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Monday, March 28, 2022

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विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्य समिति की हुई बैठक

Posted: 27 Mar 2022 07:46 AM PDT

विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्य समिति की हुई बैठक

शिवहर---विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के जिला कार्यसमिति की बैठक जिलाध्यक्ष सह विभाग मंत्री अशोक उपाध्याय की अध्यक्षता में मां आश्रम स्थित विहिप कार्यालय में हुई।

 बैठक में 10 अप्रैल को रामनवमी के शुभ अवसर पर जिले में भव्य शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया गया, वही सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों का विभाजन किया गया। अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बन रहा है इसलिए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की इस बार की रामनवमी ऐतिहासिक होगी इसके लिए प्रखंड एवं ग्रामीण स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा।

 आज की बैठक में बीएफ कार्याध्यक्ष कमलेश्वरी नंदन सिंह, जिला मंत्री राकेश सिंह, संपर्क प्रमुख मधुरेंद्र कुमार ,बजरंग दल जिला संयोजक सुधीर सिंह ,बजरंग दल जिला सहसंयोजक डॉ चंदन कुमार ,दुर्गा वाहिनी जिला संयोजिका पूजा कुमारी ,दुर्गा वाहिनी जिला संयोजिका बहन कल्पना कुमारी ,विहिप पुरनहिया प्रखंड अध्यक्ष राम विनय सिंह ,नीरज कुमार झा, रवि कुमार पांडे ,अनुशेक कुमार पांडे ,अनिल ठाकुर, अभिनंदन कुमार, अभिषेक कुमार उपस्थित रहे।

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28 मार्च 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 27 Mar 2022 07:40 AM PDT

28 मार्च 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

28 मार्च 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग


🔅 तिथि एकादशी 03:59 PM

🔅 नक्षत्र श्रवण 12:18 PM

🔅 करण :

            बालव 04:17 PM

            कौलव 04:17 PM

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग सिद्ध 05:38 PM

🔅 वार सोमवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:55 AM

🔅 चन्द्रोदय +04:00 AM

🔅 चन्द्र राशि मकर

🔅 सूर्यास्त 06:05 PM

🔅 चन्द्रास्त 02:15 PM

🔅 ऋतु वसंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 12:18 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत फाल्गुन

🔅 मास पूर्णिमांत चैत्र

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:30:23 - 12:19:37

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 12:19 PM - 01:08 PM

🔅 कंटक 08:13 AM - 09:02 AM

🔅 यमघण्ट 11:30 AM - 12:19 PM

🔅 राहु काल 07:18 AM - 08:50 AM

🔅 कुलिक 02:47 PM - 03:36 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:51 AM - 10:41 AM

🔅 यमगण्ड 10:22 AM - 11:55 AM

🔅 गुलिक काल 01:27 PM - 02:59 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पूर्व

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन

🌹विशेष ~ पंचक (पचखा) आरंभ, पाप मोचनी एकादशी व्रत, (सभी के लिए)। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार

28 मार्च 2022, सोमवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्फूर्ति का अनुभव होगा। घर का वातावरण आनंददायी रहेगा। आर्थिक लाभ के साथ-साथ व्यवसाय में संतोष और छुटकारे का अनुभव करेंगे। सामाजिक दृष्टि से आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मित्रों, स्नेहीजनों के साथ आनंद-प्रमोद, प्रवास-पर्यटन और वस्त्र आभूषणों की खरीददारी का अवसर प्राप्त होगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

वृषभ (Tauras): आज आकस्मिक खर्च होने की संभावना है। विद्यार्थियों को पढ़ने-लिखने में विघ्न आएगा। मन कुछ बेचैन रहेगा। मध्याहन के बाद घर में सुख-शांति का वातावरण बन जाएगा। आरोग्य में सुधार होगा। कार्य सफलता से यश प्राप्त होगा। व्यवसाय में सहकर्मियों का सहयोग अच्छा मिलेगा। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini): आपको जमीन, मकान के पत्रों या दस्तावेजों के विषय में सावधानी बरतनी होगी। परिजनों के साथ बिना कारण तनाव बढ़ेगा। संतान के विषय में आपको चिंता रहेगी। विद्या, अभ्यास में विघ्न-बाधा आएगी। आकस्मिक धन के खर्च की संभावना है। मित्रों की भेंट से मन प्रसन्न रहेगा।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 8

कर्क (Cancer): आज का दिन आध्यात्मिक और गूढ़ विद्याओं में सिद्धि प्राप्त करने के लिए अच्छा है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य आपको आनंदित रखेगा। आज आप अधिक संवेदनशीलता का अनुभव करेंगे। मध्याहन के बाद उपाधियों के कारण आप चिंतित रहेंगे। स्फूर्ति और प्रफुल्लितता का अभाव रहेगा। परिजनों के साथ मतभेद रहेगा। धन का खर्च होगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): आप मधुर वाणी से किसी कार्य में विजयी बनेंगे। परिवार के लोगों के साथ आनंदपूर्वक समय बिताएंगे। मध्याहन के बाद भी किसी कार्य में बिना सोचे समझे निर्णय न लें। अपनों से लाभ होगा। मित्रों-स्वजनों से भेंट होगी। प्रतिस्पर्धियों का सामना आप कर सकेंगे। प्रेमभरे सम्बंध आपको मृदु बनाएंगे।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

कन्या (Virgo): आपका दिन शुभ फलदायी है। आपकी वैचारिक समृद्धि अन्य लोगों को प्रभावित करेगी। व्यवसायिक दृष्टि से भी आज का दिन लाभदायी होगा। मन आनंदित रहेगा। आर्थिक लाभ होने की संभावना है। परिवार में वातावरण आनंदप्रद रहेगा। बौद्धिक चर्चा में विवाद को टालकर चर्चा का आनंद लें।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 6

तुला (Libra): आकस्मिक खर्च करने के लिऐ सावधानी बरते। शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता के कारण मित्रों के साथ उग्र चर्चा या झगड़ा न हो इसका भी ध्यान रखें। कोर्ट-कचहरी की कार्यवाही से आज संभलकर चलें। मध्याहन के बाद स्थिति में सुधार होगा। मानसिक स्वस्थता के साथ वाणी की मधुरता से अन्य जनों के साथ आनंद की प्राप्ति होगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): आपको अनेक क्षेत्रों में लाभ और यश-कीर्ति प्राप्त होगी। धन की प्राप्ति के लिऐ योग अच्छा है। मित्रों के पीछे धन खर्च होगा। उनके साथ घूमने जाने का भी भरपूर आनंद आप उठा सकेंगे। परंतु मध्याहन के बाद आपको शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता का अनुभव करना पड़ेगा। किसी के साथ अहम का टक्कर न हो, इसका ध्यान रखें। स्वभाव में क्रोध रहेगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

धनु (Sagittarius):आज आपका दिन लाभकारी होगा। घर और व्यवसाय, दोनों क्षेत्रों में आनंदप्रद वातावरण आप को प्रफुल्लित रखेगा। शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। व्यवसाय में लाभ भी होगा। सरकारी कार्यों में लाभ मिलेगा। अनेक क्षेत्रों में यश-कीर्ति प्राप्त होगी। आय और व्यापार, दोनों में वृद्धि होगी। किसी रमणीय स्थल पर आप घूमने जाएंगे।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

मकर (Capricorn): आज का दिन पूर्ण रूप से शुभ फलदायी है। विदेश-स्थित सम्बंधीजनों के समाचार से आपका मन प्रफुल्लित होगा। धार्मिक यात्रा की संभावना है। आप के मन में रही कार्य-योजना पूर्ण होगी। व्यवसायी वर्ग को व्यवसाय से लाभ होगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

कुंभ (Aquarius): पूरा दिन शुभ फलदायी होगा। क्रोध और वाणी पर आज संयम रखिएगा। परिजनों के साथ वाद-विवाद में न पड़ें। मध्याहन के बाद स्वजनों तथा मित्रों के साथ आपका समय बहुत आनंदपूर्वक बीतेगा। धार्मिक प्रवास भी होगा। विदेश से समाचार मिलेंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces): दैनिक कार्यो में शांति मिलेगी। किसी मनोरंजक स्थल पर मित्रों या परिचितों के साथ आनंद मनाएंगे। व्यापार में भागीदारों के साथ व्यवहार अच्छा रहेगा। परिजनों के साथ भी आपको मतभेद होने से मनदुःख बढेगा। वाणी पर संयम रखिएगा। आर्थिक व्यय होने की भी संभावना है। जल से दूर रहने की जरुरत है।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक का पटना हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत

Posted: 27 Mar 2022 07:22 AM PDT

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक का पटना हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत

पटना, 27 मार्च, 2022। सुलभ स्वच्छता, सामाजिक सुधार और मानवाधिकार आंदोलन के संस्थापक पद्म भूषण डॉ. विन्देश्वर पाठक के लगभग तीन वर्षों के बाद बिहार पहुंचने पर पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। फादर ऑफ सेनिटेशन डॉ. विन्देश्वर पाठक का श्रीमद्भागवत गीता आपके द्वार अभियान के संस्थापक, सुलभ इंटरनेशनल के मानद् सलाहकार तथा पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र ने शांति कुंज हरिद्वार, गायत्री परिवार के उप-वस्त्र से सुसम्मान के साथ स्वागत अभिनंदन किये। साथ ही सुलभ इंटरनेशनल के वरीय परामर्शी व पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता अजीत कुमार शुक्ला ने छोटे गुलाब के फूल के साथ बड़े मन से स्वागत किया। इस दौरान डॉ. पाठक ने सर्वप्रथम श्रीमद्भागवत गीता आपके द्वार अभियान के तहत लोगों के बीच नि :शुल्क श्रीमद्भागवत गीता सप्रेम भेंट करने के कार्य को मानव हित में लोक कल्याणकारी कार्य बताया।

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक के साथ संस्था के दोनों परामर्शी श्री मिश्र तथा श्री शुक्ला ने कोरोना वैश्विक महामारी के बाद देश में आये विभिन्न तरह के बदलाव समेत कई सामाजिक एवं प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की।
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भूमिहार ब्राहमण समाज इन फ्रंट की प्रखंड स्तरीय बैठक मुजफ्फरपुर में सम्पन्न |

