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Tuesday, March 29, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


MPPEB TET NEWS- उम्मीदवार का दावा, मुझसे 500000 मांगे थे, फॉरेंसिक जांच जरूरी है

Posted: 28 Mar 2022 11:00 PM PDT

भोपाल
। व्यापम घोटाला 2022 का खुलासा होते ही, आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक उम्मीदवार सौरभ विश्वकर्मा ने दावा किया है कि उसके पास फोन आया था। ₹500000 मांगे थे। सौरभ विश्वकर्मा इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में नहीं की है लेकिन प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड भोपाल इस दावे की सत्यता की जांच करानी चाहिए और इसका सिर्फ एक ही तरीका है पुलिस की प्रक्रिया से उम्मीदवार के मोबाइल की फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन।

व्यापम घोटाला 2022- शिक्षक वर्ग 3 परीक्षा के उम्मीदवार का बयान

मेरा MPTET का पेपर 10 मार्च को हुआ था। मेरे 108 नंबर आए थे। आंसर शीट के लिए 25 मार्च का इंतजार कर रहे थे, ताकि परीक्षा में गलत उत्तर पर ऑब्जेक्शन लगाया जा सके। इसी दिन पता चला कि पेपर लीक हो गया है। किसने क्या किया, यह तो पता नहीं, लेकिन एक उम्मीदवार ने मोबाइल फोन पर पेपर का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें सभी प्रश्न वही थे, जो पेपर मैं देकर आया था। 25 मार्च को फर्स्ट शिफ्ट में हिंदी और अंग्रेजी के सभी प्रश्न वही थे, जो स्क्रीनशॉट में थे। मेरे पास भी एक कॉल आया। उसने पूछा कि परीक्षा दी थी। मैंने हां कह दिया। मैंने बताया मेरे 108 नंबर आए हैं। उसने कहा कि मार्क्स बढ़ाना है, तो 5 लाख रुपए अभी दे दो। रिजल्ट जब आएगा, तो उसके बाद 5 लाख रुपए और दे देना। (सौरभ विश्वकर्मा द्वारा भोपाल के प्रतिष्ठित पत्रकार शिवांगकर द्विवेदी को दिया गया बयान।)

MPPEB TET-3 घोटाला- बोर्ड को शिकायत करना चाहिए, ताकि थर्ड पार्टी जांच करें 

व्यवसायिक परीक्षा मंडल मध्य प्रदेश यानी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड भोपाल के माथे पर दाग लग गया है और हर दिन गहरा होता जा रहा है। PEB की तरफ से कल अपनी निष्पक्षता और ईमानदारी को घोषित करते हुए बयान जारी किया गया था। नोट करने वाली बात यह है कि वह बयान PEB के लेटर हेड पर नहीं था बल्कि सादा कागज पर टाइप करके, बिना किसी जावक नंबर, तारीख एवं हस्ताक्षर के जारी किया गया था। व्यापम के संचालकों को चाहिए कि सौरव विश्वकर्मा के बयान की जांच करने के लिए भोपाल पुलिस से निवेदन करें। सौरव विश्वकर्मा के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराई जाए। यदि फोन आया है तो उस आदमी को गिरफ्तार किया जाए। 
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MPPEB डायरेक्टर सर, शिकायत आ गई है, खुली जांच कराइए, निष्पक्षता और ईमानदारी घोषित नहीं साबित कीजिए

Posted: 28 Mar 2022 10:24 PM PDT

मध्य प्रदेश।
प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड भोपाल द्वारा कल दावा किया गया था कि मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई है। आज देवास वाले उम्मीदवार का बयान आया है। उसने कहा कि उसके पास इतना पैसा नहीं है कि शिकायत करने के लिए देवास से भोपाल आए। देवास कलेक्टर के पास शिकायत कर रहा है। अब देखना यह है कि प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल अपनी निष्पक्षता साबित करने के लिए उस शिकायत को देवास कलेक्टर से अपने पास बुलवाते हैं, या फिर सरकारी परंपराओं के अनुसार शिकायत के विधिवत आने का इंतजार करेंगे।

क्वालिफाइड के बाद नॉट क्वालिफाइड घोषित किए गए उम्मीदवार का बयान

विकास का कहना है कि 28 जनवरी को ऑनलाइन परीक्षा हुई थी। उसमें मेरे 77 नंबर आए थे। 24 मार्च को 10 बजे उसका रिजल्ट आया, मैंने करीब 11 बजे रिजल्ट देखा। उसमें मुझे क्वालिफाइड बताया था, लेकिन जब 25 मार्च को मेरे एक दोस्त ने मेरा रिजल्ट देखा तो उसमें मुझे नॉट क्वालिफाईड बताया गया। OBC वर्ग के लिए कट ऑफ 68 नंबर है और मेरे 77 नंबर आए हैं, यानी कट ऑफ से 9 नंबर ज्यादा। विकास ने कहा कि मुझे नहीं पता कहां और कैसे शिकायत करनी है। इतना पैसा भी नहीं है कि भोपाल के चक्कर लगा सकूं। इसलिए देवास कलेक्टर के पास शिकायत कर रहा हूं। यहां उल्लेख प्रासंगिक है कि भोपाल वाले उम्मीदवार में शिकायत करने से इंकार कर दिया। उसका कहना था कि घर का इकलौता हूं, शिकायत करके नहीं ले सकता।

समाचारों को भी शिकायत मानने का प्रावधान है, जांच शुरू कर सकते हैं 

प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के संचालक मंडल को याद दिलाना आवश्यक है समाचारों को भी शिकायत मानने का प्रावधान है। बोर्ड चाहे तो देवास के उम्मीदवार द्वारा दिए गए बयान के आधार पर जांच शुरू कर सकता है। कई बार सुप्रीम कोर्ट ने समाचार को जनहित याचिका के तौर पर संज्ञान में लिया है। PEB चाहे तो खुली जांच प्रारंभ करें। वह पत्रकार जिसने उम्मीदवार का बयान लिया है, विकास को लेकर भोपाल आ जाएगा। अन्य जानकारी इस प्रकार है:- 

उम्मीदवार का नाम:- विकास मीणा 
उम्मीदवार का पता:- ग्राम जूनापानी, तहसील खातेगांव जिला देवास 
शिकायत क्या है:- 24 मार्च को रिजल्ट में क्वालिफाइड लिखा था, 25 मार्च को नॉट क्वालिफाइड हो गया। 
साक्ष्य कहां मिलेंगे:- उस कंप्यूटर सर्वर में जहां पर पूरा रिजल्ट अपलोड किया गया है। 
सबसे खास बात:- कंप्यूटर चुगलखोर होता है, यदि रिजल्ट को एडिट किया गया है तो उसका रिकॉर्ड जरूर मिलेगा और अपने सॉफ्टवेयर का निरीक्षण करने के लिए किसी शिकायत की जरूरत नहीं होती। यह ठीक वैसा ही है जैसे गस्त करने के लिए पुलिस को किसी शिकायत की जरूरत नहीं होती।
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जिला न्यायालय में ट्रायल से पहले आरोपी को कब मुक्त किया जा सकता है- CrPC section 237

