प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- जालौन : नि:शुल्क पुस्तक वितरण में करोड़ों के गड़बड़झाले के आरोप पर डीएम ने गठित की जांच समिति, जानें पूरा मामला
- सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में दोहरी व्यवस्था के खिलाफ 1 जून को निदेशालय का घेराव
- एक जिला एक उत्पाद (ODOP) की जरूरत के अनुसार ITI में शुरू होंगे कोर्स
- 300 से अधिक एडेड महाविद्यालयों में तैयार होंगी स्मार्ट क्लास
- अनुदेशिका का ब्लॉक स्तरीय स्थानांतरण करें - हाईकोर्ट
- UP के माध्यमिक स्कूलों में हो रही है अटेंडेंस सिस्टम की तैयारी, ये होंगे नियम
- बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत स्कूली वाहनों का वर्ष में एक बार निरीक्षण कराने विषयक आदेश जारी
| Posted: 15 May 2022 07:36 PM PDT जालौन : नि:शुल्क पुस्तक वितरण में करोड़ों के गड़बड़झाले के आरोप पर डीएम ने गठित की जांच समिति, जानें पूरा मामला उरई : जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की एक और करतूत सामने आई है। वर्ष 2021-22 के सत्र में निश्शुल्क पाठ्य पुस्तकों के वितरण व कार्य पुस्तिकाओं के क्रय विक्रय में करोड़ों का घोटाला सामने आया है। अब इस करतूत को दबाने के लिए विद्यालयों से शत प्रतिशत पुस्तकें बांटे जाने का प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। मामले को काफी दिनों से बेसिक शिक्षा विभाग दबाने में जुटा है। डीएम प्रियंका निरंजन ने फिलहाल एक जांच कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। वर्ष 2021- 2022 के शैक्षिक सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निश्शुल्क पाठ्य पुस्तकें व कार्य पुस्तिकाओं के क्रय विक्रय व वितरण में जमकर गड़बड़झाला किया गया है। शासन से 2 करोड 37 लाख रुपये की राशि से प्राथमिक विद्यालयों में पुस्तकों का वितरण होना था, लेकिन जिले में 60 प्रतिशत पुस्तकों का वितरण भी नहीं किया गया। इस बात की तस्दीक स्वयं प्राथमिक विद्यालय कर रहे हैं। अब घोटाले की आंच को दबाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग जिले भर के विद्यालयों से जबरन पुस्तकें वितरण का प्रमाण पत्र मांग रहा है। सवाल है कि जब पुस्तकें बांटी ही नहीं गई तो उनसे पुस्तक वितरण का प्रमाण पत्र क्यों मांगा जा रहा है। मामले में बीएसए प्रेम चंद्र यादव का पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन लगातार स्विच आफ रहा। शिक्षकों पर जबरन बनाया जा रहा दबाव : राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने बताया कि जिले में पुस्तक वितरण के नाम पर करोड़ों का घोटाला किया गया है। घोटाले को छिपाने के लिए विभाग के उच्चाधिकारी अपने विभागीय अधिकारियों के माध्यम से अध्यापकों पर दबाव बनाकर फर्जी पुस्तक वितरण प्रमाण पत्र मांग रहे हैं। उन्हें वेतन रोकने व निलंबन तक की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि जांच के नाम पर जिला प्रशासन ने पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया है। ऐसे किया गया गड़बड़झाला : वर्ष 2021- 2022 में जिले के महेबा व कदौरा ब्लाक के किसी भी विद्यालय में कक्षा एक की किताबें नहीं पहुंची। यह बात शिक्षक दबी जुबान से बताते हैं जबकि किताबों के वितरण को लेकर बीते अक्टूबर माह में शिक्षको के द्वारा जनपद के नौ ब्लाकों से मांगपत्र बीईओ के माध्यम से बीएसए को प्रेषित किए थे। फिर भी किताबें नही भेजी गईं। इससे पूर्व 2020- 21 में भी निशुश्ल्क बांटी जाने वाली पुस्तकें विद्यालयों तक नही पहुंचाई गईं थीं। जनपद में परिषदीय विद्यालयों की संख्या व छात्रों की संख्या प्राथमिक विद्यालय : 949 उच्च प्राथमिक विद्यालय : 322 कंपोजिट विद्यालय : 229 ----------------- कुल छात्र 1लाख 55 हजार 394 हिंदी माध्यम के छात्रों की संख्या : 1लाख 36 हजार 344 अंग्रेजी माध्यम के छात्रों की संख्या : 19 हजार 50 उर्दू माध्यम के छात्रों की संख्या : 1523 --------------- शिकायत मिली