Posted: 27 Mar 2022 06:10 AM PDT

भूमिहार ब्राहमण समाज इन फ्रंट की प्रखंड स्तरीय बैठक मुजफ्फरपुर में सम्पन्न |

भूमिहार ब्राहमण समाज इन फ्रंट की प्रखंड स्तरीय बैठक मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड के साइन में आयोजित किया गया सर्वप्रथम श्री बाबू के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व मंत्री और कांटी के नेता अजीत कुमार जी प्रदेश के महासचिव धर्मवीर शुक्ला जिला अध्यक्ष अरुण कुमार जी सहित सभी ने किया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश शर्मा जी का  बड़े माला से स्वागत किया गया आज के आयोजन में युवा अध्यक्ष शांतनु सत्यम तिवारी जी छात्र अध्यक्ष  अंकेश ओझा जी प्रदेश महासचिव डॉ नवल किशोर जी प्रदेश सचिव चंद्र भूषण जी जिला कोषाध्यक्ष कमलेश जी जिला महासचिव रणधीर जी जिला कार्यकारी अध्यक्ष सिद्धेश्वर शर्मा जी देवांशु सौरव जी गुलशन जी प्रदेश सचिव लक्ष्मी बाबू महानगर अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह जी मुजफ्फरपुर जिला मीडिया  प्रभारी अमितेश जीसहित हजारों लोगों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया और आगामी 17 अप्रैल को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित भूमिहार ब्राहमण समाज  फ्रंट की प्रदेश सम्मेलन की तैयारी पर जोर दिया और कांटी से ज्यादा से ज्यादा भागीदारी देने का आश्वासन दिया
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राष्ट्रीय मानव अधिकार सेवा ट्रस्ट द्वारा बैठक आहूत की गई

Posted: 27 Mar 2022 06:06 AM PDT

राष्ट्रीय मानव अधिकार सेवा ट्रस्ट द्वारा बैठक आहूत की गई  

बलरामपुर /कटिहार :-बलरामपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय बलरामपुर में राष्ट्रीय मानव सेवा ट्रस्ट द्वारा बैठक आहूत की गई जिसमें से प्रदेश अध्यक्ष भो ला प्रसाद महतो ने कहा संगठन को मजबूत करने के लिए विस्तार पूर्वक बताया और अपने मौलिक अधिकार के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए एवं जागरूक होना चाहिए तथा नए सदस्य को जोड़ा गया तथा संगठन मजबूत करने के लिए नए सदस्य को जिम्मेदारी दी गई मौके पर शंभू शरण ,पंचानन जी ,विमल मालाकार ,जगन्नाथ दास, पप्पू चौबे, प्रमोद चौहान ,गोपाल मंडल ,मांगल कुमार सिंह ,संजय महतो, दयाल कुमार दास ,सुनील कुमार दास आदि उपस्थित थे।
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भारत की नारी शक्ति को नमन

Posted: 27 Mar 2022 06:02 AM PDT

भारत की नारी शक्ति को नमन

(चक्षु स्वामी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

भारत में नारी का सम्मान ही नहीं बल्कि उसकी पूजा-आराधना भी की गयी है। महिषासुर और शुम्भ-निशुम्भ का वध करने के लिऐ देवताओं ने शक्ति की आराधना की थी और आदिशक्ति ने उन महाबलियों का संहार किया जिनको देवता भी पराजित नहीं कर सके थे। वही नारी-क्षमता आज भी वंदनीय है। साक्षी मलिक जैसी महिला पहलवान ने भारत का नाम रोशन किया तो अभी युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से आठ सौ भारतीयों को वापस लाने वाली महाश्वेता को भी नमन करना होगा। रूसी राकेटों-बमों के धमाके के बीच 10 दिनों तक महाश्वेता ने हवाई जहाज उड़ाया।

कोलकाता की रहने वाली महाश्वेता 4 सालों से बतौर पायलट भारतीय एयरलाइन में सेवारत हैं। एक दिन सुबह उनके पास फोन आया कि दो घंटे में सामान के साथ तैयार हो जाएं उन्हें एक मिशन पर जाना है। घरेलू फ्लाइट उड़ाने वाली महाश्वेता के लिए यह बात हैरान करने वाली थी। वह इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थीं। उनके पास इतना भी वक्त नहीं था कि वह अपने माता-पिता को सूचना दे पातीं। उन्हें यह भी नहीं पता था कि इसके बाद उनकी जिंदगी बदलने वाली है। बाद में उन्हें पता चला कि उनका चयन मिशन गंगा के लिए हुआ है जिसे भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए चलाया था।

अगले 10 दिनों से ज्यादा वक्त तक लगातार काम करते हुए महाश्वेता ने यूक्रेन से 800 से ज्यादा भारतीयों को वापस देश में लाने का काम किया। हालांकि वह इस बात का श्रेय खुद लेने से बचती हैं और उनका मानना है कि यह उनके अकेले के वश का नहीं था। यह पूरी टीम का प्रयास था। वह सौभाग्यशाली हैं, जो उन्हें इस दल का हिस्सा बनने का मौका मिला। महाश्वेता बताती हैं कि जब उन्हें बताया गया कि यूक्रेन से भारतीयों को लाने के लिए उन्हें करीब-करीब 4000 मील की उड़ान भरनी होगी, तो वह परेशान भी थीं और डरी हुई भी थीं। उनको लग रहा था कि पता नहीं वह इस मिशन से वापस लौट पाएंगी या नहीं। उनके माता-पिता की भी वही प्रतिक्रिया थी, जो किसी भी आम माता-पिता की होती है। वे चिंतित थे और सोच रहे थे कि जब सभी यूक्रेन से लौट रहे हैं तो ऐसे में उनकी बेटी को वहां जाने की क्या जरूरत है। ऐसे में उन्हें सुषमा स्वराज के इन शब्दों ने बहुत संबल दिया, 'अगर तुम मंगल पर भी फंसे होगे तो भारतीय दूतावास तुम्हारी मदद जरूर करेगा।'

अपने अनुभवों को साझा करते हुए महाश्वेता बताती हैं कि जब वह भारतीयों को वापस ला रही थीं तो इस घटना ने उन्हें अंदर से बदल कर रख दिया। वह खुद को अचानक अपनी उम्र से ज्यादा बड़ा महसूस कर रही थीं। जब उनके जहाज ने भारत की जमीन को छुआ और भारतीयों ने अपनी सरजमीं को देखा तो वे उनका शुक्रिया अदा करने लगे। उस वक्त उन लोगों की आंखों में कुछ ऐसा था जिसने मेरे अंदर एक नए इंसान को जन्म दिया। महज 17 साल की उम्र से हवा में उड़ान भर रही महाश्वेता ने हमेशा माना है कि आकाश की कोई सीमा नहीं है बल्कि आकाश तो एक शुरुआत है। यह बात साबित भी हुई। जब वह भारत लौट कर आईं तो तमाम राजनेता, पत्रकारों और सितारों के साथ साथ सौरभ गांगुली ने भी उनके इस प्रयास की खूब सराहना की। एयरफोर्स में जाने की तमन्ना रखने वाली महाश्वेता का वो सपना तो पूरा नहीं हो सका, लेकिन अब वो चाहती हैं कि एक दिन वह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ाएं।

साक्षी मलिक ने भी देश का ऊंचा किया नाम डीटीसी में बस कंडक्टर का काम करने वाले सुखबीर मलिक की बेटी साक्षी मलिक जिनका जन्म 3 सितम्बर 1992 को हुआ है, 2016 रियो ओलम्पिक खेल में भारत की तरफ से प्रवेश करने वाली पहली भारतीय महिला है और जहा हमारे देश में पहलवानी पुरुषो के लिए माना जाता है ऐसे में साक्षी मलिक ने पहली बार में ही भारत के लिए ओलम्पिक में कास्य पदक जीता और पूरे देश का नाम रोशन किया।

साक्षी मलिक ने अपनी पढाई की शुरुवात रोहतक के वैश्य पब्लिक स्कूल से पूरी की थी, इसके बाद वे रोहतक के एक पब्लिक स्कूल भी गई। साक्षी ने अपने कॉलेज की पढाई रोहतक के महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से की थी। ओलम्पिक की तैयारी के लिए वे पिछले एक साल से रोहतक के 'साई' (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) होस्टल में रह रही थीं। उन्हें वजन नियंत्रित करने के लिए बेहद कड़ा डाइट चार्ट फॉलो करना पड़ता था। कड़े अभ्यास के बावजूद वे पढ़ाई में अच्छे मार्क्स ला चुकी हैं। कुश्ती की वजह से उनके कमरे में स्वर्ण, रजत व काँस्य पदकों का ढेर लगा है। साक्षी ने 12 साल में ट्रेनिंग शुरू की और फिर देश के बहुत से इवेंट में हिस्सा लेकर विजयी रही। अन्तराष्ट्रीय तौर पर साक्षी ने अपने जीवन का पहला खेल 2010 में जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप में खेला था। यहाँ उन्होंने 58 किलोग्राम केटेगरी में ब्रोंज मैडल जीता था। इसके बाद 2014 में साक्षी को अन्तराष्ट्रीय तौर पर पहचान मिली, जब उन्होंने डेव इंटरनेशनल रेसलिंग टूर्नामेंट में 60 किलोग्राम केटेगरी में गोल्ड मैडल जीता। उसी साल ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में साक्षी ने क्वार्टर फाइनल जीता था, इसके बाद सेमीफाइनल में कैनेडा से 3-1 से विजयी रही। साक्षी का फाइनल मैच नाइजीरिया की एमिनेट से था, जिसे वे हार गई। यहाँ साक्षी को सिल्वर मैडल मिला।इसके बाद सितम्बर 2014 में ताशकेंट में वर्ल्ड चैम्पियनशिप मुकाबला हुआ। यहाँ साक्षी क्वार्टरफाइनल से ही बाहर हो गई थी, लेकिन सामने वाली टीम से साथ 16 राउंड तक वे लड़ती रहीं। बाद मंे 2015 में दोहा में एशियन चैम्पियनशिप हुई, इसमें 60 किलोग्राम के 5 राउंड हुए थे। यहाँ साक्षी ने 2 राउंड जीत कर तीसरा नंबर हासिल किया था और ब्रोंज मैडल जीता था। ब्राजील में आयोजित रियो ओलम्पिक-2016 की महिला कुश्ती में साक्षी मलिक ने किर्गिस्तान की पहलवान एसुलू तिनिवेकोवा को हराकर भारत के लिए काँस्य पदक जीता। मैच के पहले पीरियड में वे किर्गिस्तान की पहलवान एसुलू तिनिवेकोवा से 0-5 से पिछड़ गई थीं। दूसरे पीरियड में शुरुआत में पिछड़ने के बाद साक्षी ने जबर्दस्त वापसी की और 8-5 से दूसरा सेट जीतकर कांस्य पदक जीतने में कामयाब हुईं और भारत की झोली में पदक डाला।मैच के पहले पीरियड में किर्गिस्तान की खिलाड़ी ने शुरू में ही साक्षी के पैर को पकड़कर खींचा और इस तरह दो अंक हासिल किए। उसके चंद सेकंड बाद एक और अंक हासिल किया। उसने वैसे ही दूसरे मूव में दो अन्य अंक हासिल किए। इसके चलते साक्षी पहले पीरियड में 0-5 से पिछड़ गई थीं।
दूसरे पीरियड का पहला मिनट बिना स्कोर के ही गुजर गया। दूसरे मिनट में साक्षी ने विरोधी को मैट पर गिराकर दो अंक हासिल किए। चंद सेकंड बाद वैसे ही दूसरे मूव में दो अन्य अंक हासिल कर मुकाबले को 4-5 तक पहुंचाया। जब साक्षी महज एक अंक पीछे रह गईं तो किर्गिस्तान की खिलाड़ी थोड़ा बेचैन दिखी और मौके का फायदा उठाकर तत्काल एक और अंक हासिल कर साक्षी ने स्कोर 5-5 की बराबरी पर पहुंचाया।उसके बाद तीसरे मिनट के अंतिम क्षण में एक और शानदार मूव के जरिये साक्षी ने दो अंक बनाए और मैच समाप्त होने पर 7-5 से जीत हासिल की।
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भाषा का प्रभाव

