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Tuesday, May 31, 2022

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31 मई 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 30 May 2022 08:47 AM PDT

31 मई 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

31 मई 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:
!! दैनिक पंचांग !!

🔅 तिथि प्रतिपदा 05:30 PM

🔅 नक्षत्र रोहिणी 08:55 AM

🔅 करण :

                किन्स्तुघ्ना 06:08 AM
                बव 06:08 AM

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग धृति +00:32 AM

🔅 वार मंगलवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:16 AM

🔅 चन्द्रोदय 05:19 AM

🔅 चन्द्र राशि वृषभ

🔅 सूर्यास्त 06:44 PM

🔅 चन्द्रास्त 07:32 PM

🔅 ऋतु ग्रीष्म

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:36 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत ज्येष्ठ

🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:19:58 - 12:14:25

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 07:42 AM - 08:36 AM

🔅 कंटक 05:53 AM - 06:47 AM

🔅 यमघण्ट 09:31 AM - 10:25 AM

🔅 राहु काल 03:11 PM - 04:53 PM

🔅 कुलिक 01:08 PM - 02:03 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 07:42 AM - 08:36 AM

🔅 यमगण्ड 08:22 AM - 10:05 AM

🔅 गुलिक काल 11:47 AM - 01:29 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन

🌹विशेष ~ करवीर व्रत, तृतीय ज्येष्ठ भौम (बड़का मंगल)। 🌹

पं. प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 31 मई 2022, मंगलवार का राशिफल 🌹

मेष (Aries): आर्थिक मामलों और लेन-देन के मुद्दों में सचेत रहें। विवाद से बचें अन्यथा परिवार के सदस्यों के साथ कलह के अवसर आएंगे। खाने-पीने में सावधानी रखें। आज समय से भोजन भी नहीं मिलेगा। व्यर्थ में खर्च हो सकता है। घर में और कार्यक्षेत्र में समझौते से भरा रवैया अपनाएं। आज का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

वृषभ (Tauras): आज का दिन लाभ से भरा होगा। शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ रहेगें। आप अपनी कलात्मकता और सृजनात्मकता का उपयोग कर पाएंगें। आर्थिक मामलों में योजना बना सकेगें और धन लाभ होने की भी संभावना है। परिवार के साथ आपका समय आनंदपूर्ण बीतेगा। आज नए कपड़े व गहने खरीद सकते हैं। आमोद प्रमोद में दिन बीतेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मिथुन (Gemini): आज अपनी वाणी और व्यवहार में सावधानी रखें। बातचीत से कोई गलतफहमी न हो, उसका ध्यान रखें। आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। विशेषकर आंखों में तकलीफ हो सकती है। आज खर्च का दिन है। मानसिक चिंता बनी रहेगी। किसी भी प्रकार के अकस्मात से बचें। ईश्वर की भक्ति और आध्यात्मिक बातों में रुचि लेने से मन को कुछ शांति मिलेगी।

शुभ रंग = फीरोजा़

शुभ अंक : 6

कर्क (Cancer): नौकरी और व्यवसाय में अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। धन लाभ होने की संभावना है। मित्रों, विशेष कर स्त्री मित्रों से लाभ होगा। दोस्तों के साथ प्रवास और पर्यटन पर जा सकते हैं। प्रिय व्यक्ति के साथ समय बिताएंगें। आर्थिक योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी होंगी। विवाहोत्सुक युवक-युवतियों के लिए विवाह योग की संभावना है। शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): दृढ़ आत्मविश्वास और मनोबल से सभी कार्य सफलतापूर्वक पूरे होंगे। व्यवसाय के क्षेत्र में बौद्धिक प्रतिभा दिखेगी। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। उच्च पदाधिकारियों को अपने काम से प्रभावित कर सकेंगे। पिता की तरफ से लाभ होगा। संपत्ति, वाहन सम्बंधी कार्य अत्यंत सरलतापूर्वक पूरा कर सकेंगे। सरकारी कामकाज में सफलता मिलेगी। पारिवारिक सुख प्राप्त होगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): आपका आज का दिन आनंददायक बीतेगा। आर्थिक लाभ होगा। विदेश में रहनेवाले सगे-संबंधियों के समाचार मिलेगें जिससे आप काफी प्रसन्न रहेगें। धार्मिक कार्य या धार्मिक यात्रा के पीछे खर्च करेगें। भाई-बहनों से लाभ होने की संभावना है। विदेश जाने के इच्छुक लोगों को विदेश जाने के लिए अनुकूल अवसर मिलेगें।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7
तुला (Libra): आज कोई नया काम आरंभ न करें। अपनी वाणी और व्यवहार को नियंत्रण में रखें अन्यथा गलतफहमी हो सकती है। दोस्त के रूप में छिपे शत्रुओं से सावधान रहें। स्वास्थ का पूरा ख्याल रखें। गूढ़ विद्या की ओर आपका आकर्षण बढ़ेगा। साधना सिद्धि के लिए आज का दिन अच्छा है। काफी कोशिश के बाद आप मानसिक शांति प्राप्त कर पाएंगें।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

