दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- स्वामी जी सनातन धर्म रक्षकों की श्रेणी में एक कालजयी ज्योतिपुंज हैं:-डॉक्टर विवेकानंद मिश्र
- अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था रवाना
- टेलर की हत्या में विदेशी साजिश की आशंका: गहलोत
- एक्सप्रेस वे पर बस का पहिया निकला, 26 यात्री घायल
- राम मंदिर के लिए कोटि-कोटि समर्पण
- इसी गुफा में शिव ने सुनायी थी अमरकथा
- जी-7 में मोदी का कद
- नाटो की नई रणनीतिक अवधारणा से चिंतित है चीन
- येल ब्राउन पीवेट फ्रांस की पहली महिला स्पीकर
- ब्रिटिश सोशलाइट घिसलीन मैक्सवेस को यौन अपराधों के लिए 20 साल कैद
- पाक में हिन्दू समुदाय के लड़के का घर के बाहर से अपहरण
- Liked on YouTube: छात्र की अचानक मौत पर एनबीबीडीसी के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन
- भारतीय रिज़र्व बैंक, गंगटोक ने 29 जून, 2022 को पाकयोंग में एमएसएमई पर टाउन हॉल बैठक आयोजित की
- अनीत थापा के बीजीपीएम ने जीटीए चुनाव 2022 जीता
- 30 जून 2022, गुरूवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- छात्र की अचानक मौत पर एनबीबीडीसी के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन: कॉलेज प्रशासन जांच करेगा स्थापित
- 53 साल की उम्र में पॉक्सो के तहत 15 साल की नाबालिग को परेशान करने का मामला दर्ज
- ओढ़कर धानी चुनरिया
- तेरे मिलने से
- बरसो मेघा प्यारे
- सामने से
| स्वामी जी सनातन धर्म रक्षकों की श्रेणी में एक कालजयी ज्योतिपुंज हैं:-डॉक्टर विवेकानंद मिश्र Posted: 29 Jun 2022 08:28 AM PDT स्वामी जी सनातन धर्म रक्षकों की श्रेणी में एक कालजयी ज्योतिपुंज हैं:-डॉक्टर विवेकानंद मिश्र उन्नत ललाट, हृस्ट-पुष्ट शरीर, आकर्षक व्यक्तित्व, धैर्यवान, अत्यंत उदार, अति दयालु , सहृदय और आत्मीयता से परिपूर्ण परम ज्ञानी संत तथा भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के संरक्षक थे पूज्यपाद अनंत श्री विभूषित जगतगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती सुमेरु पीठ के कृपा पात्र दंडी स्वामी शैलेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज की समाधि "प्रेरणा स्थल"पर यह उद्गार विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय महासचिव डॉक्टर विवेकानंद मिश्र का है। गया जिले के प्रखंड मुख्यालय कोच में अनंत श्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती की समाधि "प्रेरणा स्थल"के प्रांगण में द्वितीय पुण्यतिथि स्मृति दिवस पर डॉ मिश्रा ने अपने उद्गार में आगे कहा कि स्वामी जी सनातन धर्म के मूल-- तप और त्याग एवं परोपकार को अपनाकर केवल सैद्धांतिक ही नहीं, व्यवहारिक स्वरूप प्रदान कर वर्तमान पीढ़ी को प्रेरणा दी । यही कारण है कि वे सनातन धर्मरक्षकों की श्रेणी में एक कालजई ज्योतिपुंज हैं। वे अनुकरणीय हैं, वरेन्य हैं । पीढ़ियों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। विद्वान साहित्यकार एवं मगमिहिर महासभा के संयोजक आचार्य राधमोहन मिश्र माधव ने भावभीनी शोकार्द्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वामीजी को वर्तमान युग का एक विलक्षण महापुरुष, आर्तजनकरुणार्द्र उदार संत बताया। बड़ी संख्या में उनके श्रद्धालुओं ने यहां श्रद्धांजलियाँ अर्पित की साथ ही महासभा में मंच से जुड़े लोगों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। स्मृति दिवस पर आयोजित संपूर्ण कार्यक्रमों को सफल बनाने एवं स्वामी जी के विरासत को आगे बढ़ाने का दायित्व लिए प्रसिद्ध समाजसेवी आशुतोष पाठक की भूमिका को उपस्थित सभी लोगों ने भूरी भूरी प्रशंसा की उनमें प्रमुख रूप से भाग ले रहे हैं डा. मदनमोहन मिश्र, डा. सच्चिदानंद पाठक, रविभूषण भट्ट, विनय लाल टाटक मणिभूषण भट्ट सिद्ध नाथ मिश्रा प्रो. मनोज कुमार मिश्र पद्मनाभ रवि भूषण पाठक रंजीत पाठक शिव बल्लभ मिस्त्री रघुवीर श्री गोविंद पाठक रवि भूषण पाठक पत्रकार रंजीत पाठक मनोज मिश्र पदमनाभ सिद्ध नाथ मिश्र पूर्व संज्ञा समिति अध्यक्ष रजनीश आनंद व्यास चंदा कांत मिश्रा जगदीश प्रसाद उपेंद्र मिश्र कमलेश आनंद सरस्वती राम रसिक मिश्र कृष्ण कुमार पाठक ललित कुमार मिश्रा नरेश महाराज शंभू दत्त पाठक जगदीश मिश्र डॉ राजीव कुमार दीक्षित अरुण पाठक विनय कुमार अधिवक्ता राम विनय पंडित रामा शंकर शर्मा जितेंद्र मिश्र आज मनीष जी जोंटी पांडे रामजतन प्रसाद अजय कुमार शर्मा वरुण पाठक राजू पाठक सूर्यकांत पाठक जितेंद्र मिश्र आचार्य मुकेश मिश्रा राजेश्वरानंद सरस्वती प्रदीप गौतम योगेंद्र वैद्य के अलावे बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं युवा वर्ग के लोग पुष्पांजलि अर्पित की और संत जीयर स्वामी जी अमर रहे के नारे से गुंजायमान हो रहा था।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था रवाना Posted: 29 Jun 2022 08:21 AM PDT अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था रवानानई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का पहला जत्था आज सुबह रवाना हो गया है। ये जत्था जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू बेस कैंप से रवाना किया है। इस दौरान उपराज्यपाल तीर्थयात्रियों ने हर हर महादेव के जयकारे लगाए। गौरतलब है कि अमरनाथ की यात्रा 30 जून से शुरू होगी। मिली जानकारी के मुताबिक, 3 हजार से ज्यादा तीर्थयात्री इस पवित्र यात्रा के लिए रवाना हुए हैं। कोरोना महामारी की वजह से ये यात्रा 2 साल बाद आयोजित हो रही है। इस यात्रा की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आतंकी खतरे को देखते हुए जवान यहां पूरा तरह से मुस्तैद हैं। यात्रियों की सुरक्षा में सीआरपीएफ के बाइक स्क्वॉड कमांडो को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है। ये यात्रा 11 अगस्त तक रहेगी। अमरनाथ यात्रा के 2 रूट है। एक रूट पहलगाम से है और दूसरा रूट सोनमर्ग बालटाल से जाता है। पहलगाम से अमरनाथ 28 किलोमीटर है, वहीं बालटाल से ये दूरी करीब 14 किलोमीटर है। हालांकि पहलगाम के रास्ते को यात्री ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस बार नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन में इस बात पर जोर दिया गया है कि अमरनाथ यात्रियों को आधार कार्ड नंबर जमा करना होगा। नोटिफिकेशन में जारी नियम के अनुसार, मंजूरी के बाद जो तीर्थयात्री अमरनाथ यात्रा के लिए जाना चाहते हैं, उनके पास आधार कार्ड या आधार का प्रमाण देना होगा। इस अधिसूचना के जारी होने के बाद से निर्देशों का भी पालन किया जाना जरूरी कर दिया गया है। यात्रा के दौरान गाड़ी, घर, चिकित्सा के जरूरी सामान, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं, भोजन आदि उपलब्ध कराया जाएगा। अमरनाथ यात्रा सालों से आतंकियों के निशाने पर रही है। साल 2000 में पहलगाम बेस कैंप में आतंकी हमले में 17 तीर्थयात्रियों सहित 25 लोग मारे गए थे। वहीं, जुलाई 2017 में यात्री बस पर हुए आतंकी हमले में सात तीर्थयात्री मारे गए थे। इस बार अमरनाथ यात्रा को शांति और सुरक्षित तरह से पूरी कराने के लिए गृह मंत्रालय ने खास तैयारियां की हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| टेलर की हत्या में विदेशी साजिश की आशंका: गहलोत Posted: 29 Jun 2022 08:20 AM PDT टेलर की हत्या में विदेशी साजिश की आशंका: गहलोतजयपुर। राजस्थान के उदयपुर में नुपूर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वाले युवक की हत्या के बाद पूरे राजस्थान में पुलिस अलर्ट पर है। पूरे राज्य में एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है और इंटरनेट सर्विस को बंद कर दिया गया है। वहीं इस घटना की गंभीरता को देखते हुए एनआईए अब इसकी जांच में जुट गई है। वहीं राज्य सरकार ने भी एसआईटी का गठन कर मामले की जांच शुरू कर दी है।राज्य के मुख्य सचिव ने उच्च स्तरीय बैठक की और पुलिस-प्रशासन को राज्यभर में विशेष सतर्कता और चैकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। उदयपुर घटना पर राजस्थान सरकार में मंत्री सुभाष गर्ग ने कहा-इस मामले में एसआईटी का गठन कर दिया गया है। पुलिस ने 6 घंटे में आरोपियों को पकड़ा है। इस तरह की घटना न हो उसके लिए प्रशासन को मुस्तैद कर दिया है। एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ की देख-रेख में एक टीम को तैयार कर मौके पर रवाना किया गया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ मौलानाओं ने इन दोनों आरोपियों का ब्रेन वॉश किया था। पुलिस अब इन मौलानाओं को तलाश रही है। ये दोनों आरोपी कई इस्लामिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी जुड़े हुए थे। इसकी भी जानकारी पुलिस जुटा रही है।