Posted: 27 Mar 2022 06:01 AM PDT

भाषा का प्रभाव

(हृदयनारायण दीक्षित-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
अंग्रेजी विद्वानों के नाम सुनकर लोगों को लगता है कि बोलने वाला विद्वान है। हम कहें कि हमने वृहदारण्यक उपनिषद् पढ़ा है। हमने तुलसीदास को पढ़ा है। लोगों को लगता है कि कोई नयी बात नहीं है। यह साधारण सी बात है। हमने रामचन्द्र शुक्ल को पढ़ा है। हमने हजारी प्रसाद द्विवेदी को पढ़ा है। हमने विद्यानिवास मिश्रा को पढ़ा है। लोगों को लगता है कि यह कोई बड़ी बात नहीं हैं। अंग्रेजी में कुछ पढ़े होते, अंग्रेजी के किसी बड़े व्यक्ति का नाम लेते। बड़ी बात होती। इस तरह हमारी सोच और मानसिकता में अंग्रेजी घर कर गयी है। अंग्रेजी का हमारे भीतर घर कर जाना, सांस्कृतिक दृष्टि से उचित नहीं है।

संस्कृति सामाजिक व राष्ट्रीय एकता की संवर्द्धक होती है। दुनिया की सभी भाषाओं की अपनी संस्कृति होती है। भाषा गतिशील रहती है। यह अपनी यात्रा में संस्कृति भी साथ ले जाती है। भारतीय भाषाओं के कारण हमारी संस्कृति गतिशील है। राजभाषा हिन्दी के अपने उदात्त संस्कार हैं। मैं एक बार दिल्ली में विचार गोष्ठी में था। मैंने कहा कि जहां उपद्रव है, वहां हिन्दी पहुंचा दीजिए। उपद्रव शांत हो जाएगा। कानून/पुलिस से उपद्रव का शमन अल्पकालिक होता है। भाषा और संस्कृति के प्रभाव दीर्घकालिक होते हैं। लेकिन उन क्षेत्रों में जब हिन्दी पहुंचेगी तो तुलसीदास पहुंचेगे। तुलसीदास पहुंचेगे तो अराजकप्रियता के स्थान पर मर्यादा और शालीनता का विकास होगा। सांस्कृतिक राष्ट्रभाव का विकास होगा। तुलसीदास के पहुंचने से तनावपूर्ण समस्याओं का समाधान संभव है। तुलसीदास एक नाम है। वे एक समर्पित संत थे। हिन्दी में ऐसे अनेक पुरोधा है। वे संस्कृति के संवाहक हैं। भाषा के साथ संस्कार भी गति करते हैं। अंग्रेजी सत्ता आई। भारत में अंग्रेजी आई। अंग्रेज आए। अंग्रेजी के साथ यूरोपीय संस्कार आये। संस्कारों के साथ हमारे रहन-सहन में, जीवन पद्धति में, हमारे हालचाल में, प्रीति-प्यार की अभिव्यक्ति में अंतर आया। उच्च वर्ग में अंग्रेजी के शब्दों का प्रयोग बढ़ा। अंग्रेजी सत्ता की भाषा थी। अंग्रेजी हनक-ठसक की भाषा बनी।

अंग्रेजी में विद्वानों के नाम लेकर हम उदाहरण दें सकते हैं। हमने शेक्सपीयर व कीट्स को पढ़ा है। हमने शेली को पढ़ा है। अंग्रेजी विद्वानों के नाम सुनकर लोगों को लगता है कि बोलने वाला विद्वान है। हम कहें कि हमने वृहदारण्यक उपनिषद् पढ़ा है। हमने तुलसीदास को पढ़ा है। लोगों को लगता है कि कोई नयी बात नहीं है। यह साधारण सी बात है। हमने रामचन्द्र शुक्ल को पढ़ा है। हमने हजारी प्रसाद द्विवेदी को पढ़ा है। हमने विद्यानिवास मिश्रा को पढ़ा है। लोगों को लगता है कि यह कोई बड़ी बात नहीं हैं। अंग्रेजी में कुछ पढ़े होते, अंग्रेजी के किसी बड़े व्यक्ति का नाम लेते। बड़ी बात होती। इस तरह हमारी सोच और मानसिकता में अंग्रेजी घर कर गयी है। अंग्रेजी का हमारे भीतर घर कर जाना, सांस्कृतिक दृष्टि से उचित नहीं है। भाषा की दृष्टि से ठीक है। मैंने स्वयं अंग्रेजी पढ़ी है। भाषा के रूप में अंग्रेजी पढ़ना बुरा नहीं है। मैंने स्वयं हिन्दी को ठीक से पढ़ा है लेकिन हिन्दी का उदाहरण कमतर और अंगे्रजी का उदाहरण महान मानने की वृत्ति उचित नहीं है। इससे संस्कृति बदल जाती है। हमारे आपके घरों में बच्चे, शिक्षित माताएं, बहनें किसी न किसी रूप में अधकचरी अंग्रेजी बोलती हैं। हिन्दी बोलना संस्कृति का धारक है।

हिन्दी हमारे प्राणों में है। भारत हिन्दी में हँसता है। हिन्दी में दुखी होता है। हिन्दी में व्यक्त होता है। हिन्दी में शोक करता है। हिन्दी में उल्लास व्यक्त करता है। हिन्दी में हर्ष और विषाद व्यक्त करता है। हिन्दी हमारे मन, प्राण, विवेक और प्रज्ञा की भाषा है। हिन्दी हमारे अर्पण की तर्पण की, प्रीति की, प्यार की भाषा है। हमारी रहन-सहन शैली की भाषा है। हिन्दी हमारा स्वाभिमान है लेकिन हिन्दी से कटे लोग भारतीय समाज के संस्कारों से दूर हो रहे हैं और भारत की मूलभूत प्रज्ञा से भी। हिन्दी के पास संस्कृत का उत्तराधिकार है लेकिन हिन्दी के प्रति उपेक्षा भाव है। यह चिन्ता का विषय है।

हिन्दी से जुड़े कार्यक्रमों में कई आश्चर्यजनक बातें जानकारी में आती हैं। हाईस्कूल इण्टर के छात्र हिन्दी में असफल हो रहे हैं। मातृभाषा में ही असफल होना दुखद है। हिन्दी में बाल साहित्य का सृजन हो रहा है। बच्चों को संस्कार देना अपरिहार्य है लेकिन बच्चों के लिए लिखना बहुत कठिन है। बच्चों से बात करना भी कठिन है। बच्चों से बातचीत कैसे हो? यह दुनिया के मनोविज्ञान की बहुत बड़ी चुनौती है। यह कठिन बात है कि बच्चों से कैसे बात हो? इसके लिए किसी डिग्री या किसी विश्वविद्यालय की आवश्यकता नहीं है। बच्चों से बात करना आसान नहीं। आखिरकार बच्चों से कैसे संवाद किया जाए? हमारे बाल साहित्य के सर्जकों ने कविता लिखते समय या बाल साहित्य पर कुछ लिखते समय अपने मन में जरूर बच्चों से संवाद किया होगा। ऐसा संवाद कठिन है।

मैं अखबारों में लिखता हॅंू। मेरे सामने पाठक ध्यान में रहते हैं। ध्यान में आता है कि पाठक हाईस्कूल या इण्टर तक पढ़ा होगा। हमारा लेख पी.एच.डी. धारक भी पढ़ेंगे। हिन्दी का विशेष वर्ग भी पढ़़ेगा। हमारे सामने एक पाठक वर्ग दिखाई पड़ता है। प्रत्येक लेखक या रचनाकार की अपनी अभिव्यक्ति शैली होती है। अभिव्यक्ति शैली से नया पाठक वर्ग बनता है। बच्चों के लिए लिखना कठिन है। उनके लिए लिखते समय संस्कारों पर ध्यान देना जरूरी है। बाल साहित्य के सृजन में लेखक के सामने कोई स्पष्ट पाठक वर्ग नहीं दिखाई पड़ता है। मुस्कुराता बच्चा, रोता बच्चा, हंसता बच्चा, गाता बच्चा, गुदगुदाता बच्चा, नाराज बच्चा, ऐसे बच्चों की तमाम तरह की भावनाएं या इमोशन है। अंग्रेजी में फीलिंग एक शब्द है। इमोशन के साथ फीलिंग से जुड़कर कुछ लिखना-पढ़ना निश्चित रूप से बड़ा काम है। लेकिन लोग लिख रहे हैं। वे बधाई के पात्र हैं। बच्चों की भावना फीलिंग, उनके इमोशन्स, उसकी गहराई में जाना और मां जैसा हो जाना बड़ा काम है। बच्चों के लिए कुछ लिखना, गीत लिखना, लोरी लिखना, गाना, मां हो जाना है। मुझे लगता है कि सभी बाल साहित्यकार पहले मां बने हैं। तब साहित्यकार बने हैं। उनके भीतर का मातृत्व, उनके भीतर का वात्सल्य, उनके भीतर का रस, उनके भीतर खिलता बसंत अथवा अषाढ़ ये सब उनको रससिक्त करते हैं। लेखन सृजनधर्म है। इसे लोक मंगल का साधक होना चाहिए। लेखन का ध्येय मनोरंजन ही नहीं होता। इसे राष्ट्रजीवन का धारक व साधक होना चाहिए।
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सहनी और नीतीश को सबक

