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Sunday, May 29, 2022

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल

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30 मई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 29 May 2022 09:03 AM PDT

30 मई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
30 मई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:
!! दैनिक पंचांग !!

🔅 तिथि अमावस्या 03:40 PM

🔅 नक्षत्र कृत्तिका 06:41 AM

🔅 करण नाग 05:00 PM

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग सुकर्मा 11:37 PM

🔅 वार सोमवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:17 AM

🔅 चन्द्रोदय चन्द्रोदय नहीं

🔅 चन्द्र राशि वृषभ

🔅 सूर्यास्त 06:43 PM

🔅 चन्द्रास्त 06:37 PM

🔅 ऋतु ग्रीष्म

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:36 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत वैशाख

🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ
☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:19:51 - 12:14:16

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 12:14 PM - 01:08 PM

🔅 कंटक 07:42 AM - 08:36 AM

🔅 यमघण्ट 11:19 AM - 12:14 PM

🔅 राहु काल 06:40 AM - 08:22 AM

🔅 कुलिक 02:57 PM - 03:51 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:31 AM - 10:25 AM

🔅 यमगण्ड 10:05 AM - 11:47 AM

🔅 गुलिक काल 01:29 PM - 03:11 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पूर्व

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन

🌹विशेष ~ स्नान-दान की अमावस्या, शनैश्चर जयन्ती, वट सावित्री व्रत, सोमवती अमावस्या। 🌹

पं. प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 30 मई 2022, सोमवार का राशिफल 🌹

मेष (Aries): आर्थिक मामलों और लेन-देन के मुद्दों में सचेत रहें। विवाद से बचें अन्यथा परिवार के सदस्यों के साथ कलह के अवसर आएंगे। खाने-पीने में सावधानी रखें। आज समय से भोजन भी नहीं मिलेगा। व्यर्थ में खर्च हो सकता है। घर में और कार्यक्षेत्र में समझौते से भरा रवैया अपनाएं। आज का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

वृषभ (Tauras): आज का दिन लाभ से भरा होगा। शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ रहेगें। आप अपनी कलात्मकता और सृजनात्मकता का उपयोग कर पाएंगें। आर्थिक मामलों में योजना बना सकेगें और धन लाभ होने की भी संभावना है। परिवार के साथ आपका समय आनंदपूर्ण बीतेगा। आज नए कपड़े व गहने खरीद सकते हैं। आमोद प्रमोद में दिन बीतेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मिथुन (Gemini): आज अपनी वाणी और व्यवहार में सावधानी रखें। बातचीत से कोई गलतफहमी न हो, उसका ध्यान रखें। आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। विशेषकर आंखों में तकलीफ हो सकती है। आज खर्च का दिन है। मानसिक चिंता बनी रहेगी। किसी भी प्रकार के अकस्मात से बचें। ईश्वर की भक्ति और आध्यात्मिक बातों में रुचि लेने से मन को कुछ शांति मिलेगी।

शुभ रंग = फीरोजा़

शुभ अंक : 6

कर्क (Cancer): नौकरी और व्यवसाय में अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। धन लाभ होने की संभावना है। मित्रों, विशेष कर स्त्री मित्रों से लाभ होगा। दोस्तों के साथ प्रवास और पर्यटन पर जा सकते हैं। प्रिय व्यक्ति के साथ समय बिताएंगें। आर्थिक योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी होंगी। विवाहोत्सुक युवक-युवतियों के लिए विवाह योग की संभावना है। शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): दृढ़ आत्मविश्वास और मनोबल से सभी कार्य सफलतापूर्वक पूरे होंगे। व्यवसाय के क्षेत्र में बौद्धिक प्रतिभा दिखेगी। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। उच्च पदाधिकारियों को अपने काम से प्रभावित कर सकेंगे। पिता की तरफ से लाभ होगा। संपत्ति, वाहन सम्बंधी कार्य अत्यंत सरलतापूर्वक पूरा कर सकेंगे। सरकारी कामकाज में सफलता मिलेगी। पारिवारिक सुख प्राप्त होगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): आपका आज का दिन आनंददायक बीतेगा। आर्थिक लाभ होगा। विदेश में रहनेवाले सगे-संबंधियों के समाचार मिलेगें जिससे आप काफी प्रसन्न रहेगें। धार्मिक कार्य या धार्मिक यात्रा के पीछे खर्च करेगें। भाई-बहनों से लाभ होने की संभावना है। विदेश जाने के इच्छुक लोगों को विदेश जाने के लिए अनुकूल अवसर मिलेगें।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

तुला (Libra): आज कोई नया काम आरंभ न करें। अपनी वाणी और व्यवहार को नियंत्रण में रखें अन्यथा गलतफहमी हो सकती है। दोस्त के रूप में छिपे शत्रुओं से सावधान रहें। स्वास्थ का पूरा ख्याल रखें। गूढ़ विद्या की ओर आपका आकर्षण बढ़ेगा। साधना सिद्धि के लिए आज का दिन अच्छा है। काफी कोशिश के बाद आप मानसिक शांति प्राप्त कर पाएंगें।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

