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Saturday, April 16, 2022

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कुशल खिलाडी बन्दर होते, जग में सबसे समझदार

Posted: 16 Apr 2022 02:18 AM PDT

कुशल खिलाडी बन्दर होते, जग में सबसे समझदार,

264 प्रजातियां इनकी, जानवरों में उत्तम किरदार।
बन्दर को मानव का पूर्वज, इतिहासकारों ने बतलाया,
हनुमान भी बन्दर जिसने, सीता का पता लगाया।
लक्ष्मण हुये मुर्छित जब, संकट में थे उनके प्राण,
हनुमान ने ला संजीवनी, अपना कर्तव्य निभाया।
जंगलों में अक्सर यह रहते, पेडों पर इनका आवास,
शाकाहारी अधिकतर भोजन, शहरों में भी करें निवास।
युद्ध क्षेत्र में एक प्रजाति, गौरिल्ला की पहचान बनी,
जापान के होटल में वेटर, इनकी कुशलता की शान घनी।
देखा हमने खेल दिखाते, कुशल मदारी बन्दर को,
बन्दर को देखा है सबने, जानवरों की रखवाली को।
जब भी निकले शिकार खेलने, जंगल के सरदार,
बन्दर अपनी उछल कूद से, कर सचेत करता उपकार।
लंगुर भी बन्दर की है, एक प्रजाती का होता,
समझदारी और बहादुरी में, नही कोई सानी होता।
जानवरों में सिर्फ बन्दर ही तो, केला छील कर खाते,
बहुत नकलची बन्दर होते, सबका मन भी हर्षाते।
चिंपेजी और गौरिल्ला तो, होते बहुत ही समझदार,
दो पैरों पर चलते दिखें, दिखलाते यह करतब हजार।
मानव के तो बत्तीस होते,  बन्दरों के छत्तीस हैं दाँत,
सभी मुल्कों में पाये जाते, घुडकी दे दिखलाते आँख।

अ कीर्तिवर्धन
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मोहब्बत सीमित हो गई..

Posted: 16 Apr 2022 01:18 AM PDT

मोहब्बत सीमित हो गई..

अपने दिल में थोड़ी 
तुम जगह दे देना। 
अपने स्नेह प्यार का 
दिलपे लेप लगा देना। 
बहुत मिले जिंदगी में 
मुझे अपने बनकर। 
पर शायद तुम मेरे
दिलको समझ पाई हो।।

निगाहों से तो कोई
घायल कर देता है। 
जुबा से भी हमदर्दी  
सभी जता देते है। 
दिल की पीड़ा को
समझने वाले कम है। 
इसलिए तो मोहब्बत अब
चलचित्रों तक सीमित है।। 

घाव दिलके भरते नहीं
भाव दिलके बनते नहीं। 
आँखो के आँसू रुकते नहीं
मुँह से शब्द निकलते नहीं। 
फिर भी मुस्कारते हुए 
मेफिलो में जाते रहते। 
और गीत गजल गाकर
लोगों के दिल बहलाते रहते।। 

दर्द को दर्द से काट लेते है
दर्द को दर्द से बाट लेते है। 
चाँद को चांदनी में देखते है
प्यार से दिल जीत लेते है। 
फिर भूलकर गमों को 
उसे खुशी दे देते है।
फिर मोहब्बत के बाग में 
फूल बनकर महक उठते है।। 

जय जिनेंद्र 
संजय जैन "बीना" मुंबई
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जय हनुमान

