प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- माध्यमिक शिक्षा परिषद : रिपोर्ट कार्ड में दिखेगा छात्रों का 360 डिग्री मूल्यांकन
- दूर होंगी शिक्षा विभाग में तबादलों की विसंगतियां, पद न छोड़ने वालों का कटेगा वेतन, महानिदेशक स्कूल शिक्षा का फरमान
- प्रदेश में तय फीस से अधिक शुल्क वसूली की होगी जांच, जिला विद्यालय निरीक्षक जिला स्तर पर टीमें गठित कराकर कराएंगे जांच
- नई शिक्षा नीति के तहत नए स्कूली पाठ्यक्रम के लिए अभी और करना होगा इंतजार
- माध्यमिक : जिन राजकीय स्कूलों में ज्यादा शिक्षक, वहां से हटाए जाएंगे
- UP board Scholarships : खुशखबरी, यूपी बोर्ड में इतने नंबर पाने वालों को मिलेगी साल में 10000 रुपए की स्कॉलरशिप
| माध्यमिक शिक्षा परिषद : रिपोर्ट कार्ड में दिखेगा छात्रों का 360 डिग्री मूल्यांकन Posted: 22 Jul 2022 05:31 PM PDT माध्यमिक शिक्षा परिषद : रिपोर्ट कार्ड में दिखेगा छात्रों का 360 डिग्री मूल्यांकन प्रयागराज : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यूपी बोर्ड छात्र-छात्राओं के रिपोर्ट कार्ड और स्कूल डायरी में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब रिपोर्ट कार्ड में बच्चों का 360 डिग्री मूल्यांकन दिखाई पड़ेगा। सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को शुक्रवार को पत्र जारी करते हुए नए अंकपत्र (रिपोर्ट कार्ड) और छात्र दैनन्दिनी (स्कूल डायरी) के प्रारूप से प्रधानाचार्यों को अवगत कराने को कहा है। इस शैक्षिक सत्र 2022-23 से कक्षा नौ में नया रिपोर्ट कार्ड और स्कूल डायरी लागू होगी और आगामी कक्षाओं में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सचिव के अनुसार सभी विद्यार्थियों के स्कूल आधारित आकलन के आधार पर तैयार होने वाले और अभिभावकों को दिए जाने वाले प्रगति कार्ड को पूरी तरह से नया स्वरूप दिया जाएगा। 360 डिग्री बहुआयामी कार्ड में प्रत्येक विद्यार्थी के संज्ञानात्मक, भावनात्मक विकास का बारीकी से किए गए विश्लेषण का विवरण विद्यार्थी की विशिष्टताओं समेत दिया जाएगा। इसमें प्रोजेक्ट कार्य, क्विज, रोल प्ले, समूह कार्य आदि शिक्षक मूल्यांकन सहित शामिल होगा। यह समग्र प्रगति कार्ड घर और स्कूल के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा और यह माता-पिता-शिक्षक बैठकों के साथ-साथ अपने बच्चों की समग्र शिक्षा और विकास में माता-पिता को सक्रिय रूप से शामिल करने के लिए होगा। |
| Posted: 22 Jul 2022 05:26 PM PDT दूर होंगी शिक्षा विभाग में तबादलों की विसंगतियां, पद न छोड़ने वालों का कटेगा वेतन, महानिदेशक स्कूल शिक्षा का फरमान भविष्य में समूह ग के तबादले भी ऑनलाइन प्रक्रिया से होंगे लखनऊ। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के समूह ग कार्मिकों के तबादलों में हुई गड़बड़ियां दूर की जाएंगी। इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने अपर शिक्षा निदेशक बेसिक को निर्देश दिए हैं। साथ ही तबादले के बावजूद पद न छोड़ने वाले बाबुओं के वेतन काटने के आदेश भी दिए हैं। ऐसे बाबुओं को दो दिन में अपने तैनाती स्थल पर पदभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है। महानिदेशक ने ये आदेश तबादलों में गड़बड़ी की शिकायतों व कर्मचारियों की आपत्तियों को देखते हुए दिए हैं। अमर उजाला ने भी शुक्रवार के अंक में इस मुद्दे को उठाया था। महानिदेशक ने बताया कि इस बार करीब एक हजार तबादले हुए हैं। इन मैनुअल तबादलों में अगर कहीं गड़बड़ी हुई तो उसे जरूर दूर किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ यह भी पता चला है कि करीब 250 कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने तबादले के बाद भी पद नहीं छोड़ा है । इससे अव्यवस्था की स्थिति है। इस पर महानिदेशक ने कहा कि गलत दबाव नहीं चलेगा। जिनको जहां तैनाती दी गई है वहां जाना पड़ेगा। साथ ही बताया कि भविष्य में समूह ग के तबादले भी ऑनलाइन प्रक्रिया से कराए जाएंगे। |
