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Sunday, March 27, 2022

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किन्नौर में आग लगने से दो मकानों के नौ कमरे व तीन गोशालाएं राख

Posted: 27 Mar 2022 07:16 PM PDT

किन्नौर में आग लगने से दो मकानों के नौ कमरे व तीन गोशालाएं राख

Fire Incident Kinnaur, जिला किन्नौर के कल्पा खंड के सापनी गांव में रविवार सुबह दो मकानों में अचानक आग लगने से लाखों की संपत्ति जलकर राख हो गई है। इस अग्निकांड में किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है, परंतु दो परिवारों का मकानों सहित लाखों का सामान जल गया है।

रविवार सुबह लगभग नौ बजे सापनी गांव के जितेंद्र के मकान में अचानक आग लग गई और यह आग फैलते-फैलते साथ लगते विनय सिंह व प्यारे लाल के मकान में भी फैल गई। जैसे ही ग्रामीणों को आग लगने की सूचना मिली तो अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और ग्रामीण इक_े होकर आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे। साथ ही इसकी सूचना अग्निशमन विभाग रिकांगपिओ व जेएसडब्ल्यू कंपनी को दी, परंतु हवा चलने के कारण आग और तेजी से फैलती गई। आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन केंद्र रिकांगपिओ, जेएसडब्ल्यू व शोंगठोंग आर्मी से 136 ओएमसी आर्मी फायर स्टाफ से दमकल की गाडिय़ां मौके पर पहुंची व लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

इस अग्निकांड में विनय के लकड़ी से बने दो मंजिला मकान के चार कमरे, तीन गोशालाएं व वहां रह रहे नेपाली मूल के एक व्यक्ति का सामान तथा जितेंद्र के चार मंजिला पक्के मकान की सबसे ऊपर वाली मंजिल के पांच कमरे व उसमें रखा सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया है।

वहीं, घटना की सूचना मिलते ही प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी व एसडीएम कल्पा व राजस मौके पर पहुंचे व स्थिति का जायजा लिया। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है तथा राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को 20 हजार व नेपाली मूल के व्यक्ति को 10 हजार रुपये की फौरी राहत राशि दी गई है।

पुरुषों में स्पर्म पर लगाम लगाने के लिए आया नया तरीका, प्रेग्नेंसी का नहीं रहेगा डर

Posted: 27 Mar 2022 07:14 PM PDT

पुरुषों में स्पर्म पर लगाम लगाने के लिए आया नया तरीका, प्रेग्नेंसी का नहीं रहेगा डर

अभी तक सिर्फ महिलाओं के लिए ही मार्केट में गर्भनिरोधक गोलियां मिलती थी लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने पुरुषों के लिए भी गर्भनिरोधक गोली बनाई है जो 99 फीसदी तक प्रेग्नेंसी रोकने में सफल बताई जा रही है. चूहों पर इस गोली की टेस्टिंग की गई जिसके बाद उनमें किसी भी तरह के कोई साइड इफेक्स नजर नहीं आए. वैज्ञानिकों ने इस नॉन हार्मोनल ड्रग का नाम YCT529 रखा है. YCT529 को लगभग चार हफ्तों तक चूहों को दिया गया. चार हफ्तों के बाद इस गर्भनिरोधक को रोकने के बाद सभी चूहों के फिर से बच्चे हुए.

चूहों पर शोध के बाद मिनेसोटा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक अब इस नॉन हार्मोनल ड्रग के ह्यूमन ट्रायल की प्लानिंग कर रहे हैं. इस ड्रग से पुरुषों के शरीर में एक तरह के प्रोटीन को रोका जाता है जिससे शुक्राणुओं को रोका जा सकता है. इससे पहले ब्रिटेन में भी पुरुषों पर गर्भनिरोधक गोलियों का परीक्षण किया गया था, लेकिन इस शोध का नेतृत्व करने वाली प्रोफेसर गुंडा जॉर्ज का कहना है कि यह YCT529 नॉन हार्मोनल ड्रग पुरुषों के लिए काफी ज्यादा इफेक्टिव है.

बता दें कि 1950 से ही वैज्ञानिक पुरुषों के लिए गोलियां, जेल और इंजेक्शन जैसे गर्भनिरोधक तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन अभी तक इनमें से किसी को भी अप्रूवल नहीं मिल पाया.


