दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ राजाबाजार पटनाके सभागार मे आदि गुरू शंकराचार्य जी का जयन्ती मनाई गई|
- Liked on YouTube: सनातन धर्म परम्परा को स्थापित किया आदि शंकराचार्य ने:- जगत नारायण शर्मा
- रूस ने किया विक्ट्री डे का रिहर्सल
- बस जरूरत है एक सकारात्मक सोच की
- कवि रमाकांत सोनी का हुआ सम्मान
- मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भवन निर्माण विभाग की कई योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास
- खेलो मास्टर्स इंडिया गेम्स में अंजू की स्वर्णिम हेट्रिक
- 6 मई 2022, शुक्रवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ में हर्षोल्लास से मनाया गया आदि शंकराचार्य जी की जन्मोत्सव |
| बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ राजाबाजार पटनाके सभागार मे आदि गुरू शंकराचार्य जी का जयन्ती मनाई गई| Posted: 05 May 2022 10:34 PM PDT बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ राजाबाजार पटनाके सभागार मे आदि गुरू शंकराचार्य जी का जयन्ती मनाई गई|बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ राजाबाजार पटना के प्रवक्ता प्रभाकर चौबे ने हमारे संवाददाता को बतायाकि पूर्व की भांति आज विद्यापीठ के सभागार मे आदि गुरू शंकराचार्य जी का जयन्ती मनाई गई। उक्त अवसर कई गणमान्य व्यक्ति पधारे आश्रम के विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने भाग लियाविद्यापीठ के संचालक श्री जगत नारायण शर्मा जी मंच का संचालन किया।भाग लेने वालो मे मुख्य डाॅ रमाकान्त पाण्डेय, पूर्व जनसंघ विधायक एवं वाणिज्य विभाग पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, श्री आर . डी .मिश्रा राष्ट्रीय महासचिव भारतीय जन क्रान्ति दल (डेमोक्रेटिक) तथा दिव्य रश्मि धार्मिक पत्रिका के सम्पादक एवं दिव्य रश्मि न्यूज चैनल के संस्थापक।श्री प्रभाकर चौबे ,ब्राह्मण नेता ।सनातनी एवं विद्यापीठ के प्रवक्ता ।श्री हॄदय नारायण झा वरिष्ठ पत्रकार , योग गुरू, आकाशवाणी पटना के मैथिली गायक ।श्री देवेश शर्मा शिक्षक आदि ने अपने उद्गार व्यक्त किये। श्री जगत शर्मा जी ने आदि गुरू शंकराचार्य जी को सनातन धर्म को दिग्दिगन्त मे फैलाने वाला महान विभूति बताया।उन्होंने बताया कि शंकराचार्य जी का जन्म केरल के कालाडी ग्राम मे एक शिवभक्त ब्राह्मण परिवार मे हुआ था।उन्होने अल्प वय मे ही चार पीठों की स्थापना की एवं अनेक भाष्य लिखे।भारत के चारो कोणों मे पीठ बनाकर सम्पूर्ण भारत को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से एक करने का महान कार्य किया। श्री रमाकान्त पाण्डेय जी ने साक्षात्कार के दौरान सदाव्रती योजनाओं एवं अनुत्पादक व्यय पर चिन्ता व्यक्त की। हिन्दु मुस्लिम करने पर एवं समाज को बांटने के किसी भी प्रयास की निन्दा की।तथा कहा कि गलती है जहां सुधार उस जगह होनी चाहिए ।उनका गलत धार्मिक शिक्षण से था। सदाव्रती योजनाओं से देश के लोग पुरुषार्थहीन होंगे और जो ऐसा करेगे उनकी भी वही गति होगी। एक अन्य विद्वान ने ब्राह्मण किसे कहते है उसपर प्रकाश डाला।इसपर हस्तक्षेप करते हुए प्रभाकर चौबे ने प्रमाणों सहित जन्म से ब्राह्मण होने की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला और आगे बताया कि चातुर्वर्ण्या मया सृष्टा गुण कर्म विभागश:।का मतलब ही होता है कि जातिगत और योनिगत गुण के आधार पर परमात्मा के संकेत से प्रकृति जाति ,योनि ,अमीर, गरीब, जीव, जन्तु जन्मान्ध ,विकलांग, तेजस्वी ,बलवान वीर्यवान आदि पैदा करती है। प्रकृति पूर्वजन्मो के संचित कर्माहंकार के अनुरूप जाति निर्धारित करती है।कर्म प्रधान विश्व करी राखा।यानि सब कर्मो के आधार पर ही निर्धारित होता है।ब्रह्माभासयुक्त ब्राह्मण मे जन्म लेता है।गीता नही समझने वाले थोडा आगे का अध्याय भी पढे।अर्जुन के प्रश्न का बडा अच्छा जबाब दिया है भगवान श्री कृष्ण ने कि तप: साधना मे लगा व्यक्ति सफल न हो तो क्या उसका श्रम व्यर्थ चला जाता है।भगवान श्रीकृष्ण ने कहा नहीं ।उसका अगले जन्म मे उत्तम योगियों के कुल मे जन्म होता है जहां उसे अपने पुराने संचित कर्मो का फल सिद्धि का अवसर पुनः प्राप्त होता है।