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Sunday, July 17, 2022

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पुण्यार्कमगदीपिका कृष्ण बल्लभ शर्मा ‘योगीराज’ की नजर से

Posted: 17 Jul 2022 06:24 AM PDT

पुण्यार्कमगदीपिका कृष्ण बल्लभ शर्मा 'योगीराज' की नजर से

श्री पंडित कमलेश पुण्यार्क जी द्वारा लिखित "पुण्यार्कमगदीपिका" शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज के ऐतिहासिक स्वरुप तथा विशेषता के सम्पूर्ण विशिष्ट विवरण से सम्बंधित अबतक उपलब्ध तथा अबतक प्रकाशित समस्त रचनाओं में सर्वश्रेष्ठ शोध पुस्तक है | इसमें प्रयुक्त शब्द शैली, वाक्य विन्यास, सुप्रसिद्ध प्रामाणिक पुस्तकों का उद्धरण तथा अति संक्षिप्त रूप में विशद व्याख्या के साथ अत्यंत गूढ़ विषय का सरल शब्दों में अद्भुत प्रस्तुतीकरण श्री पुण्यार्क जी के गहन चिंतन, कठिन परिश्रम तथा विशद ज्ञान का परिचायक है |


श्री पंडित कमलेश पुण्यार्क जी शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज में ऋषि परम्परा के संवाहक तथा बहुमुखी प्रतिभा से युक्त सुप्रसिद्ध विद्वान् मनीषी हैं | मात्र धोती और अंगवस्त्र (चादर/गमछा) धारण करनेवाले श्री पंडित कमलेश पुण्यार्क जी के सादगीयुक्त दिव्य व्यक्तित्व से पहली मुलाक़ात में ही हम बेहद प्रभावित हुए | दिव्य सद्गुण संस्कार, दिव्य ज्ञान से देदीप्यमान शाकद्वीपीय ब्राह्मण के दिव्य व्यक्तित्व के सम्बन्ध में वर्णित संस्कृत के यह वाक्य श्री पुण्यार्कजी के व्यक्तित्व पर सटीक बैठते हैं:- ब्रह्म जानाति ब्राह्मणः | मगाः दिव्याः द्विजोत्तमाः |


इस शोध पुस्तक में मात्र १७५ पृष्ठों में अति संक्षिप्त रूप में त्रेता युग तथा द्वापर युग में शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज के सम्बन्ध में वर्णित सामग्री का श्रेष्ठ संकलन किया गया है | महाभारत, शुक्ल यजुर्वेद, ऐतरेय ब्राह्मण, मनुस्मृति, ब्रह्म पुराण, शिव पुराण, विष्णु पुराण, श्रीमद्भागवत पुराण, भविष्य पुराण, मार्कंडेय पुराण, देवी भागवत, लिंग पुराण, वाराह पुराण, स्कन्द पुराण, गरुड़ पुराण, मस्य पुराण तथा साम्ब पुराण सहित विविध उप पुराण आदि प्रामाणिक ग्रंथों के उद्धरण द्वारा इस चिर प्रतीक्षित शोध पुस्तक में शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज की दिव्य श्रेष्ठता की प्रामाणिक व्याख्या प्रस्तुत की गयी है | शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज का इतिहास तथा शाकद्वीप से जम्बुद्वीप में आगमन एवं शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज के पुर, गोत्र, आम्नाय, आस्पद, प्रवर, वेद, उपवेद, शाखा, सूत्र, छंद, शिखा, पाद, देवता और कुलदेवी/कुलदेवता के सम्बन्ध में पूर्ण विवरण इस पुस्तक में उपलब्ध है |


सभी शाकद्वीपीय ब्राह्मण के घर में पुण्यार्कमगदीपिका नामक इस शोध पुस्तक की एक प्रति होनी ही चाहिए |


समस्त शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज हेतु लाभदायक इस शोध पुस्तक के लेखन हेतु सम्पूर्ण विश्व के शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज तथा अखिल भारतीय शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ की तरफ से हम श्री पंडित कमलेश पुण्यार्क जी के प्रति सादर आभार व्यक्त करते हैं |


कृष्ण बल्लभ शर्मा 'योगीराज'
(अधिवक्ता पटना उच्च न्यायालय, न्यायविद, शिक्षाविद, धर्माधीश)
संचालक अध्यक्ष, अखिल भारतीय शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघहरिनारायण भवन, मुस्तफापुर (प्राचीन कुसुमपुर), खगौल, पटना - 801105
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निःस्वार्थ व समर्पण के साथ किये गए काम में ईश्वर साथ देता है : महापौर श्रीमती सीता साहू

Posted: 17 Jul 2022 06:02 AM PDT

निःस्वार्थ व समर्पण के साथ किये गए काम में ईश्वर साथ देता है : महापौर श्रीमती सीता साहू

पटना के महापौर श्रीमती सीता साहू आज 143वें पोलियो एवं करेक्टिव शल्य चिकित्सा शिविर के अवसर पर भारत विकास एवं संजय आनंद विकलांग अस्पताल के सभागार में मुख्य अतिथि तथा उदघाटनकर्ता के रूप में उपस्थित हुईं. संबोधित करते हुए कहा कि पीड़ित मानवता और दिव्यांगों की सेवा ही ईश्वर की वास्तविक आराधना है. आज के शिविर का प्रायोजन श्रीमती सीता साहू के दिवंगत पति स्व. बैद्यनाथ प्रसाद जी की पुण्य स्मृति में तथा श्री अभय कानोडिया एवं सदय कानोडिया के पिता स्व. विनोद कानोडिया जी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया. अस्पताल परिवार द्वारा उनको भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी.

शिविर में आज 48 मरीजों की शल्य चिकित्सा, तथा 80 से ज्यादा को ओ.पी.डी. की सेवा डॉ॰ एस.एस. झा की टीम द्वारा प्रदान की गयी. इस अवसर पर 12 दिव्यांगो को कृत्रिम हाथ-पैर प्रदान किया गया. इसमें सिवान की बेटी 11 वर्षीय प्रियांशु भी शामिल थीं. ध्यातव्य है कि विगत दिनों सिवान की प्रियांशु सोशल मिडिया में उस वक्त काफी चर्चित हुई थी जब एक ही पैर से विद्यालय जाने का विडिओ वायरल हुआ था. आज उसे अत्याधुनिक कृत्रिम पैर प्रदान किया गया. अपने दोनों पैरों पर चलकर घर गई है. स्थानीय प्रशासन द्वारा ट्राईसाइकल व अन्य सहायता प्रदान की गई थी. मगर बच्ची तथा उनके अभिभावक चाहते थे कि वह अपने पैरों पर खड़ी होकर चले. घर जा रही प्रियांशु तथा उनके माता-पिता अत्यंत प्रसन्न थे. यह दृश्य देखकर उपस्थित जनसमुदाय अभिभूत था. प्रियांशु को पटना पहुचाने में सामाजिक कार्यकर्त्ता और भारत विकास परिषद, के सदस्य श्री पवन कुमार केजरीवाल जी की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही.

इस अवसर पर संस्थान की ट्रस्टी रेखा कसेरा जी ने महापौर सीता साहू को अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया. वाणिज्यकर विभाग के अतिरिक्त उपायुक्त श्री रामाधार सिंह, गिरीडीह के समाजसेवी श्री प्रदीप जैन, श्री अभय कानोडिया, श्री सदय कानोडिया एवं श्री शिशिर कुमार का सम्मान संजय ड्रोलिया, अमर कसेरा, विवेक माथुर जी द्वारा अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह देकर किया गया.

पूर्वी भारत का हड्डी रोगों के लिए सुप्रसिद्ध अस्पताल सेन्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पाइन रिहैबिलिटेशन एंड ओर्थो (CISRO) के स्पाइन के विश्व विख्यात चिकित्सक डॉ. महेश कुमार ने पहली बार अपनी ओ.पी.डी. सेवाएं प्राम्भ की, जिसका उदघाटन श्रीमती सीता साहू और पद्मश्री बिमल जैन ने किया. आज ही से रीढ़ की हड्डी तथा स्पाइन से सम्बंधित सेवाएं प्रारंभ हो गई.

इस अवसर पर महासचिव पद्मश्री बिमल जैन ने बताया की अबतक इस अस्पताल द्वारा 33988 दिव्यांग जन को कृत्रिम-अंग-दान की सेवा प्रदान की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में बिहार सरकार द्वारा 10000 बैट्री चालित ट्राईसाइकल वितरित की जाएगी. वे आग्रह करना चाहेंगे कि संस्था कार्य अनुभव को देखते हुए सरकार अगर चाहे तो हमलोग वास्तविक जरुरतमंदों तक पहुचाने में सहायक सिद्ध हो सकते है.

इस अवसर पर पटना के पार्षद, माला सिन्हा, बलराम मंडल एवं सनोज शर्मा सामाजिक कार्यकर्त्ता तथा गणमान्य लोगों ने पीड़ित मानवता की सेवा का संकल्प लिया और दिव्यांगों की सेवा हेतु अस्पताल को हर प्रकार की सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है. अगला शल्य चिकित्सा शिविर 14 अगस्त 2022 को सुनिश्चित है इसके लिए मरीजों को 13 अगस्त 2022 को आना होगा. कार्यक्रम का प्रारंभ वंदे मातरम् एवं समापन राष्ट्रगान से हुआ. धन्यवाद ज्ञापन अस्पताल के प्रबन्ध न्यासी श्री विवेक माथुर ने किया.
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दीप जलाकर शिक्षा के, जो शिक्षित राष्ट्र बनाते हैं

Posted: 17 Jul 2022 05:56 AM PDT

दीप जलाकर शिक्षा के, जो शिक्षित राष्ट्र बनाते हैं

दीप जलाकर शिक्षा के, जो शिक्षित राष्ट्र बनाते हैं,
माली बनकर बच्चों के, भटकने से सदा बचाते हैं।
क्या है धर्म, राष्ट्र क्या होता, क्या अपना कर्तव्य,
बूंद बूंद में सार भरा है, जो गुरूवर हमें पढाते हैं।
मात पिता की सेवा करना और बुजूर्गों का सम्मान,
भारत की संस्कृति में क्या, गुरूवर ज्ञान दिलाते हैं।
वेद ऋचायें अनन्तकाल से, ब्रह्मांड के राज समेटे,
गूढ रहस्य कैसे खुलते, व्याख्या कर समझाते हैं।
माता जन्म देकर बच्चे को, इस धरती पर लाती,
गुरूवर ज्ञानपुंज से अपने, इन्सां उसे बनाते हैं।
नमन करूँ हरपल गुरूवर को, जिसने जीवन वार दिया,
निज इच्छायें, परिवार भूलाकर, समर्थ राष्ट्र बनाते हैं।

डॉ अ कीर्तिवर्धन
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18 जुलाई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 17 Jul 2022 05:51 AM PDT

18 जुलाई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

18 जुलाई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:

!! दैनिक पंचांग !!

🔅 तिथि पंचमी 01:54 PM

🔅 नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद 05:57 PM

🔅 करण :

तैतिल 08:56 AM

गर 08:56 AM

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग शोभन 03:25 PM

🔅 वार सोमवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:18 AM

🔅 चन्द्रोदय 10:26 PM

🔅 चन्द्र राशि कुम्भ

🔅 सूर्यास्त 06:42 PM

🔅 चन्द्रास्त 09:42 AM

🔅 ऋतु वर्षा

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:33 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत आषाढ

🔅 मास पूर्णिमांत श्रावण
☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:28:27 - 12:22:40

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 12:22 PM - 01:16 PM

🔅 कंटक 07:51 AM - 08:45 AM

🔅 यमघण्ट 11:28 AM - 12:22 PM

🔅 राहु काल 06:50 AM - 08:32 AM

🔅 कुलिक 03:05 PM - 03:59 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:40 AM - 10:34 AM

🔅 यमगण्ड 10:13 AM - 11:55 AM

🔅 गुलिक काल 01:37 PM - 03:18 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पूर्व

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ

🌹विशेष ~ सौरमास अनुसार श्रावण मासारम्भ, श्रावण मास की प्रथम सोमवारी व्रत। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 18 जुलाई 2022, सोमवार का राशिफल 🌹

मेष (Aries): आज आप अधिक संवेदनशील रहेंगे। किसी के द्वारा आपकी भावना को ठेस पहुंच सकती है। मां की बीमारी के !विचार सतायेंगे। मकान या जमीन के दस्तावेज आज न करें। मानसिक बेचैनी को दूर करने के लिए आध्यात्मिकता, योग का सहारा लें। पानी और जलाशय से दूर रहें। अभ्यास के लिए समय मध्यम है।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6
वृषभ (Tauras): आज आपको जरुरत से ज्यादा भावुकता के विचार आएंगे जिससे मन द्रवित हो उठेगा। हालांकि आपकी चिंता थोड़ी कम होगी, इस कारण आपका मन खुश रहेगा। आप कल्पना शक्ति से सृजनात्मक काम कर सकेंगे। परिजनों या दोस्तों के साथ अच्छा भोजन करने का मिलेगा। आकस्मिक प्रवास करना पड़ेगा। पैसों के बारे ध्यान रखने से उसका आयोजन कर सकेंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7

मिथुन (Gemini): रिश्तेदार और मित्रों के साथ मुलाकात से आप आनंद का अनुभव करेंगे। आर्थिक योजना में पहले थोड़ी मुसीबतें आएंगी लेकिन आप आसानी से काम पूरा कर सकेंगे। आप के जरुरी काम भी कुछ विलंब के बाद आसानी से पूरे होंगे जिससे आपको शांति महसूस होगी। नौकरी-धंधे में अनुकूल वातावरण रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

कर्क (Cancer): आपके मन में आज प्यार और भावना छलक उठेगी और आप उसके प्रवाह में रहेंगे। दोस्त, स्वजन एवं सम्बंधी की ओर से भेंट-उपहार मिल सकता है। आप उनके साथ अपना दिन खुशी में बिताएंगे। प्रवास और सुंदर भोजन से आप रोमांचित रहेंगे। पत्नी के संग से मन प्रसन्न रहेगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): आज कोर्ट-कचहरी के प्रश्न में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। मन भावनाओं से व्यथित रहेगा। आज कोई अनैतिक काम न हो, इसका ख्याल रखें। महिलाओं के बारे में विशेष ध्यान रखें। वाणी एवं वर्तन में संपर्क रखें। विदेश से समाचार मिलेंगे। कानूनी बातों का निर्णय सोच समझकर करें।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): घर, परिवार एवं व्यापार जैसे तमाम क्षेत्र लाभ लिए आपकी प्रतिक्षा कर रहे हैं। मित्रों के साथ आनंददायक प्रवास होगा तो दांपत्य जीवन में भी आप ज्यादा निकटता बना सकेंगे। स्त्री मित्र विशेष लाभदायी रहेंगी। धन प्राप्ति के लिए भी शुभ समय है। व्यापार के पैसे लेने के लिए प्रवास होगा। अविवाहितों को जीवनसाथी की तलाश में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 9

तुला (Libra): आज नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। आप पर अधिकारियों की कृपादृष्टि रहेगी। परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा। मन में भावनात्मकता बढ़ेगी। मां की ओर से फायदा होगा। उत्तम विवाह सुख प्राप्त होगा। जमीन जायदाद के दस्तावेज कर सकेंगे। व्यवसाय क्षेत्र में अच्छा एवं सफल दिन है।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

वृश्चिक (Scorpio): आपका आज का दिन मिला जुला रहेगा। लेखन-साहित्य से जुड़ी प्रवृत्ति करेंगे। कार्यस्थल पर प्रतिकूल परिस्थिति रहेगी। ऊपरी अधिकारियों का रवैया नकारात्मक रहेगा। प्रतिस्पर्धियों के साथ वाद-विवाद न करें। संतान से मतभेद खड़े होंगे। प्रवास की संभावना है। धन खर्च होगा।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

