प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- सीआईएससीई : कक्षा 10 और 12 के विषयों के पाठ्यक्रम में बदलाव, स्कूलों को भेजा गया बदले पाठ्यक्रम का प्रारूप
- राज्य अध्यापक पुरस्कार : 10 जिलों से सिर्फ 12 आवेदन, शुरुआत से ही सवालों में घिर गई है चयन प्रक्रिया
- यू-डायस में भरा जाएगा स्मार्ट टीवी व प्रोजेक्टर का भी ब्योरा
- हाईकोर्ट : सहायक अध्यापक की कोरोना से मौत पर दो नाबालिग बच्चों को मुआवजा देने का आदेश
- पढ़ाई के बाद अब बेरोजगार नहीं रहेंगे छात्र, तैयार होगा एक सिंगल नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, यूजीसी ने नए क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क का मसौदा किया तैयार
- सत्र में देरी से नहीं घबराएं छात्र, सीबीएसई ने घटाया पाठ्यक्रम
- भ्रष्ट आचरण के चलते गाजीपुर जिलाधिकारी के निशाने पर रही BEO के खिलाफ शासन का निर्णय, अन्यत्र स्थानांतरण के साथ अनुशासनिक कार्यवाही के निर्देश
- यूपी बोर्ड : वेबसाइट पर होगा 28 हजार स्कूलों का लेखा-जोखा
- उच्च शिक्षा में परीक्षा से संबंधित शिकायत के लिए WhatsApp नंबर जारी
- सरकार ने मुक्त विश्वविद्यालय खोलने की राह आसान की
| Posted: 23 May 2022 05:33 PM PDT सीआईएससीई : कक्षा 10 और 12 के विषयों के पाठ्यक्रम में बदलाव, स्कूलों को भेजा गया बदले पाठ्यक्रम का प्रारूप सीआईएससीई के सचिव गैरी अरथून ने स्कूलों को पत्र जारी कर बदले पाठ्यक्रम का प्रारूप जारी किया है। इस सत्र में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा दो सेमेस्टर की बजाय पूर्व की भांति एक बार में ही होगी। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (सीआईएससीई) ने कक्षा 10 और 12 के कई पाठ्यक्रमों में बदलाव किया है। वर्ष 2023 में होने वाली बोर्ड परीक्षा बदले हुए पाठ्यक्रम के आधार पर होगी। सीआईएससीई के सचिव गैरी अरथून ने स्कूलों को पत्र जारी कर बदले पाठ्यक्रम का प्रारूप जारी किया है। इस सत्र में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा दो सेमेस्टर की बजाय पूर्व की भांति एक बार में ही होगी। सचिव ने स्कूलों को बदले पाठ्यक्रम के अनुसार ही पठन-पाठन और परीक्षा कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि जुलाई में विषयों के मॉडल प्रश्न पत्र भी जारी कर दिए जाएंगे। इन विषयों के पाठ्यक्रम में किया है बदलाव कक्षा 10 में अंग्रेजी, इंडियन लैंग्वेजेस, मॉडर्न फॉरेन लैंग्वेज, हिस्ट्री एंड सिविक्स, जियोग्राफी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, इकोनॉमिक्स, कामर्शियल स्टडीज, क्लासिकल लैंग्वेज, एनवायरमेंटल साइंस, कंप्यूटर एप्लीकेशंस, इकोनॉमिक एप्लीकेशंस, कामर्शियल एप्लीकेशंस, आर्ट, परफॉर्मिंग आर्ट्स, होम साइंस, कुकरी, फैशन डिजाइनिंग, फिजिकल एजुकेशन, योगा, टेक्निकल ड्राइंग एप्लीकेशंस, एनवायरमेंटल एप्लीकेशंस, मास मीडिया एंड कम्यूनिकेशन, हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट, ब्यूटी एंड वेलनेस के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। कक्षा 12 में इंग्लिश, इंडियन लैंग्वेजेस, मॉडर्न फॉरेन लैंग्वेजेज, क्लासिकल लैंग्वेजेज, इलेक्टिव इंग्लिश, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, जियोग्राफी, सोशियोलॉजी, साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स, कॉमर्स, अकाउंट्स, बिजनेस स्टडीज, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, होम साइंस, फैशन डिजाइनिंग, इलेक्ट्रिसिटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग सांइस, कंप्यूटर साइंस, जियोमेट्रिकल एंड मैथमेटिकल ड्राइंग, जियोमेट्रिकल एंड बिल्डिंग ड्राइंग, आर्ट, म्यूजिकल, फिजिकल एजुकेशन, एनवायरमेंटल साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, मास मीडिया कम्यूनिकेशन, हॉस्पिटेलिटी मैनेजमेंट और लीगल स्टडीज में बदलाव किया गया है। |
