दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल - 🌐

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Sunday, July 3, 2022

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल


कला बिक रही है...

Posted: 03 Jul 2022 08:11 AM PDT

कला बिक रही है...

दिन रात उजालों में रहने वाले
क्या जानेगें अंधेरा क्या होता है। 
बस खनती पयाल की झंकार 
और गीतों की पुकार जानते है। 
चंद पैसों की खातिर ही सही
ये कलाकार खुशियां बेचते है। 
जो अमीरजादो की शाम को 
हर दिन रंगीन बना देते है।
उन्हें आनन्द की अनभूति 
और उनकी थकान मिटाकर। 
स्वयं फिरसे उसी अंधेरे में
लौट जाया करते है।।

कला जो अनमोल होती है
वो अब बाजारों में बिक रही है। 
कला के पुजारी भी आजकल
पेट की भूख के लिए बिक रहे है। 
बड़े बड़े होटलों और क्लबो में 
कलाकारों की कला बिक रही है। 
जिसके चलते करोड़ो का 
व्यापार देश में फलफूल रहा है। 
पर उस कलाकार की जिंदगी
तब तक ही है जब तक उसकी।
आवाज में कसक और पायल में 
खनक की गूँज बाकी है।। 

दुनियां के बाजारों में 
हर चीज बिक रही है। 
खानेपीने की चीजों की तरह
इंसानियत भी बिक रही है। 
बस पारखी और जानकार 
इन चीजों का होना चाहिए। 
जो अपने फायदा नुकसान को
इन सबके खरीदने से जान सके। 
हमें तो मतलब है दौलत से 
इंसानो के मूल्य का क्या करना। 
जो अंधेरो में रहने के आदि है
उन्हें क्या पता दौलत का नशा।। 

जय जिनेंद्र 
संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

4 जुलाई 2022, शुक्रवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 03 Jul 2022 08:04 AM PDT

4 जुलाई 2022, शुक्रवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

4 जुलाई 2022, शुक्रवार का दैनिक पंचांग


श्री गणेशाय नम:

!! दैनिक पंचांग !!

🔅 तिथि पंचमी 02:38 PM

🔅 नक्षत्र मघा 06:09 AM

🔅 करण :

                बव 05:54 AM
                बालव 05:54 AM

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग सिद्धि 12:21 PM

🔅 वार सोमवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:14 AM

🔅 चन्द्रोदय 09:20 AM

🔅 चन्द्र राशि सिंह

🔅 सूर्यास्त 06:46 PM

🔅 चन्द्रास्त 10:27 PM

🔅 ऋतु वर्षा
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:41 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत आषाढ

🔅 मास पूर्णिमांत आषाढ

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:26:21 - 12:21:07

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 12:21 PM - 01:15 PM

🔅 कंटक 07:47 AM - 08:42 AM

🔅 यमघण्ट 11:26 AM - 12:21 PM

🔅 राहु काल 06:45 AM - 08:28 AM

🔅 कुलिक 03:05 PM - 04:00 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:36 AM - 10:31 AM

🔅 यमगण्ड 10:11 AM - 11:53 AM

🔅 गुलिक काल 01:36 PM - 03:19 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पूर्व
☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन

पं. प्रेम सागर पाण्डेय्,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 4 जुलाई 2022, शुक्रवार का राशिफल 🌹

मेष (Aries) : आज आप परिजनों के साथ मिलकर घरेलू मामलों में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श करेंगे। घर की कायापलट करने के लिए कुछ नई योजना बनाएंगे। कार्यस्थल पर उच्च पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। ऑफिस के कार्य के लिए यात्रा पर जाने की संभावना है। माता तथा स्त्री वर्ग की तरफ से लाभ होने की संभावना है। आपके किसी कार्य या प्रॉजेक्ट में सरकार की मदद मिलेगी। अत्यधिक कार्यभार से अस्वस्थ रहेंगे।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

वृषभ (Taurus) : विदेश में रहने वाले स्वजन या मित्र का समाचार मिलने से आपका मन प्रसन्नता का अनुभव करेगा। विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए अनुकूल संयोग खड़े होंगे। लंबी दूरी की यात्रा करने का अवसर आएगा। ऑफिस या व्यावसायिक स्थान पर कार्यभार बढ़ेगा। व्यापार-धंधे में लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य सामान्य रूप से मध्यम रहेगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini) : किसी भी प्रकार के अनिष्ट से बचने के लिए आज क्रोध की भावनाओं को नियंत्रण में रखने की सलाह देते हैं। ऑपरेशन कराने के लिए आज का दिन अनुकूल नहीं है। खर्च बढ़ जाने से आर्थिक तंगी का अनुभव होगा। कुटुंबीजनों और सहकर्मचारियों के साथ मनमुटाव होगा, जिसके कारण आप मानसिक बेचैनी अनुभव करेंगे। स्वास्थ्य खराब होगा। ईश्वर की प्रार्थना तथा जाप करने से राहत महसूस होगी।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 3

कर्क (Cancer) : आज के दिन मौज-शौक और मनोरंजन की प्रवृत्तियों में आप सराबोर होंगे। मित्रों, परिवार के साथ मनोरंजन के स्थान या पर्यटन पर जाने का अवसर मिलेगा। स्वादिष्ट भोजन और नए वस्त्राभूषण आदि की खरीदारी होगी। वाहन सुख प्राप्त होगा। सार्वजनिक क्षेत्र में मान तथा व्यवसाय के क्षेत्र में भागीदारी में लाभ मिलेगा। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के प्रति आकर्षण होगा। प्रेमीजनों को प्रणय में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo) : आज आपके परिवार में हर्षोल्लास का वातावरण रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर आप आनंदपूर्वक समय व्यतीत करेंगे। शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यश, कीर्ति और आनंद की प्राप्ति होगी। नौकरी के क्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। बीमार व्यक्ति को रोग से मुक्ति मिलेगी। ननिहाल की तरफ से अच्छे समाचार मिलेंगे तथा लाभ होगा। प्रतिस्पर्द्धियों की पराजय होगी।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

कन्या (Virgo) : आज आप संतान की समस्या से चिंतित रहेंगे। अपच आदि पेट दर्द की बीमारियों की शिकायत रहेगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई में विघ्न आएगा। बौद्धिक चर्चा तथा बातचीत में भाग न लें। प्रणय प्रकरण में सफलता मिलेगी। प्रिय व्यक्ति के साथ मुलाकात होगी। कामुकता अधिक रहेगी। शेयर-सट्टा में सावधानी रखेंगे।

शुभ रंग = फीरोजा

शुभ अंक : 3

तुला (Libra) : अत्यधिक संवेदनशीलता और विचारों के बवंडर से आप मानसिक अस्वस्थता अनुभव करेंगे। माता और स्त्रियों के मामले में आपको चिंता रहेगी। यात्रा के लिए आज का दिन अनुकूल न होने से यात्रा करना टालें। छाती के दर्द से परेशानी होगी। जमीन-सम्बंधी मामलों में सावधानीपूर्वक व्यवहार करने की सलाह देते हैं। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio) : आज का दिन खुशीपूर्वक व्यतीत करेंगे। नए कार्य की शुरुआत करेंगे। घर में भाई-बहनों के साथ मेल-मिलाप रहेगा। स्वजनों और मित्रों के साथ मिलन-मुलाकात होगी। लघु प्रवास का योग है। आज आपके कार्य सफल होंगे। भाग्य में लाभदायक परिवर्तन आएंगे। दुश्मन और प्रतिस्पर्द्धी अपनी चाल में असफल रहेंगे। आपकी लोकप्रियता में वृद्धि होगी।

शुभ रंग : गुलाबी

शुभ अंक : 5

धनु (Sagittarius) : आपका आज का दिन मध्यम फलदायी साबित होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ गलतफहमी पैदा होने के कारण मनमुटाव होगा। आप मानसिक दृढ़ता कम होने से कोई भी निर्णय तेजी से नहीं ले सकेंगे, कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें। व्यर्थ धन खर्च और कार्यभार आपके मन को व्यवस्थित रखेंगे।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

मकर (Capricorn) : आज निर्धारित कार्य सरलतापूर्वक पूरे होंगे। ऑफिस या व्यावसायिक स्थान पर आपका वर्चस्व बढ़ेगा। गृहजीवन में आनंद का वातावरण रहेगा, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मानसिक स्वस्थता बनी रहेगी। मित्रों और स्नेहीजों के साथ की मुलाकात से खुशी का वातावरण रहेगा। उत्तम भोजन और वस्त्राभूषण मिलेंगे तथा वैवाहिक जीवन में सुख-संतोष का अनुभव होगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

कुंभ (Aquarius) : आज किसी की जमानत लेने तथा आर्थिक लेन-देन नहीं करने की सलाह देते हैं। खर्च की मात्रा अधिक रहेगी। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य नहीं रहेंगे। स्वजनों के साथ मतभेद खड़े होंगे। किसी का हित करने में स्वंय परेशानी में पड़ जाने की संभावना है। क्रोध पर नियंत्रण रखें, मानहानि की संभावना है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces) : सामाजिक कार्यों या समारोहों में भाग लेने का अवसर आएगा। मित्रों-स्नेहीजनों के साथ की मुलाकात मन को खुशी देगी। सुंदर स्थान पर पर्यटन का आयोजन होगा। शुभ समाचार मिलेगा। पत्नी और संतान से लाभ प्राप्त होगा। आकस्मिक धन प्राप्त होने की संभावना है। वस्तुएं खरीदने के लिए अनुकूल दिन है।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

पटना में हुआ काव्य प्रतियोगिता का आयोजन

Posted: 03 Jul 2022 07:53 AM PDT

पटना में हुआ काव्य प्रतियोगिता का आयोजन 

जितेन्द्र कुमार सिन्हा,
पटना के बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (सिन्हा लाइब्रेडी रोड) में साहित्यिक तथा सामाजिक संस्था थॉट्स न इंक तथा ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के संयुक्त तत्वाधान में काव्य प्रतियोगिता का आयोजन रविवार को किया गया । आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य पर आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के बुद्धिजीवियो, साहित्यप्रेमी युवाओं तथा कायस्थवंशी चिंतकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। ।
कार्यक्रम का उद्घाटन जद(यू) के राष्ट्रीय सचिव और ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में भूतपूर्व प्रशासनिक अधिकारी श्री श्यामजी सहाय, विशिष्ट अतिथि मनीष वर्मा जो कि एक प्रसिद्द लेखक है, कवियत्री तथा चिंतक श्वेता गजल ने उपस्थित थे। प्रदेश के सीमान्त क्षेत्रों से आए साहित्यानुरागी युवाओं ने "अनेकता में एकता " नामक विषय पर स्वरचित कविताओं का पाठ किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रदेश के सुप्रसिद्ध कवि एवं लेखक समीर परिमल, श्वेता सुरभि और अविनाश सिन्हा थे।
कार्यक्रम के संयोजक थॉट्स न इंक के संस्थापक अभिषेक शंकर और ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के युवा अध्यक्ष पियूष श्रीवास्तव ने आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री अदिति सिन्हा एवं सुश्री रश्मि सिन्हा ने की।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

बिहार की राजधानी पटना में क्यों दौड़े बुलडोजर?

