दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए बजट मैनुअल का प्रावधान ठंडे बस्ते में : सीए संजय कुमार झा , अध्यक्ष इंडियन सीए. एसोसिएशन
- 21 जून 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- दर्द-ए-ग़ज़ल
- कांग्रेस ने राजनीति का किया अपराधीकरण, अपराधियों को बना दिया जनप्रतिनिधि: चैहान
- भारत बंद जम्मू में बेअसर, प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता हिरासत में
- सेना भर्ती प्रक्रिया में शामिल हों युवा, सरकार ने दूर की चिंताएं: सुशील मोदी
- योग के प्रति जागरुक करने के लिए सीएम धामी ने युवाओं संग लगाई दौड़
- मस्तिष्क और मन को निरोग रखता है योग
- सैन्य व्यवस्था पर व्यर्थ सियासत
- राजस्थान भाजपा में हार से बढ़ी तकरार
- युद्ध पोतों पर भी तैनात होंगी महिलाएं
- यूक्रेन की मदद के लिए रूसी पत्रकार ने नोबेल पुरस्कार नीलाम किया
- चीन ने अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच की लैंड बेस्ड एंटी मिसाइल इंटरसेप्शन की टेस्टिंग
- अफगानिस्तान में बचे सिख परिवार भारत से शरण की लगा रहे गुहार
- कई सालों तक चलेगा रूस-यूक्रेन युद्ध-नाटो
- आजादी का अमृत महोत्सव एवं डॉल्फिन का संरक्षण सात दिवसीय कार्यक्रम का हुआ शुभरम्भ 75 वन्यजीवों की प्रजातियों के लिए संरक्षण के लिए चलेगाजागरूकता कार्यक्रम
- श्रीमद्भगवदगीता को मनुष्य आत्मसात् कर लें तो जीवन सार्थक हो जाता है : विकास वैभव
- बुनियादी ढांचा और निर्माण आर्थिक विकास के प्रमुख नोदक हैं:-जनरल (डॉ.) वी. के. सिंह
- खुदा ना बनाओ …….
- ख्वाबों से चैन मिलता है
- कर्तव्य, अधिकार,शक्ति
- स्वर्णरेखा नदी को पुनर्जीवित के लिए सौपा ज्ञापन
| Posted: 20 Jun 2022 09:01 AM PDT बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए बजट मैनुअल का प्रावधान ठंडे बस्ते में : सीए संजय कुमार झा , अध्यक्ष इंडियन सीए. एसोसिएशनबिहार में वित्तीय प्रबंधन बेहतर करने के लिए बिहार सरकार सख्त प्रावधान लागू करने से हिचक रही है ! वित्त विभाग द्वारा प्रारंभिक संशोधन का प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार किया गया लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं देकर राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्तावित संशोधन में सरकारी विभागों से लेकर जिला प्रशासन और ट्रेजरी से लेकर एजी तक की प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल दिया है ! बजट मैनुअल में प्रस्तावित बदलाव के बाद ट्रेजरी के स्तर पर किसी तरह की गड़ब़ड़ी की आशंका समाप्त हो जाती। विभाग के स्तर पर फाइनल होने के बाद किसी भी बिल में ट्रेजरी के स्तर पर कोई भी बदलाव संभव नहीं होगा। वहीं राज्य सरकार की ऑनलाइन वित्तीय प्रबंधन प्रणाली महालेखाकार कार्यालय से भी जुड़ जाएगी। इससे ऑनलाइन ही मासिक लेखा एजी के पास चला जाएगा, जहां से समय रहते गड़बड़ियों की पहचान आसान हो जाएगी। ✓ विश्वविद्यालयों और स्थानीय निकायों की अनियमितता पर लगाम : राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर संशोधन नहीं किए जाने से विभागों के स्तर बड़ी अनियमितता नियंत्रण में नहीं है। विश्वविद्यालय, नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं की सार्वजनिक वित्तीय प्रणाली को लेकर शिकायत आती रही है। बजट मैनुअल में संशोधन से इसपर खास तौर से फोकस किया जाना चाहिए । इन सरकारी निकायों के लिए सरकार उनके भौतिक और मानव संसाधन का ऑनलाइन डाटा बेस तैयार कर उसे राज्य सरकार की बजट प्रबंधन प्रणाली से जोड़ देना उपयोगी साबित होगा ! विश्वविद्यालयों और स्थानीय निकायों के एक-एक कर्मचारी की सैलरी और उन्हें मिलने वाला लाभ बजट प्रबंधन प्रणाली में होने के कारण इस स्तर पर गड़बड़ी मुश्किल हो जाएगी। इसी तरह वाहनों से लेकर तमाम भौतिक संसाधनों की कीमत से लेकर उनकी संख्या तक बजट प्रबंधन प्रणाली में मौजूद होने से मांगे जाने वाले अतिरिक्त आवंटन की तत्काल जांच कर सही फैसला करना संभव होगा। ✓ सृजन घोटाले ने दी है काफी सबक : बिहार सरकार को वित्तीय प्रबंधन बेहतर करने में चारा घोटाले , सृजन घोटाला आदि के कारणों और उससे पैदा हुई परिस्थितियों ने काफी सबक दी है। जांच के दौरान समय-समय पर पता चलता रहा कि किस तरह बजट उपबंध, संशोधित बजट, मंजूरी और आवंटन में कैसे अलग-अलग प्रावधान किए जाते रहे। ट्रेजरी के स्तर पर बरती गई अनियमितता का भी काफी खुलासा हुआ। महालेखाकार के पास भी मासिक लेखे ठीक से उस दौरान नहीं भेजे गए। इनसे सीख लेकर पहले भी बजट मैनुअल में कई तरह के बदलाव किए जाने चाहिए । ✓ ऑडिट मैनुअल का भी ड्राफ्ट तैयार करें : बजट मैनुअल में संशोधन के साथ ही अनियमितता रोकने की पहल में सरकार ऑडिट मैनुअल के ड्राफ्ट भी तैयार करने की जरूरत है। इसके जरिए वित्तीय अंकेक्षण के अलावा दर्जन भर और भी ऑडिट के प्रावधान किए जाने चाहिए । जिसमें आईटी ऑडिट से लेकर एजी की तरह परफॉर्मेंस ऑडिट तक शामिल होने चाहिए । इसी तरह बदली हुई व्यवस्था में ट्रेजरी कोड में भी संशोधन करना चाहिए । विभिन्न परिस्थितियों में अंकेक्षक की नियुक्ति के नियमों / नीतियों की आवश्यकता है ! अंकेक्षक की स्वतंत्रता , वित्तीय प्रबंधन की बहाली के लिए महत्वपूर्ण भूमिका रखती है ! हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 20 Jun 2022 08:52 AM PDT
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| Posted: 20 Jun 2022 07:42 AM PDT सुमित मानधना 'गौरव' सूरत लोग कहते हैं हमें आप बहुत हँसाते है, किसे पता हँसी के पीछे ग़म छुपाते हैं! ज़ख्म तो हमारे सीने में गहरे है मगर , किसी को भी हम यह नहीं बताते हैं। कोई जब पूछ ले हाल हमारा जनाब, मजे में है हँसते हुए उन्हें ये सुनाते हैं। आज भी उनसे मोहब्बत है उतनी, हम कहाँ लेकिन किसी को जताते हैं। दोस्तों के बीच में रहते हैं दुश्मन यहाँ, आस्तीन में अपने खंजर वो छुपाते हैं। दिखाने को बढ़ाते हैं दोस्ती का हाथ, एहसान फरामोश पीठ पे वार करते हैं। कितनी मोहब्बत लूटा लो इन पर, हुस्न वाले आखिर में दगा दे जाते हैं। यही इस दुनिया की रीत है सुमित, वफा करने वाले बेवफ़ाई ही पाते है। |
| कांग्रेस ने राजनीति का किया अपराधीकरण, अपराधियों को बना दिया जनप्रतिनिधि: चैहान Posted: 20 Jun 2022 06:36 AM PDT कांग्रेस ने राजनीति का किया अपराधीकरण, अपराधियों को बना दिया जनप्रतिनिधि: चैहानभोपाल। मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच घमासान मचा हुआ है। इसी बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा स्वच्छ राजनीति की पक्षधर है। दरअसल, पार्टी ने इंदौर में पार्षद उम्मीदवार को बदल दिया। जिसको लेकर मुख्यमंत्री का बयान सामने आया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीति का अपराधीकरण किया। अपराधियों को ही जनप्रतिनिधि बना दिया। भाजपा स्वच्छ राजनीति की पक्षधर है। हमारे नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी का निर्देश है कि राजनीति का अपराधीकरण नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जैसे ही इंदौर का टिकट संज्ञान में आया कि किसी अपराधी के परिवार को टिकट मिला है तुरंत उस टिकट को वापस लिया। यदि आगे भी ऐसी कोई बात संज्ञान में आएगी, तो यह बात पक्की है कि भाजपा किसी आदतन कुख्यात अपराधी को जनप्रतिनिधि के पद पर प्रतिष्ठित नहीं करेगी। कांग्रेस और भाजपा में जारी खींचतान के बीच उम्मीदवारों के नाम तय किए जा रहे हैं। ऐसे में पार्टियों ने महापौर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है लेकिन पार्षद उम्मीदवारों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इंदौर नगर निगम में 22 साल से राज कर रही भाजपा ने इस बार 56 मौजूदा पार्षदों के टिकट काटे हैं और 70 फीसदी नए चेहरों पर दांव लगाया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| भारत बंद जम्मू में बेअसर, प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता हिरासत में Posted: 20 Jun 2022 06:35 AM PDT भारत बंद जम्मू में बेअसर, प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता हिरासत मेंजम्मू। अग्निपथ भर्ती योजना को लेकर भारत बंद जम्मू में पूरी तरह से बेअसर रहा।