प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर बीएसए फर्रुखाबाद अवमानना में तलब
- परिषदीय स्कूलों में बढ़ा दाखिला, अहम सवाल कब बढ़ेंगे शिक्षकों के पद?RTE लागू होने के बाद नहीं हुआ पदसृजन
- स्कूल बसों में 12 वर्ष से कम के बच्चों की क्षमता के डेढ़ गुना तक कर सकेंगे सवारी, उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली में संशोधन की अधिसूचना जारी
- फतेहपुर : 457 प्रधानाध्यापकों प्रभारियों का रोका गया वेतन, सभी 13 ब्लाकों की समीक्षा में मिला कम नामांकन, पिछले सत्र के मुकाबले कम नामांकन वाले स्कूल जद में
- अगले साल से अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई, सीएम योगी का अक्टूबर तक निर्माण पूरा करने का निर्देश, पाठ्यक्रम में योग व खेलकूद को शामिल करने पर जोर
- यूपी के 1000 बीएड व डीएलएड कॉलेजों में इस बार प्रवेश नहीं, एनसीटीई ने परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट जमा न करने वाले कॉलेजों पर की कार्रवाई
- 5वीं व 8वीं की बोर्ड परीक्षा संभव, शैक्षणिक सत्र 2022-23 से ही लागू हो सकती है यह व्यवस्था
- परिषदीय विद्यालयों में अब तक एक करोड़ 90 लाख विद्यार्थियों का नामांकन
- KVS Class 1 Admission List 2022 : इन स्टूडेंट्स को मिलेगा केंद्रीय विद्यालयों की पहली कक्षा में दाखिला
| ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर बीएसए फर्रुखाबाद अवमानना में तलब Posted: 03 May 2022 05:33 PM PDT ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर बीएसए फर्रुखाबाद अवमानना में तलब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना के मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी फर्रुखाबाद लालजी यादव को नौ मई को हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने देवव्रत की अवमानना याचिका पर अधिवक्ता अनुराग शुक्ल को सुनकर दिया है। इससे पहले कोर्ट ने लालजी यादव के खिलाफ अवमानना आरोप निर्मित कर कारण स्पष्ट करने को कहा था कि क्यों न उन्हें जानबूझकर आदेश की अवहेलना करने के लिए दंडित किया जाए। उसके बाद बीएसए ने अनुपालन हलफनामा दाखिल कर ग्रेच्युटी का भुगतान करने की जानकारी दी लेकिन ब्याज का भुगतान नहीं किया। इस पर कोर्ट ने उन्हें तलब किया। हाजिर न होने पर बीएसए को आदेश का पूरी तरह से पालन कर नौ मई को पेश होने का निर्देश दिया है। याची के पिता जगदंबा प्रसाद प्राथमिक विद्यालय निविया, राजेपुर, फर्रुखाबाद में प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत थे। सेवाकाल में उनकी मृत्यु हो गई। उसके बाद उनके सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान कर दिया गया लेकिन ग्रेच्युटी का भुगतान यह कहते हुए करने से इनकार कर दिया गया कि मृत्यु से पहले याची के पिता ने 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति विकल्प नहीं दिया है। विकल्प न देने वाले अध्यापक 62 साल की आयु तक कार्य करेंगे लेकिन वे ग्रेच्युटी के हकदार नहीं होंगे। कोर्ट ने कहा कि उषा रानी केस में कोर्ट ने विकल्प भरने से पहले मृत्यु होने वाले अध्यापकों को 60 वर्ष में सेवानिवृत्त मानते हुए ग्रेच्युटी का भुगतान करने का आदेश दिया है। कोर्ट का मानना है कि विकल्प देने से पहले मृत्यु पर यह नहीं कह सकते कि 62 साल का विकल्प ही देते। