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Saturday, July 2, 2022

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3 जुलाई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 02 Jul 2022 08:22 AM PDT

3 जुलाई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

3 जुलाई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:

!! दैनिक पंचांग !!

🔅 तिथि चतुर्थी 01:47 PM

🔅 नक्षत्र मघा सम्पूर्ण दिन /रात्रि

🔅 करण विष्टि 05:08 PM

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग वज्र 12:05 PM

🔅 वार रविवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:14 AM

🔅 चन्द्रोदय 08:26 AM

🔅 चन्द्र राशि कर्क

🔅 सूर्यास्त 06:46 PM

🔅 चन्द्रास्त 09:56 PM

🔅 ऋतु वर्षा
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:42 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत आषाढ

🔅 मास पूर्णिमांत आषाढ

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:26:09 - 12:20:57

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 04:55 PM - 05:49 PM

🔅 कंटक 09:36 AM - 10:31 AM

🔅 यमघण्ट 01:15 PM - 02:10 PM

🔅 राहु काल 05:01 PM - 06:44 PM

🔅 कुलिक 04:55 PM - 05:49 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:26 AM - 12:20 PM

🔅 यमगण्ड 11:53 AM - 01:36 PM

🔅 गुलिक काल 03:19 PM - 05:01 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ

🌹विशेष ~ भद्रा दिन 01:47 तक, रविवती वैनायिकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत। 🌹

पं. प्रेम सागर पाण्डेय्,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 3 जुलाई 2022, रविवार का राशिफल 🌹


मेष (Aries): खर्च में संयम रखने की सलाह आपको देते हैं, क्योंकि आज धन खर्च का विशेष योग है। धन संबंधी एवं लेन-देन संबंधी सभी कार्यों में सावधानी रखने की जरूरत है। किसी के साथ विवाद न हो, इसका ध्यान रखें। मित्रों एवं परिवारजनों के साथ मनमुटाव होने की और आरोग्य बिगड़ने की आशंका है। आज का दिन मध्यम फलदायी है।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras) : आज का दिन आपकी रचनात्मक और कलात्मक शक्तियों में वृद्धि होगी। मानसिक रूप से आज आप वैचारिक स्थिरता की अनुभूति करोगे, जिसके परिणामस्वरुप आप लगन के साथ काम कर पाएँगे। अपना आर्थिक उत्तदायित्व अच्छी तरह से निभा पाएँगे।आर्थिक योजना बना सकेगें। आभूषण, सौंदर्य प्रसाधन और मनोरंजन के पीछे खर्च होगा। परिवार के सदस्यों के साथ आनंदपूर्वक समय बीतेगा। आप के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मिथुन (Gemini): आज आपका दिन शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता के साथ व्यग्रतापूर्ण तरीके से बीतेगा। शारीरिक कष्ट, विशेषकर आंखों में पीड़ा होने की संभावना है। परिवारजनों और स्नेहियों के साथ कोई घटना घटने की संभावना है। आज कोई भी कार्य बिना विचारे नहीं करने की सलाह देते है। आपकी बात-चीत या व्यवहार से किसी को कोई भ्रम न हो इसका ध्यान रखें। दुर्घटना से संभलना अनिवार्य है। आय की अपेक्षा खर्च अधिक होगा। मानसिक चिंता के कारण मन व्यग्र रहेगा। अनुचित कार्यों में शक्ति का व्यय होगा। आध्यात्मिकता और ईश्वरीय शक्ति सहायक सिद्ध होगी।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

कर्क (Cancer) : आज का दिन आपके लिए बहुत लाभकारी है। आपकी आय में वृद्धि होगी। किसी अन्य तरीके से भी आर्थिक लाभ होगा। मित्रों के साथ भेंट होगी। स्त्री मित्रों से विशेष लाभ मिलेगा। व्यापार में लाभ होगा। संतान और जीवनसाथी से सुख मिलेगा। विवाह के योग हैं। संतान से मुलाकात होगी। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। चिंता से मुक्ति का अनुभव करेंगे। मित्रों के साथ किसी प्राकृतिक स्थान पर जाने की योजना बन सकती है। आज का दिन भोजन सुख के लिए अच्छा है।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

सिंह (Leo) : आप के व्यवसाय हेतु आज का दिन बहुत अच्छा एवं श्रेष्ठ है। आज हर काम सफलतापूर्वक संपन्न होगा। उच्च पदाधिकारियों की आप पर कृपादृष्टि रहेगी। आज आपका प्रभुत्व चरम सीमा पर रहेगा। पिता की ओर से लाभ के संकेत है। सरकारी कार्यों में लाभ मिलेगा। आरोग्य अच्छा रहेगा। गृहस्थजीवन मधुरतापूर्ण होगा। जमीन, मकान एवं संपत्ति के सौदे सफल रहेंगे।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

कन्या (Virgo) : आज आपका दिन अच्छा रहेगा। सगे-संबंधी के साथ प्रवास का आयोजन हो सकता है। स्त्री मित्रों से लाभ होना संभव है। धार्मिक कार्य तथा धार्मिक यात्रा में व्यस्त रहेंगे। विदेश में रहनेवाले स्नेहिजनों के समाचार से आनंद होगा। भाई-बंधु से लाभ होने की संभावना है। आज का दिन आर्थिक लाभ का दिन है।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

तुला (Libra) : आज आपको नए कार्य की शुरुआत करने की सलाह देते है। भाषा और व्यवहार पर संयम रखना आपके हित में होगा। द्वेष से दूर रहिए और हितशत्रुओं से सावधान रहें । तबीयत का ध्यान रखें। रहस्यमय बातें और गूढ़विद्या के प्रति आप आकर्षित होंगे। आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त करने के लिए अच्छा समय है। संभवतः पानी और स्त्री से दूर रहें। गहन चिंतन के द्वारा मन की शांति प्राप्त कर पाएंगे।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio): आज आपका दिन कुछ भिन्न तरीके से बीतेगा । स्वयं के लिए आप समय निकाल पाएंगे। मित्रों के साथ घूमना-फिरना, मौज-मस्ती, मनोरंजन, छोटे पर्यटन तथा भोजन और वस्त्र-परिधान इत्यादि से आप बहुत आनंदित रहेंगे। मान-सम्मान में वृद्धि होगी और सम्मानित किये जाने की संभावना है। वाहन सुख प्राप्त होगा। प्रियजन से मुलाकात से मन प्रसन्न रहेगा एवं वैवाहिक सुख का पूर्ण आनंद प्राप्त होगा।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): आज आप के लिए आर्थिक लाभ का दिन है। घर में शांति और आनंद का वातावरण रहेगा, जो कि आपके मन को प्रसन्न रखेगा। नौकरी करनेवाले लोगों को नौकरी से लाभ और सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। कार्यसिद्धि तथा यश मिलेगा। शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आपके नीचे कार्य करनेवालों का सहयोग मिलेगा। मातृपक्ष से अच्छे समाचार मिलेंगे। प्रतिस्पर्धिओं पर विजय मिलेगी। अपनी वाणी पर संयम रखिएगा। स्त्री मित्रों से भेंट होगी।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 1

मकर (Capricorn) : आज आपका मन चिंताग्रस्त और दुविधायुक्त रहेगा। ऐसी मनोदशा में आप किसी भी कार्य में दृढ़ निश्चय नहीं रह पाएंगे। आज के दिन कोई भी महत्त्वपूर्ण कार्य न करें क्योंकि आज भाग्य साथ नहीं देगा। संतान के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। घर में बड़ों का स्वास्थ्य थोड़ा बिगड़ सकता है। कार्यालय में उच्च पदाधिकारियों की अप्रसन्नता का सामना करना पडेगा। निरर्थक व्यय बढ़ेगा। संतानों के साथ मतभेद होंगे।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 8

कुंभ (Aquarius) : आज आप के स्वभाव में प्रेम छलकेगा। इस कारण मानसिक रूप से व्यग्रता का अनुभव होगा। धनोपार्जन सम्बंधित योजना बन सकती है। स्त्रियों के आभूषण, वस्त्र, सौंदर्य-प्रसाधन के पीछे धन खर्च होगा। माता से लाभ होने की संभावना है। जमीन, मकान एवं वाहन आदि के सौदों में ध्यान रखना अतिआवश्यक है। विद्योपार्जन करनेवालों को विद्याप्राप्ति में सफलता मिलेगी। स्वभाव में हठीलापन टालिएगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces) : आज आपका दिन शुभ फलदायी होगा, आपकी सृजनात्मक और कलात्मक शक्तियों में वृद्घि होगी। वैचारिक स्थिरता के कारण आपके कार्य आज अच्छी तरह से संपन्न कर पाएंगे। महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए आज का दिन शुभ है। जीवनसाथी के साथ समय अच्छी तरह से बितेगा। मित्रों के साथ छोटे पर्यटन का सफल आयोजन होगा। भाई-बंधुओं से लाभ होगा। कार्य में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान मिलेगा, प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 1 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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कोसेगा इतिहास उन्हें नाम लिखेगा गद्दारों में।

Posted: 02 Jul 2022 08:15 AM PDT

कोसेगा इतिहास उन्हें  नाम लिखेगा गद्दारों में।

डॉ राकेश कुमार आर्य
कोसेगा इतिहास उन्हें  
नाम लिखेगा गद्दारों में।
 सच को सच नहीं कह पाते 
 जमीरें बिकीं  बाजारों में,
 कोसेगा इतिहास उन्हें
 नाम लिखेगा गद्दारों में।


मिटा दिए सिंदूर बहुत से
 लाठी छीनी बापू की,
बहन से भाई जुदा किए
लाज लूट ली ममता की ,
मानवता हुई शर्मसार
नहीं तनिक भी लज्जा की,
पापों से धरती डोल गई
कुछ कहने में भी शर्माती।


जो अपने होकर धोखा देते
उन्हें कैसे गिनूं मैं यारों में,
कोसेगा इतिहास उन्हें
 नाम लिखेगा गद्दारों में।