भारत बंद को लेकर कहीं भी प्रदर्शन नहीं हुआ जबकि अग्निपथ भर्ती योजना को लेकर प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह योजना युवा विरोधी है। सरकार ने बिना सोच समझ के इस योजना को लागू कर बता दिया कि वे युवा विरोधी है। इन कार्यकर्ताओं का कहना था कि जम्मू कश्मीर में पहले ही कई युवा अस्थायी नौकरियां कर रहे हैं जबकि कइयों को नौकरी से निकाल दिया गया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| सेना भर्ती प्रक्रिया में शामिल हों युवा, सरकार ने दूर की चिंताएं: सुशील मोदी Posted: 20 Jun 2022 06:29 AM PDT सेना भर्ती प्रक्रिया में शामिल हों युवा, सरकार ने दूर की चिंताएं: सुशील मोदीपटना। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे चिंतामुक्त होकर सेना भर्ती की उस प्रक्रिया में शामिल हों, जो अब प्रारम्भ हो चुकी है। सुशील मोदी ने बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार अग्निवीरों के लिए आरक्षण, आयु सीमा में छूट और कई सेवाओं में प्राथमिकता देने की घोषणा कर उनकी चिंताओं को काफी हद तक दूर कर चुकी है। उन्होंने कहा कि कई राज्य सरकारों ने भी पुलिस तथा अन्य सेवाओं में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा की है। भाजपा सांसद ने बिहार सरकार से एक बार फिर अपील की कि वह भी अग्निवीरों को पुलिस तथा अन्य सेवाओं में प्राथमिकता देने की घोषणा करे। उन्होंने कहा कि निजी सुरक्षा एजेंसियों को भी अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा करनी चाहिए। मोदी ने कहा कि जिन शरारती तत्वों ने विरोध के नाम पर रेलवे जैसी राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और भाजपा नेताओं तथा पार्टी कार्यालयों पर हमले किए, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| योग के प्रति जागरुक करने के लिए सीएम धामी ने युवाओं संग लगाई दौड़ Posted: 20 Jun 2022 06:26 AM PDT योग के प्रति जागरुक करने के लिए सीएम धामी ने युवाओं संग लगाई दौड़देहरादून। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के एक दिन पहले उत्तराखंड में रन फार योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी क्रम में देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं संग दौड़ लगाकर योग के प्रति जागरुक किया। यह दौड़ देहरादून घंटाघर से एमकेपी चैक तक आयोजित दौड़ में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्घ्द्र मोदी ने पूरी दुनिया में योग को मान्यता दिलवाई। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को एक उत्सव के रूप में मना रही है, साथ ही संस्कृति, धर्म, भारत की परंपराओं के संरक्षण का कार्य आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रहा है। कहा कि शरीर और मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मस्तिष्क और मन को निरोग रखता है योग Posted: 20 Jun 2022 06:23 AM PDT मस्तिष्क और मन को निरोग रखता है योग(प्रभुनाथ शुक्ल-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) योग हमारा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक ज्ञान है। योग की सार्थकता को दुनिया के कई धर्मों ने स्वीकार किया है। योग सिर्फ व्यायाम का नाम नहीं है बल्कि मन, मस्तिष्क, शारीरिक और विकारों को नियंत्रित करने का माध्यम भी है। जब समाज अच्छा होगा तो देश की प्रगति में हमारा अहम योगदान होगा। 21 जून यानी की आज विश्व योग दिवस है। पहली बार यह 2015 को मनाया गया। यह भारत के प्रयास से ही सफल हो सका है। पूरी दुनिया आज योग और प्राणायाम की तरफ बढ़ रही है। योग भारत के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बाजार साबित हो सकता है। विश्व के लगभग 200 से अधिक देश भारत की इस गौरवशाली वैदिक परंपरा का अनुसरण कर रहे हैं। योग को अब वैश्विक मान्यता मिल गई है। कोरोना संक्रमण काल में भी योग हमारे लिए संजीवनी साबित हो रहा है। हम योग को अपना कर इस महामारी में भी अपने स्वस्थ रख सकते हैं। भगवान कृष्ण ने गीता में स्वयं कहा है कि 'योगः कर्मसु कौशलम' यानी हमारे कर्मों में सर्वश्रेष्ठ योग है। योग यज्ञ है और यज्ञ कर्म है। योग जीवात्मा और परमेश्वर के मिलन का साधन मात्र ही नहीं बल्कि ईश साधना का भी साध्य भी है। योगेश्वर भगवान कृष्ण ने योग को सर्वोपरि बताया है। उन्होंने कहा है कि 'योगस्थः कुरु कर्माणि' इसका तात्पर्य है कि योग में स्थिर होकर ही सद्चित कर्म संभव है। गीता का छठवां अध्याय योग को समर्पित है। भारत में योग की परंपरा 5000 हजार साल पुरानी है। 11 दिसम्बर 2014 को इसका प्रस्ताव दिया था। अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया के 177 देशों ने भारत के पक्ष में वोट किया था, जिसके बाद भारत दुनिया का विश्वगुरु बन गया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 90 दिनों के भीतर पीएम मोदी के प्रस्ताव को मंजूर किया। हम योग के 21 आसनों को अपनाकर अपनी जिंदगी को सुखी, शांत और निरोगी बनाकर खुशहाल जीवन जी सकते हैं। जब हम तन और मन से स्वस्थ रहेंगे तो राष्ट्र निर्माण और उसके विकास में अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। योगगुरु बाबा रामदेव योग को वैश्विक मान्यता मिलने पर इसे भारत की जीत बताया था। दुनिया योग को अपने जीवन की दिनचर्या बना लिया है। योग संपूर्ण जीवन और चिकित्सा पद्धिति बन गया है। दुनिया में शांति युद्ध से नहीं योग से आएगी। भारत के साथ दुनिया में 20 करोड़ से अधिक लोग योग साधना का लाभ उठा रहे हैं। आधुनिक युग की व्यस्त दिनचर्या में योग हमारे लिए अमृत है। अपनी जिंदगी को खुशहाल और डिप्रेशन मुक्त बनाने के लिए योग हमें खुला आकाश देता है। हम धर्म, जाति, भाषा, संप्रदाय के साथ बंधकर स्वयं के साथ देश का अहित करेंगे। योगशास्त्र का इतिहास गौरवशाली उपलब्धि से अटा पड़ा है। हमारे यहां लययोग, राजयोग का भी वर्णन है। योगशास्त्र का इतिहास गौरवशाली उपलब्धि से अटा पड़ा है। हमारे यहां लययोग, राजयोग का भी वर्णन है। चित्त की निरुद्ध अवस्था लययोग में आती है। राजयोग सभी योगों से श्रेष्ठ बताया गया है। महर्षि पतंजलि की योग परंपरा भारत में अधिक समृद्धशाली है। योगगुरु बाबा रामदेव आज पतंजलि योग व्यवस्था के संवाहक बने है। दुनिया भर में योग की महत्व स्थापित करने में पतंजलि योग संस्थान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योग और आयुर्वेद को उन्होंने वैश्विक स्वीकारोक्ति बना दिया है। पतंजलि योग साधना के आठ आयाम हैं। जिसमें यम, नियम, आसन, प्रणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि है। योग का संबंध सिंधु घाटी सभ्यता से भी है। प्राचीनकाल की कई मूर्तियां योग मुद्रा में स्थापित हैं। भगवान