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Wednesday, March 16, 2022

सुल्तानपुर टाइम्स

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सहारा एजेंटों ने कर्मचारी-अधिकारियों को ऑफिस में किया कैद

Posted: 15 Mar 2022 11:32 PM PDT


लखनऊ जमाकर्ताओं के बकाया भुगतान को लेकर सहारा इंडिया परिवार में हर दिन एक नया बखेड़ा देखने को मिल रहा है। कभी कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हो रहा है, तो कभी जमाकर्ता कंपनी के कार्यालय में आकर मारपीट करने पर आमादा हो जाते हैं। मंगलवार रात एक नया मामला सामने आया है, जिसमें कंपनी के कलेक्शन एजेंटों ने जमाकर्ताओं के भुगतान नहीं होने पर कार्यालय में कर्मचारी अधिकारियों सहित खुद को कैद कर लिया है।उनका कहना हैं कि जब जमाकर्ताओं के बकाया भुगतान नही हो जाता, वे न तो खुद घर जाएंगे और न ही सहारा फाइनेंस के किसी कर्मचारी और अधिकारियों को घर जाने देंगे। सहारा कंपनी ने पूरे मामले की सूचना क्षेत्रीय पुलिस काका दो दी। सुबह 5 बजे काकादेव थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और उसने समझा-बुझाकर एजेंटों से ताला खुलवाया। इसके बाद अधिकारी अपने घर जा सके।सहारा फाइनेंस कंपनी में बतौर एजेंट काम करने वाले राजाराम गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कई जमाकर्ताओं के लाखों रुपए कंपनी में डिपॉजिट कराए हैं। भुगतान की तिथि बीत जाने के महीनों और वर्षों बाद भी जमाकर्ताओं को पेमेंट नहीं मिल पाया है। इससे जमाकर्ता उनके घर में आए दिन गाली-गलौज और मारपीट कर रहे हैं। राजा राम गुप्ता का कहना है कि जब वे सहारा फाइनेंस कंपनी में भुगतान के लिए अधिकारियों से बात करते है, तो कंपनी के आला अधिकरी रकम नहीं होने का रोना रोते हैं।ऐसे में एजेंटों की स्थिति बहुत बुरी हो गई है। आए दिन उनके साथ जमाकर्ता मारपीट कर रहे हैं। बेइज्जत कर रहे हैं। कंपनी भुगतान नहीं कर रही है। दूसरे एजेंट आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यालय में सालों से चक्कर लगा रहे हैं। मगर, किसी भी तरह से जमाकर्ताओं का भुगतान नहीं हो रहा है। मजबूरन दो दर्जन एजेंटों ने आज कार्यालय में पहुंच कर ताला डाला दिया है।वर्ष 2014 में कंपनी के चेयरमैन सुब्रत राय सहारा, उनके बहनोई और एक डायरेक्टर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। महीनों जेल में रहने के बाद फिलहाल सुब्रत राय पैरोल पर बाहर निकले हैं। इधर, कंपनी की हालत दिन-ब-दिन जर्जर होती जा रही है। बाजार से पैसे के कलेक्शन पर रोक लगी हुई है। ऐसे में जमाकर्ताओं को भुगतान नहीं हो पा रहा है।

व्यापारी अपहरण कांड के आरोपी का फिल्मी स्टाइल में आत्मसमर्पण

Posted: 15 Mar 2022 10:41 PM PDT


लखनऊ गोंडा में विधानसभा चुनाव में बुलडोजर की गूंज अभी थमी नहीं कि यह फार्मूला गोंडा पुलिस ने भी अपनाना शुरू कर दिया है। छपिया थाने में व्यापारी अपहरण कांड के एक आरोपी ने मैं आत्मसमर्पण कर रहा हूं, मुझे गोली मत मारो स्लोगन लिखी तख्ती हाथ में लेकर आत्मसमर्पण किया। इस तस्वीर की खूब चर्चा हो रही है। छह मार्च को छपिया थाना क्षेत्र के करनपुर से गल्ला व्यापारी सील प्रसाद उर्फ बब्लू का उसकी दुकान से मारुति ऑल्टो कार सवार चार बदमाशों ने अपहरण कर लिया था और बीस लाख रुपये की मांग की। बाद में 10 लाख रुपये देने की सहमति पर उसे छोड़ दिया गया। इसी मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी रवि प्रकाश उर्फ रिंकू को आठ मार्च ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 13 मार्च को मुठभेड़ के दौरान दो आरोपी जुबैर व राजकुमार यादव को गिरफ्तार किया गया। एक आरोपी फरार था, जिसकी तलाश पुलिस को सरगर्मी से थी। मंगलवार को फरार आरोपी गौतम सिंह फिल्मी अंदाज में हाथ में तख्ती लिए थाने आया और बाकायदा अपने आत्मसमर्पण की घोषणा की।

आठ किलो सोना-चांदी पहनने वाले मनोज सेंगर लापता

Posted: 15 Mar 2022 10:40 PM PDT

 


