दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- सार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ,झारखंड की प्रदेश स्तरीय चिंतन बैठक प्रेस क्लब राँची में सम्पन्न हुई।
- मुझे क्या समझते है
- नदी और बाढ़
- मुख्यमंत्री ने वैशाली जिला के वलहा वसंता में गंडक नदी के किनारे कटाव निरोधी कार्यों का किया निरीक्षण
- सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, द्वारा राष्ट्रव्यापी क्विज़ प्रतियोगिता “अन्वेषा 2022” का हुआ आयोजन क्विज़ प्रतियोगिता “अन्वेषा 2022” में बी.एस.कॉलेज, दानापुर ने मारी बाजी
- अच्छी बारिश के लिए 11 कुंतल चूरमा का प्रसाद
- दिल्ली में उपचुनाव में भी आप का जलवा
- मुख्तार अंसारी पर पहरा और सख्त
- सौ दिनों का चुनाव परिणाम
- माणिक साहा की कुर्सी हुई मजबूत
- जुनून जीता, गुरूर हारा
- रूसी सैनिकों पर भारी पड़ी यूक्रेन की बकरी
- जानसन व ट्रूडो ने उड़ाया पुतिन का मजाक
- नेपाल में गोल गप्पे पर प्रतिबंध
- इमरान का नौकर ही करा रहा था जासूसी
- बिजली की अनियमित आपूर्ति के विरोध में निकली रैली
- डिजिटल युग का नव प्रयोग- 3 डी लाइव : सम्यक पाठक
- बढा रहे हैं मुहब्बत
- तेरा हीं चरण दास
- आयकर अधिनियम की नई धारा 12AB के तहत पंजीकरण के लिए नए प्रावधानों क्या है जाने श्री संजय झा जी से |
- 28 जून 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- संप्रति विद्यालय के प्रधानाचार्य ने AIIMS में कार्यरत डॉक्टर को अर्चना सहित्य देकर सम्म्मनीत किया
- आज 27 जून 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- आओ एक गीत गा दें....
- पूज्य गुरुदेव निश्चलानन्द सरस्वती जी के 80वें प्राकट्य दिवस राष्ट्रोकर्ष दिवस के रूप में धुमधाम से मनाया गया
| Posted: 27 Jun 2022 09:24 AM PDT सार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ,झारखंड की प्रदेश स्तरीय चिंतन बैठक प्रेस क्लब राँची में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक उपाध्याय एवं विशिष्ट अतिथि ब्रज बिहारी पांडेय,अशोक प्रियदर्शी, चंद्रशेखर मिश्र की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदेश अध्यक्ष संजीव मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में सम्मानित अतिथि झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी उपस्थित हुए जिन्हें महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष द्वारा शॉल एवं बुके देकर सम्मानित किया गया। इस चिंतन बैठक में सर्वप्रथम भगवान भास्कर की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर आचार्य श्री कृष्ण के वैदिक मंत्रों से प्रारंभ की गई ।तत्पश्चात त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सम्मानित अतिथि झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा शॉल और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ब्राह्मण पथ प्रदर्शक होते हैं और सभी के कल्याण में लगे रहते हैं ब्राह्मणों के द्वारा जन कल्याण के लिए अनेकों में कार्य किए जाते रहे हैं जो इतिहास गवाह है हम इनके लिए सरकार के पास इनकी बातों को रखेंगे। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक कुमार उपाध्याय ने कहा किस संगठन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है और देश के सभी राज्यों में संगठन का विस्तार करना बहुत ही आवश्यक है संगठन के बल पर हम अपने अधिकार को पा सकते हैं इसके लिए संगठित होना बहुत ही जरूरी है उन्होंने कहा कि आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन पटना में आयोजित की जाएगी इस चिंतन बैठक को निर्वाचित जनप्रतिनिधि शोभा पांडे प्रमुख भवनाथपुर ने संबोधित किया इस अवसर पर जिला अध्यक्ष शरद भक्त हजारीबाग जिला अध्यक्ष प्रदीप पाठक गढ़वा जिला अध्यक्ष एसएन पाठक धनबाद जिला अध्यक्ष बी बी पांठक ने संबोधित किया प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार मिश्र ने कहा कि अभी तक 14 जिला में संगठन का विस्तार और चुनाव किया जा चुका है शेष जिलों में चुनाव प्रक्रिया दिन है आज की बैठक में बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाना है जो हम आप समूह के पास रख रहे हैं और इस प्रस्ताव को आप सबों के द्वारा ध्वनि मत से पारित करने का कष्ट करेंगे। राज्य स्तरीय समिति का पुनर्गठन संगठन मंत्री का 5 पद का स्वीकृति संगठन महामंत्री का पद सृजन प्रधान महासचिव का पद सृजन 50% महिलाओं का आरक्षित शामिल है उन्होंने जोर देकर कहा कि हर हालत में अपनी अस्मिता को बचाना हम सभी का कर्तव्य है और हम संगठित होकर कि यह कार्य कर सकते हैं बैठक को मुख्य संरक्षक ब्रजबिहारी पांडेअशोक प्रियदर्शी आचार्य कृष्ण प्रदेश संगठन मंत्री अशोक कुमार मिश्र संबोधित कियामंच संचालन राष्ट्रीय महासचिव प्रकाश कुमार मिश्र प्रदेश महासचिव सुधांशु शेखर मिश्र ने किया। धन्यवाद ज्ञापन गिरिडीह जिला अध्यक्ष शरद भक्तों ने किया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 27 Jun 2022 09:06 AM PDT
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| Posted: 27 Jun 2022 09:00 AM PDT
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| मुख्यमंत्री ने वैशाली जिला के वलहा वसंता में गंडक नदी के किनारे कटाव निरोधी कार्यों का किया निरीक्षण Posted: 27 Jun 2022 08:52 AM PDT मुख्यमंत्री ने वैशाली जिला के वलहा वसंता में गंडक नदी के किनारे कटाव निरोधी कार्यों का किया निरीक्षणपटना, 27 जून 2022 को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने वैशाली जिला के लालगंज प्रखंड के वलहा वसंता में गंडक नदी के किनारे कटाव निरोधी कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि गंडक नदी के किनारे कटाव की शिकायत मिलने पर जल संसाधन विभाग द्वारा कटाव निरोधक कार्य कराया गया है ताकि आसपास के गांवों को बाढ़ से बचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने गंडक नदी के किनारे कटाव निरोधक कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंडक नदी के दूसरी तरफ सिल्ट जमा होने के कारण नदी की चैड़ाई कम होने पर गहरी चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नदी की चैड़ाई एवं गहराई को बढ़ाने के लिए नदी के दूसरे छोर पर सिल्ट कटिंग का कार्य करायें ताकि नदी की चैड़ाई बढ़े और कटाव नहीं हो। उन्होंने कहा कि नदी के दूसरे छोर की चैड़ाई और गहराई को और बढ़ाएं, इससे तटबंध पर जल प्रवाह का दबाव कम होगा और तटबंध सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान आसपास के गाॅवों के लोगों को सजग एवं जागरूक रखें। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, विधायक श्री सिद्धार्थ पटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डाॅ0 एस0 सिद्धार्थ, जल संसाधान विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं अभियंतागण मौजूद थे। |