इसमें सबसे बड़ी बाधा यह है कि महिलाओं के लिए आने वाली गर्भनिरोधक गोलियां ओव्यूलेशन को रोककर काम करती हैं, जो महीने में एक बार होता है. लेकिन लाखों शुक्राणुओं के उत्पादन को रोकने के लिए पुरुषों को इन गर्भनिरोधक का सेवन रोज करना होगा.

क्लिनिकल टेस्टिंग से गुजरने वाली ये गर्भनिरोधक गोलियां पुरुषों के टेस्टेस्ट्रॉन को टारगेट करती हैं. यह गर्भनिरोधक पुरुषों के सेक्स हार्मोन को ब्लॉक करती हैं ताकि हेल्दी स्पर्म सेल्स ना बन सकें. डॉक्टर्स का कहना है कि टेस्टेस्ट्रॉन को ब्लॉक करने वाली इन गर्भनिरोधक का सेवन करने से पुरुषों को वजन बढ़ने, डिप्रेशन और हाई कोलेस्ट्रॉल का सामना करना पड़ता है. वहीं, अगर महिलाओं की गर्भनिरोधक गोलियों की बात की जाए तो इनके सेवन से भी इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

पुरुषों के लिए YCT529 गर्भविरोधक गोली को बनाने में मदद करने वाले अब्दुल्ला अल नोमान ने बताया कि इन सभी साइड इफेक्ट्स को दूर करने के लिए हम पुरुषों के लिए नॉन हार्मोनल गर्भनिरोधक बनाना चाहते थे.

YCT529 रेटिनोइक एसिड रिसेप्टर अल्फा (RAR-a) को टारगेट करता है, यह एक प्रोटीन होता है जो शुक्राणु निर्माण सहित कोशिकाओं के विकास में अहम भूमिका निभाता है. शोधकर्ताओं ने बताया, जब चूहों को यह गर्भनिरोधक गोली दी गई तो उनके स्पर्म काउंट में कमी देखी गई. साथ ही यह गर्भनिरोधक गोली 99 फीसदी प्रेग्नेंसी रोकने में सफल है और इसके कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं हैं. रिसर्चर्स का कहना है कि YCT529 का ह्यूमन ट्रायल साल 2022 के बीच में किया जाएगा.

मुंह की दुर्गंध से बचना है तो इन चीजों से बना लें दूरी, ऐसे पाएं सांसों में ताजगी

Posted: 27 Mar 2022 07:12 PM PDT

मुंह की दुर्गंध से बचना है तो इन चीजों से बना लें दूरी, ऐसे पाएं सांसों में ताजगी

सांसों की दुर्गंध एक ऐसी समस्या है जो पर्सनल हाइजीन से जुड़ी हुई है. इससे सेहत से सबंधी कई तरह की दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है. खानपान का असर भी सासों की बदबू से जुड़ा होता है. मेडिकल भाषा में सांसों की दुर्गंध को 'हैलिटोसिस' कहा जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सांसों की ताजी खुशबू डेंटल हाइजीन से जुड़ी हुई है. इसके लिए ये जानना भी जरूरी है कि किस तरह के फूड आइटम्स सांसो की दुर्गंध बढ़ाने का काम करते हैं.

सांसो की दुर्गंध बढ़ाने वाले फूड आइटम्स-

1.सांसो की दुर्गंध बढ़ाने वाली चीजों में सबसे पहले प्याज और लहसुन आते हैं. इनमें सल्फर की मात्रा अधिक होती है इसलिए इसे खाने के तुरंत बाद ही इसका असर दिखाई देने लगता है. सल्फर हमारे खून में अवशोषित हो जाता है और सांस छोड़ने पर ये बाहर निकलता है, जिससे सांसों की दुर्गंध आती है.

2.अगला फूड आइटम चीज़ है. इसमें अमीनो एसिड होते हैं जो मुंह में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले बैक्टीरिया के साथ मिलकर सल्फर कंपाउंड बनाते हैं. इनके रिएक्शन से हाइड्रोजन सल्फाइड भी बनता है, जिसे एक बहुत खराब दुर्गंध के लिए जाना जाता है.


3.कॉफी और अल्कोहल जैसे ड्रिंक्स से भी दूरी बनाने की जरूरत है. ये दोनों चीजें मुंह को डिहाइड्रेट करती हैं और इससे दुर्गंध वाले बैक्टीरिया पनपते हैं. शराब हमारे खून लंबे समय तक रहता है, इसलिए इसका प्रभाव भी लंबे समय तक बना रहता है.

