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Sunday, June 5, 2022

सुल्तानपुर टाइम्स

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झांसी में ससुर ने किया था बहू का मर्डर, आरोपी ससुर गिरफ्तार

Posted: 05 Jun 2022 05:40 AM PDT

 


 लखनऊ झांसी में निधि राजपूत हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्यारा उसका प्रेमी देवेन्द्र राजपूत है। देवेन्द्र रिश्ते में निधि का चचिया ससुर लगता है। दोनों के बीच 2 सालों से अवैध संबंध थे। पुलिस ने आरोपी देवेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया है।निधि की शादी 2013 में बझेरा के रहने वाले अखिलेश से हुई थी। एक हादसे में अखिलेश को करंट लग गया और वह बीमार रहने लगा। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले देवेन्द्र राजपूत और निधि में नजदीकियां बढ़ गईं। धीरे-धीरे दोनों में अवैध संबंध बन गए। पति की बीमारी की वजह से निधि बीते 2 सालों से अपने 6 साल के बेटे के साथ अपने मायके में रह रही थी।निधि अपनी मां के साथ खेत में बने घर में रहती थी। मां ने निधि की शादी खजराहा के एक युवक से तय कर दी थी। दोनों की शादी 15 जून को होनी थी। इस वजह से देवेन्द्र गुस्से में था। देवेन्द्र का निधि के मायके में आना-जाना था। शुक्रवार शाम भी वह पहुंचा। देवेन्द्र, निधि, निधि का 6 साल का बेटा और निधि की मां कस्तूरी सभी ने एकसाथ खाना खाया। खाना खाने के बाद निधि की मां और बेटा दोनों नीचे सो गए। इधर निधि और देवेन्द्र छत पर सोने चले गए।छत पर देवेन्द्र ने निधि से इस शादी को लेकर नाराजगी जताई। निधि ने अपने होने वाले पति को देवेन्द्र के सामने ही फोन लगा दिया। इस पर देवेन्द्र अपना आपा खो बैठा। उसने रस्सी से निधि का गला घोंट दिया। इसके बाद पास में पड़ी चाकू से गला रेता और कलाई की नस काट दी।निधि की हत्या के बाद देवेन्द्र सुसाइड करना चाहता था। उसने फेसबुक पर लिखा कि, 'दोस्तों, अलविदा, मरने जा रहा हूं। फेसबुक पोस्ट देखकर एक दोस्त ने फोन करके उसे समझाया लेकिन देवेन्द्र नहीं माना। वह पारीछा रेलवे ट्रैक पर लेट गया। देवेन्द्र फिर उठा लेकिन दूसरी ट्रेन से टकराकर घायल हो गया।SSP शिवहरि मीणा ने बताया कि देवेन्द्र राजपूत को सिजवाहा तिराहा से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने निधि की हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू को बरामद कर लिया है। इस हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा करने वाली पुलिस टीम को SSP ने 25 हजार रुपए का इनाम दिया है।

भाजपा ने नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी से किया निलंबित

Posted: 05 Jun 2022 05:39 AM PDT


नई दिल्ली भाजपा ने रविवार को प्रवक्ता नुपुर शर्मा और  दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन जिंदल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। पार्टी ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणियों ने सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ा।इससे पहले नुपुर की टिप्पणी के बाद उठे विवाद के बीच पार्टी की ओर से बयान जारी किया गया। पार्टी ने सीधे तौर पर नुपुर शर्मा का नाम न लेते हुए कहा है कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धर्म या धार्मिक व्यक्ति के अपमान की कड़ी निंदा करती है। दअरसल, भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने कुछ दिन पहले एक टीवी चैनल पर लाइव डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद से कई मुस्लिम संगठन उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। भाजपा का यह बयान तब आया है जब नुपुर शर्मा के बयान के बाद कानपुर में हिंसा भड़की और भीड़ ने पथराव किया। भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा की टिप्प्णी को लेकर उठे विवाद के बीच पार्टी महासचिव अरुण सिंह ने कहा, पार्टी किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान करने वाली किसी भी विचारधारा के खिलाफ है। पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धार्मिक व्यक्तित्व के अपमान की कड़ी निंदा करती है। भाजपा ऐसे लोगों या विचारों को बढ़ावा नहीं देती है।

