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Monday, July 25, 2022

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल

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कुछ लोग समस्याओं में जीते

Posted: 24 Jul 2022 07:58 AM PDT


कुछ लोग समस्याओं में जीते

कुछ लोग समस्याओं में जीते, कुछ कुंठाओं में पलते हैं,
सब कुछ अपने पास मगर, ग़ैरों की ख़ुशियों से जलते हैं।
उसका पति अच्छा मेरे पति से, पत्नी ग़ैर की अच्छी लगती,
सुख के भीतर भी दुख खोजें, फिर ख़ाली हाथों को मलते हैं।

ढूँढ रहे सब नकारात्मक, जो कुछ अपने पास नहीं,
उसकी कोई बात न करते, जिसकी औरों को आस नहीं।
जो कुछ अपने पास वह तो, मेरी अपनी क़िस्मत है,
ग़ैरों ने मेहनत से पाया है, इस पर हमको विश्वास नहीं।

कुंठित जीवन हुआ उन्हीं का, नकारात्मक सोच जहॉं,
सदा उसी को सुखमय देखा, सकारात्मक सोच जहॉं।
देखा नहीं कभी जिन्होंने, फुटपाथों का जीवन कैसा,
निर्धन को संतुष्टि में देखा, विचारात्मक सोच जहॉं।

अ कीर्ति वर्द्धन
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25 जुलाई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 24 Jul 2022 07:51 AM PDT

25 जुलाई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

25 जुलाई 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:

!! दैनिक पंचांग

🔅 तिथि द्वादशी 04:20 PM

🔅 नक्षत्र मृगशिरा रात्रि 02:04

🔅 करण तैतिल 04:17 PM

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग घ्रुव 03:02 PM

🔅 वार सोमवार



☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:21 AM

🔅 चन्द्रोदय +02:45 AM

🔅 चन्द्र राशि वृषभ

🔅 सूर्यास्त 06:39 PM

🔅 चन्द्रास्त 04:15 PM

🔅 ऋतु वर्षा



☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:27 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत आषाढ

🔅 मास पूर्णिमांत श्रावण



☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:28:57 - 12:22:46

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 12:22 PM - 01:16 PM

🔅 कंटक 07:53 AM - 08:47 AM

🔅 यमघण्ट 11:28 AM - 12:22 PM

🔅 राहु काल 06:53 AM - 08:34 AM

🔅 कुलिक 03:04 PM - 03:57 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:41 AM - 10:35 AM

🔅 यमगण्ड 10:14 AM - 11:55 AM

🔅 गुलिक काल 01:36 PM - 03:17 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पूर्व



☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन

🌹विशेष ~ सोम प्रदोष व्रत, श्रावण सोमवारी व्रत। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 25 जुलाई 2022, सोमवार का राशिफल 🌹

मेष (Aries) आज आप सांसारिक बातें भूलकर आध्यात्मिक प्रवृत्तियों में संलग्न रहेंगे। गहरी चिंतनशक्ति आपके मानसिक भार को हल्का करेगी। आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने के लिए बहुत अच्छा योग है। बोलने पर संयम रखने से अनर्थ से बच जाएंगे। हितशत्रु हानि कर सकते हैं। नए कार्य की शुरुआत न करें।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

वृषभ (Tauras): आप जीवनसाथी की निकटता का सुख प्राप्त कर सकेंगे। परिवार के साथ सामाजिक समारोह में बाहर घूमने या पर्यटन पर जाएंगे और आनंद में समय व्यतीत होगा। तन-मन से प्रसन्नता का अनुभव करेंगे। सार्वजनिक जीवन में यश और कीर्ति मिलेगी। व्यापार में विकास होगा। भागीदारी से लाभ होगा। आकस्मिक धन लाभ और विदेश से समाचार मिलेंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini) : अधूरे कार्यों की पूर्णता के लिए आज का दिन शुभ है। परिवार में आनंद और उल्लास रहेगा। स्वास्थ्य बना रहेगा। कार्यों में यश और कीर्ति मिलेगी। अन्य लोगों के साथ बातचीत के दौरान क्रोध पर काबू रखें और वाणी संयमित रखने से मनमुटाव होने का अवसर नसीब आएगा। धन की प्राप्ति होगी। आवश्यक खर्च होंगे। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त होगी। नौकरीपेशा वालों से लाभ होगा।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 9
कर्क (Cancer): अच्छे मन से दिन व्यतीत करने की सलाह देते हैं, क्योंकि आज का दिन शारीरिक और मानसिक रूप से उद्वेगपूर्ण रहेगा। पेट दर्द परेशान करेगा। आकस्मिक धन खर्च की संभावना है। प्रेमीजनों के बीच वाद-विवाद हो सकता है। विपरीत लिंगीय पात्रों की तरफ से आकर्षण आपके लिए संकट ला सकता है। नए कार्य की शुरुआत या यात्रा न करें।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): मानसिक अस्वस्थता रहेगी। परिजनों के साथ मनमुटाव की स्थिति आएगी। माताजी की तबीयत खराब हो सकती है। जमीन, मकान तथा वाहन की खरीददारी या उसके दस्तावेज करने के लिए अनुकूल समय नहीं है। नकारात्मक विचारों से हताशा उत्पन्न होगी। जलाशय खतरनाक साबित हो सकते हैं। नौकरी में स्त्रीवर्ग से बचकर रहें।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

कन्या (Virgo): बिना विचारे साहस करने के प्रति चेतावनी देते हैं। भावनात्मक सम्बंध स्थापित होंगे। मित्रों और स्नेहीजनों के साथ मुलाकात होगी। गूढ़ रहस्यमय विद्याओं के प्रति आकर्षण होगा और उसमें सिद्धि मिलेगी। विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों का डटकर सामना करेंगे।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

तुला (Libra): आज की मानसिक वृत्ति नकारात्मक रहेगी। क्रोध आवेश में वाणी पर संयम खोने से पारिवारिक सदस्यों के साथ विवाद होगा। अनावश्यक खर्च बढ़ेंगे। स्वास्थ्य खराब होगा। मन में ग्लानि रहेगी। अनैतिक प्रवृत्तियों की तरफ न मुड़ने की सलाह देते हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई में विघ्न आएगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

वृश्चिक (Scorpio): आज का दिन शुभ होगा। शारीरिक और मानसिक रूप से प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सदस्यों के साथ खुशी से समय बीतेगा। दोस्तों या स्नेहीजनों की तरफ से उपहार मिलेगा। प्रियजन के साथ की गई मुलाकात में सफलता मिलेगी। मांगलिक प्रसंग में जाने की संभावना है। धन लाभ और प्रवास का योग है। दांपत्यजीवन में प्रसन्नता का अनुभव होगा।

शुभ रंग : पींक

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): क्रोध के कारण पारिवारिक सदस्यों के साथ सम्बंध बिगड़ेंगे। आपकी वाणी और व्यवहार झगड़े का कारण बन सकते हैं। दुर्घटना से बचें। बीमारी के पीछे धन खर्च होगा। अदालती कामकाज में सावधानीपूर्ण कदम उठाने के लिए कहते हैं। व्यर्थ के कार्यों में आपकी शक्ति खर्च होगी।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

मकर (Capricorn): आज का दिन हर क्षेत्र में लाभदायक है। स्नेहीजनों और मित्रों से मिलना होगा। प्रिय व्यक्तियों के साथ मुलाकात रोमांचक रहेगी। विवाहोत्सुक व्यक्तियों की वैवाहिक समस्याएं दूर होंगी। व्यापारियों को व्यापार-धंधे में और नौकरीवालों को नौकरी में आय वृद्धि होगी। गृहस्थजीवन में आनंद रहेगा। नई वस्तुओं की खरीददारी होगी।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

कुंभ (Aquarius): हर कार्य सरलतापूर्वक हल होंगे और उनमें सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थिति बनेगी। सरकारी कार्य निर्विघ्न पूरे होंगे। उच्च पदाधिकारियों का व्यवहार सहयोगपूर्ण रहेगा। स्वास्थ्य बना रहेगा। मानसिक रूप से स्फूर्ति महसूस होगी। पदोन्नति और धन प्राप्ति का योग है। गृहस्थजीवन आनंदपूर्ण रहेगा और मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

मीन (Pisces): आज के दिन की शुरुआत भय के साथ होगी। शरीर में सुस्ती और थकान रहेगी। कोई भी कार्य पूरा न होने पर हताशा होगी। भाग्य साथ न देता हुआ प्रतीत होगा। ऑफिस में अधिकारीवर्ग के साथ संभलकर कार्य करने की सलाह देते हैं। संतान आज चिंता का कारण बनेगी। व्यर्थ में पैसे खर्च होंगे।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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बंगाल में एनईपी लागू करने के लिए राज्य के साथ मिलकर काम कर रही केंद्र सरकार: धर्मेन्द्र प्रधान

Posted: 24 Jul 2022 07:43 AM PDT

बंगाल में एनईपी लागू करने के लिए राज्य के साथ मिलकर काम कर रही केंद्र सरकार: धर्मेन्द्र प्रधान 

कोलकाता। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि केंद्र बंगाल में नई शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। भाजपा के प्रवास अभियान के तहत राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आए प्रधान ने यहां संवाददाताओं से कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार नियमित रूप से बातचीत कर रही हैं और अगर कोई मतभेद है तो उसे दूर किया जा रहा है। बंगाल सरकार द्वारा एनईपी को लेकर उठाए गए कुछ मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे पता नहीं है कि किसी के एनईपी 2020 के खिलाफ होने का क्या कारण हो सकता है। यह रोजगार पैदा करने वाली, आधुनिक और समकालीन नीति है। हमें पिछले दो वर्षों में सभी हितधारकों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। गौरतलब है कि बंगाल सरकार ने एनईपी की समीक्षा और शिक्षा संबंधी राज्य स्तरीय नीति की आवश्यकता का आकलन करने के लिए 10 सदस्यीय समिति का हाल में गठन किया है।राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा था कि समिति नीति के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेगी।बसु ने कहा था कि राज्य एनईपी पर अपनी प्रतिक्रिया को लेकर फैसला करेगी, क्योंकि शिक्षा समवर्ती सूची में है।इस बीच, प्रधान ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं का स्कूलों में दो साल बाद सफलतापूर्वक आयोजन करने और 45 दिन के भीतर परिणाम प्रकाशित करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) के प्राधिकारियों की प्रशंसा की।उन्होंने कहा, मुझे 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं में लड़कियों के लड़कों से बेहतर प्रदर्शन करने पर भी खुशी हुई।
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बिहार के 243 विधानसभा सीटों पर जीत के लिए भाजपा का बड़ा प्लान

