दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- ‘मारो फिरंगी को’ नारा देने वाले मंगल पांडे
- भारत में प्रसन्नता के मानक
- करण महारा को अहम दायित्व
- शंघाई में कोरोना मामले बढ़ने के बाद चीन के अन्य शहरों में पाबंदियां शुरू
- इमरान खान को लगा बड़ा झटका, पीटीआई सांसदों के इस्तीफे की रणनीति हुई फेल, स्पीकर ने उठाया ये कदम
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- अफगानी लोगों के धैर्य की न लें परीक्षा, पाक की एयर स्ट्राइक के बाद तालिबान ने दी चेतावनी
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- आंबेडकर की मूर्ति हटाए जाने पर हजारों दलितों ने धर्म परिवर्तन करने की दी धमकी
- योगी सरकार ‘यूपी होमगार्ड्स’ में महिलाओं को देगी नौकरी
- विकास यात्रा में व्यापक सहभागिता
- उद्धव ठाकरे की उलझन
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- चीन ने रूस से संबंध तोड़ने के बयान पर अमेरिका को सुनाई खरी-खोटी
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| ‘मारो फिरंगी को’ नारा देने वाले मंगल पांडे Posted: 17 Apr 2022 06:10 AM PDT 'मारो फिरंगी को' नारा देने वाले मंगल पांडे(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
अंग्रेजों की गुलामी को नकारने और भारत देश को आजाद कराने के लिए 1857 में ही संग्राम शुरू हो गया था। इसको प्रथम स्वाधीनता संग्राम का नाम भी दिया गया। इसके प्रमुख नायक उत्तर प्रदेश के मंगल पांडे थे। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम मंे उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। महारानी लक्ष्मीबाई, बेगम हजरत महल, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, रानी लक्ष्मीबाई की महिला सेना दुर्गा दल की सेनापति झलकारीबाई जैसे सैकड़ों नाम हैं। इनमंे चित्तू पांडे और धनसिंह गुर्जर जैसे स्वाधीनता सेनानियों को बहुत कम लोग जानते हैं। स्वाधीनता संग्राम के प्रथम नायक मंगल पांडे के बारे मंे भी आज की पीढ़ी को बताया जाना चाहिए। स्वतंत्रता की डायमंडल जुबली (हीरक जयंती) मनाते समय उत्तर प्रदेश के स्वनामधन्य क्रांतिकारियों को नमन करना चाहिए और उनकी स्मृति मंे स्थल भी बनाए जाने चाहिए। स्वाधीनता सेनानी मंगल पांडे से तो ब्रिटिश साम्राज्य इतना डर गया था कि उनको निर्धारित सजा से 10 दिन पहले ही फांसी पर लटका दिया गया था। यह दिन था 08 अप्रैल 1857। बंगाल की बैरकपुर छावनी का माहौल उस दिन बहुत उदास और बोझिल सा था। सुबह जब रेजिमेंट के सिपाही रातभर की नींद के बाद तड़के उठने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्हें पता चला कि तड़के मंगल पांडे को फांसी दे दी गई है। इसके बाद पूरी छावनी में तनाव पसर गया। किसी को अंदाज नहीं था कि मंगल पांडे को समय से 10 दिन पहले ही फांसी पर चढ़ा दिया जाएगा। उनकी फांसी की सजा तो 18 अप्रैल को मुकर्रर की गई थी। ब्रितानी हुकूमत के खिलाफ आजादी की लड़ाई की पहली चिंगारी असल में मंगल पांडे ने भड़काई थी। वो हमारे ऐसे नायक थे, जिन्होंने पूरे देश को झकझोर कर जगा दिया था। ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ क्रांति की शुरुआत करने वाले मंगल पांडे ने बैरकपुर में 29 मार्च 1857 को अंग्रेज अफसरों पर हमला कर घायल कर दिया था। कोर्ट मार्शल के बाद उन्हें 18 अप्रैल 1857 को फांसी देनी तय की गई थी लेकिन हालत बिगड़ने की आशंका के चलते अंग्रेजों ने गुपचुप तरीके से 10 दिन पहले उन्हें फंदे पर लटका दिया। वह कलकत्ता (अब कोलकाता) के पास बैरकपुर की सैनिक छावनी में 34वीं बंगाल नेटिव इंफैंट्री की पैदल सेना के सिपाही नंबर 1446 थे। उनकी भड़काई क्रांति की आग से ईस्ट इंडिया कंपनी हिल गई थी। मंगल पांडे को बैरकपुर में 29 मार्च की शाम अंग्रेज अफसरों पर गोली चलाने और तलवार से हमला करने के साथ ही साथी सैनिकों को भड़काने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई। उस समय बैरकपुर छावनी में फांसी की सजा देने के लिए जल्लाद रखे जाते थे लेकिन उन जल्लादों ने मंगल पांडे को फांसी देने से साफ मना कर दिया। तब अंग्रेजों ने बाहर से जल्लाद बुलाए। बैरकपुर में कोई जल्लाद नहीं मिलने पर ब्रिटिश अधिकारियों ने कलकत्ता से 04 जल्लाद बुलाए। यह समाचार मिलते ही कई छावनियों में ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ असंतोष भड़क उठा। इसी वजह से आनन फानन में करीब चुपचाप मंगल पांडे को 8 अप्रैल 1857 की तड़के फांसी पर लटका दिया गया। इतिहासकार किम ए. वैगनर की किताब 'द ग्रेट फियर ऑफ 1857: रयूमर्स, कॉन्सपिरेसीज एंड मेकिंग ऑफ द इंडियन अपराइजिंग' में बैरकपुर में अंग्रेज अफसरों पर हमले से लेकर मंगल पांडे की फांसी तक के घटनाक्रम के बारे में सिलसिलेवार तरीके से जिक्र किया गया है। ब्रिटिश इतिहासकार रोजी लिलवेलन जोंस की किताब 'द ग्रेट अपराइजिंग इन इंडिया, 1857-58 अनटोल्ड स्टोरीज, इंडियन एंड ब्रिटिश में बताया गया है कि 29 मार्च की शाम मंगल पांडे यूरोपीय सैनिकों के बैरकपुर पहुंचने को लेकर बेचैन थे। उन्हें लगा कि वे भारतीय सैनिकों को मारने के लिए आ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अपने साथी सैनिकों को उकसाया और ब्रिटिश अफसरों पर हमला किया। क्रांतिकारी मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई, 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम दिवाकर पांडे और माता का नाम अभय रानी था। उस दिन की याद में भारत सरकार ने बैरकपुर में शहीद मंगल पांडे महाउद्यान बनवाया। साथ ही उनके नाम और फोटो वाली स्टैंप को दिल्ली के कलाकार सीआर पाकराशी से तैयार करवाकर 5 अक्टूबर, 1984 को जारी किया। वैगनर लिखते हैं कि मंगल पांडे ने दो अंग्रेज अफसरों पर गोली चलाई, लेकिन दोनों बार उनका निशाना चूक गया। इसके बाद उन्होंने अपनी तलवार से हमला कर अंग्रेज अफसर को घायल कर दिया। इसके बाद उनके एक साथी ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद उससे छूटकर भागे मंगल पांडे ने अपनी बंदूक को जमीन पर रखकर पैर के अंगूठे से अपने ही ऊपर गोली चला दी। इसमें वह जख्मी हो गए और उनके कपड़े जल गए। अस्पताल में उनका इलाज किया गया। करीब एक हफ्ते में जब वह ठीक हो गए तो उनके खिलाफ कार्यवाही शुरू हुई। उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट मार्शल किया गया और फांसी की सजा दी गई। मंगल पांडे ने ही 'मारो फिरंगी को' नारा दिया था। मंगल पांडे को आजादी का सबसे पहला क्रांतिकारी माना जाता है। जोंस लिखती हैं कि घटना के चश्मदीद गवाह हवलदार शेख पल्टू के मुताबिक सार्जेंट मेजर जेम्स ह्वीसन हंगामे की आवाज सुनकर पैदल ही बाहर निकले। इस पर मंगल पांडे ने ह्वीसन पर गोली चलाई, लेकिन ये गोली ह्वीसन को नहीं लगी। उनके साथी शेख पल्टू ने अंग्रेज अफसरों को बचाया। मंगल पांडे ने इसके बाद घोड़े पर सवार होकर अपनी तरफ आ रहे लेफ्टिनेंट बेंपदे बाग पर गोली चलाई। इस बार भी उनका निशाना चूक गया। फिर उन्होंने बेंपदे को अपनी तलवार के वार से जख्मी कर दिया। मंगल पांडे के बाद 21 अप्रैल को ईश्वरी प्रसाद को भी फांसी पर चढ़ा दिया गया। इस बगावत के निशान मिटाने के लिए ब्रिटिश अफसरों ने 34वीं इंफैंट्री को ही भंग कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम से पहले 26 फरवरी, 1857 को सुअर और गाय की चर्बी वाले कारतूस पहली बार इस्तेमाल करने का समय आया तो बेरहामपुर की 19वीं नेटिव इंफैंट्री में तैनात मंगल पांडे के समझाने पर कई सैनिकों ने ऐसा करने से इनकार दिया। दरअसल, उस समय कारतूसों को इस्तेमाल से पहले मुंह से खींचना पडता था। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 17 Apr 2022 06:03 AM PDT भारत में प्रसन्नता के मानक(हृदयनारायण दीक्षित-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) आनंद सबकी अभिलाषा है। प्रसन्नता मापने का मानक तय करना कठिन है लेकिन पिछले 10 वर्ष से आनंद या हैप्पीनेस की मात्रा जानने का काम जारी है। इसकी शुरूआत वर्ष 2012 में हुई थी। लगभग 150 देशों को इस रैंकिंग में शामिल किया जाता है। वैसे व्यक्ति-व्यक्ति की प्रसन्नता के मानक अलग-अलग होते हैं। कोई सुन्दर किताब पढ़कर आनंदित होता है। कोई अपने मन का वातावरण पाकर प्रसन्न होता है। कोई झगड़ालू है। उसे कलह में सुख मिलता है। प्रसन्नता मापना आसान काम नहीं है। संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक सूचकांक की वल्र्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2022 आयी है। प्रसन्न और अप्रसन्न देशों की रैंकिंग बतायी गयी हैं । मूल्यांकन के आधार विचारणीय हैं। इसमें प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद एक मानक है। जीवन चुनने की स्वतंत्रता और उदारता भी मानक हैं। सामाजिक समर्थन को भी प्रसन्नता का मानक कहा गया है। इस रिपोर्ट में फिनलैण्ड पहले स्थान पर आया है। फिनलैण्ड विशाल जंगलों और सुन्दर झीलों का देश है। प्रति व्यक्ति आय, सामाजिक विश्वास, उदारता और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने की स्वतंत्रता है। प्रसन्नता के लिए डेनमार्क दूसरे स्थान पर है। तीसरे स्थान पर आइसलैण्ड