लखनऊ कानपुर के कल्याणपुर निवासी गोल्डन बाबा नाम से मशहूर मनोज सेंगर मंगलवार सुबह संदिग्ध हालात में लापता हो गए। दोपहर तक जब उनके बारे में कोई जानकारी नहीं हुई तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की है। कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिसके आधार पुलिस उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।परिजनों ने पुलिस को बताया कि मनोज मंगलवार भोर में उठे। नहाने के बाद पूजा की और फिर गेरुआ वस्त्र पहनकर निकल गए। कई घंटे तक जब वह नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। परिजनों का कहना है कि मनोज ने बताया था कि वह हॉस्टल जा रहे हैं लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। डीसीपी पश्चिम ने बताया कि मनोज सेंगर की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं। एक टीम सीसीटीवी फुटेज व दूसरी सर्विलांस की मदद से सुराग तलाश रही है। वहीं तीसरी टीम उनके परिचितों आदि से पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है।परिजनों के मुताबिक मनोज चार किलो सोना व चार किलो चांदी पहनते थे। मंगलवार सुबह सभी आभूषण घर पर ही उतारकर चले गए थे। जिन हालातों में वह गए हैं, उससे पूरी संभावना है कि जानबूझकर कहीं गए हैं। सीसीटीवी फुटेज में घर से निकलकर दायीं ओर जाते हुए कैद हुए हैं। जिस रूट पर वह गए हैं, उस तरफ लगे एक-एक कैमरे के फुटेज पुलिस देख रही है।  परिजनों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से मनोज कृष्ण भक्ति में लीन हैं। वह खुद को मनोजानंद महाराज कहते हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि भक्ति में लीन होने की वजह से वह कहीं चले गए। इस बिंद पर भी जांच चल रही है। जाने से पहले उन्होंने रात में परिजनों ने अपना आधार कार्ड भी मांगा था। मोबाइल भी घर पर छोड़ दिया। इस वजह से ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है।

जीएस लैंड की जमीन के लिए पट्टीदारों ने आधा परिवार कर दिया साफ

Posted: 15 Mar 2022 09:28 PM PDT


अमेठी जीएस लैंड की जमीन के कुछ टुकड़ों के लिए अमेठी में पूर्व प्रधान, उसके माता-पिता और भाई की निर्मम हत्या कर दी गई। घटना से पहले उपजे विवाद में पुलिस ने सुलह कराकर मामले को ठंड अवश्य कराया था लेकिन अंदर सुलग रही बदले की आग की चिंगारी ने आखिर मंगलवार रात विकराल रूप ले ही लिया। फिलहाल मामले में आईजी रेंज अयोध्या खुद मौके पर पहुंचकर कैंप कर रहे हैं।

उन्होंने कहा है कि चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, मामले में गैंगेस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। वही आईजी ने अमेठी कोतवाली के इंचार्ज समेत एक दरोगा और एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।अमेठी कोतवाली के राजापुर मजरे गुंगवाक्ष गांव में राम दुलारे और संकठा प्रसाद यादव के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि चार-पांच दिन पूर्व ही पुलिस ने दोनों पक्ष के बीच थाने पर सुलह समझौता कराया था। इसके बाद मंगलवार को संकटा प्रसाद के बेटे हनुमान ने विवादित भूमि पर मौरंग गिरवा रहे थे। दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। कहासुनी के बाद रात करीब 8:30 बजे के आसपास रामदुलारे पक्ष के लोग लाठी-डंडे व धारदार हथियार से लैस होकर अमरेश की ओर आए और हमला बोल दिया। हमले में पूर्व प्रधान अमरेश, उनके भाई हनुमान, अमरजीत व अशोक तथा पिता संकठा प्रसाद, मां ननका, पत्नी धन्नो, पुत्र राज अमरजीत की पत्नी अनीता घायल हो गए। मारपीट में एक साथ 9 लोगों के घायल होने की सूचना पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने सभी घायलों को सीएचसी अमेठी पहुंचाया। अमेठी में अमरेश (42) को मृत घोषित कर दिया। शेष को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में अमरेश के पिता संकठा (65), मां ननका उर्फ पार्वती (64) व बड़े भाई हनुमान (45) को भी डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया ।उधर इस मामले में आईजी रेंज अयोध्या कवींद्र प्रताप सिंह देर रात अमेठी पहुंचे। उन्होंने डीएम व प्रभारी एसपी के साथ मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। मीडिया से बात करते हुए आईजी ने कहा कि यह दुर्भाग्य पूर्ण घटना है। मृतक पक्ष और मारने वाला पक्ष पट्टीदार हैं और एक ही जाति के लोग हैं। आबादी की जमीन को लेकर विवाद था उस विवाद में पुलिस ने उनको रोक भी दिया था। आज एक पक्ष के द्वारा वहां बालू गिराया गया जिसको लेकर वहा विवाद हुआ और लाठी-डंडे की चोट आई है। दो लोगों की हॉस्पिटल में मौत हुई और एक की फिर इलाज के दौरान मौत हुई है। उन्होंने बताया कि अभी पता चला है कि एक की और मृत्यु हो गई है। जो मुलजिम हैं उसमे से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जल्द ही जितने भी अभियुक्त हैं उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। आईजी ने कहा कि गैंगेस्टर के तहत अभियुक्तो के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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