Posted: 24 Jul 2022 07:40 AM PDT

बिहार के 243 विधानसभा सीटों पर जीत के लिए भाजपा का बड़ा प्लान 

 पटना। लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा बिहार में भविष्य की रणनीति तय करने जा रही है। इसी क्रम में चार दिवसीय दौरे पर 28 से 31 जुलाई तक भाजपा के सात राष्ट्रीय मोर्चों के 750 पदाधिकारी बिहार दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान दो दिन गांव-गांव में जाएंगे और सरकार व संगठन के कामकाज की पड़ताल करेंगे। भाजपा ने मोर्चा के पदाधिकारियों को 11 बिंदुओं पर काम करने का टास्क सौंपा है। इसमें किसान, महिला, युवा, एससी, एसटी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों को दो दिनों तक गांवों में प्रवास करना है। इसके लिए पार्टी ने प्रवासी पदाधिकारियों के आवाभगत की जिम्मेदारी बकयादा सभी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों को सौंपी गई है। वहीं, गांव-गांव ले जाने की जिम्मेदारी बिहार के अलग-अलग मोर्चों के पदाधिकारियों को दी गई है।
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उत्तराखंड में इस्लामीकरण को दिया जा रहा बढ़ावा: तरुण विजय

Posted: 24 Jul 2022 07:37 AM PDT

उत्तराखंड में इस्लामीकरण को दिया जा रहा बढ़ावा: तरुण विजय

देहरादून। राज्यसभा के पूर्व सदस्य व वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण विजय ने भारतीय वन अनुसंधान केंद्र के कान्वेंट रोड स्थित रेंजर्स कालेज के पुराने परिसर में बनी दरगाह पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि रेंजर्स कालेज के भीतर दरगाह बना दी गई है। सभी नियमों को ताक पर रख कर अलग से प्रवेश दिया गया है। वन विभाग के संरक्षण में इस्लामीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह प्रश्न भी किया कि क्या करें। पहले ट्वीट में दरगाह के लिए सरकार पर सवाल उठाने के बाद तरुण विजय ने बाद में एक और ट्वीट किया कि सभी इस विषय को लेकर गंभीर हैं। राज्य सरकार इस तरह की अवैध गतिविधियों का संज्ञान ले रही है। हमें हमारे लोकतांत्रिक संवैधानिक शासन पर पूरा विश्वास है। हम मजबूती से अपने नेता पुष्कर सिंह धामी के साथ खड़े हैं।
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यूपी हैंडलूम कारपोरेशन बनाएगा तिरंगे झंडे, कैबिनेट बाई सर्कुलेशन प्रस्ताव पारित

Posted: 24 Jul 2022 07:33 AM PDT

यूपी हैंडलूम कारपोरेशन बनाएगा तिरंगे झंडे, कैबिनेट बाई सर्कुलेशन प्रस्ताव पारित

लखनऊ। स्वाधीनता दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर हर घर तिरंगा फहराने के लिए यूपी हैंडलूम कारपोरेशन से तिरंगे झंडे बनवाकर प्रदेश में बांटे जाएंगे। योगी कैबिनेट ने कारपोरेशन से तिरंगे झंडे बनवाने और वितरित कराने का प्रस्ताव बाई सर्कुलेशन मंजूर किया है। इसका खर्च पंचायतीराज और नगर विकास विभाग वहन करेंगे। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत देश भर में इस बार 11 से 15 अगस्त तक स्वतंत्रता सप्ताह मनाने का निर्णय लिया गया है। इसकी जोर शोर से तैयारियां हो रही हैं। कार्यक्रम के तहत 13, 14 और 15 अगस्त को हर घर तिरंगा का आयोजन किया जाएगा। इन तीन दिनों में प्रदेश सरकार की तरफ से आवासीय, अनावासीय भवन, सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय और संस्थाओं के भवनों पर तिरंगा फहराया जाएगा। अभियान के तहत लोगों में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाई जाएगी। घर, प्रतिष्ठान, सरकारी भवनों में झंडारोहण होगा। पहली बार ऐसा होगा, जब एक साथ हर घर में तिरंगा फहरेगा।
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हिन्दुत्व व हिन्दुइज्म

Posted: 24 Jul 2022 07:32 AM PDT

हिन्दुत्व व हिन्दुइज्म

(हृदय नारायण दीक्षित-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

भारत में धर्म का सतत् विकास हुआ है। यहां धार्मिक विकास की यात्रा मजेदार है। यहां दर्शन और वैज्ञानिक विवेक का जन्म पहले हुआ। धर्म का बाद में। दार्शनिक और वैज्ञानिक विवेक से युक्त समाज ज्ञान यात्रा में जिज्ञासा और प्रश्नांे को महत्व देते हैं। जिज्ञासा और प्रश्नाकुलता हिन्दू धर्म व दर्शन की विशेषता है। इसका प्रभाव आधुनिक समाज में भी दिखाई पड़ता है। यहां साधारण हिन्दू भी आस्था पर प्रश्न करते है और संवाद भी। प्रश्नाकुलता हिन्दू समाज कि बड़ी पूंजी है। वैदिक पूर्वजों ने प्रकृति का गहन अध्ययन किया था। प्राकृतिक नियम शाश्वत होते हैं। पूर्वज प्रकृति की नियमबद्धता से प्रेरित हुए। प्रकृति सुंदर है। सत्य है। शिव है।

हिन्दुत्व भारत की प्रकृति है और संस्कृति भी। यह भारत के लोगों की जीवनशैली है। इस जीवन शैली में सभी विश्वासों के प्रति आदर भाव है। लेकिन भारतीय राजनीति के आख्यान में हिन्दुत्व के अनेक चेहरे है। उग्र हिन्दुत्व, मुलायम (साफ्ट) हिन्दुत्व, साम्प्रदायिक हिन्दुत्व आदि अनेक विशेषण मूल हिन्दुत्व पर आक्रामक हैं। अंग्रेजी भाषान्तर में हिन्दुत्व को हिन्दुइज्म कहा जाता है। इज्म विचार होता है। विचार 'वाद' होता है। वाद का प्रतिवाद भी एक विचार होता है। पूंजीवाद- कैप्टलिज्म है। समाजवाद सोशलिज्म है। इसी तरह कम्युनिज्म है। अंग्रेजी का हिन्दुइज्म भी हिन्दूवाद का अर्थ देता है लेकिन हिन्दुत्व हिन्दूवाद नहीं है। हिन्दुत्व समग्र मानवीय अनुभूति है। वीर होना वीरवाद नहीं होता, वीर होने का भाव वीरता है। दयावान होना दयावाद नहीं दयालुता है। हिन्दू होना हिन्दुता या हिन्दुत्व है। कुछ विद्वान हिन्दू को मुसलमानो द्वारा दिया गया शब्द मानते रहे हैं लेकिन यह सही नहीं है। हिन्दू शब्द का प्राचीनतम उल्लेख 'अवेस्ता' में है और अवेस्ता इस्लाम से सैकड़ों वर्ष पुराना है। डेरियस (522-486 ई.पू.) के शिलालेख में भी हिन्दू शब्द का उल्लेख है। हिन्दू शब्द विशेष जनसमूह का घौतक है।

हिन्दू धर्म वैदिक धर्म का विकास है। हिन्दू भारतीय जीवन शैली की भी प्रतिष्ठित संज्ञा है। इस्लाम और ईसाईयत भारत के बाहर विकसित हुए। ईसा ने ईसाईयत व हजरत मोहम्मद ने इस्लाम का जन्म व विकास किया। भारत में उनका परिचय हिन्दू धर्म से हुआ। हिन्दुओ के लिए भी इस्लाम व ईसाईयत सर्वथा नए विश्वास थे। भारतीय्ा जनता के एक बड़े हिस्से ने इस्लाम व ईसाईयत को भी धर्म कहा लेकिन हिन्दू धर्म ईसाईयत या इस्लामी पंथिक विश्वास नही है। ईसाईयत और इस्लाम में एक ईश्वर, एक देवदूत या पैगम्बर और एक पवित्र पुस्तक के प्रति विश्वास की धारणा है। हिन्दू धर्म किसी एक पवित्र पुस्तक या देवदूत से बंधा नहीं है। हिन्दुओं का कोई एक धर्म ग्रन्थ नहीं है। कोई एक पैगम्बर नहीं। कुछ विद्वान भारत में सभी धर्मो में समन्वय की बातें करते है। वे इस्लाम और ईसाईयत को भी धर्म कहते हैं।

सच यह नही है। धर्म एक है। इसे सनातन धर्म भी कहते हैं। सनातन का अर्थ है कि यह सदा से है। इसे वैदिक धर्म भी कहते है। यह ऋग्वेद और सम्पूर्ण वैदिक साहित्य का विकास है।

दरअसल भारत में धर्म का सतत् विकास हुआ है। यहां धार्मिक विकास की यात्रा मजेदार है। यहां दर्शन और वैज्ञानिक विवेक का जन्म पहले हुआ। धर्म का बाद में। दार्शनिक और वैज्ञानिक विवेक से युक्त समाज ज्ञान यात्रा में जिज्ञासा और प्रश्नांे को महत्व देते हैं। जिज्ञासा और प्रश्नाकुलता हिन्दू धर्म व दर्शन की विशेषता है। इसका प्रभाव आधुनिक समाज में भी दिखाई पड़ता है। यहां साधारण हिन्दू भी आस्था पर प्रश्न करते है और संवाद भी। प्रश्नाकुलता हिन्दू समाज कि बड़ी पूंजी है। वैदिक पूर्वजों ने प्रकृति का गहन अध्ययन किया था। प्राकृतिक नियम शाश्वत होते हैं। पूर्वज प्रकृति की नियमबद्धता से प्रेरित हुए। प्रकृति सुंदर है। सत्य है। शिव है। कल्याणकारी है। इसमे शिव और सुंदर की स्थापना हम सबका कर्तव्य है। विराट ब्रह्माण्ड नियमहीन नही है। यह ज्ञान पूर्ण संरचना है। इसे इन्टेलीजेन्ट डिजाइन भी कहा जाता है। यह प्रतिपल सृजनशील है। नया आता है। विहंसता है। शिशु होता है। अरुण होता है। तरुण होता है। सूर्य आते हैं, चन्द्र आते हैं। नदियां नित्य नई जलराशि लेकर प्रवाहमान रहती हैं। ग्रह नक्षत्र सुनिश्चित नियम में गतिशील रहते हैं। प्रकृति के संपूर्ण गोचर प्रपंच नियमों में गति करते है। सूर्य का उगना और ऊषा का मुदित मन खिलना नियमों में है। चन्द्र का उगना, बढ़ना, बढ़ते हुए पूर्णिमा होना और घटते हुए अमावस्या होना नियम बंधन में है। वनस्पतियां भी नियमानुसार उगती है। इनका उगना, पौध बनना, इनसे कली खिलना, फूल होना और बीज होना भी सुसंगत नियमों में है। बीज के भीतर नए वृक्ष की पूरी संभावना लघु रूप में बंद रहती है। यह आश्चर्यजनक है, विस्मय बोधक है लेकिन नियम आबद्ध है।