| राज्य अध्यापक पुरस्कार : 10 जिलों से सिर्फ 12 आवेदन, शुरुआत से ही सवालों में घिर गई है चयन प्रक्रिया Posted: 23 May 2022 05:03 PM PDT राज्य अध्यापक पुरस्कार : 10 जिलों से सिर्फ 12 आवेदन, शुरुआत से ही सवालों में घिर गई है चयन प्रक्रिया वाराणसी : उत्तर प्रदेश राज्य शिक्षक सम्मान की चयन प्रक्रिया की शुरुआत से ही सवालों में घिर गई है। सरकार ने प्रदेश भर से शिक्षकों से आवेदन मांगे हैं, लेकिन वह आवेदन ही नहीं कर रहे हैं। हालात ये है कि प्रदेश के 28 जिलों से एक भी आवेदन नहीं आए हैं। भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी भी इसमें शामिल है। प्रयागराज में पांच, आजमगढ़ व सिद्धार्थनगर में चार आवेदन आए हैं। बस्ती, फिरोजाबाद, जौनपुर, सहारनपुर, सीतापुर में तीन आवेदन आए हैं। वहीं, बलिया, चंदौली, गाजीपुर में दो आवेदन आए है। एडी बेसिक व बीएसए के आदेश के बाद भी भदोही और वाराणसी से एक भी आवेदन नहीं आए हैं। |
| यू-डायस में भरा जाएगा स्मार्ट टीवी व प्रोजेक्टर का भी ब्योरा Posted: 23 May 2022 04:55 PM PDT गोरखपुर : यू-डायस में भरा जाएगा स्मार्ट टीवी व प्रोजेक्टर का भी ब्योरा ◆ गलत आंकड़ा देने पर वाले स्कूलों पर होगी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई ◆ यू-डायस में विस्तृत विवरण भरने का 31 मई तक का समय दिया गया गोरखपुर : परिषदीय स्कूलों में उपलब्ध स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर का डाटा भी यू-डायस ( यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन) पर भरा जाएगा। चाहे वह किसी भी साधन से स्कूल में लगाया गया हो। इसे अंकित न करने पर परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआइ) रैंकिंग में प्रदेश को अंक नहीं मिलते। इसको देखते हुए शासन स्तर से 31 मई तक यू-डायस में विवरण भरने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यदि एक स्कूल परिसर में एक से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र हैं तो उनका कोड भी अंकित करना होगा। यदि स्कूलों में किसी भी तरह की मरम्मत की जरूरत है तो संबंधित फार्म में उसका ब्योरा भरा जाए अन्यथा प्रस्ताव नामंजूर कर दिया जाएगा। इस बार प्री-प्राइमरी में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। अब इसके लिए भी प्रस्ताव पीएबी में भेजा गया है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि यदि यू-डायस के अंतर्गत डाटा कैप्चर फार्मेट में भरे गए आंकड़े व ब्योरा सही नहीं मिलते हैं तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रबंधक, शिक्षक संकुल तथा खंड शिक्षाधिकारी उत्तरदायी होंगे। मान्यता प्राप्त विद्यालय, मदरसा, सीबीएसई व आइसीएसई से मान्यता प्राप्त विद्यालय अपना ब्योरा आनलाइन नहीं कराता है तो उनके विरुद्ध मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। |
