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Monday, March 28, 2022

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देवघर जिले की सांस्कृति विरासत

Posted: 28 Mar 2022 08:10 AM PDT

देवघर जिले की सांस्कृति विरासतक

सत्येन्द्र कुमार पाठक
झारखंड राज्य का देवघर जिले का देवघर शहर में भगवान शिव का रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग और शक्ति पीठ है ।
'देवघर' को देवी एवं देव'का निवास , देवघर , बाबा धाम , वैद्यनाथ , वैजनाथ , वैजू के नाम से जाना जाता है । संस्कृत ग्रंथों में हरित किवन या केतकी वन के रूप में कहा जाता है। वैद्यनाथ मंदिर के सामने वाले हिस्से के भागों को 15 9 6 में गिद्धौर के महाराजा के पुण्य पुर मल द्वारा निर्माण कराया गया था। श्रावण के महीने में भक्त पूजा के लिए सुल्तानगंज से देवघर तक गंगा जल ले कर भगवान शिव पर जल चढाते है और जीवन की इच्छा की इच्छा प्राप्त करते हैं। समुद्र तल से 254 मी. व 833 फीट ऊँचाई पर अवस्थित 2011 जनगणना के अनुसार 1492073 जनसंख्या वाले 2478. 61 वर्ग कि. मि . व 957 वर्ग मील क्षेत्रफल में फैले देवघर जिले का मुख्यालय तथा हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थस्थल देवघर को 'बाबाधाम' से विख्यात है| देवघर जिले में अनुमंडल 02 ,प्रखंड 10 , ग्रामपंचेस्ट 194 ,ग्राम 2662 वाले देवघर जिले की स्थापना 01 जून 1981 को हुई है । देवघर में भगवान शिव मंदिर का रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग पर लाखों शिव भक्तो , 'काँवरिया' द्वारा जलाभिषेक किया जाता है। शिव भक्त बिहार के भागलपुर जिले का सुल्तानगंज से गंगा नदी से गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर देवघर में भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं। शिव पुराण के अनुसार श्मशान नदी के तट पर चिताभूमि पर स्थापित शिव मंदिर एवं मंदिर प्रांगण मे कुआ स्थित है । । देवघर की भाषा हिंदी , संथाली , अंगिका , मगही , भोजपुरी , मैथिली , वज्जिका बोली जाती है ।देवघर उत्तरी अक्षांश 24.48 डिग्री और पूर्वी देशान्तर 86.7 पर स्थित है। वैद्यनाथ मंदिर, देवघर - देवघर शिव मंदिर की स्थापना 1596 ई. में हुई है । देवघर के निवासी बैजू ने ज्योतिर्लिंग की उपासना की थी । भगवान शिव के उपासक वैजू के मंदिर का नाम बैद्यनाथ पड़ गया है । वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग को कामना ज्योतिर्लिग कहा गया हैं। भगवान शिव भक्त सावन में सुल्तानगंज से गंगा जल भर कर कांवरिया पैदल करीब 105 किलोमीटर की यात्रा करके भगवान शिव को गंगा जल अर्पित करते हैं। बासुकीनाथ - भगवान शिव के प्रिय नागों के राजा वासुकीनाथ को समर्पित वासुकीनाथ मंदिर देवघर से 42 कि. मि.की दूरी पर अवस्थित जरमुंडी पर स्थित है । जरमुंडी स्थित वासुकीनाथ मंदिर स्थल को नोनीहाट और घटवाल कहा गया है। बैजू मंदिर - बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर के पश्चिम में देवघर के मुख्य बाजार मे बैजू मंदिर , मुख्य पुजारी के वंशजों ने करवाया था। प्रत्येक मंदिर में भगवान शिव का लिंग स्थापित है। त्रिकुट - देवघर से 16 किलोमीटर दूर दुमका रोड पर एक खूबसूरत पर्वत त्रिकूट स्थित पहाड़ पर गुफाएं और झरनें हैं। नौलखा मंदिर - देवघर के बाहरी हिस्से में स्थित यह मंदिर अपने वास्तुशिल्प की खूबसूरती के लिए जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण बालानन्द ब्रह्मचारी के एक अनुयायी ने किया था जो शहर से 8 किलोमीटर दूर तपोवन में तपस्या करते थे। तपोवन भी मंदिरों और गुफाओं से सजा एक आकर्षक स्थल है। नंदन पर्वत - नन्दन पर्वत की महत्ता यहां बने मंदिरों के झुंड के कारण है जो विभिन्न देवों को समर्पित हैं। पहाड़ की चोटी पर कुंड है । ठाकुर अनुकूलचंद्र के अनुयायियों के लिए कुंड स्थान धार्मिक आस्था का प्रतीक है। सर्व धर्म मंदिर के अलावा यहां पर संग्रहालय और चिड़ियाघर है। पाथरोल काली माता का मंदिर - मधुपुर में एक प्राचीन काली मंदिर को पथरोल काली माता मंदिर" के नाम से जाना जाता है। काली मंदिर का निर्माण राजा दिग्विजय सिंह ने 6 से 7 शताब्दी पहले करवाया था। मुख्य मंदिर के समीप नौ और मंदिर है । बाबा वैद्यनाथ मन्दिर - झारखण्ड राज्य के देवघर जिले का देवघर में अवस्थित रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर एवं सिद्ध पीठ है। बैद्यनाथ शिव मंदिर और पार्वती माता का मंदिर एक पवित्र लाल रस्सी से बंधे हुए हैं ।बाबा वैद्यनाथ मंदिर का निर्माता देव शिल्पी विश्वकर्मा एवं संथाल राजा पूरनमल द्वारा मंदिर परिसर में अन्य मंदिर का निर्माण किया गया है ।राक्षस राज रावण ने हिमालय पर जाकर शिवजी की प्रसन्नता के लिये घोर तपस्या की और अपने सिर काट-काटकर शिवलिंग पर चढ़ाने शुरू कर दिये। एक-एक करके नौ सिर चढ़ाने के बाद दसवाँ सिर भी काटने को ही था कि शिवजी प्रसन्न होकर प्रकट हो गये। भगवान शिव ने राक्षस राज रावण के दसों सिर ज्यों-के-त्यों कर दिये और उससे वरदान माँगने को कहा। रावण ने लंका में जाकर उस लिंग को स्थापित करने के लिये उसे ले जाने की आज्ञा माँगी। शिवजी ने अनुमति तो दे दी, पर चेतावनी के साथ दी कि यदि मार्ग में शिवलिंग पृथ्वी पर रखने पर वहीं अचल हो जाएगा। रावण शिवलिंग लेकर चला पर मार्ग में एक चिताभूमि आने पर उसे लघुशंका निवृत्ति की आवश्यकता हुई। रावण उस लिंग को व्यक्ति को थमा लघुशंका-निवृत्ति करने चला गया। इधर उन व्यक्ति ने ज्योतिर्लिंग को बहुत अधिक भारी अनुभव कर भूमि पर रख दिया। फिर क्या था, लौटने पर रावण पूरी शक्ति लगाकर भी उसे न उखाड़ सका और निराश होकर मूर्ति पर अपना अँगूठा गड़ाकर लंका को चला गया। भगवान ब्रह्मा, विष्णु आदि देवताओं ने आकर शिवलिंग की पूजा की। शिवजी का दर्शन होते ही सभी देवी देवताओं ने शिवलिंग की वहीं उसी स्थान पर प्रतिस्थापना कर दी और शिव-स्तुति करते हुए वापस स्वर्ग को चले गये। वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिग मनोवांछित फल देने वाला है। दुमका - झारखण्ड राज्य की उपराजधानी एवं सन्थाल परगना प्रमंडल का दुमका जिला का मुख्यालय दुमका है।समुद्र तल से 137 मी. व 449 फीट की ऊँचाई पर स्थित दुमका जिले की जनगणना के अनुसार जनसंख्या 970584 में दस प्रखंडों में दुमका, गोपीकांदर, जामा, जरमुंडी, काठीकुंड, मसलिया, रामगढ़, रानेश्वर, शिकारीपाड़ा और सरैयाहाट है । दुमका में आदिवासियों में सन्थाल , पहाड़िया और मेलर घटवार जाति भी पाई जाती है। 1855 में सन्थाल विद्रोह के बाद भागलपुर से काटकर दुमका को जिला बनाया गया था। दुमका से 10 किलोमीटर कुमड़ाबाद पूरी तरह नदी और पहाड़ से घेरा हुआ है,दुमका जिला का क्षेत्र सम्पूर्ण प्राकृतिके से पूर्ण है।दुमका शब्द की उत्पत्ति दामिन -ई- कोह (अर्थात: पहाड़ का आंचल) शब्द से माना जाता है।पाषाणकाल- खनन के प्राप्त औजारों से पता चला है कि यहां के मूल निवासी मोन-ख्मेर और मुंडा थे । दुमका जिले प्राचीन निवास पहाड़ी लोग थे। ग्रीक यात्री मेगास्थानीज ने इन्हें माली नाम से संबोधित किया।मध्यकालीन इतिहास- राजमहल की पहाड़ियों के घिरे होने के कारण दुमका जितना दुर्गम रहा है उतना है आर्थिक दृष्ट से अहम भी. 1539 में चौसा के युद्ध में शेरशाह सूरी की जीत के बाद यह क्षेत्र अफगानों के कब्जे में आ गया, लेकिन जब हुसैन कुली खान ने बंगाल पर जीत हासिल की तो यह क्षेत्र मुगल सम्राट अकबर के प्रभुत्व में आ गया। अंग्रेजी शासन- अंग्रेज प्रतिनिधि डॉ गैबरियल बोकलिटन ने शाहजहां से एक फरमान हासिल किया।1742-1751- इस दौरान मराठा शासक राघोजी भोसले और पेशवा बालाजी राव यहां आते रहे. , 1745: संथाल परगना के जंगलों और राजमहल की पहाड़ियों से राघोजी भोसले का दुमका में प्रवेश. ,1769: बंगाल के बीरभूम जिले के अंतर्गत दुमका घाटवाली पुलिस थाना रह चुका है। , 1775 ई. में दुमका को भागलपुर संभाग के अंतर्गत शामिल किया गया।1865: दुमका को स्वतंत्र जिला बनाया गया। , 1872: दुमका को संथाल परगना का मुख्यालय बनाया गया। 1889: यूरोपीय ईसाई उपदेशकों की गतिविधियाँ हुई। ,1902: पहली नगरपालिका की स्थापना हुई। 1920: बसें व कार यहाँ चलने शुरु हुए। 1983: दुमका संथाल परगना का मुख्यालय बना। झारखंड राज्य की उप-राजधानी दुमका बना। संथाली द्वारा भगवान सिंगबोंगा की उपासना करते है। वन क्षेत्र से घिरे होने के वजह से लोग जंगलो पर आश्रित है । आदिवासियों द्वारा मुख्य रूप से मनाए जाने वाले पर्व में बन्धना, रास पर्व, सकरात, सोहराई आदि है। दुमका में वासुकिनाथ मन्दिर, मलूटी मन्दिर, मसानजोर डेम, बास्कीचक, सृष्टि पार्क। वासुकिनाथ दुमका शहर से 25 किमी की दूरी पर अवस्थित है। यहाँ हरवर्ष सावन के महिने में देश विदेश से शिव भक्त आते है और गंगा जल अर्पित करते है। मलूटी मन्दिर - यह मंदिर दुमका - तारापीठ, रामपुरहाट मार्ग मे अवस्थित है। मलूटी को मंदिरों का गांव भी कहा जाता है। यहां एक समय मे 108 मन्दिर और 108 तालाब थे।यहां का मुख्य मंदिर माँ मौलिक्षा को समर्पित है जिसे माँ तारा(तारापीठ, रामपुरहाट प.बंगाल)की बहन माना जाता है। आज अधिकांश मन्दिर जीर्ण शीर्ण अवस्था मे है। मसानजोर डेम या कनाडा डेम दुमका शहर से 25 कि. मी . की दूरी पर मयूराक्षी नदी पर बनाया गया है। यहां की प्राकृतिक छटा देखने योग्य है। द डिस्ट्रिक्ट गजेटियर ऑफ झारखंड 2002 के अनुसार दुमका जिले के भारतीय स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी का 1750 -,1785 तक कीर्तित्व एवं व्यक्तित्व उल्लेख किया गया है । 3716 वर्ग कि. मि. क्षेत्रफल में फैले दुमका जिले का मयूराक्षी नदी पर 16650 ए. में कनाडा बांध व पियरसन बांध 155 फीट ऊंची एवं 2170 फीट लंबाई युक्त बांध एवं दुमका के समीप रानिबहाल के भुमका गर्म झरना पर्यटकों के लिए आकर्षण केंद्र है ।
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महकती बहारें