वृश्चिक (Scorpio): आप आज के दिन को पूरी तरह से आमोद प्रमोद में बिताना पसंद करेगें। दैनिक कार्यों से मुक्त होकर अपने लिए थोड़ा समय निकाल सकेंगे। मित्रों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बनेगा। उत्तम भोजन मिलेगा। नए वस्त्र आभूषण प्राप्त होगें। व्यापार और भागीदारी में लाभ होगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण रहेगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): आज का दिन शुभ है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यश कीर्ति और आनंद की प्राप्ति होगी। कुटुंबीजनों के साथ आनंद में समय व्यतीत होगा। प्रतिस्पर्धियों और शत्रुओं पर विजय मिलेगी। कार्यालाय में सहकर्मियों और अधीनस्थ व्यक्तियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। स्त्री मित्रों के साथ मुलाकात होगी। अधूरे कार्य पूरे होंगे। आर्थिक लाभ की संभावना है।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

मकर (Capricorn): मानसिक रूप से अशांत और असमंजस में रहेंगे। आप कोई भी ठोस निर्णय नहीं ले पाएंगे। आज आप कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय न लें। भाग्य आपके साथ नहीं रहेगा जिससे आपको निराशा का अनुभव होगा। संतान के विषय में चिंतित रहेंगें। घर में बुजुर्गों की तबीयत खराब हो सकती है। पेट-दर्द से परेशानी होगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

कुंभ (Aquarius): अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण आज आप मानसिक बेचैनी और अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। इस कारण जिद्दीपन आएगा। सार्वजनिक रूप में मानहानि न हो, इसका ध्यान रखें। स्थावर संपत्ति, वाहन आदि के दस्तावेज करने में सावधानी रखें। सौंदर्य प्रसाधन, वस्त्र और आभूषणों की खरीदारी में महिलाएं खर्च करेगीं। पढ़ाई में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces): महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए आज का दिन शुभ है। विचारों में दृढ़ता रहेगी। कार्य अच्छी तरह से पूरे होंगे। सृजनात्मक और कलात्मक शक्ति में वृद्धि होगी। दोस्तों के साथ किसी प्रवास पर जा सकते हैं। भाई-बहनों से लाभ होगा। कार्य की सफलता आपके मन को आनंदित करेगी। सार्वजनिक जीवन में मान-सम्मान मिलेगा। अपने प्रतिस्पर्धियों को परास्त कर सकेंगे।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 5

प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844

प्राथमिक चिकित्सक सहयोग समिति की एकदिवसीय बैठक।

Posted: 30 May 2022 08:31 AM PDT

प्राथमिक चिकित्सक सहयोग समिति की एकदिवसीय बैठक।

छपरा से संवाददाता मुकेश कुमार की खबर 
छपरा के तरैया थाना क्षेत्र के नेवारी स्थिति डॉक्टर रामप्रवेश राय के आवास पर प्राथमिक चिकित्सक सहयोग समिति की एक दिवसीय बैठा की गई। वही संगठन के उपाध्यक्ष डॉ रमेश सिंह ने बताया कि संगठन मजबूत होगा तभी हम लोग मजबूत हो सकते हैं। वही संगठन के सचिव डॉक्टर मनोज कुमार पंडित ने बताया कि 26 जून 2022 को प्राथमिक चिकित्सक सहयोग समिति के पांचवी स्थापना दिवस मनाई जाएगी। जिसको लेकर सोमवार को संस्था सभी चिकित्सक उपस्थित रहे। और संगठन को और मजबूत करने के लिए संस्था में डॉक्टरों को जोड़ने की अपील की गई। वहीं उपस्थित सभी डॉक्टरों ने प्राथमिक चिकित्सक सहयोग समिति के संगठनों को काफी सराहना की, मौके पर उपस्थित डॉक्टर रामप्रवेश राय, डॉ०हरेंद्र सिंह, डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ विश्वनाथ राय, डॉ० बिनोद सिंह, शिक्षक मुकेश अभिनंदन के साथ संगठन के अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
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बंदे मातरम फाउंडेशन 5 जून को करेगा पौधारोपन