शिव को योग मुद्रा में देखा जा सकता है। बुद्ध की मूर्तियां भी योग साधना में स्थापित हैं। बौद्ध और जैनधर्म में भी योग की महत्ता पर काफी कुछ है। बौद्ध और धर्म के अलावा ईसाई और इस्लाम में सूफी संगीत परंपरा में भी योग की बात आई हैं। भारत की योग व्यवस्था को पटल पर लाने में योग गुरु बाबा रामदेव और बीकेएस अयंगर के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से संयुक्तराष्ट्र संघ ने भी योग के महत्व को स्वीकार किया है। प्रधानमंत्री मोदी योग को लेकर स्वयं बेहद जागरूक है। वह योग करते हुए अपने कई वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं। फिट इंडिया, हिट इंडिया उनका मूलमंत्र है। इसके साथ वह लोगों से अपील करते हैं कि आप योग के जरिए अपने मन, मस्तिष्क और शरीर को स्वस्थ रखें, जिसे आपका सहयोग देश के विकास में अच्छे तरीके से हो। विज्ञान और विकास के बढ़ते कदम तनाव की जिंदगी दे रहा है। जिंदगी की गति अधिक तेज हो चली है। लोगों के जीने का नजरिया बदल रहा है। काम का अधिक दबाव बढ़ रहा है इससे हाईपर टेंशन, और दूसरी बीमारियां फैल रही हैं। तनाव का सबसे बेहतर इलाज योग विज्ञान में हैं, वहीं लोगों में सुंदर दिखने की बढ़ती ललक भी योग और आयुर्वेद विज्ञान को नया आयाम देगी। यह पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। आम आदमी के जिंदगी में तनाव तेजी से बढ़ रहा है। पूरी जिंदगी असंयमित हो गई है, जिसकी वजह से परिवार में तनाव और झगड़े होते हैं। लोगों के पास आज पैसा है लेकिन शांति नहीं है, जिसकी वजह से परिवार में संतुलन गायब है। लोग खुद से संतुष्ट नहीं है। इस स्थिति से निकालने के लिए योग सबसे बेहतर उपाय हो सकता है। इसलिए भाग दौड़ की जिदंगी को अगर संयमित और संतुलित करना है तो मन को स्थिर रखना होगा। जब तक हमें मानसिक शांति नहीं मिलेगी तब तक हम जीवन के विकारों से मुक्त नहीं हो सकते हैं। उस स्थिति में योग ही सबसे सरल और सुविधा युक्त माध्यम हमारे पास उपलब्ध है। हमारी हजारों साल की वैदिक परंपरा को वैश्विक मंच मिला है। योग का प्रयोग अब दुनिया भर में चिकित्सा विज्ञान के रूप में भी होने लगा है, उसे स्थिति हमें अपने जीवन के साथ जीने का नजरिया भी बदलना होगा। योग से संबंधित यूनिवर्सिटी, शोध संस्थान, आयुर्वेद मेडिसिन उद्योग नई उम्मीदें और आशाएं लेकर आएगा। भारत और दुनिया भर में योग के लिए संस्थान स्थापित हुए हैं। योग को पर्यटन उद्योग के रूप में विकसित किया जा सकता है। योग स्वस्थ दुनिया की तरफ बढ़ता कदम है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| सैन्य व्यवस्था पर व्यर्थ सियासत Posted: 20 Jun 2022 06:21 AM PDT सैन्य व्यवस्था पर व्यर्थ सियासत(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) अग्निपथ पर सेना के तीनों अंगों का साझा बयान महत्वपूर्ण रहा। इसके माध्यम से भ्रांतियों के निवारण का प्रयास किया गया। यह योजना देश के रक्षा हित को ध्यान में रखकर बनाई गई है। चार वर्ष के बाद प्रशिक्षित युवाओं के लिए विभिन्न सुरक्षा बलों में वरीयता हेतु व्यवस्था की गई। शेष युवाओं के लिए भी अवसर कम नहीं होंगे। उनकी उच्च कोटि की ट्रेनिंग, चार वर्ष का अनुभव भी योग्यताओं में शुमार होगा। ग्यारह लाख रुपये की धनराशि भी उनकी अगली योजना में सहायक होगी। अग्निपथ में शामिल होना बाध्यकारी नहीं है। किसी अभ्यर्थी को लगता है कि वह सरकारी सेवा में अवश्य चयनित हो जाएगा, तो उसे अपना प्रयास जारी रखना चाहिए। लेकिन स्वार्थ के लिए देश की सम्पत्ति को आग के हवाले करने वालों की पहचान जरूरी है। इस मानसिकता के लोग देश और समाज की भलाई नहीं कर सकते। विपक्षी पार्टियों में सीएए दौर की ऊर्जा लौट आई है। उसमें भी खूब हंगामा किया गया था। शाहीन बाग से लेकर घन्टाघर तक मुस्लिम महिलाओं को आगे करके धरना प्रदर्शन चल रहा था। विपक्ष के दिग्गजों के लिए ये सियासत के स्थल बन गए थे। वहाँ तक पहुँचने की प्रतिस्पर्धा चल रही थी। सीएए नागरिकता देने का कानून था, जबकि उपद्रव इस बात पर हो रहा था कि इस कानून से वर्ग विशेष की नागरिकता छिन जाएगी। एक बार फिर विपक्ष उसी अंदाज में सक्रिय है। अग्निपथ पर लगी आग को जमकर हवा दी जा रही है। ऐसा लग रहा है जैसे इनकी सरकार होती तो सभी बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरियों से नवाज दिया जाता यह भी बताया जा रहा है कि चार वर्ष के बाद युवाओं के लिए सारे रास्ते बंद हो जायेंगे। वह रिटायर हो जाएंगे, उन्हें पेंशन नहीं मिलेगी। यहां तक कि इनका सेना के अधिकृत स्पष्टीकरण पर भी विश्वास नहीं है। वैसे ये वही लोग है जो पाकिस्तान के विरुद्ध हुई सर्जिकल स्ट्राइक के प्रमाण मांग रहे थे। एक बार फिर गैर जिम्मेदाराना आचरण किया जा रहा है। सेना से सम्बन्धित विषय पर सियासत की एक सीमा अवश्य होनी चाहिए। भारत को चीन की चुनौती से निपटने के लिए अनेक मोर्चों पर तेज प्रयास करने पड़ रहे हैं। यूपीए के दस वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में बहुत लापरवाही की गई। चीन भारतीय सीमा पर ढांचा गत सुविधाओं का विस्तार करता रहा। मनमोहन सिंह सरकार हाथ पर हाथ धरे रही। उसे लगता था कि भारत सीमा पर निर्माण करेगा तो चीन नाराज हो जाएगा। इसी प्रकार रक्षा तैयारियां आगे नहीं बढ़ाई र्गइं। वही लोग आज अग्निपथ पर सवाल उठा रहे हैं। युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। आप नेता संजय सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को सुरक्षा गार्ड ट्रेनिंग सेंटर बना दिया है। यह शर्मनाक बयान है। एक बार फिर अपनी ही सेना की क्षमता पर प्रश्न उठाया गया है। भारतीय सेना की ट्रेनिंग शानदार होती है। इसको गार्ड ट्रेनिंग बताना दुनिया में भारतीय सेना की छवि को धूमिल करने का आपत्तिजनक प्रयास है। सोनिया गांधी ईडी जांच का सामना कर रही है। उन्होंने अस्पताल से पत्र लिखा कि सरकार ने युवाओं की आवाज को दरकिनार करते हुए नई आर्मी भर्ती योजना की घोषणा की है, जो कि पूरी तरह से दिशाहीन है। कांग्रेस युवाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। पार्टी इस योजना को वापस करवाने के लिए संघर्ष करने व युवाओं के हितों की रक्षा करने का वादा करती है। वैसे अभी इस बात का खुलासा होना है कि ट्रेनों में आग लगाने वाले अराजक व असामाजिक तत्व कौन हैं और कांग्रेस ने किसके साथ खड़े होने का वादा किया है। दूसरी तरफ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऐलान किया कि अग्निपथ योजना किसी भी रूप में वापस नहीं होगी। तीनों सेनाओं की ओर से साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अग्निवीरों की भर्ती योजना के बारे में आन्दोलनकारियों को विस्तार से समझाने की कोशिश की गई। भारतीय सेना को इस समय युवाओं की जरूरत है। यह सुधार लंबे समय से लंबित था। आज बड़ी संख्या में जवान अपने जीवन के तीसरे दशक में हैं, इसलिए सेना में औसत आयु छब्बीस साल करने के लिए यह योजना लाई गई है। यह सुधार तीन दशक से लंबित था। वर्तमान सरकार ने यह सुधार लागू किया लेकिन वर्तमान विपक्ष प्रत्येक मुद्दे पर हंगामे को तत्पर रहता है। यह ठीक है कि सेना अपने अनुशासन को कायम रखने के लिए कटिबद्ध है। उसकी तरफ से कहा गया कि अग्निपथ के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी एक प्रमाण पत्र देगा कि वे विरोध या बर्बरता का हिस्सा नहीं था। इस योजना के तहत सेना में मौजूदा सैनिकों के अनुभव के साथ युवावस्था को सहभागी बनाने का प्रयास किया