Posted: 28 Mar 2022 08:07 AM PDT

महकती बहारें

फिजाओं में खुशबू फैली खिल गए चमन सारे। 
झूम-झूम लगे नाचने लो आई महकती बहारें। 

वादियों में रौनक आई लबों पे मुस्कानें छाई। 
प्रीत भरे तराने उमड़े मस्त मस्त चली पुरवाई। 

वृक्ष लताएं डाली डाली पत्ता पत्ता लहराने लगा। 
मस्त बहारें चली सुहानी दिल दीवाना गाने लगा। 

मन मयूरा मस्ती भर मदमाता इठलाता रहा। 
बागों में कलियां खिली भंवरा गुनगुनाता रहा। 

उमंगों ने ली अंगड़ाई करवट बदली मौसम ने। 
चाहतों ने भी पंख पसारे महकती हुई बहारों में। 

मधुर प्रेम रसधार बन, सद्भावों की बनकर धारा। 
खुशियों की बरसात कर, उमड़े उर प्रेम प्यारा।

मोहक मुस्कान बनकर, सबके दिल पर छा जाये
खुशियों का खजाना हो जीवन में बहारें आ जाये

मधुर तराने गीतों के, मुरली की धुन लगती प्यारी। 
गुलशन सारा महक उठे,फूलों की महके फुलवारी 

ठंडी ठंडी मस्त हवाएं दिलों तक दस्तक दे गई। 
खुशबुओं से समां महका महकती बहारें भा गई।

रमाकांत सोनी सुदर्शन 
नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान
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बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) की ओर से Strategic Communication and Prohibition विषय पर होटल मौर्य, पटना में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

Posted: 28 Mar 2022 08:05 AM PDT

बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) की ओर से Strategic Communication and Prohibition विषय पर होटल मौर्य, पटना में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

पटना-28 मार्च, 2022 को बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) की ओर से Strategic Communication and Prohibition विषय पर होटल मौर्य, पटना में एक दिवसीय कार्यषाला का आयोजन किया गया। इस कार्यषाला के प्रमुख प्रवक्ता हार्वर्ड स्कूल आॅफ पब्लिक हेल्थ के प्रो. के. विष विष्वनाथ थे। उत्पाद आयुक्त श्री बी. कार्तिकेय धनजी कार्यषाला के मुख्य अतिथि थे। इस कार्यषाला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेषक श्री कंवल तनुज और बिपार्ड के संयुक्त निदेषक श्री राजेष कुमार भी उपस्थित थे। कार्यषाला का संचालन बिपार्ड के सहायक निदेषक श्री षिवेन्दु रंजन ने किया एवं माॅडरेटर का कार्य वीमेन्स काॅलेज की प्राध्यापक श्रीमती मिनती चकलानवीस ने किया। यह कार्यषाला बिहार कैडर के भारतीय प्रषासनिक सेवा, बिहार प्रषासनिक सेवा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पदाधिकारी एवं जीविका के पदाधिकारी व जीविका कर्मियों/दीदी के लिए आयोजित किया गया था। यह कार्यषाला बिपार्ड के महानिदेषक श्री के. के. पाठक के मार्गदर्षन में आयोजित हुआ।
कार्यषाला में शराबबंदी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई तथा जागरूकता के उपायों पर मंथन हुआ। प्रोफेसर विष्वनाथ ने इस बात पर बल दिया कि शराबबंदी अभियान चलाने के लिये किन कारकों का होना जरूरी है तथा लोगों तक सार्थक संदेष पहुंच सके उसके लिये स्थानीय भाषाओं का इस्तेमाल, आकर्षक स्लोगन, स्थानीय सामाजिक चरित्र के उपयोग पर बल दिया। उत्पाद आयुक्त ने जीविकाकर्मियों के अनुभवों और शराबबंदी के लिये उनके प्रयासों की सराहना की।

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29 मार्च 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 28 Mar 2022 07:36 AM PDT

29 मार्च 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

29 मार्च 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि द्वादशी 02:15 PM

🔅 नक्षत्र धनिष्ठा 11:13 AM

🔅 करण :

                तैतिल 02:40 PM
                गर 02:40 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग साघ्य 03:12 PM
🔅 वार मंगलवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:53 AM

🔅 चन्द्रोदय +04:40 AM

🔅 चन्द्र राशि कुम्भ

🔅 सूर्यास्त 06:07 PM

🔅 चन्द्रास्त 03:18 PM

🔅 ऋतु वसंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 12:19 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत फाल्गुन

🔅 मास पूर्णिमांत चैत्र

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:30:02 - 12:19:22

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 08:12 AM - 09:02 AM

🔅 कंटक 06:34 AM - 07:23 AM

🔅 यमघण्ट 09:51 AM - 10:40 AM

🔅 राहु काल 02:59 PM - 04:32 PM

🔅 कुलिक 01:08 PM - 01:58 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 08:12 AM - 09:02 AM

🔅 यमगण्ड 08:49 AM - 10:22 AM

🔅 गुलिक काल 11:54 AM - 01:27 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल उत्तर

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ

🌹विशेष ~ भौमप्रदोष व्रत, बुढ़वा मंगल पर्व। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार

29 मार्च 2022, मंगलवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। धर्म का काम करने में धन खर्च की स्थिति आएगी। लुभावने ऑफरों में न पड़ें। जमीन, मकान आदि के दस्तावेजों में ठगी होने की संभावना है। माताजी का स्वास्थ्य खराब होगा। निर्णय शक्ति डवांडोल रहने से दुविधा में फंसे रहेंगे। किसी का जमानतदार बनने के प्रति चेतावनी देते हैं।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

बृषभ (Tauras): आज आपकी आय और व्यापार में वृद्धि होने का योग है। व्यापार में नए लाभदायक संपर्क होंगे। कुटुंबीजनों और मित्रों के साथ हंसी-खुशी से पल बिताने का अवसर मिलेगा। प्रवास-पर्यटन का योग है। आज विशेषरूप से महिला वर्ग से लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ सम्बंधों में प्रगाढ़ आत्मीयता का अनुभव करेंगे। भाई-बंधुओं से और बुजुर्गों से लाभ होंगे। शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini): आज आपका हरेक कार्य सरलतापूर्वक सम्पन्न होगा। घर, ऑफिस तथा सामाजिक क्षेत्र में अनुकूल वातावरण बनने से प्रसन्नता का अनुभव करेंगे। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। उच्च पदाधिकारियों के सहयोगपूर्ण व्यवहार के कारण आपकी प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा। गृहस्थ जीवन में आनंद छाएगा। और उत्तम सांसारिक सुख प्राप्त कर सकेंगे। सरकारी कार्यों में आनेवाले अवरोध दूर होंगे और मार्ग आसान बनेगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7

