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- IPL 2022: आईपीएल में होगी सुरेश रैना की वापसी, इस खास भूमिका में आएंगे नजर
- FD या RD में पैसे निवेश करने की है प्लानिंग, जान लें दोनों के बीच का बड़ा अंतर
- रेलवे ने डिप्लोमा व डिग्री पास के लिए नई भर्ती का नोटिस किया जारी, ये रही आवेदन की जरूरी जानकारी
- घर बैठे आसान तरीके से करें जोड़ों के दर्द का इलाज
- शरीर से आने वाली आवाजों को ना ले हल्के में, हो सकती है भयानक बीमारी
- मच्छर मारने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल हो सकता है हानिकारक
- सोच समझ कर दे दान, दान ही बन सकता अभिशाप
- तुलसी की पूजा इस विधि से करने पर पूरी होंगी इच्छाएं
- अगर आप का मन भी पढ़ाई में नही लगता तो आप के लिए कुछ टिप्स
| IPL 2022: आईपीएल में होगी सुरेश रैना की वापसी, इस खास भूमिका में आएंगे नजर Posted: 16 Mar 2022 07:20 PM PDT भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना 2020 के बाद पहली बार किसी आईपीएल में नहीं खेलेंगे। दो साल पहले उन्होंने अपना नाम खुद टूर्नामेंट से वापस लिया था। इसके बाद 2021 में रैना को फिर से चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से खेलने का मौका मिला। हालांकि, इस बार ऐसा नहीं हुआ। नीलामी में किसी टीम ने उन्हें नहीं खरीदा। पेशेवर क्रिकेट से दूर होने के बाद आईपीएल में रैना अब नई भूमिका में नजर आएंगे। मिस्टर आईपीएल कहे जाने वाले 35 वर्षीय रैना इस बार कमेंट्री करते हुए दिखाई देगें। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रैना भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री के साथ आईपीएल में कमेंटेटर की भूमिका में नजर आएंगे। शास्त्री लंबे समय बाद कमेंट्री बॉक्स में वापसी करेंगे। वे 2015 से टीम इंडिया के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में रहे हैं। उन्होंने पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप के बाद उनका बतौर कोच कार्यकाल समाप्त हो गया था। उनके बाद राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का मुख्य कोच बनाया गया था। रैना एक समय आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। रैना को विराट कोहली ने पीछे छोड़ा था। चेन्नई सुपरकिंग्स में चिन्ना थाला कहे जाने वाले रैना को ब्रॉडकास्टर किसी न किसी रूप में टूर्नामेंट में देखना चाहते थे। उनके नाम 205 मैचों में 5528 रन हैं। वे चेन्नई सुपरकिंग्स के अलावा गुजरात लायंस टीम के सदस्य रह चुके हैं। रैना ने गुजरात की कप्तानी की थी। जहां तक रवि शास्त्री की बात है तो उन्होंने 2017 में पिछली बार कमेंट्री करते हुए नजर आए थे। शास्त्री 1983 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे। उन्होंने टीम इंडिया की कप्तानी भी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, शास्त्री इस बार अंग्रेजी की जगह हिंदी में कमेंट्री करते हुए नजर आएंगे। |