है, चैथे स्थान पर स्विटजरलैण्ड और पाॅचवें स्थान पर नीदरलैण्ड है। अमेरिका 16वें स्थान पर है। चीन 72वाॅ है। ब्रिटेन 17वाॅ है। अपना भारत प्रसन्नता के इस मानक में 136वाॅ है। पाकिस्तान 121वाॅ है। अफगानिस्तान की रैंकिंग सबसे निचले स्थान पर है। प्रसन्नता मापने के यह मानक संयुक्त राष्ट्र के हैं। भारत में प्रसन्नता के मानक भिन्न हैं। यहां प्रसन्नता विधायी मूल्य हैं। किसी के प्रसन्न होने या न होने के मानक जी0डी0पी0 आदि से तय नहीं हो सकते। प्रसन्नता आंतरिक होती है। भारत प्राचीनकाल से ही प्रसन्न राष्ट्र रहा है। ऋग्वेद में सोमदेव से प्रसन्नता प्राप्ति की कामना हैं, ''हे सोमदेव मुझे ऐसे स्थान पर रखो जहाॅं प्रचुर अन्न हो, जहाँ सदा नीरा नदियाॅं हों, मुद, मोद, प्रमोद हों, मुझे वहाँ स्थान दो, जहाँ विवस्वान का पुत्र राजा है वहाॅं स्थान दो''। इसमें मुद, मोद, प्रमोद तीन शब्द आते हैं। तीनों प्रसन्नताबोधक हैं। नदियों का सुन्दर प्रवाह, प्रचुर अन्न सुन्दर राज्य व्यवस्था प्रसन्नता के घटक हैं। तैत्तरीय उपनिषद् उत्तर वैदिककाल की रचना है। ऋषि कहते हैं कि "हम आनंद की मीमांसा करते हैं, "मनुष्य स्वस्थ हो सदाचारी हो, संास्कृतिक स्वभाव वाला हो। सदाचार की शिक्षा देने में समर्थ हो। शरीर रोग रहित हो। वह धन सम्पन्न हो। यह सब मनुष्य के बड़े सुख हैं।'' लेकिन ऐसे आनंद से मानव गंधर्वो का आनंद 100 गुना ज्यादा है। यह आनंद अकामहत व्यक्ति को स्वभाव से ही प्राप्त है। मनुष्य गंधर्व की अपेक्षा देवगंधर्व आनंद 100 गुना अधिक बताया गया है। अकामहत व्यक्ति को यह आनंद भी स्वाभाविक रूप से प्राप्त है।'' आगे कहते हैं देव गंधर्व आनंद से पीतरों का आनंद 100 गुना ज्यादा है। यह भी भोगों के प्रति निष्काम व्यक्ति को स्वभाव रूप से प्राप्त है। इसी तरह पितरांे के आनंद से 'आजानज' नामक देवों का आनंद 100 गुना ज्यादा है। उच्च लोकों में रहने वाले हमारे पितरों के आनंद से 'आजानज' आनंद 100 गुना है लेकिन भोगों के प्रति निष्काम अकामहत व्यक्ति को यह आनंद सहज ही प्राप्त हैै। आजानज आनंद से कर्मदेवानाम आनंद 100 गुना ज्यादा है। यह आनंद भी भोंगों से कामनारहित को स्वाभाविक रूप से प्राप्त है। देवताओं के आनंद से 100 गुना ज्यादा इन्द्र का आनंद हैै। भोंगो से दूर रहने वाले लोगों को यह आनंद भी स्वतः प्राप्त होता है। इसी तरह इन्द्र के आनंद से वृहस्पति का आनंद 100 गुना है। यह आनंद भी भोंगों से विरक्त वेदवेत्ता को प्राप्त है। वृहस्पति के आनंद से 100 गुना ज्यादा आनंद प्रजापति का आनंद है। भोंगों से विरक्त अकामहत व्यक्ति को यह आनंद भी स्वतः प्राप्त है। प्रजापति के आनंद से 100 गुना ब्रह्म का आनंद है। यह भी भोंगों से विरक्त अकामहत व्यक्ति को प्राप्त है। आनंद सबकी अभिलाषा है। सभी प्राणी आनंद के प्यासे हैं। भारतीय चिन्तन में आनंद की गहन मीमांसा की गयी है। सामान्यतया लोगों को उपयोगी वस्तुओं की प्राप्ति में आनंद दिखायी पड़ता है। यह वास्तव में आनंद नहीं है। अभाव का अभाव है। अल्पकालिक अभाव दूर होने पर अल्पकालिक सुख मिलता है। आनंद इससे भिन्न है। जीवन यापन के लिए जरूरी उपाय करना व्यक्ति और राज्य व्यवस्था का कर्तव्य है लेकिन इनसे आनंद नहीं मिलता। अन्तःकरण में अपूर्णता बनी रहती है। छान्दोग्य उपनिषद में सनत् कुमार ने नारद को बताया कि अल्प में दुख है। पूर्णता में सुख है। उपनिषद में पूर्णता को ''भूमा'' कहा गया है। जहाँ पूर्णता है वहाॅं आनंद है। आनंद आखिरकार है क्या? प्रसन्न/अप्रसन्न दर्शन विज्ञान की चुनौती हैं। क्या सुन्दर वाहन, मंहगे घर और इस तरह की अन्य वस्तुएं आनंद का सृजन कर सकती हैं। यश भी आनंद है। प्रसन्नता में आनंद लोभ है ? लेकिन इसमें भी अप्रसन्नता रहती है। तैत्तरीय उपनिषद में ऋषि भ्रगु ने पिता की आज्ञानुसार यह निश्चय किया कि विज्ञानस्वरूप चेतना जीव आत्मा है। ब्रह्म है। उन्होंने आनंद का ज्ञान दिया। ब्रह्म तत्व समझाया और आनंद को ब्रह्म बताया। भ्रगु ने संयमपूर्वक तप किया और निष्कर्ष निकाला कि आनंद ही ब्रह्म है। आनंद से ही समस्त प्राणी उत्पन्न होते हैं। आनंद से ही जीवित रहते हैं और जीवन के अन्त में आनंद में ही लौट जाते हैं। आनंदमय परम तत्व अन्नमय है। स्थूल रूप है। ब्रह्म के लक्षण आनंद में ही प्राप्त होते हैं। आनंद ब्रह्म है। ब्रह्म और आनंद पर्यायवाची हैं। समूचे विश्व में सारे कर्म आनंद के लिए ही सम्पन्न होते हैं। मुझे लगता है कि आनंद का स्थूल रूप अस्तित्व है। स्थूल विश्व का सूक्ष्म रूप, लेकिन सबको प्रभावित करने के लिए आनंद ही है। वायु आनंद प्राप्ति के लिए आनंदित होकर बहती है। वर्षा आनंद में प्रवाहित होती है। जल आनंद गोत्री है। जीवन के सभी कार्य व्यापार आनंद में ही सम्पन्न होते हैं और आनंद का सृजन करते हैं। आनंद के उपकरण भौतिक हैं। आनंद का आनंद अध्यात्मिक है। ईश्वर आनंद है। आनंद दाता है। आनंद का सृजनकर्ता है। अस्तित्व को आनंद से परिपूरित करता है। ज्ञान की यह परंपरा वैदिककाल के पहले से अब तक यथावत है और निरंतरता में भी है। पूर्वजों ने शरीर में पाँच मुख्य कोष बताएं हैं। पहला अन्नमय कोष है। शरीर की यह पर्त अन्न से बनती है। दूसरा कोष प्राणमय है। प्राण महत्वपूर्ण है। प्राण से प्राणी है। तीसरा मनोमय कोष है। यह मन प्रभाहित है। मनोमय शरीर की विशिष्ट महिमा है। इसके बाद विज्ञानमय कोष है। विज्ञानमय कोष ज्ञानकोष है। उसके बाद पाँचवां कोष आनंदमय है। आनंद से भरापूरा है। वस्तुतः आनंद है। शरीर में बाहर की ओर से भीतर की ओर यात्रा में आनंदमय कोष अंतिम है। भीतर से बाहर की यात्रा में आनंदमय कोष प्रथमा है। ज्ञान का परिणाम आनंद है। आनंद का परिणाम सर्वोच्च ज्ञान है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 17 Apr 2022 06:01 AM PDT करण महारा को अहम दायित्व(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
कांग्रेस ने उत्तराखण्ड मंे क्रांतिकारी कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस की बागडोर करण महारा को सौंपी गयी है। माना जाता है कि उत्तराखण्ड की राजनीति मंे उनकी अच्छी पकड़ है, जबकि हरीश रावत जैसे नेता उत्तर प्रदेश से ज्यादा लगाव रखते थे। श्रीमती सोनिया गांधी ने विधायक दल का नेता यशपाल आर्य को बनाया है और उपनेता भुवन चन्द्र कापड़ी होंगे। इस बार विधानसभा चुनाव मंे कांग्रेस को उम्मीद थी कि उसे सरकार बनाने भर को विधायक मिल जाएंगे लेकिन पार्टी की उम्मीदों को झटका तब लगा जब हरीश रावत जैसे नेता हार गये और भाजपा सरकार का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पराजित होकर भी पार्टी के लिए भरपूर विधायक ले आया। लेकिन पार्टी को सरकार बनाने के लिए भरपूर विधायक मिले। इन हालात के लिए कांग्रेस नेतृत्व पार्टी नेताओं की कलह को जिम्मेदार मानती है। इसीलिए हरीश रावत और प्रीतम सिंह दोनों के गुटों को किनारे कर दिया गया और करण महारा को यह जिम्मेदारी सौंपी गयी है कि वे 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को दो-चार सांसद दिलाएंगे। करण महारा को निश्चित रूप से बहुत कमजोर और अन्तर्कलह से पीड़ित पार्टी मिली है लेकिन वे कांग्रेस मंे नई जान फूंकने की क्षमता रखते हैं। उनका लगभग 2 दशक का राजनीतिक सफर कामयाबी का सफर रहा है। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा फैसला लेते हुए 49 वर्षीय करण महारा को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह उत्तराखंड की सियासत में खासी पकड़ रखते हैं। इसके अलावा विधायक दल के नेता के रूप में यशपाल आर्य, तो विधायक दल के उपनेता के रूप में भुवन चंद कापड़ी की नियुक्ति की गई है। उत्तराखंड कांग्रेस में हुए बदलाव की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दी थी। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस ने अध्यक्ष गणेश गोदियाल से इस्तीफा ले लिया था। फिलहाल कांग्रेस ने राज्य के लिए अपना नया अध्यक्ष चुन लिया है। करण महारा को इस बार विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने रानीखेत विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा के प्रमोद नैनवाल ने उनको हरा दिया। इससे पहले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 में महारा ने भाजपा के अजय भट्ट को हराकर अपना दम दिखाया था। वहीं, खुद को राज्य का नया कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के बाद करण महारा ने राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार जताया है। उन्होंने लिखा, 'राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रदेश अध्यक्ष की जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी है मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करूंगा। भाजपा सरकार की विफलताओं एवं जनसरोकारों से जुड़े सभी मुद्दों को पूरी शक्ति के साथ समस्त कांग्रेस के साथियों को साथ लेकर उठाएंगे।' उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र के मुताबिक, करण महारा की उम्र 49 साल है। वह बिजनेसमैन होने के साथ ग्रेजुएट हैं। इसके साथ उनके पास 2.6 करोड़ की संपत्ति है, जिसमें 48.7 लाख रुपये की चल संपत्ति और 2.1 