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Sunday, March 27, 2022

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IGNOU : इग्नू के 2022 सत्र में दाखिले के लिए अब 31 मार्च तक करें आवेदन

Posted: 26 Mar 2022 06:36 PM PDT

IGNOU : इग्नू के 2022 सत्र में दाखिले के लिए अब 31 मार्च तक करें आवेदन।

स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट प्रोग्राम में करें पढ़ाई।


नई दिल्ली। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत जनवरी सत्र में दाखिले के लिए 31 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। 


कई छात्र ऑनलाइन आवेदन पत्र नहीं भर पाए थे। इसीलिए अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन दाखिला आवेदन पत्र भरने की तारीख आगे बढ़ा दी है। छात्र ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड में से किसी में भी दाखिले का विकल्प चुन सकते हैं। 


विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, जनवरी सत्र में छात्रों को अब ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में पढ़ाई का विकल्प भी मिल रहा है। नौकरीपेशा, युवा मार्केट डिमांड और रोजगार से जुड़े नए डिग्री प्रोग्राम कोर्स में दाखिला लेकर अपनी डिग्री पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड का विकल्प तो पहले से उपलब्ध है। इसमें स्नातक, स्नातकोत्तर, एडवांस डिप्लोमा, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स आदि है। दाखिले के लिए छात्रों को इग्नू के ऑनलाइन पोटर्ल https://onlinerr.ignou.ac.in पर लॉगइन करके अकाउंट बनाना होगा।


पुराने छात्र अगले सेमेस्टर में करें रजिस्ट्रेशन

इग्नू में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम के विभिन्न डिग्री प्रोग्राम में पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी अगले सेमेस्टर में दाखिले के दोबारा से रजिस्ट्रेशन करना होगा। यदि कोई छात्र रजिस्ट्रेशन नहीं करता है तो अगले सेमेस्टर में जाने से रोक दिया जाएगा। इसलिए पुराने छात्रों को भी 31 मार्च तक दोबारा रजिस्ट्रेशन करना होगा।

नहीं रद्द हो रहीं यूपी बोर्ड परीक्षाएं - भ्रम में न पड़ें, शरारती तत्व फैला रहे अफवाह, यूपी बोर्ड सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से जारी की विज्ञप्ति, स्पष्टीकरण जारी

Posted: 26 Mar 2022 06:27 PM PDT

नहीं रद्द हो रहीं यूपी बोर्ड परीक्षाएं - भ्रम में न पड़ें, शरारती तत्व फैला रहे अफवाह, यूपी बोर्ड सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से जारी की विज्ञप्ति, स्पष्टीकरण जारी।

सचिव ने साइबर क्राइम थाने में दी तहरीर, भ्रम में न पड़ें, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी परीक्षाएं


प्रयागराज अराजकतत्वों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव के फर्जी से हस्ताक्षर से विज्ञप्ति वायरल कर यूपी बोर्ड परीक्षा निरस्त होने का भ्रम फैला रहे हैं। इस बात की जानकारी होने पर यूपी बोर्ड में खलबली मच गई। यूपी बोर्ड सचिव ने आनन-फानन में साइबर क्राइम थाने में मामले की तहरीर दी है। सचिव का कहना है यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनसार संपन्न होंगी। शिक्षक, प्रधानाचार्य, अभिभावक और विद्यार्थी ऐसी भ्रामक सूचनाओं के फेर में न पड़ें।


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 24 मार्च से शुरू हैं। यह परीक्षाएं 12 अप्रैल तक चलेंगी। इसी बीच अराजकतत्वों ने यूपी बोर्ड सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से एक विज्ञप्ति वायरल कर हिंदी विषय के बाद की परीक्षा निरस्त होने का भ्रम फैला रहे। 