डीएम ने ए.एन.एम.टी.सी. पुलिस लाइन का किया निरीक्षण

Posted: 05 Jun 2022 05:04 AM PDT


सुलतानपुर जिलाधिकारी रवीश गुप्ता द्वारा रविवार को ए.एन.एम.टी.सी. पुलिस लाइन सुलतानपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय वरिष्ठ सहायक जितेन्द्र तिवारी एवं ए.एन.एम.टी.सी. के समस्त कर्मचारी उपस्थित पाये गये। उन्होंने सिस्टर ट्यूटर इंचार्ज कक्ष, गेस्ट रूम, अध्यापन कक्ष का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सभी कक्ष साफ-सुथरा पाया। डीएम द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित गया कि एक माह के अन्दर ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र को संचालित करने हेतु व्यवस्थित एवं सुसज्जित करना सुनिश्चित करें। 

यूपी पशुधन विकास परिषद की भर्ती में आवेदन,फार्म भरने की क्या है अंतिम तारीख

Posted: 04 Jun 2022 09:48 PM PDT


लखनऊ उत्तर प्रदेश लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत दो हजार मैत्री के पदों पर भर्ती कराए जाने को लेकर आवेदन प्रक्रिया जारी है। इन पदों पर 10 जून तक योग्य व इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में पशुधन विकास परिषद द्वारा जनपदवार स्वरोजगारी मैत्री (मल्टी परपज ए0आई0 टेक्निशियन  इन रुरल इंडिया) के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इन पदों पर आवेदन करने वाले इच्छुक उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता विज्ञान वर्ग से दसवीं परीक्षा रखी गई है। इसके अलावा उम्मीदवार ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से बायोलॉजी विषय के साथ 12वीं भी पास किया होना अनिवार्य है। हालांकि अभ्यर्थी जिसे जनपद के लिए आवेदन कर रहा होगा उसे संबंधित जिले का मूल निवासी होना जरूरी है। गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष हो जबकि अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक रखी गई है। हालांकि आरक्षित वर्ग के सभी कैंडिडेट्स को अधिकतम आयुसीमा में छूट दी जाएगी। ऐसे में जो अभ्यर्थी इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं वो 10 जून तक अपने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा इससे जुड़ी किसी भी अन्य जानकारी के लिए अभ्यर्थी यूपीएलडीबी की वेबसाइट पर विज़िट कर सकते हैं।यूपी में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद की ओर से मैत्री के पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया चलाई जा रही है। इस कार्यक्रम में कुल 2000 पद हैं जिसमे सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के 1400, अनुसूचित जाति के 500 और अनुसूचित जनजाति 100 पद शामिल हैं। 1.दसवीं में अनिवार्य रूप से जीव विज्ञान विषय रहा हो।2.बारहवीं में जीव विज्ञान से पढ़ाई करने वाले को वरीयता दी जाएगी।  3.आवेदन करने वाला अभ्यर्थी चयनित क्षेत्र की ग्राम पंचायत का मूल निवासी होना चाहिए। 4.शरीरिरक रूप से पूर्ण स्वस्थ्य होना चाहिए। 5.पशुपालक के द्वार पर पहुँचकर सेवा देने में सक्षम हो। 6.आवेदन में वैध व्यक्तिगत पहचान पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। 7.प्रवासी श्रमिकों/ पशु सखि/ प्रशिक्षित पैरावेट को वरीयता दी जाएगी।  

 

अनुसूचित जाति के मेधावी छात्रों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी यूपी सरकार