4.चीनी की ज्यादा मात्रा भी सांसों की बदबू बढ़ाने का काम करती है. ये मुंह में कैंडिडा यीस्ट का स्तर बढ़ाती है. शुगर की इस ज्यादा मात्रा को एक सफेद जीभ से पहचाना जा सकता है. ये इस बात का संकेत है कि आपको अपनी डाइट और डेंटल हैबिट्स पर ध्यान देने की जरूरत है.

सांसों की दुर्गंध दूर करने वाली चीजें-

1.सांसों की दुर्गंध दूर करने वाली पहली चीज है ग्रीन टी. ये एंटीऑक्सिडेंट देता है और इसमें नेचुरल कंपाउंड्स होते हैं जो सांसों की बदबू से लड़ते हैं. ये हाइड्रेशन के स्तर को भी अच्छा रखते हैं, जिससे सांसों की दुर्गंध दूर होती है.

2.पुदीने की पत्तियों से भी ताजी सांस आती है. इसमें पाए जाने वाले नेचुरल केमिकल सांसों की बदबू के इलाज के रूप में काम करते हैं. इसे आप आसानी से सलाद, पराठे में डालकर या फिर जूस बनाकर भी पी सकते हैं.


3.लौंग में भी नेचुरल इंग्रीडिएंट्स होते हैं जो एंटीबैक्टीरियल की तरह काम करते हैं. ताजी सांस के लिए खाना खाने के तुरंत बाद लौंग चबाएं या फिर आप इसकी चाय बनाकर भी पी सकते हैं.

4.इसके अलावा अपने रूटीन में अच्छी डेंटल हाइजीन शामिल करें. दिन में 2 बार ब्रश करें, माउथवॉश से कुल्ला करें और समय-समय पर फ्लॉसिंग करें. कभी-कभी सांसों की दुर्गंध कैविटी, मसूड़ों की बीमारी या फिर किसी अंदरूनी बीमारी से भी जुड़ा हो सकता है. ऐसे में जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से भी संपर्क करें.


कब्ज से रहते हैं परेशान? घरेलू नुस्खों की जगह आजमाएं ये ट्रिक, जल्द मिलेगा आराम

Posted: 27 Mar 2022 07:10 PM PDT

कब्ज से रहते हैं परेशान? घरेलू नुस्खों की जगह आजमाएं ये ट्रिक, जल्द मिलेगा आराम

कब्ज एक ऐसा समस्या है जिसका सामना हर उम्र के व्यक्ति को करना पड़ता है. कब्ज की समस्या से निपटने के लिए लोग कई तरह के घरेलू उपाय अपनाते हैं लेकिन फिर भी कोई फायदा नहीं मिल पाता, लेकिन हाल ही में एक एक्सपर्ट ने एक ऐसी चीज के बारे में बताया है जिससे आपकी कब्ज की समस्या चुटकियों में ठीक हो सकती है. कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए बहुत से टिप्स और ट्रिक्स हैं. जिसमें कान की मसाज करना और हथेलियों को रगड़ना शामिल है.

कब्ज से राहत पाने के लिए सोशल मीडिया पर डॉ.कैली पीटरसन ने एक वीडियो शेयर किया है. सोशल मीडिया पर कैली का अकाउंट 'the belly whisperer' के नाम से है. कैली का कहना है कि कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपको टॉयलेट में अपने साथ एक चीज लेकर जानी होगी. इससे आपको काफी आराम मिलेगा. डॉ. कैली पीटरसन को पेल्विक, विसरल और ऑर्थोपेडिक फिजिकल थेरेपी में विशेष योग्यता प्राप्त है. कैली का कहना है कि जब भी उनके पास मरीज कब्ज की समस्या को लेकर आते हैं तो वह उन्हें टॉयलेट में स्ट्रॉ का इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं.

कैली ने बताया कि जब भी आप मल त्यागने की कोशिश करते हैं तो आपको स्ट्रॉ को लेकर बाहर की तरफ फूंक मारनी चाहिए, इससे आपको काफी मदद मिलेगी. कैली ने बताया, कब्ज की समस्या आमतौर पर तब होती है जब आप खाने में फाइबर का सेवन नहीं करते या कम मात्रा में लिक्विड चीजों का सेवन करते हैं. लेकिन कई बार दवाइयों की वजह से भी कब्ज की समस्या होती है. वहीं जिन लोगों की पेल्विक फ्लोर मसल्स कमजोर होती है उन्हें भी कब्ज की दिक्कत होती है.