वैदिक ऋषियों ने प्रकृति के संविधान को 'ऋत' कहा है। ऋत वैज्ञानिक अनुभूति व उपलब्धि है। उन्होंने प्रकृति की शक्तियो को अनेक देवनाम दिए है। इन्द्र, अग्नि, पृथ्वी, पर्जन्य, मरुत, रूद्र आदि अनेक वैदिक देवता है। वरुण सबसे प्रभावी जान पड़ते है। वे ऋत- नियमो के संरक्षक- ऋताव हैं। ऋत प्रकृति के सभी प्रपंचों की नियम संहिता है। देवता भी नियम पालन करते है। मरुत वायु देव है। वे भी नियमानुसार गतिशील ऋतजाता है (ऋ०3-15-11) अग्नि ऋतस्य क्षत्ता हैं (ऋ० 6-13-2)। हिन्दू देवतंत्र में किसी भी देवता को ऋत नियम पालन की छूट नही है। ऋत के संरक्षक वरुण को भी नही। वैसे वरुण इसी अनुशासन के देवता है। ऋग्वेद के अनुसार धरती और आकाश वरुण के नियम से धारण किए गए हैं- वरुणस्य धर्मणा(6-70-1)। यहां ऋत नियम का धारण करना धर्म है। बताते है कि शक्तिशाली वरुण ने सूर्य का मार्ग निर्धारित किया है। यह है ऋत नियम। सूर्य ने यह नियम पालन किया। यह हुआ सूर्य का धर्म। वैदिक काल के बाद ऋत और धर्म एक ही अर्थ में कहे जाने लगे। ऋत मार्गदर्शी है। इसके अनुसार कर्म धर्म है। विष्णु बड़े देवता हैं। उन्होने तीन पग चलके पूरी धरती नाप ली। कैसे नापी? ऋग्वेद में बताते है कि वे धर्म धारण- करते हुए तीन पग चले। सूर्य प्रकाशदाता हैं लेकिन धर्मणा(1-60-1) हैं। सविता द्युलोक, अंतरिक्ष और पृथ्वी को धर्मानुसार प्रकाश से भरते हैं (4-53-3) ऋत सत्य है। ऋत और सत्य का अनुसरण धर्म है।

ऋत और सत्य एक हैं। प्रजापति सत्यधर्मा है (10-121-9) सूर्य भी सत्यधर्मा है। प्रकृति की सभी शक्तियां ऋतबद्ध धर्म आचरण करती है। इसलिए मनुष्य का आचरण भी ऋतबद्ध होना चाहिए। सामान्य जीवन में मनुष्य के सुख आनंद का आधार सत्य है। सो सत्य बोलना धर्म है। ऋत है। वैदिक काल से ही झूठ के लिए 'अनृत' शब्द प्रयुक्त होता रहा है। ऋत सत्य है। अनृत झूठ है। उन्होंने मानव समाज के लिए भी नियमों का विकास किया। इसी आचार संहिता का नाम धर्म पड़ा। हिन्दू धर्म सतत् विकासशील है। यह गतिशील आचार संहिता है। इसे न मानना दण्डनीय नहीं है। प्रत्येक हिन्दू ईश्वर को भी मानने या न मानने के लिए स्वतंत्र है। धर्म सम्पूर्णता है। धर्म अनेक नहीं एक है। बृहदारण्यक उपनिषद् (2-5-11) में कहते हैं, ''धर्म सभी भूतों का मधु है। समस्त भूत इस धर्म के मधु हैं।'' इसी मधु का नाम हिन्दुत्व है।
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बढ़ रहा लिली के फूलों का आकर्षण

Posted: 24 Jul 2022 07:29 AM PDT

बढ़ रहा लिली के फूलों का आकर्षण

इसी तरह फूलों की खेती से भी लाखों की कमायी की जा सकती है। भारत में अभी लिली की खेती काफी कम संख्या में हो रही है। इस वजह से कंपनियां किसानों से पहले ही सौदा कर लेती हैं। इसका फायदा किसानों को यह होता है कि उन्हें बाजार में जाने की जरूरत नहीं पड़ती। भारत सहित पूरी दुनिया में सजावटी फूलों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। देश में फूलों की खेती करने वाले किसानों के सामने सजावटी फूल एक नया विकल्प बनकर उभरा है। ये न सिर्फ देखने में आकर्षक हैं बल्कि किसानों को इनसे जमकर कमाई भी हो रही है। इसी तरह का एक फूल है लिली। यह एक विदेशी सजावटी फूल है और यह कई रंगों का होता है। भारत के किसान इसकी खेती कर आमदनी के नए द्वार खोल रहे हैं। भले ही लिली विदेशी फूल है, लेकिन भारत में तेजी से प्रचलित हो रहा है। पॉली हाउस में किसान पूरे साल इसका उत्पादन कर रहे हैं। हमारे देश में इसकी व्यावसायिक खेती बहुत कम मात्रा में हो रही है। फिलहाल आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के किसान ही लिली फूल उगा रहे हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में भी इसकी खेती हो रही है।

लिली की खेती तीन चरणों में होती है। पहले चरण में टिश्यू कल्चर प्रोसेस से नर्सरी तैयार करते हैं। ये काम बड़ी-बड़ी प्रयोगशालाओं या कंपनियों में होता है। दूसरे चरण में नर्सरी यानी पौध को रोपा जाता है। पौध से फूल नहीं बल्कि कंद मिलते हैं। तीसरे चरण में उन कंदों को गमलों में रोपा जाता है। इसी से किसान फूल प्राप्त करते हैं।

पहाड़ी राज्यों में वातावरण लिली के अनुकूल होता है। ऐसे इलाकों में रहने वाले किसान खुले में भी लिली की खेती कर सकते हैं। मैदानी इलाकों में लिली की खेती के लिए पॉली हाउस की जरूरत पड़ती है। पॉली हाउस में रोपाई के लिए ढाई किलो कोकोपीट, ढाई किलो केंचुए की खाद, ढाई किलो भूसा और पांच किलो कोयले की राख की जरूरत होती है। इसके बाद पौध को इस मिश्रण में रोपा जाता है और किसान कंद प्राप्त करते हैं। कंद को विकसित होने में तीन माह का समय लगता है। इस दौरान अच्छी देखभाल की जरूरत होती है और टपक विधि से सिंचाई करने की सलाह दी जाती है। तीन माह बाद कंद तैयार हो जाता है। कंद को जड़ समेत उखाड़ लिया जाता है। किसान चाहें तो कंद की बिक्री कर भी मोटी कमाई कर सकते हैं। अगर कंद नहीं बेचना चाहते हैं तो उसे गमलों में लगाकर सीधे फूल उगाकर बेचें। गमलों में पहले से तैयार मिश्रण को भर कर तीन-तीन कंद लगाया जाता है फिर कंद को मिश्रण से ढक दिया जाता है।रोपाई के बाद बाद पानी का छिड़काव करना जरूरी है। 7 दिन बाद पॉली हाउस का तापमान 20 से 25 डिग्री पर फिक्स करने की सलाह दी जाती है। कंद रोपाई के 30 दिन बाद हरी कली दिखाई देने लगती है और इसके तुरंत बाद फूल खिल जाते हैं।
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करोड़ों के खजूर और लाखों के फूल

Posted: 24 Jul 2022 07:26 AM PDT

करोड़ों के खजूर और लाखों के फूल

(अचिता-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
किसान परिवार से जुड़ी होने के बावजूद खेती-किसानी से लगभग अपरिचित हूं। हां, कभी-कभी गांव जाती तो लोग कहते हैं कि खेती अब कुछ दे नहीं रही है। दरअसल, ज्यादातर किसान परम्परागत खेती ही करते हैं। साल भर में दो फसलें और ज्यादा हुआ तो तीन फसलें ले लेते हैं लेकिन आधुनिक ढंग से जैविक खेती की जाए तो अच्छी कमायी की जा सकती है। राजस्थान की तपती धरती मंे एक किसान जैविक बागवानी करके खजूरों से करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। इसी प्रकार लिली जैसे फूल, जो अभी हमारे देश मंे कम उगाए जाते हैं, उनसे लाखों की कमायी की जा सकती है।

सात हैक्टर में एक करोड़ के खजूर

पश्चिमी राजस्थान में सांचैर क्षेत्र के दाता गांव के किसान गेहूं, बाजरा, मूंग, मोठ, अरंडी और रायडा की परंपरागत खेती के साथ अब मेडजूल और बरही किस्म की खजूर की खेती करके सालाना महज 7 हैक्टर जमीन पर एक करोड़ से अधिक रुपये की कमाई कर रहे हैं। दाता गांव के रहने वाले किसान केहराराम चैधरी ने 10 साल पहले अनार की खेती की और पहले ही प्रयास में अच्छी पैदावार ली थी। इसे देखते हुए कई किसानों ने अनार की खेती शुरू की। आज दाता गांव के साथ साथ जिले के सैकड़ों किसान बड़ी मात्रा में अनार निर्यात कर रहे हैं। जालोर के दाता गांव के किसानों ने 5 साल पहले 3500 रुपये की कीमत पर उद्यान विभाग से खजूर के 2 अलग-अलग किस्म के 600 पौधे लगाए और 4 हेक्टेयर खेत में लेगे यह पौधे महज 2 से 3 साल की देखरेख में अब सालाना 1 करोड़ की एक किसान को कमाई शुरू हो गई है। किसान के खेत में अब मेडजूल खजूर की पैदावार आना शुरू हो गई है। बारिश के मौसम में नमी के कारण खजूर की पहली पैदावार पर असर न पड़े, इसलिए किसानों ने अहमदाबाद से मंगाए ड्रायर हीटिंग बाॅक्स से नमी कम कर पैंकिग के बाद स्टोरेज किया जा रहा है।
खजूर की इस किस्म को ऑर्गेनिक तरीके से पैदा किया जाता है। यानी इसमें किसी भी रासायनिक खाद एवं उर्वरकों का उपयोग नहीं किया जाता। गोबर खाद एवं केंचुआ खाद उपयोग ली जाती है। खजूर की यह किस्म राज्य के 12 जिलों जालोर, बाड़मेर, चूरू, जैसलमेर, सिरोही, श्रीगंगानगर, जोधपुर, हनुमानगढ़, नागौर, पाली,, बीकानेर व झुंझुनूं में पैदा हो रही है। खजूर के मूल उत्पादक खाड़ी देशों जैसी जलवायु को देखते हुए ही राज्य सरकार यहां खजूर की खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए किसानों को आयातित और टिश्यू कल्चर से तैयार पौध उपलब्ध कराने के साथ तकनीकी सहयोग भी दिया जा रहा है। पौध को जुलाई से सितंबर के बीच किसी भी किस्म की मिट्टी में लगा सकते है। एक से दूसरे पौधे और एक से दूसरी कतार के बीच 8 मीटर की दूरी होनी चाहिए। एक हैक्टेयर में 156 पौधे लगा सकते हैं। अब सरकार ने आधा हैक्टेयर तक के लिए पौधे देने का प्रावधान शामिल किया है। राजस्थान में अभी 6 किस्मों की बुआई की जा रही है। इसमें से 4 मादा और दो नर किस्में है। मादा किस्म-मेडजूल 3433 रुपये प्रति पौध, बरही 2233 रुपये प्रति पौध, खलास 2233 रुपये प्रति पौध और खुनैजी 2183 रुपये प्रति पौध। नर किस्म-अलइन सिटी 2433 रुपये प्रति पौध और घनामी 2933 रुपए प्रति पौध है।
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तेलंगाना में होगा घमासान

