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Monday, May 16, 2022

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MP College admission- सबसे अच्छे कॉलेज में एडमिशन चाहिए तो ध्यान से पढ़िए

Posted: 16 May 2022 12:33 AM PDT

भोपाल।
यदि आप कॉलेज में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन करने वाले हैं। बीकॉम, बीए, बीएससी, बीबीए और बीसीए जैसे यूजी काेर्स और उनके स्पेशलाइजेशन तथा एमकॉम, एमए और एमएससी जैसे पीजी काेर्स व उनके स्पेशलाइजेशन में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो इस खबर को ध्यान से पढ़िए। यह खबर आपको अपना पसंदीदा कॉलेज दिलाने में मदद करेगी।

सबसे अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए कितना संघर्ष

हर स्टूडेंट चाहता है कि उसे उसके पसंद वाले कॉलेज में एडमिशन मिल जाए। इसी मनोकामना के साथ रजिस्ट्रेशन किया जाता है और काउंसलिंग में भाग लिया जाता है लेकिन हर साल 50% से ज्यादा विद्यार्थियों को अपने पसंद के कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलता। प्रतिष्ठित कॉलेजों की सीटें पलक झपकते ही भर जाती हैं और जो स्टूडेंट थोड़ा सा भी सोचने का समय लेते हैं उनके हाथ से कॉलेज निकल जाता है।

नंबर वन कॉलेज में एडमिशन के लिए क्या करना पड़ेगा

इस साल एडमिशन की प्रक्रिया बदल गई है। पुराने कई नियम बदल दिए गए हैं। अब पिछले साल की तरह काउंसलिंग के दौरान मारामारी नहीं होगी। फटाफट डिसीजन नहीं लेना पड़ेगा। और डिसीजन की गड़बड़ी के कारण कोई कॉलेज नहीं छूटेगा। यदि किसी कॉलेज की सीट फुल हो गई तो सेकंड लेवल की काउंसलिंग का इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि अपग्रेडेशन का विकल्प शुरू हो गया है। रजिस्ट्रेशन के समय विद्यार्थी अपने पसंद के 3 को और कोर्स चुन सकता है।

जैसे ही कोई कॉलेज अलॉट हो, उसमें ₹1000 फीस जमा कर दो और अलॉटमेंट के समय अपग्रेडेशन के विकल्प हो OK कर दो। जैसे ही पहली काउंसलिंग की फीस जमा करने की अंतिम तारीख खत्म हाेगी, सीट खाली रह जाने की स्थिति में छात्र काे ऑटोमैटिक उसकी पहली, दूसरी या तीसरी चॉइस का कॉलेज व काेर्स अलॉट हाे जाएगा। फीस भी संबंधित कॉलेज खुद ट्रांसफर कर देगा। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

INDORE NEWS - लिव इन पार्टनर से शादी के 7 दिन बाद सुसाइड किया

Posted: 15 May 2022 11:45 PM PDT

इंदौर
। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में परिवार से आहत स्टूडेंट ने फांसी लगाकर जान दे दी। युवक ने एक सप्ताह पहले ही प्रेम विवाह किया था। जिसके बाद उसे परिवार के लोगों ने बेदखल करने की बात कही थी। इस बात को लेकर वह तनाव में चल रहा था। पुलिस पूरे मामले में जांच कर रही है।

भंवरकुआ के एएसआई के मुताबिक मृतक हरमल सिंह 22 पुत्र सोहन सिंह निवासी पिपल्याराव है। हरमल मूल रूप से बेटमा का रहने वाला है। वह इंदौर में कुछ सालों पढ़ाई कर रहा था। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मोबाइल जब्त कर जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक हरमल और साक्षी की दोनों अलग-अलग समाज के थे। साक्षी के पिता नहीं है। जबकि साक्षी की मां शादी के लिए तैयार हो गई थी।  

