प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षा 2022 हेतु परीक्षा केन्द्रों पर कक्ष निरीक्षण ड्यूटी लगाये जाने के सम्बन्ध में।
- राहत भरा UGC का निर्णय, विश्वविद्यालय में पढ़ाने के लिए PhD नहीं होगी अनिवार्य
- राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड / प्रवक्ता (पुरुष / महिला) संवर्ग के पदों पर लोक सेवा आयोग से चयनित एवं नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान के सम्बन्ध में
- अप्रैल से शिक्षासत्र प्रारंभ करने में जुटा शिक्षा विभाग
- लापरवाही : नए सत्र में पुरानी किताबों से ही पढ़ेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे
- सीबीएसई ने स्कूलों को भेजा 10वीं के छात्रों का रिजल्ट, कम्पार्टमेंट वालों के नतीजे टर्म 2 के बाद
| Posted: 13 Mar 2022 06:56 AM PDT |
| राहत भरा UGC का निर्णय, विश्वविद्यालय में पढ़ाने के लिए PhD नहीं होगी अनिवार्य Posted: 12 Mar 2022 06:18 PM PST राहत भरा UGC का निर्णय, विश्वविद्यालय में पढ़ाने के लिए PhD नहीं होगी अनिवार्य देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाने का ख्वाब देख रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। अब केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाने के लिए पीएचडी की डिग्री अनिवार्य नहीं होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी ) ने पीएचडी की अनिवार्यता को खत्म करने का फैसला किया है। यूजीसी के इस फैसले से संबंधित विषय के विशेषज्ञ यूनिवर्सिटी में पढ़ा सकेंगे। स्टूडेंट्स को भी इसका फायदा मिलेगा। इसके अलावा यूजीसी कई नए और विशेष पदों को सृजित करने की भी योजना बना रहा है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए पीएचडी की आवश्यकता नहीं होगी। टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक ये पद प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस व एसोसिएट प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस हो सकते हैं। इस संबंध में यूजीसी चेयरमैन एम जगदेश कुमार ने कहा, 'कई विशेषज्ञ हैं जो पढ़ाना चाहते हैं। कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है जिसने बड़ी परियोजनाओं को लागू किया हो और जिसके पास जमीनी स्तर का काम करने का अनुभव हो, ये कोई कोई महान नर्तक या संगीतकार भी हो सकता है।' जगदेश कुमार ने कहा, 'लेकिन हम उन्हें मौजूदा नियमों के अनुसार नियुक्त नहीं कर सकते। इसलिए यह स्पेशल पद सृजित करने का फैसला किया गया है जिनके लिए पीएचडी डिग्री की जरूरत नहीं होगी। एक्सपर्ट्स को सिर्फ अपना अनुभव दिखाना होगा।' इस मसले पर यूजीसी अध्यक्ष के साथ केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपतियों (वीसी) की बैठक के दौरान प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नियमों में संशोधन पर काम करने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया गया। बैठक अन्य बातों के अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन में प्रगति पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। इन सबके अलावा यूजीसी की योजना एक ऐसा पोर्टल शुरू करने की भी है जिसके जरिए शिक्षकों की भर्ती का हिसाब-किताब रखा जा सके। इससे शिक्षकों की नियुक्तियों प्रक्रिया में देरी नहीं होगी। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक दिसंबर 2021 तक केंद्र वित्त पोषित संस्थानों में 10 हजार से ज्यादा शैक्षणिक पद खाली पड़े हैं। |
| Posted: 12 Mar 2022 06:13 PM PST |
