प्राइमरी का मास्टर ● इन - 🌐

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Sunday, February 20, 2022

प्राइमरी का मास्टर ● इन

प्राइमरी का मास्टर ● इन


निर्णय : बीएड के 12 हजार छात्र अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत, पिछले सेमेस्टर में मिले अंक बनेंगे आधार

Posted: 20 Feb 2022 05:48 PM PST

निर्णय : बीएड के 12 हजार छात्र अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत, पिछले सेमेस्टर में मिले अंक बनेंगे आधार


प्रयागराज : प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2020-22 के अंतर्गत बीएड द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों को तीसरे सेमेस्टर में प्रोन्नत कर दिया गया। यह अहम निर्णय कुलपति डा. अखिलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया। खास बात यह है कि प्रोन्नत छात्रों को प्रथम सेमेस्टर में मिले अंक के बराबर ही अंक प्रदान किए जाएंगे।


परीक्षा परिणाम भी विश्वविद्यालय के आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया गया। राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध मंडल के चारों जनपदों (प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़) के 652 महाविद्यालयों में सत्र 2020-22 के तहत नवंबर 2021 में करीब 12 हजार छात्र-छात्राओं को बीएड में प्रवेश दिया गया था। 


कोरोना के चलते पहला सत्र प्रभावित हो गया। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन केवल प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा करा सका। कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह से प्रवेश के 15 महीनों में द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा नहीं कराई जा सकी। परिणाम को लेकर महाविद्यालयों के प्रबंधतंत्र के अलावा छात्र-छात्राएं लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बना रहे थे। इसे लेकर पिछले दिनों छात्रों ने हंगामा भी किया था। ऐसे में परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई। 


कुलपति डा. अखिलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया कि छात्रों का सत्र प्रभावित न हो। इस लिहाज से उन्हें तीसरे सेमेस्टर में प्रोन्नत कर दिया गया। सर्वसम्मति से पहले सेमेस्टर में मिले अंक को ही आधार बनाए जाने पर सहमति बनी। ऐसे में छात्र-छात्राओं को पहले सेमेस्टर के बराबर अंक दिए जाएंगे।


परीक्षा समिति की बैठक में बीएड द्वितीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को तीसरे सेमेस्टर में प्रोन्नत करने का निर्णय लिया गया है। इसका परीक्षा परिणाम भी जारी कर दिया गया है। अब तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं मई में कराई जाएंगी। - डा. अखिलेश कुमार सिंह, कुलपति, प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय।

केन्द्र सरकार देश में 15 हजार आदर्श स्कूल की तैयारी में, बजट में 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान को वित्त मंत्रालय की मिली मंजूरी

Posted: 20 Feb 2022 05:39 PM PST

केन्द्र सरकार देश में 15 हजार आदर्श स्कूल की तैयारी में,  बजट में 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान को वित्त मंत्रालय की मिली मंजूरी



इस योजना के तहत सरकार 2024 तक प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर कम से कम एक आदर्श स्कूल विकसित करना चाहती है। ​शिक्षा मंत्रालय इसे लेकर एक नई योजना लाएगी, जिसके तहत इन स्कूलों को विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि ये सभी स्कूल सरकारी ही होंगे, जिनका चयन राज्यों के साथ मिलकर किया जाएगा।


⚫ केंद्र सरकार देश में 15 हजार आदर्श स्कूल बनाएगी।

⚫ 2024 तक प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर एक आदर्श स्कूल।

⚫ स्मार्ट क्लासेस, लाइब्रेरी, लैब समेत होंगी सभी सुविधाएं।


केंद्र सरकार देश में 15,000 स्कूलों को आदर्श स्कूल (एक्जेमप्लर स्कूल) के रूप में विकसित करने जा रही है और इसके लिये वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में 1800 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिल गई है और अब इस योजना को कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। वित्त वर्ष 2022-23 के बजटीय दस्तावेज के अनुसार, देश में 15,000 स्कूलों को आदर्श स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना के लिये 1800 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।