वृश्चिक (Scorpio): आप आज के दिन को पूरी तरह से आमोद प्रमोद में बिताना पसंद करेगें। दैनिक कार्यों से मुक्त होकर अपने लिए थोड़ा समय निकाल सकेंगे। मित्रों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बनेगा। उत्तम भोजन मिलेगा। नए वस्त्र आभूषण प्राप्त होगें। व्यापार और भागीदारी में लाभ होगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण रहेगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): आज का दिन शुभ है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यश कीर्ति और आनंद की प्राप्ति होगी। कुटुंबीजनों के साथ आनंद में समय व्यतीत होगा। प्रतिस्पर्धियों और शत्रुओं पर विजय मिलेगी। कार्यालाय में सहकर्मियों और अधीनस्थ व्यक्तियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। स्त्री मित्रों के साथ मुलाकात होगी। अधूरे कार्य पूरे होंगे। आर्थिक लाभ की संभावना है।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

मकर (Capricorn): मानसिक रूप से अशांत और असमंजस में रहेंगे। आप कोई भी ठोस निर्णय नहीं ले पाएंगे। आज आप कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय न लें। भाग्य आपके साथ नहीं रहेगा जिससे आपको निराशा का अनुभव होगा। संतान के विषय में चिंतित रहेंगें। घर में बुजुर्गों की तबीयत खराब हो सकती है। पेट-दर्द से परेशानी होगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

कुंभ (Aquarius): अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण आज आप मानसिक बेचैनी और अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। इस कारण जिद्दीपन आएगा। सार्वजनिक रूप में मानहानि न हो, इसका ध्यान रखें। स्थावर संपत्ति, वाहन आदि के दस्तावेज करने में सावधानी रखें। सौंदर्य प्रसाधन, वस्त्र और आभूषणों की खरीदारी में महिलाएं खर्च करेगीं। पढ़ाई में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces): महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए आज का दिन शुभ है। विचारों में दृढ़ता रहेगी। कार्य अच्छी तरह से पूरे होंगे। सृजनात्मक और कलात्मक शक्ति में वृद्धि होगी। दोस्तों के साथ किसी प्रवास पर जा सकते हैं। भाई-बहनों से लाभ होगा। कार्य की सफलता आपके मन को आनंदित करेगी। सार्वजनिक जीवन में मान-सम्मान मिलेगा। अपने प्रतिस्पर्धियों को परास्त कर सकेंगे।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 5 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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भारत विश्व का एकमात्र राज्य 75 वर्षों से हैं जहां का राज्य हिंदू समाज यानी बहुसंख्यक समाज को समाज ही नहीं मानता ।

Posted: 29 May 2022 03:47 AM PDT

भारत विश्व का एकमात्र राज्य 75 वर्षों से हैं जहां का राज्य हिंदू समाज यानी बहुसंख्यक समाज को समाज ही नहीं मानता ।

मेरी समझ से सभ्यता की दृष्टि से आध्यात्मिक साधना के सूक्ष्म स्तर की बात तो यहां नहीं हो सकती परंतु शेष स्तरों पर वर्तमान में हिंदू समाज के समक्ष ये विचारणीय स्थितियां हैं जिन पर प्रत्येक प्रबुद्ध व्यक्ति को ध्यान देना चाहिए ।
1) पहला है :-
संसार का एक अभूतपूर्व राज्य जिस के कर्णधार विगत 75 वर्षों से निरंतर भारतीय सभ्यता भारतीय संस्कृति हिंदू धर्म हिंदू समाज हिंदू परंपरा इन सब का गौरव गान कर रहे हैं और हर स्तर पर नीति के स्तर पर, शिक्षा के स्तर पर ,इतिहास संबंधी लगातार झूठा प्रचार करने के ,निर्लज्ज कार्यों के स्तर पर ,राजनीति में छल फरेब, झूठा प्रचार और प्रोपेगेंडा के स्तर पर और समाज में किस को श्रेष्ठ माना जाए ,किसको नहीं, इन कसौटियों के स्तर पर भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म की सभी मान्यताओं को योजना पूर्वक नष्ट करते दिख रहे हैं ।
पहले भारत का शासन मुख्यतः सोवियत संघ की सेवा के लिए समर्पित रहा और इसे कम्युनिस्ट बनाने का बहुत चतुराई से प्रयास करता रहा।।
इतना मानना पड़ेगा कि नेहरू जी का कम लेनिन और स्टालिन के क्रूर तरीकों से कई गुना अधिक अच्छा था और उदार लोकतांत्रिक था ।
यद्यपि वे अपने को स्टालिन का शिष्य कहते थे और स्टालिन का बेटा कहते थे ।

लेकिन संभवत : भारतीय परिस्थितियों के और विशेषकर हिंदू समाज की समाज व्यवस्था और जाति व्यवस्था के अपने वास्तविक ज्ञान के कारण उन्होंने लेनिन स्टालिन और माओ जैसे लोगों का क्रूर क्रूर तथा पैशाचिक मार्ग नहीं अपनाया।।
उसके बाद नरसिंह राव और राजीव गांधी के समय से भारत तेजी से संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर झुका और झुकता ही चला गया ।

वर्तमान में मोदी जी के नेतृत्व में भारत का अमेरिकी दिशा में अद्भुत तेजी से विकास हो रहा है या कह लें कि उधर तेजी से बढ़ रहा है भारत।।

