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- पढ़िए ऐसे मामले जिनमें कोर्ट तारीख पर तारीख नहीं देता, फटाफट डिसीजन हो जाता है- CrPC 260
- RDVV NEWS- बीए, बीकॉम और बीएससी के संशोधित टाइम टेबल यहां से डाउनलोड करें
- खंडवा में आशा मिश्रा को OBC आरक्षित सीट से टिकट क्यों मिला, पढ़िए - MP NEWS
- CM RISE शिक्षक विवाद- पढ़िए हाईकोर्ट में DPI का जवाब और हाई कोर्ट की कार्यवाही- MP karmchari news
- मध्य प्रदेश नगर निगम महापौर चुनाव 2022- कांग्रेस प्रत्याशियों की लिस्ट- MP NEWS
| पढ़िए ऐसे मामले जिनमें कोर्ट तारीख पर तारीख नहीं देता, फटाफट डिसीजन हो जाता है- CrPC 260 Posted: 09 Jun 2022 02:14 PM PDT सरकारों ने अपराधों की संख्या के अनुपात में न्यायालयों की संख्या नहीं बढ़ाई, नतीजा लाखों मामले पेंडिंग हो गए और अति आवश्यक को छोड़कर शेष मामलों में तारीख बनानी पड़ती है लेकिन कुछ मामले ऐसे हैं जिनमें लंबे समय तक तारीख बढ़ाने का प्रावधान ही नहीं है। ऐसे मामलों में चट सुनवाई पट फैसला जैसी स्थिति रहती है। दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 260 की परिभाषा:-कोई भी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, महानगर मजिस्ट्रेट या हाईकोर्ट द्वारा प्राधिकृत किया गया कोई प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट निम्न प्रकार के अपराधों का संक्षिप्त रूप में विचारण कर सकता है एवं कार्यवाही को जल्द खत्म भी कर सकता है पढ़िए:- 1. वे अपराध जो मृत्यु दण्ड से दंडनीय हैं या आजीवन कारावास से दंडनीय है या दो वर्ष के कारावास से कम अवधि से दंडनीय हैं। 2. वे अपराध जो भारतीय दण्ड संहिता के अध्याय 17 की धारा 379, 380 एवं 381 चोरी से संबंधित हैं लेकिन शर्त यह है कि चोरी की संपत्ति का मूल्य 2000/- रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। 3. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 411 के अंतर्गत चोरी की संपत्ति को रखने, छुपाने, प्राप्त करने से दंडनीय अपराध लेकिन उस संपत्ति का मूल्य 2000/- रूपए से अधिक नहीं होना चाहिए। 4. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 454 एवं धारा 455 गृहअतिचार अर्थात आपराधिक उद्देश्य से घर में घुसना या घर में घुस कर मारपीट करना आदि से दंडनीय अपराध। 5. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 504 लोक शान्ति भंग करने के उद्देश्य से अपमान करना एवं धारा 506 आपराधिक अभित्रास से दंडनीय अपराध। 6. किसी भी प्रकार के अपराध को करने के लिए उकसाना या दुष्प्रेरण करने से दंडनीय अपराध। 7. किसी अपराध को करने का प्रयत्न करने के अपराध से दंडनीय हो। 8. पशु अतिचार अधिनियम,1871 की धारा 20 के अधीन कोई परिवाद दायर किया गया हो तब उसका विचारण भी संक्षिप्त किया जाएगा। अर्थात उपर्युक्त सभी अपराधों का विचारण मजिस्ट्रेट (मुख्य न्यायिक, महानगर एवं हाईकोर्ट द्वारा प्राधिकृत प्रथम वर्ग) संक्षिप्त रूप एवं कम समय मे दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 260 के अनुसार करेगा। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 |
