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Tuesday, May 17, 2022

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मुख्यमंत्री ने वैशाली गढ़ पर निर्माणाधीन बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं बुद्ध स्मृति स्तूप का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवष्यक दिशा-निर्देश

Posted: 16 May 2022 09:13 AM PDT

मुख्यमंत्री ने वैशाली गढ़ पर निर्माणाधीन बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं बुद्ध स्मृति स्तूप का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवष्यक दिशा-निर्देश 

  • वैशाली जाने के क्रम में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी सेतु के पूर्वी लेन पर चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का जायजा लिया

पटना, 16 मई 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज वैशाली स्थित वैशाली गढ़ पर निर्माणाधीन बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं बुद्ध स्मृति स्तूप का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि यह संग्रहालय बिहार सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है।

निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं बुद्ध स्मृति स्तूप में चल रहे निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली एवं काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने मेडिटेशन सेंटर, लाइब्रेरी, विजिटर्स हॉल, गेस्ट हाउस, जलापूर्ति, तालाबों में स्वच्छ जल के संग्रहण आदि को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं बुद्ध स्मृति स्तूप के निर्माण कार्य में पहले से ही काफी विलंब हो चुका है इसलिए निर्माण कार्य में तेजी लाकर कार्य जल्द पूर्ण करें। कैम्पस में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मिट्टी भराई का काम तेजी से कराएं। उन्होंने कहा कि मिट्टी भराई के साथ-साथ पूरे कैम्पस में जहां-जहां मुनासिब हो वृक्षारोपण का कार्य भी सुनिश्चित करें। यहां के तालाबों में संग्रहित पानी को स्वच्छ करने की दिषा में पहल करें।

निरीक्षण के पश्चात् मुख्यमंत्री ने बुद्ध रेलिक स्तूप जाकर भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना की एवं राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। बुद्ध रेलिक स्तूप के पुजारी ने मुख्यमंत्री को भगवान बुद्ध की मूर्ति भेंटकर उनका अभिनंदन किया। स्थानीय नेताओं ने भी मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबको मालूम है कि हमने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय बनाने का निर्णय बहुत पहले किया था। वर्ष 2010 के जनवरी में हम यहां आकर कई दिनों तक रूके थे और हमने यहां पर एक-एक चीज को देखा था। बीच में भी हमने कई बार आकर इसे देखा है। हवाई सर्वे के दौरान भी कई बार हमने इस स्थल का जायजा लिया है। पिछले दो साल से कोरोना के कारण काम में थोड़ी दिक्कत सामने आयी। हमने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तेजी से इसका काम पूरा करें। लोगों को यहां आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसका ख्याल रखें। अधिकारियों ने हमको बताया है कि दिसंबर तक इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो जायेगा।

पटना से सड़क मार्ग द्वारा वैशाली जाने के क्रम में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी सेतु के पूर्वी लेन पर चल रहे जीर्णोद्धार के कार्यों का जायजा लिया। मुआयने के क्रम में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी सेतु के पूर्वी लेन के सुपर स्ट्रक्चर एवं पूर्वी लेन को अंतिम रूप देने के लिए किए जा रहे कार्यों के विषय में अधिकारियों से पूरी जानकारी ली।

इस अवसर पर भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चैधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, कला संस्कृति एवं युवा विभाग की सचिव श्रीमती वंदना प्रेयसी, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, तिरहुत प्रमण्डल के आयुक्त श्री मनीष कुमार, वैषाली के जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा, वैषाली के पुलिस अधीक्षक श्री मनीष सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुये मुख्यमंत्री

Posted: 16 May 2022 09:10 AM PDT

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुये मुख्यमंत्री

पटना, 16 मई 2022:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज भगवान बुद्ध की 2566वीं जयंती के अवसर पर बुद्ध स्मृति पार्क में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री ने बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध, बोधिवृक्ष एवं आनंद बोधि वृक्ष की पूजा-अर्चना की। बौद्ध भंते ने मुख्यमंत्री को पूजा अर्चना कराई। मुख्यमंत्री ने बुद्ध स्मृति पार्क स्थित पाटलिपुत्र करुणा स्तूप में भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थि के सामने भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना की, परिक्रमा की और ध्यान किया। उन्होंने बौद्ध भिक्षुओं के साथ बैठकर विश्व शांति के लिए मंगल कामना की तथा राज्य एवं देश की सुख, समृद्धि एवं अमन चैन की कामना की। मुख्यमंत्री को बौद्ध भंते द्वारा बुद्ध स्मृति पार्क में प्रतिस्थापित बुद्ध की प्रतिमा तथा बोधगया का बोधिवृक्ष तथा श्रीलंका के अनुराधापूरम से लाये गए वृक्ष की पूजा अर्चना करायी गई।