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए दो माह में ग्रेच्युटी के भुगतान का आदेश दिया और देरी से भुगतान पर आठ फीसदी ब्याज देने को कहा। आदेश का पालन नहीं किया गया तो अवमानना याचिका की गई। उस पर अवसर देने पर भी आदेश का अनुपालन नहीं किया तो कोर्ट ने अवमानना आरोप निर्मित कर दंड देने पर कारण बताने का आदेश दिया था। BSA ने कोर्ट की सख्ती पर दी ग्रेच्युटी, लेकिन ब्याज भुगतान नहीं प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फर्रुखाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी लालजी यादव को नौ मई को तलब किया है। इससे पहले कोर्ट ने उनके खिलाफ अवमानना आरोप निर्मित कर 21 अप्रैल को कारण बताने को कहा था कि क्यों न उन्हें जानबूझकर कोर्ट आदेश की अवहेलना करने के लिए दंडित किया जाय? बीएसए ने अनुपालन हलफनामा दाखिल कर ग्रेच्युटी का भुगतान करने की जानकारी दी, लेकिन ब्याज का भुगतान नहीं किया। इस पर कोर्ट ने 26 अप्रैल को तलब किया। हाजिर न होने पर कोर्ट ने बीएसए को आदेश का पूरी तरह से पालन कर नौ मई को पेश होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने देववृत की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता अनुराग शुक्ल ने बहस की। मामले के अनुसार याची के पिता जगदंबा प्रसाद प्राथमिक विद्यालय निविया, राजेपुर, फर्रुखाबाद में प्रधानाध्यापक के पद कार्यरत थे। सेवा काल में उनकी मृत्यु हो गई। सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान किया गया, लेकिन ग्रेच्युटी का भुगतान करने से इन्कार कर दिया गया। कहा गया कि मृत्यु से पहले याची के पिता ने 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति विकल्प नहीं दिया है। विकल्प न देने वाले अध्यापक 62 साल की आयु तक कार्य करेंगे, लेकिन ग्रेच्युटी के हकदार नहीं होंगे। कोर्ट ने कहा कि ऊषारानी केस में कोर्ट ने विकल्प भरने से पहले मृत्यु होने वाले अध्यापकों को 60 वर्ष में सेवानिवृत्त मानते हुए ग्रेच्युटी का भुगतान करने का आदेश दिया है। कोर्ट का मानना है कि विकल्प देने से पहले मौत पर यह नहीं कह सकते कि वे 62 साल का विकल्प ही देते। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए दो माह में ग्रेच्युटी का भुगतान आठ प्रतिशत ब्याज के साथ करने का आदेश दिया। आदेश का पालन नहीं किया गया तो अवमानना याचिका दायर की गई। आदेश का अनुपालन नहीं किया तो कोर्ट ने अवमानना आरोप निर्मित कर दंड देने पर कारण बताने का आदेश दिया। |
| Posted: 03 May 2022 05:23 PM PDT परिषदीय स्कूलों में बढ़ा दाखिला, अहम सवाल कब बढ़ेंगे शिक्षकों के पद? RTE लागू होने के बाद नहीं हुआ पदसृजन प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद के 1.50 लाख से अधिक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं की संख्या तो बढ़ाई जा रही है लेकिन सबसे अहम सवाल है कि इन बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की संख्या कब बढ़ेगी। नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के मुताबिक प्राथमिक स्कूलों में 30 बच्चों और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 35 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए। यही नहीं उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान/गणित, भाषा और सामाजिक विषय का एक शिक्षक होना अनिवार्य है। लेकिन इन मानकों का पालन नहीं हो रहा। पिछले साढ़े तीन साल में परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। ये स्थिति तब है जबकि प्रदेश सरकार ने दो साल पहले सुप्रीम कोर्ट में स्वयं स्वीकार किया था कि उस समय शिक्षकों के 51112 पद खाली थे। हर साल परिषदीय स्कूलों से औसतन 12 हजार शिक्षक सेवानिवृत्त होते हैं। यदि ये संख्या जोड़ ली जाए तो शिक्षकों के कम से कम 75 हजार पद खाली हैं। डीएलएड, बीएड, टीईटी/सीटीईटी पास बेरोजगार तीन साल से नई भर्ती शुरू करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। आखिरी बार एक दिसंबर 2018 को 69000 भर्ती शुरू हुई थी। आरटीई लागू होने के बाद नहीं हुआ पद सृजन : प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में जुलाई 