Posted: 30 May 2022 08:27 AM PDT

बंदे मातरम फाउंडेशन 5 जून को करेगा पौधारोपन

जितेन्द्र कुमार सिन्हा,
पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को पटना में बंदे मातरम फाउंडेशन करेगा पौधारोपन। उक्त जानकारी फाउंडेशन के अध्यक्ष राजन कुमार सिन्हा ने दी।
उन्होंने बताया कि गुरुवार को संध्या में कोर कमिटी की एक बैठक आहूत की गई थी, जिसमें अनेक बिन्दुओं पर गहन चर्चा की गई और इस बिन्दु पर भी निर्णय लिया गया कि 5 जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर पटना में चयनित स्थलों पर फाउंडेशन के पदाधिकारियों और सदस्यों के द्वारा पौधारोपन किया जाएगा।
राजन कुमार सिन्हा ने यह भी बताया कि फाउंडेशन द्वारा प्रत्येक रविवार को चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा, जिसमें सभी लोग के साथ-साथ मध्यम वर्ग के लोगों के लिए चिकित्सा के साथ रियायती दर पर डायलेशिस आदि की सुविधा भी मुहैया कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मध्यम वर्ग के लोगों के लिए स्वयं सेवी संस्थाएं कोई विशेष योजना नही चलाती है, इसलिए बंदे मातरम फाउंडेशन इस दिशा में काम करने का निर्णय लिया है।

फाउंडेशन का बैठक पटना के आर पी एस मोड़ स्थित फाउंडेशन के महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष चन्दा दास के आवास पर की गई। उक्त बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष -सह- मीडिया सलाहकार जितेन्द्र कुमार सिन्हा, प्रवक्ता अनुराग समरूप, कोषाध्यक्ष सूरज कुमार, सुजीत कुमार, प्रियंका, निरंजन कुमार उपस्थित थे।
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स्वा. सावरकरजी के विचारों की उपेक्षा करने के कारण ही पाक और बांग्लादेश जैसे देश कुरापत कर रहे हैं ! - श्री. नरेंद्र सुर्वे

Posted: 30 May 2022 06:39 AM PDT

स्वा. सावरकर जयंती निमित्त 'वीर सावरकर की दृष्टि से वर्तमान भारत' इस विषय पर संवाद !

स्वा. सावरकरजी के विचारों की उपेक्षा करने के कारण ही पाक और बांग्लादेश जैसे देश कुरापत कर रहे हैं !
 - श्री. नरेंद्र सुर्वे

      स्वतंत्रता वीर सावरकर दूरदर्शी क्रांतिकारी थे । भारत को स्वतंत्रता मिलने के उपरांत चीनपाकिस्तान जैसे आसपास के देशों की स्थिति को देखते हुए भारत की सुरक्षा की दृष्टि से विदेश नीति क्या होनी चाहिएइस विषय में उन्होंने सजगता से विचार प्रस्तुत किए थे । देश की सीमा सुरक्षित रहने के लिए भारतीय युवकों का सैनिकीकरण होना चाहिएयह स्वंतत्रतावीर सावरकरजी की भूमिका थी । उन्होंने गांव गांव जाकर इससे संबंधित बडी मात्रा में कार्य किया । दुर्भाग्यवश स्वतंत्रता के पश्चात गत 70 वर्षाें में राज्यकर्ताओं ने स्वतंत्रता वीर सावरकरजी के इन विचारों की उपेक्षा की । परिणामस्वरूप तेजस्वी धरोहर प्राप्त महान भारत की भूमि चीन ने हडप ली तथा पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे छोटे देश कुरापात कर रहे हैंऐसा प्रतिपादन हिन्दू जनजागृति समिति के प्रवक्ता श्रीनरेंद्र सुर्वे ने किया । वे हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित 'वीर सावरकर की दृष्टि से वर्तमान भारत'इस ऑनलाइन विशेष संवाद में बोल रहे थे ।

       इस समय सुप्रसिद्ध व्याख्याता तथा लेखक श्रीदुर्गेश परुळकर ने कहा कि, सावरकरजी सदैव व्यक्तिगत हित के स्थान पर राष्ट्र का हित और राष्ट्र की सुरक्षा को ही सर्वाेच्च प्राथमिकता देते थे और इस कारण उन्हें समझना लोगों को कठिन लगता है । सावरकरजी कहते थे 'राष्ट्र का हित देखनेवाला ही मेरा मित्र तथा अहित देखनेवाला मेरा शत्रु है ।' सावरकरजी के चरित्र का प्रत्येक युवक को अध्ययन करना चाहिए । युवकों ने उनके गुण साध्य करने के लिए नहींअपितु राष्ट्र उद्धार के लिए यह अध्ययन करना चाहिए । राष्ट्र के उद्धार का ध्येय रखकर समर्पित होना चाहिए । मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण करना हमारे स्वाभिमान और अस्तित्व का प्रश्न है । राष्ट्रभक्ति,  राष्ट्रप्रेमराष्ट्रनिष्ठा का त्याग करना राष्ट्रद्रोह है । स्वदेशी का आचरण कर हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए ।

