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- पिता का कर्ज चुकाने के लिए मजबूरन सीखा था फिशबोट चलाना, अब उसी से देश के लिए गोल्ड लाने की तैयारी
- आज होगा ऐलान, उत्तराखंड में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? जानिए किसका नाम है सबसे आगे
- एक-दूसरे की शक्ल देखकर भी खुश नहीं ये खिलाड़ी, अब मजबूरी में साथ खेलना पड़ेगा IPL
- भारतीय सेना में विभिन्न पदों पर नितली भर्ती, यहां से कर पाएंगे आवेदन
- अगर आपके भी बनते-बनते बिगड़ जाते हैं काम, तो रविवार को जरूर करें ये उपाय, फिर देखें कमाल
- सोमवार को जरूर करें इस मंत्र का जाप, भोले भंडारी करेंगे कृपा और बन जाएंगे बिगड़े काम
- 35 की उम्र तक पिता बनने के होते हैं कुछ बड़े फायदे, जानिए वजह
- अगर पैंट की जेब में रखते हैं मोबाइल, तो हो जायें सावधान
- गर्मी के कहर के बीच आज यहां होगी बारिश
- सोमवार इन उपायों के करते ही दूर हो जाएंगे सारे दुख
| पिता का कर्ज चुकाने के लिए मजबूरन सीखा था फिशबोट चलाना, अब उसी से देश के लिए गोल्ड लाने की तैयारी Posted: 20 Mar 2022 07:05 PM PDT 17 वर्षीय कावेरी धिमार, जो कभी अपनी बहनों के साथ अपने पिता के कर्ज को चुकाने के लिए बांध के बैकवाटर में मछली पकड़ने के लिए नाव चलाती थी, अब भारत की शीर्ष महिला कैनोर्स में से एक हैं. कावेरी ने 31वीं राष्ट्रीय सीनियर कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप में मध्य प्रदेश के लिए सात स्वर्ण पदक जीता और अब वह 24 से 27 मार्च 2022 तक थाईलैंड में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. पहले कावेरी की कोई पहचान नहीं थी, लेकिन 2017 में स्पोर्ट्स टैलेंट हंट में उनकी प्रतिभा सामने आई और इसके बाद एमपी वाटरस्पोर्ट्स एकेडमी में उन्होंने तैयारी शुरू कर दी. एक ऐसे खेल में जहां लंबा होना एक बड़ा फायदा माना जाता है, लेकिन कम कद वाली कावेरी ने साबित कर दिया है कि वह ज्वार के खिलाफ चल सकती हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान कावेरी ने बताया कि यह हमेशा से मेरा सपना रहा है कि मैं भारतीय तिरंगे को वैश्विक कैनोइंग जल में प्रतिनिधित्व करूं. मेरी मेहनत की वजह से अब यह सपना सच हो गया है. कावेरी का परिवार मूलरूप से राजधानी भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर सीहोर जिले के मंडी गांव में रहता है. कावेरी सात बहनों और दो छोटे भाइयों में पांचवें स्थान पर हैं. उनका परिवार मछुआरे समुदाय से हैं. उनके परिवार के पास कोई जमीन भी नहीं है. परिवार का खर्च मछली पकड़ने से आने वाले पैसे से चलता है. कावेरी के मुताबिक जब वह 2017 में अकादमी में शामिल हुईं, उससे पहले उनके पिता के ऊपर 45000 रुपए का कर्ज था. हालांकि, बहनों की मदद से मछली पकड़कर वह कर्ज चुकाने में कामयाब हुईं. गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें 11 लाख रुपए का चेक भेंट किया. इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा "खेलते रहो, और जीतते रहो, हम हर कदम पर तुम्हारे साथ हैं,'' इस दौरान वहां उपस्थित खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, जिन्हें कावेरी अपना "प्रेरक और संरक्षक" मानती हैं, ने कहा "कावेरी ने साबित कर दिया है कि जहां चाह है, वहां राह है. उन्होंने कई मौकों पर राज्य को गौरवान्वित किया है. वह अन्य के लिए मिसाल हैं. वहीं, कावेरी ने कहा "यह सिंधिया जी के नियमित मार्गदर्शन और समर्थन कि ही देन है कि मैं इस स्तर पर पहुंच सकी हूं. क्योंकि मध्य प्रदेश वाटरस्पोर्ट्स अकादमी के बिना, यह संभव नहीं था," वहीं, यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि सीएम के इनाम से अन्य एथलीटों को प्रोत्साहन मिलेगा, सरकार उन्हें और अन्य एथलीटों को हर संभव मदद देगी. |