2011 में आरटीई लागू होने के तकरीबन 11 साल बाद भी मानक के अनुरूप शिक्षकों के पद सृजित नहीं हो सके हैं। कुछ साल पहले बेसिक शिक्षा परिषद के तत्कालीन सचिव संजय सिन्हा ने आरटीई मानक के अनुरूप प्रत्येक जिले में शिक्षकों के पद सृजित किए थे। सूत्रों के अनुसार उस रिपोर्ट में गाजियाबाद, नोएडा जैसे दो-चार जिलों को छोड़कर अधिकांश जिलों में शिक्षकों के पद बढ़ रहे थे। लेकिन सरकार से मंजूरी नहीं मिलने के कारण वह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो सकी। प्रयागराज। प्रदेशभर के परिषदीय स्कूलों में एक से 30 अप्रैल तक चलाए गए प्रवेश उत्सव में पिछले साल की तुलना में 17 लाख अतिरिक्त बच्चों का दाखिला हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग ने दो करोड़ नामांकन का लक्ष्य रखा है। हर जिले को 20 प्रतिशत अतिरिक्त नामांकन का लक्ष्य मिला था। अधिकांश जिलों में पिछले साल से अधिक बच्चों का प्रवेश हुआ है। ● हर जिले को 20 प्रतिशत अधिक नामांकन का दिया था लक्ष्य ● कई जिलों में पिछले साल से कहीं अधिक हो गया बच्चों का दाखिला ● साढ़े तीन साल से प्राथमिक स्कूलों के लिए नहीं हुई शिक्षकों की भर्ती ● हर साल प्राइमरी के तकरीबन 12 हजार शिक्षक हो जाते हैं सेवानिवृत्त ● सरकार ने भी माना था कि प्रदेश में शिक्षकों के 51 हजार पद हैं खाली ● प्रदेशभर के विद्यालयों में 75 हजार के करीब पद हैं खाली ● आखिरी बार 2018 में हुई थी 69 हजार शिक्षक भर्ती |
| Posted: 02 May 2022 06:35 PM PDT स्कूल बसों में 12 वर्ष से कम के बच्चों की क्षमता के डेढ़ गुना तक कर सकेंगे सवारी, उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली में संशोधन की अधिसूचना जारी लखनऊ : शासन ने सोमवार को उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी। इसके तहत स्कूल बसों के मामले में 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ले जाने के लिए बैठने की क्षमता के डेढ़ गुना बच्चों को बैठाने की अनुमति होगी। मिनी बस में सीटिंग क्षमता 13 से 22 तक होती है, जबकि मिडी बस में सीटिंग क्षमता 23 से 37 तक होती है। इसी के साथ डीजल या सीएनजी से चलने वाली निजी बस (ठेका गाड़ी) का प्रारंभिक पंजीकरण अब 15 वर्ष के लिए मान्य होगा। पहले यह 10 वर्ष के लिए मान्य होता था। उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली 1998 को संशोधित कर यह नई नियमवली तैयार की गई है। इसके प्रारूप का प्रकाशन चार जनवरी 2022 को किया गया था। सोमवार को परिवहन विभाग ने उत्तर प्रदेश मोटरयान (अट्ठाइसवां संशोधन) नियमावली 2022 की अधिसूचना जारी कर दी। इसमें कहा गया है कि डीजल या सीएनजी चालित निजी बस (ठेका गाड़ी) प्रारंभिक रजिस्ट्रीकरण की तिथि से 15 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होगी। पहले यह अवधि 10 वर्ष थी। इसी तरह डीजल, पेट्रोल या सीएनजी चालित विद्यालय वैन प्रारंभिक रजिस्ट्रीकरण की तिथि से 15 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होगी। बड़ी बसों में दो आपातकालीन निकास होंगे नियमावली में आपातकालीन द्वार की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत मिनी और मिडी बसों से भिन्न बसों में सेवा द्वार के विपरीत दिशा में एक आपातकालीन निकास होगा। इसके अलावा बस के पीछे की ओर एक आपातकालीन निकास होगा। मिनी व मिडी बसों की दशा में न्यूनतम एक आपातकालीन निकास होगा और यह सेवा द्वार के विपरीत या बस के पीछे की तरफ स्थित होगा। |
