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- MP Tribal स्कूलों की लिस्ट जो सीएम राइज में विलय होंगे- EDUCATION NEWS TODAY
- शिवराज सिंह के नाम पर गृह जिला में ही वोट नहीं मिले- MP NEWS
- INDORE में विजयवर्गीय का बंगला खाली करो रक्षा मंत्रालय को हाईकोर्ट का आदेश- NEWS TODAY
- SAGAR पर प्रह्लाद पटेल का कब्जा, राजपूत, भार्गव और भूपेंद्र किनारे लगे- MP NEWS
- महिला बाल विकास के प्रोजेक्ट ऑफिसर, ओवरस्मार्टनेस के कारण जुर्माना बढ़ गया - GWALIOR HC NEWS
- छुट्टी या ट्रेनिंग पर गए शिक्षकों की जगह अतिथि शिक्षकों की भर्ती होगी- MP NEWS
- ITARSI-NAGPUR रेलवे ट्रैफिक जाम, पानी में डूबी पटरियां- MP NEWS
- मध्य प्रदेश के रामविलास बनना चाहते हैं नारायण त्रिपाठी, सिंधिया के समकक्ष- MP NEWS
- MP NEWS- तवा डैम के 10 गेट खुले, 8 जिलों में बाढ़ का अलर्ट, नर्मदा नदी से दूर रहिए
- Small Business Ideas- 25 हजार की पूंजी, 25 हजार महीने की इनकम
- लग्जरी कार के दरवाजे से ढअप आवाज कैसे आती है- Amazing facts in hindi
| MP Tribal स्कूलों की लिस्ट जो सीएम राइज में विलय होंगे- EDUCATION NEWS TODAY Posted: 15 Jul 2022 01:22 AM PDT भोपाल। मध्य प्रदेश शासन के कार्यालय आयुक्त जनजातीय कार्य द्वारा सर्कुलर नंबर 14454 दिनांक 14 जुलाई 2022 के माध्यम से उन स्कूलों की लिस्ट जारी कर दी है जिनका विलय सीएम राइज स्कूलों में किया जा रहा है। उपायुक्त/नोडल अधिकारी सीएम राइज जनजातीय कार्य मध्यप्रदेश के हस्ताक्षर से सभी सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के नाम जारी पत्र में बताया गया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में कुल 35 स्कूलों का चयन सीएम राइज योजना के तहत हुआ है। स्कूलों में, इनके आसपास संचालित ऐसे सभी स्कूलों का विलय किया जाना है जिन में विद्यार्थियों की संख्या सबसे कम है। यह लिस्ट डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट और संबंधित ऑफिस में उपलब्ध है। उपायुक्त ने अपने पत्र के साथ एक लिस्ट भी अटैच की है। जिसमें उन सभी स्कूलों के नाम लिखे हुए हैं जहां पर विद्यार्थियों की संख्या 100 से कम है और जिन का विलय सीएम राइज स्कूल में किया जाना है। यह लिस्ट वेरिफिकेशन के लिए भेजी गई है। असिस्टेंट कमिश्नर ट्राईबल की तरफ से वेरीफाइड होने के बाद स्कूलों के विलय की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। |
| शिवराज सिंह के नाम पर गृह जिला में ही वोट नहीं मिले- MP NEWS Posted: 15 Jul 2022 12:57 AM PDT भोपाल। मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव में दिग्गजों की पोल खोल कर रख दी है। कहा जाता है कि शिवराज सिंह चौहान के नाम पर मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को वोट मिलते हैं लेकिन यदि सीहोर पंचायत चुनाव के आंकड़े देखें तो शिवराज सिंह के नाम पर उनके गृह जिले में लोगों ने वोट नहीं दिए। शिवराज सिंह का फैसला गलत साबितमध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव में किसी भी पार्टी का टिकट नहीं मिलता लेकिन चुनाव फिर भी पार्टी के आधार पर ही होता है। सीहोर जिला पंचायत में 17 वार्ड हैं। यह शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला है। स्वभावी के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने की अनुमति शिवराज सिंह की तरफ से ही मिली होगी। उनका फैसला गलत साबित हुआ क्योंकि उन से बगावत करके चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार जीत गए हैं। कमलनाथ की तरह शिवराज सिंह को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिलाजो हालत छिंदवाड़ा में कमलनाथ की हुई, उससे थोड़ी खराब हालत शिवराज सिंह की सीहोर जिले में है। छिंदवाड़ा में 26 सीटों में से 12 सीट कांग्रेस के पास और 11 भाजपा के पास हैं। किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। सीहोर में 17 सीटों में से 7 सीटें भाजपा और कांग्रेस के पास है। किसी को बहुमत नहीं मिला। अब शिवराज सिंह को यदि अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाना है तो बागियों को मनाना पड़ेगा नहीं तो कांग्रेस की जिला सरकार पक्की है। |
| INDORE में विजयवर्गीय का बंगला खाली करो रक्षा मंत्रालय को हाईकोर्ट का आदेश- NEWS TODAY Posted: 15 Jul 2022 01:06 AM PDT इंदौर। मध्य प्रदेश की इंदौर हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने रक्षा मंत्रालय की एक अपील निरस्त करते हुए उस पर 20 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई है। हाई कोर्ट ने कहा कि 12 साल पहले मंत्रालय ने संपत्ति मालिक प्रेमशंकर विजयवर्गीय, गोपालकृष्ण विजयवर्गीय के तीन बंगलों का अधिग्रहण किया था। इतने सालों से अधिग्रहण के बदले मुआवजा नहीं दिया। डिवीजन बेंच ने अपील निरस्त करते हुए कहा कि या तो मुआवजा दिया जाए या फिर अधिग्रहित संपत्ति उनके मालिकों को लौटा दी जाए। वहीं, जो कॉस्ट लगाई है, उसमें से 10 हजार रुपए जमीन मालिकों को दे दिए जाएं और बाकी के रुपए विधिक सेवा प्राधिकरण के पास जमा कराए जाएं। प्रशासनिक जज विवेक रूसिया, जस्टिस अमरनाथ केशरवानी की डिवीजन बेंच ने यह आदेश दिए हैं। विजयवर्गीय परिवार की ओर से अधिवक्ता अभिनव मल्होत्रा ने पैरवी की, जबकि रक्षा मंत्रालय की ओर से अधिवक्ता हिमांशु जोशी ने तर्क रखे थे। 2009 में रक्षा मंत्रालय ने महू में ढाई हेक्टेयर जमीन पर बने बंगलों का अधिग्रहण किया था। इनमें से एक बंगले में लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के अफसर रहते हैं, जबकि दो बंगलों को जोड़कर उसमें दफ्तर संचालित किया जा रहा है। 1 अप्रैल 2009 की स्थिति में 1 करोड़ 30 लाख 57 हजार रुपए से अधिक मुआवजा बना था। 12 साल में यह पैसा नहीं मिला। 12 फीसदी ब्याज दर के साथ यह पैसा अब सवा तीन करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। इसके पूर्व विजयवर्गीय परिवार ने सिंगल बेंच में मुआवजे के लिए अर्जी लगाई थी। सिंगल बेंच ने भी कहा था कि रक्षा मंत्रालय मुआवजा नहीं देने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहा है। छह महीने में मुआवजा देने के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ मंत्रालय ने अपील पेश की थी। डिवीजन बेंच ने अपील सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को यथावत तो रखा ही, बल्कि कास्ट भी लगाई है। वहीं भुगतान न करने पर संपत्ति लौटाने के लिए भी कहा है। |