Posted: 27 Mar 2022 05:59 AM PDT

सहनी और नीतीश को सबक

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
बिहार के राजनीतिक महाभारत में नीतीश कुमार ही महारथी नहीं हैं। उनकी सरकार में ही कई नेता ऐसे हैं। पिछले दिनों यूपी विधानसभा चुनाव में जद(यू) व सहनी भाजपा के लिए मुश्किल बन गये थे, अब भाजपा ने उनको सबक सिखाया है। राज्य में जद(यू) के नेतृत्व में नीतीश कुमार सरकार चला रहे हैं लेकिन उनके पास भाजपा से कम विधायक हैं। नीतीश अपने विधायकों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं ताकि भाजपा के दबाव को कम किया जा सके। इसी समीकरण के तहत नीतीश कुमार चाहते थे कि मुकेश साहनी की वीआईपी पार्टी के तीन विधायक जद(यू) में शामिल हो जाएं। यह भनक भाजपा को भी लग गयी थी और भाजपाई महारथियों ने वीआईपी के तीनों विधायकों को भाजपा के पाले में खींच लिया। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर मुकेश सहनी से मंत्री पद से इस्तीफे का दबाव डाला जा रहा है। मुकेश सहनी ने इस पर संयमित किन्तु सारगर्भित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरा इस्तीफा सीएम नीतीश कुमार का विशेषाधिकार है लेकिन यह भी कहा कि एनडीए में वीआईपी का अधिकार है और जब तक सांसद रहेगी, तब तक झुकूंगा नहीं। कंधे से कंधा मिलाकर चलना मंजूर है लेकिन चार बात आपकी मानूंगा तो आपको भी हमारी चार बातें माननी पड़ेंगी। बिहार में नवम्बर 2020 में विधनसभा के चुनाव हुए थे। इससे एक साल पहले लोकसभा चुनाव मे भाजपा को 17 सांसद मिले तो जद(यू) को 16 सांसद। इस प्रकार दोनों दल लगभग बराबरी पर थे लेकिन बिहार के 243 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 74 विधायक मिले और जद(यू) को 43 विधायकों से ही संतोष करना पड़ा था। अब मुकेश सहनी के तीन विधायक भी भगवा रंग में शामिल हो गये हैं। यूपी में प्रचण्ड जीत के बाद भाजपा नीतीश और सहनी को सबक सिखा रही है।

बिहार की नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री और वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी फिलहाल मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे। मुकेश सहनी ने अपनी पार्टी वीआईपी के तीन विधायकों के बीजेपी में विलय के बाद पटना में प्रेस से बात की। मुकेश सहनी ने इस दौरान बीजेपी पर संगीन आरोप लगाए लेकिन जब उनसे मंत्री पद के इस्तीफे को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मेरा इस्तीफा सीएम नीतीश कुमार का विशेषाधिकार, इसलिए जैसा वो कहेंगे मैं वैसा ही करूंगा। उन्होंने बिहार बीजेपी के नेताओं पर आरोप लगाया और कहा कि मुझे शुरू से ही कमजोर करने और तोड़ने की साजिश की जा रही थी। मैंने जब भी आगे बढ़ने की कोशिश की है तो मैं लोगों की आंखों में खटका हूं। मुकेश सहनी ने कहा कि मैंने कोई गलती नहीं की है यूपी का चुनाव लड़ के। मैं आखिरी सांस तक अपने लोगों के लिए लड़ाई लड़ता रहूंगा लेकिन संजय जायसवाल ने बहुत झूठ बोला। सहनी ने कहा कि बीजेपी से मेरी जो डीलिंग हुई वह मेरे और अमित शाह जी के बीच हुई थी। संजय जायसवाल तब कमरे के बाहर भी नहीं खड़े थे। सहनी ने कहा कि संजय जायसवाल और बीजेपी के दूसरे नेता जो बात बोल रहे हैं, अगर वही बात केंद्रीय गृह मंत्री बोल दें तो मैं सही मान लूंगा। जो पार्टी दूसरे की पार्टी के विधायकों को छीनकर सबसे बड़ी पार्टी बन जाये, उस पार्टी को नैतिकता के आधार पर मेरे से इस्तीफा मांगने का अधिकार नहीं है। मुकेश सहनी ने कहा कि मैं 18 साल की उम्र से संघर्ष कर रहा हूं। मैं मुम्बई में फुटपाथ पर रहा हूं, फुटपाथ पर सोया हूं। 2020 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार में शामिल हुए लेकिन लोगों को यह पच नहीं पाया। बिहार के मंत्री ने कहा कि मैं आरक्षण निषाद, कर्पूरी ठाकुर के सपने को पूरा करना चाह रहा, जातीय जनगणना करवाना चाह रहा तो क्या गलती है। मुकेश सहनी ने कहा कि मुझे पता था कि यह सब एक दिन होगा। लोग चाहते हैं कि मैं कहूं उठो तो उठे और बैठने को कहे तो बैठें लेकिन मैं ऐसा करने वालों में से नहीं हूं।

इस प्रकार बिहार की राजनीति में इन दिनों अजीब सी स्थिति बन गई है। एक तरफ जहां बिहार की एनडीए सरकार में शामिल दल ही अपने मंत्री से इस्तीफा मांगने का दबाब बना रहा है तो वहीं इस्तीफे का दबाब झेल रहे मुकेश सहनी ने गेंद को सीधे नीतीश कुमार के पाले में डालकर नीतीश कुमार की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिहार की सत्ता में सियासत और दबाव की इस स्थिति की शुरुआत या यूं कहें कि पृष्ठभूमि तब शुरू हुई जब मुकेश सहनी ने यूपी चुनाव में बीजेपी के खिलाफ हाथ आजमाने की घोषणा की।

यूपी में मुकेश सहनी की पार्टी के चुनाव लड़ने और बोचहां विधानसभा के लिये हो रहे उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार के खिलाफ ही वीआईपी का उम्मीदवार उतार देने के बाद बीजेपी ने सीधा सर्जिकल स्ट्राइक किया और मुकेश सहनी की पार्टी को ही नेस्तनाबूद कर दिया। विधानसभा में मुकेश सहनी की पार्टी के तीनों विधायकों को बीजेपी में शामिल कर उनको पैदल कर दिया। लगे हाथों अब बीजेपी ने मुकेश सहनी पर इस्तीफा का दबाब बनाना शुरू कर दिया है। मुकेश सहनी ने खुद पर पड़ रहे इस्तीफे के दबाब को नीतीश कुमार पर ठेलते हुये कह दिया है की इस्तीफा नही देंगे और यह क्षेत्राधिकार सीएम का है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो बीजेपी ने इस्तीफे की मांग कर नीतीश कुमार पर दबाब बढ़ा दिया है। सत्ता की सियासत के खेल में मुकेश सहनी मामले में नीतीश कुमार फिलहाल कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। मुकेश सहनी बोचहां में अपने उम्मीदवार की घोषणा करने से पहले सीएम नीतीश कुमार से मिल भी चुके हैं, ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि नीतीश कुमार मंत्री पद से भी बेदखल करते हैं या फिर कोई नई सियासत शुरू होती है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा से दो-दो हाथ करते हुए बिहार के पशुपालन और मत्स्य संसाधन मंत्री तथा विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने नीतीश कुमार की जमकर सराहना की है। जदयू के लिए प्रचार करने के दौरान मुकेश सहनी ने न केवल दावा किया बल्कि नीतीश कुमार के विकास 'मॉडल' को सामाजिक समरसता का वाहक बताते हुए खूब तारीफ की थी। वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी ने मल्हनी विधानसभा में जनता दल (युनाइटेड) के प्रत्याशी धनंजय सिंह के समर्थन में प्रचार कर भाजपा को झटका दिया था।
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समरसता की परम्पराएं, एक अकेला थक जाएगा...

Posted: 27 Mar 2022 05:53 AM PDT

समरसता की परम्पराएं, एक अकेला थक जाएगा...

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
पुरानी फिल्म 'नया दौर' मंे एक गाना था- साथी हाथ बढ़ाना, एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना.... हो सकता है, इसको मैं हूबहू उन्हीं शब्दों में न लिख पाया हूं लेकिन सारांश यही था कि मिलकर काम करें। महाराज अग्रसेन ने जिनके नाम पर अग्रवाल वंश चला, उन्हांेने भी एक रुपये, एक ईंट की परम्परा से गांव मंे नये आये व्यक्ति की मदद की परम्परा शुरू की थी। गांवों मंे पहले छप्पर छाया जाता था। इसे बनाने के लिए तो मजदूर लगाने पड़ते थे लेकिन दीवार पर रखने की क्षमता किसी भी एक व्यक्ति में नहीं होती थी। गांव के लोग इकट्ठे होकर छप्पर रखवाते थे। यह सभी कार्य निःशुल्क कराये जाते थे। सहयोग की परम्परा कई मामलों मंे देखी जाती थी। आजकल तो शादी-व्याह मंे सभी सामान किराये पर मिल जाता है लेकिन लगभग पांच दशक पूर्व गांवों मंे कोई सामान किराये पर नहीं लिया जाता था। घर-घर से चारपाई और कालीन मांगी जाती थी। दूध भी व्यवहार मंे मिल जाता था। यहां तक कि तरकारी, अमिया भी लोग दे देते थे। ये परम्पराएं अब धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही हैं लेकिन जहां कहीं ये परम्पराएं आज भी कायम हैं तो उन्हें देखकर सुखद आश्चर्य होता है। राजस्थान के बाड़मेर मंे गेहूं की की फसल की कटाई आज भी इसी सहयोग की परम्परा से होती है और आपस मंे मिलकर सभी किसान अपनी-अपनी फसल खलिहान तक पहुंचा देते हैं। राजस्थान मंे यह लाह परम्परा कही जाती है। इस परम्परा में सुरीले लोेकगीत गाते हुए किसान परिवार फसल की कटाई करते हैं।

आधुनिकता के दौर में एक तरफ जहां लोग फसलों की कटाई के लिए तरह-तरह की मशीनों का उपयोग करते नजर आते हैं। वहीं, दूसरी ओर राजस्थान मंे ग्रामीण अंचलों में दशकों से चली आ रही लाह परंपरा के तहत आज भी लोकगीतों के साथ किसान परिवार मिलजुलकर बिना किसी मजदूरी लिये खेत में खड़ी फसल की कटाई कर रहे हैं। इस परंपरा का मुख्य उद्देश्य बिना किसी पारिश्रमिक के फसलों की कटाई में एक-दूसरे की मदद करना है। कुछ ऐसा ही नजारा बाड़मेर जिले के किसानों के खेतों में रबी की फसल कटाई के दौरान देखने को मिल रहा है, जहां आस पास के कई किसान इकट्ठा होकर भीणत गायन के साथ खेत में उगी पूरी फसल की कटाई कर रहे हैं। इसे फसल कटाई उत्सव भी कंहा जाता है। इनणतियों को बाद मंे सामूहिक भोज कराया जाता है। लाह का एकमात्र उद्देश्य किसान को अतिरिक्त खर्चे से बचाना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है। राजस्थान मंे जिस किसान के यहां लाह का आयोजन होता है, उनकी ओर से सहयोग करने वाले सभी किसानों के लिए मारवाड़ी अंदाज में भोज का आयोजन किया जाता है, जिसमें बाजरे की रोटी, भरपूर देसी घी-गुड़ का चूरमा और देसी साग खिलाकर आवभगत की जाती है। इसे ग्रामीणों की भाषा में भाणतियों के लिए लाह की लहर कहा जाता है।

