दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- भारतीय जन क्रान्ति दल के राष्ट्रीय महासचिव ने पाकिस्तान,ईरान,कुवैत और अफगानिस्तान के राष्ट्राध्यक्षों को मोहम्मद पैगंबर के मामले में महिला नूपुर शर्मा द्वारा टिप्पणी को लेकर वास्तविक तथ्यों को संज्ञान में लेकर कारवाई करने का किया अनुरोध |
- रांची शहर में नमाज़ के बाद मुस्लिम गुंडों के कब्जे में रहा पूरा शहर |
- मौसम का अंदाज
- फुटपाथ
- जुम्मे के दिन
- कुछ छोटी छोटी बातें
- 11 जून 2022, शनिवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- चिडिया
- एक विचार - - - -
- Liked on YouTube: उतरप्रदेश की राज्यमंत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम ने अमृत सरोवर का भूमि पूजन किया |
- एक राष्ट्र का पुनरुत्थान - जल शक्ति के लिए अभिसरण- गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
- आक.....थू
- बन गये तीर्थस्थल
- बचपन की बात
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जम्होर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान सफलतापूर्वक क्रियान्वित
- मुंबई में तीन मंजिला इमारत ढहने की घटना में बिहार के मजूदर की मौत पर मुख्यमंत्री मर्माहत, शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना एवं दुख व्यक्त किया
- राज्यपाल ने राजभवन की नई वेबसाईट को लाॅन्च किया
- 10 जून 2022, शुक्रवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- गंगा दशहरा
- कुतुबमीनार मामले में अब सुनवाई 24 अगस्त को
- करांची में हिन्दू समुदाय को डराने के लिए तोड़ा मंदिर
- भड़काऊ बयानबाजी के लिए ओवैसी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज
- पहले ही वनडे में नाबाद शतक जड़ने वाली मिताली राज
- सिंधु जल समझौते पर विवादों का साया
- बजट सत्र में विपक्ष को घाटा
| Posted: 11 Jun 2022 02:27 AM PDT भारतीय जन क्रान्ति दल के राष्ट्रीय महासचिव ने पाकिस्तान,ईरान,कुवैत और अफगानिस्तान के राष्ट्राध्यक्षों को मोहम्मद पैगंबर के मामले में महिला नूपुर शर्मा द्वारा टिप्पणी को लेकर वास्तविक तथ्यों को संज्ञान में लेकर कारवाई करने का किया अनुरोध |भारतीय जन क्रान्ति दल के राष्ट्रीय महासचिव ने अपने पत्र में कहाकि भारत के अग्रिम हिंदू संगठनों द्वारा पाश्चात्य जगत के समाचार पत्रों और भारतीय समाचार पत्रों से प्राप्त सूचनाओं को संज्ञान में लेकर उन सभी राष्ट्रों को पत्र द्वारा सचेत किया जा रहा है जिन्होंने नूपुर शर्मा जी के मामले में आपत्ति दर्ज की है । हिन्दू संगठन आपकी जानकारी में देना चाहते हैं कि अभी हाल ही में नूपुर शर्मा जी के द्वारा यह वक्तव्य जारी किया गया कि ऑल्ट न्यूज़ के एडिटर मोहम्मद जुबेर नामक व्यक्ति द्वारा नूपुर शर्मा जी के वक्तव्य को एडिट करके आधी बात को फैलाया । जिसके कारण लाखों मुसलमानों के धमकी भरे मेसेज मिल रहे हैं। कई मुस्लिम देशों ने भारत सरकार से आपत्ति दर्ज की है। भारतीय जनता पार्टी ने नूपुर शर्मा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया हैं। गलत तरीके से वीडियो एडिट के कारण मोहम्मद जुबेर पर पहले ही पुलिस में छह FIR दर्ज हैं। पगारदार माननीय न्यायालय द्वारा इनको अभी भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। नूपुर शर्मा कह रही हैं उसने कुछ भी गलत नहीं कहा है उसने वही कहा है जो कुरान में लिखा है। इस बात को लेकर भारत के अखाड़ा परिषद के जाने-माने साधु यति नरसिम्हा नंद सरस्वती ने शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद दिल्ली के जामा मस्जिद में जाने की घोषणा की है और पूरी दुनिया के मुस्लिम विद्वानों को इस बात की चुनौती दी है कि नूपुर शर्मा को गलत सिद्ध करके दिखाएं। हिन्दू संगठनों का कहना है मुस्लिम राष्ट्रों को ऐसे तत्वों से सावधान रहना चाहिए जो लीबिया, सीरिया ,मिश्र, अफगानिस्तान जैसे कई मुस्लिम राष्ट्रों को कब्रिस्तान खंडहर में बदल चुके हैं। आज पाकिस्तान की जनता , अर्थव्यवस्था उनकी दया पर जीवित हैं। पाकिस्तान भगौड़े प्रधानमंत्रियों की धरती बन चुकी है। सद्दाम हुसैन, कर्नल गद्दाफी , हुस्न मुबारिक, लादेन जैसे एक मात्र पूजनीय सर्वशक्तिमान अल्लाह के इस्लामिक मजहबी झंडाबरदार लोगों की बलि जिन तत्वों ने ली हैं क्या उन्होंने अल्लाह का अपमान नही किया हैं ? उनके सामने आप क्या कर रहे हैं ? उनकी दया पर आप जीवित है। वहीं तत्व भारत के हिन्दू मुस्लिम समुदाय में साम्प्रदायिक विद्वेष पैदा कर रहे हैं। अशांति पैदा कर रहे हैं। हमारा कहना है मुस्लिम राष्ट्रों को नूपुर शर्मा जैसे मामलों में पूरी तरह तथ्यों को जानकारी में लेकर ही कोई कारवाई करनी चाहिए। या अपनी गलतियों के लिए भारत सरकार से नूपुर शर्मा से क्षमा मांगना चाहिए। ऑल्ट न्यूज़ मोहम्मद जुबैर के विरुद्ध फतवे जारी करना चाहिए जो असली गुनहगार हैं। यदि आप अल्लाह को एकमात्र पूज्यनीय सर्वशक्तिमान इंसाफ पसंद मानते हैं। OIC ने UNO से भारत के अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारो की मांग की है। नूपुर शर्मा के विरुद्ध जिन लोगो ने मानवता को शर्मशार करने वाले कायरतापूर्ण बयान दिए हैं। उनका हाल भी वैसा ही करना चाहिए जैसा वो दूसरों का करना चाहते हैं। यही न्याय हैं।आप की तत्परता को देखकर आपसे न्याय की अपेक्षा हैं।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| रांची शहर में नमाज़ के बाद मुस्लिम गुंडों के कब्जे में रहा पूरा शहर | Posted: 11 Jun 2022 01:32 AM PDT रांची शहर में नमाज़ के बाद मुस्लिम गुंडों के कब्जे में रहा पूरा शहर |रांची शहर आज मुस्लिम गुंडों के कब्जे में। जगह जगह पर पत्थरबाजी और गोली चली। कई पुलिसकर्मी घायल किंतु इन गुंडों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि यहां योगी जी नही बल्कि कांग्रेस की सरकार है। मामला नूपुर शर्मा जी के बयान का है जबकि नूपुर शर्मा ने कोई गलतबयानी नही की है। आज इस्लाम की सच्चाई यदि किसी ने उजागर कर दिया तो पूरी दुनिया आग के हवाले करने को ये गुंडे तैयार हैं किंतु उस समय ये मुस्लिम किधर रहते हैं जब हिंदू देवी देवताओं को खुलेआम अपमानित किया जाता है ??? जुम्मे की नमाज के बाद यदि शहर में उपद्रव मचता है तो मस्जिद में भड़कनेवाले मौलवी को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए। मैं नूपुर शर्मा जी के बयान का शत प्रतिशत समर्थन करता हूं। यदि मुस्लिमो के द्वारा हिंदू देवी देवताओं को अपमानित किया जायेगा तो हिंदू समाज भी पीछे नहीं हटेगा। क्योंकि हमलोग भी चूड़ी पहनकर नही बैठे हैं। ईंट का जवाब पत्थर से ही दिया जायेगा।झारखंड सरकार एवं प्रशासन आज की घटना के लिए दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करे नही तो हिंदू समाज को सड़क पर उतरने में तनिक भी देरी नही होगी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 11 Jun 2022 01:23 AM PDT
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| Posted: 11 Jun 2022 01:13 AM PDT
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| Posted: 11 Jun 2022 12:32 AM PDT
