प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- UPRTOU : राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 15 मार्च से
- मई से पहले शुरू नहीं होगा मदरसों में नया शैक्षिक सत्र, बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम अभी तय नहीं, चार अप्रैल से शुरू हो रहा रमजान
- हरियाणा : कैश में फीस नहीं ले सकेंगे प्राइवेट स्कूल, 5 साल तक यूनिफॉर्म भी नहीं बदल सकेंगे
- IGNOU फीस सपोर्ट स्कीम : इग्नू में बीए, बीएससी, बीकॉम के साथ 55 डिप्लोमा कार्यक्रम की पढ़ाई नि:शुल्क
- 10 से 25 मार्च तक CBSE की प्री-बोर्ड परीक्षाएं
- कोरोना का समाज पर असर जानने के बाद मिलेगी UG-PG की डिग्री, UGC ने फॉस्टरिंग सोशल रिस्पांसबिलिटी और कम्यूनिटी एंगेजमेंट का प्रारूप तैयार किया
- नया सत्र एक अप्रैल से और पाठ्य पुस्तकों के वितरण की तैयारी शून्य, नए सत्र में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, बैग और स्वेटर मिलेगा या नकद पैसा, इसका निर्णय बाद में
- NIOS की 10वीं, 12वीं परीक्षा का शेड्यूल जारी, 4 अप्रैल से शुरू होंगे एग्जाम
- आखिर MBBS करने इतने छात्र यूक्रेन क्यों जाते हैं? जानिए विस्तार से यूक्रेन की टॉप मेडिकल यूनिवर्सिटी और वहां पढ़ाई का खर्चा Indian Students Ukraine
- Old Pension Scheme : धीरे धीरे पुरानी पेंशन बन रही बड़ा मुद्दा, राजस्थान के बाद अन्य राज्यों में भी पुरानी पेंशन योजना शुरू करने की घोषणा
- UGC 2022 : स्नातक के साथ-साथ बेहतर इंसान बनने का कौशल भी सीखेंगे छात्र, 120 घंटों की पढ़ाई के होंगे 8 क्रेडिट
- KVS Admission 2022 : केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल करने को हाईकोर्ट में चुनौती
- कार्यभार से वंचित आठ सौ शिक्षकों के समायोजन की तैयारी में चयन बोर्ड
- NISHTHA FLN 3.0 : निष्ठा प्रशिक्षण के मार्च माह के कोर्स माड्यूल 11 और 12 के प्रशिक्षण लिंक जारी, एक क्लिक में करें ज्वाइन
| UPRTOU : राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 15 मार्च से Posted: 02 Mar 2022 05:27 PM PST UPRTOU : राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 15 मार्च से प्रयागराज,। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की सत्र दिसंबर 2021 की परीक्षाएं 15 मार्च से शुरू होकर 25 अप्रैल तक चलेंगी। इसके लिए कुल 130 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने बताया कि 60000 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। तमाम बंदी भी परीक्षा में शामिल होंगे, उनके लिए प्रदेश की विभिन्न जेलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यह परीक्षा तीन पालियों में होगी। प्रथम पाली प्रातः 7:00 से 10:00 बजे तक, द्वितीय पाली पूर्वाह्न 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक, तृतीय पाली अपराह्न 3:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक होगी। तीसरी पाली में प्रमाण पत्र, डिप्लोमा व स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रमों की परीक्षा का होगी। 24 मार्च से 25 अप्रैल तक स्नातक एवं परास्नातक की परीक्षा 24 मार्च से 25 अप्रैल तक स्नातक एवं परास्नातक कार्यक्रमों की परीक्षा दो पालियों में होगी। प्रथम पाली प्रातः 9:00 से 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 1:00 से 4:00 तक रहेगी। इस बार परीक्षा सामान्य प्रश्न पत्रों की तरह निबंधात्मक शैली में आयोजित की जाएगी। इसे हल करने के लिए तीन घंटे का समय विद्यार्थियों को दिया जाएगा। कुलपति ने बताया कि समय सारणी में जिन प्रश्नपत्रों के सम्मुख ओएमआर आधारित अंकित है उन प्रश्न पत्रों की परीक्षा वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय होगी। इसे हल करने के लिए परीक्षार्थियों को दो घंटे समय दिया जाएगा। संक्रमण के कारण पिछली परीक्षा न दे पाने वाले अभ्यर्थियों को मौका कुलपति प्रो.सीमा सिंह ने बताया कि ऐसे विद्यार्थी जो सत्र जून 2021 में कोविड-19 संक्रमण के कारण परीक्षा में नहीं शामिल होसके। वे अपने कोविड-19 के संक्रमण प्रमाण पत्र के साथ बिना बैक शुल्क दिए परीक्षा सत्र दिसंबर 2021 में प्रतिभाग कर सकते हैं। उन विद्यार्थियों को भी मौका मिलेगा जो परीक्षा सत्र जून 2021 में प्रतिभाग कर चुके हैं लेकिन परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे विद्यार्थी आगामी परीक्षा में बैक परीक्षार्थी के रूप में निर्धारित शुल्क का भुगतान कर विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित नियमानुसार अपने अंकों में सुधार करने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। |
