दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
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- कर्नाटक जैसे राज्यों से किया जा सकता है बिहार इंडस्ट्री प्रमोशन के लिए पार्टनरशिप : सुमंत परिमल
- हिंदी साहित्यिक पत्रिका पाखी द्वारा प्रति वर्ष दिए जाने वाले हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित ‘जे. सी. जोशी स्मृति शब्द साधक’ सम्मानों की, की गई घोषणा
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस काउन्टडाउन कार्यक्रम के तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने किया ‘योग उत्सव’ कार्यक्रम का आयोजन
- संयोग-वियोग
- दोहरे मापदंड
| Posted: 15 May 2022 02:32 AM PDT
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| कर्नाटक जैसे राज्यों से किया जा सकता है बिहार इंडस्ट्री प्रमोशन के लिए पार्टनरशिप : सुमंत परिमल Posted: 15 May 2022 01:53 AM PDT कर्नाटक जैसे राज्यों से किया जा सकता है बिहार इंडस्ट्री प्रमोशन के लिए पार्टनरशिप : सुमंत परिमलजितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना (नई दिल्ली), 14 मई :: बिहार के ग्लोबल टेक थॉट लीडर और एंटरप्रेन्योर सुमन परिमल 'जो पिछले वर्ष फोर्ब्स मैगजीन के ए०आई० यानि आर्टिकल इंटेलिजेंस पैनल में पूरे विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त किए थे'; ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित बिहार इन्वेस्टर मीट कार्यक्रम में कहा है कि बिहार को आई टी एंड हाईटेक इंडस्ट्री को प्रमोट करने के लिए कर्नाटक जैसे राज्यों से पार्टनरशिप करनी चाहिए। उक्त बातें नई दिल्ली स्थित होटल ताज मानसिंह में बिहार इन्वेस्टर मीट के अवसर पर उपस्थित पत्रकारों से बातचीत के क्रम में सुमंत परिमल ने कहा कि बिहार में हाईटेक नॉलेज और इंडस्ट्री के विकास की काफी संभावना है, लेकिन इसके लिए बिहार को काफी हाई लेवल की ब्रांडिंग और पोजिशनिंग करनी पड़ेगी आईटी इंडस्ट्री में। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि इसका एक तरीका यह हो सकता है कि कर्नाटक जैसे राज्यों में जहां आई टी और टेक इंडस्ट्री ज्यादा संख्या में मौजूद है, उनसे पार्टनरशिप कर के ज्वाइंट इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की जाए, जिससे कि टेक इंडस्ट्री यानि आई टी इंडस्ट्री बिहार को भी कर्नाटक के ही समकक्ष समझा जाए। सुमंत परिमल ने कहा कि बिहार और कर्नाटक के बीच एक पुराना रिश्ता है। वर्षों से बिहार के छात्र और युवा कर्नाटक के विभिन्न शहरों में जैसे कि बेंगलुरु मैसूर में पढ़ाई करने और नौकरी करने जाया करते हैं संजोग यह है कि दोनों राज्यों में फिलहाल एक ही संगठन की सरकार है। उन्होंने बिहार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन को इस तरह के सफल आयोजन के लिए बधाई भी दिया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 15 May 2022 01:47 AM PDT हिंदी साहित्यिक पत्रिका पाखी द्वारा प्रति वर्ष दिए जाने वाले हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित 'जे. सी. जोशी स्मृति शब्द साधक' सम्मानों की, की गई घोषणा• 'जे.सी. जोशी स्मृति शब्द साधक सम्मान' निर्मला जैन (2020) तथा 2021 का जे.