धनु (Sagittarius): आज खाने-पीने में खास ध्यान रखें। कार्य सफलता में विलंब होने के कारण निराशा होगी। काम समय से पूरा नहीं होगा। काम का बोझ ज्यादा रहेगा। नये काम की शुरुआत न करें। शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ेगा। मन बेचैन रहेगा। बोलने पर संयम रखें। खर्च ज्यादा होगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

मकर (Capricorn): आज का दिन पैसों की दृष्टि से बहुत अच्छा रहेगा। व्यापार वृद्धि के योग हैं। दलाली, ब्याज, कमिशन से मिलने वाले पैसे आपके भंडार में वृद्धि करेंगे। प्रेमियों के लिए आज प्रणय परिचय का योग है। विजातीय आकर्षण रहेगा। सुंदर भोजन, वस्त्र परिधान एवं वाहनसुख प्राप्त होगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7

कुंभ (Aquarius): वर्तमान समय में आप को कार्यों में सफलता मिलेगी एवं यशकीर्ति प्राप्त होगी। आज आप के स्वभाव में ज्यादा भावुकता रहेगी। मायके से अच्छे समाचार मिलेंगे। घर में प्रफुल्लितता का माहौल होगा। नौकरी में भी आप को साथियों का सहयोग मिलेगा। परिवार का माहौल सुख-शांति भरा रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces): आज का दिन विद्यार्थियों के लिए अच्छा है। उनको अभ्यास में सफलता मिलेगी एवं प्रगति के लिए नया मौका प्राप्त होगा। आप अपनी कल्पना शक्ति से साहित्य लेखन में नया काम करेंगे। प्रेमीजन एक दूसरे का सानिध्य पा सकेंगे। आप के स्वभाव में ज्यादा भावुक्ता एवं कामुकता रहेगी।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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मोमिन उर्फ मीना को शुरू से नहीं था इस्लाम धर्म कबूल

Posted: 17 Jul 2022 05:44 AM PDT

मोमिन उर्फ मीना को शुरू से नहीं था इस्लाम धर्म कबूल

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक मुस्लिम युवती ने हिंदू धर्म अपनाकर अपने प्रेमी से शादी कर ली। बताया जा रहा है कि मुस्लिम लड़की मोमिन खातून को बचपन से ही इस्लाम धर्म कबूल नहीं था। कई बार अपने परिजनों से हिंदू धर्म अपनाने की अपील की थी। परिजनों के हिंदू धर्म अपनाने से मना करने के बाद मोमिन ने हिंदू युवक से नजदीकियां बढ़ाई थी। वहीं करीब 2 वर्ष पूर्व सूरज से नजदीकियां बढ़ा कर अपने दोस्त के साथ मोमिन अयोध्या में राम मंदिर दर्शन करने गई थी जबकि 2 वर्ष पूर्व ही इस्लाम धर्म छोड़ सनातन धर्म में प्रवेश कर लिया था। मंदिर में ही मोमिन खातून ने नाम बदल कर मीना रखा था। नामकरण के साथ ही मीना ने अपनी मांग में भरा था प्रेमी सूरज के नाम का सिंदूर। पूरा मामला अतरौलिया थाना क्षेत्र के खानपुर फतेह गांव का है। जानकारी के मुताबिक, अतरौलिया क्षेत्र के खानपुर फतेह गांव निवासी सूरज को 2 वर्ष पहले हैदरपुर खास गांव की एक मुस्लिम लड़की मोमिन खातून से प्रेम हो गया। दोनों का प्यार जब परवान चढ़ा तो वे परिजनों से चोरी छुप-छुप कर मिलने-जुलने और एक साथ जीने मरने की कसम खाने लगे। लेकिन इस बात की जानकारी जब लड़की के घरवालों को हुई तो धर्म के कारण ऐतराज जताने लगे, जबकि प्रेमी के परिजनों को कोई ऐतराज नहीं था।
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एसआईटी की रिपोर्ट में तीस्ता को लेकर बड़ा खुलासा

Posted: 17 Jul 2022 05:41 AM PDT

एसआईटी की रिपोर्ट में तीस्ता को लेकर बड़ा खुलासा

अहमदाबाद। गुजरात दंगों की जांच कर रही एसआईटी ने बड़ा आरोप लगाया है। एसआईटी के हलफनामे के मुताबिक अहमद पटेल के इशारे पर गुजरात दंगों के बाद मोदी को बदनाम करने की साजिश रची गई थी। अहमद पटेल के कहने पर तीस्ता सीतलवाड़ को तीस लाख रुपये दिए गए थे। एसआईटी के मुताबिक गोधरा दंगों के बाद अहमद पटेल की तीस्ता सीतलवाड़ के साथ 2 बार मुलाकात हुई थी। पहली मुलाकात के दौरान तीस्ता को पांच लाख रुपये दिए गए और फिर दूसरी मुलाकात के दौरान 25 लाख रुपये दिए गए। गुजरात सरकार द्वार गठित एसआईटी की रिपोर्ट में चैंकाने वाले खुलासों के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, तीस्ता सीतलवाड़ ने गुजरात सरकार को गिराने और पीएम मोदी को फंसाने के लिए जो कुछ भी किया, वह कांग्रेस के इशारे पर किया गया था। उन्होंने कहा, कांग्रेस द्वारा तीस्ता को करीब 30 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। पात्रा ने कहा, जो कुछ भी किया वह सिर्फ गुजरात और मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया था। यह पूरी साजिश सत्ता पाने के लिए रची गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी तिजोरी से तीस्ता सीतलवाड़ को पर्सनल यूज के लिए पैसे दिए थे। उन्होंने कहा, इस पूरे खेल को अहमद पटेल ने अंजाम दिया था, लेकिन इसके पीछे सोनिया गांधी ही थीं। दरअसल, अहमद पटेल उस समय कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार थे।संबित पात्रा ने कहा, चोरी-चोरी, चुपके-चुपके रात के अंधेरे में ये सभी षड्यंत्रकारी संजीव भट्ट, तीस्ता सीतलवाड़, श्रीकुमार अहमद पटेल के घर पर मिले। उसके बाद कांग्रेस के बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं से मिले, सिर्फ इसलिए ताकि वो गुजरात की सरकार को गिरा सकें और नरेंद्र मोदी की छवि को खराब कर सकें। एसआईटी ने 15 जुलाई को अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को 2002 में गुजरात सरकार को अस्थिर करने के लिए कांग्रेस से फंड मिला था। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सीतलवाड़ 2002 में गोधरा में ट्रेन जलने की घटना के तुरंत बाद गुजरात में निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के लिए एक बड़ी साजिश रच रही थीं। यही नहीं इसके लिए उन्हें प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के एक बड़े नेता से वित्तीय सहायता भी मिली थी।
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न्यू यूपी का न्यू बुंदेलखंड

Posted: 17 Jul 2022 05:38 AM PDT

न्यू यूपी का न्यू बुंदेलखंड

(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
कुछ वर्ष पहले तक बुंदेलखंड बदहाल व्यवस्था के लिए चर्चित रहता था। यहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव रहता था। योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद बुंदेलखंड को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने का संकल्प लिया था। उनका संकल्प फलीभूत हो रहा है। पहले बुंदेलखंड में पानी का घोर अभाव रहता था। अब हर घर नल से जल उपलब्ध हो रहा है। बुंदेलखंड एक्स्प्रेस वे से यहां विकास का नया अध्याय शुरू होगा। इसके निर्माण से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया था। उन्हीं ने इसका लोकार्पण किया। कुछ वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे के मामले में पीछे था जबकि विकास को गति देने और यात्रा को सुगम बनाने के लिए इनकी आवश्यकता समझी गई थी। केवल यात्रा के समय को घटाने हेतु एक्सप्रेस वे का निर्माण उचित नहीं कहा जा सकता। इसे इसके साथ औद्योगिक बेल्ट का निर्माण होना चाहिए। सुरक्षा के समुचित तकनीकी प्रबंध भी अपरिहार्य होते है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस तथ्य को ध्यान में रखा। इसी के अनुरूप उसने एक्सप्रेस वे के निर्माण को आगे बढाने का निर्णय लिया था। सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर के निकट उद्योगों की स्थापना हेतु भूमि बैंक बनाये हैं। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे से यहां के किसानों की आय दोगुनी करने में सहायता मिलेगी। अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय परिवर्तन आएगा। इसके निर्माण से डिफेंस काॅरिडोर को भी गति मिलेगी। डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर से उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह एक्सप्रेस वे चित्रकूट के भरतकूप स्थित गोंडा गांव से प्रारम्भ होकर बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया होते हुए इटावा में आगरा एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएगा एक्सप्रेस वे फोरलेन का है, जिसे भविष्य में सिक्स लेन का किया जा सकेगा।

एक्सप्रेस वे में चार रेलवे ओवर ब्रिज, चैदह दीर्घ सेतु, छह टोल प्लाजा सात रैम्प प्लाजा, दो सौ अड़सठ लघु सेतु अठारह फ्लाई ओवर तथा दो सौ चैदह अण्डरपास का निर्माण किया गया है। इसकी संरचनाएं सिक्स लेन चैड़ाई की बनायी जाएंगी। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण से बुन्देलखण्ड क्षेत्र आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे एवं यमुना एक्सप्रेस वे के माध्यम से त्वरित एवं सुगम यातायात के काॅरिडोर से जुड़ जाएगा। बुन्देलखण्ड क्षेत्र को विशेष लाभ होगा। यहां के सामाजिक आर्थिक कृषि,वाणिज्य, पर्यटन व उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। नरेन्द्र मोदी ने जालौन की उरई तहसील के कैथेरी गांव में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। सरकार देश भर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिसकी एक प्रमुख विशेषता सड़क के बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में काम करना है। एक्सप्रेस-वे के बगल में बांदा और जालौन जिलों में औद्योगिक कॉरिडोर बनाने का काम चल रहा है। दशकों तक यहां के किसान पानी के अभाव में पलायन को विवश रहे है। अपने मवेशियों को। लावारिस छोड़ दिया था। इसके अलावा इनके पास कोई विकल्प नहीं था। अन्ना समस्या भी यहां की परेशानी रही है। विगत करीब पांच वर्षों में बुंदेलखंड के विकास की अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ। सिंचाई व हर घर नल से जल योजना को अभियान के रूप में संचालित किया गया। कुछ महिने पहले नरेन्द्र मोदी ने महोबा में तीन हजार दो सौ चैसठ करोड़ रुपये से अधिक लागत की नौ विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया था। अर्जुन सहायक परियोजना सहायक सिंचाई परियोजनाओं में भवानी बांध परियोजना, रतौली बांध परियोजना एवं मसगांव-चिल्ली स्पिंरकलर सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया था। महोबा में मार्ग सुदृढ़ीकरण, विकासखण्ड कबरई में पेयजल परियोजना, कीरत सागर एवं मदन सागर में पर्यटन विकास की परियोजना का लोकार्पण हुआ था। सिंचाई परियोजनाओं से महोबा, बांदा, हमीरपुर एवं ललितपुर जनपदों में सिंचाई की बेहतर सुविधाएं सुलभ हुई हैं। इससे यहां के फसल चक्र में व्यापक परिवर्तन आएगा। यहां के कृषक अब ज्वार, बाजरा बोने अथवा खेत खाली छोड़ने के स्थान पर धान, गन्ना, मूंगफली, सरसों, गेहूं आदि की खेती आसानी से कर सकेंगे। इस प्रकार वे अपनी फसल से कहीं ज्यादा पैदावार एवं कहीं ज्यादा उसका मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।

इसी क्रम में डिफेंस कारिडोर के झांसी नोड में पहले प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया था। भारत डायनामिक्स लिमिटेड की इकाई का शिलान्यास हुआ था। बुंदेलखंड को अरबों रुपये की सौगात मिली थी। उत्तर प्रदेश में जल्द ही दुनिया भर के कई अन्य देशों से बेहतर राजमार्ग संपर्क होगा। यूपी तेरह एक्सप्रेस वे वाला देश का पहला राज्य बनेगा। इनमें छह एक्स्प्रेस वे उपयोग में हैं जबकि अन्य सात निर्माणाधीन हैं। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने सड़कों के कायाकल्प को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किया है। गांव, ब्लॉक जिला मुख्यालय, दूसरे राज्यों और दूसरे देशों को जोड़ने वाले सड़कों का संजाल निर्मित किया गया है। सत्तर साल में केवल डेढ़ एक्सप्रेस-वे बने थे। एनसीआर और पश्चिमी यूपी के लोगों की दशकों पुरानी मांग को सरकार ने पूरा किया है।

दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे इसका उदाहरण है। गंगा एक्सप्रेस वे का कार्य प्रगति पर है। हाईवेज और एक्सप्रेसवेज के किनारे औद्योगिक गलियारे भी बनाए जा रहे हैं। ये गलियारे तीव्र संतुलित और समावेशी विकास के साथ-साथ रोजगार की अपार संभावनाओं को गति देंगे। इसके लिए जमीनें चिह्नित की गई हैं। आपातकाल में वायु सेना के विमानों की लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए हवाई पट्टियां भी बनाई जा रही हैं। करीब सात हजार करोड़ से अधिक के निवेश से बंजर बुंदेलखंड अब उद्योग का केन्द्र बन रहा है। पचास निवेश प्रस्तावों में ढाई सौ करोड़ की लागत से पच्चीस से अधिक इकाइयों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। सरकार ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण से लेकर निवेशकों को निवेश पर विशेष छूट देना भी शुरू किया। इसके अलावा इस क्षेत्र में डिफेंस कारिडोर टाइगर रिजर्व, हर घर जल जैसी कई योजनाएं शुरू की गईं। तीस सौ करोड़ रुपए की शेष परियोजनाओं में भी जल्द कार्य शुरू होने वाला है। बुंदेलखंड के जालौन, झांसी, ललितपुर, बांदा और महोबा में निवेश आए हैं। निवेश प्रस्तावों पर सरकार की ओर से तत्परता से निर्णय लिए जा रहे हैं। डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड्स में से झांसी और चित्रकूट बुंदेलखंड में हैं। बाकी नोड कानपुर, लखनऊ, आगरा और अलीगढ़ हैं। पांच नोड में करीब सोलह सौ हेक्टेयर भूमि खरीदी भी जा चुकी है। अब तक यूपीडा की ओर से करीब नब्बे औद्योगिक और संस्थागत एमओयू भी साइन किए गए हैं। इनके द्वारा ग्यारह हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। निजी कंपनियों के अलावा एचएएल और बीडीएल जैसे डीपीएसयू ने भी कॉरिडोर में निवेश की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का लोकार्पण किया