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है। यही नहीं, उनके ऊपर कोई आपराधिक मामला नहीं है। सीएम पुष्कर सिंह धामी को खटीमा में पटखनी देने वाले भुवन चंद कापड़ी को कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा इनाम दिया है। वह विधायक दल के उपनेता होंगे जबकि यशपाल आर्य को विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। करण सिंह महारा को गुटबाजी के इतर संगठनात्मक मजबूती में जुटे रहने का तोहफा मिल गया। करीब दो दशक के अपने सियासी सफर में दो बार विधायक रह चुके महारा पार्टी में बड़ा पद लेने के लिए खेमेबाजी से दूर रहे। यही वजह रही कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए महारा के दावा पेश करने पर संगठन के क्षत्रपों ने आपत्ति के बजाय मौन सहमति दे दी। दरअसल, 2017 के विस चुनाव में तब नेता प्रतिपक्ष व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे अजय भट्ट को हराने के बाद से ही पार्टी में करण महारा का कद बढ़ गया था। उन्हें संगठन तेजतर्रार युवा नेता के रूप में महत्व देने लगा था। वहीं सदन में उपनेता प्रतिपक्ष के रूप में मित्र विपक्ष के इतर आक्रामक रुख व प्रश्नकाल में सरकार और उनके मंत्रियों की घेराबंदी की शैली भी महारा के लिए प्रदेश व शीर्ष नेतृत्व तक पहचान दिलाने में मददगार बनी। नतीजतन, अबकी विस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रमोद नैनवाल से 2480 मतों से हारे कांगे्रसी नेता करन माहरा को संगठन ने प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी देकर पार्टी को युवा बनाने का संकेत भी दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री रहे गोविंद सिंह महारा के पुत्र करण सिंह महारा को राजनीति विरासत में मिली है। उनके बड़े भाई पूरन सिंह माहरा भी रानीखेत सीट से विधायक थे। विद्यार्थी जीवन में पृथक पर्वतीय प्रदेश के पैरोकार, जल, जंगल व जमीन के लिए चल रहे संघर्ष के दौरान महारा राज्य गठन से पूर्व क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल हो गए। उक्रांद के थिंक टैंक बिपिन त्रिपाठी उर्फ बिपिनदा की अगुआई में उन्होंने राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2003 ताड़ीखेत के सबसे युवा ब्लॉक प्रमुख चुने जाने के बाद उन्हें कांग्रेस में शामिल कर लिया गया। कांग्रेस के टिकट पर पहली बार 2007 का विधानसभा चुनाव लड़ा। भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट से 259 मतों से जीते। 2012 में अजय भट्ट ने 78 मतों से हराया था। तब कांग्रेस संगठन ने माहरा को प्रदेश महामंत्री बनाया। 2017 में 4900 मतों से जीतकर महारा दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। उपनेता प्रतिपक्ष बनाए गए। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद श्रीमती गांधी ने प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा देने के लिए कहा था। इससे पहले कांग्रेस ने कर्नाटक और मणिपुर प्रदेश इकाइयों के लिए कई वरिष्ठ पदाधिकारियों की नियुक्ति की। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लिए 40 उपाध्यक्ष और 109 महासचिव नियुक्त किए गए हैं। डीके शिवकुमार कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। राज्य में अगले साल के मध्य में विधानसभा चुनाव होना है। कांग्रेस ने मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लिए 14 महासचिव और 15 सचिव नियुक्त किए। पार्टी ने गत 30 मार्च को मणिपुर के अपने वरिष्ठ नेता केशम मेघचंद्र सिंह को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था। हालिया विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद एन लोकेन सिंह ने मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बदलाव किया गया। अब उत्तराखण्ड में महत्वपूर्ण बदलाव करके कांग्रेस ने एक नयी उम्मीद जगायी है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| शंघाई में कोरोना मामले बढ़ने के बाद चीन के अन्य शहरों में पाबंदियां शुरू Posted: 17 Apr 2022 05:57 AM PDT शंघाई में कोरोना मामले बढ़ने के बाद चीन के अन्य शहरों में पाबंदियां शुरूशंघाई। शंघाई में कोरोना के रिकार्ड मामले मिलने के बाद चीन के दूसरे हिस्सों में नियंत्रण और बढ़ा दिया गया है। उसका लक्ष्य अत्यंत तेजी से फैलने वाले ओमिक्रोन वैरिएंट पर काबू पाना है। मध्य चीन के निर्माण क्षेत्र झेंगझोउ हवाई अड्डा आर्थिक जोन ने 14 दिन के लिए लाकडाउन की घोषणा की है। महामारी के ताजा प्रकोप में 500 से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की जानकारी सामने आई है। चीन में मार्च महीने में कोरोना मामलों में आई तेजी के केंद्र रहे शंघाई में शनिवार को रिकार्ड 3,590 मामले सामने आए। 15 अप्रैल को 19,923 और इसके एक दिन पहले 19,872 मामले मिले थे।उत्तर पश्चिम चीन के शहर सिआन में निवासियों को अपने आवासीय परिसर से अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम या उन्हें कार्यस्थल पर ही रखने को कहा गया है। इस महीने कोरोना संक्रमण के दर्जनों मामले सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। शंघाई के समीप सुझोउ शहर में शनिवार को कहा गया कि जो भी कर्मचारी घर से काम करने में सक्षम हैं वे सभी अनिवार्य रूप से ऐसा करें। आवासीय परिसर एवं कंपनी परिसर लोगों और वाहनों के अनावश्यक प्रवेश पर रोक लगाए हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| इमरान खान को लगा बड़ा झटका, पीटीआई सांसदों के इस्तीफे की रणनीति हुई फेल, स्पीकर ने उठाया ये कदम Posted: 17 Apr 2022 05:53 AM PDT इमरान खान को लगा बड़ा झटका, पीटीआई सांसदों के इस्तीफे की रणनीति हुई फेल, स्पीकर ने उठाया ये कदम इस्लामाबाद। पाकिस्तान नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजा परवेज अशरफ ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पीटीआई के 123 सांसदों द्वारा दिए गए त्यागपत्रों को नामंजूर कर दिया है। द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, अशरफ ने नेशनल असेंबली सचिवालय को पिछले नियमों और नियमों के अनुसार पीटीआई सदस्यों के इस्तीफे के मुद्दे से निपटने और उन्हें अपने सामने पेश करने का निर्देश दिया है, ताकि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के संसदीय नेता मौलाना असद महमूद और पूर्व अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक ने अध्यक्ष से पीटीआई सदस्यों के इस्तीफे के मुद्दे की जांच और समीक्षा करने के लिए कहा है। उन्होंने यह दावा करते हुए कि उन्हें कई पीटीआई सदस्यों के फोन आए, जो इस्तीफा नहीं देना चाहते थे। सादिक ने कहा कि प्रत्येक इस्तीफे का सत्यापन नियम के अनुसार नहीं किया गया था। इसके अलावा तकनीकी विवरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि नेशनल असेंबली सचिवालय को साइक्लोस्टाइल इस्तीफे मिले हैं, जबकि नेशनल असेंबली के प्रत्येक सदस्यों का इस्तीफा हस्तलिखित होना चाहिए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पुतिन यूक्रेन में कर सकते हैं परमाणु हथियारों का इस्तेमाल, Posted: 17 Apr 2022 05:48 AM PDT पुतिन यूक्रेन में कर सकते हैं परमाणु हथियारों का इस्तेमाल,जेलेंस्की ने पूरी दुनिया को दी चेतावनी कीव। यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने दुनिया को चेतावनी दी है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन में सामरिक परमाणु हथियारों का उपयोग करने की संभावना के लिए तैयार रहें। यह सूचना सीएनएन के जरिए दी। सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में जेलेंस्की ने कहा कि केवल मुझे ही नहीं पूरी दुनिया को सभी देशों को चिंतित होना होगा क्योंकि यह वास्तविक जानकारी नहीं हो सकती है, लेकिन यह सच हो सकती है। मीडिया आउटलेट ने उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया कि उन्घ्हें रासायनिक हथियार का प्रयोग करना चाहिए, वे कर सकते हैं क्योंकि उनके लिए लोगों का जीवन कुछ भी नहीं। इसलिए। हमें सोचना चाहिए डरना नहीं चाहिए बल्कि तैयार रहना चाहिए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अफगानी लोगों के धैर्य की न लें परीक्षा, पाक की एयर स्ट्राइक के बाद तालिबान ने दी चेतावनी Posted: 17 Apr 2022 05:46 AM PDT अफगानी लोगों के धैर्य की न लें परीक्षा, पाक की एयर स्ट्राइक के बाद तालिबान ने दी चेतावनीकाबुल। पाकिस्तान और तालिबान के बीच एकबार फिर तकरार बढ़ गई है। तालिबान ने अफगानिस्तान के खोस्त और कुनार प्रांतों पर हालिया हवाई हमलों करने के लिए पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। बता दें कि पाकिस्तान ने उत्तरी वजीरिस्तान में दो आतंकी हमलों में अपने सैनिक खोने के बाद बीती रात ही अफगानिस्तान पर हवाई हमले किए है जिसमें अब 60 लोगों के मारे जाने जानकारी सामने आई है। एक बयान में, सूचना एवं संस्कृति के उपमंत्री और तालिबान के मुख्य प्रवक्ता, जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान के लोगों के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए अन्यथा गंभीर परिणाम का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। मुजाहिद ने कहा, ष्हम राजनयिक चैनलों और बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे को हल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस तरह के कृत्यों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव पैदा होगा, जिससे ऐसी लड़ाई होगी जिससे किसी को फायदा नहीं होगा।