धर्म की अधुरी व्याख्याकार पाखण्डी दुनिया मे भरते जा रहें है।देश को ईसाईयों जैसा बर्णसंकरित करना चाहते हैं ।शहर के लोग कुत्ते को गोद मे लिये घूमते है गाय को छुट्टा छोड देते हैं ।गाँव के लोग गाय की सेवा करते हैं कुत्ते को छुट्टा घुमने देते हैं ।गाँव वाले सनातनी है कि शहर वाले? सनातन धर्म संस्कृति की रक्षा करनी होतो ग्रामीण कल्चर को समझना होगा।सनातन की सही स्वरूप वही मिलेगा।जातियो को किस उद्देश्य से पूर्वजों ने लाखो साल से ढोया अब उस पुरखो के धरोहर को ईसाइयत के प्रभाव मे मिटाने की साजिश की जा रही है।जातियाँ कर्तव्य और संस्कार से जुडे और सनातन धर्म संस्कृति ध्वज के नीचे एकजुट हों। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Liked on YouTube: सनातन धर्म परम्परा को स्थापित किया आदि शंकराचार्य ने:- जगत नारायण शर्मा Posted: 05 May 2022 10:12 AM PDT सनातन धर्म परम्परा को स्थापित किया आदि शंकराचार्य ने:- जगत नारायण शर्मा बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ में हर्षोल्लास से मनाया गया आदि शंकराचार्य जी की जन्मोत्सव | सनातन धर्म परम्परा को स्थापित किया आदि शंकराचार्य ने:- जगत नारायण शर्मा पटना के बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ, राजाबाजार के सभागार में जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की जयंती विद्यापीठ के संचालक जगत नारायण शर्मा की अध्यक्षता में बच्चों के द्वारा वैदिक मंत्रोचार एवं मंगलाचरण के द्वारा किया गया| इस अवसर पर उपस्थित जनों ने आदि शंकराचार्य के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर अपनी कृतज्ञता आदि शंकराचार्य जी के चरणों में रखीं | कार्यक्रम में सदाचार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामाशीष सिंह ने भागवत का श्लोक बोलते हुए कहाकि ज्ञानी वेद आदि शास्त्रों के ज्ञान को जाननेवाले से भी श्रेष्ठ होता है | आदि शंकराचार्य ने सम्पूर्ण भारत वर्ष का दौरा पैदल ही किया और पुरे भारत में चार पीठ की स्थापना की और सनातन श्रम की वैदिक परम्परा को अक्षुण रखने का मार्ग प्रशस्त किया | पूर्व की भांति आज विद्यापीठ के सभागार मे आदि गुरू शंकराचार्य जी का जयन्ती मनाई गई। उक्त अवसर कई गणमान्य व्यक्ति पधारे आश्रम के विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने भाग लिया विद्यापीठ के संचालक श्री जगत नारायण शर्मा जी मंच का संचालन किया।भाग लेने वालो मे मुख्य डाॅ रमाकान्त पाण्डेय, पूर्व जनसंघ विधायक एवं वाणिज्य विभाग पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, श्री आर . डी .मिश्रा राष्ट्रीय महासचिव भारतीय जन क्रान्ति दल (डेमोक्रेटिक) तथा दिव्य रश्मि धार्मिक पत्रिका के सम्पादक एवं दिव्य रश्मि न्यूज चैनल के संस्थापक।श्री प्रभाकर चौबे ,ब्राह्मण नेता ।सनातनी एवं विद्यापीठ के प्रवक्ता ।श्री हॄदय नारायण झा वरिष्ठ पत्रकार , योग गुरू, आकाशवाणी पटना के मैथिली गायक ।श्री देवेश शर्मा शिक्षक आदि ने अपने उद्गार व्यक्त किये। श्री जगत शर्मा जी ने आदि गुरू शंकराचार्य जी को सनातन धर्म को दिग्दिगन्त मे फैलाने वाला महान विभूति बताया।उन्होंने बताया कि शंकराचार्य जी का जन्म केरल के कालाडी ग्राम मे एक शिवभक्त ब्राह्मण परिवार मे हुआ था।उन्होने अल्प वय मे ही चार पीठों की स्थापना की एवं अनेक भाष्य लिखे।भारत के चारो कोणों मे पीठ बनाकर सम्पूर्ण भारत को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से एक करने का महान कार्य किया। श्री रमाकान्त पाण्डेय जी ने साक्षात्कार के दौरान सदाव्रती योजनाओं एवं अनुत्पादक व्यय पर चिन्ता व्यक्त की। हिन्दु मुस्लिम करने पर एवं समाज को बांटने के किसी भी प्रयास की निन्दा की।तथा कहा कि गलती है जहां सुधार उस जगह होनी चाहिए ।उनका गलत धार्मिक शिक्षण से था। सदाव्रती योजनाओं से देश के लोग पुरुषार्थहीन होंगे और जो ऐसा करेगे उनकी भी वही गति होगी। एक अन्य विद्वान ने ब्राह्मण किसे कहते है उसपर प्रकाश डाला।