| आज होगा ऐलान, उत्तराखंड में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? जानिए किसका नाम है सबसे आगे Posted: 20 Mar 2022 07:03 PM PDT उत्तराखंड (Uttarakhand) में विधान सभा चुनाव जीतकर बीजेपी (BJP) ने इतिहास रच दिया है. लेकिन इस पहाड़ी राज्य का मुख्यमंत्री (CM) किसे बनाया जाएगा ये अभी तक साफ नहीं है. इसकी वजह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) का चुनाव हार जाना है. वो खटीमा विधान सभा सीट से चुनाव हार गए हैं. बहरहाल उत्तराखंड में आज (सोमवार को) बीजेपी विधायक दल की बैठक (Legislature Party Meeting) बुलाई गई है. देहरादून में होने वाली इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह केंद्रीय पर्यवेक्षक और विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी सह पर्यवेक्षक के रूप में शिरकत करेंगी. उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला आज हो जाएगा. मुख्यमंत्री बनने की रेस में कौन-कौन है?सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कार्यवाहक सीएम पुष्कर सिंह धामी सबसे आगे हैं. रविवार को यूपी, गोवा और उत्तराखंड में सरकार गठन को लेकर पीएम मोदी ने अहम बैठक की. इसमें गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे. उत्तराखंड के भावी सीएम के तौर पर पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ नेता सतपाल महाराज और पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के नाम पर विचार किया जा रहा है. आज होगी विधायक दल की बैठक उत्तराखंड में आज विधायक दल की बैठक होगी जिसमें मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाई जाएगी. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बताया कि आज विधान सभा में सभी नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण होगा और इसके बाद विधायक दल की बैठक होगी. नवनिर्वाचित विधायकों को प्रोटेम स्पीकर बंशीधर भगत आज सुबह 11 बजे शपथ दिलाएंगे. बैठक में सीएम के नाम पर लगेगी मुहर उत्तराखंड में बीजेपी के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि बीजेपी ने विधायक दल की बैठक पार्टी कार्यालय पर आज शाम 4 बजे बुलाई है. इस बैठक में मुख्यमंत्री को चुना जाएगा. |
| एक-दूसरे की शक्ल देखकर भी खुश नहीं ये खिलाड़ी, अब मजबूरी में साथ खेलना पड़ेगा IPL Posted: 20 Mar 2022 07:01 PM PDT IPL 2022 में दो ऐसे खिलाड़ी एक ही टीम के लिए साथ खेलेंगे, जो एक-दूसरे की शक्ल देखकर भी खुश नहीं हैं. ये 2 खिलाड़ी एक-दूसरे के साथ पहले भी भिड़ चुके हैं और उनके बीच गाली गलौच तक हो चुकी है. एक-दूसरे की शक्ल देखकर भी खुश नहीं ये खिलाड़ी IPL 2022 में हार्दिक पांड्या के बड़े भाई क्रुणाल पांड्या अपने सबसे बड़े दुश्मन दीपक हुडा के साथ लखनऊ सुपरजायंट्स टीम के लिए साथ खेलेंगे. क्रुणाल पांड्या को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 8.25 करोड़ रुपये में खरीदा था. पूरी उम्मीद थी कि क्रुणाल पांड्या को उनके छोटे भाई हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस टीम खरीद लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब अपने इस दुश्मन के साथ खेलेंगे क्रुणाल पांड्या क्रुणाल पांड्या का बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये था, उनके लिए चेन्नई सुपर किंग्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और हैदराबाद ने बोली लगाई. क्रुणाल पांड्या के भाई हार्दिक पंड्या की टीम गुजरात ने भी एक बार ही बोली लगाई, लेकिन अंत में लखनऊ सुपर जायंट्स ने 8.25 करोड़ रुपये में खरीद लिया. इससे पहले लखनऊ टीम ने क्रुणाल पांड्या के सबसे बड़े दुश्मन दीपक हुड्डा को पौने छह करोड़ रुपये में खरीदा था. दीपक हुड्डा और क्रुणाल पांड्या के बीच हुई थी गाली-गलौज बड़ौदा के लिए खेलने वाले दीपक हुड्डा ने साल 2021 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से पहले टीम से हटने का फैसला किया था. दीपक हुड्डा ने आरोप लगाया था कि बड़ौदा टीम के कप्तान क्रुणाल पंड्या ने उन्हें गाली दी थी. दीपक हुड्डा ने आरोप लगाया था कि क्रुणाल पंड्या ने उन्हें करियर खत्म करने तक की धमकी दी थी. अभद्र भाषा का हुआ था प्रयोग इसके बाद दीपक हुड्डा ने बड़ौदा से नाता तोड़ दिया और राजस्थान चले गए. दीपक हुड्डा ने आरोप लगाया था कि इस समय मैं निराश, उदास और दबाव में हूं. मेरी टीम के कप्तान क्रुणाल पंड्या टीम के साथी खिलाड़ियों और अन्य राज्य की टीमों के सामने मेरे लिए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. |
| भारतीय सेना में विभिन्न पदों पर नितली भर्ती, यहां से कर पाएंगे आवेदन Posted: 20 Mar 2022 06:55 PM PDT भारतीय सेना में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका सामने आया है। इंडियन आर्मी ने कुक और अन्य पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। योग्य उम्मीदवार भारतीय सेना की आधिकारिक साइट indianarmy.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि विज्ञापन के प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों के भीतर है। यह भर्ती अभियान संगठन में 14 पदों को भरेगा। उम्मीदवार सामान्य डाक के माध्यम से आवेदित पद के सामने उल्लिखित पते पर एक लिफाफे में ठीक से सील किए गए आवेदनों को अग्रेषित करेंगे। पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य विवरणों के लिए नीचे पढ़ें। पदों का विवरण: रसोइया: 9 पद दर्जी: 1 पद नाई: 1 पद रेंज चौकीदार: 1 पद सफाईवाला: 2 पद पात्रता मापदंड: जो उम्मीवार इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं वे उनको ऑफिशियल नोटिफिकेशन चेक करने की सलाह दी जाती है। उम्मीदवार की आयु अनारक्षित वर्ग के लिए 18 से 25 वर्ष, ओबीसी वर्ग के लिए 18 से 28 वर्ष और एससी/एसटी वर्ग के लिए 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। कहां से आवेदन करें? उम्मीदवारों को आवेदन करने की अंतिम तिथि से पहले भरे हुए आवेदन पत्र को कमांडेंट, ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर, जबलपुर (एमपी) पिन - 482001 पर भेजना चाहिए। अधिक संबंधित विवरण के लिए उम्मीदवार भारतीय सेना की आधिकारिक साइट देख सकते हैं। |