| Posted: 02 Mar 2022 05:14 PM PST मई से पहले शुरू नहीं होगा मदरसों में नया शैक्षिक सत्र, बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम अभी तय नहीं, चार अप्रैल से शुरू हो रहा रमजान लखनऊ। मदरसों में नया शैक्षिक सत्र मई से पहले नहीं शुरू हो सकेगा। दरअसल, अभी तक बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम तय नहीं हुआ है और चार अप्रैल से रमजान भी शुरू हो रहा है। दूसरी ओर कोरोना महामारी के कारण पठन पाठन का सत्र लगातार देरी से चल रहा है। मदरसा बोर्ड की इन परीक्षाओं का शिड्यूल यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के साथ ही जारी होता है। जबकि इस बार यूपी बोर्ड ने अभी तक दसवीं की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी नहीं किया है। पहले कोरोना और फिर विधानसभा चुनाव के कारण इसमें देरी हो रही है। हालांकि माना जा रहा है 10 मार्च के बाद यूपी बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम जारी करेगा। उसी आसपास मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं का कार्यक्रम भी जारी होगा। ऐसे में मदरसों में एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू नहीं हो सकेगा। उम्मीद है कि सात मई के बाद ही नया शैक्षिक सत्र शुरू हो सकेगा। उधर, रमजान चार अप्रैल से शुरू हो रहा है। ऐसे में अगले एक माह तक मदरसों में पढ़ाई नहीं हो पाएगी। पर, तब तक 11वीं को छोड़कर अन्य कक्षाओं में दाखिले हो चुके होंगे। नया शैक्षिक सत्र मई से ही शुरू हो पाएगा। बोर्ड कार्यक्रम जारी होने का इंतजार है। पर, हमारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। - एसएन पांडेय, रजिस्ट्रार, मदरसा बोर्ड |
| हरियाणा : कैश में फीस नहीं ले सकेंगे प्राइवेट स्कूल, 5 साल तक यूनिफॉर्म भी नहीं बदल सकेंगे Posted: 02 Mar 2022 09:52 AM PST हरियाणा : कैश में फीस नहीं ले सकेंगे प्राइवेट स्कूल, 5 साल तक यूनिफॉर्म भी नहीं बदल सकेंगे Haryana School News : फीस को लेकर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और पूरी व्यवस्था को पारदर्शी करने को लेकर हरियाणा सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला किया है। सरकार ने प्राइवेट स्कूलों के कैश में फीस लेने पर रोक लगा दी है। साथ प्राइवेट स्कूल सालाना 10% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। ⚫ 2022-23 के शैक्षणिक सत्र से नियमों के तहत चलना होगा स्कूलों को ⚫ स्टेशनरी आदि खरीदने के लिए कहीं से भी मजबूर नहीं किया जाएगा ⚫ 3 बार से अधिक दोषी पाए जाने पर रद्द हो सकती है स्कूल की मान्यता गुड़गांव : 2022-23 के शैक्षणिक सत्र से निजी स्कूलों के नकद फीस लेने पर भी रोक लगा दी गई है। स्कूलों को चेक या ऑनलाइन माध्यम से ही फीस जमा करवानी होगी। स्कूल 5 साल से पहले यूनिफॉर्म भी नहीं बदल सकेंगे। स्टेशनरी आदि खरीदने के लिए कहीं से भी मजबूर नहीं किया जाएगा। इसके बाद भी अगर कोई स्कूल 3 बार से अधिक दोषी पाया जाता है तो उसकी मान्यता को भी रद्द किया जा सकता है। स्कूल 10.13% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते फीस वृद्धि कानून को लेकर शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है। इससे पहले जारी आदेशों में कहा गया था कि कोई भी निजी स्कूल 10.13% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते हैं। जिले में करीब 400 स्कूल हैं, जिन्हें अब इन आदेशों के तहत ही कार्य करना होगा। कई शैक्षणिक संस्थान कैशसे छात्रों की फीस लेते है जबकि कागजों में फीस कुछ और ही दर्शाई जाती है। ऐसे में कोई भी स्कूल फीस जमा करने की प्रक्रिया को खुली और पारदर्शी रखेगा। बोर्ड परीक्षाओं की ही केवल एग्जाम फीस ली जाएगी छात्रों से फीस डीडी, एनईएफटी, चेक, आरटीजीएस या अन्य किसी डिजिटल माध्यम से ली जाएगी। इसके साथ ही कोई भी स्कूल छमाई या वार्षिक आधार पर फीस नहीं लेगा। इसके साथ ही स्कूल में प्रवेश के समय पहली, छठी, 9वीं और 11वीं कक्षा में दाखिले के समय पर भुगतान योग्य दाखिला फीस ली जा सकेगी। स्कूलों को स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड परीक्षाओं की ही केवल एग्जाम फीस ली जाएगी। हरियाणा शिक्षा संस्थान संगठन ने फैसले को सराहा कई स्कूल अन्य कक्षाओं के लिए भी एग्जाम फीस का प्रावधान रखते हैं, इसलिए किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल को किसी भी छात्र के लिए अन्य वार्षिक परीक्षाओं या अन्य परीक्षाओं के लिए फीस के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। हरियाणा शिक्षा संस्थान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल यादव ने बताया कि यह फैसला अच्छा है। |