जाएगा। आज सेना में जवानों की औसत आयु लगभग बत्तीस वर्ष है। कुछ वर्षों में यह और छब्बीस वर्ष हो जाएगी। देश के युवाओं की क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें भविष्य का सैनिक बनाने की आवश्यकता है। इस साल चालीस हजार से शुरू होने वाली भर्ती से निकट भविष्य में सेनाओं में अग्निवीरों की संख्या सवा लाख हो जाएगी। सेना में अनुशासनहीनता की कोई जगह नहीं है। इसलिए अग्निवीरों को भी कुशल प्रशिक्षण के साथ-साथ मानसिक, शारीरिक और अनुशासन में रहने की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। देश की सेवा में अपना जीवन कुर्बान करने वाले अग्निवीर को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए रक्षा मंत्रालय में नौकरी की रिक्तियों के दस प्रतिशत पदों को आरक्षित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह दस प्रतिशत आरक्षण भारतीय तटरक्षक बल,रक्षा असैन्य पदों और सभी सोलह रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लागू किया जाएगा। अग्निपथ योजना सैनिकों के लिए भर्ती प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। योजना के तहत भर्ती होने वाले कर्मियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अग्निवीर योजना को लेकर भ्रांतियां पैदा की जा रही हैं। इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार का निर्णय महत्त्वपूर्ण है। पत्थरबाजी तोड़फोड़ और आगजनी में शामिल अधिकतर युवा नकाब लगाकर सरकारी सम्पत्ति को क्षति पहुंचा रहे हैं। इस पूरे मामले की जांच में जुटीं एजेंसियों के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। जिसका जल्द ही खुलासा होगा। जांच एजेंसियां अग्निपथ योजना के गुनहगारों के चेहरे जल्द बेनकाब करेंगी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| राजस्थान भाजपा में हार से बढ़ी तकरार Posted: 20 Jun 2022 06:17 AM PDT राजस्थान भाजपा में हार से बढ़ी तकरार(रमेश सर्राफ धमोरा-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों के लिए संपन्न हुए चुनाव में भाजपा एक सीट ही जीत सकी थी। भाजपा के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े सुभाष चंद्रा को भी पार्टी के पूरे वोट नहीं मिल पाये थे। जिससे वह चुनाव हार गए थे। सुभाष चंद्रा को मात्र 30 वोट ही मिले थे। जबकि भाजपा के विजेता रहे प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी को 43 वोट मिले थे। राजस्थान में भाजपा के 71 विधायक है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन विधायकों ने भी सुभाष चंद्रा के पक्ष में वोट डाला था। जीतने के लिए 41 वोटों की जरूरत थी। इस तरह भाजपा के घनश्याम तिवारी को 41 वोट देने के बाद 34 वोट बचते थे। इस हिसाब से सुभाष चंद्रा को 34 वोट मिलने चाहिए थे मगर मिले मात्र 30 वोट ही। भाजपा विधायक शोभारानी कुशवाहा ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर दी। वहीं पार्टी के दो अन्य विधायकों ने भी निर्दलीय सुभाष चंद्रा को वोट न देकर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी के ही पक्ष में वोट डाल दिया था। पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ क्रास वोटिंग करने के कारण भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने धौलपुर से पार्टी विधायक शोभारानी कुशवाह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वहीं दो अन्य विधायक जिन्होंने सुभाष चंद्रा के बजाय भाजपा प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी के पक्ष में वोट डाला उनके खिलाफ पार्टी कोई कार्यवाही नहीं कर सकती है। क्योंकि उन्होंने पार्टी के प्रत्याशी को ही वोट दिया था। हालांकि अंदर खाने चर्चा है कि ऐसा उन्होंने पार्टी के एक बड़े नेता के इशारे पर किया था। कांग्रेस पार्टी द्वारा आसानी से तीनों सीटें जीत लेने व भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा के पक्ष में किसी भी निर्दलीय या अन्य किसी दल के प्रत्याशी का वोट नहीं मिलना भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की कमी को ही दर्शाता है। भाजपा का प्रादेशिक नेतृत्व पिछले काफी समय से नेताओं की आपसी गुटबाजी में फंसा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया एक दूसरे के विरोधी गुट से होने के चलते राजस्थान में भाजपा भी गुटों में बंटी हुई है। इसी के चलते राज्यसभा चुनाव में 13 में से एक भी निर्दलीय प्रत्याशी का वोट सुभाष चंद्रा के पक्ष में नहीं डल पाया। ऊपर से वसुंधरा राजे समर्थक शोभारानी कुशवाहा ने कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर भाजपा की फजीहत करवा दी। राज्यसभा चुनाव में शिकस्त खाने के बाद वसुंधरा राजे समर्थक प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया को उनके पद से हटाने की मांग करने लगे हैं। वही सतीश पूनिया समर्थक भी दबी जबान से वसुंधरा राजे को ही क्रास वोटिंग का जिम्मेदार बता रहे हैं। वसुंधरा समर्थकों का आरोप है कि राजस्थान में निर्दलीय विधायकों की संख्या 13 है तथा माकपा के दो, भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो व राष्ट्रीय लोकदल का एक विधायक है। इस तरह देखे तो कांग्रेस के बाहर 18 अन्य ऐसे विधायक थे जो कांग्रेस व भाजपा दोनों के प्रत्याशियों को हराकर चुनाव जीते थे। मगर कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन सभी 18 विधायकों से तालमेल बैठाकर राज्यसभा चुनाव में वोट ले लिया। चर्चा यह भी है कि भाजपा विधायक शोभारानी कुशवाहा गहलोत के ही माली समाज की होने के चलते भी गहलोत के कहने से वोट डाल दिया। कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने के बाद अपने निष्कासन पर सफाई देते हुए शोभारानी कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के ही बड़े नेता पार्टी में रहकर उनके खिलाफ गतिविधियां चलाते थे। ऐसे में उनका भाजपा से जुड़े रहने का कोई कारण नहीं रह गया था। शोभारानी कुशवाहा अपने पति को उम्र कैद की सजा होने के बाद उनकी विधायकी समाप्त होने पर उपचुनाव में वसुंधरा राजे के प्रयास से भाजपा में शामिल होकर उपचुनाव में विधायक बनी थी। फिर 2018 के चुनाव में भी उन्हें भाजपा ने टिकट दिया था और वह चुनाव जीत गई थी। शोभारानी कुशवाहा के परिजनों पर ढाई सौ करोड़ का चिटफंड घोटाला करने का भी आरोप लगा हुआ है। जिसके चलते उनके पति व देवर जेल की हवा भी खा चुके हैं। भाजपा राजस्थान में 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद से सभी बड़े चुनावों में हार रही है। राजस्थान में चार सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में सिर्फ एक सीट पर ही बीजेपी जीत सकी। इस चुनाव में कांग्रेस की दो और बीजेपी की एक सीट पक्की थी। चैथी सीट के लिए मुकाबला था। लेकिन बीजेपी चुनावी प्रबंधन में कांग्रेस से बाजी हार गई। क्रॉस वोटिंग ने भी भाजपा को चिंता में डाल दिया है। इससें पूर्व जून 2020 को राजस्थान में 3 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी अपने दो प्रत्याशी जिताने में कामयाब रही थी। जबकि बीजेपी के राजेन्द्र गहलोत ही जीत दर्ज कर सके थे। भाजपा के दूसरे प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत को मात्र 20 वोट मिल थे। उस वक्त भाजपा का एक वोट रिजेक्ट हो गया था तथा 2 वोट अनुपस्थित रहे थे। 28 जनवरी 2019 में अलवर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी साफिया जुबेर खान ने भाजपा के सुखवंत सिंह को 12 हजार 228 मतों से हराया था। 