कर्क (Cancer): भाग्यवृद्धि के अवसर आपकी प्रसन्नता में वृद्धि करेंगे। विदेश से शुभ समाचार मिलेगा। धार्मिक कार्य, देवदर्शन और यात्राधाम की मुलाकात से आनंद होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ अच्छी तरह समय व्यतीत कर सकेगें। विदेश जाने के इच्छुक लोगों की संभावना के साथ नौकरी पेशावालों को भी लाभ होने की संभावना देख रहे हैं।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): आपको स्वास्थ्य के बारे में विशेष ध्यान रखने की चेतावनी देते हैं। बीमारी के कारण दवाखाने में खर्च करना पड़ेगा। क्रोध और वाणी को वश में रखना पड़ेगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ मनमुटाव होगा। बाहर खाने-पीने से तबीयत खराब हो सकती है। आपके मन पर नकारात्मक विचार हावी होंगे। अनैतिक कार्यों में शामिल न हों, इसका ध्यान रखें। इस समय आध्यात्मिकता का सहारा मन को राहत देगा।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

कन्या (Virgo): सामाजिक और सार्वजनिक क्षेत्र में लाभ के साथ ख्याति प्राप्त होगी। स्त्री वर्ग से विशेष लाभ होगा। दांपत्यजीवन में परम सुख के पलों का अनुभव होगा। नए वस्त्रालंकारों की खरीदारी करेंगे तथा पहनने का अवसर भी आएगा। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के साथ परिचय होगा। मैत्री स्थापित होगी। भागीदारी के लिए समय अनुकूल है। प्रवास- पर्यटन की संभावना है।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

तुला (Libra): नौकरीपेशा लोगों के लिए अत्यंत लाभदायक दिन है। काम में यश और सफलता मिलेगी। पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा। प्रतिस्पर्धियों के समक्ष विजय मिलेगी। ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। ननिहाल पक्ष की तरफ से अच्छे समाचार मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। बौद्धिक चर्चा में भाग लेने का अवसर आएगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। धन की योजना बनाने के लिए यह अच्छा दिन है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): आज आपमें शारीरिक व मानसिक स्फूर्ति और ताजगी का अभाव रहेगा। परिवार में क्लेश कलह का वातावरण रहने से आपका मन उदास रहेगा। अनिद्रा सताएगी। माताजी का स्वास्थ्य खराब होगा। सार्वजनिक जीवन में अपमानित होने का अवसर आएगा। धन की हानि होगी। स्त्रीवर्ग से कोई हानि पहुंचेगी। नदी, तालाब तथा समुद्र जैसे जलाशयों से संभलकर रहें।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

धनु (Sagittarius): आपका आज का पूरा दिन सुखमय बीतेगा। अनुकूल परिस्थिति निर्मित होने पर आप हरेक कार्य आज सरलतापूर्वक पूरा कर सकेंगे। मन में प्रसन्नता रहेगी। व्यापार-धंधे में आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे। भागीदारी मेंg लाभ होगा। भाई-बहनों के साथ अच्छी तरह समय व्यतीत करेंगे। कोई नया कार्य आज शुरू कर सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। मित्रों, स्वजनों की मुलाकात से परिवार में खुशी का वातावरण रहेगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

मकर (Capricorn): मन की दुविधा आप में निर्णयशक्ति का अभाव पैदा करेगी जिससे उलझन का अनुभव होगा। तबीयत थोड़ी नरम-गरम रहेगी। वाणी पर संयम नहीं होगा और वाद-विवाद में पड़ने से स्वजनों के साथ मनमुटाव होगा। कार्य में कम सफलता मिलेगी। अनावश्यक खर्च और धनहानि का योग है। विद्यार्थियों की पढ़ाई में अवरोध आएगा।

शुभ रंग : पींक

शुभ अंक : 8

कुंभ (Aquarius): आज आप आनंद, उत्साह और प्रसन्नता का अनुभव करेंगे। नए कार्य की शुरुआत लाभदायक साबित होगी। मित्रों, स्वजनों के साथ भोजन का आनंद उठाने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा का योग है। लक्ष्मीदेवी की कृपा रहेगी। धार्मिक कार्यों के पीछे खर्च होगा। निर्धारित कार्य सफल होंगे। दांपत्यजीवन में सुख का अनुभव होगा। परिवार में शांति का माहौल बना रहेगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7

मीन (Pisces): आनंद- उत्साह और तन-मन की प्रसन्नता आपके दिन में चेतना और स्फूर्ति का संचार करेंगे। नए कार्य हाथ में लेंगे तो उसमें सफलता मिलेगी। धार्मिक मांगलिक प्रसंगों में जाएंगे। मन में कोई निर्णय लेते हुए दुविधा अनुभव करने की स्थिति में निर्णय स्थगित रखने की सलाह है। प्रवास होगा। दांपत्यजीवन आनंदमय रहेगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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कश्मीरी पंडितों पर हंसने को लेकर केजरीवाल ने दी सफाई

Posted: 28 Mar 2022 07:25 AM PDT

कश्मीरी पंडितों पर हंसने को लेकर केजरीवाल ने दी सफाई 

नई दिल्ली। 'द कश्मीर फाइल्स' को यूट्यूब पर अपलोड करने और विधानसभा में अपनी हंसी की वजह से भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सफाई दी है। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह कश्मीरी पंडितों पर नहीं भाजपा पर हंस रहे थे। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को इंसाफ दिलाने के लिए हम सबको एक साथ आना चाहिए। बता दें कि बीते दिनों 'द कश्मीर फाइल्स' पर टिप्पणी के दौरान हंसने की वजह से अरविंद केजरीवाल को सोशल मीडिया पर भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। अब सफाई देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिन लोगों को जम्मू-कश्मीर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा, उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने के बजाय आठ साल से केंद्र की सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा एक फिल्म का प्रचार कर रही है। फिल्म को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के दर्द को गलत तरीके से पेश किया गया है। कश्मीरी हिंदुओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। यह बहुत बड़ी त्रासदी थी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लगभग 32 साल हो गए हैं, जब कश्मीरी पंडितों को अपना घर छोड़ना पड़ा और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और किसी भी संवेदनशील सरकार को उन्हें न्याय दिलाना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों को कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था, उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। वहां जमीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी और एक नीति बनाई जानी चाहिए थी।' उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लिए 'द कश्मीर फाइल्स' महत्वपूर्ण है। मेरे लिए कश्मीरी पंडित अधिक महत्वपूर्ण हैं।
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उत्तराखण्ड में बोर्ड की परीक्षाएं शुरू

Posted: 28 Mar 2022 07:22 AM PDT

उत्तराखण्ड में बोर्ड की परीक्षाएं शुरू

नैनीताल। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गईं। 10वीं और 12वीं बोर्ड की ये परीक्षाएं 19 अप्रैल तक चलेंगी। बोर्ड परीक्षाओं के लिए इस बार प्रदेश भर में 1333 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन परीक्षाओं में इस बार 10वीं में 1 लाख 29 हजार 785 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे, जिनमें 1 लाख 27 हजार 414 रेगुलर छात्र हैं, जबकि 2 हजार 371 प्राइवेट छात्र सम्मिलित होंगे। इसी तरह 12वीं में 1 लाख 10 हजार 2 सौ 4 रेगुलर स्टूडेंट व 2 हजार 966 प्राइवेट स्टूडेंट शामिल होंगे। परिषद ने इन परीक्षाओं के लिए 1333 परीक्षा केंद्र बनाए हैं, जिसमें एकल 34 और 1299 मिश्रित केंद्र हैं। इन परीक्षा केंद्रों में से 191 संवेदनशील तो 18 अति संवेदनशील केंद्र बनाए गए हैं। पौड़ी जिले में सबसे अधिक 165 और चंपावत जिले में सबसे कम 40 केंद्र बनाए गए हैं। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील केंद्रों पर प्रशासन द्वारा पुलिस की व्यवस्था की गई है। इस बार ये परीक्षाएं 2 पालियों में आयोजित हो रही है। हाईस्कूल की परीक्षाएं सुबह 8 बजे से 11 बजे तक होंगी, जबकि इंटर की परीक्षाएं दोपहर 2 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेंगी। इन परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 25 अप्रैल से 9 मई तक किया जाना है, जिसके लिए 30 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। वहीं जून माह के प्रथम सप्ताह में रिजल्ट घोषित करने की योजना बनाई गई है।
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योगी ने अखिलेश के कंधे पर रखा हाथ