| हाईकोर्ट : सहायक अध्यापक की कोरोना से मौत पर दो नाबालिग बच्चों को मुआवजा देने का आदेश Posted: 23 May 2022 04:48 PM PDT हाईकोर्ट : सहायक अध्यापक की कोरोना से मौत पर दो नाबालिग बच्चों को मुआवजा देने का आदेश प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम ललितपुर को निर्देश दिया है कि चुनाव ड्यूटी में कोविड महामारी से मृत सहायक अध्यापक के दो नाबालिग बच्चों की अर्जी पर दो हफ्ते में सुनवाई करें और दो माह के भीतर एक जून 2021 के शासनादेश के तहत मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित करें। हाईकोर्ट ने मुआवजा अर्जी अपलोड करने की तिथि 15 जून 2022 तक बढ़ा दी है और कहा है कि यह आदेश दिया है। विशेष परिस्थितियों को देखते हुए दिया गया है। इसका लाभ अन्य लोगों को नहीं मिलेगा। हाईकोर्ट ने कहा है कि मुआवजा राशि दोनों नाबालिग बच्चों के नाम राष्ट्रीय बैंक में सावधि जमा की जाए और बालिग होने तक जिलाधिकारी उनके वैधानिक संरक्षक के जरिये निगरानी रखें। कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललितपुर को भी उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही महानिबंधक को रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एआर मसूदी तथा न्यायमूर्ति वीडी चौहान की खंडपीठ ने कुमारी प्रियंका व अभिषेक की याचिका को स्वीकार करते हुए याचीगण की ओर से कहा गया कि उनके पिता सहायक अध्यापक थे। चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना से उनकी मौत हो गई। शासनादेश के तहत उन्होंने बीएसए ललितपुर को अर्जी दी लेकिन जिलाधिकारी के जरिये समय रहते उसे पोर्टल पर अपलोड नहीं करा सके। भगवान सिंह ने कोर्ट से वैधानिक संरक्षक का आदेश लेकर मदद की सुनवाई न होने पर हाईकोर्ट की शरण ली जिस पर कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। |
| Posted: 23 May 2022 04:44 PM PDT पढ़ाई के बाद अब बेरोजगार नहीं रहेंगे छात्र, तैयार होगा एक सिंगल नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, यूजीसी ने नए क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क का मसौदा किया तैयार ◆ उच्च शिक्षा के दौरान प्रत्येक स्तर पर अनिवार्य रूप से मिलेगी स्किल की भी शिक्षा ◆ तैयार होगा एक सिंगल नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, यूजीसी ने नए क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क का मसौदा किया तैयार ◆ प्रत्येक सेमेस्टर में स्किल का एक न्यूनतम क्रेडिट स्कोर होगा तय नई दिल्ली : उच्च शिक्षा की पढ़ाई अब सिर्फ डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट बटोरने के लिए नहीं होगी, बल्कि छात्रों को इस तरह से तैयार भी करेगी कि पढ़ाई के बाद उन्हें बेकार न घूमना पड़े। उच्च शिक्षा के नए क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने में जुटे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसे लेकर जो मसौदा तैयार किया है, उसके तहत उच्च शिक्षा के सभी स्तरों पर छात्रों को अब अनिवार्य रूप से कौशल ( स्किल) की शिक्षा भी दी जाएगी। इसके तहत नेशनल हायर एजुकेशन क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएचईक्यूएफ) के साथ नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) को जोड़ा जा रहा है। जो जल्द ही नए रूप में सामने आएगा। इसके साथ ही एक नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क भी तैयार होगा। यूजीसी के अनुसार, इस पहल से उच्च शिक्षा के लिए जो नया क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क तैयार होगा, उसमें छात्र को उच्च शिक्षा