Posted: 03 Jul 2022 07:47 AM PDT

बिहार की राजधानी पटना में क्यों दौड़े बुलडोजर? 

 पटना। बिहार की राजधानी पटना के राजीवनगर थाना अंतर्गत नेपाली नगर, दीघा के इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान सुबह शुरू किया। यहां विरोध को देखते हुए करीब चार थानों की पुलिस के साथ दो हजार पुलिस फोर्स आसपास के इलाके में भी तैनात की गई है। प्रशासन फिलहाल करीब 20 एकड़ में बने 70 मकानों को तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है। लेकिन, यह पूरा विवाद करीब 1024 एकड़ जमीन का है, जिस पर अब सैकड़ों मकान बन चुके हैं। इन मकानों में नेता, मंत्री, जज और आइएएस, आइपीएस के भी ठिकाने शामिल हैं।दीघा- राजीव नगर जमीन विवाद 1974 से ही चल रहा है। आवास बोर्ड ने 1974 में दीघा के 1024 एकड़ में आवासीय परिसर बसाने का निर्णय लिया था। इसके लिए बोर्ड की ओर से जमीन भी अधिग्रहित की गई, परंतु अधिग्रहण में भेदभाव और मुआवजा नहीं देने के मामले को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने भी आवास बोर्ड को जमीन अधिग्रहण में भेदभाव दूर करने एवं किसानों को सूद सहित मुआवजा देने का निर्देश दिया, जिस पर आवास बोर्ड ने आज तक अमल नहीं किया।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

अब रिश्वत, रिश्तों से नहीं योग्यता पर नौकरी मिलेगी: मनोज सिन्हा

Posted: 03 Jul 2022 07:44 AM PDT

अब रिश्वत, रिश्तों से नहीं योग्यता पर नौकरी मिलेगी: मनोज सिन्हा

श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अब सिर्फ योग्यता पर सरकारी नौकरी मिलेगी। किसी दूसरे तरीके से किसी की नियुक्ति नहीं होगी। प्रदेश में विकास समावेशी हो, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन हो, भयमुक्त समाज हो, यही हमारी कोशिश है। ई-शासन व्यवस्था से काफी बदलाव आया है। गांदरबल के लार इलाके में जनसभा में सिन्हा ने कहा कि बीते दिनों यहां सब इंस्पेक्टर की भर्ती हुई है। चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे,हमने उसी समय जांच बैठा दी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अब यहां रिश्वत, रिश्तों से नहीं बल्कि योग्यता पर ही नौकरी मिलेगी। किसी दूसरे आधार पर कोई नियुक्ति नहीं होगी। ज्यादा से ज्यादा सेवाएं लोगों तक निर्विघ्न रूप से पहुंचे इसके लिए हमने कई सेवाओं को आनलाइन उपलब्ध कराया है।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

2024 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में दिख सकता है चैतरफा मुकाबला

Posted: 03 Jul 2022 07:42 AM PDT

2024 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में दिख सकता है चैतरफा मुकाबला

कोलकाता। 2024 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में चैतरफा मुकाबला देखने को मिल सकता है। अगर विधानसभा चुनाव की तरह वाममोर्चा और कांग्रेस एक बार फिर हाथ मिला लेते हैं तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के किसी अन्य दल के साथ चुनावी समझौता करने की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी पहले ही कह चुकी हैं कि उनकी पार्टी राज्य की सभी 42 लोकसभा सीटों पर जीतने के लिए चुनावी मैदान में उतरेगी। दूसरी तरफ वह वह कांग्रेस और माकपा दोनों पर भाजपा के साथ गुप्त समझौता करने का आरोप लगा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषक अमल कुमार मुखोपाध्याय के अनुसार पिछले बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से साफ है कि बंगाल में तृणमूल को भाजपा से लड़ने के लिए किसी के समर्थन की जरूरत नहीं है। विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक समुदाय का लगभग पूरा वोट तृणमूल के पक्ष में गया। लोकसभा व विधानसभा उपचुनावों में भी तृणमूल ने परचम लहराया है।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

अखिलेश यादव ने प्रदेश अध्यक्ष को छोड़कर संगठन को किया भंग

Posted: 03 Jul 2022 07:39 AM PDT

अखिलेश यादव ने प्रदेश अध्यक्ष को छोड़कर संगठन को किया भंग 

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोकसभा के उप चुनाव में दो मजबूत गढ़ गंवाने के बाद समाजवादी पार्टी की अब ओवरहालिंग की जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष के पद को छोड़कर अन्य सभी संगठन को भंग कर दिया है। माना जा रहा है कि अब उत्तर प्रदेश के सभी संगठन का नए सिरे से गठन किया जाएगा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के संगठन को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से समाजवादी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष को छोड़कर समाजवादी पार्टी के सभी युवा संगठनों, महिला सभा एवं अन्य सभी प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, सहित राष्ट्रीय, राज्य कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के संगठन में सिर्फ उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ही अब बचे हैं। अब प्रदेश संगठन का नए सिरे से गठन किया जाएगा। इस बात की जानकारी खुद समाजवादी पार्टी की तरफ से ट्वीट कर दी गई है।हाल ही में रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित हुए। और दोनों ही सीटो पर सपा को हार का सामना करना पड़ा।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

ब्रह्म विधा का अधिकार

Posted: 03 Jul 2022 07:35 AM PDT

ब्रह्म विधा का अधिकार

(हृदय नारायण दीक्षित-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
देव प्रत्यक्ष नहीं है लेकिन ब्रह्म विद्या के अधिकार शोध के विषय थे। ऋषि ने संभवतः श्रेष्ठ मनुष्यों को देव कहा है। मनुष्य शरीरी होते हैं। उनका रूप आकार होता है। यज्ञ करते हैं। वे परिश्रमपूर्वक ज्ञान प्राप्त करते हैं। देवता शरीर रहित हैं, वे मनुष्य की तरह कर्म नहीं कर सकते। इसलिए जैमिनी ने उन्हें कर्म व ब्रह्मविद्या से पृथक माना है।
ज्ञान आनंद का उपकरण है। ज्ञान वस्तु या पदार्थ नहीं है। इसका कोई रूप आकार भी नहीं है। ज्ञान से ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भी देखा जाना संभव है। ज्ञान देखा नहीं जा सकता, ज्ञानी दिखाई पड़ता है। ज्ञान प्राप्ति पर सबका अधिकार है लेकिन पूर्व मीमांसा दर्शन के व्याख्याता आचार्य जैमिनि मधुविद्या प्राप्ति का अधिकार देवताओ को नहीं देते। ब्रह्मसूत्र(1.3.31) में इसका उल्लेख है। छान्दोग्य उपनिषद् के तीसरे अध्याय में पहले खण्ड से 11वे खण्ड तक मधुविद्या की चर्चा है। यहां सूर्य को देवों का मधु कहा गया है। साधन और परिश्रम से प्राप्त होने वाली वस्तु देवों को सहज उपलब्ध होती है। इसलिए देवताओं के लिए मधुविद्या अनावश्यक है। जैमिनि एक और तर्क भी देते है, "देवता ज्योतिर्मय लोको में रहते हैं। इन प्रकाशमान लोकों में सब कुछ सहज प्राप्त है। श्रेष्ठ लोकों की प्राप्ति के लिए उन्हे कर्म करने की जरूरत नहीं।" (1.3.32) गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित वेदान्त दर्शन (ब्रह्मसूत्र) के उक्त सूत्र के अनुवाद में कहते है, "जिस प्रकार वेद विहित अन्य विद्याओं में देवों का अधिकार नहीं है, उसी प्रकार ब्रह्म विद्या में भी नहीं है।"

मधुविद्या ब्रह्म विद्या है। जैमिनि के मत में देवों को ब्रह्म विद्या का अधिकार नहीं है। लेकिन बादरायण का मत भिन्न हैं। कहते हैं, "पूर्व पक्ष का मत शब्द प्रमाण से रहित होने के कारण मान्य नहीं हैं। यज्ञादि कर्म व ब्रह्म विद्या में देवताओं का भी अधिकार है। वेद में उनका अधिकार सूचित करने वाले अनेक वचन है।" उन्होंने तैत्तिरीय ब्राह्मण (2.1.2.8) से उद्धरण दिये हैं, "प्रजापति ने इच्छा की कि मैं उत्पन्न होऊं, जन्म लूँ। उन्होने अग्निहोत्र रूप मिथुन पर दृष्टिपात किया। सूर्योदय होने पर उसका हवन किया। देवताओं ने यज्ञ का अनुष्ठान किया। इन कथनो से देवताओ का कर्म अधिकार सूचित होता है।" यहां कर्मकाण्ड में देवों के अधिकार की बात है। आगे ब्रह्म विद्या के अधिकार वाले कथन भी हैं। वृहदारण्यक उपनिषद् (1.4.10) में कहते हैं- तद यो देवानां प्रत्यवुद्धत स एव तद्भवत्- जिन देवताओ ने ब्रह्म जाना, वह ब्रह्म हो गया। बड़ी बात है कि ब्रह्मसूत्र के रचनाकाल में देवों के अधिकार पर भी बहस थी। देव प्रत्यक्ष नहीं है लेकिन ब्रह्म विद्या के अधिकार शोध के विषय थे। ऋषि ने संभवतः श्रेष्ठ मनुष्यों को देव कहा है। मनुष्य शरीरी होते हैं। उनका रूप आकार होता है। यज्ञ करते हैं। वे परिश्रमपूर्वक ज्ञान प्राप्त करते हैं। देवता शरीर रहित हैं, वे मनुष्य की तरह कर्म नहीं कर सकते। इसलिए जैमिनी ने उन्हें कर्म व ब्रह्मविद्या से पृथक माना है।