| FD या RD में पैसे निवेश करने की है प्लानिंग, जान लें दोनों के बीच का बड़ा अंतर Posted: 16 Mar 2022 07:15 PM PDT जीवन में हर समझदार व्यक्ति पैसे कमाने के साथ उसकी सेविंग के महत्व को भी समझता है. हर कोई चाहता है कि वह अपनी पैसों को उस जगह सेव करें जिससे उसे ज्यादा से ज्यादा भविष्य में रिटर्न मिल सकें. आज भी देश में एक बड़ा वर्ग है जो किसी जोखिम वाले ऑप्शन्स में निवेश करने के बजाए बैंकों में पैसे रखना ज्यादा पसंद करता है. वैसे तो बैंक में भी आप पैसे अलग-अलग तरह से निवेश कर सकते हैं. लेकिन, एफडी (Fixed Deposit) और आरडी (Recurring Deposit) सबसे कॉमन ऑप्शन में से एक हैं. यह बाजार जोखिमों से अलग होते हैं और आपको अच्छे रिटर्न भी देने में मदद करते हैं. लेकिन, कई बार लोगों को एफडी और आरडी के बीच का फर्क नहीं समझ में आता है. तो चलिए हम आपको एफडी और आरडी के बीच के फर्क के बारे में बताते हैं. इसके बाद आप अपनी जरूरत के अनुसार इन दोनों में से किसी भी ऑप्शन का चुनाव कर सकते हैं- एफडी और आरडी के बीच का फर्क एफडी और आरडी के बीच बहुत बड़ा फर्क होता है. एफडी में ग्राहक एकमुश्त पैसा जमा करता है. इसके बाद बैंक इस पर सालाना के हिलाव से ब्याज ग्राहक को देता है. वहीं आरडी में ग्राहक किश्तों में पैसे जमा कर सकता है. एफडी में पैसे जमा करने के लिए आप 7 दिन से लेकर 10 साल तक के अवधि का चुनाव कर सकते हैं. वहीं आरडी में ग्राहक 6 महीने से लेकर 10 साल तक पैसे निवेश कर सकते हैं. दोनों पर मिलता है अलग-अलग ब्याज आपको बता दें कि एफडी और आरडी पर बैंक अलग-अलग ब्याज दर ऑफर करते हैं. आज के समय में बैंक आरडी में एफडी की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलता है. एफडी में एक साथ अवधि पूरी होने पर पैसे पर ब्याज मिलता . वहीं आरडी में हर महीने या तीन महीने के अनुसार ब्याज मिलता है. एफडी में पैसे एक बार ही जमा होता. वहीं में आरडी हर महीने तय रकम जमा होती है.अगर कोई खाताधारक हर महीने थोड़ी सेविंग करना चाहता है तो वह आरडी के ऑप्शन का चुनाव कर सकता है. वहीं जिन्हें साथ बड़े अमाउंट की रकम सेव करनी है वह एफडी में पैसे निवेश करें. |
| रेलवे ने डिप्लोमा व डिग्री पास के लिए नई भर्ती का नोटिस किया जारी, ये रही आवेदन की जरूरी जानकारी Posted: 16 Mar 2022 07:14 PM PDT RCIL Vacancy 2022 भारतीय रेलटेल कॉर्पोरेशन (RailTel Corporation of India Limited) ने Engineers पदों के लिए भर्ती प्रकाशित की है इक्छुक उम्मीदवार से अनुरोध है की इस सरकारी रोजगार में आवेदन करने से पहले सारी जानकारियां ले उसके बाद ही अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन करे Educational Qualification (शैक्षिक योग्यता) Diploma/ Graduation/ Engineering या इसके सामान उपाधि होने पर भी स्वीकृति है अधिक जानकारी पाने के लिए प्रकाशित नोटिफिकेशन देखे। Name of Posts (पदों के नाम एवं संख्या) रिक्त पदों की संख्या - 103 पद ग्रेजुएट इंजीनियर्स / डिप्लोमा इंजीनियर्स Important Dates (जरुरी तिथि )नौकरी प्रकाशित होने की तिथि: 16-03-2022 आवेदन करने के लिए अंतिम तिथि: 04-04-2022 Age Limit (रोजगार में आयु सीमा) उम्मीदवार की आयु 18 से 27 वर्ष तक होनी चाहिए। कृपया आयु में छूट एवं अन्य जानकारियों के लिए प्रकाशित नोटिफिकेशन