| IGNOU फीस सपोर्ट स्कीम : इग्नू में बीए, बीएससी, बीकॉम के साथ 55 डिप्लोमा कार्यक्रम की पढ़ाई नि:शुल्क Posted: 02 Mar 2022 09:23 AM PST IGNOU फीस सपोर्ट स्कीम : इग्नू में बीए, बीएससी, बीकॉम के साथ 55 डिप्लोमा कार्यक्रम की पढ़ाई नि:शुल्क विद्यार्थी के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख से कम होनी चाहिए। निशुल्क शिक्षा के लिए पारिवारिक आय प्रमाण पत्र विद्यार्थी को फार्म के साथ लगाया जाना अनिवार्य है। इग्नू से पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को पढ़ाई के अब अब ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। इग्नू ने फीस स्पोर्ट स्कीम में बड़ा बदलाव किया गया है। अब अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति से संबंध रखने वाले विद्यार्थियों को बीए, बीएससी, बीकॉम सहित 55 डिप्लोमा प्रोग्राम की पढ़ाई की सुविधा निशुल्क मिलेगी। इसके लिए सालाना आय अढ़ाई लाख से कम होनी चाहिए। शर्तें पूरा करने वाले विद्यार्थियों को मात्र 200 रुपये का पंजीकरण करवाना होगा। इसके बाद किसी प्रकार की कोई फीस नहीं देनी होगी। इससे पहले बीए के लिए ही यह निशुल्क स्कीम उपलब्ध थी। जनवरी 2022 सत्र के लिए भी अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को सिर्फ 200 रुपये के पंजीकरण शुल्क अदा करने पर विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, प्रमाण पत्र कोर्स और डिप्लोमा कोर्स में निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके लिए विद्यार्थी के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख से कम होनी चाहिए। निशुल्क शिक्षा के लिए पारिवारिक आय प्रमाण पत्र विद्यार्थी को फार्म के साथ लगाया जाना अनिवार्य है। वर्तमान में इग्नू देश भर में 239 शैक्षणिक और प्रोफेशनल कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है । समय-समय पर विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रबंधन बदलाव करता है। चार मार्च से शुरू हो रही परीक्षाएं सभी कोर्सों के लिए अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं 4 मार्च से शुरू हो रही हैं। इसके लिए विद्यार्थी इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर परीक्षा डेटशीट और एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। |
| 10 से 25 मार्च तक CBSE की प्री-बोर्ड परीक्षाएं Posted: 01 Mar 2022 05:46 PM PST 10 से 25 मार्च तक CBSE की प्री-बोर्ड परीक्षाएं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं 26 अप्रैल से शुरू होंगी। इसको देखते हुए बोर्ड ने प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तिथि भी घोषित कर दी है। 10वीं और 12वीं की प्री बोर्ड परीक्षाएं दस मार्च से शुरू होंगी और 25 मार्च तक चलेंगी। बोर्ड परीक्षाओं की तर्ज पर प्री बोर्ड परीक्षा भी इस बार दो पालियों में संपन्न होंगी। पहली पाली सुबह साढ़े दस से साढ़े बारह और दूसरी पाली में परीक्षाएं साढ़े तीन से साढ़े पांच बजे तक होंगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं 26 अप्रैल से शुरू होंगी। इसको देखते हुए बोर्ड ने प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तिथि भी घोषित कर दी है। 10वीं और 12वीं की प्री बोर्ड परीक्षाएं दस मार्च से शुरू होंगी और 25 मार्च तक चलेंगी। बोर्ड परीक्षाओं की तर्ज पर प्री बोर्ड परीक्षा भी इस बार दो पालियों में संपन्न होंगी। पहली पाली सुबह साढ़े दस से साढ़े बारह और दूसरी पाली में परीक्षाएं साढ़े तीन से साढ़े पांच बजे तक होंगी। बोर्ड की ओर से निर्देश हैं कि प्री बोर्ड परीक्षा के दौरान कोविड गाइडलाइन का ध्यान रखा जाए। बिना मास्क के छात्र-छात्रा को परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। परीक्षा में व्यक्तिपरक प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके अलावा छात्रों को केस आधारित, स्थिति आधारित और लघु व दीर्घ प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। बोर्ड की मुख्य परीक्षाओं में छात्रों को किसी तरह की दिक्कता न हो इसलिए बीर्ड परीक्षा की तर्ज पर ही प्री बोर्ड परीक्षाओं का प्रश्न पत्र तैयार किया जाएगा। परीक्षा खत्म होने के एक घंटे के भीतर सभी स्कूलों को थ्योरी और प्रैक्टिक्ल के अलावा प्रोजेक्ट, आंतरिक मूल्यांकन के अंक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे। इसके लिए लिक दिया जाएगा जो 14 से 28 मार्च तक उपलब्ध होगा। |
