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Monday, May 16, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


Small business ideas- 2000 रोज कमाने का सबसे सरल तरीका, CO2 लेजर कटिंग मशीन

Posted: 16 May 2022 03:37 PM PDT

यदि आप अपने लिए कम पूंजी में ज्यादा मार्जिन वाला बिजनेस तलाश रहे हैं तो यहां आप की तलाश खत्म हो सकती है। इसमें आपका इन्वेस्टमेंट ₹50000 होगा और आप ₹2000 रोज आसानी से कमा सकते हैं। यदि आपको बाजार में एक टेबल रखने के बराबर जगह मिल गई तो आप की कमाई ₹10000 प्रतिदिन हो सकती है। 

कम पूंजी में ज्यादा पैसा कमाने के लिए क्या करें

भारत में 40 करोड़ नागरिकों के पास ₹10000 या इससे अधिक की कीमत वाले स्मार्टफोन मौजूद है। स्मार्टफोन का सबसे सेंसेटिव पार्ट उसकी स्क्रीन होती है। स्क्रीन की रक्षा के लिए स्क्रीन गार्ड लगाया जाता है। मोबाइल फोन को स्क्रैच से बचाने के लिए बैक कवर लगाया जाता है। यह दोनों केवल सुरक्षा के लिए नहीं है बल्कि अब फैशन भी बनते जा रहे हैं। यदि आप ग्राहक के लिए स्क्रीन गार्ड और बैक कवर कस्टमाइज करते हैं तो मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। 

मोबाइल स्क्रीन गार्ड और बैक कवर के लिए लेजर कटिंग मशीन कितने की आती है

बाजार में एक मशीन आती है, CO2 लेजर कटिंग मशीन इसकी कीमत ₹50000 के आसपास होती है। आपके पास अपना मोबाइल फोन है, लैपटॉप भी होगा। इसके अलावा सिर्फ एक टेबल लगती है। इस मशीन को मोबाइल फोन या लैपटॉप से ऑपरेट कर सकते हैं। इस मशीन के साथ एक सॉफ्टवेयर आता है जिसमें सभी कंपनियों के मोबाइल और उनके मॉडल पहले से इंस्टॉल होते हैं। आपको केवल मोबाइल का मॉडल सेलेक्ट करना है। मशीन अपने आप स्क्रीन गार्ड और बैक कवर की कटिंग कर देती है। 

CO2 लेजर कटिंग मशीन से क्या-क्या कर सकते हैं

सबसे खास बात यह है कि आप ग्राहक को करीब 20 प्रकार के स्क्रीन गार्ड का ऑप्शन दे सकते हैं। इसके अलावा उनका बैक कवर कस्टमाइज कर सकते हैं। उनका फोटो प्रिंट किया जा सकता है। कोई भी डिजाइन प्रिंट किया जा सकता है। किसी भी कलर में बैक कवर बनाया जा सकता है। 

कस्टमाइज मोबाइल बैक कवर बनाने में कितना मुनाफा होगा

सबसे अच्छी क्वालिटी का स्क्रीन गार्ड बनाने की लागत ₹20 आती है। बाजार में ₹299 का बिकता है। मोबाइल फोन का बैक कवर अधिकतम ₹50 में बन जाता है और कस्टमाइज बैक कवर ₹500 तक का बिकता है। यदि अपन प्रतिदिन मात्र 20 ग्राहक और एक ग्राहक से ₹100 का नेट प्रॉफिट कैलकुलेट करते हैं तो ₹2000 रोज आसानी से हो जाता है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

RGPV VOCATIONAL DIPLOMA का TIME TABLE जारी

Posted: 16 May 2022 02:44 PM PDT

Rajiv Gandhi Proudyogiki Vishwavidyalaya, Bhopal द्वारा  TIME TABLE FOR VOCATIONAL DIPLOMA ENGINEERING EXAMINATIONS - JUNE- 2022 का टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। परीक्षा कार्यक्रम ऑफिशल वेबसाइट पर उपलब्ध है। यहां भी अपलोड किया गया है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.




RGPV NEWS- डिप्लोमा इंजीनियरिंग परीक्षा का टाइम टेबल जारी

Posted: 16 May 2022 02:33 PM PDT

Rajiv Gandhi Proudyogiki Vishwavidyalaya, Bhopal
द्वारा मई-जून में होने वाली डिप्लोमा इंजीनियरिंग सेमेस्टर परीक्षा की समय सारणी जारी कर दी गई है। 

डिप्लोमा इंजीनियरिंग सेमेस्टर के लिए एग्जाम फॉर्म भरने की लास्ट डेट 20 मई 2022 घोषित की गई है। इसके बाद लेट फीस लगेगी। परीक्षा फॉर्म के लिए अपने कॉलेज की परीक्षा शाखा से संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों नियमित एवं अंशकालीन की परीक्षाएं दिनांक 06 जून से आयोजित की जा रही हैं।

परीक्षाओं की विस्तृत समय-सारणी विश्वविद्यालय के वेबपोर्टल www.rgpvdiploma.in पर उपलब्ध है। सुविधा के लिए हम डायरेक्ट लिंक उपलब्ध करा रहे हैं। यहां क्लिक करके आप सीधे आरजीपीवी की पॉलिटेक्निक विंग के लिए बनाई गई है ऑफिशल वेबसाइट के उस पेज पर पहुंच जाएंगे जहां टाइम टेबल के 76 PDF PAGE उपलब्ध हैं। यहीं से आप अपना टाइम टेबल DOWNLOAD कर सकते हैं। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

शिक्षक और अध्यापक में क्या अंतर है, गुरु को अंग्रेजी में क्या कहते हैं- GK in Hindi

