्ड के रचयिता ब्रह्मा जी ने सरस्वती जी की रचना की थी। इसलिए इस दिन देवी सरस्वती की पूजा भी की जाती है। बसन्त पंचमी का दिन भारतीय मौसम विज्ञान के अनुसार समशीतोष्ण वातावरण के प्रारंभ होने का संकेत है। मकर सक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण प्रस्थान के बाद शरद ऋतु की समाप्ति होती है। हालांकि विश्व में बदलते मौसम ने मौसम चक्र को बिगाड़ दिया है पर सूर्य के अनुसार होने वाले परिवर्तनों का उस पर कोई प्रभाव नहीं है। हमारी संस्कृति के अनुसार पर्वों का विभाजन मौसम के अनुसार ही होता है। इन पर्वो पर मन में उत्पन्न होने वाला उत्साह स्वप्रेरित होता है। सर्दी के बाद गर्मी और उसके बाद बरसात फिर सर्दी का बदलता क्रम देह में बदलाव के साथ ही प्रसन्नता प्रदान करता है। ग्रंथों के अनुसार देवी सरस्वती विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी हैं। अमित तेजस्विनी व अनंत गुणशालिनी देवी सरस्वती की पूजा-आराधना के लिए माघमास की पंचमी तिथि निर्धारित की गयी है। बसन्त पंचमी को इनका आविर्भाव दिवस माना जाता है। ऋग्वेद में सरस्वती देवी के असीम प्रभाव व महिमा का वर्णन है। मां सरस्वती विद्या व ज्ञान की अधिष्ठात्री हैं। कहते हैं जिनकी जिव्हा पर सरस्वती देवी का वास होता है, वे अत्यंत ही विद्वान व कुशाग्र बुद्धि होते हैं। सभी शुभ कार्यों के लिए बसन्त पंचमी के दिन अत्यंत शुभ मुहूर्त माना गया है। बसन्त पंचमी को अत्यंत शुभ मुहूर्त मानने के पीछे अनेक कारण हैं। यह पर्व अधिकतर माघ मास में ही पड़ता है। माघ मास का भी धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। इस माह में पवित्र तीर्थों में स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। दूसरे इस समय सूर्यदेव भी उत्तरायण होते हैं। इसलिए प्राचीन काल से बसन्त पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है अथवा कह सकते हैं कि इस दिन को सरस्वती के जन्म दिवस के रुप में मनाया जाता है। चूंकि बसन्त पंचमी का पर्व इतने शुभ समय में पड़ता है, अतः इस पर्व का स्वतः ही आध्यात्मिक, धार्मिक, वैदिक आदि सभी दृष्टियों से अति विशिष्ट महत्व परिलक्षित होता है। प्राचीन कथाओं के अनुसार ब्रह्मा जी ने विष्णु जी के कहने पर सृष्टि की रचना की थी। एक दिन वह अपनी बनाई हुई सृष्टि को देखने के लिए धरती पर भ्रमण करने के लिए आए। ब्रह्मा जी को अपनी बनाई सृष्टि में कुछ कमी का अहसास हो रहा था। लेकिन वह समझ नहीं पा रहे थे कि किस बात की कमी है। उन्हें पशु-पक्षी, मनुष्य तथा पेड़-पौधे सभी चुप दिखाई दे रहे थे। तब उन्हें आभास हुआ कि क्या कमी है। वह सोचने लगे कि ऐसा क्या किया जाए कि सभी बोले और खुशी में झूमें। ऐसा विचार करते हुए ब्रह्मा जी ने अपने कमण्डल से जल लेकर कमल पुष्पों तथा धरती पर छिड़का। जल छिडकने के बाद श्वेत वस्त्र धारण किए हुए एक देवी प्रकट हुई। इस देवी के चार हाथ थे। एक हाथ में वीणा, दूसरे हाथ में कमल, तीसरे हाथ में माला तथा चतुर्थ हाथ में पुस्तक थी। ब्रह्मा जी ने देवी को वरदान दिया कि तुम सभी प्राणियों के कण्ठ में निवास करोगी। सभी के अंदर चेतना भरोगी, जिस भी प्राणी में तुम्हारा वास होगा वह अपनी विद्वता के बल पर समाज में पूज्यनीय होगा। ब्रह्मा जी ने कहा कि तुम्हें संसार में देवी सरस्वती के नाम से जाना जाएगा। ब्रह्मा जी ने देवी सरस्वती को वरदान देते हुए कहा कि तुम्हारे द्वारा समाज का कल्याण होगा इसलिए समाज में रहने वाले लोग तुम्हारा पूजन करेगें। कडकड़ाती ठंड के बाद बसंत ऋतु में प्रकृति की छटा देखते ही बनती है। पलाश के लाल फूल, आम के पेड़ों पर आए बौर, हरियाली और गुलाबी ठंड मौसम को सुहाना बना देती है। यह ऋतु सेहत की दृष्टि से भी बहुत अच्छी मानी जाती है। मनुष्यों के साथ पशु-पक्षियों में नई चेतना का संचार होता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। देश के कई स्थानो पर पवित्र नदियों के तट और तीर्थ स्थानों पर बसंत मेला भी लगता है। राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में तो बसंत पंचमी के दिन से ही लोग समूह में एकत्रित होकर रात में चंग ढफ बजाकर धमाल गाकर होली के पर्व का शुभारम्भ करते है। बसन्त पंचमी के दिन विद्यालयों में भी देवी सरस्वती की आराधना की जाती है। भारत के पूर्वी प्रांतों में घरों में भी विद्या की देवी सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की जाती है और वसन्त पंचमी के दिन उनकी पूजा की जाती है। उसके बाद अगले दिन मूर्ति को नदी में विसर्जित कर दिया जाता है। देवी सरस्वती को ज्ञान, कला, बुद्धि, गायन-वादन की अधिष्ठात्री माना जाता है। इसलिए इस दिन विद्यार्थी, लेखक और कलाकार देवी सरस्वती की उपासना विशेष रूप से करते हैं। विद्यार्थी अपनी किताबें, लेखक अपनी कलम और कलाकार अपने संगीत उपकरणांे और बाकी चीजें मां सरस्वती के सामने रखकर पूजा करते हैं। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का आधार Posted: 03 Feb 2022 07:16 AM PST आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का आधार(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) स्वतन्त्रता के पचहत्तर वर्ष होने पर अमृत महोत्सव का शुभारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत स्वतन्त्रता संग्राम के समस्त प्रसंगों के नए सिरे से स्मरण की योजना बनाई गई थी। इस दौरान अनेक उपेक्षित घटनाएं भी सकारात्मक रूप में उजागर हुई। इस प्रकार के सभी समारोह प्रेरणा दायक सिद्ध हुए। बड़ी संख्या में अनेक प्रकार की संस्थाओं ने इसमें योगदान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र की संकल्पना यहीं तक सीमित नहीं थी। उन्होंने इसमें शक्तिशाली व विकसित भारत के विचार को भी शामिल किया। इसमें भारत को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प था। अमृत काल में यह यात्रा भी प्रभावी रूप में आगे बढ़ रही है। गणतंत्र दिवस समारोह में भी इसकी झलक दिखाई दी। इस बार राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह अभूतपूर्व था। यह आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित था। पचहत्तर की संख्या राष्ट्रीय गौरव के अनुरूप गूंज रही थी। आत्मनिर्भर भारत का सैन्य प्रदर्शन इसके अनुरूप था। इसके बाद बीटिंग द रिट्रीट समारोह में भी अमृत महोत्सव की झलक थी। संसद के बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सेंट्रल हाल में सांसदों को संबोधित किया। उनके मंच पर भी पचहत्तर का अंक फूलों से सुशोभित था। राष्ट्रपति ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को रेखांकित किया था। इसके अगले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोक सभा में बजट पेश किया। इसमें भी अमृत महोत्सव व आत्मनिर्भर भारत की पृष्ठभूमि थी। कोरोना की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अन्य देशों की तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह बजट अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला है। सामान्य मानवी को प्रगति के नए अवसर उपलब्ध होंगे। बजट से बुनियादी ढांचा,निवेश,विकास, रोजगार की दिशा में बढ़ावा मिलेगा। ग्रीन जॉब्स का भी क्षेत्र और खुलेगा। हर गरीब के पास पक्का घर,नल से जल, शौचालय, गैस कनेक्शन उपलब्ध होगा। आधुनिक इंटरनेट कनेक्टिविटी सुगम होगी। हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट, ऐसे क्षेत्रों के लिए पहली बार देश में पर्वतमाला योजना शुरू की जा रही है। ये योजना पहाड़ों पर ट्रांसपोर्टेशन की आधुनिक व्यवस्था का निर्माण करेगी। मां गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके साथ ही उत्तराखंड,उत्तर प्रदेश, बिहार झारखंड, पश्चिम बंगाल में गंगा किनारे, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा। क्रेडिट गारंटी में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ ही कई अन्य योजनाओं का एलान किया गया है। रक्षा क्षेत्र के कैपिटल बजट का अड़सठ प्रतिशत घरेलू उद्योग के लिए सुरक्षित किया गया है। इसका लाभ भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग क्षेत्र को मिलेगा। किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प आगे बढ़ेगा। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। फसल मूल्यांकन,भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, कीटनाशकों और पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए किसान ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। सार्वजनिक क्षेत्र के अनुसंधान और कृषि के हितधारकों की भागीदारी के साथ किसानों के लिए पीपीपी मोड में योजना शुरू की जाएगी। तिलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए व्यापक योजना लागू होगी। एग्रो फॉरेस्ट्री करने वाले किसानों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। पॉलीसिलिकॉन के लिए उच्च दक्षता वाले मॉड्यूल के निर्माण हेतु वित्तीय प्रावधान किया जाएगा। सरकार सशस्त्र बलों में आत्मानिर्भर भारत को प्रोत्साहन दिया जाएगा। ऑप्टिकल फाइबर को बिछाने का काम करीब तीन पूरा कर लिया जाएगा। पूंजीगत खरीद बजट में करीब दस प्रतिशत बढोत्तरी की गई है। रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास बजट के पच्चीस प्रतिशत के साथ इसे उद्योगों,स्टार्ट अप और शिक्षा जगत के लिये खोला जाएगा। निजी उद्योगों को एसपीवी मॉडल के माध्यम से डीआरडीओ और अन्य संगठनों के सहयोग से सैन्य प्लेटफार्म और उपकरणों के डिजाइन एवं विकास को निष्पादित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। एक स्वतंत्र नोडल अंब्रेला निकाय को व्यापक परीक्षण और प्रमाणन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्थापित किया जाएगा। सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी से डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल मुद्रा अधिक कुशल और सस्ती मुद्रा प्रबंधन प्रणाली को भी बढ़ावा देगी। डेटा सेंटर और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम जिसमें डेंस चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रिड स्केल बैटरी सिस्टम आदि को इन्फ्रास्ट्रक्चर की सामंजस्यपूर्ण सूची में शामिल किया जाएगा। यह डिजिटल बुनियादी ढांचे और स्वच्छ ऊर्जा भंडारण के लिए ऋण उपलब्धता की सुविधा प्रदान करेगा। वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी निवेश को बढ़ाने के लिए उचित उपायों को खोजने और सुझाव देने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन का प्रस्ताव किया गया है। वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी ने पिछले साल साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर सबसे बड़े स्टार्ट अप और विकास पारिस्थितिकी प्रणालियों को बढ़ावा दिया है। क्लाइमेट एक्शन, डीप टेक डिजिटल इकोनॉमी, फार्मा और एग्री टेक जैसे महत्वपूर्ण बढ़ते क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार मिश्रित वित्त के लिए विषयगत फंड को बढ़ावा देगी। इसमें सरकारी हिस्सेदारी बीस प्रतिशत तक सीमित होगी और फंड का प्रबंधन निजी कोष प्रबंधकों द्वारा किया जाएगा। नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क को प्रगतिशील औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाएगा। ड्रोन एएस ए सर्विस के लिए स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा। सभी राज्यों के चुनिंदा आईटीआई संस्थानों में कौशल विकास के लिए अपेक्षित पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे। विश्वस्तरीय गुणवत्तापूर्ण सर्वसुलभ शिक्षा देने के लिए एक डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह विभिन्न भारतीय भाषाओं और आईसीटी फॉर्मेट में उपलब्ध कराया जाएगा। यह विश्वविद्यालय नेटवर्क आधारित हब स्पोक मॉडल पर बनाया जाएगा। जिसमें हब भवन अत्याधुनिक आईसीटी विशेषज्ञता से युक्त होंगे। देश के सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक विश्वविद्यालय और संस्थान हब स्पोक के नेटवर्क के रूप में सहयोग करेंगे। प्रधानमंत्री ई विद्या के वन क्लास वन टीवी चैनल। कार्यक्रम को बारह टीवी चैनलों से बढ़ाकर दो सौ टीवी चैनलों तक पहुंचाया जाएगा। स्पष्ट है कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती के साथ आगे बढ़ाएगा। इसमें अंत्योदय, प्रण अंत्योदय, पथ अंत्योदय का विचार समाहित है। भारत की विकास दर सवा नौ प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। यह विकास दर बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है। इस बजट से अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी और देश के विकास को अधिक गति मिलेगी। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 03 Feb 2022 07:14 AM PST राहुल की राजनीतिक अपरिपक्वता(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) राहुल गांधी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और माना जा रहा है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद जुलाई-अगस्त तक वे कांग्रेस के फिर अध्यक्ष बन जाएंगे। राहुल गांधी को अब तक राजनीति में दक्ष हो जाना चाहिए था लेकिन वे अपनी अपरिपक्वता का परिचय ही देते रहते हैं। इसके चलते उनका और कांग्रेस का भी उपहास उड़ाया जाता है। लोकसभा में जब वे बोलते-बोलते पीएम नरेन्द्र मोदी की सीट तक चले गये और उनके गले से लग गये तो इसका मजाक उड़ाया गया था। सदन के अंदर आंख दबाकर इशारा करने पर भी मजाक उड़ाया गया था। अब बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया लेकिन इसके साथ ही भाजपा सांसद कमलेश पासवान को बोलने की अनुमति देकर सदन के स्पीकर का अपमान किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल की इस अनधिकार चेष्टा का विरोध करते हुए राहुल से कहा- आप किसी को बोलने की इजाजत नहीं दे सकते हैं, ये अधिकार मेरा है। उधर, भाजपा सांसद संजय पासवान ने भी राहुल पर पलटवार किया। सांसद पासवान बोले 'राहुल गांधी ने कहा कि मैं गलत पार्टी में हूं। मैं उनसे (राहुल गांधी) कहना चाहता हूं कि बांसगांव का सांसद होने केे बाद आज मैं अपनी पार्टी के कारण ही बोल पा रहा हूं। मेरी पार्टी ने मुझे तीन बार सांसद बनाया। मुझे और क्या चाहिए... दरअसल, भाजपा सांसद पासवान ने राहुल गांधी से सहानुभूति दिखाते हुए कहा था कि पिता को खोने का दर्द क्या होता है, यह मैं जानता हूं। इसी सहानुभूति में राहुल गांधी सदन की मर्यादा को भी भूल गये जबकि चीन और पाकिस्तान के एक होने की विदेश नीति पर उनका सवाल महत्वपूर्ण था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 2 फरवरी को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान उचित संसदीय प्रक्रिया का पालन नहीं करने के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लताड़ लगाई। राहुल गांधी के एक अन्य सांसद को बोलने की अनुमति देने के बाद, अध्यक्ष ने कहा, यह अनुमति देने वाले आप कौन हैं? आप अनुमति नहीं दे सकते, यह मेरा अधिकार है। ओम बिरला ने आगे कहा, आपके पास किसी को अनुमति देने का अधिकार नहीं है, केवल स्पीकर की कुर्सी के पास यह अधिकार है। ओम बिरला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को तब डांट लगाई जब गांधी अपनी टिप्पणी देते हुए, रुक गए और कुछ कहने का प्रयास कर रहे भाजपा सांसद कमलेश पासवान को इशारा करते हुए बोले, मैं एक लोकतांत्रिक व्यक्ति हूं और मैं दूसरे व्यक्ति को बोलने की अनुमति देता हूं। राहुल गांधी की इस बात से लोकसभा स्पीकर चिढ़ गए। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस नेता को यह कहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया कि, भारत पर एक साम्राज्य के रूप में शासन नहीं किया जा सकता...