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Sunday, June 12, 2022

प्राइमरी का मास्टर ● इन

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स्कूलों की वेबसाइट बनवाने में 22 जिले पिछड़े, इन जिलों में 50 फीसदी विद्यालयों की नहीं बनी वेबसाइट, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने डीआईओएस को जल्द सूचना भेजने के दिए निर्देश

Posted: 12 Jun 2022 06:15 PM PDT

स्कूलों की वेबसाइट बनवाने में 22 जिले पिछड़े, इन जिलों में 50 फीसदी विद्यालयों की नहीं बनी वेबसाइट


माध्यमिक शिक्षा विभाग ने डीआईओएस को जल्द सूचना भेजने के दिए निर्देश

लखनऊ : माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विद्यालयों की वेबसाइट बनाने और विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी बनाने संबंधी निर्देश दिए हैं। यह काम 30 मई तक पूरा होना था, लेकिन अब तक 22 जिलों में 50 फीसदी स्कूलों की वेबसाइट नहीं बन पाई है। छात्रों की ई मेल आईडी बनवाने में भी स्कूल फिसड्डी हैं। शासन ने इन जिलों के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस को जल्द ब्योरा भेजने के निर्देश दिए हैं।


अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा ने समय से सूचना ने देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। विभाग की 100 दिन की कार्ययोजना के तहत यह कवायद हो रही है। जिन जिलों में वेबसाइट बनाने का काम पिछड़ा है उनमें संभल, फतेहपुर, कन्नौज, चंदौली, पीलीभीत, कासगंज, हाथरस, फिरोजाबाद, मथुरा, औरैया, आजमगढ़, एटा, बस्ती, फर्रुखाबाद, रायबरेली, अलीगढ़, वाराणसी, उन्नाव, आगरा, बलिया, मैनपुरी व जीनपुर जिले शामिल हैं।

वेबपेज बनवाने में लखनऊ समेत ये जिले पिछड़े

कन्नौज, हरदोई, गौतमबुद्धनगर, बलरामपुर, एटा, चंदौली, लखनऊ, औरेया, हमीरपुर, देवरिया, उन्नाव, फिरोजाबाद, कानपुर देहात, मऊ, आजमगढ़, बलिया व अन्य

वित्तविहीन विद्यालयों का ब्योरा देने में भी ढिलाई

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मान्यता प्राप्त वित्तविहीन विद्यालयों की संसाधन मैपिंग के लिए भी डीआईओएस को निर्देश दिए थे, लेकिन ये कार्य भी तप मियाद में पूरा नहीं हुआ। करीब 51 जिले ऐसे हैं, जिनके यहां से 50 फीसदी विद्यालयों का ब्योरा नहीं दिया गया। ब्योरा देने में फिसड्डी जिलों में सोनभद्र, इटावा, हापुड़, अमरोहा, महराजगंज, बलरामपुर, सिद्धार्थनग संभल, मुजफ्फरनगर, लखीमपुर खीरी, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, सुल्तानपुर, रामपुर, अमेठी, सीतापुर, कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, कुशीनगर, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, गोंडा, पीलीभीत, चंदौली, औरैया, रायबरेली, हरदोई, मऊ, मुरादाबाद, गोरखपुर, कौशांबी, उन्नाव, लखनऊ, वाराणसी, गाजीपुर, बदायूँ, भदोही, बहराइच, संतकबीरनगर, अलीगढ़, फिरोजाबाद, कानपुर देहात, देवरिया, आजमगढ़, जौनपुर, हमीरपुर, एटा, बलिया, प्रतापगढ़, आगरा व मैनपुरी शामिल हैं।

440 नर्सिंग संस्थानों को मिली मान्यता, 577 आवेदन खारिज

Posted: 12 Jun 2022 05:28 PM PDT

440 नर्सिंग संस्थानों को मिली मान्यता, 577 आवेदन खारिज


लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एएनएम, जीएनएम और पैरा मेडिकल की मान्यता के लिए अक्तूबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच आए 11 सौ आवेदनों में से मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले 577 आवेदनों को खारिज कर दिया है। 


इसी के साथ 440 सेंटरों में नर्सिंग और पैरा मेडिकल कोर्सेज चलाने की मान्यता भी दी गई और जीएनएम की करीब 20 फीसदी सीटें बढ़ाई गई हैं। महज पांच महीने में इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों को खारिज करने की कार्रवाई पहली बार की गई है। चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव ने आलोक कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई 45 दिन में कराए गए सर्वे के दौरान की गईं।



सीएम योगी ने हाल ही में चिकित्सा शिक्षा विभाग को मानक अनुसार नर्सिंग और पैरा मेडिकल कोर्सेज की पढ़ाई कराने के निर्देश दिए थे। पिछले छह महीने में 440 सेंटरों में नर्सिंग और पैरा मेडिकल कोर्सेज चलाने की मान्यता भी दी गई है। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा विभाग जीएनएम की पढ़ाई के लिए सरकारी क्षेत्र में 20 फीसदी सीटों में इजाफा भी किया जा रहा है।


चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक और बड़ा बदलाव किया है। अब नर्सिंग और पैरा मेडिकल की परीक्षाएं दूसरे सेंटरों पर कराई जाएंगी। इसके तहत सितंबर के महीने में 50,000 से ज़्यादा छात्रों की वार्षिक परीक्षा होगी।


आईएनसी मानकों का पालन जरूरी होगा

चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जबकि इतने बड़े पैमाने पर नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को शिक्षा की उच्च गुणवत्ता के आधार पर मान्यताएं दी गई हैं या फिर खारिज की गई हैं। अब सिर्फ आईएनसी के मानकों का पालन करने वाले संस्थान ही नर्सिंग और पैरा मेडिकल के कोर्स चला सकेंगे ताकि छात्रों को नौकरी के लिए भटकना न पड़े।

भुगतान के मामले को लेकर बलिया के डीआईओएस रहे बृजेश मिश्र के खिलाफ वारंट

Posted: 12 Jun 2022 05:08 PM PDT

भुगतान के मामले को लेकर बलिया के डीआईओएस रहे बृजेश मिश्र के खिलाफ वारंट


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में आदेश के बावजूद उपस्थित न होने पर बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक रहे बृजेश मिश्र के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया है।


यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने बलिया के विश्वनाथ तिवारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से रिटायर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजयेंद्र कुमार राम की याचिका पर दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार याची को विद्यालय प्रबंध समिति ने वर्ष 1975 में नियुक्त किया था। जिला विद्यालय निरीक्षक ने 2010 में याची के वेतन को इस आधार पर अवरुद्ध कर दिया था कि उसकी नियुक्ति गैर सृजित पद पर की गई थी। 


उसके बाद ध्रुव नारायण सिंह केस में हाईकोर्ट के निर्देशों के आधार पर विद्यालय में सृजित पदों की जांच की गई थी। 2016 में हुई विभागीय जांच में विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सृजित पांच पदों के सापेक्ष तीन कर्मचारी कार्यरत पाए गए थे। याची के अतिरिक्त अन्य दो कर्मचारियों को राजकोष से वेतन प्राप्त हो रहा था। जिसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक को वेतन भुगतान के संबंध में दिए गए याची के प्रत्यावेदन पर निर्णय न लिए जाने पर याचिका की गई। हाईकोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक को आठ सप्ताह में याची के प्रत्यावेदन पर विचार करने का निर्देश दिया था। 


डीआईओएस के आदेश न करने पर याची ने अवमानना याचिका की, जिसके क्रम में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक भास्कर मिश्र ने कोर्ट में हलफनामा देकर बताया कि विभाग ने याची को वेतन भुगतान करने का फैसला लिया है। उसके बाद 2020 में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश मिश्र ने याची की नियुक्ति को गैर सृजित पद पर होने के कारण अवैध ठहराते हुए एरियर देने से मना कर दिया।


कोर्ट ने पाया कि तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ब्रजेश मिश्र ने अपने पूर्ववर्ती अधिकारी भास्कर मिश्र के आदेश को पलट दिया है। उस आदेश के आधार पर ही भास्कर मिश्र को अवमानना की कार्यवाही से मुक्त किया गया था। कोर्ट ने कहा कि डीआईओएस बृजेश मिश्र ने अपने आदेश से अवमानना न्यायालय के निर्णय को पलटने का कुप्रयास किया है। 


कोर्ट ने बलिया में तैनात रहे दोनों अधिकारियों को न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। पूर्व डीआईओएस भास्कर मिश्र ने अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताया कि याची को एरियर भुगतान किया जा चुका है। वहीं भास्कर मिश्र के उपस्थित ना होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। साथ ही सीजेएम बलिया को बृजेश मिश्र के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया।

देशभर के सभी कृषि विश्वविद्यालयों में अब एक पाठयक्रम

Posted: 11 Jun 2022 07:37 PM PDT

देशभर के सभी कृषि विश्वविद्यालयों में अब एक पाठयक्रम 



कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में नए सत्र से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की छठवीं डीन कमेटी द्वारा स्वीकृत सिलेबस को फिलहाल पीजी और शोध छात्रों के लिए लागू किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम देश के सभी 71 कृषि विवि में लागू होगा।


अभी तक देश भर के कृषि विवि में अलग-अलग सिलेबस पढ़ाए जाते हैं। राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में इन सभी सिलेबस को मिलाकर सवाल पूछे जाते हैं। इससे छात्र परेशान थे। इस पाठ्यक्रम के लागू होने के बाद कृषि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में आसानी होगी। इस सिलेबस में कोर्स के साथ चलने वाले सपोर्टिंग विषयों को भी बढ़ाया गया है। 


रजिस्ट्रार प्रो. सीएल मौर्य ने बताया कि प्रदेश की जलवायु के अनुसार कोर्स में 15 प्रतिशत बदलाव करने का अधिकार विवि के है पास है।

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