| Posted: 27 Jun 2022 08:47 AM PDT सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा आईकॉनिक सप्ताह (27 जून से 3 जुलाई) का आयोजन कर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इसके तहत राष्ट्रव्यापी क्विज़ प्रतियोगिता "अन्वेषा 2022" का आयोजन किया जा रहा है। आज पटना में छात्रों के लिए राज्य स्तरीय 'अन्वेषा 2022' क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। क्विज प्रतियोगिता में बी.एस.कॉलेज, दानापुर के शैलेंन्द्र कुमार और सुप्रिया कुमारी में प्रथम रहीं। जबकि वाणिज्य महाविद्यालय पटना के नमरेश नवनीत एवं तान्या शेखर उपविजेता रहीं। वहीँ, द्वीतिय स्थान आर. कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन, पटना के पीयूष कुमार एवं रूपम मिश्रा रहे। प्रथम विजेता को पांच हजार, द्वितीय को तीन हजार, तथा तृतीय स्थान पाने वाले प्रतिभागी को दो हजार रूपये पुरस्कार राशि प्रदान की गई। साथ ही शेष सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में पटना स्थित विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्नातकोत्तर, सांख्यिकी और अर्थशास्त्र के 40 महाविद्यालयों के 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में अधिकतम दो छात्रों की एक टीम बनाई गयी। इसमें प्रत्येक कॉलेज, विश्वविद्यालय और पूर्व छात्रों को भी भाग लेने की अनुमति दी गयी थी। 'अन्वेषा 2022' का उद्घाटन करने के बाद राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय पटना की उप महानिदेशक एन. संगीता ने आजादी के अमृत महोत्सव की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि 'अन्वेषा 2022' आयोजन के पीछे सांख्यिकी के प्रति छात्रों के बीच रूचि पैदा करना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा विभाग के अपर विकास आयुक्त दीपक कुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि संजय कुमार पंसारी, निदेशक, अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी, निदेशालय, बिहार सरकार ने सांख्यिकी के महत्व के बारे में विस्तार से छात्रों को बताया। मौके पर विवेक कुमार सिंह, विकास आयुक्त, बिहार सरकार ने प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान करते हुए सांख्यिकी को जीवन में उतारने की सलाह दी। क्वीज का संचालन क्वीज मास्टर सोमा चक्रवर्ती और संजय सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन बी.एन.प्रसाद, वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी सह कार्यालय प्रमुख द्वारा दिया गया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अच्छी बारिश के लिए 11 कुंतल चूरमा का प्रसाद Posted: 27 Jun 2022 08:38 AM PDT अच्छी बारिश के लिए 11 कुंतल चूरमा का प्रसादजयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले में हर साल अच्छी बारिश और देश में खुशहाली की कामना को लेकर मेनारिया समाज की ओर से इंद्रदेव को प्रसन्न किया जाता है। इसके लिए समाज की ओर से पानेरियों की मादड़ी में 26 जून को महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इसमें गेहूं के आटे की बाटी का चूरमा बनाया जाता है। आयोजन में शामिल होने वाले कार्यकर्ता पहले मिलकर बाटी बनाते हैं। फिर उन बाटियों से 11 क्विंटल चूरमा बनाया जाता है। मेनारिया समाज की ओर से पानेरियों की मादड़ी में होली चैक में इस महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इस मौके पर मेनारिया समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। चूरमा तैयार करने के बाद पहले गांव में स्थित चारभुजा मंदिर में भगवान को भोग लगाया जाता है। इस दौरान समाज की महिलाएं मंगल गीत गाकर इंद्रदेव से अच्छी बारिश की मनोकामना के साथ ही देश की खुशहाली की कामना करती हैं। चारभुजा मंदिर में प्रभु को भोग लगाने के बाद बड़ी संख्या में समाज के लोग वहां पहुंचते हैं और महाप्रसादी लेते हैं। मेनारिया समाज की ओर से यह आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है। मेनारिया समाज के बुजुर्गों के अनुसार करीब ढाई सौ वर्ष से इस तरह के महाप्रसादी का आयोजन किया रहा है। इसमें समाज के सैकड़ों परिवारों के हजारों लोग एकत्र होते हैं। आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां की जाती हैं। सबसे बड़ा काम आटे की बाटियों को खीरों पर सेंकना और फिर उसका चूरमा बनाना होता है। इसमें समाज के लोग बड़ी संख्या में जुटते हैं और आपसी सहयोग से चूरमा तैयार किया जाता है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| दिल्ली में उपचुनाव में भी आप का जलवा Posted: 27 Jun 2022 08:34 AM PDT दिल्ली में उपचुनाव में भी आप का जलवानई दिल्ली। दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी एक बार फिर से सिकंदर साबित हुई है। राजेंद्र नगर सीट पर आम आदमी पार्टी (आप) के दुर्गेश पाठक ने करीब 11 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की और इस तरह से आम आदमी पार्टी की यह हैट्रिक जीत हुई। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार राजेश भाटिया कमल खिलाने में असफल साबित हुए। राजेंद्र नगर सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों से एक ओर जहां आम आदमी पार्टी गदगद नजर आ रही है, वहीं भाजपा में नेतृत्व को लेकर मंथन का दौर शुरू हो गया है। वहीं, कांग्रेस सियासी फ्रेम से ही गायब होती दिख रही है। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो आप नेता दुर्गेश पाठक ने बहुत बड़े अंतर से यह जीत हासिल की है। राजेंद्र नगर सीट पर वोट प्रतिशत के मामले में आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच बड़ा गैप है। आम आदमी पार्टी को जहां 55.78 फीसदी वोट शेयर हासिल हुए, वहीं भाजपा 39।91 प्रतिशत वोट फीसदी तक ही सिमट कर रह गई। कांग्रेस की स्थिति तो सबसे खराब रही, जिसे इस चुनाव में महज 2.79 फीसदी मतदाताओं का ही साथ मिला। कांग्रेस अपने फेवर में अधिक वोटों को स्विंग कराने में विफल रही, जिसकी वजह से मुकाबला त्रिकोणीय नहीं बन पाया। अगर इस उपचुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय होता तो शायद नतीजे कुछ और हो सकते थे। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दुर्गेश पाठक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राजेश भाटिया को 11 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दुर्गेश पाठक को 40,319 मत मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाटिया को 28,851 मत प्राप्त हुए। इस तरह आम आदमी पार्टी ने 11,468 मतों के अंतर से जीत हासिल की जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रेमलता को महज 2014 वोट ही मिले। कांग्रेस की जमानत भी जब्त हो गई। राजेंद्र नगर सीट पर हुए उपचुनाव के वोट शेयर से पता चलता है कि आम आदमी पार्टी का जलवा अब भी वोटरों के बीच कायम है। यही वजह है कि दुर्गेश पाठक को जीताकर मतदाताओं ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व और आप सरकार के कामों पर भरोसा जताया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मुख्तार अंसारी पर पहरा और सख्त Posted: 27 Jun 2022 08:30 AM PDT मुख्तार अंसारी पर पहरा और सख्तलखनऊ। बांदा जेल में बंद पूर्व विधायक और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी पर पहरा और सख्त किया जाएगा। डीआईजी जेल की रिपोर्ट के बाद जेल में मुख्तार अंसारी के बैरक की निगरानी और बढ़ा दी गई है। हर महीने डिप्टी जेलर समेत 15 जेलकर्मियों को बदला जाएगा। हर महीने दूसरे जेल से डिप्टी जेलर समेत अन्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इतना ही नहीं मुख्तार की बैरेक के पास 20 सीसीटीवी कैमरे बढ़ाए जाएंगे, कैमरे खराब होते ही उन्हें तुरंत बदला जाएगा। इसके अलावा मुख्तार के बैरक 24 घंटे निगरानी जेल मुख्यालय लखनऊ में बनी डिजिटल वीडियो वॉल से करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि मुख्तार अंसारी के आसपास तैनात स्टाफ को बॉडी वॉर्न कैमरे पहनने होंगे। गौरतलब है कि पिछले दिनों जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बांदा जेल में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान जेल में कई अनियमितताएं सामने आई थीं। इतना ही नहीं डिप्टी जेलर ने डीएम और एसपी के साथ अभद्रता भी की थी। जिसके बाद डिप्टी जेलर को सस्पेंड कर दिया गया था। डीएम अनुराग पटेल ने जेल में चेकिंग के दौरान मिली अनियमितताओं को लेकर शाशन को पत्र लिख कर जानकारी दी थी। उनकी शिकायत का संज्ञान