की पढ़ाई के दौरान किसी न किसी एक स्किल से जोड़ा जाएगा, जिसके आधार पर वह कहीं भी नौकरी या फिर अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकेगा। यूजीसी ने इस दौरान उच्च शिक्षा के सभी स्तरों के लिए स्किल को शामिल करते हुए जो नया क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क बनाया है। इसमें एक साल का सर्टिफिकेट कोर्स करने वालों को स्किल का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसका क्रेडिट उसमें दर्ज होगा। इसी तरह डिप्लोमा या फिर डिग्री कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्रत्येक सेमेस्टर में स्किल से जुड़े प्रशिक्षण के साथ कोर्स के पूरा होने पर इंटर्नशिप भी कराया जाएगा। इनमें बीए, बीएससी और बीकाम जैसी पढ़ाई करने वाले छात्र भी शामिल होंगे। मौजूदा समय में बीए, बीएससी और बीकाम के बाद छात्रों के लिए कोई नौकरी नहीं है, क्योंकि उन्हें सिर्फ विषयों की पढ़ाई कराई गई है। इसके अलावा उनके पास कोई स्किल नहीं होता है। ऐसी स्थिति में वह उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी नौकरी या रोजगार की तलाश में भटकते रहते हैं। |
| सत्र में देरी से नहीं घबराएं छात्र, सीबीएसई ने घटाया पाठ्यक्रम Posted: 23 May 2022 04:41 PM PDT सत्र में देरी से नहीं घबराएं छात्र, सीबीएसई ने घटाया पाठ्यक्रम केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 से नौवीं से 12वीं के परीक्षा पैटर्न में बदलाव के साथ-साथ पाठ्यक्रम को भी 30 प्रतिशत तक घटाया है। शिक्षा सत्र देरी से शुरू होने के चलते विद्यार्थियों पर ज्यादा दबाव न आए, इसके लिए कुछ कविताएं और पाठ हटाए गए हैं। बोर्ड ने कोरोना महामारी के चलते बीते साल भी लगभग 30 प्रतिशत तक पाठ्यक्रम घटाया था। हालांकि, सत्र 2021-22 में जो पाठ घटाए थे, उन्हें सत्र 2022-23 में शामिल करके कई अन्य पाठ घटाएं हैं। बदलाव केवल हिंदी साहित्य में किए है। व्याकरण में कोई भी पाठ नहीं घटाया गया है। बोर्ड ने नौवीं कक्षा से सियारामशरण गुप्त की कविता 'एक फूल की चाह' को हटाया है। इसमें एक दलित लड़की पर ऊंची जाति के लोग अत्याचार करते हैं। इसके साथ ही 'धर्म की आड़' और लेखिका चपला देवी का पाठ नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कम दिया गया, हजारी प्रसाद द्विवेदी का पाठ एक कुत्ता और एक मैना हटाया गया है। साथ ही 11वीं में कबीर और मीरा के पद नंबर दो और पंत की 'वे आंखें' को हटाया गया है। 12वीं में निराला, केशव दास, घनानंद की कविताओं को हटाया है। नौवीं और 10वीं में हटाए गए पाठ - हिंदी मातृभाषा (क्षितिज भाग- 1)- काव्य खंड- 'केदारनाथ अग्रवाल- चंद्र गहना से लौटती बेर 'चंद्रकांत देवताले- यमराज की दिशा गद्य खंड- 'चपला देवी - नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कम दिया गया 'हजारी प्रसाद द्विवेदी- एक कुत्ता और एक मैना हिंदी मातृभाषा (क्षितिज भाग -2)- काव्य खंड- 'देव- सवैया, कवित्त 'गिरिजाकुमार माथुर- छाया मत छूना 'त्रतुराज- कन्यादान गद्य खंड- 'महावीरप्रसाद द्विवेदी- स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन 'सर्वेश्वर दयाल सक्सेना- मानवीय करुणा की दिव्य चमक 11वीं और 12वीं में घटाए गए पाठ- हिंदी आधार, (काव्य खंड) ' गजानन माधव मुक्तिबोध- सहर्ष स्वीकारा है ' फिराक गोरखरपुरी- गजल हिंदी आधार, (गद्य खंड)- ' विष्णु खरे- चार्ली चैप्लिन यानी हम सब ' रजिया सज्जाद जहीर - नमक - एन फ्रैंक- डायरी के पन्ने हिंदी