है, जिसमें एक जांच कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम कालपी को नामित किया गया है। कुछ स्थानों में किताबों का वितरण न होने की बात सामने आई है। जांच के बाद स्थिति सामने आएगी। प्रियंका निरंजन, डीएम जालौन --------------- जिले के बीएसए पर गंभीर आरोप हैं इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिक्षकों को अनावश्यक प्रताड़ित किया जा रहा है। जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा की गई है। दोषी लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। धनश्याम अनुरागी, जिला पंचायत अध्यक्ष, शिकायतकर्ता |
| Posted: 15 May 2022 07:17 PM PDT सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में दोहरी व्यवस्था के खिलाफ 1 जून को निदेशालय का घेराव लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में दोहरी व्यवस्था के खिलाफ 1 जून को निदेशालय का घेराव करने का निर्णय किया है। इसके साथ ही गर्मी की छुट्टियों में शिक्षकों को बुलाने संबंधी दिए जा रहे निर्देशों का भी विरोध किया है। संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की रविवार को मुख्यालय में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष श्रवण कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हुई थी। ऑनलाइन स्थानांतरण में तमाम कमियों के खिलाफ कुछ शिक्षक हाईकोर्ट चले गए, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी विभाग के अधिकारी कोर्ट में काउंटर नहीं लगा रहे। इसके कारण स्थानांतरण प्रक्रिया बाधित है। दूसरी तरफ गुपचुप तरीके से अपने चहेतों का स्थानांतरण कर रहे हैं। इस दोहरी व्यवस्था से शिक्षक आक्रोशित हैं। इसलिए 1 जून को निदेशालय का घेराव किया जाएगा। प्रदेश संरक्षक डॉ. हरि प्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि 21 मई से 30 जून तक ग्रीष्म अवकाश है, लेकिन अधिकारी रोजाना नए-नए आदेश जारी कर ग्रीष्मावकाश के दौरान शिक्षकों को विद्यालय आने पर विवश कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि यदि ग्रीष्म अवकाश में शिक्षकों को बुलाना है तो उसके बदले अर्जित अवकाश प्रदान किया जाए। प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने छात्र/छात्राओं की ईमेल आईडी के लिए शिक्षकों पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए इसे रोकने की मांग की। |
| एक जिला एक उत्पाद (ODOP) की जरूरत के अनुसार ITI में शुरू होंगे कोर्स Posted: 15 May 2022 06:55 PM PDT एक जिला एक उत्पाद (ODOP) की जरूरत के अनुसार ITI में शुरू होंगे कोर्स हर जिले में होगी शुरुआत, प्रशिक्षित युवा पा सकेंगे रोजगार लखनऊ। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय की ओर से एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की जरूरत के अनुसार प्रदेश के हर जिले के आईटीआई में कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके जरिए जिले के उत्पाद उद्योग के आधार पर युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। विद्यार्थी उसी उद्योग में अप्रेंटिस करके नौकरी पा सकेंगे और अपना रोजगार भी शुरू कर सकेंगे। योजना की शुरूआत इसी शैक्षिक सत्र से होगी। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशक हरिकेश चौरसिया ने बताया कि कई जिलों में वहां के प्रसिद्ध उत्पाद के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं मिलते। संबंधित उद्योगों में बाहर से नौकरी करने लोग आते हैं। इसीलिए कोशिश है कि प्रत्येक जिले के उत्पाद व उससे जुड़े उद्योगों के लिए प्रशिक्षित युवा तैयार किए जाएं। इसी में क्रम में प्रत्येक जिले के नोडल के आईटीआई में वहां के उत्पाद से जुड़ी ट्रेड शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उत्पाद व युवा दोनों को फायदा होगा। कौशल विकास मिशन भी करेगा मदद: ओडीओपी को सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय राज्य कौशल विकास मिशन की भी मदद लेगा। चौरसिया ने बताया कि मिशन से ओडीओपी के अनुसार शार्ट टर्म कोर्स जिलों के आईटीआई में शुरू कराने के लिए पत्र भेजा गया है। |