Posted: 28 Mar 2022 07:20 AM PDT

योगी ने अखिलेश के कंधे पर रखा हाथ

  • योगी ने मंत्रियों का पुराना स्टाफ बदला
  • बीस फीसद महिलाएं भी तैनात

लखनऊ। विधानसभा चुनाव के दौरान बयानबाजी की बड़वाहट को अब दूर रख दिया गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष का एक-दूसरे से हंसकर मिल रहे हैं। नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण 28 मार्च को सम्पन्न हो रहा था। उसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने हाथ मिलाए और योगी ने मुस्करातेे हुए अखिलेश के कंधे पर हाथ रखा। योगी ने उन्हें बधाई भी दी। इसके बाद अखिलेश ने सभी विधायकों को नमस्कार किया। उधर, योगी सरकार में मंत्रियों को सचिव सौंपे गये हैं। पहली बार पुरुष मंत्रियों को महिला सचिव भी मिली हैं। पुराने मंत्रियों के साथ तैनात सभी निजी सचिव हटा दिए गए हैं। खास बात यह कि पहली बार मंत्रियों के स्टाफ में बीस प्रतिशत महिलाएं तैनात की गईं हैं। निजी सचिव, अपर निजी सचिव, समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी और अनुसेवकों का चयन रैंडम आधार पर किया गया है। पहली बार बड़ी संख्या में महिलाओं को मंत्रियों के स्टाफ में तैनाती दी गई है। अब तक महिलाओं को मंत्रियों के स्टाफ में जगह नहीं दिए जाने की परंपरा रही है। रैंडम एक सूची चुने जाने पर कोड के हिसाब से संबंधित कार्मिकों को मंत्री स्टाफ में तैनाती से संबंधित पत्र कर्मचारियों को दिया गया। मंत्रियों के स्टाफ की जो सूची तैयार की गई है उसमें किसी भी पुराने स्टाफ को नहीं रखा गया है। पिछले पांच साल के अंदर यदि कोई भी कार्मिक किसी मंत्री के स्टाफ में तैनात रहा है तो उन्हें सूची में ही शामिल नहीं किया गया। मंत्रियों के लिए करीब 120 अनुसेवक भी तैनात किए गए हैं। सीएम योगी ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर हमारी सरकार की शुरू से जीरो टॉलरेंस नीति रही है। इससे पहले 25 मार्च को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजधानी लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी थी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए थे। इस अवसर पर राज्यपाल ने 2 उप मुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। उन्होंने मुख्यमंत्री की ही मंत्रणा से नियुक्त किए गए 16 कैबिनेट मंत्रियों 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा 20 राज्य मंत्रियों को भी पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी।
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कश्मीरी पंडितों पर वोट बैंक की सियासत

Posted: 28 Mar 2022 07:18 AM PDT

कश्मीरी पंडितों पर वोट बैंक की सियासत

(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

  • कश्मीरी पंडितों के पलायन का इतिहास किसी अन्य राज्य में न दोहराया जाए
  • पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा करती है विचलित

कश्मीर घाटी से लाखों हिंदुओं का पलायन जगजाहिर था लेकिन इसके पीछे की त्रासदी को द कश्मीर फाइल्स ने उजागर किया है। प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति पर्दे पर वह मंजर देख कर आहत हुआ। यंत्रणा झेलने वालों की पीड़ा का सहज अनुमान लगाया गया लेकिन वोटबैंक की सियासत करने वालों की बेरुखी भी एक बार सामने आई है। इसका एक दिलचस्प संयोग है। जो नेता संसद में अनुच्छेद 370 को कायम रखने के लिए जमीन आसमान एक कर रहे थे,वही इस समय कश्मीर की सच्चाई से मुंह छिपा रहे है। भाजपा शासित राज्यों की किसी एक निंदनीय व अप्रिय घटना पर हंगामा करने वाले घाटी के लाखों हिंदुओं की पीड़ा का मखौल बना रहे है। वह बता रहे है कि पुरानी घटनाओं को छोड़ कर आगे बढ़ना चाहिए। इस वोटबैंक सियासत में आप प्रमुख सबसे आगे निकल गए। उन्होंने फिल्म को झूठा बता कर लाखों पीड़ितों के जख्मों पर नमक लगाया है। वहां से जो लोग जीवित निकले है,वह आजीवन उस दौर को भूल नहीं सकते। केजरीवाल के लिए ऐसे बयान देना आसान है। उनका राजनीतिक वजूद वोटबैंक सियासत से जुड़ा है। जो नेता इसे पुरानी बात कह कर नजरअंदाज करने की सलाह दे रहे है,उन्हें पश्चिम बंगाल व केरल के वर्तमान को देखना चाहिए। यदि वर्तमान सरकार दृढ़ता न दिखाती तो सब कुछ पहले की तरह ही चलता रहता।

यूपीए सरकार के समय प्रधानमंत्री अपने आवास पर कश्मीरी अलगाववादियों का स्वागत करते थे। यह रवैया मुफ्ती मोहम्मद सईद और महबूबा मुफ्ती की सरकार के समय तक चलता रहा। कुछ भी हो इस समय देश में द कश्मीर फाइल्स की धूम है। यह दीवानगी हॉल में जाकर फिल्म देखने तक सीमित नहीं है बल्कि यहां देशभक्ति का एक ज्वार भी दिखाई दे रहा है। इस आधार पर यह फिल्म बेमिसाल है। इसके पहले अधिकतम मुनाफा कमाने वाली किसी भी फिल्म के प्रति ऐसा जन उत्साह दिखाई नहीं दिया था। फिल्म से अधिक इस जनभावना को समझने की आवश्यकता है। इसमें किसी भारतीय नागरिक या किसी वर्ग के विरोध का भाव नहीं है लेकिन आतंकी हिंसा व अलगाववाद के प्रति वितृष्णा अवश्य है। इसको वर्ग क्षेत्र की लाइन से ऊपर उठकर देखने की आवश्यकता है। देश में शांति सौहार्द एकता व अखंडता चाहने वालों को इस पर सहमत होना चाहिए। इसमें किसी के प्रति बदले का भी विचार नहीं है लेकिन अलगाववादियों के मंसूबो से सबक लेने का सन्देश अवश्य है। यह सुनिश्चित होना चाहिए कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति देश के किसी भी क्षेत्र में पैदा न हो। इस लिहाज से पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद की हिंसा अवश्य विचलित करने वाली है। जो लोग कश्मीर के अतीत पर चर्चा से बचना चाहते है,उनको पश्चिम बंगाल के वर्तमान पर नजर डालनी चाहिए। यहां भी विधानसभा चुनाव के बाद खास स्थानों को लक्ष्य बना कर आतंक का वातावरण बनाया गया था। शासन व प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे थे। ऐसा ही कभी कश्मीर घाटी में हुआ करता था। वहां भी आतंकियों व अलगाववादियों की गतिविधियों के सामने शासन प्रशासन नकारा साबित हुआ था। इसी सच्चाई को द कश्मीर फाइल्स में दिखाया गया है।

जम्मू कश्मीर में अलगाववाद की जड़ आर्टिकल 370 था। यह संविधान का अस्थाई अनुच्छेद था लेकिन पिछली सरकारों ने वोट बैंक के लिए इसे हटाने की हिम्मत नहीं की। मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर के लोगों के हित के लिए यह फैसला लिया है। तब गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि जम्मू कश्मीर में एक लंबे रक्तपात भरे युग का अंत अनुच्छेद 370 हटने से होगा। इसके कारण ही सत्तर वर्षों तक जम्मू-कश्मीर,लद्दाख और घाटी के लोगों का बहुत नुकसान हुआ है।यह आतंकवाद की जड़ बन गया था। फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि यह कश्मीर में हुए नरसंहार में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने का एक तरीका है। अभिनेता पुनीत इस्सर ने कहा कि फिल्म में दिखाया गया हिन्दुओं का नरसंहार कड़वी सच्चाई है। कश्मीर पर बनी हैदर और मिशन कश्मीर जैसी फिल्में अजीब नेरेटिव सेट करती आई हैं। इन फिल्मों में अन्याय होने की वजह से घाटी के मुस्लिमों को हथियार उठाए दर्शाया गया है जबकि यह सच्चाई नहीं है। विभाजन के समय पाकिस्तान के लाखों हिन्दू परिवारों का सब कुछ लूट लिया गया था लेकिन हिंदुओं ने कभी हथियार नहीं उठाए। हथियार उठाने को मजबूरी और विवशता का चोला पहनाकर हिंसा का समर्थन नहीं किया जा सकता। कश्मीर फाइल्स फिल्म की चर्चा चल रही है,जो लोग हमेशा फ्रीडम आफ इंप्रेशन के झंडे लेकर घूमते हैं। वह पूरी जमात बौखला गई है। ये लोग तथ्यों के आधार पर या आर्ट के आधार पर उसकी विवेचना करने के बजाय उसको दबाने की कोशिश में लगे हुए हैं। कांग्रेस ने अनुच्छेद 370 हटाने का जमकर विरोध किया था। अब वह कश्मीर फाइल्स पर वैसा ही हंगामा कर रही है।उसने कहा कि मोदी सरकार झूठ बोलकर हमेशा राजनीतिक फायदा तलाशती रही है। जबकि विरोध कर रही पार्टियों को स्वीकार करना चाहिए कि अनुच्छेद 370 से केवल दो तीन राजनीतिक कुनबों को ही भरपूर लाभ पहुंच रहा था। आमजन को तो इससे नुकसान ही हो रहा था। उस दौर में कश्मीर घाटी में चार दिन की बंदी की गई थी। उसमें हिंदुओं को घाटी छोड़ कर चले जाने की हिदायत दी जा रही थी। तब अलगाववादी सैयद अली शाह जिलानी ने कहा था कि कश्मीर में सेकुलरिज्म नहीं चलेगा। डेमोक्रेसी नहीं चलेगी। उस समय प्रधानमंत्री राजीव गांधी व जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला थे। उस समय यहां पकिस्तान के स्वतन्त्रता दिवस पर जश्न मनाया जाता था। भारत के स्वतन्त्रता दिवस पर आयोजन की मनाही थी। उसी समय लोकसभा चुनाव में अलगाववादियों ने मतदान के बहिष्कार का आदेश किया था। आज कश्मीर फाइल्स फिल्म का विरोध करने वाले उस समय खामोश थे। वर्तमान सरकार ने घाटी में प्रजतन्त्र को सच्चे रूप में बहाल किया है। जम्मू कश्मीर में सकारात्मक बदलाव हुआ है। अलगाववाद का दशकों पुराना अध्याय समाप्त हुआ है। उसकी जगह मुख्यधारा का प्रभाव है। पंचायत चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी इसका प्रमाण है। केंद्र की कल्याणकारी योजनाएं इस प्रदेश को भी लाभान्वित करने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया था। जम्मू-कश्मीर में संवैधानिक सुधार के बाद पहली बार स्थानीय निकाय चुनाव थे। इसको लेकर आशंका व्यक्त की जा रही थी। अलगाववादी गुपकर ने पहले इसके बहिष्कार का आह्वान किया था। बाद में जनता का मिजाज देखकर वह चुनाव में उतरे लेकिन इनके मनसूबे पूरे नहीं हुए। अब यही लोग सच्चाई पर आधारित फिल्म का विरोध करके अपना असली रूप दिखा रहे है जबकि पंचायत चुनाव में इन लोगों को जबाब मिला था। केसर की घाटी में कमल खिला था। भाजपा यहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
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महंगाई पर नियंत्रण नहीं