हरमल के परिवार के लोगों ने उसे अपने साथ रखने से इंकार कर परिवार ने बेदखल करने की बात कही। जिसके बाद से वह तनाव में रहने लगा। दोनों की दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई थी। यहां चैटिंग के बाद दोनों ने मिलने की इच्छा जाहिर की। पहली मुलाकात में ही दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया। लिव इन रहने के एक साल बाद एक सप्ताह पहले दोनों ने आर्य समाज मंदिर में जाकर शादी कर ली। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

MP NEWS- राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रत्येक बीआरसी को 2-2 करोड़ दिए, सिर्फ बिल लगे, काम नहीं हुआ

Posted: 15 May 2022 11:27 PM PDT

भोपाल
। जब भी कोई गड़बड़ी होती है हमेशा ऊपर से होती है। वित्तीय वर्ष खत्म हो रहा था। कहीं पैसा लैप्स ना हो जाए इसलिए राज्य शिक्षा केंद्र ने स्कूलों के मेंटेनेंस और खेल सामग्री खरीदने के लिए पैसा BRC के अकाउंट में डाल दिया। नतीजा ना तो किसी स्कूल का मेंटेनेंस हुआ और ना ही कोई खेल सामग्री खरीदी गई। 7 BRC ने मिलकर 14 करोड रुपए हजम कर लिए। बताने की जरूरत नहीं कि इसके हिस्सेदार कितने और कहां-कहां है होंगे। 
मामला मध्य प्रदेश के सिर्फ 1 जिले मुरैना का है। जिले में 7 बीआरसी की निगरानी में संचालित 1531 प्राइमरी, 250 मिडिल स्कूलों और 210 एकीकृत शालाओं (कुल 1991 स्कूल) का संचालन होता है। सभी शालाओं में रंगाई-पुताई, सुरक्षा के इंतजाम जैसे फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र सहित अन्य चीजों पर खर्चे के लिए बजट आवंटित किया गया था। यह पैसा स्कूलों के खाते में जाना चाहिए था लेकिन राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रत्येक बीआरसी के खाते में 2-2 करोड़ रुपए भेज दिए। 

बजट की आवंटन का तरीका उसके नतीजों को निर्धारित कर गया। किसी तरह की कोई सामग्री की खरीदी नहीं हुई। लोकल की दुकानों से बिल बनवाए और लगा दिए गए। मामले का खुलासा तो इसलिए हुआ क्योंकि स्कूल वालों को जो 15% कमीशन मिलना चाहिए था, BRC ने वह भी नहीं दिया। सब कुछ TOP to BRC बंट गया। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

MP NEWS- जॉब ज्वाइन करने जा रही प्रतीक्षा की कार का एक्सीडेंट, 3 मौतें

Posted: 15 May 2022 11:02 PM PDT

मध्य-प्रदेश
के खरगोन जिले से महाराष्ट्र के पुणे में जॉब ज्वाइन करने जा रही प्रतीक्षा तारे, परिवार सहित रोड एक्सीडेंट का शिकार हो गई। इस सड़क दुर्घटना में प्रतीक्षा तारे, उसकी सास और उसके साथ महीने के बच्चे की मौत हो गई। पति गंभीर रूप से घायल है। 

खरगोन के सौमित्र नगर में दीपक तारे का घर है। कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण दूसरी लहर में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनका बेटा विपुल तारे अपनी पत्नी प्रतीक्षा तारे के साथ पुणे में नौकरी करता है। प्रतीक्षा में 7 महीने पहले बेटे को जन्म दिया। इसलिए वह चाइल्ड केयर हेतु मेटरनिटी लीव पर चल रही थी। उसकी छुट्टियां खत्म हो गई थी। वह अपनी नौकरी ज्वाइन करने के लिए निकली थी। उसके साथ पति विपुल, सास रंजना और बेटा लुनय भी पुणे जा रहे थे। 

पूरा परिवार खरगोन से पुणे के लिए रवाना हुआ। ड्राइवर जगदीश राठौर कार चला रहा था। महाराष्ट्र के अहमद नगर-मनमाड मार्ग पर गुहा चिचोली के पास एसटी की बस ने सामने से आकर टक्कर मार दी। इस एक्सीडेंट में विपुल को छोड़कर सभी यात्रियों और ड्राइवर की मृत्यु हो गई। विपुल गंभीर रूप से घायल है। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