मुख्यमंत्री ने विपश्यना केंद्र जाकर वहां की सारी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और वहां ध्यान भी किया। विपश्यना केंद्र के संचालकों ने विपश्यना केंद्र के निर्माण एवं वहां उपलब्ध करायी जानेवाली सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
विपश्यना केंद्र में ध्यान के पश्चात् अपने शुभ संकल्प संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि विपश्यना केंद्र बनाने को लेकर एक टीम जिस दिन मुझसे मिली थी उसी दिन इसके विशेषज्ञ सत्यनारायण गोयनका जी का निधन हो गया था। यह संयोग है कि जब यह तय किया गया तो वो उसी दिन चले गए। उन्हीं की आवाज में 10 मिनट का यह ध्यान किया जाता है। उनकी अच्छी आवाज थी। वैसे तो हमलोग पहले से ही इसे बना रहे थे। जब विपश्यना के बारे में पूरी जानकारी मिल गई तो यह तय किया कि यहां विपश्यना केंद्र बनाया जाएगा। आप ही लोगों के अनुरूप और आपके अनुकूल इसे बना दिया गया। मुझे बड़ी खुशी हुई जब यह बनकर तैयार हो गया। मुझे पूरा भरोसा है कि विपश्यना के बारे में लोग जानेंगे। इसकी सबसे पहले शुरुआत मुंबई में हुई थी। अब यहां पर शुरु हो गया है बहुत अच्छी बात है। इसको प्रचारित कीजिए ताकि लोग इसके बारे में जानें। अब तो बच्चे-बच्चियां भी यहां आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भी सुबह टहलने के बाद 10 मिनट विपश्यना प्रक्रिया करते हैं तो काफी अच्छा महसूस होता है। यहां पर आकर 10 दिनों तक लोग पूरे तौर पर एक-एक चीज को समझेंगे और एक-एक चीज का अध्ययन करेंगे। यहां विपश्यना में आने वाले लोगों के लिए रहने, खाने की व्यवस्था की गई है। एक-एक चीज का ख्याल रखा गया है। कहां पर उन्हें सिखाया जाएगा, कहां पर वो आराम करेंगे, कहां पर भोजन का इंतजाम होगा, ये सब काम करा दिया गया है। दो साल से इधर कोरोना के कारण यहां आने का मौका नहीं मिला। इस बार आने का मौका मिला तो हमें बहुत खुशी हुई है। यहां की गई व्यवस्थाओं के संबंध में आपलोगों से जानकारी मिली है। आपलोग इसका संचालन बेहतर ढंग से करते रहें। हमलोगों का पूरा का पूरा सहयोग है। हमारे अधिकारीगण इसके लिए तत्पर हैं। किसी प्रकार की कोई जरुरत होगी तो उसे उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैशाली का अलग महत्व है। यहां बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय बहुत अच्छे ढंग से बनाया जा रहा है। बिहार में टूरिस्ट की संख्या बढ़ती जा रही है। देश के लोग तो यहां आते ही हैं विदेशों से भी भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। पर्यटक बोधगया और राजगीर तो जाते ही हैं हम चाहते हैं कि वे वैशाली भी जाएं। बोधगया में भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। राजगीर में वे उपदेश देते थे, यहां आकर रहते भी थे। राजगीर में वो जहां रहते थे उसका भी एक्सपेंशन किया गया है। भगवान बुद्ध ने वैशाली में पहली बार महिलाओं का बौद्ध संघ में प्रवेश कराया था। यहाॅ जहाॅ बुद्ध स्मृति पार्क बना हुआ है, वहां पहले जेल हुआ करता था। हमलोग भी जे0पी0 मुवमेंट में यहां जेल में रहे थे। उन्होंने कहा कि बुद्ध स्मृति पार्क में लोग आएंगे और सब कुछ जानेंगे। बच्चे-बच्चियां भी यहां उपस्थित हैं मुझे देखकर काफी खुशी हो रही है। ये अच्छी बात है कि बच्चे-बच्चियों को भी इसमें रुचि बढ़ रही है, इससे उनका ज्ञान बढ़ेगा और मन भी मजबूत होगा। आपस में प्रेम का भाव रखना है, किसी से विवाद नहीं करना है, ये सब बातें लोग यहां आकर सीखेंगे यह अच्छी बात है। मुझे आज यहां आने का मौका मिला और यहां आकर खुशी हो रही है।

इसके पष्चात् मुख्यमंत्री ने बुद्ध म्यूजियम का भी भ्रमण किया।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चैधरी, पटना नगर निगम की मेयर श्रीमती सीता साहू, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी श्री मनीष कुमार वर्मा, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह, नगर आयुक्त श्री अनिमेष पराशर, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मानवजीत सिंह ढिल्लो, बिहार राज्य नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव श्री अरविंद सिंह, बौद्ध भंते सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम के पश्चात् पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबको मालूम है कि वर्ष 2007 में निर्णय लिया गया था कि यहां पर बुद्ध स्मृति पार्क बनाया जायेगा। बुद्ध स्मृति पार्क जब बनकर तैयार हुआ तो यहां सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी गई। हम यहां हमेशा आते रहे हैं। पिछले दो वर्ष से कोरोना के कारण यहां नहीं आ पाए थे। आज यहां आकर हमें बहुत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां के बुद्ध म्यूजियम में भी बुद्ध से जुड़ी हुई चीजें लोग आकर देखते हैं। बच्चे-बच्चियां भी यहां आकर बुद्ध से संबंधित कई प्रकार की जानकारियां प्राप्त करते हैं। यहां कई प्रकार के कार्य किए गए हैं, बोधि वृक्ष भी लगाए गए हैं। लोगों को यहां आकर काफी प्रसन्नता होती है। यहां टूरिज्म को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भी आयोजन हुआ था। बुद्ध स्मृति पार्क को एक विशिष्ट जगह के रुप में विकसित किया गया है। आज भगवान बुद्ध के स्मृति का दिन है। यहां लोग आएंगे तो उन्हें कई प्रकार की जानकारी मिलेगी, उनका ज्ञान बढ़ेगा, अच्छी समझ विकसित होगी और वे जीवन में अच्छे मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। विकास के लिए बेहतर ढंग से काम करेंगे। दुनिया के कई देशों में भगवान बुद्ध को लोग मानते हैं। इस विषेष मौके पर हम उन्हें नमन करते हैं।