राजा किसी की नहीं सुनता। वायनाड के सांसद ने कमलेश पासवान का नाम भी लिया और कहा कि दलित भाजपा सांसद गलत पार्टी में हैं। गांधी ने कहा, आप किसी की नहीं सुनते, यहां तक कि भाजपा में मेरे प्यारे भाई और बहन की भी नहीं। मैंने आज अपने दलित सहयोगी पासवान जी को बोलते हुए देखा। वह दलितों का इतिहास जानते हैं। वह जानते हैं कि 3,000 वर्षों से दलितों पर किसने अत्याचार किया है, लेकिन वह झिझक के साथ बोल रहा हैं। वह बोल रहा हैं। मुझे उन पर गर्व है। मुझे इस सज्जन पर गर्व है। उसने मुझसे बात की है और अपने दिल की बात कही, लेकिन वह गलत पार्टी में है। चिंता मत करिए... घबराइए मत। इस पर हंगामा हुआ और पासवान विरोध में बोलने के लिए खड़े हो गए और उन्होंने अध्यक्ष को प्रस्ताव दिया कि उन्हें केवल अध्यक्ष ही हिंदी में बोलने की अनुमति दें। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर तीखी प्रतिक्रिया दी जा रही थी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। गांधी ने कहा, न्यायपालिका, चुनाव आयोग, पेगासस, ये राज्यों के संघ की आवाज को दबाने के लिए उपकरण हैं। यह हमला आप संस्था के ढांचे पर कर रहे हैं - आपको इसका जवाब मिलेगा। मेरी दादी (पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी) को 32 बार गोली मारी गई थी। मेरे पिता (पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी) के बम धमाके में टुकड़े-टुकड़े हो गए थे। मुझे पता है कि यह क्या है। आप किसी खतरनाक चीज के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अगर आप नहीं रुके तो समस्या पैदा कर लेंगे। उनसे पहले बोलने वाले भाजपा सांसद का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा, आप (सरकार) किसी की नहीं सुनते। (कमलेश) पासवान गलत पार्टी में हैं। उन्होंने मुझसे व्यक्तिगत रूप से बात की है। कमलेश पासवान के पिता उत्तर प्रदेश नेता ओम प्रकाश पासवान की 1996 में एक जनसभा को संबोधित करते हुए हत्या कर दी गई थी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला करते हुए उन पर चीन और पाकिस्तान को एक साथ लाने और जम्मू-कश्मीर में बड़ी रणनीतिक गलती करने का आरोप भी लगाया। बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए राहुल बोले- देश हर तरफ से विरोधियों से घिरा हुआ है और इस क्षेत्र में अलग-थलग पड़ गया है। उन्होंने कहा, भारत का रणनीतिक लक्ष्य चीन और पाकिस्तान को अलग रखना होना चाहिए था, लेकिन आपने जो किया है वो उन्हें एक साथ ले आया। हम जिस स्थिति का सामना कर रहे हैं उसे कम मत समझिए। यह भारत के लिए एक गंभीर खतरा है। गांधी ने आगे कहा, हमने जम्मू और कश्मीर में एक बड़ी रणनीतिक गलती की। संभावना है कि कांग्रेस नेता ने यह बात अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के संदर्भ में कही, जिससे जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्या का दर्जा रद्द हो गया था। कांग्रेस सांसद ने यह भी दावा किया भारत के पास इस साल गणतंत्र दिवस के लिए अतिथि नहीं था क्योंकि देश पूरी तरह से अलग और घिरा हुआ है। उन्होंने कहा, चीन के विचार बहुत स्पष्ट है कि वे क्या कर रहे हैं, वे जो हथियार खरीद रहे हैं और वे किससे बात कर रहे हैं, उन्हें देखें। गांधी ने कहा कि न केवल बाहरी खतरों से, बल्कि देश अंदर से भी कमजोर हुआ है और हमारे संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने पूर्व कांग्रेस प्रमुख से माफी की मांग की और कहा, न केवल भारत के कानून मंत्री के रूप में बल्कि एक आम नागरिक के रूप में, मैं राहुल गांधी ने भारत की न्यायपालिका और चुनाव आयोग के बारे में जो कुछ भी कहा है, उसकी निंदा करता हूं। ये हमारे लोकतंत्र की महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। राहुल गांधी को लोगों, न्यायपालिका और चुनाव आयोग से तुरंत माफी मांगनी चाहिए। विदेशमंत्री एस. जयशंकर ने राहुल गांधी को जवाब भी दिया है। उन्हांेने कहा कि 1963 में पाकिस्तान ने शक्सगाम घाटी को अवैध रूप से चीन को सौंप दिया। चीन ने 1970 के दशक में पीओके के माध्यम से कराकोरम राजमार्ग का निर्माण किया। गणतंत्र दिवास पर विदेशी अतिथि को लेकर कहा कि जो भारत में रहते हैं, वे जानते हैं कि हम एक कोरोना लहर के बीच में थे। इसलिए पांच मध्य एशियाई राष्ट्रपति जो आने वाले थे, उन्हांेने वर्चुअली 27 जनवरी को शिखर सम्मेलन आयोजित किया था। राहुल गांधी को इतनी जानकारी तो रखनी ही चाहिए। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| चीन के 38 जवान बह गये थे बर्फीली नदी में Posted: 03 Feb 2022 07:12 AM PST चीन के 38 जवान बह गये थे बर्फीली नदी में
बीजिंग/लद्दाख। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में जून 2020 में भारतीय और चीनी सिपाहियों के बीच की हिंसक झड़प में चीन के 38 सिपाहियों की मौत हुई थी। इस बात का खुलासा ऑस्ट्रेलियाई अखबार 'द क्लैक्सन' में प्रकाशित खोजी रिपोर्ट से हुआ है। यह संख्या चीन की तरफ से बताई गई संख्या से 9 गुना ज्यादा है। चीन ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अपने मारे गए सैनिकों की संख्या सिर्फ 4 बताई थी। ऑस्ट्रेलियाई अखबार ने इस रिपोर्ट को डेढ़ साल की रिसर्च के बाद तैयार किया गया है। मामले की जांच के लिए इंडिपेंडेंट सोशल मीडिया रिसर्चर्स की टीम तैयार की गई थी, जिसने 'गलवान डिकोडेड' शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की। एंथनी क्लान की अगुआई वाली स्पेशल रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के कई सिपाही उस रात गलवान नदी में बह गए थे। इस रिसर्च रिपोर्ट ने ड्रैगन के सभी प्रोपेगैंडा को ध्वस्त कर दिया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अमेरिका में कोरोना संक्रमण 52 फीसद घटा Posted: 03 Feb 2022 07:09 AM PST अमेरिका में कोरोना संक्रमण 52 फीसद घटावॉशिंगटन। दुनिया के ज्यादातर देश अभी कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहे हैं। अमेरिका पर कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू से ही देखने को मिला है। यहां डेल्टा के बाद ओमिक्रॉन वेरिएंट से तबाही अपने चरम पर है। हालांकि, अब अमेरिका वालों के लिए राहतभरी खबर है, क्योंकि पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए, तो कोरोना के नए मामलों में 52 प्रतिशत तक की कमी आई है। बुधवार को 3.46 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। इस बीच, मौत के आंकड़े डराने वाले हैं, जहां 3,365 लोगों ने इस खतरनाक वायरस की वजह से अपनी जान गंवा दी है। अमेरिका क्यों कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है, इस अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक इस देश में 7.6 करोड़ से ज्यादा संक्रमण के मामले मिल चुके हैं। यह पूरी दुनिया में किसी एक देश का सर्वाधिक आंकड़ा है। इसके अलावा अमेरिका में कोरोना से मौत की संख्या भी अन्य किसी देश के मुकाबले सबसे ज्यादा है, जहां 9 लाख से ज्यादा लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| यूक्रेन की सीमा पर सैन्य साजो-सामान का जमावड़ा Posted: 03 Feb 2022 07:07 AM PST यूक्रेन की सीमा पर सैन्य साजो-सामान का जमावड़ाकीव। यूक्रेन में भयानक युद्ध की आशंका बढ़ती जा रही है। रूस लगातार यूक्रेन बॉर्डर के पास मिलिट्री डेवलपमेंट कर रहा है। बुधवार को जारी की गई सैटेलाइट इमेज से इस बात का खुलासा हुआ है। तस्वीरों में क्रीमिया से लगी यूक्रेन बॉर्डर के पास रूसी मिलिट्री के नया इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट नजर आ रहा है। डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि रूस ने यूक्रेन की उत्तर, पूर्व और दक्षिण की सीमा पर घेराबंदी की है। सैटेलाइट इमेज में बेलारूस के ब्रेस्ट्स्की ट्रेनिंग ग्राउंड में रूसी सैनिकों, टेंटों और नई तैनाती को दिखाया गया है। वहीं, अमेरिका ने करीब 8,500 सैनिकों को तैनाती के लिए अलर्ट पर रखा है। साथ ही नाटो रीइंफोर्समेंट भेज रहा है और सेना को स्टैंडबाय पर रखा गया है। यह विस्तार क्रीमिया और रूस के करीबी सहयोगी और पड़ोसी बेलारूस में भी देखा गया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार ने यूक्रेन बॉर्डर के नजदीक अपने क्षेत्र में और क्रीमिया में एक लाख से ज्यादा मजबूत बलों को तैनात किया है। क्रीमिया पर रूस ने 2014 में कब्जा कर लिया था। क्रीमिया पर कब्जे के बाद रूस ने अलगाववादी ताकतों का समर्थन किया, जिन्होंने पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लिया था। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 03 Feb 2022 07:05 AM PST पाक सेना पर हमला, सौ मारे गये