MP पंचायत आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया नियुक्ति के पहले निरस्त, 1 लाख ने अप्लाई किया था- NEWS TODAY

Posted: 15 May 2022 10:37 PM PDT

भोपाल
। अशिक्षित मजदूरों की अवैध रूप से नियुक्ति करने वाले ठेकेदार और सरकार के बीच कुछ खास अंतर नहीं है। मध्य प्रदेश के पंचायत राज संचालनालय ने दर्जनों पदों पर आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बंपर भर्ती प्रक्रिया शुरू की। आवेदन, स्क्रुटनी, इंटरव्यू सब कुछ हुआ लेकिन नियुक्ति नहीं हुई। डायरेक्टर कहते हैं कि इस प्रक्रिया को निरस्त ही समझिए। सवाल यह है कि प्रक्रिया को निरस्त करने का आदेश कौन जारी करेगा। CEDMAP  ने परीक्षा ली है, तो रिजल्ट भी तो जारी करना पड़ेगा। 

मध्यप्रदेश में पंचायत राज संचालनालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत विभिन्न पदों पर भर्ती हेतु Centre for Entrepreneurship Development Madhya Pradesh द्वारा प्रक्रिया शुरू की गई थी। नवंबर 2021 में 100000 उम्मीदवारों ने इसके लिए आवेदन किया। सेडमैप की तरफ से 10,000 अभ्यर्थियों को फरवरी 2022 में इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों अपने किराए खर्चे पर उम्मीदवार भोपाल आए। इंटरव्यू लिए गए लेकिन उसका नतीजा आज तक घोषित नहीं किया गया।

भर्ती प्रक्रिया निरस्त: पंचायत विभाग के डायरेक्टर ने कहा

पंचायत विभाग के डायरेक्टर आलोक सिंह का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन अब इसे रोक दिया गया है। इस प्रक्रिया को निरस्त ही समझिए। (सवाल यह है कि यदि भर्ती प्रक्रिया को निरस्त किया गया है तो आधिकारिक सूचना जारी क्यों नहीं कर रहे।)

हमारे पास रिजल्ट तैयार है, हम क्या कर सकते हैं: सेडमैप 

सेडमैप की ईंडी अनुराधा सिंघई का कहना है कि हमने मेरिट लिस्ट के आधार पर इंटरव्यू आयोजित किए थे। इसका रिजल्ट भी तैयार है, लेकिन भर्ती पंचायत विभाग को करना है। इसके लिए हम छह बार विभाग को पत्र लिख चुके हैं। 

इन पदों पर भर्ती होनी थी 
स्टेट फाइनेंस मैनेजर, कम अकाउंट असिस्टेंट, मीडिया एंड कम्यूनिटी इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट एक्सपर्ट साफ्टवेयर स्पेशलिस्ट, लोकल प्लानिंग एंड गवर्नेस एक्सपर्ट प्रोग्रामर, स्टेट डिस्ट्रिक्ट टमैनेजर, ऑफिस असिस्टेंट, सब आर्डिनेटर। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

Small business ideas- डेढ़ लाख रुपए महीने कमाइए, मात्र 100000 का इन्वेस्टमेंट

Posted: 15 May 2022 11:38 PM PDT

हम हमेशा कहते हैं कि यदि आप कुछ ऐसा कर रहे हैं जो लोगों की प्रॉब्लम सॉल्व करता है या फिर कुछ ऐसा जिसकी डिमांड बढ़ रही है और मार्केट में सप्लाई कम है तो आपका प्रॉफिट मार्जिन ज्यादा होगा और सफलता की संभावनाएं 100% और बढ़ जाएंगी। ड्रोन कैमरा ऑपरेटर एक ऐसा ही बिजनेस है। मार्केट में जबरदस्त डिमांड बढ़ रही है। 