ष् खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने खोस्त और कुनार प्रांतों पर पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 17 Apr 2022 05:36 AM PDT 18 अप्रैल 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग🔅 तिथि द्वितीया 09:11 PM 🔅 नक्षत्र : स्वाति 06:55 AM 🔅 करण : तैतिल 08:46 AM गर 08:46 AM 🔅 पक्ष कृष्ण 🔅 योग सिद्धि 08:23 PM 🔅 वार सोमवार ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय 05:40 AM 🔅 चन्द्रोदय 08:02 PM 🔅 चन्द्र राशि तुला 🔅 सूर्यास्त 06:20 PM 🔅 चन्द्रास्त 06:23 AM 🔅 ऋतु वसंत ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष 🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत 🔅 कलि सम्वत 5124 🔅 दिन काल 12:49 PM 🔅 विक्रम सम्वत 2079 🔅 मास अमांत चैत्र 🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख ☀ शुभ और अशुभ समय ☀ शुभ समय 🔅 अभिजित 11:23:34 - 12:14:50 ☀ अशुभ समय 🔅 दुष्टमुहूर्त 12:14 PM - 01:06 PM 🔅 कंटक 07:58 AM - 08:49 AM 🔅 यमघण्ट 11:23 AM - 12:14 PM 🔅 राहु काल 07:00 AM - 08:36 AM 🔅 कुलिक 02:48 PM - 03:39 PM 🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:41 AM - 10:32 AM 🔅 यमगण्ड 10:13 AM - 11:49 AM 🔅 गुलिक काल 01:25 PM - 03:01 PM ☀ दिशा शूल 🔅 दिशा शूल पूर्व ☀ चन्द्रबल और ताराबल ☀ ताराबल 🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद ☀ चन्द्रबल 🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर 🌹विशेष ~ आशा द्वितीया। 🌹 पं.प्रेम सागर पाण्डेय् नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - रविवार 18 अप्रैल 2022, सोमवार का दैनिक राशिफलमेष (Aries): आज आप अधिक संवेदनशील रहेंगे। किसी के द्वारा आपकी भावना को ठेस पहुंच सकती है। मां की बीमारी के विचार सतायेंगे। मकान या जमीन के दस्तावेज आज न करें। मानसिक बेचैनी को दूर करने के लिए आध्यात्मिकता, योग का सहारा लें। पानी और जलाशय से दूर रहें। अभ्यास के लिए समय मध्यम है। शुभ रंग = केशरी शुभ अंक : 6 वृषभ (Tauras): आज आपको जरुरत से ज्यादा भावुकता के विचार आएंगे जिससे मन द्रवित हो उठेगा। हालांकि आपकी चिंता थोड़ी कम होगी, इस कारण आपका मन खुश रहेगा। आप कल्पना शक्ति से सृजनात्मक काम कर सकेंगे। परिजनों या दोस्तों के साथ अच्छा भोजन करने का मिलेगा। आकस्मिक प्रवास करना पड़ेगा। पैसों के बारे ध्यान रखने से उसका आयोजन कर सकेंगे। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 7 मिथुन (Gemini): रिश्तेदार और मित्रों के साथ मुलाकात से आप आनंद का अनुभव करेंगे। आर्थिक योजना में पहले थोड़ी मुसीबतें आएंगी लेकिन आप आसानी से काम पूरा कर सकेंगे। आप के जरुरी काम भी कुछ विलंब के बाद आसानी से पूरे होंगे जिससे आपको शांति महसूस होगी। नौकरी-धंधे में अनुकूल वातावरण रहेगा। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 2 कर्क (Cancer): आपके मन में आज प्यार और भावना छलक उठेगी और आप उसके प्रवाह में रहेंगे। दोस्त, स्वजन एवं सम्बंधी की ओर से भेंट-उपहार मिल सकता है। आप उनके साथ अपना दिन खुशी में बिताएंगे। प्रवास और सुंदर भोजन से आप रोमांचित रहेंगे। पत्नी के संग से मन प्रसन्न रहेगा। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 सिंह (Leo): आज कोर्ट-कचहरी के प्रश्न में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। मन भावनाओं से व्यथित रहेगा। आज कोई अनैतिक काम न हो, इसका ख्याल रखें। महिलाओं के बारे में विशेष ध्यान रखें। वाणी एवं वर्तन में संपर्क रखें। विदेश से समाचार मिलेंगे। कानूनी बातों का निर्णय सोच समझकर करें। शुभ रंग = पींक शुभ अंक : 8 कन्या (Virgo): घर, परिवार एवं व्यापार जैसे तमाम क्षेत्र लाभ लिए आपकी प्रतिक्षा कर रहे हैं। मित्रों के साथ आनंददायक प्रवास होगा तो दांपत्य जीवन में भी आप ज्यादा निकटता बना सकेंगे। स्त्री मित्र विशेष लाभदायी रहेंगी। धन प्राप्ति के लिए भी शुभ समय है। व्यापार के पैसे लेने के लिए प्रवास होगा। अविवाहितों को जीवनसाथी की तलाश में सफलता मिलेगी। शुभ रंग = केशरी शुभ अंक : 9 तुला (Libra): आज नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। आप पर अधिकारियों की कृपादृष्टि रहेगी। परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा। मन में भावनात्मकता बढ़ेगी। मां की ओर से फायदा होगा। उत्तम विवाह सुख प्राप्त होगा। जमीन जायदाद के दस्तावेज कर सकेंगे। व्यवसाय क्षेत्र में अच्छा एवं सफल दिन है। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 2 वृश्चिक (Scorpio): आपका आज का दिन मिला जुला रहेगा। लेखन-साहित्य से जुड़ी प्रवृत्ति करेंगे। कार्यस्थल पर प्रतिकूल परिस्थिति रहेगी। ऊपरी अधिकारियों का रवैया नकारात्मक रहेगा। प्रतिस्पर्धियों के साथ वाद-विवाद न करें। संतान से मतभेद खड़े होंगे। प्रवास की संभावना है। धन खर्च होगा। शुभ रंग = केशरी शुभ अंक : 6 धनु (Sagittarius): आज खाने-पीने में खास ध्यान रखें। कार्य सफलता में विलंब होने के कारण निराशा होगी। काम समय से पूरा नहीं होगा। काम का बोझ ज्यादा रहेगा। नये काम की शुरुआत न करें। शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ेगा। मन बेचैन रहेगा। बोलने पर संयम रखें। खर्च ज्यादा होगा। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 मकर (Capricorn): आज का दिन पैसों की दृष्टि से बहुत अच्छा रहेगा। व्यापार वृद्धि के योग हैं। दलाली, ब्याज, कमिशन से मिलने वाले पैसे आपके भंडार में वृद्धि करेंगे। प्रेमियों के लिए आज प्रणय परिचय का योग है। विजातीय आकर्षण रहेगा। सुंदर भोजन, वस्त्र परिधान एवं वाहनसुख प्राप्त होगा। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 7 कुंभ (Aquarius): वर्तमान समय में आप को कार्यों में सफलता मिलेगी एवं यशकीर्ति प्राप्त होगी। आज आप के स्वभाव में ज्यादा भावुकता रहेगी। मायके से अच्छे समाचार मिलेंगे। घर में प्रफुल्लितता का माहौल होगा। नौकरी में भी आप को साथियों का सहयोग मिलेगा। परिवार का माहौल सुख-शांति भरा रहेगा। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 2 मीन (Pisces): आज का दिन विद्यार्थियों के लिए अच्छा है। उनको अभ्यास में सफलता मिलेगी एवं प्रगति के लिए नया मौका प्राप्त होगा। आप अपनी कल्पना शक्ति से साहित्य लेखन में नया काम करेंगे। प्रेमीजन एक दूसरे का सानिध्य पा सकेंगे। आप के स्वभाव में ज्यादा भावुक्ता एवं कामुकता रहेगी। शुभ रंग = पीला शुभ अंक : 9 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844 हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 17 Apr 2022 02:33 AM PDT
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| Posted: 17 Apr 2022 02:29 AM PDT
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| Posted: 17 Apr 2022 02:20 AM PDT
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| कुमार जयंत को जन्मदिवस की बधाई | Posted: 17 Apr 2022 02:18 AM PDT कुमार जयंत को जन्मदिवस की बधाई |आज आपके नवम जन्मोत्व पर मैं आपको एक बहुत ही खास जन्मदिन और आगे एक शानदार वर्ष की कामना करता हूं! आपका दिन शुभ और मंगलमय हो! भगवान जीवन में सभी अद्भुत चीजों को आशीर्वाद दें और आप पर हमेशा अपनी कृपा बरसाते रहें आपको जन्मदिन की बहुत शुभकामनाएं ! हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| उत्तराखण्ड की वादियां अपराधियों के लिए महफूज अड्डे बन रही हैं Posted: 16 Apr 2022 07:52 AM PDT उत्तराखण्ड की वादियां अपराधियों के लिए महफूज अड्डे बन रही हैंदेहरादून। पिछले एक साल में उत्तराखंड एसटीएफ और पंजाब पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में ऐसे 4 मामले सामने आए हैं, जो बताते हैं कि उत्तराखंड की वादियां अपराधियों की 'सेफहाउस' बन रही हैं। क्राइम को अंजाम देने के बाद उत्तराखंड में आरोपियों को छिपने के लिए सबसे मुफीद ठिकाने मिल रहे हैं। खासतौर पर वो इलाके जहां इंस्टिट्यूटों की भरमार है और हॉस्टल या पीजी आसानी से मिल जाते हैं। इस थ्योरी के उभरने के संकेत यही हैं कि राज्य की पुलिस इस दिशा में छानबीन कर रही है। प्रेमनगर के मांडूवाला में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शॉर्प शूटर हरवीर सिंह के गुरुवार को पकड़े जाने के बाद एक बार फिर उत्तराखंड की शांत वादियां सुर्खियों में हैं। प्रदेश के कुछ इलाके शिक्षा हब के तौर पर उभर रहे हैं और यहां इंस्टिट्यूटों में बाहरी राज्यों से आकर पढ़ रहे स्टूडेंट्स की भी कुछ मामलों में संलिप्तता पाई गई। अब उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ की टीम अब पीजी और हॉस्टलों में रह रहे स्टूडेंटों के वैरिफिकेशन को भी खंगालने लगी है। वहीं, डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि छिपने के लिहाज से आरोपियों को यह महफूज जगह लगती है इसलिए सभी लोगों को किरायेदारों का वैरिफेशन जरूर करवाना चाहिए। अब एजुकेशन हब और टूरिस्ट प्लेस होने के नाते उत्तराखंड में बढ़ रही गतिविधियों से चिंता तो बढ़ ही रही है, समझदारी यही है कि आप थोड़ी सतर्कता बरतें और अपराध को रोकने में अपना योगदान दें। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| आंबेडकर की मूर्ति हटाए जाने पर हजारों दलितों ने धर्म परिवर्तन करने की दी धमकी Posted: 16 Apr 2022 07:50 AM PDT आंबेडकर की मूर्ति हटाए जाने पर हजारों दलितों ने धर्म परिवर्तन करने की दी धमकीहमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में करीब 15 हजार दलितों ने हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने की धमकी दी है। कथित तौर पर इन दलितों ने 14 अप्रैल को बाबा साहेब आंबेडकर की जयंति के मौके पर उनकी प्रतिमा को दूसरे की जमीन पर स्थापित किया था जिसकी शिकायत पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने अवैध रूप से रखी गयी मूर्ति को रात में हटवा दिया। मामला सुमेरपुर कस्बा के त्रिवेणी मैदान का है। प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में दलितों ने नेशनल हाइवे को 10 घंटे तक जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दलितों को मूर्ति वापस दे दी थी लेकिन उसे विवादित स्थान पर लगाने की अनुमति नहीं दी। इतना ही नहीं नेशनल हाइवे जाम करने वालों लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली जिससे नाराज होकर हजारों दलितों ने धर्म परिवर्तन करने की धमकी दी है। दलितों के इस ऐलान ने जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इतनी बड़ी तादाद में धर्म परिवर्तन की घोषणा के बाद भी जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। दरअसल आंबेडकर जयंति के मौके पर त्रिवेणी मैदान में चबूतरा बना कर डॉ। भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई थी। जहां यह मूर्ति स्थापित की गई थी उसे लेकर अमर सिंह नाम के शख्स ने दावा किया कि ये उसकी जमीन है और थाने में शिकायत दर्ज करा दी। बाबा साहेब के अनुयायी वैधनाथ वर्मा, रविन्द्र कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया की जमीन पर मालिकाना हक जताने वाले अमर सिंह ने लिखित एग्रीमेंट किया था की जमीन उन्होंने दान में दी है, इसी के बाद चबूतरा बना कर बाबा साहेब की मूर्ति स्थापित की गई थी, लेकिन अब अमर सिंह अपने एग्रीमेंट से मुकर गए हैं और पुलिस से मिलकर जबरन बाबा साहेब की मूर्ति हटवाई गई है, इससे उनका अपमान हुआ है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| योगी सरकार ‘यूपी होमगार्ड्स’ में महिलाओं को देगी नौकरी Posted: 16 Apr 2022 07:47 AM PDT योगी सरकार 'यूपी होमगार्ड्स' में महिलाओं को देगी नौकरीलखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अब यूपी होमगार्ड्स में महिलाओं को नौकरी के बड़े अवसर देने जा रही है। विभाग के रिक्त पड़े 20 प्रतिशत पदों पर केवल महिलाओं की भर्ती होगी। अधिकारियों को 100 दिनों में भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने के प्रस्ताव को बना लेने के लिए कहा गया है। शांति व्यवस्था बनाने और आतंरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले होमगार्ड विभाग में होने वाली इन भर्तियों से प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराधों में भारी कमी आएगी। प्रदेश में सुरक्षा का माहौल भी विकसित होगा। अपनी हिम्मत और जज्बे से बुलंदियों को छूने का सपना रखने वाली प्रदेश की महिलाओं को अवसर मिलने से वे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोगी बनेंगी। महिलाएं अपनी दक्षता और कार्यकुशलता दिखाएंगी और जनता की सेवा भी कर सकेंगी। सरकार ने अगले 4 वर्षों में होमगार्ड के रिक्त पड़े सभी पदों को चरणवार भरने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं। सशक्त नारी, सक्षम युवा और सभी विभागीय रिक्तियों को शीघ्रता से भरने और नौकरियों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने में सरकार तेजी से काम कर रही है। प्रदेश में हर साल एक लाख से ज्यादा लोगों को नौकरी देने जा रही योगी सरकार महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने में जुटी है। उसने सभी सरकारी महमकों में रिक्त पदों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया है। होमगार्ड विभाग ने अब तक समाज के प्रत्येक वर्ग से लाखों पुरुष और महिलाओं को संगठन का सदस्य बना कर देश की सुरक्षा में किन्हीं भी विषम परिस्थितियों से सफलतापूर्वक निपटने की दक्षता विकसित की है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| विकास यात्रा में व्यापक सहभागिता Posted: 16 Apr 2022 07:45 AM PDT विकास यात्रा में व्यापक सहभागिता(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) भारत ने अपनी संवैधानिक यात्रा में अनेक उत्तर चढ़ाव देखे है। इस अवधि में प्रजातन्त्र की जड़ें यहां गहरी हुई है। प्रमुख लोक तांत्रिक देशों में भारत प्रमुख रूप से शामिल है। यहां संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप सरकारों की रचना होती है। संविधान की प्रस्तावना हम भारत के लोग शब्दावली से शुरू होती है। भारत के लोग ही चुनाव के माध्यम से जनादेश देते हैं। भारत से अलग होकर निर्मित पाकिस्तान को आज तक संवैधानिक व्यवस्था पर चलने का सलीका नहीं आया। वहां निर्वाचित सरकार भी सेना के नियंत्रण में रहती है। सैन्य कमांडर की नजर तिरछी होने के बाद निर्वाचित प्रधानमंत्री को भी कुर्सी छोड़नी पड़ती है। यह स्थिति तब रहती है जब सेना का सीधे सत्ता पर नियंत्रण नहीं रहता है। लगभग आधे समय तक वहां की सत्ता पर सेना के जनरल का नियंत्रण रहा है। भारत ने प्रजातंत्र के उच्च प्रतिमान स्थापित किये है। सभी प्रधानमंत्रियों ने अपने अपने तरीके से कार्य किया। कई बार नेकनीयत से किये गए कार्यों के भी बेहतर परिणाम नहीं मिलते है। भारत की संवैधानिक व्यवस्था में भी ऐसे तथ्य दिखाई देते है। यहां लोक प्रियता के शिखर पर रहे जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी व नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। इनमें इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी को पराजय भी देखनी पड़ी। जबकि जवाहर लाल नेहरू और अभी तक नरेंद्र मोदी अपराजित रहे है। राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता के पीछे रहने वाले भी प्रधानमंत्री बने। लाल बहादुर शास्त्री को अल्प समय में प्रतिष्ठा मिली। मनमोहन सिंह का उदाहरण सबसे अलग है। वह कभी ग्राम प्रधान या पार्षद का चुनाव नहीं जीते,लेकिन दस वर्ष तक देश के प्रधानमंत्री रहे। अटल बिहारी वाजपेयी ने करीब दो दर्जन दलों के सहयोग से बेहतरीन सरकार चलाई। इसके पहले एक मत से उनकी सरकार लोकसभा में पराजित हो गई थी। तब उड़ीसा के मुख्यमंत्री ने लोकसभा में बैठकर सरकार के विरुद्ध मतदान किया था। उस समय तक लोकसभा की सदस्यता से उन्होंने त्यागपत्र नहीं दिया था। तकनीकी रूप से उनका मतदान करना भले ही ठीक रहा हो,लेकिन यह संविधान की भावना के विरुद्ध था। संविधान निर्माता यह नहीं चाहते थे कि कोई नेता विधानसभा व लोकसभा की कार्यवाही में एक साथ सम्मिलित हो। चरण सिंह,वीपी सिंह,चन्द्र शेखर, देवगौड़ा,इंद्र कुमार गुजराल राजनीतिक जोड़ तोड़ के चलते प्रधानमंत्री बने थे। उनकी ताजपोशी संसदीय व्यवस्था के संख्या फैक्टर से संभव हुई थी। इन सभी प्रधानमंत्रियों की चर्चा चलेगी तब अनेक दिलचस्प तथ्य भी उजागर होंगे। इनके बाद नरेंद्र मोदी ने अपना अलग मुकाम बनाया है। उनके कार्यकाल में ऐतिहासिक समस्याओं का समाधान हुआ। अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण,श्री विश्वनाथ धाम निर्माण, अनुच्छेद 370 व पैतीस-ए, तीन तलाक की समाप्ति हुई। गरीबों को अनेक योजनाओं का अभूतपूर्व लाभ मिला। साठ से लेकर चालीस वर्ष से लंबित योजनाओं को पूरा किया गया। यह संयोग है कि नरेंद्र मोदी ने ही प्रधानमंत्रियों से जुड़े संग्रहालय का लोकार्पण किया। यह लोकार्पण डॉ आंबेडकर की जन्म जयंती पर किया गया। वह संविधान के शिल्पी थे। उनकी प्रतिष्ठा में सर्वाधिक कार्य नरेंद्र मोदी सरकार ने किए है। इसमें उनके जीवन से संबंधित स्थलों का भव्य निर्माण किया गया। इसके साथ ही दलित वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ वंचित वर्ग तक पहुंच रहा है। नरेंद्र मोदी ने डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच स्थानों को भव्य स्मारक का रूप प्रदान किया। इसमे लंदन स्थित आवास, उनके जनस्थान,दीक्षा स्थल,इंदुमिल मुम्बई और नई दिल्ली का अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थान शामिल हैं। यह अपने ढंग का अद्भुत संस्थान है, जिसमें एक ही छत के नीचे डॉ आंबेडकर के जीवन को आधुनिक तकनीक के माध्यम से देखा-समझा जा सकता है। पिछले दिनों मोदी ने यह संस्थान राष्ट्र को समर्पित किया था। संयोग