जालौन (यूपी)। उन्होंने कहा बुंदेलखंड आने के रास्ते में मैंने देखा कि रास्ते में कई पुराने किले नजर आए। मेरा योगी जी से आग्रह है कि एक शानदार टूरिज्म सर्किट बनाएं। दुनिया के लोग बुंदेलखंड के वीरभूमि को देखें। मैं तो योगी जी कहूंगा कि जबठंढ का मौसम शुरू हो जाए तो किले पर चढ़ने की प्रतिस्पर्धा का आयोजन कीजिए। आप देखिएगा हजारों लोग बुंदेलखंड से जुड़ जाएंगे। मोदी ने कहा एक एक्सप्रेसवे कितने अवसर प्रदान करता है। यूपी जिस तरह से आधुनिक हो रहा है वह वाकई अभूतपूर्व है। यूपी में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था भी सुधरी है और कनेक्टिविटी भी सुधर रही है। आजादी के बाद यातायात के आधुनिक साधनों के लिए इससे पहले जितना काम हुआ उससे ज्यादा काम आज हो रहा है। दिल्ली से चित्रकूट की दूरी तीन से चार घंटे कम हुई है। यह एक्सप्रेस-वे वाहनों को ही नहीं गति देगा बल्कि बुंदेलखंड की औद्योगिक गति को भी गति देने वाला है। एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ उद्योग-धंधे विकसित होंगे। पीएम मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करते हुए कहा- आधुनिक बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए बुंदेलखंड के लोगों को शुभकामनाएं। यह एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड की गौरवलशाली परंपरा को समर्पित है। इस धरती पर अनेक शूरवीर पैदा हुए। बुंदेलखंड के बेटे-बेटियों के पराक्रम और परिश्रम ने देश का नाम रोशन किया है। उस बुंदेलखंड की धरती को एक्सप्रेस वे का उपहार देते हुए विशेष खुशी मिल रही है। इससे पूर्व सीएम योगी ने जालौन में सभा को संबोधित करते हुए कहा- आज 296 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन होने जा रहा है, बुंदेलखंडवासियों को मैं हृदय से बधाई देता हूं। यह एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड और यूपी की अर्थव्यवस्था को नया आयाम प्रदान करेगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री मोदी ने 29 फरवरी, 2020 को शिलान्यास किया था। इस एक्सप्रेसवे का काम 28 महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है। इस एक्सप्रेसवे से अब चित्रकूट से दिल्ली की दूरी महज 6 से 7 घंटे की रह जाएगी। यह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, इटावा होते हुए आगरा और लखनऊ को जोड़ेगा। एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) के तत्वावधान में लगभग 14,850 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और आगे चलकर इसे छह लेन तक भी विस्तारित किया जा सकता है। यह एक्सप्रेसवे चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास गोंडा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-35 से लेकर इटावा जिले के कुदरैल गांव तक फैला हुआ है, जहां यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ मिल जाता है। यह एक्सप्रेसवे सात जिलों यानी चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के ढेरों अवसर सृजित होंगे। बांदा और जालौन जिलों में इस एक्सप्रेसवे के समीप औद्योगिक कॉरिडोर बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
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विवाद को जन्म दे रहा लुलु माॅल

Posted: 17 Jul 2022 05:32 AM PDT

विवाद को जन्म दे रहा लुलु माॅल

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक अन्तरराष्ट्रीय स्तर का माॅल बनाने का दावा किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जुलाई को उस माॅल का उद्घाटन किया और उम्मीद जतायी कि इसके माध्यम से प्रदेश केे युवाओं को रोजगार मिलेगा और भाजपा सरकार ने एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना बनायी है, उसके उत्पादों का इस माॅल के माध्यम से विदेशों को निर्यात किया जाएगा। लगभग 2.2 मिलियन वर्गफुट में बने इस आधुनिकतम माॅल में 15 रेस्तरां और कैफे हैं जबकि 25 ब्रांड के फूड आउटलेट और फूड कोर्ट है। इन फूड कोट्र्स में 1600 लोग एक साथ बैठ सकेंगे। यह भी कहा गया कि शीघ्र ही इस माॅल में 11 स्क्रीन वाले पीवीआर सुपर प्लेक्स की भी शुरुआत की जाएगी। जाहिर है कि हजारों लोगों को रोजगार देने वाले इस माॅल का जनता स्वागत करे लेकिन दो दिन बाद ही इस माॅल का जो चरित्र सामने आया, उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी चैंका दिया होगा। इस माॅल के मालिक यूसुफ नामक एक मुस्लिम है। उद्योग लगाने वाला हिन्दू है या मुसलमान, इससे फर्क नहीं पड़ता लेकिन 12 जुलाई को ही माॅल के अन्दर कुछ लोग नमाज पढ़ते हुए दिखाई दिये। नमाज पढ़ने का ही एक और वीडियो सामने आया। सार्वजनिक स्थल पर धार्मिक क्रिया-कलापों पर रोक है तो माॅल के अंदर नमाज क्यों पढ़ी गयी? हिन्दू महासभा के लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान आकर्षित कराया है। हिन्दू महासभा के लोगों ने कहा गया कि अगर वहां दोबारा नमाज पढ़ी गयी तो हम लोग वहां सुंदर कांड का पाठ करेंगे। इसके साथ ही हिन्दुओं से लुलु माॅल का बहिष्कार करने की अपील की गयी है। इस पूरे प्रकरण पर लुलु माॅल के प्रबंधकों की तरफ से बयान जारी किया गया और कहा गया कि हमें इसकी जानकारी नहीं है। माॅल के पदाधिकारियों का कहना है कि माॅल के अन्दर धार्मिक गतिविधियों की इजाजत बिल्कुल नहीं है। सवाल यह महत्वपूर्ण है कि माॅल के अंदर क्या सीसीटीवी से निगरानी की व्यवस्था नहीं है।

उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा मॉल लखनऊ में खुला है। नाम है लुलु मॉल। यह मॉल ऑपनिंग डे से ही लोगों को काफी अधिक आकर्षित कर रहा है। पहले ही दिन एक लाख से अधिक लोगों ने इस मॉल को विजिट किया। लुलु ग्रुप का फ्लैगशिप लुलु हाइपरमार्केट और सबसे बड़ा इनडोर फैमिली एंटरटेनमेंट सेंटर फनचुरा लोगों को खूब पसंद आ रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मॉल का उद्घाटन किया था। यह मॉल 2,000 करोड़ रुपये की लागत से 22 लाख वर्ग फुट में बना हुआ है। देश में लुलु ग्रुप द्वारा निर्मित यह पांचवां मॉल है। इससे पहले बेंगलुरू, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर में इस तरह के मॉल कंपनी बना चुकी है। इस मॉल में बच्चे और वयस्क खूब आनंद ले रहे हैं। यहां कई इंटरैक्टिव आकर्षण हैं। जैसे- मिनी-कॉस्टर, ड्रॉप टावर, एक वीआर इनेबल्ड एडवेंचर एरिना, आर्केड और नए-नए वीडियो गेम्स। मॉल के फूड कोर्ट में कई तरह के व्यंजन भी मौजूद हैं। लुलु हाइपरमार्केट लुलु फैशन स्टोर और लुलु कनेक्ट सहित स्थानीय और वैश्विक खरीदारी विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। इसमें फलों और सब्जियों, बेकरी, डेयरी और पिज्जा से लेकर तैयार स्नैक्स तक किराने की खरीदारी के कई विकल्प हैं। अन्य उत्पादों में घरेलू जरूरत के सामान, कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण शामिल हैं। लुलु मॉल लखनऊ के महाप्रबंधक समीर वर्मा ने कहा, "हम लखनऊ के लोगों से मिली प्रतिक्रिया से अभिभूत हैं। पहले ही दिन एक लाख से अधिक विजिटर्स ने दिखा दिया कि लुलु मॉल के लिए लखनऊवासियों में कितना उत्साह था। हमें जो प्यार मिला है, उसके लिए हम आभारी हैं। हमें यकीन है कि लखनऊ का लुलु मॉल अब उत्तर प्रदेश में खरीदारी का सबसे पसंदीदा स्थान बन जाएगा। लुलु मॉल में डेकाथलॉन, स्टारबक्स, नायका लक्स, कल्याण ज्वैलर्स, यूनीक्लो और चिलीज सहित कई बड़े ब्रांड मौजूद हैं। इसमें 25 ब्रांड आउटलेट्स के साथ एक बड़ा फूड कोर्ट है। इसमें बड़ी संख्या में लोग एक साथ बैठ सकते हैं। इस मॉल में शादी की खरीदारी के लिए आए ग्राहकों के लिए एक विशेष जगह भी है, जहां गहनों और फैशन आइटम्स की बड़ी रेंज उपलब्ध है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शहीद पथ से सटे करीब 11 एकड़ इलाके में बना लुलु मॉल देश के सबसे बड़े शॉपिंग मॉल्स में से एक है। 50 हजार लोग इस मॉल में एक साथ शॉपिंग कर पाएंगे। यहां सैकड़ों की संख्या में नैशनल और इंटरनेशनल ब्रांड्स हैं। हालांकि लुलु मॉल का नाम ही खुद में खास है। लुलु मॉल का ऐसा नाम क्यों रखा गया है, इसका किस्सा भी दिलचस्प है। लुलु ग्रुप इंटरनेशनल एक मल्टिनेशनल कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी आबू धाबी में है। दरअसल लुलु एक अरबी शब्द है, जिसका मतलब मोती होता है। इसी के नाम पर ग्रुप का नाम पड़ा है। लुलु ग्रुप हाइपरमार्केट और रिटेल कंपनियों की एक बड़ी चेन चलाता है। इसे केरल निवासी एम.ए. यूसुफ अली ने शुरू किया था। लुलु ग्रुप इंटरनेशनल ने अबू धाबी में अपना पहला सुपरमार्केट खोला था। लुलु ग्रुप का सालाना टर्नओवर 8 अरब डॉलर का है। इस ग्रुप का कारोबार सबसे अधिक अरब देशों खासतौर पर यूएई में फैला है। इस ग्रुप का बिजनस मध्य पूर्व, एशिया, अमेरिका और यूरोप में समेत 22 देशों में है। लुलु ग्रुप ने करीब 57 हजार लोगों को रोजगार दिया हुआ है। भारत की बात करें तो अभी तक इस कंपनी ने कोच्चि में सबसे बड़ा मॉल बनाया है। कोच्चि, बेंगलुरू और तिरुवनंतपुरम के बाद लखनऊ चैथा शहर है, जहां उसने अपना सुपरमार्केट खोला है। लुलु ग्रुप ने उत्तर भारत का पहला मॉल लखनऊ में खोला है। लुलु मॉल में 1600 लोग फूडकोर्ट में एक साथ बैठ सकेंगे, 50 हजार लोग एक साथ शॉपिंग कर सकेंगे, 300 से अधिक इंटरनेशनल और नेशनल ब्रांड, 11 स्क्रीन का सुपरप्लेक्स, 15 रेस्टोरेंट, 25 आउटलेट का फूडकोर्ट, एटीएम, बेबी केयर रूम, बैगेज काउंटर, कस्टमर लिफ्ट, कार वॉशिंग, पीने का पानी, दिव्यांगों के लिए वॉशरूम की व्यवस्था, मल्टी लेवल कार पार्किंग, 3,000 गाड़ियों की हो सकती है पार्किंग, लुलु मॉल में एस्केलेटर, हेलमेट पार्किंग की सुविधा, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं के लिए पार्किंग की अलग व्यवस्था है। कारोबारी विशेषताओं से इतर इस माॅल ने विवादों का गंदा शोरूम भी खोल दिया है। हिन्दू महासभा के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों की तरफ भी शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। सोशल मीडिया की खबरों के अनुसार लुलु माल में 70 फीसद मुस्लिम पुरुषकर्मी हैं और 30 फीसद हिन्दू महिलाकर्मी नियुक्त की गयी हैं। यह संकेत लवजिहाद को बढ़ावा देने का है।
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बिखर रहा अखिलेश का कुनबा

Posted: 17 Jul 2022 05:25 AM PDT

बिखर रहा अखिलेश का कुनबा

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
सच कहें तो उत्तर प्रदेश में जब विधानसभा के चुनाव (2022) हो रहे थे और समाजवादी पार्टी (सपा) के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव भाजपा में शामिल हो गयी थीं, तभी मुलायम परिवार के बिखरने की शुरुआत हो गयी थी। अपर्णा का झुकाव पहले से भाजपा की तरफ था लेकिन अखिलेश यादव ने जिस तरह ओमप्रकाश राजभर और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के जयंत चैधरी के साथ गठबंधन करके अपने चाचा शिवपाल यादव को भी साथ-साथ चुनाव लड़ने के लिए राजी कर लिया था, उससे उम्मीद जगी थी कि यादव परिवार एकजुट हो गया। अखिलेश यादव ने मजबूत कुनबा बना लिया था। भाजपा और योगी आदित्यनाथ की प्रचंड आंधी के सामने भी 125 विधायक जुटा लेना मामूली बात नहीं कही जाएगी। अखिलेश यादव अगर इसे संभाल कर रखते, तब भी भाजपा को अगले साल होने वाले आम चुनाव में टक्कर दे सकते थे लेकिन स्वार्थ की राजनीति गठबंधनों को बिखेरती रहती है। यूपी में अखिलेश यादव के साथ भी यही हो रहा है। उनके चाचा शिवपाल यादव ने राष्ट्रपति पद के लिए राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन दे दिया। इसके लिए उनका बहाना भी बड़ा दिलचस्प है। इसी प्रकार सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर ने भी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में समर्थन दिया है। समाजवादी पार्टी ने विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन देने का वचन दिया। राजनीति का तकाजा तो यही है कि अखिलेश यादव भी द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करें क्योंकि जब विपक्षी गठबंधन बनाने की पहल करने वाली ममता बनर्जी स्वयं कहती हैं कि यदि उन्हंे पता होता कि द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी होंगी तो वे मुर्मू का ही समर्थन करतीं। अखिलेश यादव को अगर अपना कुनबा बिखरने से बचाना है तो उन्हें अपने पिता के धोपी पाट दांव का सहारा लेना होगा। वैसे भाजपा ने आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति प्रत्याशी बनाकर विपक्षी एकता को चरमरा दिया है।

समाजवादी पार्टी के टिकट से विधायक बने शिवपाल यादव ने स्पष्ट किया कि वे राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में एनडीए की प्रतिनिधि द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेंगे। सपा से अलग द्रौपदी मुर्मू जो एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं, उन्हें समर्थन देने के सवाल पर शिवपाल ने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी उन्हें बैठक में नहीं बुलाया, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए वोट नहीं मांगा। उन्होंने कहा कि एनडीए ने उन्हें खाने पर आमंत्रित किया और द्रौपदी मुर्मू के समर्थन में वोट मांगा, तो उन्होंने द्रोपदी मुर्मू को समर्थन देने की हामी भर दी। इस प्रकार शिवपाल और अखिलेश के बीच में फिर दूरियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। कई मौकों पर अखिलेश पर निशाना साधने वाले शिवपाल अब अपने भतीजे की पार्टी के खिलाफ पार्षद पद के उम्मीदवार उतारेंगे। चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश में कभी सुलह होती है, तो कभी दूरियां बढ़ने लगती है। अखिलेश ने जब नेताओं की बैठकें रखी, तब शिवपाल यादव को उस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था। इस बात पर शिवपाल यादव अपने भतीजे से खफा हो गए थे। हाल के समय में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी उत्तर प्रदेश विधानसभा में अखिलेश और शिवपाल की मौजूदगी में चाचा और भतीजे के बीच तनातनी पर चुटकियां ली थीं। इसी बीच खबर है कि प्रसपा के अध्यक्ष शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी उत्तरप्रदेश में होने वाले नगर निकाय और महापौर चुनाव में अखिलेश यादव की सपा से अलग और सपा के खिलाफ लड़ सकती है। दरअसल, विधानसभा चुनाव जीतकर आने के बाद शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की अपेक्षा की वजह से ही वह जल्द ही अपनी पार्टी के संगठन को पूरे प्रदेश में सक्रिय करेंगे और उत्तरप्रदेश में होने वाले नगर निकायों और महापौर के चुनाव में मैदान में उतरेंगे। शिवपाल ने कहा कि अखिलेश की बातों में आकर समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत भी गए लेकिन उन्हें इस बात का अफसोस है कि उन्हें अखिलेश ने विधानसभा चुनाव में कोई जिम्मेदारी नहीं दी। साथ ही उन्होंने शिवपाल को पार्टी की किसी भी बैठक में नहीं बुलाया। शिवपाल यादव ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनको मनाने घर पर आए थे। इस दौरान साथ ही चुनाव लड़ने एवं भविष्य में सम्मान देने की बात कही थी और उनको राजी किया था।

सुहेलेदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की नाराजगी भी विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को भारी पड़ेगी। सुभासपा के अध्यक्ष ओपी राजभर ने अपने पत्ते खोलते हुए कहा कि वह और उनकी पार्टी राष्ट्रपति चुनावों में राजग की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेंगे। बता दें कि 18 जुलाई को राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर वोटिंग होगी और उससे पहले सपा गठबंधन में शमिल सुभासपा का राजग उम्मीदवार का समर्थन करना विपक्ष को भारी पड़ सकता है।एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए राजभर ने अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को हमारी कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि, समाजवादी पार्टी के नेता को हमारी जरूरत नहीं है। प्रेस वार्ता में जयंत चैधरी को बुला लेते हैं, लेकिन ओपी राजभर को न बुलाना। राज्यसभा चुनाव आया तो राज्यसभा जयंत चैधरी को दे देना, हमें न पूछना। उनकी तरफ से लगातार नजरअंदाज करने वाली चीजें हो रही हैं। राष्ट्रपति चुनावों में किसके समर्थन के सवाल को लेकर उन्होंने बताया कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुझे बुलाकर कहा कि आप पिछड़े, दलित, वंचित की लड़ाई लड़ते हैं। आप द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करें। मैंने उनसे मुलाकात की जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात हुई। उनसे बात होने के बाद हमने द्रौपदी मुर्मू को समर्थन का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वो अभी भी अखिलेश के साथ हैं और गठबंधन में जब तक वो हैं तब तक हम रहेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि वो अखिलेश के साथ वोट देने के लिए तैयार थे लेकिन उनकी तरफ से लगातार की जा रही नजरअंदाजी गलत थी और इसी लिए वे और उनके 6 विधायक राजग की उम्मीदवार को वोट करेंगे।उत्तर प्रदेश में 2022 का विधानसभा चुनाव सुभासपा और सपा ने एक साथ मिलकर लड़ा था। सुभासपा ने 18 सीटों पर चुनाव लड़ा था और छह पर जीत हासिल की थी। इससे पहले, 2017 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ थी और राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद सत्ता में शामिल भी हुई थी लेकिन बाद में पार्टी सरकार से अलग हो गयी थी। ओपी राजभर इकलौते ऐसे नहीं है जिन्होंने ऐसा ऐलान किया है। बहुत सी ऐसी पार्टियां हैं, जिन्होंने राज्यों में चुनाव तो भाजपा के खिलाफ लड़ा है लेकिन राष्ट्रपति के चुनाव में उसके उम्मीदवार को वोट दे रही हैं। यूपी से ऐसी पार्टियों की फेहरिस्त काफी लंबी है। ओपी राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अलावा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव ने भी ऐसा ही ऐलान किया है। इसके अलावा, मायावती की बहुजन समाज पार्टी भी द्रौपदी मुर्मू को ही वोट करेगी। प्रतापगढ़ की कुण्डा सीट से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया ने भी एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन का ऐलान किया है। उनके दो विधायक हैं।
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देश ने जिन्हे भुला दिया

Posted: 17 Jul 2022 05:11 AM PDT

देश ने जिन्हे भुला दिया

रचित ऋचा श्रावणी
मेरी यह कविता उस वीरांगना को समर्पित है जिन्होंने नेता जी के साथ कदम से कदम मिलाकर आजादी की जंग में शरीक हुई। राजमणि सरस्वती जो INA  के लिए जासूसी की। मेरे कुछ शब्द इनके सम्मान में।
🙏।      नेता जी की सिंहनी 🙏।
आजादी की जंग छिड़ी थी
अंग्रेजो को देश से भागना था
तब रंगून शहर में
तब दुर्गा का अवतार हुआ था।

समय था सन 1927 का जब तमिल संपन्न परिवार
में जन्म लिया वीर बाला ने
नाम परा राजमणि, जो गुण से थी तेजस्विनी
मुख पर था जिसके आलौकिक उजाला

10 वर्ष की आयु में
नेताजी से प्रेरित होकर
उठा बंदूक कंधे पर
निशानेबाजी सीखने लगी।

पिता करते थे आंदोलन का सम्मान
सहायता करने हेतु , करते थे धन का दान
आभार प्रकट करने आए एक दिन
हमारे बापू, गांधी महान।

देख बच्ची के हाथों बंदूक
हुआ उन्हे हिंसा का आभास
अहिंसा परमो धर्मः का दिया ज्ञान
परंतु मणि के ना आया तनिक भी रास।

अब आई बारी उम्र सोलहवीं की
हर लड़की सपने संजोए सलोनी सी
पर कहा राज को यह सब था मंजूर
❤️ में नेताजी और सिर पर आजादी का जुनून।

नेताजी का भाषण सुन
दिया उसने अपने सारे आभूषण दान
यह देख तब उसके घर पहुंचे बोस
देख कर उनको पुलकित हो उठी
नहीं रहा उसको कोई होश।

बोले प्रेम से बेटी तेरे गहनें लौटाने लाया हूं
अभी उम्र तुम्हारी छोटी है, यही बताने आया हूं
नहीं मानी वह सिहनी, ज़िद पर अपने ar गई
नहीं लूंगी अपने अलंकार वापस क्योंकि देशभक्ति की 
कोई उम्र होती नहीं।

सुन उसके वचन को आवक रह गए सुभाष
लक्ष्मी तो आती जाती हैं,यह तो साक्षात सरस्वती है
इसे तो अपनी सेना में अवश्य करना होगा विराजमान।

वह दिन भी आया, जब नेताजी ने खबर भेजवाया
आओ सरस्वती तुम्हे INA में आना है
भारत मां की सेवा करनी है
मां ने तुम्हे बुलाया है।

हिम्मत उसमें कूट कूट कर भरी थी
जासूसी की कठिन प्रशिक्षण ली
तप तप कर कुंदन बनी 
तभी तो नेताजी की सबसे प्रिय बनी।

ले स्वांग पुरुष का ,अपनी सखी संग
दुश्मन के खेमे में जा पहुंची
देती रही सूचना अपने संघ को
अंग्रेजो के कूटनीति की।

एक दिन उसकी सखी पकड़ी गई
घबराई और सहम सी गई
मारनी थी उसे खुद को गोली
लेकिन ऐसा कर न सकी।

रूप धर नृत्यांगना का
सरस्वती पहुंची उस खेमे में
नृत्य कर, शत्रु के आंखो में धूल झोके
भाग चली मोहिनी अपनी सखी को ले के।

दौड़े फिरंगी उनके पीछे लिए हाथ में बंदूक
लगा गोली पैर में और गिरी रण चंडी वही
हार ना मानी फिर भी भागी
छोड़ा नहीं सखी का साथ
चढ़ बैठी एक वृक्ष की डाल पर
तीन दिन और तीन रात।

चौथे दिन वह उतरी और पहुंची अपने आवास
देख उसे संगी साथी, मनाए खूब उल्लास
देख इस वीरांगना की बहादुरी
लगाया आज़ाद हिन्द फौज ने जय जयकार।

नेताजी ने सम्मान दिया 
अपनी सेना में उच्च स्थान
प्रदान किया
लेकिन जब यह देश आजाद हुआ
और लहराया हमारा प्यारा तिरंगा
कांग्रेस की सरकार ने भुला दिया 
इनका दिया हुआ बलिदान।

भुला दिया इनकी क्रांति को हिंदुस्तान 
दे दिया गुमनामी का अंधकार
मिला उन्हे यही पुरुस्कार
हाय री सरकार, हाय री सरकार।

बहुत बाद में यह देश जगा
देने लगा उनको पेंशन कुछ
वो भी उन्होंने नहीं रखा
सुनामी राहत में दे दिया सबकुछ।

13 जनवरी 2018 को हुई यह 
पंचतत्व में लीन
इश्वर ने नहीं बल्कि हमने
किया इतिहास से विलीन।

जिस मान की थी यह हकदार
किया इस देश के नेताओ ने तिरस्कार
अब भी कुछ बिगड़ा नहीं
रंगून में जन्मी इस दुर्गा को 
अपने भीतर तुम जगाओ
अपने आगे की पीढ़ी को 
इनकी वीर गाथा सुनाओ।
      जय हिन्द 🙏
स्व रचित ऋचा श्रावणी
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बाइडेन ने सऊदी क्राउन प्रिंस के सामने उठाया खगोशी हत्याकांड का मुद्दा

Posted: 17 Jul 2022 05:07 AM PDT

बाइडेन ने सऊदी क्राउन प्रिंस के सामने उठाया खगोशी हत्याकांड का मुद्दा

रियाद। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन सऊदी अरब पहुंचे। इस दौरान सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों के बीच बैठक हुई जिसमें राष्ट्रपति बाइडेन ने पत्रकार जमाल खगोशी की हत्या का मुद्दा उठाया। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में राष्ट्रपति बनने से पहले बाइडेन ने मानवाधिकार को लेकर सऊदी अरब की काफी आलोचना की थी और अब यहां उनके इस दौरे को दोनों देशों के बीच दूरी को कम करने, संबंध को मजबूत बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत के तौर पर देखी जा रही है। श्री बाइडेन ने कहा कि बैठक में उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि साल 2018 में हुई खगोशी की हत्या का मामला उनके और अमेरिका के लिए बेहद अहम है। इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आपसी सहमति बनी। अक्तूबर, 2018 में तुर्की की राजधानी इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में सऊदी अरब मूल के अमेरिकी पत्रकार और सऊदी सरकार के मुखर आलोचक जमाल खगोशी की हत्या कर दी गई थी।
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शिव

Posted: 17 Jul 2022 04:51 AM PDT

शिव

अंग भस्म रमाए बाबा हे नंदी के असवार 
गंग जटा समाए बाबा हे जग के करतार 

भोलेनाथ डमरू वाले शिव सब देवों के देव 
खोलो पलकें ध्यान मग्न भोले बाबा महादेव 

आया सावन उमड़ घुमड़ करते पूजा तेरी 
बिल पत्र दुग्ध जल चढ़ाए नाथ सुनो मेरी 

गिरि कैलास पे वासा बाबा हे गोरी के भरतार 
सोहे त्रिशूल कर में बाबा भवसागर कर दो पार 

लंबोदर सुवन तिहारे विघ्नहर्ता गणराज 
तेरी लीला तू ही जाने विश्वनाथ नटराज 

अंतर्यामी घट घटवासी भक्तों के प्रतिपाल 
सकल चराचर कर्ता भोले शम्भू दीनदयाल 

बाघांबर आसन बिराजे ले चिमटा धूनी रमाये 
भंग धतूरा भोग चढ़े भोले नीलकंठ कहलाए 

शिव का ध्यान धरे निशदिन हर ले पीर सारी 
हर हर महादेव गूंजे सब गाते नर और नारी

रमाकांत सोनी सुदर्शन 
नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान
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जब कभी मन मे व्यथा हो

Posted: 17 Jul 2022 04:48 AM PDT

जब कभी मन मे व्यथा हो

आँसूओं का संग जुदा हो
बात मन की कह सको ना
तब मुझे तुम याद करना।

मुझसे तुम संवाद करना
व्यक्त सब जज्बात करना
मै सुनूँगा सब धीर रखकर
और मार्ग भी प्रशस्त करूँगा।

जानता हूँ बहुत कठिन यह
गैर से निज जज्बात कहना
पीर जब नासूर बनने लगे
बेहतर होता उपचार करना।

है यही बस वश मे अपने
दीप बन जल सकूँ तम मिटाऊँ
खुद की खातिर जी चुका हूँ
अब मैं किसी के काम आऊं।

अ कीर्ति वर्द्धन
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मैं यूं ही बस मुस्कराता

Posted: 17 Jul 2022 04:46 AM PDT

मैं यूं ही बस मुस्कराता, गुनगुनाता हूं,

मुश्किलों के बीच भी, खुश हो जाता हूं।
चाहत नहीं मुझको मिलें दौलत जहान की,
जो भी मिला मुकद्दर मान खिलखिलाता हूं।

आज पौधे रोपकर, खुश हूं बहुत,
कुछ पुराने देखकर, खुश हूं बहुत।
कल बड़े हो, वृक्ष यह बन जायेंगे,
आज ही यह सोचकर, खुश हूं बहुत।

आज हमने कैंथ बरगद महुआ लगाए,
शहतूत कटहल शमी चांदनी के लगाए।
नीम पीपल गुलमोहर सी छाया मिले,
बस यही सोचकर कुछ कदम्ब लगाए।

हो सके तो आप भी कुछ कीजिए,
कुछ पौधे धरा पर आप रौप दीजिए।    
पशु पक्षी परिंदों को कुछ राहत मिलेगी,        
बच्चों को शुद्ध स्वच्छ वातावरण दीजिए।            

अ कीर्ति वर्द्धन
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श्रीलंका में नये राष्ट्रपति को चुनने की प्रक्रिया शुरू

Posted: 16 Jul 2022 11:20 PM PDT

श्रीलंका में नये राष्ट्रपति को चुनने की प्रक्रिया शुरू

कोलंबो। श्रीलंका में राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश छोड़कर चले जाने के बाद अब यहां के सांसदों ने एक नए नेता को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो पूर्व राष्ट्रपति के शेष कार्यकाल को पूरा करेगा।

प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। वह तब तक यह कार्यभार संभालते रहेंगे जब तक कि संसद द्वारा श्री राजपक्षे के उत्तराधिकारी का चुनाव नहीं कर लिया जाता।

उल्लेखनीय है कि श्री राजपक्षे का कार्यकाल 2024 में समाप्त हो रहा है। इस बीच, स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्धन ने इसके लिए एक स्वच्छ राजनीतिक प्रक्रिया का भी वादा किया है। देश के नए राष्ट्रपति, नए प्रधानमंत्री नियुक्ति कर सकते हैं, जिसे संसद द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। इस बीच, राजधानी कोलंबो में संसद भवन की चारों ओर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, सशस्त्र नकाबपोश सैनिकों की तैनाती की गई है और इसके आसपास की सड़कों को आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। टेलीविजन पर दिए एक बयान में श्री विक्रमसिंघे ने कहा कि वह राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करने, संसद को अधिक शक्तिशाली बनाने, कानून व्यवस्था बहाल करने और विद्रोहियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के मद्देनजर संविधान में बदलाव के लिए कदम उठाएंगे।
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बम की धमकी के चलते खाली कराया गया अमेरिका का हवाई टर्मिनल

Posted: 16 Jul 2022 11:16 PM PDT

बम की धमकी के चलते खाली कराया गया अमेरिका का हवाई टर्मिनल

सैन फ्रांसिस्को। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल को बम की धमकी के कारण खाली कराया गया है। इस मामले में एक शख्स को हिरासत में लिया गया है। लॉस एंजिल्स टाइम्स की एक खबर में कहा गया है कि बम की धमकी मिलने के बाद सैन फ्रांसिस्को हवाईअड्डे से लोगों को बाहर निकाला गया है। एक शख्स को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि बम की धमकी के कारण शुक्रवार रात सैन फ्रांसिस्को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल से यात्रियों को निकाला गया। सैन फ्रांसिस्को पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि हवाई अड्डे के अधिकारियों को एक बम की धमकी की रिपोर्ट मिली। साथ ही एक संदिग्ध पैकेज मिला और इस सामान को संभवतः ज्वलनशील माना जा रहा है। इस घटना के सिलसिले में एक शख्स को हिरासत में लिया गया है। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की है। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की कुछ गतिविधियों के कारण लोगों को अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल से निकाला गया है और यात्रियों को अगली सूचना तक अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल पर आने से बचने के लिए कहा गया है।
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मेघदूतम, कालिदास व भारतीय संस्कृति की अनमोल कृति ...