इसमंे कोई संदेह नहीं कि किसान अपनी पूरी जमा-पूजी खेत में फसल उगाने के लिए डाल देते हैं। फसल पकने के दौरान किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा आंधी-तूफान व बेमौसम बारिश आदि से बचने के लिए इसी लाह परंपरा के चलते एक-दूसरे का सहयोग कर पकी हुई फसल कुछ ही समय में काट ली जाती है या कटी हुई फसल एकत्र कर ली जाती है। इससे किसान होने वाले नुकसान से बच जाता है। लाह परंपरा के तहत कुम्हारों की बेरी के भादुओं की पाल के एक खेत में सामूहिक फसल कटाई के दौरान नाचते गाते बच्चों महिलाओं व बुजुर्गों में भी एक अलग सा जोश दिखाई देता है। कई बुजुर्गों में फसल कटाई के दौरान युवाओं सी फुर्ती नजर आती हैं। भिणत के साथ लय और ताल से ताल मिलाकर नाचते-गाते देखते ही देखते कई बीघा में फसल की कटाई कर दी जाती है। लाह परंपरा दशकों से चली आ रही है। इस परम्परा के तहत हंसी-खुशी गाते-नाचते सामूहिक रूप से फसल कटाई कर ली जाती है और इस दौरान थकान भी महसूस नहीं होती

इस अवसर पर बाजरे रो सोगरो, ग्वार फळी रो साग, सात मिठाई करे जेड़ो है इण किसान रो भाग। जैसे लोकोक्तियों और लोकगीतों के साथ गांव के किसान मिलजुल कर किसी एक के खेत में फसल की कटाई करते हैं। लाह एक सामाजिक परम्परा सामूहिक रूप से करते है। कार्य लोकगीत रामयो व खेले की भिणत का गायन कर लाह फसल काटने में जुट जाते हैं पुरुष व महिलाएं गीत गाते फसल की कटाई करते हंै।

महाराजा अग्रसेन को समाजवाद का अग्रदूत कहा जाता है। अपने क्षेत्र मंे सच्चे समाजवाद की स्थापना के लिए उन्होंने नियम बनाया था कि उनके नगर मंे बाहर से आकर बसने वाले व्यक्ति की सहायता के लिए नगर का प्रत्येक निवासी उसे एक रुपया और एक ईंट देगा जिससे आसानी से उसके रहने के लिए घर और व्यापार के लिए धन की व्यवस्था हो जाए। माना जाता है कि महाभारत के युद्ध मंे महाराज वल्लभ सेन अपने पुत्र अग्रसेन तथा सेना के साथ पांडवों के पक्ष मंे लड़ते हुए भीष्म पितामह के वाणों से वीरगति प्राप्त की थी। इसके बाद अग्रसेन जी ने राज्य की बागडोर संभाली थी। सूर्यवंश मंे जन्म में अग्रसेन जी महाभारत युद्ध के समय 15 वर्ष के थे। माना जाता है कि महाराजा अग्रसेन ने 108 वर्षों तक राज किया था। वर्तमान मंे राजस्थान और हरियाणा राज्य के बीच लुप्त हो चुकी सरस्वती नदी के किनारे प्रताप नगर स्थित था। यहां के राजा थे वल्लभ सेन। उनके अग्रसेन और शूरसेन नामक दो पुत्र थे। अग्रसेन महाराजा वल्लभ सेन के बड़े बेटे थे। अग्रसेन ने अग्रोहा राज्य की स्थापना की थी। इस प्रकार सहयोग की परम्परा हमारे देश मंे सैकड़ों साल से चली आ रही थी और इसने समाज को एक भावनात्मक डोर से बांध रखा था। भौतिकवाद की चकाचैंध मंे इस प्रकार की परम्पराएं समाप्त हो गयीं लेकिन जहां कहीं ऐसा सहयोग दिखाई पड़ता है तो अपने देश की परम्पराओं पर गर्व की अनुभूति होती है।
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चीन के विदेश मंत्री के नेपाल दौरे के बाद भी बीआरआइ पर नहीं बनी बात

Posted: 27 Mar 2022 05:51 AM PDT

चीन के विदेश मंत्री के नेपाल दौरे के बाद भी बीआरआइ पर नहीं बनी बात 

काठमांडू। चीन के विदेश मंत्री वांग यी की नेपाल यात्रा के बीच दोनों देश बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआइ) परियोजनाओं और उससे जुड़े ऋणों पर एक समझौते पर हस्ताक्षर करने में एक बार फिर विफल रहे। नेपाल ने सख्त रवैया दिखाते हुए साफ कहा कि वह किसी भी परियोजना को स्वीकार नहीं करेगा जो चीन की किसी शर्तों पर की जाएगी। बता दें कि चीन के विदेश मंत्री के आने से पहले ही नेपाल ने बीआरआई परियोजनाओं पर अपनी आपत्ति जताई थी। नेपाल के विदेश मंत्री नारायण खडका और उनके समकक्ष वांग यी के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग, द्विपक्षीय व्यापार पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इस वार्ता में नेपाल और चीन के बीच कुल नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसमें बीआरआइ पर कोई भी समझौता नहीं हुआ है। गौरतलब है कि नेपाल ने मई 2017 में बीआरआइ फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन परियोजना कार्यान्वयन समझौते को अंतिम रूप देने के साथ-साथ चीनी निवेशकों द्वारा भूमि हड़पने और अपर्याप्त मुआवजे के स्थानीय लोगों के कड़े विरोध सहित कई बाधाओं के कारण एक भी परियोजना शुरू नहीं हुई है।
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जर्मनी एरो 3 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने पर कर रहा विचार

Posted: 27 Mar 2022 05:48 AM PDT

जर्मनी एरो 3 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने पर कर रहा विचार

बर्लिन। जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज और बुंडेसवेहर के महानिरीक्षक एबरहार्ड जोर्न ने इजरायल से एरो 3 (हेट्ज 3) मिसाइल रक्षा प्रणाली हासिल करने की संभावनाओं पर चर्चा की है। समाचार पत्र द बिल्ड ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। अखबार के अनुसार, जर्मनी को इस तरह की खरीद में 200 करोड़ यूरो का खर्च आएगा और यह एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम साल 2025 से सेवा में आ जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस मिसाइल प्रणाली में बहुत शक्तिशाली रडार लगे हैं, जिससे पोलैंड, रोमानिया और बाल्टिक देशों को कवर किया जा सकेगा। बिल्ड ने हालांकि यह भी बताया कि एरो 3 पर फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने जनवरी में घोषणा की थी कि उसने एरो 3 मिसाइल रक्षा प्रणाली का सफल उड़ान परीक्षण किया है, जिसे अमेरिका के साथ मिलकर पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है।
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प्रधानमंत्री को अलविदा कहने विपक्ष भी जाएगा

Posted: 27 Mar 2022 05:46 AM PDT

प्रधानमंत्री को अलविदा कहने विपक्ष भी जाएगा 

इस्लामाबाद: मरियम नवाज इस्लामाबाद। पाकिस्तान की इमरान सरकार पर खतरा मंडरा रहा है जिसके चलते पाक पीएम इस्लामाबाद में एक मेगा रैली करने वाले हैं। इमरान की इसी रैली को लेकर विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने उनपर निशाना साधा है। लाहौर से शुरू हुए अपने मार्च में मरियम ने कहा कि इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार का जाना तय है और विपक्ष भी प्रधानमंत्री को अलविदा कहने के लिए इस्लामाबाद जाएगा। मरियम ने कहा कि इमरान खान को भी पता है कि सरकार चली गई है और इसलिए वह हर दिन चिल्ला रहे हैं। पीएमएल-एन नेता ने अपने मार्च में कहा कि अक्षम सरकार और महंगाई के कारण उनकी पार्टी के सुप्रीमो नवाज शरीफ का नाम अब हर लोगों के मूह से गूंज रहा है।
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बाइडन ने पोलैंड को सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया

Posted: 27 Mar 2022 05:44 AM PDT

बाइडन ने पोलैंड को सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया

वारसॉ। यूरोप में अपने दौरे के अंतिम दिन अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने पोलैंड को आश्वस्त किया कि अमेरिका रूस के किसी भी हमले से उसका बचाव करेगा। साथ ही, उन्होंने स्वीकार किया कि नाटो सहयोगी ने पड़ोस के यूक्रेन में युद्ध के कारण शरणार्थी संकट का बोझ उठाया है। बाइडन ने पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा से कहा, ''आपके देश की स्वतंत्रता को लेकर हमारी प्रतिबद्धता है।'' वारसॉ में राष्ट्रपति भवन में दोनों नेताओं ने यूक्रेन पर रूसी आक्रमण को समाप्त करने से जुड़े मुद्दों और साझा लक्ष्यों पर बात की। डूडा ने कहा, ''समय बहुत कठिन है, मगर आज पोलैंड-अमेरिका के संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं।'' रूस के हमले के बाद से यूक्रेन से 37 लाख लोग पलायन कर चुके हैं और इनमें से 20 लाख लोगों ने पोलैंड में शरण ली है। इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका ने घोषणा की थी कि वह यूक्रेन के एक लाख शरणार्थियों को शरण देगा। बाइडन ने डूडा से कहा कि वह समझते हैं कि पोलैंड ''एक बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहा है, लेकिन यह सब नाटोकी जिम्मेदारी होनी चाहिए।''
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अप्रैल 2022 के कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार ।