24 अक्टूबर 2019 को राजस्थान के मंडावा और खींवसर सीट के विधायको के सांसद बनने से हुए उपचुनाव में मंडावा से कांग्रेस की रीटा चैधरी और खींवसर से बीजेपी की सहयोगी आरएलपी के नारायण बेनीवाल ने जीत दर्ज की थी। 2018 में हुए चुनाव में मंडावा सीट से बीजेपी के नरेन्द्र खीचड़ व खींवसर सीट आरएलपी के हनुमान बेनीवाल जीते थे। उदयपुर की वल्लभनगर और प्रतापगढ़ की धरियावद विधानसभा सीटों पर 30 अक्टूबर 2021 को हुए उपचुनाव में दोनों सीटें कांग्रेस ने जीतीं। कांग्रेस के नगराज मीणा की धरियावद में जीत हुई। बीजेपी के खेत सिंह तीसरे नम्बर पर रहे। वल्लभनगर में कांग्रेस की प्रीति शक्तावत 20 हजार से ज्यादा वोटों से जीतीं। वहां बीजेपी के हिम्मत सिंह झाला की जमानत तक जब्त हो गई थी। सहाड़ा, सुजानगढ़ और राजसमंद में हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजे 2 मई 2021 को आए। जिसमें सहाड़ा से कांग्रेस की गायत्री त्रिवेदी, सुजानगढ़ में कांग्रेस के मनोज मेघवाल और राजसमंद से भाजपा की दीप्ति माहेश्वरी ने जीत दर्ज की थी। राजस्थान में 19 नवम्बर 2019 को 49 नगर पालिकाओं के चुनाव में कांग्रेस ने 28, भाजपा ने 16 पालिकाओं में जीत दर्ज की थी। जयपुर, जोधपुर और कोटा शहर के 6 नगर निगम में 10 नवम्बर 2020 को हुये मेयर के चुनाव में कांग्रेस ने 6 में से 4 निगमों में अपने बोर्ड बनाए। बीजेपी महज जयपुर ग्रेटर और जोधपुर दक्षिण में ही बोर्ड बना सकी। 28 जनवरी 2021 को राजस्थान में 20 जिलों के 90 नगर निकायों में से 48 में कांग्रेस, 37 पर बीजेपी बोर्ड बनाने में कामयाब रही। 4 सितम्बर 2021 को 6 जिलों जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, सवाईमाधोपुर, दौसा और सिरोही के 78 पंचायत समितियों के लिए हुए चुनावों में 60 पंचायत समितियों में कांग्रेस पार्टी के प्रधान बने। भाजपा केवल 14 पंचायत समितियों में बहुमत हासिल कर सकी। जबकि जिला प्रमुख चुनाव में कांग्रेस-बीजेपी ने बराबर 3 - 3 जगह अपना जिला प्रमुख बनाया था। इस तरह देखने से पता चलता है कि 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस लगातार भाजपा पर भारी पड़ रही है। कांग्रेस ने उपचुनावो में भाजपा से मंडावा व धरियावद विधानसभा सीट छीनने में कामयाब रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाजपा नेताओं की आपसी फूट का पूरा फायदा उठा कर हर चुनाव में भाजपा को पटखनी दे रहें है। भाजपा की हाल ही में कोटा में हुयी प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में भी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बिना भाषण दिये बैठक छोड़ कर निकल गयी थी। वसुंधरा राजे लगातार बागी रूख अपनाये हुये हैं। जहां मौका मिलता है प्रदेश संगठन की खिंचाई कर देती है। मौजूदा स्थिति भाजपा के लिये अच्छी नहीं कही जा सकती है। जिस तरह पार्टी गुटों में बंटी है उसको समय रहते रोका नहीं गया तो 2023 के विधानसभा चुनाव में भी गहलोत एक बार फिर बाजी मार ले जायेगें और भाजपा नेता हाथ मलते रह जायंेगे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| युद्ध पोतों पर भी तैनात होंगी महिलाएं Posted: 20 Jun 2022 06:16 AM PDT युद्ध पोतों पर भी तैनात होंगी महिलाएं(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) भारतीय नौसेना इस साल नई अग्निपथ योजना के माध्यम से पहली बार महिला नाविकों की भर्ती करेगी, जिससे आने वाले समय में उनके लिए भी युद्धपोतों पर तैनात होने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस साल नौसेना में शामिल किए जाने वाले 3,000 अग्निवीरों में से महिलाएं कितनी होंगी, इसको अभी अंतिम रूप दिया जाना है, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि यह संख्या पहले बैच का 10-20 प्रतिशत होगी। नौसेना में शामिल होने वाले अग्निवीर इस साल 21 नवंबर से ओडिशा स्थित नौसेना प्रतिष्ठान आईएनएस चिल्का में प्रशिक्षण शुरू करेंगे। चीफ ऑफ पर्सनेल वाइस एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने गत 19 जून को कहा, 'नौसेना में अग्निपथ योजना लिंग-तटस्थ होगी। वर्तमान में 30 महिला अधिकारी अग्रिम पक्ति के युद्धपोतों पर ड्यूटी दे रही हैं। हमने तय किया है कि महिला नाविकों की भी भर्ती करने का समय आ गया है। नौसेना के सभी ट्रेडों में महिलाओं की भर्ती होगी। समुद्र में भी महिला अग्निवीरों की तैनाती होगी।' भारत के 14 लाख सैन्यकर्मियों वाले मजबूत सशस्त्र बलों में 1990 के दशक से ही महिलाओं को शामिल किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति 2019-2020 में शुरू हुई है। महिला अधिकारियों को अधिक अवसर प्रदान करने के लिए भारतीय नौसेना ने महत्वपूर्ण उठाए हैं। उदाहरण के लिए नौसेना के लड़ाकू जहाजों पर चार महिला अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। एक महिला पर्यवेक्षक अधिकारी को एक वर्ष की अवधि के लिए डोर्नियर एयर क्रू के हिस्से के रूप में मालदीव में तैनात किया गया है । पहली महिला अधिकारी को प्रोवोस्ट विशेषज्ञता में शामिल किया गया है एवं एट-आर्म्स कोर्स के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है। इस प्रकार सेना में नारी शक्ति की प्रतिभागिता लगातार बढती जा रही है। देश की सबसे बडी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च, 2020 को भारतीय नौसेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने का फैसला सुनाया था। अब महिला अग्नि वीर नाविक भर्ती की जाएंगी। इस साल नौसेना में शामिल किए जाने वाले 3,000 अग्निवीरों में से महिलाएं कितनी होंगी, इसको अभी अंतिम रूप दिया जाना है, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि यह संख्या पहले बैच का 10-20 फीसद होगी। नौसेना में शामिल होने वाले अग्निवीर इस साल 21 नवंबर से ओडिशा स्थित नौसेना प्रतिष्ठान आईएनएस चिल्का में प्रशिक्षण शुरू करेंगे। इस प्रकार आने वाले समय में उनके लिए भी युद्धपोतों पर तैनात होने का मार्ग प्रशस्त होगा। चीफ ऑफ पर्सनल वाइस एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी के अनुसार वर्तमान में 30 महिला अधिकारी अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों पर ड्यूटी दे रही हैं। हमने तय किया है कि महिला नाविकों की भी भर्ती करने का समय आ गया है। नौसेना के सभी ट्रेडों में महिलाओं की भर्ती होगी। समुद्र में भी महिला अग्निवीरों की तैनाती होगी। ध्यान रहे कि भारत के 14 लाख सैन्यकर्मियों वाले मजबूत सशस्त्र बलों में 1990 के दशक से ही महिलाओं को शामिल किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति 2019-2020 में शुरू हुई है। महिला नाविकों की ट्रेनिंग के लिए आईएनएस चिल्का में व्यवस्था की जा रही है ।