प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- लखनऊ की कनिष्का व बलरामपुर के पुष्कर त्रिपाठी ने किया टाप, आइसीएसई 10वीं में पुष्कर त्रिपाटी ने हासिल किए 500 में ले 499 अंक
- अब मदरसों में भी रखे जाएंगे टीईटी पास शिक्षक
- प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त नए मदरसों की होगी जांच
| Posted: 17 Jul 2022 05:20 PM PDT लखनऊ की कनिष्का व बलरामपुर के पुष्कर त्रिपाठी ने किया टाप, आइसीएसई 10वीं में पुष्कर त्रिपाटी ने हासिल किए 500 में ले 499 अंक ◆ 9997 प्रतिशत रहा परीक्षा परिणाम ◆ सेमेस्टर एक और दो के आधार पर किया गया मूल्यांकन देशभर में ये चार विद्यार्थी रहे पहले स्थान पर ● कनिष्का मित्तल, सिटी मांटेसरी स्कूल, लखनऊ ● पुष्कर त्रिपाठी, जीसस एंड मैरी स्कूल एंड कालेज, बलरामपुर ● हरगुन कौर मथारू, सेंट मैरी स्कूल पुणे ● अनिका गुप्ता, शीलिंग हाउस स्कूल, कानपुर नई दिल्ली : काउंसिल फार द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीई) ने रविवार को आइसीएसई बोर्ड के 10वीं का परिणाम घोषित कर दिया। कुल परिणाम 99.97 प्रतिशत रहा, जिसमें छात्राओं का परिणाम 99.98 प्रतिशत है। संयुक्त रूप से सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले चार विद्यार्थियों में तीन छात्राएं हैं। प्रथम तीन स्थानों पर देशभर के 110 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है। लखनऊ की कनिष्का मित्तल व बलरामपुर के पुष्कर त्रिपाठी चार टापर में तीन छात्राएं ने संयुक्त रूप से टाप किया है। यह मूल्यांकन सेमेस्टर एक और दो दोनों के आधार पर किया गया। इसमें इंटर्नल असेसमेंट के अंक भी शामिल हैं। 500 में से 499 (99.80 प्रतिशत) अंक पाकर पहले स्थान पर चार बच्चे रहे। दूसरे स्थान पर 498 (99.60 प्रतिशत) अंक पाकर 34 बच्चे, जबकि तीसरे स्थान पर 497 (99.80 प्रतिशत) अंक पाकर 72 बच्चे रहे। जीसस एंड मैरी स्कूल एंड कालेज के छात्र पुष्कर त्रिपाठी ने देशभर में बलरामपुर का परचम लहराया है। बलरामपुर तहसील के धुसाह गांव के रहने वाले उनके पिता चिकित्सक डा. प्रांजल त्रिपाठी व मां डा. निधि त्रिपाठी ने बताया कि बेटा कोटा में नीट की तैयारी कर रहा है। वहीं पर है। जब रिजल्ट आया है उस वक्त वह पेपर दे रहा था। बताया कि बेटा डाक्टर बन देश की सेवा करना चाहता है। सारिया खान, राइना कौसर क्षितिज नारायण और अर्चिता सिंह 99.60 प्रतिशत अंक के साथ आल इंडिया मेरिट लिस्ट में दूसरे स्थान पर रहे। 99.40 प्रतिशत अंकों के साथ अमोघ अनंत, प्रियंवदा सिंह, अदिति, प्रखर सान्वी पुरवार, शगुन सिंह और सक्षम रस्तोगी ने तीसरा स्थान हासिल किया। |
| अब मदरसों में भी रखे जाएंगे टीईटी पास शिक्षक Posted: 17 Jul 2022 05:13 PM PDT अब मदरसों में भी रखे जाएंगे टीईटी पास शिक्षक प्रदेश सरकार अब 558 अनुदानित मदरसों में भी योग्य व प्रशिक्षित टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास शिक्षक रखेगी। मदरसों में आधुनिक विषय पढ़ाने वाले 6455 शिक्षकों की चरणवार भर्तियां होंगी। इसके लिए प्रदेश सरकार जल्द ही उत्तर प्रदेश अशासकीय अरबी फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन एवं सेवा नियमावली में संशोधन करने जा रही है। योगी सरकार मदरसों में दीनी तालीम