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Thursday, July 14, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

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LLB पास शिक्षकों का विधि प्रकोष्ठ में रीडिप्लॉयमेंट, प्रक्रिया शुरू, आवेदन आमंत्रित- MP NEWS

Posted: 14 Jul 2022 02:08 PM PDT

MP education portal news

भोपाल। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी शिक्षक एवं अन्य शासकीय कर्मचारियों के लिए एक नए अवसर उपस्थित हुआ है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जिले से लेकर राज्य तक विधि प्रकोष्ठ को शुद्र किया जा रहा है। इसके तहत सभी जिलों में विधि प्रकोष्ठ में एलएलबी पास शिक्षक एवं कर्मचारियों का रीडिप्लॉयमेंट होगा। 

लोक शिक्षण संचालनालय से जारी सर्कुलर के अनुसार प्रत्येक जिले में जिला विधि प्रकोष्ठ प्रभारी के पद पर शिक्षक अथवा शिक्षा विभाग के कर्मचारी को रीडिप्लॉय किया जाएगा। इसी प्रकार जबलपुर ग्वालियर एवं इंदौर में व्याख्याता विधि और सहायक संचालक विधि के 8-8 पदों पर रीडिप्लॉयमेंट किया जाएगा। सर्कुलर में संभागीय स्तरीय एवं राज्य स्तरीय चयन समिति की घोषणा भी कर दी गई है। 

स्कूल शिक्षा विभाग विधि प्रकोष्ठ पदस्थापना टाइम टेबल

  • आवेदन की लास्ट डेट 25 जुलाई 2022 
  • संभाग स्तरीय चयन समिति द्वारा इंटरव्यू 30 जुलाई 2022 
  • राज्य स्तरीय चयन समिति द्वारा इंटरव्यू 1 अगस्त 2022 
  • चयन सूची का प्रकाशन 5 अगस्त 2022 

10 लाख सरकारी नौकरियों के लिए टास्क फोर्स का गठन- ROJGAR SAMACHAR

Posted: 14 Jul 2022 01:51 PM PDT

नई दिल्ली।
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले डेढ़ साल में 10 लाख सरकारी नौकरियों का ऐलान किया था। इस टारगेट को प्राप्त करने के लिए सभी सरकारी विभागों में भर्ती योजना तैयार करवाने एवं भर्ती परीक्षा और नियुक्ति तक सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज बताया कि 'भर्ती योजना' के अनुसार रिक्त पदों को भरने की प्रगति के समन्वय के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

सभी मंत्रालयों एवं सरकारी विभागों को भर्ती योजना बनाने के निर्देश

डीओपीटी, डीएआरपीजी और पेंशन विभाग की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा, यह बैठक अगले 1.5 वर्षों में मिशन मोड में 10 लाख लोगों की भर्ती करने के लिए पिछले महीने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए निर्देश के मद्देनजर हुई है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों/विभागों से भी अनुरोध किया गया है कि वे दिसंबर, 2023 तक रिक्तियों को भरने के लिए एक योजना तैयार करें।

DAVV NEWS- एमएससी केमिस्ट्री की फर्स्ट एडमिशन लिस्ट जारी

Posted: 14 Jul 2022 01:22 PM PDT

इंदौर।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर ने MSc Chemistry-2022 के लिए प्रोविंशियल एडमिशन लिस्ट-1 जारी कर दी है। चयनित उम्मीदवारों को दिनांक 23 जुलाई 2022 को या उससे पहले MP Online के माध्यम से फीस जमा करना अनिवार्य है अन्यथा उनका एडमिशन कैंसिल माना जाएगा।

यदि उम्मीदवारों के द्वारा दी गई जानकारी में किसी भी प्रकार का अंतर (Discrepancy) पाया गया तो उनकी उनका एडमिशन निरस्त कर दिया जाएगा एवं उनकी फीस भी वापस नहीं की जाएगी। एडमिशन फीस जमा करने के लिए लिंक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी कर दी गई है।

जिसे एमपी ऑनलाइन पोर्टल के द्वारा NCET कोड द्वारा जमा किया जा सकता है। Fee सबमिशन लिंक को जल्द ही एक्टिवेट कर दिया जाएगा। स्टूडेंट्स अपने सभी सवालों के जवाब के लिए देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के आधिकारिक संपर्क का ही प्रयोग करें। यहां क्लिक करके MSc Chemistry-2022 के लिए प्रोविंशियल एडमिशन लिस्ट-1 देख सकते हैं एवं DOWNLOAD कर सकते हैं।

क्या कोर्ट में स्थानीय भाषा में बहस एवं कार्यवाही की जा सकती है- Legal General knowledge