सूत्रों के मुताबिक टेलर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों में से पहला आरोपी रियाज भीलवाड़ा का रहने वाला है। 2001 में भीलवाड़ा छोड़ने के बाद से ही उदयपुर आ गया था और मस्जिद में रखरखाव का काम करता था। वह मौलानाओं के संपर्क में रहता था। मौलानाओं के बहुत सारे भाषण इंटरनेट में सुनता रहता था। दूसरा आरोपी गौस एक कारखाने में वेल्डिंग का काम करता था। आरोपी रियाज इसको भी मौलानाओं के भाषण वाले वीडियो दिखाता था। उधर, विपक्ष के नेता गुलाब चन्द कटारिया कहते हैं कि जब कन्हैयालाल ने दुकान खोली तो पुलिस को इतना दिमाग तो होना चाहिए कि वह सुरक्षा मांग रहा है और आज दुकान खोल रहा है। उसे सुरक्षा देनी चाहिए। निश्चित रूप से प्रशासनिक चूक हुई है जिसके कारण ये घटना हुई है प्रदेश सरकार की सोच ही ऐसी है। पर्व- त्योहारों पर 24 घंटे बिजली दी जाती है तो ये लोगों में एक संदेश देता हैं और उनमें द्वेष पैदा करता है। हिंदुओं के त्योहार पर पूरे राजस्थान में धारा 144 लगा दी जाती है फिर लोग उसको तोड़ेंगे, टकराव होगा और उसका परिणाम अच्छा नहीं होगा। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| एक्सप्रेस वे पर बस का पहिया निकला, 26 यात्री घायल Posted: 29 Jun 2022 08:17 AM PDT एक्सप्रेस वे पर बस का पहिया निकला, 26 यात्री घायलउन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। यहां एक तेज रफ्तार से चलती बस का अगला पहिया निकल गया है। इससे यह बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में बस में सवार 26 यात्री घायल हुए हैं, जिनमें 3 को गंभीर चोटें आईं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह बस बिहार से चंडीगढ़ जा रही थी, तभी लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर किलोमीटर संख्या 237 के सामने बस हादसे का शिकार हो गई। यह इलाका बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में पड़ता है। हादसे की खबर सुनकर घटनास्थल पर पहुंची कोतवाली पुलिस और यूपीडा कर्मियों ने रेस्क्यू कर सभी घायलों को बाहर निकाला और इलाज के लिए नजदीकी बांगरमऊ सीएचसी में भर्ती कराया। इनमें से 3 को गंभीर चोटें होने के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया, वहीं हल्की चोटें आईं यात्रियों को दूसरे वाहन का इंतजाम कर गंतव्य स्थान पर भेज दिया गया। इससे पहले आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में कार चला रहे 24 वर्षीय रामशरण त्रिपाठी की मौत हो गई, जबकि उनके परिवार चार लोग घायल हो गए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| राम मंदिर के लिए कोटि-कोटि समर्पण Posted: 29 Jun 2022 08:15 AM PDT राम मंदिर के लिए कोटि-कोटि समर्पण(अशेाक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण में कई तर से लोगों का समर्पण है। मंदिर निर्माण तीव्र प्रक्रिया से चल रहा है। चबूतरे का निर्माण कार्य लगभग आधा हो चुका है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के गर्भगृह का शिलान्यास गत दिनों किया था। एक वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अगस्त को मंदिर के लिए भूमि पूजन किया था। इसी के बाद मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण राशि को एकत्र किया गया था। यह कार्यक्रम मकर संक्रांति से रविदास जयंती तक चला था। इस अवधि में 11 करोड़ लोगो ंने कूपन के जरिए 3500 करोड़ रुपये का दान दिया। खास बात यह है कि छोटे से छोटे तबके के लोगों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग राशि प्रदान की है। इसके अलवा भी हजारों लोगों ने सोना-चांदी और नकद धनराशि दी है। इस प्रकार राम मंदिर पूरे भारत की आस्था का प्रतीक बन गया है। इस मंदिर के साथ ही स्वामी राघवाचार्य ने दक्षिण भारत की शैली में अयोध्या में एक मंदिर का निर्माण कराया है। इसी वर्ष 31 मई से 4 जून के बीच भगवान राम के कुल देवता भगवान विष्णु के स्वरूप भगवान रंगनाथन की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बने थे। श्रीराम जन्मभूमि से चंद कदम की दूरी पर यह मंदिर बनाया गया है। दक्षिण भारत के 28 विद्वानों ने मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा करवाई थी। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर पर राम मंदिर निर्माण के लिए कार्य तेजी से जारी है। इसी कड़ी में राम मंदिर निर्माण के लिए दानदाताओं ने दिल खोलकर दान दिया है। मकर संक्रांति से रविदास जयंती तक चले निधि समर्पण अभियान के दौरान 3500 करोड़ रुपए का दान आया है जिसमें 11 करोड़ लोगों ने कूपन के जरिए धन दिया है। मंदिर के चबूतरे का निर्माण कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अगस्त तक प्लिंथ निर्माण पूरा हो जाएगा। रामलला के गर्भगृह के भी निर्माण का काम शुरू हो चुका है। अब बंसी पहाड़पुर के तरासे गए पत्थर भी अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस सबके बीच बीते दिनों चलाए गए निधि समर्पण अभियान में हजारों करोड़ों लोगों ने रामलला के मंदिर को बिना देखे ही उसमें अपना सहयोग दिया है। इस सब का ऑडिट अभी चल ही रहा है लेकिन लगभग 3400 करोड़ रुपए निधि समर्पण अभियान में रामलला के निमित्त आए हैं जिसमें 11 करोड़ रसीदें और कूपन काटे गए थे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि 3400 करोड़ रुपए राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए गए निधि समर्पण अभियान के दरमियान मिला था। अयोध्या में जहां भगवान रामलला का मंदिर निर्माण कार्य प्रगति पर है वहीं अयोध्या के रामकोट स्थित श्री राम जन्मभूमि से चंद कदम दूर अयोध्या के पहले दक्षिण भारतीय शैली मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सम्पन्न हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1 जून को समारोह का शुभारंभ किया। अयोध्या का ये पहला मंदिर होगा जहां भगवान श्री राम के कुलदेवता भगवान विष्णु के स्वरूप भगवान रंगनाथन का मंदिर है। श्री रामलला देवस्थान के महंत जगतगुरु स्वामी राघवाचार्य ने महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। अयोध्या में बने दक्षिण भारतीय शैली के इस मंदिर की भव्यता दूर से ही बिखर रही है। महत्वपूर्ण तथ्य ये है कि मंदिर में विराजमान श्री रामलला, माता जानकी व लक्ष्मणकी प्रतिमाएं भी दक्षिण भारत से आई हैं। मंदिर की डिजायनिंग चेन्नई के मशहूर आर्किटेक्ट स्वामीनाथन ने की है। अयोध्या का ये पहला मंदिर है जो श्री राम जन्मभूमि से चंद कदम की दूरी पर बनकर तैयार हुआ है, जिसमें कदम कदम पर दक्षिण भारतीय परंपरा झलक रही है। रामलला सदन के पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी राघवाचार्य ने बताया कि श्री राम लला सदन अत्यंत प्राचीन स्थान है। 