| अगर आपके भी बनते-बनते बिगड़ जाते हैं काम, तो रविवार को जरूर करें ये उपाय, फिर देखें कमाल Posted: 20 Mar 2022 06:53 PM PDT अगर आपका भी काम बनते-बनते बिगड़ जाता है तो परेशान होने की कोई बात नहीं है। धर्मशास्त्रों के जानकारों के मुताबिक ऐसा सूर्य (Sun) के कमजोर होने से होता है। ऐसे में आपको अपने सूर्य (Sun) को मजबूत करने की जरूरत है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति प्रतिदिन सुबह सूर्य देव (Surya Dev) को अर्घ्य (Arghya) देता है, उसे कभी किसी चीज की कमी नहीं रहती। अगर आपके लिए हर रोज ऐसा करना संभव न हो तो रविवार (Sunday) की सुबह ये काम जरूर करें। क्योंकि रविवार (Sunday) को सूर्य देव (Surya Dev) का दिन माना जाता है। तांबे लोटे में चावल, लाल रंग के फूल और लाल मिर्च के कुछ दाने डालकर सूर्य देव (Surya Dev) को अर्घ्य दें। संभव हो तो जल अर्पित करते समय इस मंत्र का जाप करें.. ॐ सूर्याय नम: ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः ऊँ घृणि: सूर्यादित्योम ऊँ घृणि: सूर्य आदित्य श्री ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय: नम: रविवार (Sunday) को जरूर करें ये काम.. - सामर्थ्य के मुताबिक तांबे के बर्तन, लाल कपड़े, गेंहू, गुड़ और लाल चंदन का दान करें - सूर्य देव (Surya Dev)को कभी भी बिना स्नान के जल अर्पित न करें - सूर्य देव (Surya Dev)को जल अर्पित करने के लिए जल में रोली या लाल चंदन और लाल पुष्प डाल सकते हैं - सूर्य देव (Surya Dev) को अर्घ्य (Arghya) देते समय स्टील, चांदी, शीशे और प्लास्टिक बर्तनों का प्रयोग न करें। |
| सोमवार को जरूर करें इस मंत्र का जाप, भोले भंडारी करेंगे कृपा और बन जाएंगे बिगड़े काम Posted: 20 Mar 2022 06:49 PM PDT आज सोमवार है। सोमवार को भोलेभंडारी का दिन माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा, आधारना या फिर व्रत रखने से विशेष लाभ प्राप्त होगा। मान्यता के मुताबिक सोमवार के दिन व्रत और पूजा करने से शिव जी अपने भक्तों पर बहुत जल्द खुश होते हैं। वे भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। व्रत और पूजा करने वालों के जीवन से दुख, रोग, क्लेश व आर्थिक तंगी दूर होती है। कुवांरी कन्याओं द्वारा इस दिन व्रत व शिव पूजन किए जाने से उनका विवाह हो जाता है। इतना ही नहीं उन्हें भोलेनाथ जैसा मनचाहा वर मिलता है। सोमवार के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद मंदिर जाएं या घर पर ही विधिविधान से शिव जी की पूजा करें। सबसे पहले भगवान शिव के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल और दूध से स्नान कराएं। इसके बाद उन पर चंदन, चावल, भांग, सुपाड़ी, बिल्वपत्र और धतूरा चढ़ाएं। भोग लगाने के बाद आखिरी में शिव जी की विधि विधान से आरती करें। सोमवार को अगर भक्तजन इस एक विधि से पूजन करेंगे तो भगवान शिव मेहरबान होंगे और सभी परेशानियां दूर करके मनोकामनाएं पूरी करेंगे। भगवान शिव जिन्हें जल्दी प्रसन्न हो जाने के कारण आशुतोष भी कहते हैं उनकी पूजा दूध, दही, मधु, चावल, पुष्प और गंगाजल से करें। कहते हैं कि भगवान शिव एक लोटा जल में भी प्रसन्न होने वाले देवता हैं। यदि कोई व्यक्ति शिवजी की कृपा प्राप्त करना चाहता है तो उसे रोज शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए। विशेष रूप से सावन के हर सोमवार शिवजी का पूजन करें। इस नियम से शिवजी की कृपा प्राप्त की जा सकती है। भगवान की प्रसन्नता से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और परेशानियों दूर सकती हैं। सोमवार को सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि नित्य कर्मों से निवृत्त होकर शिवजी के मंदिर जाएं। मंदिर पहुंचकर भगवान के सामने व्रत का संकल्प लें। इस व्रत में एक समय रात्रि में भोजन चाहिए। दिन फलाहार किया जा सकता है। साथ ही दूध का सेवन भी किया जा सकता है। संकल्प के बाद शिवलिंग पर जल अर्पित करें। गाय का दूध अर्पित करें। इसके बाद पुष्प हार और चावल, कुमकुम, बिल्व पत्र, मिठाई आदि सामग्री चढ़ाएं। सावन के महीने में शिव पूजन के साथ ही शिव मंत्र ऊँ महाशिवाय सोमाय नम:। या शिव मंत्र ऊँ नम: शिवाय। मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। जप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग सर्वश्रेष्ठ रहता है। शिव परिवार (प्रथम पूज्य श्री गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय, नंदी, नाग देवता) का भी पूजन |
| 35 की उम्र तक पिता बनने के होते हैं कुछ बड़े फायदे, जानिए वजह Posted: 20 Mar 2022 06:48 PM PDT आपने देखा होगी कि डॉक्टर ज्यादातर सलाह देते हैं कि स्वस्थ संतान के लिए महिलाओं को 35 की उम्र से पहले मां बनना चाहिए, लेकिन, एक शोध में के मुताबिक कहा गया है गया है कि पुरुषों को भी 35 साल की आयु तक पिता बन जाना चाहिए। 35 तक पिता बन जाने से होने वाले बच्चों में बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। पुरुषों के संबंध में नहीं मिली ऐसी कोई जानकारी अब तक यही माना जाता रहा है कि जितनी ज्यादा आयु में महिलाएं संतान पैदा करती हैं, बच्चे की सेहत के लिए उतना ही खतरा होता है, लेकिन, पुरुषों को बारे में ऐसी कोई बात नहीं है। ताजा शोध बताते हैं कि पिता की उम्र का भी संतान की सेहत पर उतना ही प्रभाव रहता है, जितना मां की उम्र का। मतलब यह हुआ कि उम्र के बढ़ने के साथ पुरुषों के वीर्य की गुणवत्ता घटती रहती है और यह बीमारियों को भी अंजाम देती है। सिजोफ्रीनिया का रहता है खतरा बायोलॉजिकल साइकाइट्री नाम की एक विज्ञान पत्रिका में छपे एक शोध के अनुसार पिता की उम्र ज्यादा होने का सीधा संबंध सिजोफ्रीनिया के साथ भी देखने को मिला है। सिजोफ्रीनिया एक ऐसी मानसिक बीमारी है, जिसमें व्यक्ति का बर्ताव सामान्य नहीं रहता है। तार्किक रूप से चीजों को सोचने या समझने की क्षमता नहीं बचती, शोध करने वाले चाइना मेडिकल यूनिवर्सिटी के शी हेंग वांग का इस बारे में कहना है, पिता की उम्र में हर दस साल की बढ़ोतरी से संतान में सिजोफ्रीनिया का खतरा 30 फीसदी और बढ़ जाता है। बच्चों के लिए हो सकती है परेशानी शोध के अनुसार पुरुषों की उम्र 35 से ज्यादा होने से संतान को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मिसाल के तौर पर 40 की उम्र से ज्यादा वालों की संतान को 30 की उम्र से कम वालों की तुलना में ऑटिज्म का खतरा 5.75 फीसदी ज्यादा दर्ज किया गया। इसके अलावा इन संतानों में एडीएचडी यानी अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर, साइकॉसिस, बायपोलर डिसऑर्डर, खुदकुशी की कोशिश और नशे की लत जैसे खतरे भी दर्ज किए गए। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक सर्वेक्षण में 2007 से 2016 के बीच पैदा हुए चार करोड़ से ज्यादा बच्चों का आंकड़ा जमा किया गया। इसमें देखा गया कि ज्यादा उम्र के पिता की संतान को कई मामलों में जन्म के वक्त आईसीयू में रखना पड़ा या फिर उनका वक्त से काफी पहले ही जन्म हो गया और ऐसे बच्चों का वजन भी 35 साल से कम उम्र के पिताओं की संतानों की तुलना में कम रहा। इतना ही नहीं इससे महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान मधुमेह का खतरा भी ज्यादा रहा। खास कर 55 साल की उम्र से ज्यादा वाले पुरुषों के मामलों में महिलाओं को जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा 34 फीसदी ज्यादा देखा गया। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर माइकल आइजनबर्ग का कहना है, हम जानते हैं कि जैसे-जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती है, बच्चे के लिए खतरा भी बढ़ता रहता है लेकिन, यह शोध हमें ये प्रमाण दे रहा है कि पिता की उम्र का भी असर होता है। कुल मिला कर मां और पिता दोनों की उम्र 35 से कम हो, तो बच्चों की सेहत बेहतर रहती है। वैज्ञानिक पहलुओं के अलावा बच्चों पर माता-पिता की उम्र के सामाजिक असर पर भी अध्ययन होते रहे हैं। संतान की शिक्षा का स्तर भी उतना ही ज्यादा होता है। बहुत कम उम्र में शादी हो जाने के कारण जो महिलाएं खुद ही उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाती हैं, वे खुद को और अपने परिवार के हकों को ले कर बहुत जागरूक नहीं होती हैं और ऐसे में उनके बच्चे भी बहुत ज्यादा शिक्षित नहीं हो पाते हैं।बच्चों को खतरा |
| अगर पैंट की जेब में रखते हैं मोबाइल, तो हो जायें सावधान Posted: 20 Mar 2022 06:46 PM PDT मोबाइल फोन से निकलने वाला रेडियशन हमारे स्वास्थ पर बुरा प्रभाव डालता है। अगर आप मोबाइल फोन को अपने जेब में रखते हैं तो यह आपके प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है। इस इस बारे में पहले से ही काफी चर्चा है कि हाई SAR (स्पेसिफिक अब्जॉर्प्शन रेट) वैल्यू वाले बॉडी को सेल्यूलर लेवल पर नुकसान पहुंचाते हैं। खासकर तब जब अपने फोन को कानों पर लगाकर घंटों बात करते हैं। लेकि अब इस विषय पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया कि स्मार्टफोन से निकलने वाले रेडिएशन स्पर्म को भी नुकसान पहुंचाते हैं। स्पर्म काउंट पर सेल फोन रेडिएशन के प्रभावों को निर्धारित करने के लिए कई रिसर्च किए गए हैं। सेंट्रल यूरोपियन जर्नल ऑफ यूरोलॉजी में 2014 के रिसर्स में पाया गया कि जिन पुरुषों ने अपने फोन को लंबे समय तक सामने की जेब में रखा, उनमें स्पर्म की संख्या कम थी और DNA फ्रैंगमेंटेशन के साथ स्पर्म सेल्स की संख्या ज्यादा थी। शोध के निष्कर्ष के अनुसार, ऐसे पुरुष जो पिता बनने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं, खासकर जब उन्हें फर्टिलिटी की समस्या मौजूद हो, तो बेहतर होगा कि ट्राउजर की जेब में मोबाइल फोन को लंबे समय तक रखने से बचें। vox.com की एक रिपोर्ट को माने तो कहती है कि फर्टिलिटी के लिहाज से महिलाओं की तुलना में फोन रेडिएशन का ज्यादा असर पुरुषों पर होता है। ऐसा स्पर्म और ओवरी की लोकेशन की वजह से होता है। ओवरी महिलाओं के शरीर में काफी अंदर मौजूद होते हैं जहां तक रेडिएशन का असर आसानी से नहीं पहुंच पाता। दूसरी तरफ पुरुषों की बॉडी में स्पर्म सेल्स टेस्टिस में मौजूद होते हैं जो बॉडी के बाहर होता है। ऐसे में रेडिएशन का असर महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज्यादा तेजी से होता है। |