इस्लामाबाद। बलोच लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने पाकिस्तान सेना पर जबरदस्त हमला किया है जिसमें 100 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि बलोच लिबरेशन आर्मी के हमले में फ्रंटियर कोर के आईजी मेजर जनरल अयमान बिलाल सफदर की भी मौत हो गई है। इस वक्त भी पाकिस्तानी सेना और बलोच लिबरेशन आर्मी के बीच जबरदस्त लड़ाई चल रही है। एक साथ दो मोर्चों पर हुए हमले से पाकिस्तान के सैनिकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उसे अपने सैनिकों की जान माल का तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। पाकिस्तान के इस हिस्से में गृह युद्ध जैसे हालात बने हुए है। बलोच लिबरेशन आर्मी ने नोश्की और पंजुगुर में ऐसा हमला बोला कि मानो पाकिस्तानी सेना की उन टुकड़ियों की कमर सी टूट गई है। गौरतलब है कि कुदरत की प्राकृतिक दौलत से भरपूर इस इलाके पर पाकिस्तान का कब्जा है। बलोच लोग लंबे समय से अपनी आजादी की मांग कर रहे हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मुख्यमंत्री के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा विभाग ने दिया प्रस्तुतीकरण Posted: 03 Feb 2022 06:50 AM PST मुख्यमंत्री के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा विभाग ने दिया प्रस्तुतीकरण
पटना, 03 फरवरी 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के समक्ष 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा विभाग ने पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थापना (आधारभूत संरचना सहित) एवं प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति की अद्यतन स्थिति से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उच्च माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देषानुसार सभी पंचायतों को उच्च माध्यमिक विद्यालय से आच्छादित करने का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत 6421 पंचायतों को उच्च माध्यमिक विद्यालय विहीन पंचायत के रुप में चिन्हित करते हुए 6421 उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थापना की जा चुकी है। सभी पंचायतों में 9वीं एवं 10वीं की पढ़ाई शुरु हो गई है। इन विद्यालयों में उन्नयन योजना के तहत स्मार्ट क्लास के माध्यम से पाठ्यक्रम के अनुरुप ई-कॉन्टेंट विकसित कर वर्ग संचालन की व्यवस्था की गई है। राज्य में अब कुल 9360 उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थापित हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति एवं आवश्यक आधारभूत संरचना का निर्माण चरणवार किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव षिक्षा ने प्रारंभिक विद्यालयों में छात्र/छात्राओं की संख्या, प्रारंभिक विद्यालयों में कुल कार्यरत शिक्षकों की संख्या, प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, शारीरिक शिक्षक एवं स्वास्थ्य अनुदेशक की नियुक्ति, माध्यमिक/उच्च माध्यमिक शिक्षक नियुक्ति, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर नियुक्ति से संबंधित अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत शिक्षक और छात्रों का अनुपात 1ः40 निर्धारित किया गया है, जिस मानक पर राज्य अब लगभग पहुंच गया है। प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 से सड़क, स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय एवं मध्य विद्यालय की स्थापना की गई। विद्यालय भवनों का निर्माण स्थानीय स्तर पर विद्यालय षिक्षा समितियों द्वारा किया गया, इससे लोगों को रोजगार मिला साथ ही स्थानीय स्तर पर बिजनेस को भी बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट में यह बात सामने आयी कि लड़कियां शिक्षित होंगी तो प्रजनन दर घटेगा। उसी के आधार पर हर पंचायत में उच्च माध्यमिक विद्यालय बनाने का हमलोगों ने निर्णय लिया ताकि लड़कियां इंटर तक की पढ़ाई कर सकें। सभी पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थापना की गयी है। इससे अब छात्र/छात्राओं को अपने पंचायत में ही उच्च माध्यमिक स्तर तक की षिक्षा मिल सकेगी। छात्राओं का शैक्षणिक स्तर बढ़ने से प्रजनन दर में और कमी आयेगी। जब हमलोगों ने काम संभाला था तो राज्य का प्रजनन दर 4.3 था जो घटकर अब 3 पर आ गया है। उन्होंने कहा कि लड़कियों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हमलोगों ने मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना और मुख्यमंत्री बालिका साईकिल योजना चलायी। मैट्रिक की परीक्षा में लड़कियों की संख्या अब लड़कों से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पंचायत में उच्च माध्यमिक विद्यालय के आधारभूत संरचना निर्माण कार्य में तेजी लाएं। जहां शिक्षकों की कमी है वहां शिक्षक की बहाली जल्द हो ताकि बच्चों को पठन-पाठन में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा मंत्री श्री विजय कुमार चैधरी, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरीय अधिकारी जुड़े हुए थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 03 Feb 2022 06:45 AM PST
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| Posted: 03 Feb 2022 06:34 AM PST बसंत पंचमी का पर्व पूरे देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन स्वर, विद्या और कला की देवी माता सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना होती है। इसी कारण यह पर्व बड़ों के साथ साथ बच्चों और विद्यार्थियों के लिए भी बहुत ख़ास होता है। बसंत पंचमी का त्यौहार कई मायनों में शुभ एवम् महत्वपूर्ण होता है। मान्यताओं के अनुसार इसी दिन माता सरस्वती प्रथम बार प्रकट हुईं थी और समस्त देवी देवताओं ने उनकी स्तुति की थी। शास्त्रों के अनुसार इसी दिन ब्रम्हा ने सृष्टि की रचना भी की थी, इसलिए इस दिन से नए कार्यों को प्रारम्भ करना शुभ माना जाता है। तो चलिए जानते हैं इस वर्ष बसंत पंचमी की तिथि, मुहूर्त और अन्य ख़ास बातों के बारें में- तिथि एवं मुहूर्त माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। इस वर्ष यह पंचमी तिथि 5 फरवरी को पड़ रही है। पंचमी तिथि 5 फरवरी की सुबह 03:48 बजे से शुरू होकर अगले दिन की सुबह 03:46 तक चलने वाली है। अर्थात् बसंत पंचमी तिथि 5 फरवरी को रहेगी। सरस्वती पूजन विधि बसंत पंचमी का दिन देवी सरस्वती की पूजा के लिए समर्पित रहता है। माता सरस्वती की पूजा के लिए पहले उनके आसन वाली जगह को अच्छे से साफ़ करें और उनकी प्रतिमा को स्थापित करें। कलश स्थापित करें, देवी सरस्वती को पीले फूल, पीले फल अर्पित करें और पीले वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार करें। इसके साथ ही माता के चरणों में गुलाल चढ़ाएं और बूंदी भी प्रसाद स्वरुप रखें। देवी को पीले रंग का भोजन भोग में लगाएं। इसके साथ ही आरती, सरस्वती मन्त्रों और वंदना पूजा के वक्त गाएं। पुस्तकों और वाद्ययंत्रों को पूजा के वक्त रखें। बसंत पंचमी की कथा मान्यता अनुसार जब ब्रम्हा ने सृष्टि का निर्माण किया तब पूरी सृष्टि निस्वर थी। इस स्तिथि में ब्रह्मा जी ने आराध्य देव शिवजी और विष्णुजी से आज्ञा लेकर अपने कमंडल से जल अपने अंजलि में भरकर उच्चारण कर पृथ्वी पर छिड़कना शुरू कर दिया। उन्होंने जहां-जहां जल का छिड़काव किया, वहां-वहां कंपन होने लगा। इस बीच एक शक्ति का प्रादुर्भाव हुआ। इन शक्तिरूपी माता के एक हाथ में वीणा, तो दूसरे हाथ से तथास्तु मुद्रा में थी। इसके साथ ही उन्होंने अन्य दो हाथों में पुस्तक और माला धारण कर रखी थी। यह देख त्रिदेव ने देवी को प्रणाम कर वीणा बजाने की प्रार्थना की। मां के वीणा बजाने से तीनों लोकों में वीणा का मधुरनाद हुआ और त्रिदेव ने मां को शारदे और सरस्वती, संगीत की देवी का नाम दिया। इस तरह देवी सरस्वती की उत्पति हुई जिन्हें आगे चलकर विद्या और स्वर की देवी माना गया और पूजा गया। वसंत पंचमी बस आने ही वाली है। जैसा कि आप जानते हैं कि वसंत पंचमी से वसंत ऋतु प्रारंभ होती है। इस दिन पूरे देश में ज्ञान और बुद्धि की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। देवी सरस्वती को शिक्षा, ज्ञान, बुद्धि, संगीत और कला की देवी कहा जाता है। उनके आशीर्वाद से व्यक्ति को विद्या और बुद्धि की प्राप्ति होती है। वसंत पंचमी के दिन प्रत्येक विद्यार्थी अपनी किताबें देवी के चरणों में रखता/रखती है ताकि देवी उन्हें आशीर्वाद दे सकें तथा उन्हें परीक्षा और शिक्षा में सफ़लता मिल सके। भारत के पूर्वी राज्यों में बच्चों की खुशी के लिए लोग सरस्वती की पूजा घर पर ही करते हैं।