      इस समय 'इतिहासाच्या पाऊलखुणा' नामक संस्था के सचिव अधिवक्ता शुभंकर ने कहा किविदेश में जानेवाले युवकों ने स्वासावरकरजी के समान राष्ट्रप्रेम को प्राथमिकता देनी चाहिए । स्वासावरकर उनकी क्रांतिकारी संस्था 'अभिनव भारत' का कार्य बढाने के लिए विदेश गए थे । विदेश में जानेवाले युवक मातृभूमि से निष्ठा कायम रखकर विद्या का उपयोग देश के हित के लिए करें । जातिजाति में विभाजित हिन्दुओं को आज एकत्रित लाना चाहिए । धर्मांतरित हिन्दुओं की'घरवापसी' को महत्त्व देना चाहिए ।
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अयोध्या: विकास विभाग के कर्मी को हनी ट्रैप में फंसाने वाली दो महिलाएं गिरफ्तार

Posted: 30 May 2022 05:37 AM PDT

अयोध्या: विकास विभाग के कर्मी को हनी ट्रैप में फंसाने वाली दो महिलाएं गिरफ्तार

▪️ होटल में खींची फोटो, कॉल कर बोली- 5 लाख दो, नहीं तो वायरल कर दूंगी

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अयोध्या से हमारे संवाददाता अनिरुद्ध शर्मा की खबर ।
 अयोध्या में हनीट्रैप का मामला सामने आया है। एक महिला पहले अफसर से मिली। इसके बाद उनकी अधिकतर मुलाकात होने लगी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। इसके बाद महिला ने अफसर को होटल में मिलने के लिए बुलाया। यहां पर महिला ने अफसर की आपत्तिजनक हालत में फोटो खींच ली। फिर फोन कर 5 लाख रुपए की डिमांड करने लगी। पैसे नहीं देने पर फोटो वायरल करने की भी धमकी दी।
यहां सरकारी विभाग में तैनात अफसर ने कैंट थाने में तहरीर दी है। जिसमें बताया कि कुछ दिन पहले एक महिला उनके पास आई थी। फिर मेलेजोल बढ़ाने लगी। इसके बाद उसने होटल में काम के सिलसिले में मिलने के लिए बुलाया। यहां पर मुझे से कहा कि शर्ट उतारो। इसके बाद मेरी कई आपत्तिजनक हालत में फोटो खींच ली। इसके बाद कॉल पर रुपए मांगे। इतना ही नहीं कई बार महिला ने 5 लाख रुपए मांगे। फिर कहा कि चलो ठीक है 3 लाख रुपए दे दो। न देने पर झूठे केस में फंसाने और फोटो वायरल करने की धमकी दे रही थी।
कैंट थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद टीम का गठन किया। इसके बाद किरन सिंह निवासी खेमीपुर निधियांवा और खुशबू उर्फ सीमा उर्फ शमा निवासी कदमपुर को कौशलपुरी फेस-2 से गिरफ्तार किया है।
▪️गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी |

महिलाओं के पास से मिले साक्ष्यों के आधार पर पता चल रहा है कि ये महिलाएं एक गिरोह के रूप में काम कर रही थीं। गिरोह में कितने सदस्य हैं और कौन कौन शामिल है, इस पर भी जांच हो रही है। पुलिस को अंदेशा है कि ये महिलाएं कई लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी कर चुकी है।
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भारत के बँटवारे का था, हिन्दू मुस्लिम ही आधार,

Posted: 30 May 2022 05:31 AM PDT

भारत के बँटवारे का था, हिन्दू मुस्लिम ही आधार,

भारत के बँटवारे का था, हिन्दू मुस्लिम ही आधार,
लेकिन सत्ता के लालच मे, तब देश के कुछ ग़द्दार।
कुछ ने लगा लिया मुखौटा, धर्मनिरपेक्ष भाईचारे का,
कुछ ने खेल अनोखा खेला, खुद ही बन बैठे सरकार।

जिसको अपना भाई समझा, वह हमको चारा बता रहे,
पाकिस्तान में मन्दिर तोडे, मानवता को धता बता रहे।
हिन्द मिला हिन्दुओं को, मुस्लिमों का अधिकार न था,
सत्ता के भूखे कुत्तो संग, भारत पर अधिकार जता रहे।

देवबन्द में मदनी कहता, बस शरीयत को मानेंगे,
सीएए या एनआरसी, भारत को भारत न मानेंगे।
समान नागरिक संहिता, या जनसंख्या की बातें,
देश हमारे पुरखों का है, हम संविधान नहीं मानेंगे।

मुफ़्त माल में सबसे आगे, सबसे ज़्यादा आतंकी,
लूट खसोट चोरी डाका, सब खेल खेलते प्रपंची।
नहीं मोहब्बत ज़रा हिन्द से, सदा पाक से हमदर्दी,
अल्पसंख्यक कार्ड खेलते, हर दम करते नौटंकी।