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| Posted: 11 Jun 2022 12:28 AM PDT कुछ छोटी छोटी बातेंमिलता हूँ रोज खुद से, तभी मैं जान पाता हूँ, गैरों के गम में खुद को, परेशान पाता हूँ। गद्दार इंसानियत के, जो खुद की खातिर जीते, जमाने के दर्द से मैं, मोम सा पिंघल जाता हूँ। ढलती हुयी जिंदगी को, नया नाम दे दो, बुढ़ापे को तजुर्बे से, नयी पहचान दे दो। कुछ हँस कर जीते तो कुछ रोकर मरते हैं, किसी के काम आओ, नया मुकाम दे दो। माना की व्यस्त हूँ, जिंदगी की दौड़ में, भूल जाता हूँ मुस्कराना, कमाने की हौड़ में। थक कर आता हूँ शाम को, बच्चों के बीच मैं, छोड़ आता हूँ सारे गम, गली के मोड़ में। मुश्किलें आती हैं हरदम, मेरी राहों में, मेरे हौसलों का इम्तिहान लेती हैं। बताती हैं डरना नहीं मुश्किलों से कभी, नए रास्ते खोजने का पैगाम देती हैं। अपनी शख्सियत को इतना ऊंचा बनाओ, खुद का पता तुम खुद ही बन जाओ। गैरों के लबों पर तेरा नाम आये शान से, मानवता की राह चल, गर इंसान बन जाओ। किसी कविता में गर नदी सी रवानी हो, सन्देश देने में न उसका कोई सानी हो। छंद-अलंकार-नियमो का महत्त्व नहीं होता, जब कविता ने दुनिया बदलने की ठानी हो। कोई नागरिक मेरे देश का, नहीं रहे अछूता, विकास का संकल्प हमारा, बना रहे अनूठा। तुष्टिकरण का नहीं कोई, यहाँ जाप करेगा, विकसित भारत, अब दुनिया का सरताज बनेगा। केसरिया की शान, जगत में सबसे न्यारी, भारत की धरती, दुनिया में सबसे प्यारी। छः ऋतुओं का भारत, धारा पर एक मात्र है, विश्व गुरु बनने की फिर से, कर ली है तैयारी। फ़क़ीर के हाथ में, न कलम है न धन है, मगर दुवाओं में किस्मत बदलने का ख़म है। यह बहम नहीं हकीकत का फ़साना है, माँ की दुवाओं में सारे जहां से ज्यादा दम है। गिरगिट की तरह रंग बदलते हर पल, तेरे लफ्जों में तेरा किरदार ढूँढूँ कैसे ? कभी तौला कभी माशा, तेरे दाँव पेंच, तेरे जमीर को आयने में देखूं कैसे ? मेरे गीत में शामिल थे तुम, तरन्नुम की तरह, मेरे दर्द में शामिल हुए, बन दर्द की वजह। सच्ची वफ़ा निभाई है, तुमने सदा मुझसे, मेरे जनाजे में आये, अजनबी की तरह। मंजिल की तलाश में, जो लोग बढ़ गए, मंजिलों के सरताज, वो लोग बन गए। बैठे रहे घर में, फकत बात करते रहे, मंजिलों तक पहुँचना, उनके ख्वाब बन गए। दुनिया के दर्द को नहीं, अपनी ख़ुशी को नए रंग देता हूँ, आती जब भी मुसीबत कोई, "शुक्रिया" कह मैं हँस देता हूँ हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 10 Jun 2022 10:18 AM PDT
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| Posted: 10 Jun 2022 02:49 AM PDT चिडियाचिडिया को देखा है मैने, कैसे रोज नहाती, अपने बच्चों के संग फिर, दाना चुगने जाती। चिड़िया को देखा है मैंने, कैसे रोज़ नहाती। जल्दी उठती, मेहनत करती, नही कभी घबराती, सुबह से लेकर शाम तलक, उडती गाती जाती। चिडिया को देखा है मैने, कैसे रोज नहाती। नील गगन में कभी है उडती, कभी जमीं पर आती, कभी डाल पर किसी बैठकर, मीठा गीत सुनाती। चिडिया को देखा है मैने, कैसे रोज नहाती। मेहनत करती तिनके लाकर, सुंदर घर बनाती, सर्दी गर्मी और वर्षा से, कभी नही घबराती। चिडिया को देखा है मैने, कैसे रोज नहाती। उसकी बोली मधुर सुहावन, सबके मन को भाती, नन्हीं चिडिया घर आँगन में, सुबह सवेरे आती। चिडिया को देखा है मैने, कैसे रोज नहाती। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 10 Jun 2022 02:45 AM PDT आजकल एक नयी बहस को जन्म दिया जा रहा है कि जाति खत्म करो तो देश का विकास होगा। जाति गरीब की देखी जाती है या अयोग्य की। जाति का महत्व आपके संस्कारो से जुडता है। जाति विविधता में एकता है। हम सबका धर्म सनातन है जिसे वर्तमान में हिन्दू शब्द से परिभाषित कर दिया गया है। जाति और समाज एक दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति ने फूल बनाये, उन्हें अलग अलग नाम और गुण खुशबू से पहचाना जाता है। पशु, पक्षी अथवा मनुष्य सबको अनेक वर्गों जातियों में बाँटा गया है। फिर सम्भव ही नही कि मानव जातियाँ खत्म हों। समाधान केवल एक है स्वयं को शैक्षिक योग्यता से आगे बढायें, समाजिक प्रतिष्ठा बढायें। अपनी जाति पर गर्व करें। दूसरो का सम्मान करें। पढना और गुणना या समझना दो अलग क्रियाएं हैं। अक्षर ज्ञान वाले केरल का नजारा देखा और सनातन संस्कृति की अनपढ वृद्ध पीढी को देख लो। वह समझदार है। धर्म अर्थ काम मोक्ष का सार समझती है। अतः आवश्यकता है कि शिक्षित के साथ गुणवान भी बनें। हमारे खोखले जातिवाद के अहंकार व आपसी लडाई ने हमारे परंपरागत सारे रोजगार छीन लिये। प्राचीन काल मे हमारा ताना बाना सबको साथ लेकर चलने का था। सब आत्म निर्भर थे। एक दूसरे के पूरक थे। आज हम सब अपनी कुशलता के व्यापार छोड कर दूसरों के आश्रित बन रहे हैं। लोहार बढ़ई नाई कुम्हार धोबी कसेरा, सुधार, बजाज गडरिया या अन्य सब अपना व्यवसाय छोडकर पलायन कर रहे हैं। समझ नही आता इससे कैसे धर्म जाति या समाज का विकास होगा? ध्यान रहे योग्य और समर्थ की जाति नहीं देखी जाती। मगर अलग धर्म में रीति रिवाज सभ्यता संस्कृति खान-पान पूजा पद्धति तथा संस्कार और मानसिकता अलग होते हैं जिसके कारण एक दूसरे के साथ सामंजस्य मुश्किल ही रहता है। सनातन तो सहिष्णुता का संदेश देता है मगर बाकी धर्म थोथा चना बाजे घना की तर्ज पर स्वयं का ढोल बजाते घूमते हैं। हमारा निवेदन है कि सनातन में रहते हुए अपनी जाति पर गर्व करें और सनातन की अन्य जातियों का भी सम्मान करें। छोटी और बड़ी मानसिकता होती है, जाति नहीं। समरथ को नहीं दोष गुसाईं। बस योग्य समर्थ सक्षम तथा संस्कारवान बनें। अ कीर्ति वर्द्धन हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 10 Jun 2022 02:12 AM PDT उतरप्रदेश की राज्यमंत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम ने अमृत सरोवर का भूमि पूजन किया | हमारे संवाददाता पद्मनाभ त्रिपाठी से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तरप्रदेश राज्य सरकार की राज्यमंत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम ने भागलपुर ब्लॉक के पड़री गजराज् ग्राम सभा में अमृत सरोवर का भूमि पूजन किया , उन्हों ने कहाकि घरों में लगनेवाले बोरवेल से पानी का स्तर निचे जा रहा है इसीलिए आवश्यकता है पोखर और तलाब को पुर्जिवित किया जाये | दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/g5Ow9NI Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/AdkhVy8 visit website : https://ift.tt/wX8CuhE via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=hNsKemR4MPA |
| एक राष्ट्र का पुनरुत्थान - जल शक्ति के लिए अभिसरण- गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री Posted: 10 Jun 2022 01:50 AM PDT एक राष्ट्र का पुनरुत्थान - जल शक्ति के लिए अभिसरण- गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रीबचपन में हम सभी ने लकड़ियों के गट्ठर की कहानी सुनी होगी। उस कहानी का आधार यह है कि एक अकेली लकड़ी टूट सकती है, लेकिन जब कई लकड़ियों को एक साथ बांध कर रख दिया जाता है तो फिर उन्हें तोड़ना कठिन होता है उसी तरह जब विचारों, परियोजनाओं और योजनाओं का आपस में विलय होता है तो चमत्कार होते हैं I माननीय प्रधान मंत्री जी इस विचार के ध्वजवाहक हैं। इस सरकार के लिए अभिसरण ( कन्वर्जेन्स ) की अवधारणा के महत्व को इस तथ्य से समझा जा सकता है कि सरकार के पहले कार्यकाल के पहले बजट भाषण (2014) के दौरान स्वर्गीय अरुण जेटली जी ने अभिसरण ( कन्वर्जेन्स ) को सरकार के प्राथमिक संचालन सिद्धांतों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया था। जल शक्ति मंत्रालय में हमने इस अवधारणा का सदा परीक्षण ही किया है। इसका सबसे अच्छा प्रदर्शन इसका जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन है जो एक साथ मिलकर काम करते हैं और परस्पर एक दूसरे को सक्षम बनाते हैं । हमारी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान खुले में शौच