ऐच्छिक- पाठ्यपुस्तक- (अंतरा भाग 1) ' नए जन्म की कुंडली ' पद्माकर ' महादेवी वर्मा- सब आंखों के आंसू उजले ' नरेंद्र शर्मा- नींद उचट जाती है अंतरा भाग 2 ' सूर्यकांत त्रिपाठी निराला - गीत गाने दो मुझे ' विष्णु खरे- एक कम, सत्य ' केशवदास- रामचंद्रिका ' घनानंद-सवैया ' ब्रजमोहन व्यास- कच्चा चिट्ठा ' रामविलास शर्मा- यशास्मै रोचते विश्वम अनुपूरक पाठ्यपुस्तक-अंतराल 1 ' अंडे के छिलके (एकांकी) पूरक पाठ्यपुस्तक- अंतराल 2 ' संजीव- आरोहण नौवीं और 10वीं हिंदी मातृभाषा - (कृतिका भाग-1)- ' विद्यासागर नौटियाल- माटी वाली ' शमशेर बहादुर सिंह- किस तरह आखिरकार मैं हिंदी में आया हिंदी मातृभाषा -(कृतिका भाग- 2) ' 1-एही ठैयां झुलनी हेरामी हो रामा ' 2- जार्ज पंचम की नाक 'कोरोना महामारी के चलते बीते साल भी की गई थी कटौती 'अब केवल हिंदी साहित्य में किए गए हैं कुछ बदलाव द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी नौवीं और 10वीं - पाठ्यपुस्तक स्पर्श, (भाग-1)- 'धर्म की आड़ 'आदमीनामा 'एक फूल की चाह पाठ्यपुस्तक, स्पर्श, (भाग -2)- 'बिहारी- दोहे 'महादेवी वर्मा- मधुर-मधुर मेरे दीपक जल 'अंतोन चेखव- गिरगिट पाठ्यपुस्तक संचयन(भाग-1) 'हामिद खां 'दिये जल उठे - पूरक पुस्तक संचयन, (भाग-2) कोई परिवर्तन नहीं। |
| Posted: 23 May 2022 03:33 PM PDT |
| यूपी बोर्ड : वेबसाइट पर होगा 28 हजार स्कूलों का लेखा-जोखा Posted: 23 May 2022 03:36 PM PDT अब यूपी बोर्ड के पोर्टल पर मिलेगी स्कूलों की जानकारी प्रयागराज । प्रदेश के 28 हजार से अधिक राजकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों से जुड़ीं महत्वपूर्ण जानकारियां अब यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी। इसके लिए बोर्ड की वेबसाइट 'www.upmsp.edu.in' पर अलग से वेबपेज तैयार कराया जा रहा है। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र जारी कर प्रत्येक स्कूल की फोटो, उनकी महत्वपूर्ण उपलब्धियां बोर्ड की वेबसाइट के स्कूल पोर्टल पर 25 मई तक अपलोड कराने के निर्देश दिए हैं। प्रधानाचार्यों को भी आवश्यक सूचनाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यूपी बोर्ड : वेबसाइट पर होगा 28 हजार स्कूलों का लेखा-जोखा प्रयागराज : यूपी बोर्ड से जुड़े प्रदेश के 28 हजार से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों का लेखा-जोखा अब यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर होगा। सूचनाओं से संबंधित वेबपेज बोर्ड की वेबसाइट www.upmsp.edu.in पर तैयार कराया जा रहा है। सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को 21 मई को पत्र लिखकर स्कूल की फोटो, महत्वपूर्ण उपलब्धियां बोर्ड की वेबसाइट पर स्कूल के पोर्टल पर 25 मई तक अपलोड करवाने के निर्देश दिए हैं। ये भी होना है ● 9वीं से 12वीं तक के एक करोड़ से अधिक बच्चों की ई-मेल आईडी होगी। ● स्कूल की वेबसाइट और सभी शिक्षकों की ई-मेल आईडी भी बनवाई जाएगी। |