कब्ज के लिए ये कारण भी होते हैं जिम्मेदार

- लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहना
- तनावग्रस्त या चिंतित रहना
- टॉयलेट जाने की फीलिंग्स को इग्नोर करना


डॉ पीटरसन ने समझाया कि स्ट्रॉ का इस्तेमाल करने से आपकी सांस को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है, जिससे आपके लिए मल त्यागना आसान हो जाता है.

अपने इंस्टाग्राम पेज पर वीडियो शेयर कर उन्होंने बताया, जब भी आप मल त्यागने के लिए टॉयलेट जाते हैं तो आपको एक स्ट्रॉ लेकर बाहर की तरफ फूंक मारनी है जैसे हम किसी मोमबत्ती को बुझाने के लिए करते हैं. इसके लिए आपको डायाफ्रामिक ब्रीदिंग की जरूरत पड़ेगी. इसे बैली ब्रीदिंग के नाम से भी जाना जाता है. इसमें डायाफ्राम और पेट से गहरी सांस ली जाती है. इसका मतलब यह है कि जब आप सांस लेते हैं, तो आप हर सांस के साथ डायाफ्राम को नीचे खींचते हैं - जिससे फेफड़ों को और भी अच्छी तरह से काम करने में मदद मिलती है.

डायाफ्रामिक ब्रीदिंग के जरिए सांस लेने और छोड़ने से पेट और पेल्विक फ्लोर मसल्स के बीच को-कॉन्ट्रैक्शन होता है जिससे रीढ़ की हड्डी में पड़ने वाले स्ट्रेस को कम किया जा सकता है.

डॉ. पीटरसन ने कहा कि आपको पहले अलग-अलग तरीकों से सांस छोड़ने की प्रेक्टिस करनी चाहिए. डॉ. पीटरसन ने यह भी कहा कि टॉयलेट सीट पर बैठने से पहले आप अपनी पीठ, बाजू, पेट और घुटनों के बल बैठकर इसकी प्रेक्टिस करें.


डॉ. पीटरसन ने बताया कि इस उपाय के साथ-साथ डाइट में फाइबरयुक्त चीजों को शामिल करने से भी कब्ज की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है. बच्चों को भी इस स्ट्रॉ ट्रिक से मल त्यागने में मदद मिल सकती है.

बेडरूम में भूलकर भी ना रखें ये चीजें, वास्तु से जुड़ी इन 5 गलतियों के बुरे नतीजे

Posted: 27 Mar 2022 07:07 PM PDT

बेडरूम में भूलकर भी ना रखें ये चीजें, वास्तु से जुड़ी इन 5 गलतियों के बुरे नतीजे

वास्तु के हिसाब घर की दिशा और उसके डिजाइन में कुछ बातों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है. ज्योतिषियों का कहना है कि अगर घर बनवाते वक्त वास्तु शास्त्र को नजरअंदाज किया जाए तो इसके बुरे नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं. इसलिए किचन, बाथरूम से लेकर मुख्य द्वार तक, हर एक चीज के लिए वास्तु के नियमों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी माना गया है.

काले रंग की नेम प्लेट ना लगाएं
घर के मुख्य द्वार से घर में खुशियां और समस्याएं दोनों आती हैं. इसकी ठीक व्यवस्था के बाद ही घर में सुख-समृद्धि का वास हो सकता है. इसलिए द्वार को हमेशा साफ सुथरा रखें. यहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करें. एक नेम प्लेट अवश्य लगाएं. ध्यान रखें कि यह काले रंग की न हो. मुख्य द्वार पर शनिवार को दीपक जलाना विशेष शुभ होता है.

जूते-चप्पल रखने की ना करें भूल
घर का यह स्थान संबंध और आनंद से जुड़ा होता है. इसे ठीक करके जीवन के अवसाद और तनाव को दूर किया जा सकता है. यहा हल्की सी सुगंध की व्यवस्था जरूर होनी चाहिए. यहां ढेर सारे फूल या फूल के चित्र लगाएं. बेहतर होगा आप यहां जूते-चप्पल न रखें.