2) दूसरी ओर समाज के स्तर पर भी अनेक महत्वपूर्ण और सबल संस्थाएं हैं जो हिंदू संगठन ,हिंदू समाज के उत्कर्ष, हिंदू समाज के वैभव, हिंदू समाज की उन्नति के लिए दिन-रात कार्यरत हैं।
परन्तु वे प्रायः अपने नाम से और हिंदुत्व के नाम से ईसाई मिशनरियों की ही दिशा अपनाकर हिंदू समाज को सुधारने के लिए रात दिन काम कर रहे हैं ।
जिसका अर्थ है कि वस्तुतः बे सुधार के नाम पर हिंदू समाज को तोड़ने और दास बना कररखने, अपने मतवाद के कठोर अनुशासन में लाने के लिए तथा इसकी स्वाभाविक सभी इकाइयों को:-जाति, खाप, संप्रदाय और पंच परमेश्वर तथा न्याय की समस्त भारतीय अवधारणाओं को नष्ट करने में भारत के किसी भी कथित हिंदू संगठन को एक पल भी परेशानी नहीं है।
स्वयं भले यह नहीं करें तो भी अगर यह सब चीजें नष्ट हो जाएं तो इसमें भी हिंदुत्व की उन्नति ही मानते हैं।

3) तीसरी और व्यापक हिंदू समाज है जो अपना जीवन जी रहा है और जो अपनी भौतिक सुविधाओं तथा तरक्की के लिए सदा राजनेताओं की ओर देखता है और राज्य की ओर देखता है ।यद्यपि पुरुषार्थ वह स्वयं करता है पर कोशिश करता है कि राज्य उसकी भौतिक उन्नति में कुछ तो मदद कर दे।

परंतु धर्म के लिए संस्कृति के लिए, आत्मरक्षा के लिए, जिहादी उग्र वादियों से हिंदुओं की रक्षा के लिए, राज्य पर वह न तो कोई दबाव डालता ,ना ही राज्य की ओर देखता।
अपितु ऐसे ऐसे बोली के सूरमा हैं,वाग्वीर हैं जो हिंदू समाज को ही कोसते रहते हैं कि देखो ,जिहादी आतंकवाद के विरुद्ध तुम कोई तैयारी नहीं कर रहे हो।
समाजों को तैयार करने के जो साधन होते हैं :-शिक्षा, सैनिक प्रशिक्षण, संचार माध्यमों के द्वारा सत्य का प्रचार तथा धर्म की प्रतिष्ठा ,
उन सब क्षेत्रों में राज्य ही एकमात्र अधिकारी वर्तमान ढांचे में बना हुआ है ,यह या तो ये जानते नहीं यानी उस विषय में अंधे हैं या फिर डर के मारे राज्य की कोई बात नहीं करते।।
अगर डर के मारे नहीं करते हैं तो इसका अर्थ है कि भारत में राज्य पर अंग्रेजों की निरंतरता में ऐसे लोग काबिज हैं जो अपने समाज से सत्य का कोई संबंध नहीं रखते, उसको धोखे में और अज्ञान में रखना चाहते हैं तथा साथ ही उसे भयभीत रखना चाहते हैं।
यह स्थिति है।

अब इसमें करने योग्य क्या है, इस पर लगातार चर्चा होती ही रही है।
ज्ञान की साधना, बीज की रक्षा और राज्य पर सही नीतियों के लिए तथा एक सामान्य राज्यव्यवस्था लाने के लिए दबाव।।

सामान्य इसलिए कि विश्व के हर राज्य में बहुसंख्यक के ही धर्म की रक्षा अधिकृत रूप से की जाती है ।

भारत विश्व का एकमात्र राज्य 75 वर्षों से हैं जहां का राज्य हिंदू समाज यानी बहुसंख्यक समाज को समाज ही नहीं मानता ।
उसे ऐसे नागरिकों का झुंड मानता है जिसे नागरिक अधिकार राज्य की कृपा से मिले हुए हैं और वह घटाएं बढ़ाए जा सकते हैं तथा छीने भी जा सकते हैं और जिसका राज्य पर कोई भी नियंत्रण नहीं है।।
परंतु साथ ही अल्पसंख्यक समाजों विशेषकर मुसलमानों और ईसाइयों को राज्य ने अल्पसंख्यक कहकर यह विशेषाधिकार दे रखा है कि वह सरकारी खजाने से अपने अपने मजहब की शिक्षा दें, यह उनका अधिकार है और उस मजहब की शिक्षा का दबाव राज्य पर डालें ।
साथ ही, भारत के नागरिकों पर अपना मजहबी दबाव बढ़ाते चले जाएं यानी भारत को क्रमशः मुस्लिम और ईसाई बनाने का काम परोक्ष रूप से सरकारी खजाने से सहयोग लेकर धड़ल्ले से किया जा रहा है और यह वह सरकारी खजाना है जिसमें 85% अंशदान हिंदुओं का है और व्यापक हिंदू समाज को इससे मानो कोई आपत्ति ही नहीं है। ऐसी परंपरा बन गई है ।
दल आपस में एक दूसरे की पोल खोल कर हिंदुओं को अपनी ओर करते रहे हैं परंतु नीति के स्तर पर जो काम नेहरू ने किया ,जो काम इंदिरा ने किया, जो काम राजीव गांधी ने किया ,जो काम अटल जी ने किया ,वही काम मोदी जी कर रहे हैं ।
अल्पसंख्यकों के बच्चों को विशेष शिक्षा ,विशेष सुविधा, शासन में जाने के लिए विशेष अवसर सुलभ कराने के लिए विशेष शिक्षण और प्रशिक्षण :-
यह काम मोदी जी और योगी जी भी उतने ही उत्साह से कर रहे हैं जितने उत्साह से नेहरू जी इंदिरा जी राजीव जी करते थे ।
यहां में विश्वनाथ प्रताप सिंह जैसे देशघातियों की कोई बात नहीं कर रहा यद्यपि राजीव गांधी को हटाकर विश्वनाथ प्रताप सिंह जैसे कुल कलंक को प्रधानमंत्री बनवाने में संघ और भाजपा के लोगों की परोक्ष भूमिका रही है और वही भूमिका निर्णायक रही है ।