Posted: 16 May 2022 02:29 PM PDT

हिंदी में शिक्षक, अध्यापक और गुरु तीनों शब्दों का प्रयोग किया जाता है। ज्यादातर लोग तीनों शब्दों का एक ही तात्पर्य मानते हैं। यहां तक की कुछ राज्यों की सरकारें भी तीनों शब्दों का प्रयोग एक दूसरे के विकल्प के तौर पर करती हैं, परंतु सवाल यह है कि यदि तीनों का अर्थ एक ही है तो फिर हिंदी में 3 शब्द क्यों है। अंग्रेजी में शिक्षक को टीचर कहते हैं तो फिर गुरु को अंग्रेजी में क्या कहते हैं। 

अध्यापक का क्या काम है

अध्यापक, विद्यार्थियों को अध्यापन कराता है। यानी जो शाश्वत है। जो विद्यमान हैं। जो स्थापित है। उसके बारे में जानकारी देता है। जैसे हमारे सौरमंडल में नौ ग्रह हैं। सबके नाम क्या है। भारत को स्वतंत्रता कब मिली। संविधान कब बना। निबंध लिखना। कथाओं को पढ़ना और उनके चरित्र को याद करना। इत्यादि सब कुछ ऐसा जो पहले से स्थापित है। उसके बारे में जानकारी देना। 

शिक्षक का क्या काम है 

एक अध्यापक पदोन्नति के बाद शिक्षक बनता है। शिक्षक का काम होता है सही और गलत के बारे में बताना। शिक्षा देना। अध्ययन करना और शिक्षा प्राप्त करना, दोनों बिल्कुल अलग हैं। बिना अध्ययन के शिक्षा प्राप्त नहीं की जा सकती परंतु बिना शिक्षा के अध्ययन किसी काम का नहीं। शिक्षक, विद्यार्थियों की जिज्ञासा शांत करते हैं। उनके प्रश्नों का उत्तर देते हैं। ऐसे प्रश्नों का उत्तर भी लेते हैं जो पुस्तक में उपलब्ध नहीं है। 

गुरु को अंग्रेजी में क्या कहते हैं

अध्यापक को अंग्रेजी में टीचर कहते हैं। शिक्षक के लिए educator शब्द सबसे उचित है और गुरु को अंग्रेजी में मास्टर कहते हैं। कोई अध्यापक या शिक्षक गुरु नहीं हो सकता लेकिन एक गुरु हमेशा एक अध्यापक और शिक्षक होता है। गुरु, नियमों और नीतियों की सीमाओं से पृथक होता है। वह जीवन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। शैक्षणिक पद्धतियों के लिए प्रयोग करता है और नए अविष्कार करता है। शास्त्रों में लिखा है कि गुरु को अर्जित करना पड़ता है। अध्ययन और शिक्षा प्राप्त करने के बाद विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए गुरु की आवश्यकता होती है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article
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छोटे आपराधिक मामलों में क्या कोर्ट डिसीजन पर अपील की जा सकती है, जानिए CrPC 1973

Posted: 16 May 2022 01:36 PM PDT

वह छोटे अपराध जो केवल तीन माह कारावास या केवल जुर्माने से दंडनीय है, जिन्हें समन मामले कहते हैं, उनका विचारण मजिस्ट्रेट द्वारा किया जाता है एवं कोई भी मजिस्ट्रेट ऐसे अपराध का विचारण करेगा। ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होता है। उसके फैसले को ना तो चुनौती दी जा सकती है और ना ही कोई मजिस्ट्रेट उसकी अपील की सुनवाई करेगा।

समन मामलों में किस धारा के तहत आरोपी को दोष मुक्त घोषित करते हैं

जब मजिस्ट्रेट अभियोजन पक्ष एवं आरोपी पक्ष के साक्षियों की परीक्षा करवा लेता है तब मजिस्ट्रेट की राय में लगता है कि आरोपी व्यक्ति निर्दोष है तब मजिस्ट्रेट दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 255(1) के अंतर्गत आरोपी को दोषमुक्त कर देगा।

समन मामलों में किस धारा के तहत आरोपी को दण्डादेश सुनाया जाता है

लेकिन अगर मजिस्ट्रेट को लगता है कि आरोपी पर लगे अपराध के आरोप सही है तब मजिस्ट्रेट धारा 255 की उपधारा 2 के अंतर्गत समन मामलों के अपराध में आरोपी को दण्ड के आदेश देगा।

विशेष नोट:- मजिस्ट्रेट उन्ही मामलों में दण्डादेश देगा जिसकी वह अधिकारिता रखता हैं अगर अपराध का विचारण या दण्डादेश देने की अधिकारिता मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को है, तब मजिस्ट्रेट ऐसे समन मामले के अपराध को उक्त मजिस्ट्रेट को भेज देगा। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
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MP IAS TRANSFER LIST- मध्य प्रदेश आईएएस अफसरों की तबादला सूची

Posted: 16 May 2022 01:10 PM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय ने भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है। दोनों लिस्ट में कुल 11 अधिकारियों के नाम है, जो इस प्रकार हैं:- 