देखिये, इसकी कल्पना अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी और इसे पूरा नरेंद्र मोदी ने किया। प्रधानमंत्री संग्रहालय में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक सभी चैदह प्रधानमंत्रियों के योगदान उल्लिखित है। पं. जवाहर लाल नेहरू का चित्रण संस्थान निर्माता के रूप में किया गया है। यह पहले नेहरू म्यूजियम था। इसे नया स्वरूप दिया गया है। यहां देश के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों से जुड़ी स्मृतियों व योगदान को दर्शाया गया है। इसके अलावा कई लोकतांत्रिक मूल्यों की भी चर्चा की गई। जवाहर लाल नेहरू, गुलजारी लाल नंदा, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, चरण सिंह, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, पीवी नरसिम्हा राव, अटल बिहारी वाजपेयी, एचडी देवगौड़ा, इंद्रकुमार गुजराल, मनमोहन सिंह शामिल हैं। राष्ट्र निर्माण इन सभी के योगदान की सराहना की गई। यह उनकी विचारधारा और कार्यकाल को अप्रतिम श्रद्धांजलि है। इसकी कल्पना नरेंद्र मोदी ने ही कि थी। वर्तमान पीढ़ी को सभी प्रधानमंत्रियों के कार्यों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी मिलेगी। प्रधानमंत्री संग्रहालय ब्लॉक एक के रूप में नामित तत्कालीन तीन मूर्ति भवन को ब्लाक दो के रूप में नामित नवनिर्मित भवन के साथ एकीकृत किया गया है। संग्रहालय के लिए कोई पेड़ नहीं काटे गए है। यह भी नरेंद्र मोदी का ही विजन है। वह प्रकृति संरक्षण की सदैव प्रेरणा देते है। इसी क्रम में ऊर्जा संरक्षण व्यवस्था को शामिल किया गया है। गहन शोध और अध्ययन के बाद प्रधानमंत्री संग्रहालय का निर्माण किया गया है। सूचना प्रसार भारती, दूरदर्शन,फिल्म प्रभाग, संसद टीवी,रक्षा मंत्रालय,देश विदेश के मीडिया हाउस समाचार एजेंसियों आदि जैसे संस्थानों के माध्यम से सामग्री का संग्रह किया गया। सभी प्रधानमंत्रियों के व्यक्तिगत वस्तुएं, उपहार और यादगार वस्तुएं,उनके भाषण व जीवन के विभिन्न पहलू यहां दिखाई देंगे। नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के हर प्रधानमंत्री ने संविधान सम्मत लोकतंत्र के लक्ष्यों की पूर्ति में भरसक योगदान दिया है। देश के विकास में स्वतंत्र भारत के बाद बनी प्रत्येक सरकार का योगदान है। संग्रहालय प्रत्येक सरकार की साझा विरासत का जीवंत प्रतिबिंब है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामान्य परिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति भी शीर्षतम पदों पर पहुंच सकता है। ज्यादातर प्रधानमंत्री बहुत ही साधारण परिवार से रहे हैं। सुदूर देहात के एकदम गरीब, किसान परिवार से आकर भी प्रधानमंत्री पद पर पहुंचना भारतीय लोकतंत्र की महान परंपराओं के प्रति विश्वास को दृढ़ करता है। भारत लोकतंत्र की जननी है। भारत के लोकतंत्र की बड़ी विशेषता ये भी है कि समय के साथ इसमें निरंतर बदलाव आता रहा है। लोकतंत्र को और आधुनिक बनाने, सशक्त करने का निरंतर प्रयास हुआ है। उन्होंने आनो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः उल्लेख किया। अर्थात हर तरफ से नेक विचार हमारे पास आएं। यही कारण है कि वर्तमान विश्व अपनी समस्याओं के समाधान हेतु भारत की तरफ देख रहा है। भारत को इसके अनुरूप अपने को अधिक शक्तिशाली बनाना है। देश की यह यात्रा अनवरत चल रही है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 16 Apr 2022 07:42 AM PDT उद्धव ठाकरे की उलझन(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की कमजोर नस पर भाजपा प्रहार करती है। राजनीतिक परिस्थितियां ऐसी हैं कि शिवसेना नेता बचाव की मुद्रा में खड़े दिखाई पड़ते। अभी हाल में उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता राजठाकरे ने पहले चेतावनी दी कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर से अजान होगी तो हम लाउडस्पीकर से हनुमान चालीसा पढ़ेंगे। मनसे नेताओं ने इसे अमली जामा भी पहनाया। इस पर राज्य की पुलिस ने जुर्माना ठोंका। अब इस पर सियासत हो रही है। भाजपा के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा पढ़ने से सरकार को परेशानी क्यों हो रही है? इसका जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा के पास हिन्दुत्व का पेटेंट नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के पास मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वह नफरत फैलाने का काम कर रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा के पास हिंदुत्व का 'पेटेंट' नहीं है। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना के दिवंगत सुप्रीमो बाला साहब ठाकरे ने भाजपा को दिखाया था कि भगवा और हिंदुत्व के मेल से केंद्र की सत्ता हासिल करने में मदद मिल सकती है। ठाकरे ने कहा कि भाजपा के उलट शिवसेना हमेशा से 'भगवा और हिंदुत्व' को लेकर प्रतिबद्ध रही है जबकि उसके (भाजपा) भारतीय जनसंघ और जन संघ जैसे अलग-अलग नाम है जो अलग विचारधारा प्रसारित करती है। ठाकरे कोल्हापुर उत्तर सीट पर उपचुनाव से दो दिन पूर्व महा विकास अघाडी (एमवीए) प्रत्याशी जयश्री जाधव के प्रचार अभियान में डिजिटल माध्यम से शामिल हुए थे। उद्धव ठाकरे ने वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव के दौरान कोल्हापुर सीट पर शिवसेना प्रत्याशी को मिली हार के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उस समय दोनों दलों का गठबंधन था। ठाकरे ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या भाजपा का कांग्रेस के साथ इस सीट पर वर्ष 2019 के चुनाव में गुप्त गठबंधन था। उन्होंने कहा, ''भाजपा के पास हिंदुत्व का पेटेंट नहीं है। मुझे आश्चर्य है कि अगर भगवान राम का जन्म नहीं हुआ होता तो भाजपा राजनीति में कौन सा मुद्दा उठाती। चूंकि भाजपा के पास मुद्दों की कमी है इसलिए वह धर्म और नफरत पर बात कर रही है। ठाकरे ने कहा कि उनके पिता बाल ठाकरे वह व्यक्ति थे जिन्होंने उन्हें (भाजपा को) दिखाया कि भगवा और हिंदुत्व उन्हें दिल्ली के रास्ते पर ले जा सकता है। कोल्हापुर उत्तर उपचुनाव पर बोलते हुए ठाकरे ने कहा, 2019 में वर्ष 2014 के मुकाबले (कोल्हापुर उत्तर सीट पर) कांग्रेस के मत बढ़ गए जिसका नतीजा हुआ कि शिवसेना प्रत्याशी की भाजपा के साथ गठबंधन के बावजूद हार हुई। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दावा करती है कि वह बाल ठाकरे का सम्मान करती है तो फिर वह क्यों नवी मुंबई में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम दिवंगत शिवसेना संस्थापक के नाम पर करने के प्रस्ताव का विरोध कर रही है। ठाकरे ने दावा किया था कि वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने शिवसेना को मुख्यमंत्री का पद देने का वादा किया था। संभवतः इसी का संदर्भ देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा क्यों अपने शब्दों और प्रतिबद्धता से पीछे हटी जो (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह ने बाला साहेब के कमरे में की थी जिसे मैं मंदिर मानता हूं। महाराष्ट्र में हिंदुत्त्व के मसले पर दो पुराने सहयोगी और अब राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने हैं। इनमें एक हैं- भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। दूसरे हैं- शिवसेना प्रमुख और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना इस मुद्दे पर महाराष्ट्र में तीसरा पक्ष है, जिसके चार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी देवेंद्र फडणवीस ने मुद्दा बनाया है। ये लोग बिना इजाजत मुंबई के दादर में स्थित शिवसेना भवन के सामने टैक्सी पर लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा बजा रहे थे। इस पर शिवाजी पार्क पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तुरंत इस पर प्रतिक्रिया में फडणवीस ने सीधे उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए सवाल किया, 'लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने से कुछ लोग नाराज क्यों हो जाते हैं?' फडणवीस ने कहा, 'दूसरे धर्म के लोग भी लाउडस्पीकरों पर रोज अपनी प्रार्थनाएं बजाते हैं। अगर उन्हें (उद्धव ठाकरे को) उनसे दिक्कत नहीं है, तो लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीस बजाए जाने से परेशानी क्यों?' उन्होंने शिवसेना पर यह भी आरोप लगाया कि उसने हिंदुत्त्व का मसला छोड़ दिया है और छद्म-धर्मनिरपेक्षता का चोला ओढ़ लिया है। इसके जवाब उद्धव ठाकरे ने कोल्हापुर के शिवसेना कार्यकर्ताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा, 'हमने उन्हें (भाजपा को) छोड़ा है, हिंदुत्त्व नहीं। हिंदुत्त्व पर उन्होंने कोई ठेका नहीं ले रखा है। वे अपनी सुविधा से इस मुद्दे का इस्तेमाल करते हैं। जब उन्हें ठीक लगता है, इसे उठाते हैं। नफरत फैलाते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। हम ऐसा नहीं करते। हमारी आस्था शुरू से भगवा पर है, आगे भी रहेगी।' ठाकरे ने दावा किया, 'हिंदुत्त्व का रास्ता तो भाजपा को बाला साहेब ठाकरे ने दिखाया था।' हालांकि देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बीच