| Posted: 02 May 2022 06:29 PM PDT फतेहपुर : 457 प्रधानाध्यापकों प्रभारियों का रोका गया वेतन, सभी 13 ब्लाकों की समीक्षा में मिला कम नामांकन, पिछले सत्र के मुकाबले कम नामांकन वाले स्कूल जद में, किताबें नहीं आईं किसका रोकेंगे वेतन, शिक्षक व जागरूक अभिभावक उठा रहे सवाल फतेहपुर : बीते अप्रैल में स्कूल चलो अभियान के दौरान पिछले सत्र के मुकाबले नामांकन करने में विफल रहने वाले जिले के सभी ब्लाकों में करीब 457 हेड व इंचार्ज हेड का वेतन बीएसए ने अवरूद्ध कर दिया है। ब्लॉक की नामांकन समीक्षा के दौरान बीएसए ने जिन विद्यालयों में 30 सितंबर 2021 की तुलना में नामांकन कम पाया, उन विद्यालयों के हेडमास्टरों व इंचार्ज का वेतन रोक दिया। स्कूल चलो अभियान के दौरान प्रत्येक जिले, ब्लॉक व स्कूल को नामांकन लक्ष्य दिया गया है। अप्रैल माह में इस लक्ष्य को पूरा करना था। 30 अप्रैल को बीईओ द्वारा दी गई रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान बीएसए संजय कुशवाहा ने यह कार्रवाई की। देवमई के 37, हसवा में 77 समेत अन्य सभी ब्लाकों के 457 प्रधानाध्यापक व प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। नामांकन प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर बीएसए का यह रूख देख दूसरे ब्लॉकों के शिक्षकों व अधिकारियों में बेचैनी का आलम है। अप्रैल में ही नामांकन पर जोर क्यों: उधर शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीते सालों में सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है। इस बार विभाग अप्रैल में ही मनमाना नामांकन लक्ष्य देकर शिक्षकों के शोषण पर आमादा है। वे तर्क देते हैं कि क्या मई, जुलाई, अगस्त व सितंबर में प्रवेश नहीं होने हैं। अप्रैल में महुआ बिनाई व गेहूं कटाई जैसे कार्यों में व्यस्त रहने के कारण तमाम अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश नहीं करा पाए। हाउस होल्ड सर्वे के दौरान मिले बच्चों के प्रवेश के लिए अभिभावकों को ही सूचनाएं देनी पड़ती हैं। एक की कमी पर भी रोक दिया वेतन: देवमई ब्लॉक की समीक्षा के दौरान बीएसए ने उन हेड व इंचार्ज का भी वेतन रोक दिया है जिनके नामांकन में पिछले सत्र के मुकाबले एक, दो, तीन या चार बच्चों की कमी थी। बीएसए के इस रूख से शिक्षकों में रोष है। तो पूरे स्टाफ का रूकेगा वेतन: बीएसए ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी पांच मई तक नामांकन की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाती तो इन विद्यालयों के सभी शिक्षकों का वेतन अवरूद्ध कर दिया जाएगा। उधर शिक्षकों का यह भी कहना है कि प्रेरणा पोर्टल व डीबीटी ऐप में पंजीकरण के समय तमाम तकनीकी खामियां आ रही हैं। शिक्षक इनसे जूझ रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। किताबें नहीं आईं किसका रोकेंगे वेतन शिक्षक व जागरूक अभिभावक सवाल उठा रहे हैं कि नए सत्र को एक माह बीत गया लेकिन अब तक स्कूलों में किताबें नहीं आई हैं। इस भारी कमी पर विभाग किसका वेतन रोकेगा, किस पर कार्रवाई होगी। गत वर्ष से बीस फीसदी अधिक का नामांकन कराने का लक्ष्य दिया गया था, बड़ी संख्या में विद्यालयों ने लक्ष्य को पूरा कर लिया हैं, लेकिन 457 से अधिक विद्यालयों में गतवर्ष के सापेक्ष भी नामांकन नहीं किया गया है। इन सभी प्रधानाध्यापकों और प्रभारियों का वेतन रोकते हुए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। संजय कुशवाहा, बीएसए |
| Posted: 02 May 2022 05:44 PM PDT अगले साल से अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई, सीएम योगी का अक्टूबर तक निर्माण पूरा करने का निर्देश, पाठ्यक्रम में योग व खेलकूद को शामिल करने पर जोर अटल आवासीय विद्यालयों को लेकर हुए प्रजेंटेशन में सीएम ने दिए निर्देश कहा- वर्ष 2023 में अवश्य शुरू कर दिए जाएं ये विद्यालय लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालयों का निर्माण तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के साथ इनका निर्माण हो और वर्ष 2023 