| SAGAR पर प्रह्लाद पटेल का कब्जा, राजपूत, भार्गव और भूपेंद्र किनारे लगे- MP NEWS Posted: 15 Jul 2022 12:45 AM PDT भोपाल। जिला पंचायत के चुनाव परिणाम मध्यप्रदेश में राजनीति का चित्र बदल रहे हैं। जिले के पावरफुल नेताओं की लिस्ट बदल रही है। सागर जिला मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह का माना जाता था। सिंधिया की कृपा से इस लिस्ट में गोविंद सिंह राजपूत का नाम भी जुड़ गया लेकिन जिला पंचायत के नतीजे बताते हैं कि सागर पर प्रह्लाद पटेल का कब्जा हो गया है। सागर जिला पंचायत के चुनाव में सबसे ज्यादा किरकिरी ज्योतिरादित्य सिंधिया की कृपा से शिवराज सिंह सरकार में परिवहन मंत्री बने गोविंद सिंह राजपूत की हुई। उनका भतीजा टिंकू राजा ना केवल चुनाव हार गया बल्कि एक ऐसे प्रत्याशी से चुनाव हार गया जिसे केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल का आशीर्वाद प्राप्त है। पॉलिटिक्स यह भी है कि गोविंद सिंह राजपूत ने अपने भाई को निर्विरोध चुनाव जिताया। इसके लिए उन्हें मंत्री भूपेंद्र सिंह के साथ मीटिंग भी करनी पड़ी। सवाल उठना लाजमी है कि टिंकू राजा के लिए प्रहलाद पटेल से मीटिंग क्यों नहीं की। फिलहाल जिला पंचायत में मंत्री प्रह्लाद पटेल के समर्थक सदस्यों की संख्या सबसे ज्यादा है। दूसरे नंबर पर मंत्री गोपाल भार्गव के सदस्य। गोविंद सिंह राजपूत अपने भाई को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। इस समीकरण के कारण मंत्री भूपेंद्र सिंह खेल से बाहर हो गए हैं। अब सीधा मुकाबला प्रह्लाद पटेल और गोविंद सिंह राजपूत के बीच है। दोनों भारतीय जनता पार्टी के नेता है। बात सिर्फ जिला पंचायत की नहीं है बल्कि पूरे सागर की है। फैसला हो जाएगा, सागर पर किस की सत्ता कायम होगी। EXTRA SHOT- प्रह्लाद पटेल- दमोह में दम नहीं दिखा पाए, हार गएदमोह जिला पंचायत में कौन अपना अध्यक्ष बनाएगा, ये निर्दलीय तय करेंगे। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के संसदीय क्षेत्र की इस जिला पंचायत में कांग्रेस ने 5 वार्ड में, BJP ने 4 वार्ड में जीत दर्ज की है, जबकि 6 निर्दलीय जीते हैं। |
| महिला बाल विकास के प्रोजेक्ट ऑफिसर, ओवरस्मार्टनेस के कारण जुर्माना बढ़ गया - GWALIOR HC NEWS Posted: 15 Jul 2022 12:07 AM PDT ग्वालियर। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी अब्दुल गफ्फार की ओवरस्मार्टनेस भारी पड़ गई। हाई कोर्ट ने उन पर जुर्माना लगाया था। उन्होंने जुर्माना माफी का आवेदन लगा दिया। हाईकोर्ट ने जुर्माना माफ करने के बजाए ₹10000 और बढ़ा दिया। मामला भिंड जिले में एक महिला कर्मचारी सुधा जादौन का है। सुधा मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में ANM के पद पर पदस्थ थीं। महिला एवं बाल विकास विभाग को उनकी सेवाओं की जरूरत पड़ी तो उन्हें प्रतिनियुक्ति पर बुला लिया गया। 