सोशल मीडिया पर फर्जी हस्ताक्षर वाली विज्ञप्ति वायरल होने लगी। विज्ञप्ति में शातिरों ने एक टोल फ्री नंबर भी दिया है, ताकि लोग अपनी जिज्ञासा शांत कर सकें। यह विज्ञप्ति वायरल होते हुए शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के बीच पहुंची तो वह सन्न रह गए। प्रधानाचार्यों ने यूपी बोर्ड के अफसरों से संपर्क किया तब उन्हें पता चला कि वायरल हो रही विज्ञप्ति फर्जी है। विज्ञप्ति पर सचिव का फर्जी हस्ताक्षर है। साथ ही विज्ञप्ति में दिया गया टोल फ्री नंबर भी माध्यमिक शिक्षा परिषद का नहीं है। 



जानकारी होने पर यूपी बोर्ड सचिव ने साइबर क्राइम थाने में मामले की तहरीर दी है। यूपी बोर्ड सचिव डॉ. दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि अराजकतत्वों पर कार्रवाई के लिए फर्जी हस्ताक्षर वाली विज्ञप्ति वायरल करने के मामले की तहरीर साइबर क्राइम थाने में दी गई है। यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न होंगी। प्रधानाचार्यो, परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील है कि वह ऐसी किसी भ्रामक सूचनाओं के चक्कर में न पड़े। 

UPMSP UP Board Exam 2022 : यूपी बोर्ड की परीक्षा छोड़ने वालों के कारणों का पता लगाएगा माध्यमिक शिक्षा विभाग

Posted: 26 Mar 2022 04:53 PM PDT

UPMSP UP Board Exam 2022 : यूपी बोर्ड की परीक्षा छोड़ने वालों के कारणों का पता लगाएगा माध्यमिक शिक्षा विभाग

UPMSP UP Board Exam 2022: यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं छोड़ने वाले परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। शनिवार को 70,207 विद्यार्थियों ने परीक्षा छेाड़ दी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने यूपी बोर्ड के सचिव को निर्देश दिए हैं कि एक कमेटी का गठन कर जिला विद्यालय निरीक्षकों से परीक्षण करवाएं कि ऐसा किन परिस्थितियों में हुआ कि परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा फार्म भरने के बाद भी परीक्षा में शामिल क्यों नहीं हो रहे हैं।


अभी तक लगभग पांच लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी है। यूपी बोर्ड की परीक्षा 24 मार्च से शुरू हुई है। श्रीमती शुक्ला ने कहा कि बोर्ड द्वारा गठित समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कारणों का पता चलने के बाद विशेषज्ञों की समिति द्वारा उन कारणों को दूर करने का प्रयास करेगी, जिससे परीक्षार्थी भयमुक्त वातावरण में परीक्षा दे सकेंगे।

24 मार्च को परीक्षा के पहले दिन 4,18,507 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छेाड़ी। 25 मार्च को 4449 और 26 को 70207 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। यूपी बोर्ड में 51,92,689 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण करवाया था। शनिवार को हुई परीक्षा में तीन बालिकाएं नकल करती हुई पकड़ी गईं। अभी तक कुल 31 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए हैं।

KVS Admission : दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र छह साल किए जाने के अपने फैसले को केंद्रीय विद्यालय संगठन ने उच्च न्यायालय में ठहराया सही

Posted: 26 Mar 2022 04:49 PM PDT

KVS Admission : दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र छह साल किए जाने के अपने फैसले को केंद्रीय विद्यालय संगठन ने उच्च न्यायालय में ठहराया सही



केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र पांच से बढ़ाकर छह साल किए जाने के अपने फैसले को केंद्रीय विद्यालय संगठन ने उच्च न्यायालय में सही ठहराया है। केवीएस ने न्यायालय में हलफनामा दाखिल करते हुए कहा कि पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल करने का फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) के प्रावधानों के अनुरूप किया है।