यह बात ध्यान देने योग्य है कि यह पूजा अनिवार्य रूप से विद्यार्थी द्वारा ही की जानी चाहिए। नहाने से लेकर, पूजा के लिए लगने वाली सामग्री तैयार करना और मन्त्रों आदि का उच्चारण भी विद्यार्थी ने ही करना चाहिए। इसके अलावा कई अन्य रस्में भी हैं जिन्हें घर पर सरस्वती पूजा करते समय करना चाहिए। आवश्यक सामग्री देवी सरस्वती की मूर्ति एक सफ़ेद कपड़ा फूल- कमल, लिली और जैसमीन आम के पत्ते और बेल पत्र हल्दी कुमकुम चांवल 5 प्रकार के फल जिनमें नारियल और केले भी शामिल हैं एक कलश सुपारी, पान के पत्ते और दूर्वा दिया और अगरबती गुलाल (होली के रंग) दूध दवात और कलम किताबें तथा वाद्ययंत्र सुबह जल्दी की जाने वाली रस्में वह व्यक्ति जो पूजा करने वाला है उसे सुबह जल्दी उठकर विशेष प्रकार के औषधीय पानी से नहाना चाहिए। नहाने के पानी में नीम और तुलसी की पत्तियां होनी चाहिए। नहाने से पहले व्यक्ति को अपने शरीर पर नीम की पत्त्तियों और हल्दी के मिश्रण से बना लेप लगाना चाहिए। इस रस्म से शरीर शुद्ध होता है तथा सभी प्रकार के संक्रमणों से शरीर की रक्षा होती है। नहाने के बाद व्यक्ति को पूरे पीले या सफ़ेद वस्त्र पहनने चाहिए। मूर्ति और कलश की स्थापना जिस स्थान पर आप मूर्ति की स्थापना करने वाले हैं उस जगह को साफ़ करें। एक ऊंचे स्थान पर सफ़ेद कपड़ा फैलाएं। इस कपड़े पर मूर्ति को रखें। इसे हल्दी, कुमकुम, चांवल, माला और फूलों से सजाएँ। किताबों या वाद्ययंत्रों को मूर्ति के पास रखें। कलश में पानी भर लें तथा इसमें आम की पांच पत्तियां लगा दें और इसके ऊपर पान का एक पत्ता रखें। फिर इस पान के पत्ते पर सुपारी और दूर्वा और उसके ऊपर फूल रखें। इसके अलावा देवी के बाजू में भगवान गणेश की मूर्ति भी रखें। इस दिन कैसे करे माँ को प्रसन्न? बसंत पंचमी के दिन कोई उपवास नहीं होता, केवल पूजा होती है। इस दिन पीले वस्त्र पहनने, हल्दी का तिलक लगाकर, मीठे चावल बना कर पूजा करने का विधान है। विद्यार्थियों, संगीतकार, कलाकारों के लिये यह विशेष महत्व का दिन है। उन्हे अपनी पुस्तकों, वाद्यों आदि की अवश्य पूजा करनी चाहिये। पीला रंग समृद्धि का सूचक भी कहा जाता है। मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिये मंत्र का जाप करेंः- ऊँ ऐं सरस्वत्चैं ऐं नमः का 108 बार जाप करें। सरस्वती सोत्रम या कुन्देन्दु-तुषारहार-धवला या शुभ्र-वस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युत शंकर-प्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥ इस प्रार्थना से माँ को प्रसन्न करें। मन्त्रों का उच्चारण हाथ में बेल पत्र और फूल लेकर पहले भगवान गणेश का ध्यान करें। इन फूलों को बेल पत्र को भगवान के चरणों में चढ़ा दें। फिर इसी प्रक्रिया देवी सरस्वती के लिए करें। इस मंत्र का उच्चारण करें: "या कुन्देंदु तुषारहारधवला, या शुभ्र वस्त्रावृता, या वीणा वरदंड मंडितकरा या श्वेत पद्मासना, या ब्रह्माच्युत शंकरा प्रभ्रुतिभी देवी सदा वंदिता, सा मां पातु सरस्वती भगवती निशेष जाड्यापहा। ॐ सरस्वत्ये नम:, ध्यानान्तरम पुष्पं समर्पयामि" दिया जलाएं देवी का आह्वान करने के बाद दिया और अगरबत्ती जलाएं। देवी को मिठाईयां, फल और खाने के अन्य पदार्थ चढ़ाएं। आरती करें और देवी की स्तुति वाले भजन गायें। इस दिन केवल शाकाहारी खाना खाएं। अगले दिन वसंत पंचमी के अगले दिन देवी की मूर्ति का विसर्जन करने से पहले लकड़ी को कलम बनाकर बेल के पत्तों पर दूध से "ॐ सरस्वत्ये नम:" लिखें। इन बेल पत्रों को पुन: देवी को चढ़ाएं और प्रार्थना करें। इसके बाद मूर्ति को पानी में विसर्जित कर दें। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 03 Feb 2022 06:24 AM PST ८ फरवरी को है भगवान भुवन भास्कर का जन्मोत्सव कैसे करे रथ सप्तमी व्रत की पूजा? क्या है विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व| कैसे आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ से होता है हृदय मजबूत?हिंदू धर्म में सूर्य को प्रत्यक्ष देवता कहा जाता है यानी वे देवता जो हमें दिखाई देते हैं। साल में कई बार सूर्य से संबंधित व्रत-उत्सव भी मनाए जाते हैं। सप्तमी तिथि के स्वामी भी सूर्यदेव ही हैं। इसलिए इस तिथि पर इनकी पूजा विशेष रूप से की जाती है। सूर्य देव या आदिदेव का संबंध सप्तमी तिथि से है। माघ मास में, जब शुक्ल पक्ष की सप्तमी आती है, तो श्रद्धालु इसे रथ सप्तमी या माघ सप्तमी के नाम से जानते हैं। इसे अचला सप्तमी या सूर्य जयंती भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देव का जन्म माघ शुक्ल सप्तमी को हुआ था, इसलिए इसे सूर्य जयंती कहते हैं। इस तिथि को ही सूर्य देव अपने सात घोड़े वाले रथ पर सवार होकर प्रकट हुए थे। भगवान सूर्य संपूर्ण संसार को प्रकाश देने वाल हैं, सभी उनकी उपासना करते हैं। आइए जानते हैं कि इस वर्ष रथ सप्तमी कब है और पूजा मुहूर्त और इसके महत्व के बारे में- माघ मास की सप्तमी का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इस बार ये तिथि 8 फरवरी, मंगलवार को है। धर्म ग्रंथों में इसे रथ सप्तमी या माघ सप्तमी के नाम से जानते हैं। इसे अचला सप्तमी या सूर्य जयंती भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देव का जन्म माघ शुक्ल सप्तमी को हुआ था, इसलिए इसे सूर्य जयंती कहते हैं। इस तिथि को ही सूर्य देव अपने सात घोड़े वाले रथ पर सवार होकर प्रकट हुए थे। आगे जानिए इस पर्व से जुड़ी खास बातें… रथ सप्तमी तिथि एवं पूजा मुहूर्त सप्तमी तिथि प्रारंभ: 7, फरवरी, सोमवार, दोपहर 4:37 से सप्तमी तिथि समाप्त: 8 फरवरी, मंगलवार, प्रातः 6:15 तक रथ सप्तमी पर स्नान मुहूर्त: 7, फरवरी, प्रातः 5:24 से प्रातः 7:09 तक कुल अवधि: 1 घंटा 45 मिनट अर्घ्यदान के लिए सूर्योदय का समय: प्रातः 7:05 मिनट रथ सप्तमी का महत्व रथ सप्तमी के दिन भगवान सूर्य के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है। रथ सप्तमी का दिन भगवान सूर्य के नाम से दान-पुण्य वाले कार्यों में दान या भाग लेने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सभी पापों और दुखों से मुक्ति मिल सकती है। कहा जाता है कि मनुष्य अपने जीवन में सात प्रकार के पाप करता है। ये जानबूझकर, अनजाने में, मुंह के वचन से, शारीरिक क्रिया द्वारा, मन में, प्रचलित जन्म और पिछले जन्मों में किए गए पाप हैं। रथ सप्तमी के दिन सूर्य भगवान की आराधना करने से इन सभी पापों से मुक्ति मिलती है। रथ सप्तमी का दिन भगवान सूर्य के नाम से दान-पुण्य वाले कार्यों में दान या भाग लेने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सभी पापों और दुखों से मुक्ति मिल सकती है। कहा जाता है कि मनुष्य अपने जीवन में सात प्रकार के पाप करता है। ये जानबूझकर, अनजाने में, मुंह के वचन से, शारीरिक क्रिया द्वारा, मन में, प्रचलित जन्म और पिछले जन्मों में किए गए पाप हैं। रथ सप्तमी के दिन सूर्य भगवान की आराधना करने से इन सभी पापों से मुक्ति मिलती है। रथ सप्तमी की पूजा विधि · रथ सप्तमी की पूर्व संध्या पर अरुणोदय के समय जगे रहना और स्नान करना बेहद आवश्यक है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। · स्नान के बाद नमस्कार करते हुए सूर्यदेव को जल का अर्घ्य का दें। अगर संभव हो तो सूर्यदेव को गंगाजल से अर्घ्य दें। · अर्घ्य देते समय सूर्यदेव के अलग-अलग नामों का स्मरण करें। भगवान सूर्य के भिन्न नामों का काम से काम 12 बार जाप