की समस्या को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता थी और इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया गया था। एक रिकॉर्ड सेटिंग के रूप में 10 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया था I लेकिन जो अब दिखता है वह एक दुस्वप्न भी हो सकता था अगर इस सरकार के पास ट्विन पिट डिज़ाइन पर शौचालय बनाने की दूरदर्शिता नहीं होती जिसमें मल एवं कीचड़ का एक-साथ उपचार होता है। दूसरे कार्यकाल में जल जीवन मिशन के माध्यम से घरेलू नल के पानी के कनेक्शन के मुद्दे को हल किया जा रहा है I अगस्त, 2019 में प्रधान मंत्री द्वारा इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की घोषणा के बाद से अब तक 50% से अधिक यानी 9.6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल के पानी की आपूर्ति मिल रही है और विशेष रूप से 6.36 करोड़ से अधिक घरों में नल के पानी के कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। परन्तु जल जीवन मिशन को अब एक वैसी ही समस्या का सामना करना पड़ रहा है जैसी स्वच्छ भारत मिशन के सामने मल कीचड़ प्रबंधन यानी अपशिष्ट जल गंदले ( भूरे पानी ) की निकासी के सफल प्रबंधन के साथ आई थी । चूंकि सभी घरेलू घरों से अपशिष्ट रूप में बाहर जाने वाले पानी का 70% गंदले ( ग्रे) पानी में बदल जाता है और जिसे अगर अनुपचारित छोड़ दिया जाता है उसके तो अवांछनीय परिणाम होते हैं, ऐसे यही वह जगह है जहां सरकार ने अभिसरण की अवधारणा का उपयोग किया है। सरकार ने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, जैविकरूप से विखण्डनीय ( बायोडिग्रेडेबल ) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रेवाटर प्रबंधन और मल कीचड़ प्रबंधन पर ध्यान देने के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन, चरण 2 शुरू किया। इस प्रकार, यह ध्यान देने योग्य है कि सरकार अपनी सोच में कैसे एकदम तैयार और नवीन होने में सक्षम रही है ? स्वच्छ भारत मिशन के लिए अभिनव प्रयोग था जब उसने ऐसे ट्विन पिट शौचालयों का उपयोग किया जिन्हें घरेलू नल कनेक्शन और कम मात्रा के मल कीचड़ की आवश्यकता नहीं थी और जब इसे घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किया जाना था तब इसने समग्र स्वच्छता प्राप्त करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के साथ अभिसरण कर लिया जिससे यह ग्रे वाटर प्रबंधन का उपचार एक महत्वपूर्ण घटक बन गया। स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत अब तक 41,450 गांवों में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जा चुकी है और करीब 4 लाख गांवों में न्यूनतम अपशिष्ट पानी रुका हुआ हैI ओडीएफ प्लस योजना के तहत लगभग 22 हजार गांवों को आदर्श ( मॉडल ) गांव का नाम दिया गया है और अन्य 51,000 गांव इस प्रतिष्ठित तमगे को हासिल करने की राह पर हैं। कम समय में ही जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन दोनों ने उल्लेखनीय प्रगति का प्रदर्शन किया है है, जो इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अभिसरण ( कन्वर्जेन्स ) से क्या हासिल किया जा सकता है। अभिसरण के अलावा हमारी सोच का एक और हृदयस्पर्शी पहलू पूर्णता की निरंतर खोज करना , सभी ढीले सिरों को समाहित करने, सेवा प्रदान करने में मौजूदा अंतराल को पाटने और हाशिए पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए अडिग इच्छाशक्ति है। इसका एक उदाहरण यह है कि कैसे स्वच्छ भारत मिशन ( एसबीएम ) चरण -2 में एसबीएम चरण -1 से पहले की समस्याओं से किस तरह निपटा जा रहा है। एसबीएम की शुरुआत से पहले लगभग 1,20,000 टन मल कीचड़ को अनुपचारित छोड़ दिया गया था क्योंकि सभी शौचालयों में से दो-तिहाई मुख्य सीवर लाइनों से जुड़े ही नहीं थे। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के मामले में, भारत के प्लास्टिक अपशिष्ट प्रदूषण का पैमाना चौंका देने वाला है। ये दोनों समस्याएं एसबीएम चरण 2 के एजेंडे में अब खुद को पाती हैं। कुछ ही समय में 3.50 लाख गाँव प्लास्टिक डंप मुक्त हो गए हैं और जिसमें लगभग 4.23 लाख गाँव अपने यहां न्यूनतम कूड़ा दिखा रहे हैं। इसी तरह इसके लिए , लगभग 178 मल कीचड़ उपचार संयंत्र और लगभग 90,000 किलोमीटर नालियों का निर्माण किया गया है। अभिसरण ( कन्वर्जेन्स ) की अभूतपूर्व शक्ति का हवाला देते हुए अक्सर एक उपलब्धि पर चर्चा नहीं की जाती है और वह है महिलाओं पर इसका प्रभाव। जहां जल जीवन मिशन महिलाओं को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने के कठिन परिश्रम से मुक्त करता है वहीं दूसरी ओर स्वच्छ भारत मिशन महिलाओं की गरिमा के इर्द-गिर्द केंद्रित है। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और यूनिसेफ द्वारा किए गए एक स्वतंत्र अध्ययन में यह पाया गया कि एक बड़ी संख्या (80%) ने शौचालय बनाने के अपने निर्णय के मुख्य संचालक के रूप में सुरक्षा और सुरक्षा को देखा जिससे 93% महिलाओं घरेलू शौचालयों का उपयोग किए जाने से अपने आप को सुरक्षित महसूस करने और सम्मान पाने की जानकारी मिली । जल जीवन मिशन भी गांव और जल स्वच्छता समितियों में महिलाओं के लिए 50% सदस्यता आरक्षित करके जमीनी स्तर पर परिवर्तन को उत्प्रेरित कर रहा है। उन्हें गांव में पेयजल आपूर्ति योजना की योजना, कार्यान्वयन, प्रबंधन और संचालन के हर पहलू में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। प्रत्येक गांव में 5 से अधिक महिलाओं को पानी की गुणवत्ता निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है और कई महिलाओं को प्लंबर, मैकेनिक, पंप ऑपरेटर आदि के रूप में प्रशिक्षण देकर कुशल बनाया जा रहा है। इन अग्रणी महिलाओं का युवा लड़कियों के मन मस्तिष्क पर जो प्रभाव पड़ेगा वह प्रभाव वास्तव में जबर्दस्त होगा । उनकी छत्र छाया में युवा लड़कियां आगे बढ़ेंगी और भविष्य में अन्य स्थापित लैंगिक भूमिकाओं में अपनी जगह बना लेंगी। एक अंतिम अवलोकन जिसे हमेशा ही अनदेखा किया जाता है, वह है देश के सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी ) पर इन योजनाओं का प्रभाव। 2006 में, डब्ल्यूएसपी, एशियाई विकास बैंक ( एडीबी ) और यूकेएआईडी के एक संयुक्त अध्ययन में यह पाया गया कि अपर्याप्त स्वच्छता की लागत भारत में 2.4 ट्रिलियन रुपये अथवा 53 अरब 80 करोड़ ( 53.8 बिलियन ) डॉलर थी I यानी उस समय भारत के सकल घरेलू उत्पाद का 6% थी I इस तरह की चौंका देने वाली वास्तविकताओं के बावजूद इस निरंतर खतरे को दूर करने के लिए तब तक बहुत कुछ प्रयास या अभियान नहीं शुरू हुए जब तक कि वर्तमान सरकार ने इसे संभव नहीं बनाया। आज स्वच्छ भारत अभियान भारतीय सकल घरेलू उत्पाद के 6.4% की बचत के अलावा 53,000 प्रति परिवार का वार्षिक लाभ देता है और जल जीवन मिशन आईडीई द्वारा की गई गणना के अनुसार भारतीय महिलाओं के लिए 15 करोड़ कार्य दिवस प्रतिवर्ष बचाएगा। किसी भी अन्य सरकार के लिए, भारत को खुले में शौच से मुक्त करने या फिर हर घर में घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने की बात अपने आप में राजनीतिक रूप से चातुर्य माना जाता। लेकिन स्वच्छ भारत मिशन ( एसबीएम ) अथवा जल जीवन मिशन ( जेजेएम ) के लिए सफलता की मधुर स्वर लहरियां कभी भी इस सरकार के लिए लोरी नहीं होकर अगली बड़ी और कठिन चुनौती के लिए एक जागृत करने वाला आह्वान है। इस तरह के विश्वास के पीछे के वास्तुकार माननीय प्रधान मंत्री हैं जो कोई शॉर्टकट नहीं लेते हैं। वह सामाजिक समस्याओं की जड़ों में एक चीरा लगाने में विश्वास रखते हैं और अभिसरण ( कन्वर्जेन्स ) एक ऐसा ही उपकरण है जिसका उपयोग करने के लिए वह अक्सर जोर देते हैं । यह एक सबक है जिसे हमने दिल पर ले लिया है और यह एक ऐसा सबक है जो उस मानचित्र की तरह काम करता है जब हम कभी-कभी उस राह से से भटक जाते हैं जिसे हासिल करने के लिए ही हम प्रयास कर रहे हैं । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 10 Jun 2022 12:34 AM PDT