ड्रोन उड़ाइए पैसा कमाइए

इवेंट्स तो हर शहर में होते हैं। शादी समारोह से लेकर कई तरह के सामाजिक कार्यक्रम, कारपोरेट कंपनियों के इवेंट्स, पॉलीटिकल इवेंट्स और इवेंट कंपनियों द्वारा स्पेशल डेज पर ऑर्गेनाइज किए जाने वाले इवेंट्स जैसे गरबा और मेला इत्यादि। इन सब में ड्रोन कैमरा से वीडियोग्राफी की डिमांड अब हर छोटे शहर में आने लगी है। 1 घंटे का ₹10000 तक चार्ज मिलता है। यदि महीने में 15 इवेंट्स मिल गए तो ₹150000 पक्का। 

ड्रोन कैमरा की लागत

टेक्नोलॉजी तेजी से विकसित हो रही है। हाल ही में भारत सरकार ने ड्रोन के मामले में अपनी पॉलिसी बदल दी है और अब छोटे ड्रोन कैमरा कोई भी उड़ा सकता है। बड़े शहरों में ड्रोन कैमरा ऑपरेट करने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। बाजार में इसका मूल्य ₹50000 के आस-पास होता है। थोड़ी एसेसरीज की भी जरूरत होती है। कुल मिलाकर ₹100000 की लागत लग जाती है। कैमरा बेचने वाली कंपनी भी ट्रेनिंग देती है। अधिकतम 4 घंटे में सीख जाते हैं। वैसे भी रिमोट वाली कार तो बचपन में सबने चलाई है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

पहली बारिश की खुशबू क्या सचमुच मिट्टी से आती है, पढ़िए मजेदार जानकारी- GK in Hindi

Posted: 15 May 2022 10:44 PM PDT

पहली बारिश का इंतजार सारी दुनिया करती है। कई सारे लोगों को पहली बारिश बहुत पसंद है। जब भी पहली बारिश होती है एक विशेष प्रकार की खुशबू पूरे वातावरण में फैल जाती है। हम इसे मिट्टी की खुशबू कहते हैं लेकिन क्या सचमुच या खुशबू मिट्टी से आती है। यदि हां, तो फिर मिट्टी में पानी डालने पर भी यही खुशबू आनी चाहिए। आइए जानते हैं यह खुशबू कहां से आती है:- 

बहुत सारे लोग नहीं जानते लेकिन पहली बारिश की खुशबू को वैज्ञानिकों ने एक स्पेशल नाम दिया है और वह है Petrichor (पेट्रीकॉर)। यह जानना वाकई मजेदार है कि पहली बारिश के बाद जो खुशबू आती है वह मिट्टी से नहीं बल्कि तीन चीजों के मिश्रण से आती है जो केवल बारिश में ही हो सकता है। 

1. जमीन में पाए जाने वाले बैक्टीरिया जो सूखी जमीन के अंदर पनपते हैं और बारिश होने पर जब पानी जमीन के अंदर आता है तो यह बाहर निकल आते हैं और हवा में मिक्स हो जाते हैं।
2. कुछ पेड़ पौधे प्राकृतिक तौर पर तेल उत्सर्जित करते हैं। गर्मी के मौसम में उनका रिलीज किया गया ऑयल जमीन की सतह पर कलेक्ट हो जाता है लेकिन जैसे ही बारिश होती है यह ऑयल हवा में मिक्स हो जाता है। 
3. और सबसे इंपोर्टेंट है (OZONE) ओजोन। इसकी अपनी एक खुशबू होती है जिसे वैज्ञानिकों ने OZEIN नाम दिया है। जब बिजली कड़कती है तो ओजोन के मॉलिक्यूल बारिश के पानी के साथ नीचे जमीन पर आते हैं और बैक्टीरिया एवं पेड़ों के प्राकृतिक तेल के साथ मिक्स होकर हवा में फैल जाते हैं। 

सूखी जमीन में ऊपर से पानी डालकर हम बैक्टीरिया को बाहर निकाल सकते हैं। पेड़ पौधों के प्राकृतिक तेल को भी लेकिन आसमान में बादलों की ऊंचाई पर मौजूद ओजोन को जमीन पर नहीं ला सकते। यही कारण है कि पहली बारिश में एक विशेष प्रकार की खुशबू आती है जो इन तीनों चीजों से मिलकर बनती है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article
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एक पेड़ जो पूरी कॉलोनी को हार्टअटैक से बचाएगा- Home remedies and Ayurveda

