दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- जब-जब आती हाथों में" दिव्य रश्मि"
- ‘ज्ञानव्यापी’ अतिक्रमणमुक्त नहीं होती, तब तक हमारा संघर्ष चलता ही रहेगा - हिन्दू जनजागृति समिति
- तीन दिवसीय अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का रंगारंग और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ समापन
- सब कुछ बरबाद हो गेल।
| जब-जब आती हाथों में" दिव्य रश्मि" Posted: 03 Jun 2022 07:44 AM PDT
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| ‘ज्ञानव्यापी’ अतिक्रमणमुक्त नहीं होती, तब तक हमारा संघर्ष चलता ही रहेगा - हिन्दू जनजागृति समिति Posted: 03 Jun 2022 07:37 AM PDT राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मा. मोहनजी भागवत ने काशी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के संबंध में हाल ही वक्तव्य दिया है । हम मा. मोहनजी का आदर करते हैं; परंतु यह उनका व्यक्तिगत मत है । प्राचीनकाल से काशी मोक्षनगरी है, ऐसा हिन्दू धर्मशास्त्र में उसका वर्णन है । हिन्दू जीवनदर्शन उसके बिना अपूर्ण है । इसलिए इस पवित्र भूमि पर औरंगजेब जैसे क्रूर शासक द्वारा किए अत्याचार से अब हिन्दू मंदिरों को मुक्त करना आवश्यक है । उस दृष्टि से ज्ञानव्यापी में विराजमान अविमुक्तेश्वर को मुक्त करना प्रथम कर्तव्य है, ऐसी हिन्दू समाज की धारणा है । यही हिन्दू जनजागृति समिति का भी मत है । हिन्दू समाज ने अयोध्या स्थित श्रीरामजन्मभूमि का संघर्ष भी संयमपूर्वक किया और विजय प्राप्त की है । 'ज्ञानव्यापी' के संबंध में भी न्यायालयीन मार्ग से प्रयास हो रहे हैं । इसलिए जब तक ज्ञानव्यापी अतिक्रमणमुक्त नहीं होती, तब तक हमारा संघर्ष चलता ही रहेगा, ऐसा स्पष्ट प्रतिपादन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने किया है । श्री. रमेश शिंदे ने आगे कहा कि, अनेक विषयों पर संगठन अथवा नेताओं के मत अलग हो सकते हैं । विविध मतों का आदर करना ही तो हमारी संस्कृति है । मतभिन्नता का अर्थ विवाद नहीं है । इसलिए इस संबंध में 100 करोड हिन्दू समाज का ही नहीं, अपितु कुछ कार्यकर्ताओं का मत भी भिन्न हो सकता है । ज्ञानव्यापी मस्जिद की सर्व वास्तविकता न्यायालय के सामने है । जिसके द्वारा वह हिन्दू मंदिर है, यह सिद्ध होगा, ऐसी हिन्दू समाज की श्रद्धा है । केवल प्राचीन काल में ही नहीं, अपितु आज भी बामियान की बुद्धमूर्ति हो अथवा तुर्किस्तान का 'हागिया सोफिया चर्च' हो, मुसलमानों की आक्रामक मानसिकता सर्वत्र दिखाई देती है । ऐसी स्थिति में मानवता और बंधुत्व के दृष्टिकोण से मुसलमान उनके पास हिन्दू मंदिरों का जो स्थान है, वह हिन्दुओं के नियंत्रण में नहीं देंगे । इसलिए हिन्दुओं को आंदोलन द्वारा और न्यायालयीन प्रक्रिया द्वारा यह संघर्ष करना ही पडेगा । इसकी तैयारी हिन्दू समाज ने प्रारंभ कर दी है । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| तीन दिवसीय अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का रंगारंग और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ समापन Posted: 03 Jun 2022 06:40 AM PDT तीन दिवसीय अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का रंगारंग और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ समापनबीते तीन दिनों से गोपालगंज जिले के अंबेडकर भवन में चल रहे तीन दिवसीय आजादी का अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का 3 जून को रंगारंग और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के रीजनल आउटरीच ब्यूरो, पटना द्वारा आयोजित समापन समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति प्रोफेसर फारूक अली तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर गोपालगंज जिले के पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार, जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा के कुलसचिव डॉ रवि प्रकाश बबलू, पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी, डॉ जाकिर हुसैन संस्थान के निदेशक राकेश कुमार दुबे शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पटना स्थित रीजनल आउटरीच ब्यूरो के कार्यक्रम प्रमुख सह क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि गोपालगंज में आयोजित यह अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी अपने उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रहा है। इन तीन दिनों तक जिस प्रकार यहां के छात्र-छात्राओं, नवयुवकों ने बढ़-चढ़कर फोटो प्रदर्शनी, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, वह सराहनीय रहा। उन्होंने कहा कि रीजनल आउटरीच ब्यूरो अपने क्षेत्रीय इकाइयों के माध्यम से इस वित्त वर्ष में पूरे बिहार भर के जिलों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं नीतियों के