| उच्च शिक्षा में परीक्षा से संबंधित शिकायत के लिए WhatsApp नंबर जारी Posted: 22 May 2022 05:18 PM PDT उच्च शिक्षा में परीक्षा से संबंधित शिकायत के लिए WhatsApp नंबर जारी विश्वविद्यालयों में परीक्षा के दौरान अनियमितता होने पर इसकी शिकायत व्हाट्सएप नंबर-8081572223 पर की जा सकती है। यह नंबर जारी करते हुए प्रदेश के उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रश्नपत्रों एवं उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए इन्हें जियो टैगिंग युक्त वाहनों से पहुंचाया जाए। श्री उपाध्याय रविवार को वर्चुअल बैठक कर निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उच्च शिक्षा में परीक्षाओं की शुचिता, गरिमा व गोपनीयता को बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नातक, परास्नातक और अन्य पाठ्यक्रम से संबंधित संचालित हो रही परीक्षाओं का जायजा लिया। सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले ही पहुंचाया जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों की जांच के लिए सचल दल की संख्या में वृद्धि करने के भी निर्देश दिए। नोडल सेंटर पर पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाए। आपको बता दें, आए दिन परीक्षा से पहले पेपर लीक होने जैसी खबरें आ जाती है, जिसका सबसे ज्यादा असर उन उम्मीदवारों पर होता है जो दूर दराज से परीक्षा देने के लिए केंद्र पहुंचते हैं। परीक्षा लीक होने के बाद, परीक्षा रद्द कर दी जाती है, और उम्मीदवार परीक्षा की नई तारीख के इंतजार में बैठे रहते हैं। जितनी देर से परीक्षा होती है, उतनी ही देरी से रिजल्ट जारी किया जाता है। इसी के साथ नियुक्ति प्रक्रिया में देरी होती है। इन सभी परिस्थितियों से बचने के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया है। ताकि परीक्षा का संचालन सही से ढंग से कियाी जा सके। |
| सरकार ने मुक्त विश्वविद्यालय खोलने की राह आसान की Posted: 22 May 2022 04:04 PM PDT सरकार ने मुक्त विश्वविद्यालय खोलने की राह आसान की उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने की दिशा में सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। देश में मुक्त विश्वविद्यालय खोलने की राह आसान बना दी है। अब सिर्फ पांच एकड़ के विकसित भूखंड पर ही मुक्त विश्वविद्यालय को खोलने की मंजूरी मिल जाएगी। अभी इसके लिए 40 से 60 एकड़ विकसित भूखंड होना जरूरी था। देश में मुक्त विश्वविद्यालयों के विस्तार की राह में यह एक बड़ी अड़चन थी। शहरी क्षेत्रों में इतने बड़े पैमाने पर भूमि मिलना मुश्किल था। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मुक्त विश्वविद्यालयों के लंबे समय से अटके कई प्रस्तावों पर मंथन के बाद यह फैसला लिया है। इसे लेकर अधिसूचना भी जारी हो गई है। वैसे भी मुक्त विश्वविद्यालयों को खोलने के मौजूदा नियम करीब 33 साल पहले यानी 1989 में तैयार किए गए थे। तब से यही प्रचलन में है। इस बीच इन्हीं अड़चनों के चलते देश में अब तक सिर्फ एक केंद्रीय मुक्त विश्वविद्यालय सहित करीब 14 मुक्त विश्वविद्यालय ही खुल सके हैं। यूजीसी के चेयरमैन डाक्टर एम जगदीश कुमार के मुताबिक, मुक्त विश्वविद्यालयों को खोलने से जुड़े नियमों को शिथिल करने से देश में मुक्त विश्वविद्यालय तेजी से खुलेंगे। इनकी पहुंच भी देश के कोने-कोने तक होगी। अभी देश का एक बड़ा वर्ग इसलिए भी उच्च शिक्षा से वंचित है, क्योंकि उच्च शिक्षा अभी भी उनकी पहुंच से काफी दूर है। साथ ही उनके पास संसाधन भी नहीं है। यूजीसी ने मुक्त विश्वविद्यालयों के खोलने से जुड़े नियमों को शिथिल करने के साथ ही अन्य नियमों को यथावत रखा है। जिसमें फैकल्टी और दूसरी सुविधाएं शामिल हैं। यूजीसी का मानना है कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। मुक्त विश्वविद्यालयों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देनी होगी। |
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