Posted: 15 May 2022 10:43 PM PDT

पृथ्वी पर होने वाले सभी पेड़ केवल ऑक्सीजन देने के लिए नहीं लगाए गए। हर वृक्ष का अपना महत्व है। यदि आप बीमार हो जाए तो आपको डॉक्टर बचा सकता है लेकिन कुछ वृक्ष ऐसे हैं जो आपको बीमार ही नहीं होने देते। डॉक्टर की जरूरत ही नहीं पड़ती। आज हम आपको एक ऐसे ही वृक्ष के बारे में बता रहे हैं। एक पेड़ पूरी कॉलोनी को हार्ट अटैक से बचा सकता है। सदियों से बचाता आ रहा है। 

अर्जुन का वृक्ष- ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ता, ब्लॉकेज नहीं बनते, हार्ट अटैक नहीं आता

  • अर्जुन के पेड़ की छाल चमत्कारी असर दिखाती है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है। 
  • अर्जुन छाल के चूर्ण का काढ़ा बनाकर नियमित रूप से पीने से 90% तक ब्लॉकेज रिमूव हो जाते हैं। 
  • यदि स्वस्थ व्यक्ति अर्जुन छाल का काढ़ा सप्ताह में एक बार पीता है तो हार्टअटैक की संभावना 99% तक कम हो जाती है। 
  • हृदय में सूजन का इलाज बहुत महंगा है लेकिन अर्जुन छाल का काढ़ा सबसे प्रभावशाली और आरामदायक है। 
  • मूत्र वाहिनी में दर्द या जलन होने पर अर्जुन छाल का काढ़ा तुरंत आराम देता है। 
  • अर्जुन छाल का काढ़ा पीने से घबराहट खत्म हो जाती है। हृदय में दर्द नहीं होता। 
  • अर्जुन छाल का काढ़ा कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। यानी मोटापा घटाता है। 
  • पिंपल्स और कील मुहासे की स्थिति में अर्जुन छाल का पाउडर और शहद का फेस पैक बनाइए। दाग धब्बे भी दूर हो जाते हैं। 
  • अर्जुन छाल का पाउडर और मेहंदी में मिलाकर बालों पर लगाने से बाल काले और घने हो जाते हैं। 

अर्जुन का पेड़ कैसे लगाएं 

कहते हैं कि इस पेड़ की खोज पांडवों के अज्ञातवास के दौरान अर्जुन ने की थी। यह मानव जाति के लिए अत्यंत लाभकारी था इसलिए अर्जुन में 1 साल तक विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया। गर्मी के मौसम में अर्जुन के बीज जमीन पर गिर जाते हैं। मानसून से पहले अर्जुन के बीजों को 1 फुट जमीन के नीचे दवा देना चाहिए। आप चाहे तो नमी में रखकर इन्हें अंकुरित कर सकते हैं। यदि गर्मी का मौसम नहीं है और बीज नहीं मिल रहे तो अर्जुन के पेड़ की कलम भी लगाई जा सकती है। स्वास्थ्य से संबंधित समाचार एवं जानकारियों के लिए कृपया Health Update पर क्लिक करें.

UGC NET 2022 बड़ी खबर- परीक्षा केंद्रों की संख्या दोगुनी, 80 प्रतिशत फीस कम

Posted: 15 May 2022 01:06 PM PDT

नई दिल्ली।
NTA- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बड़ा फैसला लिया है। इस साल यूजीसी नेट की परीक्षा भारत के 500 शहरों में आयोजित की जाएगी। यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। यह फैसला विद्यार्थियों की संख्या और सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल के पालन के लिए लिया गया है। 