बारे में जन-जन को जागरूक करने का का कार्य करेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय छपरा के कुलपति प्रोफेसर फारूक अली ने कहा कि चाहे वह आजादी का दौर रहा हो या फिर कोई भी अन्य क्षेत्र, बिहार हर दौर में आगे रहा है, आज भी है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से हम वास्तव में स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के मूल्यों, कार्यों से बहुत कुछ सीखने और अपनी आने वाली पीढ़ी को सिखाने की जरूरत है। विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल गोपालगंज जिले के पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार ने कहा कि सारण, सिवान और गोपालगंज आजादी के दौर में महत्वपूर्ण स्थलों में से एक रहा है, जहां कई वीर क्रांतिकारी और सपूतों ने जन्म लिया है। उन्होंने जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के कुलपति से आग्रह करते हुए कहा कि इन जिलों के स्वतंत्रता सेनानियों की पृष्ठभूमि, उनके कार्यकलाप, वे किस प्रकार की विचारधारा से प्रेरित होते थे, वे किस तरीके का समाज चाहते थे, इन सब बातों पर शोध किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार के स्वतंत्रता सेनानियों का जितना प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए था उतना नहीं हुआ है। इस दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ रवि प्रकाश बबलू ने कहा कि हमें अपने राष्ट्र के निर्माताओं, आजादी में अपनी महती भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से सीख लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास समृद्ध शाली है जो हमें समृद्ध बनाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इतिहास का लेखन किया गया है, उनमें कई हमारे स्वतंत्रता सेनानी खासकर बिहार के वे गुमनाम नायक जिन्होंने आजादी में अपनी महती भूमिका निभाई है, वे छूट गए हैं। यह आजादी का अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी उन्हीं क्रांतिकारियों की याद हमें दिलाता है। वे चेहरे जो चर्चित नहीं रहे हैं, उन्हें इस फोटो प्रदर्शन में शामिल किया गया है और यही इस फोटो प्रदर्शनी की सबसे खास बात है। गोपालगंज के पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी ने सांस्कृतिक दल के कलाकारों के द्वारा प्रस्तुत की गई लघु नाटिका की सराहना करते हुए कहा कि इस नाटक को देखते हुए ऐसा लग रहा था, जैसे हम इतिहास को देख रहे हों। उन्होंने कहा कि अगर हमारा सुनहरा इतिहास ना हुआ होता तो आज हम सुनहरे भविष्य में नहीं जी रहे होते। फोटो प्रदर्शनी के समापन के दिन भी सांस्कृतिक कलाकारों ने अपने रंगारंग कार्यक्रमों से सबका दिल जीत लिया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के विभागीय कलाकारों ने 'बिहार बिहार' नृत्य के माध्यम से बिहार की संस्कृति, परंपरा, पर्व आदि का शानदार प्रस्तुति की। सभी लोगों ने खूब आनंद उठाया। आपसदारी कला मंच के कलाकारों ने गांधीजी की जीवनी पर लघु नाटिका का मंचन किया। सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के विभागीय कलाकारों में राकेश चंद्र आर्य, अंजना झा, आरती झा, दीपक शर्मा, मनीष खंडेलवाल, डॉ शिप्रा, अभय, उषा, संजीत राम, साधना श्रीवास्तव, विकास शामिल थे। बच्चों के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सफल प्रतिभागियों को अतिथियों के द्वारा पुरस्कृत किया गया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में स्मृति सिंह, प्रतिक्षा मिश्रा, कोमल राज, पंकज मिश्रा, अंजली कुमारी, विनीत कुमार, नदीम सहित अन्य सफल प्रतिभागियों को आजादी का अमृत महोत्सव कब देकर पुरस्कृत किया गया। बीते तीन दिनों तक फोटो प्रदर्शनी में स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस गोपालगंज तथा जीविका की ओर से लगाए गए स्टॉल के प्रभारी एवं उनमें शामिल सभी लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गोपालगंज जिले के दूरदर्शन के संवादाता मधेश तिवारी को उनके उल्लेखनीय सहयोग हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही डॉ जाकिर हुसैन संस्थान के छात्र-छात्राओं को भी उनके सहभागिता हेतु प्रशस्ति पत्र दिया गया। समापन समारोह का धन्यवाद ज्ञापन जावेद अख्तर अंसारी, क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी, सीतामढ़ी ने किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी अमरेंद्र मोहन ने किया। मौके पर सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी सर्वजीत सिंह, ग्यास अख्तर अंसारी सहित विभाग के निशांत कुमार, अशोक कुमार, सुरेंद्र कुमार, राकेश कुमार, रोशन कुमार आदि मौजूद थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 03 Jun 2022 06:36 AM PDT
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