| गर्मी के कहर के बीच आज यहां होगी बारिश Posted: 20 Mar 2022 06:44 PM PDT देश के अधिकांश हिस्से में पिछले एक सप्ताह से अचानक गर्मी काफी बढ़ गई है। आलम यह है कि गर्मी ने लोगों को पंखे के साथ ही एसी चलाने पर मजबूर कर दिया है। जिस तरह तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है उससे लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर मार्च में ही मई-जून जैसी गर्मी कहां से आ गई। अगर इसी तरह से तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा तो दिल्ली एनसीआर समेत देश के कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने के आसार हैं। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आज भी मौसम साफ रहेगा। इस दौरान मध्यम गति से हवा भी चलेगी। मौसम के जानकारों की मानें तो अभी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं है। आने वाले दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होगा। 'स्काईमेट वेदर' के महेश पलावत के मुताबिक अभी कुछ दिनों तक लोगों गर्मी झेलनी पड़ेगी। मौसम की मौजूदा स्थिति सामान्य नहीं है। इस बार गर्मी समय से पहले आई है। मार्च के अंत में राजस्थान में विपरीत चक्रवाती हवाओं का दौर बनता है, जो कि इस बार पहले बन गया। किसी तरह का पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय नहीं रहा है। इसकी वजह से थार मरुस्थल और मध्य पाकिस्तान से गर्म हवाएं आने लगीं। सूखी हवा और आसमान साफ होने की वजह से भी न्यूनतम और अधिकतम तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। वहीं मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि एक पश्चिमी विक्षोभ लद्दाख और आस-पास के इलाकों सक्रिय है। जिसके चलते पश्चिमी हिमालयी इलाकों हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं, एक ट्रफ रेखा विदर्भ के ऊपर सर्कुलेशन से दक्षिण तमिलनाडु तक फैली हुई है। जिसके चलते केरल और दक्षिण कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस बीच बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर पर चक्रवाती तूफान आसनी का खतरा लगतार बढ़ता जा रहा है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर पर कल निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिसका अगले कुछ घंटों में और अधिक तीव्र होने की आशंका है। इसके चलते कुछ इलाकों में तेज हवाओं के भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ स्थानों पर बेहद ही भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। निकोबार द्वीप समूह में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई जा रही है। |
| सोमवार इन उपायों के करते ही दूर हो जाएंगे सारे दुख Posted: 20 Mar 2022 06:41 PM PDT आज साल 2022 के मार्च महीने का तीसरा और चैत्र महीने का पहला सोमवार है। पुरातन काल से ही सोमवार का संबंध भोले नाथ से रहा है। इस दिन को भेले भंडारी (Bhole Bhandari) के भक्त खास मानते हैं और उनकी अराधना करते हैं। मान्यता के मुताबिक सोमवार के दिन व्रत और पूजा करने से शिव जी (Shivji) अपने भक्तों पर बहुत जल्द खुश होते हैं। वे भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। व्रत और पूजा करने वालों के जीवन से दुख, रोग, क्लेश व आर्थिक तंगी दूर होती है। कुवांरी कन्याओं द्वारा इस दिन व्रत व शिव पूजन किए जाने से उनका विवाह हो जाता है। इतना ही नहीं उन्हें भोलेनाथ (Bholenath) जैसा मनचाहा वर मिलता है। सोमवार के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद मंदिर जाएं या घर पर ही विधिविधान से शिव जी की पूजा करें। सबसे पहले भगवान