यह मेरी जानकारी के अनुसार समकालीन भारत की चिंता योग्य दशा है।
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Liked on YouTube: आठवे स्थापना दिवस के अवसर पर विद्वानों की राय दिव्य रश्मि पुरे देश में खूब अपनी रश्मि फैलाये यही

Posted: 29 May 2022 02:12 AM PDT

आठवे स्थापना दिवस के अवसर पर विद्वानों की राय दिव्य रश्मि पुरे देश में खूब अपनी रश्मि फैलाये यही
देश के पत्र पत्रिकाओं की भीड़ में अलौकिक रश्मि से देदीप्यमान दिव्य रश्मि आठ वर्ष का हो गया यह जान कर काफी प्रसन्न हूँ मैं | कभी भी पुरानी नहीं होने बाली हमारी यह पत्रिका सदैव पठनीय, एवं संग्रहणीय है| धर्म , शिक्षा,एवं महापुरुषों की बारे में इतनी नयी नयी जानकारियाँ इसमें रहती है जिससे यह भीड़ से आप अलग दिखाई देता है| हिन्दू धर्म के ब्रत,त्यौहार,विधि,बिधान,के साथ सांगोपांग विशद व्याख्या जितनी दिव्य रश्मि में मिलती है उतनी किसी अन्य पत्रिकाओं में नहीं मिलती है | मैं दिव्य रश्मि का प्रथम अंक से पाठक रहा हूँ | अगर आप इसका सम्पादकीय ही पढ़ लें तो इसका स्तर आपको मालूम पड़ जायगा | सबसे प्रमुख इस पत्रिका की विशेषता है कि दुर्गा पूजा के समय माँ दुर्गा के बारे में और उनकी आराधना की पूरी पद्दति, सरस्वती पूजा ,होली ,शिवरात्रि ,दिवाली के समय भी इन सब के बारे में विशद व्याख्या आपको और कहीं नहीं मिलेगा | अगर हम ये कहें की दिव्य रश्मि सालों भर विशेषांक ही छापता है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी | नियमित समय पर पाठकों के हाथ में मिल जाना इसको और विशेष बना देता है | हिन्दू देवी देवताओं एवं महा पुरुषों के चित्र कवर पृष्ठ पर रहने से इसकी आभा और भी निखर जाती है | भारतीय चिकित्सा पद्धतियों, ऋषियों-महर्षियों सहित हमारी सभ्यता संस्कृति को बताने बाले लेखों को प्रकाशित किया जाये तो औरचार चाँद लग जायेगा | दिव्य रश्मि की इन सब विशेषताओं के लिए पत्रिका के संपादक सहित पूरा दिव्य रश्मि परिवार बधाई का पात्र है | उत्तरोत्तर हमारी दिव्य रश्मि पुरे देश में खूब अपनी रश्मि फैलाये यही मेरी कामना है | दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/GZ39m7B Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/rfVe93n visit website : https://ift.tt/7y2MoqZ
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मानव तन

Posted: 29 May 2022 12:40 AM PDT

मानव तन

नश्वर सी यह काया, 
तन को हमने पाया। 
देह गात स्वरूप को, 
दाग ना लगाइए। 

कंचन सी काया मिली, 
पंचतत्वों का शरीर। 
मानव तन भाग्य से, 
हरि कृपा पाइए। 

चंद सांसों का खेल है, 
आत्मा का जुड़ा है तार। 
मानुष जन्म में मिला, 
लोक सुख पाइए। 

माटी का पुतला यह, 
नाशवान है शरीर। 
अभिमान जगत में, 
कभी ना दिखाइए।

रमाकांत सोनी सुदर्शन
नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान
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कभी भी पुरानी नहीं होने बाली दिव्य रश्मि:-डॉ. अजित कुमार पाठक