Posted: 27 Mar 2022 05:04 AM PDT

अप्रैल 2022 के कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार ।

हर हर महादेव!!
लेखक: रवि शेखर सिन्हा उर्फ आचार्य मनमोहन ।
ज्योतिष मार्तंड एवं जन्म कुंडली विशेषज्ञ।
मैं आप सबको और आप सबके हृदय में विराजमान ईश्वर को प्रणाम करता हूं और धन्यवाद करता हूं।
चैत्र माह और चैत्र माह के अधिपति देवी देवताओं को नमन करते हुए अप्रैल माह 2022 के कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहारों के बारे में आइए जानते हैं।
अप्रैल माह की 2 तारीख से चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो रहा है।
यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसी दिन भगवान ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से हिंदू नया वर्ष आरंभ होता है, जिसे हम विक्रम संवत के नाम से जानते हैं। इस वर्ष 2 अप्रैल 2022 से श्री विक्रम संवत 2079 आरंभ होगा। इस संवत्सर का नाम राक्षस होगा। अर्थात पूरे वर्ष पूजा-पाठ संकल्प में राक्षस नाम संवत्सर का संकल्प किया जाएगा।
संवत वर्ष 2079 के राजा शनिदेव हैं और मंत्री देव गुरु बृहस्पति हैं ।चैत्र माह का आरंभ शनिवार से होने के कारण इस संवत्सर के राजा शनिदेव बनते हैं।
मैं दिव्य रश्मि पत्रिका के सभी सदस्यों की तरफ से सभी पाठकों को और सभी देशवासियों को, सभी सनातन प्रेमियों को, हिंदू धर्म के सभी अनुयायियों को नव वर्ष 2079 की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं सनातन प्रेमी सभी हिंदुओं का विशेष कल्याण हो। हमारे देश के साथ साथ समस्त संसार में सुख शांति और प्रसन्नता का वातावरण बना रहे। सभी स्वस्थ हो, उन्नति करें और उनके जीवन की सारी कामनाएं पूर्ण हो जाएं।
चैत्र माह मां भगवती जगदंबा को समर्पित होता है। इस वर्ष चैत्र माह में नवरात्रि की पूर्ण तिथियां हैं। पूरे 9 दिन का नवरात्र होगा। घर, परिवार ,समाज और विश्व के कल्याण के लिए हम सब मिलकर मां भगवती दुर्गा जगदंबा की आराधना स्तुति करें और नवरात्रि के 9 दिनों में व्रत उपवास करके मां भगवती को प्रसन्न करने की चेष्टा करें। इसी नवरात्रि में नवमी तिथि को अर्थात् 10 अप्रैल 2022 रविवार को श्री राम नवमी का त्यौहार बड़े धूमधाम से पूरे देश में, पूरे विश्व में मनाया जाएगा। भगवान श्रीराम का जन्म उत्सव विशेष रूप से अयोध्या नगरी में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हम सब अपने अपने घरों में श्री रामचरितमानस का पाठ करें। भगवान श्री राम की पूजा अर्चना करें और श्री संकट मोचन हनुमान जी के मंदिरों में, अपने घरों में केसरिया ध्वज लहरा कर भगवान श्री राम के जन्म उत्सव का आनंद उठाएं।
1 अप्रैल शुक्रवार को चैत्र अमावस्या होगा।
2 अप्रैल शनिवार को चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होगा। गुडी पाडवा मनाया जाएगा। सिंधी समाज में भगवान झूलेलाल की जयंती मनाई जाएगी।
आज से ही नया संवत आरंभ होगा। यह राक्षस नाम का संवत्सर होगा। श्री विक्रम संवत 2079 की शुरुआत होगी। आज के दिन 9 दिनों तक चलने वाले नवरात्र व्रत का आरंभ होगा। नवरात्र व्रत करने वाले अपने अपने घरों में, मंदिरों में घटस्थापना अर्थात कलश स्थापन करेंगे। जिसका मुहूर्त दोपहर 11:30 बजे तक है। प्रातः काल सूर्योदय से लेकर दिन के 11:30 बजे तक प्रतिपदा तिथि है। प्रतिपदा तिथि अंदर ही घटस्थापना किया जाएगा।
3 अप्रैल रविवार से मुस्लिम संप्रदाय का हिजरी सन 1443 आरंभ होगा और आज से ही रमजान का महीना आरंभ होगा। मुस्लिम संप्रदाय के लोग आज से ही रोजा रखना आरंभ करेंगे।
4 अप्रैल सोमवार को गणगौर पूजा होगी।
5 अप्रैल मंगलवार को वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी का व्रत होगा। इसे अंगारकी चतुर्थी के नाम से भी जानते हैं।
6 अप्रैल बुधवार को मत्स्य जयंती मनाई जाएगी।आज के ही दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार धारण किया था।
7 अप्रैल गुरुवार को बिहार और झारखंड में मनाए जाने वाले रवि षष्ठी व्रत अर्थात छठ व्रत का पावन त्यौहार होगा।
9 अप्रैल शनिवार को महा अष्टमी व्रत होगा
10 अप्रैल रविवार को श्री राम नवमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। आज के दिन नवरात्रि से संबंधित हवन यज्ञ किए जाते हैं। दोपहर के समय कर्क लग्न में भगवान श्रीराम का जन्म उत्सव मनाया जाता है। आज के ही दिन श्री रामचरितमानस की जयंती भी मनाई जाती है।आज ही प्रसिद्ध अक्षरधाम में भगवान स्वामीनारायण की जयंती मनाई जाएगी। आज के दिन पुष्य नक्षत्र पूरे दिन रात होने के कारण रवि पुष्य योग बन गया है‌ इसमें सारे शुभ कार्य किए जाएंगे। रवि पुष्य में यंत्र मंत्र तंत्र से संबंधित कार्य किए जाते हैं। यह अत्यंत श्रेष्ठ मुहूर्त होता है । इस मुहूर्त में किए गए सारे कार्य सफलता प्रदान करते हैं।
11 अप्रैल सोमवार को प्रातः काल नवरात्रि व्रत का पारण किया जाएगा।
12 अप्रैल मंगलवार को कामदा एकादशी का व्रत सभी के लिए होगा । गृहस्थ और वैष्णव संप्रदाय दोनों ही आज के दिन एकादशी का व्रत करेंगे।
14 अप्रैल गुरुवार को प्रदोष व्रत होगा। जैन संप्रदाय में भगवान श्री महावीर की जयंती मनाई जाएगी। आज के दिन कामदेव की विशेष पूजा श्री अनंग त्रयोदशी के रूप में किया जाता है। आज के ही दिन भारतीय संविधान के रचयिता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाएगी । आज ही सूर्य की संक्रांति है। भगवान सूर्य अश्विनी नक्षत्र में अपनी वर्तमान मीन राशि को छोड़कर मंगल की राशि और अपनी उच्च राशि मेष में सुबह 10:30 पर प्रवेश कर जाएंगे। इस मेष संक्रांति को बिहार और झारखंड में सत्तू संक्रांति के नाम से ही मनाया जाता है। पंजाब प्रांत में आज के दिन वैशाखी के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। आज से खरमास समाप्त हो जाएगा और सारे शुभ कार्य विवाह से संबंधित गृह प्रवेश से संबंधित सारे शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे।
आज से ही बंगला नववर्ष 1429 प्रारंभ होगा‌। इस संक्रांति को आसाम प्रांत में बहाग बिहू और बंगाल प्रांत में चड़क पूजा के नाम से जाना जाता है। तीर्थराज प्रयाग में संगम स्नान, सर्वत्र गंगा स्नान और गंगा ब्रह्मपुत्र में स्नान का आज के दिन का विशेष महत्व है।
15 अप्रैल शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया जाएगा।
16 अप्रैल शनिवार को चैत्र पूर्णिमा का त्यौहार मनाया जाएगा। आज के दिन श्री संकट मोचन हनुमान जी का जन्म उत्सव भी मनाया जाएगा। काशी के संकट मोचन मंदिर में विशेष पूजा अर्चना आज के दिन की जाती है।
17 अप्रैल रविवार से वैशाख माह आरंभ होगा। वैशाख के महीने में जल दान का विशेष महत्व होता है। अत्यधिक गर्मी पड़ने के कारण पशु पक्षियों से लेकर मनुष्य तक को जल पिलाने पर उच्च कोटि के पुण्य की प्राप्ति होती है। आज के दिन भगवान विष्णु का कच्छप अवतार हुआ था। इसीलिए आज कच्छप अवतार का भी त्यौहार मनाया जाएगा।
19 अप्रैल मंगलवार को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी का व्रत होगा।
20 अप्रैल बुधवार को सती अनुसूया का जन्म उत्सव मनाया जाएगा।
22 अप्रैल शुक्रवार को पृथ्वी दिवस है। धरती माता को सुखी और समृद्ध बनाने के लिए, पृथ्वी माता के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने के लिए आज के दिन विशेष रूप से पृथ्वी पूजन किया जाता है। 26 अप्रैल मंगलवार को वरुथिनी एकादशी का व्रत होगा यह व्रत गृहस्थ और वैष्णव संप्रदाय दोनों के लिए मान्य होगा आज ही श्री वल्लभाचार्य जी की जयंती भी मनाई जाएगी 28 अप्रैल गुरुवार को प्रदोष व्रत होगा 29 अप्रैल शुक्रवार को मासिक महाशिवरात्रि का व्रत होगा‌। मुस्लिम संप्रदाय का जमात उल विदा का त्यौहार भी आज के दिन होगा।
30 अप्रैल शनिवार को वैशाख अमावस्या, स्नान दान और श्राद्ध की अमावस्या होगा। आज शनिवार होने के कारण शनि अमावस्या के नाम से भी इसे जाना जाता है। जिसमें शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा अर्चना की जाती है।
विशेष टिप्पणी: 14 अप्रैल गुरुवार को अश्विनी नक्षत्र और मेष राशि में दिन के 10:30 पर भगवान सूर्य की संक्रांति होगी। इसे सत्तू संक्रांति के नाम से भी जानते हैं। सत्तू खाना, खिलाना एवं ऋतु फल के साथ सत्तू का दान करना अत्यंत पुण्य फलदायक माना जाता है। अश्विनी नक्षत्र में सूर्य की संक्रांति गर्मी बढ़ाएगी। 13 अप्रैल के आसपास वर्षा, आंधी, बूंदाबांदी की संभावना रहेगी।इति शुभमस्तु।
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पटना की डा. नम्रता आनंद को मिला महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान

Posted: 27 Mar 2022 05:01 AM PDT

पटना की डा. नम्रता आनंद को मिला महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान 