अ कीर्ति वर्द्धन
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पटना में धूमधाम से मना अखंड सौभाग्य का वट सावित्री व्रत

Posted: 30 May 2022 05:28 AM PDT

पटना में धूमधाम से मना अखंड सौभाग्य का वट सावित्री व्रत

अमरेन्द्र कुमार की खास खबर
आज पटना के सभी मुहल्लों में वट सावित्री व्रत का आयोजन किया गया जैसी मान्यता है कि वट वृक्ष की पूजा करने से लंबी आयु,सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य का फल प्राप्त होता है। यह व्रत स्त्रियों के लिए सौभाग्यवर्धक, पापहारक, दुःखप्रणाशक और धन-धान्य प्रदान करने वाला होता है। मान्यता है कि वट वृक्ष की पूजा करने से लंबी आयु,सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य का फल प्राप्त होता है। यह व्रत स्त्रियों के लिए सौभाग्यवर्धक,पापहारक,दुःखप्रणाशक और धन-धान्य प्रदान करने वाला होता है।

सनातन धर्म में नियमित पूजा-पाठ और समय-समय पर आने वाले व्रत- त्योहारों का विशेष महत्व होता है। आज यानी 30 मई को ज्येष्ठ अमावस्या तिथि है और इसी के साथ आज सोमवती अमावस्या के शुभ संयोग में वट सावित्री व्रत भी मनाया जा रहा है। अखंड सुहाग की कामना से प्रतिवर्ष सुहागिन महिलाओं द्वारा ज्येष्ठ मास की अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखा जाता है। इस साल यह तिथि काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई सालों बाद 30 मई को सोमवती अमावस्या का शुभ संयोग बन रहा है। सोमवती अमावस्या के दिन किया गया व्रत,पूजा-पाठ,स्नान व दान आदि का अक्षय फल मिलता है। इस दिन बरगद के वृक्ष की पूजा कर महिलाएं देवी सावित्री के त्याग,पतिप्रेम एवं पतिव्रत धर्म का स्मरण करती हैं एवं अपने पति के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती हैं । देखा जाए तो इस पर्व के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मिलता है। वृक्ष होंगे तो पर्यावरण बचा रहेगा और तभी जीवन संभव है।

व्रत का महत्व

मान्यता है कि वट वृक्ष की पूजा करने से लंबी आयु,सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य का फल प्राप्त होता है। यह व्रत स्त्रियों के लिए सौभाग्यवर्धक,पापहारक,दुःखप्रणाशक और धन-धान्य प्रदान करने वाला होता है। अग्नि पुराण के अनुसार बरगद उत्सर्जन को दर्शाता है अतः संतान प्राप्ति के लिए इच्छुक महिलाएं भी इस व्रत को करती हैं।

वट वृक्ष की धार्मिक मान्यता

इस पेड़ में बहुत सारी शाखाएं नीचे की तरफ लटकी हुई होती हैं जिन्हें देवी सावित्री का रूप माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा,तने में भगवान विष्णु एवं डालियों में त्रिनेत्रधारी शिव का निवास होता है। इसलिए इस वृक्ष की पूजा से सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।अपनी विशेषताओं और लंबे जीवन के कारण इस वृक्ष को अनश्वर माना गया है। वट वृक्ष की छाँव में ही देवी सावित्री ने अपने पति को पुनः जीवित किया था।इसी मान्यता के आधार पर स्त्रियां अचल सुहाग की प्राप्ति के लिए इस दिन वरगद के वृक्षों की पूजा करती हैं।
पूजाविधि
वट सावित्री व्रत रखने वाली महिलाएं स्नान के बाद सुंदर आभूषण और वस्त्र पहन कर इस वृक्ष के नीचे सावित्री और सत्यवान की मूर्ति रखकर विधि-विधान से पूजा करें। कच्चे दूध और जल से वृक्ष की जड़ों को सींचकर वृक्ष के तने में सात बार कच्चा सूत या मोली लपेटकर यथाशक्ति परिक्रमा करें। लाल वस्त्र,सिन्दूर,पुष्प,अक्षत,रोली,मोली,भीगे चने,फल और मिठाई सावित्री-सत्यवान के प्रतिमा के सामने अर्पित करें।साथ ही इस दिन यमराज का भी पूजन किया जाता है। पूजा के उपरान्त भक्तिपूर्वक हाथ में भीगे हुए चने लेकर सत्यवान-सावित्री की कथा का श्रवण और वाचन करना चाहिए। ऐसा करने से परिवार पर आने वाली अदृश्य बाधाएं दूर होती हैं,घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस व्रत की पूजा में भीगे हुए चने अर्पण करने का बहुत महत्व है क्यों कि यमराज ने चने के रूप में ही सत्यवान के प्राण सावित्री को दिए थे। सावित्री चने को लेकर सत्यवान के शव के पास आईं और चने को सत्यवान के मुख में रख दिया,इससे सत्यवान पुनः जीवित हो गए।