Posted: 29 May 2022 12:10 AM PDT

कभी भी पुरानी नहीं होने बाली दिव्य रश्मि:-डॉ. अजित कुमार पाठक

देश के पत्र पत्रिकाओं की भीड़ में अलौकिक रश्मि से देदीप्यमान दिव्य रश्मि आठ वर्ष का हो गया यह जान कर काफी प्रसन्न हूँ मैं | कभी भी पुरानी नहीं होने बाली हमारी यह पत्रिका सदैव पठनीय, एवं संग्रहणीय है| धर्म , शिक्षा,एवं महापुरुषों की बारे में इतनी नयी नयी जानकारियाँ इसमें रहती है जिससे यह भीड़ से आप अलग दिखाई देता है| हिन्दू धर्म के ब्रत,त्यौहार,विधि,बिधान,के साथ सांगोपांग विशद व्याख्या जितनी दिव्य रश्मि में मिलती है उतनी किसी अन्य पत्रिकाओं में नहीं मिलती है | मैं दिव्य रश्मि का प्रथम अंक से पाठक रहा हूँ | अगर आप इसका सम्पादकीय ही पढ़ लें तो इसका स्तर आपको मालूम पड़ जायगा | सबसे प्रमुख इस पत्रिका की विशेषता है कि दुर्गा पूजा के समय माँ दुर्गा के बारे में और उनकी आराधना की पूरी पद्दति, सरस्वती पूजा ,होली ,शिवरात्रि ,दिवाली के समय भी इन सब के बारे में विशद व्याख्या आपको और कहीं नहीं मिलेगा | अगर हम ये कहें की दिव्य रश्मि सालों भर विशेषांक ही छापता है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी | नियमित समय पर पाठकों के हाथ में मिल जाना इसको और विशेष बना देता है | हिन्दू देवी देवताओं एवं महा पुरुषों के चित्र कवर पृष्ठ पर रहने से इसकी आभा और भी निखर जाती है | भारतीय चिकित्सा पद्धतियों, ऋषियों-महर्षियों सहित हमारी सभ्यता संस्कृति को बताने बाले लेखों को प्रकाशित किया जाये तो औरचार चाँद लग जायेगा |
दिव्य रश्मि की इन सब विशेषताओं के लिए पत्रिका के संपादक सहित पूरा दिव्य रश्मि परिवार बधाई का पात्र है | उत्तरोत्तर हमारी दिव्य रश्मि पुरे देश में खूब अपनी रश्मि फैलाये यही मेरी कामना है | डॉ. अजित कुमार पाठक
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29 मई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 28 May 2022 08:40 AM PDT

29 मई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
29 मई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:
!! दैनिक पंचांग !!

🔅 तिथि चतुर्दशी 02:23 PM

🔅 नक्षत्र कृत्तिका पूर्ण रात्रि

🔅 करण :

                शकुन 02:56 PM

                चतुष्पाद 02:56 PM

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग अतिगंड 10:52 PM

🔅 वार रविवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:17 AM

🔅 चन्द्रोदय +04:37 AM

🔅 चन्द्र राशि मेष

🔅 सूर्यास्त 06:43 PM

🔅 चन्द्रास्त 05:41 PM

🔅 ऋतु ग्रीष्म

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:35 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत वैशाख

🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:19:44 - 12:14:07

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 04:45 PM - 05:40 PM

🔅 कंटक 09:31 AM - 10:25 AM

🔅 यमघण्ट 01:08 PM - 02:02 PM

🔅 राहु काल 04:52 PM - 06:34 PM

🔅 कुलिक 04:45 PM - 05:40 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:19 AM - 12:14 PM

🔅 यमगण्ड 11:46 AM - 01:28 PM

🔅 गुलिक काल 03:10 PM - 04:52 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ

पं. प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 29 मई 2022, रविवार का राशिफल 🌹

मेष (Aries): आज आप सांसारिक विषय किनारे रखकर आध्यात्मिकता की तरफ मुड़ेंगे। गूढ़ रहस्यमय विद्याओं की तरफ विशेष आकर्षण रहेगा। गहरे चिंतन- मनन आपको अलौकिक अनुभूति कराएंगे। वाणी पर संयम रखने से बहुत-सी गलतफहमियों से बच सकेंगे। अचानक धन लाभ होगा। नए कार्यों का प्रारंभ न करने की सलाह देते हैं।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

वृषभ (Tauras): आप गृहस्थ जीवन और दांपत्यजीवन में सुख- शांति का अनुभव करेंगे। पारिवारिक सदस्यों और निकटस्थ दोस्तों के साथ उत्तम भोजन करने का अवसर मिलेगा। एकाध छोटे से प्रवास का आयोजन भी होने की संभावना है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। धन लाभ होगा। दूर बसनेवाले स्नेहीजनों का समाचार आपको खुश करेगा। भागीदारी में लाभ तथा सार्वजनिक जीवन में आपको मान- सम्मान की प्राप्ति होगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मिथुन (Gemini): आज आपके अधूरे कार्य पूरे होंगे तथा कार्य में सफलता और यश की प्राप्ति होगी। घर में शांति और आनंद का वातावरण आपके मन को प्रसन्न रखेगा। स्वास्थ्य बना रहेगा। आर्थिक लाभ होगा। ऑफिस में संघर्ष या मनमुटाव के अवसर आ सकते हैं। इससे सावधान रहना आवश्यक है।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 6

कर्क (Cancer): दिन का आरंभ चिंता और उद्वेग के साथ होगा। साथ-साथ स्वास्थ्य की शिकायत भी रहेगी। नए कार्य शुरू करने के लिए दिन अच्छा नहीं है। आकस्मिक धन खर्च होगा। अत्यधिक कामुकता आपके मानभंग का कारण न बने इसका ध्यान रखें। यात्रा- प्रवास में कठिनाई आएगी।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

सिंह (Leo): नकारात्मक विचार हताशा पैदा करेंगे। शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थता अनुभव करेंगे। माता- पिता के साथ मतभेद होगा अथवा उनका स्वास्थ्य खराब होगा। जमीन, मकान तथा वाहन आदि दस्तावेज करने में सावधानी रखें। जलाशय से बचें। भावनात्मकता के प्रवाह में न बहने की सलाह है।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): आज कोई भी अविचारी कदम उठाने से बचें। हालांकि कार्य में सफलता तो आपको मिलेगी ही। प्रतिस्पर्धियों को भी आप परास्त कर सकेंगे। भाई बंधुओं और पड़ोसियों के साथ खूब अच्छे सम्बंध रहेंगे। आर्थिक लाभ भी होंगे। प्रियतमा का सहवास मिलेगा। सार्वजनिक मान-सम्मान मिलेगा। चित्त में प्रसन्नता रहेगी।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 6