| Posted: 01 Mar 2022 05:23 PM PST कोरोना का समाज पर असर जानने के बाद मिलेगी UG-PG की डिग्री यूजीसी ने फॉस्टरिंग सोशल रिस्पांसबिलिटी और कम्यूनिटी एंगेजमेंट का प्रारूप तैयार किया नई दिल्ली। यूरोपीय देशों की तर्ज पर अब भारतीय विश्वविद्यालय और कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर समेत रिसर्च के लिए छात्रों को सामाजिक ताने-बाने को समझना भी जरूरी होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसका प्रारूप तैयार किया है। आईआईटी, आईआईएम, इंजीनियरिंग, मेडिकल समेत सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में आगामी सत्र से यह लागू होगा। चूंकि, कोरोना महामारी ने समाज के हर तबके को प्रभावित किया है, इसलिए छात्रों को अब उसके असर के बारे में क्लासरूम और फील्ड अध्ययन करने के बाद ही डिग्री दी जाएगी। इस कवायद का मकसद है कि महामारी के कारण समाज पर पड़े असर के बारे में छात्र-छात्राएं जागरूक हो सकें। उन्हें रोजमर्रा में आने वाली चुनौतियों की जानकारी हो। इससे उच्च शिक्षण संस्थानों और स्थानीय निकायों के बीच रोजमर्रा की समझ भी विकसित होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से सभी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों को फॉस्टरिंग सोशल रिस्पांसबिलिटी और कम्यूनिटी एंगेजमेंट का प्रारूप भेजा गया है। |
| Posted: 01 Mar 2022 05:17 PM PST नया सत्र एक अप्रैल से और पाठ्य पुस्तकों के वितरण की तैयारी शून्य परिषदीय स्कूल : नए सत्र में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, बैग और स्वेटर मिलेगा या नकद पैसा, निर्णय बाद में लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र 2022-23 शुरू हो जाएगा, लेकिन विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित कराने की तैयारी अभी तक शुरू नहीं की गई है। ऐसे में विद्यार्थियों को अप्रैल में पाठ्य पुस्तकों का वितरण होना संभव नहीं लग रहा है। उधर, विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्कूल बैग और स्वेटर की राशि का नकद भुगतान किया जाएगा या सामग्री खरीद कर वितरित की जाएगी, इस पर भी अभी निर्णय नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक नई सरकार के रुख पर इसका निर्णय किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों में 1.80 करोड़ विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाता है। पहली कक्षा में ही एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाना है। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत भी पाठ्यक्रम का निर्धारण होना है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक पाठ्यपुस्तक प्रकाशन को लेकर अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने में करीब एक महीने से अधिक समय लगेगा। जिस भी फर्म को टेंडर मिलेगा, उसे पुस्तक प्रकाशित कर वितरण के लिए कम से कम दो महीने का समय देना होगा। ऐसे में मई जून तक ही स्कूलों में किताबें पहुंच सकेंगी। |
| NIOS की 10वीं, 12वीं परीक्षा का शेड्यूल जारी, 4 अप्रैल से शुरू होंगे एग्जाम Posted: 02 Mar 2022 09:33 AM PST NIOS Board Exams 2022: एनआईओएस एग्जाम शेड्यूल जारी, यहां जानें कब से शुरू होंगी 10वीं, 12वीं की परीक्षा NIOS की 10वीं, 12वीं परीक्षा का शेड्यूल जारी, 4 अप्रैल से शुरू होंगे एग्जाम एनआईओएस 10वीं, 12वीं टाइमटेबल डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट nios.ac.in और sdmis.nios.ac.in पर जाएं। इसके बाद सेकेंड्री और सीनियर सेकेंड्री परीक्षा के लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद, होमपेज पर, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक पाठ्यक्रम (अखिल भारतीय और विदेशी) के लिए अप्रैल -2022 के लिए एनआईओएस की पब्लिक एग्जाम (थ्योरी) के लिए दिनांक पत्रक लिंक पर क्लिक करें। स्क्रीन पर एक पीडीएफ दिखाई देगा। इसके बाद भविष्य के संदर्भ के लिए डाउनलोड करें। NIOS Board Exams 2022 एनआईओएस ने जारी अधिसूचना में कहा कि परीक्षा की अंतिम तिथि के छह सप्ताह बाद परिणाम घोषित होने की संभावना है। वहीं बोर्ड परीक्षा पास करने वालों को मार्कशीट प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन-कम-ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करेगा। नई दिल्ली : NIOS Board Exams 2022 : एनआईओएस