जुबानी जंग कोल्हापुर उत्तर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के मद्देनजर हो रही थी। यह सीट कांग्रेस विधायक चंद्रकांत जाधव के निधन से खाली हुई है। कांग्रेस ने उनकी पत्नी जयश्री को उम्मीदवार बनाया है। शिवसेना ने उनके समर्थन का फैसला किया है। इसका कारण यह है कि शिवसेना के नेतृत्त्व वाली सरकार में इस वक्त कांग्रेस भी शामिल है। वहीं भाजपा ने सत्यजीत कदम को टिकट दिया है। केंद्रीय मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवसेना भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रही है, भाजपा नहीं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने कहा कि शिवसेना ने अपना हिंदुत्व पेटेंट कांग्रेस और राकांपा को बेच दिया है। केंद्रीय मंत्री दानवे ने ये बातें उद्धव ठाकरे के उस बयान पर पलटवार करते हुए कहीं, जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा था कि भाजपा हिंदुत्व पर पेटेंट नहीं रखती है। रावसाहेब पाटिल दानवे ने कहा, 'शिवसेना ने अपना हिंदुत्व पेटेंट कांग्रेस और राकांपा को बेच दिया है। भाजपा राम के नाम पर राजनीति नहीं कर रही है, बल्कि शिवसेना कर रही है।' दरअसल, हिन्दुत्व एक ऐसा मुद्दा है जहां शिवसेना बचाव की मुद्रा में रहती है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 16 Apr 2022 07:39 AM PDT शिवपाल यादव के इशारे(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) समाजवादी पार्टी (सपा) को छोड़कर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) बनाने वाले शिवपाल यादव के इन दिनों बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा के विषय बने हुए हैं। अभी हाल में उन्हांेने भाजपा के प्रमुख मुद्दे समान नागरिक संहिता का समर्थन किया था। उसके दूसरे ही दिन अपनी पार्टी की सभी इकाइयां भंग कर दीं। उसी दिन मुलायम सिंह यादव के एक खासमखास नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की थी। शिवपाल यादव ने लगभग दो महीने पहले ही भतीजे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए सपा से गठबंधन किया था। हालांकि चुनाव में टिकट बंटवारे के साथ ही शिवपाल की नाराजगी भी झलकी थी लेकिन चुनाव नतीजे मिलने के बाद अपेक्षा थी कि शिवपाल को नेता प्रतिपक्ष बनाया जा सकता है क्योंकि अखिलेश सांसद थे। अखिलेश ने संसदीय सीट छोड़ने की घोषणा की और नेता प्रतिपक्ष बन गये तो उस बैठक में भी शिवपाल नहीं आये थे। खबर तो यह थी कि उन्हंे बुलाया ही नहीं गया। बहरहाल, अब शिवपाल क्या करने वाले हैं, इस पर सभी की निगाहें हैं क्योंकि इसी बीच शिवपाल और मो. आजम खान की मुलाकात की एक नयी कहानी भी सुनी जा रही है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने 15 अप्रैल को बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने प्रसपा की सभी प्रादेशिक और राष्ट्रीय कमेटियां भंग कर दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसे शिवपाल यादव के अगले राजनीतिक कदम की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। शिवपाल ने पिछले दिनों कहा था कि वह 'उचित समय' जल्द आने वाला है, जिसका सबको इंतजार है। पार्टी के महासचिव और शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, "प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव के निर्देशानुसार प्रदेश कार्यकारिणी एवं राष्ट्रीय/प्रादेशिक प्रकोष्ठों की कार्यकारिणी अध्यक्ष सहित संपूर्ण प्रवक्ता मंडल (कार्यवाहक मुख्य प्रवक्ता सहित) को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है।" दरअसल हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भतीजे अखिलेश यादव से कड़वाहट भुलाकर समाजवादी पार्टी से गठबंधन करने वाले शिवपाल यादव के भाजपा में जाने की अटकलें हैं। महज एक सीट मिलने को लेकर चुनाव के बीच ही अपना दर्द जाहिर करने वाले शिवपाल कह चुके हैं कि वह जल्द फैसला लेंगे। सपा के टिकट पर जसवंतनगर सीट से विधायक बने शिवपाल को भतीजे अखिलेश ने कोई बड़ी जिम्मेदारी देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सपा विधानमंडल दल की बैठक में नहीं बुलाए जाने से नाराज शिवपाल यादव ने दिल्ली जाकर बड़े भाई मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की थी। दिल्ली में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से मुलाकात करने के बाद वह अगले दिन लखनऊ पहुंचे और फिर समाजवादी पार्टी के विधायकों के साथ शपथ लेने के बजाए अकेले शपथ ली। इसके बाद शिवपाल ने उसी दिन शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करीब 20 मिनट मुलाकात की थी। इसी के बाद चर्चा हुई कि शिवपाल यादव जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, यूपी के राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से ये कयास लगाए जा रहे हैं। शिवपाल भी लगातार ऐसे संकेत दे रहे हैं जिनसे उनकी बीजेपी से नजदीकियों के बारे में संकेत मिलते रहते हैं। अब शिवपाल यादव ने समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत की है। उनका कहना है कि राम मनोहर लोहिया ने तो 1967 के चुनाव में इसे मुद्दा भी बनाया था। शिवपाल ने इसके लिए पूरे देश में आंदोलन चलाने का ऐलान किया है।लखनऊ में 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित एक सेमिनार में शिवपाल यादव ने कहा कि अब समान नागरिक संहिता लागू करने का सही समय आ गया है। भीमराव आंबेडकर और लोहिया दोनों ने समाजवाद की खुलकर पैरवी की थी। साथ ही संविधान सभा में समान नागरिक संहिता की वकालत भी की थी। शिवपाल के इस बयान के बाद प्रसपा के प्रवक्ता दीपक मिश्रा ने बताया कि वह समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग को लेकर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी और शांता कुमार सिंह से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी से मुलाकात का समय भी मांगा जा चुका है। इसके बाद से उनके बीजेपी में जाने की अफवाह और तेज हो गयी है। इधर, एक और कड़ी जुड़ गयी है। मुलायम सिंह यादव व शिवपाल के बेहद करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सांसद व विधान परिषद अध्यक्ष रहे सुखराम सिंह यादव ने परिजनों संग 11 अप्रैल को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। सूत्र बताते हैं कि सुखराम सिंह यादव भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इस मौके पर उन्होंने पिता चैधरी हरमोहन सिंह पर लिखी पुस्तक सीएम योगी को भेंट की। बता दें कि बेटा मोहित यादव पहले ही सपा से किनारा कर भाजपा में शामिल हो चुका है। कानपुर से शुरू हुई अखिलेश यादव के विजय रथ यात्रा से भी सपा सांसद ने पूरी तरह दूरी बनाकर रखी। मुलायम सिंह की वजह से ही सुखराम सिंह को राज्यसभा सांसद के लिए वर्ष-2016 में मनोनीत किया गया था। दरअसल, सुखराम सिंह की यादव और ओबीसी वोट बैंक में अच्छी पकड़ है। वे अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ओबीसी और यादव वोट बैंक में अच्छी पकड़ बनाना चाहती है। कानपुर नगर और देहात की लगभग सभी सीटों पर ओबीसी वोट बैंक अच्छी तादाद में है। इसका असर पूरे प्रदेश के ओबीसी वोट बैंक पर पड़ना तय है। पार्टी की कमान हाथ में आने के बाद अखिलेश यादव ने सुखराम सिंह की लगातार उपेक्षा की। वहीं प्रसपा पार्टी के गठन के बाद सुखराम सिंह शिवपाल के साथ भी मजबूती से खड़े थे। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में हार मिलने के बाद से ही समाजवादी पार्टी में बगावत का माहौल चल रहा है। चाचा शिवपाल सपा से अलग होने के संकेत लगातार दे रहे हैं। वहीं, आजम खान समेत कई बड़े मुस्लिम नेता अखलिश यादव से नाराज दिख रहे हैं। सपा के नेता कासिम राईन ने भी इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, कासिम ने सपा और सपाध्यक्ष पर कई आरोप भी लगाए हैं। कासिम राईन का कहना है कि अखिलेश यादव मुसलमानों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ कभी आवाज नहीं उठाते। उन्हें कोई रुचि ही नहीं है। आजम खान के परिवार को सलाखों के पीछे रखा गया, तब भी अखिलेश यादव चुप्पी साधे रहे। नाहिद हसन को जेल में डाले जाने के दौरान भी अखिलेश यादव कुछ नहीं बोले। वहीं, जब सहिजल इस्लाम का पेट्रोल पंप गिराया गया, तब भी अखिलेश ने आवाज नहीं उठाई। खबर है कि चाचा शिवपाल यादव के बाद आजम खानभी नाराज चल रहे हैं और दोनों नेता एक साथ आ सकते हैं। फिलहाल, शिवपाल ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अंतरिक्ष में छह माह बिताने के बाद पृथ्वी पर वापस लौटा चीनी अंतरिक्षयात्री Posted: 16 Apr 2022 07:37 AM PDT अंतरिक्ष में छह माह बिताने के बाद पृथ्वी पर वापस लौटा चीनी अंतरिक्षयात्रीबीजिंग। चीन के नए अंतरिक्ष स्टेशन पर छह महीने बिताने के बाद तीन अंतरक्षियात्रियों को लेकर शेनझोउ-13 शनिवार को वापस लौट आया। इसके साथ ही अब तक अंतरिक्ष में बिताया जाने वाला सबसे अधिक समय का रिकार्ड भी कायम हो गया। इससे पहले अंतरिक्ष में 92 दिन बिताने का रिकार्ड है। तीन चीनी अंतरिक्षयात्रियों को लेकर स्पेसक्रांफ्ट