में इन विद्यालयों में हरहाल में शिक्षण कार्य शुरू हो जाए। उन्होंने सोमवार को अटल आवासीय विद्यालयों की मानक संचालन प्रक्रिया का प्रस्तुतीकरण देखने के बाद ये निर्देश दिए। इन विद्यालयों का निर्माण श्रम विभाग की ओर से कराया जा रहा है जिनमें श्रमिकों एवं अनाथ बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी विद्यालय निर्माण और उसके संचालन की प्रगति की मॉनिटरिंग करें। समयबद्धता और गुणवत्ता में लापरवाही पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें। अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चंद्रा ने सीएम को अटल आवासीय विद्यालयों के निर्माण तथा संचालन के संबंध में प्रगति से अवगत कराया। सभी सुविधाएं हों, योग तथा खेल पर जोर : सीएम ने कहा कि इन विद्यालयों में खेल मैदान और कौशल विकास की भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। यह विद्यालय ऐसे मॉडल बनें जिनसे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिले। विद्यालयों के संचालन व अनुश्रवण के लिए राज्य, मंडल तथा जिला स्तर पर समितियों का गठन करें। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शैक्षणिक तथा गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की तैनाती और पाठ्यक्रम निर्धारण के संबंध में शीघ्र प्रक्रिया अपनाएं योग्य व्यक्तियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित कर पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुकूल निर्धारित किया जाए। उन्होंने योग तथा स्पोट्र्स को पाठ्यक्रम में विशेष रूप से शामिल करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों और छात्रावास के भवनों का वास्तु शिल्प भारतीय दर्शन व संस्कृति के अनुरूप हो। इसकी शैली उत्कृष्ट व जीवंत हो। इसके निर्माण में आधुनिक तकनीक, डिजाइन और सुविधाओं का समावेश किया जाए। |
| Posted: 02 May 2022 05:04 PM PDT यूपी के 1000 बीएड व डीएलएड कॉलेजों में इस बार प्रवेश नहीं, एनसीटीई ने परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट जमा न करने वाले कॉलेजों पर की कार्रवाई प्रदेश में करीब 1000 महाविद्यालय हैं, जहां इस बार बीएड व डीएलएड में दाखिले नहीं होंगे। एनसीटीई ने सख्त रवैया अख्तियार करते हुए परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट जमा न करने वाले महाविद्यालयों पर कार्रवाई की है। यह फैसला दिल्ली में 27 अप्रैल को हुई जनरल बॉडी मीटिंग में लिया गया और इसका आदेश सभी संबंधित महाविद्यालयों को भेज दिया गया है। कानपुर के 100 बीएड व डीएलएड महाविद्यालयों में इस बार एडमिशन नहीं होंगे। एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) ने इन कॉलेजों का सत्र 2022-23 में शून्य कर दिया है। एनसीटीई ने बीएड व डीएलएड कॉलेजों से परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया था। इस रिपोर्ट में कॉलेजों को छात्र संख्या, कॉलेज की जमीन, क्षेत्रफल, शिक्षक, छात्रों का ब्योरा समेत कई बिंदुओं पर जानकारी देनी थी। अप्रेजल रिपोर्ट भरने की अंतिम तिथि को कई बार बढ़ाया गया। इसके बावजूद कानपुर नहीं बल्कि प्रदेश और देशभर में ऐसे कॉलेजों की संख्या अधिक रही, जिन्होंने रिपोर्ट नहीं दी। इसके बाद एनसीटीई ने गंभीर कार्रवाई की है। एनसीटीई ने बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि रिपोर्ट न देने वाले इन कॉलेजों का सत्र शून्य रहेगा। जिन कॉलेजों ने रिपोर्ट नहीं दी है, उनके नाम सत्र 2022-23 की काउंसिलिंग में नहीं जोड़े जाएंगे। उप्र स्ववित्तपोषित कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने कहा कि यह रिपोर्ट दो बार से ऑनलाइन भरी जा रही है। करीब 100 कानपुर स्थित डीएलएड कॉलेज और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएड कॉलेज हैं, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। इनका सत्र शून्य रखने का आदेश हुआ है। अभी सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। विवि के शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. मुनेश कुमार ने कहा कि कई बार रिमाइंडर के बाद भी अप्रेजल रिपोर्ट न देने पर एनसीटीई ने कॉलेजों पर कार्रवाई की है। |