Posted: 28 Mar 2022 07:14 AM PDT

महंगाई पर नियंत्रण नहीं

(रमेश सर्राफ धमोरा-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान ही लोगों को आशंका होने लगी थी कि जैसे ही चुनावी नतीजे आएंगे, उसके बाद देश की आम जनता को एक बार फिर महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। चुनाव के नतीजे आते ही लोगों की आशंका सही साबित हुई और केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी करनी शुरू कर दी। चुनावी नतीजों के बाद से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की जा चुकी हैं। वहीं घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी 50 रूपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हो चुकी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर ही तोड़ कर रख दी है। रही सही कसर गैस सिलेंडरों की दर में वृद्धि करके पूरी कर दी गई है। केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने कोरोना के नाम पर गैस सिलेंडरों पर मिलने वाली सब्सिडी को बंद कर दिया था जिसे अब तक फिर से शुरू नहीं किया गया है जबकि केन्द्र सरकार द्वारा आगामी एक अप्रैल से कोरोना के चलते लगाये गये सभी तरह के प्रतिबंध हटाए जाने की घोषणा की जा चुकी है।
चुनाव के दौरान वोट लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चुनावी सभाओं में जनता के लिए बड़ी-बड़ी लुभावनी घोषणाएं करते हैं। मगर जैसे ही चुनावी प्रक्रिया समाप्त हो जाती है। उसके बाद देश की आम जनता को महंगाई के डबल डोज का सामना करना पड़ता है। ऐसी दोमुंही बातों से देश के आम आदमी का जीना ही मुहाल हो गया है। देश में खाद्य पदार्थों की कीमतें पहले ही आसमान छू रही है। प्रतिदिन काम में आने वाली वस्तुओं की कीमतों में हर दिन बढ़ोतरी हो रही है। आटे, दाल, चावल, फल, सब्जियां की कीमत अचानक ही बहुत बढ़ गई है। वही खाने का तेल भी लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। मौजूदा परिस्थितियों में देश के गरीब व मध्यम वर्ग का गुजर बसर करना मुश्किल हो गया है।
अनाज, दाल, तेल, और ईंधन के बाद अब देश में दवाएं भी महंगी हो सकती हैं। अप्रैल से अधिसूचित दवाओं के करीब 10 फीसदी तक दाम बढ़ सकते हैं। राष्ट्रीय दवा मूल्य नियामक थोक मूल्य सूचकांक में हुए बदलाव से अधिसूचित दवाओं की कीमतें बढ़ाने की इजाजत दे सकता है। अधिसूचित दवाएं आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में आती हैं। इसमें एंटीबायोटिक, विटामिन, मधुमेह, रक्तचाप नियंत्रक सहित अन्य दवाएं आती हैं।
देश में एक तरफ जहां लगातार महंगाई बढ़ती जा रही हैं वहीं रोजगार के अवसर कम होते जा रहे हैं। चुनाव के दौरान सरकार लाखों लोगों को नई नौकरियां देने की घोषणाएं करती है। मगर नई नौकरी की बात करना तो दूर जो लोग रिटायर हो रहे हैं सरकार उनके पदों को ही समाप्त कर नई नौकरियों के अवसर को समाप्त करती जा रही है। ऐसे में युवाओं के और अधिक बेरोजगार होने की संभावना में बढ़ोतरी होती जा रही है।
केंद्र सरकार का पूरा ध्यान निजीकरण की तरफ होने से पढ़े-लिखे शिक्षित बेरोजगारों में बेरोजगारी की आशंका व्याप्त हो रही है। शिक्षित युवाओं को लगने लगा है कि आने वाले समय में सरकार के भरोसे उन्हें रोजगार मिलने वाला नहीं है। सरकारी नौकरियों में खुलेआम बंदरबांट हो रही है। बड़ी पहुंच और पैसों के बल पर ही सरकारी नौकरियां मिल रही है। ऐसे में आम गरीब का बेटा नौकरी की आस ही छोड़ चुका है। महंगाई के साथ ही देश में भ्रष्टाचार चरम पर है। सरकारी कर्मचारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। इस कारण वे बेखौफ होकर आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।
केंद्र में जब 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तब देश की जनता को लगा था कि अब भ्रष्टाचार पर नियंत्रण हो जाएगा। मगर कुछ समय तक भ्रष्टाचार रोकने की बातें होती रहीं, उसके बाद वही पुरानी व्यवस्थाएं चलने लगी। आज कोई भी नेता भ्रष्टाचार रोकने की बातें नहीं करता है। सबको अपना भविष्य सुरक्षित बनाने की चिंता लगी हुई है। ऐसे में सब अपने को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने में लगे हुए हैं। प्रारम्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार रोकने के लिए बड़ी-बड़ी बातें किया करते थे। मगर अब लगता है कि वह भी पुराने ढर्रे में ढल गए हैं। उनको भी लगने लगा है कि इस देश में भ्रष्टाचार रोकना उनके बस की बात नहीं है। केंद्र के साथ ही भाजपा शासित राज्यों में आए दिन भ्रष्टाचार के बड़े बड़े स्कैंडल उजागर हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में व्यापम घोटाले का भूत अभी भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का पीछा नहीं छोड़ रहा है। भ्रष्टाचार के कारण राजस्थान में वसुंधरा राजे व छत्तीसगढ़ में डॉ रमन सिंह को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। मगर उससे भी किसी ने सबक नहीं लिया लगता है।

खाद्य उत्पादों की कीमतों में तेजी की वजह से फरवरी में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 6.07 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह आठ महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2022 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति की दर 6.07 प्रतिशत रही। यह लगातार दूसरा महीना है जब खुदरा मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है। इसके पहले जनवरी 2022 में भी खुदरा मुद्रास्फीति की दर 6.01 प्रतिशत रही थी। वहीं फरवरी 2021 में यह 5.03 प्रतिशत पर रही थी। इसके पहले फरवरी में थोक मूल्य पर आधारित मुद्रास्फीति के बढ़ने के आंकड़े भी आए। इन आंकड़ों के मुताबिक थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 13.11 प्रतिशत पर पहुंच गई। आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी में खुदरा महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह खाद्य उत्पादों की कीमतों में 5.89 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही। जनवरी के महीने में यह 5.43 प्रतिशत बढ़ी थी। अनाज के दाम 3.95 प्रतिशत बढ़े और मांस एवं मछली 7.45 प्रतिशत तक महंगे हो गए। वहीं फरवरी में अंडों के दाम 4.15 प्रतिशत बढ़े हैं। सब्जियों के दामों में 6.13 प्रतिशत और मसालों में 6.09 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। फलों की कीमतें जनवरी की तुलना में 2.26 प्रतिशत ही बढ़ीं थी।
रिजर्व बैंक को सरकार की तरफ से मुद्रास्फीति की दर को छह प्रतिशत के भीतर सीमित रखने का दायित्व मिला हुआ है। रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई को 4.5 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है। वहीं चालू वित्त वर्ष के लिए यह अनुमान 5.3 प्रतिशत का है। मई 2020 से ही रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए नीतिगत ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। सरकार के पास महंगाई बढ़ने के हर तर्क मौजूद हैं। मगर उन्हें रोकने का एक भी उपाय नहीं है। महंगाई ने खासकर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि ने गरीब व मध्यवर्ग के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मगर सरकार कुछ भी नहीं कर पा रही है। यदि महंगाई इसी तरह से बढ़ती रही तो देश में गरीब आदमी के पास तो मरने के अलावा अन्य कोई रास्ता ही नहीं बचेगा। केन्द्र सरकार को समय रहते महंगाई को रोकने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिये जिससे आम आदमी में सरकार के प्रति बढ़ते आक्रोश को रोका जा सकें। वरना यही आम आदमी यदि सरकार के खिलाफ उठ खड़ा हुआ तो उसे सत्ता से उखाड़ फेंकने में देर नहीं लगेगी।
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पश्चिम बंगाल में शर्मिन्दा हुआ लोकतंत्र