देते हुए जेल पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने बांदा जेल के उप कारापाल (डिप्टी जेलर) वीरेशवर प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया और उन्हें जांच होने तक मुख्यालय में रहने के आदेश दिए। आरोप है कि डिप्टी जेलर वीरेशवर प्रताप सिंह मुख्तार अंसारी के साथ जेल में नरमी बरत रहे थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 27 Jun 2022 08:26 AM PDT सौ दिनों का चुनाव परिणाम(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) सपा के दोनों दिग्गजों के लिए लोकसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देना शुभ नहीं रहा। इन्होंने विधान सभा में रहने का निर्णय लिया था लेकिन इस दांव का प्रतिकूल असर हुआ। विधानसभा में कोई वैचारिक लाभ नहीं मिला। इनके द्वारा छोड़ी गई लोकसभा की दोनों सीटों पर भाजपा का कब्जा हो गया। इसने जहां भाजपा का मनोबल बढ़ाया है, वहीं सपा को निराश होना पड़ा है। इसका मनोवैज्ञानिक असर दो वर्ष बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में भी दिखाई देगा क्योंकि दोनों ही क्षेत्र सपा के गढ़ थे। यहां से पराजित होना उसके लिए एक बड़ा सबक है। मुख्य विपक्षी पार्टी को प्रभावी और मजबूत बनाने के लिए अखिलेश यादव ने लोकसभा की सदस्यता छोड़ दी थी। आजम खान भी प्रदेश में अपना महत्त्व बनाये रखना चाहते थे। इसलिए उन्होंने भी लोकसभा से त्यागपत्र दिया था लेकिन पार्टी को मजबूत बनाने की बात तो दूर, सौ दिन में सपा अपने महत्त्वपूर्ण गढ़ भी बचा नहीं सकी। पांच वर्ष पहले आजमगढ़ और रामपुर नकारात्मक रूप में चर्चित थे। रामपुर में आजम खान का जलवा दिखता था। जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों पर सवाल उठते थे। आतंकी गतिविधियों के संदर्भ में आजमगढ़ के चंद लोगों का नाम सुर्खियों में आ जाता था। उस समय केंद्र की यूपीए और प्रदेश की सपा सरकार इस मसले को वोटबैंक के नजरिये से देखती थी। आजमगढ़ में आरोपियों के यहां पहुँचने में सेक्युलर नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा चलती थी। आजम खान के नखरे तो पूरा शासन प्रशासन और सत्तारूढ़ पार्टी उठाती थी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने आजमगढ़ और रामपुर दोनों को विकास की मुख्यधारा में शामिल किया। सभी विकास योजनाओं का बिना भेदभाव के क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। विकास कार्यों ने दोनों जनपदों को नकारात्मक छवि से बाहर निकाला। विगत पांच वर्षों में एक बार भी इन जनपदों की नकारात्मक चर्चा नहीं हुई। किन्तु विधान सभा चुनाव में यहां विपक्ष के समीकरण ही प्रभावी रहे। विकास योजनाओं से लाभान्वित लोगों ने भी जाति मजहब के आधार पर वोट किया था। मात्र सौ दिन में ही यहां की राजनीतिक तसवीर बदल गई। मतदाताओं ने जमीनी सुधार के आधार पर मतदान किया। परिणाम स्वरूप दोनों ही क्षेत्रों में भाजपा विजयी हुई। आजमगढ़ के विकास को काशी और गोरखपुर के विकास के तर्ज पर आगे बढ़ाया गया। आजमगढ़ को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का कार्य किया गया। आजमगढ में नया विश्वविद्यालय बन रहा है। योगी आदित्यनाथ का आरोप था कि आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी की सरकार ने आतंक का गढ़ बना दिया था जबकि आजमगढ़ को विकास के साथ जोड़ने का कार्य भाजपा सरकार ने किया है। यह चुनाव परिणाम करीब सौ दिन पर आधारित है। मतदाताओं ने इस दौरान सत्ता और प्रतिपक्ष दोनों के कार्यों का आकलन किया। योगी आदित्यनाथ ने सौ दिन की कार्ययोजना बनाई थी। उनका कहना था कि पिछली बार के मुकाबले अधिक तेजी से कार्य किया जाएगा। इसमें उनकी प्रतिस्पर्धा अपनी ही पिछली सरकार से होगी। योगी सरकार ने एक ही कार्यकाल में पिछली सरकारों के मुकाबले बढ़त बनाई है। ऐसे में उसकी प्रतिस्पर्धा अब उन सरकारों से संभव ही नहीं है। उन्हें बहुत पीछे छोड़ कर योगी सरकार आगे निकल चुकी है। ऐसे में योगी आदित्यनाथ ने अपनी ही पिछली सरकार से प्रतिस्पर्धा का संकल्प लिया था। सौ दिन में इस यात्रा को आगे बढ़ाया गया।योगी सरकार ने जन कल्याण के निर्णयों से अपनी दूसरी पारी का शुभारंभ किया। नई कैबिनेट ने निःशुल्क राशन योजना को जारी रखने का निर्णय लिया। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सुशासन संबन्धी दिशा निर्देश दिए। इस प्रकार सरकार ने अपना मन्तव्य स्पष्ट कर दिया। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के साथ ही विकास कार्यों में तेजी कायम रखी जायेगी। सरकार जन अकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। चुनाव के पहले जारी लोक कल्याण संकल्प के सभी संकल्प बिन्दुओं को आगामी पांच वर्षों में लक्ष्यवार एवं समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश को देश का नम्बर वन राज्य और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को देश की नम्बर वन अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन यूएस डॉलर बनाने के लिए दस प्राथमिक सेक्टरों को चिन्हित किया जाएगा। ई ऑफिस सिस्टम सिटिजन चार्टर लागू करने के साथ ही विभागों के समस्त कार्यों का डिजिटलाइजेशन किया जयेगा। ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में अस्सी हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट के निवेश प्रस्तावों का शुभारम्भ किया गया। प्रदेश उपभोक्ता राज्य से निर्यातक राज्य के रूप में उभर रहा है। प्रदेश देश दुनिया में तेजी से उभर रहे सेक्टर का भी हब बन रहा है। डेटा सेंटर आईटी और इलेक्ट्रानिक् में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर मैन्यूफक्चरिंग हैंडलूम टेक्सटाइल अक्षय ऊर्जा मएमएसएमई में भी निवेश हो रहा है। ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह का आयोजन केवल लखनऊ के अलावा प्रदेश के सभी पचहत्तर जनपदों में भी हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण व शहरी, मुख्यमंत्री आवास योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्जवल योजना, वन नेशन वन राशन कार्ड योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, स्वच्छ भारत मिशन,जल जीवन मिशन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना प्रधानमंत्री स्टैंडअप योजना प्रधानमंत्री स्टार्टअप योजना उत्तर प्रदेश सरकार एक जनपद एक उत्पाद योजना विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और ऐेसी ही अन्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध कराया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ की बिजनेस फ्रेंडली नीतियों के परिणाम स्वरूप अब उद्यम प्रदेश बन रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस बार द्विदलीय व्यवस्था कायम हुई थी। विपक्ष के नाम पर केवल एक पार्टी ही मजबूत बन कर उभरी थी। कांग्रेस और बसपा का अस्तित्व कसम खाने लायक ही बचा था। यह लगा कि सपा मजबूत भूमिका का निर्वाह करेगी। लेकिन बजट सत्र में ही यह धारणा निर्मूल साबित हुई। चुनाव के बाद से ही इस पार्टी को आंतरिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस बात का नकारात्मक और मनोवैज्ञानिक असर भी दिखाई देने लगा है। नेता प्रतिपक्ष को धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर बोलने का भरपूर अवसर मिला। उन्होंने इसका पूरा लाभ उठाया। सत्ता पक्ष ने भी उनको धैर्य के साथ सुना लेकिन विपक्ष के हमले से सत्ता पक्ष को कोई परेशानी नहीं हुई। विपक्ष के बयान खुद उसकी परेशानी बन गए। कई मुद्दों पर तो विपक्ष को हास्यास्पद स्थिति का सामना करना पड़। इसके लिए विपक्ष खुद ही जिम्मेदार था। अभिव्यक्ति का तरीका और मुद्दे दोनों का उल्टा असर हुआ। शुरुआत नेता प्रतिपक्ष द्वारा