वट सावित्री व्रत मुहूर्त
अमावस्या तिथि शुरू- मई 29,रविवार को दोपहर 02 बजकर 54 मिनट से
अमावस्या तिथि समाप्त - मई 30,सोमवार को सांय 04:59 तकहमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

बाजारवाद का शिकार मीडिया :-श्याम नाथ श्याम

Posted: 30 May 2022 05:10 AM PDT

बाजारवाद का शिकार मीडिया :-श्याम नाथ श्याम

  • पत्रकारों की हत्या लोकतंत्र पर हमला।

भारतीय मीडिया बाजारवाद का शिकार हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक प्रिंट और वेब मीडिया पर पूंजी वादियों ने कब्जा जमा रखा है। यही कारण है कि समाचार अब जन सरोकारों से कोई मतलब मायने नहीं रखता।माफिया और अपराधीतत्वों के खिलाफ लिखने वाले पत्रकारों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है। बिहार में पत्रकारों की हत्या लोकतंत्र की हत्या है। जब तक मीडिया घरानों पर पूंजीपतियों का कब्जा समाप्त नहीं होगा जन सहभागिता की परिकल्पना नहीं की जा सकती। यह कहना है बिहार प्रेस मेंस यूनियन के संस्थापक अध्यक्ष और जाने-माने पत्रकार एस एन श्याम का।
श्री श्याम दिव्य रश्मि पत्रिका के आठवें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर पत्रकारों साहित्यकारों और कवियों की एक सभा को संबोधित कर रहे थे ।समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए श्री श्याम ने कहा कि जन सरोकार और आम आवाम की समस्याये को जब मीडिया की सुर्खियां बनेगी तभी वास्तव में पत्रकारिता सार्थक होगी। इस समारोह की अध्क्षयता पटना विश्वविद्यालय के वाणिज्य महाविद्यालय के पूर्व प्रचार्य और जनसंघ के पूर्व विधायक डॉ रमाकांत पांडे ने की।डॉ रमाकांत पाण्डेय के अलावे मंच पर डॉ सच्चिदानंद प्रेमी , कमलेश पुण्यार्थ , मार्कंडेय शारदेय ,सुमेधा पाठक, अजय वर्मा, अध्यक्ष भारतीय जन क्रान्ति दल डेमो उपस्थित थें |
दिव्य रश्मि पत्रिका में विशेष योगदान के लिए पटना ब्यूरो सुबोध सिंह, जमशेदपुर ब्यूरो श्रीनिवास सिंह, साहित्य में योगदान के लिए संगीता मिश्र, डॉ रानी श्रीवास्तवा ,डॉ मीणा श्रीवास्तव ,शकुन्तला मिश्र , मार्कंडेय शारदेय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान के लिए डॉ राकेश आर्य ,जितेन्द्र सिन्हा ,वेद प्रकाश तिवारी ,पियूष रंजन एवं लव कुमार मिश्र को सम्मानित किया गया | कार्यक्रम में नीरज पाठक , राजीव कुमार विकास कुमार, देवेन्द्र प्रताप सिंह ,जितेन्द्र कुमार सिन्हा ,बिनोद कुमार सिंह ,राजेश मुकेश कुमार,पप्पू कुमार,अमरेन्द्र कुमार सिंह,पियूष रंजन सिंह,मन्दाकिनी कुमारी ,रवि शेखर सिन्हा, कन्हैया तिवारी, राकेश कुमार गुप्ता,आशीष रंजन, चन्दन कुमार ,उमेश कुमार सिंह सच्चीदानंद मिश्र , अरविन्द कुमार अकेला आदि ने अपने अपने विचार रखें |
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मुद्रा ऋण: समानता पर आधारित समृद्धि का एक सेतु :-सौम्य कांति घोष

Posted: 30 May 2022 04:56 AM PDT

मुद्रा ऋण: समानता पर आधारित समृद्धि का एक सेतु :-सौम्य कांति घोष

(लेखक भारतीय स्टेट बैंक के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं। ये उनके निजी विचार हैं)
अपने शुरुआती दिनों से ही, मोदी सरकार आजादी के बाद के छह दशकों के दौरान गुप्त रूप से बनाई गई बहिष्करण की संस्कृति को अनिवार्य रूप से बदलना चाहती थी। बहिष्करण की यह संस्कृति और कुछ नहीं बल्कि हाशिए व पिरामिड के सबसे निचले पायदान पर बैठे लोगों को छोड़कर आगे बढ़ने की संस्कृति थी! इस स्थिति ने नए नीति-निर्माताओं को हमारे विशाल देश के कोने-कोने में समानता पर आधारित उद्यमशीलता के विकास के लिए बेचैन कर दिया। इस संबंध में, दो योजनाओं यानी प्रधानमंत्री जन धन योजना और मुद्रा ऋण ने इस देश की उद्यमशीलता की भावना को एक नई आजादी के वादे के साथ यहां के वित्तीय समावेशन, जमा एवं उधार, दोनों, से जुड़े परिदृश्य को बदलकार रख दिया है।