मध्य प्रदेश आईएएस स्थानांतरण सूची 

  1. श्री तरुण राठी और सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग से प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेहरी फेडरेशन लिमिटेड। 
  2. श्रीमती नेहा मारव्या सिंह उप सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से अपर मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोजगार गारंटी परिषद भोपाल। 
  3. सुश्री निधि निवेदिता अपर मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोजगार गारंटी परिषद भोपाल से संचालक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण भोपाल। 
  4. श्री केदार सिंह उपसचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से उप सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग। 
  5. श्री विवेक श्रोत्रिय मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदौर विकास प्राधिकरण से अपर प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड भोपाल। 
  6. श्री अजय श्रीवास्तव मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दमोह से उप सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग। 
  7. सुश्री तनवी हुड्डा आयुक्त नगर पालिका निगम सतना एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्मार्ट सिटी सतना से अपर आयुक्त वाणिज्यकर इंदौर। 
  8. श्री चंद्रशेखर शुक्ला विशेष सहायक राज्यमंत्री नर्मदा तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से आयुक्त नगर पालिका निगम सागर। 

उपरोक्तानुसार सुश्री निधि निवेदिता द्वारा संचालक, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, मध्यप्रदेश भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. ई. रमेश कुमार भाप्रसे (1999) आयुक्त, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण, मध्यप्रदेश भोपाल तथा आयुक्त-सह-संचालक, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, मध्यप्रदेश भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) केवल आयुक्त सह-संचालक, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, मध्यप्रदेश भोपाल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे। 

मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट 

श्री राम प्रकाश अहिरवार आयुक्त नगर पालिका निगम सागर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदौर विकास प्राधिकरण। 
श्री राजेश शाही अपर कलेक्टर सतना से आयुक्त नगर पालिक निगम सतना एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्मार्ट सिटी सतना। 
श्री विनोद कुमार सिंह संयुक्त संचालक जिला मुरैना से संयुक्त कलेक्टर ग्वालियर। 
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घर में 2 वक्त का खाना नहीं था, आज हजारों के दुख दूर करते हैं SURENDRA SINGH IAS

Posted: 16 May 2022 12:20 PM PDT

Success and struggle story of surendra Singh IAS uttar Pradesh

लखनऊ। एक वक्त ऐसा भी था जब घर मं 2 वक्त का खाना नहीं होता था। किसान दंपत्ति और उनके 2 बेटे कई बार रात को बिना भोजन किए ही सो जाते थे परंतु आज उसी परिवार का सबसे छोटा बेटा सुरेन्द्र सिंह यूपी कॉडर का आईएएस अफसर है। जिलाधिकारी रहते हुए अब वो हजारों गरीबों के दुख दूर करते हैं। उनकी यह सफलता पूरे परिवार के साझा परिश्रम का परिणाम है। उनकी पत्नी भी उन्हे सपोर्ट करती है।

SURENDRA SINGH IAS- मेरी पढ़ाई पेरेंट्स के लिए काफी मायने रखती 

मथुरा जिले के सैदपुर गांव के रहने वाले सुरेन्द्र सिंह के पिता हरी सिंह किसान थे। खेती ही फैमिली की आय का मुख्य जरिया था। सुरेंद्र कहते हैं, शुरुआती दौर में परेशानियां कुछ ज्यादा थीं। गांव के प्राथमिक स्कूल में मेरी शुरुआती पढ़ाई हुई। मैं रोज देखता था कि मुझे स्कूल जाते देख पैरेंट्स की आंखों में एक अजीब सी ललक रहती थी। वो ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे, लेकिन मेरी पढ़ाई उनके लिए काफी मायने रखती थी। यह बात मैं बचपन से ही महसूस करने लगा था।

मेरे फैमिली की आय का मुख्य जरिया खेती ही था। मैं अक्सर स्कूल से आने के बाद खेतों में पहुंच जाता और पिता जी का काम में हाथ बंटाता। हालांकि, वो मुझे काम करने से मना कर देते थे, क्योंकि वो चाहते थे कि मेरा ध्यान कभी पढ़ाई से न भटके। मैं 8वीं क्लास तक गांव के ही स्कूल में पढ़ा।

SURENDRA SINGH IAS- Msc में टॉप किया, गोल्ड मेडल भी मिला

उसी दौरान मेरे बड़े भाई जीतेंद्र को दिल्ली में प्राथमिक स्कूल में टीचर की जॉब मिल गई। मैं भी उनके साथ दिल्ली चला गया। वहां इंटर करने के बाद मैं BSC और MSC के लिए राजस्थान चला गया। वहां मैंने Msc में टॉप किया, मुझे गोल्ड मेडल भी मिला।

SURENDRA SINGH IAS- हमेशा यही ख्याल आता पिता जी का सपना अधूरा है

पढ़ाई के दौरान मैं कई गवर्मेंट जॉब के लिए एग्जाम देता रहता था। इस बीच मेरा सिलेक्शन एयरफोर्स में हो गया। वहां ज्वाइन करने से पहले ही मेरा सिलेक्शन ONGC में जियोलॉजिस्ट के पद पर हो गया। मैं ONGC में नौकरी तो करने लगा था, लेकिन दिल में हमेशा यही ख्याल आता कि शायद अभी पिता जी का सपना अधूरा है। मैंने 3 बार PCS का एग्जाम क्वालीफाई किया, लेकिन ज्वाइन नहीं किया। क्योंकि दिल में IAS बनने का ख्वाब था। साल 2005 में IAS क्वालीफाई किया, देश में 21वीं रैंक हासिल की।

SURENDRA SINGH IAS- पत्नी का साथ मिलता है, तभी समाज के लिए बेहतर कर पा रहा हूं

करीब 10 साल पहले सुरेन्द्र सिंह की शादी मेरठ की गरिमा से हुई थी। इनकी 2 बेटियों हैं। सुरेन्द्र कहते हैं, डीएम के पद पर काफी सारी जिम्मेदारियां होती हैं, जिसमे कभी-कभी फैमिली और बच्चों के लिए भी टाइम निकालना मुश्किल हो जाता है लेकिन पत्नी का पूरा सहयोग रहता है, जिसकी वजह से मैं समाज के लिए बेहतर काम कर पा रहा हूं। सुरेन्द्र छोटे से गांव से निकलकर भले ही IAS बन गए हों, लेकिन आज भी उन्हें मिट्टी के चूल्हे की बनी रोटियां सबसे ज्यादा पसंद है।