| RDVV NEWS- बीए, बीकॉम और बीएससी के संशोधित टाइम टेबल यहां से डाउनलोड करें Posted: 09 Jun 2022 01:58 PM PDT Rani Durgavati Vishwavidyalaya indore द्वारा बीए, बीकॉम और बीएससी के संशोधित टाइम टेबल जारी कर दिए गए हैं। ऑफिशल वेबसाइट पर उपलब्ध है। स्टूडेंट्स डाउनलोड कर सकते हैं। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा दिनांक 08-06-2022 को Revised Time Table of B.Com. and B.Com. Hons. I year Exam 2021-22 NEP 2 08-06-2022 Revised Time Table of B.Sc. I year Exam 2021-22 NEP 3 08-06-2022 Revised Time Table of B.A. I year Exam 2021-22 NEP जारी किया गया। RDVV List of Revised Time TableClick here for Revised Time Table of B.Com. and B.Com. Hons. I year Exam 2021-22 NEP Click here for Revised Time Table of B.Sc. I year Exam 2021-22 NEP Click here for Revised Time Table of B.A. I year Exam 2021-22 NEP Click here for P.G. Diploma in Guidance and Counselling and M.A. Psychology I Sem Exam 2021-22 |
| खंडवा में आशा मिश्रा को OBC आरक्षित सीट से टिकट क्यों मिला, पढ़िए - MP NEWS Posted: 09 Jun 2022 01:49 PM PDT भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महापौर चुनाव के लिए अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। खंडवा नगर निगम की महापौर सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है और कांग्रेस की लिस्ट में आशा मिश्रा नाम लिखा हुआ है। इसी बात को लेकर बवाल मचा हुआ है। आइए हम बताते हैं कि खंडवा में आशा मिश्रा को ओबीसी आरक्षित सीट से टिकट क्यों मिला:- सबसे पहले पॉलीटिकल पावर समझिएखंडवा में कांग्रेस के दिग्गज नेता है, वीरेंद्र बल्ली मिश्रा। इनके सुपुत्र का नाम है अमित मिश्रा और पुत्रवधू आशा मिश्रा। जैसा कि बताया गया, बल्ली मिश्रा दिग्गज नेता है। अरुण यादव नहीं चाहते थे कि बल्ली मिश्रा को पावर मिले लेकिन फिर भी उनकी पुत्रवधू को टिकट मिल गया। बताने की जरूरत नहीं की टिकट वितरण में अरुण यादव की नहीं चली। आशा मिश्रा, ओबीसी महिला कैसे हैंदरअसल, कांग्रेस पार्टी की टिकट फाइनल करने वाले नेताओं की मीटिंग में अनुभवी की कमी थी। कांग्रेस नेता बल्ली मिश्रा की बहू आशा मिश्रा नहीं बल्कि विश्वकर्मा है। चाहे तो उन्हें आशा विश्वकर्मा मिश्रा बोल सकते हैं। या फिर आशा अमित मिश्रा बोल सकते हैं। आशा मिश्रा तो कतई नहीं है। लिस्ट में नाम गलत है। यदि मैंडेट में भी यही नाम हुआ तो गड़बड़ हो जाएगी। |
| CM RISE शिक्षक विवाद- पढ़िए हाईकोर्ट में DPI का जवाब और हाई कोर्ट की कार्यवाही- MP karmchari news Posted: 09 Jun 2022 01:23 PM PDT जबलपुर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी सीएम राइज स्कूल योजना में शिक्षकों की मनमानी नियुक्ति के बाद पूरा मामला विवादित हो गया है हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं को स्वीकार करते हुए पदस्थापना पर रोक के आदेश जारी कर दिए हैं लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय अपनी गलती सुधारने को तैयार नहीं है। पढ़िए हाईकोर्ट में शासन की ओर से क्या जवाब प्रस्तुत किया गया। अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी ने बताया कि दिनांक 