इतिहास के गौरव को
 जो देश जाति भूला करती,
देश के हत्यारों की कब्रों 
को जाकर पूजा करती,
अपने शौर्य की गाथा पर 
दूजों को तरजीह दिया करती,
हकदार नहीं सम्मान की होती
गैरत धिक्कार किया करती।

मैं जो कुछ कहता समझ 
लीजिए सारी बात इशारों में,
कोसेगा इतिहास उन्हें
 नाम लिखेगा गद्दारों में।

कुछ नेता हीजड़ा बने हुए 
 जयचंदी सोच लिए फिरते,
 कुछ देश तोड़ने को आतुर
 सामने लिखा नहीं पढ़ते,
जर, जमीन, जमीर बेच दी
अब देश बेचने को फिरते,
वली नहीं जो बच्चों के
हम सबके वली बने फिरते।

कमजोर शाख पर बने घोंसला
यह बात नहीं हुशियारों की,
कोसेगा इतिहास उन्हें
नाम लिखेगा गद्दारों में।

जब शीश उतारे जाते हैं 
या पीट-पीट मारा जाता,
जब मां की आंखों के आगे 
बच्चे का कत्ल किया जाता,
 जब बाप के आगे ही बेटी से
पशुता का काम किया जाता,
क्यों हो जाते तब मौन सभी
और पक्षाघात सबको खाता।

पशुता से आता जोश सदा
 गीदड़ और सियारों में,
कोसेगा इतिहास उन्हें
नाम लिखेगा गद्दारों में।

जो अमन की बातें करके भी 
चमन के दुश्मन होते हैं,
वह कभी नहीं अपने होते 
 वतन के दुश्मन होते हैं,
जिनकी फितरत में गद्दारी
वे जयचंद के वंशज होते हैं,
जिनके लिए मजहब पहले हो
वे बाबर के वंशज होते हैं।

'राकेश' गीत हम गाएंगे
 हर जलसे और चौबारों में,
कोसेगा इतिहास उन्हें
नाम लिखेगा गद्दारों में।

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शीर्ष अदालत की छवि का सवाल !

Posted: 02 Jul 2022 08:12 AM PDT

शीर्ष अदालत की छवि का सवाल !

जो सत्ता में हैं उन्हें बहुत संतुलित एवं संयमित भाषा बोलनी चाहिए क्योंकि जुबान से निकले शब्द वे तीर हैं जो कमान से छोड़े जाने के बाद वापिस नहीं आते। इसी प्रकार न्याय के सर्वोच्च सिंहासन पर बैठे न्यायधीशों की जिम्मेदारी तो सत्ताओं, नेताओं, कार्यपालिका तथा विधायिका से भी कहीं बड़ी है। न्यायपालिका को ही इन सब के विवादों, गलतियों का शमन करना होता है। ऐसी कोई उत्तेजनात्मक टिप्पणी, फटकार या विचार अदालत से बाहर नहीं आने चाहियें जिससे न्यायिक प्रक्रिया, उसका सम्मान एवं देश का सम्पूर्ण माहौल दूषित हो। खेद है कि शीर्ष अदालत से सुरक्षा की गुहार लगाने पहुंची नूपुर शर्मा के विषय में जो टिप्पणियां की गईं उससे देश में खलबली मच गई है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर न्यायविदों, बुद्धिजीवियों तथा लोकतंत्र और स्वतंत्र-निष्पक्ष न्यायपालिका के पक्षधरों में गहरा असंतोष या आक्रोश व्याप्त है। दिल्ली हाई कोर्ट के सेवानिवृत जज जस्टिस एस. एन. ढींगरा ने कहा है कि जजों ने अधिकार क्षेत्र और न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना कर गैर क़ानूनी, गैर जिम्मेदाराना तथा गैर मुसातिब टिप्पणी कर अपने घमंड-अहंकार का परिचय दिया है। जस्टिस ढींगरा ने कहा है कि दोनों जजों ने सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा को कलंकित किया है। सबसे बड़ा अपराध यह किया गया कि ऐसा माहौल व दबाव बना दिया कि नूपुर शर्मा को किसी अधीनस्थ अदालत से न्याय न मिले क्योंकि निचली अदालतों को यह कहने और मानने का बहाना है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा को देश में आग लगाने व कन्हैया लाल की हत्या का दोषी बता दिया तो हम क्या राहत दें?

इसी प्रकार वरिष्ठ अधिवक्ता विजय सरदाना ने शीर्ष अदालत के जजों की टिप्पणी को अनाधिकार चेष्टा व दुर्भाग्यपूर्ण बता कर उसे क़ानूनी प्रक्रिया के विपरीत बताया है।
हमारा कहना है कि हर बुरी चीज़ में कुछ अच्छाई भी होती है। अभी तक साधारणतया लोग अदालतों के फैसले पर सीधी टिप्पणियां करने से बचते थे किन्तु अब कहा जाने लगा है कि अवमानना की कार्यवाही व स्वतः संज्ञान का अधिकार जजों को अहंकारी व तानाशाह बनाता है। यदि जज पूर्वाग्रह या राजनीतिक सोच से ग्रसित होकर चलेंगे तो उनकी आलोचनाओं की श्रृंखला आरंभ हो जाएगी। इसके अच्छे नतीजे ही निकलेंगे। लोग यह तो साफ-साफ कहने लगे हैं कि जज खुदा या खुदाई खिदमतगार नहीं बल्कि इंसान ही हैं और इंसान से गलतियां होती हैं।
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दंश संविधान में

Posted: 02 Jul 2022 08:03 AM PDT

दंश  संविधान में

       ---:भारतका एक ब्राह्मण.
          संजय कुमार मिश्र'अणु'
----------------------------------------
इस देश में
कोई बडी बात नहीं है
कुछ भी कह देना
और कुछ भी कर देना
यदि मनाही है तो...
सिर्फ मुझे है
सही बात भी कहने की
और सही काम करने की
कारण की हम
एक तो सामान्य नागरिक हैं
और उपर से हिन्दू
हम बात भी नहीं कर सकते हैं
अपने हक और अधिकार की
जब की उन्हे छुट है
हिंसा,आगजनी,नरसंहार की
चाहे जो कुछ भी हो केंद्र विन्दु
ये संविधान और सरकार
है उसीका खिदमतगार
और हम अपने घर में खा रहे हैं मार
भारत तेरे टुकडे होंगे जो दे नारा
बह देखते देखते बन जाता है सितारा
वो कुचलना चाहे तो कुचल दे आस्था
है देश के संविधान में ऐसी भी व्यवस्था
जो लूटता है मेरा जमीन, दूकान, धन
ये सत्ता देती है उसीको संरक्षण
जिसे दिखता हीं नहीं है
मेरा दलन,शोषण और उत्पीड़न
अपनी आंखें खोलकर
आज देखो अपने हिन्दुस्तान में
कि कैसे अपने सनातनी लोग
बन गये दोयम दर्जे के नागरिक
अपने देव और संविधान में
---------------------------------------
वलिदाद,अरवल(विहार)८०४४०२.
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हेमकुंड साहिब में हेलीपैड बनाने का विरोध

Posted: 02 Jul 2022 07:58 AM PDT

हेमकुंड साहिब में हेलीपैड बनाने का विरोध

चमोली। उधमसिंह नगर। जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात अक्सर बन जाते हैं इसलिए लोगों के बचाव और राहत कार्यों के लिए यहां 4 पक्के हेलीपैड बनाए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए हैं। हालांकि पंतनगर में एयरपोर्ट है, अब चार संवेदनशील क्षेत्रों में हेलीपैड बनाने की कवायद हो रही है। इधर, भौगोलिक नजरिये से संवेदनशील माने जाने वाले हेमकुंड साहिब क्षेत्र में एक हेलीपैड बनाए जाने की सरकार की योजना और निर्माण का विरोध स्थानीय लोगों ने शुरू कर दिया है।
सिखों के प्रसिद्ध धाम हेमकुंड साहिब में रेस्क्यू हेलीपैड निर्माण कार्य को भ्यूंडार गांव के लोगों ने गलत ठहराते हुए सीएम धामी को ज्ञापन भेजा। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति ने भी धामी को पत्र लिखकर हेमकुंड साहिब जैसे हाई अल्टिट्यूड वाले क्षेत्र में हेलीपैड निर्माण को रोकने की मांग की। नंदा देवी नेशनल पार्क के अंतर्गत आने वाले हेमकुंड साहिब क्षेत्र को पर्यावरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील बताते हुए इस पत्र में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला भी दिया गया है। आपदा में यात्रियों की मदद के लिहाज से यहां बनाए जा रहे स्थाई हेलीपैड के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री को जो पत्र भेजा गया है, उसके मुताबिक हेमकुंड साहिब क्षेत्र हिमालय का अति संवेदनशील क्षेत्र है। यहां जड़ी, बूटियों, वनस्पतियों एवं जीव जंतु के प्राकृतिक आवास के साथ ही उत्तराखंड के राज्य पुष्प ब्रह्मकमल बड़ी मात्रा में खिलते हैं। इस तरह के निर्माण से उनका अस्तित्व खत्म हो सकता है। इस पत्र में लिखा गया है कि यहां हेलीपैड का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन भी होगा। सर्वोच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ के जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस अनिरुद्ध बोस के आदेशों का हवाला देते हुए पत्र में कहा गया है कि नेशनल पार्क क्षेत्र में किसी भी स्थाई निर्माण को पूर्णतरू प्रतिबंधित किया जाए। इधर, यूएसनगर में चार पक्के हेलीपैडों को लेकर प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है।
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हैदराबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक

Posted: 02 Jul 2022 07:55 AM PDT

हैदराबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक 

हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आज से भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक हो रही है। इस बैठक के लिए बीजेपी ने विशेष तैयारियां की हैं। पार्टी ने इस बैठक से पहले ही अपने कई वरिष्ठ नेताओं को तेलंगाना की सभी 119 विधानसभाओं में तैनात कर दिया था, जहां उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकों और सम्मेलनों में हिस्सा लिया। वहीं कल शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हैदराबाद में एक रोड शो भी किया था। बताया जा रहा है कि इस बैठक में पिछले दिनों चार राज्य में चुनावों में मिली विजय, आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आठ साल की सफलताओं जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। ऐसा कहा जा रहा है कि पार्टी का हैदराबाद में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक करने का मकसद दक्षिण में अपने लिए राजनीतिक जमीन तैयार करना है और इसी क्रम में तेलंगाना उसका पहला लक्ष्य है। खबर है कि इस सम्मलेन के दौरान तेलंगाना की सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति समेत दक्षिण भारत के अन्य क्षेत्रीय दलों को घेरने की रणनीति पर भी चर्चा की सकती है।
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यूपी में ओडीओपी का विस्तार

Posted: 02 Jul 2022 07:48 AM PDT

यूपी में ओडीओपी का विस्तार

(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
एक जनपद एक उत्पाद ओडीओपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अभिनव योजना रही है। अब इसका एक जिला अनेक उत्पाद के रूप में विस्तार हो चुका है। उत्तर प्रदेश के सभी जनपद किसी न किसी विशेष उत्पाद के लिए पहचाने जाते थे। इससे बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होते थे। किन्तु पिछली सरकारों ने स्थानीय उद्योगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। इससे धीरे धीरे यह पहचान सिमटती गई। योगी आदित्यनाथ ने पिछले कार्यकाल में एक जिला एक उत्पाद योजना लागू की। इनके संवर्धन के लिए व्यापक प्रयास किए गए। इसकी सफलता से प्रभावित होकर इसे केंद्रीय बजट में शामिल किया गया था। अब यह योजना पूरे देश में संचालित की जा रही है। प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी अभी जी 7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने जर्मनी गए थे। वहाँ उन्होंने सदस्य देशों के नेताओं को ओडिओपी उत्पाद उपहार स्वरूप दिए थे। विकसित देशों के शासकों ने इसमें गहरी दिलचस्पी दिखाई थी। इस संदर्भ में राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने उपयोगी सुझाव दिया है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में एक जनपद एक उत्पाद हेतु के एक प्रदर्शन का स्थल बनाने का निर्देश दिया और कहा कि विश्वविद्यालय में आये गणमान्य अतिथियों के सम्मान में स्थानीय उत्पाद ही भेंट करने की परम्परा सुनिश्चित की जाये।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया था। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने ग्राम आधारित अर्थव्यवस्था को भारतीय परिवेश के अनुकूल बताया था। आत्मनिर्भरता के लिए स्थानीय उद्योगों, कृषि व कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन आवश्यक है। आनन्दी बेन पटेल ने इस दिशा में उपयोगी सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि एक जनपद एक उत्पाद की तर्ज पर एक जिला एक फसल विशेष योजना पर अमल करने की आवश्यकता हैै। इस पर आधारित उद्योगों से स्थानीय स्तर पर ही लोगों को रोजगार मिलेगा। ऐसा होने पर लोगों को गांवों से शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए जीरो बजट आधारित कृषि को प्रोत्साहन देना होगा। इसमें रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग बिल्कुल नहीं होता है। इस प्राकृतिक खेती में गाय का बहुत बड़ा योगदान होता है। गोबर एवं गो मूत्र से खेत की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है। इनके प्रयोग से उत्पादन लागत में कमी के साथ उत्पादन एवं अन्न की पौष्टिकता में भी वृद्धि हो सकेगी। शहरों के साथ गाँवों के विकास पर भी ध्यान केन्द्रित करना होगा। देश की सत्तर प्रतिशत आबादी गाँवों में रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय चिकित्सालय, विद्युत पहुंच हेतु पक्की सड़क एवं परिवहन आदि आवश्यक सुविधाएं पहुंचानी होंगी। इससे समग्र विकास होगा। कृषकों को खेती हेतु सिंचाई एवं बिजली, खाद व भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए। गाँवों में कुटीर एवं हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ाने हेतु प्रोत्साहन देना होगा। इन प्रयासों से गांव स्वावलंबी बन सकेंगे।

उत्तर प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। प्रदेश में उपजाऊ कृषि योग्य भूमि एवं नदियाँ हैं। प्रदेश कई कृषि उत्पादों हेतु विशेष महत्व रखता है। यहां प्रत्येक जनपद की अपनी अपनी विशेषता है। प्रत्येक जनपद अपने किसी न किसी विशेष उत्पादन के लिये भी विख्यात है। जनपद कन्नौज इत्र के लिये, मुरादाबाद पीतल के लिये, लखनऊ चिकन कारीगरी एवं दशहरी आम के लिये, अलीगढ़ ताला के लिये, फिरोजाबाद कांच के लिये एवं भदोही कालीन के लिये प्रसिद्ध है। डाॅ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा ने रिवर्स माइग्रेशन एण्ड रूरल डेवलेपमेंट इन उत्तर प्रदेश विषय पर बेबीनार का आयोजन किया था। आनन्दी बेन पटेल ने इस विषय के अनुरूप सार्थक विचार प्रस्तुत किये। योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना व्यापक परिप्रेक्ष्य में लागू की थी। यहां प्रत्येक जिले की अपनी विशेषता रही है। यह विशेषता उस जिले की पहचान के साथ जुड़ी थी। यह केवल स्थानीय उद्योगों के उत्पाद तक सीमित नहीं थी। एक जिला एक उत्पाद की मूल भावना यहीं तक सीमित भी नहीं है। इसमें कृषि और लोककला का विषय भी शामिल है। भारत में नाट्यशास्त्र का इतिहास आदिकाल से रहा है। यहां प्रकृति की भव्यता का गायन सबसे पहले हुआ। इसमें लोक संस्कृति का भी समावेश रहा है। यही कारण है कि हमारे यहां प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशिष्ट कला है। एक जनपद एक उत्पाद की तरह ही एक जनपद एक विशेष फसल प्रोजेक्ट तैयार हो सकता है। जिससे जनपद में होने वाली फसल विशेष को प्राथमिकता मिल सके। स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की दृष्टि से आज जैविक खेती को बढ़ावा मिलना चाहिए। अत्यधिक कृषि रासायनों एवं उर्वरकों के उपयोग से जमीन पर प्रतिकूल प्रभाव होता है। खाद्यान्न पर दुष्प्रभाव पड़ता है। इसके प्रति किसानों को जागरूक बनाना चाहिए। जैविक खेती को बढ़ावा देकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। जैविक खेती द्वारा मृदा की प्राकृतिक उर्वरता भी बनी रहती है। पर्यावरण का क्षरण भी न्यूनतम होता है। किसानों के लिए आनलाइन लाइन फसल उत्पाद बेचने की व्यवस्था उपयोगी साबित होगी। इससे किसान कृषि उत्पादों को आसानी से उपयुक्त बाजार में बेच सकेंगे। इस तकनीक में बिचैलिए नहीं होंगे। किसान को उनके उत्पाद का पर्याप्त मूल्य मिलेगा। किसानों की आय दोगुनी करने की योजना आगे बढ़ेगी। उत्पादों को बेचने के लिए बाजार उपलब्ध होगा। उनकी आमदनी में अपेक्षित वृद्धि हो सकेगी। पारम्परिक खेती में नवीनतम तकनीकों का समावेश लाभप्रद होगा। प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में 'एक जनपद एक उत्पाद योजना' बहुत बड़ी भूमिका है। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए परम्परागत उद्योग में वोकल फॉर लोकल के इस अभियान को प्राथमिकता से आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है। परम्परागत उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार की नीति बहुत स्पष्ट है। इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार ने अनेक योजनाएं पहले से लागू की हैं। आत्मनिर्भर पैकेज में प्रधानमंत्री ने एमएसएमई उद्योगों के लिए सरलता से ऋण उपलब्धता की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। इसके माध्यम से प्रदेश के अनेक क्षेत्रों को अपने परम्परागत उत्पादों से संबंधित पुरानी पहचान मिली। स्थानीय उद्योगों का जीर्णद्धार हुआ। इसकी लोकप्रियता के साथ ही इसके स्वरूप में भी विस्तार हुआ। योगी सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की है। मिट्टी के बने बर्तनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे कुम्हारों को लाभ मिल रहा है। माटी कला बोर्ड का गठन किया गया। कुम्हारों तथा इस उद्योग से जुड़े लोगों तालाबों से निःशुल्क मिट्टी दिए जाने का निर्णय लिया है। इलेक्ट्रिक चाक के माध्यम से कारीगरों की क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

चुनाव आयोग को मिला नया शेषन

Posted: 02 Jul 2022 07:45 AM PDT

चुनाव आयोग को मिला नया शेषन

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निर्वाचन आयोग को शक्तिशाली बनाने का जब भी कोई प्रयास करता है तो टीएन शेषन की याद आ जाती है। मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने भ्रष्टाचार में लिप्त गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की पहचान करने के लिए जारी 'सफाई' अभियान के बीच इसी तरह का प्रयास किया है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने की शक्ति हासिल करने के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू किया है। चुनाव कानून निर्वाचन आयोग को लोगों के समूह को एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत करने की शक्ति प्रदान करता है, लेकिन इसे पंजीयन रद्द करने का अधिकार नहीं देता। समझा जाता है कि हाल ही में केंद्रीय विधायी सचिव के साथ बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने राजनीतिक दलों का पंजीकरण समाप्त करने के लिए यह अधिकार दिये जाने पर जोर दिया था।