तुला (Libra): आपको जिद्दी व्यवहार छोड़कर समाधानपूर्ण व्यवहार रखने के लिए कहते हैं। आपकी अनियंत्रित वाणी किसी से मनमुटाव करा सकती है। द्विधा में फंसा मन आपको कोई ठोस निर्णय पर नहीं आने देगा। महत्त्वपूर्ण निर्णय आय न लेने की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): तन-मन से खुश और प्रफुल्लित रहेंगे। कुटुंबीजनों और मित्रों के साथ उत्तम भोजन प्रवास या मिलन- मुलाकात का अवसर आएगा। जीवनसाथी के साथ गाढ़ी आत्मीयता का अवसर आएगा। जीवनसाथी के साथ गाढ़ी आत्मीयता का अनुभव होगा। आर्थिक लाभ होगा। शुभ अवसर पर बाहर जाना होगा। आनंददायक समाचार प्राप्त होग।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

धनु (Sagittarius): आज का दिन आपके लिए थोड़ा कष्टदायक रहेगा। स्वास्थ्य खराब होगा। मानसिक रूप से भी आप अस्वस्थ रहेंगे। क्रोध पर अंकुश रखना पड़ेगा। दुर्घटना से बचें। कोर्ट- कचहरी के मामले में सावधानी रखें। अधिक खर्च होने से पैसे की तंगी रहेगी।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

मकर (Capricorn): सामाजिक क्षेत्र में नौकरी- धंधा में और अन्य क्षेत्रों में आज का दिन लाभदायक रहेगा। मित्रों, सगे- सम्बंधियों के साथ बाहर जाएंगे। मागंलिक प्रसंगों में उपस्थित होंगे। स्त्री मित्रों तथा पत्नी और पुत्र से लाभ होगा। विवाहोत्सुक युवक- युवतियों की वैवाहिक समस्या हल होगी। प्रवास- पर्यटन होंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

कुंभ (Aquarius): आपके हरेक कार्य निर्विघ्न पूरे होंगे, जिससे आप खुश रहेंगे। नौकरी- व्यवसाय की जगह परिस्थिति अनुकूल रहेगी और कार्य में सफलता मिलेगी। बुजुर्गों और उच्च पदाधिकारियों की कृपादृष्टि रहने के कारण आप मानसिक रूप से किसी भई प्रकार के बोझ से मुक्त होंगे। गृहस्थजीवन में आनंद रहेगा। धन प्राप्ति और पदोन्नति का योग है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces): नकारात्मक विचार पर हावी न हो जाएं इसका ख्याल रखने की चेतावनी देते हैं। मानसिक अस्वस्थता आपको परेशान करेंगे। स्वास्थ्य के सम्बंध में शिकायत रहेगी। नौकरी में उच्च अधिकारियों के साथ सावधानीपूर्वक कार्य करें। संतानों की समस्याएँ आपको चिंतित करेंगे। प्रतिस्पर्धी अपनी चाल में सफल होंगे। आज महत्त्वपूर्ण निर्णय न लेने की सलाह है।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5 
 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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दिव्य रश्मि ने मनाया आठवा स्थापना दिवस एवं सावरकर जी की १३९ वी जयंती |