जातिगत जनगणना के संबंध में पत्रकारों के द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको लेकर एक बार ऑल पार्टी मीटिंग की जाएगी। सभी दलों के लोग इस पर अपना सुझाव देंगे। उसके बाद फाइनल रुप देकर इसे कैबिनेट से स्वीकृति लेकर आगे काम किया जाएगा। ऑल पार्टी मीटिंग के लिए जल्द ही सभी दलों से एक तिथि तय किया जाएगा। बैठक में एक-एक चीजों पर चर्चा कर सभी कुछ तय किया जाएगा। राज्य में जातीय जनगणना किस प्रकार किया जाएगा इस पर चर्चा होगी। जातीय जनगणना ठीक प्रकार से हो उसके लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लगाया जाएगा। सभी दलों के सुझाव पर सरकार एक अंतिम नियम बनाकर उस पर आगे काम करेगी।

मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मंत्रिमंडल का विस्तार होगा तो आपलोगों को पता चल जाएगा।

इसके पष्चात् मुख्यमंत्री ने 1 अणे मार्ग तथा 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुँचकर बौद्ध शिला तथा बोधिवृक्ष की पूजा अर्चना की।
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महादेव का नंदी

Posted: 16 May 2022 09:02 AM PDT

महादेव का नंदी

         ---:भारतका एक ब्राह्मण.
           संजय कुमार मिश्र 'आणु'
----------------------------------------
साम्मुख बैठ कह रहा था
देखो उधर हीं हैं मेरे महादेव बंदी
वो विधर्मी आक्रांता
लूटकर मेरी अस्मिता
कर मस्जिद का निर्माण
दिलवा रहा था अजान
बुरा सोच ले जुबान अपनी गंदी
साढे तीन सौ साल की प्रतीक्षा
मिट गई आज
आज सोमवार के दिन
बच गई सनातन की लाज
लगा दी गई अजान पर पाबंदी
सच्चाई मिटती नहीं कभी
चाहे लाख हो परेशान
चार-चार तहखाने से मिले हैं
सनातन धर्म के अमिट निशान
धूल चाट गई तेरी सारी अक्लमंदी
महादेव का नंदी
गुंज उठा हर हर महादेव का नारा
उस जगह पर आज दुबारा
जब प्रकट हुए महादेव
सब चकित रह गया देख नजारा
अब देखना है न्याय की रजामंदी
--------------------------------------
वलिदाद,अरवल(बिहार)
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देख लिया न ज्ञानवापी

Posted: 16 May 2022 09:01 AM PDT

देख लिया न ज्ञानवापी

      ---:भारतका एक ब्राह्मण.
         संजय कुमार मिश्र'अणु'
----------------------------------------
अरे ओ पापी
देख लिया न ज्ञानवापी
तुम तो करते रहे आनाकानी
यहां न होगा निरीक्षण परीक्षण
और न किसी तरह की छेडखानी
जब तटस्थ हुआ न्यायालय
तब याद आने लगी सबको नानी
बिना समय गंवाए कर आपाधापी
ओ तेरा मुगल
करता रहा मेरे देश समाज से छल
और तुम सब भी बहकावे में
कलाबाजी दिखाता उछल-उछल
कभी परीणाम न भांपी
ये देश चलता है संविधान से
न कि फतवा,कुरान,अजान से
और तुमसब जानते हुए भी
चुपचाप बैठा रहा अंजान से
कभी जन भावना न नापी
आज कह रहा हर ईट और पत्थर
कि तुमने जमींदोज किया था शंकर
सामने बैठा नंदी रहा प्रतीक्षारत
एक दिन मिलेगा इनसबको उत्तर
क्यों आस्था मिनार से थी ढांपी
जो कलतक झूठ परोसते रहा
आज उसने भी यही कहा
जो है सच्चाई    झूठलाओ मत भाई
और ये बात सुन तेरी रुह कांपी
अरे ओ पापी
देख लिया न ज्ञानवापी
ये बात तो मानता है खुद
बस चौदह सौ साल हीं है मेरा वजूद
फिर भी सब नकारता रहा
दिखा अपनी खौफ कर उछलकूद
लगाकर सब तरफ जान जी
अरे ओ पापी
देख लिया न ज्ञानवापी
----------------------------------------
वलिदाद,अरवल(बिहार,)
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बुद्धपूर्णिमा पर मोदी पहुंचे लुम्बिनी माया देवी मंदिर में की पूजा

Posted: 16 May 2022 08:57 AM PDT

बुद्धपूर्णिमा पर मोदी पहुंचे लुम्बिनी माया देवी मंदिर में  की पूजा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के लुंबिनी में स्थित मायादेवी मंदिर में पूजा की। इस दौरान उनके साथ नेपाल के प्रधानमंत्री देउबा भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेपाल दौरे के लिए लुंबिनी पहुंचे। वो बुद्ध पूर्णिमा के कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। लुंबिनी पहुंचने पर नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी के नेपाल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर बातचीत की संभावना जतायी जा रही है। इसके साथ ही पीएम मोदी कई मंदिरों के दर्शन करेंगे। बुद्धपूर्णिमा के अवसर पर नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के निमंत्रण पर नेपाल के लुंबिनी की यात्रा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के लिए रवाना हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुंबनी में कुछ घंटे के लिए रुके। गौतम बुद्ध की पवित्र जन्मस्थली लुंबनी में रूककर पीएम मोदी देश और विश्व को शांति का संदेश दिया। इसके बाद वो मायादेवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने गये। पीएम मोदी लुंबिनी मठ क्षेत्र में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर फॉर बौद्ध कल्चर एंड हेरिटेज के शिलान्यास समारोह में भी हिस्सा लिया।  
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ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का कार्य पूर्ण