300 वर्ष पुराना आश्रम यहां था और 2012 से इसकी व्यवस्था मैं देख रहा हूं और मैं इसका सलाहकार हूं। स्वामी राघवाचार्य कहते हैं कि दक्षिण भारत की शैली में अयोध्या में कोई मंदिर नहीं है, हमने सोचा दक्षिण भारत की शैली में अयोध्या में एक मंदिर का निर्माण हो उस भाव को मैंने अपने मन में संजोया और लोग जुड़ते गए और इस मंदिर का निर्माण हुआ। जगद्गुरु राघवाचार्य ने कहा कि 31 मई से 4 जून तक भगवान का महोत्सव हुआ, विधि विधान के साथ मंदिर में भगवान की मूर्ति प्रतिष्ठित की गयी। मंदिर बड़ा होने के कारण कुछ बड़ी मूर्तियों की भी स्थापना होगी। दक्षिण भारत से लगभग 28 विद्वान आये। सारा कर्मकांड संपन्न कराया। राम मंदिर निर्माण के बीच एक भक्त ने चांदी की चैकी और चरण भेंट की है। जिसका कुल वजन 12 किलो है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अध्यक्ष रबींद्र नारायण सिंह के अनुसार अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को वेटिकन सिटी और मक्का की तरह विकसित किया जाएगा और वह हिंदुत्व के प्रतीक के रूप में उभरेगा। उन्होंने विहिप पदाधिकारियों और संतों की सभा को संबोधित करते हुए कहा, "अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को वेटिकन सिटी (रोमन कैथोलिक चर्च का मुख्यालय) और मक्का (इस्लाम का सबसे पवित्र शहर) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। वह हिंदुत्व का प्रतीक बनेगा।" इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि भाजपा सरकार जनता का पैसा 'कब्रिस्तान' के लिए जमीन खरीदने पर नहीं, बल्कि मंदिरों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यकरण पर खर्च कर रही है। उन्होंने विरोधियों को निशाना बनाते हुए कहा कि पहले राज्य का पैसा कब्रिस्तान के लिए जमीन खरीदने में उपयोग किया जाता था, लेकिन हमारी सरकार में ऐसा नहीं है। भाजपा मंदिरों के लिए पैसा खर्च कर रही है। योगी कहते हैं अयोध्या में भव्य राममंदिर के साथ-साथ विश्व के लिए यह पर्यटन का केन्द्र भी बनेगा। अभी तक केवल डेढ़ लाख श्रद्धालु ही आ रहे हैं लेकिन अयोध्या को पर्यटन के शीर्ष पर लाने के लिए लगभग पांच करोड़ पर्यटकों को लाने की तैयारी है। अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जा रहा है। रामनगरी केवल आध्यात्मिक केन्द्र ही नहीं बल्कि रोजगार के लिए भी अयोध्या एक बड़ा केन्द्र बनेगा। जनता के धैर्य ने गलत कर्म करने वाले लोगों को पश्चाताप के लिए मजबूर कर दिया है। जो कभी रामभक्तों पर गोली चलाने को लेकर गर्व करते थे वह अब रामभक्त बनने की प्रक्रिया में है। आने वाले दिनों में यही गोली चलाने वाले अपने पूरे परिवार के साथ भगवान राम की पूजा करते दिखेंगे। यह भगवान राम की ताकत है कि इनको सही दिशा में लाएंगे। अयोध्या में बन रहा भव्य राम मंदिर यही संदेश दे रहा है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| इसी गुफा में शिव ने सुनायी थी अमरकथा Posted: 29 Jun 2022 08:13 AM PDT (आर.एस. द्विवेदी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा कि आप अजर-अमर हैं, लेकिन उनको हर बार जन्म लेना पड़ता है और आपको पति स्वरूप में पाने के लिए वर्षों तक कठोर तप क्यों करना पड़ता है? आपको प्राप्त करने के लिए इतनी कठिन परीक्षा क्यों देनी पड़ती है? आपके अमर होने का रहस्य क्या है? भगवान शिव अमरत्व के रहस्य को बताना नहीं चाहते थे, लेकिन माता पार्वती के हठ करने पर वे इसके लिए तैयार हुए। उन्होंने अमरत्व रहस्य को सिर्फ माता पार्वती को बताना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने एकांत और शांतिपूर्ण अमरनाथ गुफा को चुना। आज 29 जून को अमरनाथ यात्रा के लिए बाबा बर्फानी के भक्तों का जत्था रवाना हुआ। हर भक्त बाबा अमरनाथ के दर्शन करके स्वयं की मनोकानाओं को पूरा करना चाहता है, ताकि उसके जीवन के कष्ट, दुख, रोग, दोष आदि सब दूर हो जाएं। शिव कृपा से उनको मोक्ष प्राप्त हो सके। तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव बताते हैं कि बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा है। उस कथा में बताया गया है कि किस प्रकार से भगवान भोलेनाथ ने माता पार्वती को अमरत्व के रहस्य को बताया था। शिवपुराण की एक कथा में बाबा अमरनाथ की गुफा और उससे जुड़े रहस्य को बताया गया है। एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा कि आप अजर-अमर हैं, लेकिन उनको हर बार जन्म लेना पड़ता है और आपको पति स्वरूप में पाने के लिए वर्षों तक कठोर तप क्यों करना पड़ता है? आपको प्राप्त करने के लिए इतनी कठिन परीक्षा क्यों देनी पड़ती है? आपके अमर होने का रहस्य क्या है? भगवान शिव अमरत्व के रहस्य को बताना नहीं चाहते थे, लेकिन माता पार्वती के हठ करने पर वे इसके लिए तैयार हुए। उन्होंने अमरत्व रहस्य को सिर्फ माता पार्वती को बताना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने एकांत और शांतिपूर्ण अमरनाथ गुफा को चुना। उस गुफा में पहुंचने के लिए भगवान शिव ने अपने पंचतत्वों को भी त्याग दिया। उस गुफा में नंदी, कार्तिकेय, गणेश या कोई अन्य पशु-पक्षी न आ पाए, इसलिए गुफा के चारों ओर आग जला दी। उसके बाद अमरत्व की कथा प्रारंभ की। महादेव कथा सुनाने लगे और माता पार्वती उसी दौरान सो गईं। यह बात भगवान शिव को पता नहीं चली। उस कथा को दो कबूतर सुन रहे थे और वे हुंकार भर रहे थे। भगवान भोलेनाथ को लगा कि माता पार्वती वह कथा सुन रही हैं। जब कथा समाप्त हुई, तो भगवान भोलेनाथ ने देखा कि माता पार्वती तो सो रही हैं, फिर उनके मन में प्रश्न उठा कि कथा किसने सुनी? उन्होंने नजर दौड़ाई, तो देखा कि वहां दो कबूतर मौजूद हैं। भगवान शिव क्रोधित हो गए, तो वे दोनों कबूतर उनके सामने क्षमा प्रार्थना करने लगे। दोनों ने कहा कि हे महादेव! हमने यह कथा सुनी है। यदि आप हमें मार देते हैं, तो यह कथा असत्य हो जाएगी, आप हमारा मार्गदर्शन करें। तब भगवान शिव ने कहा कि तुम आज से यहां पर शिव और शक्ति के प्रतीक चिह्न के रूप में वास करोगे। उसके बाद से कबूतर का जोड़ा अमरत्व को प्राप्त कर उसी गुफा में रहता है। इस पूरी कथा के कारण उस गुफा को अमरनाथ गुफा कहते हैं और यह कथा अमरकथा कहलाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज भी कबूतर को जोड़ा वहां दिखाई देता है। अमरनाथ हिन्दुओं का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यह कश्मीर राज्य के श्रीनगर शहर के उत्तर-पूर्व में स्थित है। इस गुफा की लंबाई 19 मीटर और चैड़ाई 16 मीटर है। गुफा 11 मीटर ऊंची है। अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। अमरनाथ को तीर्थों का तीर्थ कहा जाता है क्योंकि यहीं पर भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। भगवान शिव के भक्त हर साल अमरनाथ यात्रा पर जाते हैं। बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। हालांकि कोरोना वायरस महामारी के कारण पूरे दो साल बाद अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हो रही है। इस साल अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू होगी और 43 दिनों तक चलेगी। इस तरह हुई थी अमरनाथ गुफा की खोज अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार कहा जाता है कि अमरनाथ गुफा की खोज बूटा मालिक नाम के एक मुस्लिम गड़रिए ने की थी। जानवर चराते हुए बूटा की मुलाकत एक साधु से हुई थी, जहां उस साधु ने उसे कोयले से भरा एक झोला थमा दिया था। बूटा ने जब घर जाकर झोले को खोला तो उसमें उसने कोयले को सोने के सिक्कों में बदला हुआ पाया। धन्यवाद कहने के लिए जब वो उस गुफा तक पहुंचा, तो वहां उसे साधु नहीं मिला। अंदर जाकर देखने पर उसने बर्फ से बना एक शिवलिंग पाया। इसके बाद से ही अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हुई थी। अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। दमू सेक्शन पर क्लिक करें। रजिस्टर ऑनलाइन विकल्प को चुनें। इसके बाद एक नई विंडो खुलेगी। अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करने वाले लिंक पर क्लिक करें। अब सभी आवश्यक जानकारी भरें और यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन सबिमट करें। तीर्थयात्रियों को आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टैग दिए जाएंगे, जिसमें श्राइन बोर्ड आपके आगे की गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करेगा। ध्यान रहे कि 13 साल से कम की उम्र के बच्चे और 75 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति, साथ ही गर्भवती महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति नहीं है। अमरनाथ यात्रा के लिए श्रीनगर हवाई अड्डे पर, तीर्थयात्री हेलीकॉप्टर की सेवा ले सकते हैं। इसमें समय की बचत होती है और यात्रा के दौरान थकान भी महसूस नहीं होती। रेल मार्ग से भी अमरनाथ यात्रा की जा सकती है। अमरनाथ यात्रा की शुरुआत करने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जम्मूतवी है, जो पहलगाम से 315 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पहलगाम मार्ग- जम्मू से पहलगाम जाने के लिए कैब उपलब्ध हैं। पहलगाम के रास्ते अमरनाथ गुफा तक पहुंचने में लगभग 5 दिन लग जाते हैं और लोग आमतौर पर वहां पहुंचने के लिए टट्टू का इस्तेमाल करते हैं। बालटाल मार्ग- जम्मू से बालटाल तक के लिए टैक्सी किराए पर ली जा सकती है। इसके जरिए आप अमरनाथ गुफा तक जा सकते हैं। यह सिर्फ एक दिन का ट्रैक है। अमरनाथ यात्रा के बाद आप पहलगाम, सोनमर्ग, गाडसर झील, बेताब घाटी, विशनसर झील, आरु घाटी और बालसरन में पर्यटन का भी आनंद ले सकते हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jun 2022 08:08 AM PDT जी-7 में मोदी का कद(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले ग्रुप-सात के देशों की बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी वाक्पटुता का बखूबी परिचय दिया। उन्हांेने उन गरीब देशों का मनोबल बढ़ाया जिनको हेय दृष्टि से देखा जाता है। विकसित देश इनकी मदद करने के साथ उपहास भी उड़ाते हैं और तरह-तरह से बदनाम भी करते हैं। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदूषण फैलाने में गरीब देश आगे नहीं हैं बल्कि अमीर देश ही ज्यादा जिम्मेदार हैं। इसी के साथ जी-7 देशों के बीच पीएम मोदी का कद उस समय काफी बड़ा नजर आया जब दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन मोदी से मिलने के लिए खुद चलकर आए। बाइडेन ने मोदी के कंधे पर पीछे से हाथ रखकर अपनी मौजूदगी और मोदी की महानता का अहसास कराया। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रो ने भी जिस तरह चाय की चुस्की लेते हुए पीएम मोदी से वैश्विक विषयों पर द्विपक्षीय वार्ता की, उससे भी यही लगा कि हमारे प्रधानमंत्री का विश्व के नेताओं में कद काफी ऊंचा है। यूक्रेन युद्ध पर भी इसीलिए मोदी को बहुत ध्यान से सुना गया। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत के बढ़ते कद का एक शानदार नजारा देखने को मिला। एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि ग्रुप फोटो से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन खुद चलकर पीएम मोदी के पास आते हैं और उनका अभिवादन करते हैं। इस दौरान पीएम मोदी भी उनसे गर्मजोशी से मिलते हैं। बता दें कि जिस अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए दुनियाभर के मुल्कों के राष्ट्राध्यक्ष महीनों का इंतजार करते हैं, वे पीएम मोदी से हाथ मिलाने खुद दौड़े आएं। वीडियो में दिख रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से बात कर रहे थे, इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन उनसे मिलने के लिए खुद चलकर आए। उन्होंने पीएम मोदी के कंधेे पर पीछे से हाथ रखकर अपनी मौजूदगी का अहसास कराया, जिसके बाद दोनों नेताओं ने हाथ मिलाकर गर्मजोशी से एक दूसरे का अभिवादन किया। मोदी-बाइडेन मुलाकात के इस वीडियो की जमकर चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि यह भारत के बढ़ते वैश्विक कद का प्रतीक है। भारत ने रूस-यूक्रेन संकट, कोविड महामारी और दूसरे मसलों में जैसी कूटनीति की है, उसका अमेरिका भी कायल है। यही कारण है कि जो बाइडेन पीएम मोदी को इतना महत्व देते नजर आ रहे हैं। यूक्रेन पर रूस के हमले के दौरान जब पूरी दुनिया अलग-अलग ध्रुवों की तरफ खुलकर आ रही थी, उस दौरान भारत ने संतुलन को बनाए रखा। भारत ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद रूस से भारी मात्रा में तेल आयात किया और अमेरिका को भी इससे कोई परेशानी नहीं हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी7 समूह के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिन की यात्रा पर जर्मनी में थे। इस दौरान पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों से भी मुलाकात की और दोनों नेताओं ने चाय पर विभिन्न द्विपक्षीय और वैश्विक विषयों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने श्लोस एल्माउ में जी-7 सम्मेलन से इतर चाय पर चर्चा की। इससे पहले मोदी और मैक्रों ने सामूहिक फोटो खिंचने के बाद एक दूसरे को गले लगाया और चर्चा की। जी-7 के सदस्य देशों के नेताओं के सम्मेलन स्थल की ओर जाने के बाद दोनों नेता बातचीत करते रहे और साथ में सम्मेलन स्थल की ओर गए। जी-7 कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका और ब्रिटेन का अंतर-सरकारी राजनीतिक समूह है। सम्मेलन के मेजबान देश जर्मनी ने भारत के अलावा अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, सेनेगल और दक्षिण अफ्रीका को सम्मेलन में अतिथि देशों के तौर पर आमंत्रित किया था। मोदी जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के निमंत्रण पर दक्षिण जर्मनी के श्लोस एल्माउ में आयोजित जी7 सम्मेलन में भाग ले रहे थे। जर्मनी में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर अपनी स्थिति सपष्ट कर दी। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिखर सम्मेलन की एक बैठक के दौरान कहा कि, दोनों देशों के बीच दुश्मनी का अंत होना चाहिए। दोनों देशों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सभी मसले सुलझाने चाहिए। सम्मेलन के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख के सवाल का जवाब देते हुए विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि, रूस-यूक्रेन युद्ध पर प्रधानमंत्री ने भारत की स्थिति स्पष्ट कर दी है जिसमें कहा गया है कि दोनों देशों को आपसी दुश्मनी को खत्म करना चाहिए। मौजूदा हालातों को ठीक करने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहिए। गौरतलब है कि फरवरी में शुरू हुए दोनों देशों के बीच युद्ध के बाद पीएम मोदी कई बार युद्ध को रोकने और शांति और बातचीत के माध्यम से सभी मसले सुलझाने की बात कह चुके हैं। इसके अलावा पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात करके युद्ध को रोकने और बातचीत में मध्यस्थता करने का भी सुझाव दिया है। विदेश सचिव क्वात्रा ने बताया कि इस शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी दुनिया में पैदा हुए खाद्य संकट को लेकर भी चिंतित थे, जिसको लेकर उन्होंने तमाम नेताओं से बात की। विदेश सचिव ने कहा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं के साथ पूर्वी यूरोप में घट रही घटनाओं से खाद्य सुरक्षा पर पैदा हुए संकट पर कमजोर देशों पर पड़ने वाले असर और उससे होने वाली समस्याओं पर भी बात की। जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने दक्षिणी जर्मनी में शिखर सम्मेलन में उनका स्वागत किया। समूह फोटो के लिए कनाडा के अपने समकक्ष ट्रूडो के बगल में खड़े प्रधानमंत्री मोदी को भी कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करते देखा गया। मोदी और मैक्रों आपस में गले मिले और समूह फोटो के बाद बातचीत की। जैसे ही जी-7 के नेता शिखर सम्मेलन स्थल के अंदर गए, दोनों नेताओं ने अपनी चर्चा जारी रखी और एक साथ अंदर चले गए। प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका में अपने दोस्त जो बाइडन के लिए खास ब्रोच और कफलिंक लेकर गए थे। उन्होंने बाइडन को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी वाला ब्रोच और कफलिंक उपहार में दिया। मिस्टर एंड मिसेज बाइडन के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने मिलता जुलता ब्रोच बनवाया था। लखनऊ के खास जरदोजी बॉक्स में इत्र की बोतलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को उपहार में दीं। जरदोजी बॉक्स को फ्रांसीसी राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में खादी रेशम से हाथ से कढ़ाई कर सजाया गया था। जापान के पीएम फुमियो किशिदा को प्रधानमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध काली मिट्टी के बर्तन गिफ्ट किए हैं। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद कस्बे में मुगलकाल से ही काली मिट्टी के ऐसे बर्तन बनाए जाते है। काली मिट्टी के बर्तनों के इस शिल्प की उत्पत्ति गुजरात के कच्छ क्षेत्र में हुई थी। औरंगजेब के शासन के दौरान क्षेत्र के कुछ कुम्हार निजामाबाद चले गए। इस मिट्टी से बने पात्रों का पैटर्न इलाहाबाद के बिदरीवेयर से प्रेरित है, जिसके अंतर्गत चांदी के तारों का उपयोग करके बर्तनों को सजाया जाता हैं। पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा को डोकरा कलाकृति भेंट की। यह कला छत्तीसगढ़ की है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ राज्य की यह विशेष कलाकृति रामायण विषय पर आधारित है। कलाकृति में प्रमुख पात्र भगवान श्रीराम हैं जो लक्ष्मण, देवी सीता और भगवान हनुमान के साथ एक हाथी की सवारी करते हैं। डोकरा कला अलौह धातु की ढलाई कला है जिसमें मोम की खोई हुई ढलाई तकनीक का उपयोग होता है। इस प्रकार की धातु की ढलाई का उपयोग भारत में 4,000 से अधिक वर्षों से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज को छत्तीसगढ़ की नंदी-थीम वाली डोकरा कलाकृति भेंट की। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| नाटो की नई रणनीतिक अवधारणा से चिंतित है चीन Posted: 29 Jun 2022 08:04 AM PDT नाटो की नई रणनीतिक अवधारणा से चिंतित है चीनसंयुक्त राष्ट। चीन नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) की नई रणनीतिक अवधारणा को लेकर बहुत चिंतित है और उसे अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र में चीनी राजदूत झांग जून ने यूक्रेन पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान यह बात कही। श्री जून ने कहा, चीन नाटो के रणनीतिक समायोजन पर पूरा ध्यान देता है और तथाकथित रणनीतिक अवधारणा के नीतिगत निहितार्थों के बारे में गहराई से चिंतित है। चीन ने नाटो से आग्रह किया है कि वह एक नये शीत युद्ध को जन्म न दें और न ही अपना मकसद हासिल करने के लिए यूक्रेन को बलि का बकरा बनाए। चीनी राजदूत ने कहा, हम नाटो से सबक सीखने और यूक्रेन में इस संकट का उपयोग दुनिया भर में एक नए शीत युद्ध को भड़काने के बहाने के रूप में नहीं करने का आग्रह करते हैं। चीन ने इस दौरान यूक्रेन में जारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की बात कही और कीव और मास्को के बीच वार्ता का समर्थन किया। उधर, ब्रुसेल्स से मिली जानकारी के अनुसार तुर्की ने आखिरकार नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) में शामिल होने के लिए स्वीडन और फिनलैंड के भेजे गए आवेदनों को स्वीकार कर लिया। तुर्की ने पहले संगठन में इन देशों के शामिल होने को लेकर असहमति जाहिर की थी, जिसकी वजह कुर्द चरमपंथियों के खिलाफ इन देशों की तरफ से की गई कार्रवाई का अभाव था। तुर्की का मानना था कि अगर ये नाटो में शामिल हो गए तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि आतंकवादी संगठनों के खिलाफ इनकी कोई स्पष्ट और पारदर्शी नीति नहीं है। स्वीडन और फिनलैंड तुर्की के समर्थन के बिना नाटो में शामिल नहीं हो सकते क्योंकि नाटो के किसी भी फैसले के लिए सभी 30 सदस्यीय देशों के अनुमोदन की आवश्यकता पड़ती है। नाटो में स्वीडन और फिनलैंड के शामिल होने के तुर्की के सहमति के साथ तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| येल ब्राउन पीवेट फ्रांस की पहली महिला स्पीकर Posted: 29 Jun 2022 08:00 AM PDT येल ब्राउन पीवेट फ्रांस की पहली महिला स्पीकरपेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के मध्यमार्गी गठबंधन की येल ब्राउन-पीवेट फ्रांसीसी संसद के निचले सदनकी पहली महिला स्पीकर चुनी गईं। खलीज टाइम्स ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। ब्राउन-पीवेट को स्पीकर के रूप में चुने जाने का मतदान तब हुआ, जब मैक्रों की पार्टी के बहुमत खोने के बाद नवगठित संसद ने अपना पहला सत्र आयोजित किया। श्री मैक्रों के मध्यमार्गी गठबंधन एनसेम्बल (टुगेदर) के पास अभी भी फ्रांस की संसद के सबसे शक्तिशाली सदन नेशनल असेंबली में सबसे अधिक सीटें हैं, लेकिन अब सहजता से कानून पारित करने के लिए इनके पास बहुमत नहीं है। पूर्व समाजवादी ब्राउन-पिवेट साल 2016 में मैक्रों की पार्टी में शामिल हुई थीं। उन्हें गुप्त मतदान प्रणाली से चुना गया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| ब्रिटिश सोशलाइट घिसलीन मैक्सवेस को यौन अपराधों के लिए 20 साल कैद Posted: 29 Jun 2022 07:58 AM PDT ब्रिटिश सोशलाइट घिसलीन मैक्सवेस को यौन अपराधों के लिए 20 साल कैदवाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की मशहूर फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन के साथ सेक्स रैकेट चलाने, युवा लड़कियों को इसमें भर्ती करने, उन्हें तैयार करने और उनकी यौन तस्करी करने के अपराध के लिए ब्रिटिश सोशलाइट घिसलीन मैक्सवेल को अमेरिका की जेल में 20 साल कैद की सजा सुनाई गई है। बीबीसी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। एपस्टीन की पूर्व प्रेमिका 60 साल की मैक्सवेल को पिछले साल दिसंबर में दोषी ठहराया गया था। उन पर आरोप लगाने वालों में से एक ने न्यूयॉर्क में अदालत के बाहर कहा कि उन्हें अपनी बची-खुची जिंदगी जेल में ही रहना चाहिए। उल्लेखनीय है कि एपस्टीन ने साल 2019 में उन पर मुकदमा चलने के दौरान मैनहट्टन जेल की कोठरी में आत्महत्या कर ली थी। घिसलीन मैक्सवेल ने इन जघन्य अपराधों को साल 1994 से 2004 के बीच में अंजाम दिया। उन्हें सजा सुनाते हुए न्यायाधीश एलिसन जे नाथन ने कहा कि मैक्सवेल का आचरण जघन्य और हिंसक रहा है। पूर्व न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के लिए अमेरिका के जिला न्यायालय की न्यायाधीश सुश्री नाथन ने कहा, मैक्सवेल ने एपस्टीन के साथ मिलकर लड़कियों को सेक्स रैकेट में भर्ती के लिए चुना और उनके यौन शोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोर्ट ने कैद के साथ-साथ उन पर 750,000 डॉलर का जुर्माना भी लगाया है। मैक्सवेल साल 2020 से पुलिस की हिरासत में है। उनका नाम अक्तूबर, 2017 में अमेरिका में मीटू आंदोलन की शुरुआत के दौरान उभरकर सामने आया था। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पाक में हिन्दू समुदाय के लड़के का घर के बाहर से अपहरण Posted: 29 Jun 2022 07:54 AM PDT पाक में हिन्दू समुदाय के लड़के का घर के बाहर से अपहरणकराची। पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के एक लड़के को बाइक सवार दो अज्ञात लोगों ने उसके आवास के बाहर से अगवा कर लिया। पुलिस और परिवार के सदस्यों ने 28 जून को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घटना सोमवार सुबह की है जब आदेश कुमार अपने घर के सामने अपने पड़ोस के दो दोस्तों के साथ खेल रहा था और मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने गली में आकर उसका अपहरण कर लिया। रानीपुर के थाना प्रभारी अमीर अली चांग ने टेलीफोन पर कहा कि वह अपहरण के सिलसिले में पहले ही दो लोगों को गिरफ्तार कर चुके हैं और उन्हें विश्वास है कि लड़का जल्द ही मिल जाएगा। चांग ने कहा, ''हम जल्द ही इस अपहरण के पीछे असली अपराधियों को गिरफ्तार करेंगे। लड़के का परिवार अमीर पृष्ठभूमि से नहीं है, इसलिए हमें लगता है कि यह एक अचानक किया गया अपहरण है।'' यह पूछे जाने पर कि क्या पुलिस ने उचित प्राथमिकी दर्ज की है, चांग ने कहा कि शिकायत दर्ज कर ली गई है। आमतौर पर ऐसे मामलों में प्राथमिकी एक या दो दिन बाद दर्ज की जाती है। हिंदू समुदाय के सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया और धरना दिया तथा बच्चे को तुरंत ढूंढ़ने की मांग की। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Liked on YouTube: छात्र की अचानक मौत पर एनबीबीडीसी के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन Posted: 29 Jun 2022 06:12 AM PDT छात्र की अचानक मौत पर एनबीबीडीसी के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन छात्र की अचानक मौत पर एनबीबीडीसी के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन: कॉलेज प्रशासन जांच करेगा स्थापित सिक्किम से संवाददाता दीपक फुएल की खबर 20 वर्षीय बी.कॉम की अचानक मौत ने नर बहादुर डिग्री कॉलेज के छात्रों और कॉलेज प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है. 28 जून को, सैम शेरिंग लेप्चा ने नर भाधुर भंडारी डिग्री कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की, रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मिली जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े दस बजे वह कॉलेज भवन के अंदर बेहोश हो गया, फिर उसे केंद्रीय रेफरल अस्पताल ले जाया गया और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उनके निधन के एक दिन बाद 29 जून को छात्र प्रशासन से लिखित माफी की मांग करते हुए कॉलेज परिसर के अंदर जमा हो गए और चिकित्सा पेशेवरों के साथ कॉलेज के अंदर एक औषधालय की तत्काल स्थापना की मांग की। मीडिया को संबोधित करते हुए, मृतक के एक सहपाठी ने कहा, "मैं सैम त्शेरिंग का सबसे अच्छा दोस्त हूं, हम कक्षा 6 से एक साथ पढ़ रहे हैं और कल की घटना चौंकाने वाली थी, मौत का कारण जो भी हो, लेकिन उसे बता दिया जाता। तत्काल चिकित्सा ध्यान और बचाया जा सकता था।" 