31 मार्च 2020 को सुधा रिटायर हो गई। रिटायरमेंट के समय सुधा महिला एवं बाल विकास विभाग में सेवाएं दे रही थीं। डिपार्टमेंट में उनके मूल विभाग में नहीं भेजा था। जब पेंशन देने की बारी आई तो महिला एवं बाल विकास विभाग मुकर गया। मामला हाईकोर्ट में आ गया। परियोजना अधिकारी ने हाईकोर्ट को बताया कि सुधा जादौन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हैं, इसलिए उनकी पेंशन देने की जिम्मेदारी भी स्वास्थ्य विभाग की ही होगी। सुनवाई की प्रक्रिया के दौरान हाईकोर्ट ने भिंड के परियोजना अधिकारी अब्दुल गफ्फार ने समय मांगा। हाईकोर्ट ने ₹25000 राशि जमा कराने की शर्त रखी। प्रोजेक्ट ऑफिसर ने इसे माफ करने के लिए आवेदन लगा दिया। हाईकोर्ट ने आवेदन को खारिज करते हुए राशि माफ करने के बजाय ₹10000 बढ़ा दी। अब अब्दुल गफ्फार साहब को दिनांक 18 जुलाई तक ₹35000 जमा कराने हैं। |
| छुट्टी या ट्रेनिंग पर गए शिक्षकों की जगह अतिथि शिक्षकों की भर्ती होगी- MP NEWS Posted: 15 Jul 2022 12:11 AM PDT भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के खाली पद पर अतिथि शिक्षकों को रखे जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। खास बात है कि छुट्टी या ट्रेनिंग पर गए टीचर की जगह भी अब स्कूलों में अतिथि शिक्षक रखे जाएंगे। गौरतलब है कि शुक्रवार 15 जुलाई से स्कूल में भर्ती को लेकर अपडेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि यदि स्कूल में 15 दिन की छुट्टी या ट्रेनिंग पर गए रेगुलर शिक्षक की जगह भी अतिथि शिक्षक रखे जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया 15 जुलाई से 26 जुलाई तक चलेगी। उल्लेखनीय है कि राजधानी भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना ने अपने नियमित शिक्षकों को MEd के लिए रिलीव करने से मना कर दिया था। उनका कहना था कि उनके पास शिक्षकों की पहले से ही कमी है। वह ट्रेनिंग के लिए शिक्षकों को छुट्टी नहीं दे सकते। लोक शिक्षण संचालनालय ने उनकी समस्या का समाधान कर दिया है। यहां क्लिक करके मध्यप्रदेश अतिथि शिक्षकों की भर्ती का शेड्यूल पढ़िए. |
| ITARSI-NAGPUR रेलवे ट्रैफिक जाम, पानी में डूबी पटरियां- MP NEWS Posted: 15 Jul 2022 12:16 AM PDT भोपाल। मध्य प्रदेश से नागपुर महाराष्ट्र की तरफ जाने वाला रेलवे ट्रैफिक जाम हो गया है। इटारसी और नागपुर के बीच में रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में लगातार बारिश होने के कारण हालात चिंताजनक हो गए हैं। इटारसी शहर में भी पानी भर गया है। कई मोहल्ले एवं कॉलोनियों में सड़कें बरसाती नदी जैसी बन गई है। इटारसी रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर भी पानी भर गया है। इटारसी से नागपुर रेल रूट पर कीरतगढ़-ताकू के बीच ट्रैक पर पानी आ गया। गाड़ी संख्या 20806 नई दिल्ली-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस और 12616 नई दिल्ली-चेन्नई जीटी एक्सप्रेस को इटारसी स्टेशन से डायवर्ट रूट वाया खंडवा-बडनेरा-वर्धा-बल्लारशाह होकर चलाया जा रहा है। इटारसी में देर रात से हो रही बारिश की वजह से न्यू यार्ड डबल स्टोरी के पीछे वैशाली नगर में लोगों के घरों में पानी घुस गया। इंदिरा नगर, पुरानी इटारसी देवल मंदिर के पास 4 से 5 फीट तक जल जमाव हो गया। नर्मदा नदी पर बना तवा डैम फुल टैंक लेवल के नजदीक पहुंच गया है। बांध का अधिकतम लेवल 1166 सीट है और फिलहाल बांध में 1158 फीट पानी भरा हुआ है। यानी कि बांध ओवरफ्लो होने की स्थिति में आ गया है इसके कारण तवा डैम के एक साथ 10 गेट खोल दिए गए। नतीजा नर्मदा नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है। सरकार ने होशंगाबाद, धार, आलीराजपुर, हरदा, देवास, सीहोर, रायसेन और खंडवा जिलों में नर्मदा के किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी किया है। किनारे खाली कर देने के लिए कहा गया है। मध्यप्रदेश में राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जा चुका है। बाढ़ और जलभराव की जानकारी देने के लिए इमरजेंसी टोल फ्री नंबर 1070 और 1079 पर कॉल करके सहायता ली जा सकती है। 52 जिला मुख्यालयों पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) स्थापित किए गए हैं। 96 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) कार्य कर रही है।
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| मध्य प्रदेश के रामविलास बनना चाहते हैं नारायण त्रिपाठी, सिंधिया के समकक्ष- MP NEWS Posted: 14 Jul 2022 10:52 PM PDT भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते, कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के कट्टर समर्थक नारायण त्रिपाठी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। कमलनाथ का साथ देने के बाद भी भाजपा ने उन्हें निष्कासित नहीं किया और कमलनाथ की कुर्सी संकट में आ जाने के बावजूद नारायण त्रिपाठी ने इस्तीफा नहीं दिया। सब कुछ मध्यप्रदेश की पारंपरिक राजनीति से थोड़ा अलग हो रहा है। विंध्य क्षेत्र के नारायण त्रिपाठी कौन हैनारायण त्रिपाठी सतना जिले की मैहर विधानसभा सीट से विधायक हैं। मैहर विधानसभा के बारे में एक मिथक है कि पिछले चुनाव में जो पार्टी हार जाती है, अगले चुनाव में उसी को वोट देते हैं। नारायण त्रिपाठी ने इसका खूब फायदा उठाया। 2003 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़े। पहली बार विधायक बने। तब उन्होंने मिथक पर भरोसा नहीं किया और 2008 में फिर सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। 2013 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े, विधायक बने। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी में आ गए और विधायक बने। नारायण त्रिपाठी के सामने चुनौती क्या हैकुल मिलाकर नारायण त्रिपाठी पार्टी बदल-बदल कर विधायक बन रहे हैं। 2023 में फिर से विधानसभा चुनाव आ रहे हैं। नारायण त्रिपाठी उन सभी पार्टियों का टिकट प्राप्त कर चुके हैं जिनका वोट बैंक मैहर विधानसभा सीट में है। अब यदि किसी आम आदमी पार्टी या बसपा का टिकट चाहेंगे तो सबसे पहले पार्टी का जनाधार बनाना पड़ेगा। विंध्य क्षेत्र को एक नए नेता का इंतजारइस सबके बीच एक इनोवेटिव पॉलिटिकल आईडिया है, जिस पर त्रिपाठी जी काम कर रहे हैं। स्वतंत्र विंध्य प्रदेश की मांग। विंध्य क्षेत्र में 30 विधानसभा सीट आती हैं। यदि इन पर फोकस किया जाए तो मध्य प्रदेश की राजनीति ही बदल जाएगी। पूरे विंध्य में अब कोई बड़ा नेता नहीं है। अजय सिंह राहुल भैया हैं, जो अपनी अकड़ में घूमते रहते हैं। विधानसभा और लोकसभा का चुनाव शर्मनाक तरीके से हार चुके हैं, 2018 के चुनाव में उनके प्रभाव वाली 30 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की दुर्गति हो गई थी लेकिन दिग्विजय सिंह के कारण आज भी क्षेत्रीय क्षत्रप बने हुए हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बराबर हो जायेंगे नारायण त्रिपाठीइधर कमलनाथ, नारायण त्रिपाठी को सपोर्ट कर रहे हैं। यदि नारायण त्रिपाठी अपनी पार्टी बना लेते हैं। विंध्य क्षेत्र की 30 विधानसभा सीटों पर उनकी पार्टी कमलनाथ की कृपा से मजबूती से चुनाव लड़ती है, और जनता का आशीर्वाद मिल गया तो नारायण त्रिपाठी की राजनैतिक हैसियत, ज्योतिरादित्य सिंधिया के बराबर हो जाएगी। नारायण त्रिपाठी मध्यप्रदेश के रामविलास पासवान होंगे। सत्ता किसी भी पार्टी की रहे, पावर त्रिपाठी जी के पास बनी रहेगी। (सिंधिया से तात्पर्य- एक ऐसा नेता जिसके पास सरकार गिराने लायक विधायकों की संख्या हो।) |
| MP NEWS- तवा डैम के 10 गेट खुले, 8 जिलों में बाढ़ का अलर्ट, नर्मदा नदी से दूर रहिए Posted: 14 Jul 2022 09:39 PM PDT होशंगाबाद। मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण आज सुबह तवा डैम के 13 में से 10 गेट खोलने पड़े। नर्मदापुरम में तवा डैम परियोजना के अधिकारी आरके श्रीवास्तव ने बताया कि बांध का गवर्निंग लेवल 1158 तक है। इस बार दो महीने पहले ही गेट खोल दिए गए हैं। बांध का अधिकतम लेवल 1166 फीट है। डैम के गेट खोले जाने से नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ेगा। निचली बस्तियों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है। तवा डैम का पानी नर्मदा नदी में जाता है। इसकी वजह से होशंगाबाद, धार, आलीराजपुर, हरदा, देवास, सीहोर, रायसेन और खंडवा जिले में नर्मदा किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश में 7 दिन तक अच्छी बारिश की संभावना जताई है। यह 15 जुलाई से 21 जुलाई तक रहेगी। मध्यप्रदेश में राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जा चुका है। बाढ़ और जलभराव की जानकारी देने के लिए इमरजेंसी टोल फ्री नंबर 1070 और 1079 पर कॉल करके सहायता ली जा सकती है। 52 जिला मुख्यालयों पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) स्थापित किए गए हैं। 96 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) कार्य कर रही है।
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| Small Business Ideas- 25 हजार की पूंजी, 25 हजार महीने की इनकम Posted: 14 Jul 2022 03:10 PM PDT आज अपन एक ऐसे स्मॉल स्केल बिजनेस के बारे में डिस्कस करेंगे जिसके माध्यम से ना केवल आप इंडिपेंडेंट हो जाएंगे बल्कि कई निर्धन महिलाओं को पार्ट टाइम जॉब भी दे पाएंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें इन्वेस्टमेंट बहुत कम है और डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है। यह तो आपको पता ही है कि भारत में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन हो गए हैं। पॉलिथीन बैग के विकल्प के तौर पर कई तरह के बैग बनाए जा रहे हैं। पेपर बैग बनाने की मशीन लगभग ₹500000 की आती है। इस मशीन से जो पेपर बैग बनते हैं वह महंगे भी होते हैं, इसीलिए मार्केट में पसंद नहीं किए जाते। अपन सिंगल यूज़ पेपर बैग बनाने के प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। सन 1975 से पहले जन्म लेने वाले व्यक्तियों से पूछिए। वह आपको बताएंगे कि पॉलिथीन बैग से पहले कागज के लिफाफे चलते थे। रद्दी