चुनाव आयोग कुछ आधारों पर किसी राजनीतिक दल का पंजीकरण रद्द करने के लिए जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत अधिकार प्रदान करने के लिए सरकार को अपना प्रतिनिधित्व देता रहा है। आयोग का मानना है कि कई राजनीतिक दल पंजीकृत हो जाते हैं, लेकिन कभी चुनाव नहीं लड़ते, ऐसे दल सिर्फ कागजों पर होते हैं। चुनाव आयोग (ईसी) का मानना है कि आयकर छूट का लाभ उठाने के लिए राजनीतिक दल बनाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। आयोग ने हाल ही में कुल 198 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अपने रजिस्टर से हटा दिया था, क्योंकि 'सफाई अभियान' के दौरान इन दलों का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया था। हाल ही में एक बयान में, चुनाव आयोग ने कहा था कि गंभीर वित्तीय अनियमितता में शामिल तीन ऐसे दलों के खिलाफ आवश्यक कानूनी और आपराधिक कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग को एक संदर्भ-पत्र भी भेजा गया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और दोनों चुनाव आयुक्त (ईसी) किसी तरह का आयकर छूट का फायदा नहीं लेंगे। बतौर नए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में आयोग की पहली बैठक में यह फैसला लिया गया। इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। अभी तक व्यय से जुड़े मासिक भत्ते में आयकर छूट सीईसी और ईसी को मिलती है। इसके साथ ही सालाना तीन एलटीसी की जगह अब सिर्फ एक एलटीसी (लीव ट्रैवल कंसेशन) लेने का फैसला किया गया है। राजीव कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा की जगह ली है। राजीव कुमार 15 मई, 2022 से मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, 19 फरवरी 1960 को जन्मे और बीएससी, एलएलबी, पीजीडीएम और एमए (पब्लिक पॉलिसी) की डिग्री रखने वाले राजीव कुमार, बीते 36 सालों से भारत सरकार में अधिकारी हैं। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र, पर्यावरण और वन, मानव संसाधन, वित्त और बैंकिंग क्षेत्र में केंद्र और राज्य के विभिन्न मंत्रालयों में काम किया है।

निर्वाचन आयोग ने अभी कुछ दिनों पूर्व ही अपने रजिस्टर से उन 111 राजनीतिक दलों को हटाने का फैसला किया जो सत्यापन कवायद के दौरान 'अस्तित्वहीन' पाए गए। आयोग के अनुसार राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) से रिपोर्ट मिली थी कि सत्यापन के दौरान ये 'पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल' 'अस्तित्वहीन' पाए गए या अधिकारियों द्वारा उनके पतों पर भेजे गए पत्रों को डाक विभाग वितरित नहीं कर सका। इसके बाद आयोग ने यह कार्रवाई की और चुनाव चिह्न आदेश (1968) के तहत इन दलों को दिए गए विभिन्न लाभों को वापस लेने का फैसला किया। इनमें एक समान चुनाव चिन्ह का आवंटन भी शामिल था। निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि कोई भी पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (आरयूपीपी) अगर इस फैसले से असंतुष्ट है तो वह सभी सबूतों, वर्षवार वार्षिक लेखा परीक्षित खातों, व्यय रिपोर्ट और पदाधिकारियों की अद्यतन सूची के साथ 30 दिनों के भीतर संबंधित सीईओ से संपर्क कर सकता है। यह भी उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में, आयोग ने 87 ऐसे राजनीतिक दलों को अपने रजिस्टर से हटा दिया था। आयोग सूत्रों ने उन विभिन्न दलों से जुड़े विशिष्ट विवरण साझा किए जिन्होंने कानूनों और नियमों का उल्लंघन किया है। ये विवरण सार्वजनिक तौर पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर उपलब्ध है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल ऐसे तीन दलों के खिलाफ आवश्यक कानूनी और आपराधिक कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग को जानकारी दी गई है। भारत में करीब 2,800 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं। आयोग विभिन्न राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने की अनुमति देने के लिए सरकार पर दबाव बनाता रहा है। आयोग ने कई मौकों पर कानून मंत्रालय को चुनाव कानून में संशोधन करने के लिए भी लिखा है ताकि उसे राजनीतिक दलों के पंजीकरण को रद्द करने का अधिकार मिल सके जिससे वह वित्तीय और अन्य अनियमितताओं में लिप्त पार्टियों पर रोक लगा सके। आज अगर देश में निष्पक्ष और स्वतंत्र माहौल में चुनाव हो पाता है तो इसका श्रेय टी.एन.शेषन को जाता है। उनका 10 नवंबर, 2019 को निधन हो गया। देश के दबंग चुनाव आयुक्त के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले टी.एन.शेषन नौकरशाही में भी सुधार के जनक थे। ईमानदारी और कानून के प्रति अपनी निष्ठा की वजह से वह बहुतों को खटकते भी थे। इस वजह से उनके विरोधी उनको सनकी और तानाशाह तक भी कहते थे लेकिन वह व्यवस्था में क्रांति लाने वाले इंसान, मेहनती, सक्षम प्रशासक, योग्य नौकरशाह, बुद्धिजीवियों और मध्य वर्ग के नायक थे। उनके जीवन की बहुत सी बातें लोगों को अभी पता नहीं है। शेषन की पहली तैनाती तमिलनाडु के मदुरई जिले के डिंडीगुल में सब कलेक्टर के तौर पर हुई। वहां उन्होंने सब कलेक्टर के अधिकारक्षेत्र से बाहर के प्रभारों को भी संभाला। अपनी पोस्टिंग के शुरुआती दिनों में ही उन्होंने मजबूत प्रशासक की अपनी छवि बनाई। कहानी कुछ इस तरह से है। हरिजन समुदाय के एक व्यक्ति की कांग्रेस पार्टी की स्थानीय अध्यक्ष से शादी हुई थी। हरिजन पर फंड के घपले का आरोप लगा जिसे टी.एन. शेषन ने गिरफ्तार करवा दिया। उसकी गिरफ्तारी के चंद दिनों बाद एक मंत्री का इलाके का दौरा हुआ। उसने शेषन से हरिजन को छोड़ने की मांग की और उन पर दबाव बनाया लेकिन टी.एन.शेषन मंत्री के दबाव के आगे नहीं झुके और आरोपी को रिहा नहीं किया।प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सरकार में सुब्रमण्यन स्वामी कानून मंत्री थे जो उनके दोस्त थे। सुब्रमण्यन स्वामी ने शेषन को मुख्य चुनाव आयुक्त का पद ऑफर किया। उन्होंने शुरू में तो इस ऑफर को ठुकराना चाहा लेकिन उन्होंने पहले राजीव गांधी से मशविरा किया, फिर तत्कालीन राष्ट्रपति आर.वेंकटरमन, अपने बड़े भाई और अपने ससुर से सलाह ली। उसके बाद उन्होंने ऑफर स्वीकार कर लिया और दिसंबर 1990 में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रभार संभाल लिया। इसके बाद उन्होंने देश की चुनाव व्यवस्था में जो सुधार किया, उससे उनका नाम इतिहास में अमर हो गया। उनके चुनावी सुधार कुछ इस तरह से हैं। आचार संहिता को सख्ती से लागू कराया। सभी मतदाताओं के लिए फोटो लगा पहचान पत्र शुरू कराया। उम्मीदवारों के खर्चों पर अंकुश लगाया। मतदाताओं को लुभाने या डराने की व्यवस्था को खत्म किया। चुनाव के दौरान शराब और अन्य चीजों के बांटने पर सख्ती से रोक लगवायी। उन्हांेने प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग पर रोक, जाति या सांप्रदायिक आधार पर मतदाताओं से वोट देने की अपील पर रोक और चुनाव प्रचार के लिए धर्म स्थलों के इस्तेमाल पर भी रोक लगायी थी।
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इटली के वैनिस में पर्यटकों को देना होगा प्रवेश शुल्क

Posted: 02 Jul 2022 07:42 AM PDT

इटली के वैनिस में पर्यटकों को देना होगा प्रवेश शुल्क

रोम। इटली के वेनिस शहर में अगले वर्ष जनवरी से यहां आने वाले पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क अनिवार्य कर दिया गया है और इसी के साथ ही यह इस तरह का प्रवेश शुल्क लगाने वाला दुनिया का पहला शहर बनने जा रहा है। इटली के पर्यटन क्राउन में स्थित वेनिस की यात्रा करने वाले पर्यटकों को 16 जनवरी 2023 से प्रवेश शुल्क का भुगतान करना होगा।
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लीबिया में संसद भवन पर धावा

Posted: 02 Jul 2022 07:35 AM PDT

लीबिया में संसद भवन पर धावा

त्रिपोली। लीबिया में लगातार बिजली कटौती, बढ़ती कीमतों और राजनीतिक गतिरोध के विरोध में लोगों ने देश के पूर्वी शहर तोब्रुक में संसद पर धावा बोल दिया और इमारत के कुछ हिस्सों में आग लगा दी। ऑनलाइन पोस्ट तस्वीरों में संसद भवन के पास से धुएं के घने स्तंभ दिखाई दे रहा है। प्रदर्शनकारियों ने देश में शीघ्र चुनाव कराने का भी आह्वान किया है। अंतरिम सरकार प्रमुख अब्दुल हमीद दबीबा ने लोगों की मांगो का समर्थन किया है और कहा है कि देश के सभी संस्थानों को बदलना अपरिहार्य है।
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भारत ने फिर भेजीं अफगानिस्तान में 6 टन दवाएं

Posted: 02 Jul 2022 07:32 AM PDT

भारत ने फिर भेजीं अफगानिस्तान में 6 टन दवाएं

काबुल। भारत ने युद्ध से प्रभावित अफगानिस्तान को मानवीय सहायता के तहत छह टन आवश्यक दवाओं की आपूर्ति की है और इसे काबुल स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल को सौंपा गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ''भारत ने अफगानिस्तान को चिकित्सा सहायता के तहत आज सातवीं खेप की आपूर्ति की जिसमें छह टन आवश्यक दवाएं शामिल हैं। यह भारत की ओर से जारी मानवीय सहायता का हिस्सा है। इसे काबुल स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल को सौंपा गया है।''