 जितेन्द्र कुमार सिन्हा,पटना 
पटना की नम्रता आनंद को महादेवी वर्मा की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित सत्याग्रह मंडप, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, राजघाट परिसर   में जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में "महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान" से   26 मार्च (शनिवार) को सम्मानित किया गया।
 डॉ नम्रता आनंद राजकीय- राष्ट्रीय सम्मान से अंलकृत समाज सेविका और शिक्षिका हैं। डॉ नम्रता को यह सम्मान समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए दिया गया है। 
डा. नम्रता आनंद ने आज बताया कि महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान दिये जाने पर खुशी है और इसके लिये जीकेसी का शुक्रिया अदा करते है। उन्होंने कहा कि महादेवी वर्मा सम्मान मिलना मेरे लिए गौरव की बात है। खुशी होती है कि मेरा काम लोगों को पंसद आ रहा है। समाज में रिकॉग्नेशन मिल रहा है।   
   डा. नम्रता सामाजिक संगठन दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापिका और जीकेसी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। वे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण  और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।  वर्ष 2004 में राष्ट्रीय विकास और सामाजिक सेवा में किये गये उत्कृष्ठ कार्य के लिये राष्ट्रीय यूथ अवार्ड सम्मान से भी सम्मानित हो चुकी है।  वर्ष  2019 में  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार की सर्वश्रेष्ठ  शिक्षक सम्मान भी मिला था। वर्ष 2008 में इन्होंने दीदीजी फाउंडेशन की नीवं रखी थी जिसके बैनर तले जल जीवन हरियाली, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, पर्यावरण, स्वच्छता, तंबाकू विरोधी अभियान, साक्षरता, रक्तदान, पल्स पोलिया प्रतिरक्षण, कोरोना जागरूकता, महिला सशक्तीकरण, विकलांग लोगों के पुर्नवास समेत कई सामाजिक कार्य किये, जिसके लिये उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली।  
डा. नम्रता पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से भी जुड़ी हुई हैं और मध्य प्रदेश के बक्सवाहा जंगल को बक्सवाहा तक आंदोलन करने जाती रही हैं। सामाजिक संगठन रोटरी क्लब में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं। पटना के कुरथौल स्थित फुलझड़ी गार्डेन में संस्कारशाला और एक पुस्तकालय की स्थापना भी की है। जहां गरीब और स्लम एरिया के बच्चों का निःशुल्क शिक्षा, संगीत, सिलाई-बुनाई और डांस का प्रशिक्षण दिया जाता है।
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पटना जिला सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने जय प्रकाश नारायण के अनुयायियों को उनके नाम पर बने उद्यान को कूड़ा डंपिंग केंद्र बनाए जाने की घोर निंदा की है।

Posted: 27 Mar 2022 04:56 AM PDT

पटना जिला सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने जय प्रकाश नारायण के अनुयायियों को उनके नाम पर बने उद्यान को कूड़ा डंपिंग केंद्र बनाए जाने की घोर निंदा की है। 


उन्होंने बताया कि सिटी के गांधी सरोवर मंगल तालाब परिसर में कभी लोक नायक जय प्रकाश नारायण उद्यान हुआ करता था। गुलाब के सुंदर फूलों से सुसज्जित इस उद्यान में पटना के महापौर श्री के.एन.सहाय जी की अध्यक्षता में अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन का भी आयोजन किया गया था। 

राकेश कपूर ने कहा कि कालांतर में लोक नायक जय प्रकाश नारायण के अनुयायी रहे स्थानीय विधायक और मन्त्री श्री नंदकिशोर यादव जी ने इस उद्यान को उजाड़ कर इसमें मुक्ताकाश मंच और कैफेटेरिया का निर्माण करवाया। मुक्ताकाश मंच को पूर्व मंत्री व क्षेत्रीय विधायक नंदकिशोर यादव जी ने अपने पिता के नाम 'पन्ना लाल यादव मुक्ताकाश मंच' कर दिया। हरियाली को पूरी तरह नष्ट कर सीमेंटेड कार पार्किंग भी बनवाया गया। अब यही स्थल वर्तमान में कूड़ा डंपिंग केंद्र के साथ सूअर का माँस बिकने की जगह बन गया है। 😰 कैफेटेरिया तो आज तक पूर्ण रूप से खुला ही नहीं।

पिछले दिनों गाँधी सरोवर मंगल तालाब स्थित इस कैफेटेरिया की जर्जर स्थिति की मरम्मत की मांग को लेकर बिहार विधानसभा में पूछे गए एक सवाल पर सरकार के पर्यटन मंत्री श्री नारायण प्रसाद ने अधिकारियों की गलत सूचना के आधार पर सदन को गुमराह किया है।

सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने बयान देते हुए कहा है यह कैफेटेरिया तो आज तक पूर्ण  रूप से कभी खुला ही नहीं तो यह जर्जर कैसे हो गया कि इसके मरम्मत की जरूरत आन पड़ी। जाहिर है, कैफेटेरिया के निर्माण में जबरदस्त धांधली हुई होगी। अब पुनः खाने पकाने की योजना तो नहीं बन रही है! यह सवाल तो बनता ही है।
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कब तक हिंदुओं का खून भरेगा बीरभूम की काली के खप्पर”?

Posted: 26 Mar 2022 06:49 AM PDT

कब तक हिंदुओं का खून भरेगा बीरभूम की काली के खप्पर"?

जय काली कलकत्ते वाली, तेरा वचन न जाये खाली;

51 में से सर्वाधिक शक्तिपीठों वाला जिला बंगाल का बीरभूम;
इस नववर्ष, नवरात्रि पर हम सब लें एक नया और अनूठा संकल्प;
बीरभूम अर्थात वीरभूमि (वीरों की धरती) बंगाल का वह जिला है जिसे हिंदुओं के "शाक्त" संप्रदाय की सर्वाधिक श्रद्धा और आस्था का केंद्र माना जाता है| सनातन धर्म के तीन प्रमुख अंग रहे हैं – विष्णु (और उनके अवतार – राम, कृष्ण या नृसिंह) के उपासक – "वैष्णव"; महादेव, शंकर अथवा शिव के उपासक "शैव" और दुर्गा, काली या शक्ति के उपासक "शाक्त"| बंगाल हमेशा से शक्तिपूजा अर्थात "शाक्तों" की उपासना का गढ़ रहा है| कलकत्ता के दक्षिणेश्वर मंदिर की "भवतारिणी देवी" को भारत का बच्चा बच्चा – "जय काली कलकत्ते वाली, तेरा वचन न जाये खाली" की तरह जानता है| यही स्थान स्वामी रामकृष्ण परमहंस की कर्मभूमि और उनके परम शिष्य स्वामी विवेकानंद के स्वयं देवी के साक्षात दर्शन का स्थल रहा| बंगाल ही वह भूमि है जहाँ हिंदुओं के लिए पवित्र मानी जाने वाली 51 शक्तिपीठों में से सर्वाधिक पीठें स्थित हैं|
दुर्भाग्य से भारत विभाजन के फलस्वरूप छः शक्तिपीठें बांग्लादेश में रह गयीं – सुगंधा देवी (बारिशल); लक्ष्मी देवी श्रीहट्ट (सिलहट); भवानी देवी, (सीताकुंड, चट्टग्राम); जयंती देवी (सिलहट); जशोरेश्वरी देवी (जैसोर) और अपर्णा देवी (काराटोया)| बांग्लादेश में दिन प्रतिदिन घटते हिंदुओं की संख्या, बर्बर हमलों और हिंसक उपद्रवों के बीच किस तरह दांतों के बीच जीभ जैसे इन शक्तिपीठों की आराधना और जिहादी मुसलमानों से इनकी रक्षा करने के लिए संघर्ष कर रही है, ये जगजाहिर है| पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में आजादी के बाद लाखों हिंदुओं को अपने धर्म और धार्मिक स्थलों की रक्षा करने के लिए प्राणों का उत्सर्ग करना पड़ा है| इस पर लिखा जाये तो एक ग्रंथ भी कम पड़ जायेगा|
वैसे तो प्रत्येक हिंदू के प्राण अनमोल हैं लेकिन चलिये मान लिया कि 1947 में "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ पाकिस्तान" बनने के बाद भारत सरकार का भारत के बाहर ज़ोर नहीं चलता होगा लेकिन हमारी पूर्व सरकारें हिंदुओं के उत्पीड़न को महत्वपूर्ण मुद्दा न मानकर इसका राष्ट्रप्रमुख या डिप्लोमेटिक स्तर पर प्रेशर बनाने तक में विफल रहीं| पाकिस्तान तो भारत का शत्रुराष्ट्र घोषित हो गया, हम उस बांग्लादेश में भी हिंदुओं पर हो रही बर्बरता, नरसंहार और धर्मपरिवर्तन को मूक बने देखते रहे जिस बांग्लादेश को आजादी ही हमने दिलाई, जिसका अस्तित्व ही हमारे कारण है| धिक्कार है हम पर – चाहते तो बांग्लादेश का टेंटुआ मरोड़कर उसे बाध्य कर देते कि यदि एक भी हिंदू का खून बहा या एक भी हिंदू धार्मिक स्थल को क्षति पहुँची तो तुम्हारी खैर नहीं|
चलिये, पाकिस्तान शत्रु और बांग्लादेश दूसरा देश था लेकिन इसका चरम देखने को मिलता है स्वयं अपने ही देश के एक राज्य - पश्चिम बंगाल में| जिस तरह विगत कुछ वर्षों से, खासतौर पर जबसे ममता बनर्जी की सरकार वहाँ है, हिंदू उत्पीड़न, सामूहिक हिंसा, अपमान की अनगिनत वारदातें हुईं उनसे लगता ही नहीं कि जहाँ ये सब अविश्वसनीय घटित हो रहा है, वह हमारे देश भारत का ही हिस्सा है| कभी कभी तो लगता है कि ये तो पाकिस्तान और बांग्लादेश भी अधिक बुरा हो रहा है| मुस्लिम वोटबैंक, बांग्लादेश से अवैध रूप से आये करोड़ों मुस्लिम और दुर्दांत समझे जाने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को गैरकानूनी रूप से मतदाता बनाकर उनके नाम पर सत्ता हासिल करने का खूनी खेल ममता बनर्जी खुलेआम खेल रही हैं और हम इसे जानते हुए भी कुछ नहीं कर पा रहे| बात बात पर भड़कने, खून की होली खेलने को सदैव तत्पर एक समुदाय हिंदुओं की शांतिप्रियता और सहिष्णुता का लगातार बेजा फायदा उठाये चला जा रहा है| ममता इसे सत्ता में बने रहने के लिए प्रश्रय दे रही है तो भाजपा के अलावा अधिकांश पार्टियाँ ये सोचकर खुश हैं कि इससे भाजपा की केंद्र सरकार एक अजीबोगरीब स्थिति में आ जाती है|
"बीरभूम" में जो हुआ, वह कोई नई बात न होते हुए भी झकझोरने वाला है| ये वही "बीरभूम" है जहाँ भारत में सबसे अधिक देवी की "शक्तिपीठें" स्थित हैं| हिंदुओं के लिए पवित्रतम मानी जाने वाली – नलतेश्वरी देवी (नलहाटी); नंदकेश्वरी देवी (सैंथिया); तारादेवी (तारापीठ); महिषमर्दिनी (बकरेश्वर) और देवी का अट्टहास करता स्वरुप फुल्लारा यहीं स्थित हैं| गत वर्ष जब मित्र श्री सुधीर श्रीवास्तव जी की सुपुत्री के शुभ विवाह में सम्मिलित होने का निमंत्रण हमें मिला था तो हम पतिपत्नी ने आसपास स्थित इन शक्तिपीठों के दर्शन करने की योजना बनाई| कोरोना की गंभीरता के चलते जाना संभव न हो सका लेकिन देवी माता की कृपा हुई तो भविष्य में "बीरभूम" की शक्तिपीठों पर उपस्थिति अवश्य दर्ज करायेंगे|
हे देवी माताओं! हे शक्तिपीठ में विराजमान अधिष्ठात्री शक्तियों! हे काली! हे दुर्गा! हे भवानी! और कितने हिंदुओं के रक्त से आपके खप्परों की प्यास बुझेगी| हे आदिशक्ति! हमें शक्ति दो - इस अन्याय का सटीक प्रतिकार करने की, दमनकारियों को सबक सिखाने की, अत्याचारियों को समाप्त करने की| साथियो, आने वाले 2 अप्रैल को हमारा "नववर्ष" "संवत्सर" शुरू हो जायेगा, देवी का ये सबसे बड़ा पर्व नौ दिनों की "नवरात्रि" उनके विभिन्न रूपों की पूजा है| माना जाता है कि इसी दिन देवी ने इस जगत की रचना की| ऐसे में परस्पर शुभकामनाएं इत्यादि भेजने की फॉर्मेलिटी पूरी करने से बेहतर होगा कि इस पर्व को उस बंगाल में, उस बीरभूम में देवी के भक्तों पर हो रहे अत्याचारों, उत्पीड़न और नरसंहार के विरुद्ध अभियान की तरह मनाया जाये जिसमें देवी अपनी सर्वाधिक शक्तिपीठों में विभिन्न रूपों में विराजमान है|
नववर्ष में संकल्प लें कि अब देवी के खप्परों में भक्तों का नहीं बल्कि असुरों का, नराधमों का, पैशाचिक कृत्य करने वालों का रक्त भरा जायेगा| सरकारों को मजबूर करने की क्षमता हम जनता जनार्दन में ही है| यदि इन घटनाओं पर ममता बनर्जी की सरकार अंकुश न लगाये या उन्हें जानबूझकर बढ़ावा दे तो केंद्र सरकार पर हम सब मिलकर दवाब डालें कि हिंदुओं की जानमाल, धार्मिक स्थलों की रक्षा के मद्देनज़र ममता बनर्जी सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाये| लेखक - अतुल मालवीय
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तनिक नहीं कभी पछताते