अव्यवस्थित ढंग से चीजें ना रखें
इस स्थान से घर के लोगों का स्वास्थ्य देखा जाता है. रसोई घर में सूर्य का प्रकाश आए तो बहुत उत्तम होगा. रसोई घर में चीजों को व्यवस्थित रखें. इस स्थान पर हर व्यक्ति को प्रवेश न करने दें. साथ ही रसोई घर में पूजा के बाद धूपबत्ती जरूर दिखाएं.

बेडरूम में ना रखें ये चीजें
इस स्थान से सुख और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. बेडरूम की दीवारों का रंग हल्का रखें. हल्का हरा या गुलाबी रंग सर्वोत्तम होगा. बेडरूम में टीवी ना लगाएं. चाहें तो हल्के संगीत की व्यवस्था कर सकते हैं. जहां तक हो सके यहां खाना खाने से भी बचें. सूर्य के प्रकाश और हवा की व्यवस्था हो तो बहुत उत्तम होगा.

बाथरूम में ना टपकता रहे पानी
इस स्थान से जीवन की समस्याएं नियंत्रित होती हैं. बाथरूम को हमेशा साफ रखें. इस स्थान पर पानी की बर्बादी न करें. बाथरूम में नीले या बैंगनी रंग का प्रयोग अत्यंत लाभकारी होता है. बाथरूम में हल्की सुगंध आती रहे तो काफी अच्छा होगा. बेडरूम में नदी, तालाब, झरना, युद्ध या फिर किसी खतरनाक जानवर की तस्वीर बिल्कुल ना लगाएं.


पैसों से जुड़ी समस्या का होगा समाधान, सोमवार को करें ये उपाय

Posted: 27 Mar 2022 07:04 PM PDT

पैसों से जुड़ी समस्या का होगा समाधान, सोमवार को करें ये उपाय

Somvar Ke Aasan Upay: भगवान शिव (Lord Shiva) के भक्त बड़ी संख्या में देखने को मिल जाएंगे. कालों के काल महाकाल को सोमवार (Monday) का दिन समर्पित किया गया है. इस दिन भगवान शिव की पूजा (Puja) अर्चना के साथ व्रत रखने का भी विधान है. भगवान शिव का व्रत (Fast) अधिकतर महिलाएं रखती हैं. मान्यता है कि इससे उन्हें मनचाहा वर प्राप्त होता है. भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता है. उन्हें मनाने और प्रसन्न करने के लिए किसी भी तरह की विशेष पूजा अर्चना नहीं करनी पड़ती. एक कलश जल से अभिषेक करने पर भी भगवान शिव आपसे प्रसन्न हो जाते हैं. अगर आप भी धन की समस्या या कोई और समस्या से जूझ रहे हैं तो सोमवार के दिन कुछ अचूक उपाय करें जिन से आपको लाभ मिल सकता है.

कहा जाता है सोमवार के दिन मछलियों को आटे की गोलियां खिलाकर धन संबंधी कैसी भी परेशानी को दूर किया जा सकता है.

हर तरह की इच्छा पूरी करने के लिए सोमवार के दिन 21 बेलपत्र पर चंदन से ओम नमः शिवाय लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए.

किसी भी तरह की परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए और सुख समृद्धि के लिए भगवान शिव के वाहन नंदी को हरी घास खिलाना चाहिए.

पारस से निर्मित शिवलिंग घर में स्थापित करके उनकी विधि विधान से पूजा करना चाहिए इससे घर में धन बढ़ोतरी होती है.

किसी भी तरह के रोग से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव का 101 बार जलाभिषेक करना चाहिए. जलाभिषेक करते समय 'ॐ जूं स:' मंत्र का उच्चारण करना चाहिए.

संतान प्राप्ति के लिए सोमवार को आटे के 11 शिवलिंग बनाकर उनका 11 बार जलाभिषेक करें.

सोमवार के दिन गरीबों को भोजन कराने से घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती. इसके अलावा पितरों की आत्मा को भी शांति मिलती है.

Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि के 9 दिन भूलकर भी न करें ये काम

Posted: 27 Mar 2022 07:01 PM PDT

Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि के 9 दिन भूलकर भी न करें ये काम

Chaitra Navratri 2022: 2 अप्रैल 2022 से चैत्र की नवरात्रि (Chaitra Navratri 2022) प्रारंभ होने जा रहा है. नवरात्रि का त्योहार हिंदू धर्म (Hinduism) में बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है. नवरात्रों में माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने का विधान है. पूरे साल में नवरात्रि 4 बार आती है इनमें से चैत्र की नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व है. चैत्र नवरात्रि का पर्व मार्च-अप्रैल (March-April) में और शारदीय नवरात्रि सितंबर अक्टूबर के बीच में आती है. ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा (Maa Durga) की पूजा अर्चना करने से माता की कृपा प्राप्त होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में कुछ ऐसे काम हैं जिनको करने से दरिद्रता के साथ-साथ व्यक्ति को कई प्रकार की मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए आज हम आपको ऐसे ही कुछ काम बताने जा रहे हैं जिन्हें नवरात्रि के दौरान करने से बचना चाहिए.

– प्याज लहसुन का सेवन
नवरात्रि कोई सी भी हो नवरात्रि के दिनों में प्याज और लहसुन खाना वर्जित माना गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार प्याज और लहसुन को तामसिक भोजन के रूप में जाना जाता है. ऐसी मान्यता है कि तामसिक भोजन हमारे मन और शरीर को दूषित करते हैं साथ ही मानसिक थकान का कारण भी बनते हैं. इसलिए नवरात्रि के 9 दिनों में तामसिक खाद्य पदार्थों का सेवन वर्जित माना गया है.

यह भी पढ़ें – जानें मकड़ी का शरीर पर चढ़ना किस बात का संकेत माना जाता है

– शराब का सेवन
वैसे तो शराब का सेवन सदैव ही हानिकारक होता है और चैत्र नवरात्रि तो मां दुर्गा की आराधना के लिए सबसे पवित्र दिन माने जाते हैं. इसीलिए नवरात्रि के दौरान शराब का सेवन नहीं करना चाहिए इससे देवी मां क्रोधित हो जाती हैं.

– चमड़े से बनी चीजों का इस्तेमाल
नवरात्रि के दिनों में हमें चमड़े से बनी चीजों जैसे बेल्ट, जूते, ब्रेसलेट, जैकेट आदि का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. चमड़ा जानवर की खालों से बना होता है. इसीलिए इसे अशुभ माना जाता है. नवरात्रि के दौरान चमड़े से बनी चीजों को पहनने से आपका अशुभ हो सकता है.

-बाल और नाखून काटना
अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोग नवरात्रों के शुरू होने से पहले ही अपने नाखून एवं बाल कटवा लेते हैं. ताकि नवरात्रि के 9 दिनों में नाखून और बाल कटवाने की जरूरत ना पड़े. ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि के 9 दिनों में बाल व नाखून काटने से मां दुर्गा क्रोधित होती हैं. इसलिए नवरात्रि के दौरान बाल नाखून काटने से बचना चाहिए.

– अपशब्दों का प्रयोग करना
नवरात्र को हिंदू धर्म में पवित्र पर्व के रूप में मनाया जाता है. इसलिए नवरात्रि के दिनों में किसी भी व्यक्ति को अशुभ या अपशब्द बोलने से बचना चाहिए. नवरात्रि माता दुर्गा की देवी और भक्ति करने का समय होता है और अगर ऐसे समय में आप गलत शब्दों का प्रयोग करते हैं तो मां दुर्गा क्रोधित हो सकती हैं. इसलिए इस दौरान अपशब्दों का प्रयोग करने से बचें.

IAS Officer:क्या आप जानते हैं, IAS अफसर को पहली पोस्ट से सबसे ऊंचे पद तक पहुंचने में लगते हैं इतने साल, यहाँ जानें

Posted: 27 Mar 2022 06:59 PM PDT

IAS Officer:क्या आप जानते हैं, IAS अफसर को पहली पोस्ट से सबसे ऊंचे पद तक पहुंचने में लगते हैं इतने साल, यहाँ जानें

IAS Officer : यूपीएससी परीक्षा क्लियर कने के बाद ही फाइनल कट ऑफ के आधार पर एक आईएएस ऑफिसर ​(IAS Officer) ​का चयन किया जाता है. इसके बाद लाल बहादुर शास्त्री ट्रेनिंग एकेडमी (LBSNAA) मसूरी में ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है. यहां से अभ्यर्थी का आईएएस का सफर शुरू होता है, लेकिन आपके दिमाग में ये सवाल तो आता होगा कि आईएएस​ (IAS)​ की सबसे ऊंची पोस्ट ​(Higher Post) ​क्या होती है. ऐसे ही सवाल का जवाब यहां मिलेगा.