देखिये। Selection Process (चयन प्रक्रिया)मेरिट लिस्ट, में परफॉरमेंस के अनुसार इस रोजगार में प्रत्याशी का चयन होगा | Salary (वेतनमान) नोटिफिकेशन के अनुसार प्रकाशित Govt Job में सैलेरी - ग्रेजुएट इंजीनियर्स - ₹14,000/- डिप्लोमा इंजीनियर्स - ₹12,000/- Application Mode (आवेदन प्रक्रिया)इस रोजगार के लिए आपको आवेदन Online करना होगा सभी उपयोगी जानकारियो को ऑफिसियल वेबसाइट में जाकर भरना होगा। आवेदन शुल्क (Application Fees) इस रोजगार में आवेदन शुल्क सम्बंधित जानकारी के लिए प्रकाशित नोटिफिकेशन देखिये। Important LinksNotification PDF Click Here Apply Online Click Here |
| घर बैठे आसान तरीके से करें जोड़ों के दर्द का इलाज Posted: 16 Mar 2022 07:11 PM PDT अक्सर बढ़ती उम्र के साथ शरीर में पौषक तत्वों की कमी होने से कुछ बीमारियां अपना पैर पसार लेती है, जिससे छुटकारा पाना काफी मुश्किल सा हो जाता है। इन्हीं बीमारियों में से एक है जोड़ो का दर्द, जो प्रत्येक घर के लोगों के बीच देखी व सुनी जा सकती है। जोड़ों के दर्द के समय चलना फिलना या फिर सीढ़ी से चढ़ने-उतरने काफी दर्द होता है। जोड़ो में दर्द का कारण: # उम्र का बढ़ना, हड्डियों का कमजोर होना, शरीर में किसी तत्व की कमी होना या फिर किसी गहरी चोट का लग जाना, जोड़ो में तरल पदार्थ की कमी आदि। दर्द के लिए आवश्यक सामग्री: # चार से पांच गाजर # आधा चम्मच काली मिर्च # एक छोटा अदरक का टुकड़ा # आधा चम्मच हल्दी बनाने की विधि: # सबसे पहले गाजर को पानी में अच्छे से साफ करके काट लें। #काली मिर्च, हल्दी और अदरक को एक साथ मिलाकर, इसे गाजर के साथ ब्लेंडर में ब्लेंड करें। # इस मिश्रण का यदि पतला करना है तो इसमें थोड़ पानी की मात्रा को भी मिला दें। # इस मिश्रण का सेवन रोजाना खाना खाने के आधा घंटा पहले दिन में तीन बार 50 से 60 ml तक करें। |
| शरीर से आने वाली आवाजों को ना ले हल्के में, हो सकती है भयानक बीमारी Posted: 16 Mar 2022 07:10 PM PDT कई बार शरीर से आने वाली आवाजों को नजरअंदाज करना किसी गंभीर रोग का एक लक्षण हो सकता है। जैसे कान में अचानक सीटी बजने जैसा महसूस होना, खर्राटे, सांसों की आवाज, पेट में गुडग़ुड़ाहट, जोड़ों का चटकना आना आदि को लंबे समय तक नजरअंदाज करना समस्या को बढ़ा सकता है। # कान: कान में इसका मुख्य कारण कान में फंगल इंफेक्शन होना है। सर्द हवाओं के ज्यादा संपर्क में रहने पर कान में दर्द व झन्नाहट के साथ आवाजें भी आती हैं। कई बार बच्चों या बड़ों को कान की टिनीटस बीमारी से भी ऐसा होता है। # जबड़ों की कटकट: भोजन के दौरान या बातें करते समय अचानक जबड़ों की कटकट आवाज का कारण ऊपर व नीचे के जबड़ों में सही अलाइनमेंट का न होना या जबड़ों के लॉक होने की स्थिति में होता है। # जोड़ों का चटकना: कुछ लोगों में बिना आदत के भी उठने-बैठने के दौरान जोड़ों के चटकने की आवाज आती है। यह जॉइंट्स में लिक्विड की कमी से हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने से गठिया और आर्थराइटिस जैसे रोगों का खतरा रहता है। # पेट से गुडग़ुड़ाहट: इसका मुख्य कारण सही से भोजन न पचना है। इसके अलावा आवाज के साथ दर्द महसूस हो या पेट पर सूजन हो तो यह लिवर से जुड़ी परेशानी हो सकती है। # नाक से आवाज: इसकी वजह नेजल पाथ का ब्लॉक होना है। नाक की संरचना में विकृति से भी कई बार म्यूकस के लगातर जमा होने से ऐसा होता है। # खांसने पर खरखराहट: एलर्जी, फेफड़ों में संक्रमण और गले में कफ के जमने से ऐसी आवाज आती है। लंबे समय तक इस तरह की आवाजें आना अस्थमा के कारण भी होता है। |