Posted: 28 May 2022 08:20 AM PDT

दिव्य रश्मि ने मनाया आठवा स्थापना दिवस एवं सावरकर जी की १३९ वी जयंती |

पटना २८.०५.२०२२ को पटना के आई एम् ए हाल में दिव्य रश्मि पत्रिका का स्थापना दिवस सह वीर सावरकर जी की १३९ वी जयंती मनाई गई|
कार्यक्रम के प्रारम्भ में दीप प्रज्वलित कर सावरकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया |कार्यक्रम की अध्यक्षता बाणिज्य महाविद्यालय के पूर्व अध्यापक डॉ रमाकांत पाण्डेय ने की एवं अन्य वक्ताओ में कमलेश पुण्यार्थ , मार्कंडेय शारदेय , श्याम नाथ श्याम ने अपने विचार रखें मुख्य वक्ता भारतीय जन क्रान्ति दल डेमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय वर्मा ने कहाकि वीर सावरकर बीसवीं शताब्दी ईस्वी के महानतम देशभक्त हैं। एक महान कवि, महान साहित्यकार, महान भाषा अध्येता, महान इतिहासकार ,महान समाज शास्त्री और महावीर राष्ट्र भक्त थे | उनके जैसा अद्वितीय पराक्रम, बौद्धिक अध्यवसाय, कठिन परिश्रम ,अद्वितीय और असंभव लगने वाला पराक्रम और शौर्य सामान्यतः अकल्पनीय है। सच तो यह है और यह मैं बहुत शांत चित्त से कह रहा हूं, किसी प्रकार के उद्वेग के बिना, कि वीर सावरकर के समक्ष गाँधी जी भी बहुत छोटे हैं और नेहरू तो उनके सामने खड़े होने लायक ही नहीं हैं। वीर सावरकर नित्य स्मरणीय ,वंदनीय, प्रातः स्मरणीय हैं। वह हमारे राष्ट्र का अद्वितीय गौरव हैं। उनके जैसा कोई व्यक्ति स्वयं यूरोप में विगत 1000 वर्षों में नहीं हुआ।भारत में तो होते रहे हैं। इन सब तथ्यों का स्मरण रखते हुए इस भारतवर्ष में वे उत्पन्न हुए, उसकी महिमा को जानना आवश्यक है।। यह भारत राष्ट्र संसार का प्राचीनतम राष्ट्र है और स्वाभाविक राष्ट्र है,नैसर्गिक राष्ट्र है। यह परमात्मा की इच्छा से विशेष रूप से निर्मित राष्ट्र है। अंग्रेजों ने भारतीयों को जानवरों से भी बदतर जिंदगी जीने पर मजबूर किया था। अंडमान की सेल्यूलर जेल में काला पानी की सजा काटते हुए वीर सावरकर को कोल्हू से तेल निकलना पड़ा और प्रतिदिन 30 पाउंड तेल निकालने का काम 11 वर्षों तक करना पड़ा था। वीर सावरकर का सबसे स्तुत्य कार्य रहा 1857 के संग्राम को प्रथम स्वातंत्र्य समर नाम देना।जब वीर सावरकर थे,अचानक अपने छल पूर्ण प्रोपेगेंडा के बल पर अंग्रेजों ने पैशाचिक इस्लाम से जूझ रहे हिंदू राष्ट्र में शिक्षा के नाम पर अनेक लोगों को प्रभावित कर लिया और बहुत सारी भ्रान्तियों को फैलाने में सफल रहा, जिसमें से एक यह है कि इंग्लैंड एक उसी प्रकार का राष्ट्र है जैसे भारत | जिस प्रकार का कार्य सावरकर उन दिनों में हिन्दुओ को जगाने का कर रहें थें उसी प्रकार का कार्य आज दिव्य रश्मि कर रही है |

डॉ अजित कुमार पाठक ने कहाकि देश के पत्र पत्रिकाओं की भीड़ में अलौकिक रश्मि से देदीप्यमान दिव्य रश्मि आठ वर्ष का हो गया यह जान कर काफी प्रसन्न हूँ मैं | कभी भी पुरानी नहीं होने बाली हमारी यह पत्रिका सदैव पठनीय, एवं संग्रहणीय है| धर्म , शिक्षा,एवं महापुरुषों की बारे में इतनी नयी नयी जानकारियाँ इसमें रहती है जिससे यह भीड़ से आप अलग दिखाई देता है| हिन्दू धर्म के ब्रत,त्यौहार,विधि,बिधान,के साथ सांगोपांग विशद व्याख्या जितनी दिव्य रश्मि में मिलती है उतनी किसी अन्य पत्रिकाओं में नहीं मिलती है | मैं दिव्य रश्मि का प्रथम अंक से पाठक रहा हूँ | अगर आप इसका सम्पादकीय ही पढ़ लें तो इसका स्तर आपको मालूम पड़ जायगा | सबसे प्रमुख इस पत्रिका की विशेषता है कि दुर्गा पूजा के समय माँ दुर्गा के बारे में और उनकी आराधना की पूरी पद्दति, सरस्वती पूजा ,होली ,शिवरात्रि ,दिवाली के समय भी इन सब के बारे में विशद व्याख्या आपको और कहीं नहीं मिलेगा | अगर हम ये कहें की दिव्य रश्मि सालों भर विशेषांक ही छापता है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी | नियमित समय पर पाठकों के हाथ में मिल जाना इसको और विशेष बना देता है | हिन्दू देवी देवताओं एवं महा पुरुषों के चित्र कवर पृष्ठ पर रहने से इसकी आभा और भी निखर जाती है | भारतीय चिकित्सा पद्धतियों, ऋषियों-महर्षियों सहित हमारी सभ्यता संस्कृति को बताने बाले लेखों को प्रकाशित किया जाये तो औरचार चाँद लग जायेगा |

पत्रिका की ओर से दिव्य रश्मि सम्मान २०२२ में साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए संगीता मिश्र, डॉ रानी श्रीवास्तवा ,डॉ मीणा श्रीवास्तव ,शकुन्तला मिश्र , मार्कंडेय शारदेय एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए डॉ राकेश आर्य ,जितेन्द्र सिन्हा ,वेद प्रकाश तिवारी ,पियूष रंजन एवं लव कुमार मिश्र को सम्मानित किया गया | कार्यक्रम में सम्पादक डॉ राकेश दत्त मिश्र, अनिरुद्ध शर्मा, गिरीश चन्द्र त्रिपाठी, रवि कुमार नीरज पाठक , राजीव कुमार विकास कुमार, देवेन्द्र प्रताप सिंह ,जितेन्द्र कुमार सिन्हा ,बिनोद कुमार सिंह ,राजेश मुकेश कुमार,पप्पू कुमार,अमरेन्द्र कुमार सिंह, कन्हैया तिवारी, राकेश कुमार गुप्ता,आशीष रंजन, चन्दन कुमार ,उमेश कुमार सिंह सच्चीदानंद मिश्र , अरविन्द कुमार अकेला संगीता मिश्र, डॉ रानी श्रीवास्तवा ,डॉ मीणा श्रीवास्तव ,शकुन्तला मिश्र , मार्कंडेय शारदेय डॉ राकेश आर्य ,जितेन्द्र सिन्हा ,वेद प्रकाश तिवारी ,पियूष रंजन एवं लव कुमार मिश्र आदि उपस्थित थें |
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विदेशों के साथ-साथ भारत के विभिन्न प्रांतों मे हजारों स्थानों पर वीर सावरकर जयंती बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई गयी। भारतीय जन महासभा के लोगों ने भी अनेक स्थानों पर जयंती मनाई।