| Posted: 22 Jul 2022 05:20 PM PDT प्रदेश में तय फीस से अधिक शुल्क वसूली की होगी जांच, जिला विद्यालय निरीक्षक जिला स्तर पर टीमें गठित कराकर कराएंगे जांच लखनऊ : फर्रुखाबाद में तयशुदा फीस से ज्यादा वसूलने के बाद अब पूरे प्रदेश के सभी एडेड माध्यमिक स्कूलों की जांच होगी। सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों से जिला स्तर पर टीमें गठित कराकर तयशुदा फीस से अधिक शुल्क वसूलने की जांच की जाएगी। ये जांच गोपनीय तरीके से की जाएगी। अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है। 28 जुलाई तक प्रदेश भर की जांच रिपोर्ट तलब की गई है। प्रदेश में 5483 एडेड स्कूल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कैबिनेट मंत्रियों को सरकारी योजनाओं का हाल लेने के लिए जिलों में भेजा गया था। उन्हें यह देखना था कि सरकार की योजनाएं प्रदेश के आखिरी आदमी तक पहुंच रही है। इस दौरान तय फीस से ज्यादा शुल्क लेने के मामले भी सामने आए हैं। फर्रुखाबाद में मंत्री से एडेड माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं से अधिक शुल्क या मनमाने तरीके से शुल्क वसूलने की शिकायत हुई है। आराधना शुक्ला ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में सभी माध्यमिक कालेजों की गोपनीय जांच की जाए ताकि सच सामने आए। |
| नई शिक्षा नीति के तहत नए स्कूली पाठ्यक्रम के लिए अभी और करना होगा इंतजार Posted: 22 Jul 2022 05:19 PM PDT नई शिक्षा नीति के तहत नए स्कूली पाठ्यक्रम के लिए अभी और करना होगा इंतजार नई दिल्ली: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) आने के बाद सभी को इंतजार इस नीति के तहत तैयार होने वाले नए स्कूली पाठ्यक्रम को लेकर है। इस पर काम शुरू हो गया है, लेकिन इसके लिए अभी और इंतजार करना होगा । फिलहाल इसके फ्रेमवर्क पर ही काम किया जा रहा है। इसके तैयार होने में ही कम से कम साल भर का समय लगेगा। हालांकि प्री-प्राइमरी का नया पाठ्यक्रम वर्ष 2023 के अंत तक या फिर 2024 की शुरुआत में आ सकता है। स्कूली पाठ्यक्रम के फ्रेमवर्क को तैयार करने के लिए पूर्व इसरो प्रमुख और देश के शीर्ष विज्ञानी डा. के. कस्तूरीरंगन की अगुवाई में गठित कमेटी को नया लक्ष्य दिया गया है। इसमें स्कूलों से जुड़ा पहला पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क अगले साल बसंत पंचमी यानी 26 जनवरी 2023 तक लाने का लक्ष्य भी है। पाठ्यक्रम तैयार करने की कमेटी में राज्यों की भी समितियां : स्कूली पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए कस्तूरीरंगन कमेटी के साथ ही (नेशनल काउंसिल आफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग, सभी राज्यों में गठित की गई एससीईआरटी (स्टेट काउंसिल आफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ) और एनसीटीई (नेशनल काउंसिल आफ टीचर्स एजुकेशन ) आदि संस्थाओं को शामिल किया गया है। |
| माध्यमिक : जिन राजकीय स्कूलों में ज्यादा शिक्षक, वहां से हटाए जाएंगे Posted: 22 Jul 2022 05:07 PM PDT माध्यमिक : जिन राजकीय स्कूलों में ज्यादा शिक्षक, वहां से हटाए जाएंगे प्रदेशभर के जिन राजकीय माध्यमिक स्कूलों या इंटर कॉलेजों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक हैं, उन्हें हटाया जाएगा। सरप्लस शिक्षक-शिक्षिकाओं का समायोजन अन्य स्कूलों में किए जाने के माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है। इससे उन स्कूलों में शिक्षक मिलने की उम्मीद जग गई है, जहां वर्षों से विभिन्न विषयों की पढ़ाई कामचलाऊ तरीके से दूसरे विषय के शिक्षकों से कराई जा रही है। विशेष सचिव शंभु कुमार ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को 20 जुलाई को भेजे पत्र में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में आवंटित विषयों के सापेक्ष अध्ययनरत छात्रसंख्या के अनुपात में आवश्यक शिक्षकों की संख्या का निर्धारण करने के बाद विद्यालय में कार्यरत विषयवार अतिरिक्त/सरप्लस शिक्षकों का चिह्नांकन करने और उनका समायोजन अन्य विद्यालयों में करने को मंजूरी दी है। शासन के निर्णय से इन स्कूलों में कार्यरत 10 हजार से अधिक शिक्षक प्रभावित होंगे। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की कमी प्रयागराज। ग्रामीण क्षेत्र के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। उदाहरण के तौर पर प्रयागराज में ही देखें तो राजकीय बालिका इंटर कॉलेज धनूपुर में शिक्षकों के सात में तीन पद खाली हैं। यहां विज्ञान, गणित और खेल के शिक्षक नहीं है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शंकरगढ़ में शिक्षकों के 12 में से छह पद रिक्त हैं। यहां विज्ञान, संस्कृत, हिन्दी, कला, गृह विज्ञान व उर्दू के शिक्षक नहीं है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सैदाबाद में 30 दिसंबर 2016 को पद सृजित होने के बाद से नागरिक शास्त्र, गणित, भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं। बालक विद्यालयों में भर दी शिक्षिकाएं प्रयागराज। शिक्षकों के पदस्थापन में बड़ी विसंगति है। जिला मुख्यालय के बालक विद्यालयों में शिक्षिकाएं भर दी गई हैं। राजकीय इंटर कॉलेज प्रयागराज में शिक्षिकाओं को भर दिया गया है। यहां वर्तमान में तकरीबन 40 शिक्षिकाएं कार्यरत हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्र के बालिका विद्यालयों में पद खाली होने के बावजूद कोई जाना नहीं चाहता। |
| Posted: 22 Jul 2022 04:35 PM PDT UP board Scholarships : खुशखबरी, यूपी बोर्ड में इतने नंबर पाने वालों को मिलेगी साल में 10000 रुपए की स्कॉलरशिप यूपी बोर्ड की 2022 इंटरमीडिएट परीक्षा में सफल 11460 मेधावियों को केंद्र सरकार की ओर से स्नातक स्तर पर सालाना दस हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। बोर्ड ने शुक्रवार को छात्रवृत्ति के लिए योग्य छात्र-छात्राओं का कटऑफ जारी कर दिया। विज्ञान, वाणिज्य व कला वर्ग में क्रमश: 347, 341 व 321 अंक पाने वाले ऐसे अभ्यर्थी जिनकी सालाना पारिवारिक आय आठ लाख रुपये से कम हो, वे आवेदन कर सकते हैं। योग्य छात्र-छात्राओं के विवरण शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट www.scholarships.gov.in पर उपलब्ध हैं। नेशनल स्कालरशिप पोर्टल 20 जुलाई से 31 अक्टूबर तक खुला रहेगा। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने मेधावियों को सलाह दी है कि इस वेबसाइट पर विस्तृत विवरण प्राप्त कर आवेदन अवश्य करें। ऐसे मेधावी छात्र-छात्राएं जो किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान के नियमित पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते हैं, वे यह छात्रवृत्ति पाने के योग्य होंगे। विज्ञान, वाणिज्य व मानविकी वर्ग में क्रमश: 3:2:1 के अनुपात से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। पूर्व के वर्षों 2017, 2018, 2019 व 2020 में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं अपनी छात्रवृत्ति नवीनीकरण के लिए इस वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करें। सभी छात्र-छात्राओं को अपना आधार नंबर अपने राष्ट्रीयकृत बैंक खाता संख्या से लिंक कराना होगा। |
| You are subscribed to email updates from प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra. To stop receiving these emails, you may unsubscribe now. | Email delivery powered by Google |
| Google, 1600 Amphitheatre Parkway, Mountain View, CA 94043, United States | |