Posted: 24 Jul 2022 07:22 AM PDT

तेलंगाना में होगा घमासान

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

तेलंगाना के हैदराबाद शहर में 2 जुलाई से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कार्यसमिति की बैठक हुई। ये बैठक दो दिनों तक चली। इससे पूर्व आपरेशन महाराष्ट्र पूरा किया गया। कार्य समिति की बैठक के जरिए तेलंगाना में पार्टी की पैठ बढ़ाने पर मंथन किया गया। बीजेपी ने मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली सरकार पर भी तीखा हमला किया और कहा कि उनके सत्ता से जाने की उलटी गिनती शुरू हो गई है। इसका जवाब भी मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने दे दिया। केसीआर ने कहा भाजपा हमारी सरकार गिरा कर देखे हम केंद्र की सरकार गिरा देंगे। फिलहाल भाजपा ने तेलंगाना को घेरने का अभियान तो शुरू ही कर दिया है। इसमें हैदराबाद का नाम भाग्यनगर रखने और तेलंगाना को अलग राज्य बनाने का श्रेय लेने का प्रयास प्रमुख हैं। कर्नाटक के बाद तेलंगाना और आन्ध्र प्रदेश भाजपा के टारगेट में हैं। हैदराबाद में राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक का असली मकसद भी यही था। उधर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने भी भाजपा पर जवाबी हमला सुनियोजित ढंग से शुरू किया। इसी के तहत 17 जुलाई को टीआरएस सांसदों को राज्य के प्रति केंद्र सरकार के 'पक्षपातपूर्ण रवैये' का कड़ा विरोध करने के लिए संसद के दोनों सदनों में आवाज उठाने का निर्देश दिया गया।

संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो गया है ।इसी के मद्देनजर राव ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) संसदीय दल की बैठक की थी। टीआरएस सांसदों को निर्देश दिया गया कि वे संसद सत्र के दौरान केंद्र द्वारा पेश किए जाने वाले किसी भी 'जनविरोधी' विधेयक को अस्वीकार करें। राव ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार द्वारा अपनाई जा रही ''जनविरोधी नीतियों'' के कारण कई क्षेत्रों में विकास ठप है। इस बीच एक सर्वे भी हो चुका है । सर्वे के अनुसार, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में राज्य में बीजेपी और टीआरएस के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है। निजी तौर पर कराए गए एक ताजा सर्वे में टीआरएस को 38.88 प्रतिशत और बीजेपी को 30.48 प्रतिशत मत मिलने की संभावना जताई गयी है । इस प्रकार सत्तारूढ टीआरएस भाजपा से आगे तो है लेकिन अंतर ज्यादा नहीं है । मुख्यमंत्री राव ने इसीलिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्रीय सरकार पर आरोप लगाया कि वित्तीय मुद्दों पर केंद्र और तेलंगाना से संबंधित गोपनीय जानकारी भाजपा के सोशल मीडिया समूहों को लीक की जा रही है। राव के मुताबिक, तेलंगाना उन आठ राज्यों में से एक है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में अधिकतम योगदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम (एफआरबीएम) की सीमा के तहत, तेलंगाना 53,000 करोड़ रुपये उधार लेने के योग्य हैं, लेकिन बाद में केंद्र ने इसे घटाकर 23,000 करोड़ रुपये कर दिया। राव ने सांसदों से संसद में भाजपा के 'असली रंग' को 'उजागर' करने को कहा।

भाजपा की राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक से पहले ही बीजेपी महासचिव तरुण चुग ने राव पर हमला करते हुए कहा कि वह 3000 दिन से अधिक के अपने कार्यकाल के दौरान 30 घंटे के लिए भी अपने कार्यालय नहीं गए।चुग ने कहा कि उन्होंने समय रंगीन शाम बिताने, पारिवारिक शासन को बढ़ावा देने में गुजारा और उन लोगों की अनदेखी की, जिन्होंने राज्य के गठन के लिए बलिदान दिया है। राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं- बीजेपी ने राज्य के 119 विधानसभा क्षेत्रों में अपने नेताओं को जमीनी हालात जानने के लिए भेजा है। कार्यसमिति की बैठक समाप्त होने के ठीक बाद तीन जुलाई को एक जनसभा आयोजित की गयी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। पार्टी ने एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया, जिसमें राज्य की संस्कृति, हस्तशिल्प, निजामों के शासन के खिलाफ तेलंगाना का मुक्ति संघर्ष और तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिलाने में बीजेपी की भूमिका का प्रदर्शन किया गया । इस प्रदर्शनी में निजामों द्वारा किए गए अत्याचार की दास्तान को भी प्रदर्शित किया गया था। बताते हैं कि लाखों लोगों के अलावा राज्य भर के 35,000 से अधिक बूथ के बीजेपी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा में शामिल हुए। यहां 18 साल बाद पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गयी थी।

ध्यान रहे कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी निर्णय लेने वाली पार्टी की प्रमुख इकाई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में तेलंगाना में पार्टी की पैठ बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक की तैयारियों के मद्देनजर भाजपा के नेताओं ने तेलंगाना के सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद किया। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा केंद्र के अलावा 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अपने दम पर या सहयोगी दलों के साथ शासन कर रही है, अभी भी कुछ राज्य ऐसे हैं जहां उसकी स्थिति कमजोर है। भाजपा की रणनीति के केंद्र में वे राज्य होंगे, जहां कांग्रेस या विपक्षी दलों का शासन है। भाजपा इस बात से भी उत्साहित है कि राज्य में वह मुख्य मुकाबले में है। यह बात एक सर्वे में पता चली है ।सर्वे के अनुसार, राज्य में विधान सभा चुनाव में बीजेपी और टीआरएस के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है। निजी तौर पर कराए गए एक ताजा सर्वे में, टीआरएस को 38.88 प्रतिशत, बीजेपी को 30.48 प्रतिशत, कांग्रेस को 23.71 प्रतिशत और अन्य को 6.91 प्रतिशत वोट मिलने का दावा किया गया है।तेलंगाना में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और अब जनता का मूड परखने के लिए सर्वेक्षण किए जा रहे हैं। विभिन्न सर्वेक्षणों के नतीजों के कारण राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और तीनों प्रमुख दलों- सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस), विपक्षी कांग्रेस और बीजेपी अगली सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। सर्वे से जाहिर है कि टीआरएस एक बार फिर बड़ी पार्टी बन सकती है लेकिन उसके वोट शेयर में 8 फीसदी तक गिरावट हुई है जबकि बीजेपी का वोट शेयर 23.5 फीसदी बढ़ सकता है। वर्ष 2018 में हुए चुनाव में 119 विधानसभा सीटों में से टीआरएस को 46.9 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे और उसने 88 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 28.4 प्रतिशत वोट मिले थे और उसे 19 सीटों पर विजय मिली थी जबकि बीजेपी को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ा था।अन्य दलों के विधायकों के शामिल होने के बाद टीआरएस के विधायकों की संख्या 102 हो गई है और उपचुनाव में जीत हासिल कर बीजेपी ने दो विधायकों की बढ़त हासिल की है। एक अन्य एजेंसी की ओर से कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार, आगामी चुनाव में टीआरएस को 39.5 प्रतिशत वोट (56-59 सीटें) मिल सकते हैं।कांग्रेस को 31 प्रतिशत मत (37-39 सीटें) और बीजेपी को 21 प्रतिशत वोट (17 सीटें) मिल सकते हैं। टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने दावा किया है कि 2023 विधानसभा चुनाव में 90 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल कर उनकी पार्टी फिर से सरकार बनाएगी। चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) 2014 से सत्ता में है। तेलंगाना सरकार में मंत्री रामा राव ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी की ओर से हाल में कराए गए सर्वेक्षणों में साबित हुआ है कि चंद्रशेखर राव 2023 का चुनाव जीतकर तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
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व्हाइट हाउस ने मंकीपाक्स के प्रकोप के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया का किया आह्वान

Posted: 24 Jul 2022 07:21 AM PDT

व्हाइट हाउस ने मंकीपाक्स के प्रकोप के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया का किया आह्वान

वाशिंगटन। कोरोना वायरस के बाद अब मंकीपॉक्स दुनिया के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है। ब्रिटेन और यूरोप से शुरू हुए मामले अब भारत समेत कई देशों में मिल रहे हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। डब्ल्यूएचओ द्वारा मंकीपाक्स वायरस को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने के बाद, व्हाइट हाउस ने कहा कि एक समन्वित अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया इस समय की आवश्यकता है। व्हाइट हाउस के एक बयान में पंजाबी के हवाले से कहा गया है, श्विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा वर्तमान मंकीपॉक्स के प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का निर्णय विश्व समुदाय के लिए इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कार्रवाई का आह्वान है।
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प्रतिबंध के बावजूद लग्जरी आइटम आयात करता रहा पाकिस्तान