Posted: 16 May 2022 08:54 AM PDT

ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का कार्य पूर्ण

वाराणसी। ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे का काम पूरा हो गया है। पिछले तीन दिनों से जारी सर्वे का काम आज पूरा हुआ है। बता दें कि कल कोर्ट में सर्वे की फाइनल रिपोर्ट पेश की जाएगी। ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे का आज तीसरा दिन है। सर्वे का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका था। बता दें कि कल यानी 17 मई को कोर्ट में सर्वे की फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाएगी। वाराणसी कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे 17 मई तक पूरा करने और विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। ज्ञानवापी सर्वे मामले में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि कि सर्वे पूरा होने की संभावना है। सर्वे का लगभग 80 फीसद काम पूरा हो गया था।
ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में सर्वे का काम सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच परिसर से बाहर निकले सर्वे टीम में शामिल वादी पक्ष के पैरोकार सोहनलाल आर्य ने मीडिया से कहा कि सर्वे में बाबा मिल गए। उन्होंने दावा किया कि गुंबद, दीवार और फर्श के सर्वे के दौरान कई साक्ष्य दबे हुए से दिखे। आर्य ने आगे कहा कि ज्ञानवापी परिसर के भीतर तालाब में शिवलिंग भी मिला। कितना बड़ा शिवलिंग है, इस बात का खुलासा उन्होंने नहीं किया है। चैपाई के माध्यम से सोहन लाल ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि जिन खोजा तिन पाइया।। "बाबा मिल गए"।
इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि सर्वे में शामिल एक सदस्य वरिष्ठ पत्रकार डॉ रामप्रसाद सिंह- को ज्ञानवापी परिसर में जाने से पुलिस ने रोक दिया था। कुछ देर बैठाने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। सर्वे की जानकारी लीक करने के आरोपों में ये कार्रवाई की गई थी। वहीं वादी पक्ष के अधिवक्ता विष्णु जैन अस्वस्थ होने के कारण पहले ही निकल गए। सूत्रों के मुताबिक आज तहखाने के अंदर एक हिस्से में जमा मलबे व पानी को निकाल कर वीडियोग्राफी कराई गई। वहीं ज्ञानवापी के गुंबद की फिर वीडियोग्राफी हुई। इसकी बनावट की हाई लैंस कैमरे से फोटोग्राफी भी की गई। अदालत के आदेश के बाद शनिवार और रविवार को चार-चार घंटे में 80 से 85 फीसदी ही सर्वे ही हुआ था।17 मई को सर्वे रिपोर्ट वाराणसी की सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट में पेश की जाएगी। इस मामले में यूपी प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि काशी में ज्ञानवापी मस्जिद में चल रहे सर्वे की जानकारी सीएम योगी आदित्यनाथ को दी गई है। 

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17 मई 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 16 May 2022 08:36 AM PDT

17 मई 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
17 मई 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:
!! दैनिक पंचांग !!
🔅 तिथि :प्रतिपदा 07:47 AM तदुपरांत द्वितीया रात्रिशेष 05:19
🔅 नक्षत्र अनुराधा 12:25 PM
🔅 करण :
                कौलव 06:27 AM
                तैतिल 06:27 AM
🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग शिव 10:37 PM

🔅 वार मंगलवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:23 AM

🔅 चन्द्रोदय 08:00 PM

🔅 चन्द्र राशि वृश्चिक

🔅 सूर्यास्त 06:37 PM

🔅 चन्द्रास्त 05:46 AM

🔅 ऋतु ग्रीष्म

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:25 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत वैशाख

🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:19:11 - 12:12:52

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 07:44 AM - 08:38 AM

🔅 कंटक 05:57 AM - 06:50 AM

🔅 यमघण्ट 09:31 AM - 10:25 AM

🔅 राहु काल 03:07 PM - 04:47 PM

🔅 कुलिक 01:06 PM - 02:00 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 07:44 AM - 08:38 AM

🔅 यमगण्ड 08:24 AM - 10:05 AM

🔅 गुलिक काल 11:46 AM - 01:26 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल उत्तर

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

🌹विशेष ~ देवर्षि नारद जयन्ती (वीणा वादनं) ज्येष्ठमास की भौम (मंगल) पूजा अनुष्ठान प्रारंभ। 🌹
🌹पं. प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 17 मई 2022, मंगलवार का राशिफल 🌹

मेष (Aries): शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। धर्म का काम करने में धन खर्च की स्थिति आएगी। लुभावने ऑफरों में न पड़ें। जमीन, मकान आदि के दस्तावेजों में ठगी होने की संभावना है। माताजी का स्वास्थ्य खराब होगा। निर्णय शक्ति डवांडोल रहने से दुविधा में फंसे रहेंगे। किसी का जमानतदार बनने के प्रति चेतावनी देते हैं।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5
वृषभ (Tauras): आज आपकी आय और व्यापार में वृद्धि होने का योग है। व्यापार में नए लाभदायक संपर्क होंगे। कुटुंबीजनों और मित्रों के साथ हंसी-खुशी से पल बिताने का अवसर मिलेगा। प्रवास-पर्यटन का योग है। आज विशेषरूप से महिला वर्ग से लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ सम्बंधों में प्रगाढ़ आत्मीयता का अनुभव करेंगे। भाई-बंधुओं से और बुजुर्गों से लाभ होंगे। शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini): आज आपका हरेक कार्य सरलतापूर्वक सम्पन्न होगा। घर, ऑफिस तथा सामाजिक क्षेत्र में अनुकूल वातावरण बनने से प्रसन्नता का अनुभव करेंगे। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। उच्च पदाधिकारियों के सहयोगपूर्ण व्यवहार के कारण आपकी प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा। गृहस्थ जीवन में आनंद छाएगा। और उत्तम सांसारिक सुख प्राप्त कर सकेंगे। सरकारी कार्यों में आनेवाले अवरोध दूर होंगे और मार्ग आसान बनेगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7