पुरोहितों के एक वर्ग द्वारा शूद्र वर्ण को विद्याधिकारी नहीं माना जाता था। देवों के लिए ब्रह्म विद्या व कर्म के अधिकार पर विमर्श चल रहे थे। प्रश्न है कि शूद्र के लिए सूत्रकार का अभिमत क्या था? क्या सभी मनुष्यों क¨ ब्रह्मविद्या प्राप्त करने का अधिकार था? वैदिककाल में वर्ण विभाजन नहीं था। उत्तरवैदिककाल में वर्णव्यवस्था का विकास हो रहा था। ब्रह्म सूत्र (1.3.34) में छान्दोग्य उपनिषद की एक कथा का संक्षिप्त उल्लेख है, "आकाश मार्ग से उड़ते हंसों ने राजा जानश्रुति के यश कर्म को गाड़ीवान रैक्व से कमतर बताया। वह शोक से व्याकुल रैक्व के पास ज्ञान लेने के लिए दौड़ते पहुंचा। धन संपदा भी ले गया था। रैक्व ने उसे शूद्र कहा।" इसकी व्याख्या में कहते हैं कि "वह शोक से व्याकुल होकर दौड़ा आया था इसलिए उसे शूद्र कहा।" व्याख्याकार ने पाद टिप्पणी में लिखा है "शुचम आद्रवति इति शूद्रः - जो शोक के पीछे दौड़ता है वह शूद्र है।" शूद्र शब्द आहतकारी है। कभी वर्णव्यवस्था का एक वर्ग रहा होगा। ब्रह्म सूत्र के रचनाकाल में भी यह वर्ण या वर्ग चर्चा में था लेकिन इसकी सर्वमान्य परिभाषा नहीं थी। शोकग्रस्त सब होते हैं। शोक वर्ण देख कर नहीं आता। शोक मनोदशा है। विपरीत परिस्थिति में संयम और धैर्य काम आते है। जो संयम और धैर्य खो देते है वे शोकग्रस्त होते है।

गीता अध्याय (2.19) में इसी तरह पंडित की परिभाषा है ,"जो शोक के योग्य नहीं है। अर्जुन तुम उनके लिए शोक करते हो। पण्डित जीवित या मृत के लिए शोक नहीं करते- गतासून गतासूश्रच नानुशोचन्ति पण्डितः।" वर्णव्यवस्था में पंडित ब्राह्मण वर्ण का पर्यायवाची है लेकिन गीता में शोक न करने वाला पंडित है और जो अनावश्यक शोक करते है वे ब्रह्मसूत्र के जानश्रुति प्रकरण के अनुसार शूद्र हैं। गीता में डर और कायरता भी त्याज्य है। गीता (अध्याय 2.3) में कहते है "अर्जुन हृदय की क्षुद्रता दुर्बलता त्याग दो। कायर न बनो- क्लैव्यं मा स्म गमः पार्थ। ज्ञान मनुष्य को दुखरहित करता है। इसलिए प्राचीन वांग्मय में ज्ञान की प्रतिष्ठा है। गीता, उपनिषद, व ब्रह्मसूत्र को ज्ञान यात्रा का प्रस्थानत्रयी कहा गया है। गीता परिपूर्ण व्यवस्थित दर्शन है। इसमें कर्म की मीमांसा है और ज्ञान की भी। इसमे वैदिक दर्शन व उपनिषदों का ब्रह्म है। ब्रह्म सूत्र का ब्रह्म भी है। गीता (4.24) में सर्वत्र ब्रह्म की प्रतिष्ठा है, "ब्रह्मार्पण ब्रह्म हर्विब्रह्माग्रैा ब्रह्माणांहुतम - ब्रह्मयज्ञ कर्ता है, ब्रह्म हवि है। ब्रह्म ही आहुति देता है।" यहां ब्रह्म ही यत्र तत्र सर्वत्र उपस्थित है। उपनिषदों में ब्रह्म की यही उपस्थिति है। लेकिन ब्रह्मसूचक अन्य संज्ञाए है। ब्रह्म सूत्र में सब को ब्रह्म सिद्ध किया गया है। जीवन सरल रेखा में नहीं चलता। एक व्यक्ति का भी जीवन निरपेक्ष नहीं है। व्यक्ति अस्तित्व का हिस्सा है। व्यक्ति के सुख दुख निजी दिखाई पड़ते हैं। अनेक मामलों में वे व्यक्ति के कर्म फल जान पड़ते है लेकिन वास्तव में वे उसी व्यक्ति के कर्म का परिणाम नहीं होते। प्रकृति की तमाम शक्तियां जीवन पर प्रभाव डालती रहती हैं। मनुष्य सुखद परिणामों का श्रेय लेता है और दुखद परिणामों के लिए स्वयं को दोषी ठहराता है। लेकिन परिणाम प्रकृति की शक्तियों के अधीन होते है। गीता के 13वंे अध्याय में परिणाम संबंधी एक सुंदर श्लोक है। कहा गया है कि, "अर्जुन ने कृष्ण से कार्य सिद्धि के कारण पूछे। श्रीकृष्ण ने बताया कि कार्य सिद्धि के लिए 5 कारण उत्तरदायी है। वे अधिष्ठान, कर्ता, कर्म, प्रयास और दैव हैं। गीता दर्शन के अनुसार ये 5 कारण सिद्ध होने से सुंदर परिणाम आते है। इस श्लोक में 5वां तत्व दैव है। दैव का अर्थ कुछ विद्वानों ने ईश्वर किया है। लेकिन यह सही नहीं है। ईश्वर सर्वोच्च है। इस सूची में वह 5 में से 1 है। इसलिए दैव का अर्थ ईश्वर करना उचित नहीं है। प्रकृति में हर समय कुछ न कुछ घटित होता रहता है। हम किसी परिश्रमी छात्र का उदाहरण दे सकते हैं। उसने ठीक पढ़ाई की लेकिन परीक्षा वाले दिन रास्ते में आंधी आ गई। उसका पर्चां खराब हो गया। सब बाते ठीक थीं। प्राकृतिक आपदा ने उसका पर्चां खराब कर दिया। यही है दैव। जीवन में सफलता और असफलता साथ साथ चलते है। पूरी बात को जानने वाले दुख में दुखी नहीं होते। सुख में सुखी नहीं होते। इसके लिए अस्तित्व का ज्ञान चाहिए और उससे भी ज्यादा स्वयं अपना ज्ञान। स्वयं का बोध महत्वपूर्ण है। गीता में इसे अध्यात्म कहा गया है। उपनिषद के ऋषिय¨ं ने भी यही बातें कही हैं। ज्ञान पवित्र है, उपास्य है, धारण किये जाने योग्य है।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

हमारे नरेशों का शासन भी याद करें

Posted: 03 Jul 2022 07:32 AM PDT

हमारे नरेशों का शासन भी याद करें

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
इसी 12 जून 2022 को ब्रिटेन और कॉमनवेल्थ के इतिहास में सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का नाम दर्ज हुआ है। लगभग 96 साल की एलिजाबेथ दुनिया की सबसे उम्रदराज शासक भी हैं। उनसे पहले ये रिकॉर्ड क्वीन विक्टोरिया के नाम था, जिन्होंने 1837 से 1901 तक करीब 64 साल राज किया। ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज की जगह लेंगी। कहा जा रहा है कि दर्ज इतिहास में अब तक सबसे लंबे वक्त तक राज करने वाले फ्रांस के किंग लुई 14वें हैं, जिन्होंने करीब 72 साल तक शासन किया लेकिन हमारे देश भारत के इतिहास को नजरअंदाज किया जा रहा है। महाराजा मनु जिनकी संतान मनुष्य कहलाए और महाराजा दुष्यंत के बेटे राजा भरत जिनके नाम पर हमारे देश का नाम भारत पडा उनके शासन काल का उल्लेख क्यों नहीं किया जाता। बाल्मीकि रामायण के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम राजा राम ने 11000 वर्षों तक राज किया था।

फिलहाल एक सीमित इतिहास की बात करें तो दुनिया में अब तक सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले राजा का खिताब किंग लुई 14वें के नाम है। टाइम मैगजीन के मुताबिक, उन्होंने करीब 72 साल राज किया। राजा भूमिबोल ने 70 साल और 126 दिन तक थाईलैंड पर शासन किया। उन्होंने 1946 में गद्दी संभाली थी और 2016 में मौत तक वह राजा रहे। उनका निधन 14 अक्टूबर 2016 को हुआ तब राजा भूमिबोल की उम्र 88 साल की थी। दुनिया में सबसे लंबे समय तक शासन करने वालों में एक नाम फ्रांज जोसेफ का भी है। वह ऑस्ट्रिया के राजा थे। उन्होंने 1848 से लेकर 1916 तक करीब 68 साल शासन किया। प्रथम विश्व युद्ध के बीच में ही उनका निधन हो गया। उनके शासनकाल में ऑस्ट्रिया और हंगरी

एक साम्राज्य का हिस्सा बन गए थे। फ्रांस जोसेफ ऑस्ट्रिया के सम्राट थे और हंगरी के राजा। भारत में भी