Posted: 24 Jul 2022 07:19 AM PDT

प्रतिबंध के बावजूद लग्जरी आइटम आयात करता रहा पाकिस्तान

 इस्लामाबाद। देश को आर्थिक संकट से उबारने के लिए पाकिस्तान ने लग्जरी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन देश के वित्त मंत्री ने कहा है कि इस्लामाबाद इन आयातों की अनुमति देता है। बताते हैं कि मई में पाकिस्तानी सरकार ने एक आपातकालीन आर्थिक योजना को लागू किया और दर्जनों गैर-आवश्यक लग्जरी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया। इस्माइल ने एक ट्वीट में कहा कि सरकार आयातकों को होने वाले नुकसान से बचने के लिए कम अधिशूल्क के साथ 1 जून तक बंदरगाहों तक पहुंचने वाली सभी वस्तुओं के आयात की अनुमति दे रही है। इस्माइल ने एक ट्वीट में लिखा सरकार द्वारा कुछ लग्जरी के सामानों पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगाने के बाद भी, इन वस्तुओं के कई शिपमेंट अनजाने में हमारे बंदरगाहों पर आ गए। आयातकों को नुकसान से बचाने के लिए, सरकार उन सभी वस्तुओं के आयात की अनुमति दे रही है जो 1 जून तक हमारे बंदरगाहों पर एक कम अधिशूल्क के साथ पहुंच गई हैं।
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तालिबान ने ईरान से 350,000 टन तेल आयात करने का किया समझौता

Posted: 24 Jul 2022 07:16 AM PDT

तालिबान ने ईरान से 350,000 टन तेल आयात करने का किया समझौता 

काबुल। तालिबान ने एक ईरानी फर्म के साथ 350,000 टन तेल खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, यह डील ऐसे समय में हुआ है जब अफगानिस्तान में पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। तालिबान के वित्त मंत्रालय का हवाला देते हुए मीडिया ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ईरान की यात्रा पर आए अफगान प्रतिनिधिमंडल ने एक ईरानी फर्म के साथ 350,000 टन तेल खरीदने का अनुबंध किया है।अफगान प्रतिनिधिमंडल में तालिबान के वित्त मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, सेंट्रल बैंक, अफगानिस्तान ऑयल एंड गैस कॉरपोरेशन और अफगानिस्तान नेशनल स्टैंडर्ड अथॉरिटी के उच्च अधिकारी शामिल थे।ईरान की अपनी यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने तेल खरीद, दरों और अफगानिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों के पर चर्चा की। खामा प्रेस ने बताया कि एक ईरानी कंपनी ने 350,000 टन तेल खरीदने के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
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इसमें कोई शक नहीं है कि मैं ब्रिटिश प्रधानमंत्री की दौड़ में ‘छुपा रुस्तम’ हूं: सुनक

Posted: 24 Jul 2022 07:07 AM PDT

इसमें कोई शक नहीं है कि मैं ब्रिटिश प्रधानमंत्री की दौड़ में 'छुपा रुस्तम' हूं: सुनक 

लंदन। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का स्थान लेने की दौड़ में शामिल भारतीय मूल के नेता ऋषि सुनक नेे '' उन ताकतों'' पर निशाना साधा, जो कंजर्वेटिव पार्टी का नेतृत्व हासिल करने के मुकाबले में उनकी प्रतिद्वंद्वी लिज ट्रस का साथ दे रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री और ब्रिटेन की आयरन लेडी के नाम से प्रसिद्ध मार्गरेट थैचर के पूर्वी इंग्लैंड स्थित गृह नगर ग्रैंथम में भाषण देते हुए पूर्व चांसलर सुनक ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी में एक धड़ा है, जो चुनाव को विदेश मंत्री की ''ताजपोशी''के तौर पर देखना चाहेगा। उन्होंने यह टिप्पणी परोक्ष रूप से जॉनसन समर्थक मंत्रियों जैसे संस्कृति मंत्री नादिन डोरिस और ब्रेक्जिट अवसरों के मंत्री जैकब रीस मॉग के संदर्भ में की है, जो ट्रस के समर्थन में अभियान चला रहे हैं और सुनक के अभियान को तरजीह नहीं देने की अपील कर रहे हैं। समर्थकों से घिरे सुनक ने कहा, ''इसमें कोई शक नहीं है कि मैं छुपा रुस्तम (अंडरडॉग) हूं।''इस दौरान उनके समर्थक 'रेडी4ऋषि' (ऋषि के लिए तैयार हैं)लिखे बैनर लहरा रहे थे। उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा, ''ऐसी ताकतें हैं, जो दूसरे प्रत्याशी की ताजपोशी चाहती है। लेकिन मेरा मानना है कि सदस्य विकल्प चाहते हैं और वे सुनने के लिए तैयार हैं।''
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जबसे आयी वर्षा रानी,रूत हो गयी बड़ी सुहानी: अकेला

Posted: 24 Jul 2022 05:06 AM PDT

जबसे आयी वर्षा रानी,रूत हो गयी बड़ी सुहानी: अकेला

साहित्य संवाद द्वारा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित
औरंगाबाद से  दिव्य रश्मि संवाददाता अरविन्द अकेला की खबर
जनेश्वर विकास केंद्र की अनुषांगिक इकाई व हिन्दी साहित्य को समर्पित साहित्यिक संस्था "साहित्य संवाद" के पटल पर वर्षा रानी को समर्पित ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन अयोजित किया गया।
कवि सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए वरीय अधिवक्ता व महोत्सव पुरुष सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि वर्षा रानी को खुश करने से ही खेतों में खुशहाली आएगी। जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर पटना से पधारे वरीय साहित्यकार अरविन्द अकेला ने कहा कि वर्षा रानी को खुश किये बिना यह धरती हरित नहीं हो सकती,इसलिए सभी कवियों व कवियित्रियों को वर्षा रानी का आह्वान करना चाहिए। श्री अकेला ने अपनी कविता की इन पंक्तियों-"जबसे आयी यह वर्षा रानी,रूत हो गयी बड़ी सुनाकर सभी का मन मोह लिया।
वरीय कवियित्री सुषमा सिंह के कुशल संचालन में आयोजित इस कवि सम्मेलन की अध्यक्षता "समकालीन जबाबदेही" पत्रिका के प्रधान संपादक श्री सुरेंद्र प्रसाद मिश्र ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर साहित्य संवाद के अध्यक्ष शिव नारायण सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के संयोजक,वरीय शिक्षक व कवि श्रीराम राय ने कवि सम्मेलन की शुरुआत करते हुये कहा-घटा भी इंतजार में है,घड़ा भी इंतजार में है।श्री राम की यह रचना काफी सराही गयी।
इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में विद्या शंकर अवस्थी पथिक(कानपुर),सुषमा सिंह(औरंगाबाद),डॉ ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी "शैलेश"(वाराणसी)अनुभव छाजेड़(पटना),बद्रीनाथ विश्वकर्मा सवरिया(गोरखपुर)अमरनाथ सोनी "अमर,डा. बीना सिंह "रागी",सुधीर श्रीवास्तव(गोंडा),हीरा सिंह कौशल,अरविंद अकेला(पटना),रामकेश एम.यादव(मुंबई ),सुरेश विद्यार्थी(औरंगाबाद),संजय जैन,बीना सिंह(मुंबई),राजेश तिवारी मक्खन(झांसी),गीता पांडे"अपराजिता"(रायबरेली)एवं बृजबाला श्रीवास्तव(आजमगढ़)सहित देश के विभिन्न प्रांतों से पधारे दो दर्जन कवियों व कवित्रियों ने वर्षा रानी को मनाने के लिए अपनी-अपनी रचनायें पढकर संपूर्ण वातावरण को काव्यमय बना दिया। कवियों के काव्य पाठ के साथ ही संयोजक श्रीराम राय के द्वारा सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया।अंत में साहित्य संवाद के सचिव सुरेश विद्यार्थी ने आगत अथितियों का धन्यवाद ज्ञापन किया ।
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आखरी सत्य

Posted: 24 Jul 2022 03:35 AM PDT

आखरी सत्य

बहुत दिनों से मेरी 
फड़क रही थी आँखे। 
कोई शुभ संदेश अब
शायद मिलने वाला है। 
फिर एकका एक तुम्हें 
आज यहाँ पर देखकर। 
अचंभित हो गया मैं
तुम्हें सामने देखकर।। 

रुलाया है बहुतो को
जवानी के दिनों में। 
कुछ तो अभी भी जिंदा है
तेरे नाम को जपकर। 
भले ही लटक गये है 
अब पैर कब्र में जाने को। 
पर उम्मीदें आज भी जिंदा 
रखे हुये है अपने दिलमें।। 

यहाँ पर सबको आना है
एक दिन जलने गढ़ने को। 
कितने तो पहले ही यहाँ
आकर जल गढ़ चुके है। 
तो तुम कैसे बच पाओगें
जीवन के अंतिम सत्य से। 
मिला है यहाँ पर सबको 
समानता का अधिकार।। 

यहाँ पर जलते गड़ते रहते है
सुंदर मानव शरीर के ढाचे। 
जिस पर घमंड करते थे और
लोगों को तड़पाया करते थे। 
पर अब तुम्हें जीवन का 
सत्य समझ आ गया है। 
इसलिए तो अंत में अपने
चाहने वालों के बीच आये हो।। 

जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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नौगढ़ में कैंप लगाकर 15 महिला बंध्याकरण, 5 पुरुषों का नसबंदी किया गया

Posted: 24 Jul 2022 03:32 AM PDT

नौगढ़ में कैंप लगाकर 15 महिला बंध्याकरण, 5 पुरुषों का नसबंदी किया गया

औरंगाबाद से  दिव्य रश्मि संवाददाता अरविन्द अकेला की खबर 
औरंगाबाद ,23 जुलाई।सदर प्रखंड स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,नौगढ़ में महिला बंध्याकरण व  पुरुष नसबंदी कैंप का आयोजन किया गया।
      प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डॉ श्याम कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कैंप में 15 महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया जबकि 5 पुरुष का नसबंदी किया गया। चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि इस तरह के कैंप के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष लाभ होता है ।परिवार नियोजन के लिए यह ऑपरेशन सबसे प्रमुख उपाय है। 
        स्वास्थ्य प्रबंधक मो0 शाहिन अख्तर ने कहा कि इस तरह के कैंप के आयोजन से जनता को काफी सहुलियत मिलती हैं,लोंगो को सहूलियत होती है। 
        कैंप के आयोजन में एलटी संतोष कुमार, बीसीएम राजेश कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक मोहम्मद शाहिन अख्तर, एएनएम बरौलिका हाल,जंतरी खडको,
आरती कुमारी,प्रधान सहायक दिलीप कुमार,लिपिक मो0 सुहेब परिचारी रजनीश कुमार,एफपीडब्ल्यू सुनील कुमार एवं क्षेत्रीय सभी आशा सहित आम लोगों ने भी अपनी विशेष सहभागिता निभाई।
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सावरकर ने कभी माफी नहीं मांगी।