| 300 से अधिक एडेड महाविद्यालयों में तैयार होंगी स्मार्ट क्लास Posted: 15 May 2022 06:51 PM PDT 300 से अधिक एडेड महाविद्यालयों में तैयार होंगी स्मार्ट क्लास लखनऊ। प्रदेश में 300 से अधिक सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में अगले तीन वर्ष में स्मार्ट क्लास तैयार की जाएंगी। इसके लिए शासन ने तीन वर्ष पहले तक जमा कासन मनी का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। इसी के साथ ही स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में अवस्थापना सुविधाएं बढ़ाए जाने की भी योजना बन रही है। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार शिक्षा के आधुनिकीकरण और नवाचार के लिए प्रदेश के एडेड महाविद्यालयों में सरकार ने अगले तीन चार वर्षों में स्मार्ट क्लास रूम की व्यवस्था और प्रयोगशालाओं के नवीनीकरण की योजना तैयार की है। हायर एजुकेशन रेनोवेशन मिशन के तहत तीन साल में क्रमशः पहले वर्ष 50, दूसरे वर्ष 100 और तीसरे वर्ष 181 कॉलेजों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की जाएगी। |
| अनुदेशिका का ब्लॉक स्तरीय स्थानांतरण करें - हाईकोर्ट Posted: 15 May 2022 08:04 PM PDT अनुदेशिका का ब्लॉक स्तरीय स्थानांतरण करें - हाईकोर्ट प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बस्ती को निर्देश दिया है कि छह दिसंबर 2019 के शासनादेश के तहत अनुदेशिका का ब्लॉक स्तरीय स्थानांतरण का आदेश करें। कोर्ट ने कहा कि पहली जुलाई 2022 से याची को पूर्व माध्यमिक विद्यालय बीजलपुर ब्लॉक रुदौली, बस्ती से अपर प्राइमरी स्कूल सहिजनपुर, कप्तानगंज स्थानांतरित कर दिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने शारदा राव की याचिका स्वीकार करते हुए दिया है। अधिवक्ता दुर्गा तिवारी के अनुसार याची ने शासनादेश के तहत 16 दिसंबर 2019 को बीएसए को स्थानांतरण की अर्जी दी है लेकिन उस पर कोई आदेश नहीं किया गया है। इस पर यह याचिका कर स्थानांतरण का समादेश जारी करने की मांग की गई थी। विपक्षी की ओर से जवाबी हलफनामे में कहा गया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 100 से कम छात्र हैं। ऐसे में स्थानांतरण नहीं किया जा सकता। याची के अधिवक्ता का कहना था कि खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट में छात्र संख्या 102 बताई गई है। कोर्ट ने कहा कि इसका उत्तर जवाबी हलफनामे में नहीं दिया गया है। इस पर कोर्ट ने बीएसए बस्ती को याची का स्थानांतरण करने का निर्देश दिया है। कोर्ट आर्डर HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD Court No. - 32 Case :- WRIT - A No. - 13199 of 2020 Petitioner :- Sharda Rao Respondent :- State Of U.P. And 3 Others Counsel for Petitioner :- Durga Tiwari Counsel for Respondent :- C.S.C.,Awadhesh Kumar,Durga Singh Hon'ble Siddharth,J. Heard Smt. Durga Tiwari, learned counsel for the petitioner; learned Standing Counsel appearing on behalf of respondent nos. 1 & 3, Sri Durga Singh, learned counsel for respondent no.2 and Sri Awadhesh Kumar, learned counsel for respondent no.4. Counter affidavit has been filed by learned counsel for respondent no.4, which is taken on record. This writ petition has been filed praying for direction to respondent no.4, District Basic Education Officer, Basti, to transfer the petitioner to Uppar Primary School, Sahijanpur Vikas Khand Kaptanganj, District Basti in pursuance of the Government Order dated 06.12.2019 and the application dated 16.12.2019 submitted by the petitioner. The grievance of the petitioner is that she wants transfer to Uppar Primary School, Sahijanpur Vikas Khand