एग्जाम शेड्यूल जारी हो गया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग, एनआईओएस (National Institute of Open Schooling, NIOS) ने दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा तिथि का टाइमटेबल आधिकारिक वेबसाइट्स nios.ac.in और sdmis.nios.ac.in पर जारी किया गया है। आधिकारिक शेड्यूल के मुताबिक, सेकेंड्री और सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं के लिए परीक्षाएं 4 अप्रैल, 2022 से शुरू होंगी। यह परीक्षा ऑफ़लाइन मोड में केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों और सीबीएसई से संबद्ध सरकारी / निजी स्कूलों या एनआईओएस के मान्यता प्राप्त संस्थान (अध्ययन केंद्र) सहित राज्य बोर्डों में आयोजित की जाएगी। स्टूडेंट्स की सहूलियत के लिए नीचे आसान स्टेप्स को फॉलो करके डेटशीट को डाउनलोड कर सकते हैं। NIOS Class 10, 12 Public Exam 2022 Date Sheet: एनआईओएस 10वीं, 12वीं टाइमटेबल डाउनलोड करने के लिए इन स्टेप्स को करें फॉलो एनआईओएस 10वीं, 12वीं टाइमटेबल डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट nios.ac.in और sdmis.nios.ac.in पर जाएं। इसके बाद सेकेंड्री और सीनियर सेकेंड्री परीक्षा के लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद, होमपेज पर, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक पाठ्यक्रम (अखिल भारतीय और विदेशी) के लिए अप्रैल -2022 के लिए एनआईओएस की पब्लिक एग्जाम (थ्योरी) के लिए दिनांक पत्रक लिंक पर क्लिक करें। स्क्रीन पर एक पीडीएफ दिखाई देगा। इसके बाद भविष्य के संदर्भ के लिए डाउनलोड करें। एनआईओएस ने जारी अधिसूचना में कहा कि परीक्षा की अंतिम तिथि के छह सप्ताह बाद परिणाम घोषित होने की संभावना है। वहीं बोर्ड परीक्षा पास करने वालों को मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन-कम-ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करेगा। वहीं परीक्षा से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें। बता दें कि एनआईओएस कक्षा 10 और कक्षा 12 की पब्लिक परीक्षा अप्रैल/मई 2022 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 1 जनवरी, 2022 को शुरू की गई थी। वहीं, जिन शिक्षार्थियों ने अक्टूबर/नवंबर, 2022 की सार्वजनिक परीक्षा में पंजीकरण किया था या उपस्थित हुए थे, उन्हें भी 16 व 31 जनवरी के बीच एनआईओएस अप्रैल परीक्षा के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई थी। |
| Posted: 28 Feb 2022 06:37 PM PST आखिर MBBS करने इतने छात्र यूक्रेन क्यों जाते हैं? जानिए विस्तार से यूक्रेन की टॉप मेडिकल यूनिवर्सिटी और वहां पढ़ाई का खर्चा Indian Students Ukraine For MBBS Russia Ukraine की जंग में भारत के 16 हजार लोंगों को लाने का प्रयास ऑपरेशन गंगा के जरीये जारी है इन 16 हजार लोगों में 14 हजार भारतीय छात्र हैं और ज्यादातर मेडिकल के छात्र हैं। भारत में मेडिकल की पढ़ाई की पूरी व्यवस्था होने के बाद भी क्यों ज्यादा भारतीय छात्र यूक्रेन पढ़ने जाते हैं ये सवाल अक्सर लोगों के जहन में आ रह होगा आना भी चाहिए तो इसी सवाल के जवाब के साथ हम हाजिर हुए हैं। आखिर क्यों मेडिकल की पढ़ाई के लिए भारतीय छात्र यूक्रेन का रूख करते हैं। सबसे बड़ा कारण है सस्ती मेडिकल शिक्षा। Top Medical Universities in Ukraine: ये हैं यूक्रेन की टॉप मेडिकल यूनिवर्सिटी, जानें फीस स्ट्रक्चर Medical Education in Ukraine: हजारों की संख्या में NEET क्वालीफाइड हर साल यूक्रेन जाकर MBBS की पढ़ाई करते हैं. इसके लिए 12वीं में साइंस स्ट्रीम में फिजिक्स, कैमेस्ट्री और बॉयोलॉजी में कम से कम 50 प्रतिशत नंबर आने जरूरी हैं. आइए जानते हैं यूक्रेन के टॉप मेडिकल कॉलेज और उनकी सालाना फीस के बारे में. 🔴 यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई सस्ती है 🔴 इसे दुनियाभर में मान्यता भी प्राप्त है Top Medical Universities in Ukraine: भारतीय छात्रों के बीच मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन एक पसंदीदा ऑप्शन है. यहां भारतीय प्राइवेट यूनिवर्सिटी के मुकाबले मेडिकल की पढ़ाई सस्ती है और इसे भारत समेत कई देशों में मान्यता भी प्राप्त है. यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास के अनुसान, इस समय यूक्रेन में 18,000 से अधिक छात्र मेडिकल या इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं. यूक्रेनी शिक्षा और विज्ञान मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, (2020 तक) यूक्रेन में 18,095 भारतीय छात्र हैं, जो देश में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के समूह का 23.64 प्रतिशत हैं. हजारों की संख्या में NEET क्वालीफाइड उम्मीदवार हर साल यूक्रेन जाकर MBBS की पढ़ाई करते हैं. इसके लिए 12वीं में साइंस स्ट्रीम में फिजिक्स, कैमेस्ट्री और बॉयोलॉजी में कम से कम 50 प्रतिशत नंबर आने जरूरी हैं. अगर आप भी आगामी NEET 2022 परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, तो देख लें यूक्रेन के टॉप मेडिकल कॉलेज और उनका सालाना फीस स्ट्रक्चर. 