सी जोशी स्मृति शब्द साधक सम्मान डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी को दिया गया। वेद प्रकाश तिवारी ब्यूरो, देवरिया। हिंदी साहित्यिक पत्रिका पाखी द्वारा प्रति वर्ष दिए जाने वाले हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित 'जे. सी. जोशी स्मृति शब्द साधक' सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। वर्ष 2020 का 'शब्द साधक जीवन मानक सम्मान' संजना तिवारी को दिया जा रहा है। संजना तिवारी लगभग 25 वर्षों से हिंदी की किताबें बेचकर अपना परिवार चला रही हैं। पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली के मंडी हाउस में स्थित श्रीराम सेंटर के सामने एक वृक्ष के नीचे हिंदी पुस्तकों की अपनी दुकान लगाती हैं। हिंदी पुस्तकों के प्रति उनका लगाव और सेवा भाव कबीले तारीफ है। वर्ष 2020 का 'जे. सी. जोशी शब्द साधक कविता सम्मान' रश्मि भारद्वाज को उनका कविता संग्रह 'मैंने अपनी मां को जन्म दिया है' के लिए दिया जा रहा है। नई पीढ़ी की सुपरिचित कवयित्री और अनुवादक हैं। वर्ष 2020 का 'जे. सी. जोशी शब्द साधक हिंदीतर सम्मान' ममांग दई को दिया जा रहा है। ममांग दई एक भारतीय आदिवासी कवयित्री, उपन्यासकार और पत्रकार हैं। वर्ष 2020 का 'जे. सी. जोशी शब्द साधक अनुवाद सम्मान' विभा रानी को दिया जा रहा है। उन्होंने प्रख्यात मैथिली रचनाकार लिली रे की कविता संग्रह का अनुवाद किया है। वर्ष 2020 का 'जे. सी. जोशी शब्द साधक जनप्रिय लेखक सम्मान' उमा शंकर चौट्टारी को उनका कहानी संग्रह 'दिल्ली में नींद' के लिए दिया जा रहा है। उमा शंकर चौट्टारी हिंदी के चर्चित कथाकार हैं। वर्ष 2020 का 'जे. सी. जोशी शब्द साधक आलोचना सम्मान' वीरेंद्र यादव को उनके समग्र आलोचनात्मक अवदान के लिए दिया जा रहा है। वर्ष 2020 का 'जे. सी. जोशी स्मृति शब्द साधक शिखर सम्मान' प्रोफेसर निर्मला निर्मला जैन को दिया जा रहा है। निर्मला जैन ने अपनी वस्तुनिष्ठ आलोचना-दृष्टि और बेबाक अभिव्यक्ति से हिंदी के पुरुष-प्रट्टान आलोचना-परिप्रेक्ष्य में उल्लेखनीय जगह बनाई है। हिंदी संसार को पाश्चात्य साहित्य सिद्धांत से परिचय कराने का श्रेय निर्मला जैन को जाता है। उन्होंने यूरोपीय विचारकों कई पुस्तकों का अनुवाद हिंदी में किया है। उनकी चर्चित पुस्तकों की एक लंबी फेहरिस्त है। 'आट्टानिक हिंदी काव्य में रूप विट्टाएं', 'रस सिद्धांत और सौंदर्यशास्त्र', 'साहित्य साहित्यः मूल्य और मूल्यांकन', 'आधुनिक साहित्यः रूप और संरचना', 'समाजवादी साहित्य : विकास की समस्याएं', 'हिंदी आलोचना की बीसवीं सदी, 'कथा समय में तीन हमसफर', 'पाश्चात्य साहित्य चिंतन और 'जमाने में हम', 'दिल्ली शहर दर शहर' उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं। वर्ष 2021 का 'जे. सी. जोशी शब्द साधक जीवन मानक सम्मान' नवनीत त्यागी को दिया जा रहा है। नवनीत त्यागी लगभग 35 वर्षों से विभिन्न प्रकाशनों के लिए प्रूफ रीडिंग का कार्य कर रहे हैं। जीवन भर उनका पेशा प्रूफ रीडिंग ही रहा है। उनके जीवन संघर्ष और हिंदी के प्रति उनकी अनुपम सेवा भाव को ध्यान में रखते हुए नवनीत त्यागी को यह सम्मान दिया जा रहा है। वर्ष 2021 का 'जे. सी. जोशी स्मृति शब्द साधक कविता सम्मान' जसिंता करकेट्टा को दिया जा रहा