राजवंशों का शानदार इतिहास रहा है। सतयुग में महाराजा मनु का उल्लेख मिलता है।

स्वायंभू मनु अरु शतरूपा

जिनते भै नरसृष्टि अनूपा।

नृप उत्तानपाद सुत तासू

ध्रुव हरिभगत भयउ सुत जासू।

लघु सुत नाम प्रियव्रत ताही

वेद पुरान प्रसंसहि जाही।

देवहूति पुनि तासु कुमारी

जो मुनि कर्दम कै प्रिय नारी।

आदिदेव प्रभु दीनदयाला

जठर धरेउ जेहिं कपिल कृपाला।

सान्ख्य शास्त्र जिन्ह प्रगट बखाना

तत्व विचार निपुन भगवाना।

तेहि मनु राज कीन्ह बहु काला

प्रभु आयसु सब विधि प्रतिपाला।

आज कोई किसी भी संदर्भ में मनु का नाम थोड़ा ठीक-ठाक तरीके से ले ले, तो उसको दकियानूसी, अंधविश्वासी, नारीविरोधी, दलितविरोधी, जातिपरस्त और न जाने क्या क्या उपाधिया मिल जाएंगी।इसलिए कि मान लिया गया है कि जिस मनु नामक घृणित प्राणी ने उसे लिखा है वह दलितों का दुश्मन था, शूद्रों को अस्पृश्य मानता था, वेदों के मंत्रों की ध्वनि भी पड़ जाए तो उनके कानों में पिघला शीशा डालने को कहता था, स्त्रियों को हमेशा पराधीन रखने का पक्षपाती था, जात-पात फैलाने वाला था, ब्राह्मणवाद का पुरोधा था, वगैरह वगैरह। देश के इतिहासकारों से पूछना पड़ेगा कि जिस ग्रंथ का नाम मनुस्मृति है, अर्थात जो ग्रंथ मनु की स्मृति में लिखा गया, वह मनु द्वारा लिखा कैसे हो सकता है? कोई व्यक्ति अपनी ही स्मृति में कोई ग्रंथ कैसे लिख सकता है? यह ग्रंथ हिन्दू धर्म की मूल भावना से कतई मेल नहीं खाता है ऐसा कई लोगों का मानना है।

श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित कथा के अनुसार स्वायंभुव मनु के दो पुत्र थे- प्रियव्रत और उत्तानपाद। उत्तानपाद के वंश में ही भगवान विष्णु के परम भक्त ध्रुव पैदा हुए। प्रियव्रत बड़े आत्मज्ञानी थे। उन्होंने नारद से परमार्थ तत्व का उपदेश ग्रहण करके ब्रह्मचर्य में जीवन बिताने का दृढ़ संकल्प कर लिया। इससे ब्रह्या को चिंता हुई कि प्रियव्रत के इस परमार्थ तत्व के आग्रह से तो सृष्टि का विस्तार ही रुक जाएगा। स्वायंभुव मनु की आज्ञा का भी इस आत्मयोगी राजकुमार ने सम्मान नहीं किया। वह हंस पर सवार होकर राज कुमार प्रियव्रत के पास आए। देवर्षि नारद भी वहीं थे। ब्रह्मा को देखते ही नारद, स्वायंभुव मनु तथा प्रियव्रत उठ खड़े हुए और प्रणाम-सत्कार किया। ब्रह्मा ने सभी को आशीर्वाद देकर आसन ग्रहण किया।ब्रह्मा ने प्रियव्रत से कहा, ''पुत्र! मैं तुमसे सत्य सिद्धांत की बात कहता हूं। हम सब तुम्हारे पिता, तुम्हारे गुरु यह नारद, भगवान महादेव तथा मैं स्वयं भी भगवान श्रीहरि की ही आज्ञा मानकर सारे कर्म करते हैं। उनके विधान को कोई नहीं जान सकता। उनकी इच्छानुसार ही सब कर्मों को भोगते हुए हम अपना जन्म सफल करने के लिए निस्संग होकर श्रीहरि के आत्मस्वरूप को प्राप्त कर लेते हैं जिनका चित्त श्रीहरि के पवित्र कथा-कीर्तन में डूब गया है वे किसी भी प्रकार की बाधा या रुकावट के कारण श्रीहरि के कथा श्रवण रूपी कल्याण मार्ग को नहीं छोड़ते।''ब्रह्मा ने प्रियव्रत को उपदेश दिया, ''पुत्र! भगवान के चरणों में मन लगाकर तो तुमने परमार्थ प्राप्ति का मार्ग पहले ही ढूंढ लिया है, अब तुम श्रीहरि द्वारा किए गए विधान के अनुसार भोगों को भोगो और अंत में परमात्मा में लीन हो जाओ।'' प्रियव्रत ने नतमस्तक होकर ब्रह्मा की आज्ञा मान ली। मनु ने प्रियव्रत का विवाह प्रजापति विश्वकर्मा की पुत्री ब्रह्मष्मती से कर दिया और शासन का सम्पूर्ण दायित्व प्रियव्रत के ऊपर छोड़ कर श्रीहरि के भजन-कीर्तन के लिए वन को चले गए। राजा प्रियव्रत ने हजारों वर्षों तक पृथ्वी पर शासन किया। उसके दस पुत्र तथा एक कन्या हुई। उस कन्या का विवाह शुक्राचार्य के साथ हुआ था। राजा प्रियव्रत ने अपने सात पुत्रों को एक-एक द्वीप दे दिया। उनके तीन पुत्र बाल्यावस्था से ही निवृत्तिमार्ग पर निकल गए थे और संन्यास लेकर सांसारिक प्रपंच से दूर हो गए थे। राजा प्रियव्रत सब कर्मों से निवृत्त होकर पुनः अपने गुरु देवर्षि नारद की शरण में पहुंचे और उनसे प्रार्थना की, ''भगवन! अब बहुत हो गया। अब मेरी सद्गति का मार्ग मुझे दिखाइए उन्होंने भगवान श्रीहरि की उपासना में अपना चित्त स्थिर कर लिया। प्रियव्रत के तपस्या में संलग्न हो जाने पर उनके पुत्र आग्नीध्र धर्मानुसार अपनी प्रजा का पालन करने लगे। एक बार वह मंदराचल पर्वत की सुरम्य घाटी में गए और वहीं तपस्या करने लगे। ब्रह्मा को फिर चिंता हुई। उन्होंने अपनी सभा की अप्सरा पूर्वचित्ति को राजकुमार का तप भंग करने भेजा। अप्सरा पूर्वचित्ति ने तपस्या में लीन तपस्वी राजकुमार का अपनी मोहक सुगंध, नुपूर ध्वनि एवं विभिन्न मादक कलाओं द्वारा ध्यान भंग कर दिया।राजकुमार ने आंखें खोलीं। अप्सरा के रूप-सौंदर्य पर मोहित होकर वह अप्सरा के साथ विलास में लिप्त हो गए। अत्यंत आसक्त होकर उन्होंने अप्सरा को प्रसन्न कर लिया। उनके नौ पुत्र हुए। उन्होंने हजारों वर्ष तक राजसुख भोगा। अप्सरा को भी वह परम पुरुषार्थ का स्वरूप समझते रहे जितने दिनों तक प्रियव्रत ने राज किया, वे प्रजा के हित में अनेक कल्याणकारी कार्य करते रहे। इस प्रकार भारत में राजाओं ने हजारों वर्ष तक राज्य किया है।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

छत्तीसगढ़ में भाजपा का चेहरा

Posted: 03 Jul 2022 07:23 AM PDT

छत्तीसगढ़ में भाजपा का चेहरा

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार जब हिचकोले खा रही थी, तब कहा जा रहा था कि भाजपा के टारगेट में कांग्रेस शासित राजस्थान और छत्तीसगढ़ भी हैं। महाराष्ट्र में जितने रहस्यमय तरीके से शिवसेना के विधायक सूरत और गुवाहाटी पहुंचे, उतने ही नाटकीय तरीके से वहां नये सीएम और डिप्टी सीएम बनाए गये हैं। इससे भाजपा के नेतृत्व की रणनीति पर विशेष रूप से चर्चा हो रही है। छत्तीसगढ़ में भी यह चर्चा होना स्वाभाविक है जहां अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। कांग्रेस के भूपेश बघेल और टी.एस. सिंह में तनातनी किसी से छिपी नहीं है, फिर भी वहां भाजपा सरकार गिराने के मूड में नहीं दिखती। इसके बजाय अगले चुनाव की रणनीति बन रही है। पिछले महीने (जून-2022) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगा था। संघ ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव की रणनीति भी समझायी। इसी बीच वहां भाजपा के मुख्यमंत्री पद के चेहरे की बात भी चली और पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह का नाम उनके समर्थकों ने उछाला। डा. रमन सिंह ने फौरन सफाई दी और कहा, भाजपा आगामी चुनाव पीएम मोदी के चेहरे पर ही लड़ेगी। इसी के साथ उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर पुख्ता तैयारी करने को कहा है।

यह भी माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में सत्ता का वनवास झेल रही भाजपा एक बार फिर से संघ की शरण में जाएगी। दरअसल राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा उससे पहले अपने संगठन को धार देने में जुट गई है। खास बात ये है कि इसकी बागडोर संघ ने संभाली है और संघ की देखरेख में ही गत महीने प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। छत्तीसगढ़ में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। चुनाव की तैयारियों के बीच छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा भी शुरू हो गई है कि 2023 में बीजेपी की तरफ से सीएम का चेहरा कौन होगा। बता दें कि 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान ये चर्चा थी कि संघ की बीजेपी संगठन पर तत्कालीन सत्ता हावी हो गई थी, जिसका पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ा और भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। हार और सत्ता से दूर रहने का असर पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ा है। यही वजह है कि पार्टी ने अभी से ही संगठन को धार देनी शुरू कर दी है। पार्टी प्रदेशभर में जिला संगठनों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में रायपुर शहर और रायपुर ग्रामीण के नेताओं का प्रशिक्षण शिविर 17 से 19 जून तक राजधानी के पास चंपारण में आयोजित हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर में करीब 300 नेता कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान 3 दिन तक बीजेपी संगठन, रीति-नीति, इतिहास और वर्तमान परिपेक्ष्य की चुनौतियों के साथ कुल 15 बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। शिविर की शुरुआत संघ के प्रांत संघचालक पूर्णेंदु सक्सेना के संबोधन से हुई। पूरी कवायद से ऐसा लग रहा था कि छत्तीसगढ़ बीजेपी में संघ का हस्तक्षेप बढ़ेगा। बीजेपी कार्यकर्ता 2023 के लिहाज से इसे जरूरी मान रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने संघ की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।