Posted: 28 Mar 2022 07:11 AM PDT

पश्चिम बंगाल में शर्मिन्दा हुआ लोकतंत्र

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
जनप्रतिनिधि संसद और विधानसभाओं में जनता की समस्याएं उठाने और उनके लिए हितकारी योजनाएं बनाने के लिए जाते हैं। इसके विपरीत जब वे सदन में मारपीट करते हैं, नारेबाजी करते हैं तो इससे लोकतंत्र शर्मिन्दा होता है। उन मतदाताओं को भी पछतावा होता है जिन्होंने अपना मत देकर उन्हंे विधानसभा या संसद में भेजा है। पश्चिम बंगाल विधान भवन में 28 मार्च को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस विधायकों और मुख्य विपक्षी भाजपा विधायकों के बीच मारपीट हुई। भाजपा विधायक मनोज तिग्गा और टीएमसी विधायक असित मजुमदार के बीच हुए झगड़े में मजुमदार घायल हो गये और उन्हंे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद शुभेन्दु अधिकारी समेत पांच भाजपा विधायकों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित होने वाले विधायकों में मनोज तिग्गा, नरहरि महतो, शंकर घोष और दीपक बरसन भी शामिल हैं। बंगाल विधानसभा के बजट सत्र का 28 मार्च को अंतिम दिन था। इससे पहले वीरभूम में टीएमसी नेता की मौत के प्रतिशोध में आधा दर्जन लोगों को जलाकर मार डाला गया था। इस मामले में सत्तारूढ़ दल की एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया। भाजपा विधायक इसी घटना पर चर्चा की मांग कर रहे थे। हमारे जनप्रतिनिधि संविधान की सर्वोच्च संस्थाओं में किसी प्रकार का आचरण करते हैं। इसका यह एक और घिनौना उदाहरण है। भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएल संतोष ने कहा है कि बंगाल की राजनीति में काफी गिरावट देखी जा रही है। भाजपा के कुछ नेताओं ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है।

कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद बीरभूम हिंसा मामले में जांच के लिए 26 मार्च को ही सीबीआई की टीम बागतुई गांव पहुंच गई थी। यहां 22 मार्च को घरों में आग लगाकर 8 लोगों को जिंदा जला दिया गया था। इससे पहले यहां एक पंचायत स्तर के टीएमसी नेता की हत्या कर दी गई थी। सीबीआई ने इस मामले में 21 लोगों को आरोपी बनाया है। सीबीआई के साथ सेंट्रल फरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की टीम भी पहुंची थी। सूत्रों का कहना है कि जांच की सारी प्रक्रिया का वीडियो भी बनाया गया। सीबीआई की टीम सुबह ही रामपुरहाट पुलिस स्टेशन पहुंच गई थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने एसआईटी के पास से केस की डायरी और अन्य जरूरी दस्तावेज लिये। बता दें कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा था कि इस मामले की जांच सीबीआई करेगी। कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकार की एसआईटी मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर पाएगी। हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर इस मामले की सुनवाई की थी। इससे राज्य सरकार नाराज भी थी।

कोर्ट ने सीबीआई से 7 अप्रैल तक अपनी प्रोग्रेसिव रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी। वीरभूम जिले में संजू शेख नाम के शख्स का घार आग के हवाले कर दिया गया था। इसमें जलकर आठ लोगों की मौत हो गई। इससे पहले एक क्रूड बम के हमले में भादू शेख नाम के लोकल टीएमसी नेता की हत्या हो गई थी। सूत्रों ने बताया कि टीम इस बात की भी जांच करेगी कि क्या जो 10 घर आग में जले हैं। सब में आग लगाई गई थी या फिर कुछ खुद ही आग की चपेट में आ गए। बहुत सारे लोग गांव छोड़कर पलायन कर गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी गांव का दौरा किया था और लोगों को सुरक्षा का आश्वासन दिया था। उन्होंने मृतकों के परिवारों को मदद राशि दी और एक नौकरी का भी वादा किया है।

सीबीआई टीम ने सब इंस्पेक्टर ज्योति दत्ता की शिकायत पर केस दर्ज किया था। इस घटना में मीहीलाल शेख, सेकलाल शेख, बानी शेख, नेकलाल शेख, मिनारुल शेख, सोना शेख, फतीक शेख और मोबिना बीबी का घर जला था। मामला अदालत में है फिर भी पश्चिम बंगाल विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। बजट सत्र के आखिरी दिन भाजपा विधायकों ने बीरभूम हिंसा पर चर्चा की मांग को लेकर ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ नारेबाजी। इसके बाद तृणमूल और भाजपा विधायकों में हाथापाई की स्थिति उत्पन्न हो गई। हंगामा मचाने के आरोप में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत 5 भाजपा विधायकों को विधासनभा की कार्यवाही से सस्पेंड कर दिया गया। सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने विधानसभा में भाजपा विधायकों के खिलाफ प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि सदन की गरिमा को नष्ट किया गया है। शुभेंदु अधिकारी के उकसावे में विधानसभा में तांडव मचाया जा रहा है।

ममता बनर्जी सरकार की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा था कि भाजपा विधायकों को निलंबित किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा कि सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है। संपत्ति को जो नुकसान पहुंचा है उसका हिसाब किया जाएगा। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी समेत 4 अन्य भाजपा विधायकों को विधासनभा की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बीरभूम हिंसा मामले को लेकर विधानसभा के अंदर हंगामा हुआ। विपक्ष ने कम से कम अंतिम दिन कानून-व्यवस्था पर चर्चा की मांग की, सरकार ने मना कर दिया। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य हमारे 8-10 विधायकों के साथ संघर्ष करने के लिए कोलकाता पुलिस कर्मियों को सिविल ड्रेस में सदन के अंदर लेकर आए। बीरभूम जिले में रामपुर हाट के बागुती गांव के रहने वाले पंचायत उप-प्रधान भादू शेख की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने 21 मार्च की देर रात आगजनी की थी। उन्होंने कई घरों की बाहर से कुंडी लगाकर उन्हें आग के हवाले कर दिया। इसमें करीब 8 लोग जिंदा जल गए। इनमें 7 लोग तो एक परिवार के बताए जाते हैं। खबरों के मुताबिक, भादू शेख राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के नेता थे। भादू शेख बारोसल गांव की पंचायत के उप-प्रधान थे। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-60 पर उनकी दुकान है। वहीं 2 दिन पहले जब वे बैठे हुए तो उन पर बम से हमला हुआ था। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका। इससे उनके समर्थक उग्र हो गए और उन्होंने बागुती गांव में आगजनी कर दी।
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45 साल पुराना इतिहास दोहरा रहे इमरान

Posted: 28 Mar 2022 07:07 AM PDT

45 साल पुराना इतिहास दोहरा रहे इमरान

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 27 मार्च को इस्लामाबाद की रैली में बड़ा बयान दिया। उन्होंने एक पर्चा लहराते हुए कहा कि सरकार को गिराने की साजिश दूसरे देशों से हो रही हैं, जिसमें हमारे लोग भी शामिल हैं। ऐसे में पाकिस्तान की राजनीति समझने वालों को 45 साल पुराना वक्त याद आ गया। 30 अप्रैल 1977 को पाकिस्तान के रावलपिंडी के राजा बाजार में तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने ठीक ऐसे ही एक रैली में पर्चे लहराए थे। भुट्टो ने भी दावा किया था कि उनकी सरकार को दूसरे मुल्क से हटाने की साजिश रची जा रही है। जुल्फिकार अली भुट्टो 20 दिसंबर 1971 से 13 अगस्त 1973 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे थे। इसके बाद 14 अगस्त 1973 से पांच जुलाई 1977 तक उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला था। साल 1977 में पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल मोहम्मद जिया-उल-हक के नेतृत्व में उनका तख्घ्तापलट हो गया। 3 सितंबर 1977 को उन्हें एक विपक्षी नेता के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। 18 मार्च 1978 को जुल्फिकार अली भुट्टो को लाहौर हाईकोर्ट ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई। 3 अप्रैल 1979 की रात लगभग 2 बजे जुल्फिकार अली भुट्टो को रावलपिंडी जेल में ही फांसी पर लटका दिया गया। इमरान ने कहा कि बाहर से पैसा आ रहा है जिसकी मदद से हमारी सरकार को गिराने की कोशिश हो रही है। पहले भी हमारे ही यहां के पुराने लीडर्स की वजह से मुझे और मेरी सरकार को धमकियां मिलती रही हैं। पाकिस्तान को तोड़ने की कोशिश दूसरे देशों से हो रही है जिसका पता हमें कई महीनों से है, लेकिन हम किसी की गुलामी नहीं करेंगे।
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सत्ता में होता तो युद्ध न होता: ट्रम्प

