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- भाड़ में जाओ को अंग्रेजी में Go to hell क्यों कहते हैं, जबकि HELL का हिंदी अर्थ तो नर्क होता है- GK in Hindi
- बालों में शैंपू और मेडिसिन के बिना डैंड्रफ खत्म करने का तरीका- home remedies for dandruff
- COURT को किस कानून ने अधिकार दिया कि POLICE द्वारा घोषित अपराधी को दोष मुक्त कर दे - CrPC section 232
| Posted: 01 Mar 2022 01:25 PM PST भाड़ को तो सभी जानते हैं। वही जिसमें चने भुने जाते हैं। यदि आधुनिक रसोई की बात करें तो भाड़ जैसे उपकरण को OVEN कहा जाता है। दोनों लगभग एक जैसे होते हैं। बस आधुनिकता का फर्क होता है। सवाल यह है कि जब चने भूलने वाले उपकरण भाड़ को अंग्रेजी में सही शब्द OVEN कहा जाता है तो फिर 'भाड़ में जाओ' को अंग्रेजी में GO TO HELL क्यों कहते हैं। भाड़ क्या होता है, इसकी उपयोगिता क्या हैआपको जानकर अच्छा लगेगा कि यह ट्रांसलेटर की गलती नहीं है बल्कि बिल्कुल सटीक शब्दों का उपयोग किया गया है। अपने प्रश्न का उत्तर समझने के लिए सबसे पहले अपन को भाड़ के बारे में जानना होगा। 'भाड़' एक विशेष प्रकार की भट्टी को कहा जाता है। जो चारों तरफ से बंद रहती है। जिसके कारण 'भाड़' में लगी हुई आग कहीं ज्यादा ताकतवर होती है। हम सभी जानते हैं कि चने भूनने के लिए भाड़ का उपयोग किया जाता है। भाड़ में जब चने डाले जाते हैं तो वह अग्नि की गर्मी के कारण उपद्रव करने लगते हैं। यहां वहां कूदकर भाड़ यानी भट्टी में से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं परंतु भाड़ नाम की भट्टी की विशेष बात होती है कि वह चने की एक भी दाने को बाहर नहीं निकलने देती। ठीक है ऐसा ही नजारा नर्क में भी दिखाई देता है। जिस प्रकार भाड़ में डाले गए चने किसी भी सूरत में बच नहीं पाते ठीक उसी प्रकार नर्क में डाले गए व्यक्ति किसी भी सूरत में बच नहीं पाते। इसीलिए 'भाड़ में जाओ' अंग्रेजी में GO TO HELL कहा जाता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi, general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) |
| बालों में शैंपू और मेडिसिन के बिना डैंड्रफ खत्म करने का तरीका- home remedies for dandruff Posted: 01 Mar 2022 12:53 PM PST अपन दुनिया में रूस की बात नहीं कर रहे लेकिन बालों में रूसी भी दुनिया की एक बड़ी समस्या है। रूसी यानी डैंड्रफ, ना केवल दूसरों के सामने शर्मसार करता है बल्कि सेल्फ कॉन्फिडेंस की भी बैंड बजा देता है। डैंड्रफ से मुक्ति के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं। कोई टीवी पर बताया जाने वाला शैंपू यूज़ करता है तो कोई शैंपू के बेअसर हो जाने पर डॉक्टर की शरण में चला जाता है और मेडिसिन यूज करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं आयुर्वेद में एक ऐसे तरीके का उल्लेख है, जिससे बालों को हाथ लगाए बिना डैंड्रफ खत्म किया जा सकता है। कोकोनट ऑयल यानि नारियल का तेल जहां एक और आपकी त्वचा के लिए सबसे बेस्ट और नेचुरल मॉइस्चराइजर का काम करता है वहीं दूसरी ओर बालों का डैंड्रफ को भी खत्म कर देता है। आपको सिर्फ इतना करना होता है कि प्रतिदिन रात में सोते समय अपनी नाभि कोकोनट ऑयल लगाएं। आप देखेंगे कि सुबह कोकोनट ऑयल पूरी तरह से गायब हो जाएगा और आप की नाभि पहले की तरह शुष्क दिखाई देगी। जैसे-जैसे कोकोनट ऑयल के कारण नाभि में नमी आने लगेगी, वैसे वैसे बालों में डैंड्रफ गायब होता चला जाएगा। स्वास्थ्य से संबंधित समाचार एवं जानकारियों के लिए कृपया Health Update पर क्लिक करें |
| Posted: 01 Mar 2022 12:00 PM PST पुलिस FIR दर्ज करने के बाद इन्वेस्टिगेशन करती है और जब गवाह एवं सबूतों के आधार पर पुलिस को यह विश्वास हो जाता है कि आरोपी ने ही अपराध किया है, तब उसे कोर्ट में सजा के निर्धारण के लिए प्रस्तुत किया जाता है। प्रश्न यह है कि जब पुलिस इन्वेस्टिगेशन में एक व्यक्ति अपराधी साबित हो जाता है तो फिर कोर्ट को किस कानून ने यह अधिकार दिया कि वह पुलिस द्वारा घोषित अपराधी को दोषमुक्त कर दे। दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 232 की परिभाषा:-जब कोर्ट में किसी अपराध के विषय में ट्रायल चल रहा होता है तब न्यायालय के सामने अभियोजन और आरोपी दोनों पक्षों की ओर से गवाह एवं सबूत प्रस्तुत किए जाते हैं। न्यायधीश दोनों पक्षों को समान भाव से सुनता है और जब विधि के अनुसार यह विश्वास करने के पर्याप्त कारण उपलब्ध हो जाते हैं कि पुलिस द्वारा अपराधी घोषित किए गए व्यक्ति ने अपराध नहीं किया है तब सीआरपीसी की धारा 232 के तहत आरोपी को दोष मुक्त घोषित किया जाता है। उन्मोचन एवं दोषमुक्ति में सामान्य अंतर:-1. उन्मोचन अंतिम न्याय निर्णय नहीं है जबकि दोषमुक्ति अंतिम न्याय निर्णय होगा। 2. दोषमुक्ति होने पर दोबारा उस अपराध का विचारण नहीं किया जाएगा लेकिन उन्मोचन होने के बाद दोबारा अपराध पर विचारण हो सकता है। 3. आरोपी को उन्मोचन जमानत के आधार पर दिया जाता है जबकि दोषमुक्ति में जमानत की आवश्यकता नहीं होती है। (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com |
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