संयुक्त राष्ट्र की ओर से अफगानिस्तान के लोगों की मदद करने की अपील के मद्देनजर भारत अब तक सात खेप में 20 टन दवाओं की आपूर्ति कर चुका है जिसमें जीवनरक्षक दवा, टीबी रोधी दवा, कोविड रोधी टीके की पांच लाख खुराक शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि दवाओं की खेप विश्व स्वास्थ्य संगठन और इंदिरा गांधी बाल अस्पताल, काबुल को सौंपी गई है।

अफगानिस्तान में हाल में आए भयावह भूकंप के मद्देनजर सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाते हुए भारत ने दो विमानों से करीब 28 टन राहत सामग्री की आपूर्ति थी। मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा भारत अब तक 35 हजार मीट्रिक टन गेहूं के रूप में खाद्यान्न सहायता पहुंचा चुका है। भारत की ओर से भेजी गई राहत सहायता में परिवार के उपयोग संबंधी टेंट, सोने के लिए उपयोग में आने वाले बैग, कंबल, चटाई सहित अन्य आवश्यक सामग्री शामिल है। गौरतलब है कि पूर्वी अफगानिस्तान में हाल में आए भूकंप में 1,000 लोगों की मौत हो गई और 1,500 अन्य घायल हुए थे। मंत्रालय के बयान के अनुसार, ये राहत सतायता संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय के कार्यालय, संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम, अफगानिस्तान की रेड क्रीसेंट सोसाइटी को सौंपी गई है।
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पाकिस्तान में चुनाव प्रचार बैनर में मूसेवाला का चित्र

Posted: 02 Jul 2022 07:30 AM PDT

पाकिस्तान में चुनाव प्रचार बैनर में मूसेवाला का चित्र

पाकिस्तान में चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हो रहे एक होर्डिंग में दिवंगत भारतीय गायक सिद्धू मूसेवाला और उनके लोकप्रिय गीत '295' के चित्र दर्शाए जा रहे हैं। देश के पंजाब प्रांत में आगामी उपचुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए मूसेवाला की लोकप्रियता का फायदा उठाया जा रहा है। पंजाब के मुल्तान क्षेत्र की पीपी 217 सीट पर होने वाले उपचुनाव के प्रचार के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी तहरीक ए इंसाफ की होर्डिंग पर जायन कुरैशी के साथ मूसेवाला की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। न्यूज इंटरनेशनल अखबार की खबर में यह जानकारी सामने आई। जायन कुरैशी, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बेटे हैं। शुभदीप सिंह सिद्धू (28) उर्फ सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को भारत के पंजाब राज्य के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खबर में कहा गया कि चुनाव प्रचार में इस्तेमाल होने वाले पोस्टरों में गायक के लोकप्रिय गीत '295' को दर्शाया गया। यह गीत भारतीय दंड संहिता की उस धारा पर टिप्पणी है जो धार्मिक भावनाएं आहत करने से संबंधित है। उपचुनाव 17 जुलाई को होने वाले हैं।जब जायन कुरैशी से चुनाव प्रचार होर्डिंग पर मूसेवाला की तस्वीर होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ पता नहीं। कुरैशी ने कहा, "मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने पोस्टर पर सिद्धू मूसेवाला की तस्वीर छापी है। इस तस्वीर के कारण यह पोस्टर वायरल हो गया। इससे पहले हमारा कोई भी पोस्टर वायरल नहीं हुआ था।" उन्होंने कहा, "वे पता करने का प्रयास कर रहे हैं कि पोस्टर पर तस्वीर किसने छापी और क्यों छापी।" गौरतलब है कि मूसेवाला के पाकिस्तान में अच्छी खासी संख्या में प्रशंसक हैं।
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कन्हैयालाल हत्याकांड के लिए नुपुर शर्मा नहीं बल्कि ‘कट्टरपंथी जिहादी मुसलमान’ जिम्मेदार – गीर्ट वाइल्डर्स, डच सांसद

Posted: 02 Jul 2022 07:17 AM PDT

कन्हैयालाल हत्याकांड के लिए नुपुर शर्मा नहीं बल्कि 'कट्टरपंथी जिहादी मुसलमान' जिम्मेदार – गीर्ट वाइल्डर्स, डच सांसद

सर्वोच्च न्यायालय की फटकार के बाद इस्लामोफोबिक बयानबाज़ी के लिए नीदरलैंड के नेता गीर्ट वाइल्डर्स ने प्रोफेट मोहम्मद टिप्पणी करने वाली भाजप की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि, नूपुर शर्मा को क्षमा नहीं मांगनी चाहिए और उदयपुर की घटना के लिए वो ज़िम्मेदार नहीं हैं। प्रेषित पर अपमानजनक बयान के बाद वैश्विक स्तर पर आलोचनाओं के बीच वाइल्डर्स ने नूपुर शर्मा का समर्थन किया था।

बता दें कि, शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने नूपुर को फटकार लगाई थी और कहा था कि, 'उदयपुर की घटना सहित देश में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए अकेले वो ही ज़िम्मेदार है।' इसपर डच सांसद ने कहा कि, नूपुर शर्मा नहीं बल्कि उदयपुर की घटना के लिए "कट्टरपंथी जिहादी" जिम्मेदार है।

उन्होंने ट्वीट किया कि, 'मुझे लगता है कि भारत में कोई शरिया न्यायालय नहीं था। उन्हें मोहम्मद के बारे में सच बोलने पर क्षमा नहीं मांगनी चाहिए। वो उदयपुर के लिए ज़िम्मेदार नहीं है। कट्टरपंथी जिहादी मुसलमान ज़िम्मेदार है और कोई नहीं।' इसके साथ ही उन्होंने #ISupportNupurSharma हैशटैग के साथ उन्हें 'हीरो' बताया।

शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने नूपुर शर्मा को फटकार लगाते हुए देश के सामने टीवी पर आकर क्षमा मांगने को कहा, जहां उन्होंने प्रेषित मोहम्मद के बारे में बयानबाजी की थी। इसके बाद कई मुस्लिम देशों ने कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर भारत सरकार की आलोचना भी की थी।

स्रोत : टीवी 9
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Liked on YouTube: वृद्धो का सम्मान ही हमारा संकल्प श्री ऋषि नाथ पांडे

Posted: 02 Jul 2022 07:12 AM PDT

वृद्धो का सम्मान ही हमारा संकल्प श्री ऋषि नाथ पांडे
देवरिया जिला अंतर्गत श्री बारी पुर हनुमान मंदिर सिद्ध पीठ के निकट वृद्धाश्रम बनाने को लेकर आज वृद्धा आश्रम के अध्यक्ष आजाद हिंद सेना वाहिनी के श्री ऋषि नाथ पांडे जी से लिया गया साक्षात्कार उन्हों ने कहाकि वृद्धो का सम्मान ही हमारा संकल्प श्री ऋषि नाथ पांडे हमारे संवाददाता पद्मनाभ त्रिपाठी की खबर दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/ap1elqF Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/IK4X7zP visit website : https://ift.tt/135Z7gP
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“अखंड भारत” और भारत को “हिंदूराष्ट्र” बनाने के संकल्प पूर्ण करने का यही एकमात्र उपाय है?

Posted: 02 Jul 2022 07:11 AM PDT

 "अखंड भारत" और भारत को "हिंदूराष्ट्र" बनाने के संकल्प पूर्ण करने का यही एकमात्र उपाय है?