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| Posted: 10 Jun 2022 12:30 AM PDT
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| Posted: 10 Jun 2022 12:20 AM PDT
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| प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जम्होर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान सफलतापूर्वक क्रियान्वित Posted: 09 Jun 2022 09:21 AM PDT प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जम्होर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान सफलतापूर्वक क्रियान्वितसंवाददाता अरविन्द अकेला की खास खबर औरंगाबाद 9 जुन।औरंगाबाद सदर प्रखंड स्थित ग्राम पंचायत जम्होर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रांगण में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कार्यक्रम प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक डॉ0 मोहम्मद शाहीन अख्तर के नेतृत्व में सुचारू पूर्वक क्रियान्वित हो रहा है।यह कार्यक्रम प्रत्येक महीने की 9 तारीख को सुचारू पूर्वक चलाया जाता है। इस कार्यक्रम में आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,जम्होर में गर्भवती महिलाओं की रक्तचाप, मधुमेह,हिमोग्लोबिन,बजन आदि की जांच की गई। महिलाओ में किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर उन्हें उचित सलाह दिया गया एवं दवा भी दी गई। किसी गर्भवती में गंभीर लक्षण पाए जाने पर उन्हें विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं दी गई ।आज के इस स्वास्थ्य संबंधी अभियान में डा0 सुमन कुमारी,डॉ प्रवीण कुमार,लेखापाल दीप्ति कुमारी,बीसीएम राजेश कुमार सिन्हा,जीएनएम चंचला कुमारी,एएनएम कुसुमलता कुमारी,एल टी संतोष कुमार,परिचारी डोमन यादव ने विशेष सहभागिता निभाई। इस तरह के जन कल्याणकारी कार्यक्रम पर ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त किया एवं कहा कि वर्तमान परिदृश्य में इस तरह के कार्यक्रम से सभी वर्ग को स्वास्थ्य लाभ सहज रूप में मिल रहा है। अभियान का लाभ लेने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह से ही भीड़ लगी रही। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 09 Jun 2022 09:02 AM PDT मुंबई में तीन मंजिला इमारत ढहने की घटना में बिहार के मजूदर की मौत पर मुख्यमंत्री मर्माहत, शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना एवं दुख व्यक्त किया
पटना, 09 जून 2022 को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में तीन मंजिला इमारत गिरने की घटना में बिहार के रहनेवाले एक मजदूर की हुई मौत पर मर्माहत हैं। उन्होंने इस घटना को काफी दुखद बताया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना में मृत मजदूर के शोक संतप्त परिवार को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईष्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने इस घटना में बिहार के एक मृतक मजदूर के परिजन को मुख्यमंत्री राहत कोष से 02 लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की है। उन्होंने बिहार के रहनेवाले घायल मजदूरों के समुचित इलाज की भी व्यवस्था करने हेतु अधिकारियों को निर्देषित किया है। मुख्यमंत्री ने हादसे मंे घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में बिहार के स्थानिक आयुक्त को स्थिति का जायजा लेने तथा घायलों के समुचित इलाज के साथ-साथ हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने हेतु निर्देष दिया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| राज्यपाल ने राजभवन की नई वेबसाईट को लाॅन्च किया Posted: 09 Jun 2022 08:56 AM PDT राज्यपाल ने राजभवन की नई वेबसाईट को लाॅन्च कियापटना, 09 जून, 2022 को महामहिम राज्यपाल श्री फागू चैहान ने राजभवन, बिहार के नये वेबसाईट को लाॅन्च किया। उल्लेखनीय है कि एन॰आई॰सी॰, राजभवन द्वारा विकसित इस वेबसाईट में अनेक नये फीचर्स जोड़े गये हैं। भारत सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों के आधार पर तैयार किया गया यह वेबसाईट हिन्दी एवं अंग्रेजी- दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें स्क्रीन रीडर की सुविधा उपलब्ध होने के कारण दिव्यांगजन भी इसका उपयोग कर सकते हैं। मोबाईल एवं टैबलेट उपकरण के माध्यम से भी इस वेबसाईट को खोलकर देखा जा सकता है। इसका रिस्पांस टाईम और यूजर इंटरफेस पूर्व के वेबसाईट की तुलना में अत्यन्त ही सुगम है। इस वेबसाईट पर महामहिम राज्यपाल से संबंधित सूचनाएँ, तिथिवार उनके भाषण एवं संदेश तथा फोटो गैलरी में विभिन्न कार्यक्रमों के चित्र उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त इसपर राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी किये गये अधिसूचना, परिपत्र, आदेश, प्रेस-विज्ञप्ति, विश्वविद्यालयों एवं उनके कुलपति, प्रतिकुलपति एवं रजिस्ट्रार से संबंधित अद्यतन जानकारियाँ इत्यादि भी उपलब्ध हैं। राज्यपाल ने अनेक नई विशेषताओं से युक्त इस वेबसाईट को विकसित करने के लिए एन॰आई॰सी॰, बिहार एवं एन॰आई॰सी॰, राजभवन की पूरी टीम को बधाई दी है। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री राॅबर्ट एल॰ चोंग्थू, एन॰आई॰सी॰, बिहार के राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी श्री राजेश कुमार सिंह, अपर राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी श्रीमती नंदा सिंह, राज्यपाल सचिवालय के पदाधिकारीगण एवं अन्य लोग उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 09 Jun 2022 08:50 AM PDT
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| Posted: 09 Jun 2022 08:40 AM PDT
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| कुतुबमीनार मामले में अब सुनवाई 24 अगस्त को Posted: 09 Jun 2022 08:39 AM PDT कुतुबमीनार मामले में अब सुनवाई 24 अगस्त कोनई दिल्ली। दिल्ली के कुतुबमीनार मामले में आज फैसला नहीं आएगा। साकेत कोर्ट में जज ने साफ किया कि वो पहले इस मामले में दायर नई अर्जी पर विचार करेंगे। ये नई अर्जी आर्डर 1 रूल 10 के तहत कुंवर महेंद्र ध्वज प्रसाद की ओर से दाखिल की गई है। उन्होंने भी इस मामले में पक्षकार बनाए जाने की मांग की है। कोर्ट ने इस अर्जी की कॉपी सभी पक्षकारों को देने की बात कही। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि हम जवाब दाखिल करेंगे। इस मामले में अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी। तब तक सिविल जज का आदेश प्रभावी रहेगा। गौरतलब है कि साकेत कोर्ट आज ये आदेश देने वाला था कि कुतबमीनार परिसर में मौजूद कुव्वुतुल इस्लाम मस्जिद में हिंदू देवताओं की पुनर्स्थापना और पूजा-अर्चना का अधिकार मांगने वाली याचिका सुनवाई लायक है या नहीं। इससे पहले निचली अदालत ने याचिका को सुनवाई लायक न मानकर याचिका को खारिज कर दिया था। इस आदेश को हिंदू पक्षकारों ने साकेत कोर्ट में चुनौती दी है। इस याचिका में कहा गया था कि हिंदुओं और जैनों के 27 मंदिरों को तोड़कर ये मस्जिद बनाई गई है। जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव और भगवान विष्णु को इस मामले में याचिकाकर्ता बनाया गया था। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| करांची में हिन्दू समुदाय को डराने के लिए तोड़ा मंदिर Posted: 09 Jun 2022 08:37 AM PDT करांची में हिन्दू समुदाय को डराने के लिए तोड़ा मंदिरनई दिल्ली। ईश निंदा के नाम पर अबतक हजारों की जान ले चुके पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हो चुके हिंदू समुदाय पर जुल्मो-सितम के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला देश की आर्थिक राजधानी कराची का है जहां पर हिंदू समुदाय को डराने और धमकाने के लिए कट्टरपंथियों ने एक बार फिर हिंसा का सहारा लेते हुए मंदिर में तोड़फोड़ की है। अभी चंद रोज पहले बीजेपी की प्रवक्ता नुपुर शर्मा के एकत्र बयान को लेकर भारत को ज्ञान देने वाले पाकिस्तान के हिंदुओ और उनके आराध्य स्थलों की हालत किसी से छिपी नहीं है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक कराची के कोरंगी इलाके में मरी माता मंदिर में मूर्तियों पर हमला हुआ। ये मंदिर कोरंगी पुलिस स्टेशन से थोड़ी दूरी पर स्थित है। मंदिर पर हमले की सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मंदिर का जायजा लेकर घटना की जांच करने की बात कह रही है। हालांकि ऐसे मामलों में पाकिस्तान के किसी भी प्रांत की पुलिस का रवैया दुनिया से छिपा नहीं है। इस घटनाक्रम को लेकर 15 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे जिहादी मानसिकता रखने वाले कट्टरपंथियों ने एक हिंदू मंदिर को नुकसान पहुंचाने के साथ करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक हनुमान जी यानी बजरंगबली की प्रतिमा के साथ कैसा बरताव किया। इस मंदिर में जमकर लूटपाट भी हुई है। इस वारदात के बाद स्थानीय हिंदुओं में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइक पर आए करीब छह से आठ बदमाशों ने मंदिर पर हमला कर दिया। बीते कुछ दिनों से पाकिस्तान बीजेपी की पूर्व नेता नूपुर शर्मा के बयानों पर भारत को समझाने की कोशिश कर रहा है लेकिन वहां हिंदू, सिख और इसाई जैसे अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को जिस तरह दशकों से तोड़ा जा रहा है उस पर वो हमेशा चुप्पी साधे रहता है। अभी कुछ दिनों पहले ही संयुक्त राष्ट्र में भारत ने उसे आईना दिखाते हुए कहा था कि नरसंहार जैसे वीभत्स अपराधों को लेकर जिस तरह पाकिस्तान अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ लेता है, उसकी मिसाल पूरी दुनिया में कहीं और नहीं मिलेगी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| भड़काऊ बयानबाजी के लिए ओवैसी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज Posted: 09 Jun 2022 08:34 AM PDT भड़काऊ बयानबाजी के लिए ओवैसी के खिलाफ भी एफआईआर दर्जनई दिल्ली। गत 8 जून को दिए गए कथित भड़काऊ बयान को लेकर दिल्ली पुलिस ने एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने ओवैसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए उन्हें भड़काऊ भाषण देने के आरोप में नामजद किया है। आपको बता दें कि इस एफआईआर में स्वामी यति नरसिंहानंद का भी नाम है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि उसने कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जो कथित तौर पर नफरत के संदेश फैला रहे हैं, विभिन्न समूहों को उकसा रहे हैं और ऐसी स्थिति पैदा कर रहे हैं जो सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए हानिकारक है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने पैगम्बर के खिलाफ वाले बयान पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा था। ओवैसी ने हैदराबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार को दस दिन लग गए और उसके बाद उन्हें ख्याल आया कि उन्होंने कुछ गलत बात कह दी जिससे मुस्लिमों के जज्बातों को ठेस पहुंची है। किसी भी बयान पर भाजपा 10 दिन बाद रिएक्ट करती है। और रिएक्ट कब करते हैं जब दूसरे देश उनको बताते हैं। ओवैसी ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री से अपील की थी की आप इस पर एक्शन लें लेकिन 10 दिन बाद गल्फ कंट्री में यह बड़ा मसला हो गया। ओवैसी ने सवालिया लहजे में कहा कि अगर गल्फ कंट्री में इस मामले पर विवाद हो गया और वहां रह रहे भारतीयों पर कुछ हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। यह कौन सी फॉरेन पॉलिसी है? ओवैसी ने आगे कहा कि सरकार कहती है कि यह इंटरनल मैटर है। मैं पूछता हूं कि यह कौन सा इंटरनल मैटर है। आज अगर कोई प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ कहेगा तो जेल के अंदर होगा लेकिन अगर कोई पैगंबर के बारे में गलत बोलता है तो उसके खिलाफ एक्शन नहीं लिया जाता। ओवैसी ने कहा कि भाजपा यह जानबूझ कर करती है कि जाकर गाली दो, नफरत पैदा करो, जब मामला गरम हो जाता है तो माफी मांग लेते हैं। ओवैसी ने पूछा है कि इन्हें अरेस्ट क्यों नहीं किया जाता है? प्रधानमंत्री भारत के मुस्लिमों की क्यों नहीं सुनते? असदउद्दीन ओवैसी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सरकार को इसका इकॉनोमिक खामियाजा भुगतना होगा। पैगंबर के खिलाफ बयान देने वालों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। ओवैसी ने यह भी कहा कि जो तथाकथित पार्टियां हैं वह मुंह में दही जमाए बैठे थीं लेकिन कल रात से यह अचानक हरकत में आ गयी हैं। ख्याल रहे कि भाजपा नेता नूपुर शर्मा ने हाल ही में एक टीवी शो में पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी। इस पर विवाद होने के बाद बीजेपी ने नूपुर शर्मा को भाजपा से निष्कासित कर दिया है। भाजपा नेता नवीन कुमार ने भी नूपुर का समर्थन करते हुए ट्वीट किया था। भाजपा ने इनके खिलाफ भी कार्रवाई की है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पहले ही वनडे में नाबाद शतक जड़ने वाली मिताली राज Posted: 09 Jun 2022 08:32 AM PDT पहले ही वनडे में नाबाद शतक जड़ने वाली मिताली राज(एस.सी. मिश्र-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) भारतीय महिला क्रिकेट की बड़ी पहचान मिताली राज ने 8 जून को अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। इसके लिए उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था। अपने 23 साल के क्रिकेट जीवन में मिताली राज ने क्रिकेट प्रेमियों की भरपूर तालियां बटोरीं अपने पहले ही वनडे में उन्हांेने नाबाद शतक जड़ा था। उन्हंे अर्जुन अवार्ड और पद्मश्री से भी नवाजा गया। खेल जगत का सबसे बड़ा सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न भी उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कर-कमलों से मिला। मिताली राज ने इंग्लैण्ड की टीम के साथ खेलते हुए दोहरा शतक जमाया। बल्लेबाजी के साथ मिताली स्पिन गेंद फेंकने में भी माहिर थीं। अन्तरराष्ट्रीय मैचों से उन्हें भले ही संन्यास ले लिया है लेकिन उम्मीद है कि घरेलू मैचों में उनकी बल्लेबाजी देखने को मिलेगी। मिताली राज ने 23 साल के लंबे करियर के बाद क्रिकेट को अलविदा कहने का ऐलान कर दिया है। मिताली ने 22 गज की पिच पर बहुत कुछ हासिल किया, कई रिकॉर्ड बनाए और कई तोड़े। उनका जन्म साल 1982 में राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। उनके पिता एयरफोर्स में अफसर थे। दुनिया की दिग्गज महिला क्रिकेटरों में शुमार मिताली राज ने 1999 में अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच आयरलैंड के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्होंने 2002 में टेस्ट डेब्यू किया और फिर 2006 में करियर का पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। अब 2022 में यानी 23 साल के लंबे करियर के बाद उन्होंने इस खेल को अलविदा कहने का फैसला किया। मिताली राज का जन्म साल 1982 में 3 दिसंबर को हुआ था। उनका परिवार तब राजस्थान के जोधपुर में रहता था। हालांकि वह एक तमिल परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता दोराई राज भारतीय वायु सेना में एयरमैन (वारंट ऑफिसर) थे और माता लीला राज हैं। बाद में वह जोधपुर से हैदराबाद शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई भी हैदराबाद से ही की है। मिताली राज ने महज 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और देखते ही देखते वह अपने बल्ले की चमक बिखेरती रहीं। उन्हें 16 साल की उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने का मौका मिला। वह अब भी हैदराबाद में ही रहती हैं। उन्होंने हैदराबाद में कीज हाई स्कूल से पढ़ाई की। फिर इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए सिकंद्राबाद के कस्तूरबा गांधी जूनियर कॉलेज में दाखिला ले लिया। मिताली राज ने अपने बड़े भाई के साथ स्कूल के दिनों में क्रिकेट कोचिंग शुरू कर दी थी। उन्हें बाद में रेलवे टीम ने मौका दिया। इसके अलावा उन्होंने एयर इंडिया और एशिया महिला टीम का भी प्रतिनिधित्व किया। अपने 2 दशक से भी लंबे करियर में उन्होंने कई प्रतिष्ठित सम्मान पाये। उन्हें 2003 में अर्जुन अवॉर्ड और 2015 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। पिछले साल 2021 में उन्हें खेल जगत के सबसे बड़े सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से भी नवाजा गया पूर्णिमा राव, अंजुम चोपड़ा और अंजू जैन जैसी दिग्गज महिला खिलाड़ियों के साथ भी खेल चुकीं मिताली राज ने अपने करियर के पहले ही वनडे में नाबाद शतक जड़ा था। उन्होंने तब 114 रन की नाबाद पारी खेली थी। भारतीय महिला टीम ने उस मैच में आयरलैंड को 161 रन से मात दी थी। मिताली ने टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साल 1997 के महिला वर्ल्ड कप में उन्हें संभावित खिलाड़ियों में नामित तो किया लेकिन वह अंतिम-एकादश में जगह नहीं बना सकीं। उनकी उम्र तब महज 14 साल थी। उन्होंने 2001 में लखनऊ में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। अपने तीसरे ही टेस्ट मैच में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ दोहरा शतक जमाया और करेन रोल्टन के 209 के सर्वोच्च व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर का रिकॉर्ड तोड़ा। बाद में इस रिकॉर्ड को पाकिस्तान की किरण बलूच ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 242 रन बना कर तोड़ा। मिताली के करियर की बात करें तो उन्होंने 12 टेस्ट मैचों में 1 शतक और 4 अर्धशतक लगाते हुए कुल 699 रन बनाए। इसके अलावा वनडे करियर में 232 मैचों में कुल 7805 रन बनाए जिनमें 7 शतक और 64 अर्धशतक शामिल हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में उन्होंने 89 मैचों में 17 अर्धशतकों की बदौलत कुल 2364 रन बनाए। वह लेग स्पिन गेंदबाजी भी कर लेती हैं और उनके नाम 8 अंतरराष्ट्रीय विकेट भी हैं भारतीय महिला टीम की कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर मिताली राज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। इस प्रकार मिताली का वर्ल्ड कप जीतने का सपना अधूरा रह गया। दो दशक से लंबे करियर में मिताली ने बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। मिताली विमेन वनडे इंटरनेशनल्स में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं। मिताली ने साल 1999 में आयरलैंड के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था। वहीं उनका आखिरी मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च में था जो इसी साल खेला गया था। मिताली लंबे समय से क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्हें विमेन क्रिकेट की महानतम खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। साल 2017 के महिला क्रिकेट विश्व कप के दौरान मिताली ने लगातार 7 अर्धशतक लगाकर समसनी मचा दी थी। ऐसा करने वाली वो पहली महिला क्रिकेटर हैं। मिताली के पास एक टीम के लिए लगातार सबसे ज्यादा वनडे इंटरनेशनल खेलने का भी रिकॉर्ड दर्ज है। मिताली ने भारत के लिए लगातार 109 मैच खेले थे। मिताली वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली महिला खिलाड़ी हैं और वर्तमान में उनके नाम 232 मैचों में 7805 रन दर्ज हैं। इस रेकॉर्ड को तोड़ना काफी मुश्किल है। मिताली राज टी-20 में 2,000 से ज्यादा रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं। उनके पास 20 साल से ज्यादा सालों तक खेलने का भी रिकॉर्ड है। ऐसा करने वाली वह दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर हैं। मिताली 200 से ज्यादा वनडे खेलने वाली पहली महिला क्रिकेटर हैं। मिताली के इस रिकॉर्ड को तोड़ना भी आसान नहीं होगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की टेस्ट और वनडे कप्तान मिताली राज ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। अपने क्रिकेट करियर के दौरान उन्होंने कई शानदार पारियां खेली। उनकी एक ऐसी पारी के बारे में बताते हैं जब उन्होंने पाकिस्तान की गेंदबाजों की जमकर बखिया उधेड़ी थी। यह साल 2013 था और भारत में वनडे विश्व कप खेला जा रहा था। इस वर्ल्ड कप का एक मुकाबला 7 फरवरी 2013 को कटक में भारत और पाकिस्तान की महिला टीमों के बीच खेला गया। पाकिस्तान की कप्तान सना मीर ने टॉस जीता और पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया। पाकिस्तान की शुरुआत ठीक नहीं रही और उसकी दोनों सलामी बल्लेबाज नाहिदा खान और सिद्रा अमीन 28 रन पर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद नैन आबिदी ने 58 और निदा डार ने 68 रन की पारी खेली। इस तरह पाकिस्तान ने इस विश्व कप मुकाबले में 50 ओवर में 7 विकेट पर 192 रन बनाए। भारतीय टीम को मैच जीतने के लिए 193 रन का टारगेट मिला। टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और पहला विकेट 8 रन पर गिर गया। पारी का आगाज करने आईं पूनम राउत 4 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी मिताली राज ने पाकिस्तान के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। हालांकि इस दौरान दूसरे छोर पर भारत के विकेट गिरते रहे। लेकिन मिताली ने एक छोर पर पाकिस्तान की गेंदबाजों पर प्रहार करना जारी रखा। मिताली राज ने जबरदस्त बल्लेबाजी के चलते इस मुकाबले को एकतरफा बना दिया। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने उन्हें आउट करने में पूरा जोर लगा दिया लेकिन नाकाम रहीं। मिताली ने इस दौरान 103 रन की नाबाद पारी खेलकर भारत को मैच जिताने में अहम भूमिका निभाई। |