कर्क (Cancer): भाग्यवृद्धि के अवसर आपकी प्रसन्नता में वृद्धि करेंगे। विदेश से शुभ समाचार मिलेगा। धार्मिक कार्य, देवदर्शन और यात्राधाम की मुलाकात से आनंद होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ अच्छी तरह समय व्यतीत कर सकेगें। विदेश जाने के इच्छुक लोगों की संभावना के साथ नौकरी पेशावालों को भी लाभ होने की संभावना देख रहे हैं।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): आपको स्वास्थ्य के बारे में विशेष ध्यान रखने की चेतावनी देते हैं। बीमारी के कारण दवाखाने में खर्च करना पड़ेगा। क्रोध और वाणी को वश में रखना पड़ेगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ मनमुटाव होगा। बाहर खाने-पीने से तबीयत खराब हो सकती है। आपके मन पर नकारात्मक विचार हावी होंगे। अनैतिक कार्यों में शामिल न हों, इसका ध्यान रखें। इस समय आध्यात्मिकता का सहारा मन को राहत देगा।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

कन्या (Virgo): सामाजिक और सार्वजनिक क्षेत्र में लाभ के साथ ख्याति प्राप्त होगी। स्त्री वर्ग से विशेष लाभ होगा। दांपत्यजीवन में परम सुख के पलों का अनुभव होगा। नए वस्त्रालंकारों की खरीदारी करेंगे तथा पहनने का अवसर भी आएगा। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के साथ परिचय होगा। मैत्री स्थापित होगी। भागीदारी के लिए समय अनुकूल है। प्रवास- पर्यटन की संभावना है।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

तुला (Libra): नौकरीपेशा लोगों के लिए अत्यंत लाभदायक दिन है। काम में यश और सफलता मिलेगी। पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा। प्रतिस्पर्धियों के समक्ष विजय मिलेगी। ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। ननिहाल पक्ष की तरफ से अच्छे समाचार मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। बौद्धिक चर्चा में भाग लेने का अवसर आएगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। धन की योजना बनाने के लिए यह अच्छा दिन है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio):आज आपमें शारीरिक व मानसिक स्फूर्ति और ताजगी का अभाव रहेगा। परिवार में क्लेश कलह का वातावरण रहने से आपका मन उदास रहेगा। अनिद्रा सताएगी। माताजी का स्वास्थ्य खराब होगा। सार्वजनिक जीवन में अपमानित होने का अवसर आएगा। धन की हानि होगी। स्त्रीवर्ग से कोई हानि पहुंचेगी। नदी, तालाब तथा समुद्र जैसे जलाशयों से संभलकर रहें।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

धनु (Sagittarius): आपका आज का पूरा दिन सुखमय बीतेगा। अनुकूल परिस्थिति निर्मित होने पर आप हरेक कार्य आज सरलतापूर्वक पूरा कर सकेंगे। मन में प्रसन्नता रहेगी। व्यापार-धंधे में आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे। भागीदारी में लाभ होगा। भाई-बहनों के साथ अच्छी तरह समय व्यतीत करेंगे। कोई नया कार्य आज शुरू कर सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। मित्रों, स्वजनों की मुलाकात से परिवार में खुशी का वातावरण रहेगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

मकर (Capricorn): मन की दुविधा आप में निर्णयशक्ति का अभाव पैदा करेगी जिससे उलझन का अनुभव होगा। तबीयत थोड़ी नरम-गरम रहेगी। वाणी पर संयम नहीं होगा और वाद-विवाद में पड़ने से स्वजनों के साथ मनमुटाव होगा। कार्य में कम सफलता मिलेगी। अनावश्यक खर्च और धनहानि का योग है। विद्यार्थियों की पढ़ाई में अवरोध आएगा।

शुभ रंग : पींक

शुभ अंक : 5

कुंभ (Aquarius): आज आप आनंद, उत्साह और प्रसन्नता का अनुभव करेंगे। नए कार्य की शुरुआत लाभदायक साबित होगी। मित्रों, स्वजनों के साथ भोजन का आनंद उठाने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा का योग है। लक्ष्मीदेवी की कृपा रहेगी। धार्मिक कार्यों के पीछे खर्च होगा। निर्धारित कार्य सफल होंगे। दांपत्यजीवन में सुख का अनुभव होगा। परिवार में शांति का माहौल बना रहेगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7

मीन (Pisces): आनंद- उत्साह और तन-मन की प्रसन्नता आपके दिन में चेतना और स्फूर्ति का संचार करेंगे। नए कार्य हाथ में लेंगे तो उसमें सफलता मिलेगी। धार्मिक मांगलिक प्रसंगों में जाएंगे। मन में कोई निर्णय लेते हुए दुविधा अनुभव करने की स्थिति में निर्णय स्थगित रखने की सलाह है। प्रवास होगा। दांपत्यजीवन आनंदमय रहेगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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अष्टांग मार्ग के प्रणेता है भगवान बुद्ध