🔵 1. Kiev Medical University OF UAFM UAFM कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी है, जिसे वर्ल्ड डायरेक्ट्री ऑफ मेडिकल स्कूल (IMED) में भी लिस्ट किया गया है. यूनिवर्सिटी में जनरल मेडिसिन, डेंटिस्ट्री और फॉर्मेसी के कोर्सेज़ उपलब्ध हैं. यहां के स्टूडेंट्स प्रैक्टिस के लिए पोलैंड और जर्मनी भी भेजे जाते हैं. टीचिंग फीस - 2,45,000 रुपये हॉस्टल फीस - 70,000 रुपये कुल फीस - 3,15,000 रुपये (सालाना) 🔵 2. Bogomolets National Medical University बोगोमोलेट्स नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी कीव शहर में स्थित है जो यूक्रेन की राजधानी है. छात्र यहां देश की सबसे बेहतर सुविधाओं का आनंद ले सकते हैं. यूनिवर्सिटी में 3 डिपार्टमेंट हैं- मेडिकल फैकल्टी, स्टोमेटोलॉजी फैकल्टी और फार्मेसी फैकल्टी. टीचिंग फीस - 3,15,000 रुपये हॉस्टल फीस- 70,000 रुपये कुल फीस - 3,85,000 रुपये (सालाना) 🔵 3. Kharkiv National Medical University खारकीव यूनिवर्सिटी अपनी क्वालिटी मेडिकल एजुकेशन के लिए जानी जाती है. यहां की पढ़ाई ज्यादा प्रैक्टिकल ओरिएंटेड और कम क्लासरूम ओरिएंटेड है. यहां थेरेपी डिपार्टमेंट, सर्जरी डिपार्टमेंट, पीडियाट्रिक्स डिपार्टमेंट, जनरल प्रैक्टिस और मेडिकल प्रिवेंटिव डिर्पाटमेंट में कोर्सेज़ उपलब्ध हैं. टीचिंग फीस - 3,36,000 रुपये हॉस्टल फीस - 70,000 रुपये कुल फीस - 4,06,000 रुपये (सालाना) 🔵 4. Vinnista National Medical University विन्नित्सा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी 9 अंतरराष्ट्रीय, 13 स्टेट और 13 विदेशी शैक्षणिक संस्थानों, फार्मेसियों के साथ कोलैबोरेशन में काम करती है. कुल 38 फैकल्टी डिपार्टमेंट्स में से 23 क्लीनिकल और 15 थियोरिटीकल हैं. |
| Posted: 01 Mar 2022 05:07 PM PST Old Pension Scheme : धीरे धीरे पुरानी पेंशन बन रही बड़ा मुद्दा, राजस्थान के बाद अन्य राज्यों में भी पुरानी पेंशन योजना शुरू करने की घोषणा जागी पुरानी पेंशन बहाली की उम्मीद राजस्थान सरकार ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा के बाद अब अन्य राज्यों में भी यह मुद्दा उठने लगा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह कदम करीब साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों को खुश करने के लिए उठाया था। नई दिल्ली। राजस्थान सरकार ने गत बुधवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा के बाद अब अन्य राज्यों में भी यह मुद्दा उठने लगा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह कदम प्रदेश के करीब साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों को खुश करने के लिए उठाया था। क्योंकि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अब उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनाव में भी यह मुद्दा उठ रहा है। वहीं, गैर भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में भी सरकार ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा कर दी है। इससे राज्य के कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सत्ता में आने पर योजना को फिर से शुरू करने की बात कही है। पंजाब में शिअद (ब) ने किया वादा शिरोमणि अकाली दल (बादल) ने अपने चुनाव घोषणापत्र में सरकारी कर्मचारियों से वादा किया है उनकी पार्टी सत्ता में आई तो 2004 के बाद बंद हुई पेंशन योजना को फिर से शुरू किया जाएगा। यह योजना कैप्टन अमरिंदर सिंह के 2002-07 के कार्यकाल में बंद हो गई थी। पंजाब में इस समय कंट्रीब्यूटरी पेंशन सिस्टम लागू है। जितना पैसा सरकारी कर्मचारी का कटता है उतना ही सरकार अपना अशंदान देकर उसके पेंशन फंड में जमा करवाती है। सुखबीर बादल ने घोषणापत्र जारी करते हुए वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर पेंशन के पुराने सिस्टम को बहाल किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में भी लागू होगी पुरानी पेंशन योजना छत्तीसगढ़ में भी सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना लागू हो सकती है। इसी महीने हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर मंथन के बाद वित्त विभाग को अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। पुरानी पेंशन योजना लागू होने से 2004 के बाद सेवा में आए दो लाख 95 हजार से अधिक कर्मचारियों को फायदा होगा। वित्त विभाग के अफसरों के अनुसार पुरानी पेंशन योजना लागू करने राज्य पर पड़ने वाले वित्तीय भार का अध्ययन किया जा रहा है। हालांकि इससे तुरंत कोई भार नहीं पड़ेगा। इसके पीछे तर्क यह है कि 2004 के बाद सेवा में आने वाले 2030-35 में सेवानिवृत्त होंगे। वहीं, पुरानी योजना में राज्य सरकार को कोई अंशदान देना नहीं पड़ेगा। इससे अभी जो अंशदान दिया जा रहा है वह राशि बचेगी। इस दौरान 10 वर्ष की सेवा के बाद दिवंगत हुए कर्मचारियों के मामले में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। इस पर सरकार को फैसला करना होगा। हिमाचल में बहाल हो सकती है पुरानी पेंशन योजना हिमाचल प्रदेश में चुनावी वर्ष में बजट में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की घोषणा हो सकती है। राज्य में न्यू पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत आए कर्मचारियों के आंदोलन व विधानसभा में विपक्ष की पैरवी से सरकार पर ओपीएस बहाली का दबाव है। बजट तैयार कर रहे वित्त विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में चर्चा की है। नई-पुरानी पेंशन योजना में अंतर 2004 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने देशभर में नई पेंशन योजना लागू की थी। इसके तहत कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह 10 प्रतिशत कटौती कर सेवानिवृत्ति पर यह रकम एकमुश्त देने का प्रविधान किया गया था। सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सा भत्ता और पारिवारिक पेंशन को बंद कर दिया गया था। पुरानी पेंशन योजना में सेवानिवृत्ति पर अंतिम वेतन की 50 प्रतिशत राशि कर्मचारियों को मिलती थी। पेंशन की राशि सरकार वहन करती थी। पेंशन के लिए वेतन से कटौती नहीं होती थी। सेवाकाल में कर्मचारी की मृत्यु होने पर आश्रितों को पारिवारिक पेंशन और नौकरी का प्रविधान था। |
| Posted: 28 Feb 2022 05:27 PM PST UGC 2022 : स्नातक के साथ-साथ बेहतर इंसान बनने का कौशल भी सीखेंगे छात्र, 120 घंटों की पढ़ाई के होंगे 8 क्रेडिट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों को कम्यूनिकेशन स्किल, प्रोफेशनल स्किल, लीडरशिप एंड मैनेजमेंट स्किल और यूनिवर्सल ह्यूमन वेल्यू विषयों को पढ़ाया और प्रशिक्षित किया जाएगा। इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, फार्मेसी, आर्किटेक्चर से लेकर अन्य विश्वविद्यालयों के स्नातक के छात्र पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर इंसान बनने का कौशल भी पढ़ेंगे। उच्च शिक्षण संस्थानों में नई शिक्षा नीति के तहत आगामी सत्र 2022 में स्नातक प्रोग्राम में जीवन कौशल (लाइफ स्किल ) 2.0 पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से जुड़ने जा रहा है। इसमें छात्रों को कम्यूनिकेशन स्किल, प्रोफेशनल, लीडरशिप व मैनेजमेंट, यूनिवर्सिल ह्यूमन वेल्यू विषयों को शामिल किया जा रहा है। इसका मकसद, छात्रों की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन युवाओं को नौकरी से लेकर समाज के प्रति जिम्मेदार, धर्म, अहिंसा, बेहतर इंसान बनाने, संवेदनशील व पेशेवर और व्यावहारिक बनाना है। कुल 120 घंटों की इस पढ़ाई में आठ क्रेडिट होंगे। इसमें किताबी पढ़ाई के साथ-साथ विषय पेशेवरों द्वारा कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों को कम्यूनिकेशन स्किल, प्रोफेशनल स्किल, लीडरशिप एंड मैनेजमेंट स्किल और यूनिवर्सल ह्यूमन वेल्यू विषयों को पढ़ाया और प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए नई शिक्षा नीति के आधार पर जीवन कौशल पर आधारित ड्रॉफ्ट करिकुलम तैयार किया गया है। इसकी जरूरत क्यों पड़ी दरअसल, 2017 में मल्टीनेशनल कंपनियों ने सरकार को अपनी रिपोर्ट में छात्रों की कमियों पर ध्यान दिलाया था। इसमें लिखा था कि भारतीय छात्रों में अब पहले की तरह मानवीय मूल्य, सामाजिक सरोकार, संचार कौशल में कमी, सार्वभौमिक लचीलापन नहीं है। आईआईटी से लेकर अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों के पास डिग्री संग ज्ञान तो हैं, लेकिन वे बेहद प्रोफेशनल हो गए हैं। भारतीय छात्रों की जिन खूबियों के चलते अंतरराष्ट्रीय मार्केट में उनकी डिमांड थी, उसमें अंतर आ रहा है। नौकरी के लिए पढ़ाई, ज्ञान के साथ इनका होना भी जरूरी है। इसलिए सरकार से आग्रह है कि वे विषयों के साथ इन पर फोकस करें। इसी कारण नई शिक्षा नीति में इस मसौदे को शामिल किया गया है। 