कट ऑफ के अनुसार उन्हें आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और आईएफएस (IFS) की पोस्ट मिलती है. एक IAS अपने करियर की शुरुआत मसूरी में मौजूद लाल बहादुर शास्त्री एकेडमी में ट्रेनिंग के बाद आवंटित कैडर में जिला प्रशिक्षण से करता है. जिसके बाद अफसर राज्य प्रशासन में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के रूप में काम शुरू करते हैं. यदि एसडीएम की नियुक्ति मिलती है तो अधिकारी को तहसील की कानून व्यवस्था का जिम्मा दिया जाता है.

जिला प्रशिक्षण के पश्चात आईएएस अधिकारी 03 माह तक के लिए केंद्र सरकार में सहायक सचिव के रूप में कार्यरत होते हैं. जिसके बाद उन्हें डीएम या अन्य किसी पद पर नियुक्ति मिलती हैं. आईएएस अधिकारी को सरकारी विभागों या मंत्रालयों में नियुक्त किए जा सकते हैं. यहां कार्य के दौरान उन्हें डेपुटेशन पर वर्ल्ड बैंक, इंटरनेशनल मानेट्री फंड, एशियन डेवलपमेंट बैंक, द एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक और यूनाइटेड नेशंस और उसकी एजेंसियों में तैनात किया जा सकता है.


फील्ड पोस्टिंग के दौरान मिल सकते हैं ये पद:
​​उप जिलाधिकारी.
अपर जिलाधिकारी.
जिलाधिकारी.
मंडलायुक्त.

​राज्य सरकार में मिल सकते हैं ये पद:

​​अवर सचिव.
उप सचिव.
संयुक्त सचिव.
विशेष सचिव.
सचिव.
प्रमुख सचिव.
मुख्य सचिव.

​​केंद्र सरकार में मिल सकते हैं ये पद:
सहायक सचिव.
अवर सचिव.
उप सचिव.
निदेशक.
संयुक्त सचिव.
अपर सचिव.
सचिव.
भारत के कैबिनेट सचिव.

पुरानी पेंशन योजना पर सरकार का बड़ा ऐलान! इस दिन से होगा लागू

Posted: 27 Mar 2022 06:57 PM PDT

पुरानी पेंशन योजना पर सरकार का बड़ा ऐलान! इस दिन से होगा लागू

Old Pension Scheme: सरकार ने पुरानी पेंशन योजना पर बड़ा ऐलान किया है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधान सभा में जनहित से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं की हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में बहुत जल्द पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी जबकि अन्य राज्य अभी सोच ही रहे हैं. सीएम ने यह भी कहा कि जल्दी ही झारखंड के पारा शिक्षकों की तरह अन्य अनुबंध कर्मियों की समस्याओं का भी समाधान होगा.

सरकार ने किये बड़े ऐलान
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछली सरकार पारा शिक्षकों को कोढ़ समझती थी. जबकि वर्तमान सरकार ने पारा शिक्षकों की 60 साल तक सेवा स्थायी की है और उन्हें सहायक अध्यापक का नाम दिया. वहीं, सरकार ने विधायक फंड की राशि बढ़ाकर चार करोड़ से पांच करोड़ करने की घोषणा की है.

कल्याण छात्रावासों के छात्रों को मिलेगा मुफ्त भोजन
सीएम ने विधान सभा में कहा कि कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों का पुनरुद्धार किया जा रहा है. इसमें छात्रों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं डी जाएंगी. इसके साथ ही यहां अब छात्रों के लिए मुफ्त भोजन की भी व्यवस्था भी की जाएगी. वहां रसोइया और गार्ड भी नियुक्त किये जाएंगे. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति में न्यूनतम रकम में तीन गुना वॄद्धि करने का भी ऐलान किया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य सरकार ने खनन से सात हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है जो सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है. इतना ही नहीं, सरकार ने लक्ष्य रखा है कि शेष दिनों में आठ हजार करोड़ तक ले जाया जाएगा. इसके अलावा सीएम ने गरीबों के लिए भी बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने गरीबों को अब तीन कमरों वाला आवास देने की भी बात कही.