इसपर हस्तक्षेप करते हुए प्रभाकर चौबे ने प्रमाणों सहित जन्म से ब्राह्मण होने की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला और आगे बताया कि चातुर्वर्ण्या मया सृष्टा गुण कर्म विभागश:।का मतलब ही होता है कि जातिगत और योनिगत गुण के आधार पर परमात्मा के संकेत से प्रकृति जाति ,योनि ,अमीर, गरीब, जीव, जन्तु जन्मान्ध ,विकलांग, तेजस्वी ,बलवान वीर्यवान आदि पैदा करती है। प्रकृति पूर्वजन्मो के संचित कर्माहंकार के अनुरूप जाति निर्धारित करती है।कर्म प्रधान विश्व करी राखा।यानि सब कर्मो के आधार पर ही निर्धारित होता है।ब्रह्माभासयुक्त ब्राह्मण मे जन्म लेता है।गीता नही समझने वाले थोडा आगे का अध्याय भी पढे।अर्जुन के प्रश्न का बडा अच्छा जबाब दिया है भगवान श्री कृष्ण ने कि तप: साधना मे लगा व्यक्ति सफल न हो तो क्या उसका श्रम व्यर्थ चला जाता है।भगवान श्रीकृष्ण ने कहा नहीं ।उसका अगले जन्म मे उत्तम योगियों के कुल मे जन्म होता है जहां उसे अपने पुराने संचित कर्मो का फल सिद्धि का अवसर पुनः प्राप्त होता है।धर्म की अधुरी व्याख्याकार पाखण्डी दुनिया मे भरते जा रहें है।देश को ईसाईयों जैसा बर्णसंकरित करना चाहते हैं ।शहर के लोग कुत्ते को गोद मे लिये घूमते है गाय को छुट्टा छोड देते हैं ।गाँव के लोग गाय की सेवा करते हैं कुत्ते को छुट्टा घुमने देते हैं ।गाँव वाले सनातनी है कि शहर वाले? सनातन धर्म संस्कृति की रक्षा करनी होतो ग्रामीण कल्चर को समझना होगा।सनातन की सही स्वरूप वही मिलेगा।जातियो को किस उद्देश्य से पूर्वजों ने लाखो साल से ढोया अब उस पुरखो के धरोहर को ईसाइयत के प्रभाव मे मिटाने की साजिश की जा रही है।जातियाँ कर्तव्य और संस्कार से जुडे और सनातन धर्म संस्कृति ध्वज के नीचे एकजुट हों। प्रभाकर चौबे डॉ रमाकांत पाण्डेय ने विद्यापीठ के बच्चों को आदि शंकराचार्य के आदर्शों के बारें में बताया और कहाकि आप को अपने पाठ और गुरुजनों पर आस्था जरुर करनी चाहिए| बच्चो को कभी उदास नहीं रहना चाहिए| कार्यक्रम में देवेश श्रम, कवीन्द्र कुमार शर्मा, डॉ अरविन्द पाण्डेय, हेमकांत मिश्र , प्रभाकर चौबे एवं छत्रों ने भाग लिया| दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/FdwPHsz Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/LJTs3rp visit website : https://ift.tt/TJwbDiK via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=oGWS93ZJCsw |
| रूस ने किया विक्ट्री डे का रिहर्सल Posted: 05 May 2022 10:05 AM PDT रूस ने किया विक्ट्री डे का रिहर्सलमास्को। पिछले 2 महीने से लगातार यूक्रेन पर मिसाइलों और विनाशकारी बमों की बरसात करने वाला रूस अब अमेरिका और नाटो देशों को बड़ी चेतावनी देने जा रहा है। वह 9 मई को होने वाले सालाना विक्ट्री डे में ऐसे प्लेन को उतारने जा रहा है, जिसे दुनिया प्रलयकारी प्लेन मानती है। इस प्लेन को विक्ट्री डे परेड में शामिल करने का सीधा अर्थ दुनिया को यह चेतावनी देना है कि वे यूक्रेन युद्ध में टांग न अड़ाएं वर्ना रूस उनसे किसी भी कीमत पर बदला ले सकता है। रूस के इस प्रलयकारी प्लेन का नाम आईएल-80 है। यह रूस का सबसे खतरनाक स्ट्रेटजिक फाइटर जेट प्लेन है, जिसे न्यूक्लियर वार में दुश्मन का नामोंनिशान खत्म कर देने के उद्देश्य से बनाया गया है। अमेरिका समेत दुनिया के कई देश इस प्लेन को बेहद खतरनाक और मानवता के लिए खतरा मानते हैं। रूस का यह रणनीतिक विमान 9 मई को होने वाली नेशनल विक्ट्री डे परेड में मॉस्को के ऊपर उड़ान भरेगा। दो मिग -29 जेट विमान इस महाबलशाली विमान को एस्कॉर्ट करते हुए चलेंगे। रिहर्सल परेड में इस विनाशकारी विमान को शहर के ऊपर से उड़ते देखा गया। रूस हर साल 9 मई को नाजी जर्मनी के खिलाफ सेकंड वर्ल्ड वार में सोवियत संघ की जीत पर नेशनल विक्ट्री डे मनाता है। इस साल इसकी 77वीं वर्षगांठ है। रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने कहा कि इस बार की परेड में लगभग 11,000 जवान भाग लेंगे। उनके साथ ही 131 प्रकार के हथियार और सैन्य उपकरण के साथ-साथ 77 विमान इस साल रेड स्क्वायर से गुजरेंगे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| बस जरूरत है एक सकारात्मक सोच की Posted: 