बता दें, इस IAS अफसर को साल 2012 के विधानसभा चुनाव में फिरोजाबाद में तैनाती के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा बेस्ट इलेक्शन प्रैक्टिस के अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इसके आलावा मनरेगा योजना में बेहतरीन कार्यवहन के लिए इन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।

JABALPUR NEWS - 2016 से पहले की अवैध कालोनियों वैध होंगी, तरूण भनोत को आपत्ति

Posted: 16 May 2022 08:56 AM PDT

जबलपुर।
पूर्व वित्तमंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरूण भनोत ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाये है कि  उनके क्षेत्र में शासन की उदासीनता और लापरवाही के कारण दो दर्जन से अधिक अनाधिकृत कालोनियां विकसित हो चुकी है। कालोनाईजर द्वारा शासन के नियमों को ताक पर रख कर कालोनियों को विकसित किया गया। इन कालोनी में पेयजल, सड़क-नाली, बिजली के स्थाई कनेक्शन नहीं  है। 

तरूण भानोत ने अनाधिकृत कालोनियों को लेकर पिछले दिनों नगरीय प्रशासन मंत्री को पत्र लिखा था। जिस पर संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल द्वारा लिखित में यह जानकारी दी गई है कि मध्यप्रदेश नगर पालिका (कालोनी विकास) नियम 2021 के प्रावधानों के अनुसार दिनांक 31 दिसंबर 2016 के पूर्व अस्तित्व में आई अनाधिकृत एवं अवैध कालोनियों को नियम 24 के प्रावधानों के तहत वैध किया जाएगा।

नगरीय प्रशासन संचालनालय द्वारा विधायक श्री भनोत को प्रेषित पत्र में यह जानकारी दी गई है कि जिन अवैध कालोनियों में 70 प्रतिशत आबादी निम्न आय वर्ग के है, उनसे योजना के विकास शुल्क का 20 प्रतिशत और 80 प्रतिशत निकाय द्वारा वहन किया जावेगा। अन्य कालोनियों के निवासियों से 50 प्रतिशत विकास शुल्क लिया जायेगा और शेष 50 प्रतिशत निकाय द्वारा वहन किया जायेगा। संचालनालय द्वारा विकास शुल्क जमा करने के संबंध में यह भी जानकारी दी गई है कि इसके अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी द्वारा विकास शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख विनिश्चित कर सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करेगा, तथा विकास शुल्क अधिक्तम 5 वर्षो की किश्तों में जमा किये जाने की अनुज्ञा प्रदान कर सकेगा, जिस राशि का उपयोग संबंधित कालोनियों के विकास पर ही खर्च किया जा सकेगा।

संचालनालय के इस आदेश पर विधायक श्री भनोत ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि अनाधिकृत कालोनियों के रहवासियों द्वारा विकास के नाम पर कॉलोनाइजर्स द्वारा पूर्व में ही मोटी रकम वसूली जा चुकी है, किंतु शासन की उदासीनता और लापरवाही के कारण इन रहवासियों को कॉलोनाईजस द्वारा ठगने का काम किया गया है, और अब पुनः शासन द्वारा इन रहवासियों से विकास शुल्क की वसूली किया जाना इन पर दोहरी मार है। उन्होंने शासन से मांग की है कि अनाधिकृत कालोनियों को वैध करने और प्रारंभिक रूप से मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने के साथ ही समुचित विकास कार्य शासन द्वारा अपने स्तर पर किया जाना चाहिए। श्री भनोत ने बताया कि संचालनालय द्वारा जारी इस आदेश की पुनः समीक्षा हेतु संबंधित मंत्रालय से आग्रह करेंगे ताकि अवैध कालोनियों के रहवासियों को राहत प्रदान किया जा सके। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया JABALPUR NEWS पर क्लिक करें.

सिर्फ बयान के कारण FIR में नामजद नहीं कर सकते, HC ने जमानत दे दी - NEWS for KNOWLEDGE

Posted: 16 May 2022 08:53 AM PDT

जबलपुर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में शहडोल के एक युवक रोहित शर्मा को इसलिए जमानत दे दी क्योंकि पुलिस ने उसके खिलाफ कोई सबूत इकट्ठा नहीं किए। केवल संदिग्ध लोगों के बयान के आधार पर उसका नाम FIR में जोड़ लिया गया था। 

न्यायमूर्ति राजीव कुमार दुबे की एकलपीठ के समक्ष आवेदक रोहित शर्मा का पक्ष अधिवक्ता संदीप जैन ने रखा। उन्होंने दलील दी कि कोतवाली थाना, सीधी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर सड़क किनारे धंसे एक ट्रक की जांच की गई। उसमें 12 क्विंटल गांजा बरामद हुआ लेकिन मौके से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया। लिहाजा, जांच शुरू की गई। इस प्रक्रिया में आसपास के सीसीटीवी कैमरे देखे गए। उनमें से एक में दुकान में काम करता मैकेनिक मोहम्मद जाकिर व दूसरे में कार से उतरता दीपक बर्मन नामक युवक दिखा। पुलिस ने दोनों को पकड़कर पूछताछ की तो उन्होंने आवेदक रोहित शर्मा का नाम बता दिया। इसी आधार पर पुलिस ने गांजा तस्करी मामले में रोहित को भी नामजद कर लिया। 