Posted: 28 May 2022 07:32 AM PDT

देशों के साथ-साथ भारत के विभिन्न प्रांतों मे हजारों स्थानों पर वीर सावरकर जयंती बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई गयी। भारतीय जन महासभा के लोगों ने भी अनेक स्थानों पर जयंती मनाई।

उक्त जानकारी देते हुए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने बताया कि अंग्रेजों ने भारतीयों को जानवरों से भी बदतर जिंदगी जीने पर मजबूर किया था। कहा कि अंडमान की सेल्यूलर जेल में काला पानी की सजा काटते हुए वीर सावरकर को कोल्हू से तेल निकलना पड़ा और प्रतिदिन 30 पाउंड तेल निकालने का काम 11 वर्षों तक करना पड़ा था।
महासभा के वरीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व इनसे हैं हम के प्रधान संपादक डॉ अवधेश कुमार अवध ने अपने सन्देश में कहा कि वीर सावरकर का सबसे स्तुत्य कार्य रहा 1857 के संग्राम को प्रथम स्वातंत्र्य समर नाम देना।
संस्था के संरक्षक डॉ हरि बल्लभ सिंह आरसी जी ने अपने संदेश में कहा कि आगामी समय में वीर सावरकर की लगभग 20 फीट ऊंची प्रतिमा जमशेदपुर में लगायी जाएगी। इस घोषणा का महासभा के अनेक लोगों ने हार्दिक स्वागत किया है।
वीर सावरकर जयंती मनाने वालों में प्रमुख रुप से श्री पोद्दार के अलावे जमशेदपुर झारखंड से प्रकाश मेहता , पूनम मेहता, रोनित जोशी, प्रिया जोशी ,प्रमोद खीरवाल , पिंकी देवी , रामचंद्र राव , सिंगापुर से बिदेह नंदनी चौधरी एवं डॉ प्रतिभा गर्ग , मेरठ उत्तर प्रदेश से लक्ष्मी गुसाई , जयपुर राजस्थान से ओम प्रकाश अग्रवाल , गोड्डा झारखंड से बासुदेव पंडित , स्वीटी रानी , तेजस्वी राज , जोरहाट असम से जय श्री शर्मा , छतीसगढ़ से अनीता मंदिलवार सपना , कोलकाता से सूर्य शंकर एवं पिंटू कुमार महतो , कलियावर असम से कल्पना देवी आत्रेय , करौली राजस्थान से अशोक गोयनका , रायपुर छत्तीसगढ़ से डॉ आरती उपाध्याय देव , शाहदरा दिल्ली से अर्चना वर्मा , रांची झारखंड से विजय केडिया , शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश से नीलम सिंह व नागपुर महाराष्ट्र से अनुसूया अग्रवाल , बक्सर बिहार से अजय कुमार सिंह, नीतु सिंह,नारद कुमार, रूपेश कुमार, सोनिका कुमारी,अंजु कुमारी,रीना बेगम, रितु राज, विकास कुमार, अंकित कुमार,मुना कुमार,अमृत कुमार,पंकज कुमार,जय प्रकाश अग्रवाल,रवि कुमार, रजनीश कुमार,बजरंगी कुमार,आजाद कुमार,अंगद शर्मा,अमित कुमार,रतन कुमार, सुबोध कुमार,शशी कुमार, ध्रुव कुमार के नाम सम्मिलित है।
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वीर विनायक दामोदर सावरकर

Posted: 28 May 2022 07:08 AM PDT

वीर विनायक दामोदर सावरकर

गणेश, विनायक और नारायण, एक ही माँ के जायी,
पिता दामोदर सावरकर से, क्रान्ति की शिक्षा पायी।
राष्ट्र हितों में इतिहास रचा, सबसे आगे रहते,
अट्ठारह सौ तिरासी में जन्मे, विनायक मंझले भाई।
हरि चापेकर क्रांतिकारी ने, जब फाँसी फन्दा चूमा,
तेरह वर्षीय विनायक ने तब, बदले की कसमें खायी।
सावरकर ने अंग्रेजों से, स्वतंत्रता की माँग उठाकर
विदेशी वस्त्रों की होली, प्रथम उसने ही जलवाई।
दामोदर से घबरा अंग्रेजों ने, विद्यालय से हटवाया,
पढने का ले लिया संकल्प, फिर बैरिस्टर डिग्री पायी।
'क्रान्तिकारी आन्दोलन' से, ब्रिटिश शासन घबराया,
'इंडिया हाऊस' को सावरकर ने, तीर्थ पहचान दिलाई।
तेईस वर्ष की अवस्था तक, पंद्रह सौ ग्रंथ पढ डाले,
अण्डमान के पत्थरों पर भी, क्रान्ति अलख जगाई।
अखण्ड भारत का पक्षधर था, विनायक सावरकर,
जिसकी रग रग में भारत और आजादी जिसकी माई,
कोल्हू में पेला जिसको, दो जन्मों का कारावास मिला,
तिरासी वर्ष की आयु में, प्रभु चरणों में जगह बनाई।

अ कीर्तिवर्धन
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