05 May 2022 09:30 AM PDT बस जरूरत है एक सकारात्मक सोच की✍️ वेद प्रकाश तिवारी एक शादीशुदा बेटी को एक सच्चे मित्र की तरह अपनी मां से सलाह की जरूरत होती है लेकिन जब मां सलाह देने के साथ-साथ बेटी की गृहस्थी में हस्तक्षेप करने लगे तो बेटी का घर उजड़ते देर नहीं लगती । बेटी का रिश्ता बहुत ही प्यारा रिश्ता है और हर माँ की चाह होती है कि उसकी बेटी ससुराल में खुश रहे, इसीलिए मां बेटी को प्रारंभ से ही अच्छे संस्कार देती है पर समय के साथ-साथ माताओं की इस सीख में भी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। आज अधिकतर घरों के टूटने की वजह लड़की के अभिभावकों का उसकी गृहस्थी में हस्तक्षेप और उनके द्वारा दी जाने वाली गलत शिक्षा है। बेटी के लिए चिंता करना तो हर मां का फर्ज है। बेटी चाहे विवाहित हो या अविवाहित, उसके सुख-दुख में उसका साथ देना हर माता-पिता का कर्तव्य होता है, अगर ससुराल वाले उनकी बेटी के साथ गलत व्यवहार करें। अगर उनकी बेटी गृहस्थी में खुश है, उसे अपने पति-ससुराल वालों से कोई शिकायत नहीं तो मां का फर्ज यही है कि वह बेटी और उसके ससुराल वालों के रिश्ते को मजबूत बनाएं। उसे अच्छी सीख दें। उस रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएं। शादी में लिए जाने वाले सातों वचन, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि के फेरे, बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद, पितरों का आशीर्वाद यह सभी सुखद वैवाहिक जीवन के लिए जरूरी है। परंतु यह सारी चीजें तब बेकार हो जाती हैं जब अपने निहित स्वार्थों के लिए कोई मां अपनी ही बेटी को अनावश्यक रूप से उसकी छोटी-छोटी बातों पर उसे गलत सलाह देती है । उसे अपने ही ससुराल के लोगों से हिंसा करने, छोटी-छोटी बातों के लिए अपने ही परिवार के लोगों से बदला लेने के लिए उकसाती है । जिसकी वजह से बेटी न सिर्फ शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी बीमार हो जाती है। इर्ष्या, क्रोध ,अहंकार घृणा आदि विकारों से उसका मन भर जाता है , जो एक वैवाहिक जीवन को तबाह करने के लिए बहुत है । मैंने अपनी आंखों से अपने एक मित्र विवेक के परिवार को देखा है जहां उसकी मां अपनी ही बहू के द्वारा उसकी मां के इशारे पर दी गई प्रताड़ना की वजह से मानसिक रूप से बीमार रहने लगती है और एक दिन प्राण त्याग देती है। विवेक के घर की माली हालत बहुत अच्छी नहीं थी। वह दिल्ली में एक कंपनी में काम कर रहा होता है और चार -छह महीने में एक बार 15 दिन की छुट्टी में वह घर आता है। उसके पास 3 साल की एक बेटी भी होती है । जिसकी देखभाल उसकी माँ ही करती है । मां की मौत के बाद जब वह घर आता है तो उसे सारी सच्चाई का पता चलता है। विवेक की मां ने उसे बहू के बारे में या उसके द्वारा दी जा रही तकलीफों के बारे में उसे कभी नहीं बताया था । वह क्षुब्ध हो जाता है और अपनी पत्नी से सारे संबंध तोड़ लेता है । कुछ अंतराल के लिए उसकी पत्नी बेटी को लेकर मायके कोलकाता चली जाती है और वहीं से विवेक को धमकी देने लगती है कि मैं तुम पर मुकदमा कर दूंगी, तुम्हारा जीवन बर्बाद कर दूंगी, मैं तुम्हें कहीं का नहीं छोडूंगी। दुर्भाग्य देखिए कुछ ही दिनों बाद एक दिन उसकी पत्नी का क्रोध की वजह से रक्तचाप बढ़ जाता है वह बीमार होती है और कुछ ही पलों में वह पैरालाइज हो जाती है । किसी माध्यम से विवेक को इस घटना का पता चलता तो वह ना चाहते हुए अपने सगे- संबंधियों के दबाव में अपनी पत्नी से मिलने उसके घर जाता है। वह अस्पताल में एडमिट रहती है जहां जाकर वह उसकी तबीयत के बारे में जानने की कोशिश करता है । जहां उसकी मां उसे डॉक्टर और नर्स के सामने अपमानित करती है और कहती है कि तुमने मेरी बेटी का जीवन बर्बाद किया है। वह अपनी सास को सच बताने की बहुत कोशिश करता है पर उसकी सास उसे अपशब्द कहने लगती है । विवेक बस इतना कहता है कि मैं किसी की बीमारी का कारण नहीं हूं । यदि आप मुझे दोषी मानती है तो मैं क्या कर सकता हूं । अब वहां और रुक पाना वह अपने लिए उचित नहीं समझता है वह अपनी सास से कहता है कि आप मेरी बेटी मुझे दे दीजिए क्योंकि आप अपनी बेटी की देखभाल