प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- PRERNA DBT : कैसा है यह मोबाइल APP, साल भर में सुधार के लिए सामने आए 25 वर्जन! 🤦🏻 मोबाइल बना विभाग की ‘प्रापर्टी’
- संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया 15 जुलाई से होगी शुरू
- मॉडल बनेंगे प्रदेश के पांच आश्रम पद्धति विद्यालय, ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए 1-1 करोड़ देगी सरकार
- सीईयूटी पीजी के लिए अब 10 जुलाई तक करें आवेद
- गणित व विज्ञान की पढ़ाई को आसान बनाएगी लैब, गोरखपुर में बनेगी प्रदेश की पहली सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग लैब Science & Math's Lab
- यूपी में बीएससी नर्सिंग के लिए पहली बार प्रवेश परीक्षा, नर्सिंग कॉलेजों की भी होगी ग्रेडिंग
- अब इग्नू में पढ़िए वैदिक गणित व वास्तु शास्त्र, लांच किया सर्टिफिकेट इन वैदिक गणित व पीजी डिप्लोमा इन वास्तु शास्त्र कोर्स
- आपाधापी के बीच राजकीय महाविद्यालयों के 82 शिक्षकों का तबादला
| Posted: 02 Jul 2022 06:40 PM PDT PRERNA DBT : कैसा है यह मोबाइल APP, साल भर में सुधार के लिए सामने आए 25 वर्जन! 🤦🏻 मोबाइल बना विभाग की 'प्रापर्टी' बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों के बच्चों का पंजीकरण, सत्यापन एवं धनराशि हस्तांतरण के लिए बीते साल डीबीटी ऐप लांच किया था। लांचिंग के बाद से ही यह ऐप सुर्खियों में हैं। इन दिनों डीबीटी ऐप पर शिक्षक काम कर रहे हैं लेकिन लगातार नए वर्जन आने से शिक्षक परेशान हैं। तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं है। डीबीटी ऐप के जरिए न केवल बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है बल्कि छात्र व अभिभावकों के आधार सत्यापन भी किए जा रहे हैं। विभाग लगातार शिक्षकों पर इस बात का दबाव डाल रहा है कि निर्धारित अवधि में डीबीटी एप पर काम कर लिया जाए। नाम न छापने की शर्त पर शिक्षक बताते हैं कि डीबीटी एप पर नित नए अपडेट आ रहे हैं, इससे काम में बाधा पहुंचती है। बात बात पर वेतन रोकने की धमकियां भी दी जा रही हैं। अब तक ऐप के 25 अपडेट आ चुके हैं। मोबाइल बना विभाग की 'प्रापर्टी' सूत्र बताते हैं कि बीते दो सालों से विभाग शिक्षकों के फोन से लाखों बच्चों का डीबीटी एप पर न केवल फीडिंग, सत्यापन व पंजीकरण करा रहा है बल्कि गूगल मीट व आनलाइन ट्रेनिंग भी करा रहा है। तकनीकी रूप से अक्षम शिक्षकों को यह दौर भारी पड़ रहा है। उधर दूसरी ओर ग्रामीण शिकायत करते हैं कि शिक्षक हमेशा फोन पर लगे रहते हैं। अब तक नहीं सुधार पाए एप सूत्र बताते हैं कि विभाग का डीबीटी ऐप शिक्षकों के बीच चर्चा का विषय है। इस एप में कभी लागिन तो कभी बच्चों की संख्या व अन्य सम्बन्धित बिन्दुओं पर कोई न कोई समस्या सामने आ रही है। शिक्षक इस एप से उकताने लगे हैं। |
| संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया 15 जुलाई से होगी शुरू Posted: 02 Jul 2022 06:27 PM PDT संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया 15 जुलाई से होगी शुरू वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शास्त्री, आचार्य, योग एवं एमए हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम में दाखिले की प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू होगी। नई शिक्षा नीति के अनुसार तैयार पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली के अनुसार ही पठन-पाठन होगा। शनिवार को कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी की अध्यक्षता में प्रवेश समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्री, आचार्य एवं शास्त्री योग ( बीए योग स्ववित्त पोषित) आचार्य योग ( एमए योग स्ववित्त पोषित), स्नात्कोत्तर डिप्लोमा इन योग स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम तथा एमए हिंदू अध्ययन (स्ववित्त पोषित) में प्रवेश प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू हो जाएगी। उक्त पाठ्यक्रम क्रमशः तीन वर्ष एवं दो वर्ष का होगा। नई शिक्षा नीति के अनुसार प्रत्येक कक्षा में सेमेस्टर प्रणाली लागू की जाएगी। बैठक में छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. हरिशंकर पांडेय, प्रो महेंद्र पांडेय, डॉ. विजय कुमार पांडेय, विजयमणि त्रिपाठी उपस्थित थे। |