Posted: 14 Jul 2022 01:11 PM PDT

किसी देश की भाषा और उसका साहित्य उस देश की सभ्यता और संस्कृति का दर्पण होता है। भारत विविधता में एकता का एक अनूठा उदाहरण हैं यहाँ विभिन्न जाति, धर्म एवं संस्कृति के लोग निवास करते हैं। अतः विभिन्न भाषाओं का होना भी स्वाभाविक है। इसलिए भारतीय संविधान की अनुसूची आठ में 22 भाषाओं को मान्यता प्राप्त है।

क्या हिन्दी भारत की राष्ट्रीय भाषा है जानिए:-

राजभाषा बनाम राष्ट्रभाषा:- कभी कभी यह कहा जाता है कि हिन्दी को संविधान के अधीन राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्वीकार किया गया है। यह कथन बिल्कुल गलत है, संविधान के अधीन किसी भाषा को राष्ट्रीय भाषा के रूप में नहीं अपनाया गया है। इसके अधीन हिंदी को केवल राजभाषा के रूप में रखा गया है। अतः यह समझ लेना गलत होगा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा हैं।

न्यायालय की भाषा क्या होगी जानिए:-

दण्ड प्रक्रिया संहिता,1973 की धारा 272 राज्य सरकार को यह शक्ति देती है की वह उच्च न्यायालय को छोड़कर अन्य सभी न्यायालय में अपने-अपने राज्य की भाषा का प्रयोग कर सकते हैं।

उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय की भाषा क्या होगी जानिए:-

(i). भारतीय संविधान अधिनियम, 1950 के अनुच्छेद 348 के अनुसार सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट में सभी कार्यवाही अंग्रेजी भाषा में होगी।
(ii). लेकिन राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति की अनुमति से राज्य के हाईकोर्ट में राज्य की भाषा का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत कर सकता है लेकिन निर्णय, डिक्री, आदेश आदि अंग्रेजी में ही होंगे।

(iii). राज्य सरकार या विधान-मंडल अधिनियम, विधेयक, नियम, विनियम आदि अपनी भाषा में दे सकता है लेकिन उनका अंगेजी में अनुवाद भी करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण जजमेंट मधु लिमये बनाम वेद मूर्ति

उक्त वाद में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान एक पक्षकार ने हिंदी में बहस करने की अनुमति मांगी इस पर विपक्षी की ओर से आपत्ति की गई कि उसे हिंदी का ज्ञान नहीं है, अतः बहस अंग्रेजी में ही की जानी चाहिए। इस पर उच्चतम न्यायालय ने अभिनिर्धारित किया कि वह अंग्रेजी भाषा में ही बहस कर सकता है एवं वह किसी वकील को पैरवी के लिए रख सकता है या वह अंगेजी भाषा में लिखित बहस प्रस्तुत कर सकता है। अतः उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया कि बहस सिर्फ अंगेजी भाषा में ही होगी।

सामान्य शब्दों में अगर हम कहे तो राज्य सरकार जिला एवं सत्र न्यायालय, उसके अधीन अन्य कोई भी न्यायालय, सिविल न्यायालय आदि में अपने राज्य की स्थानीय भाषा का प्रयोग कर सकती है लेकिन हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ अंगेजी भाषा का ही प्रयोग होगा। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665

इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

Pusa Krishi App यहां से Download करें, किसानों के लिए महत्वपूर्ण

Posted: 14 Jul 2022 12:43 PM PDT

ICAR-Indian Agricultural Research Institute भारत सरकार के Department of Agricultural Research and Education, Ministry of Agriculture & Farmers Welfare अंतर्गत एक संस्थान है। जिसमें किसानों के उचित मार्गदर्शन के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की है जिसका नाम पूसा कृषि मोबाइल ऐप घोषित किया गया है।

Pusa Krishi Mobile Application for Farmers

इस मोबाइल एप्लीकेशन की सहायता से किसानों को खेती की नई तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया जाता है। मौसम आधारित खेती एवं अन्य प्रकार की खेती के बारे में विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिकों द्वारा प्रमाणित जानकारी दी जाती है। इसके अलावा बीजों की नई किस्मों के बारे में भी अपडेट दिए जाते हैं। कुल मिलाकर एक किसान को अपनी खेती के लिए जो भी जरूरी है सब कुछ प्रमाणित जानकारी इस मोबाइल एप्लीकेशन पर उपलब्ध कराई जाती है। 

Pusa Krishi Mobile App कहां से डाउनलोड करें

फिलहाल यह मोबाइल एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर पर नहीं है। आप इसे सरकार की ऑफिशल वेबसाइट mSeva AppStore से इंस्टॉल कर सकते हैं। सुविधा के लिए हम डायरेक्ट लिंक उपलब्ध करा रहे हैं। यहां क्लिक करके आप mSeva AppStore के उस वेब पेज पर पहुंच जाएंगे। जहां से Pusa Krishi Mobile App Download किया जा सकता है। 

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