करें। · भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद मिट्टी के दीए लें और उन्हें घी से भर दें और प्रज्ज्वलित करें। इसी को रथ सप्तमी पूजन कहते है। · इस अवसर पर गायत्री मंत्र का जाप, सूर्य सहस्त्रनाम मंत्र का भी जाप करें। इसका जाप पूरे दिन करें। · मान्यता है कि ऐसा करने से भाग्य परिवर्तन होना शुरु हो जाता है। - रथ सप्तमी की पूर्व संध्या पर अरुणोदय के समय जगे रहना और स्नान करना बेहद आवश्यक है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। - स्नान के बाद नमस्कार करते हुए सूर्यदेव को जल का अर्घ्य का दें। अगर संभव हो तो सूर्यदेव को गंगाजल से अर्घ्य दें। - अर्घ्य देते समय सूर्यदेव के अलग-अलग नामों का स्मरण करें। भगवान सूर्य के भिन्न नामों का काम से काम 12 बार जाप करें। - भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद मिट्टी के दीए लें और उन्हें घी से भर दें और प्रज्ज्वलित करें। इसी को रथ सप्तमी पूजन कहते है। - इस अवसर पर गायत्री मंत्र का जाप, सूर्य सहस्त्रनाम मंत्र का भी जाप करें। इसका जाप पूरे दिन करें। मान्यता है कि ऐसा करने से भाग्य परिवर्तन होना शुरु हो जाता है। आदित्य हृदय स्तोत्र, इसके पाठ से होता है हृदय मजबूत, मिलती है . आदित्यहृदयम् सूर्य देव की स्तुति के लिए वाल्मीकि रामायण के युद्ध काण्ड मे लिखे मंत्र हैं। जब राम, रावण से युद्ध के लिये रणक्षेत्र में आमने-सामने थे, उस समय अगस्त्य ऋषि ने श्री राम को सूर्य देव की स्तुति करने की सलाह दी। आदित्यहृदयम् में कुल ३० श्लोक हैं तथा इन्हें ६ भागों में बाँटा जा सकता हैं। आज के समय मे, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, नौकरी में पदोन्नति, धन प्राप्ति, प्रसन्नता, आत्मविश्वास के साथ-साथ समस्त कार्यों में सफलता पाने तथा मनोकामना सिद्ध करने मे किया जाता है। आदित्यहृदय स्तोत्र ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥1॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् । उपगम्याब्रवीद् राममगरत्यो भगवांस्तदा ॥2॥ राम राम महाबाहो श्रृणु गुह्यं सनातनम् । येन सर्वानरीन् वत्स समरे विजयिष्यसे ॥3॥ आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम् । जयावहं जपं नित्यमक्षयं परमं शिवम् ॥4॥ सर्वमंगलमांगल्यं सर्वपापप्रणाशनम् । चिन्ताशोकप्रशमनमायुर्वधैनमुत्तमम् ॥5॥ रश्मिमन्तं समुद्यन्तं देवासुरनमस्कृतम् । पूजयस्व विवस्वन्तं भास्करं भुवनेश्वरम् ॥6॥ सर्वदेवतामको ह्येष तेजस्वी रश्मिभावनः । एष देवासुरगणाँल्लोकान् पाति गभस्तिभिः ॥7॥ एष ब्रह्मा च विष्णुश्च शिवः स्कन्दः प्रजापतिः । महेन्द्रो धनदः कालो यमः सोमो ह्यपां पतिः ॥8॥ पितरो वसवः साध्या अश्विनौ मरुतो मनुः । वायुर्वन्हिः प्रजाः प्राण ऋतुकर्ता प्रभाकरः ॥9॥ आदित्यः सविता सूर्यः खगः पूषा गर्भास्तिमान् । सुवर्णसदृशो भानुहिरण्यरेता दिवाकरः ॥10॥ हरिदश्वः सहस्रार्चिः सप्तसप्तिर्मरीचिमान् । तिमिरोन्मथनः शम्भूस्त्ष्टा मार्तण्डकोंऽशुमान् ॥11॥ हिरण्यगर्भः शिशिरस्तपनोऽहरकरो रविः । अग्निगर्भोऽदितेः पुत्रः शंखः शिशिरनाशनः ॥12॥ व्योमनाथस्तमोभेदी ऋम्यजुःसामपारगः । घनवृष्टिरपां मित्रो विन्ध्यवीथीप्लवंगमः ॥13॥ आतपी मण्डली मृत्युः पिंगलः सर्वतापनः । कविर्विश्वो महातेजा रक्तः सर्वभवोदभवः ॥14॥ नक्षत्रग्रहताराणामधिपो विश्वभावनः । तेजसामपि तेजस्वी द्वादशात्मन् नमोऽस्तु ते ॥15॥ नमः पूर्वाय गिरये पश्चिमायाद्रये नमः । ज्योतिर्गणानां पतये दिनाधिपतये नमः ॥16॥ जयाय जयभद्राय हर्यश्वाय नमो नमः । नमो नमः सहस्रांशो आदित्याय नमो नमः ॥17॥ नम उग्राय वीराय सारंगाय नमो नमः । नमः पद्मप्रबोधाय प्रचण्डाय नमोऽस्तु ते ॥18॥ ब्रह्मेशानाच्युतेशाय सूरायदित्यवर्चसे । भास्वते सर्वभक्षाय रौद्राय वपुषे नमः ॥19॥ तमोघ्नाय हिमघ्नाय शत्रुघ्नायामितात्मने । कृतघ्नघ्नाय देवाय ज्योतिषां पतये नमः ॥20॥ तप्तचामीकराभाय हस्ये विश्वकर्मणे । नमस्तमोऽभिनिघ्नाय रुचये लोकसाक्षिणे ॥21॥ नाशयत्येष वै भूतं तमेव सृजति प्रभुः । पायत्येष तपत्येष वर्षत्येष गभस्तिभिः ॥22॥ एष सुप्तेषु जागर्ति भूतेषु परिनिष्ठितः । एष चैवाग्निहोत्रं च फलं चैवाग्निहोत्रिणाम् ॥23 ॥ देवाश्च क्रतवश्चैव क्रतूनां फलमेव च । यानि कृत्यानि लोकेषु सर्वेषु परमप्रभुः ॥24॥ एनमापत्सु कृच्छ्रेषु कान्तारेषु भयेषु च । कीर्तयन् पुरुषः कश्चिन्नावसीदति राघव ॥25॥ पूजयस्वैनमेकाग्रो देवदेवं जगत्पतिम् । एतत् त्रिगुणितं जप्तवा युद्धेषु विजयिष्ति ॥26॥ अस्मिन् क्षणे महाबाहो रावणं त्वं जहिष्यसि । एवमुक्त्वा ततोऽगस्त्यो जगाम स यथागतम् ॥27॥ एतच्छ्रुत्वा महातेजा, नष्टशोकोऽभवत् तदा । धारयामास सुप्रीतो राघवः प्रयतात्मवान् ॥28॥ आदित्यं प्रेक्ष्य जप्त्वेदं परं हर्षमवाप्तवान् । त्रिराचम्य शुचिर्भूत्वा धनुरादाय वीर्यवान् ॥29॥ रावणं प्रेक्ष्य हृष्टात्मा जयार्थे समुपागमत् । सर्वयत्नेन महता वृतस्तस्य वधेऽभवत् ॥30॥ अथ रविरवदन्निरीक्ष्य रामं मुदितनाः परमं प्रहृष्यमाणः । निशिचरपतिसंक्षयं विदित्वा सुरगणमध्यगतो वचस्त्वरेति ॥31 ॥ हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| क्राइम संस्पेंस थ्रिलर फिल्म फ्रॉड हुआ रिलीज Posted: 03 Feb 2022 06:17 AM PST क्राइम संस्पेंस थ्रिलर फिल्म फ्रॉड हुआ रिलीजसंवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा की खबर | स्वर साम्राज्य एवं स्वर क्रिएशंस प्रोडक्शंस के बैनर तले बनीं क्राइम-संस्पेंस थ्रिलर फिल्म (फ्रॉड – एनेक्सपेक्टेड गेम्स) यूट्यूब चैनल पर 02 फरवरी ( बुधवार) को रिलीज हो गयी है। सूत्रोंकेअनुसार, बिहार में नए हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की हो रही है शुरुआत, और हिंदी शॉर्ट फिल्म्स से इसको ज़मी स्तर से सींचा जा रहा है। बूट पॉलिश से शुरुआत करने के बाद अब स्वर साम्राज्य एवं स्वर क्रिएशंस प्रोडक्शंस के बैनर तले बनाई गई फिल्म (फ्रॉड – एनेक्सपेक्टेड गेम्स) यूट्यूब चैनल स्वर क्रिएशंस प्रोडक्शंस पर रिलीज करने के बाद फिल्म के निर्देशक सायक देव ने बताया कि यह फिल्म रोजमर्रा की जिंदगी पर आधारित है, और लोगो को जागरूक करने के लिए सतर्क करने के उद्देश्य से फिल्म बन रही है, इसके लेखक एन के राज ने खास इस फिल्म को सतर्कता के उद्देश्य से बनाया है। फिल्म में पटना के जाने माने कलाकारों ने अभिनय किया है। मशहूर सितार वादक प्रतीक बनर्जी से लेकर अभिनेत्री श्रीपर्णा चक्रवर्ती, अभिनेता प्रियांशु , रितेश एवं शुभादित्य ने भी काम किया है और विदेश के कलाकार भी इस फिल्म में अपना सहयोग दे रहे हैं। माइकल कॉर्बिन ने संगीत में सहयोग दिया तथा कुशल झा ने ड्रोन शॉट्स लिया। उन्होंने बताया कि फिल्म की खासियत यह है कि इसमें खुद लेखक निशु राज और निर्देशक सायक देव ने मुख्य भूमिका निभाया है। कुछ नए कलाकारों को आजमाया गया है, जिन्होंने बहुत अच्छा काम किया है, जिनमे प्रेम कुमार और सौरव सिंह प्रमुख हैं। फिल्म में चरित्र अभिनय में अनन्या सिंह, विशाल पल्लव, अर्जुन ओरांव, अयन मुखर्जी, जीत गांगुली, मिताली, एम कुमार मैडी, संगीता सिन्हा, हैप्पी सिंह राजपूत, उमा शंकर सिंह तथा दिलबर खान ने भी काम किया है। प्रमोशन पार्टनर्स प्रेम कुमार तथा (स्वोट कॉमर्स) के निदेशक कुमार पियूष राज हैं। सह निर्देशन प्रियांशु मंडिलवार और रितेश राजवीर है। स्क्रीनप्ले तथा लेखन एन के राज ने किया है, और संगीत निर्देशन एवं निर्देशन सायक देव मुखर्जी ने किया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 03 Feb 2022 06:12 AM PST