| मच्छर मारने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल हो सकता है हानिकारक Posted: 16 Mar 2022 07:09 PM PDT लगभग सभी लोग अपने घर में मच्छर मारने वाली दवाओं का प्रयोग करते है। पर क्या आप जानते है की मच्छर मारने वाली दवाओं का ज़्यादा इस्तेमाल कई बार तो आदमी को ही मार देता हैं। इनमे से निकलने वाली सुगंध मे धीमा जहर है जो धीरे – धीरे शरीर मे जाता रहता है और कई बार आपने भी महसूस किया होगा इसे सुघने से गले मे हल्की-हल्की जलन होने लगती है। ये पहुंचाते है नुकसान: मच्छर बनाने वाली दवाओं में तीन खतरनाक कैमिकल डी एथलीन , मेलफो क्वीन, और फोस्टीन का इस्तेमाल किया जाता है। कएल मे से जो धुआँ निकलता है वो भी बहुत अधिक खतरनाक है अभी एक दो वर्ष पहले की रिपोर्ट मे बताया गया एक कॉइलसे 100 सिगरेट जितना धुआँ निकलता है। सोचिए मच्छर भगाना आपको आपके परिवार को कितना महंगा पर सकता है। आप कर सकते है ये उपाय: # मच्छर भगाने सबसे आसान उपाय है। आप मच्छरदानी का प्रयोग करे और इससे भी एक बढ़िया उपाय है।नीम एक तेल बाजार से ले आए। और उसको दीपक मे डाल कर बत्ती बना कर जला दे। जबतक दीपक जलेगा। एक भी मच्छर आस पास नहीं फड़केगा। एक लीटर नीम का तेल 2 से 3 महीने चल जाता है। और सबसे बढ़िया एक और काम आप कर सकते है। # गाय के गोबर से बनी दूप या अगरबत्ती ले। उसको जलाए सब मच्छर भाग जाएँगे। आजकल काफी गौशाला वाले गोबर से बनी दूप अगरबत्ती आदि बना रहे। ये आसानी से आपको उपलब्ध हो जाएगी। इसे जलाने से भी मच्छर भाग जाते है। |
| सोच समझ कर दे दान, दान ही बन सकता अभिशाप Posted: 16 Mar 2022 07:06 PM PDT हिन्दू धर्म में दान का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। हमारे दैनिक जीवन में हम तरह तरह के दान देते है।अगर भिखारी को कपडे देते है तो दान है, वस्त्र देते है तो दान और मंदिर में चढ़ने वाला चढ़ावा भी दान ही है।हम तो यही जानते है कि दान से पुण्य ही मिलता है। लेकिन ऐसा नही है बिना सोचे-समझे गलत दान से आपका नुकसान भी हो सकता है। कई बार गलत दान से अच्छे ग्रह भी बुरे परिणाम दे सकते हैं। किस राशि के व्यक्ति को कौन-से दान से हो सकता है नुकसान: # मेष- सूर्य का दान न करें, मीठी चीज़ों के दान से बचें। # वृष- शनि का दान न करें, लोहा दान न करें। # मिथुन- शुक्र का दान न करें, हरी चीज़ों के दान से बचें। # कर्क-चन्द्रमा का दान न करें, सोने के दान से बचें। # सिंह- मंगल के दिन दान न करें, भूमि या मिट्टी की चीजों के दान से बचें । # कन्या- बुध का दान न करें, दूध के दान से बचें। # तुला-शनि का और काली चीजों का दान कभी ना करें। # वृश्चिक- मंगल का और पीली चीजों का दान न करें। # धनु- सूर्य का और मीठी चीजों का दान कभी न करें। # मकर- शुक्र का और तेल का दान न करें। # कुंभ-शनि का और हरी चीजों का दान कभी न करें। # मीन- मंगल का और लाल चीजों का दान न करें। # शनिवार को नमक ना ख़रीदे। |