| Posted: 02 Jul 2022 06:22 PM PDT मॉडल बनेंगे प्रदेश के पांच आश्रम पद्धति विद्यालय, ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए 1-1 करोड़ देगी सरकार ◆ अयोध्या, गोरखपुर, रामपुर, झांसी व प्रयागराज के स्कूलों का चयन ◆ ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए 1-1 करोड़ देगी सरकार प्रदेश में पांच आश्रम पद्धति विद्यालय मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। इन स्कूलों में जरूरी ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार 1-1 करोड़ रुपये देगी। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण की पहल पर हो रही इस कवायद के तहत कुछ फंड 'कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिविलटी (सीएसएआर)' से भी जुटाया जाएगा। समाज कल्याण विभाग ने गोरखपुर, रामपुर, झांसी, अयोध्या और प्रयागराज के आश्रम पद्धति विद्यालयों का चयन पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को रहने खाने, ड्रेस व कॉपी-किताब की सुविधाएं दी जाती हैं। लेकिन व्यवस्थाएं उतनी चुस्त-दुरुस्त नहीं है, जितनी मौजूदा प्रतियोगी माहौल के हिसाब से होनी चाहिए। इन स्कूलों में सुविधाओं के विकास के लिए कॉरपोरेट समूहों से भी बात हो गई है। पांचों स्कूलों में इस तरह बढ़ेंगी सुविधाएं ■ मानक के अनुसार पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती। ■ परिसर में इनंटरनेट के साथ स्मार्ट क्लास की व्यवस्था होगी, विद्यार्थी कंप्यूटर और प्रोजेक्टर से जुड़े स्मार्ट बोर्ड पर पढ़ाई कर सकेंगे। ■ विद्यार्थियों को बैठने के लिए सुविधाजनक कुर्सियां होंगी। ■ विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार बच्चों को विभिन्न प्रकार का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। देश के अलग-अलग हिस्सों के व्यंजनों से भी उन्हें परिचित कराया जाएगा। ■खेल शिक्षकों की तैनाती होगी। बच्चों को कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट, बास्केटबाल, फुटबाल, सेपकटाकरा आदि खेलों का प्रशिक्षण देने के साथ खेल किट भी दी जाएगी। ■कक्षा में पढ़ाई के साथ ही साथ होमवर्क और खेल गतिविधियों के लिए समय निश्चित होगा। |
| सीईयूटी पीजी के लिए अब 10 जुलाई तक करें आवेद Posted: 02 Jul 2022 06:16 PM PDT सीईयूटी पीजी के लिए अब 10 जुलाई तक करें आवेदन नई दिल्ली : विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिले के लिए सीयूईटी पीजी-2022 में अब 10 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं। छात्रों की मांग पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिले के लिए सीयूईटी पीजी- 2022 में ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की तारीख 10 जुलाई तक बढ़ा दी है। इसके अलावा छात्र 12 से 14 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन पत्र की त्रुटियों में भी सुधार कर सकते हैं। हालांकि, यदि कोई छात्र आवेदन पत्र की त्रुटियों में सुधार करता है तो उसे फीस देनी होगी। पहले 4 जुलाई तक आवेदन पत्र भर सकते थे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से शनिवार शाम को पब्लिक नोटिस जारी किया गया है। इसमें सीयूईटी पीजी के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की विंडो की डेट आगे बढ़ाने का जानकारी दी गई है। इसमें लिखा है कि नए उम्मीदवार 10 जुलाई शाम पांच बजे तक ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं। जबकि 11 जुलाई रात 11.50 मिनट तक वे ऑनलाइन फीस जमा करवा सकेंगे। फीस नेटबेकिंग, क्रेडिट, डेबिट, यूपीआई या पेटीएम से जमा की जा सकती है। 12 से 14 जुलाई रात 11.50 मिनट तक जिन छात्रों ने पहले से ऑनलाइन आवेदन पत्र भर रखा है, यदि वे उसकी त्रुटियों में सुधार कर सकते हैं। |