छत्तीसगढ़ में 2023 में चुनाव की तैयारियों के बीच सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा भी शुरू हो गई है कि भाजपा की तरफ से सीएम का चेहरा कौन होगा। इस सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बड़ा बयान दिया। दरअसल, छत्तीसगढ़ बीजेपी में मंथन का दौर जारी है, प्रदेश के सह प्रभारी नितिन नवीन ने रायपुर में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे छत्तीसगढ़ में भाजपा के चेहरे को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि बीजेपी में पीएम मोदी ही सबसे बड़ा चेहरा है और उन्हीं के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा। नितिन नवीन के इस बयान के बाद प्रदेश में कयासों का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक खत्म होने के बाद जब यही सवाल रमन सिंह से किया गया तो उन्होंने कहा कि आज तक हमने 3 चुनाव जीते हैं, लेकिन चेहरा बनाकर कभी चुनाव नहीं जीता है। आगामी चुनाव में भी नेतृत्व भाजपा का रहेगा और बड़ा चेहरा पीएम मोदी का है ही क्योंकि बीजेपी कभी चेहरा तय करके चुनाव नहीं लड़ती। चुनाव जीतने के एक घंटे के भीतर चेहरा तय करती है। नितिन नवीन से पहले बीजेपी की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी भी यही बयान दे चुकी थी, उन्होंने भी आगामी चुनाव पीएम मोदी के चेहरे पर ही लड़ने की बात कही थी।

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह कि बीजेपी बूथ में जाकर लोगों से बात करना और स्थानीय लोगों की परेशानी सुनने का काम कर रही है। कांग्रेस को मेरी चिंता करने की जरूरत नहीं है। इसलिए कांग्रेस मेरी चिंता को छोड़कर अपनी चिंता करें। इसके बाद बीजेपी की बैठकों का सिलसिला जारी है। दुर्ग, बिलासपुर के बाद रायपुर प्रदेश मुख्यालय में भी बैठकें हुई। घंटो चली इन बैठकों में आगामी चुनाव के लिए रणनीति तैयार की गई है। बीजेपी कोर ग्रुप की भी बैठक में पार्टी की प्रदेश प्रभारी डी पुरनदेश्वरी और सह प्रभारी नितिन नबीन की अध्यक्षता में प्रदेश सरकार के खिलाफ जनता के बीच जाने की रणनीति बनाई गई। भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि डी पुरंदेश्वरी 2023 की तैयारियों के संदर्भ में लगातार प्रदेश के दौरे पर आ रही हैं। उनके दौरे से कांग्रेस को तकलीफ होती है। कांग्रेस सरकार ने 36 में से 1 वादें भी पूरे नहीं किए इसलिए वे दूसरे की घरों में झांकने की कोशिश करते हैं। कांग्रेसी अपनी उपलब्धियां गिना नहीं पा रहे हैं। इसलिए दूसरो के घरों में झांकते हैं। कांग्रेस को अपना गिरेबान झांके। पहले अपना घर देख ले, उसे बचा ले उसके बाद हम से सवाल करें। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के हालात देश में किसी से छुपे नहीं हैं। यहां पर ध्यान देने की बात है कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के साथ-साथ खेतों में काम करने वाले मजदूर और अन्य श्रमिकों को हर साल 7 हजार रुपये की राशि दे रही है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत यह राशि सरकार के द्वारा बांटी जा रही है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 3 फरवीर को 70 करोड़ 90 लाख 26 हजार रुपए की राशि 3 लाख 54 हजार 513 हितग्राहियों के खाते में जमा कराई थी। इसके साथ ही 31 मार्च 2022 को 71 करोड़ 08 लाख 04 हजार हजार रुपए की राशि 3 लाख 55 हजार 402 हितग्राहियों के खाते में जमा कराई है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2022-23 के तहत 21 मई को 70 करोड़ 95 लाख 32 हजार रुपए की राशि 3 लाख 54 हजार 766 हितग्राहियों के खाते में सीधे डीबीटी से जमा कराई गई है। भाजपा को यहां सत्ता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

रूसी नौसेना ने खुद उड़ा लिया अपना जहाज!

Posted: 03 Jul 2022 07:20 AM PDT

रूसी नौसेना ने खुद उड़ा लिया अपना जहाज!

कीव। यूक्रेन में जंग लड़ रही रूसी सेना को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। हाल ही में रूसी सैनिक स्नेक आइलैंड से पीछे हटे हैं। अब खबर आ रही है कि रूसी नौसेना ने काला सागर में अपने ही एक जहाज को गलती से उड़ा दिया। मारियुपोल के पास एक लैंडिंग क्राफ्ट रूस के एक समुद्री माइन से टकराने के बाद ब्लास्ट हो गया। कहा जा रहा है कि इस धमाके से हल्की आग लगी जिसमें चालक दल को कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन इससे रूस के नौसैनिक कमांडरों की क्षवि को गहरी चोट पहुंची है। डेलीमेल की खबर के अनुसार, रूसी नौसेना से संबंधित एक टेलीग्राम चैनल ने कहा, मारियुपोल के पास ब्लैक सी फ्लीट डी-106 की एक लैंडिंग क्राफ्ट एक माइन से टकराने के बाद विस्फोट हो गई। ट्विटर अकाउंट ने रूस के सैनिक वापसी के बयानों का मजाक उड़ाते हुए कहा, इस आत्मघाती सद्भावना की पुष्टि का इंतजार कर रहा हूं। एक दूसरे यूजर ने इसे स्पेशल अंडर वाटर ऑपरेशन करार दिया।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

श्रीलंका को जुलाई में ईंधन की दो खेप मिलेगी: लंका आईओसी

Posted: 03 Jul 2022 07:17 AM PDT

श्रीलंका को जुलाई में ईंधन की दो खेप मिलेगी: लंका आईओसी

कोलंबो। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की सहायक कंपनी लंका आईओसी के चेयरमैन ने कहा कि श्रीलंका को इस महीने ईंधन की दो खेप मिलेगी और एक अन्य खेप अगस्त में पहुंचेगी। गौरतलब है कि श्रीलंका अभूतपूर्व आर्थिक संकट से जूझ रहा है और वहां ईंधन सहित आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी है। श्रीलंका सरकार ने कहा कि आधी रात से 10 जुलाई तकसिर्फ आवश्यक सेवाएं संचालित होंगी और अन्य सभी कार्यों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाएगा। ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के चलते यह फैसला किया गया।

समाचार पोर्टल इकोनॉमी नेक्स्ट ने लंका आईओसी के चेयरमैन मनोज गुप्ता के हवाले से कहा, ईंधन (पेट्रोल और डीजल) की दो खेप 13 -14 जुलाई को और 28 से 30 जुलाई के बीच आने की उम्मीद है। प्रत्येक जहाज में 30,000 मीट्रिक टन ईंधन होगा। गुप्ता ने कहा कि एक अन्य खेप 10 अगस्त को आने वाली है। उन्होंने कहा कि ये सभी खेप सिंगापुर और यूएई से आएंगी।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने में भारतीय दूसरे स्थान पर

Posted: 03 Jul 2022 07:15 AM PDT

अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने में भारतीय दूसरे स्थान पर

वाशिंगटन। अमेरिका में वित्त वर्ष 2022 के दौरान 15 जून तक 6,61,500 लोगों को नागरिकता दी गई और पहली तिमाही में 'देशीयकृत' अमेरिकी नागरिकों के लिए जन्म के देश के तौर पर मेक्सिको के बाद भारत दूसरे स्थान पर है। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) के निदेशक एम. जड्डू ने कहा, "हमारे देश में ऐतिहासिक तौर पर, जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार तथा खुश रहने की स्वतंत्रता मिलने के कारण दुनियाभर से लाखों लोग अमेरिका में रहने आते हैं।" वित्त वर्ष 2021 में यूएससीआईएस ने 8,55,000 नए अमेरिकी नागरिकों का स्वागत किया। एजेंसी ने कहा कि वित्त वर्ष 2022 में यूएससीआईएस ने 15 जून तक 6,61,500 नए अमेरिकी नागरिकों का स्वागत किया। इसने कहा कि वह इस साल एक जुलाई से आठ जुलाई के बीच 140 से ज्यादा कार्यक्रमों के जरिये 6,600 नए नागरिकों का स्वागत कर स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस चार जुलाई को मनाया जाता है। देश के गृह सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2022 के दौरान पहली तिमाही में 'देशीकरण' के माध्यम से नागरिकता प्राप्त करने वालों में से 34 प्रतिशत लोग मेक्सिको, भारत, फिलीपीन, क्यूबा और डोमिनिकन रिपब्लिक के थे। इनमें से मेक्सिको के 24,508 और भारत के 12,928 लोगों को नागरिकता दी गई।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

अर्जेंटीना के वित्त मंत्री मार्टिन गुजमैन ने अपने पद से दिया इस्तीफा

Posted: 03 Jul 2022 07:11 AM PDT

अर्जेंटीना के वित्त मंत्री मार्टिन गुजमैन ने अपने पद से दिया इस्तीफा

ब्यूनस आयर्स। अर्जेंटीना में गहराते आर्थिक संकट के बीच वित्त मंत्री मार्टिन गुजमैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है जिससे देश के भविष्य की आर्थिक भविष्य की नीति पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। बीबीसी ने रविवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। वर्ष 2019 से वित्त मंत्री का दायित्व संभालने वाले श्री गुजमैन अर्जेंटीना के ऋण के पुनर्गठन पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ बातचीत में अपने देश का नेतृत्व कर रहे थे। राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज को लिखे एक पत्र में उन्होंने सरकार के भीतर आंतरिक विभाजन पर संकेत दिया और अपने उत्तराधिकारी को चुनने के लिए शासी गठबंधन के भीतर एक राजनीतिक समझौता करने का आह्वान किया।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

नेत्रहीन विद्यालय के प्राचार्या के साथ सामाजिक संस्था "खिलखिलाहट" के अध्यक्ष ने बैठक किया

Posted: 03 Jul 2022 07:06 AM PDT

नेत्रहीन विद्यालय के प्राचार्या के साथ सामाजिक संस्था "खिलखिलाहट" के अध्यक्ष ने बैठक किया

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 03 जुलाई::
सामाजिक संस्था "खिलखिलाहट : एक मुस्कान की किरण" की तरफ से नेत्रहीन बालकों के विद्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित करने के उद्देश्य से पटना के कदमकुआँ स्थित नेत्रहीन विद्यालय के प्राचार्या के साथ एक बैठक की।
उक्त बैठक की जानकारी देते हुए "खिलखिलाहट" के अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि हमारी संस्थान नेत्रहीन विद्यार्थियों के चेहरे पर एक मुस्कान आये जो इस संस्था का उद्देश्य भी है, इससे संबंधित वार्ता स्कूल के प्राचार्य से किया गया। बैठक में विद्यार्थियों के लिए एक छोटा सा कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमती हुई है।
बैठक में "खिलखिलाहट" के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, सदस्य निशा परासर, विद्यालय की प्राचार्या रेखा मैडम, विद्यालय के लिपिक अरविंद तिवारी और वरीय नेत्रहीन शिक्षक संजय राय उपस्थित थे।
बैठक में विद्यालय की प्राचार्या रेखा मैडम ने एक सुझाव भी दिया कि आद्रा नक्षत्र चल रहा है और सभी लोग अपने घर में आद्रा मनाते हैं, अच्छा होगा कि यदि वही खाना नेत्रहीन बच्चों को भी कराया जाए, तो अच्छा होता।संस्था के अध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार ने इस विचार पर अपनी सहमति दे दी और बहुत जल्द ही नेत्रहीन छात्रों के साथ आद्रा मनाने का आश्वासन दिया।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