है। जसिंता करकेट्टा आदिवासी संवेदना और सरोकारों की नई पीढ़ी की कवयित्री हैं। वर्ष 2021 का 'जे. सी. जोशी स्मृति शब्द साधक हिंदीतर सम्मान' कावेरी राय चौधरी को दिया जा रहा है। कावेरी राय चौधरी बंगला की चर्चित कथाकार हैं। वर्ष 2021 का 'जे. सी. जोशी शब्द साधक अनुवाद सम्मान' कंचन वर्मा को दिया जा रहा है। युवा अनुवादक कंचन वर्मा ने दर्जन भर पुस्तकों का अनुवाद अंग्रेजी से हिंदी में किया है। वर्ष 2021 का 'जे. सी. जोशी स्मृति शब्द साधक जनप्रिय लेखक सम्मान' योगेन्द्र आहूजा को उनका कहानी संग्रह 'लफ्फाज तथा अन्य कहानियां' के लिये दिया जा रहा है। वर्ष 2021 का 'जे. सी. जोशी स्मृति शब्द साधक आलोचना सम्मान' प्रोफेसर दुर्गा प्रसाद गुप्त को उनके समग्र आलोचनात्मक अवदान के लिए दिया जा रहा है। प्रोफेसर गुप्त की अपनी गहरी अंतर्दृष्टि और आलोचनात्मक विवेक से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। वर्ष 2021 का 'जे. सी. जोशी स्मृति शब्द साधक शिखर सम्मान' डाक्टर विश्वनाथ त्रिपाठी को दिया जा रहा है। विश्वनाथ त्रिपाठी हिंदी के वरिष्ठ आलोचक और गद्यकार हैं। प्रगतिशील विचारट्टारा से संबद्ध डॉ. त्रिपाठी ने मध्यकालीन साहित्य से लेकर समकालीन साहित्य तक की आलोचना में गहरी अंतर्दृष्टि का परिचय दिया है। जीवनी एवं संस्मरण लेखन के क्षेत्र में भी उन्होंने महत्त्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। 'हिंदी आलोचना', 'लोकवादी तुलसीदास', 'मीराँ का काव्य', 'देश के इस दौर में', 'कुछ कहानियाँ : कुछ विचार', 'पेड़ का हाथ', 'उपन्यास का अंत नहीं हुआ है', 'कहानी के साथ साथ', 'आलोचक का सामाजिक दायित्व' आदि उनकी प्रमुख आलोचनात्मक कृतियाँ हैं। उन्होंने 'व्योमकेश दरवेश' शीर्षक से आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की जीवनी लिखी हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 15 May 2022 01:34 AM PDT अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस काउन्टडाउन कार्यक्रम के तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने किया 'योग उत्सव' कार्यक्रम का आयोजनजितेन्द्र कुमार सिन्हा,पटना, 14 मई :: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग के प्रति लोगों की जागरूकता, रुचि, समझ और अभ्यास बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा योग दिवस के पूर्व ‛योग उत्सव' नाम से कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जा रही है। इस सिलसिले में शुक्रवार को देशभर में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों ने मिलकर 'योग उत्सव' कार्यक्रम का आयोजन किया। पटना में शुक्रवार को भारत सरकार के प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो और रीजनल आउटरीच ब्यूरो द्वारा कर्पूरी ठाकुर सदन, कार्यालय परिसर में अपर महानिदेशक एस के मालवीय के नेतृत्व में योग उत्सव मनाया गया। इस 'योग उत्सव' के दौरान ट्रस्टी एवं अंतरराष्ट्रीय योग समन्वयक, ज्योतिर्मय ट्रस्ट-यूनिट ऑफ योग रिसर्च फाउंडेशन, मियामी, फ्लोरिडा, यू.एस.