| Posted: 02 Jul 2022 06:40 AM PDT गणित व विज्ञान की पढ़ाई को आसान बनाएगी लैब, गोरखपुर में बनेगी प्रदेश की पहली सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग लैब Science & Math's Lab गणित और विज्ञान के बनाए जाएंगे 200 मॉडल 50,000 रुपये की किट उपलब्ध कराई जाएगी गोरखपुर। बेसिक शिक्षा विभाग और आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से गोरखपुर में प्रदेश की पहली सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (सीसीएल) लैब का निर्माण किया जाएगा। लैब में विज्ञान, गणित के 200 मॉडल बनाए जाएंगे। इसके जरिए परिषदीय स्कूल के शिक्षक व बच्चों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे गणित और विज्ञान की पढ़ाई आसान हो जाएगी। पहले चरण में जिला स्तरीय सीसीएल लैब का निर्माण होगा। दूसरे चरण में 20 विकास खंडों में लैब बनेगी। जिला स्तरीय लैब में आईआईटी गांधीनगर की तरफ से किट उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी कीमत 50 हजार रुपये रहेगी। इस किट में गणित व विज्ञान की पढ़ाई आसान बनाने के सूत्र होंगे। कक्षा तीन hatH आठवीं के विद्यार्थियों के लिए दो ग्रुप में प्रत्येक शुक्रवार और शनिवार को दो-दो घंटे का यू-ट्यूब सेशन आयोजित होगा। इससे आईआईटी गांधीनगर के विशेषज्ञ जुड़ेंगे और बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे। विज्ञान और गणित विषय के एआरपी को दिया जाएगा प्रशिक्षण जनपद के हर विकास खंड के गणित एवं विज्ञान विषय के एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के लिए प्रत्येकं सोमवार को एक घंटे का ऑनलाइन सेशन होगा। इसका मकसद बच्चों के प्रस्तावित यू-ट्यूब सेशन से उत्पन्न होने वाली जिज्ञासाओं का सरल समाधान करना है। प्रोग्राम कोआर्डिनेटर के लिए भी 10-10 दिन की अवधि के प्रशिक्षण तीन चरणों में कुल 30 दिन तक पूरे वर्ष चलाए जाएंगे। |
| यूपी में बीएससी नर्सिंग के लिए पहली बार प्रवेश परीक्षा, नर्सिंग कॉलेजों की भी होगी ग्रेडिंग Posted: 01 Jul 2022 06:06 PM PDT यूपी में बीएससी नर्सिंग के लिए पहली बार प्रवेश परीक्षा, नर्सिंग कॉलेजों की भी होगी ग्रेडिंग 1. नैक की तरह निजी बीएससी कालेजों की होगी ग्रेडिंग 2. जॉन हापकिंस यूनिवर्सिटी से ली जाएगी गुणवत्ता बढ़ाने में मदद 3. मानक पूरा करने वाले निजी बीएससी कालेजों की तय होगी ए, बी, सी श्रेणी 4. इंटर बायलोजी के साथ बीएससी बायो के छात्र कर सकेंगे आवेदन 5. प्रदेश में 2017 के पहले तक मात्र एक संस्थान 1972 में कानपुर में खुला था। 6. वर्ष 2013 में तीन जिलों आगरा, झांसी और मेरठ को मंजूरी मिली थी। 7. मेरठ के अलावा कोई कालेज संचालित नहीं हो पाया था। 8000 सीटों पर दिया जाएगा दाखिला लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कालेजों में पैरा-मेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने के लिए बड़ा फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश में पहली बार बीएससी नर्सिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। प्रदेश के सरकारी और निजी बीएससी नर्सिंग कॉलेजों में करीब आठ हजार छात्रों को प्रवेश मिलेगा। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई रखी गई है। छात्रों को केजीएमयू की वेबसाइट www.kgmu.org और अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.abvmuup.edu.in पर मिलने वाले लिंक पर आवेदन करना होगा। संभव है परीक्षा जुलाई के अंतिम सप्ताह में कराई जाए। आजादी के बाद से लेकर 2017 तक नर्सिंग व पैरा मेडिक्स को नजरअंदाज किया गया। इस कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों में योग्य नर्सिंग और पैरा मेडिक्स स्टाफ की कमी है। प्रदेश में 35 सरकारी मेडिकल कालेज और निजी क्षेत्र में 30 मेडिकल कालेज हैं। इनमें पैरा मेडिकल स्टाफ खासतौर पर नर्सों की कमी है। प्रदेश में भारी संख्या में नर्सिंग स्टाफ केरल व कर्नाटक से आता है। परीक्षा एक साथ होगी निजी और सरकारी कॉलेजों की परीक्षा एक ही साथ होगी लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तय किया है कि नीट की तर्ज पर बीएससी नर्सिंग कालेजों की एक साथ पूरे प्रदेश में एक ही प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। पहले केजीएमयू अपने स्तर से अलग प्रवेश परीक्षा कराने जा रहा था, जिसे सीएम ने उच्चस्तरीय बैठक के बाद रोक