उप मुख्यमंत्री पर टिप्पणी से हुई। पहली बार हप भप जैसे शब्द सुनाई दिए। उप मुख्यमंत्री के दिवंगत पिता का भी उल्लेख किया गया। इसके बाद पर्फ्यूम गोबर संयन्त्र ऑस्ट्रेलिया राहुल गांधी के उल्लेख से भी विपक्ष की छवि पर प्रतिकूल असर हुआ। शायद विपक्ष को यह अनुमान नही रहा होगा कि उसके यही मुद्दे चर्चा के विषय बन जाएंगे। यह सही है कि विपक्षी नेतृत्व को चुनाव के बाद से ही आंतरिक दबाब का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर भी रणनीति पर दिख रहा है। इसके लिए भी नेतृत्व खुद जिम्मेदार है। चुनाव में जिनका सहयोग लिया गया, जिनके साथ सम्मानजनक व्यवहार का वादा किया, उनकी अवहेलना शुरू हो गई है। शिवपाल यादव ने पहले ही नाराजगी व्यक्त कर दी थी। ओमप्रकाश राजभर भी नसीहत दे रहे है। ऐसा लगा कि विपक्ष ने अपनी पराजय को अभी तक सहजता से शिरोधार्य नहीं किया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| माणिक साहा की कुर्सी हुई मजबूत Posted: 27 Jun 2022 08:24 AM PDT माणिक साहा की कुर्सी हुई मजबूत(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) बीते 26 जून को आये उपचुनाव के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए कई मायनों में विशिष्टता लिये हुए हैं। उत्तर प्रदेश में जहां समाजवादी पार्टी और बसपा की दोनों मजबूत सीटों पर भाजपा ने लोकसभा उपचुनाव जीता है, वहीं त्रिपुरा में पूर्व सीएम बिप्लब देब और माणिक साहा के बीच चल रहा शीतयुद्ध थम सकता है। त्रिपुरा में मुख्यमंत्री माणिक साहा ने टाउन बोरदोवाली विधानसभा सीट से उपचुनाव जीता है। इसके साथ ही उनकी कुर्सी पक्की हो गयी है। इस साल मई में राज्य में माणिक साहा को मुख्यमंत्री जरूर बना दिया गया था लेकिन पूर्व सीएम बिप्लब देब समानांतर सरकार चला रहे थे। भाजपा के अंदर चल रही इस गुटबाजी के चलते टाउन बोरदोवाली सीट का उपचुनाव कांटे का माना जा रहा था। कांग्रेस ने आशीष कुमार साहा को मैदान में उतार कर वोटों के विभाजन की रणनीति अपनायी थी लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी को 6 हजार मतों से पराजय का सामना करना पड़ा है। माणिक साहा की जीत से बिप्लब देब की गतिविधियां भी कमजोर पड़ जाएंगी। त्रिपुरा में भाजपा के लिए मुख्यमंत्री माणिक साहा जीत हासिल करने में कामयाब रहे हैं। इसके साथ ही उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी सुरक्षित हो गई है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार माणिक साहा ने टाउन बोरदोवाली विधानसभा सीट पर 6104 वोटों से जीत हासिल की है। यहां पर उनके करीबी उम्मीदवार कांग्रेस के आशीष कुमार साहा थे। त्रिपुरा में विधानसभा उपचुनाव नतीजों के बीच अगरतला में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी देखने को मिली थी। त्रिपुरा में विधानसभा उपचुनाव के नतीजों में बीजेपी ने तीन और कांग्रेस ने एक सीट पर जीत हासिल की है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रहे बिप्लब कुमार देब पर बीजेपी के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता सुदीप रॉय बर्मन ने आरोप लगाया है कि बिप्लब मौजूदा मुख्यमंत्री माणिक साहा के साथ समानांतर प्रशासन चला रहे हैं। बीजेपी पर आंतरिक मतभेद का आरोप लगाते हुए बर्मन ने कहा कि ऐसा लगता है कि बिप्लब देब सीएम पद पर माणिक साहा को पसंद नहीं कर रहे हैं और समानांतर प्रशासन चला रहे हैं। बर्मन 2018 में बिप्लब देब के मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री थे लेकिन बिप्लब से कथित मतभेदों के कारण 2019 में उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। बर्मन फरवरी 2022 में कांग्रेस में शामिल हुए। बर्मन ने 2016 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के लिए कांग्रेस छोड़ दी थी। वह तृणमूल छोड़ने के बाद 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे। बर्मन ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि बिप्लब देब कैसे अभी भी भारी सुरक्षा के बीच सीएम हाउस में रह रहे हैं और हेलिकॉप्टरों का उपयोग कर रहे हैं। मैं मुख्य सचिव और डीजीपी से मांग करता हूं कि नए सीएम के पदभार ग्रहण करने और अतिरिक्त सुरक्षा वापस लेने के बाद से उन पर खर्च किए गए खर्च का अनुमान लगाकर वसूली की जाए। त्रिपुरा के लोग उन्हें उनके सीएम कार्यकाल के दौरान उनके गलत कामों का जवाब मिले बिना राज्य छोड़ने की इजाजत नहीं देंगे। भाजपा प्रवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती ने कहा है कि बिप्लब देब को 2016 में भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद उन पर धमकी के कारण गृह मंत्रालय द्वारा वाई़ सुरक्षा प्रदान की गई थी और यह गृह मंत्रालय तय करेगा कि सुरक्षा कवर को संशोधित किया जाए या वापस लिया जाए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सुब्रत ने कहा कि कांग्रेस के लोग राजनीतिक रूप से दिवालिया हो गए हैं क्योंकि उनके पास लोगों तक पहुंचने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। बहरहाल, त्रिपुरा में मुख्यमंत्री बदलने के एक सप्ताह बाद ही ऐसे बयान सामने आने लगे थे जिससे कयास लगाए गये कि राज्य में भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बिप्लव देव की जगह माणिक साहा को जब त्रिपुरा का मुख्यमंत्री बनाया गया तब राज्य के कानून और शिक्षा मंत्री रतन लाल नाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री की तुलना नोबेल विजेता रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और अल्बर्ट आइंस्टीन से कर दी। कमालपुर में एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान नाथ ने कहा, 50 साल के मेरे राजनीतिक जीवन में मैं 29 साल विधायक रहा, मैंने सचिंद्र लाल सिंह से लेकर बहुत सारे मुख्यमंत्रियों को देखा। बिप्लव देव ऐसे नेता हैं जिन्हें जन नेता कहा जा सकता है। वह अपने आप में अपवाद हैं। उन्होंने राज्य को एक नई दिशा दी, नए सपने दिए। नाथ ने आगे कहा, कुछ लोगों के जन्म लेने का उद्देश्य होता है। जैसे कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रवींद्र नाथ टैगोर, महात्मा गांधी, विवेकानंद या फिर आइंस्टीन। ऐसे बहुत कम लोग जन्म लेते हैं। इसी तरह हमारे त्रिपुरा में बिप्लव देव का भी जन्म हुआ। नाथ के बयान से ऐसा भी लगता था कि अचानक देव को पद से हटाने से पार्टी के बहुत सारे नेता और कार्यकर्ता असहमत थे। इस मामले में जब मुख्यमंत्री माणिक साहा से बात की गई तो उन्होंने कहा, बिप्लव देव के योगदान की तुलना नहीं की जा सकती। हम इस बात को मानते हैं। अब भी वह कार्य कर रहे हैं। नाथ ने जो बात कही है वह तो उनसे ही पूछी जानी चाहिए। त्रिपुरा में भाजपा के कई नेताओं का कहना है कि बिप्लव देव को अचानक हटाना सही नहीं था। राज्य में भाजपा की सत्ता लाने में उनका बड़ा योगदान रहा है। भाजपा नेतृत्व का कहना है कि बिप्लव देव को इसलिए पदमुक्त किया गया है ताकि वह संगठन का काम देख सकें और 2023 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर सकें। सूत्रों के मुताबिक राज्य दबाव के चलते आनन-फानन में बदलाव किया गया है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी बिप्लब देब को कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। राज्य में 11 मंत्रियों ने शपथ ली जिसमें भी वह शामिल नहीं थे। नाथ के कमेंट को विपक्षी दलों ने भी हाथों हाथ लिया और टिप्पणियां शुरू कर दीं। कांग्रेस नेता सुदीप रॉय बर्मन ने नाथ के इस बयान को पागलपन बताया है। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा पागलपन और क्या हो सकता है। जिस व्यक्ति ने भी यह बात कही है उसका इलाज किसी अच्छे डॉक्टर से कराना चाहिए। बिप्लब कुमार देब को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए एक महीना हो गया और उनकी जगह भारतीय जनता पार्टी के राज्य प्रमुख और राज्यसभा सांसद माणिक साहा को सीएम बनाया गया लेकिन तब तक यह स्पष्ट नहीं था कि देब क्या भूमिका निभाएंगे। वह 23 जून को राज्य की चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के प्रचार से भी गायब थे। चार निर्वाचन क्षेत्रों- अगरतला, टाउन बोरदोवाली, सूरमा और युवराजनगर में होने वाले उपचुनावों को राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा था। देब ने 2018 में त्रिपुरा में अपनी पहली विधानसभा चुनाव जीत के लिए भाजपा का नेतृत्व किया था और उन्हें मुख्यमंत्री का पद सौंपा गया था। चार साल के कार्यकाल के बाद उन्होंने यह कहते हुए पद से इस्तीफा दे दिया कि उन्हें पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। उप-चुनावों के स्टार प्रचारक होने के बावजूद, देब केवल नामांकन दाखिल करते समय मुख्यमंत्री माणिक साहा के साथ रहे हैं और त्रिपुरासुंदरी मंदिर की यात्रा के दौरान उदयपुर में अपने ही बनमालीपुर निर्वाचन क्षेत्र के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते देखे गए। बाद में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तलब किए जाने के बाद देब राज्य से दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस दौरे को उपचुनाव से पहले अहम माना जा रहा था। चुनाव विशेषज्ञों का अनुमान था कि इस बार उपचुनाव में कड़ा मुकाबला होगा और सत्ताधारी पार्टी चार सीटों पर जीत हासिल करने की पूरी कोशिश कर रही है, खासकर टाउन बोरदोवाली जहां से सीएम साहा पहली बार सीधे मुकाबले में थे। सीएम माणिक साहा ने ऐसे माहौल में भी जीत हासिल की है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 27 Jun 2022 08:20 AM PDT जुनून जीता, गुरूर हारा(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) आजमगढ़ और रामपुर के लोकसभा उपचुनाव में अगर एक पंक्ति में प्रतिक्रिया दी जाए तो अखिलेश यादव और मोहम्मद आजम खान का गुरूर पराजित हो गया है जबकि योगी आदित्यनाथ में इस बात का जुनून था कि हम समाजवादी पार्टी के इन दोनों मजबूत किलों को ढहा देंगे। उनके इसी जज्बे की जीत हुई। बताते हैं कि भाजपा के ही लोगों ने योगी आदित्यनाथ से कहा था कि इन दोनों लोकसभा सीटों को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं लेकिन अपने कामों के दम पर 2022 में उत्तर प्रदेश में 37 साल का राजनीतिक इतिहास बदलते हुए योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से भाजपा को दो तिहाई बहुमत दिलाया, उसी तरह अपनी पूरी क्षमता लगाकर रामपुर और आजमगढ़ की सीटें जीत ली हैं। उधर, रामपुर में पत्नी और बेटे को चुनाव जिताने के बाद मोहम्मद आजम खान इस उपचुनाव के दौरान अपने को महा क्रिमिनल होने का सबूत दे रहे थे। संवाददाताओं से 23 जून को रामपुर में आजम खान ने कहा था 'हमारे साथ जो चाहे सलूक करें। हम तो मुर्गी, बकरी, भैंस, किताब, फर्नीचर, डकैती के आरोपी हैं, तो हमारे शहर को भी वैसा ही मान लिया गया है। रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सीधा मुकाबला सपा के आसिम रजा और भाजपा के घनश्याम लोधी के बीच था। आजम खां के परिवार की पुश्तैनी सीट थी और खान साहेब समझते थे कि यहां पर किसी को भी खड़ा कर देंगे तो जनता उसी को वोट देगी। यह भ्रम टूट गया। इसी तरह आजमगढ़ में अखिलेश यादव और मायावती दोनों को ओवर कान्फिडेंस था कि उनके उम्मीदवार ही जीतेेंगे लेकिन योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में पराजित निरहुआ को जीत हासिल करवा दी। समाजवादी पार्टी के मजबूत किले में से एक रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में जनता ने कमल खिला दिया है। बीजेपी प्रत्याशी घनश्याम लोधी ने समाजवादी पार्टी के आसिम रजा को 42 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। इसी के साथ समाजवादी पार्टी के मजबूत किले में कमल खिल गया है। समाजवादी पार्टी की उपचुनाव में हार के कई मायने निकाले जा रहे हैं। इस चुनाव में न केवल सपा की बल्कि आजम खान की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान जमकर मुस्लिम और इमोशनल कार्ड खेला। अपने खिलाफ हुए मुकदमों से लेकर नवाब खानदान तक को घसीटा। आखिर में यहां तक कह दिया कि हरवाकर मेरे मुंह पर कालिख मत पोत देना। बावजूद इसके जनता ने सपा को नकार दिया। गुरूर इतना कि मतदान से पहले ही सपा नेताओं ने अपनी जीत का दावा कर दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू चला और सीट बीजेपी की झोली में आ गई। कहा तो यह भी जा रहा है कि बड़ी संख्या में मुसलमानों ने बीजेपी को वोट किया। आईए जानते हैं वे पांच बड़े कारण जिसकी वजह से सपा को मिली करारी शिकस्त। रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रचार करने ही नहीं गये। पूरे चुनाव के दौरान जहां बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य कई मंत्री मैदान में उतरे तो सपा चुनाव प्रचार की कमान स्थानीय नेताओं और विधायकों के हवाले थी। स्टार प्रचारकों की लिस्ट में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश समेत 40 दिग्गज नेताओं के नाम थे, लेकिन कोई मौके पर दिखाई नहीं दिया। रामपुर उपचुनाव में समाजवादी पार्टी चुनाव तो लड़ रही थी, लेकिन चेहरा सिर्फ और सिर्फ आजम खान और उनका परिवार था। पहले तो कहा जा रहा था कि आजम खान की पत्नी तंजीन फात्मा चुनाव लड़ेंगी, लेकिन ऐन वक्त पर आजम खान ने अपने करीबी आसिम रजा को मैदान में उतार दिया। इस पर भी कहा जा रहा था कि आसिम रजा तो सिर्फ एक चेहरा हैं, असल में चुनाव तो आजम खान ही लड़ रहे हैं। जनता एक ही परिवार को बार-बार थोपने से नाराज दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने प्रचार के दौरान भी इस मुद्दे को उठाया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबका साथ और सबका विश्वास की बात कही। उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव सबको राशन और कोरोना की वैक्सीन दी। बुलडोजर की कार्रवाई को भी उन्होंने भुनाया। आजमगढ़ में भी सपा का किला ढह गया है। आजमगढ़ लोकसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी दिनेश लाल 'निरहुआ' ने 8 हजार से अधिक वोट से जीत दर्ज की है। दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' ने एक ट्वीट कर लिखा, 'जनता की जीत! आजमगढ़वासियों आपने कमाल कर दिया है। यह आपकी जीत है। उपचुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही जिस तरीके से आप सबने भाजपा को प्यार, समर्थन और आशीर्वाद दिया, यह उसकी जीत है। यह जीत आपके भरोसे और देवतुल्य कार्यकर्ताओं की मेहनत को समर्पित है।' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा, आजमगढ़ सदर लोक सभा सीट पर उप चुनाव में मिली ऐतिहासिक विजय आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 'डबल इंजन की भाजपा सरकार' की लोक-कल्याणकारी नीतियों का सुफल है। भाजपा के सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं को यह जीत समर्पित है। यही कारण है कि एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा चुनाव के नतीजे से साफ जाहिर होता है कि सपा में भाजपा को हराने की न तो काबिलियत है और न कुव्वत। मुसलमानों को चाहिए कि वो अब अपना कीमती वोट ऐसी निकम्मी पार्टियों पर जाया करने के बजाय अपनी खुद की आजाद सियासी पहचान बनाएं और अपने मुकद्दर के फैसले खुद करें।' हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| रूसी सैनिकों पर भारी पड़ी यूक्रेन की बकरी Posted: 27 Jun 2022 08:18 AM PDT रूसी सैनिकों पर भारी पड़ी यूक्रेन की बकरीकीव। रूस और यूक्रेन की जंग अब पांचवें महीने में पहुंच चुकी है। रूस की तरफ से यूक्रेन के शहरों में हमले जारी हैं। यूक्रेन के सैनिक इन हमलों का जवाब भी दे रहे हैं। इन सबके बीच यूक्रेन की एक बकरी की खूब चर्चा हो रही है, जिसकी वजह से रूस के 40 सैनिक बुरी तरह से घायल हो गए हैं। डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सैनिक दक्षिण-पूर्व यूक्रेन के जापोरिजिया ओब्लास्ट के किन्स्की रोजडोरी गांव में एक ग्रेनेड का ट्रैप बिछा रहे थे। एक अस्पताल के चारों ओर ऐसे तारों को बिछाया जा रहा था। इस दौरान एक बकरी वहां पहुंच गई। बकरी के तारों से टकराने की वजह से ग्रेनेड फट गए। इस धमाके में कम से कम 40 सैनिक घायल हो गए। यूक्रेन के मुख्य खुफिया निदेशालय ने बताया कि बकरी की गतिविधियों से कई ग्रेनेड फटकर खत्म हो गए। निदेशालय ने अपने बयान में कहा कि धमाकों की वजह से पुतिन के सैनिकों को अलग-अलग स्तर की कई चोटें आई हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें बकरी जीवित बची या नहीं। सोशल मीडिया पर इस बकरी को 'गोट ऑफ कीव' कहा जा रहा है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| जानसन व ट्रूडो ने उड़ाया पुतिन का मजाक Posted: 27 Jun 2022 08:16 AM PDT जानसन व ट्रूडो ने उड़ाया पुतिन का मजाकबर्लिन। रूस और यूक्रेन में जंग के बीच जर्मनी में जी-7 देशों का शिखर सम्मेलन चल रहा है। इसमें विश्व के कुछ नेताओं ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हंसी उड़ाई है। ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन और कनाड़ा के पीएम जस्टिन ट्रुडो ने पुतिन का मखौल इसलिए उड़ाया, क्योंकि हाल ही में उनकी एक तस्वीर वायरल हुई है, जिसमें वे बगैर शर्ट पहने घुड़सवारी करते नजर आए हैं। बवेरियन आल्प्स में तीन दिवसीय जी-7 शिखर सम्मेलन के पहले दिन रविवार को जॉनसन और ट्रूडो ने पुतिन का मजाक उड़ाया। द हिल की रिपोर्ट के अनुसार जॉनसन और ट्रूडो को पुतिन के फोटोशूट के बारे में मजाक करते हुए वीडियो में सुना जा सकता है। इसमें वह कह रहे हैं कि क्या 'जैकेट ऑन? जैकेट ऑफ? क्या हम भी अपने कपड़े उतार दें?' जॉनसन टेबल के आसपास बैठे अन्य नेताओं से कहते हैं कि हमें दिखाना होगा कि हम सब पुतिन से ज्यादा ताकतवर हैं। तभी ट्रूडो चुटकी लेते हुए कहते हैं, 'हम खुले बदन में घुड़सवारी का प्रदर्शन करने जा रहे हैं।' इस पर जॉनसन कहते हैं, 'तुम वहां जाओ! तुम वहां जाओ! हमें उन्हें हमारे पेक्स दिखाना पड़ेंगे।' बाद में इन नेताओं की तस्वीरें भी सामने आईं, जिसमें उन्होंने अपनी जैकेट उतार रखी थी। ट्रूडो की टिप्पणी पर यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि घोड़े की सवारी श्रेष्ठ है। इस पर बोरिस जॉनसन ने कहा कि हमें भी अपने पेक्स उन्हें दिखाने होंगे। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी मौजूद थे, लेकिन वे पुतिन को लेकर मजाक से परहेज करते नजर आए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| नेपाल में गोल गप्पे पर प्रतिबंध Posted: 27 Jun 2022 08:13 AM PDT नेपाल में गोल गप्पे पर प्रतिबंधकाठमांडू। नेपाल की राजधानी काठमांडू घाटी के ललितपुर महानगर शहर में पानी पूरी (गोलगप्पे) की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है क्योंकि घाटी में 12 लोगों के संक्रमित पाए जाने के साथ ही हैजे के मामले बढ़ गए हैं। ललितपुर मेट्रोपोलिटन सिटी ने महानगर में पानी पूरी की बिक्री और वितरण पर रोक लगाने का फैसला लिया। उसने दावा किया कि पानी पूरी में इस्तेमाल किए जाने वाले पानी में हैजे का बैक्टीरिया पाया गया है। म्युनिसिपल पुलिस प्रमुख सीताराम हाचेथु ने कहा कि महानगर ने भीड़भाड़ वाले इलाकों और कॉरिडोर इलाके में पानी पूरी की बिक्री रोकने के लिए आंतरिक तैयारियां की है।उन्होंने कहा कि घाटी में हैजे के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय के अनुसार, काठमांडू घाटी में सात और लोगों के हैजे से संक्रमित पाए जाने के साथ ही घाटी में इसके मरीजों की कुल संख्या 12 हो गयी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत महामारी विज्ञान और रोग नियंत्रण मंडल के निदेशक चुमनलाल दास के अनुसार, काठमांडू महानगर में हैजे के पांच मामलों की पहचान की गयी है और चंद्रगिरि महानगर और बूढ़ानीलकंठ महानगर में एक-एक मामला आया है। संक्रमितों का अभी तेकू के सुक्रराज ट्रॉपिकल एंड इन्फेक्शियस डिजीज हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। इससे पहले राजधानी के विभिन्न हिस्सों में हैजे के पांच मामले आए थे। दो संक्रमित लोगों का इलाज किया गया और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| इमरान का नौकर ही करा रहा था जासूसी Posted: 27 Jun 2022 08:09 AM PDT इमरान का नौकर ही करा रहा था जासूसीइस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या की अफवाहों के बीच उनके एक नौकर को गिरफ्तार किया गया है। इमरान खान के नौकर ने उनकी जासूसी की कोशिश की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व पीएम के बनीगाला घर में एक स्टाफ को बेडरूम में स्पाई डिवाइस या खुफिया कैमरा लगाते हुए पकड़ा गया है। रिपोर्ट की मानें तो इस स्टाफ को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेडरूम में डिवाइस लगाने के लिए पैसे दिए गए थे। हालांकि, एक दूसरे स्टाफ ने इसकी सूचना खान की सिक्योरिटी टीम को दे दी। इसके बाद जासूसी की कोशिश नाकाम कर दी गई। यह घटना इमरान खान की हत्या की साजिश रचने की अफवाहों के बीच सामने आई है। इससे पहले कथित खतरे को देखते हुए बनीगाला के आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों को हाईअलर्ट पर रखा गया था। शाहबाज गिल ने कहा- 'इस संबंध में हमने सरकार समेत सभी संबंधित एजेंसियों को सूचित कर दिया है। कर्मचारी पूर्व पीएम के कमरे की सफाई करता है। उसे स्पाई डिवाइस लगाने के लिए पैसे दिए गए थे। बाहरी लोग जानकारी निकालने के लिए हमारे लोगों को धमका रहे हैं। इस तरह की शर्मनाक हरकतों से बचना चाहिए। गिरफ्तार कर्मचारी ने कई खुलासे किए हैं, जिन्हें फिलहाल साझा नहीं किया जा सकता।' कई नेता दावा कर चुके हैं कि इमरान खान की जान को खतरा है। इतना ही नहीं इमरान खुद कह चुके हैं कि उनका कत्ल किया जा सकता है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| बिजली की अनियमित आपूर्ति के विरोध में निकली रैली Posted: 27 Jun 2022 07:50 AM PDT बिजली की अनियमित आपूर्ति के विरोध में निकली रैलीहमारे संवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा, भारत की आईटी सिटी बैगलुरु में बिजली संकट गहराता जा रहा हैं। ऐसे में बिजली संकट से त्रस्त जनता सवाल खड़े कर रही हैं। बिजली आपूर्ति के विरोध मे कनार्टक की राजधानी बैंगलूरू के सरजापुरा क्षेत्र में रैली निकाली गयी। सूत्रों के अनुसार, बिजली बाधित होने से मेट्रो सिटी में अनगिनत कार्य बाधित हो रहे हैं और जनता कों काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। बिजली कटौती से त्रस्त सरजापुरा क्षेत्र की जनता ने सरपूरा नागरिक मंच के उपाअध्यक्ष भरत गौड़ा और लायन्स क्लब सरजापुरा टाउन की अध्यक्ष, "कदम" कर्नाटका की प्रदेश अध्यक्ष पूजा चंद्रा के नेतृत्व में बेसकॉम के खिलाफ रैली निकाली गई और विरोध प्रदर्शन किया गया। रैली में व्यापारी, किसान, अस्पताल कर्मी, पुलिस कर्मी और अन्य कार्य क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल थे। उक्त अवसर पर सरजापुरा पंचायत सदस्य चिन्नास्वामी, गायत्री, श्रीनिवास ,लायंस क्लब सरजापुरा टाउन के सदस्य भाई प्रदीप खुमन , वर्षा खुमन, रूपेश चंद्र, सविता शेखर, कृष्ण चंद्र, श्रेया चंद्रा, जय, ज्योति, डॉ. चेतन