क्या देश एक ऐसी सकारात्मक तानाशाही की ओर अग्रसर हो रहा है या किया जा रहा है जो दिखने में लोकतंत्र लगे? क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के "अखंड भारत" और भारत को "हिंदूराष्ट्र" बनाने के संकल्प पूर्ण करने का यही एकमात्र उपाय है?
राजनीति शास्त्र के जानकार मेरी इस बात से सहमत होंगे कि शासन करने के लिए कोई भी तंत्र – लोकतंत्र, राजशाही, तानाशाही या सैनिक शासन अपने आप में परिपूर्ण नहीं हैं| इन सभी विधाओं में कुछ न कुछ ऐसी खामियां मौजूद हैं जो राज्य या देश के कुशल संचालन में बाधक साबित होती हैं| इसके अलावा, समय, स्थान और तत्कालीन परिस्थितियों के आधार पर अलग अलग तंत्र ही सफल हो सकते हैं.अपनाये जा सकते हैं|
भारत में लोकतंत्र अभी भी शैशवावस्था में कहा जायेगा| जिस तंत्र में मोहल्ले, गाँव, कस्बे, नगर, विधानसभा, लोकसभा इत्यादि का विभिन्न फोरम में प्रतिनिधित्व करने वाले योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि धन, बाहुबल, जाति या धर्म के आधार पर चुनकर जनता के लिए निर्णय लेते हों, क़ानून बनाते हों उस देश में लोकतंत्र की उपादेयता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक ही है| ज़रा अपना दिल टटोलकर बतलाइये – क्या आपके द्वारा चुने विभिन्न जनप्रतिनिधि अपनी अपनी जगह "द बेस्ट" अर्थात "सर्वश्रेष्ठ" हैं? क्या उनके अलावा तमाम बेहतर विकल्प मौजूद नहीं थे?
ऐसे में, जब हमारे आका, हमारे हाकिम ही दोयम या तीसरे या चौथे दर्जे के हों तो लोकतंत्र को सफल कैसे माना जा सकता है? क्या भारत विभाजन का निर्णय लेने वाले, देश को, विशेषतया लाखों हिंदुओं को दंगों की आग में झोंकने वाले निर्णय सही थे? इन सब बातों पर गंभीरतापूर्वक मनन करने की आवश्यकता है| ऐसे संकुचित मार्ग वाले तंत्र में ही सही रास्ता खोजने की जरूरत है| तो क्या किया जाये? कोई है जो इन सब पर निर्णय लेने की स्थिति में है?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भलीभांति जानने वाले अवश्य ये भी जानते होंगे कि इस संगठन के दो मुख्य उद्देश्य हैं – भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करवाना और कांग्रेसियों की कायरतापूर्ण एवं स्वार्थपरक करतूतों के चलते टुकड़ों में बंटे भारत का पुनः एकीकरण कर "अखंड भारत" का निर्माण| द्वितीय सरसंघचालक पूज्यनीय माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर "गुरूजी" ने 6 अगस्त 1947 को हैदराबाद सिंध (अब पाकिस्तान का हिस्सा) में स्वयंसेवकों को उद्बोधित करते हुए स्पष्ट कहा था – ये बंटवारा अस्थायी है, मुझे दुःख है कि हिंदुओं को अपना घरबार छोड़कर जाना पड़ रहा है| मैं आपको वचन देता हूँ – आप पुनः अपनी मातृभूमि में वापिस लौटेंगे|
संघ की शाखा में जाने वाला या इससे जुड़ा प्रत्येक स्वयंसेवक, चाहे वह सत्ता में हो, व्यापार में हो, विदेश में हो या शासन प्रशासन के विभिन्न पदों पर बैठा हो, इन दो संकल्पों को जाने अनजाने प्रार्थना और अन्य माध्यमों से शपथपूर्वक कहता रहता है| हम सबको भरोसा है – "गुरूजी" की वाणी एकदिन सत्य साबित होगी| इतिहास के पन्ने में सत्तर – अस्सी साल कोई अधिक मायने नहीं रखते| गुरूजी के इस संकल्प और संघ के इन दो मुख्य एजेंडों को सफल बनाने के लिए आवश्यक था केंद्र और विभिन्न महत्वपूर्ण राज्यों की सत्ताओं के शीर्ष पर ऐसे कमिटमेंट वाले लोगों को स्थापित करना जो देशहित में, इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहते हुए इन दो वचनों को पूर्ण करें|
अधिक विस्तार में न जाते हुए इस परिणाम पर आ जाते हैं कि संघ के सहायक संगठन – जनसंघ के परिमार्जित रूप – भारतीय जनता पार्टी ने चाणक्यनीति अपनाते हुए भारत की सत्ता पर कब्जा कर लिया| पाठक इस हेतु अपनाये गए रास्तों से खूब परिचित होंगे जिन्होंने लोकसभा में मात्र दो सीटें हासिल करने वाली पार्टी को आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बना दिया है| इसी के साथ आवश्यक था कि महत्वपूर्ण राज्यों में भी ऐसी ही सरकारें हों जो हिंदू राष्ट्र और अखंड भारत के संकल्पों को पूरा करने में केंद्र का सहयोग करें| जिन राज्यों में थोड़ी बहुत कसर बाकी थी उसे कूटनीति के माध्यम से पूरा किया जाना ही श्रेयस्कर था| कर्नाटक, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य इसका ज्वलंत उदाहरण हैं| निस्संदेह अगली बारी राजस्थान की है| बंगाल में भाजपा ने किस कदर अपनी ताकत झोंकी ये किसी से छुपा नहीं है| भले ही इस बार सफलता न मिली हो, आगे के लिए एक मार्ग प्रशस्त तो हुआ ही है| आसाम जैसे बड़े और मुस्लिम घनत्व वाले राज्य का भाजपा की झोली में आना कोई संयोग मात्र नहीं है|
संघ से जुड़े लोग ये भी जानते होंगे कि यहाँ लोकतंत्र का कोई अस्तित्व नहीं होता| सक्षम पदाधिकारियों द्वारा देश और समाज के हित में निर्णय ले लिए जाते हैं और उन निर्णयों को लागू करने की सूचना मात्र दी जाती है| इनपर बहुमत द्वारा निर्णय या विचारविमर्श इत्यादि का दूर दूर तक प्रश्न ही नहीं उठता| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इन्हीं नीतियों का अनुपालन हमें विभिन्न स्वरूपों में देखने को मिलता है, जैसे धारा 370 का हटना, राममंदिर का निर्माण, तीन तलाक को अवैध ठहराना इत्यादि| आगे बारी "समान नागरिक संहिता" की है जो अतिशीघ्र हमारे सम्मुख होगी, ऐसा मेरा मानना है|
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इसी एजेंडे के तहत देश एक ऐसी तानाशाही की ओर अग्रसर हो रहा है जो प्रत्यक्षतः जनता को न तो समझ आयेगी न ही दिखाई देगी| विपक्ष को येन, केन प्रकारेण इस तरह ख़त्म कर दिया जायेगा और किया भी जा रहा है कि लोगों को ये एक स्वाभाविक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होने का भ्रम होगा| कांग्रेस जैसे राजनैतिक दल को क्षेत्रीय दलों से भी दयनीय हालत में ला देना संघ की इसी कूटनीति का परिणाम है| हिंदुत्व को इस तरह उभारा जा रहा है कि बहुसंख्यक हिंदू समाज का शिक्षित वर्ग भी इस प्रवाह में बहकर संघ नेतृत्व का साथ दे रहा है| कल तक जो अपने को कट्टर कांग्रेसी या धर्मनिरपेक्ष कहते थे वे आज उससे अधिक मुखरता से हिंदुत्व और भाजपा के साथ खड़े हैं| महाराष्ट्र जैसे सबसे संपन्न और देश के राजकोष में सर्वाधिक योगदान करने वाले बड़े राज्य में "हिंदुत्व" के नाम पर सरकार गिर जाना और शरद पवार जैसे मंझे खिलाड़ी को पटकनी देना कोई मामूली घटना नहीं है, यह संघ की ही रणनीति का परिणाम है|
मैं स्वयं इस रणनीति के भरपूर पक्ष में हूँ| बहुसंख्यक हिंदू समाज और देश के पास इससे बेहतर कोई विकल्प ही नहीं है| जिस देश में हिंदू को द्वितीय श्रेणी का नागरिक समझा जाता हो, जहाँ अपने धर्म के पक्ष में आवाज उठाने वाले हिंदुओं का निर्ममता से क़त्ल कर दिया जाता हो, आजादी से लेकर आज तक जिसपर बेतहाशा जुल्म किये जा रहे हों, जहाँ कन्हैयालाल जैसे सीधे सादे देशभक्तों का गला सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट का समर्थन करने पर मुसलमान जिहादियों द्वारा सरेआम काटकर उसका वीडियो वायरल कर हिंदुओं की मर्दानगी को ललकारा जाता हो, उस देश का हिंदू ऐसे छद्म लोकतंत्र को क्या चाटेगा जो भ्रष्टाचार, जातिवाद, मुस्लिम तुष्टिकरण और अकर्मण्यता का पोषण करता हो|
लोकतंत्र को कुछ वर्षों बल्कि दशकों के लिए "ठंडे बस्ते" में रखना ही होगा, बस प्रक्रिया ऐसी होगी जिससे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर ये अलोकतांत्रिक साबित न हो सके| ये हमारा सौभाग्य है कि देश की कमान नरेंद्र मोदी जैसे संघ के समर्पित स्वयंसेवक के हाथ में है जो निस्पृह भाव से अखंड भारत एवं हिंदू राष्ट्र की दिशा में कार्य कर रहे हैं| ऐसे में ये मानकर चलिये कि संघ की कार्यप्रणाली जिसमें "लोकतांत्रिक निर्णयों" के लिए कोई स्थान नहीं होता, अपनाकर ही हिंदू इस देश में सुरक्षित रह सकता है, हिंदू प्रजाति बच सकती है और इसी के फलस्वरूप ये देश भी जीवित रहेगा, सुदृढ़ बनेगा अपना खोया वैभव, खोया भूभाग प्राप्त करेगा| प्रतीक्षा कीजिये, लोकतंत्र की हायतोबा मचाने और उन वामपंथियों के प्रोपेगंडे का शिकार होने की जरूरत नहीं है जिनके आका देशों में स्वयं कभी लोकतंत्र का नामोनिशान नहीं रहा| वंदेमातरम्! भारत माता की जय!

लेखक - अतुल मालवीय

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युग,धर्म और मोक्ष

Posted: 02 Jul 2022 07:03 AM PDT

युग,धर्म और मोक्ष

हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग, ये चार युग हैं । सतयुग से लेकर कलियुग तक धर्म का क्रमशः धीरे धीरे लोप होते जाता है और कलियुग के अंतिम चरण आते आते तो धर्म लगभग लुप्त ही हो जाता है । ऐसी मान्यता है कि वर्तमान में अभी कलियुग का प्रथम चरण ही चल रहा है । और अभी ही समाज में इतनी सारी बुराईयां देखने को मिल रही हैं ।
हर युग में मानव का यह लक्ष्य रहता है कि वह सत्कर्म, ईश्वर की भक्ति और धर्मपारायण कर्म करे ताकि उसे जीवन मरण से छुटकारा मिले और मोक्ष प्राप्त हो । परंतु जीवन धारण करने के उपरांत ईश्वर प्रेरित संसार के माया के वश में आकर वह यह सब भुला जाता है और युगों युगों तक जन्म मृत्यु के बंधन में पड़कर विभिन्न प्राणियों के रूप में संसार में भटकता रहता है । विशेष कर कलियुग को तो इन सारे अवगुणों का भंडार ही माना जाता है ।
हर युग में मानव यह प्रयास करता है कि कैसे इस संसारिक आवागमन से छुटकारा मिले और मोक्ष प्राप्त हो । इसके लिए वह तरह तरह से योग,जप,पुजा पाठ आदि करने का प्रयत्न करता है । परंतु हर युग में ये रास्ते बहुत ही कठीन है । सतयुग में ज्यादातर लोग योगी और ग्यानी होते हैं और ईश्वर में ध्यान लगाकर तथा एकांत स्थानों, जंगलों आदि में जाकर अपने योग के प्रभाव से भवसागर पार कर मोक्ष प्राप्त कर लेते हैं । त्रेतायुग में भगवान को समर्पित सब काम और यग्य आदि करके भवसागर पार कर जाते हैं । द्वापरयुग में मानव ईश्वर के चरणों कि पुजा करके भवसागर पार कर जाते हैं । परंतु भवसागर पार करने के ये सभी रास्ते अनेक कठीन हैं और इस रास्ते पर चलना और भी दुष्कर है ।
इस लिहाज से कलियुग को अच्छा मानते हैं, क्योंकि कलियुग में मनुष्य बहुत योग,जप,तप आदि न करके केवल भगवान का नाम जपता है तो वह भवसागर पार कर मोक्ष प्राप्त कर सकता है ।वह अगर केवल हरि नाम का गान करता है तो उसे ईश्वर की प्राप्ति होती है और वह भवसागर पार कर मोक्ष को प्राप्त हो जाता है । श्रीरामचरितमानस में यह वर्णन है कि :-
कलियुग सम युग आनि नहिं, जौं नर कर विश्वास ।
गाई राम गुन गन विमल, भव तर बिनहिं प्रयास। ।।
कृत युग, त्रेता, द्वापर, पुजा मख अरु योग ।
जो गति होई सो कलि , हरि नाम ते पावहिं लोग ।।
हरि माया कृत दोष गुन , बिनु हरि भजन न जाहिं ।
भजिअ राम तजि काम सब , अस विचार मन माहिं ।।
जय श्री राम, जय श्री सीताराम