| 5वीं व 8वीं की बोर्ड परीक्षा संभव, शैक्षणिक सत्र 2022-23 से ही लागू हो सकती है यह व्यवस्था Posted: 02 May 2022 04:52 PM PDT 5वीं व 8वीं की बोर्ड परीक्षा संभव, शैक्षणिक सत्र 2022-23 से ही लागू हो सकती है यह व्यवस्था स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने की दिशा में बड़े कदम की तैयारी में केंद्र केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर शुरू की राज्यों के साथ व्यापक चर्चा इससे छात्रों की प्रगति और उनके रुझानों को ट्रैक किया जा सकेगा शैक्षणिक सत्र 2022-23 से ही लागू हो सकती है यह व्यवस्था स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती देने सहित छात्रों की प्रतिभा को प्रत्येक स्तर पर आंकने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही कुछ और बड़े कदम उठा सकती है। इसके तहत तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षाएं भी दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं जैसी आयोजित की जा सकती हैं। फिलहाल यह बोर्ड परीक्षा नहीं होगी, बल्कि उसके जैसी होगी। इनका आयोजन भी क्षेत्रीय स्तर पर किसी उपयुक्त प्राधिकरण की देखरेख में होगा। केंद्र राज्यों के साथ व्यापक चर्चा शुरू कर चुका है। कई राज्यों में पहले भी पांचवीं व आठवीं के स्तर पर ऐसी परीक्षाएं आयोजित होती थीं। हालांकि, वर्ष 2009 में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून आने के बाद यह व्यवस्था बंद हो गई, क्योंकि इस कानून के तहत आठवीं तक किसी छात्र को फेल नहीं किया जा सकता था। इस बीच कई राज्यों ने शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती देने के लिए पांचवीं और आठवीं की परीक्षाओं को फिर से शुरू करने की पहल की है। राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने इसे शुरू भी कर दिया है। लेकिन तीसरी के स्तर पर अब तक इसे कहीं नहीं अपनाया गया है। शिक्षा मंत्रलय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती देने की इस पहल के तहत नए कदम की तैयारी है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी इसे लेकर सिफारिश की गई है। इसमें कहा गया है कि स्कूलों में छात्रों को रटकर याद कराने के बजाय उन्हें वास्तविक ज्ञान दिया जाए। साथ ही उन्हें कौशल विकास से भी जोड़ा जाए। यही वजह है कि शिक्षा मंत्रलय अब निचले स्तर पर एक मानक तय करना चाहता है। शिक्षा मंत्रलय ने इस पहल को शैक्षणिक सत्र 2022-23 से ही आयोजित करने की योजना बनाई है। इस पर अंतिम फैसला राज्यों की सहमति के बाद ही होगा। योजना के तहत स्कूली स्तर पर होने वाली परीक्षा वार्षिक परीक्षा की तरह ही होगी, लेकिन इसका आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर होगा। |
| परिषदीय विद्यालयों में अब तक एक करोड़ 90 लाख विद्यार्थियों का नामांकन Posted: 02 May 2022 04:42 PM PDT परिषदीय विद्यालयों में अब तक एक करोड़ 90 लाख विद्यार्थियों का नामांकन लखनऊ : प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाने में नया रिकार्ड बन रहा है। 