Posted: 28 Mar 2022 09:23 PM PDT

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173 के तहत पुलिस अपनी इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट अर्थात चार्ट शीट ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट के पास भेजती है। मैजिस्ट्रेट पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए चालान की समीक्षा करता है। इस दौरान डिसीजन लिया जाता है कि पुलिस की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट को ट्रायल के लिए किस सत्र न्यायालय में भेजना है अथवा आरोपी को ट्रायल से पहले ही बुक कर देना है। आइए जानते हैं, वह कौन सी होती है जब किसी आरोपी को कोर्ट में ट्रायल से पहले ही मुक्त कर दिया जाता है:-

दण्ड प्रक्रिया संहिता,1973 की धारा 239 की परिभाषा:-

जब किसी अपराध की पुलिस रिपोर्ट संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास पहुँचती हैं तब मजिस्ट्रेट उपर्युक्त धारा के अंतर्गत आरोपी पक्ष की परीक्षा करेगा अगर मजिस्ट्रेट को लगता हैं कि पुलिस रिपोर्ट में लगे आरोपों को साबित करने के कोई ठोस साक्ष्य नहीं है तब मजिस्ट्रेट आरोपी को उन्मोचित कर देगा, अगर पुलिस रिपोर्ट संदेह के परे है तो आरोपी को उन्मोचित करने से पहले जमानत (बॉन्ड) भी ले सकता है न्यायालय।

हम कह सकते हैं- कि सीआरपीसी की धारा 239 के तहत मजिस्ट्रेट किसी आरोपी को ट्रायल से पहले ही मुक्त कर सकता है, लेकिन ऐसा केवल तक किया जा सकता है जब मजिस्ट्रेट के पास यह विश्वास करने का पुख्ता आधार हो की पुलिस के चालान में अपराध के घटित होने और उसमें आरोपी के शामिल होने का कोई सबूत मौजूद नहीं है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
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एप्पल की खेती पूरे भारत में क्यों नहीं होती, जबकि डिमांड हमेशा बनी रहती है- GK in Hindi

Posted: 28 Mar 2022 09:42 PM PDT

An apple a day keeps the doctor away, यानी यदि आप रोज एक एप्पल खाते हैं तो आपको कभी डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ेगा। आप बीमार नहीं होंगे। सवाल यह है कि जब एप्पल इतना इंपॉर्टेंट और यूज़फुल है तो फिर उसकी खेती पूरे भारत में क्यों नहीं होती। सरकार एप्पल की खेती को बढ़ावा देने वाली योजना क्यों नहीं बनाती। आइए इस मामले को समझते हैं:-

एप्पल में क्या खास तत्व होते हैं 

एप्पल में विटामिन ए, बी, सी, कैल्शियम, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। एप्पल में पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं जो मनुष्य के हृदय और स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। सरल शब्दों में कहें तो एप्पल में वह सारे तत्व होते हैं जो मनुष्य के शरीर को किसी भी रोग से लड़ने के लिए तैयार करते हैं। कीटाणुओं को पनपने नहीं देते। वायरस को शरीर में घुसते ही मार डालते हैं।

भारत के हर शहर में एप्पल की खेती क्यों नहीं होती 

एप्पल यानी सेवफल की खेती के लिए मिट्‌टी का Ph 5 से 7 के बीच होनी चाहिए। यानी की मिट्टी भुरभुरी होनी चाहिए। जो जितना इंपॉर्टेंट होता है उसके नखरे भी उस नहीं होते हैं। एप्पल के पौधे के भी अपने नखरे हैं। सेवफल के पौधे में पानी नहीं लगना चाहिए। पौधे को बढ़ने के लिए ठंड जरूरी है लेकिन पाला नहीं पढ़ना चाहिए। एप्पल के बगीचे का तापमान 7 से 20 डिग्री तक होना चाहिए। इस तरह की मिट्टी और पर्यावरण पूरे भारत में नहीं मिलता।

वैज्ञानिक लगातार कोशिश कर रहे हैं कि एप्पल के पेड़ की कोई ऐसी प्रजाति विकसित की जाए जो 45 डिग्री की गर्मी में भी नष्ट ना हो और कोहरा एवं पाला पड़ने की स्थिति में भी पेड़ों को नुकसान ना हो। फिलहाल वैज्ञानिकों को सफलता नहीं मिली है।  Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 
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बिजली कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया, वार्षिक बोनस की घोषणा - MP karmchari news

Posted: 28 Mar 2022 01:29 PM PDT

ग्वालियर
। मध्य प्रदेश शासन के उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि बिजली कम्पनियों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रति वर्ष 7 हजार रुपये तक का बोनस दिया जायेगा। बोनस का भुगतान कांट्रेक्टर्स द्वारा "द पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट-1965'' के तहत मासिक आधार पर किया जायेगा। 

यानी कि सैलरी में हर महीने ₹583 बोनस के मिलेंगे। कर्मचारी इसे एक प्रकार की अस्थाई वेतन वृद्धि मान सकते हैं। कंपनी ने बताया कि कांट्रेक्टर्स द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों को बोनस देने का प्रमाण-पत्र देने पर विद्युत कम्पनी द्वारा उसे बोनस राशि का भुगतान किया जायेगा। यह निर्णय इस संबंध में गठित समिति की अनुशंसा पर लिया गया है। 

बोनस का भुगतान आउटसोर्स कर्मचारी के कुल वेतन (wages) का 8.33 प्रतिशत और अधिकतम 7 हजार रुपये तक प्रति वर्ष किया जायेगा। कर्मचारी का कुल वेतन 21 हजार रुपये प्रति माह से अधिक नहीं होना चाहिये। सर्विस चार्जेस, ईपीएफ और ईएसआईसी का भुगतान बोनस राशि पर नहीं करना होगा। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

IFMIS- सरकारी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण के लिए शिविर का आयोजन - MP karmchari news

Posted: 28 Mar 2022 01:18 PM PDT

ग्वालियर
। कोष एवं लेखा विभाग द्वारा शासकीय कर्मचारियों के वेतन निर्धारण का अनुमोदन सातवें वेतनमान के अंतर्गत आईएफएमआईएस प्रणाली के तहत 15 अप्रैल तक कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।   

संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा ने बताया है कि ग्वालियर-चंबल संभाग के समस्त डीडीओ, ऐसे प्रकरण जिनका अभी तक वेतन निर्धारण अनुमोदन नहीं हुआ है, वह कोष एवं लेखा कार्यालय में 28 मार्च से एक सप्ताह के लिये आयोजित शिविर में प्रस्तुत करें, ताकि प्रकरणों का निराकरण किया जा सके। 

वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री रविन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर के अंतर्गत हर शासकीय सेवक का ईएसएस प्रोफाइल अपडेशन किया जाना है। ईएसएस प्रोफाइल अपडेशन न होने से सेवानिवृत और मृत कर्मचारी के पेंशन आदि स्वत्वों के निराकरण में कठिनाई आती है और देरी भी होती है। इस वजह से सभी विभागों के अधिकारियों को जल्द से जल्द यह काम पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। 
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INDORE JOBS- 10 कंपनियों में 750 नौकरियां, वॉक इन इंटरव्यू - ROJGAR SAMACHAR