शिव के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल और दूध से स्नान कराएं। इसके बाद उन पर चंदन, चावल, भांग, सुपाड़ी, बिल्वपत्र और धतूरा चढ़ाएं। भोग लगाने के बाद आखिरी में शिव जी की विधिविधान से आरती करें। सोमवार को जरूर करें ये काम (Somvar Ke Upay) ... - मंदिर में जाकर शिव जी को दूध और मिश्री चढ़ाएं। अगर मंदिर न जा सके तो शिव जी को घर में ये चीजें अर्पित करें - शिव जी को बिल्पपत्र सर्वाधिक प्रिय है। इसलिए अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए सोमवार को शिव शंकर को 11 बिल्व पत्र चढ़ाएं - इसके अलावा गंगाजल से उनका हर सोमवार अभिषेक करें। मान्यता है कि इससे भगवान शंकर शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं - ॐ नम शिवाय मंत्र के साथ इन्हें मौसम का कोई मीठा फल अर्पित करें - मान्यता के मुताबिक शिव जी को इमरती चढ़ाकर भी प्रसन्न किया जा सकता है। भोलेनाथ को इन चीजों से है प्रेम अगर आप भोले नाथ की पूजा कर रहे हैं तो ध्यान रखें की जब आप उन्हें चावल अर्पित करें तो चावल के दाने टूटे हुए नहीं होने चाहिए। वहीं शिव जी को नारियल भी बेहद पसंद है तो आप उन्हें नारियल चढ़ा सकते हैं। पूजा करते वक्त कभी काले वस्त्र धारण ना करें, अगर आपके पास हरा रंग का वस्त्र है तो आप उसे पहनकर पूजा कर सकते हैं। इसके अलावा केसरिया,पीला,लाल और सफेद वस्त्र भी आप धारण कर सकते हैं। सोमवार के दिन शिवजी को खास तौर पर चंदन, अक्षत, बिल्व पत्र, धतूरा या आंकड़े के फूल चढ़ाएं। ये सभी चीजें भगवान शिव की प्रिय हैं। इन्हें चढ़ाने पर भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते है। सोमवार के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप 108 बार करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भूलकर भी शिव पर न चढ़ाएं ये चीज (Somwar Ke Totke) - मान्यता है कि शिवजी को सफेद रंग के फूल पसंद होते हैं, पर वहीं केतकी का फूल सफेद होने के बावजूद शिवजी की पूजा में नहीं प्रयोग होता है। - भगवान शिव की पूजा में शंख से जल अर्पित करने का विधान भी नहीं , इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग भी वर्जित माना गया है। साथ ही शिव पूजा में तिल का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि तिल भगवान विष्णु के मैल से उत्पन्न हुआ माना जाता है, ऐसे में तिल भगवान विष्णु को तो अर्पित किया जाता है पर शिव जी को नहीं चढ़या जाता। सोमवार को न करें ये काम (Somwar Ke Totke) किसी दूसरे के धन और स्त्री पर नजर रखना, चोरी करना, जुआ खेलना, माता-पिता और देवी-देवताओं का सम्मान न करना एवं साधु संतों से अपनी सेवा करवाने वाले व्यक्ति से भगवान शिव अप्रसन्न रहते हैं। ऐसे में इन कार्यों का त्याग करने का संकल्प लेकर सोमवार के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास उपाय करने चाहिए। सोमवार के दिन पूजा करते हुए काले कपड़े भूलकर भी नहीं पहननें चाहिए, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं की माने तो भगवान शिव को काला रंग पसंद नहीं है और काले रंग के वस्त्रों से वे क्रोधित हो जाते हैं, ऐसे में शिव पूजा के दौरान काले कपड़े पहनने से हमेशा बचें और कोशिश करें कि सोमवार को शिव पूजा में हरा, लाल, सफ़ेद, केसरिया, पीला या आसमानी रंग के वस्त्र ही धारण करें। |
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