दिया। मुख्यमंत्री को इन नर्सिंग कालेजों में प्रवेश के तरीके, पाठ्यक्रम, शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर आपत्ति थी। सीएम ने चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार को इसके लिए पूरी प्रक्रिया नए सिरे से तय करने के निर्देश दिए। हर सरकारी मेडिकल कालेज में खुलेगा नर्सिंग कालेज: चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि योगी सरकार की योजना है कि हर सरकारी मेडिकल कालेज में बीएससी नर्सिंग कालेज स्थापित किया जाए। फिलहाल बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई के लिए सात जिलों प्रयागराज, गोरखपुर, कन्नौज, आगरा, जिम्स ग्रेटर नोएडा, राम मनोहर लोहिया संस्थान लखनऊ और झांसी में नए नर्सिंग कालेज स्वीकृत किए गए हैं। इनमें प्रधानाचार्य और प्रोफेसर सहित 138 पदों का सृजन कर नियुक्ति भी कर दी गई है। |
| Posted: 01 Jul 2022 06:02 PM PDT अब इग्नू में पढ़िए वैदिक गणित व वास्तु शास्त्र, ◆ इग्नू ने लांच किया सर्टिफिकेट इन वैदिक गणित व पीजी डिप्लोमा इन वास्तु शास्त्र कोर्स ◆ वैदिक गणित 12वीं के बाद छह माह का व स्नातक के बाद दो साल का कोर्स वास्तु शास्त्र सनातन ज्ञान परंपरा के प्रचार- प्रसार, दैनंदिन व्यवहार में इसके अधिकाधिक प्रयोग और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के माध्यम से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) विद्यार्थियों को दक्ष बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में इग्नू ने सर्टिफिकेट इन वैदिक गणित व पीजी डिप्लोमा इन वास्तु शास्त्र नामक दो नए पाठ्यक्रम लांच किए हैं। ऋषियों द्वारा रचित ग्रंथों वेदों में वर्णित गणित पर आधारित सर्टिफिकेट कोर्स छह माह का व वास्तु शास्त्र पर केंद्रित पीजी डिप्लोमा कोर्स की अवधि दो साल की होगी। दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू भी हो चुकी है। प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में निवास स्थान के साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठान, शिक्षण संस्थान, चिकित्सालय आदि के वास्तु के संगठन के बारे में भी जानकारी दी जाएगी । डिप्लोमा पाठ्यक्रम में किसी भी विषय में स्नातक के बाद प्रवेश लिया जा सकेगा। छह माह के वैदिक गणित के सर्टिफिकेट कोर्स में 12वीं पास अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए ये कोर्स वाराणसी में बीएचयू स्थित इग्नू के क्षेत्रीय केंद्र के साथ ही देश के सभी केंद्रों पर संचालित होंगे । सर्टिफिकेट इन वैदिक गणित कोर्स तैयार किया है इग्नू नई दिल्ली की एसोसिएट प्रोफेसर व कार्यक्रम संयोजक डा. पुष्पा ने। डा. पुष्पा बताती हैं कि इस पाठ्यक्रम में वैदिक गणितीय परंपरा, वैदिक अंक गणित, वैदिक बीज गणित, वैदिक रेखा गणित शामिल है। |
| आपाधापी के बीच राजकीय महाविद्यालयों के 82 शिक्षकों का तबादला Posted: 01 Jul 2022 05:47 PM PDT आपाधापी के बीच राजकीय महाविद्यालयों के 82 शिक्षकों का तबादला प्रयागराज । प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति के तहत उच्च शिक्षा निदेशालय ने 82 शिक्षकों के तबादले कर दिए। निदेशालय ने तबादले के लिए शिक्षकों से बृहस्पतिवार को ऑनलाइन आवेदन मांगे और आधी रात को तबादले की लिस्ट भी जारी कर दी। ऑनलाइन आवेदन के लिए शिक्षकों को काफी कम समय मिला। यही वजह रही कि तबादले के लिए कुल 367 शिक्षकों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए और इनमें से केवल 172 शिक्षक ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सके। 195 शिक्षक रजिस्ट्रेशन कराने के बावजूद आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। जिन 172 शिक्षकों ने आवेदन की प्रक्रिया पूरी की, उनमें से 113 शिक्षकों के आवेदनों को संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने अनुमोदित कर आगे बढ़ाया। 21 शिक्षकों के आवेदन उनके प्राचार्यों ने निरस्त कर दिए, जबकि 38 शिक्षकों के आवेदन प्राचार्यों के पास लंबित पड़े हैं। यानी ये शिक्षक तबादले की अर्हता पूरी नहीं कर रहे थे। |
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