Posted: 16 Jul 2022 10:47 PM PDT

मेघदूतम, कालिदास व भारतीय संस्कृति की अनमोल कृति ...

संकलन अश्विनी कुमार तिवारी
लोग कहते हैं कि किसी कहानी या काव्य को लिखना अलग बात है लेकिन उसकी स्क्रिप्ट राइटिंग अलग होती है ...
लेकिन यदि आप प्राचीन भारतीय साहित्य पढ़ते हैं तो कई बार लिखे हुए अक्षर जीवंत नजर आते हैं ...
ख़ासकर महान कवि कालिदास की रचनाओं को पढ़ने पर आंखों के सामने चलचित्र चलने लगता है। उसमें भी मेघदूतम ऐसी अद्भुत रचना है जो प्रकृति की महानता का अद्भुत वर्णन करती है ...
मेघदूतम्‌ एक ऐसा आख्यान है जिसमें श्रृंगार रस के साथ भारतीय संस्कृति, प्रकृति का सौंदर्य अपने उत्कृष्टतम, रूप में प्रकट होता है।
अलकापुरी के राजा कुबेर के यहाँ प्रतिदिन मानसरोवर से स्वर्णकमल लाने के कार्य में नियुक्त एक यक्ष अपनी पत्नी के प्रेम में इस क़दर डूबा था कि एक दिन वह अपने काम में प्रमाद कर गया।
कुबेर ने उसे एक वर्ष के लिए अलकापुरी से निष्कासित कर दिया। शाप की यह अवधि बिताने के लिए उसने रामगिरि (हिमालय के निकट) के आश्रम में शरण ली, जो जलाशयों और सघन छायादार वृक्षों की प्राकृतिक सुषमा से भरा हुआ था।

आषाढ़ के पहले दिन हाथी व हथिनी के झुंडों के समान श्वेत बादलों को देखकर उसकी विरह-वेदना असह्य हो उठी।

वियोग-विकल उस यक्ष ने चलायमान मेघों के माध्यम से अलकापुरी में उसके वियोग से तड़प रही पत्नी को संदेश भेजने का निश्चय किया।


बादल को रामगिरि से अलकापुरी तक का मार्ग बताने के क्रम में कालिदास ने पूरे भारत देश का इतना अद्भुत वर्णन किया है कि सारा दृश्य आंखों के सामने आ जाता है।


और वैसे भी प्रकृति के वर्णन में कालिदास से बड़ा कवि दुनिया में कोई नहीं है।


इसी प्रकार का वर्णन वे रघुवंशम्‌ में पुष्पक विमान से लंका से अयोध्या तक की यात्रा के दौरान सीता को अपने वनवास-काल के दृश्यों का वर्णन भगवान राम ने किया है।


सांस्कृतिक इकाई के रूप में समग्र भारत वर्ष का बिंब कालिदास के मानस पटल पर गहराई से अंकित था।


रामगिरि से अलकापुरी की ओर बढ़ते हुए कालिदास सबसे पहले 'सिद्धों' के प्रदेश का ज़िक्र आता है,


"सिद्धों की भोली-भाली स्त्रियाँ आँखें फाड़-फाड़कर तुम्हें देखेंगी कि कहीं ये मेघ पहाड़ की चोटी ही तो नहीं उड़ाए ले जा रहे हैं।"


"फिर तुम्हे मिलेंगी मालव प्रांत की मासूम कृषक बालाएँ, जिन्हें भौंहें नचाकर रिझाने की कला तो नहीं आती है, पर वे तुम्हें ताकेंगी बहुत आदर और प्रेम से, क्योंकि उनकी फ़सलों का होना, न होना तुम्हारे ऊपर ही निर्भर करता है। इस कृषि-प्रांत में खेतों के जोते जाने से सोंधी गंध उठ रही होगी।हे मेघ वहाँ तुम वर्षा अवश्य करना। "


"उसके आगे थोड़ा-सा पश्चिम की ओर मुड़कर फिर उत्तर की दिशा में बढ़ोगे तो मिलेगा "आम्रकूट पर्वत", जो पके हुए आम के वृक्षों से घिरा होने के कारण पीला-पीला नज़र आएगा।


उसके जंगलों में ग्रीष्म ऋतु में अमूमन दवानल होता है। वहाँ तो तुम मूसलाधार बारिश ही कर देना, वे पर्वत तुम्हारा बड़ा उपकार मानेगा।


"इन आम्रकूट के कुंजों में तुम्हें वनवासी स्त्रियाँ घूमती दिखेंगी, वहाँ तनिक रुक जाना और मद्धिम सा जल बरसा देना और उनके कोमल अंगों को छूते हुए आगे बढ़ जाना हुए।"


"आगे तुम्हें विंध्य के पठार पर कई-कई धाराओं में बँटकर फैली नर्मदा नदी दिखाई पड़ेगी, ऐसे लगेगा जैसे किसी विशाल हाथी का शरीर भभूत से चित्रित कर दिया गया हो।"


"हाथियों के मद से सुगंधित और जामुन के झुरमुटों से होकर बहती नर्मदा का पवित्र जल तुम ज़रूर पी लेना ताकि फिर से भारी हो जाओ और हवा तुम्हें इधर-उधर भटका न दे।"


कालिदास ने नर्मदा के इस वन-प्रांत के विशद मनोहारी वर्णन के बाद आगे पड़ने वाले "दशार्ण देश का उल्लेख किया है जिसके उपवन में केतकी (केवड़ा) के फूलों से उज्वल रेखा-सी दिखाई पड़ती है।


"दशार्ण की राजधानी "विदिशा" विलास की सामग्रियों से ऐसी भरपूर दिखेगी कि जब तुम वहाँ से गुज़रती चंचल लहरों वाली वेत्रवती (बेतवा) का मीठा जल पीने लगोगे तो प्रतीत होगा जैसे कटीली भौहों वाली कामिनी के होंठों का रस पी रहे हो।"


जंगली नदियों के किनारे के उपवनों में जूही की कलियों को अपनी फुहार से सींचते हुए और वहाँ फूल उतारने वाली मालिनों के उन मुखड़ों पर छाया करते हुए तुम निकल जाना जिनके गालों पर बहते पसीने से लगकर कमल की पंखुड़ियों के कर्णफूल मलिन हो गए होंगे।


हे मेघ तुम्हें वहाँ से उत्तर जाना है और उज्जयिनी पश्चिम तुम्हारे मार्ग से हटकर है, पर उस नगरी के भवनों लेकिन यदि तुम वहाँ की स्त्रियों की चंचल चितवन को बिना देखे निकल गए तो तुम्हारा जन्म ही निरर्थक जाएगा।


फिर तो कालिदास यक्ष के माध्यम से उज्जयिनी की समृद्धि का इतना अद्भुत वर्णन करते हैं जैसे लगता है कि पाठक उज्जैनी में ही पहुँच गया है।


अतः यदि सावन के माह में मेघदूतम को नही पढा तो भारतीय संस्कृति में मेघों के उत्सव को समझ ही नही जा सकता ...


और बिना कालिदास को पढे भारतीय संस्कृतिव महान को भी नही समझा जा सकता है ...
✍🏻ध्रुव कुमार


आषाढस्य प्रथमदिवसे मेघमाश्लिष्टसानुं
वप्रकीडापरिणतगज प्रेक्षणीयं ददर्श।।
( मेघदूत : पूर्वमेघ २)
आज आषाढ़ लग गया। कृष्णपक्ष। चंद से चंद होता जाएगा चांद... प्रतिपदा से अमावस्या तक... मराठी मान्यताओं में शुक्ल पक्ष से होगा।


दो नक्षत्र है : पूर्वाषाढ़ और उत्तराषाढ़। कालिदास ने दो ही मेघ लिए : पूर्वमेघ और उत्तरमेघ। दो ही स्थान। दो ही मन। दो टूक बात और भारत भूमि के दर्शनीय स्थलों की यात्रा! विरह कथाओं की जननी यक्ष संस्कृति की सुंदर स्मृति। शाप और उसके मोचन का निरूपण। जनार्दन ने अपनी व्याख्या में कहते हैं : आषाढस्य प्रथमदिवसे प्रधान दिवसे, प्रधानश्चेति दिवसश्च। प्रबोधिन्यामेकादश्या कथयंति, तत्समीचीनम्।
💧
आषाढस्य प्रथमदिवसे...
💦
इक ही ख़त के बाद खड़ा
हो गया प्रतीक्षा का पहाड़।
कभी - कभी पोथी में पढ़ती :
आशा बरसाए आषाढ़।।
🌄
आषाढ़... आशाओं का आषाढ़,
क्रीड़ाशैल का आषाढ़,
यक्षेश्वरपुरी का आषाढ़,
रामगिरि का आषाढ़,
आलेखों का आषाढ़,
गर्जनाओं और वर्जनाओं का आषाढ़,
स्वभावोक्तिरलंकार, लुप्तोपमालंकार, हेतुरलंकार, व्यतिरेकालंकार जैसे कितने अलंकारों का आषाढ़,
कालिदास का आषाढ़,
शकुनों का आषाढ़,
"मेघदूत" मनोरथ सिंचित करें
और अनुकूल स्वास्थ्य बनाए रखे... 💐🌺


लिथो पर मेघदूत
🎁
कालिदास कृत मेघदूत को मल्लीनाथी टीका के अभाव में आत्मसात करना कठिन होता है। काशी सहित अन्यत्र मेघदूत का पठन पाठन होता आया है। सोमनाथ, गुजरात में कालिदास के काव्य पर विद्वत विचार विमर्श के लिए मठ में व्यवस्था रखी गई थी जिसका शिलालेख कुछ समय पहले हमने पढ़ा था। कालिदास की योगिनी काव्य सिद्धि का प्रामाणिक संदर्भ 1129 में सोमेश्वर ने मानसोल्लास में दिया है।
कभी आषाढ़ से मेघदूत का पठन आरंभ होता और चातुर्मास के समापन, देव प्रबोधिनी पर मुखाग्र कर पूरा किया जाता। यह यक्ष चरित है और कालिदास के काल तक यक्ष की कथाएं अनेक रूप में लिखी पढ़ी जाती थी। यह प्रभाव कथासरितसागर के रास्ते पुराणों पर भी पड़ा। महाभारत में भी यक्ष प्रसंग हैं।


अहमदाबाद के श्री महेशचंद्र पंड्या के संग्रह में इसकी वह प्राचीन प्रति है जो लिथो प्रेस पर छपी थी। आड़े आकार में पोथी रूप में। वैसी ही जैसी हाथ से लिखी जाती थी। यह पुस्तक संवत 1924 में वाराणसी के मोहल्ला घुघुराना श्यामा की गली में बाबू साहेब बाबू हरख चंद के बाड़े में दुर्गा प्रसाद कटारे के गणेश यंत्रालय में छपी। देवी प्रसाद तिवाड़ी ने इसको संपादित किया था।
✍🏻डॉ श्रीकृष्ण जुगनु


"शमीलता"
शमीलता शब्द का प्रयोग कालिदास ने अभिज्ञानशाकुन्तल में किया है-


ध्रुवं स नीलोत्पलपत्रधारया शमीलतां छेत्तुमृषिर्व्यवस्यति ॥


महाभारत की एक वाचना में निम्नलिखित पाठ है, इसमें भी शमीलता शब्द द्रष्टव्य है-
एषा शमी पापहरा सदैव
यात्रोत्सवानां विजयाय हेतुः
अत्रायुधानां कृतसंनिवेशे
कृतार्थकामा जयमङ्गलं च
प्रदक्षिणीकृत्य शमीलतां ते
प्रणम्य ......
.......................
...................
शमी शमयते पापं शमी शमयते रिपून्
शमी शमयते रोगाञ्छमी सर्वार्थसाधना
रामः सीतां समादाय त्वत्प्रसादाच्छमीतले
कृतकृत्यः पुरे प्राप्तः प्रसादात्ते तथास्तु मे
यहाँ समाधान यह है कि लता को शाखा माना गया है।
परन्तु सोमलता को अब तक एक लता/बेल ही माना जाता रहा है।
वैशेषिक सूत्र -पंचम अध्याय- प्रथम आह्निक.
सुश्रुत संहिता- सूत्र स्थान-अध्याय २७
कालिदास के कुमारसम्भव में भी चुम्बक का उल्लेख है-
उमारूपेण ते यूयं संयमस्तिमितं
मनः ।
शंभोर्यतध्वम् आक्रष्टुम्
अयस्कान्तेन लोहवत्॥
२.५९॥
कान्तलौह, अयस्कान्त, कान्तायस आदि नाम चुम्बक के हैं ।
पातंजल योग सूत्र , सुश्रुत संहिता में भी वर्णित है.
धातुकर्म से प्राप्त लोहे के प्रयोग के पुरातात्विक प्रमाण 1700 ई.पू. तक के हैं । कमसे कम इस सीमा से पूर्व ही प्राकृतिक चुम्बक पत्थर का ज्ञान हो ही गया होगा ।
दिक्शोधन अथवा दिशा ज्ञान हेतु चुम्बक के प्रयोग के उदाहरणों
की सीमा अधिक पीछे नहीं जा पायेगी ।
दिशा बोध हेतु मानव तारों का सहारा लेता रहा है ।
समुद्री यात्री जो छोटी कनू नौकाओं के सहारे न्यूजीलैण्ड , हवाई द्वीप , ताइवान द्वीप आदि में योरोपिअन से भी पहले पहुँचे. तारों (stars) के सहारे ही यात्रा करने का ज्ञान रखते थे । जहाज पर पक्षियों के रखे जाने का हेतु स्थल भाग की प्राप्ति के लिए था. दिशा बोध के लिए नहीं ।
कालिदास को भी ज्ञात था कि चन्द्रग्रहण किस कारण से होता है , वे तो यह लिखते हैं कि यह बात जन-जन को पता है ।
छाया हि भूमेः शशिनो मलत्वेनारोपिता शुद्धिमतः प्रजाभिः॥ १४-४०॥
रघुवंशम्✍🏻अत्रि विक्रमार्क अन्तर्वेदी
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फिलीपीन्स में सरकारी कर्मचारियों को मुस्कराते रहने का आदेश

Posted: 16 Jul 2022 10:35 PM PDT

फिलीपीन्स में सरकारी कर्मचारियों को मुस्कराते रहने का आदेश

मनीला। स्थानीय सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा की गुणवत्ता में सुधार करने के प्रयास में क्यूजोन में मुलाने नगरपालिका के मेयर एरिस्टोटल "एरिस" एल एगुइरे ने सरकारी कर्मचारियों के लिए मुस्कुराने की नीति पेश की है। एगुइरे के कार्यकारी आदेश के अनुसार, "शांति और मैत्रीपूर्ण माहौल की भावना दिखाकर ईमानदारी से लोगों की सेवा करते हुए" नीति को अपनाया जाना चाहिए।
5 जुलाई के जारी इस आदेश में कहा गया है कि यदि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी जो इस आदेश का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्यवाई की जाएगी। एगुइरे ने कहा कि यह उपाय स्थानीय लोगों, ज्यादातर नारियल उत्पादकों और मछुआरों की शिकायतों के जवाब में था। जब स्थानीय लोग अपने करों का भुगतान करने या सहायता लेने के लिए टाउन हॉल के कर्मचारियों से मिलते तो वह उनसे बुरी तरह से बर्ताव करते है। इसके बाद कर्मचारियों की आदत सुधारने के लिए ऐसा आदेश पारित करना पड़ा है। आदेश में कहा गया है कि नीति का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों पर उनकी छह माह की तनख्वाह काट ली जाएगी और उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है।
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गंगा जमुनि तहजीब कि एक और मिशाल, 2047 भारत में इस्लाम के शासन PFI का विजन डॉक्यूमेंट