बयान के आधार पर किसी को FIR में नामजद नहीं कर सकते 

यहां ध्यान देना जरूरी है कि किसी भी अपराधी या सभ्य नागरिक के बयान के आधार पर किसी भी व्यक्ति को (चाहे उसका क्रिमिनल रिकॉर्ड क्यों ना हो) किसी घटना की FIR में नामजद नहीं कर सकते। पुलिस को इन्वेस्टिगेशन पूरी करनी होगी। व्यक्ति का नाम पता चलने के बाद साक्ष्य एकत्रित करने होंगे जो यह प्रमाणित करते हो कि वह व्यक्ति अपराध में शामिल था। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

MP BOARD- कक्षा 10 के 3 लाख स्टूडेंट्स का गणित और अंग्रेजी में डब्बा गुल

Posted: 16 May 2022 08:32 AM PDT

भोपाल।
माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल के विशेषज्ञों ने हाईस्कूल परीक्षा में बेस्ट ऑफ फाइव फार्मूला लागू करके रिजल्ट तो सुधार लिया लेकिन बच्चे बिगड़ गए। 10.29 लाख विद्यार्थियों में से 3 लाख स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिनका गणित और अंग्रेजी विषय में डब्बा गुल है। पता नहीं दुनिया में वह कैसे फाइट कर पाएंगे। 

दरअसल, मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती घोटालों के कारण योग्य उम्मीदवारों की स्कूलों में नियुक्ति नहीं हो पाई। योग्य उम्मीदवार स्कूलों में नियमित कर्मचारी के तौर पर नियुक्त हो गए। नतीजा स्कूलों में पढ़ाई ठप हो गई। हाई स्कूल का रिजल्ट खराब होने लगा। एक गलती को छुपाने के लिए दूसरी गलती की गई। बेस्ट ऑफ फाइव फार्मूला लागू किया गया। यानी यदि कोई विद्यार्थी केवल 5 विषयों में पास हो जाता है तो उसे कक्षा 11 में प्रमोट कर दिया जाएगा। 

इस साल ऐसे तीन लाख विद्यार्थी कक्षा 11 में पहुंच गए हैं जो कक्षा 10 में गणित या अंग्रेजी विषय में पासिंग मार्क्स तक नहीं लेकर आ पाए। चिंता की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में अयोग्य बच्चे जब कॉलेज में पहुंचेंगे तो CBSE के स्टूडेंट से कैसे प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे। किसी भी बालक के करियर के लिए बहुत जरूरी है कि अंग्रेजी और गणित में वह कम से कम उत्तीर्ण जरूर हो जाए। यदि इन दो विषयों में फेल हो गया तो अक्सर लाइफ में फेल हो जाते हैं। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- शहर के जल संकट पर सीएम ने कमिश्नर से प्रतिवेदन मांगा

Posted: 16 May 2022 08:09 AM PDT

भोपाल।
नगर निगम कमिश्नर वीएस चौधरी कोलसानी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कोलार डैम की पाइप लाइन के नाम पर आधे शहर की पेयजल सप्लाई प्रभावित कर दी गई है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। विधायक और सांसद के बाद अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमिश्नर से शहर में पेयजल वितरण का प्रतिवेदन मांगा है।

रविवार की शाम को सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने नगर निगम कमिश्नर को सोमवार सुबह तक का समय दिया था। इससे पहले की राजधानी में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन होता, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सुबह सबसे पहले नगर निगम कमिश्नर को बुलाकर निर्देशित किया कि भोपाल शहर में सुचारू पेयजल वितरण के लिए आवश्यक  व्यवस्थाएँ तत्काल  सुनिश्चित करें। आमजन को पेयजल की दिक्कत नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन मुख्यमंत्री कार्यालय को देने के निर्देश दिए। 

उल्लेखनीय है कि राजधानी भोपाल में पाइप लाइन बदलने के लिए 60 घंटे का समय मांगा गया था लेकिन 7 दिन होने को आ गए, पेयजल सप्लाई सामान्य नहीं हुई है। शहर में हाहाकार की स्थिति बनती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के अलावा विधायक और सांसद भी चिंता की स्थिति में आ गए हैं। हालात यह बन गए कि मुख्यमंत्री को दखल देना पड़ा। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

GWALIOR NEWS- एक और बिल्डर के खिलाफ FIR दर्ज, पड़ाव थाने का मामला

Posted: 16 May 2022 07:53 AM PDT

ग्वालियर
। RERA रजिस्ट्रेशन के बिना खुद को बिल्डर कहना भी अपराध है परंतु ग्वालियर में ऐसे दर्जनों अवैध बिल्डर घूम रहे हैं। लोगों के साथ धोखाधड़ी के मामले हर रोज सामने आ रहे हैं। पड़ाव थाने में एक और बिल्डर के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। 

साकेत नगर निवासी राजीव पुत्र सुरेश चंद्र शिवहरे का शहर में नमकीन का कारोबार है। इसके साथ-साथ सुरेश शिवहरे प्रॉपर्टी में भी इन्वेस्टमेंट करते हैं। दिनेश परमार (पिता वीरेंद्र परमार) मल्टी स्टोरी कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं एवं सोसाइटी में बिल्डर बताया जाता है। दोनों के बीच अच्छी पहचान थी। 2016 में दोस्त होने के नाते गेंड़े वाली सड़क पर निर्माणाधीन मल्टी दिखाने के लिये ले गया। 