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| बहुमूल्य है कॉलेज परिसर में प्राप्त पंचमुखी शिव प्रतिमा Posted: 03 Feb 2022 05:47 AM PST बहुमूल्य है कॉलेज परिसर में प्राप्त पंचमुखी शिव प्रतिमासच्चिदानंद सिन्हा महाविद्यालय परिसर में भवन-निर्माण हेतु जमीन की खुदाई के दौरान भगवान शंकर की एक पंचमुखी प्रतिमा प्राप्त हुई है। इस प्रतिमा को दुर्लभ एवं बहुमूल्य बताया जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान कॉलेज में पधारे हेरीटेज सोसायटी पटना के महानिदेशक प्रोफेसर अनंताशुतोष द्विवेदी ने बतलाया कि देखने से ऐसा लगता है कि यह प्रतिमा 300 से 400 वर्ष पूर्व की हैं। देव मंदिर के बाहर ठीक इसी तरह की एक पंचमुखी शिव प्रतिमा है जो पालकालीन आठवीं से 12वीं सदी के बीच की बतलाई गई है। औरंगाबाद का प्राचीनतम शिव मंदिर जो देवकुंड में स्थित है वह सातवीं से आठवीं सदी के बीच उत्तर गुप्त काल का बतलाया जाता है। उन्होंने आगे बताया कि भगवान शंकर की प्रतिमाएं भिन्न-भिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न रूपों में देखने को मिल जाती हैं। कहीं अर्घ्य के साथ एकमुखी शिवलिंग है तो कहीं शिव पंचायतन में विष्णु, गणेश, सूर्य, पार्वती और शंकर के साथ मूर्तियां देखी जाती हैं। भगवान शिव की सर्वतोभद्र प्रतिमा में पांच मूर्तियां केवल शंकर भगवान की ही होती हैं। प्राचार्य प्रोफेसर वेद प्रकाश चतुर्वेदी ने कहा कि उक्त कालेज में शताब्दियों पूर्व टेकारी महाराज का कार्यालय हुआ करता था। ऐसा संभव है कि उनके कर्मचारियों ने पूजा-पाठ के लिए इस मूर्ति की स्थापना की हो, जो कालांतर में मिट्टी से दब गई हो। उक्त कालेज के पूर्व भूगोल विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रामाधार सिंह ने बताया कि इस तरह की पंचमुखी शिव प्रतिमाएं अयोध्या के गुप्तार घाट, तेलंगाना के सिद्ध रूद्रेश्वर मंदिर, पशुपतिनाथ महादेव पंचमुखी मंदिर, संभल खेड़ा तथा नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर के पास भी स्थापित हैं। इलाहाबाद के बालाघाट मार्ग में भी 300 वर्ष पूर्व की पंचमुखी महादेव मंदिर भी आस्था का केंद्र है। शहर के सुख्यात पंडित महेंद्र पांडेय ने कहा कि भगवान शंकर के तीन रूपों की उपासना की जाती है। पंचमुखी शिव प्रतिमा की रचना प्रकृति के पांच तत्वों अग्नि, वायु, आकाश, पृथ्वी और जल से किया गया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| जीकेसी ने किया नेत्रहीन बच्चों के बीच कंबल, मास्क, सैनिटाइजर वितरण Posted: 03 Feb 2022 05:41 AM PST जीकेसी ने किया नेत्रहीन बच्चों के बीच कंबल, मास्क, सैनिटाइजर वितरणसंवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा की खास खबर जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) ने अंतर ज्योति नेत्रहीन बालिका विद्यालय के बच्चों के बीच कंबल, मास्क, सैनिटाइजर वितरण तथा पौधारोपण किया। उक्त कार्यक्रम जीकेसी के स्थापना के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य में मनाया जा रहा है एक सप्ताह का कार्यक्रम। इसी क्रम में आज तीसरे दिन नेत्रहीन के बच्चों के बीच 100 कंबल, मास्क, सैनिटाइजर का वितरण 03 फरवरी ( गुरुवार) को किया गया। साथ ही पौधारोपण कार्यक्रम किया गया। उक्त कार्यक्रम का संचालन जीकेसी बिहार प्रदेश अध्यक्ष डा. नम्रता आनंद ने की। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने भजन प्रस्तुत किया, जिसे सभी लोगों ने पसंद किया। उक्त अवसर पर जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि शीतलहर से पूरा जनजीवन ठिठुरा हुआ है। ऐसे मौसम में जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़ों एवं कंबल की ज्यादा आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। जीकेसी जरूरतमंद लोगों की सेवा करने के लिये तत्पर है। हर सामर्थ्यवान लेगों को इस दिशा में आगे आने की जरूरत है। यदि अन्य लोग मानवता की सेवा के लिए आगे आए तो गरीबों का दुख कम होगा। उन्होंने कहा कि जीकेसी के सभी सदस्य हर पल गरीब जरूरतमंद की मदद के लिए नि:स्वार्थ भाव से खड़े रहते हैं। असहाय परिवार जो ठंड में गर्म कपड़े के लिए परेशान हैं, उनको चिह्नित कर मदद करने की आवश्यकता है। जीकेसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और बिहार झारखंड के प्रभारी दीपक कुमार अभिषेक ने कहा कि असहाय परिवार जो ठंड में गर्म कपड़े के लिए परेशान हैं उनको चिह्नित कर मदद करने के लिए लोगों की पहचान कराया जा रहा है। ताकि जरूरतमंद लोगों की सूची तैयार कराई जासके और गरीब, असहाय लोगों को कंबल उनके घर पर पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि आपकी छोटी सी एक पहल से जरूरतमंद लोगों को खुशी दे सकती है। हम सभी लोगो का प्रयास रहेगा कि वह निरंतर जरूरमंद लोगो की मदद करें। बिहार प्रदेश अध्यक्ष डा. नम्रता आनंद ने कहा कि जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाया जाना बेहद जरूरी है। अंतर ज्योति नेत्रहीन बालिका विद्यालय के बच्चों के बीच कंबल का वितरण कर मन में सुखद अनूभूति हो रही है। जीकेसी की कोशिश रहती है कि लोगों के बीच अधिक से अधिक मदद पहुंचायी जा सके। हमारे प्रयास से हजारों लोगों की जान बच सकती है तो यह नेक प्रयास हम सभी को करना चाहिए। उक्त अवसर पर मीडिया- कला संस्कृति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम कुमार, युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी राजेश सिन्हा संजू, कला संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर कुमार वर्मा, संगठन मंत्री बलराम जी, युवा प्रकोष्ठ के पटना जिला अध्यक्ष पीयुष श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव शिखा स्वरूप , पटना युवा जिला सचिव श्रेया सिन्हा, विद्यालय की प्रिंसिपल राजश्री दयाल, वार्डन रेनू कुमारी, शुभम कुमार, गोलू कुमार समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| डॉक्टर बी पी सिंह बने आईजीआईएमएस के एसोसिएट डीन| Posted: 03 Feb 2022 05:41 AM PST संवाददाता विभा सिंह की खास खबर | आज आईजीआईएमएस हृदय रोग के विभागीय अध्यक्ष डॉक्टर बी पी सिंह को आईजीआईएमएस के एसोसिएट डीन बनाया गया है l इस अवसर पर बधाई देनेवाले लोगों का ताँता लगा रहा | पटना के प्रशिद्ध समाजसेवी पंकज कुमार सिंह ने गुलदस्ता देकर उन्हें बधाइयां दी.| अपने संवोधन में डॉक्टर बी पी सिंह ने कहाकि हमारी प्राथमिकता रहेगी लोगों की सेवा और अपने विभाग को सर्वश्रेष्ठ बनाना| हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 03 Feb 2022 05:08 AM PST अलायंस क्लब अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ दयाशंकर जांगिड़ ने किया मंदाकिनी एक काव्य तरंग साझा संकलन का विमोचनअभिव्यक्ति प्रकाशन द्वारा प्रकाशित संकलन मंदाकिनी एक काव्य तरंग में नवलगढ़ के कवि रमाकांत सोनी की साझा संकलन में रचनाएं प्रकाशित हुई। शुभचिंतकों व मित्रों ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। डा मनीष शर्मा, डा मीनाक्षी शर्मा,डा अरविंद वशिष्ठ, सज्जन जोशी,संत कुमार सारथी, सुरेश कुमार जांगिड़, काशीनाथ मिश्रा, महेश कुमार मिश्रा, श्रीकांत पारीक, महेश कुमार सैनी व सभी साहित्य प्रेमियों ने कवि को बधाई दी। कवि रमाकांत सोनी वीर रस, देश भक्ति गीत, दोहा, छंद, मुक्तक आदि विधाओं में लेखन करते हैं। वे राष्ट्रीय साहित्यिक मंच कुछ बात कुछ जज्बात मंच में राष्ट्रीय सचिव,राष्ट्रीय साहित्यिक मंच शब्दाक्षर में जिला अध्यक्ष झुंझुनू, हिंद देश परिवार दिल्ली इकाई में उपाध्यक्ष, लोक संस्कृति मंच में जिला महामंत्री के रूप में साहित्यिक सेवाएं दे रहे हैं। उनकी अनेक साझा संकलनों में रचनाएं प्रकाशित हुई है।संदर्श शिखा,ईश्वर का अनुपम उपहार बेटियां प्राज्ञ साहित्य अभिव्यक्ति, काव्य के मोती,हौसला काव्य संग्रह, महाराणा प्रताप रचना ई पत्रिका,काव्य सागर ई पत्रिका,ढुंढाणी बातें ई पत्रिका, साहित्य रचना ई पत्रिका, द साहित्य,का्व्य सरिता ई पत्रिका,शांति दूत, दृष्टि एक काव्य बेला,शौर्य प्रकाश, दिव्य रश्मि, अभिव्यक्ति,नवधा भक्ति संस्कार अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़ व दिव्य दर्शन भारती से प्रकाशित साझा संकलन में रचनाएं प्रकाशित है।दैनिक नवज्योति,दैनिक अंबर, जन सोनी,भोर की किरण मैड़ महिलादीप, करंट ज्वाला आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित हुई।आकाशवाणी जयपुर से राजस्थानी भाषा में प्रसारण 2 जूलाई 2021को काव्य पाठ किया।इनकी ई बुक बुलंद हौसले अभिव्यक्ति प्रकाशन द्वारा प्रकाशित हुई है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| वर्ल्ड कैंसर डे: क्लोज़िंग द केयर गैप (Tentative) Posted: 03 Feb 2022 05:02 AM PST वर्ल्ड कैंसर डे: क्लोज़िंग द केयर गैप (Tentative)-डॉ. मनोहर अगनानी, अपर सचिव इस वर्ष 4 फरवरी 'वर्ल्ड कैंसर डे' की थीम 'क्लोज़ द केयर गैप' पर केन्द्रित है। 