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अपने दिल की हमेशा सुना कीजिए

Posted: 02 Jul 2022 06:57 AM PDT

 

अपने दिल की हमेशा सुना कीजिए

आप ज्यादा परेशां मत हुआ कीजिए
काम अपना समय से किया कीजिए 

स्वप्न  साकार  होंगे  सभी एक दिन
लक्ष्य के साथ  सपने  बुना कीजिए   

चार दिन  का है जीवन मिलता यहाॅ
जानकर मत किसी का बुरा कीजिए 

वोट देकर गलत शख्स को फिर यहां
पाॅच वर्षों तलक  सिर धुना  कीजिए 

कोई  भूखा  न हो  कोई  नंगा न हो
चैन से  सब रहें   ये   दुआ कीजिए 

वख्त जो भी कहे उसको स्वीकार लो
मत कभी भी उसे अनसुना कीजिए 

बात सब की सुनो ध्यान से जय मगर
अपने दिल की  हमेशा सुना कीजिए
                       *
~जयराम जय 
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बाग और फूल

Posted: 02 Jul 2022 06:54 AM PDT

बाग और फूल

बैठे बैठे बाग में 
देखा कुछ ऐसा। 
जैसे सूरज की किरणें
धीरे धीरे फैल रही थी। 
वैसे वैसे ही फूल भी 
खिलते जा रहे थे। 
देख प्रकृति का ये नजारा
बड़ा रामणी लग रहा था।। 

फूलो की सुंदरता और महक से
खिल उठा सारा गुल्स्थान। 
तितली भवरे मड़राने लगे
खिलते हुए फूलो पर। 
स्नेह प्यार का ये दृश्य 
देखकर आँखे भर आई। 
क्या हम मानव भी 
ऐसा कुछ कर सकते।। 

बागों की सुंदरता होती 
उसके पेड़ों और फूलो से। 
प्रकृति भी निभाती इसमें
अपनी बड़ी भूमिका। 
इसलिए मानव को मिलता है
इसमें आनंद और सुख। 
ये सब कुछ दिया हमें
उस श्रष्टी निर्माता ने।। 

प्यार मोहब्बत होती है
अक्सर ही बागों में । 
प्रेमी प्रेमिका आदि जन
मिलते जुलते है बागो में। 
और प्रकृति भी लालचती
उन्हें मोहब्बत करने को। 
इसलिए मानव के दिलों में
मोहब्बत के दीप जल उठते।। 

जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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हाय रे मेरी तोंद

Posted: 02 Jul 2022 06:45 AM PDT

हाय रे मेरी तोंद

मोटी मोटी थुलथुली सी, लंबी चौड़ी मेरी तोंद। 
भीड़ में भी न्यारी लगे, हाय रे मेरी तोंद। 

लंबोदर सी दुंद मेरी, नजारा मनभावन सा। 
उमड़ आई हो घटाये, मन लुभाये सावन सा। 

ट्रैफिक जाम हो जाए, बस में चिपके बिन गोंद। 
सवारियां मुड़ मुड़कर देखे, हाय रे मेरी तोंद।

भारी भरकम पेट मेरा, मटके जैसी मेरी तोंद।
गोल मटोल प्यारी प्यारी, हाय रे मेरी तोंद।

तोंद देख बच्चे हंसते, नारियां भी मुस्काती है। 
एक अजब सी हंसी, सबके चेहरों पे छा जाती है।

गाड़ी मोटर रिक्शा में भी, असर दिखाती तोंद। 
चार चार की सीट रोक ले, हाय रे मेरी तोंद।

दिनभर गटक माल गटके, स्वादिष्ट से पकवान। 
हाथ फेरे पेट पर, मेरी तोंद की निराली शान।

रमाकांत सोनी सुदर्शन 
नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान
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कशीदे शान के वो झूठी मुकाम के

Posted: 02 Jul 2022 06:28 AM PDT


कशीदे शान के वो झूठी मुकाम के

बना डाला जहन्नुम जन्नत के नाम पे
फरयादी ही की गलती है
कि उसने विरोध क्यूँ किया
कत्ल हो जाता बिन आवाज़
उसने शोर क्यों किया
शहर की आग ये भड़की है
बस तेरे ही शोर से
आईना दिखलाने पे इतना
तूने जोर क्यों दिया


भगवान उसका है तुम
उसको कुछ कह नहीं सकती
तेरा क्या है तेरे पास इतने
कुछ अपमान सह नहीं सकती
यहां बैठें हैं हम फैसला लेकर के
तू ही कातिल है
वो नहीं जिसने सर कलम किया


उनका हक है कि वे तुम्हारे
आराध्यों को गरियायें
तुम गर बोली तो
तेरे सर पे ही इलज़ाम है आये
हिन्दू है, खबरदार जो
कभी अपने हक़ की बात की
मरते रहते हैं काफिर यूँ भी
लानत है तूने जीने की बात की
जब तक हम बैठे हैं बनकर
बड़ी पंचायतों के पंच
हिम्मत न करना फिर कभी
न करना जीने का ये प्रपंच
होगा देश तेरा होगे सनातन
मुझे घंटा न फर्क पड़ता
रहेगा फैसला यही
औकात जान ले अपनी।-मनोज मिश्र
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Liked on YouTube: मणिपुर के नोनी में भूस्खलन में शहीद हुए गोरखा जवानों को अनीत थापास द्वारा दी गई अंतिम विदाई

Posted: 02 Jul 2022 06:12 AM PDT

मणिपुर के नोनी में भूस्खलन में शहीद हुए गोरखा जवानों को अनीत थापास द्वारा दी गई अंतिम विदाई
अनीत थापास द्वारा दी गई दिवंगत योद्धाओं को अंतिम विदाई सिक्किम से संवाददाता दीपक फुएल की खबर मणिपुर के नोनी में भूस्खलन में शहीद हुए गोरखा जवानों के शवों को आज सेना द्वारा बागडोगरा हवाईअड्डे पर लाया गया. सेना ने अपनी परंपरा के अनुसार वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी। इंडियन गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष अनीत थापा ने भी योद्धाओं को फूल चढ़ाकर विदाई दी. उन्होंने पहाड़ी क्षेत्र के सभी लोगों से अपील की कि आज शाम शहर के बाजार में मोमबत्तियां जलाकर और मोमबत्तियों की रैलियों में भाग लेकर वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाए. उन्होंने कहा, "मैं शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा हूं।" उन्होंने आज शाम मृतकों को श्रद्धांजलि देने की अपील करते हुए कहा, "मैं दार्जिलिंग, खरसांग, मिरिक और कालेबुंग के सभी 45 समुदायों के लोगों से अपील करता हूं कि वे आज शाम अपने घरों में मोमबत्तियां चढ़ाकर दिवंगत नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करें। कैंडल रैली में भाग लें। हमारे वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि।" अनीत थापा के नेतृत्व में गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ इंडिया ने हाल ही में संपन्न जीटीए चुनाव 2022 में बहुमत हासिल किया है। पार्टी जीत को जीत के जश्न के तौर पर मना रही है. वह मणिपुर के नोनी में भूस्खलन, पहाड़ी पर कई गोरखा भाइयों के मारे जाने की खबरों के बाद कल ही विजय समारोह स्थगित करने की घोषणा कर रहे थे। उन्होंने कहा, "मणिपुर में मारे गए भाई हमारे हैं। मैं आपसे इसे स्थगित करने का आग्रह करता हूं। यह है जीत का जश्न नहीं, शोक संतप्त परिवार के घर जाकर मदद करें।" दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/ap1elqF Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/IK4X7zP visit website : https://ift.tt/135Z7gP
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होमियोपैथी चिकित्सा में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु होमियोपैथिक रत्न अवार्ड से सम्मानित हुए डॉ. एच. के रंजन

Posted: 02 Jul 2022 06:08 AM PDT

होमियोपैथी चिकित्सा में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु होमियोपैथिक रत्न अवार्ड से सम्मानित हुए डॉ. एच. के रंजन