Posted: 16 May 2022 08:21 AM PDT

अष्टांग मार्ग के प्रणेता है भगवान बुद्ध 

जहानबाद ।  बुद्ध जयंती के अवसर पर भारतीय विरासत संगठन जहानाबाद  की ओर से आयोजित  मानवीय जीवन की शांति और अहिंसा की भूमिका विचार संगोष्टी में  भारतीय विरासत संगठन के अध्यक्ष साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश मानवीय जीवन में शांति और अहिंसा का समावेश आवश्यक है । बौद्ध धर्म के संस्थापक ज्योतिपुंज गौतम बुद्ध का जन्म वैशाख शुक्ल पूर्णिमा 563 ई. पू. में नेपाल का कपिलवस्तु के लुम्बनी में शाक्य गण के राजा सुद्धोदहं की भर्या माया देवी के पुत्र हुए , बिहार के राजगीर के रुद्रकरामपुत में शिक्षा , बोधगया में स्थित निरंजना नदी के किनारे अवस्थित पीपल वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्ति , एवं 80 वर्ष की अवस्था में वैशाख शुक्ल पूर्णिमा 483 ई.पू.  उत्तरप्रदेश देवरिया के समीप कुशीनारा में महापरिनिर्वाण प्राप्त किए थे । भगवान बुद्ध के अष्टांग मार्ग अपना कर माध्यम मार्ग पर चने से मानव का चसतुर्दिक विकास करता है । भगवान बुद्ध के 2585 वीं बुद्ध जयंती पर भगवसन बुद्ध के बताए रास्ते पर चलने के लिए मानवीय मूल्यों का अनुपालन करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। बुद्धम शरणम गच्छामि अपना कर इंसान का चतुर्दिक विकास होगा ।
 भगवान बुद्ध की अष्टांग मार्ग पर अप्पू आर्ट्स के निदेशक अजय कुमार विश्वकर्मा , मगही विकास मंच जहानाबाद के सचिव अरविंद कुमार आजान्स , जिला कांग्रेस कमिटि जहानाबाद के महासचिव आविद मजीद इराकी , संगठन के जिलाध्यक्ष चितरंजन चैनपुरा  , अशोक कुमार प्रियदर्शी आदि ने विचार व्यक्त किए ।
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बिहार के पांचवे मुख्यमंत्री और पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री महामाया प्रसाद सिन्हा पर आयोजित हुआ व्याख्यानमाला

Posted: 16 May 2022 08:17 AM PDT

बिहार के पांचवे मुख्यमंत्री और पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री महामाया प्रसाद सिन्हा पर आयोजित हुआ व्याख्यानमाला

जितेन्द्र कुमार सिन्हा,
जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) आजादी के अमृत महोत्सव पर कायस्थ रत्न रणबांकुरों और अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद करने के सिलसिले में व्याख्यानमाला का आयोजन कर रहा है। इसी क्रम में रविवार को पटना के नागेश्वर कॉलोनी में बिहार के पांचवे मुख्यमंत्री और पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री महामाया प्रसाद सिन्हा पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।
व्याख्यानमाला में ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा है कि बिहार के पांचवे मुख्यमंत्री और पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री महामाया प्रसाद सिन्हा के आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। देश को ऐसे ही ईमानदार व निःस्वार्थ लोगों की आवश्यकता है। उन्होंने उनके जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन और विचारों को आत्मसात करने पर जोर दिया।
ग्लोबल अध्यक्ष ने कहा कि महामाया बाबू बिहार की राजनीति में त्याग एव बलिदान की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने कभी भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया। जिसका परिणाम था कि उनकी सरकार चली गई। युवाओं और छात्रों को महामाया बाबु इतना प्यार करते थे कि वे सदैव उन्हें जिगर के टुकड़े कहा करते थे । अबतक की राजनीति में किसी राजनेता ने युवाओं और छात्रों को जिगर का टुकड़ा नहीं कहा, नहीं माना ।
उक्त अवसर पर प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा कि महामाया बाबु के अंदर एक जज्बा था, जिसमें हमेशा वह युवाओं को लेकर चलना चाहते थे, लेकिन वर्तमान हालात और देश की राजनीति ने इस बुद्धिजीवी चित्रांश राजनेता को मात्र 1 साल तक ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहने दिया, जबकि वह एक मिली-जुली सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में बिहार के सीएम बने थे और उनके फैसले लोग आज भी याद करते हैं ।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह बिहार के प्रभारी दीपक कुमार अभिषेक ने कहा कि महामाया बाबू ने देश की आजादी दिलाने में भी उन्होने अहम भूमिका निभाई थी। महामाया बाबू महान विभूति थे। उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उनके चलते बिहार की धरती हमेशा नमनीय है।
जीकेसी बिहार की प्रदेश अध्यक्ष डा. नम्रता आनंद ने कहा कि आज महामाया बाबू के आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। देश को ऐसे ही ईमानदार एवं निःस्वार्थ लोगों की जरूरत है। कर्मठ व ईमानदार पूर्व मुख्यमंत्री महामाया प्रसाद सिन्हा ने विकास के लिए कई एकड जमीन सरकार के नाम कर दी और स्कूल, हॉस्पिटल आदि का निमार्ण कराया।
उक्त अवसर पर संजय सिन्हा, राजेश सिन्हा संजू, दिलीप सिन्हा, नीलेश रंजन, सुशील श्रीवास्तव, संजय कुमार सिन्हा, प्रियदर्शी हर्षवर्धन, बलिराम,रवि सिन्हा, शैलेश कुमार, सुशांत सिन्हा, रंजीत सिन्हा, पीयूष श्रीवास्तव, शुभम कुमार, चंदू प्रिंस, संजय कुमार सिन्हा, मनोज कुमार सिन्हा, प्रसुन श्रीवास्तव, धनञ्जय प्रसाद सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
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बुद्धं शरणम् गच्छामि।