| सिंधु जल समझौते पर विवादों का साया Posted: 09 Jun 2022 08:28 AM PDT सिंधु जल समझौते पर विवादों का साया(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) सिंधु नदी के पानी को लेकर फिर भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधि वार्ता की मेज पर बैठे। दरअसल भारत का बंटवारा करते हुए धूर्त ब्रिटिशजनों ने कई समस्याएं खड़ी की थीं। इन्हीं मंे सिंधु नदी के पानी को लेकर हिस्सेदारी का मामला भी शामिल है। सिंधु जल संधि पर 19 सितम्बर 1960 को करांची मंे भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किये थे। समझौते के अनुसार तीन प्रमुख पूर्वी नदियों- व्यास, रावी और सतलुज का नियंत्रण भारत को तथा तीन पश्चिमी नदियों- सिंधु, चिनाब और झेलम का नियंत्रण पाकिस्तान को दिया गया था। समस्या यह है कि पाकिस्तान के नियंत्रण वाली नदियों का प्रवाह भारत के क्षेत्र मंे है। संधि के अनुसार भारत को उनका उपयोग सिंचाई, परिवहन और बिजली उत्पादन के लिए करने की अनुमति है। यह समझौता तबका है जब दोनों देशों के बीच कोई युद्ध नहीं हुआ। सन् 1965, 1971 और कश्मीर के मामले ने भारत की पाक के प्रति सहानुभूति खत्म कर दी है। पाकिस्तान आतंकवाद और सेना दोनों का सहारा ले रहा है। इस समझौते पर विवादों का साया पड़ता रहा है। सन् 2008 मंे मुंबई हमले और 2019 मंे जब कश्मीर से धारा 370 हटायी गयी, तब पाकिस्तान की हरकतों के चलते इस समझौते को तोड़ने की मांग भारत की जनता ने की थी। इस समय भी पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब पर भाजपा प्रवक्ता के बयान से कटुता बढ़ी है। ऐसे हालात मंे भारत सिंधु जल समझौते से कब तक बंधा रहेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि पर 31 मई को 118वीं द्विपक्षीय बैठक हुई। इसके लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से नियुक्त पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंचा। बाढ़ की अग्रिम सूचना और सिंधु जल के स्थायी आयोग की सालाना रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते के तहत 1,000 मेगावाट पकाल दुल, भारत द्वारा बनाई जा रही 48 मेगावाट लोअर कालनाई और 624 मेगावाट किरुहाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। पकाल दुल सिंधु जल संधि के आर्टिकल 9 के तहत आता है। कालनाई और किरु परियोजनाएं भारत द्वारा बनाई गई हैं। पाकिस्तान के सिंधु जल आयुक्त सैयद मेहर अली शाह ने वार्ता को सफल बताया। इससे पहले, दोनों देशों ने 2-4 मार्च, 2022 को इस्लामाबाद में तीन दिवसीय वार्ता की थी। सिंधु नदी जल संधि 19 सितंबर 1960 को भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई थी। इस समझौते को दुनिया में अक्सर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की संभावनाओं के उदाहरण के रूप में पेश किया जाता है। हालांकि, यह बात भी किसी से छिपी नहीं है कि सिंधु जल समझौते को लेकर भारत और पाकिस्तान के संबंध कई बार खराब भी हुए हैं। दरअसल 1947 में आजादी मिलने के बाद से ही दोनों देशों में पानी को लेकर विवाद शुरू हो गया। दरअसल, सिंधु जल प्रणाली जिसमें सिंधु, झेलम, चिनाब,रावी, ब्यास और सतलज नदियां शामिल हैं। ये भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में बहती हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि भारत इन नदियों पर बांध बनाकर पानी का दोहन करता है और उसके इलाके में पानी कम आने के कारण सूखे के हालात रहते हैं। पानी को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद जब ज्यादा बढ़ गया, तब 1949 में अमेरिकी विशेषज्ञ और टेनसी वैली अथॉरिटी के पूर्व प्रमुख डेविड लिलियंथल ने इसे तकनीकी रूप से हल करने का सुझाव दिया। उनके राय देने के बाद इस विवाद को हल करने के लिए सितंबर 1951 में विश्व बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष यूजीन रॉबर्ट ब्लेक ने मध्यस्थता करने की बात स्वीकार कर ली जिसके बाद 19 सितंबर, 1960 को भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता हुआ। इस संधि पर भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान ने दस्तखत किए थे। 12 जनवरी 1961 से संधि की शर्तें लागू कर दी गईं थीं। संधि के तहत 6 नदियों के पानी का बंटवारा तय हुआ, जो भारत से पाकिस्तान जाती हैं। समझौते में स्पष्ट किया गया है कि पूर्वी क्षेत्र की तीनों नदियां- रावी, ब्यास और सतलज पर भारत का एकछत्र अधिकार है। वहीं, पश्चिमी क्षेत्र की नदियों- सिंधु, चिनाब और झेलम का कुछ पानी पाकिस्तान को भी देने का समझौता हुआ। तीन नदियों के कुल 16.80 करोड़ एकड़ फीट पानी में से भारत के हिस्से 3.30 एकड़ पानी दिया गया है, जो कुल पानी की मात्रा का करीब-करीब 20 प्रतिशत है। हालांकि, भारत अपने हिस्से का 93-94 प्रतिशत पानी ही इस्तेमाल करता रहा है। सैयद मेहर अली शाह के अनुसार पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने झेलम और चिनाब नदियों जैसी पाकिस्तान की नदियों पर बन रही किसी भी जलविद्युत परियोजना का दौरा नहीं किया। समझौते के अनुसार, तीन पूर्वी नदियों- ब्यास, रावी और सतलुज का नियंत्रण भारत को, तथा तीन पश्चिमी नदियों-सिंधु, चिनाब और झेलम का नियंत्रण पाकिस्तान को दिया गया। हालाँकि अधिक विवादास्पद वे प्रावधान थे जिनके अनुसार जल का वितरण किस प्रकार किया जाएगा, यह निश्चित होना था। क्योंकि पाकिस्तान के नियंत्रण वाली नदियों का प्रवाह पहले भारत से होकर आता है, संधि के अनुसार भारत को उनका उपयोग सिंचाई, परिवहन और बिजली उत्पादन हेतु करने की अनुमति है। इस दौरान इन नदियों पर भारत द्वारा परियोजनाओं के निर्माण के लिए सटीक नियम निश्चित किए गए। यह संधि पाकिस्तान के डर का परिणाम थी कि नदियों का आधार (बेसिन) भारत में होने के कारण कहीं युद्ध आदि की स्थिति में उसे सूखे और अकाल आदि का सामना न करना पड़े। सन् 1960 में हुए सिंधु जल समझौते के बाद से भारत और पाकिस्तान में कश्मीर मुद्दे को लेकर तनाव बना हुआ है। हर प्रकार के असहमति और विवादों का निपटारा संधि के ढांचे के भीतर प्रदत्त कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से किया गया है। इस संधि के प्रावधानों के अनुसार सिंधु नदी के कुल पानी का केवल 20 फीसद का उपयोग भारत द्वारा किया जा सकता है। जिस समय यह संधि हुई थी उस समय पाकिस्तान के साथ भारत का कोई भी युद्ध नही हुआ था उस समय परिस्थिति बिल्कुल सामान्य थी पर 1965 से पाकिस्तान लगातार भारत के साथ हिंसा के विकल्प तलाशने लगा जिस में 1965 में दोनों देशों में युद्ध भी हुआ और पाकिस्तान को इस लड़ाई में हार का सामना करना पड़ा फिर 1971 में पाकिस्तान ने भारत के साथ युद्ध लड़ा जिस में उस को अपना एक हिस्सा खोना पड़ा जो बंगला देश के नाम से जाना जाता है तब से अब तक पाकिस्तान आतंकवाद और सेना दोनों का इस्तेमाल कर रहा है। भारत के विरुद्ध, पाक की हरकत से किसी भी समय यह सिंधु जल समझौता खत्म हो सकता है और जिस प्रकार यह नदियाँ भारत का हिस्सा हैं तो स्वाभाविक रूप से भारत इस समझौते को तोड़ कर पूरे पानी का इस्तेमाल सिंचाई विद्युत बनाने में जल संचय करने में कर सकता है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 09 Jun 2022 08:26 AM PDT बजट सत्र में विपक्ष को घाटा(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) विधानसभा का बजट सत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है। राज्यपाल के अभिभाषण से इसका शुभारंभ होता है ।बाद में बजट पेश किया जाता है। अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट प्रस्तावों पर चर्चा होती है।