Posted: 28 Mar 2022 01:08 PM PDT

इंदौर
। स्ट डायल, डोमिनोज, पेटीएम एवं रिलायंस जिओ सहित 10 प्रतिष्ठित कंपनियों में पांचवी पास से लेकर ग्रेजुएट और सॉफ्टवेयर इंजीनियर तक 750 रिक्त पदों पर भर्ती हेतु walk-in-interview का आयोजन किया गया है। ओपन केंपस यानी रोजगार मेला का आयोजन 30 मार्च 2022 को किया जा रहा है। उम्मीदवार सुबह 10.30 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक ढक्कन वाला कुआं के पास ग्रामीण हाट बाजार में जिला रोजगार कार्यालय आयोजित होगा।

उप संचालक जिला रोजगार कार्यालय श्री पी.एस. मण्डलोई ने बताया कि इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियां जैसे - धनदीप इंडिया लिमिटेड, एसजीएस सिक्योरिटी, ई-सवारी, शिवशक्ति डिजाइन, लॉ-मार्शल, पीएनपी कंप्यूटर, जस्ट डायल, डोमिनोज, पेटीएम, रिलायंस जिओ, वन पाइंट वन, यशस्वी ग्रुप आदि के प्रतिनिधि शामिल होंगे। 

कंपनियों के प्रतिनिधि साक्षात्कार लेकर विभिन्न पदों पर योग्यता अनुसार युवाओं को नौकरी के लिये चयनित करेंगे। चयनित युवाओं को आकर्षक वेतन मिलेगा। जिन पदों पर चयन किया जायेगा उनमें टेक्नीशियन, शाखा प्रबंधक, टेलीकॉलर, साफ्टवेयर डेवलपर, ग्राफिक डिजाईनर, टीम लीडर, सुरक्षा गार्ड एवं सेल्स मेन आदि शामिल है। रोजगार मेले में लगभग 750 पदों पर भर्ती की जायेगी।

उक्त मेले में 18 से 40 वर्ष के आवेदक जो की 5वीं से लेकर स्नातकोत्तर किसी भी विषय में उत्तीर्ण आवेदक तथा एम.बी.ए., आई.टी.आई., डिप्लोमा आदि योग्यता के आवेदक भी रोजगार मेले में भाग ले सकते हैं। रोजगार मेले में सम्मिलित होने वाले आवेदकों को अपनी समस्त शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण-पत्रों के साथ बायोडाटा एवं अन्य प्रमाण-पत्र जैसे आधार कार्ड आदि की फोटो प्रतियां भी आवश्यक रूप से साथ लाना होगी। विस्तृत जानकारी जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। जिला रोजगार कार्यालय का दूरभाष क्रमांक 0731-4985625 तथा मोबाइल नंबर 76206-03331, 99075-13366 है। 
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INDORE NEWS- कलेक्टर ने किराएदार को भगाया, बुजुर्ग के फ्लैट पर कब्जा कर लिया था

Posted: 28 Mar 2022 12:53 PM PDT

इंदौर।
कलेक्टर मनीष सिंह इंदौर में काफी कुछ नया कर रहे हैं। एक अभियान चला रखा है। ऐसे बेसहारा वृद्धजन जिन की प्रॉपर्टी पर किसी ने कब्जा कर लिया है, कलेक्टर उनका सहारा बन रहे हैं। निश्चित रूप से यह किसी भी तीर्थ यात्रा योजना से ज्यादा पुण्य प्रदान करने वाला काम है। आज कलेक्टर ने 84 वर्षीय श्री महावीर जैन के फ्लैट को मुक्त कराया, जिस पर किराएदार ने कब्जा कर लिया था।

सिर्फ प्रॉपर्टी नहीं किराए की बकाया राशि भी दिलाते हैं

एसडीएम श्री अंशुल खरे द्वारा आज 84 वर्षीय श्री महावीर जैन के ग्रीन वैली स्थित फ्लैट का कब्जा उन्हें वापस दिलाया गया तथा किराए की बकाया 50 हजार रुपए की राशि का भुगतान भी कराया गया। श्री महावीर जैन द्वारा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मनीष सिंह को दिए गए आवेदन में बताया गया था कि उन्होंने अपना कनाडिया रोड स्थित फ्लैट क्रमांक 310 डी ब्लॉक ग्रीन वैली को 2019 में किराए पर दिया था। 

किराएदार द्वारा पिछले कई महीनों से ना ही उन्हें किराया दिया जा रहा है एवं किराए की राशि ना चुकाने के उद्देश्य से अनादरित चेक दिया जा रहा है। जब महावीर जैन ने किरायेदार को फ्लैट खाली करने के लिये कहा तो किरायेदार द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और धमकी भी दी गई।

किराएदार प्रॉपर्टी पर कब्जा कर ले तो किस कानून के तहत कार्रवाई होगी 

मध्य प्रदेश स्थान नियंत्रण अधिनियम 1961 एवं नियम 1968 के तहत कार्रवाई की जाती है। कलेक्टर श्री मनीष सिंह के निर्देश पर आज एसडीएम श्री अंशुल खरे द्वारा मध्य प्रदेश स्थान नियंत्रण अधिनियम 1961 एवं नियम 1968 की धारा 23 के तहत उक्त फ्लैट का कब्जा श्री महावीर जैन को वापस दिलाया गया। 

एसडीएम श्री खरे ने बताया कि जिले में कलेक्टर श्री मनीष सिंह के निर्देशन में वृद्धजनों, निराश्रित व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण के लिए सतत अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया और आगे भी इसी तरह वृद्धजनों एवं निराश्रित व्यक्तियों की सहायता जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान अटका, संयुक्त मोर्चा नाराज- MP employees news

Posted: 28 Mar 2022 12:27 PM PDT

जबलपुर
। शासकीय कर्मचारियों को उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि के दूसरी किस्त के एरियर का भुगतान जो दिनांक 1 अप्रैल को होना चाहिए, अधिकारियों की लापरवाही के कारण नहीं हो पाएगा। क्योंकि भुगतान के लिए 27 मार्च तक बिल जनरेट नहीं किए गए थे।

मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष अटल उपाध्याय ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के आदेश क्रमांक 1879/1072/2021/ नियम /चार/भोपाल दिनाँक 22 अक्टूबर 2021 के अनुसार नवम्बर 2020 में मिलने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि का भुगतान ना किये जाने की घोर निंदा की है। वार्षिक वेतनवृद्धि एक वर्ष विलंब से दी गई थी। दूसरी किस्त के एरियर्स का भुगतान अप्रैल माह में किया जाना था लेकिन कुछ कार्यालय प्रमुखों की लापरवाही के कारण एरियर्स भुगतान के देयकों को 27 मार्च तक जनरेटर नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों को सरकारी आदेश के पश्चात भी बे-लगाम अफसरशाही के कारण 1 अप्रैल को भुगतना नहीं हो पायेगा। 

मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा सिहोरा तहसील अध्यक्ष योगेन्द्र मिश्रा,नरेंद्र सेन,अरविंद पाठक,सतीस उपाध्याय,वीरेश शर्मा,डालचंद पासी,नेतराम झारिया, नरेंद्र सिंह चौहान,के एस ठाकुर , श्रीराम नामदेव ,बसन्त संयमी, ऋषि नारायण परासर, अवधेस यादव, संतोष तिवारी,नादिर कुरेसी, शौरभ तिवारी, धन सिंह, जी सी रजक,इंद्र प्रताप  ने सरकारी आदेश के पस्चात भी एरियस की दूसरी क़िस्त के देयक जनरेटर ना करने वाले आहरण अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने और एरियस के भुगतान जल्द करवाने की माँग की है। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

शिक्षा विभाग की जांच समिति शक के दायरे में, प्रशांत सिंह परमार का मामला- GWALIOR NEWS

Posted: 28 Mar 2022 09:39 AM PDT

ग्वालियर
। सहायक शिक्षक प्रशांत सिंह परमार मामले में शिक्षा विभाग की वह जांच समिति शक के दायरे में आ गई है जिसने 2 साल पहले प्रशांत सिंह परमार को क्लीन चिट दी थी। अपनी जांच रिपोर्ट में दावा किया था कि सभी स्कूल एवं कॉलेजों का संचालन प्रशांत सिंह परमार की पत्नी करती हैं, प्रशांत सिंह का कोई रिश्ता नहीं है। 

प्रशांत सिंह परमार के खिलाफ सबसे पहले शिक्षा विभाग में शिकायत हुई थी। जांच भी शुरू की गई थी। एक कमेटी बनाई गई थी। वर्ष 2020 में जांच की खानापूर्ति कर कमेटी ने रिपोर्ट दी कि कालेजों का संचालन प्रशांत की पत्नी शशि परमार करती हैं। प्रशांत का इन कालेजों से कोई ताल्लुक नहीं है। उसे सिर्फ बिना अनुमति विदेश यात्रा का दोषी पाया गया था, जबकि छापे में कई कालेज के दस्तावेज प्रशांत के नाम पर ही मिले हैं।

EOW के खुलासे के बाद शिक्षा विभाग की जांच समिति शक के दायरे में आ गई है। कमेटी में शामिल सभी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच होनी चाहिए। यह एक गंभीर मामला है। यदि जांच समिति ही डिपार्टमेंट को गुमराह करेगी तो पूरा सिस्टम खराब हो जाएगा। 

प्रशांत सिंह के चार ठिकानों पर ईओडब्ल्यू की टीम को छापेमारी में 25 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चल चुका है। इस मामले में अब स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसका कारण यह है कि गत तीन वर्षों में विभागीय अफसरों के पास साक्ष्यों के साथ शिकायतें की गई कि प्रशांत कई कालेजों का संचालन कर रहा है, लेकिन अफसरों ने हर बार टालमटोल का रवैया अपनाया। 

सिथौली निवासी दीपक सिंह चौहान ने वर्ष 2019 में प्रशांत के खिलाफ शिकायत की, जिस पर स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों ने एक जांच कमेटी का गठन किया। इस कमेटी ने रिपोर्ट में उसका कालेजों से कोई संबंध नहीं होना बताया। प्रशांत महाराजपुरा प्राइमरी स्कूल में पदस्थ है।

शिकायतकर्ता दीपक सिंह चौहान का कहना है उसने आरटीआइ के तहत परमार की हाजिरी से संबंधित रजिस्टर की फोटो कापी की मांग की। स्कूल के प्राचार्य कल्याण सिंह राजपूत ने फोटो कापी कराने के लिए प्रशांत को ही रजिस्टर दे दिया और बाद में यह रजिस्टर गायब कर दिए गया। इसे कानूनी रूप देने के लिए परमार ने पुरानी छावनी थाने में 11 नवंबर 2021 को आवेदन दिया कि रजिस्टर रास्ते में कहीं गिर गया है, पुलिस उसे ढूंढकर उचित कार्यवाही करे। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

MPPEB का जवाब, पुलिस आरक्षक भर्ती मामले में कोई गड़बड़ी नहीं हुई- ROJGAR SAMACHAR

Posted: 28 Mar 2022 12:21 PM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा पुलिस आरक्षक भर्ती मामले में अपना पक्ष प्रस्तुत किया गया है। दावा किया गया है कि पुलिस आरक्षक भर्ती मामले में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। फाइनल रिजल्ट पूरी पारदर्शिता के साथ जारी किया जाएगा। प्रारंभिक रिजल्ट के बाद किसी भी प्रकार का शक करने की जरूरत नहीं है। उल्लेखनीय है कि उम्मीदवारों ने सवाल उठाए थे जो भोपाल समाचार डॉट कॉम द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए गए थे। 

MP POLICE हेडक्वार्टर से जो नियम मिले उनका पालन किया जा रहा है

पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा- 2020 जनवरी फरवरी 2022 में आयोजित की गई एवं उसका प्रथम चरण का परिणाम भी पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश द्वारा हस्ताक्षरित नियम पुस्तिका के आधार पर ही दिनांक 24 मार्च 2022 को घोषित कर दिया गया है। 6000 पदों के विरुद्ध प्रथम चरण में 05 गुना अर्थात् लगभग 30000 अभ्यर्थियों की लिस्ट पुलिस विभाग को उपलब्ध कराई गई है।

रेंडम लिस्ट है, फाइनल रिजल्ट नहीं है- MPPEB ने कहा

प्रथम चरण के रिजल्ट के आधार पर सूची उपलब्ध कराते समय यह ध्यान रखा जाता है कि रेंडम लिस्ट हो, जिससे वास्तव में यह पता नहीं लगाया जा सके कि मेरिट में कौन अभ्यार्थी ऊपर है और कौन नीचे है।

प्रथम चरण के रिजल्ट में कटऑफ कभी नहीं बताया जाता- PEB के डायरेक्टर ने बताया

प्रथम चरण के रिजल्ट में कटऑफ कभी नहीं बताया जाता है और यह प्रक्रिया वर्ष 2016 एवं 2017 के पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में भी अपनाई गई थी। प्रथम चरण में कट ऑफ या मेरिट लिस्ट के अंक बता देने से फिजिकल टेस्ट की भी शुचिता प्रभावित होने की संभावना रहती है।

कट ऑफ मार्क्स और मेरिट फिजिकल टेस्ट के बाद बताते हैं- MP PEB ने बताया

फिजिकल टेस्ट में क्वालीफाईड पाए जाने के आधार पर फाइनल रिजल्ट पीईबी द्वारा निकाला जाता है। जिसमें कट ऑफ मार्क्स एवं अभ्यर्थी द्वारा प्राप्त मार्कस भी दर्शाये जाते हैं।

बिना भयभीत हुए साक्ष्य प्रस्तुत करें, हम छानबीन करेंगे- PEB डायरेक्टर

कुछ समाचारों में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा-2020 के अभ्यर्थियों के परिणाम में कुछ अभ्यर्थियों को पहले क्वालीफाईड एवं बाद में नॉटक्वालीफाईड अंकित होने का उल्लेख किया जा रहा है। इस संबंध में कराया जाता है कि पीईबी द्वारा परीक्षा परिणाम एक ही बार जारी किया गया है। आवेदक स्वयं ऑनलाईन अपना परीक्षा परिणाम देख सकते है। यदि किसी भी प्रकार की कोई शंका है तो वे समुचित साक्ष्यों के साथ अपना आवेदन बोर्ड कार्यालय में प्रस्तुत करें, जिससे शंका का समाधान किया जा सके।

पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई, फाइनल रिजल्ट पारदर्शी होगा

फाइनल रिजल्ट वर्गवार एवं आरक्षण नियमों के आधार पर होता है। अतः पीईबी द्वारा कराई गई पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा एवं प्रथम चरण के जारी रिजल्ट में कोई शंका करने की आवश्यकता नहीं है। पीईबी यह आश्वस्त करता है कि परीक्षा नियम पुस्तिका के अनुसार पूर्ण शुचितापूर्वक संपन्न कराई गई है एवं परिणाम भी पूर्णतः फेयर एवं पारदर्शी होगा। ✒ संचालक प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड भोपाल
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MPPSC 2019- हाई कोर्ट में फैसले की तारीख निर्धारित, इंटरव्यू भी अंतिम निर्णय के अधीन

Posted: 28 Mar 2022 09:43 PM PDT

जबलपुर
। Madhya Pradesh Public Service Commission द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2019, प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं इंटरव्यू सब कुछ हाई कोर्ट के निर्णय के अधीन कर दिया गया है। विवादित मामले में 31 मार्च को अंतिम सुनवाई की जाएगी। 

MPPSC NEWS- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई अर्जेंट हियरिंग

सोमवार को वरिष्ठतम न्यायाधीश सुजय पाल व न्यायमूर्ति डीडी बंसल की युगलपीठ के समक्ष मामला सुनवाई के लिए लगा। पीएससी के समस्त 49 प्रकरणों को वरीयता के आधार पर निर्णय के लिए सुप्रीम कोर्ट 21 मार्च को हाई कोर्ट को निर्देश जारी कर चुका था। इसी आधार पर अर्जेंट हियरिंग को महत्व दिया गया। पीएससी परीक्षा-2019 की प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा सहित राज्य सेवा परीक्षा नियम-2015 में किए गए 17 फरवरी, 2020 के संशोधन की वैधानिकता को चुनौती देने वाली मुख्य याचिका के साथ 48 अन्य याचिकाएं लिंक करके सुनवाई शुरू की गई। 

MPPSC 2019 HIGH COURT NEWS- इंटरव्यू भी अंतिम निर्णय के अधीन

संबंधित अधिवक्ता बहस के लिए तैयार थे। लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले की बहस में अधिक समय लगेगा, इसलिए गुरुवार को टाप आफ द लिस्ट करके फाइनल हियरिंग की जाएगी। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने हाई कोर्ट को अवगत कराया कि हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बावजूद पीएससी परीक्षा-2019 की साक्षात्कार प्रक्रिया 29 मार्च से प्रारंभ की जा रही है। यह जानकारी रिकार्ड पर लेकर हाई कोर्ट ने साक्षात्कार प्रक्रिया को भी अंतिम निर्णय के अधीन करने का अंतरिम आदेश पारित कर दिया। 

MPPSC OBC आरक्षण विवाद के फैसले की तारीख निर्धारित

याचिकाकर्ताओं की ओर से आधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, विभिर खंडेलवाल, आदित्य संघी ने पक्ष रखा। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से परमानंद साहू, आरजी वर्मा व राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आशीष आनंद बर्नार्ड व हरप्रीत रूपराह खड़े हुए। सभी ने हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब अंतिम स्तर की बहस के लिए तैयारी शुरू कर दी है।  उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

कर्मचारी को NOTICE DATE से पहले बर्खास्त नहीं कर सकते, हाईकोर्ट का आदेश- MP karmchari news

Posted: 28 Mar 2022 09:44 PM PDT

जबलपुर
। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कारण बताओ नोटिस के अंतर्गत निर्धारित की गई जवाब की तारीख से पहले कर्मचारी को बर्खास्त नहीं किया जा सकता। इसी कारण से कर्मचारी को बर्खास्त करने का आदेश निरस्त कर दिया गया।

MP employees news- याचिकाकर्ता लोकेश बिस्लावत की समाप्ति का मामला

प्रशासनिक न्यायाधीश शील नागू व न्यायाधीश मनिंदर सिंह भट्टी की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता लोकेश बिस्लावत की ओर से अधिवक्ता आशीष त्रिवेदी व आनंद शुक्ला ने पक्ष रखा। 

3 दिसंबर को नोटिस जारी किया, 8 दिसंबर को बर्खास्त कर दिया

उन्होंने न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता की नियुक्ति व्यवहार न्यायालय, मनासा में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में आकस्मिक निधि के अंतर्गत वर्ष 2014 में हुई थी। बाद में याचिकाकर्ता की सेवाएं कार्यभारित स्थापना में निरंतर कर दी गई थीं।याचिकाकर्ता को 3 दिसंबर, 2016 को सात दिन की अनुपस्थिति के सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जो याचिकाकर्ता को 5 दिसंबर को तामील किया गया व 8 दिसंबर को याचिकाकर्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। 

याचिकाकर्ता ने बर्खास्तगी के आदेश के विरूद्ध रजिस्ट्रार जनरल, हाई कोर्ट को अभ्यावेदन भी दिया किन्तु अभ्यावेदन भी निरस्त कर दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता को अपना पक्ष रखने सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर नहीं दिया गया। याचिकाकर्ता के पिता बीमार थे और याचिकाकर्ता अपना जवाब प्रस्तुत नहीं कर पाया और हड़बड़ी में याचिकाकर्ता को बर्खास्त कर दिया गया।

कर्मचारी को युक्तियुक्त सुनवाई का अवसर का अधिकार

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में अवधारित किया कि सेवा नियमों में अनावेदक युक्तियुक्त सुनवाई का अवसर प्रदान करने बाध्य है। याचिकाकर्ता को सात दिन की अनुपस्थिति हेतु तीन दिसंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया जिसमें चार दिन के भीतर जवाब देने कहा गया था। याचिकाकर्ता से अपेक्षा की गई थी कि वह सात दिसंबर तक जवाब प्रस्तुत करे। यह नोटिस याचिकाकर्ता को पांच दिसंबर को सुबह 11.30 बजे तामील कराया गया। इसके पूर्व कि याचिकाकर्ता अपना जवाब प्रस्तुत कर सके उसे आठ दिसंबर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। 

यद्यपि सेवा नियमों में जवाब देने के लिए कोई निश्चित समय सीमा का प्रविधान नहीं है किन्तु जवाब देने के लिए मात्र दो-तीन दिन का अवसर दिया जाना किसी भी तरह से युक्तियुक्त अवसर के रूप में निरूपित नहीं किया जा सकता है। अभिलेखों से यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई इतनी हड़बड़ी के साथ क्यों की गई और याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर भी विचार क्यों नहीं किया गया जबकि वह चिकित्सकीय दस्तावेजों से समर्थित था। 