सूर्य पूजा परिषद करेगी शाकद्वीपीय प्रशासनिक अधिकारीयों को सम्मानित |

Posted: 03 Jul 2022 06:53 AM PDT

सूर्य पूजा परिषद करेगी शाकद्वीपीय प्रशासनिक अधिकारीयों को सम्मानित |

आज सूर्य पूजा परिषद की बैठक धीराचक अनीशाबाद साईं मंदिर के पिछे में डॉ श्री चंडीदत्त प्रभाकर जी के निवास स्थान पर अपराह्न ३ बजे से आयोजित की गई| बैठक संस्था के अध्यक्ष श्री प्रकाश मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ | बैठक में परिषद के उपाध्यक्ष विजय शंकर मिश्र, सलाहकार डॉ चण्डी दत्त मिश्र प्रभाकर, महासचिव डॉ राकेश दत्त मिश्र, सचिव मनीष प्रभाकर एवं अजय दत्त मिश्र उपस्थित थे । बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि चातुर्मास के उपरांत परिषद शाकद्वीपीय समाज से आईएस , पीसीएस , बिहार प्रशासनिक सेवा में चयनित समाज के व्यक्ति , वृद्ध जनों , समाज के जनप्रतिनिधियों एवं मेधावी छात्रों को पटना में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन कर सम्मानित किया जायेगा| सम्मान समारोह कार्यक्रम की रणनीति जल्द ही अगली बैठक में तैयार की जाएगी। परिषद बिहार के सभी जिलों के शाकद्वीपीय समाज की सूचि तैयार कर एक डायरेक्टरी प्रकाशित करने का कार्य करेगी जिसके लिए परिषद के सदस्य समाज के सभी व्यक्तियों से मिलकर सर्वे का कार्य करेगी |
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

गायत्री शक्तिपीठ जम्होर में आद्रा नक्षत्र के अवसर पर विश्व शांति हेतु हवन व पूजा-पाठ

Posted: 03 Jul 2022 06:18 AM PDT

गायत्री शक्तिपीठ जम्होर में आद्रा नक्षत्र के अवसर पर विश्व शांति हेतु हवन व पूजा-पाठ

औरंगाबाद से हमारे संवाददाता अरविन्द अकेला की खबर
औरंगाबाद सदर प्रखंड स्थित ग्राम जम्होर के अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन के समीप अवस्थित गायत्री शक्तिपीठ जम्होर के प्रांगण में किसानों का महत्वपूर्ण नक्षत्र आद्रा के अवसर पर मंदिर परिसर में विश्व शांति हेतु विशेष हवन एवं पूजा-पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयुक्त नेतृत्व पूजा कुमारी एवं प्रज्ञा कुमारी ने किया।साथ ही साथ शक्तिपीठ के सक्रिय कार्यकर्ता कुंदन कुमार के पुत्री का नामकरण संस्कार संपन्न कराया गया। इस क्रम में उनकी पुत्री का नाम प्रज्ञा कुमारी रखा गया। विदित हो कि गायत्री शक्तिपीठ जम्होर स्थापना काल से ही सनातन के निमित्त विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करते रहता है। साप्ताहिक हवन एवं पूजा-पाठ के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी इस शक्तिपीठ द्वारा विशेष आयोजन किए जाते हैं। सामूहिक दहेज रहित आदर्श विवाह, हिंदू धर्म रीति रिवाज से संबंधित विभिन्न तरह के संस्कारों का भी यहां आयोजन किया जाता है। आज के इस कार्यक्रम में जिला गायत्री परिवार ट्रस्ट के सहायक प्रबंधक ट्रस्टी नवनीत कुमार,अशोक प्रसाद शौंडिक,राम ध्यान साहू,रितिक कुमार,शौंडिक,रामेश्वर प्रसाद,श्रवण कुमार एवं पंकज कुमार गुप्ता सहित कई व्यक्ति उपस्थित थे।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

भगवान जगन्नाथ रथोत्सव के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन करें भक्ति भगवान जगन्नाथ की,जिनकी महिमा अपरम्पार-:अकेला

Posted: 03 Jul 2022 06:14 AM PDT

भगवान जगन्नाथ रथोत्सव के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन करें भक्ति भगवान जगन्नाथ की,जिनकी महिमा अपरम्पार-:अकेला

औरंगाबाद से हमारे संवाददाता अरविन्द अकेला की खबर
औरंगाबाद,3 जुन।
करें भक्ति भगवान जगन्नाथ की,
जिनकी महिमा अपरम्पार,
जिनकी चरणों में है जन्नत,
जिनके दिल में है अथाह प्यार।
उपरोक्त पंक्तियाँ युवा कवि व साहित्य,कला,व संस्कृति की संवाहक संस्था साहित्यकुंज के महासचिव अरविन्द अकेला ने भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के शुभ अवसर पर साहित्यकुंज द्वारा आयोजित ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में आगत अतिथियों,कवि,कवियित्री व श्रोतागण का स्वागत करते हुये कही।
सागर (मध्य प्रदेश)से पधारे वरिष्ठ कवि बृंदावन राय सरल की अध्यक्षता में आयोजित एवं वरिष्ठ कवि व साहित्यकुन्ज के कार्यकारी अध्यक्ष श्रीराम राय के कुशल संचालन में आयोजित इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का उद्धाटन देश के वरिष्ठ कवि श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि एवं हिन्दी दैनिक "सोनवर्षा वाणी" के संपादक श्री राम अम्बष्ठ एवं विशिष्ट अतिथि व दस्तक प्रभात के प्रधान संपादक श्री प्रभात वर्मा एवं वरिष्ठ कवियित्री श्रीमती गीता पाण्डेय "अपराजिता" ने भगवान रथयात्रा के महत्व पर प्रकाश डाला एवं साहित्यकुंज के उपलब्धियों पर चर्चा की।
वरिष्ठ कवियित्री सुषमा सिंह की सुन्दर सरस्वती वंदना के साथ आयोजित इस कवि सम्मेलन में देश की लब्ध प्रतिष्ठित कवियित्री शहाना प्रवीण (पटियाला),अनुराधा प्रियदर्शिनी(प्रयागराज) ,प्रभात राजपूत "राज" गोंडवी (गोंडा,उत्तर प्रदेश),सरिता त्रिपाठी,ममता जोशी "स्नेहा"(उत्तराखंड),राजेश तिवारी "मक्खन"(झासी),सुकेशी प्रधान (रायगढ़, छत्तीसगढ़),अंशी कमल (गढ़वाल),शैलेंद्र सिंह शैली(महेंद्रगढ़,हरियाणा),डॉ आर के मतङ्ग(श्री अयोध्या धाम),सविता राज (मुजफ्फरपुर, बिहार),डॉ सुमन मेहरोत्रा(मुजफ्फरपुर, बिहार ),रश्मि पांडेय शुभि( डिंडोरी मध्यप्रदेश),शोभेन्द्र पटेल "राज"(खरसिया,छत्तीसगढ़),प्रदीप मिश्र " अजनबी ",रामकरण साहू सजल,छगनलाल मुथा(महाराष्ट्र),सीमा शर्मा 'मंजरी ',सुरेंद्र हरड़े (सुरेन,नागपुर),भेरूसिंह चौहान "तरंग"(झाबुआ,म.प्र.),महेन्द्र भट्ट (ग्वालियर), रामसाय श्रीवास "राम" (छत्तीसगढ़),संगीता श्रीवास्तवा,प्रियंका भूतड़ा (उड़ीसा),लखन लाल सोनी"लखन"(छतरपुर,),डा शशिकला अवस्थी (इंदौर),पीयूष राजा(नवादा,बिहार), ईश्वर चंद्र जायसवाल, (संत कबीर नगर), निवेदिता सिन्हा(भागलपुर,बिहार),शोभारानी तिवारी (इन्दौर),रामकेश यादव (मुंबई ), हीरा सिंह कौशल (हिमाचल प्रदेश),डा अम्बे कुमारी (बोधगया,बिहार), हिन्द सिंह 'हिन्द'(आजमगढ़), पदमा तिवारी (दमोह),बद्रीनाथ विश्वकर्मा,ललिता वर्मा अविरल (अलीगढ़ ), ममता श्रवण अग्रवाल (सतना),विभा जैन(ओज्स,मध्यप्रदेश),बाबूराम सिंह (गोपालगंज,बिहार),चंदप्रकाश गुप्त 'चंद्र'(अहमदाबाद),डा ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी"शैलेश", विद्या शंकर अवस्थी पथिक (कानपुर),दिलीप कुमार शर्मा दीप(देवास मध्य प्रदेश),अमरनाथ सोनी अमर,उषा श्रीवास (छतीसगढ),डा वत्सला ( वाराणसी),बॄजेश राय, कृष्णा सेंदल तेजस्वी, गीता पांडे अपराजिता, अरविंद अकेला,वृंदावन राय "सरल"(सागर,मध्य प्रदेश),शोभा सोनी बड़वानी,डॉ. कवि कुमार निर्मल,पुष्पा निर्मल(बेतिया,बिहार), डॉ मीना कुमारी परिहार(पटना),शोभेन्द्र पटेल"राज"(छत्तीसगढ़),शोभा सोनी बड़वानी, सीता देवी राठी(कूच बिहार),कवयित्री अन्नपूर्णा मालवीया सुभाषिनी(प्रयागराज),राम रतन श्रीवास "राधे राधे"(बिलासपुर) एवं प्रकाश कुमार 'चंदन'(मधुबनी,बिहार) सहित देश के कोने से आये लगभग छह दर्जन कवि,कवियित्री व शायरों ने काव्य पाठ कर संपूर्ण वातावरण को काव्यमय बना दिया।
कार्यक्रम के बाद सभी अतिथियों व रचनाकारों को साहित्यकुंज के कार्यकारी अध्यक्ष श्रीराम राय के हाथों सम्मानित किया गया।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