सेना में 10वीं पास के लिए कुक, टेलर, नाई, रेंज चौकीदार और सफाईवाला पदों पर नौकरियां

Posted: 27 Mar 2022 06:55 PM PDT

सेना में 10वीं पास के लिए कुक, टेलर, नाई, रेंज चौकीदार और सफाईवाला पदों पर नौकरियां

भारतीय सेना के ग्रेनेडियर रेजिमेंटल सेंटर, जबलपुर (मध्य प्रदेश) में 10वीं पास के लिए कई पदों पर भर्तियां निकली हैं. इसमें कुक, टेलर, नाई, रेंज चौकीदार, सफाईवाला पद शामिल हैं. इस भर्ती के लिए आवेदन फॉर्म भारतीय सेना की वेबसाइट indianarmy.nic.in पर जाकर डाउनलोड करना होगा. इसके बाद आवेदन ऑफलाइन करना है. इस वेबसाइट पर आधिकारिक नोटिफिकेशन भी मिल जाएगा. नोटिस के अनुसार ग्रेनेडियर रेजिमेंटल सेंटर, जबलपुर में कुल 14 वैकेंसी है.

वैकेंसी का डिटेल

कुक- 9 पद
टेलर- 1 पद
रेंज चौकीदार- 1 पद
सफाईवाला- 2 पद

आवश्यक शैक्षिक योग्यता

कुक- 10वीं पास होने के साथ इंडियन कुकिंग की नॉलेज भी जरूरी है.
टेलर- 10वीं पास होने के साथ टेलर ट्रेड में आईटीआई किया होना चाहिए.
नाई- 10वीं पास होने के साथ बारबर ट्रेड में प्रोफिएंसी और एक साल का अनुभव जरूरी है.
रेंज चौकीदार- 10वीं पास होने के साथ चौकीदार कार्य का एक साल का अनुभव जरूरी है.
सफाईवाला- 10वीं पास होने के साथ सफाई कार्य का एक साल का अनुभव होना चाहिए.

कैसे करना है आवेदन

आवेदन फॉर्म डाक के जरिए भेजना है. फॉर्म भेजने का पता है- कमांडेंट, ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर, जबलपुर (एमपी), पिन- 482001. आवेदन फॉर्म के लिफाफे के ऊपर पद का नाम जरूर लिखें

'नॉटआउट रहकर भी लुटिया डूबो गए जडेजा', कप्तानी के बोझ तले दब गया धाकड़ ऑलराउंडर

Posted: 27 Mar 2022 06:50 PM PDT

'नॉटआउट रहकर भी लुटिया डूबो गए जडेजा', कप्तानी के बोझ तले दब गया धाकड़ ऑलराउंडर

IPL 2022 CSK vs KKR: आईपीएल 2022 के पहले मुकाबले में एमएस धोनी (MS Dhoni) ने चेन्नई सुपरकिंग्स की लुटिया डूबने से बचा ली। माही के शानदार अर्धशतक के दम पर CSK ने वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ निर्धारित 20 ओवरों में 131 रन बनाए और अब केकेआर को जीत के लिए 132 रन बनाने होंगे।

अपने पहले मैच में कप्तानी कर रहे रविंद्र जडेजा धोनी के साथ अंत तक नाबाद रहे लेकिन इस दौरान वो रनों के लिए जूझते नजर आए। ऐसा लगा कि शायद वो कप्तानी के बोझ को लेकर बल्लेबाज़ी कर रहे थे। जडेजा ने पारी की आखिरी गेंद पर छक्का लगाया जिसकी बदौलत उनका स्ट्राइक रेट 90 के पार हो पाया।

अगर 20वें ओवर की आखिरी बॉल पर वो छक्का ना लगा होता तो ये मैच जडेजा के लिए कम से कम बल्ले के साथ तो किसी बुरे सपने से कम नहीं होता। जडेजा अंत तक नाबाद रहे और 28 गेंदें खेलने के बाद सिर्फ 26 रन बना पाए। इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ एकमात्र छक्का देखने को मिला। उनकी इस कछुए जैसी पारी ने चेन्नई को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचने दिया।

अब ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या मैच खत्म होने के बाद जडेजा की ये पारी उन्हें मैच का विलेन बना देगी या माही की पारी सीएसके के लिए वरदान साबित होगी। धोनी की बात करें तो उन्होंने 38 गेंदों में 50 रन बनाए और इस दौरान उनके बल्ले से 7 चौके और 1 छक्का भी देखने को मिला।


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