जस्टिस रेखा पल्ली के समक्ष दाखिल हलफनामे में केवीएस ने कहा है कि 'शिक्षा के अधिकार कानून के तहत छह से 14 साल तक के बच्चों को अनिवार्य एवं निशुल्क शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही कहा है कि केंद्र सरकार ने इस मसले पर गहन विचार विमर्श के के बाद एनईपी 2020 को अधिसूचित किया है, जिसमें शैक्षणिक और पाठ्यचर्या पुनर्गठन की एक नई योजना लागू करने का प्रस्ताव किया गया है। 


इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा मार्च, 2021 में सभी राज्यों को लिखे गए पत्र का हवाला दिया है जिसमें अगले 2 से तीन साल में एनईपी को लागू करने का रोड मैप तैयार करने को कहा गया है। साथ ही सरकार द्वारा केवीएस को लिखे गए पत्र भी हवाला दिया है। केवीएस ने न्यायालय में यह हलफनामा पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र पांच से बढ़ाकर छह साल किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका के जवाब में दिया है। केवीएस ने बच्ची की आोर से उम्रसीमा बढ़ाने के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज करने की मांग की है।


केंद्रीय विद्यालय में पहली कक्षा में दाखिले का इंतजार कर रही बच्ची आरिन की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल और कुमार उत्कर्ष ने केवीएस द्वारा पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्रसीमा पांच साल से बढ़ाकर छह साल किए जाने को चुनौती दी है। उन्होंने याचिका में अचानक लिए गए केवीएस के इस निर्णय को मनमाना, अतार्किक और अनुचित बताते हुए रद्द करने की मांग की है। याचिका में कहा है कि याचिकाकर्ता की उम्र 5 साल नौ माह 28 दिन की है और वह अभी यूकेजी में पढ़ रही है और इस साल पहली कक्षा में दाखिला लेने का इंतजार कर रही है।


याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने बताया कि केवीएस सरकार द्वारा महज पत्र भेजे जाने के आधार पर दाखिले की उम्र नहीं बढ़ा सकती। उन्होंने कहा है कि जबतक केंद्र या राज्य सरकार कानून में दाखिले की उम्र तय नहीं कर देती तब तक केवीएस को उम्र नहीं बढ़ाना चाहिए। अग्रवाल ने कहा कि केवीएस अपने हलफनामे में कह रहा है कि आरटीई एक्ट में दाखिले की उम्र छह साल है, जबकि अब तक 5 साल या इससे अधिक उम्र के बच्चों को इस कानून के तहत दाखिला मिला है। मामले की अगली सुनवाई 5 अप्रैल को होगी।

Old Pension Scheme : झारखंड सरकार का बड़ा एलान, बहुत जल्द लागू करेंगे पुरानी पेंशन योजना

Posted: 26 Mar 2022 04:45 PM PDT

Old Pension Scheme : झारखंड सरकार का बड़ा एलान, बहुत जल्द लागू करेंगे पुरानी पेंशन योजना


Old Pension Scheme पुरानी पेंशन पर सरकार ने बड़ा एलान किया है। झारखंड विधानसभा में मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में बहुत जल्द पुरानी पेंशन योजना लागू करेंगे। जबकि अन्य राज्य अभी सोच ही रहे हैं। सीएम ने इस क्रम में जनहित से जुड़ी अहम घोषणाएं की।



रांची । Hemant Soren, Old Pension Scheme झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा में जनहित से जुड़ी कई अहम घोषणाएं कीं। उन्‍होंने कहा कि झारखंड में बहुत जल्द पुरानी पेंशन योजना लागू करेंगे। अन्य राज्य अभी सोच ही रहे हैं।



 उन्‍होंने यह भी कहा कि झारखंड के पारा शिक्षकों की तरह अन्य अनुबंध कर्मियों की समस्याओं का भी समाधान जल्‍द होगा। कहा, पिछली सरकार पारा शिक्षकों को कोढ़ समझती थी। वर्तमान सरकार ने 60 साल तक सेवा स्थायी की। सहायक अध्यापक का नाम दिया। विधायक फंड की राशि बढ़ाकर चार करोड़ से पांच करोड़ की जाएगी।

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