अनुशासनात्मक अधिकारी को यह देखना चाहिए था कि कर्मचारी की अनुपस्थिति जानबूझकर थी या उसकी अनुपस्थिति के पीछे कोई तार्किक कारण था। केवल जानबूझकर अनुपस्थिति के मामले में ही कार्रवाई की जा सकती है। अतः याचिकाकर्ता को युक्तियुक्त अवसर, जवाब प्रदान करने का दिया जाना चाहिए। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

MP NEWS- नर्सिंग GNM EXAM में खुलकर नकल हुई, 50 मामले दर्ज

Posted: 28 Mar 2022 08:40 AM PDT

गुना।
GNM परीक्षा के दौरान जांच दल ने नकल के 50 मामले दर्ज किए हैं जबकि कुल परीक्षार्थियों की संख्या 500 थी। यानी कि 10% उम्मीदवार नकल करते पकड़े गए हैं। इनमें 20 लड़कियां शामिल हैं। यह अपने आप में बहुत बड़ी संख्या है। इसी प्रकार के आंकड़ों को खुली नकल कहते हैं। 

गुना जिला मुख्यालय पर स्थित शासकीय पीजी कॉलेज में परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा केंद्र पीजी कॉलेज में अशोकनगर जिले के तीन और गुना जिले के साथ नर्सिंग कॉलेजों के स्टूडेंट्स परीक्षा देने आए थे। कुल परीक्षार्थियों की संख्या 500 थी। जब निरीक्षण करने के लिए दल आया तो जांच के दौरान पूरे नकल कांड का खुलासा हो गया। 

परीक्षा देने आए विद्यार्थी किताबों के पेज अपने साथ लेकर आए थे और खुलेआम आंसर शीट पर उत्तर लिख रहे थे। कुछ उम्मीदवार ऐसे भी मिले जो दूसरे परीक्षार्थियों को नकल करा रहे थे। 500 में से 50 विद्यार्थियों के खिलाफ नकल का प्रकरण पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करता है। कॉलेज के प्राचार्य बी पी तिवारी ने बताया कि सभी मामले काउंसिल के पास भेजे जा रहे हैं। काउंसिल इस मामले में अंतिम फैसला करेगी। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

MP OBC आरक्षण, हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण डाटा प्रस्तुत करेगी शिवराज सरकार- HINDI NEWS

Posted: 28 Mar 2022 08:22 AM PDT

जबलपुर
। 27% ओबीसी आरक्षण मामले में शिवराज सिंह चौहान सरकार हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण डाटा पेश करने वाली है, जो पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा तैयार किया गया है। इसके लिए सरकार ने 1 महीने का समय मांगा है। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और जस्टिस शील नागू की डबल बेंच में मामले की सुनवाई हुई थी। उच्च न्यायालय ने 1 महीने का समय दे दिया है।

MP NEWS- ओबीसी आरक्षण विवाद पर 55 याचिकाओं में सुनवाई हो रही है

जबलपुर हाईकोर्ट की मुख्यपीठ में आज नई बेंच में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई। दो दिन पहले चीफ जस्टिस पीके कौरव ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। ओबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में 55 के लगभग याचिकाएं दायर हैं। सभी पर एक साथ सुनवाई चल रही है। आज की सुनवाई ओबीसी आरक्षण को 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने के संवैधानिक कारणों को लेकर हुई।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पेश की जाएगी

सरकार की ओर से बताया गया कि प्रदेश में ओबीसी की जनसंख्या 2011 की जनगणना के आधार पर 50 प्रतिशत से अधिक है। ओबीसी वर्ग की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सहित कई बिंदुओं पर विस्तृत डाटा तैयार करने के लिए पिछले दिनों पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया था।

आयोग ने हर जिले में जाकर ओबीसी काे लेकर विस्तृत डाटा तैयार किया है। इस डाटा को पेश करने के लिए हमें मोहलत चाहिए। लगभग 20 मिनट की सुनवाई चली। कोर्ट ने सरकार की मांग स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की है। उससे पहले सरकार को अपना डाटा पेश करना होगा।

मध्यप्रदेश में 2019 से चल रहा है ओबीसी आरक्षण विवाद

कांग्रेस की 2018 में कमलनाथ के नेतृत्व में बनी सरकार ने 2019 में कैबिनेट में प्रस्ताव पारित कर राज्य में OBC का आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% करने का फैसला किया था। बाद में राज्य विधानसभा ने इसे मंजूरी भी दे दी थी। मामला आगे बढ़ता, उससे पहले ही मप्र लोकसेवा आयोग की परीक्षा में बैठने वाले छात्रों ने फैसले को हाईकोर्ट में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण को लेकर इंदिरा साहनी केस का हवाला देते हुए चुनौती दी। इस पर कोर्ट ने स्टे दे दिया। तब से ही मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट ने फिलहाल 14 प्रतिशत ही ओबीसी आरक्षण को बरकरार रखा है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

IT सॉफ्टवेयर इंजीनियर लड़की का इंटर्न ने फायदा उठाया, 3 लाख रुपए भी ले लिए- INDORE NEWS

Posted: 28 Mar 2022 08:00 AM PDT

इंदौर
। 25 साल की IT प्रोफेशनल लड़की प्यार में धोखे का शिकार हो गई। उसकी कंपनी में उसके अंदर इंटर्नशिप करने आए एक लड़के ने उसके इमोशंस का फायदा उठाया। उसे प्रपोज किया, उसी के फ्लैट में लिव इन रिलेशनशिप में रहा। पूरा खर्चा लड़की उठाती रही। लड़का फिजिकल रिलेशन बनाता रहा। 3 लाख रुपए भी ले लिए। फिर छोड़कर चला गया। किसी और से शादी कर ली। 

TI तहजीब काजी ने बताया कि लड़की ने शिकायत की है कि वह जिस कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम कर रही थी उसी कंपनी में अनुराग इंटर्नशिप के लिए आया था। पहले काम की बातचीत होती रही फिर अनुराग उसे प्रभावित करने की कोशिश करने लगा। दोनों के बीच काम के अलावा भी बातचीत होने लगी। इसी दौरान अनुराग ने शादी के लिए प्रपोज कर दिया। 

अफेयर शुरू हो जाने के बाद दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। दोनों कई बार फिजिकल भी हुए। लॉकडाउन के बाद अनुराग अपने घर गया। बोला परिवार वालों से मिलने जा रहा हूं लेकिन जब इंदौर वापस आया तब उसकी शादी हो चुकी थी। वह सुखलिया में अलग से मकान लेकर रहने लगा। उसने अपनी शादी के बारे में कुछ भी नहीं बताया। लड़की को शादी की बात दूसरों से पता चली।

साढ़े तीन लाख रूपये से ज्यादा उधार लेकर उड़ाए

लड़की ने पुलिस को बताया कि लिव इन रिलेशन के दौरान उसमें अनुराग का पूरा खर्चा उठाया। यहां तक कि उसके लिए नया मोबाइल और कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स खरीद कर दिए। एक नई बाइक भी दिलाई। अपनी आर्थिक परेशानियां बता कर अनुराग ने 3 लाख रुपए से ज्यादा उधार ले लिए, फिर भी उसे धोखा दिया। लड़की की शिकायत पर पुलिस ने अनुराग को हिरासत में ले लिया था। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