Posted: 24 Jul 2022 03:24 AM PDT

सावरकर ने कभी माफी नहीं मांगी।

भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने बयान जारी कर कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल जी ने जो कहा है उससे ऐसा प्रतीत होता है कि वे इस देश में हिंदुओं की जागरूकता को पचा नहीं पा रहे हैं और उल-जुलूल  बयान देकर हिंदुओं को बांटने का काम कर रहे हैं। 
अपने बयान में केजरीवाल जी ने कहा है कि भगत सिंह ने अंग्रेजों से माफी नहीं मांगी और फांसी के फंदे पर झूल गए। आगे कहा है कि सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी थी। 
पोद्दार का कहना है कि सावरकर ने कभी माफी नहीं मांगी। इस प्रकार का बयान देकर केजरीवाल जी भूल रहे हैं कि भगत सिंह के प्रेरणा स्रोत सावरकर थे। सिसोदिया जी की गिरफ्तारी पर दिया गया उट-पटांग बयान घोर निंदनीय है।
संस्था के वरीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं 'इनसे हैं हम' पुस्तक के प्रधान संपादक डॉ अवधेश कुमार अवध ने कहा है कि वीर सावरकर के घोर विरोधी गुट के इतिहासकार और राजनीतिज्ञ भी मानते हैं कि वीर सावरकर से भगत सिंह मिले थे और सर्वाधिक प्रभावित भी थे। भगत सिंह की जेल में लिखी डायरी में सावरकर के लेखों का एकाधिक बार उद्धरण अभी भी देखा जा सकता है। इतना ही नहीं बल्कि सावरकर जी द्वारा लिखित "1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर" पुस्तक को जन जन तक पहुँचाने का दुरूह कार्य भगत सिंह ने किया था।  डॉ अवध ने आगे बताया कि सावरकर और भगत सिंह के बीच छुद्र और पद लोलुप राजनीति के लिए भेद करने के कुत्सित प्रयास करने वाले को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

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चन्द्रशेखर 'आजाद' (२३ जुलाई १९०६ - २७ फ़रवरी १९३१) -

Posted: 24 Jul 2022 12:54 AM PDT

चन्द्रशेखर 'आजाद' (२३ जुलाई १९०६ - २७ फ़रवरी १९३१) -

संकलन अश्विनी कुमार तिवारी
चंद्रशेखर आज़ाद के अंतिम संस्कार के बारे में जानने के लिए उनके बनारस के रिश्तेदार श्री शिवविनायक मिश्रा द्वारा दिया गया वर्णन पढ़ना समीचीन होगा। उनके शब्दों में—"आज़ाद के अल्फ्रेड पार्क में शहीद होने के बाद इलाहाबाद के गांधी आश्रम के एक सज्जन मेरे पास आये। उन्होंने बताया कि आज़ाद शहीद हो गए हैं और उनके शव को लेने के लिए मुझे इलाहाबाद बुलाया गया है। उसी रात्रि को साढ़े चार बजे की गाडी से मैं इलाहबाद के लिए रवाना हुआ। झूँसी स्टेशन पहुँचते ही एक तार मैंने सिटी मजिस्ट्रेट को दिया कि आज़ाद मेरा सम्बन्धी है, लाश डिस्ट्रॉय न की जाये। इलाहबाद पहुंचकर मैं आनंद भवन पहुँचा तो कमला नेहरू से मालूम हुआ कि शव पोस्टमार्टम के लिए गया हुआ है। मैं सीधा डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के बँगले पर गया। उन्होंने बताया कि आप पुलिस सुपरिंटेंडेंट से मिल लीजिये। शायद शव जल दिया गया होगा। मुझे पता नहीं कि शव कहाँ है। मैं सुपरिंटेंडेंट से मिला तो उन्होंने मुझसे बहुत वाद-विवाद किया। उसके बाद उन्होंने मुझे भुलावा देकर एक खत दारागंज के दरोगा के नाम से दिया कि त्रिवेणी पर लाश गयी है, पुलिस की देखरेख में इनको अंत्येष्टि क्रिया करने दी जाये। बंगले से बाहर निकला तो थोड़ी ही दूर पर पूज्य मालवीय जी के पौत्र श्री पद्मकांत मालवीय जी दिखाई दिए। उन्हें पता चला था कि मैं आया हुआ हूँ। उनकी मोटर पर बैठकर हम दारागंज पुलिस थानेदार के पास गए। वे हमारे साथ मोटर में त्रिवेणी गए। वहाँ कुछ था ही नहीं। हम फिर से डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के बंगले की तरफ जा रहे थे कि एक लड़के ने मोटर रुकवा कर बताया कि शव को रसूलाबाद ले गए हैं।"


"रसूलाबाद पहुंचे तो चिता में आग लग चुकी थी। अंग्रेज सैनिकों ने मिट्टी का तेल चिता पर छिड़क कर आग लगा दी थी और आस पास पड़ी फूस भी डाल दी थी ताकि आग और तेज हो जाये। पुलिस काफी थी। इंचार्ज अफसर को चिट्ठी दिखाई तो उसने मुझे धार्मिक कार्य करने की आज्ञा दे दी। हमने फिर लकड़ी आदि मंगवाकर विधिवत दाह संस्कार किया। चिता जलते जलते श्री पुरुषोत्तमदस टंडन एवं कमला नेहरू भी वहाँ आ गयीं थीं। करीब दो-तीन सौ आदमी जमा हो गए। चिता के बुझने के बाद अस्थि-संचय मैंने किया। इन्हें मैंने त्रिवेणी संगम में विसर्जित कर दिया। कुछ राख एक पोटली में मैंने एकत्रित की तथा थोड़ी सी अस्थियाँ पुलिस वालों की आँखों में धुल झोंक कर मैं लेता आया। उन अस्थियों में से एक आचार्य नरेंद्रदेव भी ले गए थे। शायद विद्यापीठ में जहाँ आज़ाद के स्मारक का पत्थर लिखा है, वहां उन्होंने उस अस्थि के टुकड़े को रखा है। सांयकाल काले कपडे में आज़ाद की भस्मी का चौक पर जुलूस निकला। इलाहाबाद की मुख्य सड़कें अवरूद्ध हो गयी। ऐसा लग रहा था मानो सारा देश अपने इस सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा है। जलूस के बाद एक सभा हुई। सभा को क्रांतिधर्मा शचीन्द्रनाथ सान्याल की पत्नी ने सन्बोधित करते हुए कहा-जैसे बंगाल में खुदीराम बोस की शहादत के बाद उनकी राख को लोगों ने घर में रखकर सम्मानित किया वैसे ही चंद्रशेखर आज़ाद को भी सम्मान मिलेगा। शाम की गाडी से मैं बनारस चला गया और वहां विधिवत शास्त्रोक्त ढंग से आज़ाद का अंतिम संस्कार किया।"


शिवविनायक जी जो अस्थियाँ अपने साथ चोरीछिपे ले गए थे, उन्हें उन्होंने एक ताँबे के पात्र में अपने घर की दीवार में छिपाकर रख दिया तथा अपनी मृत्यु से पहले उनकी देखभाल के लिए पाँच विश्वासपात्र साथियों का एक ट्रस्ट बना दिया। 1975-76 तक उन अस्थियों की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। हां, ये सुनने में अवश्य आता रहा कि मिश्रा जी के सुपुत्रगण उन अस्थियों के बदले में कुछ चाहते हैं। 1976 में नारायणदत्त तिवारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और उन्होंने शहीद ए आजम भगत सिंह के छोटे भाई सरदार कुलतार सिंह को राज्यमंत्री बनाकर उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के विभाग की जिम्मेदारी सौंपी। चंद्रशेखर आज़ाद के साथी रामकृष्ण खत्री ने कुलतार सिंह जी से मिलकर उन अस्थियों के सम्बन्ध में चर्चा की और फिर इन दोनों ने शचीन्द्रनाथ बख्शी के साथ मिलकर शिवविनायक मिश्रा जी के सुपुत्रों को समझा बुझाकर उन्हें अस्थियां देने को राज़ी कर लिया।


जून 1976 के अंतिम सप्ताह में वो अस्थियां मिश्रा जी के घर से लाकर ताँबे के कलश में विद्यापीठ में रखी गयीं। 1 अगस्त 1976 को अस्थिकलश की शोभायात्रा विद्यापीठ वाराणसी से प्रारम्भ हुयी और वहाँ से रामनगर, चुनार, मिर्ज़ापुर, इलाहबाद, प्रतापगढ़, रायबरेली, सोख्ता आश्रम, कालपी, उरई, मोंठ, झांसी, सातार-तट (ओरछा मध्य प्रदेश), कानपुर, बदरका (उन्नाव) होते हुए 10 अगस्त 1976 को लखनऊ पहुंची। रास्ते में पड़ने वाले हर नगर, कसबे, गाँवों में हजारों हजार लोगों ने इस शोभायात्रा का स्वागत किया और चन्द्रशेखर आज़ाद अमर रहें के नारों से आसमान को गुंजा दिया। लखनऊ के बनारसी बाग स्थित संग्रहालय के प्रांगण में अस्थिकलश समर्पण का आयोजन हुआ और इस यात्रा में शामिल रहे चंद्रशेखर आज़ाद के साथी क्रांतिकारियों ने वह अस्थिकलश संग्रहालय के अधिकारियों को समर्पित कर दिया। तब से जनता के दर्शनार्थ वह अस्थिकलश वहां एक विशेष कक्ष में रखा हुआ है।