| तुलसी की पूजा इस विधि से करने पर पूरी होंगी इच्छाएं Posted: 16 Mar 2022 07:04 PM PDT तुलसी के पौधे के बारे में हम सभी जानते है और इसके गुणों के से भी अच्छी तरह परिचित है। उसके औषधीय गुणों के बारे में तो आपने काफी कुछ पढ़ा होगा, आज आपको बताते है कि तुलसी का आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। तुलसी का पौधा लगाकर अपने घर के दोषों से मुक्ति पा सकते हैं। # वर्षो पहले से ही घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाने की परम्परा प्रचलित है। महिलायें इसकी प्रतिदिन पूजा करके जल अर्पित करती है। घर से निकलने से पूर्व तुलसी के दर्शन करना शुभ माना जाता है। तुलसी का वृक्ष औषधीय गुणों से परिपूर्ण माना गया है। इनकी पत्तियों में कीटाणु नष्ट करने का एक विशेष गुण है। इसलिये मन्दिरों में चरणोदक जल में तुलसी की पत्तियां तोड़कर डाली जाती है जिससे जल के सारे कीटाणु नष्ट हो जाये और जल शुद्ध हो जाये। तुलसी की पूजा इस प्रकार करे: # यदि कोई भी व्यक्ति तुलसी की माला से किसी भी लक्ष्मी मन्त्र का यथा शक्ति 1 से 11 माला प्रतिदिन जप करे तो धन की प्राप्ति होने लगती है और उसके परिवार में सुख समृद्धि आती है। # व्यक्ति नित्य सुबह के समय स्नान आदि से निवृत होकर तुलसी के नीचे दीपक जलाकर पूजन करेगा। उस जातक के देवदोष समाप्त हो जायेंगे। # एक गमले में एक पौधा तुलसी का तथा एक पौधा काले धतूरे का लगायें। इन दोनों पौधों पर प्रतिदिन स्नान आदि से निवृत होकर शुद्ध जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें। |
| अगर आप का मन भी पढ़ाई में नही लगता तो आप के लिए कुछ टिप्स Posted: 16 Mar 2022 07:02 PM PDT अक्सर हमारा मन पढ़ाई से भटक जाता है और पढ़ने में मन नही लगता, ऐसे में यह उपाय करने से आपका मन पढ़ाई में लगने लगेगा. सोमवार को सरस्वती पूजन करने से पढ़ाई में मन लगता है. सरस्वती जी की प्रतिमा को सफेद सदाबहार के फूल चढ़ाएं. 108 बार सरस्वती मंत्र का जाप करें. सरस्वती मंत्र- "ऊँ सरस्वत्यै नमः" साथ ही चंद्र यंत्र का पूजन करें, चंद्र यंत्र का पूजन करने से चंद्र संबंधित दोष खत्म होते हैं और जीवन में खुशियां आती हैं। साथ ही सोमवार को तुलसी के पौधे में दूध एवं अर्पित दही करें, ऐसा करने से समृद्धि बढ़ती है. तुलसी नामाष्टक का पाठ करें. तुलसी नामाष्टक - "वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी। पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।। एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम। यः पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।। अर्थात् हे वृंदा! आप वृंदावनी, विश्वपूजिता, विश्वपावनी, पुष्पसारा, नंदनीय, तुलसी, कृष्ण जीवनी हो। आपको नमस्कार है। श्री तुलसी के पूजन के समय जो इन 8 नामों का पाठ करता है। वह अश्वमेघ यज्ञ के फल को प्राप्त करता है।" |
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