सरजापुरा सिटीजन फोरम के सदस्य, केशवन, उमेश, राजीव रॉय, मनीष, एसएम राय सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। पूजा चंद्रा ने बताया कि जनता की परेशानी को जल्द से जल्द दूर करने के लिए हर संभव कदम उठाने की नितांत आवश्यकता हैं। बिजली की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन के लिए नवीनीकरण स्रोतों को बढ़ाया जाना चाहिए। भरत गौड़ा ने कहा कि बिजली आपूर्ति 24 घंटे होनी चाहिए क्योंकि यह हमारा मौलिक अधिकार है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| डिजिटल युग का नव प्रयोग- 3 डी लाइव : सम्यक पाठक Posted: 27 Jun 2022 07:39 AM PDT डिजिटल युग का नव प्रयोग- 3 डी लाइव : सम्यक पाठकहमारे संवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा, डिजिटल युग में कई सारे परिवर्तन देखने को मिल रहा है। लोगों की मांग और आवश्यकता के अनुसार से सुख-सुविधा भी उपलब्ध हो रहा है। लोग प्रोडक्ट और सर्विसेज देख कर उसका उपयोग करते हैं और उस पर अपनी प्रतिक्रिया भी देते हैं। समय के साथ लोगों की जरूरत एवं मांग का दायरा भी बढ़ रहा है। आज कल लोग प्रोडक्ट देख कर ऑडर करते हैं तथा सर्विसेज का उपयोग कर रहे हैं और उस सर्विसेज का मांग करते हैं। उसी तरह से ऐसा प्रोडक्ट और सर्विसेज जिसका फिजिकल एग्जिस्टेंस नहीं है उसे सांकेतिक, ग्राफिक्स या अनुमान के तौर पर देखा जाता था। आज हम डिजिटल युग में उसे लाइव देख सकते हैं तथा उसी के अनुरूप अपना निर्णय ले सकते हैं। आईटी के क्षेत्र में एक दशक से कार्य कर रहे तथा इसके एक्सपर्ट सम्यक का कहना है कि आज कल का कॉन्सेप्ट है -"जो दिखता है, वो बिकता है" आपका प्रसेंटेशन अगर वैसा ही है जैसा वह कार्य अथवा योजना या प्रोजेक्ट धरातल पर होने वाला है तो लोगों की विश्वास जगती है और उसे लेने के लिए सरकार व प्राइवेट कंपनी को निर्णय लेने में सुविधा होती है। विजुअल इफेक्ट्स 3 डी के रूप में होता है। घर में उपयोग करने वाले वस्तु से लेकर पूरी घर का 3 डी, डिजिटल लाइव देखा जा सकता हैं, जैसे घर में कौन सा सामान कहां रखा जाएगा, कितने तरह के होंगे, कलर कैसा होगा, बगीचा, पार्किंग आदि का प्री लाइव, प्रिंट और स्कल्चर आदि। इसके फॉर्मेट के संबंध में एक्सपर्ट सम्यक का कहना है कि यह तीन फॉर्मेट में बनाया जाता है। पहला की लाइव पिक्चर के रूप में जिसमें आप 3 डी चित्र के रूप में स्पष्ट और बारीकी से देख सकते हैं, दूसरा एनिमेटेड रूप, इसमें चल चित्र, या शॉर्ट फिल्म में सब कुछ स्पष्ट रूप से देख सकते हैं तथा तीसरा मूर्ति या स्कपचर रूप में आप देख सकते हैं। जो कि एक शीशा के आकार में या मूर्ति के रूप में पूरे प्रोजेक्ट को बारीकी से देख सकते हैं। सबसे बड़ी बात है कि तकनीकी दृष्टिकोण से तो उपयोगी है ही, साथ ही साथ आम लोग जो तकनीकी दृष्टिकोण से अलग देखना चाहते हैं वो पिक्चर के रूप में अपनी परिकल्पना देख सकते हैं, उनके लिए तो यह बहुत ही उपयोगी है, कि वह खुद देख कर सब कुछ समझ सकते हैं और निर्णय ले सकते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि छोटी आवश्यकता के लिए तो यह उपयोगी है ही, लेकिन बड़े प्रोजेक्ट जैसे फैक्ट्री, पथ निर्माण, न्यू सिटी का विकास करना आदि में भी बहुत ही उपयोगी है। इसका लाइव पहले ही देख सकते हैं तथा उसपर उचित निर्णय ले सकते हैं। आईटी एक्सपर्ट अपने कर्मकांडी उद्यम के माध्यम से हमेशा कुछ नया करते हैं जैसे कि वर्चुअल ट्रायल रूम का प्रयोग करना आदि। साथ-साथ समाज को हमेशा कुछ देते रहते हैं। अभी हाल ही में दिल्ली में कई जगह स्वचालित पैड मशीन लगवाए हैं जिसमें बटन दबा कर पैड निकाल सकते हैं। अब इस योजना को पटना और दरभंगा में भी लाने के लिए प्रयासरत हैं। सम्यक का कहना है कि मेरे पास वर्क है मैं लगातार उसपर काम भी कर रहा हूं। अब मैं एक विकास का मॉडल सरकार के माध्यम से अपने बिहारबासी को देना चाहता हूं। हो सकता है वह रोड से जुड़ा हो, और गांव का मॉडल हो। एक्सपर्ट का मानना है कि एक 3 सेट का मॉडल बनाने में 10 लाख से ज्यादा खर्च आता है तथा आईटी स्किल्ल, मूर्ति विशेषज्ञ आदि की आवश्यकता होती है तब जाकर यह कार्य पूरा हो पाता है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 27 Jun 2022 07:35 AM PDT
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| Posted: 27 Jun 2022 07:32 AM PDT
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| आयकर अधिनियम की नई धारा 12AB के तहत पंजीकरण के लिए नए प्रावधानों क्या है जाने श्री संजय झा जी से | Posted: 27 Jun 2022 07:29 AM PDT आयकर अधिनियम की नई धारा 12AB के तहत पंजीकरण के लिए नए प्रावधानों क्या है जाने श्री संजय झा जी से |[ धारा १२एबी और धारा ८०जी पंजीकरण / रजिस्ट्रेशन के बारे में ] कुछ मुद्दों को हल करने के लिए, बजट 2020 ने 1 जून, 2020 से प्रभावी निम्नलिखित संशोधन प्रस्तावित किए : 1) अधिनियम की धारा 10(46) के तहत छूट का बहिष्करण यदि धारा 12ए के तहत स्वीकृत है , ए) अधिनियम की धारा 11(7) में एक संशोधन प्रस्तावित है, यह प्रदान करने के लिए कि अधिनियम की धारा 10(46) के तहत छूट धारा 12एए (धारा 12एबी) के साथ पठित धारा 12ए के तहत पंजीकृत ट्रस्ट या संस्था को उपलब्ध नहीं होगी। प्रभावी 1 जून 2020 से अधिनियम के अलावा, जहां इस तरह के धर्मार्थ ट्रस्ट / संस्थान अधिनियम की धारा 10 (23सी) या धारा 10 (46) के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन करते हैं, ऐसे संस्थानों का पंजीकरण अधिनियम की धारा 12एए के साथ पठित धारा 12ए के तहत निष्क्रिय हो जाएगा। जिस तारीख को NGO अधिनियम की धारा 10(23सी) या धारा 10(46) के तहत पंजीकृत है। हालांकि, ऐसी संस्था को अधिनियम की नई सम्मिलित धारा 12एबी के तहत पंजीकरण प्राप्त करने का अवसर दिया गया है जिससे ऐसे संस्थानों को अधिनियम की धारा 10(23सी) या धारा 10(46) के तहत छूट को स्थायी रूप से छोड़ना होगा। द्वारा विज्ञापन निम्नलिखित अनुभागों के तहत पंजीकृत सभी मौजूदा चैरिटेबल ट्रस्ट या संस्थान धारा 12ए धारा 12एए धारा 10(23सी) धारा 80जी जैसा भी मामला हो, धारा 10 या 11 के तहत छूट का दावा करने के लिए नई धारा 12एबी के तहत पंजीकृत होने की आवश्यकता है। जिसके परिणामस्वरूप, धारा 12एए का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और एक नया खंड 12एबी लागू होगा ! धारा 12एबी के तहत पंजीकरण प्रदान करने की तिथि या अंतिम तिथि जिसके द्वारा आवेदन , पंजीकरण और अनुमोदन किया जाना आवश्यक है इनमें से जो भी पहले हो। उपरोक्त खंड 1 जून 2020 से प्रभावी हुआ और ट्रस्टों या संस्थानों को 1 जून 2020 से 3 महीने के भीतर , यानी 31 अगस्त 2020 तक धारा 12AB के तहत पंजीकरण और अनुमोदन के लिए आवेदन करना था । इसी तरह, धारा 80जी के तहत छूट का लाभ लेने वाले धर्मार्थ ट्रस्ट और छूट प्राप्त संस्थानों को भी अब 31 अगस्त 2020 तक धारा 12एबी के तहत नए पंजीकरण के लिए आवेदन करना था । इसके अलावा, 8 मई 2020 को सीबीडीटी द्वारा किए गए एक ट्वीट के परिणामस्वरूप , उपरोक्त अनुभागों के तहत उल्लिखित नए अनुपालन जो 1 जून 2020 से लागू थे, अब स्थगित कर दिए गए हैं और 1 अक्टूबर 2020 से लागू होंगे और उन्हें 31 दिसंबर, 2020 तक नवीनतम अनुपालन । (जिसे आगे बढ़ाकर 31 मार्च 2022 तक कर दिया गया) 2) ट्रस्ट के पंजीकरण की प्रक्रिया (अधिनियम की धारा 12ए, 12एए और 12एबी) पंजीकरण की प्रक्रिया को निष्पक्ष और तेज बनाने के लिए, ट्रस्ट की गतिविधियों पर डिजिटलीकरण और नियमित जांच करने के लिए धारा 12ए में संशोधन किया गया है और पंजीकरण के लिए आवेदन दाखिल करने की समयसीमा प्रदान करने के लिए धारा 12एबी की शुरुआत की गई है, जो इस प्रकार हैं: नीचे उल्लेख किया: क्रमांक परिस्थितियां आवेदन दाखिल करने की समय सीमा 1 ट्रस्टी पहले से ही अधिनियम की धारा 12A या धारा 12AA के तहत पंजीकृत है 31 अगस्त 2020 तक (अब 31 मार्च 2022) 2 ट्रस्ट ने 12AB के तहत पंजीकरण प्राप्त किया समाप्ति की तारीख से कम से कम 6 महीने पहले। 