सुरेश को अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग पसंद आ गई। उन्होंने फर्स्ट फ्लोर में इन्वेस्टमेंट करने की इच्छा जताई। डील फाइनल होने के बाद सुरेश ने दिनेश को दो किस्तों में 49.50 लाख रुपए दिए लेकिन दिनेश ने मल्टी स्टोरी के फर्स्ट फ्लोर का पजेशन नहीं दिया। मांगने पर पैसा भी वापस नहीं किया।

उत्कल मल्टी स्टेट क्रेडिट कोआपरेटिव सोसयटी प्रालि एजेंट के खिलाफ FIR

भूरे बाबा की बस्ती निवासी ब्रिजेंद्र कुशवाह व उसकी मां राजेश्वर ने गोला का मंदिर थाने में लिखित शिकायत कर बताया कि उनका पहले से लक्ष्मण व उसकी पत्नी नीलम से पहले परिचय था। दोनों ने बताया कि वह उत्कल मल्टी स्टेट क्रेडिट कोआपरेटिव सोसयटी प्राइवेट लिमिटेड में एजेंट हैं। 

दोनों ने बताया कि उनकी कंपनी कम समय जमा धन दोगुना कर देती है। आरोपित के झासे में आकर 50 हजार रुपये की एफडीआर कराई। पैसा वापस होने से पहले ही कंपनी बंद हो गई। उनका पैसा अटक गया। इस चिटफंड कंपनी का आफिस गोला का मंदिर क्षेत्र में था। पुलिस ने मां-बेटे की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

GWALIOR NEWS- हमारा आईजी, क्यों हटाया भाईजी, शिवराज के घर पहुंचे सिंधिया

Posted: 16 May 2022 12:00 PM PDT

भोपाल।
वैसे कोई नई बात नहीं है लेकिन गृह प्रवेश और गुना कांड के बाद यह मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने उनके घर पहुंचे। इस अवसर पर चुटकी लेते हुए कमलनाथ के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने लिखा, हमारा आईजी, क्यों हटाया भाईजी। 

महाराज के कारण कलंक लगा

दरअसल गुना में 3 पुलिस कर्मचारियों की शहादत के बाद अनिल कुमार शर्मा आईपीएस को ग्वालियर के आईजी पद से हटा दिया गया था। गृह मंत्रालय का कहना था कि सुबह 6:00 बजे सूचना मिलने के बाद भी आईजी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया और तत्काल रवाना नहीं हुए इसलिए उन्हें हटाया गया, लेकिन इस फैसले को लेकर पॉलिटिकल गॉसिप भी बहुत हुए। कहा तो यह भी गया कि आईजी शर्मा के पॉलिटिकल कनेक्शन काफी स्ट्रांग हैं। उनकी पदस्थापना में परिवर्तन उनके कारण नहीं बल्कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कारण हुआ।

सिंधिया ने जिसका विरोध किया, वही ग्वालियर का आईजी बना

दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीनियर आईपीएस डी श्रीनिवास वर्मा को जनवरी 2022 में ग्वालियर का आईडी बनाकर भेजा था परंतु केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें ज्वाइन नहीं करने दिया। कुछ दिनों के पॉलिटिकल टेंशन के बाद सीनियर आईपीएस अनिल कुमार शर्मा को ग्वालियर आईजी के पद पर पदस्थ किया गया। गुना कांड के बाद मुख्यमंत्री ने ना केवल अनिल कुमार शर्मा को हटाया बल्कि डी श्रीनिवास वर्मा को ग्वालियर आईजी बनाकर भेजा। यही कारण है कि यह फैसला राजनीति की चर्चा का केंद्र बना। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

MP CHUNAV NEWS- महापौर नपाध्यक्ष डायरेक्ट इलेक्शन अध्यादेश मंजूर, राजभवन की चर्चा

Posted: 16 May 2022 06:50 AM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित राजभवन की चर्चाओं में पता चला है कि नगरीय निकाय (महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष एवं नगर परिषद अध्यक्ष) के प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव के अध्यादेश को राजभवन की तरफ से मंजूरी मिल गई है। मंगलवार को यह दस्तावेज मध्य प्रदेश के मंत्रालय यानी वल्लभ भवन पहुंच जाएगा। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल से मुलाकात की थी। सूत्रों से पता चला है कि राजभवन की ओर से अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई है। सोमवार दिनांक 16 मई को बुद्ध पूर्णिमा शासकीय अवकाश होने के कारण फाइल राजभवन से वल्लभ भवन के लिए रवाना नहीं हो सकी। मंगलवार की सुबह कामकाज शुरू होते ही अध्यादेश की फाइल राजभवन से मंत्रालय पहुंच जाएगी। 

मध्यप्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 350 से ज्यादा नगरीय निकायों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सन 2018 में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के गठन के बाद महापौर एवं नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली (पार्षदों के द्वारा) कराए जाने का प्रावधान कर दिया गया था। सत्ता परिवर्तन के बाद शिवराज सिंह चौहान सरकार ने एक बार फिर नगर पालिका के चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली (सीधे जनता के द्वारा) कराने का फैसला लिया है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

MP NEWS - सरकारी आवास में इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर की लाश मिली

Posted: 16 May 2022 08:35 AM PDT

रीवा।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में के शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय के प्रोफेसर दीपक राज दुबे निवासी सिहोरा जबलपुर का सरकारी क्वार्टर में शव मिला है। 15 मई को सुबह से शाम तक प्रोफेसर जब नहीं दिखे तो कालोनी के साथियों को अनहोनी की आशंका हुई। ऐसे में शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय में पदस्थ रिश्तेदार को सूचना दी गई। फिर रिश्तेदार ने विश्वविद्यालय थाने को जानकारी दी। 

