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Tuesday, July 5, 2022

प्राइमरी का मास्टर ● इन

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यूपी बोर्ड : अब यूपी बोर्ड के सरकारी स्कूलों में भी कम्प्यूटर पढ़ सकेंगे छात्र

Posted: 04 Jul 2022 07:44 PM PDT

यूपी बोर्ड : अब यूपी बोर्ड के सरकारी स्कूलों में भी कम्प्यूटर पढ़ सकेंगे छात्र

अब प्रदेश के सभी सरकारी इंटर कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भी कम्प्यूटर विषय ले सकेंगे। अभी तक यूपी बोर्ड के सरकारी इंटर कॉलेजों में कम्प्यूटर विज्ञान विषय के शिक्षक नहीं थे लेकिन इस शैक्षिक सत्र में केन्द्र सरकार ने राज्य को 890 शिक्षक रखने की अनुमति दी है। वहीं 468 स्कूलों में कम्प्यूटर लैब की स्थापना भी होगी। 


समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार ने राजकीय इंटर कॉलजों में कम्प्यूटर विषय चलाने के लिए शिक्षक रखने की मंजूरी दी है। 890 शिक्षक संविदा के आधार पर 11वीं व इंटरमीडिएट कक्षाओं के लिए रखे जाएंगे। नए विषय जोड़ने पर तीन लाख रुपये प्रति स्कूल खर्च किया जाएगा। शिक्षकों के मानदेय के मद में 26 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। वहीं 468 स्कूलों में कम्प्यूटर लैब भी स्थापित की जाएंगी। इस मद में 88.46 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। 422 इंटर कॉलेजों में पहले से ही आईसीटी योजना के तहत लैब स्थापित हैं।
यूपी बोर्ड में 2001 से कम्प्यूटर विषय के रूप है लेकिन सरकारी इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति का प्राविधान न होने से विषय के रूप में इसे नहीं पढ़ाया जाता है। यूपी बोर्ड के सहायताप्राप्त स्कूलों व निजी स्कूलों कम्प्यूटर विषय के तौर पर पढ़ाया जाता है। केंद्र सरकार की आईसीटी योजना के तहत कम्प्यूटर एडेड लर्निंग तो शुरू की गई लेकिन इस योजना को 2015 में बंद कर दिया गया। 
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63 स्मार्टक्लास भी बनेंगी-
यूपी बोर्ड के 63 हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कॉलेजों में स्मार्ट क्लास बनाने के लिए भी केन्द्र सरकार ने मंजूरी दी है। इसके अलावा 289 हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कॉलेजों में कम्प्यूटर हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए पैसा दिया गया है। कुल 20 करोड़ का बजट इस मद में दिया गया है।

हाईटेक होते यूपी के मदरसे : अब मोबाइल एप से भी पढ़ाई करेंगे छात्र-छात्राएं

Posted: 04 Jul 2022 07:34 PM PDT

हाईटेक होते यूपी के मदरसे : अब मोबाइल एप से भी पढ़ाई करेंगे छात्र-छात्राएं

यूपी के मदरसे हाईटेक होते जा रहे हैं। अब मदरसों के छात्र-छात्राएं अब मोबाइल एप से भी पढ़ाई कर सकेंगे। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने मदरसा ई-लर्निंग एप का लोकार्पण किया। 


प्रदेश के अनुदानित व मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्र-छात्राएं अब मोबाइल एप से भी पढ़ाई कर सकेंगे। राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने मदरसा ई-लर्निंग एप का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। अब हुजूर के बेटे ही हुजूर नहीं बनेंगे बल्कि मजदूर के बेटे भी हुजूर बनेंगे। 

उन्होंने कहा कि वक्फ सम्पत्तियों पर जो अवैध कब्जे हैं जल्द ही उन्हें मुक्त करवा कर उनकी जमीनों पर आईएएस, पीसीएस की प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के सेण्टर खोले जाएंगे। समाज कल्याण निदेशालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार जगमोहन सिंह ने जानकारी दी कि इस मदरसा-ई-लर्निंग एप से लाइव क्लास का संचालन होगा। साथ ही इस एप पर पाठ्य सामग्र भी उपलब्ध रहेगी। एप की मदद से मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन, रजिस्ट्रार व मदरसा प्रबंधकों को एक प्लेटफार्म पर लाया जा सकेगा। 