करेंगी तो उस नन्ही बच्ची की देखभाल कौन करेगा । उसकी मां बीमार है तो यहां उसे असुविधा होगी । विवेक की सास आवेश में आकर कहती हैं ले जाइए अपनी बेटी । वह हॉस्पिटल से सीधे ससुराल पहुंचता है और अपनी बेटी को लेकर घर के लिए रवाना हो जाता है । हॉस्पिटल में एडमिट रहने के कुछ दिन बाद उसकी पत्नी अब बैसाखी के सहारे चलती है । किसी प्रकार वह अपने शारीरिक क्रिया- कर्म कर लेती है । विवेक अपनी बेटी को मां और पिता दोनों का प्यार देता है। उसकी परवरिश मैं कोई कमी नहीं रखता । इस घटना को 10 वर्ष पूरे हो गए हैं । आज उसकी बेटी 13 वर्ष की हो गई है । विवेक के पिताजी कुछ वर्ष पहले चल बसे। 2 वर्ष बाद विवेक की सास ने अपनी बेटी को विवेक के घर भेज दिया यह कह कर कि अब मेरा समर्थ नहीं है कि मैं तुम्हारा बोझ उठा पाऊं । घर आने के बाद उसे कुछ लोगों ने समझाया कि तुम अपने पति के पास जाओ उससे क्षमा मांगो तो उसका एक ही जवाब था कि मैं अपने पति से किसी भी कीमत पर क्षमा नहीं मांगूंगी जब तक मेरी मां जिंदा है तब तक मुझे कोई तकलीफ नहीं होगी। गांव के लोग बताते हैं कि कुछ दिनों तक उसकी मां जो उसके पिता के मरने के बाद पेंशन की हकदार हैं, अपने पेंशन में से कुछ रुपया कभी- कभार अपनी बेटी की अकाउंट पर भेज देती थी । इधर 5 वर्षों से उसकी मां ने मदद भेजना बंद कर दिया है। ब्रेन में ब्लड क्लोटिंग होने की वजह से एक तरफ का चेहरा पर आंखें भी खराब हो गई हैं। आज वह बेबस लाचार विवेक के घर पर ही है और विक्षिप्त अवस्था में है। गांव के लोग विवेक को फोन पर उसकी पत्नी की सारी जानकारी बताते हैं। वह कभी कभार हजार- दो हजार रुपये किसी के माध्यम से भिजवा देता है । विवेक का पड़ोसी जो उसके खेत की देखभाल करता है उसके माध्यम से दैनिक जीवन के लिए जरूरी कुछ सामान भी खरीद कर उसके लिए भिजवा देता है। मैं कभी-कभी विवेक से पूछता हूं कि सारे संबंध टूट जाने के बाद भी तू उनकी मदद करता है तो वह कहता है कि अन्न और वस्त्र देने में पात्र और कुपात्र के बीच भेद नहीं करना चाहिए । वैसे भी यह मेरा धर्म है कि वह मेरे घर में है तो उसके जीवन निर्वाह के लिए मैं उचित प्रबंध करूं। शरीर के अलावे दिमागी तौर पर भी अपाहिज हो चुकी उसकी पत्नी आज भी विवेक के प्रति कोई सम्मान का भाव नहीं रखती। विवेक अक्सर कहता है कि यदि वह मुझसे पहले गुजर गई तो मैं अपने हाथों से उसके अंतिम संस्कार भी करूंगा और यदि मैं पहले गुजर गया तो मेरी बेटी सब करेगी। आज विवेक अपनी बेटी के साथ घर से दूर रहता है । एक मां की वजह से उसकी बेटी का घर ऐसे उजड़ा कि आज वह कहीं की नहीं रही।आज जरूरत है ऐसे माताओं को बदलने की जो अपनी बेटी को प्रेम और विनम्रता की शिक्षा न देकर दिन-रात मोबाइल पर अपने घर में कलह पैदा करने, कटु वचन बोलने, परिवार के सदस्यों को नीचा दिखाने और अपने पति को परिवार से अलग करने की साजिस की शिक्षा दे रही हैं । कहते हैं नारी दया,करुणा ,ममता की प्रतिमूर्ति होती है फिर उनमें से कुछ महिलाएं इतनी क्रूर कैसे हो जाती है ? अपनी ही औलाद की दुश्मन क्यों बन जाती है ? मेरे सामने ऐसे कई ज्वलंत उदाहरण है । मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि हम अपने बच्चों को बड़ा आदमी बनने की शिक्षा देने से पहले मनुष्य बनने का संस्कार दें । इसके लिए जरूरी है कि हम निरंतर पहले अपने आप को परखें, अपने जीवन मूल्यों को जिंदा रखें । यह याद रखें कि हमारा बीता हुआ कल ही हमारे आज के भविष्य का निर्माण करता है । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| कवि रमाकांत सोनी का हुआ सम्मान Posted: 05 May 2022 09:09 AM PDT कवि रमाकांत सोनी का हुआ सम्मानएसोसिएशन ऑफ लायंस क्लब इंटरनेशनल की ओर से नवलगढ़ के कवि रमाकांत सोनी का उत्कृष्ट साहित्य सेवा के लिए सम्मान किया गया। सोनी ने 7 मार्च को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर देशभर की 51 कवयित्रियों को आमंत्रित कर विशाल कवि सम्मेलन राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर के बैनर तले करवाया। कवि रमाकांत सोनी संस्था में जिलाध्यक्ष का दायित्व निभा रहे हैं। आकाशवाणी जयपुर