पिछले सात वर्षों में, बैंकों (आरआरबी सहित)/एनबीएफसी/एमएफआई ने कुल मिलाकर लगभग 18.4 लाख करोड़ रुपये की राशि के 35.32 करोड़ मुद्रा ऋण वितरित किए हैं, जिसमें सबसे छोटे उधारकर्ताओं के लिए औसतन 52,000 रुपये का ऋण शामिल है। इनमें से लगभग दो-तिहाई ऋण महिला उद्यमियों के लिए स्वीकृत किए गए हैं। यह मानते हुए कि प्रत्येक इकाई में कम से कम दो व्यक्ति कार्यरत हैं, एक रूढ़िवादी आकलन के आधार पर, ये इकाइयां 10 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं।

वित्तीय समझ के मामले में थोड़े कम जानकार, लेकिन व्यावसायिक कौशल और कुछ बड़ा करने के सपनों से भरपूर लोगों की विभिन्न जरूरतों से अवगत रहते हुए सरकार ने विशेष रूप से उद्यमियों की विभिन्न श्रेणियों- शिशु, तरुण और किशोर- के हितों के संरक्षण के लिए मुद्रा ऋण की तीन श्रेणियां बनाईं। इस संबंध में मार्गदर्शक सिद्धांत यह था कि बदलते समय के साथ एक शिशु ऋणी हमेशा के लिए शिशु की श्रेणी में नहीं रहेगा, बल्कि वह एक तरुण के रूप में विकसित होगा, एक तरुण समय के साथ किशोर बन जाएगा और इसी क्रम में वह आगे समानता और समृद्धि सुनिश्चित करता जाएगा!

लेकिन, सरकार को 2014 के बाद की परिस्थितियों में कई चुनौतियों से पार पाना पड़ा। कोई कारगर व्यवस्था मौजूद नहीं थी। इस प्रस्तावित विशाल आकार की योजना को सहारा देने के लिए कोई संरचना या बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं था। सरकार ने आपसी विश्वास का माहौल बनाकर प्रचलित संस्कृति को अनुशासित किया। सरकार एक साफ–सुथरे मॉडल के जरिए इतने बड़े पैमाने पर उद्यमशीलता को बढ़ावा दे रही थी जिसे पहले कभी नहीं आजमाया गया था। विकास और आय सृजन के अवसर उपलब्ध थे, लेकिन हाशिए पर बैठे लोगों को इस बात का यकीन नहीं था कि उनकी उद्यमशीलता की भावना को बैंकिंग प्रणाली से उत्साहवर्द्धक समर्थन भी मिलेगा।

सरकार द्वारा गारंटी और भरोसे (सीजीएफएमयू) के निर्माण ने यह सुनिश्चित किया कि बैंक तथा अन्य वित्तीय मध्यस्थ ऋण स्वीकृति एवं वितरण के लिए आश्वस्त हो जायें। 10 लाख रुपये तक के ऋण पर अब केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित ट्रस्ट से गारंटी मिलती है। उधारदाताओं के पास बिना किसी अन्य संपार्श्विक प्रतिभूति के उधार देने की अतिरिक्त सुविधा है। जल्द ही यह एक सर्वव्यापी परिघटना बन गई जिसमें इस देश के आम नागरिकों ने बड़ी वित्तीय संस्थाओं के पोर्टल को अपने लिए खुला पाया!

सरकार ने इस प्रक्रिया को कारगर बनाने और इसकी निगरानी करने के लिए प्रौद्योगिकी का भी इस्तेमाल किया। इस योजना की व्यापक स्वीकृति को प्रोत्साहित करने और लोगों को इस योजना के विवरण एवं बारीकियों से परिचित कराने के लिए बैंकिंग संवाददाताओं का सहारा लिया गया।