कम कर हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित व सामाजिक विज्ञान जैसे आधुनिक विषयों पर अधिक फोकस किया है। अब मदरसों के पाठ्यक्रम में दीनियात की पढ़ाई 20 प्रतिशत व आधुनिक शिक्षा की पढ़ाई 80 प्रतिशत कराई जाएगी। इसके लिए मदरसों में आधुनिक शिक्षकों की भर्तियां होनी हैं। अभी तक मदरसों में दीनी तालीम के कई शिक्षक होते थे लेकिन अब आलिया स्तर तक के मदरसों में एक-एक ही शिक्षक रहेंगे। कक्षा पांच तक के मदरसों में चार शिक्षक, कक्षा छह से आठ तक में दो और आलिया (कक्षा 9 व 10) स्तर के मदरसों में तीन शिक्षक आधुनिक विषय पढ़ाने वाले रहेंगे। प्रदेश में वित्त पोषित 558 मदरसे हैं, जिनमें 8129 शिक्षकों व 558 प्रधानाचार्य के पद हैं। अब नए पाठ्यक्रम के अनुरूप 6455 आधुनिक विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों के चरणवार तरीके से भरे जाएंगे। टीईटी पास युवाओं को मदरसों में गणित, विज्ञान, नागरिक शास्त्र, इतिहास, अंग्रेजी व हिंदी जैसे विषय पढ़ाने के लिए रखा जाएगा। मिल सकेंगे योग्य शिक्षक, नहीं चलेगा भाई भतीजावाद : अनुदानित मदरसों में शिक्षकों के पद भरने का अधिकार अभी वहां की प्रबंध समिति के पास होता हैं। मदरसा प्रबंधक, शिक्षकों की भर्ती के नाम पर मनमानी करते हुए अपने रिश्तेदारों को ही तैनात कर लेते हैं। इस कारण कई बार मदरसों में योग्य शिक्षक नहीं आ पाते हैं। |
| प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त नए मदरसों की होगी जांच Posted: 17 Jul 2022 04:54 PM PDT प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त नए मदरसों की जांच होगी लखनऊ : प्रदेश के गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की पड़ताल करवाने के लिए जल्द ही होगी। इसमें पता किया जाएगा कि मदरसों को फंडिंग कहां से हो रही है और कौन सी संस्था इन्हें चला रही है। इसके साथ ही मदरसा शिक्षा परिषद की नयी नियमावली भी तैयार की जा रही है।  पिछले पांच-छल साल में खुले इन नये और गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के बारे में पता किया जाएगा कि संचालकों के पास अपने भवन/परिसर हैं या नहीं, कितने छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं, कौन सा पाठ्यक्रम संचालित है, छात्र-छात्राओं को बुनियादी सुविधाएं मिल पा रही हैं अथवा नहीं आदि का पता लगाया जाएगा। प्रदेश में ऐसे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या करीब पन्द्रह हजार आंकी गयी है। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के रिकार्ड में अभी करीब सोलह हजार पांच सौ मदरसे मान्यता प्राप्त हैं और 558 मदरसे अनुदानित हैं। परिषद के चेयरमैन डा.इफ्तिखार अहमद जावेद ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सर्वे के बाद पात्र मदरसों को मान्यता दिये जाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद की नियमावली फिर से बनायी जाएगी। वर्ष 2016 में इस नियमावली को संशोधित किया गया था। इसके बाद अब बदले हुए हालात में नये व आधुनिक विषयों के पठन-पाठन, शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा ली जाने वाली परीक्षा आदि के बारे में प्रावधान किया जाएगा। |
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