MPPEB NEWS- 64 नंबर वाला क्वालिफाइड 74 वाला नॉट क्वालिफाइड कैसे, आरक्षक भर्ती गड़बड़ी

Posted: 28 Mar 2022 09:26 AM PDT

Professional Examination Board, Bhopal
की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के उम्मीदवारों ने व्यापम ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया। एक उम्मीदवार ने कहा कि 64 नंबर वाला क्वालिफाइड हो गया और 74 नंबर वाले को नॉट क्वालिफाइड घोषित कर दिया जबकि दोनों ही OBC कैटेगरी से हैं। 

MP TET वर्ग 3 परीक्षा रद्द करने की मांग, 12 जिलों के उम्मीदवारों का प्रदर्शन

इंदौर, भोपाल, विदिशा, जबलपुर, रीवा समेत 12 से ज्यादा जिलों से आए उम्मीदवारों ने MP-TET को रद्द करने की मांग की। पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा की भी जांच कराने की मांग की। कई उम्मीदवार तो अपने बच्चों को साथ लेकर आए थे। 

MP PEB परीक्षा नियंत्रक अचानक छुट्टी पर चले गए

उम्मीदवारों ने आरोप लगाए कि मामला सामने आने के बाद PEB के जिम्मेदार अधिकारी कंट्रोलर डीके अग्रवाल सोमवार से छुट्‌टी पर चले गए। उनकी मुलाकात इंचार्ज डायरेक्टर से कराई गई और सिर्फ आश्वासन मिला है।

MPPEB NEWS- एक ही कैटेगरी में अलग-अलग रिजल्ट

भोपाल में रहने वाले धर्मेंद्र ने बताया कि उन्हें पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में 76 अंक मिले। यह देखकर फिजिकल की तैयारी शुरू कर दी। लाल परेड मैदान में सुबह-शाम इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। यह बहुत बड़ा घोटाला है। मैं 76 नंबर लाकर नॉट क्वालीफाइड हूं, जबकि मेरा दोस्त 64 नंबर लाकर क्वालीफाइड हो गया। हम दोनों ही OBC कैटेगरी में हैं।

महिला उम्मीदवार ने कहा कि मुझे 92 नंबर में नॉट क्वालीफाइड कर दिया

भोपाल के नजीराबाद से दो किलोमीटर अंदर गांव में रहने वाली सोना मालवीय ने आरोप लगाए कि वह 92 अंक लाकर भी क्वालीफाई नहीं हो पाई। 92 अंक देखकर फिजिकल की तैयारी शुरू कर दी थी। फीस भी भरी, लेकिन रिजल्ट आया तो मुझे नॉट क्वालीफाइड कर दिया गया।

मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा का कट ऑफ तो बताओ

सुभी गुप्ता ने बताया कि उनके सामान्य श्रेणी में 76 नंबर आए थे। अब मुझे नॉट क्वालीफाइड घोषित कर दिया। हम यह पूछना चाहते हैं कि किस आधार पर हमें नॉट क्वालीफाइड कर दिया। न तो कहीं कट ऑफ के नंबर बताए। न ही किस कैटेगरी में कितनों को चयनित किया ये बताया।

MPPEB मैनेजमेंट को लिखित शिकायत का इंतजार

PEB की इंचार्ज एग्जाम कंट्रोलर डॉक्टर ए हेमलता ने कहा कि अभी लिखित में कोई शिकायत नहीं मिली है। कुछ उम्मीदवारों ने मौखिक शिकायत की हैं। अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी का मामला सामने आता है, तो पूरे मामले की जांच की जाएगी।

MP NEWS- पूरे प्रदेश में प्रदर्शन की तैयारी

PEB के बाहर प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों ने कहा कि यह तो शुरुआत है। अगर कोई हमारी मांगें नहीं मानते हैं, तो प्रदेश भर से उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। सभी जगह से उम्मीदवार भोपाल में आकर PEB के बाहर प्रदर्शन करेंगे। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

MPPEB TET पेपर आउट मामला- मुख्यमंत्री, अपने अधिकारी पर कार्रवाई करें: कमलनाथ

Posted: 28 Mar 2022 09:44 PM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग 3 का पेपर आउट हो जाने के मामले में अपील की है कि मुख्यमंत्री, अपने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करें जिसके मोबाइल फोन में पेपर और आंसर शीट के 35 पेज का स्क्रीनशॉट आया था। कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि मुख्यमंत्री सचिवालय के आरोपित उप सचिव का मोबाइल फोन जब करके उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाए।

मध्यप्रदेश में विसलब्लोअर पर FIR, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की नीति: कमलनाथ

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री कमलनाथ ने आज जारी बयान में कहा कि आरोपी अधिकारी पर कार्यवाही करने की जगह घोटाले को उजागर करने वाले कांग्रेसी नेता और विसलब्लोअर पर FIR कराई जा रही है। यह सरासर कानून का उल्लंघन है और प्रदेश में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की नीति का परिचायक है। यह सीधे-सीधे चोरी और सीनाजोरी का मामला है।

MP व्यापम घोटाला 2022- 35 पेज की आंसर शीट लीक कैसे हुई

यह अत्यंत गंभीर मामला है। मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि मप्र प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-3 यदि ऑनलाइन थी,मोबाइल फ़ोन पूरी तरह वर्जित थे,तो 35 पेज का प्रश्नपत्र, आंसरशीट मोबाइल के स्क्रीनशॉट में लीक कैसे हुई? 

MP NEWS- कृषि अधिकारी परीक्षा घोटाले में किसे दंडित किया गया, कमलनाथ ने पूछा

कमलनाथ ने कहा कि गत वर्ष कृषि विस्तार अधिकारी की परीक्षा में भी अनियमितताओं, भ्रष्टाचार के चलते हुए चयन के प्रामाणिक विरोध के बाद परीक्षा केंसल हुई थी। क्या मुख्यमंत्री जी बताएंगे कि उसमें मुख्य सूत्रधार दंडित हो सके हैं। 

सीएम शिवराज सिंह, दागी अधिकारी को सस्पेंड करें, कांग्रेस पार्टी की मांग

श्री कमलनाथ ने कहा कि व्यापम घोटाले के समय भी मुख्यमंत्री से जुड़े एक प्रमुख अधिकारी का नाम सामने आया था। उस अधिकारी ने जिला कोर्ट भोपाल से अग्रिम जमानत ली थी। लेकिन उसके बाद क्या कार्रवाई हुई? जिस तरह से वर्तमान व्यापम 2 घोटाले में मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों पर ही उंगलियां उठ रही हैं, उसमें सबसे पहली जरूरत यह है कि माननीय मुख्यमंत्री जी दागी कर्मचारी को तत्काल निलंबित करें और मामले की निष्पक्ष जांच करें। 