UGC NET 2022- कई बड़े बदलाव हुए हैं

UGC NET 2022 नोटिफिकेशन जारी हो चुका है और ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस स्टार्ट हो चुकी है। कैंडिडेट यूजीसी नेट जून 2022 और दिसंबर 2021 मर्ज्ड साइकिल के लिए 20 मई 2022 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। NTA ने इस साल अपने इनफार्मेशन बुलेटिन में इंपॉर्टेंट चेंज अनाउंस किए हैं। ये बदलाव मुख्य रूप से एप्लिकेशन फीस, सब्जेक्ट की संख्या, एग्जामिनेशन सेंटर और आंसर पर ऑब्जेक्शन को लेकर हैं। 

UGC NET- नया सब्जेक्ट हिंदू स्टडीज कोड नंबर 102

UGC NET की परीक्षा अब तक 81 सबजेक्ट्स में होती थी। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन यानि UGC ने UGC-NET-2022 एग्जाम में एक और सब्जेक्ट को जोड़ा है। इनफॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार सब्जेक्ट लिस्ट में एक नया सब्जेक्ट 'हिंदू स्टडीज' सब्जेक्ट कोड-102 को जोड़ा है।

UGC-NET-2022- एप्लीकेशन फीस में वृद्धि

एप्लीकेशन फीस में 10% की वृद्धि हुई है। जनरल कैटेगरी के लिए आवेदन फीस को 1,000 रुपए से बढ़ाकर 1,100 रुपए कर दिया गया है। वहीं, EWS, OBC-NCL की फीस को 50 रुपए बढ़ाकर 550 रुपए कर दिया गया है। SC, ST, Pwd और ट्रांसजेंडर की एप्लिकेशन फीस में 25 रुपये की वृद्धि के साथ अब 275 रुपए एप्लीकेशन फीस के रूप में पेमेंट करना होगा।

UGC-NET-2022- परीक्षा केंद्रों की संख्या 541

इस बार 126% बढ़ाई गई एग्जामिनेशन सेंटर की संख्या इस साल UGC ने नेट एग्जाम सेंटर की संख्या में 126% की बढ़ोत्तरी की है। इस बार यह एग्जाम 541 अलग-अलग शहरों में कराया जाएगा। पिछले साल यह एग्जाम 239 जगहों पर कराया गया था। एग्जामिनेशन सेंटर्स की लिस्ट ऑफिशल वेबसाइट पर मिल जाएगी। 

UGC NET 2022- पेपर का पैटर्न कैसा होगा

UGC NET के दिसंबर 2021 और जून 2022 मर्ज साइकिल कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानि CBT मोड में होगा। एग्जाम दो शिफ्ट में ऑर्गनाइज किया जाएगा। पेपर का समय 180 मिनट यानि तीन घंटे तय किया गया है। पहला पेपर 9 बजे से 12 बजे तक और दूसरा दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होगा। पहले पेपर में 100 अंक होंगे, दूसरे पेपर में आब्जेक्टिव टाइप के क्वेशन होंगे जो पूरे 200 नंबर का होगा। सभी क्वेशन को सॉल्व करना कंपल्सरी है। प्रत्येक क्वेशन दो नंबर का होगा। पेपर केवल अंग्रेजी और हिंदी मीडियम में होगा।

UGC NET EXAM क्या है, क्यों आयोजित किया जाता है

यूजीसी नेट परीक्षा भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेज में सहायक प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के पद के लिए पात्रता निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाती है। यूजीसी नेट की परीक्षाएं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा ली जाती हैं। सिलेक्ट होने वाले कैंडिडेट को असिस्टेंट प्रोफेसर और JRF यानी जूनियर रिसर्च फेलो के लिए एलिजिबिलिटी दी जाती है। यानी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया एवं JRF के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ugc net 2022 application form last date

Organisation- National Testing Agency
Exam Name- University Grants Commission National Eligibility Test June 2022
Exam Date- 2nd Week Of June 2022 (Tentative)
Online Application Start Date- 30th April 2022
Online Application Last Date- 20th May 2022 
Exam Time- First Shift (9.00 am to 12.00 pm) & Second Shift (03.00 pm to 06.00 pm)
Official Website- ugcnet.nta.nic.in
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गवाह को बुलाना किसकी जिम्मेदारी है, मजिस्ट्रेट, पुलिस या परिवादी- CrPC 1973 section 254