अल्फ्रेड पार्क में जिस वृक्ष के नीचे चंद्रशेखर आज़ाद ने वीरगति प्राप्त की थी, घटना के दूसरे दिन से बहुत से लोग राष्ट्रीय वीर की स्मृति में उस पेड़ की पूजा करने लगे। पेड़ के तने में बहुत सी गोलियाँ धंस गयीं थीं। श्रद्धालु लोगों ने पेड़ के तने पर सिन्दूर पोत दिया और वृक्ष के नीचे धूप-दीप जलाकर फूल चढाने लगे। शीघ्र ही वहां सैंकड़ों की तादाद में पूजा करने वाले पहुँचने लगे। ब्रिटिश सरकार के लिए तो यह असहनीय था और इसलिए उसने वह पेड़ कटवा दिया, परन्तु जनता तभी से एल्फ्रेड पार्क को आज़ाद पार्क पुकारने लगी और पार्क का यही नाम प्रचलित हो गया।
दो बातें यहाँ कहने से मैं स्वयं को नहीं रोक पा रहा हूँ–एक, तब लोगों द्वारा उस पेड़ की पूजा करना जहाँ उनके श्रद्धालु होने की गवाही देता है, वहीँ ये भी बताता है कि हम अपने नायकों के साथ उनके जीते जी तो कभी खड़े होते ही नहीं, उनकी मृत्यु के बाद भी उनके द्वारा छोड़े गए अधूरे कामों को पूरा करने को लेकर हम में कोई आग्रह नहीं होता। हमारे लिए सबसे मुफीद पड़ता है, किसी भी महापुरुष को चार हाथों वाला बनाकर उसे भगवान की श्रेणी में खड़ा करके, उसकी पूजा अर्चना करके उनके आदर्शों, कर्मठता, त्याग और बलिदान को अपनाने से छुट्टी पा जाना, इस तर्क की आड़ में कि अरे वो तो अवतार थे, देवता थे, भगवान थे। जब तक हम अपने देश में समय समय पर हुए महापुरुषों की लम्बी श्रृंखला से कुछ सीखेंगे नहीं, उनके आदर्शों को जीवन में अपनाएंगे नहीं, अपने बच्चों को उनके जैसा बनने की प्रेरणा देंगे नहीं, हमारे द्वारा उन्हें याद करना व्यर्थ ही रह जाएगा।


दूसरी बात, उस पार्क में घूमने जाने वाले लोगों से सम्बंधित है, जिनके लिए वो महज एक पिकनिक स्पॉट भर है, जहाँ जाकर बस फोटो खींचनी है, खाना पीना है और मस्ती करनी है। कड़वी बात के लिए माफ़ करियेगा, पर अगर उस तपोभूमि पर जाकर भी किसी के मन में उस क्रांतिधर्मा की याद नहीं आती; वीरता का वो अमर दृश्य आँखों के सामने नहीं खिंचता; 25 वर्षीय उस नौजवान सेनानी, जिसने भारतमाता की सेवा के लिए अपनी माँ को भी बिसरा दिया, की याद करके आँखें नम नहीं होती तो मेरे लिए वो व्यक्ति मुर्दे से भी बदतर है। अफ़सोस, मैं जितनी बार भी वहाँ गया, मुझे वहाँ मुर्दे ही दिखे, जिनके लिए आज़ाद की मूर्ति के पास बना चबूतरा खाने पाने या गप्पे मारने के काम के लिए है और वो मूर्ति उनके बच्चों के छूपनछुपाई खेलने के काम के लिए।
चंद्रशेखर आज़ाद की 'पिस्तौल'


जहाँ तक आज़ाद की पिस्तौल वापस मँगाने से सम्बंधित किस्से की बात है, ये तब की बात है, जब 1969-70 में चन्द्रभानु गुप्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। एक दिन जयदेव कपूर और वचनेश त्रिपाठी ने चंद्रशेखर आज़ाद के साथी रहे रामकृष्ण खत्री को सूचना दी कि उन्हें पता चला है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस बीच बीच में विभिन्न स्थानों पर डाकुओं से पकडे गए हथियारों की प्रदर्शनी लगाया करती है, जिनके साथ ही शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की पिस्तौल को भी रखा जाता है। ये खबर हृदय को चोट देने वाली है और इस सम्बन्ध में कुछ करना चाहिए। खत्री जी और आज़ाद के कुछ अन्य साथियों ने चन्द्रभानु गुप्त से मिलकर इस बात की जानकारी दी और आज़ाद की उस पिस्तौल को उचित सम्मान देने की अपील की। गुप्त जी ने प्रदेश के तत्कालीन गृह सचिव श्री मुस्तफी जी को इस सम्बन्ध में कार्यवाही करने के लिए आदेशित किया, जिन्होंने उस पिस्तौल की खोज के लिए दिन रात एक कर दिया। अंततः इलाहबाद मालखाने के 1931 के रजिस्टर में 27 फरवरी की तारीख में आज़ाद के पास से मिली पिस्तौल का उल्लेख और विवरण मिला, जिसके साथ ही एक नोट में लिखा हुआ था कि वह पिस्तौल नॉट बाबर एस एस पी को (जिनकी पहली गोली से आज़ाद घायल हुए थे) इंग्लैण्ड जाते समय कुछ चापलूस पुलिसवालों ने भेंट कर दी थी, जिसे वह अपने साथ इंग्लैण्ड ले गए थे।
चूँकि नॉट बाबर उत्तर प्रदेश सरकार से पेंशन पाते थे, श्री मुस्तफी ने उन्हें वह पिस्तौल तुरंत वापस करने के लिए लिखा। लेकिन काफी इंतज़ार के बाद भी जब उनसे कोई जवाब नहीं मिला तब इस मामले में केंद्र से मदद माँगी गयी। केंद्रीय शासन के सम्बंधित सचिव ने इंग्लैण्ड में उस समय के अपने हाई कमिश्नर अप्पा साहब को लिखा कि श्री नॉट बाबर से मिलकर और उन्हें समझा बुझाकर अथवा वह जो मूल्य माँगे, उसे देकर हर हाल में वह पिस्तौल प्राप्त कर ली जाये। पहले तो नॉट बाबर ने आनाकानी की पर बाद में समझाने बुझाने पर उन्होंने इस शर्त के साथ पिस्तौल अप्पा साहब को वापस की कि इसके बदले में उत्तर प्रदेश सरकार एल्फ्रेड पार्क में स्थित चंद्रशेखर आज़ाद की मूर्ति की एक फोटो के साथ धन्यवाद का एक पत्र भेजे। इस प्रकार वह पिस्तौल 1972 के प्रारम्भ में इंग्लैण्ड से दिल्ली और वहां से फिर लखनऊ लायी गयी।

27 फरवरी 1973 को उस पिस्तौल को लखनऊ के गंगाप्रसाद मेमोरियल हॉल के सामने एक सुसज्जित वाहन पर शीशे के बंद बक्से में रखा गया, जिसकी रक्षा के लिए दोनों तरफ इन्स्पेक्टर रैंक के दो पुलिस अधिकारी तैनात थे। वहां से हज़ारों की संख्या में विशाल जुलूस कैप्टन रामसिंह के बैंड के साथ मार्च करता हुआ निकला। जुलूस में भारतवर्ष के लगभग 450 वयोवृद्ध क्रांतिकारी पैदल चलकर लखनऊ संग्रहालय पहुँचे। वहीँ संग्रहालय के प्रांगण में काकोरी काण्ड के प्रसिद्द क्रांतिकारी शचीन्द्रनाथ बख्शी की अध्यक्षता में विशाल जनसभा संपन्न हुयी। सभा के पश्चात मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के अस्वस्थ होने के कारण उनके प्रतिनिधि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री बेनीसिंह अवस्थी ने ससम्मान लखनऊ संग्रहालय को वो कोल्ट पिस्तौल भेंट की। कई वर्षों तक वह पिस्तौल लखनऊ संग्रहालय में ही रही और जनता पार्टी के शासन के समय में जब इलाहबाद का नया संग्रहालय बनकर तैयार हुआ, तब लखनऊ से इलाहाबाद ले जाकर संग्रहालय के विशेष कक्ष में रखी गयी, जिसे आज भी वहाँ देखा जा सकता है।
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ममता के मंत्री को ईडी ने किया गिरफ्तार

Posted: 23 Jul 2022 08:52 AM PDT

ममता के मंत्री को ईडी ने किया गिरफ्तार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को शिक्षक भर्ती घोटाले में शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को दो मंत्रियों समेत करीब एक दर्जन लोगों के घरों पर एक साथ छापेमारी की थी और भारी मात्रा में नकदी जब्त की। एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि अधिकारियों ने यहां पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ मंत्री पार्थ चटर्जी के आवास पर छापा मारा और शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के संबंध में उनसे 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। ईडी के अधिकारियों ने राज्य के उत्तरी हिस्से में कूचबिहार जिले में एक अन्य मंत्री परेश अधिकारी के घर का भी दौरा किया और उनके परिवार के सदस्यों से बात की। वह (मंत्री) इस समय कोलकाता में हैं। इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के पूर्व सलाहकार शांति प्रसाद सिन्हा, पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली और नौ अन्य लोगों के घरों पर एक साथ छापे मारे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) उच्च न्यायालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह 'सी' और 'डी' के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय इस मामले से संबंधित कथित धनशोधन की तफ्तीश में जुटी है। एजेंसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, 'ईडी पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड में भर्ती घोटाले से जुड़े विभिन्न परिसरों में तलाशी अभियान चला रही है।' एजेंसी ने एक कमरे के अंदर भारी मात्रा में नकदी के ढेर की चार तस्वीरें साझा कीं।' बता दें कि वर्तमान में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पद पर काबिज पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब कथित घोटाला हुआ था। इससे पहले सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली पूछताछ 25 अप्रैल को, जबकि दूसरी बार 18 मई को हुई थी।'
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शाही जीवन नहीं, कठिन दायित्व: सीजेआई

Posted: 23 Jul 2022 08:50 AM PDT

शाही जीवन नहीं, कठिन दायित्व: सीजेआई 

रांची। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमन ने शनिवार को झारखंड की राजधानी रांची में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां वे जस्टिस एसबी सिन्हा मेमोरियल लेक्चरश् कार्यक्रम में शमिल हुए है। उन्होंने कहा कि, आज के समय और आधुनिक लोकतंत्र में एक जज को केवल कानून बताने वाले व्यक्ति के रूप में परिभाषित नहीं किया जा सकता है। लोकतंत्र में जज का एक विशेष स्थान होता है, वह सामाजिक वास्तविकता और कानून के बीच की खाई को पाटता है। वह संविधान की आत्मा और उसके मूल्यों की रक्षा करता है।कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि, मैंने कई मौकों पर कई ऐसे मुद्दों को उजागर किया जो पिछले कई वर्षों से लंबित पड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि वे जजों को उनकी पूरी क्षमता से काम करने में सक्षम बनाने के लिए भौतिक और व्यक्तिगत दोनों तरह के बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता की पुरजोर वकालत करते रहे हैं। आज कल एक धारणा बना ली गई है कि जज बड़ा ही शाही जीवन जी रहे हैं, जबकि यह सरासर गलत है। लोग अक्सर मुझसे भारतीय न्यायिक प्रणाली के सभी स्तरों पर लंबे समय से लंबित मामलों की शिकायत करते हैं।चीफ जस्टिस ने कहा कि, "इस समय न्यायपालिका के सामने कई बड़ी चुनौतियों हैं। इनमें में से एक निर्णय के लिए मामलों को प्राथमिकता देना है। न्यायाधीश सामाजिक वास्तविकताओं से आंखें नहीं मूंद सकते। सिस्टम को टालने योग्य संघर्षों और बोझ से बचाने के लिए जज को प्रेसिंग मैटर्स को प्राथमिकता देनी होगी।"सीजेआई ने कहा, "इन दिनों, जजों पर फिजिकल हमले बढ़े हैं। बिना किसी सुरक्षा या सुरक्षा के आश्वासन के जजों को उसी समाज में रहना है, जिसे उन्होंने दोषी ठहराया है।" उन्होंने कहा, "नेताओं, नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों और अन्य जन प्रतिनिधियों को उनकी नौकरी की संवेदनशीलता की वजह से रिटायरमेंट के बाद भी सुरक्षा दी जाती है लेकिन वहीं जजों को कोई सुरक्षा नहीं दी जाती है।"
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अमरनाथ यात्रा दोनों मार्गों से जारी