देव निवासी दीपक गुप्ता ने दहेज रहित आदर्श विवाह किया

Posted: 03 Jul 2022 06:09 AM PDT

देव निवासी दीपक गुप्ता ने दहेज रहित आदर्श विवाह किया

औरंगाबाद से हमारे संवाददाता अरविन्द अकेला की खबर 

औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता दीपक गुप्ता द्वारा रफीगंज प्रखंड निवासी व कमलेश प्रसाद के सुपुत्री अंजली कुमारी से दहेज रहित आदर्श विवाह करने पर जिले के सामाजिक कर्ताओं ने उन्हें बधाई दी है।
अपने बधाई संदेश में साहित्य संवाद के सचिव सुरेश विद्यार्थी, जनेश्वर विकास केंद्र के केंद्रीय अध्यक्ष रामजी सिंह,सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी,सत्यचंडी धाम महोत्सव के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह,अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह,देव पंचायत के पूर्व मुखिया उमा देवी,नंदकिशोर मेहता,समाजसेवी राजेंद्र गुप्ता,श्रीकृष्णा दुबे, सेवानिवृत्त शिक्षक रामाधारी सिंह व डॉ. सिकंदर यादव ने अपने बधाई संदेश में कहा कि वर्तमान समय में दहेज रहित आदर्श विवाह करना एक संघर्ष पूर्ण कार्य है। इस कार्य को करने से युवा पीढ़ी को एक नया संदेश मिलता है।दहेज बर्तमान समय में एक सामाजिक अभिशाप है। इस साहसिक कार्य को करने पर लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह समाज के सामने एक नजीर है जो यह बताता है कि लोग दहेज पर व्याख्यान तो देते हैं लेकिन जब उनकी बारी आती है तो उनके कदम पीछे हट जाते हैं।
दहेज रहित आदर्श विवाह संपन्न कराने में रवि पांडेय,अशोक चंद्रवंशी,रमेश कुमार,सर्वेश कुमार,मांझी पंडित,अंकुश गुप्ता,सोनू गुप्ता,दीपक शौंडिक,प्रियंका देवी एवं कुसुम देवी ने सराहनीय भूमिका निभाई।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

महासभा ने किया भंवरी देवी का शतायु सम्मान

Posted: 03 Jul 2022 05:53 AM PDT

महासभा ने किया भंवरी देवी का शतायु सम्मान

राजस्थान प्रान्तीय शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासभा द्वारा रतनगढ़ निवासी समाजसेवी शोभाचन्द भोजक की 92 वर्षीय माताजी श्रीमती भंवरी देवी धर्मपत्नी स्व. खिंवाराज शर्मा का उनके निवास पर जाकर महासभा अध्यक्ष सत्यदीप शर्मा, ने स्मृति चिन्ह देकर महासचिव संजय शर्मा ने श्रीफल से शिक्षा समिति संयोजक पुरुषोत्तम लाल सेवक ने शाॅल ओढा कर प्रदेश महिला संयोजिका श्रीमति कान्ता भोजक द्वारा माला पहनाकर श्रीमती भंवरी देवी का सम्मान किया कार्यकारिणी सदस्य सुनील भोजक द्वारा सम्मान किया गया इस अवसर पर महासभा के विजय राज सेवग राजभारती शर्मा सहित महासभा के व भंवरी देवी जी के पारिवारिक सदस्य भी मौजूद रहे । इस अवसर पर अध्यक्ष सत्यदीप ने शतायु सम्मान के बारे में बताते हुए कहा कि महासभा की यह पारम्परा रही है कि समाज के वयोवृद्ध लोगों ने 90 बसंत पार कर लिये है वे सभी हमारे लिए सम्माननीय है और हमारे सामाजिक धरोहर के रूप में हमारे साथ है इसी कारण उनका सम्मान करना महासभा का परम कर्त्तव्य है ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

अदालत

Posted: 03 Jul 2022 05:42 AM PDT

अदालत

अदालत यानी जहां न्यायिक प्रणाली से फैसला होता है ।इसे ईश्वर का मंदिर भी कहा जाता है ,जहां ईश्वर स्वयं मुख्य न्यायाधीश के रूप में विराजमान रहते हैं और अन्य न्यायाधीश उनके पार्षद के रूप में न्यायिक प्रणाली को संभाले रहते हैं । इसका स्तर ग्राम चौपाल ग्राम कचहरी ग्राम पंचायत आदि निचले स्तर से शुरू होकर लोअर कोर्ट हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक फैला हुआ है ।पहले छोटे-मोटे झगड़े चाहे वह दीवानी हो या फौजदारी हो उसका निदान ग्रामीण स्तर पर ही हो जाता था । उन दिनों बात बात पर अदालत जाने की नौबत नहीं आती थी ।
उन दिनों जब ग्राम चौपाल में फैसले होते थे तो उसका बहुत बड़ा असर समाज पर पड़ता था । फैसला देने वाले प्रधान भी तब ईश्वर का प्रतिनिधि होने के नाते काफी सूझबूझ के साथ जमीनी स्तर को देखते हुए और समझते हुए फैसला देते थे । इसका एक उदाहरण यहां प्रस्तुत है :-
किसी गांव में गांव का रास्ता एक आम बागान से होकर गुजरता था । आम का सीजन था और आम पकने लगे थे ।कोई राहगीर उस रास्ते से गुजर रहा था और उसने रास्ते पर एक पका हुआ आम पड़े हुए देखा । उसने आम को उठाया और खाने लगा । इतने में बागान मालिक ने उसे देखा और चोरी के जुर्म में उसे पकड़ कर ग्राम कचहरी में मुकदमा चलाया । पंचायत ग्राम चौपाल में बैठी और मुकदमा पेश किया गया । दोनों पक्षों और चौपाल के अन्य सदस्यों को सुनने के बाद विचार विमर्श कर प्रधान ने यह निर्णय लिया कि यह चोरी का मामला नहीं बनता है , क्योंकि उस राहगीर ने आम को चोरी कर बागान मालिक के पेड़ से नहीं तोड़ा है । वह रास्ते से जा रहा था और पका आम रास्ते पर पड़ा देखा । चुकी आम एक लालची फल है अतः वह लालच बस उसे उठा लिया और खाने लगा । प्रधान ने पंचायत में यह भी कहा कि गांव इलाके में फलदार वृक्ष से गिरे हुए फल , खेत में लगा हुआ चने का झंगरी ,खेत में लगा हुआ गन्ने का पौधा आदि, यह सब लालची फल हैं और कोई राहगीर अगर एक फल ,एक गन्ने का पेड़ अथवा एक मुठ्ठी
चने का झंगरी आदि ,
अगर मालिक के अनुमति के बगैर खाने के लिए ले भी लेता है तो वह चोरी अथवा संगीन अपराध की श्रेणी में नहीं आता है । ऐसे व्यक्ति को चोर अथवा अपराधी न करार देते हुए उसे माफ किया जाना चाहिए ।और समाज के प्रधान तथा हमारा भी यह दायित्व ह ।
आज बात बात पर ऊपरी अदालतों की दरवाजा न खटखटा कर समाज में छोटे-मोटे वारदातों के लिए सुझ बुझ और परहेज की आवश्यकता है और
तभी समाज जुड़ा रह सकता है । आज तो आदमी की महत्वाकांक्षा इतनी प्रबल हो गई है कि आज दीवानी , फौजदारी, आर्थिक , सामाजिक , राजनैतिक और धार्मिक आदि मामलों की बाढ़ सी आ गई है और आज हर मामले को उच्चतम न्यायालय तक घसीटा जा रहा है । इनमें धार्मिक और राजनीतिक मामलों की सुनवाई अदालतों द्वारा भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है , जैसा कि समाचार अथवा मीडिया के माध्यम से देखा जाता है । अदालतों के कुछ फैसलों पर तो सामाजिक प्रतिक्रिया परवान चढ़ते जा रही है और ध्वनि तरंगों जैसा उसका असर समाज में दिनों महीनों तक चलते रहता है । इन तरंगों के प्रसारण में विभिन्न दलों के राजनेता और मीडिया वाले कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं और धीरे-धीरे समस्या तिल का ताड़ बनते दिखाई देता है । इसका गहरा असर समाज पर पड़ रहा है और समाज में धार्मिक आधार पर बिखराव होता नजर आ रहा है । आज चाहे वह आम आदमी हो , राजनेता हो , न्यायिक प्रणाली से जुड़ा हुआ कोई व्यक्ति हो या विभिन्न धार्मिक संस्थाओं से जुड़ा हुआ कोई उपदेश दाता हो , सभी का यह कर्तव्य होता है कि इस संभावित बिखराव को देश में होने से रोकने की ओर कदम उठाएं और काफी सुझ बुझ कर वक्तव्य अथवा निर्णय देने की कोशिश करें ताकि देश एकता के सूत्र में बंधा रहे । और समाज तथा देश में शांति व्यवस्था कायम रहे ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

भगवान जगन्नाथ और उनके नाम के शाब्दिक अर्थ को ईसाई मिशनरियों ने बदनाम करने का प्रयास किया |

Posted: 02 Jul 2022 10:24 PM PDT

भगवान जगन्नाथ और उनके नाम के शाब्दिक अर्थ को ईसाई मिशनरियों ने बदनाम करने का प्रयास किया |