Posted: 15 May 2022 12:40 PM PDT

कोई भी मामला जब न्यायालय में प्रस्तुत होता है तो वादी एवं परिवादी अपने पक्ष के समर्थन में गवाहों को प्रस्तुत करते हैं। कई बार कुछ गवाह निर्धारित तारीखों पर गवाही के लिए नहीं आते और कोर्ट का समय खराब होता है। प्रश्न यह है कि कोर्ट में गवाह को बुलाना किसकी जिम्मेदारी है। मजिस्ट्रेट, पुलिस अथवा वादी और प्रतिवादी। 

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 254 की परिभाषा

पीड़ित व्यक्ति का दायित्व है कि वह उन सभी साक्षियों को बुलाये जो घटना के विषय की महत्वपूर्ण सूचना दे सकें। अगर बिना कोई कारण बताए पीड़ित व्यक्ति (अभियोजन पक्ष) साक्षियों को नहीं बुलवाता हैं तब मजिस्ट्रेट परिवादी के विरुद्ध विपरीत निष्कर्ष निकाला सकता है।

मजिस्ट्रेट आरोपी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत सभी साक्षियों के बयान लेने के लिए बाध्य होगा क्योंकि आरोपी को प्रतिरक्षा का अवसर दिया जाएगा।

मजिस्ट्रेट समन मामलों में अभियोजन पक्ष या आरोपी पक्ष के साक्षियों को आदेश या समन भेजने के लिए बाध्य नहीं है वह अपने स्वयंविवेकानुसार कार्य करेगा। पीड़ित व्यक्ति एवं आरोपी पक्ष का दायित्व होगा की वह अपनी प्रतिरक्षा में साक्षियों को बुलवाए, लेकिन मजिस्ट्रेट  साक्षियों को सुनने के बाध्य हैं।

साक्षियों को समन भेजने के लिए जो शुल्क देय होगा वह अभियोजन या आरोपी पक्ष न्यायालय में जमा करे। यह दायित्व अभियोजन या आरोपी पक्ष का होगा।

अर्थात हम कह सकते हैं कि किसी समन मामलों में सुनवाई के समय साक्षियों को हाजिर करना अभियोजन (पीड़ित) पक्ष या प्रतिरक्षा में साक्षियों को प्रस्तुत करने का दायित्व स्वयं उपर्युक्त व्यक्ति पर ही होगा न को मजिस्ट्रेट पर।  Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
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JABALPUR NEWS- बीकॉम की छात्रा को ब्लैकमेल, रीवा का छात्र गिरफ्तार

Posted: 15 May 2022 08:43 AM PDT

जबलपुर।
बीकॉम की एक छात्रा ने समझदारी से काम लिया और शोषण का शिकार होने के बजाय सब कुछ परिवार वालों को बता दिया। नतीजा, रीवा में बैठकर छात्रा को ब्लैकमेल करने वाला युवक गिरफ्तार कर लिया गया।

यह मामला भी सोशल मीडिया से शुरू हुआ। लड़की जबलपुर जिले के रांझी इलाके में रहती है। लड़का उसी की जाति का है। कुछ दिनों पहले उसने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। सामान जाति का होने के कारण लड़की ने एक्सेप्ट कर ली। लड़के ने बड़ी चतुराई से लड़की का मोबाइल नंबर निकाला और उसके कुछ फोटो कलेक्ट कर लिए फिर फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगा।

शुरुआत के 4-6 दिन तो लड़की तनाव में रही लेकिन फिर उसने ब्लैकमेल होने के बजाय अपने परिवार को सब कुछ बताने का डिसीजन लिया। परिवार वालों ने पुलिस से शिकायत की। साइबर पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन की तो पता चला कि लड़का रीवा में बैठा है। पुलिस की टीम रवाना हुई और उसे उठा लाई। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया JABALPUR NEWS पर क्लिक करें.

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