शिक्षा मंत्रालय इसे लेकर एक नई योजना लाएगी, जिसके तहत इन स्कूलों को विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि ये सभी स्कूल सरकारी ही होंगे, जिनका चयन राज्यों के साथ मिलकर किया जाएगा। इस योजना के तहत सरकार 2024 तक प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर कम से कम एक आदर्श स्कूल विकसित करना चाहती है। दस्तावेज के अनुसार, इस योजना के तहत विकसित किेये जाने वाले आदर्श स्कूलों में प्रारंभिक स्तर पर 1470 स्कूल तथा प्राथमिक स्तर पर 1470 विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा माध्यमिक स्तर पर 6030 तथा उच्च माध्यमिक स्तर पर 6030 स्कूलों को आदर्श स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।


गौरतलब है कि पिछले वर्ष के आम बजट में देश में आदर्श स्कूल स्थापित करने की योजना की घोषणा की गई थी। सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव में प्रत्येक ब्लॉक में एक प्रारंभिक (एलीमेंट्री) और एक प्राथमिक (प्राइमरी) स्कूल और प्रत्येक जिले में एक माध्यमिक और एक उच्च माध्यमिक स्कूल को उत्कृष्ट स्कूलों के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।


प्रस्ताव के अनुसार, आदर्श स्कूल में सभी छात्रों के लिए एक सुरक्षित, प्रोत्साहित करने वाले शैक्षिक वातावरण में सीखने एवं विविध अनुभव प्रदान करने वाली अच्छी ढांचागत व्यवस्था एवं समुचित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गई है । इसमें स्कूलों में उपस्थिति बढाना तथा बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जायेगा तथा शिक्षा तक पहुंच सुगम बनाकर स्कूल बीच में छोड़ने को हतोत्साहित किया जायेगा। सूत्रों ने कहा कि ये स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन में मदद करेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता के अनुकरणीय विद्यालयों के रूप में उभरेंगे ।


इन स्कूलों में अपनायी जाने वाली शिक्षा व्यवस्था अधिक प्रायोगिक, समग्र, एकीकृत, वास्तविक जीवन की स्थितियों पर आधारित, जिज्ञासा एवं शिक्षार्थी केंद्रित होगी। इनमें स्मार्ट कक्षा, पुस्तकालय, कौशल प्रयोगशाला, खेल का मैदान, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला आदि सभी सुविधाएं होंगी।

CTET RESULT 2021 : तनाव में सीटेट अभ्यर्थी, यह कैसी ऑनलाइन परीक्षा जिसका रिजल्ट आने में इतनी देरी

Posted: 20 Feb 2022 05:24 PM PST

CTET RESULT 2021 : तनाव में सीटेट अभ्यर्थी, यह कैसी ऑनलाइन परीक्षा जिसका रिजल्ट आने में इतनी देरी


CTET Result 2021 : सीटीईटी रिजल्ट के इंतजार का आज छठा दिन है। परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी पूरे आक्रोश में हैं। रिजल्ट में देरी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार अभ्यर्थी अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे हैं। 


अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर रिजल्ट में इतनी देरी करनी थी तो कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन परीक्षा कराई क्यों थी? अभ्यर्थियों का कहना है कि वह पिछले दो-तीन दिनों से लगातार रिजल्ट सर्च कर रहे हैं, इससे उनका काफी समय जाया हो रहा है। सीबीएसई को नोटिस जारी कर रिजल्ट का समय बताना चाहिए। आपको बता दें कि सीबीएसई ने सीटीईटी रिजल्ट की संभावित तिथि 15 फरवरी बताई थी लेकिन अभी तक (20 फरवरी सुबह तक) इसकी घोषणा नहीं हुई है। गुस्साए अभ्यर्थी तीन दिनों से लगातार सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय को टैग करते हुए सीटीईटी रिजल्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं।



दीपक सिंह नाम के अभ्यर्थी ने कहा कि सीबीएसई सबसे बड़ा एजुकेशन बोर्ड है। उससे ऐसी उम्मीद नहीं थी। एक अन्य अभ्यर्थी ने लिखा कि परीक्षा केंद्र में एंट्री के दौरान समय की पाबंदी का बहुत ध्यान रखा जाता है। अभ्यर्थी अगर 5 मिनट लेट हो जाए तो उसे प्रवेश नहीं दिया जाता। सीबीएसई तो रिजल्ट जारी करने में इतने दिन लेट हो गया है।