4 विषयों में पढ़ाई होगी कम्यूनिकेशन स्किल में सुनने की क्षमता, बोलने, लिखने, डिजिटल शिक्षा व सोशल मीडिया, साइबर सिक्योरिटी आदि के बारे में समझाया जाएगा। जबकि प्रोफेशनल स्किल ( करियर और टीम ) में रिज्यूम, इंटरव्यू, समूह परिचर्चा, विभिन्न उभरते क्षेत्रों में भविष्य बनाना, विश्वास, टीम के साथ काम करने के दौरान सभी पक्षों को सुनना, समझना आदि पर पढ़ाई व प्रशिक्षण मिलेगा। जबकि लीडरशिप व मैनेजमेंट स्किल में टीम को साथ लेकर चलने की भावना प्रेरित की जाएगी। इसके अलावा यूनिवर्सल ह्यूमन वेल्यू विषय पर अंहिसा, शांति, सेवा, प्रेमभाव, दयाभाव, सच, मानवीय मूल्य, सरोकार आदि के बारे में जागरूक किया जाएगा। |
| Posted: 28 Feb 2022 05:05 PM PST KVS Admission 2022 : केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल करने को हाईकोर्ट में चुनौती KVS Admission 2022 : केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र छह साल किए जाने के खिलाफ सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई है। एक बच्ची की ओर से दाखिल याचिका में दाखिले के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) द्वारा दाखिले के लिए जारी दिशानिर्देशों के कुछ प्रावधानों को चुनौती दी गई है। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने नए सत्र में पहली कक्षा में दाखिले के लिए 31 मार्च, 2022 को बच्चे की न्यूनमत उम्र छह साल होनी अनिवार्य कर दी है। पहले 5 साल के बच्चे को पहली कक्षा में दाखिला मिलता था। |
| कार्यभार से वंचित आठ सौ शिक्षकों के समायोजन की तैयारी में चयन बोर्ड Posted: 28 Feb 2022 04:51 PM PST कार्यभार से वंचित आठ सौ शिक्षकों के समायोजन की तैयारी में चयन बोर्ड प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) एवं प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी)-2021 भर्ती में चयन कर विद्यालय आवंटित किए, लेकिन करीब आठ सौ शिक्षक कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके। विद्यालय में पद रिक्त न होने या रिक्त पद किसी अन्य वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण चयनित शिक्षकों ने चयन बोर्ड को अपना प्रत्यावेदन दिया। अब चयन बोर्ड इन नव चयनितों को नए विद्यालय आवंटित करने की तैयारी में है। यह भर्ती अक्टूबर-2021 में पूरी हुई थी। परिणाम घोषित किए जाने पर चयनित शिक्षक आवंटित विद्यालय में पहुंचे तो वहां वर्तमान में उनके लिए पद रिक्त नहीं था। ऐसी स्थिति में चयनितों ने संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखा। इसके साथ ही चयन बोर्ड को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए अन्यत्र विद्यालय में समायोजित किए जाने के लिए प्रत्यावेदन दिया। चयन बोर्ड के सचिव नवल किशोर ने बताया कि चयन परिणाम के बाद चयनितों को पूर्व में अधियाचित पदों पर विद्यालय आवंटित किया गया था। अधियाचन भेजने के बाद वहां पद किसी अन्य तरह से भर लिए जाने से नए चयनित कार्यभार नहीं ग्रहण कर सके। |
| Posted: 01 Mar 2022 12:33 AM PST NISHTHA FLN 3.0 : निष्ठा प्रशिक्षण के मार्च माह के कोर्स माड्यूल 11 और 12 के प्रशिक्षण लिंक जारी, एक क्लिक में करें ज्वाइन 🔴 निष्ठा FLN प्रशिक्षण, उत्तर प्रदेश Module 11 & 12 Launch Start Date : 01 मार्च 2022 End Date: 31 फरवरी 2022 आप अवगत है कि, निष्ठा FLN प्रशिक्षण प्रदेश में 15 October 2021 से दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शुरू किया गया है। इसी क्रम मे Module 11 एवं 12, 1 मार्च 2022 से Live किये जा रहें हैं। 👇 प्रशिक्षण लिंक व अन्य सहायतार्थ लिंक 👇 महत्वपूर्ण- 1. प्रशिक्षण से पहले सभी users अपना दीक्षा ऐप playstore से अनिवार्य रूप से update कर लें । 2.अपनी दीक्षा प्रोफाइल में district, block, school का चयन कर update कर लें । ( https://youtu.be/8sHuHUrkBxQ वीडियो लिंक का प्रयोग कर प्रोफाइल अपडेट करने की प्रक्रिया को समझ सकते हैं) 3. मोड्यूल 9 एवं 10 का डैशबोर्ड 6 फरवरी 2022 से Live किया जाएगा। ⚫ Dashboard Link- https://rebrand.ly/upnishthadashboard ⚫ Nishtha FLN प्रशिक्षण क्या है और इसको कैसे करें: Video Link: https://youtu.be/6dz6izD0R1Y |
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