Posted: 26 Mar 2022 06:44 AM PDT

तनिक नहीं कभी पछताते

सच को सच बतलाने से बोलो तुम क्यों हो घबराते।
अन्यायी के साथ खड़े होकर आखिर तू क्या पाते।
       क्या तनिक नहीं कभी पछताते ?

अहिंसा की पावन धरती पर हिंसा की खेती करवाकर।
शोणित-धार बहा-बहाकर स्वयं को निर्दोष हो बतलाते।
      क्या तनिक नहीं कभी पछताते ?

घृणाभाव मन में भरकर ऊपर से प्रेम हो दिखलाते।
मानव रूप धर दानव का करते काम न शर्माते।
       क्या तनिक नहीं कभी पछताते?

रक्तपात भीषण  करवाते जो क्रूरतम अत्याचार मचाते।
ऐसे जल्लादों पर "विवेक" क्यों हो दया दिखाते।
      क्या तनिक नहीं कभी पछताते?

    डॉक्टर विवेकानंद मिश्र डॉक्टर विवेकानंद पथ गोल बगीचा गया बिहार
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27 मार्च 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 26 Mar 2022 06:38 AM PDT

27 मार्च 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

27 मार्च 2022, रविवार का दैनिक पंचांग


🔅 तिथि दशमी 06:00 PM

🔅 नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 01:37 PM

🔅 करण :

            वणिज 07:04 AM

            विष्टि 07:04 AM

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग शिव 08:14 PM

🔅 वार रविवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:56 AM

🔅 चन्द्रोदय +03:17 AM

🔅 चन्द्र राशि मकर

🔅 सूर्यास्त 06:04 PM

🔅 चन्द्रास्त 01:09 PM

🔅 ऋतु वसंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 12:16 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत फाल्गुन

🔅 मास पूर्णिमांत चैत्र
☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:30:45 - 12:19:52

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 04:25 PM - 05:14 PM

🔅 कंटक 09:52 AM - 10:41 AM

🔅 यमघण्ट 01:08 PM - 01:58 PM

🔅 राहु काल 04:31 PM - 06:03 PM

🔅 कुलिक 04:25 PM - 05:14 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:30 AM - 12:19 PM

🔅 यमगण्ड 11:55 AM - 01:27 PM

🔅 गुलिक काल 02:59 PM - 04:31 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन

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पं.प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार

27 मार्च 2022, रविवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आपका दिन फलदायी रहेगा। परिवारजनों के साथ बैठकर आप महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे। घर की साज-सज्जा में आपको परिवर्तन करने की इच्छा होगी। ऑफिस या व्यवसाय क्षेत्र में अधिकारियों के साथ भी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। सरकारी लाभ मिलने की संभावना है। ऑफिस से संबंधित कार्य के लिए यात्रा करनी पड़ेगी। कार्यभार बढ़ सकता है।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras): नए कार्य की प्रेरणा मिलेगी और आप उन्हें प्रारंभ कर पाएंगे। किसी धार्मिक स्थल की मुलाकात से आपका मन भक्तिमय हो जाएगा। लंबे प्रवास का योग है। दूर स्थित स्नेहीजन या मित्रों के शुभ समाचार मिलेंगे। परेदश जाने की संभावनाएं उपस्थित होंगी। व्यापार में आर्थिक लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini): आज का दिन प्रतिकूल है अतः आज आप हर तरह से सावधान रहें ऐसी आपको सूचना देते हैं। आज किसी नए कार्य का प्रारंभ न करें। क्रोध के कारण कुछ अनिष्ट न हो, इसका खास ध्यान रखिएगा। रोगी कोई नया इलाज या शल्यचिकित्सा आज न करवाएं। कामवृत्तियों पर संयम रखने की कोशिश करें। अधिक खर्च होने से हाथ तंग रह सकता है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

कर्क (Cancer): आज का संपूर्ण दिन आनंद-प्रमोद तथा मनोरंजन की प्रवृत्तियों में बीतेगा। आनंद-प्रमोद के साधन, वस्त्र इत्यादि की खरीद होगी। प्रणय संबंधों में सफलता मिल सकती है। उत्तम भोजन, वाहन-सुख के योग हैं तथा प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यावसायिक क्षेत्र में भी लाभदायी दिन रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

सिंह (Leo): आज का दिन मिश्र फलदायी है। घर में शांति का वातावरण रहेगा। दफ्तर में सहकर्मियों से कम सहयोग मिलेगा। दैनिक कार्यों में कुछ रुकावटें आएंगी। शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों की वजह से परेशानी होगी। उच्च पदाधिकारियों के साथ विवाद टालिएगा। आप में आज उदासीनता एवं शंकाशीलता खूब रहेगी जिससे मानसिक व्याकुलता का अनुभव होगा।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

कन्या (Virgo): आज आप संतान को लेकर चिंतित रहेंगे। मन विचलित रह सकता है। पेट से संबंधित व्याधि की वजह से दर्द रह सकता है। विद्योपार्जन करनेवालों के अभ्यास में अवरोध आएंगे। आकस्मिक खर्च की संभावनाएं हैं। बातचीत में तार्किक एवं बौद्धिक चर्चा से दूर रहिएगा। प्रियजनों से मिलाप होगा। शेयर-सट्टे में सावधान रहें।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4


तुला (Libra): आज के दिन आप मानसिक रूप से थकावट का अनुभव करेंगे, ऐसा प्रतीत होता है। आज आप कुछ अधिक ही भावुक रहेंगे। मन में उठ रहे विचारों के कारण कुछ परेशान रहेगें। माता तथा स्त्री के विषयों में चिंता सताएगी। प्रवास के लिए आज का दिन प्रतिकूल है। पानी से दूरी रखें। निद्रा अपूर्ण रहने से मानसिक व्यग्रता रहेगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): आज पूरे दिन आप प्रसन्न रहेंगे। किसी नए कार्य का प्रारंभ कर पाएंगे। साथियों से सुख एवं आनंद की प्राप्ति होगी। मित्रों व स्वजनों से भेंट हो सकती है। किसी भी काम में आज आपको सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ एवं भाग्यवृद्धि के योग हैं। भाई-बहनों से लाभ होगा। प्रतिस्पर्धियों के समक्ष विजय मिलेगी। स्नेह संबंध बनेंगे। छोटे प्रवास की संभावनाए हैं।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): आज का दिन मध्यम फलदायी होगा। निरर्थक व्यय होगा। मन में ग्लानि रहेगी। परिवारजनों के साथ गलतफहमी की वजह से मनमुटाव हो सकते हैं। कार्यों में मनवांछित सफलता नहीं मिल पाएगी। दुविधायुक्त मनोदशा के कारण निर्णय नहीं ले पाएंगे, अतः आज कोई भी महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय न लें ऐसा सूचित करते हैं।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

मकर (Capricorn): आज का दिन ईश्वर के स्मरण में बीतेगा। धार्मिक कार्य में आप व्यस्त रहेंगे। नौकरी-व्यवसाय में भी सानुकूल परिस्थिति रहेगी। आज आपका हर कार्य सरलता से पूर्ण होगा। मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। गृहस्थजीवन आनंदपूर्ण रहेगा। किसी दुर्घटना कि वजह से चोट न लगे इसका खास ध्यान रखें।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

कुंभ (Aquarius): धन के लेन-देन व जमीन जायदाद के सौदों में किसी की जिम्मेदारी न लेने की सूचना देते हैं। मानसिक रूप से आज एकाग्रता रहेगी। खर्च अधिक मात्रा में होगा। स्वास्थ्य के विषय में ध्यान रखें। पूंजी निवेश अनुचित स्थान पर न हो इसका ध्यान रखें। आपकी बातों से स्वजन सहमत न हों ऐसी संभावना है। क्रोध पर संयम रखें।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7


मीन (Pisces): मित्रों से आज आप को लाभ होगा और उनके पीछे धन खर्च भी होगा। सामाजिक कार्यों में अधिक अभिरुचि रहेगी। बड़ों और मित्रों के साथ संपर्क या व्यवहार बन सकते हैं। किसी रमणीय स्थल के प्रवास का आयोजन हो सकता है। नए मित्र बनेंगे व ऐसे लोगों से संपर्क होगा जो कि भविष्य में आप के लिए लाभदायी साबित होंगे। घर से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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