यह सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए अपनी बात रखने का बेहतर अवसर होता है। सत्ता पक्ष को अपनी उपलब्धियां और भविष्य की कार्ययोजना बताने का मौका मिलता है। दूसरी तरफ विपक्ष सरकार की कमजोरियों पर निशाना बनाता। इस संबंध में एक परम्परा बन गई है। विपक्ष राज्यपाल के अभिभाषण पर अविश्वास व्यक्त करता है। बजट पर भी परम्परागत रूप में प्रतिक्रिया व्यक्त की जाती है। सता पक्ष इसकी तारीफों के पुल बाँधता है। विपक्ष इसे आम जन किसान गरीब विरोधी घोषित कर देता है। सता और विपक्ष के पाले बदल जाते है ,लेकिन बयान वही रहते है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस बार द्विदलीय व्यवस्था कायम हुई थी। विपक्ष के नाम पर केवल एक पार्टी ही मजबूत बन कर उभरी थी। कांग्रेस और बसपा का अस्तित्व कसम खाने लायक ही बचा था। यह लगा कि सपा मजबूत भूमिका का निर्वाह करेगी लेकिन बजट सत्र में ही यह धारणा निर्मूल साबित हुई। कई मुद्दों पर तो विपक्ष को हास्यास्पद स्थिति का सामना करना पड़। इसके लिए विपक्ष खुद ही जिम्मेदार था।अभिव्यक्ति का तरीका और मुद्दे दोनों का उल्टा असर हुआ। शुरुआत नेता प्रतिपक्ष द्वारा उप मुख्यमंत्री पर टिप्पणी से हुई। पहली बार हप... भप... जैसे शब्द सुनाई दिए।उप मुख्यमंत्री के दिवंगत पिता का भी उल्लेख किया गया। इसके बाद पर्फ्यूम गोबर संयन्त्र ऑस्ट्रेलिया राहुल गांधी के उल्लेख से भी विपक्ष की छवि पर प्रतिकूल असर हुआ। विपक्ष को यह अनुमान नही रहा होगा कि उसके यही मुद्दे चर्चा के विषय बन जाएंगे। यह सही है कि विपक्षी नेतृत्व को चुनाव के बाद से ही अंतरिक दबाब का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर भी रणनीति पर दिख रहा है। इसके लिए भी नेतृत्व खुद जिम्मेदार है। चुनाव में जिनका सहयोग लिया गया, जिनके साथ सम्मानजनक व्यवहार का वादा किया, उनकी अवहेलना शुरू हो गई है। शिवपाल यादव ने पहले ही नाराजगी व्यक्त कर दी थी। ओमप्रकाश राजभर भी नसीहत दे रहे है। वह अपने पुत्र को विधान परिषद में भेजना चाहते थे। अखिलेश ने उन्हें निराश किया है। पार्टी को अपने पुराने समीकरण पर ही विश्वास है। बिडम्बना यह की कपिल सिब्बल और जयन्त चैधरी जैसे नेताओं पर विश्वास किया गया लेकिन ये लोग कब तक विश्वास पर कायम रहेंगे, इसकी कोई गारन्टी नहीं है। लग रहा है कि पार्टी ने आजम खान शिवपाल यादव ओम प्रकाश राज्यभर सहित अनेक नेताओ से दूरी रखने का निर्णय ले लिया है। इसमे कई प्रसंग विधानसभा अधिवेशन के समय ही सामने आ गए थे। इसका भी दबाब रहा होगा। सत्ता पक्ष ने नेता प्रतिपक्ष के भाषण में व्यवधान नहीं किया। जबकि नेता प्रतिपक्ष ही केशव प्रसाद के भाषण में ही व्यवधान पैदा कर रहे थे। यह सब असहज था। ऐसा लगा कि विपक्ष ने अपनी पराजय को अभी तक सहजता से शिरोधार्य नहीं किया है। इसलिए सदन में यह कहा गया कि दिल्ली वालों ने आकर चुनाव जीतवा दिया। कुंठा और क्रोध का यह भी कारण था। इसलिए विपक्ष के प्रहार तर्कसंगत नहीं थे। कहा गया कि पांच वर्षो में बिजली अपूर्ति बढ़िया थी तो बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा को क्यों हटाया गया। यह पार्टी के संगठन का विषय था। श्रीकांत शर्मा ने सही जबाब दिया ।कहा कि सापा के समय तीन चार जिलों में बिजली आती थी। भाजपा के समय बिना भेदभाव के बिजली अपूर्ति सुनिश्चित की गई। जाहिर है कि विपक्ष ने बिजली का मुद्दा उठाकर अपनी ही भद्द करा ली। वैसे यह सब मुद्दे चुनाव के समय खूब उठे थे। इसका विपक्ष को नुकसान भी हुआ। ऐसे मुद्दों को फिर से उठाना अजीब लगता है। वर्तमान समय में जो समस्याएं है उन पर चर्चा से विपक्ष को अधिक लाभ मिलने की संभावना हो सकती है। बशर्ते वह तथ्यों के आधार पर अपनी बात सदन में रखे। हंगामे में यह सभी बातें सदन के पटल पर नहीं पहुंचती है। इसका यह भी सन्देश जाता है कि विपक्ष के पास तर्क व तथ्यों का अभाव है। अनुचित आचरण से विपक्ष की प्रतिष्ठा नहीं बढ़ती है। सदन के नेता योगी आदित्यनाथ ने ठीक कहा कहा कि जनप्रतिनिधि। जनता के प्रति अपने सम्बोधन से सम्मोहन पैदा करते हैं, उसी से जनता का समर्थन मिलता है। सदन में होेने वाली गम्भीर चर्चा सदस्यों को सम्मान का प्रतीक बनाती है। विपक्ष अपनी सरकार की उपलब्धियों को इस तरह व्यक्त करता है, जैसे यह यह उसकी धरोहर है। लोक भवन में मुख्यमंत्री का कार्यालय है। कहा गया कि योगी आदित्यनाथ हमारे बनाये कार्यालय में बैठ रहे है। फिर कहा गया कि योगी आदित्यनाथ ने हमारे बनाये स्टेडियम में शपथ ग्रहण की है। इस संदर्भ में देखें तो केशव प्रसाद मौर्य का बयान सही लगेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा था कि नेता प्रतिपक्ष को सत्ता में न होने का दर्द सता रहा है। नेता प्रतिपक्ष अपने पांच साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते थकते नहीं हैं। यह आपको कौन सा रोग है। अगर कोई रोग है तो मैं कहूंगा कि आप जांच करा लीजिए। हर योजना पर समाजवादी पार्टी का स्टिकर चस्पा करने के इस रोग से अब मुक्त हो जाइए। नेता प्रतिपक्ष बार बार सड़क और इकलौते एक्सप्रेस-वे बनवाने की बात करते हैं तो क्या इन्होंने सैफई की जमीन बेचकर सड़क बनवाई थी। केशव के ऐसा बोलते ही सपा मुखिया बौखला गए। उन्होंने कहा कि क्या तुम अपने पिताजी से पैसा लाकर सड़क बनवा रहे हो और राशन बांट रहे हो। योगी आदित्यनाथ ने सदन के सभी सदस्यों को मर्यादा में रहने की नसीहत दी। कहा कि सदन के अंदर असभ्य भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए। सदन की मर्यादा की अपेक्षा केवल सत्ता पक्ष से ही नहीं करनी चाहिए। विपक्ष को भी उसका अनुपालन करना आवश्यक है। सदन में जब उप मुख्यमंत्री बोल रहे हों तो बीच में टोका-टोकी उचित नहीं है। बहुत सारी बातें नेता प्रतिपक्ष की भी गलत हो सकती थी लेकिन हमने सुना। हमें जो स्वीकार करना होगा उसे करेंगे और उसका जवाब भी देंगे लेकिन बीच में इस तरह की उत्तेजना दिखाना उचित नहीं है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सकारत्मक छवि कायम हुई है। पहले विकास विकास कुछ खास क्षेत्रो तक सीमित रहता था। उन्हीं क्षेत्रो में बिजली पर्याप्त बिजली अपूर्ति होती थी। कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं थी। उद्योग की दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाकों में बिजली का संकट रहता था। व्यापार सुगमता में उत्तर प्रदेश बहुत पिछड़ा था। इसलिए निवेशकों की यहां कोई रुचि नहीं थी। योगी सरकार ने व्यवस्था में सकारत्मक बदलाव किया। प्रदेश में विकास के कीर्तिमान कायम हुए। अखिलेश यादव सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट के आकार से लगभग दोगुना बजट इस सरकार का है। अखिलेश सरकार के नई विकास योजनाओं के प्रस्ताव से तीन गुना अधिक है। विधानसभा में अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाये थे। कहा कि बेसिक स्कूल का दौरा किया था। उन्होंने एक बच्चे से पूछा कि मुझे पहचानते हो। उस बच्चे ने कहा, हां आप राहुल गांधी हैं। अखिलेश का कहना था कि शिक्षा के स्तर में अब तक कोई फर्क नहीं आया है। इस बात का जबाब योगी आदित्यनाथ ने दिया। बच्चे मन के सच्चे होते है। उस बच्चे ने गलत नहीं कहा। राहुल और अखिलेश में ज्यादा फर्क नहीं है। राहुल गांधी देश के बाहर देश की बुराई करते हैं और अखिलेश प्रदेश के बाहर उत्तर प्रदेश की बुराई करते हैं। इसके अलावा अखिलेश यादव ने कन्नौज में गोबर संयन्त्र लगाने की जगह परफ्यूम संयन्त्र लगाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि वह आस्ट्रेलिया में पढ़े है। अच्छा सीख कर आए है। इसलिए परफ्यूम संयन्त्र की बात की। सत्ता मैं बैठे लोग गोबर की बात करते हैं। इस कथन ने फिर सत्ता पक्ष को मौका दिया। योगी ने कहा कि किसान की बात करने वाले नेता प्रतिपक्ष को गोबर से दुर्गंध आती है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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