28 जून की घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "कल उनके बेहोश होने के बाद हमने एक शिक्षक से मदद मांगी, लेकिन हमने महसूस किया कि शिक्षकों ने उपेक्षा की और ज्यादा ध्यान नहीं दिया और कुछ समय बाद प्रिंसिपल पहुंचे, और उन्होंने हमें अपना वाहन प्रदान किया और फिर कुछ मिनटों के बाद एक ऑल्टो कार को मैनेज किया गया, और हमने कॉलेज परिसर से सीआरएच के लिए शुरुआत की, लेकिन मुख्य समस्या यह थी कि बीमारी की गंभीरता के बावजूद ऑल्टो चालक ने दौड़ने की जहमत नहीं उठाई और बाद में जब हम अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर उसे मृत्यु घोषित कर दिया" 20 साल के छात्र की मौत के बाद छात्रों ने कॉलेज के फैकल्टी और प्रशासक से लिखित माफी की मांग की है, 'हम संकायों और कॉलेज प्रशासकों से लिखित माफी चाहते हैं, जिसमें कहा गया है, 'हमने गलती की है, हमने नहीं किया मामले को गंभीरता से लें' माफी पर उल्लेख किया जाना चाहिए और मृतक की मां को विशेष माफी दी जानी चाहिए। इसके अलावा, छात्रों ने डॉक्टर और एम्बुलेंस के साथ-साथ औषधालय की तत्काल स्थापना की भी मांग की, "हम चाहते हैं कि प्रशासन डिस्पेंसरी स्थापित करे अन्यथा हम विरोध जारी रखेंगे" प्रिंसिपल, डॉ डी पुरोहित ने कहा, "मैं बहुत चिंतित था, और मेरी प्रतिक्रिया का समय 10 मिनट था। मैं छात्रों की भावनाओं को पूरी तरह से समझता हूं और माफी के संबंध में हम एक जांच समिति का गठन करेंगे और अगर लापरवाही हुई है तो हम निश्चित रूप से माफी मांगेंगे। हालांकि प्रक्रिया में है। छात्रों द्वारा की गई मांगों को लेकर कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की मांगों को पूरा करने के लिए एक पत्र जारी किया है, "छात्रों के मांग पत्र के अनुसार, दिनांक 29.06.2022, कॉलेज प्रशासन, संकाय सदस्य और एनबीबीजीसी, ताडोंग के स्टाफ सदस्य, एतद्द्वारा आपको विश्वास दिलाता हूं कि छात्रों द्वारा रखी गई मांगों को दो महीने के भीतर (छात्रों द्वारा मांगी गई मौखिक समय सीमा के अनुसार) पूरा किया जाएगा। मांग पूरी होने तक अस्थायी व्यवस्था की जाएगी और चिकित्सा प्रयोजनों के लिए वाहन आवंटित किए जाएंगे। पत्र पढ़ता है मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने 28 जून को 20 वर्षीय छात्र के निधन पर शोक व्यक्त किया, "नर बहादुर भंडारी डिग्री कॉलेज में बी.कॉम कर रहे प्रथम वर्ष के छात्र सैम शेरिंग लेपचा का असामयिक निधन एक बहुत बड़ा आघात है। ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार, वह वातस्फीति से पीड़ित था, जिससे फेफड़े खराब हो गए। दुख की इस घड़ी में मैं शोक संतप्त परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।" इसी तरह, 28 जून को सीआरएच में स्थिति का जायजा लेने वाले मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव जैकब खालिंग ने कहा कि, "डॉक्टर से मौत का कारण या कारण पूछने पर, वह वातस्फीति नामक एक गैर-इलाज योग्य बीमारी से पीड़ित थे। यह एक फेफड़ों की स्थिति है जो सांस की तकलीफ का कारण बनती है। वातस्फीति वाले लोगों में, फेफड़ों (एल्वियोली) में हवा की थैली क्षतिग्रस्त हो जाती है। समय के साथ, वायुकोशों की आंतरिक दीवारें कमजोर हो जाती हैं और टूट जाती हैं - कई छोटे स्थानों के बजाय बड़े वायु स्थान बनाते हैं। यह फेफड़ों के सतह क्षेत्र को कम करता है और बदले में, आपके रक्त प्रवाह तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा को कम करता है।" ऑल सिक्किम स्टूडेंट्स वेलफेयर फोरम ने 29 जून को उनकी मौत पर कहा, 'डेंटम वेस्ट सिक्किम के नर बहादुर भंडारी डिग्री कॉलेज के एक छात्र श्री सैम शेरिंग लेपचा की मौत के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ है। "ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार जानकारी के अनुसार वह वातस्फीति से पीड़ित थे, लेकिन यहां मुख्य बात यह है कि अगर वह उस बीमारी से पीड़ित थे तो भी कॉलेज में आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने पर उन्हें बचाया जा सकता था। हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/yeO2GkX Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/ECjcKMP visit website : https://ift.tt/6eVIFvy via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=5E7h3ccIkec |
| भारतीय रिज़र्व बैंक, गंगटोक ने 29 जून, 2022 को पाकयोंग में एमएसएमई पर टाउन हॉल बैठक आयोजित की Posted: 29 Jun 2022 05:33 AM PDT भारतीय रिज़र्व बैंक, गंगटोक ने 29 जून, 2022 को पाकयोंग में एमएसएमई पर टाउन हॉल बैठक आयोजित की सिक्किम से संवाददाता दीपक फुएल की खबर एमएसएमई क्षेत्र के लिए टाउन हॉल बैठक भारतीय रिजर्व बैंक, गंगटोक द्वारा 29 जून, 2022 को पाकयोंग में बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता श्री किशोर परियार, महाप्रबंधक और प्रभारी अधिकारी, आरबीआई गंगटोक ने की। बैठक में MSME-DI, KVIC, DIC, SIDBI, लीड बैंक, स्थानीय बैंक शाखाओं, SEED प्रतिनिधियों और उद्यमियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। श्री ऋत्विज शर्मा, प्रभारी प्रबंधक, सिडबी, सिक्किम ने मुद्रा, स्टैंड अप इंडिया और राष्ट्रीय पशुधन मिशन जैसी सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा, उन्होंने सूक्ष्म और लघु उद्यम (सीजीटीएमएसई) के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के तहत उपलब्ध सुविधा के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया, जिसके तहत उधारकर्ता 1.5% के वार्षिक प्रीमियम का भुगतान करके अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों से 2 करोड़ रुपये तक सीजीटीएमएसई गारंटीकृत संपार्श्विक मुक्त ऋण प्राप्त कर सकते हैं। ऋण राशि का 2.5%। श्री डी आर शर्मा, सहायक निदेशक, एमएसएमई-डीआई ने मंच को एमएसएमई क्लस्टर विकास कार्यक्रम और क्लस्टर के लिए उपलब्ध विभिन्न लाभों (न्यूनतम 10 एमएसएमई इकाइयों) के बारे में अवगत कराया। इसके अलावा, श्री शर्मा ने उद्यमियों से विभिन्न सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए 'उद्यम पंजीकरण' के तहत पंजीकरण करने का आग्रह किया। श्रीमती साले आशुली पाओ, निदेशक, केवीआईसी ने मंच को प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के बारे में बताया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए स्वरोजगार उद्यम/परियोजनाओं/सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करना है। पीएमईजीपी योजना का संशोधित नियम विनिर्माण इकाई के लिए अधिकतम सीमा को बढ़ाकर 50 लाख और सेवा इकाइयों को 20 लाख तक बढ़ाकर अधिक इकाइयों को इसके दायरे में लाता है। श्री सी एम छेत्री, निरीक्षक, डीआईसी, सिक्किम सरकार, ने राज्य प्रायोजित कुशल युवा स्टार्ट-अप योजना (एसवाईएसएस) के बारे में बात की है और उद्यमियों के संदेह को स्पष्ट किया है। मंच के दौरान श्रीमती चुजाचेन, पाकयोंग की एक उद्यमी होमिका गुरुंग ने उभरते उद्यमियों के साथ खानपान के बारे में अपनी सफलता की कहानी साझा की। श्री किशोर परियार, जीएम और ओआईसी, आरबीआई ने अपने मुख्य भाषण में एमएसएमई क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं, प्रधान मंत्री रोजगार गारंटी कार्यक्रम और उद्यमियों को दिए गए अन्य बैंक ऋण के बारे में बताया। उन्होंने ऋण प्राप्त करने में विभिन्न हितधारकों की सहायता लेने के बारे में भी बताया। ऋण लेने वाले के कर्तव्य और अधिकार, ऋण का समय पर वितरण कैसे सुनिश्चित किया जाए आदि। टाउन हॉल मीटिंग आयोजित करने का मुख्य फोकस उद्यमियों के बीच बैंकिंग सुविधाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना, बिना बैंक वाले उद्यमियों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना और हितधारकों के बीच दो-तरफा संचार के लिए एक मंच बनाना था। उद्यमियों द्वारा उठाए गए बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने में कठिनाइयों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई और उनका मौके पर समाधान किया गया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अनीत थापा के बीजीपीएम ने जीटीए चुनाव 2022 जीता Posted: 29 Jun 2022 05:30 AM PDT अनीत थापा के बीजीपीएम ने जीटीए चुनाव 2022 जीतासिक्किम से संवाददाता दीपक फुएल की खबर दार्जिलिंग, 29 जून: गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन चुनाव के परिणाम पहाड़ियों में घोषित किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, अनीत थापा के नेतृत्व वाले भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) ने कुल 45 सीटों में से 27 सीटों पर जीत हासिल की। इस बीच, अजॉय एडवर्ड के नेतृत्व वाली हमरो पार्टी ने 08 सीटें जीतीं, तृणमूल कांग्रेस ने 05 सीटें जीतीं और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 5 सीटें जीतीं। परिणाम घोषित होने के बाद बीजीपीएम के समर्थक पूरे जोश में जश्न मनाते देखे गए। घोषणा के अनुसार, विजेता उम्मीदवार हैं: भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा: 1. नॉर्डन शेरपा (रिम्बिक-लोधोमा निर्वाचन क्षेत्र) 2.