| अप्रैल से शिक्षासत्र प्रारंभ करने में जुटा शिक्षा विभाग Posted: 12 Mar 2022 05:37 PM PST अप्रैल से शिक्षासत्र प्रारंभ करने में जुटा शिक्षा विभाग कोरोना संक्रमण काल के चलते दो वर्षों से शिक्षण - संस्थाओं में पठन-पाठन पूरी तरह ठप था। मगर अब इसे पटरी पर लाने के लिए एक अप्रैल से प्रारंभ होने वाले शिक्षासत्र में नियमित करने का प्रयास किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से आठ तक के स्कलों में 28 मार्च तक परीक्षा कराने को कहा है और हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में 12 अप्रैल तक परीक्षाएं संपादित कराकर 13 अप्रैल से नया शिक्षासत्र प्रारंभ करने की तैयारी है। शिक्षा सत्र 2019-20 और 2020-21 में कोरोना संक्रमण काल के चलते स्कूलों की परीक्षाएं नहीं हुई। यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड ने अपने स्कूलों के बच्चों को बगैर परीक्षा दिए ही प्रमोट कर दिया। दो वर्षों में ऑफलाइन परीक्षा नहीं होने से सबसे अधिक नुकसान बच्चों का हुआ। वह पास तो हो गए, मगर पढ़ाई के नाम पर सिफर रहे। ऑनलाइन शिक्षा का दावा करने वाले कॉलेजों में अधिकांश ऐसे बच्चे थे। जो गांव में रहते थे और उनके नेट की समस्या के चलते वह ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे। मगर इस वर्ष कोरोना संक्रमण की दर न के बराबर है। ऐसे में सभी स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई प्रारंभ होने के साथ ही परीक्षाएं भी ऑफलाइन हो रही है। अब एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ हो रहा है। शिक्षा विभाग नए सत्र से पढ़ाई को नियमित करने के लिए जुटा हुआ है। यूपी बोर्ड की बोर्ड की परीक्षाएं 24 मार्च से प्रारंभ होकर 12 अप्रैल तक चलेंगी। शासन ने उन कॉलेजों को एक अप्रैल से नया शिक्षासत्र प्रारंभ करने को कहा है, जो बोर्ड परीक्षा में केंद्र नहीं बने हुए हैं। जो कालेज परीक्षा केंद्र बने हैं, उनमें 13 अप्रैल से पठन-पाठन प्रारंभ होगा। |
| लापरवाही : नए सत्र में पुरानी किताबों से ही पढ़ेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे Posted: 12 Mar 2022 04:38 PM PST लापरवाही : नए सत्र में पुरानी किताबों से ही पढ़ेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे बेसिक स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत अप्रैल के प्रथम सप्ताह से होगी, लेकिन विभाग ने अपनी पुरानी व्यवस्था में जरा भी सुधार नहीं किया। इसके चलते बच्चों को नए सत्र में पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करनी होगी। यह भी संभव है कि बच्चों को किताबों के बिना ही कई माह बिताने पड़े। बीते साल भी कई परिषदीय स्कूल में एक ही किताब से दो से तीन बच्चों को पढ़ाई करनी पड़ी थी। बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को हर साल इस परेशानी से दो-चार होना पड़ रहा है। नया सत्र शुरू होने में 20 दिन बचे हैं, लेकिन विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित कराने की तैयारी अभी तक शुरू नहीं की गई है। ऐसे में विद्यार्थियों को अप्रैल में पाठ्य पुस्तकों का वितरण संभव नहीं लग रहा है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में कई विद्यार्थियों को यूनिफार्म, जूता- मोजा, स्कूल बैग और स्वेटर की राशि अब तक नहीं मिली है। नए सत्र में बच्चों को ये सामग्री खरीद कर वितरित की जाएगी या डीबीटी से दी जाएगी, इस पर भी अभी निर्णय नहीं हुआ है। परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को शासन की ओर से निशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाता है। पहली कक्षा में ही एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाना है। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भी पाठ्यक्रम का निर्धारण होना है। लेकिन शासन स्तर से पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन को लेकर अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इसे पूरा करने में करीब एक महीने से अधिक का समय लगेगा। जिस भी फर्म को टेंडर मिलेगा, उसे पुस्तक प्रकाशित कर वितरण के लिए दो महीने का समय देना होगा। ऐसे में मई जून तक ही स्कूलों में किताबें पहुंच सकेंगी। |