Posted: 04 Jun 2022 09:45 PM PDT


 लखनऊ प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति के मेधावी छात्रों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी। इसके लिए शीघ्र ही मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना लॉंच करने की तैयारी है। समाज कल्याण निदेशालय ने संबंधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें देश भर में स्थित 165 नामचीन संस्थानों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थी लाभांवित होंगे।यूपी में अनुसूचित जाति के मेधावी छात्रों के लिए यह अभिनव योजना लाई जा रही है। इसके तहत जेईई-मेन, जेईई-एडवांस, कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट), कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) और नीट आदि अखिल भारतीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में टॉप-2 या 3 में रहे उत्तर प्रदेश के छात्रों की पूरी फीस सरकार भरेगी। इसके अलावा उन्हें छात्रवृत्ति भी मिलेगी, ताकि उनके अन्य जरूरी खर्च भी पूरे हो सकें। इसमें सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों व विश्वविद्यालयों, आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी सरीखे संस्थानों को शामिल किया गया है। कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सुल्तानपुर और एचबीटीयू कानपुर समेत उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में स्थित कुल 165 संस्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां पढ़ने वाले उत्तर प्रदेश मूल के एससी वर्ग के विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलेगा। 8 लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले परिवारों के विद्यार्थी पाएंगे अवसर। समाज कल्याण विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, इस योजना में 30 प्रतिशत लाभार्थी लड़कियां होंगी। एक माता-पिता के अधिकतम मेधावी दो बच्चों को ही लाभ मिलेगा। प्रस्ताव के अनुसार, लाभ लेने के लिए अधिकतम वार्षिक आय 8 लाख होनी चाहिए। प्रथम वर्ष में इस योजना के तहत करीब 500 मेधावी विद्यार्थियों को लाभांवित किए जाने की योजना है। इस पर 40-50 करोड़ रुपये सालाना खर्च आएगा। अभी तक एससी वर्ग के जिन छात्रों को शुल्क भरपाई की जाती है, उसमें अधिकतम आयसीमा 2.5 लाख रुपये सालाना है। माना जा रहा है कि शीघ्र ही सरकार इस योजना को अंतिम मंजूरी दे देगी। चालू वित्त वर्ष से ही यह योजना लागू करने की तैयारियां चल रही हैं।

सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा अब नामुमकिन

Posted: 04 Jun 2022 09:40 PM PDT


लखनऊ एक परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड के जरिए उनकी डिजिटल पहचान तय होगी। इससे सरकारी योजनाओं में बेजा लाभ लेने वाले चिन्हित होंगे। फर्जीवाड़ा  रुकेगा। इसके लिए डिजिटल कुटुम्ब पोर्टल बनेगा। इससे हर परिवार के राशन कार्ड व परिवार के सदस्यों के आईडी से आधार जुड़ेंगे। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं का बेजा लाभ लेना मुश्किल ही नहीं बल्कि लगभग नामुमकिन बनाने की तैयारी शुरू हो गयी है। अब राज्य के हर परिवार के राशन कार्ड पर दर्ज मुखिया के नाम के साथ जुड़े आधार नम्बर से उस परिवार के अन्य सदस्यों के आधार नम्बर भी जोड़े जाएंगे। जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं हैं या जो इसके पात्र नहीं है उन्हें एक परिवार आईडी जारी की जाएगी।इसके बाद इस परिवार का एक डिजिटल कुटुम्ब यानि समूह विकसित होगा। इस डिजिटल कुटुम्ब में दर्ज परिवार के मुखिया के साथ परिवार के अन्य सभी सदस्यों की पहचान स्पष्ट हो जाएगी कि इनमें से कौन-कौन लोग किस-किस सरकारी योजना का लाभ ले रहे हैं। यही नहीं साथ ही अब यह भी तय होगा कि अमुक परिवार इन सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का पात्र है भी या नहीं।प्रदेश सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना पर आधारित एक प्रस्तुतीकरण पिछले दिनों नयी दिल्ली में नीति आयोग और यूआइडी के अधिकारियों के साथ हुई कार्यशाला में पेश किया गया। राज्य के प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने बताया कि इस परियोजना के लागू होने से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लक्षित हो सकेंगे। दोहरा लाभ या बेजा इस्तेमाल लाभ लेने वालों की शिनाख्त भी हो सकेगी।यही नहीं जाति, निवास प्रमाण पत्र अगर परिवार के किसी एक सदस्य ने आनलाइन बना रखा है तो फिर डिजिटल कुटुम्ब में शामिल परिवार के अन्य सदस्यों में से अगर अन्य कोई किसी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करेगा तो उसे दोबारा ऐसे प्रमाण पत्र बनवाने की जरूरत नहीं होगी।   उस परिवार आईडी से परिवार के मुखिया के साथ अन्य सदस्यों के आधार नम्बर जोड़े जाएंगे। अब एप्लीकेशन पोर्टल बनवाया जा रहा है। इस बीच सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने वाले विभागों से आधार नोटिफाईड करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ राज्यों ने ऐसे प्रयोग शुरू भी किये हैं।

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