संवाददाता मुकेश कुमार का रिपोर्ट
पटना :- पटना में डॉक्टर्स डे पर होमियोपैथिक रत्न सम्मान जी बिहार झारखण्ड न्यूज चैनल के द्वारा माध्यम से कराया गया जिसका आयोजन बर्नेट होमियोपैथिक कम्पनी द्वारा किया गया था, जिसके एम. डी डॉ. नितिश दुबे हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि अगले एक-दो महीने में 3270 आयुष चिकित्सकों की बहाली करेंगे जिसमें 950 से अधिक होम्योपैथी के चिकित्सक होंगे। इस कार्यक्रम में बिहार और झारखण्ड के सुप्रसिद्ध होमियोपैथिक चिकित्सकों का सम्मान किया गया जिसमें छपरा जिला के इसुआपुर रहने वाले डॉ. एच. के रंजन को होमियोपैथी चिकित्सा में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु होमियोपैथिक रत्न अवार्ड से सम्मानित किया, जिसमें उनकी पत्नी चिकित्सक डॉ. पुष्पा रंजन भी शामिल थी। डॉ. एच. के. रंजन होमियोपैथिक दवाओं द्वारा अपने क्लिनिक पर गठिया, सायटिका, चर्मरोग, माईग्रेन, किडनी स्टोन जैसे कई बीमारियों को होमियापैथिक दवा द्वारा सफलतापूर्वक ठीक करते हैं।
डॉ. एच. के. रंजन ने कहा कि होमियोपैथिक दवा एक ऐसा दवा है जो बिना साइड इफेक्ट किए बीमारी को जड़ से खत्म किया जाता है। आज कल जितने भी पढ़े- लिखे व्यक्ति हैं वो होमियोपैथिक दवाओं को इस्तेमाल कर रहे हैं और पूरे परिवार में अगर कोई भी बीमार होते हैं तो सबसे पहले होमियोपैथिक दवा लेते हैं और उसके सेवन से स्वस्थ होते हैं। हम लोगों से यह संदेश देना चाहते हैं कि होमियोपैथिक दवा देर से काम नहीं करती है। हम लोग होमियोपैथिक डॉक्टर के पास देर से जाते हैं। बीमारी को पूरा बिगाड़ कर जाते हैं तो होमियोपैथिक ईलाज में देर लगता है। हम आपको यह विश्वास दिलाते हैं कोई भी बीमारी के शुरूआती दौर में होमियोपैथिक दवा लिया जाए तो वह रोग तुरंत ठीक हो जाएगा।
डॉ. रंजन ने कहा कि होम्योपैथी में उन बीमारियों का इलाज भी संभव है, जिन्हें लाइलाज समझा जाता है। यह ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जहां रोगी मानसिक व शारीरिक दोनों रूप से स्वास्थ्य लाभ पाता है।
कोरोना काल में भी होम्योपैथी से लोगों को अच्छे परिणाम मिले और होम्योपैथी की ख्याति भी बढ़ गई।डॉ. रंजन ने अवसाद, कैंसर, गठिया, शुगर जैसी बीमारियों में होम्योपैथी चिकित्सा पर अपनी बात कहते हुए कहा कि इन बीमारियों में होम्योपैथी असर कारक साबित हो रही है। गंभीर बीमारियों में यदि मरीज शुरुआती दौर में होम्योपैथी का इलाज लें तो उसे ऑपरेशन की नौबत नहीं आएगी और वह पूरी तरह ठीक हो जाएगा। हर बीमारी का इलाज होम्योपैथी में है, मरीज समय रहते जागरूक हो जाए तो वह पूरी तरह ठीक हो सकता है।
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पत्रकारों ने पीआईबी के खिलाफ संसद के समक्ष प्रदर्शन का ऐलान किया।

Posted: 02 Jul 2022 06:06 AM PDT

पत्रकारों ने पीआईबी के खिलाफ संसद के समक्ष प्रदर्शन का ऐलान किया।

नयी दिल्ली:पत्रकार संगठनों के संयुक्त फोरम ने पीआईबी के खिलाफ संसद के आगामी सत्र में प्रदर्शन का ऐलान किया है।वे पीआईबी रिनुअल एवं नए एक्रीडेशन में विलंब एवं तानाशाही के खिलाफ संघर्षरत हैं।
इस दौरान जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एक्ट एवं देश की पुरानी समाचार एजेंसी यूएनआई के अधिग्रहण की भी मांग की जायेगी।बाद ने जॉइंट फोरम की ओर से जाने माने पत्रकार डॉ.समरेन्द्र पाठक की अगुवाई में राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,गृह मंत्री एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री को ज्ञापन दिया जायेगा।
यह जानकारी जॉइंट फोरम के संयोजक सुलतान एस. कुरैशी ने आज यहां दी है।उन्होंने कहा कि इसके लिए जॉइंट फोरम में शामिल संगठनों के अलावा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया एवं राष्ट्रीय महिला प्रेस क्लब तथा अन्य संगठनों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।
फोरम में सार्क जर्नलिस्ट फोरम,यूनाइटेड इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पेरिओडिक्ल प्रेस ऑफ इंडिया,इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन,सेव यूएनआई मूवमेंट आदि शामिल है।
जॉइंट फोरम की ओऱ से पीआईबी के प्रधान महानिदेशक श्री जयदीप भटनागर को गत 14 मई को ज्ञापन दिया गया था,लेकिन उन्होंने अभी तक कोई उत्तर नहीं दिया है।इससे उनकी मंशा स्प्ष्ट होती है।
सार्क के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम नाथ विद्रोही,इंडिया चैप्टर के महासचिव सुशील भारती, यूआइजेए के अध्यक्ष उमेन्द्र दाधीच एवं पीपीआई प्रमुख डॉ.सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि यह लोकतंत्र है और इसमें अफसरशाही एवं तानाशाही का कोई स्थान नहीं है।इसलिए हमें इस आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाना पड़ेगा और इसकी साडी जिम्मेदारी उनकी होगी।
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कलमजीवी संघ ने "स्वास्थ्य शिविर" लगाकर जन सहयोग का शुभारंभ किया

Posted: 02 Jul 2022 06:02 AM PDT

कलमजीवी संघ ने "स्वास्थ्य शिविर" लगाकर जन सहयोग का शुभारंभ किया

हमारे संवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा की खबर 
स्वास्थ्य आपका और उसे सुरक्षित रखने के लिए सहयोग हमारी कलमजीवी संघ की होगी। उक्त बातें कलमजीवी संघ द्वारा आयोजित "स्वास्थ्य शिविर" में संघ के अध्यक्ष के रूप में डॉ प्रभात चंद्रा बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सभी व्यक्ति को सजग रहना चाहिए। यदि किसी तरह की तकलीफ महसूस हो तो शीघ्र ही चिकित्सक से सम्पर्क कर उसका उपचार करें। कलमजीवी संघ ने इस दिशा में पहल करते हुए मुहल्ले-मुहल्ले जाकर "स्वास्थ्य शिविर" आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि सभी लोग अपने मुहल्ले में ही एक जगह पर सभी बीमारियों का ईलाज करा सके।
डॉ चंद्रा ने बताया कि "स्वास्थ्य शिविर" में निःशुल्क चिकित्सकों की सलाह, पैथोलॉजिकल जांच और दवाइयां दी जाती है। जिन लोगों को आगे की चिकित्सा जारी रखने की आवश्यकता होती है तो चिकित्सक निःशुल्क ही उन्हें अपनी सेवा देते हैं।
कलमजीवी संघ ने पटना के रामकृष्ण नगर स्थित कमलेश उत्सव हॉल में प्रातः 7 से 11 बजे तक "स्वास्थ्य शिविर" का आयोजन शनिवार को किया था।
"स्वास्थ्य शिविर" में चर्म रोग चिकित्सक डॉ आर के गुप्ता, दंत चिकित्सक डॉ कुमारी मेनका, जेनरल फिजिशियन डॉ रानी प्रधान और पैथोलॉजिस्ट हरे राम कुमार मुख्य भूमिका में थे।
उक्त अवसर पर कार्यक्रम में विजय श्रीवास्तव, जितेन्द्र कुमार सिन्हा, अनुराग समरूप, रोहितेश कुमार सिन्हा सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
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आधी रात को 100 साल पुराने विरासत के पेड़ को काटना निराशाजनक |

Posted: 02 Jul 2022 05:42 AM PDT

आधी रात को 100 साल पुराने विरासत के पेड़ को काटना निराशाजनक:-पासंग शेरपा

सिक्किम से संवाददाता दीपक फुएल की खबर
एक राजनीतिक कार्यकर्ता और सिक्किमी नागरिक समाज के एक विपुल सदस्य पासंग शेरपा ने प्रेस को दिए अपने बयान में 100 साल पुराने एक विरासत के पेड़ को काटने की निंदा की।  आधी रात को पेड़ काटे जाने का एक वीडियो इंटरनेट पर सामने आया जिसके बाद उन्होंने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि सत्ताधारी सरकार और राज्य प्रशासन का इस तरह का व्यवहार 'चोरों' की तरह है।  .

 शेरपा ने कहा, "चोर की तरह जिस तरह से राज्य सरकार ने आधी रात को हमारे 100 साल पुराने विरासत के पेड़ को काट दिया, वह निराशाजनक है।"

 केवल 'काम' ही इस धूर्त तरीके से व्यवहार करते हैं और आधी रात में इस तरह का कार्य करते हैं, "उन्होंने कहा।

 "आज पूरा सिक्किम दर्द महसूस कर रहा है और यह हमारे इतिहास का एक बहुत ही दुखद दिन है।  हम सभी प्रार्थना करेंगे कि पवित्र और पवित्र वृक्ष को काटने का 'पाप' केवल उन लोगों द्वारा वहन किया जाए जो इस तरह के अपवित्र निर्णय के लिए जिम्मेदार हैं, सिक्किम के आम लोगों को नहीं।"

 "पहले की अनुमति के अनुसार, पेड़ को सुरक्षित तरीके से एक अलग स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए था।  स्मार्ट सिटी प्रा.  लिमिटेड, यूडीएचडी और पूरे राज्य प्रशासन को सिक्किम के लोगों को यह जवाब देना चाहिए कि क्या, कहां और कैसे पेड़ को स्थानांतरित किया गया था, "उन्होंने कहा।

 बयान के दौरान पूर्व मंत्री श्री केएन उप्रेती ने कहा, "एलडी काजी की सरकार के दौरान क्षेत्र में अस्पताल का निर्माण पवित्र वृक्ष को ध्यान में रखकर किया गया था।  यहां तक ​​कि भंडारी की सरकार में भी पेड़ को नुकसान पहुंचाए बिना ही निर्माण कराया गया था।

 उन्होंने कहा, "अगर राज्य सरकार चाहती तो वे पेड़ को बचा सकते थे और कार पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को पेड़ के साथ डिजाइन कर सकते थे," उन्होंने कहा।
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