भारतीय सशस्त्र बलों में लगभग 70,000-मजबूत अधिकारी संवर्ग में महिलाओं की संख्या सिर्फ 3,904 (सेना 1,705, इन्डियन एयरफोर्स 1,640 और नौसेना 559) है, जबकि 9,000 से अधिक अधिकारियों की कमी है। सेना द्वारा पहली बार 2019-2020 में 'अन्य रैंकों' में महिलाओं की भर्ती शुरू करने के बाद, अब सैन्य पुलिस कोर (सीएमपी) में 100 महिला जवान भी हैं। पिछले दो वर्षों में 199 और सीएमपी महिलाओं की भर्ती प्रक्रिया कोविड-19 महामारी के कारण प्रभावित हुई है। वाइस एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि पहले बैच में अग्निवीर के रूप में शामिल होने वाली महिलाओं के सटीक प्रतिशत पर भी काम किया जा रहा है। आईएनएस चिल्का में उन्हें समायोजित करने की व्यवस्था की जा रही है। लगभग एक साल पहले, नौसेना ने 23 साल के अंतराल के बाद पहली बार युद्धपोतों पर 4 महिला अधिकारियों की तैनाती की थी। इनमें विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य और बेड़े के टैंकर आईएनएस शक्ति पर 2-2 महिला अधिकारियों की तैनाती शामिल है। यह संख्या अब बढ़कर 30 हो गई है। साथ ही कोलकाता-श्रेणी के निर्देशित-मिसाइल विध्वंसक और शिवालिक-श्रेणी के स्टील्थ फ्रिगेट पर भी महिलाओं को तैनात किया जा रहा है। इससे पहले नेवी चीफ एडमिरल आर. हरि कुमार ने कहा था कि नौसेना महिलाओं को भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के व्यापक स्पेक्ट्रम में शामिल करने और उनके सामर्थ्य का उपयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हम अन्य रैंकों में भी महिलाओं का स्वागत करेंगे। इसी प्रक्रिया को आगे बढाया जा रहा है। महिला नाविक इसकी अग्रिम कडी है। भारत में नारी को शक्ति का रूप माना गया है। ये नारी शक्ति देश के बाहर और अंदर मौजूद दुश्मनों से देश की रक्षा करने के साथ ही उनको मुंहतोड़ जवाब भी दे रही हैं। पिछले कुछ समय में भारत की सशस्त्र सेनाओं में महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। सरकार भी प्राथमिकता के आधार पर सेनाओं में उनकी भूमिका को बढ़ाने के लिए कई तरह के प्रयास कर रही है। हाल ही में शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) प्राप्त महिला अधिकारियों को भारतीय सेना के सभी दस प्रभागों में स्थायी कमीशन प्रदान किया गया है। चार महिला अधिकारियों को भारतीय नौसेना के युद्धपोतों पर नियुक्त किया गया है। कैप्टन तानिया शेरगिल ने गणतंत्र दिवस परेड 2020 में पुरुष सैनिकों के दल का नेतृत्व किया। भारत सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना में 6807 से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। वहीं भारतीय वायुसेना में इनकी संख्या लगभग 1607 है। अगर पुरुषों और महिला अधिकारियों के रेशियो की बात करें तो सबसे अधिक महिलाएं नेवी में काम कर रही हैं। नेवी की कुल क्षमता का लगभग 6.5 फीसदी महिलाएं हैं। भारत की तीनों सेनाओं में कुल मिला कर लगभग 9,118 महिलाएं हैं। सरकार के मुताबिक वर्ष 2019 की तुलना में 2020 में महिलाओं की संख्या भारत की तीनों सेनाओं में बढ़ी है। भारत में महिलाएं लड़ाकू जहाज उड़ाने, पानी के लड़ाकू जहाजों पर अहम जिम्मेदारियां संभालने के साथ ही स्पेशनल ऑपरेशन के जरिए दुश्मन को सबक सिखाने में अहम भूमिकाएं निभा रही हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की ओर से आधिकारिक तौर पर मंजूरी मिलने से भारतीय सेना के सभी 10 हिस्सों जिसमें आर्मी एयर डिफेंस, सिग्नल्स, इंजीनियर्स, आर्मी एविएशन, इलेक्ट्रॉनिक्स व मैकेनिकल इंजीनियरिंग, आर्मी सर्विस कॉर्प्स और इंटेलिजेंस कॉर्प्स आदि शामिल हैं, इनमें महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन मिल पाएगा। अब तक अधिकतर महिलाओं की भर्ती सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत होती थी, लेकिन अब उन्हें स्थायी कमीशन मिल रहा है। इसके मायने हैं कि महिला सैन्य अधिकारी भी पुरुषों के समान ही तब तक अपने पद पर कार्यरत रहेंगी जब तक वह रिटायर नहीं हो जाती हैं। तीनों सशस्त्र बलों में कार्यरत पुरुषों और महिलाओं की संख्या इस प्रकार है- भारतीय सेना में महिलाओं की संख्या 6807 और उनका प्रतिशत 0.56 भारतीय वायु सेना में महिलाओं की संख्या 1607 और प्रतिशत 1.08 है। इसी प्रकार भारतीय नौसेना में महिलाओं की संख्या 704 और प्रतिशत 6.5 है। नेशनल काउंसिल फॉर सोशल स्टडीज के मुताबिक 2015 में महिलाओं की सेना में संख्या करीब 53,000 थी जो सेना की कुल क्षमता का पांच फीसदी था। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज के मुताबिक पाकिस्तान की सेना में सिर्फ 3,400 महिलाएं हैं वो सभी मेडिकल या डेस्क जॉब करती हैं। अमेरिकी सेना में लगभग 16 फीसद महिलाएं जिनकी संख्या करीब 74,000 है, काम करती हैं। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज के मुताबिक रूस में सेना की कुल क्षमता का 10 फीसद महिलाएं हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| यूक्रेन की मदद के लिए रूसी पत्रकार ने नोबेल पुरस्कार नीलाम किया Posted: 20 Jun 2022 06:13 AM PDT यूक्रेन की मदद के लिए रूसी पत्रकार ने नोबेल पुरस्कार नीलाम कियामॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच साढ़े तीन महीने से जंग जारी है। जंग में यूक्रेन तबाह हो रहा है। अमेरिका समेत कई देशों ने यूक्रेन की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। इस बीच रूस के एक पत्रकार ने यूक्रेन की मदद कर एक मिसाल पेश किया है। रूसी पत्रकार दिमित्रि मुरातोव ने शांति के लिए मिले अपने नोबेल पुरस्कार की सोमवार रात नीलामी कर दी। मुरातोव नीलामी से मिलने वाले पैसे यूक्रेन में युद्ध से विस्थापित हुए बच्चों की मदद के लिए सीधे यूनीसेफ को देंगे। अक्टूबर 2021 में गोल्ड मेडल से सम्मानित दिमित्रि मुरातोव स्वतंत्र रूसी अखबार 'नोवाया गजट' की स्थापना की और वह मार्च में अखबार के बंद होने के समय इसके मुख्य संपादक थे। यूक्रेन पर रूस के हमले के मद्देनजर सार्वजनिक असंतोष को दबाने और पत्रकारों पर रूसी कार्रवाई के चलते यह अखबार बंद कर दिया गया था। मुरातोव ने पुरस्कार की नीलामी से मिली 5,00,000 डॉलर की नकद राशि धर्मार्थ के लिए दान करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस दान का उद्देश्य ''शरणार्थी बच्चों को भविष्य के लिए एक मौका देना है।'' मुरातोव ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह खासतौर पर उन बच्चों के लिए चिंतित हैं, जो यूक्रेन में संघर्ष के कारण अनाथ हो गए हैं। उन्होंने कहा, ''हम उनका भविष्य लौटाना चाहते हैं।'' हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| चीन ने अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच की लैंड बेस्ड एंटी मिसाइल इंटरसेप्शन की टेस्टिंग Posted: 20 Jun 2022 06:11 AM PDT चीन ने अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच की लैंड बेस्ड एंटी मिसाइल इंटरसेप्शन की टेस्टिंगबीजिंग। चीन ने अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच रविवार की रात को लैंड बेस्ड मिसाइल इंटरसेप्शन का सफल परीक्षण किया। चीन के रक्षा मंत्री ने इस मिसाइल की विशेषता बताते हुए कहा कि ये मिसाइल हवा में अंतरमहाद्वीपीय मिसाल को मार गिराने में सक्षम है। साथ ही उन्होंने कहा कि चीन द्वारा नई मिसाइल का परीक्षण केवल रक्षात्मक उद्देश्य के लिए किया गया है। इसका निर्माण किसी विशेष देश को निशाना बनाने कि लिए नहीं किया गया है। चीन राष्ट्रपति शी जिनपिंगकी महत्वकांशी आधुनिकीकरण योजना के तहत, अंतरिक्ष में उपग्रहों को नष्ट करने वाली मिसाइलों से लेकर उन्नत परमाणु-टिप वाली बैलिस्टिक मिसाइलों तक सभी प्रकार की मिसाइलों के परीक्षणों में तेजी ला रहा है। बता दें कि बीजिंग इससे पहले भी फरवरी 2021 और 2018 में भी मिसाइल इंटरसेप्टर परीक्षण कर चुका है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, चीन ने सबसे पहले 2010 में एंटी- मिसाइल परीक्षण किया था। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अफगानिस्तान में बचे सिख परिवार भारत से शरण की लगा रहे गुहार Posted: 20 Jun 2022 06:09 AM PDT अफगानिस्तान में बचे सिख परिवार भारत से शरण की लगा रहे गुहारकाबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक गुरुद्वारे पर शनिवार तड़के भीषण आतंकी हमला हुआ। आतंकवादी बाहर से गोलियां चलाते हुए गुरुद्वारे के भीतर दाखिल हुए और सिखों के घरों को भी निशाना बनाया। इस्लामिक स्टेट ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। गुरुद्वारे पर हमले से सदमे में आए सिख समुदाय के नेताओं ने बताया कि तालिबान शासित अफगानिस्तान में अब सिर्फ 20 सिख परिवार बचे हैं। इनके सभी सदस्यों को मिलाकर पूरे देश में महज 140-150 सिख ही बाकी हैं। इनमें से ज्यादातर पूर्वी शहर जलालाबाद और राजधानी काबुल में रहते हैं। इन लोगों ने भारत में शरण के लिए गुहार लगाई है। हमले के पीड़ितों का कहना है कि सभी लोग जल्द से जल्द अफगानिस्तान से निकलना चाहते हैं, लेकिन भारत सरकार उन्हें वीजा नहीं दे रही है। इस कारण वह फंसे हैं।आतंकवादी संगठन ने गुरुद्वारे पर हमला करने वाले सुसाइड बॉम्बर की पहचान अबू मुहम्मद के रूप में की है। बीबीसी से बात करते हुए हमले में घायल हुए एक शख्स के रिश्तेदार ने कहा कि अफगानिस्तान में सिर्फ 20 सिख परिवार बचे हैं। उन्होंने कहा कि बचे हुए परिवार भी जल्द से जल्द निकलना चाहते हैं लेकिन भारत सरकार की ओर से उन्हें वीजा नहीं दिया जा रहा है जिस कारण वे यहां फंसे हुए हैं। रिश्तेदार ने कहा, 'अगर हमें वीजा मिले तो हम तुरंत चले जाएंगे।' हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| कई सालों तक चलेगा रूस-यूक्रेन युद्ध-नाटो Posted: 20 Jun 2022 06:06 AM PDT कई सालों तक चलेगा रूस-यूक्रेन युद्ध-नाटोयूक्रेन। यूक्रेन पर साढ़े तीन महीने से रूस के हमले जारी हैं। रूसी सैनिक यूक्रेन के लगभग सभी शहरों पर नए सिरे से अटैक कर रहे हैं। इस बीच अमेरिकी सहयोगी संगठन नाटो ने दावा किया है कि युद्ध कई साल चल सकता है। यूक्रेन जल्द ही डोनबास को रूसी कब्जे से मुक्त करा लेगा। वहीं, रूस ने दावा किया है कि पूर्वी इलाके में विशेष सैन्य अभियान योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहा है। जल्द ही बड़ी कामयाबी मिलेगी। पूरा डोनबास उसके नियंत्रण में होगा। जर्मनी के अखबार बिल्ड अम जॉनटाग ने नाटो के महासचिव जेंस स्टोल्टनबर्ग के हवाले से बताया कि अमेरिका व यूरोपीय देशों से मिल रहे अत्याधुनिक हथियारों की वजह से यूक्रेनी सैनिकों के हमलों में धार आई है। जल्द ही वे पूर्वी मोर्चे पर दोनबास को रूसी कब्जे से मुक्त कराने में सक्षम हो जाएंगे। स्टोल्टनबर्ग ने कहा, पूरी दुनिया और खासतौर पर यूरोप को यह बात ध्यान में रखनी होगी कि यह युद्ध में कई साल तक चल सकता है। यूक्रेन को जिताना है तो न केवल सैन्य सहायता के लिए, बल्कि बढ़ती ऊर्जा और खाद्य कीमतों के मोर्चे पर भी मदद करनी होगी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 20 Jun 2022 05:54 AM PDT आजादी का अमृत महोत्सव एवं डॉल्फिन का संरक्षण सात दिवसीय कार्यक्रम का हुआ शुभरम्भ 75 वन्यजीवों की प्रजातियों के लिए संरक्षण के लिए चलेगाजागरूकता कार्यक्रमपर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के अधीन कार्यरत संस्थाओं के द्वारा 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के तहत केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली को संरक्षण और जागरूकता गतिविधियों कार्य सौपा गया है । इस अभियान में 75 वन्यजीवों की प्रजातियों के लिए संरक्षण के लिए जागरूकता पैदा करना है। इस कार्यक्रम अंतर्गत पटना के संजय गांधी गांधी जैविक उद्यान पटना तथा भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, पटना के संयुक्त तत्वाधान में "सह-अस्तित्व का संरक्षण एवं लोगों को जोड़ने" विषय पर वन्यजीवों के लिए कार्य करना है" जिसमें 75 चिड़ियाघरों में 75 सप्ताह तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना के द्वारा 20 जून से 26 जून 2022 तक एक सप्ताह के लिए गंगा के डॉलफिन को ध्यान में रखकर इस प्रजाति के संरक्षण के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया गया हैI आयोजन के पहला दिन 20 जून 2022 को 'गंगा की डॉल्फिन-भारत की राष्ट्रीय विरासत का संरक्षण' पर एक विशेषज्ञ संगोष्ठी का आयोजन किया गया है संगोष्ठी से बिहार भर के वन विभाग के अधिकारी और कर्मी ओनलाइन भी जुड़े । कार्यक्रम की शुरुआत सत्यजीत कुमार, निदेशक, संजय गांधी जैविक उद्यान के सवागत से हुआ जिसमें उन्होंने आगत अतिथियों के द्वारा दीप प्रजव्लित कर समारोह का उद्घाटन किया । सर्वप्रथम कार्यक्रम में पी.के. गुप्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह बिहार के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने अपने सम्बोधन में बिहार में गंगा डॉल्फिन के लिए किये गए संरक्षण कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत कियाI तत्पपश्चात डॉ. गोपाल शर्मा, वैज्ञानिक ई और प्रभारी अधिकारी, जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, पटना ने गांगेय डॉल्फिन पर स्लाईड शो के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को संरक्षण खतरे एवं बचाव के उपाय पर वल दिया उन्होंने गांगेय डॉल्फिन के ट्रांस्लोकेशन पर एक फिल्म भी दिखाई जिसमें किशनगंज के पास महानंदा नदी की सहायक नदीं में दो ज़िंदा डॉल्फिन को ट्रांस्लोकेट करने की विधि बताईI इसके अलावा, उन्होंने कानूनी रूप से मछली पकड़ने पर पाबन्दी एवं प्रतिकूल मौसम एवं इससे संबंधित कानूनों और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए इसे दृढ़ता से कैसे लागू करने की बात कही, इस पर भी अपनी राय साझा की। मौके पर गौरैया संरक्षक संजय कुमार और पी आई बी पटना के सहायक निदेशक ने डॉल्फिन संरक्षण में मीडिया की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि जागरूकता से ही डॉल्फिन को बचाया जा सकता है और इसमें मीडिया की भूमिका अहम हो सकती है। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पटना जू के निर्देशक सत्यजीत ने कहा कि सात दिवसीय इस आयोजन के जरिए वन्य प्राणियों को बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। समारोह में निदेशक पारिस्थितिकी सुरेन्द्र कुमार भी उपस्थित थे । इस कार्यक्रम में भागलपुर वन प्रमंडल क्षेत्र, मुंगेर वन प्रमंडल क्षेत्र, पटना वन प्रमंडल क्षेत्र के फारेस्ट गार्ड तथा बिहार के विभिन विश्विद्यालयों एवं संस्थानों के लगभग 100 छात्र छात्राओं तथा भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के मनीष चन्द्र पटेल ने भाग लियाI हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| श्रीमद्भगवदगीता को मनुष्य आत्मसात् कर लें तो जीवन सार्थक हो जाता है : विकास वैभव Posted: 20 Jun 2022 05:47 AM PDT श्रीमद्भगवदगीता को मनुष्य आत्मसात् कर लें तो जीवन सार्थक हो जाता है : विकास वैभवबिहार सरकार , गृह विभाग के विशेष सचिव श्री विकास वैभव ने कहा की बिहार समेत सम्पूर्ण देश में घर-घर लोगों को निःशुल्क श्रीमद्भगवदगीता सप्रेम भेंट करना बहुत ही अच्छा काम है।उन्होंने ये बातें श्रीमद्भगवदगीता आपके द्वार अभियान के संस्थापक और पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता सजीव कुमार मिश्र से गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित श्रीमद्भगवदगीता सप्रेम भेंट स्वीकार करने के पश्चात कही।