से राजस्थानी भाषा से काव्य पाठ कर चुके हैं। वे देशभक्ति गीत छंद मुक्तक दोहा गजल आदि विधाओं में लेखन कार्य करते हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 05 May 2022 09:03 AM PDT मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भवन निर्माण विभाग की कई योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास120239.93 लाख रुपए की 16 विभागों के 188 भवनों का उद्घाटन तथा 69715.95 लाख रुपए की प्राक्कलित राशि के 16 विभागों के 56 भवनों का किया शिलान्यास। पटना 05 मई 2022 को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 16 विभागों की 120239.93 लाख रुपये की लागत से निर्मित 188 भवनों का उद्घाटन तथा 16 विभागों की 69715.95 लाख रुपये की प्राक्कलित राशि के 56 भवनों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई देता हूं। विभिन्न विभागों के भवनों के उद्घाटन एवं शिलान्यास के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया गया है। आज 16 विभागों के 188 भवनों का उद्घाटन तथा 16 विभागों के 56 भवनों का शिलान्यास किया गया है। मुझे खुशी है कि आज मिथिला चित्रकला संस्थान और मिथिला ललित संग्रहालय के भवन का उद्घाटन हुआ है। इसके लिए हम दो-तीन बार मधुबनी गए और इसके निर्माण के लिये स्थल का चयन किया गया। निर्माण हो जाने से इस संस्थान द्वारा चित्रकला में सर्टिफिकेट दिया जायेगा, डिग्री कोर्स भी शुरू होगा। यह संस्थान मधुबनी पेंटिंग को व्यावसायिक उपलब्धि दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां महत्वपूर्ण चीजें रखी जाएंगी जिसे लोग देखेंगे, जानेंगे और कई चीजें सीखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में चंपारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरा होने पर हमलोगों ने निर्णय लिया था कि मोतिहारी और बेतिया में 2 हजार लोगों के बैठने की क्षमता के प्रेक्षागृह बनायेंगे, अब वह बनकर तैयार हो गया है और आज उसका उद्घाटन हुआ है। यह खुशी की बात है। मुजफ्फरपुर में भी 2 हजार लोगों के बैठने की क्षमता वाले प्रेक्षागृह का निर्माण कराया जाना है जिसका भी आज शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकिनगर में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए काम शुरू किया गया है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगल, पहाड़ और नदियां तीनों एक साथ हैं जो काफी आकर्षक हैं। देश भर में कहीं भी ऐसी दूसरी जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि सभागार का आज शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना में सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र का निर्माण कराया गया है, जिसमें ज्ञान भवन और 5 हजार की क्षमता वाले बापू सभागार का निर्माण कराया गया। दुनिया में इस तरह का कोई भी सभागार नहीं है। ऐतिहासिक चीजों को जानने के लिये सभ्यता द्वार का निर्माण कराया गया। सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र में सम्राट अशोक की एक सांकेतिक प्रतिमा लगायी गई है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बिहार संग्रहालय का निर्माण कराया गया। पटना संग्रहालय को बिहार संग्रहालय से जोड़ा जा रहा है। सरदार पटेल भवन का निर्माण आधुनिक तरीके से बेहतर ढंग से कराया गया है जो भूकंप की अधिक तीव्रता में भी सुरक्षित रहेगा। अंजुमन इस्लामिया भवन का भी काम लगभग पूरा हो चला है। बोधगया में महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र भी बन गया है। कई भवनों का निर्माण बेहतर तरीके से निर्माण कराया गया है। बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय जो वैशाली में बन रहा है उसका निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करें। यहां निर्माण कार्य के लिये सैंड स्टोन राजस्थान से मंगाया जाता है, कोरोना काल में उसे राजस्थान से लाने में परेशानी हो रही थी लेकिन अब इसे लाया जा रहा है। बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय खेल एकेडमी का निर्माण तेजी से पूर्ण करें। अब वहां यूनिवर्सिटी बनाने का भी निर्णय लिया जा चुका है। ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम साइंस सिटी का हाल में ही हमने निर्माणाधीन कार्य का जायजा लिया था। इसे भी जल्द पूर्ण करें। बापू टावर का भी निर्माण तेजी से पूर्ण करें। इसका निर्माण पूर्ण होने पर यहां बापू के बारे में कई प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारियां नई पीढ़ी के लोगों को मिलेगी। उन्होंने कहा कि जो भी सड़क, पुल, पुलिया, भवन का निर्माण किया जा रहा है उसके मेंटनेंस पर विशेष ध्यान दें। मेंटेनेंस का काम बहुत महत्वपूर्ण है। इस कार्य के लिये और अभियंताओं तथा कर्मियों की जरूरत के अनुसार और भर्ती होने से रोजगार में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि अब सरकारी भवनों के निर्माण में फ्लाई ऐश से बनी ईंट का प्रयोग हो रहा है। थर्मल पावर प्लांट से निकले राख से फ्लाई ऐश ईंट का निर्माण किया जाता है। हम जब विदेश गए थे, वहां फ्लाई ऐश ईंट के प्रयोग को देखा था और यहां आकर फ्लाई ऐश ईंट के प्रयोग को लेकर अधिकारियों से कहा था। खुशी की बात है कि अब सरकारी भवनों में पक्की ईंट की जगह फ्लाई ऐश का प्रयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि आई0टी0आई0, पॉलिटेकनिक संस्थान, छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय विद्यालय सहित कई अन्य भवनों का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की गयी है। 2015 से सात निश्चय-1 और अब सात निश्चय-2 का काम किया जा रहा है। जल और हरियाली है तभी जीवन सुरक्षित है। जल-जीवन-हरियाली अभियान से संबंधित जो काम किए जा रहे हैं उसके कार्यान्वयन पर भी विशेष ध्यान दें। रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सौर ऊर्जा का काम सरकारी भवनों में ठीक ढंग से करायें। जितने भी सरकारी भवन हैं उन पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग काम होने से वर्षा जल को संरक्षित किया जा सकेगा उससे भूजल स्तर भी मेंटेन रहेगा। सौर ऊर्जा का बहुत लाभ मिलनेवाला है। सरकारी भवनों पर सौर प्लेट लगाए जा रहे हैं। उस ऊर्जा का उपयोग सरकारी भवनों में किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य कराया जाए। मैंने भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और मैं लोगों की सेवा कार्य में लगा हूं। आप सभी अभियंताओं से मेरा निवेदन है कि मेंटेनेंस के काम पर विशेष ध्यान दें। आज जिन भवनों का शिलान्यास किया गया है उसे कम-से-कम समय में पूर्ण करने के लिए तेजी से काम करें। आज के इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिये आप सभी को धन्यवाद देता हूं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने पौधा भेंटकर किया। कार्यक्रम के दौरान भवन निर्माण विभाग एवं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा भवन निर्माण कार्य पर आधारित लघु फिल्म का प्रस्तुतीकरण किया गया। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चैधरी, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी एवं भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने संबोधित किया। सूचना एवं जन-संपर्क सह जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा ने मिथिला चित्रकला संस्थान और मिथिला ललित संग्रहालय के भवन के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि मिथिलावासियों के लिए आपने बड़ी सौगात दी है और मिथिला पेंटिंग को आपने अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। कार्यक्रम में भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चैधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ0 एस0 सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह एवं भवन निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख श्री राकेश कुमार उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, उद्योग मंत्री श्री सैयद शाहनवाज हुसैन, कृषि मंत्री श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, सूचना एवं जन-सम्पर्क सह जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, श्रम