Posted: 16 Apr 2022 01:15 AM PDT

जय हनुमान

रामायण की कहूं कहानी 
राम भक्त हनुमान की 
जिनके हृदय में बसते हैं 
राघव माता जानकी
भूख लगी हनुमत को जब 
जाकर माता को यूं बोले
हलवा पूरी खाउंगा मां
मधुर स्वर था होले होले
तुम ठहरो स्नान करके 
मैं भोजन अभी बनाती हूं
स्वादिष्ट पकवान बनाकर 
हाथों से तुझे खिलाती हूं
अंत:पुर में माता ने फिर 
जाकर के स्नान किया 
रत्न जड़ित आभूषण पहने 
नाना फिर श्रृंगार किया
सहज सरल हनुमत ने पूछा 
क्यों सिंदूर लगाया माताजी 
सिंदूर से स्वामी हो दीर्घायु 
प्रभु को सिंदूर लुभाता जी
सुनकर राघव के प्यारे की 
आंखें हीरे सी चमक उठी 
प्रभु को आज खुश करने की 
उर में ज्वाला दहक उठी
सिंदूर की एक रेखा से बस 
आयु रघुनंदन की बढ़ती
तो सारा सिंदूर लीपने से
दीर्घायु युगो युगो तक चढ़ती
यह सोच केसरी नंदन ने
श्रृंगार कक्ष में प्रवेश किया
सिंदूर की डिबिया पटक डाली
सारा शरीर पर लेप लिया
भूख प्यास भूलाकर वो
फिर भरी सभा में पहुंच गए
आज प्रभु होंगे हर्षित
राम दुलारे मन में कहे
यह वेश देखकर दरबारी
खुद को फिर रोक नहीं पाए
पूरा सभा मंडल गूंज उठा 
खुद रामचंद्र भी मुस्काए
मधुर वाणी हरि अधरों से
हनुमान हनुमान आने लगी
राम भक्त के निश्छल प्रेम को 
पूरे सदन में दर्शाने लगी
आज तुमने सिंदूर का लेप
क्या सोच कर के किया
सिंदूर से प्रभु प्रसन्न होते 
कहती है ये माता सिया
ऐसा जानकर मैंने भी 
सिंदूर तन पर लगाया है
मेरे राम होंगे हर्षित 
मन मेरा भी हर्षाया है
कहे राम जी अब आगे से
प्यारे भक्त तेरी ही बारी है
जो तुझको सिंदूर चढ़ाएं
वह रामकृपा अधिकारी है
तुमको अष्ट सिद्धि नव निधि
राम रसायन औषध सारी
मुझसे पहले जो पूजे तुमको
उसकी होगी पूर्ण कामना सारी

रमाकांत सोनी नवलगढ़ 
जिला झुंझुनू राजस्थान
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ज्ञान कुंज एकेडमी में अंबेडकर की जयंती सामाजिक समानता एवं ज्ञान दिवस के रूप में मनाई गई ।

Posted: 16 Apr 2022 01:11 AM PDT

ज्ञान कुंज एकेडमी में अंबेडकर की जयंती सामाजिक समानता एवं ज्ञान दिवस के रूप में मनाई गई ।

• अमृत महोत्सव और संविधान दिवस के उपलक्ष्य में विगत दिनों हुए प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।
• भारतीय संविधान की महत्ता पर विद्यालय के प्रबंधक ने प्रकाश डाला।
वेद प्रकाश तिवारी, ब्यूरो देवरिया । देवरिया जिले के भाटपार रानी उपनगर स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान , 'ज्ञान कुंज एकेडमी' में संविधान निर्माता ,भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती समानता एवं ज्ञान दिवस के रूप में हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व में हुए कार्यक्रम आजादी के अमृत महोत्सव तथा संविधान दिवस के अवसर पर विद्यालय में होने वाली प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र प्रियांशु भारती, प्रभात दीक्षित, आरोही सिंह, परी सिंह, समीक्षा वर्मा, ऋद्धि यादव, वर्तिका पाण्डेय, नव्या वर्मा, अंजली वर्मा, जयश वर्मा, रूपम दीक्षित, अंकुश मद्धेशिया, अंकिता मद्धेशिया, संस्कृति, अभिनव पाण्डेय, सुमन तिवारी, आदित्य शर्मा, समीर अंसारी, श्रद्धा तिवारी, दिव्या चौरसिया, राशिद अली, अदिति वर्मा, दीपिका सिंह, सौम्या वर्मा, आराध्या वर्मा को प्रबंधक श्री राजेश कुमार सिंह ने मेडल एवं सर्टिफिकेट देकर को सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रबंधक श्री सिंह ने भारतीय समाज में संविधान की महत्ता को विस्तारपूर्वक समझाया तथा बताया कि आज हम संविधान के बदौलत ही समाज में सुरक्षित हैं तथा सम्मान से जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यालय के सभी छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इसी कड़ी में संस्था के प्रधानाचार्य श्री धनंजय पाण्डेय ने कहा कि डॉ अम्बेडकर व्यक्ति से ज्यादा विचार है उनके विचार आज भी प्रासंगिक है उन्होंने गरीबी से उठकर अपने मेहनत और लगन के बल पर ऊंचा मुकाम हासिल किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण अभिषेक रजक, प्रत्युष वर्मा, हरिओम, सद्दाम अंसारी, इम्तियाज़ अहमद, अमृता, अंकिता पाण्डेय, कुशुम यादव, ऋतु मौर्य, इशरत, गीतांजलि, सिम्पी, अलका सिंह, इत्यादि मौजूद रहे।
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