मुद्रा योजना के माध्यम से लोगों के सफल सशक्तिकरण की कई आकर्षक कहानियां हैं। सफलता की कई ऐसी कहानियां उन महिला कर्जदारों की हैं, जिन्होंने अपने परिवारों को आजीविका सहायता प्रदान करने के मामले में खुद को अग्रणी साबित किया है और यहां तक कि उन्होंने अन्य परिवारों को भी रोजगार प्रदान किया है। उन्होंने खुद को अनौपचारिक साहूकारों के चिरस्थायी बंधन से मुक्त कर लिया है और बैंकों द्वारा प्रदान किए गए वित्तीय सहायता के सहारे आगे बढ़ी हैं। मुद्रा ऋण पाने वाले कुल लाभार्थियों में दो-तिहाई महिलाएं हैं। उनमें से कई सामाजिक रूप से वंचित समूहों से आती हैं और वे देश के सामाजिक-सांस्कृतिक ताने-बाने को बदल रही हैं।

सफलता की ये कहानियां इस बात की याद दिलाती हैं कि कोई भी सूक्ष्म व्यवसाय कठिनाइयों एवं नादानियों के जरिए, उथल-पुथल एवं चुनौतियों के जरिए ही बड़ा बन सकता है! कोई भी चुनौती उसके अदम्य साहस और जीवट को तोड़ नहीं सकती।

देश ने कोविड महामारी के दौरान उद्यमशील भारत की दृढ़ भावना को भी देखा। कुछ विद्वान लोगों ने कहा कि व्यवस्था पर काफी दबाव बनेगा, अटके हुए कर्ज कई गुना बढ़ जायेंगे। लेकिन, उन्हें विस्मित करते हुए यह व्यवस्था इतनी मजबूत थी कि बिना किसी खरोच के सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ गई। सरकार ने व्यापारी वर्ग की इस निडर नई नस्ल को सहयोग देने का अपना संकल्प बनाए रखा। सरकार ने उधारकर्ताओं के बोझ को काफी हद तक कम करने के लिए 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना भी शुरू की जोकि आज भी जारी है।

एक नया डिजिटल इंडिया उभरकर सामने आ रहा है, जो हमारी वित्तीय प्रणाली में क्रांति ला रहा है। आज, भारत में एक ऐसी सुव्यवस्थित प्रणाली है जो किसी व्यक्ति को अपने घर बैठे ही ऋण के लिए आवेदन करने हेतु बैंक के ऐप का उपयोग करने में मदद करती है। मुद्रा ऋण देने के लिए एनबीएफसी और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों ने बैंकों/आरआरबी के साथ हाथ मिलाते हुए नए अवसर पैदा किए हैं। कॉरपोरेट जगत को नई आपूर्ति श्रृंखला प्राप्त हो रही। इस प्रक्रिया का गुणक प्रभाव यह है कि ऋण के रूप में दिया गया एक रुपया चक्रीय अर्थव्यवस्था में काफी कमाई कर रहा है। इसमें उधारकर्ताओं और उनके परिवारों के लिए ऐसी सामाजिक सुरक्षा अंतर्निहित हैं, जिनके बारे में पहले कभी नहीं सोचा गया था! इससे आगे बढ़ते हुए, कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के क्षेत्र में विभिन्न सरकारी कल्याणकारी एवं प्रोत्साहन योजनाओं को मुद्रा योजनाओं के साथ बेहतर ढंग से एकीकृत किया जा सकता है। साथ ही, फिन-टेक और स्टार्ट-अप से संबंधित इकोसिस्टम का बेहतर उपयोग सीमा पार जाकर एक व्यापक एवं चहुमुखी विकास के परिप्रेक्ष्य को सामने लाने के लिए किया जा सकता है।

मुद्रा ऋण योजना सफलता की एक ऐसी कहानी है जो यह दिखलाती है कि कैसे एक सही राजनीतिक इरादा सामाजिक-आर्थिक-सांस्कृतिक शक्तियों के साथ मिलकर एक स्थायी एवं समानता आधारित बदलाव का गुणक प्रभाव पैदा सकता है। हालांकि हमारा यह मानना है कि यह एक ऐसे उद्यमी भारत के अमृत काल की सिर्फ शुरुआत भर है जिसे खुद पर काफी भरोसा है!

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत ऋण

 

वित्तीय वर्ष 2016

वित्तीय वर्ष 2017

वित्तीय वर्ष 2018

वित्तीय वर्ष 2019

वित्तीय वर्ष 2020

वित्तीय वर्ष 2021

वित्तीय वर्ष 2022

वित्तीय वर्ष 2023

कुल

स्वीकृत  पीएमएमवाई  ऋणों की संख्या (करोड़ में)

3.49

3.97

4.81

5.99

6.20

5.07

5.37

0.42

35.32

स्वीकृत राशि (लाख करोड़ रुपये में)

1.37

1.81

2.54

3.21

3.37

3.21

3.39

0.00

18.90

वितरित राशि (लाख करोड़ रुपये में)

1.33

1.75

2.46

3.11

3.29

3.11

3.31

0.00

18.37

स्रोत: एसबीआई रिसर्च, भारत सरकार की मुद्रा साइट (mudra.org.in) *20/05/2022 को अपडेट किया गया

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