अनोस थापा (सोनाडा-पचेंग निर्वाचन क्षेत्र) 3. योगेंद्र प्रधान (लेबोंग-बादामतम निर्वाचन क्षेत्र) 4. अरुण सिंची (सौरीनी-मिरिक निर्वाचन क्षेत्र) 5. मणि कुमार राय (तकलिंग-पेशोक निर्वाचन क्षेत्र) 6.सतीश पोखरेल (रैलिंग कैजलिया निर्वाचन क्षेत्र) 7. धंडुप पखरीन (तखदह-तीस्ता घाटी निर्वाचन क्षेत्र) 8. दावा तेनजी (अल्गरा निर्वाचन क्षेत्र) 9. सेनोरा नामचू (चिबो निर्वाचन क्षेत्र) 10. रतन थापा (मंगपू निर्वाचन क्षेत्र) 11. अनीत थापा (कुर्सियांग निर्वाचन क्षेत्र) 12. हेमंत राय (रेली - समथर) 13.कमल सुब्बा (पेडोंग निर्वाचन क्षेत्र) 14.अमर छेत्री (कुमाई-समसिंग चाय बागान निर्वाचन क्षेत्र) 15. संचाबीर सुब्बा (निंबोंग गिटदाबलिंग निर्वाचन क्षेत्र) 16. उदय दीवान (सुखिया-माने भंजंग निर्वाचन क्षेत्र) 17. अंजू चौहान (नगरी-धजिया निर्वाचन क्षेत्र) ) 18. संदीप छेत्री (चुंगटोंग मैरीबोंग निर्वाचन क्षेत्र) 19. हरका मान छेत्री (वार्ड नंबर 44) 20. संचाबीर सुब्बा (वार्ड नंबर 41) 21. लकपा नामग्याल भूटिया (वार्ड नंबर 45) 22.पार्थी नोबेल बोमज़ोन (पोखरेबोंग चामोंग) 23.रतन थापा भूटिया, (कलिम्पोंग वार्ड नं. 43) 24.नूरी शेरपा (तुंग सेंट मेरीज निर्वाचन क्षेत्र) 25. नूरी शेरपा (तुंग सेंट मैरी निर्वाचन क्षेत्र) 26. राजेश चौहान (रंगबुल निर्वाचन क्षेत्र) 27. श्याम शेरपा (कुर्सियांग-देवराली निर्वाचन क्षेत्र) हमरो पार्टी: 1. अजॉय एडवर्ड- सदर 3 2. रॉबर्ट छेत्री- सदर 2 3. प्रतिम सुब्बा - सदर 1 4.भूपेंद्र छेत्री: गोके बिजनबारी 5. जितेन राय - पंडम, फु शेरिंग 6. सनी तमांग: तकदह - ग्लेनबर्न 7. रूबेन दास प्रधान- सदर 4 8. प्रभास्कर ब्लों, घूम जोरेबंगला यू निर्दलीय उम्मीदवार: 1. पलदेन तमांग (पुडुंग खासमहल सिंदेबोंग निर्वाचन क्षेत्र) 2. बिकाश राय (भालुखोप-कालिम्पोंग निर्वाचन क्षेत्र) 3. सूरज राय (सिंगामारी-तुकवर निर्वाचन क्षेत्र) 4.कुमार शर्मा (लावा-लिंग्से निर्वाचन क्षेत्र) 5. भीरे राय (मानसोंग - रामफू निर्वाचन क्षेत्र) तृणमूल कांग्रेस : 1. बिनय तमांग (दली-ब्लूमफील्ड निर्वाचन क्षेत्र) 2. सुमन गुरुंग (बोंग-दुरपिन निर्वाचन क्षेत्र) 3.ध्रुव बोमजोन (सेयोक- ओकैती निर्वाचन क्षेत्र) 4. मिलेश राय (मिरिक-थुरबो निर्वाचन क्षेत्र) 5. प्राणेश तिर्की (सुकुना - पानीघाट निर्वाचन क्षेत्र)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jun 2022 05:21 AM PDT
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| छात्र की अचानक मौत पर एनबीबीडीसी के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन: कॉलेज प्रशासन जांच करेगा स्थापित Posted: 29 Jun 2022 04:36 AM PDT छात्र की अचानक मौत पर एनबीबीडीसी के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन: कॉलेज प्रशासन जांच करेगा स्थापितसिक्किम से संवाददाता दीपक फुएल की खबर20 वर्षीय बी.कॉम की अचानक मौत ने नर बहादुर डिग्री कॉलेज के छात्रों और कॉलेज प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है. 28 जून को, सैम शेरिंग लेप्चा ने नर भाधुर भंडारी डिग्री कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की, रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मिली जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े दस बजे वह कॉलेज भवन के अंदर बेहोश हो गया, फिर उसे केंद्रीय रेफरल अस्पताल ले जाया गया और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उनके निधन के एक दिन बाद 29 जून को छात्र प्रशासन से लिखित माफी की मांग करते हुए कॉलेज परिसर के अंदर जमा हो गए और चिकित्सा पेशेवरों के साथ कॉलेज के अंदर एक औषधालय की तत्काल स्थापना की मांग की। मीडिया को संबोधित करते हुए, मृतक के एक सहपाठी ने कहा, "मैं सैम त्शेरिंग का सबसे अच्छा दोस्त हूं, हम कक्षा 6 से एक साथ पढ़ रहे हैं और कल की घटना चौंकाने वाली थी, मौत का कारण जो भी हो, लेकिन उसे बता दिया जाता। तत्काल चिकित्सा ध्यान और बचाया जा सकता था।" 28 जून की घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "कल उनके बेहोश होने के बाद हमने एक शिक्षक से मदद मांगी, लेकिन हमने महसूस किया कि शिक्षकों ने उपेक्षा की और ज्यादा ध्यान नहीं दिया और कुछ समय बाद प्रिंसिपल पहुंचे, और उन्होंने हमें अपना वाहन प्रदान किया और फिर कुछ मिनटों के बाद एक ऑल्टो कार को मैनेज किया गया, और हमने कॉलेज परिसर से सीआरएच के लिए शुरुआत की, लेकिन मुख्य समस्या यह थी कि बीमारी की गंभीरता के बावजूद ऑल्टो चालक ने दौड़ने की जहमत नहीं उठाई और बाद में जब हम अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर उसे मृत्यु घोषित कर दिया" 20 साल के छात्र की मौत के बाद छात्रों ने कॉलेज के फैकल्टी और प्रशासक से लिखित माफी की मांग की है, 'हम संकायों और कॉलेज प्रशासकों से लिखित माफी चाहते हैं, जिसमें कहा गया है, 'हमने गलती की है, हमने नहीं किया मामले को गंभीरता से लें' माफी पर उल्लेख किया जाना चाहिए और मृतक की मां को विशेष माफी दी जानी चाहिए। इसके अलावा, छात्रों ने डॉक्टर और एम्बुलेंस के साथ-साथ औषधालय की तत्काल स्थापना की भी मांग की, "हम चाहते हैं कि प्रशासन डिस्पेंसरी स्थापित करे अन्यथा हम विरोध जारी रखेंगे" प्रिंसिपल, डॉ डी पुरोहित ने कहा, "मैं बहुत चिंतित था, और मेरी प्रतिक्रिया का समय 10 मिनट था। मैं छात्रों की भावनाओं को पूरी तरह से समझता हूं और माफी के संबंध में हम एक जांच समिति का गठन करेंगे और अगर लापरवाही हुई है तो हम निश्चित रूप से माफी मांगेंगे। हालांकि प्रक्रिया में है। छात्रों द्वारा की गई मांगों को लेकर कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की मांगों को पूरा करने के लिए एक पत्र जारी किया है, "छात्रों के मांग पत्र के अनुसार, दिनांक 29.06.2022, कॉलेज प्रशासन, संकाय सदस्य और एनबीबीजीसी, ताडोंग के स्टाफ सदस्य, एतद्द्वारा आपको विश्वास दिलाता हूं कि छात्रों द्वारा रखी गई मांगों को दो महीने के भीतर (छात्रों द्वारा मांगी गई मौखिक समय सीमा के अनुसार) पूरा किया जाएगा। मांग पूरी होने तक अस्थायी व्यवस्था की जाएगी और चिकित्सा प्रयोजनों के लिए वाहन आवंटित किए जाएंगे। पत्र पढ़ता है मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने 28 जून को 20 वर्षीय छात्र के निधन पर शोक व्यक्त किया, "नर बहादुर भंडारी डिग्री कॉलेज में बी.कॉम कर रहे प्रथम वर्ष के छात्र सैम शेरिंग लेपचा का असामयिक निधन एक बहुत बड़ा आघात है। ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार, वह वातस्फीति से पीड़ित था, जिससे फेफड़े खराब हो गए। दुख की इस घड़ी में मैं शोक संतप्त परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।" इसी तरह, 28 जून को सीआरएच में स्थिति का जायजा लेने वाले मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव जैकब खालिंग ने कहा कि, "डॉक्टर से मौत का कारण या कारण पूछने पर, वह वातस्फीति नामक एक गैर-इलाज योग्य बीमारी से पीड़ित थे। यह एक फेफड़ों की स्थिति है जो सांस की तकलीफ का कारण बनती है। वातस्फीति वाले लोगों में, फेफड़ों (एल्वियोली) में हवा की थैली क्षतिग्रस्त हो जाती है। समय के साथ, वायुकोशों की आंतरिक दीवारें कमजोर हो जाती हैं और टूट जाती हैं - कई छोटे स्थानों के बजाय बड़े वायु स्थान बनाते हैं। यह फेफड़ों के सतह क्षेत्र को कम करता है और बदले में, आपके रक्त प्रवाह तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा को कम करता है।" ऑल सिक्किम स्टूडेंट्स वेलफेयर फोरम ने 29 जून को उनकी मौत पर कहा, 'डेंटम वेस्ट सिक्किम के नर बहादुर भंडारी डिग्री कॉलेज के एक छात्र श्री सैम शेरिंग लेपचा की मौत के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ है। हमने श्री लेपचा के करीबी दोस्तों से सुना है कि शिक्षकों ने वाहन के लिए मना कर दिया और प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, और उन्हें श्री लेपचा को अस्पताल ले जाने के लिए एक वाणिज्यिक वाहन किराए पर लेना पड़ा।" "जो कॉलेज राज्य का सबसे पुराना उच्च शिक्षण संस्थान है, उसमें डिस्पेंसरी नहीं थी, जो वास्तव में एक दुखद वास्तविकता है क्योंकि यह राज्य का सबसे पसंदीदा सरकारी कॉलेज भी है और जनता यह मानती है कि यह संस्थान अच्छी तरह से सुसज्जित है। एक शिक्षण संस्थान को सभी सुविधाओं की आवश्यकता होती है, लेकिन इस घटना ने साबित कर दिया है कि संस्थान में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का भी अभाव है।" "ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार जानकारी के अनुसार वह वातस्फीति से पीड़ित थे, लेकिन यहां मुख्य बात यह है कि अगर वह उस बीमारी से पीड़ित थे तो भी कॉलेज में आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने पर उन्हें बचाया जा सकता था।" बयान जोड़ा 28 जून को रिफॉर्म कॉल के अल्बर्ट गुरुंग ने कहा, "नर बहादुर भंडारी डिग्री कॉलेज, तडोंग के 20 वर्षीय छात्र सैम शेरिंग लेपचा के असामयिक निधन की खबर बहुत दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। हम युवा छात्र के माता-पिता, परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। एक युवा जीवन का नुकसान बेहद दर्दनाक है, और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए कि इस तरह की त्रासदी किसी अन्य व्यक्ति पर न हो।" नर बहादुर भंडारी डिग्री कॉलेज राज्य का एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है और 4000 से अधिक उम्मीदवारों को पूरा करता है। छात्रों की इतनी सघनता वाले किसी भी केंद्र में प्राथमिक स्वास्थ्य प्रत्युत्तर और परिसर में उत्पन्न होने वाली किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति का जवाब देने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं होनी चाहिए। यह शायद एक गंभीर सवाल है जिसे न केवल संबंधित कॉलेज के लिए बल्कि राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए पूछे जाने की जरूरत है।" उसने जोड़ा "हम अपने सबक सीखने के लिए एक त्रासदी की प्रतीक्षा नहीं कर सकते हैं, लेकिन इस तरह की त्रासदियों को किसी पर पड़ने से बचाने के लिए अपनी योजना में विचारशील होने की आवश्यकता है।" अपना बयान जोड़ा सिक्किम डेमोक्रेटिक पार्टी के छात्र मोर्चा के महासचिव सूरज खालिंग ने कहा, "यह एक भयानक त्रासदी है कि हमने आज एक साथी छात्र श्री सैम शेरिंग लेपचा को खो दिया है। श्री सैम शेरिंग 20 वर्ष के थे और वर्तमान में दूसरे सेमेस्टर (बी.कॉम) में नर बहादुर भंडारी डिग्री कॉलेज में पढ़ रहे थे। उनके असामयिक निधन के कारण अभी भी अज्ञात हैं, लेकिन ऐसा माना जाता है कि कॉलेज परिसर से सेंट्रल रेफरल अस्पताल ले जाते समय उन्होंने अंतिम सांस ली, जहां वे अचानक गिर गए। आरोप है कि अगर कॉलेज परिसर में मेडिकल इमरजेंसी के लिए परिवहन का कोई साधन तैयार होता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। ऐसा ही दुर्भाग्यपूर्ण मामला राजधानी सिक्किम के बीचों-बीच सामने आया है, जहां एसटीएनएम और सेंट्रल रेफरल अस्पताल जैसे अस्पताल हैं। तब मांगशिला, गेजिंग और सोरेंग जैसे क्षेत्रों में छात्रों के लिए क्या मामला हो सकता है? इस घटना ने शिक्षा विभाग और सिक्किम सरकार के प्रशासन को गंभीरता से लेने के लिए कई सवाल खड़े किए हैं। "हम मांग करते हैं कि सरकार सिक्किम के प्रत्येक कॉलेज में तुरंत एक वाहन प्रदान करे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी अन्य परिवार को चिकित्सा आपात स्थिति में देर से इलाज के कारण अपने बेटे या बेटी को खोना न पड़े। हम यह भी मांग करते हैं कि श्री सैम शेरिंग लेप्चा के निधन के कारणों की जांच करने के साथ-साथ सिक्किम के सभी कॉलेज परिसरों में चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति का अध्ययन करने के लिए एक जांच समिति बनाई जाए। स्कूलों और कॉलेजों में बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा भी सिखाई जानी चाहिए, जैसे कि कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) ताकि छात्र कार्डियक अरेस्ट के मामले में दूसरे की सहायता कर सकें। एसडीएफ सरकार के दौरान एनबीबीडीसी को एक औषधालय प्रदान किया गया था, लेकिन यह हमारे संज्ञान में आया है कि अब औषधालय बंद हो गया है। औषधालय को भी तुरंत चालू किया जाना चाहिए ताकि छात्र अपने परिसर में ही चिकित्सा सहायता और दवा प्राप्त कर सकें। उसने जोड़ा श्री सैम शेरिंग ने बहुत जल्द अपना जीवन खो दिया, और सिक्किम के छात्र निकाय के लिए अपने अकादमिक करियर की शुरुआत में एक उज्ज्वल युवा छात्र को खोना एक बड़ी त्रासदी है। संपूर्ण एसडीएफ पार्टी की ओर से, हम, एसडीएफ छात्र मोर्चा, श्री सैम शेरिंग लेपचा के परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। मिस्टर सैम शेरिंग पश्चिम सिक्किम के डेंटम से थे, और वे मिस्टर पीटी लेप्चा, लोअर बोंगटेन, मानेबोंग डेंटम के पुत्र हैं। हम शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और प्रार्थना करते हैं।" अपना बयान जोड़ा पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, "जांच के दौरान शव की जांच की गई जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और इसके पूरा होने के बाद शव को उसके कानूनी अभिभावक को सौंप दिया गया।" हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| 53 साल की उम्र में पॉक्सो के तहत 15 साल की नाबालिग को परेशान करने का मामला दर्ज Posted: 29 Jun 2022 04:36 AM PDT 53 साल की उम्र में पॉक्सो के तहत 15 साल की नाबालिग को परेशान करने का मामला दर्जसिक्किम से संवाददाता दीपक फुएल की खबर दक्षिण सिक्किम के 53 वर्षीय व्यक्ति को पोक्सो एक्ट 2012 के तहत 28 जून को पुलिस हिरासत में लिया गया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 53 वर्षीय व्यक्ति पर 15 वर्षीय नाबालिग को परेशान करने का आरोप लगाया गया है "15 वर्षीय नाबालिग की एक लिखित रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 53 वर्षीय व्यक्ति नाम के एक व्यक्ति ने उसे गले लगाकर, उसकी सहमति के बिना उसके होंठों को चूमकर परेशान किया, जब वह आरोपी की दुकान से दूध और अन्य किराने का सामान खरीदने जा रही थी। मामले की जांच की जा रही है "पुलिस रिपोर्ट पढ़ता है आरोपी को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और POCSO ACT 2012 की धारा 7/8 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jun 2022 01:49 AM PDT
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| Posted: 29 Jun 2022 01:45 AM PDT तेरे मिलने सेआये हो जब से तुम मेरे जीवन में प्रिये। बदल गया है मेरा सच में ये जीवन। बदलने लगे है अब मेरे को सुनने वाले। जब से आया है मेरे गीतों में स्वर-ताल।। बड़ी मुद्दत के बाद आया है ये निखार। दिया ज्ञान की देवी ने जब मुझे ये वरदान। तभी से खुलकर मैं अब आलापे लेता हूँ। और हर एक स्वर को पकड़ता हूँ नजदीक से।। हुआ ये सब कुछ तबसे जबसे आये हो संग में। बहुत मेहसूस हो रहा सुखद जीवन का आंनद। व्यां मैं कर नहीं सकता इसे अपने शब्दो में। मेरे लिए तो तुम हो जिंदगी का एक वरदान।। जय जिनेंद्र संजय जैन "बीना" मुंबईहमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Jun 2022 01:41 AM PDT
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| Posted: 29 Jun 2022 01:37 AM PDT
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