संसाधन मंत्री श्री जिवेश कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री राम सूरत कुमार, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री लेशी सिंह, गन्ना उद्योग सह विधि मंत्री श्री प्रमोद कुमार, समाज कल्याण मंत्री श्री मदन सहनी, सहकारिता मंत्री श्री सुबाष सिंह, अनुसूचित जाति/जनजति कल्याण सह लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, कला संस्कृति एवं युवा मामलों के मंत्री श्री आलोक रंजन, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री सुनील कुमार, पर्यटन मंत्री श्री नारायण प्रसाद, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री जमा खान, सांसदगण, विधायकगण, विधान पार्षदगण सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, अभियंतागण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| खेलो मास्टर्स इंडिया गेम्स में अंजू की स्वर्णिम हेट्रिक Posted: 05 May 2022 08:55 AM PDT खेलो मास्टर्स इंडिया गेम्स में अंजू की स्वर्णिम हेट्रिकजितेन्द्र कुमार सिन्हा, त्यागराज स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में 30 अप्रैल से 03 मई तक आयोजित खेलो मास्टर्स इंडिया गेम्स में पूर्व मध्य रेलवे में कार्यरत अंजू कुमारी ने व्यक्तिगत स्पृधा में स्वर्ण पदक की हेट्रिक पूरी करते हुए कुल चार स्वर्ण पदक जीता। कोच रितेश कुमार ने बताया कि अंजू ने 100मीटर, 200मीटर, ट्रिपल जम्प तथा 4×100 मीटर रिले मे स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने बताया कि अंजू कुमारी को करोना काल तथा धुटने की चोट के कारण तैयारी करने में काफी कठिनाईयाँ आई परन्तु विषम परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और स्वर्ण पदकों की हेट्रिक पूरी की। अंजू फिलहाल दानापुर रेल मंडल के पटना में उप मुख्य टिकट निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं । अंजू के इस उपलब्धियों को लेकर दानापुर रेल मंडल के डीआरएम प्रभात कुमार ढेर सारी बधाई के साथ शुभकामनाएं दिया है। वहीं मंडल के विभिन्न रेलवे संगठनों के नेताओं ने भी बधाई दिया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 05 May 2022 08:02 AM PDT
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| बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ में हर्षोल्लास से मनाया गया आदि शंकराचार्य जी की जन्मोत्सव | Posted: 05 May 2022 07:35 AM PDT बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ में हर्षोल्लास से मनाया गया आदि शंकराचार्य जी की जन्मोत्सव |सनातन धर्म परम्परा को स्थापित किया आदि शंकराचार्य ने:- जगत नारायण शर्मा पटना के बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ, राजाबाजार के सभागार में जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की जयंती विद्यापीठ के संचालक जगत नारायण शर्मा की अध्यक्षता में बच्चों के द्वारा वैदिक मंत्रोचार एवं मंगलाचरण के द्वारा किया गया| इस अवसर पर उपस्थित जनों ने आदि शंकराचार्य के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर अपनी कृतज्ञता आदि शंकराचार्य जी के चरणों में रखीं | कार्यक्रम में सदाचार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामाशीष सिंह ने भागवत का श्लोक बोलते हुए कहाकि ज्ञानी वेद आदि शास्त्रों के ज्ञान को जाननेवाले से भी श्रेष्ठ होता है | आदि शंकराचार्य ने सम्पूर्ण भारत वर्ष का दौरा पैदल ही किया और पुरे भारत में चार पीठ की स्थापना की और सनातन श्रम की वैदिक परम्परा को अक्षुण रखने का मार्ग प्रशस्त किया | डॉ रमाकांत पाण्डेय ने विद्यापीठ के बच्चों को आदि शंकराचार्य के आदर्शों के बारें में बताया और कहाकि आप को अपने पाठ और गुरुजनों पर आस्था जरुर करनी चाहिए| बच्चो को कभी उदास नहीं रहना चाहिए| कार्यक्रम में देवेश श्रम, कवीन्द्र कुमार शर्मा, डॉ अरविन्द पाण्डेय, हेमकांत मिश्र , प्रभाकर चौबे एवं छत्रों ने भाग लिया| हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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