Kaptanganj, District Basti from Purva Madhyamik Vidhyalaya, Bizalpur Vikas Khand Rudhauli, District Basti in pursuance of Government order dated 06.12.2019. She has already made an representation dated 16.12.2019 in this regard before the respondent no.4, District Basic Education Officer, Basti, but no order has been passed on her representation. Hence she is before this Court. A counter affidavit has been filed by respondent no.4, wherein it has been stated that there are less than 100 students in Purva Madhyamik Vidhyalaya, Sahijanpur, Vikas Khan Kanptanganj, District Basti. Therefore, petitioner has not been transferred to the aforesaid institution. Learned counsel for the petitioner has pointed out to the certificate of Block Education Officer, Kantanganj, Basti, stating that in Purva Madhyamik Vidhyalaya, Sahijanpur, Vikas Khan Kanptanganj, District Basti, the number of students is 102. No reply is given to the certificate of Block Education Officer in the counter affidavit. A direction is issued to respondent no.4, District Basic Education Officer, Basti, to transfer the petitioner to Uppar Primary School, Sahijanpur Vikas Khand Kaptanganj, District Basti� from Purva Madhyamik Vidhyalaya, Bizalpur Vikas Khand Rudhauli, District Basti,� in pursuance of the Government Order dated 06.12.2019, next session commencing from 1st July, 2022. This writ petition is allowed. Order Date :- 13.5.2022 Ruchi Agrahari |
| UP के माध्यमिक स्कूलों में हो रही है अटेंडेंस सिस्टम की तैयारी, ये होंगे नियम Posted: 15 May 2022 05:53 PM PDT माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस सत्र से शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस शुरू करने की तैयारी की UP school teachers attendance: शिक्षा विभाग ने इस सेशन से स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसे माध्यमिक शिक्षा विभाग की 100 दिवसीय कार्य योजना (100-day action plan) में शामिल किया गया है। इसके लिए विभाग स्तर पर तैयारी की जा रही है। बता दें, इस सेशन से यूपी के स्कूलों में माहौल बदल जाएगा। सरकार ने शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस का लेने निर्णय लिया है। इसी के साथ यूपी सरकार ने इसे लागू करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। UP के स्कूलों में हो रही है अटेंडेंस सिस्टम की तैयारी अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और काम में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों की जवाबदेही तय करने का काम शुरू कर दिया है। अब शिक्षक चाहकर भी देरी से नहीं आ सकेंगे। ये होंगे नियम - विद्यालय में शिक्षकों का अटेंडेंस दर्ज करने के लिए इसे ऑनलाइन किया जाएगा। - यह फैसला इसी सत्र से लागू किया जाएगा। - उनके स्क्लू में प्रवेश के समय के साथ-साथ स्कूल से बाहर जाने का समय भी दर्ज किया जाएगा। यूपी स्कूल शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम - बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम कैसे होगा इस पर काम शुरू हो गया है। - माध्यमिक शिक्षा परिषद के पोर्टल या किसी अन्य माध्यम से इस पर विचार किया जा रहा है। - जिला विद्यालय निरीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी शिक्षकों और छात्रों के पास ई-मेल आईडी हों। - फिलहाल विभाग के इस फैसले के दायरे में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के 60 हजार से ज्यादा शिक्षक आ सकते हैं। |
| बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत स्कूली वाहनों का वर्ष में एक बार निरीक्षण कराने विषयक आदेश जारी Posted: 15 May 2022 05:06 PM PDT |
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