Posted: 16 May 2022 08:08 AM PDT

बुद्धं शरणम् गच्छामि।

मनोज कुमार मिश्र "पद्मनाभ"
आज हर खासोआम इस सूक्ति को महात्मा बुद्ध की सूक्ति मान रहा है।जबकि यह सत्य से परे है।वह ऐसे कि यदि यह बुद्ध की सूक्ति होती तो फिर स्वयम् महात्मा बुद्ध भी "बुद्धं शरणम् गच्छामि "नहीं कहते।वे स्वयम् नित्य इन तीन सूक्तियों का पाठ अपनी दैनंदिन क्रियाओं में किया करते थे।
"बुद्धं शरणम् गच्छामि
धम्मम् शरणम् गच्छामि
संघं शरणम् गच्छामि"।
अर्थात् बुद्ध की शरण जाता हूँ।धर्म की शरण जाता हूँ।संघ की शरण जाता हूँ।
अब ध्यातव्य यह है कि जो स्वयम् बुद्ध है वह किस बुद्ध की शरणागत होगा?या तो इस बुद्व से परे भी कोई इतर बुद्ध होगा जिसकी शरणागति वे करना चाहते हैं या फिर हम अर्थ का अनर्थ कर रहे हों!
आईये देखते हैं महात्मा बुद्ध के इन त्रिसूक्तों का मूल भाव क्या है और उन्होंने किस हद तक इसका पालन किया।वस्तुतः बुद्वं शरणम् गच्छामि का वह भाव नहीं है जो हम समझ रहे हैं।बुद्ध से तात्पर्य यहाँ ज्ञान से है।जब हम अपने जीवन समर में उलझ जाते हैं तो उससे उबरने का एकमात्र मार्ग होता है धर्म।किंतु उस तक पहुँचने का मार्ग होता है ज्ञान।इसीलिये बुद्व ने यहाँ ज्ञान के शरणागति का संदेश दिया है।बिना ज्ञान तत्व के जाने हम धर्म तत्व को नहीं जान पायेंगे।ज्ञान और धर्म को अपनाये बिना हम संगठित भी नहीं हो सकते।शायद इसीलिये महात्मा बुद्ध ने ज्ञान तत्व को सर्वोपरि रखा।"बुद्धं शरणम् गच्छामि "कहकर।सबसे अंत में कहा "संघं शरणम् गच्छामि"।बुद्ध के जीवन चरित का यदि गहन अध्ययन किया जाये तो स्पष्टतः उनकी जीवन शैली आजीवन इन्हीं त्रिसूक्तों पर आधारित रही।दुनियावी झंझावातों से अपने आपको अलग रखकर विश्व कल्याण के निमित्त इन त्रिसूक्तों प्रसार करते हुये एक आडंबर विहीन समाज की स्थापना का प्रयास उन्होंने बराबर किया।आज के बदलते परिवेश में बुद्ध के ये त्रिसूक्त एकबार फिर से प्रासंगिक हो गये हैं।बिखरते परिवार और टूटते समाज को यदि इन त्रिसूक्तों का पाठ पढ़ाया जाये इसके वास्तविक अर्थ को बताया जाय तो शायद एक सुंदर सुगठित समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो।बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के उपरांत धर्म आधारित संगठन की बात की है।इसीलिये "धम्मम् शरणम् गच्छामि के बाद "संघं शरणम् गच्छामि"की बात करते दिखते हैं।
अतिवादिता हेतु सक्षमा आप सबको बुद्व पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।....मनोज कुमार मिश्र "पद्मनाभ"।
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मेहसूस करे

Posted: 16 May 2022 07:59 AM PDT

मेहसूस करे

गमों को पढ़ने की अब
मेरी आदत सी हो गई। 
न चाहने की अब इच्छा
न खोने अब मुझे डर है। 
मैं इतना सह चुका हूँ
इस मायावी जमाने में। 
की जिंदा होते हुये भी 
मैं मृत्य जैसा ही हूँ।। 

न कमी थी प्यार में उनके
न कमी थी मेरी चाहत में। 
बस फर्क था निगाहों में
जो रोज मिले जा रही थी। 
देखकर जमाने वालों की
इससे बहुत जल रही थी। 
और मोहब्बत में अनेक
उलझने पैदा कर रहे थे।। 

कब किससे और कहाँ
आँखे मिल जाये। 
देखकर किसी को भी
दिल पिघल जाये। 
और दिलकी धड़कनों में
कोई बस जाये। 
और प्यार मोहब्बत की 
शुरूआत यही से हो जाये।। 

दुनियां की इस भीड़ में
कौन कब कहाँ मिल जाए। 
और बातों ही बातों में
उनसे अपनापन मिल जाए। 
और स्नेह प्यार की ज्योत
दिलों में जल जाए। 
और जिंदगी का सफर
उनके साथ आसान हो जाए।। 

जय जिनेंद्र 
संजय जैन "बीना" मुंबई
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मैं विश्वनाथ का नंदी हूँ

Posted: 16 May 2022 07:56 AM PDT

मैं विश्वनाथ का नंदी हूँ

मैं विश्वनाथ का नंदी हूँ, दे दो मेरा अधिकार मुझे।
वापी में हैं मेरे बाबा, कर दो सम्मुख-साकार मुझे।।
अब तो जागो हे सनातनी, डम- डमडम डमरू बोल रहा।
न्यायालय आकर वापी में, इतिहास पुराने खोल रहा।।
अब बहुत छुप चुके हे बाबा, करने दो जय-जयकार मुझे।