30 अप्रैल तक चले स्कूल चलो अभियान के दौरान विद्यालयों में पिछले वर्ष की अपेक्षा करीब 17 लाख अधिक छात्र-छात्राओं को प्रवेश देने का दावा किया गया है। अब तक एक करोड़ 90 लाख छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिल चुका है। वैसे दो करोड़ नामांकन का लक्ष्य अभी दूर है। बेसिक शिक्षा विभाग चार मई को बैठक कर रहा है इसमें अभियान निरंतर चलाए जाने पर मुहर लगना तय माना जा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से चल रहा है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चार अप्रैल को श्रावस्ती में स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया था। उन्होंने पहली बार विभाग को छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाने के लिए दो करोड़ का लक्ष्य तय किया। ज्ञात हो कि इसके पहले हर वर्ष प्रवेश का अभियान चलता था लेकिन लक्ष्य तय करने की जगह अधिकाधिक प्रवेश पर जोर दिया जाता था। विभाग ने तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए 30 अप्रैल तक स्कूल चलो अभियान चलाने का आदेश दिया। |
| Posted: 02 May 2022 02:51 PM PDT KVS Class 1 Admission List 2022 : इन स्टूडेंट्स को मिलेगा केंद्रीय विद्यालयों की पहली कक्षा में दाखिला KVS Class 1 Admission List 2022 केंद्रीय विद्यालय संगठन ने पहली कक्षा में प्रवेश के लिए चयनित किए स्टूडेंट्स की लिस्ट जारी कर दी है। पैरेंट्स अपने बच्चे का नाम संगठन द्वारा पहली ऑनलाइन लॉटरी से जारी दाखिला सूची में देख सकते हैं। नई दिल्ली : KVS Class 1 Admission List 2022: देश और विदेशों में स्थित केंद्रीय विद्यालयों में वर्ष 2022-23 के लिए पहली कक्षा में दाखिले के लिए चयनित स्टूडेंट्स की लिस्ट जारी कर दी गई है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) द्वारा कक्षा 1 में प्रवेश के लिए योग्य पाए गए छात्र-छात्राओं के नामों की घोषणा पहले ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से की गई। ऐसे में जिन पैरेंट्स ने अपने बच्चे का केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए फॉर्म भरा है, वे केवीएस की आधिकारिक वेबसाइट, kvsangathan.nic.in पर एक्टिव किए गए लिंक या नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक से अपना बच्चे का नाम पहली लिस्ट में चेक कर सकते हैं। इन स्टेप में देखें केवीएस पहली कक्षा दाखिला सूची पैरेंट्स को पहली दाखिला सूची में अपने बच्चे नाम चेक करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा और फिर होम पेज पर ही दिए गए एनाउंसमेंट्स सेक्शन में दिए गए सम्बन्धित लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद नये पेज पर पैरेंट्स को अपना राज्य और जिस केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के लिए फॉर्म भरा है, उसका चयन ड्रॉपडाउन लिस्ट में से सेलेक्ट करना होगा। इसके बाद उस विद्यालय में पहली कक्षा के दाखिले के लिए पहली सूची ओपेन होगी, जिसमें पैरेंट्स अपने बच्चे का नाम सर्च कर सकेंगे। दूसरी लिस्ट 6 मई को आएगी वहीं, केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा हाल ही में 27 अप्रैल 2022 को जारी पहली कक्षा में दाखिले के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 1 में प्रवेश के लिए दूसरी लिस्ट 6 मई और तीसरी लिस्ट 10 मई 2022 को जारी की जाएगी। हालांकि, पैरेंट्स को ध्यान देना चाहिए किसी भी केंद्रीय विद्यालय के लिए दूसरी लिस्ट तभी जारी की जाएगी जबकि पहली लिस्ट से दाखिले की प्रक्रिया के बाद सीटें रिक्त रह जाती हैं। इसी प्रकार, दूसरी लिस्ट से दाखिले के बाद बची हुई सीटों के लिए ही तीसरी लिस्ट जारी होगी। |
| You are subscribed to email updates from प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra. To stop receiving these emails, you may unsubscribe now. | Email delivery powered by Google |
| Google, 1600 Amphitheatre Parkway, Mountain View, CA 94043, United States | |