9 जून को सीएम राइज योजना के तहत स्कूलों में शिक्षकों की अवैध पदस्थापना आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओ में सुनवाई हुई। पदस्थापना संबंधी विसंगतियों की ओर कोर्ट का ध्यान आकृष्ट किया गया। मैहर सतना मे पदस्थ, श्री रामायण द्विवेदी माध्यमिक शिक्षक एवं दमोह में पदस्थ भारती राठौड़, माध्यमिक शिक्षक की ओर से वह स्वयं उपस्थित हुए थे। ज्वाइन करना हो तो करो, नहीं तो जहां हो वहीं रहो: स्कूल शिक्षा विभागसरकारी पक्ष द्वारा पत्र दिनांक 8/06/22 प्रस्तुत कर कहा गया कि शासन ने वर्तमान में कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन के निराकरण तक, कार्यमुक्त करने वाले आदेश पर रोक लगा दी गई है। जिन्होंने जॉइनिंग नही दी है वे पुराने स्थान पर पुनः कार्यभार ग्रहण करेंगे। उपरोक्त आधार पर, याचिकाओ को अंतिम रूप से निराकृत कर समाप्त कर दिया जाए। हाईकोर्ट ने लोक शिक्षण संचालनालय का निवेदन अस्वीकार कियाकोर्ट ने याचिका का अंतिम निराकरण करने से इंकार करते हुए, पदस्थापना आदेशों को स्टे करते हुए कहा कि शासन कर्मचारियों के विचाराधीन अभ्यावेदन निराकरण करने के लिए स्वतंत्र है। पत्र दिनाँक 8/06/22 के आधार पर भिन्न आदेश पारित नही किया जा सकता है। यद्यपि, यदि अभ्यावेदन का निराकरण कर्मचारियों के पक्ष में नही होता है, तब वे विचाराधीन याचिकाओ में संशोधन कर, अभ्यावेदन निरस्तीकरण को चुनौती दे सकते हैं लेकिन पूर्व कोर्ट ऑर्डर से भिन्न आदेश पारित नही किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने पदस्थापना आदेशों के पालन पर रोक लगाते हुए सभी याचिकाओं को एक साथ लिंक करके शासन से जवाब मांगा है। |
| मध्य प्रदेश नगर निगम महापौर चुनाव 2022- कांग्रेस प्रत्याशियों की लिस्ट- MP NEWS Posted: 09 Jun 2022 01:05 PM PDT भोपाल। पहले दिग्विजय सिंह और फिर कमलनाथ के घर मैराथन मीटिंग के बाद कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश नगर निगम चुनाव में अपने अधिकृत प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है। जो इस प्रकार है:- • मुरैना – श्रीमती शारदा सोलंकी • ग्वालियर – श्रीमती शोभा सिकरवार • सागर – श्रीमती निधि जैन • भोपाल – श्रीमती विभा पटेल • इंदौर – श्री संजय शुक्ला • कटनी – श्रीमती श्रेहा खंडेलवाल • जबलपुर – श्री जगत बहादुर सिंह अन्नु • सिंगरौली – श्री अरविंद सिंह चंदेल • बुरहानपुर – श्रीमती शहनाज़ अंसारी • छिंदवाड़ा – श्री विक्रम अहाके • रीवा – श्री अजय मिश्रा बाबा • सतना – श्री सिद्धार्थ कुशवाह • देवास – श्रीमती कविता रमेश व्यास • खंडवा – श्रीमती आशा मिश्रा • उज्जैन – श्री महेश परमार कांग्रेस की लिस्ट में गड़बड़ी- महिला प्रत्याशी का पति बदल दियादेवास नगर निगम से जिला अध्यक्ष मनोज राजानी की पत्नी कविता और कांग्रेस नेता रमेश व्यास की पत्नी विनोदिनी दावेदार थीं। कमलनाथ ने अधिकृत प्रत्याशियों की जिस लिस्ट पर हस्ताक्षर किए हैं उसमें देवास प्रत्याशी का नाम कविता रमेश व्यास लिखा है। चक्कर खाने वाली बात यह है कि कविता तो मनोज राजानी की पत्नी है। कमलनाथ ने उनके पति का नाम रमेश व्यास लिख दिया। |
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