एक विदेशी खानदान ने, मंदिर को नापाक किया था।
मूल निवासी सनातनी के, काट कलेजा चाक किया था।।
औरंगजेब नाम था उसका, वह धर्मांध विनाशक था।
भारत माता के आँचल का, वह कपूत था,नाशक था।।
आस्तीन में साँप पले थे, बहु बार मिली थी हार मुझे।

ले रहा समय अब अँगड़ाई, खुल रहे नयन सुविचार करो।
बहुत सो चुके हे मनु वंशज, उठ पुनः नया उपचार करो।।
लख रहा दूर से बेसुध मैं, वर्षों से बाबा दिखे नहीं।
मैं अपलक चक्षु निहार रहा, विधि भी आकर कुछ लिखे नहीं।।
अवध अहिल्या भक्तिन जैसा, दिख नहीं रहा अवतार मुझे।
डॉ अवधेश कुमार अवध,चन्दौली, उत्तर प्रदेश
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‘भोजशाला में माता श्री वाग्देवी मंदिर के स्थान पर कमाल मौला मस्जिद कैसे ?’

Posted: 16 May 2022 07:52 AM PDT

'भोजशाला में माता श्री वाग्देवी मंदिर के स्थान पर कमाल मौला मस्जिद कैसे ?'

अयोध्या, काशी, मथुरा ही नहीं, सभी 36 हजार हडपे हुए मंदिर पुनः* *प्राप्त किए बिना हिन्दू रुकेंगे नहीं ! - श्री. सुरेश चव्हाणके, सुदर्शन न्यूज

भारत के हजारों मंदिर तोडकर इस्लामी आक्रमणकर्ताओं ने वहां मस्जिदे बनाईं । उस प्रत्येक मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए हिन्दुओं की अनेक पीढियों ने प्राणों का बलिदान दिया है; परंतु मंदिर से अपना अधिकार कभी नहीं छोडा । हम भी उन्हीं हिन्दुओं के वंशज हैं । हिन्दुओं से जो-जो छीन लिया गया है, वह आपको उन्हें पुनः लौटाना होगा । यह आज का नया हिन्दुस्थान है । हिन्दुओं के धार्मिक स्थल पुनः प्राप्त करने का संकल्प कुछ शतक पूर्व किया गया था, उसे साकार करने के प्रयास अब हो रहे हैं । केवल अयोध्या का श्रीराम मंदिर, काशी का श्री विश्वनाथ मंदिर, मथुरा का श्रीकृष्ण मंदिर ही नहीं कुतुबमीनार सहित देशभर के ऐसे 36 हजार मंदिरों की सूची है । ये हडपे हुए मंदिर पुनः प्राप्त किए बिना हिन्दू रुकेंगे नहीं, ऐसा स्पष्ट प्रतिपादन 'सुदर्शन न्यूज' के मुख्य संपादक श्री. सुरेश चव्हाणके ने किया । हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से आयोजित *'भोजशाला में माता श्री वाग्देवी मंदिर के स्थान पर कमाल मौला मस्जिद कैसे ?'* इस ऑनलाइन विशेष संवाद में वे बोल रहे थे ।  इस समय मध्य प्रदेश के'अखिल भारत हिन्दू महासभा' के राष्ट्रीय महासचिव श्री. देवेंद्र पांडे ने कहा राजा भोज द्वारा मध्य प्रदेश के धार में वर्ष 1034 में स्थापित किया माता श्री वाग्देवी का (श्री सरस्वती देवी का) सर्वाधिक प्राचीन मंदिर था । उस पर वर्ष 1305 में अलाउद्दीन खिलजी ने आक्रमण कर उसे नष्ट करने का प्रयास किया । आगे वर्ष 1401 में दिलावर खान ने आक्रमण किया और मंदिर के प्रवेशद्वार के निकट मस्जिद बनाई । तदुपरांत महमूद ने और एक मस्जिद बनाई । ब्रिटिश काल में वर्ष 1875 में मंदिर के स्थान पर उत्खनन करते समय प्राप्त हुई माता वाग्देवी की मूर्ति इंग्लैंड के संग्रहालय में ले जाई गई । आज भी भारत का ज्ञान और बुद्धि इंग्लैंड में बंदी है । भारत सरकार इस विषय में इंग्लंड से संवाद कर वह मूर्ति पुनः ला सकती है । इसके लिए हिन्दुओं को दबाव निर्माण करना होगा ।
इस समय *'सनातन संस्था' के धर्म प्रचारक श्री.अभय वर्तक ने कहा मुगलों ने अनेक मंदिर गिराए । उस पर हिन्दुओं ने संघर्ष कर उनका पुनः निर्माण किया; परंतु मुगल आक्रमणकारियों ने उन्हें पुनः ध्वस्त किया । अब भी हम मंदिरों का पुनर्निर्माण कर रहे हैं; परंतु मंदिरों की रक्षा के लिए हम क्या व्यवस्था करनेवाले हैं, इसका विचार हिन्दुओं को करना होगा । इतिहास में हुई चूक पुनः नहीं होनी चाहिए । साथ ही हिन्दुओं से विश्वासघात कर कांग्रेस सरकार द्वारा तैयार किया गया 'प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट 1991' मंदिरों के निर्माण में बाधक बन रहा है । यह कानून तत्काल हटाया जाना चाहिए । जहां-जहां मंदिर तोडकर मस्जिद बनाई गई, वहां पुनः मंदिर बनाया जाना चाहिए । 
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