| सीबीएसई ने स्कूलों को भेजा 10वीं के छात्रों का रिजल्ट, कम्पार्टमेंट वालों के नतीजे टर्म 2 के बाद Posted: 12 Mar 2022 03:34 PM PST सीबीएसई ने स्कूलों को भेजा 10वीं के छात्रों का रिजल्ट, कम्पार्टमेंट वालों के नतीजे टर्म 2 के बाद CBSE Term-1 Result: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं कक्षा की पहले चरण की परीक्षा के नतीजों की जानकारी स्कूलों को दे दी है। यह जानकारी बोर्ड द्वारा जारी आदेश में दी गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल सीबीएसई ने घोषणा की थी कि वर्ष 2022 में बोर्ड की परीक्षा दो चरण में होगी। पहले चरण में मुख्य विषयों की परीक्षा पिछले साल 30 नवंबर से 11 दिसंबर के बीच हुई थी। बोर्ड ने बताया कि पहले चरण और दूसरे चरण की परीक्षा के भारांक का निर्णय दूसरे चरण की परीक्षा के नतीजे घोषित करने के दौरान किया जाएगा और उसी के अनुरूप अंतिम प्रदर्शन की गणना की जाएगी। सीबीएसई द्वारा 11 मार्च को जारी परिपत्र में कहा गया, '' बोर्ड, स्कूलों को 10वीं कक्षा के उनके विद्यार्थियों के सैद्धांतिक प्रदर्शन के बारे में सामूहिक रूप से अवगत करा रहा है। इसलिए विद्यार्थियों के प्रदर्शन की व्यक्तिगत जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।'' बोर्ड ने कहा कि केवल 'थ्योरी' के अंक भेजे गए हैं क्योंकि आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक परीक्षाओं के नतीजे पहले ही स्कूलों के पास हैं।'' बोर्ड ने कहा कि चूंकि ये पहले चरण की ही परीक्षा है, इसलिए कोई अंकपत्र या पास होने का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है और वे दूसरे चरण की परीक्षा के उपरांत ही जारी किए जाएंगे। बोर्ड ने पहले चरण की परीक्षा को लेकर किसी विवाद की सुनवाई के लिए ऑनलाइन विवाद निपटारा तंत्र की व्यवस्था की है और यह तत्काल उपलब्ध हो गया है। परिपत्र के मुताबिक, शिकायत के लिये ऑनलाइन लिंक 26 मार्च तक कार्य करेगा लेकिन विवाद का निराकरण दूसरे चरण की परीक्षा के बाद ही होगा। बोर्ड ने कहा कि उन विद्यार्थियों के प्रदर्शन को साझा नहीं किया गया है, जो कोविड या किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय परीक्षा या खेल में शामिल होने की वजह से पहले चरण की परीक्षा नहीं दे पाए हैं। बोर्ड ने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों का अंतिम मूल्यांकन दूसरे चरण की परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर होगा। परिपत्र में कहा, '' पहले चरण की परीक्षा में प्रश्न प्रत्रों के दो सेट के बीच कठिनाई के स्तर को दूर करने के लिए जरूरी कदम अंतिम नतीजे तैयार करने के वक्त उठाए जाएंगे।'' परिपत्र के मुताबिक जिन विद्यार्थियों को रिपीट/कम्पार्टमेंट/ उत्तीर्ण श्रेणी में रखा गया है उनके नतीजे दूसरे चरण की परीक्षा के बाद ही घोषित किए जाएंगे। कम्पार्टमेंट परीक्षा दूसरे चरण की परीक्षा के पाठ्यक्रम के आधार पर ली जाएगी। बोर्ड ने इसके साथ ही स्पष्ट किया है कि वह दूसरे चरण की परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र बदलने का विकल्प नहीं देगा। सीबीएसई ने कहा कि पत्राचार या प्राइवेट उम्मीदवार चूंकि दूसरे चरण की परीक्षा में ही शामिल होंगे उनकी प्रायोगिक और सैद्धांतिक परीक्षा के अंक यथानुपात के आधार पर दिए जाएंगे। |
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