इस एप पर किताबें पीडीएफ फाइल में उपलब्ध रहेंगी जिन्हें डाउनलोड करके पढ़ा जा सकता है। इस एप में रात्रिकालीन कक्षाओं का भी प्रावधान किया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और अन्य युद्धों के वीर सेनानियों की शौर्यगाथाएं भी मदरसा पाठ्यक्रम में शामिल की जानी चाहिए। इस अवसर पर वर्ष 2020-21 सत्र की मदरसा परीक्षा में अव्वल आए कुल 40 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। इनमें से प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये की राशि व टेबलेट तथा प्रमाण पत्र दिये गये।  गणित, विज्ञान, अंग्रेजी आदि विषयों में सर्वाधिक अंक लाने वाले  मेधावी छात्र-छात्राओं को 50 हजार की राशि के चेक व टेबलेट दिये गये।

रज्जू भैया राज्य विवि : स्नातक में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए विवि ने लागू किया नया नियम, जानें क्या है सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन

Posted: 04 Jul 2022 07:28 PM PDT

रज्जू भैया राज्य विवि : स्नातक में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए विवि ने लागू किया नया नियम, जानें क्या है सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन

छात्र दो से अधिक भाषा विषय और दो से अधिक प्रायोगिक विषय एक साथ चयनित नहीं कर सकेंगे। वहीं, समाजशास्त्र और समाजकार्य विषय एक साथ चयनित नहीं किए जा सकेंगे। इसी तरह इसी तरह गृह विज्ञान और रक्षा अध्ययन विषय में से कोई एक विषय ही पढ़ सकेंगे।


प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय एवं इसके संघटक कॉलेजोें में इस बार स्नातक में प्रवेश लेने जा रहे छात्र स्नातक के तीन विषयों में मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र को एक साथ चयनित नहीं कर सकेंगे। उन्हें इन दोनों विषयों में कोई एक विषय ही चुनना होगा। इसके अलावा प्राचीन इतिहास और माध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास में भी किसी एक विषय की पढ़ाई कर सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक स्तर पर विषय चयन से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

छात्र दो से अधिक भाषा विषय और दो से अधिक प्रायोगिक विषय एक साथ चयनित नहीं कर सकेंगे। वहीं, समाजशास्त्र और समाजकार्य विषय एक साथ चयनित नहीं किए जा सकेंगे। इसी तरह इसी तरह गृह विज्ञान और रक्षा अध्ययन विषय में से कोई एक विषय ही पढ़ सकेंगे। छात्रों को कला संकाय में प्रवेश के वक्त 24 मुख्य विषयों में से कोई तीन विषय चुनने होंगे।

इन 24 मुख्य विषयों में हिंदी साहित्य, हिंदी भाषा, गृह विज्ञान, संस्कृत, उर्दू, संगीत तबला, प्राचीन इतिहास, राजनीति विज्ञान, संगीत वोकल, दर्शनशास्त्र, रक्षा अध्ययन, समाजकार्य, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास, शिक्षाशास्त्र, संगीत सितार, अंग्रेजी साहित्य, भूगोल, ड्राइंग एवं पेंटिंग, अंग्रेजी भाषा, मनोविज्ञान एवं पेटिंग विषय शामिल हैं।

विज्ञान संकाय के तहत स्नातक स्तर पर उपलब्ध विषयों को तीन समूहों में बांटा गया है। ग्रुप-ए में फिजिक्स एवं मैथ्स, ग्रुप-बी में रसायन विज्ञान, कंप्यूटर एप्लीकेशन, अर्थशास्त्र, फिजिकल एजूकेशन एवं रक्षा अध्ययन और ग्रुप-सी में वनस्पति विज्ञान एवं जंतु विज्ञान को शामिल किया गया है। विद्यार्थी को ग्रुप-ए अथवा ग्रुप-सी से दो विषयों और ग्रुप-बी से एक विषय का चयन करना होगा।

ग्रुप-ए से विषय का चयन विद्यार्थी तभी कर सकेंगे, जब उन्होंने इंटरमीडिएट फिजिक्स एवं मैथ्स के साथ उत्तीर्ण किया हो। ग्रुप-सी से विषय चयन तभी किया जा सकेगा, जब इंटरमीडिएट बायोलॉजी के साथ उत्तीर्ण किया हो। ग्रुप-बी में रसायन विज्ञान का चयन तभी किया जा सकेगा, जब विद्यार्थी ने इंटरमीडिएट में यह विषय पढ़ा हो।

प्रतापगढ़ : नौ शिक्षिकाओं के टीईटी प्रमाण पत्र मिले फर्जी, छह साल तक फाइल दबाए रखे बीएसए के बाबू