Posted: 16 Jul 2022 08:48 AM PDT

गंगा जमुनि तहजीब कि एक और मिशाल, 2047 भारत में इस्लाम के शासन PFI का विजन डॉक्यूमेंट 

आँखे नहीं खुक्ले है एक बार पढ़ लो और लॉगो तक पंहुचा दे गंगा जमुनि तहजीब कि एक और मिशाल पेश करो 2047 भारत में इस्लाम के शासन की ओर आंतरिक दस्तावेज बिस्मिल्लाह हीर रहमान नीर रहीम मुस्लिम समुदाय की वर्तमान स्थिति मुस्लिम देश में दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय है। इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के सदस्य देशों के बाहर भारत में मुसलमानों की सबसे बड़ी संख्या है और दूसरा सबसे बड़ा (इंडोनेशिया के बाद) है। यह पाया गया है कि लक्षद्वीप सहित देश के 9 जिलों और जम्मू-कश्मीर के 8 जिलों में 75% या उससे अधिक मुस्लिम आबादी है। काश, कभी देश के शासक समुदाय, मुसलमानों को अब दूसरी श्रेणी के नागरिक के रूप में हटा दिया गया है। जब हम मुसलमानों की वर्तमान दयनीय स्थिति के कारणों की खोज करते हैं, तो हमें सीधे ब्रिटिश राज से शुरुआत करनी होगी। शुरू से ही विदेशी शासकों ने भेदभावपूर्ण नीतियां, मुसलमानों के प्रति शत्रुतापूर्ण और हिंदुओं के प्रति सहानुभूति रखने वाली नीतियां अपनाईं। संपत्ति के अधिकार आदि के मामले में पहले मुसलमानों द्वारा प्राप्त विशेषाधिकारों को वापस ले लिया गया था, सरकारी नौकरियों से वंचित कर दिया गया था और व्यापार सुविधाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया था। आजादी के बाद से ही उच्च जाति के हिंदुओं के प्रभुत्व वाली भारत सरकार ने मुसलमानों के खिलाफ भेदभावपूर्ण कदम उठाए। यह एक सर्वविदित तथ्य है कि भारतीय मुसलमान व्यवस्थित रूप से और तेजी से अपनी मातृभूमि में हाशिए पर जा रहे हैं। आज पूरे उत्तर और उत्तर पूर्व भारत में, खदानों में, खदानों और निर्माण स्थलों में, मुस्लिम बच्चे दलित बच्चों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। सांप्रदायिक हिंदुत्ववादी ताकतों के उदय ने मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक स्थितियों को और भी गंभीर बना दिया है। मुसलमानों का राजनीतिक वंचन इतना नीचे आ गया है कि भारत सरकार शरीयत से संबंधित मामलों पर भी मुसलमानों से सलाह लेने की जहमत नहीं उठाती। भारत का मुस्लिम समुदाय, दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा होने के नाते, मुस्लिम विरोधी ताकतों के हमले के खिलाफ दुनिया को एक सफल अस्तित्व मॉडल प्रदान करने की भारी जिम्मेदारी है। लेकिन यह अच्छे संगठन या नेतृत्व से बुरी तरह वंचित है। चाहे वह मुस्लिम विरोधी स्रोतों के प्रयासों से हो या मुसलमानों के आंतरिक स्वभाव से, समुदाय बहुत ही मूर्खतापूर्ण मतभेदों पर विभाजित होता है। इससे समुदाय को मजबूत और साहसी बनाने वाली हिंदुत्ववादी ताकतों के खिलाफ प्रतिरोध प्रदान करना मुश्किल हो जाता है। हालांकि मोहल्ले से ऊपर के निचले स्तर पर कई स्वघोषित नेता हैं, लेकिन इस कठिन समय में समुदाय के लिए कोई दृष्टि आधारित नेविगेटर नहीं है। दुनिया भारतीय मुसलमानों को एक मॉडल के रूप में देखती है और भारतीय मुस्लिम समुदाय किसी चमत्कार के होने का बेसब्री से इंतजार करता है। जल्दी या बाद में, इसे . से बचाने के लिए समुदाय के भीतर से एक नेतृत्व को उभरना होगा स्वतंत्रता, सच्चाई और समान प्रवर्तन के आधार पर समाज के वंचित वर्गों के लिए तत्काल खतरे और वास्तविक विकास मॉडल प्रदान करना। यह वह भूमिका है जिसमें पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया खुद को देखता है। यहाँ आता है भारत 2047 सौ साल मानव इतिहास के प्रवाह में एक लहर भी नहीं है, लेकिन पीढ़ियों के लिए, इसका अर्थ है आशा, निराशा, पीछे हटने, प्रगति, लाभ और पीड़ा के लंबे समय तक खींचे गए वर्ष। 2047 सीई इतिहास में एक वाटरशेड नहीं है, लेकिन यह स्वतंत्र भारत की एक सदी के अंत और परिवर्तन, सकारात्मक और नकारात्मक, प्रलय या अन्यथा के साथ एक नई गर्भवती की शुरुआत का प्रतीक है। हम एक 2047 का सपना देखते हैं जहां राजनीतिक सत्ता मुस्लिम समुदाय में वापस आ गई है, जिसे ब्रिटिश राज ने अन्यायपूर्ण तरीके से छीन लिया था। इसके लिए रोडमैप सबसे पहले मुस्लिम समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास से शुरू होता है, जिसके लिए एम्पावर इंडिया फाउंडेशन के नाम से एक अलग रोडमैप पहले से ही उपलब्ध कराया गया था। सामाजिक आर्थिक विकास और परिणामी सशक्तिकरण से राजनीतिक सशक्तीकरण भी होगा जो तब बेहतर सामाजिक-आर्थिक विकास और आगे की राजनीतिक शक्ति की दिशा में एक पुण्य चक्र के रूप में कार्य करेगा। मने इस देश में एक इस्लामी सरकार लाने के लिए खुद को 2047 सीई का लक्ष्य दिया है। अगर हम इस्लाम के इतिहास पर नजर डालें तो मुसलमान हमेशा अल्पसंख्यक थे और जीत के लिए हमें बहुमत की जरूरत नहीं है। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को भरोसा है कि अगर कुल मुस्लिम आबादी का 10 फीसदी भी इसके पीछे हो जाता है, तो पीएफआई कायर बहुसंख्यक समुदाय को अपने घुटनों पर लाकर भारत में इस्लाम के गौरव को वापस लाएगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, यह रोडमैप सभी पीएफआई नेताओं द्वारा ध्यान में रखने के लिए तैयार किया गया है और तदनुसार इस लक्ष्य के लिए पीएफआई कैडरों, विशेष रूप से और मुस्लिम समुदाय को सामान्य रूप से मार्गदर्शन करता है। पीएफआई कैडर और मुस्लिम युवाओं को बार-बार कहा जाना चाहिए कि वे सभी दीन के लिए काम कर रहे थे। दुनिया को अल्लाह ने बनाया था / कायनात और मुसलमान दो वजहों से बने थे, पहला अल्लाह का कानून स्थापित करने वाला और दूसरा मुसलमान धरती पर दाई। यह हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि इस्लाम का शासन स्थापित करना है। इस्लामी शासन की दिशा में प्रगति के चरण हम अपने लक्ष्य तक पहुंचने की दिशा में चार चरणों की प्रगति की उम्मीद करते हैं: पहले चरण में, हमें जहां भी मुसलमान उपलब्ध हैं, वहां खुद को स्थापित करने की जरूरत है और उन सभी को अपने संप्रदायों के बावजूद भारत के लोकप्रिय मोर्चा के झंडे के नीचे एकजुट करने का प्रयास करना चाहिए। संबद्धता। इसके लिए मुस्लिम समुदाय को अपनी शिकायतों को बार-बार याद दिलाने और जहां कोई शिकायत नहीं है वहां शिकायतें स्थापित करने की जरूरत है। पार्टी सहित हमारे सभी फ्रंटल संगठनों को नए सदस्यों के विस्तार और भर्ती पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। साथ ही, हमें एक . स्थापित करना होगा भारतीय होने की अवधारणा से परे सभी के बीच इस्लामी पहचान। हम अपने पीई विभाग में सदस्यों की भर्ती और प्रशिक्षण शुरू करेंगे, जिसमें उन्हें हमला करने और रक्षात्मक तकनीकों, तलवारों, छड़ों और अन्य हथियारों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। दूसरे चरण में, हमें शिकायतों की कथा को दूर-दूर तक फैलाना और फैलाना है, पीएफआई के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर लामबंदी का प्रयास करना है और सुरक्षा के लिए हमारे प्रशिक्षित कैडरों के जोखिम को सीमित करते हुए, अपनी ताकत का प्रदर्शन करने और अपने विरोधियों को आतंकित करने के लिए चुनिंदा हिंसा का उपयोग करना है। ताकतों । जिन सभी संवर्गों को पीई दिया जा रहा है, उनमें से प्रतिभावान लोगों को देखा जाना है और उन्हें आग्नेयास्त्रों और विस्फोटकों सहित हथियारों पर उन्नत प्रशिक्षण देने के लिए भर्ती किया जाना है। इस बीच, पार्टी को 'राष्ट्रीय ध्वज', 'संविधान' और 'अंबेडकर' जैसी अवधारणाओं का उपयोग इस्लामी शासन स्थापित करने के वास्तविक इरादे को ढालने और एससी/एसटी/ओबीसी तक पहुंचने के लिए करना चाहिए। हम कार्यपालिका और न्यायपालिका तक पहुंचेंगे और सूचना एकत्र करने और अपने हित के मामलों में अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए इन सभी स्तरों पर अपने सदस्यों की घुसपैठ करने का भी प्रयास करेंगे। इसके अलावा, वित्त पोषण और अन्य मदद के लिए विदेशी इस्लामी देशों के साथ संपर्क स्थापित किया जाना है। तीसरे चरण में, पार्टी को अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों/ओबीसी के साथ घनिष्ठ गठबंधन बनाना चाहिए और कम से कम कुछ सीटों पर सभी स्तरों पर चुनाव जीतना चाहिए। पार्टी को इस चरण में 50% मुसलमानों और 10% अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ओबीसी का विश्वास हासिल करना चाहिए। राजनीतिक जीत का उपयोग संगठन और पार्टी को और विस्तार देने के लिए किया जाना चाहिए। हमें आरएसएस और एससी/एसटी/ओबीसी के बीच विभाजन पैदा करने की जरूरत है, यह दिखाकर कि आरएसएस केवल उच्च जाति के हिंदुओं के कल्याण में रुचि रखने वाला संगठन है। हमें मौजूदा तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों को उनकी धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठाकर और मुसलमानों और अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों/ओबीसी को अपने हितों को प्रदर्शित करने के लिए अपनी पार्टियों की आवश्यकता को पेश करके बदनाम करने की जरूरत है। सभी फ्रंटल संगठनों को पिछले चरणों में पहले से किए जा रहे काम को जारी रखना चाहिए। पीई विभाग को अपने सदस्यों के अनुशासन के माध्यम से अपनी ताकत का परिचय देना चाहिए, वर्दीधारी मार्च और जहां कहीं भी आवश्यक हो, समुदाय की रक्षा में शारीरिक रूप से हस्तक्षेप करना और किसी पर भी इसके हितों के खिलाफ हमला करना चाहिए। इस चरण में हथियारों और विस्फोटकों का भंडारण किया जाना चाहिए। अंतिम चरण में, पार्टी को अन्य सभी मुस्लिम संगठनों को दरकिनार कर निर्विवाद नेता और संपूर्ण मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधि बनना चाहिए। पार्टी को एससी / एसटी / ओबीसी के 50% का विश्वास भी हासिल करना चाहिए और उनके प्रतिनिधि के रूप में भी उभरना चाहिए। इस स्तर पर, यह वोट शेयर पार्टी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक सत्ता हासिल करने के लिए पर्याप्त होगा। एक बार सत्ता में। कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ-साथ पुलिस और सेना में सभी महत्वपूर्ण पदों को वफादार कार्यकर्ताओं से भरा जाना है। सभी सरकारी विभागों के दरवाजे सेना और पुलिस सहित वफादार मुसलमानों और एससीएस / एसटीएस / ओबीसी को भरने के लिए खोला जाएगा ताकि उनकी भर्ती में पिछले अन्याय और असंतुलन को ठीक किया जा सके। हमारे पीई विभाग की कार्रवाई और अधिक स्पष्ट हो जाएगी और इस स्तर पर कैडरों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। जो हमारे हित के विरुद्ध हैं उन्हें समाप्त किया जाना है। ये पीई कैडर हमारे विरोधियों द्वारा सुरक्षा बलों के प्रभाव के खिलाफ एक सुरक्षा कवच के रूप में भी काम करेंगे। जब हमारे पास पर्याप्त प्रशिक्षित कैडर और हथियारों का भंडार होगा, तो हम इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित एक नए संविधान की घोषणा करेंगे। इस स्तर पर बाहरी ताकतें भी मदद के लिए आएंगी। हमारे विरोधियों का व्यवस्थित और व्यापक प्रसार होगा और इस्लामी गौरव की वापसी होगी। वर्तमान कार्रवाई योग्य बिंदु शिकायतों की स्थापना हम इस कार्य पर एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। सौभाग्य से, उभरती हिंदुत्ववादी ताकतें, आरएसएस और केंद्र में उनकी कठपुतली सरकार हमें हमारे भाइयों की शिकायतों को भड़काने के लिए पर्याप्त मुद्दे दे रही है और उन्हें यह विश्वास दिलाती है कि आरएसएस नियंत्रित केंद्र सरकार देश में इस्लाम को दबाने के लिए नरक में है। सरकार और मुस्लिम समुदाय के बीच विश्वास की कमी इतनी व्यापक हो गई है। मुस्लिम समुदाय को हमेशा बाबरी मस्जिद के विध्वंस, सांप्रदायिक दंगों और मुसलमानों की लिंचिंग के दौरान उन पर किए गए अत्याचारों के बारे में याद दिलाया जाना चाहिए। सभी राज्य इकाइयों द्वारा मुसलमानों को यह विश्वास दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए कि आरएसएस के नेतृत्व वाली सरकार भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने और मुसलमानों को देश से बाहर निकालने की योजना बना रही है। मास लामबंदी इस्लाम की महिमा को पुनः प्राप्त करने के लिए हमारे संगठन के लिए सामूहिक लामबंदी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है। जन लामबंदी के एजेंडे के माध्यम से, हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक मुसलमानों को पीएफआई के पीछे खड़ा करना है, जिसके लिए हमें उन तक पहुंचना है और उन्हें स्थिति की गंभीरता के बारे में शिक्षित करना है। मास मोबिलाइजेशन में तीन घटक शामिल होते हैं यानी समावेशिता, आउटरीच और सगाई (जुटाना)। एक समावेशी संगठन होने का मतलब है कि पॉपुलर फ्रंट में उस समुदाय के सभी लोगों के लिए जगह होनी चाहिए जो हमारे उद्देश्य में योगदान देना चाहते हैं। आउटरीच का अर्थ है समुदाय को मुद्दों के बारे में शिक्षित करके और समुदाय के लिए प्राथमिकताएं निर्धारित करके समुदाय से संपर्क करना। लामबंदी में संलग्न होने का अर्थ न केवल हमारी पहुंच को एकतरफा शिक्षा तक सीमित करना है बल्कि हमारे एजेंडे में भाग लेने के लिए जनता को भी शामिल करना है। लोगों को उनके अधिकारों के लिए प्रयास करने के लिए सबसे आगे लाना सामूहिक लामबंदी का अपेक्षित परिणाम होगा। द्रव्यमान को संलग्न करने के लिए, सभी सेना और पुलिस सहित वफादार मुसलमानों और एससीएस / एसटीएस / ओबीसी को भरने के लिए खोला जाएगा ताकि उनकी भर्ती में पिछले अन्याय और असंतुलन को ठीक किया जा सके। हमारे पीई विभाग की कार्रवाई और अधिक स्पष्ट हो जाएगी और इस स्तर पर कैडरों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। जो हमारे हित के विरुद्ध हैं उन्हें समाप्त किया जाना है। ये पीई कैडर हमारे विरोधियों द्वारा सुरक्षा बलों के प्रभाव के खिलाफ एक सुरक्षा कवच के रूप में भी काम करेंगे। जब हमारे पास पर्याप्त प्रशिक्षित कैडर और हथियारों का भंडार होगा, तो हम इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित एक नए संविधान की घोषणा करेंगे। इस स्तर पर बाहरी ताकतें भी मदद के लिए आएंगी। हमारे विरोधियों का व्यवस्थित और व्यापक प्रसार होगा और इस्लामी गौरव की वापसी होगी। वर्तमान कार्रवाई योग्य बिंदु शिकायतों की स्थापना हम इस कार्य पर एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। सौभाग्य से, उभरती हिंदुत्ववादी ताकतें,आरएसएस और केंद्र में उनकी कठपुतली सरकार हमें हमारे भाइयों की शिकायतों को भड़काने के लिए पर्याप्त मुद्दे दे रही है और उन्हें यह विश्वास दिलाती है कि आरएसएस नियंत्रित केंद्र सरकार देश में इस्लाम को दबाने के लिए नरक में है। सरकार और मुस्लिम समुदाय के बीच विश्वास की कमी इतनी व्यापक हो गई है। मुस्लिम समुदाय को हमेशा बाबरी मस्जिद के विध्वंस, सांप्रदायिक दंगों और मुसलमानों की लिंचिंग के दौरान उन पर किए गए अत्याचारों के बारे में याद दिलाया जाना चाहिए। सभी राज्य इकाइयों द्वारा मुसलमानों को यह विश्वास दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए कि आरएसएस के नेतृत्व वाली सरकार भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने और मुसलमानों को देश से बाहर निकालने की योजना बना रही है। मास लामबंदी इस्लाम की महिमा को पुनः प्राप्त करने के लिए हमारे संगठन के लिए सामूहिक लामबंदी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है। जन लामबंदी के एजेंडे के माध्यम से, हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक मुसलमानों को पीएफआई के पीछे खड़ा करना है, जिसके लिए हमें उन तक पहुंचना है और उन्हें स्थिति की गंभीरता के बारे में शिक्षित करना है। मास मोबिलाइजेशन में तीन घटक शामिल होते हैं यानी समावेशिता, आउटरीच और सगाई (जुटाना)। एक समावेशी संगठन होने का मतलब है कि पॉपुलर फ्रंट में उस समुदाय के सभी लोगों के लिए जगह होनी चाहिए जो हमारे उद्देश्य में योगदान देना चाहते हैं। आउटरीच का अर्थ है समुदाय को मुद्दों के बारे में शिक्षित करके और समुदाय के लिए प्राथमिकताएं निर्धारित करके समुदाय से संपर्क करना। लामबंदी में संलग्न होने का अर्थ न केवल हमारी पहुंच को एकतरफा शिक्षा तक सीमित करना है, बल्कि हमारे एजेंडे में भाग लेने के लिए जनता को भी शामिल करना है। लोगों को उनके अधिकारों के लिए प्रयास करने के लिए सबसे आगे लाना सामूहिक लामबंदी का अपेक्षित परिणाम होगा। द्रव्यमान को संलग्न करने के लिए, सभी सेना और पुलिस सहित वफादार मुसलमानों और एससीएस / एसटीएस / ओबीसी को भरने के लिए खोला जाएगा ताकि उनकी भर्ती में पिछले अन्याय और असंतुलन को ठीक किया जा सके। हमारे पीई विभाग की कार्रवाई और अधिक स्पष्ट हो जाएगी और इस स्तर पर कैडरों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। जो हमारे हित के विरुद्ध हैं उन्हें समाप्त किया जाना है। ये पीई कैडर हमारे विरोधियों द्वारा सुरक्षा बलों के प्रभाव के खिलाफ एक सुरक्षा कवच के रूप में भी काम करेंगे। जब हमारे पास पर्याप्त प्रशिक्षित कैडर और हथियारों का भंडार होगा, तो हम इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित एक नए संविधान की घोषणा करेंगे। इस स्तर पर बाहरी ताकतें भी मदद के लिए आएंगी। हमारे विरोधियों का व्यवस्थित और व्यापक प्रसार होगा और इस्लामी गौरव की वापसी होगी। वर्तमान कार्रवाई योग्य बिंदु शिकायतों की स्थापना हम इस कार्य पर एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। सौभाग्य से, उभरती हिंदुत्ववादी ताकतें, आरएसएस और केंद्र में उनकी कठपुतली सरकार हमें हमारे भाइयों की शिकायतों को भड़काने के लिए पर्याप्त मुद्दे दे रही है और उन्हें यह विश्वास दिलाती है कि आरएसएस नियंत्रित केंद्र सरकार देश में इस्लाम को दबाने के लिए नरक में है। सरकार और मुस्लिम समुदाय के बीच विश्वास की कमी इतनी व्यापक हो गई है। मुस्लिम समुदाय को हमेशा बाबरी मस्जिद के विध्वंस, सांप्रदायिक दंगों और मुसलमानों की लिंचिंग के दौरान उन पर किए गए अत्याचारों के बारे में याद दिलाया जाना चाहिए। सभी राज्य इकाइयों द्वारा मुसलमानों को यह विश्वास दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए कि आरएसएस के नेतृत्व वाली सरकार भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने और मुसलमानों को देश से बाहर निकालने की योजना बना रही है। मास लामबंदी इस्लाम की महिमा को पुनः प्राप्त करने के लिए हमारे संगठन के लिए सामूहिक लामबंदी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है। जन लामबंदी के एजेंडे के माध्यम से, हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक मुसलमानों को पीएफआई के पीछे खड़ा करना है, जिसके लिए हमें उन तक पहुंचना है और उन्हें स्थिति की गंभीरता के बारे में शिक्षित करना है। मास मोबिलाइजेशन में तीन घटक शामिल होते हैं यानी समावेशिता, आउटरीच और सगाई (जुटाना)। एक समावेशी संगठन होने का मतलब है कि पॉपुलर फ्रंट में उस समुदाय के सभी लोगों के लिए जगह होनी चाहिए जो हमारे उद्देश्य में योगदान देना चाहते हैं। आउटरीच का अर्थ है समुदाय को मुद्दों के बारे में शिक्षित करके और समुदाय के लिए प्राथमिकताएं निर्धारित करके समुदाय से संपर्क करना। लामबंदी में संलग्न होने का अर्थ न केवल हमारी पहुंच को एकतरफा शिक्षा तक सीमित करना है, बल्कि हमारे एजेंडे में भाग लेने के लिए जनता को भी शामिल करना है। लोगों को उनके अधिकारों के लिए प्रयास करने के लिए सबसे आगे लाना सामूहिक लामबंदी का अपेक्षित परिणाम होगा। द्रव्यमान को संलग्न करने के लिए, सभी संगठन के भीतर से वर्तमान प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाना चाहिए और मौजूदा सामुदायिक प्लेटफॉर्म को भी प्रभावित किया जाना चाहिए। पीएफआई हर घर की रणनीति में हम अपने देश के हर घर में पॉपुलर फ्रंट तक पहुंचने जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य सभी परिवारों के सभी पात्र सदस्यों को संगठन, पार्टी और अन्य फ्रंटल विंग में भर्ती करना है। यदि यह संभव नहीं है, तो उनमें से कम से कम एक को संगठन में भर्ती करें; यदि नहीं तो पार्टी में कम से कम एक की भर्ती करें; यदि नहीं, तो उनमें से किसी को हमारे किसी फ्रंटल पर भर्ती करें, यदि यह भी संभव नहीं है, तो उन्हें हमारी पत्रिकाओं / लेखों का पाठक बनाएं या, हमारे सोशल मीडिया पोस्टिंग पर कम से कम पाठक / दर्शक, संक्षेप में, सुनिश्चित करें कि सभी परिवार संपर्क में हैं विभिन्न संभावित तरीकों से संगठन और पीएफआई कार्यक्रमों में अधिकतम संभव सीमा तक भाग लेना . सदस्यों की भर्ती और प्रशिक्षण हमें इस तथ्य से अवगत होना चाहिए कि हम इस परीक्षण के समय में एकमात्र आंदोलन हैं जो फासीवादियों के खिलाफ खड़े हुए हैं। हमें किसी से कोई उद्धरण या प्रमाण पत्र नहीं मिला है, लेकिन हम अपने समर्थकों की आंखों में पढ़ते हैं कि उन्होंने हमारे संगठन में क्या आशा व्यक्त की है। जनता के बीच पीई की अपील हमारे लिए अज्ञात है। इसी तरह, हमारे पीई उत्पीड़कों के दिलों में जो डर पैदा करते हैं, वह भी हमारे लिए अज्ञात है। हमें दोनों को सही साबित करना है। हाथों में ताकत, पीई तकनीकों के साथ ही हमारे अपने आत्मविश्वास, हमारे दृढ़ संकल्प और हमारे वार में प्रभाव को बढ़ाएगी। राज्य इकाइयों को वोगा सत्रों के छलावरण और स्वस्थ लोग स्वस्थ राष्ट्र अभियान के तहत प्राथमिक स्तर पर प्राथमिक स्तर पर पीई कक्षाओं का आयोजन जारी रखना चाहिए। हमारे अच्छी तरह से प्रशिक्षित पीई प्रशिक्षकों को पीएफआई सदस्यों को हथियार संचालन और विस्फोटक में प्रशिक्षण देने के लिए राज्य-दर-राज्य भेजा जा रहा है। हमारे पास प्रशिक्षकों की कमी है और संभावित प्रशिक्षुओं की संख्या बहुत बड़ी है। साधन संपन्न उम्मीदवारों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें बेसिक पीई कोर्स इंस्ट्रक्टर सेकेंडरी पीई कोर्स इंस्ट्रक्टर और पीई मास्टर्स बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, हमारे पास उन्नत पीई पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अब तक उचित एकांत प्रशिक्षण केंद्र/स्थान नहीं हैं। चुनौती का सामना करने के लिए, राज्य इकाइयों को मुस्लिम बहुल इलाकों या दूरदराज के स्थानों में भूखंडों का अधिग्रहण करना चाहिए ताकि हथियारों और विस्फोटकों के भंडार के लिए उचित प्रशिक्षण सुविधाएं और डिपो स्थापित किए जा सकें। इन केंद्रों का स्थान केवल चयनित व्यक्तियों की जानकारी में होना चाहिए। हमारे पास सभी पीएफआई कैडरों और सहानुभूति रखने वालों को बुनियादी पीई में प्रशिक्षित करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना है। इससे पहले कि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें, प्रशिक्षित पीई कैडरों की अपनी समर्पित सेना का निर्माण करें। हिंदू / संघ परिवार के नेताओं के खिलाफ सूचना का संग्रह अंतिम प्रदर्शन के चरण से पहले हिंदू / आरएसएस नेताओं और उनके कार्यालयों के स्थानों के व्यक्तिगत विवरण के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र करना और तैयार रखना अनिवार्य है। विभिन्न स्तरों पर सूचना विंगों को अपने डेटा-बेस का गहनता से पालन और अद्यतन करना चाहिए। उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने से हमें उनके अत्याचारों के खिलाफ कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी। हमारे अंतिम लक्ष्य के रोडमैप में सूचना विंग के महत्व को ध्यान में रखते हुए, सभी स्तरों पर विंग के कामकाज को मजबूत और तेज करने की जरूरत है। बाहरी मदद राज्य के साथ पूर्ण प्रदर्शन के परिदृश्य में, हमारे प्रशिक्षित पीई कैडरों पर भरोसा करने के अलावा, हमें मित्र इस्लामिक देशों से मदद की आवश्यकता होगी। पिछले कुछ वर्षों में, पीएफआई ने इस्लाम के ध्वजवाहक तुर्की के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित किए हैं। कुछ अन्य इस्लामी देशों में विश्वसनीय मित्रता विकसित करने के प्रयास जारी हैं (85) बाकी डॉक्यूमेंट नहीं मिला है जैसे हि मिलता है वह भी हिंदी मैं आप लॉगो तक पंहुचा दिया जाएगा
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17 जुलाई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 16 Jul 2022 07:21 AM PDT