अखबार के कागज से लिफाफे बनाए जाते थे। वह घरों में बनाए जाते थे। इसलिए उनकी लागत बहुत कम होती थी। जिसमें 1-2 किलो राशन सामग्री आसानी से आ जाती थी। यह एक प्रकार का पार्ट टाइम गृह उद्योग था जो पॉलिथीन बैग आने के कारण बंद हो गया। आपको सिर्फ इतना करना है कि हैंडमेड पेपर बैग बनाने का तरीका सीखना है जो इंटरनेट पर फ्री में सीखा जा सकता है। फिर यही तरीका अपने आसपास रहने वाली कुछ निर्धन महिलाओं को सिखाना है। उन्हें कच्चा माल देना है और वह खाली समय में हैंडमेड सिंगल यूज पेपर बैग बना कर दे देंगे। यह पेपर बैग कलेक्ट करके आपको अपने एरिया के दुकानदारों को बेच देना है। क्योंकि यह सबसे सस्ते होंगे इसलिए इनकी डिमांड खत्म नहीं होगी बल्कि बढ़ती चली जाएगी। इसके लिए कच्चा माल भी बहुत सस्ता मिलता है क्योंकि बड़ी मशीनों से जो बचा हुआ कागज निकलता है वह रद्दी के भाव में मिल जाता है। आपको सिर्फ सारी चीजें मैनेज करनी है। जैसे-जैसे डिमांड बढ़ती जाएगी आप अपना प्रोडक्शन बढ़ा सकते हैं। ना तो मशीन की जरूरत है और ना ही किसी कारखाने की। |
| लग्जरी कार के दरवाजे से ढअप आवाज कैसे आती है- Amazing facts in hindi Posted: 14 Jul 2022 10:02 PM PDT आपने भी अनुभव किया होगा। सस्ती कारों के दरवाजे बंद करने पर ठन आवाज आती है जबकि महंगी लग्जरी कार का दरवाजा बंद करने पर ढअप आवाज आती है। भोपाल समाचार के एक नियमित पाठक दीपांशु शुक्ला ने प्रश्न किया है कि आवाज में यह अंतर क्यों होता है। आइए पता लगाते हैं:- यह बताने की जरूरत नहीं की ठन और ढअप आवाज के बीच सबसे बड़ा अंतर फीलिंग का होता है। जब आप कार के अंदर सवार हो रहे होते हैं और दरवाजा बंद करने पर ढअप आवाज आती है तो आप खुद को रिच फील करते हैं। सारा खेल साउंड का है। ठन आवाज से वह फीलिंग नहीं आती। साफ समझ में आता है कि कोई लोकल किस्म का लॉक काम कर रहा है। कार निर्माता कंपनियां दरवाजे को बंद करने पर निकलने वाले इस साउंड के लिए पूरी एक स्पेशलिस्ट टीम को अप्वॉइंट करती हैं। कुछ सालों पहले जब नई कार लाइटवेट बनाने के लिए धातु की पतली चादर का उपयोग किया जा रहा था तो दरवाजा बंद करने पर बड़ी अजीब सी आवाज आती थी। इसके कारण एक बेड फीलिंग होती थी। दरअसल, एक स्टडी के दौरान पाया गया कि कार के दरवाजे की आवाज यात्रियों का फील बदल देती है। इसके बाद कंपनियों ने काफी रिसर्च एंड डेवलपमेंट किए और अंत में डिसाइड किया गया की ढअप आवाज लोगों को रिच फीलिंग देती है। इसके लिए दरवाजों में कुछ खास चीजों का उपयोग किया जाने लगा और आज यह आवाज सभी यात्रियों की पसंद बन गई है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में कहा जाता है कि इंजीनियर कार के दरवाजे की मजबूती के लिए इतना काम नहीं करते जितना कार डोर ओपनिंग और क्लोजिंग साउंड के लिए करते हैं, क्योंकि यह डिमांड में हैं और इससे कार की कीमत बढ़ जाती है। प्रत्येक ब्रांड के अपने साउंड इंजीनियर होते हैं जो मैट या फोम जैसी नरम सामग्री के विशिष्ट संयोजनों का उपयोग करते हैं और अवांछित शोर को अवशोषित या अवरुद्ध करने और एक अनूठी ध्वनि बनाने के लिए उन्हें दरवाजे की धातु की सतहों पर विशेष प्रकार से लगाते हैं। |
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