Posted: 28 Mar 2022 07:05 AM PDT

सत्ता में होता तो युद्ध न होता: ट्रम्प

वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी लगातार मौजूदा प्रेजिडेंट बाइडन पर खूब हमले कर रहे हैं। हाल ही में ट्रंप ने कहा है कि बाइडन का यूक्रेन संकट से कुछ लेना-देना नहीं है।डोनाल्ड ट्रम्प जॉर्जिया में कॉमर्स पर आयोजित एक विशाल जीओपी रैली में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, 'जो बाइडन ने यूक्रेन के साथ जो व्यवहार किया है, वैसा उन्हें नहीं करना चाहिए था। अगर मैं सत्ता में होता तो यह युद्ध कभी नहीं होता।' रूस 33 दिन से यूक्रेन पर हमले कर रहा है। यूक्रेनी मिलिट्री ने दावा किया है कि 18 दिन बाद रूसी सेना राजधानी कीव से पीछे हट रही है। रूसी सेना ने 10 मार्च को कीव को तीन ओर से घेर लिया था। अब ये उत्तरी हिस्से में रिग्रुप हो रही है। दूसरी ओर आज से तुर्की के इंस्ताबुल में दोनों देशों के बीच चैथे दौर की शांति वार्ता शुरू होगी। रूस-यूक्रेन के बीच अब तक 28 फरवरी, 1 मार्च और 7 मार्च को शांति वार्ता हो चुकी है, अब तक सहमति नहीं बन पाई है। जेलेंस्की का कहना है कि हम रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शर्तों के तहत समझौता नहीं करेंगे। हालांकि, हम शांति वार्ता को लेकर न्यूट्रल नीति अपना रहे हैं। व्लादिमीर मेडिंस्की ने कहा कि शांति वार्ता 29 मार्च से शुरू होगी और बुधवार (30 मार्च) को समाप्त होगी।
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श्रीलंका के वित्तमंत्री से मिले जयशंकर

Posted: 28 Mar 2022 07:03 AM PDT

श्रीलंका के वित्तमंत्री से मिले जयशंकर

कोलंबो। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर बंगाल की खाड़ी में बहुस्तरीय तकनीक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए बने संगठन की बैठक में शामिल होने के लिए श्रीलंका पहुंच चुके हैं। यहां द्विपक्षीय संबंधों को लेकर भी बातचीत होगी। बिम्सटेक में भारत के अतिरिक्त बांग्लादेश, म्यांमा, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। श्रीलंका, 'बंगाल की खाड़ी बहुपक्षीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहलश् समूह का वर्तमान अध्यक्ष है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को डिजिटल माध्यम से इस शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
सोमवार को उन्होंने श्रीलंका के वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे से मुलाकात की और श्रीलंका की आर्थिक स्थिति और वर्तमान विदेशी विनिमय संकट के दौरान भारत द्वारा दी गई सहायता पर चर्चा की।विदेशी विनिमय की कमी के कारण श्रीलंका एक बड़े आर्थिक और ऊर्जा संकट से गुजर रहा है। जयशंकर यहां देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता और सात सदस्यीय बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आए हैं। उन्होंने ट्वीट किया, "वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे के साथ मुलाकात कर दौरे की शुरुआत की। आर्थिक स्थिति पर भारत की सहायता पर चर्चा की। हम पड़ोसी प्रथम की नीति पर चल रहे हैं।" जयशंकर का दौरा ऐसे समय हो रहा है जब संकट से निपटने में श्रीलंका सरकार की नाकामी के विरुद्ध लोग खुलकर बोल रहे हैं। वर्तमान आर्थिक संकट से उबारने के लिए भारत ने हाल में श्रीलंका को आर्थिक राहत पैकेज दिया था।
जयशंकर मुख्य रूप से बिम्सटेक सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां आए हैं लेकिन अधिकारियों ने बताया कि वह श्रीलंका के नेताओं के साथ सभी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता में भाग लेंगे।

भारत यात्रा से पहले इजराइली पीएम कोरोना संक्रमित

Posted: 28 Mar 2022 06:42 AM PDT

भारत यात्रा से पहले इजराइली पीएम कोरोना संक्रमित

यरूशलम। इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेटकोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। नफ्ताली बेनेट कोरोना से ऐसे वक्त संक्रमित हुए हैं, जब अगले महीने की शुरुआत में उनको भारत दौरे पर आना है। बताया जा रहा है कि पीएम बेनेट ने 27 मार्च को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ बैठक की थी। इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट अप्रैल की शुरुआत में भारत दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच यूक्रेन संकट को लेकर चर्चा हो सकती है। बेनेट की यह यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है, जब दोनों देश राजनयिक संबंधों की स्थापना के 30 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके इजराइली समकक्ष ने आखिरी बार पिछले साल नवंबर में ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी। भारत और इजराइल के बीच 29 जनवरी 1992 को पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे और इस साल की शुरुआत में इस मौके को चिह्नित करने के लिए एक स्मारक लोगो लॉन्च किया गया। लोगो में डेविड के सितारे और अशोक चक्र को दर्शाया गया है और यह अंक 30 बनाता है जो द्विपक्षीय संबंधों की 30वीं वर्षगांठ के रूप को दर्शाता है।
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संज्ञा समिति गयाधाम (बिहार )का केन्द्रीय समिति चुनाव सह अधिवेशन सम्पन्न |

Posted: 28 Mar 2022 04:03 AM PDT

संज्ञा समिति गयाधाम (बिहार )का केन्द्रीय समिति चुनाव सह अधिवेशन सम्पन्न |

संज्ञा समिति गयाधाम (बिहार )का केन्द्रीय समिति चुनाव सह अधिवेशन 2022 शाहपुर,औरंगाबाद स्थित सूर्य मंदिर सभागार में 27 मार्च 2022 को केन्द्रीय अध्यक्ष सह निर्वाची पदाधिकारी श्री सिद्धनाथ मिश्र जी की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिसका संचालन आचार्य रवीन्द्र कुमार मिश्र ने किया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ0 विवेकानंद मिश्र -गया , विशिष्ट अतिथि - प्रख्यात ज्योतिषाचार्य आचार्य कमलेश मिश्र जी पुण्यार्क -गया ,अतिविशिष्ट अतिथि डॉ0 राधाकृष्ण मिश्र (भोला जी )वरिष्ठ भाजपा नेता बिहार प्रदेश, श्री मनोरंजन मिश्र जी गया तदर्थ समिति सदस्य सह मुख्य चुनाव आयुक्त, प्रो 0 मनोज कुमार मिश्र जी पूर्व केन्द्रीय उपाध्यक्ष गया ,श्री गणपति मिश्र तदर्थ समिति सदस्य सह चुनाव पर्यवेक्षक जहानाबाद, श्री गोपाल मिश्र जी तदर्थ समिति सदस्य सह चुनाव पर्यवेक्षक -अरवल , आचार्य शशिभूषण मिश्र जी अध्यक्ष सह तदर्थ समिति सदस्य औरंगाबाद, प्रख्यात साहित्यकार संगठन सचिव औरंगाबाद धनंजय जयपुरी जी सह चुनाव पर्यवेक्षक, संरक्षक भैरवनाथ पाठक अवकाशप्राप्त प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ,वरिष्ठ साहित्यकार व सम्पादक डॉ0 सुरेन्द्र प्रसाद मिश्र, डॉ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय, श्री सुदामा पाठक -अध्यक्ष अरवल, श्री राजेश कुमार मिश्र -सचिव जहानाबाद, डा0 मधुसूदन पाण्डेय नवीनगर उपाध्यक्ष विद्वत् परिषद् औरंगाबाद के कुशल नेतृत्व में चुनाव संवैधानिक तरीके से सम्पन्न हुए; अध्यक्ष एवं सचिव पद के लिए मतदान हुआ जिसमें श्री जगनारायण पाठक (औरंगाबाद )अध्यक्ष जबकि श्री पंकज नारायण मिश्र (अरवल )सचिव के पद पर विजयी घोषित किए गए ।अध्यक्ष पद के लिए एक और उम्मीदवार श्री संजय कुमार मिश्र 'अणु '-अरवल जबकि सचिव पद के लिए दूसरे उम्मीदवार श्री अरूण कुमार मिश्र 'मधुप ' जी गया ।
शेष पदों पर निर्विरोध चयनित हुए :-
उपाध्यक्ष -डॉ0 रविशंकर मिश्र राकेश -गया
उपाध्यक्ष -राकेश रंजन पाठक - अरवल,
कोषाध्यक्ष -ललित शंकर पाठक -जहानाबाद
सह कोषाध्यक्ष -नित्यानंद मिश्र -गया
संगठन सचिव -आचार्य मुकेश कुमार मिश्र -गया
संयुक्त सचिव -संतोष कुमार मिश्र -नवादा
संयुक्त सचिव -सुनील कुमार मिश्र -जहानाबाद
संयुक्त सचिव -रणजीत पाठक -गया
संयुक्त सचिव -श्रीमती मधुबाला वैद्य -औरंगाबाद
संयुक्त सचिव -अनुप कुमार मिश्र औरंगाबाद
अंकेक्षक -आचार्य वासुदेव मिश्र -औरंगाबाद
कार्यकारिणी सदस्य :-
सर्व श्री ---
विवेकानंद वैद्य -गया ,पवन कुमार मिश्र -गया ,जयशंकर मिश्र -अरवल, ओमप्रकाश मिश्र -अरवल, अशीषनाथ मिश्र-औरंगाबाद ,सतीश कुमार पाठक -औरंगाबाद, श्यामकिशोर मिश्र -औरंगाबाद, सुभाषचंद्र पाण्डेय -औरंगाबाद ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सूर्यनारायण का पूजन तथा मंगलाचरण के साथ प्रारंभ हुआ तदुपरांत आगत अतिथियों का स्वागत सह सम्मान किया गया । मङ्गल दीप प्रज्वलित कर सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, मुख्य आकर्षण शाकद्वीपीय बहत्तर पुर एवं यदुकुल ज्योनार गीत श्रीमती वन्दना पाठक जी के कोकिल स्वरों में प्रस्तुत की गई ।
इस चुनाव सह अधिवेशन कार्यक्रम में केन्द्र के पाँचों जिले से दो सौ से अधिक संज्ञा परिवार उपस्थित हुए, जिनमें रणजीत मिश्र वरिष्ठ पत्रकार गया, आचार्य सूर्यानन्द मिश्र कोंच गया, शिव वल्लभ पाठक टेकारी गया, आनन्द मिश्र व्यूरो चिफ इण्डिया टुडे औरंगाबाद, सूरज कुमार भाष्कर व्यूरो चिफ नव बिहार टाइम्स औरंगाबाद, आचार्य राजेश कुमार मिश्र अध्यक्ष प्रखंड देव , आचार्य रणजीत मिश्र अध्यक्ष रफीगंज ,श्यामनन्दन मिश्र संरक्षक हसपुरा प्रखंड, शशिभूषण मिश्र संरक्षक गोह प्रखंड, संजय पाठक ओबरा प्रखंड, विश्व रंजन पाठक सचिव औरंगाबाद प्रखंड, विजय कुमार मिश्र सचिव दाऊदनगर ,मणिकान्त मिश्र अध्यक्ष हसपुरा प्रखंड, सुभाष मिश्र सचिव हसपुरा प्रखंड, मदन पाठक कुटुम्बा प्रखंड, जितेन्द्र कुमार मिश्र अध्यक्ष नवीनगर, डॉ0 विनोद कुमार पाण्डेय मदनपुर, उमाशंकर पाठक सचिव मदनपुर प्रखण्ड, सुरेन्द्र नाथ पाठक ए जी ऑफिस पटना ,डा0 उमापति मिश्र ,आचार्य राजकिशोर पाठक, रघुवंश पाठक, अनुराग मिश्र -रफीगंज, श्रद्धेय राजेन्द्र पाठक पूर्णियां , संतोष कुमार बारूण प्रखण्ड, सच्चिदानंद पाठक पिरवां ,युगल किशोर मिश्र अम्बा ,औरंगाबाद जिला कार्यकारिणी सदस्य उपाध्यक्ष मनोज कुमार पाठक, संयुक्त सचिव ई0 बीरेन्द्र कुमार पाठक, सह कोषाध्यक्ष एडवोकेट योगेश कुमार मिश्र, वरिष्ठ सदस्य अनिल कुमार मिश्र, धनंजय पाण्डेय महाकाल मंदिर, पूर्व उप प्रमुख मणिष पाठक देव ,अशोक कुमार पाण्डेय शिक्षक नेता सह वरिष्ट पत्रकार, डॉ0 हेरम्ब कुमार मिश्र अध्यक्ष ओजसी मागधी मंच ,धर्मेन्द्र कुमार मिश्र शाहपुर, ललिन रंजन मिश्र (सुपुत्र राम नरेश मिश्र -चित्रा समाज ), सलाहकार समिति सदस्य डॉ0 शैलेन्द्र कुमार मिश्र शैल ,जनार्दन मिश्र जलज , अनुज कुमार मिश्र बेचैन, अनिल मिश्र वैद्य देव ,विनय पाठक गया, विजय कुमार मिश्र ओबरा , विजय कुमार पाठक मदनपुर, धननजय पाण्डेय घोस्ता मदनपुर आदि अनेक गणमान्य संज्ञा परिवार व पदाधिकारी उपस्थित थे। सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक व औरंगाबाद के उदीयमान कर्णधार मदनपुर प्रखण्ड के चट्टी ग्राम निवासी चि 0 सुमित रंजन पाण्डेय ने 24 हजार रुपए के लागत से एक नये आर ओ लांच कर उमगा स्थित सूर्य मंदिर के लिए दान किए इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना ।सभी निर्वाचित सदस्यों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए ।औरंगाबाद जिला सचिव श्री गुप्तेश्वर पाठक ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा अध्यक्षीय भाषण के साथ कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई ।
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राजनैतिक हिस्सेदारी सम्मेलन का आयोजन 2023 में दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में होगा -राजीव रंजन