17 जुलाई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

17 जुलाई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:

!! दैनिक पंचांग !!

🔅 तिथि चतुर्थी 03:23 PM

🔅 नक्षत्र शतभिषा 06:37 PM

🔅 करण :

                बालव 10:51 AM

                कौलव 10:51 AM

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग सौभाग्य 05:48 PM

🔅 वार रविवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:17 AM

🔅 चन्द्रोदय 09:51 PM

🔅 चन्द्र राशि कुम्भ

🔅 सूर्यास्त 06:43 PM

🔅 चन्द्रास्त 08:45 AM

🔅 ऋतु वर्षा
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:34 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत आषाढ

🔅 मास पूर्णिमांत श्रावण
☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:28:20 - 12:22:37

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 04:53 PM - 05:48 PM

🔅 कंटक 09:39 AM - 10:34 AM

🔅 यमघण्ट 01:16 PM - 02:11 PM

🔅 राहु काल 05:00 PM - 06:42 PM

🔅 कुलिक 04:53 PM - 05:48 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:28 AM - 12:22 PM

🔅 यमगण्ड 11:55 AM - 01:37 PM

🔅 गुलिक काल 03:18 PM - 05:00 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ

🌹विशेष ~ कर्क राशि में सूर्य का प्रवेश दिन 09:37 से, निरयनयाम्यायन दक्षिणायन सूर्य, वर्षा ऋतु प्रारंभ, मनसा पूजा प्रारंभ (झारखण्ड -बंगाल)। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 17 जुलाई 2022, रविवार का राशिफल 🌹


मेष (Aries): आज आप सांसारिक विषय किनारे रखकर आध्यात्मिकता की तरफ मुड़ेंगे। गूढ़ रहस्यमय विद्याओं की तरफ विशेष आकर्षण रहेगा। गहरे चिंतन- मनन आपको अलौकिक अनुभूति कराएंगे। वाणी पर संयम रखने से बहुत-सी गलतफहमियों से बच सकेंगे। अचानक धन लाभ होगा। नए कार्यों का प्रारंभ न करने की सलाह देते हैं।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

वृषभ (Tauras): आप गृहस्थ जीवन और दांपत्यजीवन में सुख- शांति का अनुभव करेंगे। पारिवारिक सदस्यों और निकटस्थ दोस्तों के साथ उत्तम भोजन करने का अवसर मिलेगा। एकाध छोटे से प्रवास का आयोजन भी होने की संभावना है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। धन लाभ होगा। दूर बसनेवाले स्नेहीजनों का समाचार आपको खुश करेगा। भागीदारी में लाभ तथा सार्वजनिक जीवन में आपको मान- सम्मान की प्राप्ति होगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मिथुन (Gemini): आज आपके अधूरे कार्य पूरे होंगे तथा कार्य में सफलता और यश की प्राप्ति होगी। घर में शांति और आनंद का वातावरण आपके मन को प्रसन्न रखेगा। स्वास्थ्य बना रहेगा। आर्थिक लाभ होगा। ऑफिस में संघर्ष या मनमुटाव के अवसर आ सकते हैं। इससे सावधान रहना आवश्यक है।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 6