पुलिस की मौजूदगी में मुख्य गेट का ताला तोड़वाया गया। अंदर पहुंचते तो प्रोफेसर कुर्सी पर मृत पड़े मिले। घटनास्थल की जांच में प्रथम दृष्टया पुलिस दिल का दौरा पड़ने से मृत्यू मानकर चल रही थी। रात में ही प्रोफेसर की लाश एसजीएमएच की मर्चुरी में शिफ्ट करा दी गई थी। अब सोमवार को पीएम कराया गया है। विश्वविद्यालय थाना प्रभारी निरीक्षक जेपी पटेल ने बताया कि रविवार की रात 9 से 10 बजे के बीच प्रोफेसर कालोनी के पी 1 क्वार्टर में एक प्रोफेसर की मौत होने की जानकारी थाने आई थी। 

घटनास्थल पर पहुंचे तो इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टाफ ने कहा कि मृत प्रोफेसर की पत्नी भोपाल में रहती है। जबकि बेटा सिंगरौली में रहता है। वह वर्षों से अकेले प्रोफेसर कॉलोनी में रहते थे। रिश्तेदार ने पुलिस को बताया कि मृत प्रोफेसर दीपक राज दुबे पुत्र ओंमकार दुबे दो साल से शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रीवा के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्राध्यापक पदस्थ थे। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

MP NEWS- 6 जिलों के शिक्षा अधिकारियों को DPI का नोटिस, अध्यापकों की वरिष्ठता सूची का मामला

Posted: 16 May 2022 06:13 AM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश शासन के लोक शिक्षण संचालनालय कमिश्नर अभय वर्मा द्वारा 6 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मोतीलाल वास्कले खरगोन, रविंद्र महाजन बुरहानपुर, एससी शर्मा मुरैना, संजय श्रीवास्तव शिवपुरी, आरएल कारपेंटर मंदसौर एवं हीरालाल खुशाल देवास के नाम कारण बताओ सूचना पत्र में लिखा गया है कि, संचालनालय के पत्र क. एन.सी. / एफ / 05 / निकाय वरि सूची/ 20200-21/605 दिनांक 07.04.2021 द्वारा समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को यह निर्देश जारी किये गये थे कि दिनांक 30.06.2018 की स्थिति में कार्यरत अध्यापक संवर्ग की निकायवार वरिष्ठता सूचियों का एजुकेशन पॉटल पर डिजिटलाइजेशन किया जाना है। इस हेतु अनेक बार लिखित एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देशित किया गया किंतु उपरोक्त 6 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों ने 50% से भी कम काम संपन्न किया है। 

कमिश्नर डीपीआई ने लिखा है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के उपरान्त भी समयसीमा में कार्य पूर्ण न किया जाना अत्यंत लापरवाही एवं शासन के आदेश के अवहेलना का द्योतक है आपका उक्त कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। अतः मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-16 के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाता है कि क्यों न आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की शास्ति अधिरोपित की जाए? मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

मध्य प्रदेश मानसून- Good News बंगाल की खाड़ी से बादल उठे, पढ़िए कब तक आएंगे

Posted: 16 May 2022 12:00 PM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए गुड न्यूज़ है। बंगाल की खाड़ी से मानसून के बादल उठने लगे हैं। यह प्रक्रिया निर्धारित से 4 दिन पहले शुरू हो गई है। इसलिए मानसून भी अपनी निर्धारित तारीख से पहले आने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा इसकी पुष्टि की गई है। 

INDIA WEATHER FORECAST

The India Meteorological Department (IMD) द्वारा बताया गया है कि अंडमान सागर एवं दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर मानसून के बादल आ गए हैं। केरल के तट पर दिनांक 27 मई 2022 को इनके पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इसके कारण उत्तराखंड, केरल, मेघालय और असम में बारिश की संभावना है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा एवं दिल्ली में अधिकतम तापमान में लगभग 4 डिग्री तक की गिरावट आने की संभावना है। 

मौसम समाचार- भारत मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है। मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में 15 से 17 मई तक भारी बारिश की संभावना है। उत्तर के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले दो से तीन दिन ओलों के साथ बारिश की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले दो दिन धूलभरी आधी चलने की आशंका है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

MP BOARD DElEd मुख्य परीक्षा स्थगित, फॉर्म भरने की लास्ट डेट बढ़ाई - NEWS TODAY

Posted: 16 May 2022 05:18 AM PDT

Madhya Pradesh Board of Secondary Education
द्वारा डीएलएड 2 वर्षीय पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष की मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। इसके अलावा परीक्षा फॉर्म भरने की लास्ट डेट बढ़ा दी गई है। 

इसके संदर्भ में परीक्षा नियंत्रक, माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा आदेश क्रमांक 2441 दिनांक 12/5/2022 जारी किया गया। आदेश में लिखा है कि, माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा आयोजित डी.एल.एड (द्वि-वर्षीय पाठ्यक्रम) मुख्य परीक्षा प्रथम / द्वितीय वर्ष 2022 की मुख्य परीक्षा के परीक्षार्थियों हेतु ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की अवधि में दिनांक 17.05.2022 तक वृद्धि की जाती है।

डी.एल.एड (द्वि-वर्षीय पाठ्यक्रम) मुख्य परीक्षा प्रथम वर्ष / द्वितीय वर्ष 2022 की मुख्य परीक्षा नियत कार्यक्रम अनुसार 02 जून 2022 से आयोजित होना थी। अपरिहार्य कारणों से उक्त परीक्षा स्थगित की जाती है। उक्त परीक्षा माह जुलाई 2022 के द्वितीय सप्ताह से आयोजित की जावेगी, जिसका विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम पृथक से जारी किया जावेगा। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