अनामिका नाम की एक अभ्यर्थी ने कहा, 'पहले सीटीईटी का रिजल्ट 15 दिन में आ जाता था अब ऑनलाइन परीक्षा में रिजल्ट 1 महीने में भी नहीं आ पा रहा है जब समय पर रिजल्ट नहीं देना था तो ऑनलाइन परीक्षा करवाई क्यों। CBSE को एक नोटिस तो जारी ही कर देनी चाहिए की रिजल्ट कब तक आयेगा।'


आयुषी नाम की अभ्यर्थी ने ट्विटर पर लिखा, 'प्लीज सीटीईटी रिजल्ट जल्द से जल्द घोषित करें। वरना नोटिस जारी करें कि यह कब जारी होगा। स्टूडेंट्स की भावनाओं के साथ खेलना अच्छी बात नहीं। हम रोजाना कई कई बार वेबसाइट चेक कर रहे हैं।'


एक अभ्यर्थी ने लिखा, 'इस बार आंसर-की चेक करने के बाद मुझे रिजल्ट का अंदाजा नहीं। आंसर-की चेक करने में तीन घंट से ज्यादा लग गए। हमारा समय कीमती है। प्लीज सीटीईटी रिजल्ट जारी करें। फीलिंग्स से ना खेलें। या फिर डेट की घोषणा करें।'

कल से खुलेंगे उत्तर प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्र, आदेश जारी

Posted: 20 Feb 2022 02:05 AM PST

कल से खुलेंगे उत्तर प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्र, आदेश जारी

 

लखनऊ। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में दो साल बाद सोमवार से छोटे बच्चों की किलकारी फिर गूंजेगी। कोरोना संक्रमण की पहली लहर के साथ बंद हुए आंगनबाड़ी केंद्र तीसरी लहर के नियंत्रित होने के बाद 21 फरवरी से खोले जाएंगे। 



बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के उप निदेशक मो. जफर खां ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार से सभी आयु वर्ग के लाभार्थी आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपस्थित होंगे।

नई शिक्षा नीति : यूपी के सभी विश्वविद्यालयों के प्री पीएचडी कोर्स वर्क होंगे एक समान

Posted: 19 Feb 2022 07:40 AM PST

नई शिक्षा नीति : यूपी के सभी विश्वविद्यालयों के प्री पीएचडी कोर्स वर्क एक समान होंगे

उत्तर प्रदेश के सभी राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों में प्री-पीएचडी कोर्स वर्क ( Pre PhD Course Work ) एक समान होगा। शासन ने नई शिक्षा नीति के तहत सत्र 2022-23 से इसे लागू करने का निर्देश दिया है। सभी विश्वविद्यालयों में प्री-पीएचडी कोर्स की संरचना में एकरूपता लाने के लिए इस कोर्स वर्क में दो पेपर मुख्य विषय के छह-छह क्रेडिट के होंगे तथा एक पेपर चार क्रेडिट का होगा, जो उस मुख्य विषय से संबंधित रिसर्च मेथोडोलॉजी का होगा। इस तरह सभी विश्वविद्यालयों को 16 क्रेडिट के तीन पेपरों के पाठ्यक्रम अपनी पाठ्यक्रम समिति (बोर्ड आफ स्टडीज) व विद्वत परिषद (एकेडमिक काउंसिल) से अनुमोदित कराने को कहा गया है। शोध परियोजना से पहले प्री-पीएचडी कोर्स वर्क करना अनिवार्य होता है। 


पाठ्यक्रम पुनर्संरचना की राज्य स्तरीय समिति के सुझावों के आधार पर जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि प्री-पीएचडी कोर्स वर्क में 16 क्रेडिट अर्जित करने वाले विद्यार्थी को उस मुख्य विषय में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिसर्च (पीजीडीआर) की उपाधि दी जाएगी। इस कोर्स वर्क में उत्तीर्ण करने के बाद ही विद्यार्थी को पीएचडी में शोध के लिए पंजीकृत किया जाएगा। 

प्री-पीएचडी कोर्स वर्क में सैद्धांतिक पेपरों के अलावा एक शोध परियोजना भी होगी, जिसका स्वरूप विश्वविद्यालयों की पाठ्यक्रम समिति व विद्वत परिषद करेगी। सेवारत शिक्षकों को यह प्री-पीएचडी कोर्स पूरा करने के लिए भौतिक कक्षाओं के साथ-साथ आनलाइन प्रक्रिया को भी मान्यता दी गई है। इसके लिए प्रारूप व नियम विश्वविद्यालय बना सकते हैं।

Post Bottom Ad

Pages