भगवान जगन्नाथ और उनके नाम के शाब्दिक अर्थ को ईसाई मिशनरियों ने बदनाम करने का भरपूर कुप्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए| धूर्त ईसाई पादरियों ने भगवान जगन्नाथ की तुलना बाइबिल में उद्धृत उस प्राचीन ग्रीक राक्षस "मोलक ऑफ़ केनन" से की जो अबोध शिशुओं की बलि से तृप्त होता था|
"जगन्नाथ" अर्थात पूरे विश्व के स्वामी से बने इंग्लिश के लोकप्रिय शब्द "JUGGERNAUT" "जगरनौट" का अर्थ होता है – असीमित शक्तिशाली; जिसे रोका न जा सके या जो किसी भी क्षेत्र में अपना परचम फहराकर सर्वश्रेष्ठ हो| उदाहरण – सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के जगरनौट हैं, रोजर फेडरर टेनिस के जगरनौट हैं या अजित डोवाल राष्ट्रीय सुरक्षा के जगरनौट हैं, छत्रपति शिवाजी हिंदुत्व के जगरनौट थे... इत्यादि|
आज से दो सौ साल पहले जब भारत अंग्रेजों के अधीन था तब ईसाई मिशनरियां हिंदुओं के धर्मपरिवर्तन में छल कपट, झूठ, प्रलोभन, भय, कोई कसर नहीं छोड़ रही थीं| हिंदुओं के सर्वाधिक श्रद्धा स्थलों में से एक पुरी स्थित मंदिर के वैभव, ऐश्वर्य और वार्षिक रथयात्रा के दौरान अपार भक्तों के उत्साह, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की लकड़ी की मूर्तियों को रथों पर रखते एवं ले जाते समय जीवंत होने जैसे उद्धरण देखकर, सुनकर ईसाई पादरियों को ईर्ष्या होती, उनके सीने पर सांप लोट जाया करते|
ईसाई धर्मगुरुओं ने धर्मपरिवर्तन के कुत्सित षड्यंत्र के अंतर्गत भारत में एक अभियान सा चला रखा था - हिंदू देवी देवताओं का अपमान करना, उनके पौराणिक स्वरूपों को अवास्तविक और भद्दा साबित करने की कोशिश करना, भोली भाली जनता को छद्म तरीके से बताना कि तुम्हारे देवी देवता, भगवान अवास्तविक हैं, जरुरत के समय तुम्हारी सहायता नहीं करते जबकि हमारे यशु मसीह सरीखे देवता उनसे न सिर्फ श्रेष्ठ हैं बल्कि तुम्हारी सहायता को भी तत्पर रहते हैं| हिंदू देवी देवताओं का उपहास उड़ाना जैसे एक फैशन बन गया था|
याद करें – जब वास्को-द-गामा भारत आया तो उसने पहले तो अपने जहाज के प्लेग वाले चूहों को बंदरगहों के निकट की बस्तियों में महामारी फैलाने के लिए छोड़ दिया और इसे हिंदू देवी देवताओं का प्रकोप बताकर अपने साथ लाई दवाई की गोलियां मरीजों को खिलाकर साबित करता था कि तुम्हें हमारे देवता यशु मसीह ने ठीक किया है| परिणाम – भोली भाली और सीधी साधी धर्मपरायण जनता का छला जाना, गोवा और केरल में भारी संख्या में धर्मपरिवर्तन होकर हिंदुओं को ईसाई बनाया जाना|
सन 1800 के आसपास ईसाई पादरी रेवरेंड बुचानन भारत में धर्मपरिवर्तन का सर्वेसर्वा था| उसे हिंदुओं और हिंदू देवी देवताओं से बेइंतहा घृणा थी| वह भारत के सभी हिंदुओं को किसी भी प्रकार से ईसाई बना देने का घोर पक्षधर था| भगवान जगन्नाथ के प्रति हिंदुओं की अगाध श्रद्धा और रथयात्रा के दौरान उत्साह को उसका कुटिल ईसाई मन पचा नहीं पा रहा था| बुचानन यूरोपीय और अमेरिकी पत्र-पत्रिकाओं में अपने लेखों के माध्यम से भगवान जगन्नाथ को JUGGERNAUT लिखते हुए भक्तों के उत्साह और समूह-नृत्यों को पैशाचिक कृत्य बताया करता| यहीं से इस अंग्रेज़ी शब्द की उत्पत्ति हुई| सन 1811 में उसने अपनी पुस्तक Christian Researches in Asia में तो सारी सीमाएं पार करते हुए जगरनौट अर्थात भगवान जगन्नाथ की तुलना बाइबिल में उद्धृत पौराणिक ग्रीक शैतान मोलक जैसा बताते हुए झूठ लिखा कि रथयात्रा के दौरान हज़ारों की संख्या में भक्तों के समूह अपने को रथों के पहियों के तले कुचलवाकर खून बहाते हैं तभी जगरनौट तृप्त होते हैं|
इस तरह पश्चिम देशों और अंग्रेज़ी भाषा में जगन्नाथ JUGGERNAUT के नाम से अकूत ताकतवर लेकिन क्रूर देवता के रूप में जाने जाने लगे और इस शब्द को इसी रूप में लोकप्रिय रूप से प्रयोग किया जाने लगा| कोई व्यक्ति हिंसक और ताकतवर होता तो उसे जगरनौट कहा जाता| कहते हैं – झूठ के पैर नहीं होते| फिर भला हमारे भगवान जगन्नाथ कैसे इस झूठ और षड्यंत्र के नाम से स्वयं को जुड़े रहने देते| एक तरफ तो सन 1878 में अमेरिकी पत्रिका हार्पर ने भगवान जगन्नाथ, पुरी, मंदिर इसकी भव्यता का सही वर्णन देते हुए अंग्रेज़ी में इस शब्द का अर्थ सुधारने की अपील की दूसरी ओर कुछ वर्षों बाद स्वामी विवेकानंद ने विदेशों के अपने व्याख्यानों में इस झूठ की पोल लगातार खोलने का काम किया| अमेरिकी जनता भारी संख्या में हिंदू धर्म की ओर बढ़ने लगी, लोग पुरी के भ्रमण पर आते, भगवान जगन्नाथ का सही स्वरुप दुनिया के सामने आने लगा|
आज भगवान जगन्नाथ के अंग्रेज़ी नाम जगरनौट का अभिप्राय सकारात्मक तरीके से सर्वशक्तिमान और अविजित, अपनी बात पर अटल रहने वाले स्वरुप में ही प्रयोग होता है, जो कि वे वास्तव में हैं| बोलो – जगन्नाथ भगवान की जय, बलभद्र महाराज की जय, सुभद्रा देवी की जय| लेखक - अतुल मालवीय
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

आँसू के रंग

Posted: 02 Jul 2022 10:16 PM PDT

आँसू के रंग 

छंद नहीं होते हैं आँसू, नियम नहीं होते हैं आँसू 
कभी ख़ुशी कभी गम, भावों की अनुभूति है आँसू। 

मैंने देखे सुख के आँसू, हंसते गाते झिलमिल आँसू 
दुःख मे भी देखे हैं आँसू, दर्द भरे रोते से  आँसू। 

हुई बिदाई जब बिटिया की, छलक पड़े आँखों से  आँसू 
गौरव के पल आने पर भी, बह निकले आँखों से आँसू। 

कभी किसी की मृत्यु हुई जब, बरबस बहते देखे आँसू
खुशियों के अवसर पर भी तो, रुक न सके आँखों मे आँसू।  

दरिया कभी बनते आँसू , मोती सम पलकों मे आँसू 
जार-जार रोते हैं आँसू , बार-बार आते हैं आँसू।  

दिल ने जब भी रोना चाहा, सूख गए आँखों के आँसू 
प्यार जहां इनको मिल पाया, छलक गये आँखों से आँसू।  

सुख में भी आँखों मे आँसू, दुःख में भी बहते हैं आँसू 
ऊँच -नीच का भेद न करते, नर-नारी के आते आँसू। 

प्रियतम की चाहत है आँसू, माँ नयनो मे ममता आँसू 
भाई बहन का प्यार हैं आँसू, जीवन का श्रृंगार है आँसू। 

डॉ अ कीर्तिवर्धन
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

नरक का द्वार

Posted: 02 Jul 2022 10:13 PM PDT

नरक का द्वार

नैन दिखा मां बाप को, 
खोले नरक के द्वार।  
अभिशापों की जिंदगी, 
मत जीओ संसार।

कच्ची कलियां नोंचतें, 
करते जो पापाचार। 
नरक द्वार खोलते, 
पापी वो नरनार। 

स्वांग रचा छद्म करे, 
करते जो लूटमार। 
दीन दुखी की हाय ले, 
जाते नरक के द्वार। 

मिथ्या बोले छल करे, 
कपट का करे व्यापार। 
नरक नसीब हो उनको, 
नैया डूबे मंझधार। 

मीत होय धोखा करे, 
मधुर करे व्यवहार। 
हृदय झांक देखिए, 
खुला नरक का द्वार। 

अपनों से घृणा करे, 
बात बात तकरार। 
कलह क्लेश ही मिले, 
खुले नरक के द्वार।

रमाकांत सोनी सुदर्शन 
नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

हम कठपुतली है ईश्वर की

Posted: 02 Jul 2022 10:10 PM PDT

हम कठपुतली है ईश्वर की

सारी दुनिया रंगमंच है 
खेल वही दिखलाएगा 
हम कठपुतली है ईश्वर की 
चाहे जिसे नचायेगा

नीली छतरी वाला बैठा 
डोर वही हिलाएगा 
न्यारे न्यारे दे किरदार 
अभिनय खूब कराएगा

हमको रोल निभाना प्यारे 
बाजीगर खेल दिखाएगा 
हम कठपुतली है ईश्वर की 
मरजी वही चलाएगा

भांति भांति के दृश्य बदलता
कुदरत नजारे मनभावन 
कभी जेठ की दोपहरी तो 
कभी झड़ी रिमझिम सावन

निर्झर झरना बहता रहता 
बहती पावन गंगा धारा 
हम कठपुतली है ईश्वर की
मालिक वो भगवान हमारा

पर्वत नदिया वन उपवन है
धरा गगन चांद तारे
तपती लूएं चले धोरों में 
बागों में बहती बहारें 

भुजदंडों में रक्त शिराएं 
शौर्य का करती उत्थान
हम कठपुतली है ईश्वर की
घट घट वासी हैं भगवान

झूठी निंदा झूठा झगड़ा 
काम क्रोध मद लोभ है
बारी बारी पात्र बदलता 
कहीं कष्ट कहीं पर मौज है

शतरंज सी चाले चलता 
मोहरा समझ नहीं पाता 
उसके एक इशारे पर ही 
दृश्य सारा बदल जाता 

उसके हाथों डोर सभी की 
सुख दुख वही दिखाता है 
हम कठपुतली है ईश्वर की
पल-पल हमें नचाता है

जादूगर के खेल निराले 
लीला अपरंपार है
हम कठपुतली है ईश्वर की 
रंगमंच संसार है

रमाकांत सोनी नवलगढ़
जिला झुंझुनू राजस्थान
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

Post Bottom Ad

Pages