INDORE NEWS - ब्लैकमेलिंग से परेशान डॉक्टर की बेटी ने सुसाइड किया, कक्षा 11 में पढ़ती थी

Posted: 16 May 2022 05:24 AM PDT

इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में फांसी लगाकर 11वीं की छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा का नाम हीरन्या है। हीरन्या के पिता बच्चों के डॉक्टर हैं और मां बड़वानी में सरकारी अस्पताल में नर्स है। वह हर शनिवार इंदौर आती थीं और सोमवार सुबह लौट जाती थीं।

राजेन्द्र नगर TI मनीष डाबर ने बताया, हीरन्या (18) पुत्री डॉ. केशव लोखंडे ने रविवार देर शाम फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। वह मालवा कन्या स्कूल में 11वीं क्लास में पढ़ती थी। घटना के वक्त छात्रा के पिता और मां घर से बाहर गए थे। 10 साल की छोटी बहन और 4 साल का भाई बिल्डिंग के नीचे खेल रहे थे। इसी दौरान हीरन्या ने यह कदम उठा लिया। शाम को जब माता-पिता वापस आए तो उन्होंने हीरन्या को फंदे पर लटके देखा। TI ने कहा, पुलिस जांच कर रही है। परिवार के बयान के बाद संबंधित स्टूडेंट्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शनिवार को हीरन्या ने अपने पिता को बताया था कि वह कोचिंग से निकलने के बाद अपने दोस्तों के साथ सिगरेट पी रही थी। इसी दौरान कोचिंग में साथ पढ़ने वाले एक छात्र और छात्रा ने उसके फोटो ले लिए। वे उन फोटोज को लेकर उसे डराने लगे। वे उन फोटोज को पापा-मम्मी को बताने की धमकी दे रहे थे। उसकी बात सुनकर पिता ने उसे थोड़ा डांटा और आगे से ऐसा नहीं करने के लिए समझाया। उन्होंने हीरन्या को माफ कर दिया था। पिता ने बताया, उसे डर था कि दोस्त उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। इसी बात को लेकर वह डिप्रेशन में थी। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

MP NEWS- सरकारी स्कूलों में स्पोर्ट्स टीचर की भर्ती के लिए राजधानी में प्रदर्शन

Posted: 16 May 2022 04:36 AM PDT

भोपाल
। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा BEd वाले शिक्षकों को सरकारी स्कूलों में प्रभारी खेल शिक्षक बनाने की कवायद के बीच मध्य प्रदेश के बीपीएड और एमपीएड डिग्रीधारी बेरोजगारों ने राजधानी में प्रदर्शन शुरू कर दिया। 
40 डिग्री से अधिक तापमान में जब लू से लोगों की तबीयत खराब हो रही है। राजधानी में सुबह से ही कर्फ्यू जैसा माहौल बन जाता है। सागर, विदिशा, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और अन्य जिलों से बीपीएड और एमपीएड 5 उम्मीदवार राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी उम्मीदवार सीएम हाउस की तरफ आगे बढ़ रहे थे लेकिन उन्हें बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पुलिस द्वारा रोक लिया गया। इससे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। 

प्रदर्शनकारी पंकज भार्गव ने कहा कि सरकार को बीपीएड-एमपीएड की डिग्री कोर्स बंद कर देना चाहिए। उनकी डिग्री रद्द करके उनका पैसा वापस देना चाहिए। कोर्स तो चला रहे हैं, लेकिन नौकरी नहीं दे रहे। जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानती, तब तक उनका प्रदर्शन चलता रहेगा। 15 दिन से सिर्फ बातचीत ही चल रही, लेकिन कुछ नतीजा नहीं निकला इसलिए अब सड़क पर उतरना पड़ा। 

प्रदर्शनकारियों ने मांग करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने हाल में स्कूलों में खेल शिक्षकों का प्रभार विशेष शिक्षकों को देने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्कूल के ही विशेष शिक्षकों को 5 दिन का खेल प्रशिक्षण देकर उन्हें खेल प्रभारी शिक्षक बनाया जा रहा है। इससे बीपीएड और एमपीएड करने वाले खेल प्रशिक्षकों के साथ अन्याय है। 

बीते 14 सालों से मध्यप्रदेश में शारीरिक शिक्षक की योग्यताधारी बीपीएड एवं एमपीएड अभ्यर्थियों को बेरोजगारी के दंश से जूझना पड़ रहा है। अब जब शिक्षकों की भर्ती का समय आ रहा है, तो सरकार विशेष शिक्षकों को पांच दिन का प्रशिक्षण देकर शिक्षक बनाया जा रहा है। इसमें कई स्थानों पर तो चपरासी तक को भी स्पोर्ट्स टीचर बना दिया गया। 

मध्यप्रदेश में खेल शिक्षकों के 72000 से अधिक पद खाली

बेरोजगारों का कहना है कि सरकार का निर्णय पूरी तरह से योग्यताधारी शिक्षित बेरोजगारों के खिलाफ है। कुछ समय पहले सर्वे के माध्यम से पता चला था कि प्रदेश के स्कूलों में 72 हजार से अधिक खेल शिक्षकों के पद खाली है। अधिकांश स्कूलों में खेल शिक्षक नहीं है। इन पदों पर बीपीएड और एमपीएड डिग्रीधारी बेरोजगारों की भर्ती की जाना चाहिए, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि सरकार बेरोजगारों को नौकरी देना ही नहीं चाह रही। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें।

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