वापस पृथ्वी पर आ चुका है। इससे पहले अंतरिक्ष में देश का पहला विमान तीन महीनों तक रहा है। स्थानीय समयानुसार 9ः56 ंउ पर उत्तर चीन के मंगोलिया स्थित गोबी रेगिस्तान की डोंगफेंग लैंडिंग साइट पर तीन अंतरिक्षयात्री झाई झिगांग वांग यापिंग और ये गुआंगफू को लेकर कैप्सूल की लैंडिंग हुई। तीनों अंतरिक्षयात्रियों के स्वास्थ्य की जांच मेडिकल टीम ने की और बताया कि इनका स्वास्थ्य अच्छा है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| सिंगापुर में सिखों पर अध्ययन के लिए प्रोफेसर पद की स्थापना Posted: 16 Apr 2022 07:34 AM PDT सिंगापुर में सिखों पर अध्ययन के लिए प्रोफेसर पद की स्थापनासिंगापुर। सिंगापुर में सिखों ने बैसाखी का पर्व देश और दक्षिण पूर्व एशिया में सिखों पर अध्ययन के लिए प्रोफेसर पद की स्थापना के साथ मनाया। इस पहल का मकसद सामुदायिक नेतृत्व की भूमिका में महिलाओं की संख्या बढ़ाना है। इसका मकसद सिंगापुर और विदेशों में सिखों पर अध्ययन के लिए अकादमिक छात्रवृत्ति को बढ़ावा देना है। यह सिंगापुर और दक्षिण पूर्व एशिया में सिखों पर अध्ययन के लिए स्थापित होने वाला पहला प्रोफेसर पद है। सीएसजीबी ने कहा कि वह विजिटिंग प्रोफेसर के पद की बंदोबस्ती निधि के लिए 12 लाख सिंगापुरी डॉलर जुटाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। सरकार द्वारा दान में मिली डॉलर-दर-डॉलर राशि का मिलान किया जाएगा। वरिष्ठ रक्षा राज्य मंत्री हेंग ची हाउ सिख समुदाय द्वारा आयोजित बैसाखी समारोह में शामिल हुए और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के गवाह बने। 'फ्राइडे वीकली तबला' के मुताबिक, इस पहल के तहत 'एनकौर कार्य समिति' उन कारकों पर अध्ययन करेगी, जिनकी वजह से सिंगापुर में महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका के अलावा सिख संगठनों और कार्यक्रमों में बड़ी भागीदारी नहीं मिल सकी है। 'एनकौर कार्य समिति' अलग-अलग पृष्ठभूमि की 21 सिख महिलाओं का एक पैनल है। सिख सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष एवं एनकौर अनुसंधान के प्रवर्तक मलमिंदरजीत सिंह ने कहा, "ऐतिहासिक रूप से खालसा के निर्माण के प्रतीक बैसाखी पर्व को मनाने का मकसद एक ऐसे समान समाज की स्थापना करना था, जो जाति, पंथ, वर्ग या लिंग के बंधन से परे हो।" हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| इमरान पर लगा करोड़ों के घोटाले का आरोप Posted: 16 Apr 2022 07:32 AM PDT इमरान पर लगा करोड़ों के घोटाले का आरोपइस्लामाबाद। पाकिस्तान में इमरान खान पर करोड़ों के घोटाले का आरोप लगा है। इमरान के साथ बुशरा बीबी का भी नाम आया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक ये दोनों किसी भी वक्त भी जेल जा सकते हैं। ये कोई एक स्कैम का मामला नहीं है। शहबाज शरीफ सरकार ने चार दिनों में ही घोटालों की पूरी श्रृंखला का खुलासा किया है। पाकिस्तान की फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी हार बेचने के मामले में जांच शुरू कर चुकी है। कहा तो ये भी जा रहा है कि इमरान एक बार जेल गए तो फिर उनका बाहर आना बेहद मुश्किल है। पाकिस्तानी मीडिया में यह बताया गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने कार्यकाल के दौरान उपहार के रूप में प्राप्त एक हार की बिक्री के कारण संकट में हैं। पाकिस्तान के एफआईए ने उपहार हार की बिक्री की जांच शुरू कर दी है, जो वास्तव में तोशा-खाना (राज्य उपहार भंडार) का था। रिपोर्ट में कहा गया है कि हार को इमरान खान के सबसे करीबी जुल्फी बुखारी के माध्यम से लाहौर के एक जौहरी को 18 करोड़ रुपये में बेचा गया था। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि सार्वजनिक उपहारों को आधी कीमत देकर निजी कोठरी में रखा जा सकता है, लेकिन इमरान खान ने राष्ट्रीय खजाने में कुछ लाख रुपये जमा किए, जो कि अवैध था। द न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक प्रवासी पाकिस्तानियों पर प्रधानमंत्री के पूर्व विशेष सहायक सैयद जुल्फिकार बुखारी ने इस बात से इनकार किया कि हार बेचने की खबरों में कोई सच्चाई है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| चीन ने रूस से संबंध तोड़ने के बयान पर अमेरिका को सुनाई खरी-खोटी Posted: 16 Apr 2022 07:29 AM PDT चीन ने रूस से संबंध तोड़ने के बयान पर अमेरिका को सुनाई खरी-खोटीबीजिंग। चीन ने रूस के साथ संबंधों को तोड़ने की अपील को लेकर अमेरिका को खूब खरीखोटी सुनाई है। चीन ने कहा कि वह रूस से अपने संबंधों के मामले में किसी भी तरह के दबाव और जबरदस्ती को खारिज कर देगा। चीन का यह बयान अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन की उस अपील के बाद आया है कि वह रूस से अपने विशेष संबंधों का इस्तेमाल करते हुए मॉस्को को यूक्रेन में युद्ध खत्म करने के लिए प्रोत्साहित करे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने युद्ध के मामले में चीन के रुख का बचाव किया है। झाओ ने कहा कि चीन ने हालात सामान्य करने, संकट के समाधान और शांति की पुनर्बहाली के लिए पर्याप्त प्रयास किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूक्रेन के मामले में चीन बहुत सकारात्मक भूमिका निभा रहा है। हालांकि, चीन ने यूक्रेन पर अपने रणनीतिक साझेदार रूस द्वारा किये गये हमले की निंदा करने से इनकार कर दिया। यहां तक कि बीजिंग ने रूस का सम्मान करते हुए इस झड़प के लिए अब तक युद्ध शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। यूक्रेन के साथ संघर्ष को रूस ने विशेष सैन्य अभियान नाम दिया है। झाओ ने कहा कि चीन अपने खिलाफ लगाये गये सभी बेबुनियाद आरोपों और संदेहों को खारिज करता है। उन्होंने कहा कि चीन किसी भी तरह के दबाव और जबरदस्ती को स्वीकार नहीं करेगा। युद्ध को लेकर रूसी प्रोपेगेंडा को भी चीन ने बढ़ावा दिया है, जिसमें यह दावा शामिल है कि अमेरिका और यूक्रेन जैविक हथियार विकसित कर रहे हैं। चीन ने रूस के खिलाफ लगाये गये आर्थिक प्रतिबंधों का भी विरोध किया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 16 Apr 2022 07:23 AM PDT
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| श्री हनुमान जयंती निमित्त देशभर में 218 स्थानों पर ‘गदापूजन’ संपन्न ! Posted: 16 Apr 2022 07:12 AM PDT श्री हनुमान जयंती निमित्त देशभर में 218 स्थानों पर 'गदापूजन' संपन्न ! प्रभु श्रीराम की कृपा से रामराज्य अर्थात हिन्दू राष्ट्र स्थापना को बल मिले तथा हिंदुओं में शौर्यजागरण हो, इसके लिए श्री हनुमान जयंती के निमित्त देशभर में 'गदापूजन' किया गया । हिन्दू जनजागृति समिति और समवैचारिक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था । महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में 218 स्थानों पर सामूहिक 'गदापूजन' उत्साह में संपन्न हुआ । इन कार्यक्रमों में संतों की वंदनीय उपस्थिति थी तथा विविध संगठनों के पदाधिकारी और बडी संख्या में युवावर्ग उपस्थित था । महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे, रायगढ, पुणे, सातारा, सोलापुर, कोल्हापुर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, संभाजीनगर, नाशिक, धुळे, जलगांव, नागपुर और अमरावती; कर्नाटक में बागलकोट, धारवाड, शिवमोग्गा, उडुपी, दक्षिण कन्नड, मैसूर, तुमकूर, बेंगलुरु एवं बेलगांव; गोवा में फोंडा एवं साखळी; उत्तर प्रदेश में मथुरा सहित दिल्ली और राजस्थान में भी सामूहिक 'गदापूजन' किया गया । इस समय शंखनाद से कार्यक्रम प्रारंभ किया गया । उसके उपरांत सामूहिक प्रार्थना, 'गदापूजन' विधि, हनुमानजी की आरती, हनुमान चालीसा और 'श्री हनुमते नम:' यह सामूहिक नामजप किया गया । 'धर्मसंस्थापना के लिए हनुमानजी के गुण कैसे आत्मसात करने चाहिए, इस संबंध में भी मार्गदर्शन किया गया । कार्यक्रम के अंत में 'हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए प्रतिज्ञा' की गई । हिन्दुओं का इतिहास शौर्यशाली है । गत ७५ वर्षों में हिन्दुओं का शौर्य जागृत होगा, ऐसे कार्यक्रम होते दिखाई नहीं देते, अपितु 'दे दी हमे आजादी बिना खड्ग बिना ढाल...' इस प्रकार का संदेश देकर हिन्दुओं की भावी पीढियों को भी शौर्य से वंचित किया जा रहा है । हिन्दुओं के प्रत्येक देवता का रूप देखने पर प्रत्येक देवता का एक हाथ आशीर्वाद देनेवाला तथा अन्य सभी हाथों में शस्त्र हैं । हिंदुओं को देवता के प्रत्येक रुप का पूजन करना चाहिए । उस दृष्टि से देवताओं के शस्त्रों का पूजन करने से हिन्दुओं का शौर्य जागृत होने में सहायता होगी । अन्याय अत्याचार के विरुद्ध लडने के लिए शौर्य ही आवश्यक होता है । इसलिए धार्मिक त्योहारों के समय प्रतीकात्मक ही क्यों न हो; परंतु शस्त्रपूजन होना चाहिए । हिन्दुओं में शौर्यजागरण होना चाहिए । हिन्दुओं को अपने त्योहार और उत्सवों के माध्यम से शस्त्रपूजन की परंपराएं संजोनी चाहिए, ऐसी इस कार्यक्रम के पीछे की भूमिका हिन्दू जनजागृति ने इस समय प्रस्तुत की । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 16 Apr 2022 07:09 AM PDT
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