Posted: 23 Jul 2022 08:48 AM PDT

अमरनाथ यात्रा दोनों मार्गों से जारी 

श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा दोनों मार्गों से जारी है। इससे पहले खबर मिली थी कि भारी बारिश की वजह से अमरनाथ यात्रा को एक बार फिर रोक दिया गया है। जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग बंद होने के कारण तीर्थयात्रियों का जत्था वापस जम्मू भेज दिया गया है। हालांकि अब बालटाल से 1500 यात्री, नुनवन बेस कैंप से 2000 यात्री गुफा की ओर रवाना हो गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अभी बादल छाए हुए हैं और दोनों मार्गों पर हल्की बारिश हो रही है। अगर बारिश तेज हुई तो यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर रोका जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, आज और कल यहां बारिश की संभावना है। वहीं श्रीनगर जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बारिश हो रही है। शूटिंग स्टोन्स और भूस्खलन के चलते इसको बंद कर दिया गया है। हालांकि मुगल रोड और श्रीनगर जोजिला हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए फिलहाल खुले हुए हैं। गौरतलब है कि 43 दिन की अमरनाथ यात्रा 30 जून को शुरू हुई थी और 11 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर खत्म होगी। हालही में अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की वजह से यात्रा रोक दी गई थी जिसके बाद यात्रा 11 जुलाई को पहलगाम के नुनवान आधार शिविर से फिर से शुरू हुई थी। गुफा के पास बादल फटने के बाद बालटाल में आई बाढ़ में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई थी।देश के विभिन्न हिस्सों से ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु गुफा मंदिर में दर्शन करने के लिए जम्मू पहुंचे हैं। जम्मू में आधार शिविर के अलावा पंजीकरण काउंटर, टोकन सेंटर और लॉजिंग सेंटर पर भारी भीड़ देखी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ भी जम्मू में धार्मिक उत्साह और भक्तों के मूड को बदलने में विफल रही है। एक अधिकारी ने कहा, बड़े उत्साह के साथ सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। आईटीबीपी के जवान जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। अमरनाथ यात्रा मार्ग पर शेषनाग के पास तीर्थयात्रियों को आईटीबीपी के जवान ऑक्सीजन दे रहे हैं।
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माॅडल ने इस तरह बचाया शादी का खर्च

Posted: 23 Jul 2022 08:46 AM PDT

माॅडल ने इस तरह बचाया शादी का खर्च

हमारे देश में शादी-ब्याह ऐसा शानदार समारोह होता है, जिसमें मेहमान तो मेहमान, किसी को भी खाने-पीने के लिए मनाही नहीं की जाती है। लोग खुशी से मेहमानों को बेहतरीन खाना खिलाते हैं, उन्होंने गिफ्ट चाहे जो भी दिया हो। हालांकि विदेशों में ऐसा नहीं होता क्योंकि हाल ही में एक मॉडल ने साफ तौर पर कह दिया है कि वो शादी को शानदार करेंगी, लेकिन अपने खाने का खर्च खुद मेहमान ही उठाएंगे।

सुनने में ये बात थोड़ी अजीब लगती है, लेकिन ब्रिटेन की इस मॉडल ने अपनी शादी में आने वाले मेहमानों से ही पैसे लेने की प्लानिंग कर ली है। यानि फंडा ये है कि आप शादी में आइए, लेकिन खाने का बिल खुद चुकाइए। मॉडल की ये घोषणा चर्चा का केंद्र बनी हुई है। ऐसा नहीं है कि उसने शादी में कम खर्च की योजना बनाई है, बस वो किसी भी तरह से इसका बजट खुद पर लादना नहीं चाहती। मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक 40 साल की मॉडल कार्ला बलूची आलीशान शादी करने जा रही हैं। 4 बच्चों की मां कार्ला अपने 52 साल के मंगेतर जोवानी के साथ शादी के बंधन में बंधेंगी और इस शादी में कुल 38 लाख रुपये का खर्च आने वाला है। कार्ला की शादी इस वक्त चर्चा में बनी हुई है क्योंकि ये दूसरी शादियों से हटकर है। इस शादी को अटेंड करने के लिए जो भी मेहमान जाएगा, उसे शादी में 9 हजार रुपये देने होंगे। सिर्फ इतना नहीं, चूंकि शादी केप वर्डे में प्लान की जा रही है, ऐसे में वहां पहुंचने के लिए फ्लाइट और होटल का खर्च भी करीब 2 लाख रुपये तक होगा। ब्रिटेन के हर्टफोर्डशायर की रहने वाली कार्ला अच्छे-खासे पैसे कमाती हैं। फिर भी उनका कहना है कि वे शादी करके अपने सारे पैसे खर्च नहीं करना चाहतीं। उन्होंने अपने इस अजीबोगरीब शादी के लिए 30 मेहमानों को आमंत्रित किया है, जिनमें से हर किसी को 9 हजार रुपये देने होंगे। हैरानी इस बात की है कि शादी की तैयारियों में कोई समझौता नहीं किया गया है। सफेद घोड़े, फाइव स्टार होटल और ड्रेस पर खासा खर्च किया गया है। सगाई की अंगूठी भी करीब 6 लाख रुपये की है और इन सबकी की थोड़ी-बहुत भरपाई वो लोगों से पैसे वसूलकर करना चाहती हैं।
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महिला पुलिस अफसर ने समझाया स्टंट का कुपरिणाम

Posted: 23 Jul 2022 08:44 AM PDT

महिला पुलिस अफसर ने समझाया स्टंट का कुपरिणाम

लखनऊ की एडिशनल डिप्टी पुलिस कमिश्नर श्वेता श्रीवास्तवा ने हाल ही में एक वीडियो शेयर कर लोगों को जागरूक किया है कि वो सड़क पर ऐसी हरकत ना करें जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ जाएं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले लखनऊ के गोमती नगर की सड़क पर एक शख्स ने चलती ट्रक के ऊपर स्टंट करने का सोचा मगर उसके बाद उसी को खामियाजा भुगतना पड़ा। श्वेता ने अपने ट्वीट में तंज कसते हुए लिखा- "गोमतीनगर, लखनऊ का कल रात का दृश्य- बन रहे थे शक्तिमान, कुछ दिनों तक नहीं हो पाएंगे विराजमान! चेतावनीः कृपया ऐसे जानलेवा स्टन्ट न करें!" लखनऊ में एक शख्स का स्टंट करते हुए वीडियो काफी वायरल हुआ है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि चलती ट्रक पर ऐसी हरकत करना कितना खतरनाक हो सकता है। वीडियो में शख्स ऊपर से बंद ट्रक पर खड़ा हुआ है और विचित्र हरकतें कर रहा है। ट्रक अच्छी-खासी स्पीड में चल रहा है और उसके बावजूद भी वो उस पर कभी पुशअप करता, तो कभी सीधे खड़े होता नजर आ रहा है। अचानक उसका पैर ट्रक से फिसल गया और वो सीधे सड़क पर आ गिरा। वीडियो के अंत में उसकी फोटो जोड़ी गई है जिसमें उसकी पीठ पर गंभीर चोटें भी आई हैं। चलना-फिरना तो दूर, वो ठीक से बैठ भी नहीं पा रहा है।
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अल्पाका की लैब्राडोर डाग्स ने की परवरिश

Posted: 23 Jul 2022 08:42 AM PDT

अल्पाका की लैब्राडोर डाग्स ने की परवरिश

चाहे इंसान हो या फिर जानवर, हर किसी को प्यार चाहिए होता है। अगर उन्हें बचपन से ही किसी से प्यार मिल रहा हो, तो उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि वे इंसान के साथ हैं या फिर जानवर के साथ। कुछ ऐसा ही हुआ एक अल्पाका के साथ, जिसे उसके ओनर ने पैदा होने के कुछ दिन बाद ही गोद ले लिया था। अब वो खुद को उनके परिवार का हिस्सा समझती है।
जिस जानवर को बचपन में उसकी मां ने छोड़ दिया, उसे एक शख्स ने अपने 3 कुत्तों के साथ पाल-पोसकर बड़ा किया और अब वो खुद को उन्हीं की तरह समझती है। अल्पाका भेड़ की तरह दिखने वाला एक जानवर होता है और साइज में काफी बड़ा हो जाता है। एनी नाम की एक अल्पाका को ओनर्स ने शानदार जिंदगी दे रखी है और उसके लिए अपनी कार है, जिसमें वो सफर करती है। एनी नाम की अल्पाका के जन्म के बाद ही उसकी मां ने उसे छोड़ दिया था। जिसके बाद डैनी नाम के शख्स ने उसे गोद ले लिया और वे अपने साथ उसे रखने लगे। उसे बेहद छोटी उम्र से उन्होंने अल्पाका को पाला और उसका नाम एनी रख दिया। स्कॉटलैंड के स्टर्लिंग में रहते हुए एनी 3 लैब्राडोर डॉग्स और 2 बिल्लियों के साथ ही रहती और उन्हीं के साथ सोती। चूंकि लैब्राडोर डॉग्स के फर काफी कुछ उसकी तरह थे, ऐसे में उनके साथ रहते हुए एनी खुद को अल्पाका के बजाय कुत्ता समझने लगी है। एनी पहले घर के अंदर ही रहती थी, लेकिन उसकी बढ़ती लंबाई और इससे होने वाली दिक्कतों के बाद उसे पोर्च में शिफ्ट कर दिया गया।

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