3 अधिनियम की धारा 12एबी के तहत अस्थायी रूप से पंजीकृत ट्रस्ट निम्नलिखित में से पहले समाप्ति की तारीख से 6 महीने पहले; या गतिविधियों के शुरू होने के 6 महीने के भीतर। अपने उद्देश्यों में गरीबों की राहत, शिक्षा, चिकित्सा राहत, पर्यावरण का संरक्षण और स्मारकों या स्थानों या कलात्मक या ऐतिहासिक रुचि की वस्तुओं का संरक्षण, और सामान्य सार्वजनिक उपयोगिता की किसी अन्य वस्तु की उन्नति शामिल है। भारत में कर मानदंड हमेशा धर्मार्थ संस्थानों के लिए ऐसे रहे हैं जो आयकर अधिनियम की धारा 80जी और धारा 12एबी के तहत कुछ प्रकार की छूट प्रदान करते हैं। 01. धारा 12AB क्या है? पहले किसी संगठन की आय को कर से मुक्त करने के लिए एक एनजीओ द्वारा किया गया पंजीकरण धारा 12एए के तहत किया जाता था। धारा 12ए पंजीकरण के बाद सभी आय कर योग्य नहीं होगी। यदि किसी गैर सरकारी संगठन को 12A पंजीकरण नहीं मिलता है, तो वर्ष के दौरान अधिशेष पर आयकर देय होता है। धारा १२ए और धारा १२एए के संबंध में नए अनुपालन के अनुसार, वर्तमान में आईटी अधिनियम की धारा १२एए के तहत छूट पाने वाले सभी गैर सरकारी संगठनों को ३१ दिसंबर, २०२० तक इसके लिए फिर से आवेदन के लिए समय दिया गाया और धारा १२एबी के तहत नया पंजीकरण प्राप्त करना होगा। 02. धारा 12एबी पंजीकरण / रजिस्ट्रेशन के लिए नियम और शर्तें : धारा 12ए या धारा 12एए के तहत सभी मौजूदा पंजीकृत ट्रस्ट नए प्रावधान धारा 12एबी में चले जाएंगे। पहली बार पंजीकरण के लिए आयकर के लिए आवेदन करने वाले नव स्थापित ट्रस्टों और संस्थानों को तीन साल के लिए अंतरिम पंजीकरण दिया जाएगा। अन्तरिम पंजीकरण तीन साल के लिए वैध होगा। तीन साल के अनंतिम पंजीकरण के पूरा होने से 6 महीने पहले, अनंतिम पंजीकरण के नवीनीकरण या बल्कि पंजीकरण के लिए एक आवेदन करना होगा। धारा १२ए या १२एए के तहत एक बार किए गए सभी पंजीकरणों को हर ५ साल के अंतराल पर अपने पंजीकरण को नवीनीकृत करने की आवश्यकता होगी। आपके आवेदन को संसाधित करने के बाद, आपके ट्रस्ट या संस्थान का धारा 12एए और 80जी के तहत पंजीकरण 5 साल की अवधि के लिए आयकर द्वारा फिर से मान्य किया जा सकता है। 03. धारा १२एबी पंजीकरण / रजिस्ट्रेशन के लाभ : - आय को कराधान से मुक्त किया जाएगा। - सरकार/विदेश/अन्य एजेंसियों से अनुदान लेने में लाभ। - एफसीआरए (FCRA) पंजीकरण में लाभ। 04. धारा 12एबी पंजीकरण / रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज : - कंपनी / ट्रस्ट / सोसायटी पंजीकरण प्रमाण पत्र / - पंजीकरण दस्तावेज - निदेशकों/न्यासियों के पैन कार्ड की प्रति - निदेशकों/न्यासियों के आधार कार्ड की प्रति - निदेशकों / न्यासियों में से एक का डिजिटल हस्ताक्षर - इस कंपनी के कानूनों के अनुसार, एओए, एमओए प्रतियां - निगमन के बाद से सभी वित्तीय वर्षों के लिए लेखापरीक्षा रिपोर्ट - निगमन के बाद से सभी वित्तीय वर्षों के लिए वार्षिक प्रतिवेदन 05. धारा 80जी क्या है? आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत पंजीकरण , एक गैर सरकारी संगठन के दाता को लाभ प्रदान करता है। दाता को अपनी आय की कर योग्य राशि में वित्तीय लाभ मिलते हैं। ✓ धारा 80जी(5) पंजीकरण / रजिस्ट्रेशन के लिए पूरी की जाने वाली शर्तें : - एनजीओ की ऐसी कोई आय नहीं होनी चाहिए जिसे छूट प्राप्त न हो, जैसे कि व्यावसायिक आय। यदि, एनजीओ की व्यावसायिक आय है तो उसे खातों की अलग-अलग पुस्तकों का रखरखाव करना चाहिए और ऐसे व्यवसाय के उद्देश्य के लिए प्राप्त दान को डायवर्ट नहीं करना चाहिए। - गैर सरकारी संगठनों के उपनियमों या उद्देश्यों में धर्मार्थ उद्देश्यों के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए एनजीओ की आय या संपत्ति खर्च करने का कोई प्रावधान नहीं होना चाहिए। - एनजीओ विशेष धार्मिक समुदाय या जाति के लाभ के लिए काम नहीं करेगा। - एनजीओ अपनी प्राप्तियों और व्ययों का नियमित लेखा-जोखा रखेगा। - दाता-वार विवरण बनाए रखा जाना है और सभी दाताओं को एक प्रमाण पत्र देना होगा। - धारा 80G के तहत कर कटौती उन दानदाताओं के लिए उपलब्ध नहीं होगी जो कर की कम दर का विकल्प चुनते हैं। ✓ धारा 80जी(5) पंजीकरण के लाभ : आयकर अधिनियम की धारा 80जी(5) के तहत पंजीकरण गैर सरकारी संगठनों को लाभ प्रदान करता है। यदि एनजीओ के पास 80G(5) प्रमाणपत्र है, तो दाता को उसकी आय की कर योग्य राशि में वित्तीय लाभ मिलता है। यदि कोई एनजीओ खुद को धारा 80जी(5) के तहत पंजीकृत करवाता है तो एनजीओ को दान देने वाले व्यक्ति या संगठन को उसकी कर योग्य आय से 50% की कटौती मिलेगी। 80G(5) प्रमाणपत्र का लाभ उठाकर, NGO अधिक दानदाताओं को आकर्षित कर सकता है। ✓ धारा 12एबी पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज कंपनी / ट्रस्ट / सोसायटी पंजीकरण प्रमाण पत्र : - इस कंपनी के उपनियम, एओए, एमओए प्रतियां - इसके निगमन के बाद से गतिविधियों का विवरण - निदेशकों/न्यासियों में से किसी एक का डिजिटल हस्ताक्षर - निगमन के बाद से सभी वित्तीय वर्षों के लिए लेखापरीक्षा रिपोर्ट - निगमन के बाद से सभी वित्तीय वर्षों के लिए वार्षिक प्रतिवेदन - धारा 12AB प्रमाणपत्र निष्कर्ष धारा 12एबी के तहत पंजीकरण गैर-लाभकारी संगठन को कर दरों से छूट की अनुमति देता है। ऐसा करने में विफल रहने पर उन्हें आईटीआर भरने के लिए लागू कर दिया जाएगा। दूसरी ओर, 80G सेक्शन यह सुनिश्चित करता है कि एनजीओ को दान देने वाला व्यक्ति अपनी कर योग्य आय से राशि काट सकता है, जिससे अधिक दान मिलता है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 27 Jun 2022 07:20 AM PDT
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| संप्रति विद्यालय के प्रधानाचार्य ने AIIMS में कार्यरत डॉक्टर को अर्चना सहित्य देकर सम्म्मनीत किया Posted: 27 Jun 2022 07:04 AM PDT संप्रति विद्यालय के प्रधानाचार्य ने AIIMS में कार्यरत डॉक्टर को अर्चना सहित्य देकर सम्म्मनीत कियासरस्वती शिशु मंदिर स्टेशन रोड़ बाढ़ में आज दिनांक 27/6/22, (दिवस सोमवार) को AIIMS में कार्यरत डॉक्टर सात्विक अभिषेक का आगमन हुआ । सरस्वती शिशु मंदिर स्टेशन रोड़ बाढ़ के पूर्व छात्र रहे डाक्टर सात्विक अभिषेक ने विद्यालय भ्रमण के दौरान प्रधानाचार्य, आचार्य गणों एवं भैया- बहनों से मिलकर अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा किया । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 26 Jun 2022 09:15 PM PDT
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| Posted: 26 Jun 2022 07:55 AM PDT
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| Posted: 26 Jun 2022 07:50 AM PDT पूज्य गुरुदेव निश्चलानन्द सरस्वती जी के 80वें प्राकट्य दिवस राष्ट्रोकर्ष दिवस के रूप में धुमधाम से मनाया गयास्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी के 80वें प्राकट्य दिवस पर आदित्य वाहिनी कुशेश्वरस्थान द्वारा नन्द किशोर उच्च विद्यालय सतीघाट हिरणी के प्रांगण में राष्ट्रोकर्ष दिवस के रूप में धुमधाम से मनाया गया । धर्म संघ पीठ परिषद का आह्वान, आदित्य वाहिनी आनन्द वाहिनी आत्म एवं विश्व के कल्याण के लिए उनके अभियान में हों शामिल पर विस्तृत चर्चा हुई । परम श्रद्धेय स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज पुरी पीठाधीश्वर अनंत विभूषित आदि गुरू शंकराचार्य जी महाराज की जय।।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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