Posted: 04 Jul 2022 07:23 PM PDT

झटका : नौ शिक्षिकाओं के टीईटी प्रमाण पत्र मिले फर्जी, छह साल तक फाइल दबाए रखे बीएसए के बाबू

प्रतापगढ़ :;वर्ष 2016-17 में 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में नौ शिक्षिकाओं के अभिलेख फर्जी मिले हैं। इन शिक्षिकाओं ने टीईटी के जो प्रमाणपत्र जमा किए हैं, वे सत्यापन में फर्जी निकल गए हैं।



बेसिक शिक्षा विभाग में छह साल पहले नौकरी पाने वाली नौ शिक्षिकाओं के टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। अब विभाग इन्हें बर्खास्त करने के साथ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है। दरअसल, नियुक्ति के समय ऑनलाइन जांच में ही इन शिक्षिकाओं का फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया था, लेकिन बीएसए कार्यालय के बाबुओं ने मामला दबा दिया। छह साल तक बीएसए कार्यालय के बाबुओं की मिलीभगत से इन्हें वेतन का भुगतान किया जाता रहा। अब परीक्षा नियामक प्राधिकरण से जांच कराने के बाद इनके प्रमाणपत्र फर्जी होने की पुष्टि हुई है। 

वर्ष 2016-17 में 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में नौ शिक्षिकाओं के अभिलेख फर्जी मिले हैं। इन शिक्षिकाओं ने टीईटी के जो प्रमाणपत्र जमा किए हैं, वे सत्यापन में फर्जी निकल गए हैं। तैनाती पाने के बाद विभाग के आनलाइन सत्यापन में अंकपत्र फर्जी मिलने के बाद भी बाबुओं की मिलीभगत से मामले को दबाकर वेतन भुगतान किया जाता रहा। विभाग ने जब शिक्षिकाओं को नोटिस जारी किया, तो उन्होंने अंक पत्र सही होने का दावा करते हुए ऑफलाइन सत्यापन कराने के लिए कहा।

फिर क्या था, विभाग के बाबुओं ने फाइल दबाकर रख ली और छह साल जांच नहीं हुई। नवागत बीएसए भूपेंद्र कुमार ने मामला संज्ञान में आने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी को परीक्षा नियामक प्राधिकरण भेजकर जांच कराई। इसके बाद शिक्षिकाओं के टीईटी के प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि हो गई। आश्चर्य की बात यह है कि ऑफलाइन सत्यापन में अंकपत्र फर्जी मिलने के बाद भी कर्मचारी विभागीय अफसरों को गुमराह कर रहे हैं। इससे बीएसए इन फर्जी शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहे हैं। 

इन शिक्षिकाओं के प्रमाण पत्र मिले फर्जी 
जिन शिक्षिकाओं के अभिलेख फर्जी मिले हैं, उनमें मीरा देवी, सीमा देवी, कंचन, निधि सिंह, संगीता देवी, सीमा कोरी, बिंदू देवी, सुमित्रा मौर्या, रुचि प्रजापति के नाम शामिल हैं।

नौ शिक्षिकाओं के टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। ऑफलाइन सत्यापन में इसकी जानकारी हुई है। शिक्षिकाओं पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई प्रस्तावित है। -
भूपेंद्र सिंह, बीएसए

उoप्रo प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा शिक्षकों की वरिष्ठता सूची अद्यतन कर पदोन्नति किए जाने हेतु महानिदेशक स्कूल शिक्षा को दिया गया मांगपत्र, देखें

Posted: 04 Jul 2022 05:07 PM PDT

उoप्रo प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा शिक्षकों की वरिष्ठता सूची अद्यतन कर पदोन्नति किए जाने हेतु महानिदेशक स्कूल शिक्षा को दिया गया मांगपत्र, देखें।

प्राथमिक शिक्षक संघ ने की शिक्षकों के तबादले और पदोन्नति की मांग


लखनऊ। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की तबादले की प्रक्रिया जल्द कराने और पदोन्नति किए जाने की मांग की है। इस संबंध में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद से मुलाकात की।


प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि कई शिक्षक घर से दूर हैं। उनको उम्मीद थी कि ग्रीष्मावकाश में तबादले शुरू होंगे लेकिन इंतजार लंबा हो गया। लिहाजा तबादले की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाए। शिक्षकों ने कहा कि पदोन्नति का मुद्दा भी उठाया। शिक्षक नेताओं के अनुसार महानिदेशक ने तबादले के संबंध में उच्च स्तर पर बात करने और पदोन्नति के लिए आवश्यक कार्यवाही कराने की बात कही है।




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