श्री कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस नेता केके मिश्रा पर लगाए गए तमाम मुकदमे तुरंत हटाए जाएं। उन्होंने जो गंभीर सवाल उठाए हैं, उन पर तुरंत कार्यवाही की जाए और प्रदेश के बेरोजगारों को पारदर्शी तरीके से नौकरियां दी जाएं। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- नरेला ग्लोबल स्किल पार्क, 3 महीने में बिल्डिंग स्ट्रक्चर का टारगेट

Posted: 28 Mar 2022 06:19 AM PDT

भोपाल
। मध्यप्रदेश शासन की तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने राजधानी भोपाल के नरेला संकरी स्थित निर्माणाधीन ग्लोबल स्किल पार्क के टेक्निकल रिव्यू मीटिंग में अधिकारीयों को निर्देशित किया है कि 3 महीने में बिल्डिंग स्ट्रक्चर का काम पूरा करें।

बारिश से पहले बिल्डिंग के स्ट्रक्चर का काम पूरा हो जाना चाहिए: मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया

कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ग्लोबल स्किल पार्क के कंस्ट्रक्शन के काम में स्पीड दिखाई देनी चाहिए। बारिश शुरु होने से पहले बिल्डिंग के स्ट्रक्चर का काम पूरा हो जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि पचमढ़ी में मंत्री परिषद के चिंतन शिविर के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार सभी मंत्री अपने अपने विभागों के कामों की मॉनिटरिंग में जुट गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है: मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया

कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने बताया कि आज भोपाल में निर्माणाधीन ग्लोबल स्किल पार्क का अवलोकन कर निर्माण कार्यों का जायजा लिया एवं समीक्षा बैठक के माध्यम से अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस स्किल पार्क के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 6 हजार युवाओं को कौशल विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। ताकि उनके रोजगार की राह आसान हो सके।  भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

GWALIOR NEWS- सरकारी नौकरी के लिए 7 महीने तक अप्राकृतिक शोषण का शिकार होता रहा

Posted: 28 Mar 2022 06:06 AM PDT

ग्वालियर
। मध्य प्रदेश में बेरोजगारी का आलम और सरकारी नौकरी के लिए जद्दोजहद की स्थिति किस गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। एक युवक 7 महीने तक अप्राकृतिक शारीरिक शोषण सहन करता रहा क्योंकि उसे सरकारी नौकरी का वादा किया गया था। जब उम्मीद टूट गई और विश्वास हो गया कि उसकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है तब उसने पुलिस थाने जाकर मामला दर्ज कराया। 

लोकायुक्त इंस्पेक्टर के खिलाफ युवक के अप्राकृतिक शारीरिक शोषण का मामला दर्ज

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शहर के नाका चंद्रवदनी निवासी 32 वर्षीय युवक काफी समय से नौकरी की तलाश कर रहा था। उसने ग्रेजुएशन किया है। उम्र निकली जा रही थी इसलिए वह दवाब में था। उसके एक दोस्त ने जुलाई 2021 में उसकी पहचान TI सुरेंद्र यादव से कराई, जो लोकायुक्त में पदस्थ है। 5 जुलाई 2021 को जब युवक पड़ाव रेलवे ओवर ब्रिज पर था। तभी TI का फोन आया। इसके बाद TI  अपनी गाड़ी लेकर युवक के पास पहुंच गया। आरोप है कि वो युवक को गाड़ी में बैठाकर सिटी सेंटर लैंडमार्क होटल के एक रूम ले गया। नौकरी लगवाने का झांसा देकर TI ने युवक के साथ अननेचुरल काम किया। इसके बाद यह सिलसिला शुरू हो गया। 7 महीने से TI, युवक को कभी होटल तो कभी अपने रूम में बुलाता है और उसकी मजबूरी का फायदा उठाता है। 

दोस्त ने सबूत के लिए बनाया VIDEO

जब युवक को यह विश्वास हो गया कि TI सुरेंद्र यादव उसका शोषण कर रहा है, तो उसने सबक सिखाने का फैसला लिया और अपने दोस्त के साथ मिलकर उसकी हरकत का VIDEO बना लिया। जब युवक ने पुलिस के पास जाकर टीआई यादव की शिकायत की तो पुलिस वालों ने उसकी शिकायत पर विश्वास नहीं किया परंतु जैसे ही उसने वीडियो दिखाया, थाने में मौजूद पुलिस अधिकारी ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और आदेशानुसार टीआई सुरेंद्र यादव के खिलाफ अप्राकृतिक काम करने और युवक का शारीरिक शोषण करने का मामला दर्ज किया गया। 

पुलिस को आरोपी टीआई सुरेंद्र यादव घर पर नहीं मिले

TI सुरेन्द्र यादव एक साल पहले ही ग्वालियर लोकायुक्त में आया है। इससे पहले वह तिघरा में पदस्थ था। युवक की शिकायत के बाद पुलिस ने TI के घर बहोड़ापुर में दबिश दी है, लेकिन आरोपी नहीं मिला। एएसपी राजेश दंडौतिया ने बताया कि एक युवक ने लोकायुक्त TI के खिलाफ शिकायत की थी। उसने अप्राकृतिक कृत्य करने का आरोप लगाया है। एक VIDEO भी दिया है। उसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है। अब जांच की जा रही है। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

MP NEWS- कॉलेज की दीवार गिरी, परीक्षा देने आए 2 छात्रों की मौत 4 गंभीर

Posted: 28 Mar 2022 05:44 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में प्राइवेट आरके कॉलेज की पार्किंग वाली दीवार अचानक गिर गई। इस हादसे में परीक्षा देने आए 6 छात्र दीवार के मलबे में दब गए। दो की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार गंभीर रूप से घायल है। दीवार के मलबे में 50 बाइक चकनाचूर हो गई। बताया गया है कि जिस दीवार को कॉलेज की पार्किंग वाली दीवार कहा जा रहा है, असल में एक कारखाने की दीवार है। कॉलेज ने पार्किंग के लिए कोई बाउंड्री और टिनशेड नहीं बनाए थे।

हादसा लवकुशनगर के आरके कॉलेज में हुआ। यहां सोमवार को बीएम सेकेंड ईयर का पेपर 2 बजे से था। छात्र पेपर देने पहुंचे और कॉलेज से लगी डीजी मिनिरल की 15 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल के किनारे बाइक खड़ी करने लगे। इसी दौरान अचानक बाउंड्रीवाॅल भरभराकर गिर गई। हादसे में दीवार किनारे बाइक खड़ी कर रहे 6 छात्र दब गए। इसके अलावा 50 से ज्यादा बाइक भी मलबे में दब गईं। 

वहां मौजूद छात्र और अन्य लोगों ने तत्काल मलबे में दबे छात्रों को निकालना शुरू किया। हादसे में अवधेश पुत्र सुरेश शर्मा निवासी जयबरन, गौरिहार और हरिकरण पुत्र बद्रीप्रसाद पाल निवासी राजापुर, गौरिहार की मौत हो गई है। घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने पुराने बस स्टैंड में पास जाम लगाकर हंगामा किया, लेकिन डंडे लेकर आई पुलिस ने समझाइश देकर सभी छात्रों को मौके से हटा दिया। समाचार लिखे जाने तक कॉलेज संचालक अथवा कारखाने के मालिक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई थी। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

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