Posted: 28 Mar 2022 03:41 AM PDT

राजनैतिक हिस्सेदारी सम्मेलन का आयोजन 2023 में दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में होगा -राजीव रंजन 

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना
जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) विभिन्न राजनीतिक दलों के कायस्थों के प्रति उदासीनता के भाव को तोड़ने के लिए कालबद्ध कार्यक्रम चलाएगा और इस सिलसिले में अगले  वर्ष 2023 में नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कायस्थों की राजनीतिक भागीदारी मुद्दे को लेकर बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेगा । यह निर्णय 27 मार्च (रविवार) को नई दिल्ली के  इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में जीकेसी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में लिया गया ।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि शैक्षणिक , सांस्कृतिक, बौद्धिक और तकनीकी रूप से मजबूत कायस्थ जाति के हितों तथा उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी को विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है और इस ओर उदासीनता का भाव है । कायस्थों को नजरअंदाज किए जाने के मुद्दे को लेकर शीघ्र ही कालबद्ध अभियान की घोषणा की जायेगी। 
उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज की मशाल वाहक जाति है और समाज के सभी वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलती है लेकिन आज इनके हितों तथा महत्वपूर्ण भागीदारी की उपेक्षा करना समाज और राष्ट्रहित के लिए नुकसानदेह है।
श्री प्रसाद ने कहा कि अगले वर्ष नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कायस्थों की राजनीतिक भागीदारी को लेकर होने वाले महाकुंभ में विभिन्न प्रांतों से एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी होगी । इसके लिए तैयारी अभी से ही शुरू कर दी जाएगी ।
उन्होंने कहा कि जीकेसी का देश के उन कुछ राज्यों में भी विस्तार हो रहा है जहां हम अपना संगठन खड़ा नहीं कर पाए थे । आज आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों के लिए प्रदेश संयोजकों का मनोनयन किया जा रहा है ।इसके साथ ही ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस का देश के 20 से अधिक राज्यों में गठन हो चुका है और शीघ्र ही अन्य  राज्यों  तथा केंद्र शासित प्रदेशों में भी संगठन की घोषणा कर दी जाएगी।
ग्लोबल अध्यक्ष ने कहा कि कायस्थों के राजनीतिक हित को नजरअंदाज किए जाने और  विभिन्न राजनीतिक दलों के उदासीन रवैया को लेकर देश की इस सबसे बुद्धिजीवी जाति खासकर युवाओं में उबाल है । जीकेसी इन्हीं मुद्दों को लेकर सामने आ रहा है  । इससे देश के विभिन्न हिस्सों से हमें व्यापक समर्थन मिला है और बड़ी संख्या में लोग जीकेसी को समर्थन एवं सहयोग कर रहे हैं ।
बैठक में प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन, ग्लोबल उपाध्यक्ष आनंद सिन्हा, महासचिव अनुराग सक्सेना समेत अनेक पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
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आचार्य मधुप भा.रा ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत

Posted: 28 Mar 2022 03:32 AM PDT

आचार्य मधुप भा.रा ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत

विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर विवेकानंद मिश्र ने आचार्य अरुण शास्त्री मधुप को भारतीय राष्ट्रीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच का राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत किया है। उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि आजाद मधु जन्मना ब्राह्मणो ब्राह्मणों के भीतर कल्याण में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को एक सूत्र में पिरो कर संगठन को मजबूत एवं गतिशील आधार प्रदान करेंगे साथ ही समाज में व्याप्त संपूर्ण समस्याओं का अध्ययन एवं निराकरण का प्रयास कौटिल्य मंच के माध्यम से करेंगे।
डॉ मिश्रा ने इनका मनोनयन बिहार के जाने माने कवि साहित्यकार आचार्य राधा मोहन मिश्र माधव, मगध विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष रहे तथा ऑल इंडिया जेड साइंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ बीएन पांडे, राजस्थान भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अशोक शर्मा, राजस्थान जोधपुर हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम शर्मा, महाराष्ट्र भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के सचिव सुश्री गौरी मराठे, विश्वजीत चक्रवर्ती, तारा सुमो चक्रवर्ती, समाजसेवी बिहार प्रदेश भाजपा के चर्चित नेता एवं समाजसेवी सिद्धनाथ मिश्र अधिवक्ता की अनुशंसा पर आचार्य मधुप को राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत किया है। उनके मनोनयन पर संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हार्दिक बधाई दी है जिनमें प्रमुख मगध विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उमेश चंद्र मिश्र शिव आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य रहे डॉ रामेश्वर त्रिपाठी, बसपा के वरिष्ठ नेता राघवेंद्र नारायण यादव, गजाधर लाल पाठक, डॉक्टर नीलम पांडे, वैष्णवी मांडवी गुर्दा,डॉक्टर मंटू मिश्रा, स्वामी ब्रजेंद्र मिश्र, प्रोफेसर वीणा पांडे, बालेंद्र पांडेय, रविभूषण भट्ट, पुष्प लता चौबे, शुभम कुमार गौड़, कविता राऊत, पुष्पा, प्रदीप, नीलम पासवान, उषा गुप्ता, देव कुमार ठाकुर, डॉक्टर जियाउद्दीन, राम भजन चौधरी, सत्या विश्वकर्मा, शंभू गिरी, गुप्तेश्वर ठाकुर, रंजीत पाठक, डॉक्टर ज्ञानेश भारद्वाज, दीपक पाठक अधिवक्ता, डॉक्टर मृदुला मिश्रा, डॉ किरण पाठक, किरण पांडेय, केशव लाल भईया, आशुतोष मिश्र, मोहम्मद मासूक रजनी, चावला रंजना पांडेय आदि प्रमुख हैं।
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