गीता वाले बाबा के नाम से सुप्रसिद्ध संजीव कुमार मिश्र द्वारा बिहार के वरिष्ठ आई॰पी॰एस अधिकारी श्री विकास वैभव जी को गायत्री परिवार,शांतिकुंज, हरिद्वार के उपवस्त्र से सम्मान कर स्वागत अभिनंदन किया गया।बिहार सरकार, गृह विभाग के विशेष सचिव श्री विकास वैभव ने कहा की मनुष्य श्रीमद्भगवदगीता को आत्मसात् कर लें तो उनका जीवन सार्थक हो जाता है।श्रीमद्भगवदगीता के इस अद्भुत,अलौकिक और अद्वितीय अभियान में श्री मिश्र के साथ पत्रकार रत्नेश आनंद और समाजसेवी अजीत कुमार राम मुख्य रूप से शामिल थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| बुनियादी ढांचा और निर्माण आर्थिक विकास के प्रमुख नोदक हैं:-जनरल (डॉ.) वी. के. सिंह Posted: 20 Jun 2022 05:05 AM PDT बुनियादी ढांचा और निर्माण आर्थिक विकास के प्रमुख नोदक हैं:-जनरल (डॉ.) वी. के. सिंहबुनियादी ढांचा हमारे देश की रीढ़ है और निर्माण क्षेत्र के साथ-साथ भारत के समग्र विकास में तेजी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए यह आर्थिक विकास के एक प्रमुख नोदक के रूप में कार्य करता है। भारतीय बुनियादी ढांचा क्षेत्र ने व्यवधानों और कोविड के समय की सीमाओं के बावजूद हमेशा उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है, जब निर्माण कार्य पूरी तरह रुक गए थे। हालांकि, हम सभी ने देखा कि इन व्यवधानों के बाद, बुनियादी ढांचा और निर्माण फिर से शुरू होने वाली पहली आर्थिक गतिविधियों के रूप में उभरे। भारतीय निर्माण क्षेत्र में आगे की संभावनाओं को नवीनीकृत करने और तलाशने के उद्देश्य से, मैं समग्र बुनियादी ढांचे के परिदृश्य पर विचार करूंगा क्योंकि यह भारत के समग्र विकास को बढ़ावा देने और नीतियों को शुरू करने के लिए सरकार का अत्यधिक ध्यान केन्द्रित करने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है जो देश में विश्व स्तर के बुनियादी ढांचे के समयबद्ध निर्माण को सुनिश्चित करेगा व भारत को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना देगा। हमारी सरकार ने देश में बुनियादी ढांचे के निवेश को बढ़ावा देने के लिए हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। बजट में हाल में की गई घोषणाएं देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अपनी निरंतर निवेश के साथ हमारी सरकार की नई प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। 2024-25 तक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर 111 लाख करोड़ का निवेश करने वाली नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) का शुभारंभ; निजी क्षेत्र की भागीदारी को आकर्षित करने के लिए 6 लाख करोड़ की परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ और ब्राउनफील्ड बुनियादी ढांचे की संपत्ति में निवेश इस दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। राजमार्ग क्षेत्र में पीपीपी के लिए एक अच्छी तरह से विकसित ढांचे के साथ, भारत पहले से ही वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को 25,000 किलोमीटर तक बढ़ाने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतमाला परियोजना का लक्ष्य लगभग 65,000 किलोमीटर राष्ट्रीय और आर्थिक गलियारे, सीमा व तटीय सड़कों और एक्सप्रेस वे का निर्माण करना है ताकि पहले से निर्मित राजमार्ग के ढांचे को बेहतर किया जा सके। यह कार्यक्रम 550 जिलों को 4-लेन कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और 50 आर्थिक गलियारों को विकसित करेगा और निर्माण उपकरण उद्यमियों के लिए भी अवसरों को आकर्षित करेगा। पहले से ही, स्वचालित मार्ग के तहत सड़कों और राजमार्गों में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है। इससे अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी। इसी तरह, विमानन क्षेत्र में 2026 तक नेविगेशन सेवाओं के साथ 1.83 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के साथ हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा। यह निर्माण उद्योग के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करेगा। साथ ही साथ, एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में निर्माण उद्योग 2025 तक 1.4 टन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है और विश्व स्तर पर तीसरे सबसे बड़े देश के रूप में उभरने की उम्मीद है। निर्माण व्यवसाय भारत में किस प्रकार तेजी से चल रहा है और प्रबंधित हो रहा है, तेजी से विकसित हो रही तकनीक उसे दोबारा परिभाषित कर रही है। भारत में निर्माण उद्योग बाजार 250 उप-क्षेत्रों में काम करता है विभिन्न क्षेत्रों में जुड़ाव के साथ निर्माण उपकरण उद्यमियों के लिए अवसर प्रदान करता है। निर्माण क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और स्थिरता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डिजाइन, निर्माण और संचालन में प्रक्रियाओं को स्वचालित करने के लिए डिजिटलीकरण पर ध्यान केंद्रित करने से बड़ी परियोजनाओं को किफायती और समय पर पूरा करना सुनिश्चित होगा। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए स्वच्छ ऊर्जा और हरित पहल ने इस क्षेत्र के विकास को आगे धकेला है। इसके अलावा, नवीनतम प्रौद्योगिकी और उसकी चाल के एकीकरण से देश में भविष्य के बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान करने में भी मदद मिलेगी। आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश के स्तर को ध्यान में रखते सड़क परिवहन को माल ढुलाई और यात्रियों दोनों के लिए परिवहन के सबसे अधिक किफायती और पसंदीदा साधन में से एक माना जाता है। इस प्रकार, यह देश के आर्थिक विकास और सामाजिक एकीकरण के लिए महत्वपूर्ण है। सड़क परिवहन भारत के परिवहन क्षेत्र में प्रमुख खंड के रूप में उभरा है। देश में सड़क परिवहन क्षेत्र में लगभग 87 प्रतिशत यात्री यातायात और 60 प्रतिशत माल यातायात है। आसान उपलब्धता, व्यक्तिगत जरूरतों के अनुकूल और खर्च में बचत कुछ ऐसे कारक हैं जो सड़क परिवहन के पक्ष में जाते हैं। सड़क परिवहन रेलवे, शिपिंग और हवाई यातायात के लिए एक फीडर सेवा के रूप में भी कार्य करता है। इस क्षेत्र का विकास बेहतर सड़क बुनियादी ढांचे के साथ अर्थव्यवस्था को सकारात्मक उछाल देगा। भारतीय निर्माण क्षेत्र विदेशी डेवलपर्स के लिए काफी आकर्षक प्रस्ताव की पेशकश करता है। भारत के बुनियादी ढांचे के परिदृश्य का रोडमैप सभी प्रकार के निर्माण उपकरण प्रदाताओं के लिए अवसरों की अधिकता के साथ आशाजनक प्रतीत होता है। भारत के विकास की कहानी का बुनियादी ढांचे के विकास से मजबूत संबंध है। वहां यह सकारात्मकता सभी विकास क्षेत्रों को प्रभावित करेगी। निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इसे सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय विकास व आर्थिक विकास के नए अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सकारात्मकता विकास के सभी क्षेत्रों को प्रभावित करेगी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 20 Jun 2022 04:58 AM PDT
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| Posted: 20 Jun 2022 04:55 AM PDT
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| Posted: 20 Jun 2022 04:23 AM PDT
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| स्वर्णरेखा नदी को पुनर्जीवित के लिए सौपा ज्ञापन Posted: 20 Jun 2022 04:10 AM PDT
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