'कैंसर' शब्द का ज़िक्र मात्र ही ज़हन में सिहरन पैदा कर देता है। ऐसे में जिन्हें कैंसर हो जाता है और जो लोग उनकी सेवा सुश्रुषा करते हैं, उनकी मनःस्थिति को तो बयां ही नहीं किया जा सकता। फिर कैंसर केयर से सम्बंधित विभिन्न चरणों, जैसे- डायग्नोसिस, सर्जरी, रेडियोथैरेपी, कीमोथैरेपी और पैलीएटिव केयर व्यवस्था में कुछ 'गैप' हों, तो कैंसर के मरीज़ों और रिश्तेदारों की निराशा का सिर्फ़ अंदाज़ा ही लगाया जा सकता है। इस दृष्टि से इस वर्ष की थीम प्रासंगिक है, क्योंकि किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए केयर के मापदंडों पर शत-प्रतिशत खरा उतरना एक नामुमकिन सा आदर्श मात्र है। किसी व्यवस्था में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव होगा, तो कोई व्यवस्था बहुत खर्चीली होगी। कहीं लोगों की जीवनशैली और परिवेश में कैंसर के रिस्क फैक्टर बहुतायत में होंगे और कहीं आम जनता का "हैल्थ सीकिंग बिहेवियर" एक चुनौती होगा। साथ ही कैंसर प्रभावितों को टर्मिनल स्टेज में पैलीएटिव केयर दे पाना भी एक बड़ी ज़रुरत है। निष्कर्ष यही है कि कैंसर केयर के हर स्तर पर अपेक्षाओं और वास्तविकताओं में गैप होंगे ही। कहीं ज़्यादा, तो कहीं कम। इस परिपेक्ष्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (2017), आयुष्मान भारत हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के साथ कैंसर के क्षेत्र में किए जा रहे विशिष्ट प्रयासों का यहां उल्लेख करना प्रासंगिक है। आयुष्मान भारत हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर, भारत सरकार द्वारा कोम्प्रीहेंसिव प्राइमरी हैल्थ केयर सुनिश्चित करने की एक सुविचारित रणनीति है। देश में सभी उप-स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर के रूप में क्रियान्वित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हमारे माननीय प्रधानमन्त्री जी ने दिया है और आज देश में 89,000 से अधिक हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर के माध्यम से प्रिवेंटिव, प्रोमोटिव एवं कॉम्प्रीहैंसिव प्राइमरी हैल्थकेयर दी जा रही है। आशा एवं ए.एन.एम. द्वारा घर-घर जाकर 30 वर्ष से अधिक आयु की आबादी का पांच प्रमुख बीमारियों हाइपरटेंशन, डायबिटीज़ और ओरल, ब्रैस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर के प्रारम्भिक लक्षणों के आधार पर पहचान का काम किया जा रहा है और साथ ही कैंसर से बचाव के लिए जीवनशैली में परिवर्तन के लिए अपेक्षित जानकारी भी दी जा रही है। निष्कर्ष के रूप में ये कहा जा सकता है कि कैंसर केयर के प्रारम्भिक स्तर पर गैप को क्लोज़ किए जाने का भरपूर प्रयत्न किया जा रहा है और इस प्रयास के सकारात्मक परिणाम भी परिलक्षित हो रहे हैं। हमारे देश में नेशनल प्रोग्राम फ़ॉर प्रिवेंशन एंड कण्ट्रोल ऑफ़ कैंसर, डायबिटीज़, कार्डियो-वस्कुलर डिज़ीज़ एंड स्ट्रोक के माध्यम से कैंसर के प्रमुख कारणों की रोकथाम एवं नियंत्रण का प्रयास भी किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर के प्रति जन जागरूकता स्थापित करने, जीवन शैली में सुधार करने के लिए जनमानस को प्रोत्साहित करने के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पतालों में एन.सी.डी. क्लिनिक संचालित करना है। जिला अस्पतालों में सी.टी. स्कैन, एम.आर.आई., मैमोग्राफ़ी, हिस्टोपैथोलॉजी सेवाओं का विस्तार कर कैंसर के शुरुआत में ही पहचानने सम्बंधी गैप को भी ख़त्म किया जा रहा है। 'आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के माध्यम से देश की बड़ी आबादी को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा चुनिन्दा सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों के माध्यम से मुहैया कराई जा रही है। और फिर देश में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने, जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में उन्नयन करने की माननीय प्रधानमंत्री जी की सोच भी सैकेंडरी केयर को सुदृढ़ करने में कामयाब हो रही है। इसी प्रकार टर्शिअरी केयर का विस्तार करने के लिए चरणबद्ध रूप से देश में 22 एम्स स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही टर्शिअरी कैंसर केयर सेंटर्स स्कीम के तहत स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट और टर्शिअरी कैंसर केयर सेंटर्स स्थापित करने के लिए अनुदान दिया जाता है, जिसका उपयोग कैंसर के निदान एवं उपचार करने, कैंसर से सम्बंधित परीक्षण करने, रिसर्च गतिविधियां संचालित करने, पैलिएटिव केयर सुविधा उपलब्ध कराने और कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम में सहभागिता करने के लिए किया जा सकता है। झज्जर (हरियाणा) में 700 बिस्तर वाले 'नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट' और कोलकाता में 460 बिस्तर वाले 'चितरंजन नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट' भी प्रारंभ किए गए हैं। ये सभी प्रयास कैंसर केयर में सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथैरेपी आदि क्षेत्रों में गैप क्लोज़ करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। मुझे लगता है कि हमारे देश में कैंसर की रोकथाम के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, वो ऐतिहासिक हैं। इन प्रयासों में सुधार की गुंजाइश तो हमेशा रहेगी, लेकिन अब बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी हमारे देश के जनमानस, जिनमें से अधिकांश युवा हैं, की भी है, ताकि वो अपनी जीवनशैली को इस तरह से अपनाएं कि कैंसर की सम्भावना को न्यूनतम किया जा सके। संतुलित भोजन करें, योग और व्यायाम को अपनाएं, तम्बाकू एवं शराब का सेवन ना करें। और उनकी यह कोशिश न सिर्फ़ उन्हें कैंसर की संभावना से बचाएगी, अपितु सीमित सेवाओं को गुणवत्ता पूर्वक, कैंसर रोगियों को समय पर उपलब्ध कराकर इस वर्ष की थीम 'क्लोज़ द केयर गैप' को भी चरितार्थ कर सकेगी। जय हिन्द!हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| रक्षागृह मामले में संज्ञान लेकर हाई कोर्ट ने महिलाओं की सम्मान की रक्षा की है- माया श्रीवास्तव Posted: 03 Feb 2022 05:00 AM PST रक्षागृह मामले में संज्ञान लेकर हाई कोर्ट ने महिलाओं की सम्मान की रक्षा की है- माया श्रीवास्तवसमर्थ नारी समर्थ भारत की राष्ट्रीय संयोजिका माया श्रीवास्तव ने कहा कि महिला रक्षागृह मामले में संज्ञान लेकर सरकार के बजाय हाई कोर्ट ने महिलाओं के सम्मान की रक्षा की है।इसके लिये हाई कोर्ट बधाई के पात्र है।सरकार एक तरफ इस मामले में रक्षागृह के अधिकारियों को बचाने की कार्रवाई में लगी है।जिस बन्दना गुप्ता पर नवादा में आरोप लगा उस पर कारवाई करने के बजाय सम्मानित कर सरकार ने बचाने का ही काम किया है।सरकार अगर कोर्ट के निर्देशानुसार कार्रवाई कर दोषियों को सजा नही दिलायी तो संगठन सड़क पर उतरने के लिये मजबूर होगी। श्रीमती श्रीवास्तव आज पुनाईचक में पटना महानगर की अध्यक्ष पुष्पा कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक को सम्बोधित कर रही थी। बैठक को सम्बोधित करते हुए संगठन की प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा पाठक ने रक्षागृह मामले में महानगर अध्यक्ष को तुरन्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बैठक में राज्य में बढ़ रहे महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाओं पर चिंता ब्यक्त करते हुए सरकार से अबिलम्ब इस दिशा में कठोर कार्रवाई करने की मांग सरकार से की गई।इस अवसर पर बैठक में आशियाना नगर संयोजिका किरण शरण, अनामिका सिंह ,सुनीता देवी ,किरण ठाकुर , अनिता मिश्रा ,सीता देवी , स्मिता सिन्हा, डॉ अनिता सिन्हा,रीना सिन्हा ,वीना गुप्ता , लीला देवी , प्रियाचंदनी ,मीरा यादव ,गोमती देवी आदि महिलाएं उपस्थित थी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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