ए. से जुड़े योग प्रशिक्षक अवधेश झा ने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अतिथि प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया। सूत्रों के अनुसार गया में सूचना प्रसारण मंत्रालय के फील्ड आउटरीच ब्यूरो,गया इकाई द्वारा ‛योग उत्सव' के अवसर पर अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज सभागार में बी.एड.विभाग के छात्र-छात्राओं के बीच एक योग शिविर सह परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गया इकाई के अधिकारी बी. इकबाल, बी एड विभाग के प्रशिक्षक प्रो रितेश कुमार सिंह,अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के मीडिया प्रभारी सह बी .एड. विभाग के प्राध्यापक डा. विजय कुमार पांडे, विभागाध्यक्ष डा. मानिक मोहन शुक्ला समेत अन्य विशेषज्ञों ने योग की महत्ता पर अपने विचार रखे। उक्त अवसर पर प्रतिभागी छात्रों के लिए योग प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई और विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कृत भी किया गया। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय के फील्ड आउटरीच ब्यूरो के भागलपुर, छपरा, सीतामढ़ी और मुंगेर इकाईयों ने भी अपने अपने कार्यालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस काउन्टडाउन कार्यक्रम के तहत प्रातः काल में योग उत्सव कार्यक्रम आयोजित कर योगाभ्यास किया । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 15 May 2022 01:30 AM PDT संयोग-वियोग राधामोहन मिश्र माधव क्षण भर का संयोग, क्षण में वियोग रचा विरंचि ने ये कैसा योग। माया है प्रबल, न घट पाती लालसा कभी न सिमट पाती मोहभाव की तिमिर घोर उभय न रखते ओर-छोर कैसा सुयोग, कैसा कुयोग! क्षण भर का ...... मिलन-विरह संघात सदा क्षण भर मिलना, क्षण में ही विदा कुछ सुखाभास, फिर दारुण दुख कुछ भयाक्रोश, आशा मयूख क्या सदुपयोग, क्या दुरुपयोग! क्षण भर का..... ऊषा उजली, फिर श्याम निशा फिर धूप-छाँव हुई दिशा-दिशा बादल, वर्षा, शीतल समीर मिल खिले हदय, कुछ के अधीर ये कौतुक है या है दुर्योग क्षण भर का..... कोई एक अकेला नायक है अद्भुत कोई संधायक है वह शाश्वत कोई विधायक है शेष सभी हैं प्रतिच्छाया पथ में न विराम, महत हठयोग क्षण भर का..... हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 15 May 2022 01:26 AM PDT ![]() दोहरे मापदंडशिया सुन्नी या अहमदिया, यदि कहीं मारा जाता है, विश्व पटल पर मुस्लिम मारा, संदेश सुनाया जाता है। शिया मारे सुन्नी को, या सुन्नी शिया को मार रहे, मुस्लिम सबको मार रहा, हमें असहिष्णु बताया जाता है। कश्मीर में हिन्दू मारे, कश्मीरी पंडित बतलाते, मुज़फ़्फ़रनगर दंगों में, जाटों के बच्चे कहलाते। कहीं ब्राह्मण कोई मरता, कहीं दलित कोई पिछड़ा, जाति धर्म में बाँट हमें, अलग अलग हैं समझाते। बियासी मुस्लिम जातियाँ, पिछड़ी जाति में आती हैं, कुछ दलित अति दलित, कुछ उच्च बहुत कहलाती हैं। सबकी मस्जिद जुदा जुदा, रिश्ते नाते भी अलग अलग, दलित विरोधी हिन्दू है, सियासत सबको समझाती है। जीवन मरण ख़ुशी के अवसर, शादी का मौक़ा होता, वाल्मीकि से ब्राह्मण तक सबकी, ख़ुशियों का मौक़ा होता। बुना हुआ है ताना बाना, सहभागिता रहे सनातन में सबकी, पर्व त्योहारों के अवसर भी, सबको जुड़ने का मौक़ा होता। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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