कर्क (Cancer): दिन का आरंभ चिंता और उद्वेग के साथ होगा। साथ-साथ स्वास्थ्य की शिकायत भी रहेगी। नए कार्य शुरू करने के लिए दिन अच्छा नहीं है। आकस्मिक धन खर्च होगा। अत्यधिक कामुकता आपके मानभंग का कारण न बने इसका ध्यान रखें। यात्रा- प्रवास में कठिनाई आएगी।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

सिंह (Leo): नकारात्मक विचार हताशा पैदा करेंगे। शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थता अनुभव करेंगे। माता- पिता के साथ मतभेद होगा अथवा उनका स्वास्थ्य खराब होगा। जमीन, मकान तथा वाहन आदि दस्तावेज करने में सावधानी रखें। जलाशय से बचें। भावनात्मकता के प्रवाह में न बहने की सलाह है।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): आज कोई भी अविचारी कदम उठाने से बचें। हालांकि कार्य में सफलता तो आपको मिलेगी ही। प्रतिस्पर्धियों को भी आप परास्त कर सकेंगे। भाई बंधुओं और पड़ोसियों के साथ खूब अच्छे सम्बंध रहेंगे। आर्थिक लाभ भी होंगे। प्रियतमा का सहवास मिलेगा। सार्वजनिक मान-सम्मान मिलेगा। चित्त में प्रसन्नता रहेगी।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 6

तुला (Libra): आपको जिद्दी व्यवहार छोड़कर समाधानपूर्ण व्यवहार रखने के लिए कहते हैं। आपकी अनियंत्रित वाणी किसी से मनमुटाव करा सकती है। द्विधा में फंसा मन आपको कोई ठोस निर्णय पर नहीं आने देगा। महत्त्वपूर्ण निर्णय आय न लेने की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): तन-मन से खुश और प्रफुल्लित रहेंगे। कुटुंबीजनों और मित्रों के साथ उत्तम भोजन प्रवास या मिलन- मुलाकात का अवसर आएगा। जीवनसाथी के साथ गाढ़ी आत्मीयता का अवसर आएगा। जीवनसाथी के साथ गाढ़ी आत्मीयता का अनुभव होगा। आर्थिक लाभ होगा। शुभ अवसर पर बाहर जाना होगा। आनंददायक समाचार प्राप्त होग।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

धनु (Sagittarius): आज का दिन आपके लिए थोड़ा कष्टदायक रहेगा। स्वास्थ्य खराब होगा। मानसिक रूप से भी आप अस्वस्थ रहेंगे। क्रोध पर अंकुश रखना पड़ेगा। दुर्घटना से बचें। कोर्ट- कचहरी के मामले में सावधानी रखें। अधिक खर्च होने से पैसे की तंगी रहेगी।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5

मकर (Capricorn): सामाजिक क्षेत्र में नौकरी- धंधा में और अन्य क्षेत्रों में आज का दिन लाभदायक रहेगा। मित्रों, सगे- सम्बंधियों के साथ बाहर जाएंगे। मागंलिक प्रसंगों में उपस्थित होंगे। स्त्री मित्रों तथा पत्नी और पुत्र से लाभ होगा। विवाहोत्सुक युवक- युवतियों की वैवाहिक समस्या हल होगी। प्रवास- पर्यटन होंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

कुंभ (Aquarius): आपके हरेक कार्य निर्विघ्न पूरे होंगे, जिससे आप खुश रहेंगे। नौकरी- व्यवसाय की जगह परिस्थिति अनुकूल रहेगी और कार्य में सफलता मिलेगी। बुजुर्गों और उच्च पदाधिकारियों की कृपादृष्टि रहने के कारण आप मानसिक रूप से किसी भई प्रकार के बोझ से मुक्त होंगे। गृहस्थजीवन में आनंद रहेगा। धन प्राप्ति और पदोन्नति का योग है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces): नकारात्मक विचार पर हावी न हो जाएं इसका ख्याल रखने की चेतावनी देते हैं। मानसिक अस्वस्थता आपको परेशान करेंगे। स्वास्थ्य के सम्बंध में शिकायत रहेगी। नौकरी में उच्च अधिकारियों के साथ सावधानीपूर्वक कार्य करें। संतानों की समस्याएँ आपको चिंतित करेंगे। प्रतिस्पर्धी अपनी चाल में सफल होंगे। आज महत्त्वपूर्ण निर्णय न लेने की सलाह है।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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Liked on YouTube: तन्त्र क्या है?क्या है इसकी भ्रांतियाँ इस विषय पर विचार रख रहें है ज्योतिषऔर तन्त्र के महान विद्वान

Posted: 16 Jul 2022 06:12 AM PDT

तन्त्र क्या है?क्या है इसकी भ्रांतियाँ इस विषय पर विचार रख रहें है ज्योतिषऔर तन्त्र के महान विद्वान
तन्त्र क्या है?क्या है इसकी भ्रांतियाँ इस विषय पर विचार रख रहें है ज्योतिषऔर तन्त्र के महान विद्वान कई पुस्तकों के रचैता पण्डित कमलेश पुण्यार्क "गुरूजी" दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/rscGg5Z Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/nI7BZMY visit website : https://ift.tt/fQs5kEX
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मुख्य फसल और खरपतवार

Posted: 16 Jul 2022 02:15 AM PDT

मुख्य फसल और खरपतवार

जय प्रकाश कुँवर
किसान जब अपने खेतों में धान , गेहूं , जौ , बाजरा , मक्का आदि मुख्य फसलों की बुवाई करता है तो अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि जब पौधे उगना शुरू होते हैं तो उनके साथ साथ कुछ अन्य प्रजाति के अवांछित पौधे भी मुख्य फसल के साथ खेतों में उग आते हैं। किसान के द्वारा खेतों में दिए गए खाद जल आदि का वह भी उपयोग कर बढ़ना शुरू कर देते हैं । उन अवांछित पौधों से किसान का कुछ भी लाभ नहीं होता है बल्कि नुकसान ज्यादा होने लगता है और अवांछित पौधों का मकसद यही होता है कि किसान के खाद जल आदि का भरपूर उपयोग कर खुद को ज्यादा से ज्यादा बढ़ा कर मुख्य फसल को कमजोर कर देना तथा उन पर हावी हो जाना होता है। अंततः देखा जाता है कि अगर किसान समय पर जागरूक नहीं है तो वे अवांछित पौधे खुद को बढ़ाकर मुख्य फसल के पौधों को कमजोर बना देते हैं तथा लगभग नष्ट कर देते हैं । अब ऐसी हालात में मुख्य फसल के कुछ पौधे छोटे तथा कुछ पतले तो ज्यादातर नितांत कमजोर होकर खेत में उन अबांछित पौधों के आगे दब जाते हैं और उनका विकास रुक जाता है। कुछ समय बाद जब फसल कुछ बड़ा हो जाता है तो खेत में अधिकांशतः खरपतवार ही दिखाई पड़ता है और मुख्य फसल उनके सामने लुप्त हो जाता है । अतः चतुर किसान अपने खेत में फसल बुवाई के समय से ही काफी सजग रहता है और जैसे ही फसल उगना शुरू होता है वह खेत की समुचित निगरानी करता है और निकोनी कर के खेत में उगे हुए खरपतवार को जड़ से उखाड़ फेंकता है ताकि वे सूख कर मर जाएं और मुख्य फसल को नुकसान न पहुंचाने पाएं। उनकी यह प्रक्रिया लगातार निगरानी के रूप में चलती रहती है जब तक फसल पूर्ण तैयार नहीं हो जाता है और उनके खेत में खरपतवार का विकास न होकर खात्मा हो जाता है । अतः अच्छी फसल प्राप्ति के लिए किसान द्वारा समुचित निगरानी एवं खरपतवार की निकोनी करना नितांत आवश्यक है।
आज भारतवर्ष की हालात भी किसान के खेत जैसे ही होती दिख रही है।
75 साल पहले देश आजाद तो हुआ लेकिन देश की आबादी में मुख्य फसल यानी मुख्य आबादी के साथ खरपतवार भी उग आए। हमने धर्मनिरपेक्षता और अहिंसा की नीति अपनाई और उसी रास्ते पर निर्भय और बेपरवाह होकर चल पड़े। उधर टक टकी लगाए हमारे पड़ोसी मुल्कों से हमारी मुख्य आबादी में घुसपैठियों और अराजक तत्वों का खरपतवार जैसा बाढ़ आना शुरू हो गया । हमारे देश की सीमाएं कुछ हद तक निर्भीक और असुरक्षित हो गई। तरह-तरह की नई-नई अराजक संस्थाएं , जैसे पीएफआई , सिम्मी , उल्फा आदि का गठन हुआ और उनके आड़ में इन संस्थाओं ने देश विरोधी क्रियाकलाप शुरू कर दिया । किसान के खाद जल आदि जैसे इस देश के संसाधनों का ही ये भी उपभोग करते थे। अब विगत 70 - 75 सालों में बात यहां तक आ पहुंची है कि ऐसे संगठन इस देश में अपना जड़ जमा चुके हैं और इस देश के प्रोढ़ और युवा नागरिकों को भी अपने संगठन से जोड़ना शुरु कर दिए हैं और देश विरोधी हरकतें करने के लिए उनको उकसाया जा रहा है और तैयार किया जा रहा है । अब तो सुनने को यह भी मिल रहा है कि ऐसे संगठनों का मकसद खुद को इतना बड़ा तथा मजबूत कर देना है ताकि 25 साल बाद यानी 2047 तक इस भारतवर्ष को मुस्लिम राष्ट्र घोषित किया जा सके। इस से इनके खतरनाक इरादे की नुमाइश होती है । देश में हाल के दिनों में बहुत सारे ऐसे मामले सामने आए हैं और हाल ही में एक-दो दिन पहले बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ में उजागर हुई घटना ने तो सबका ही आंख खोल दिया है। बिहार सरकार प्रशासन ने इस संबंध में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है और उनसे गहन पूछताछ चल रही है , जैसा कि मीडिया रिपोर्ट से पता चल रहा है। अब यह उजागर किया जाना नितांत आवश्यक है कि आखिर ये कौन लोग हैं जो इस प्रकार की हरकत में लगे हुए हैं और वो भी इस देश का अन्न खाकर तथा सरकार प्रद्दत सारी सुविधाएं लेकर। साथ ही यह भी उजागर किया जाना चाहिए कि इनका इस देश विरोधी क्रियाकलाप में किस किस देश के लोगों तथा सरकारों से संबंध है। सरकार द्वारा इसे काफी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यह घटना ऊपर वर्णित किसान के खेत और फसल के वाकया जैसा ही है जिसमें किसान के सजग और समय पर निगरानी न करने के कारण मुख्य फसल का पूर्ण रूप से नुकसान कर खरपतवार हावी हो जाता है और खेत का मुख्य फसल अब खरपतवार ही दिखने लगता है । इन सारी घटनाओं के परिपेक्ष में केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों को अत्यधिक सजग हो समय रहते कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि ऐसे अवांछित तत्वों द्वारा 2047 तक भारतवर्ष को धार्मिक आधार पर पूर्ण मुस्लिम राष्ट्र बनाने की इनकी मंशा पूरी ना हो सके।
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लज्जा पुरूषों का गहना

Posted: 16 Jul 2022 01:26 AM PDT

लज्जा पुरूषों का गहना

लज्जा पुरूषों का गहना, आज समझ में आता है,
नग्न वेश में कोई पुरुष, सबके सम्मुख नहीं आता है।
अर्धनग्न नारी घुमें, नहीं लज्जा को कोई भान उन्हें,
फिर भी निर्लज्जता का दोषी, पुरूष ही कहलाता है।

मर्यादा में रहते हमने, अक्सर पुरूषों को देखा है,
कष्ट पड़ा तो साथ निभाते, हमने ग़ैरों को देखा है।
पुरूष निभाता साथ पुरूष का, नारी का सम्मान,
महिला ही महिला की दुश्मन, सच जग ने देखा है।

अर्ध नग्न नारी घूमें, कर मर्यादाओं को तार तार,
विज्ञापन की वस्तु बनती, निजत्व को तार तार।
आगे बढ़ने की अंधी दौड़, सब कुछ पाने की चाह,
आज़ादी का बिगुल बजा, संस्कारों को तार तार।

अ कीर्ति वर्द्धन
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चौमासा

Posted: 16 Jul 2022 01:20 AM PDT

चौमासा

चौमसा इसलिए आता है
धर्म ध्यान और साधाना आदि को। 
प्रभुजी भी आराम है करते 
अपने सांसारिक कामों से। 
पूरा ध्यान लगाते चौमासे में
वो अपने घर परिवार पर। 
जिसके चलते ही भक्तो को
मिल जाते मनमाफिक वरदान जो।। 

कुछ खोता हूँ कुछ पाने को
कुछ खाता हूँ जीने को। 
पर क्यों नहीं बच पाता 
हे मानव तू अपने कर्मो से। 
दान दया धर्म आदि भी तू
आज कल बहुत कर रहा। 
पर वर्षो से जो कर रहा था
उसका फल भी तो मिलेगा।। 

बैर भाव मन में जो तूने 
अपनों के प्रति जो रखा है। 
मातपिता भाई-बहिन और
चाचा-चाची से मुँह मोड़ा है। 
घर में तू है क्या और 
बहार क्या बन बैठा है। 
पर देख रहा है तुझको वो 
जिसने तुझे मानव बनाया है।। 

समझ नहीं पाया है अभी 
हे अज्ञानी मानव तू उसको। 
सब कुछ देकर भी तुझको
उसने सब कुछ तुझसे छिना है। 
धन दौलत से बढ़कर होती 
मातपिता और परिवार की सेवा। 
इसलिए तू ऊपर ऊपर हँसता है
पर अंदर ही अंदर रोता है।। 

जग वाले तेरा जयकारा करते
बाहरी तेरी दिखावट पर। 
जबकि तुझे पता है की तू
कैसा मेहसूस कर रहा है। 
इस माया के कारण ही तो
तेरी मती बदल गई है। 
अब भी वक्त बचा है मानव
सुधार ले तू अपनी गलतीयाँ।। 

जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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बोल रे पपीहा बोल

Posted: 16 Jul 2022 01:17 AM PDT

बोल रे पपीहा बोल

बोल रे पपीहा बोल, बोल मीठी वाणी रे। 
सावन आया झूम के, बरस रहा पाणी रे। 

बाग बगीचे महके, सारी धरा हर साई रे। 
रिमझिम झड़ी सावन की, हरियाली छाई रे। 
घनघोर घटाएं नभ आई, गांव शहर ढाणी रे। 
बोल रे पपीहा बोल, बोल मीठी वाणी रे। 

उमंग उल्लास मन में, घट खुशियां छाई रे। 
प्यार के तराने उमड़े, घर घर बंटे बधाई रे। 
मुस्कानों के मोती बरसे, बयार मस्तानी रे। 
बोल रे पपीहा बोल, बोल मीठी वाणी रे। 

तन मन भीगे सारा, मनमयूरा भाये रे। 
झूम झूम अलबेले, गीत सुहाने गाए रे। 
झूला झूले बाग गोरी, सज धज स्याणी रे। 
बोल रे पपीहा बोल, बोल मीठी वाणी रे।

रमाकांत सोनी सुदर्शन 
नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान
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